कल का मौसम: 8 अगस्त को यूपी, उत्तराखंड संग 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, इन इलाकों में दिखेगा बरसात का ताडंव

इस वक्त दिल्ली-यूपी समेत देश के एक बड़े हिस्से में भारी बारिश पड़ रही है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 अगस्त को देश के एक बड़े हिस्से में एक बार फिर मानसूनी बारिश का तांडव देखने की आशंका जताई है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों तक बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का दौर जारी रहेगा। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश समेत करीब 18 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मानसून के पूरी तरह सक्रिय रहने के कारण कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बना हुआ है।

पूर्वी राजस्थान और ओडिशा में अति भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 8 अगस्त को पूर्वी राजस्थान और ओडिशा के अलग-अलग स्थानों पर बेहद भारी बारिश की प्रबल संभावना जताई है। इन इलाकों में मानसूनी तंत्र के बेहद मजबूत होने के कारण अचानक तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है। बारिश के इस प्रचंड रूप को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को मुस्तैद रहने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही आम लोगों को भी खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की ताकीद की गई है।

यूपी, उत्तराखंड समेत 18 राज्यों में मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान

देश के बाकी हिस्सों की बात करें तो 8 अगस्त को उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है। इनके अलावा पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। मध्य भारत के छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी बादल जमकर बरसेंगे। वहीं पश्चिमी भारत में कोंकण व गोवा तथा पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी भारत के झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ-साथ दक्षिण भारत में तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे में भी भारी बारिश से स्थिति संवेदनशील बनी रह सकती है।

तेज हवाओं और बिजली चमकने का खतरा

बारिश के साथ-साथ देश के कई राज्यों में भीषण आंधी-तूफान और वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है। आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका है। इसके अलावा अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, बिहार, छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बालटिस्तान-मुज़फ्फराबाद, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी बादलों की गरज के साथ बिजली गिरने का अलर्ट है।

तटीय क्षेत्रों में तेज सतही हवाएं और अरब सागर में मौसम खराब

मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना के तटीय इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। इसके अतिरिक्त अरब सागर में मौसमी परिस्थितियां काफी प्रतिकूल रहेंगी। सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश भागों, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों और उत्तर-पश्चिम व पूर्व-मध्य अरब सागर में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे की गति पकड़ सकती हैं। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को इन इलाकों में न जाने की स्पष्ट सलाह दी गई है

अंधेरा होते ही चमक उठते हैं ये 7 जंगल और बीच, कहलाते है इंडिया का सीक्रेट नाइट शो!

भारत के वेस्टर्न घाट के कुछ जंगल और कुछ समुद्र तट रात के समय बायोल्यूमिनेसेंस की वजह से चमक उठते हैं। जंगलों में यह रोशनी फंगस से और समुद्र में छोटे प्लैंकटन से होती है। मानसून और उसके बाद का समय इस दुर्लभ प्राकृतिक नजारे को देखने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। इन जगहों की खूबसूरती के साथ-साथ इनके कंर्वेशन का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है।

मट्टू बीच, कर्नाटक (Mattu Beach, Karnataka)

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कर्नाटक के उडुपी के पास मट्टू बीच अपनी खूबसूरती के साथ-साथ रात में दिखने वाली नीली चमक के लिए भी जाना जाता है। मानसून के बाद सही मौसम में समुद्र की लहरों में मौजूद छोटे-छोटे प्लैंकटन नीली रोशनी छोड़ते हैं, जिससे पूरा बीच चमकता हुआ दिखाई देता है। यह नजारा टूरिस्ट और फोटोग्राफरों को खूब पसंद आता है। सितंबर से दिसंबर के बीच यहां आने का सबसे अच्छा समय माना जाता है।

अगुम्बे, कर्नाटक (Agumbe, Karnataka)

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अगुम्बे को “दक्षिण भारत का चेरापूंजी” कहा जाता है। यह जगह घने जंगलों, तेज बारिश और प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर है। मानसून के दौरान यहां पेड़ों की गिरी हुई लकड़ियों पर उगने वाले खास फंगस रात में हल्की हरी रोशनी छोड़ते हैं। प्रकृति का अनोखा नजारा देखने के लिए जून से सितंबर के बीच यहां घूमने जा सकते हैं।

बंगाराम आइलैंड, लक्षद्वीप (Bangaram Island, Lakshadweep)

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लक्षद्वीप का बंगाराम आइलैंड भारत के सबसे मशहूर ग्लोइंग बीच में से एक है। यहां समुद्र में मौजूद छूटे प्लैंकटन लहरों के हिलने पर चमकीली नीली रोशनी छोड़ते हैं। रात के समय ऐसा लगता है जैसे पूरा समुद्र चमक रहा हो। इस खूबसूरत नजारे को देखने के लिए अक्टूबर से मार्च का समय सबसे अच्छा माना जाता है।

गोवा के बायोल्यूमिनेसेंट बीच, गोवा (Goa Bioluminescent Beaches, Goa)

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गोवा के बेतालबातिम, कोलवा और कुछ अन्य शांत बीचों पर मानसून के बाद कई बार रात में समुद्र की लहरें नीली रोशनी से चमकती दिखाई देती हैं। यह रोशनी समुद्र में मौजूद सूक्ष्म प्लैंकटन की वजह से होती है। हालांकि यह नजारा हर रात नहीं दिखता, लेकिन सही मौसम में इसे देखना यादगार एक्सपीरियंस बन जाता है। सितंबर से दिसंबर के बीच का टाइम यहां घूमने के लिए परफेक्ट है।

भीमाशंकर वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी, महाराष्ट्र (Bhimashankar Wildlife Sanctuary, Maharashtra)

महाराष्ट्र के पश्चिमी घाट में स्थित भीमाशंकर वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी रात में चमकने वाले जंगलों के लिए जानी जाती है। मानसून के दौरान यहां गिरी हुई लकड़ियों पर उगने वाले फंगस हल्की हरी रोशनी छोड़ते हैं, जिससे जंगल का नजारा बेहद खास लगता है। जुलाई से सितंबर के बीच और बिना चांद वाली रातों में यह दृश्य सबसे ज्यादा खूबसूरत दिखाई देता है।

चोरला घाट, गोवा–कर्नाटक–महाराष्ट्र (Chorla Ghat, Goa–Karnataka–Maharashtra)

गोवा, कर्नाटक और महाराष्ट्र की बॉर्डर पर चोरला घाट अपने घने जंगलों और हरियाली के लिए पॉपुलर है। मानसून के दौरान यहां नमी ज्यादा होने की वजह से चमकने वाले फंगस आसानी से उग जाते हैं। रात के समय गिरी हुई लकड़ियों पर हल्की हरी चमक दिखाई देती है, जो इस जगह को और भी खास बना देती है। जुलाई से सितंबर यहां घूमने का सबसे अच्छा समय है।

साइलेंट वैली नेशनल पार्क, केरल (Silent Valley National Park, Kerala)

केरल का साइलेंट वैली नेशनल पार्क भारत के सबसे खूबसूरत और सुरक्षित वर्षावनों में से एक है। यहां का ठंडा और नम वातावरण चमकने वाले फंगस के लिए परफेक्ट होता है। मानसून के दौरान जंगल के कुछ हिस्सों में यह दुर्लभ प्राकृतिक नजारा देखने को मिल सकता है। प्रकृति और जंगलों को पास से देखना पसंद करते हैं, तो यह जगह आपके लिए बढ़िया ऑप्शन हो सकती है।

‘मैं आपके साथ हूं’, TMC और उद्धव सेना के बागी सांसदों से बोले PM मोदी

संसद के मानसून सत्र के बीच दिल्ली में शुक्रवार की सुबह विपक्ष से अलग होकर NDA के साथ आए सांसदों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाश्ते पर मुलाकात की। इस मुलाकात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन सांसदों को भरोसा दिलाया कि उन्हें किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। जानकारी के अनुसार, संसद के मानसून सत्र के दौरान बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच विपक्ष छोड़कर एनडीए में आए नेताओं के स्वागत के लिए यह बैठक बुलाई गई थी। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे कहा, “आपके बारे में कौन क्या कह रहा है, इसकी चिंता मत कीजिए। घबराने की कोई जरूरत नहीं है, मैं आपके साथ हूं।”

पीएम मोदी की बैठक में क्या हुआ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस नाश्ता बैठक में करीब 45 सांसद शामिल हुए। इनमें तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) छोड़कर हाल ही में एनसीपीआई में शामिल हुए 20 सांसद, उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के सात पूर्व सांसद (जिनमें से छह अब एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो चुके हैं), नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के 20 सांसद और अजित पवार गुट की एनसीपी के दो सांसद मौजूद थे। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल के सांसदों से कहा कि वे लोगों के बीच अपनी मौजूदगी और संपर्क को और मजबूत करें। उन्होंने कहा कि देश की तरक्की के लिए पश्चिम बंगाल का विकास भी बहुत जरूरी है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में हर सांसद को उनके सोशल मीडिया पर लोगों से जुड़ाव से जुड़ी जानकारी का एक प्रिंटआउट दिया गया। प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से कहा कि वे सोशल मीडिया के जरिए लोगों से ज्यादा से ज्यादा जुड़ें और अपनी पहुंच बढ़ाएं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि “जब पश्चिम बंगाल आगे बढ़ता है, तो पूरा भारत आगे बढ़ता है।” उन्होंने सांसदों से कहा कि राज्य में विकास के लिए अभी बहुत काम किया जाना बाकी है। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ पश्चिम बंगाल ही नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर राज्यों के विकास पर भी बराबर ध्यान देना जरूरी है। इसके लिए बेहतर सड़क, रेल और अन्य सुविधाओं के साथ तेज़ विकास पर काम करना होगा। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सभी सांसदों को हर साल अपनी मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बड़े काम करने हैं, इसलिए सभी का स्वस्थ और फिट रहना बहुत जरूरी है।

बैठक के दौरान चाय पर कुछ हल्के-फुल्के और मजेदार पल भी देखने को मिले। जब मेहमानों को माचा चाय परोसी गई, तो बीजेपी सांसद शताब्दी रॉय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसके बारे में बताया और कहा कि यह चाय पश्चिम बंगाल में भी मिलती है। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने फिर कहा कि पश्चिम बंगाल को एक बार फिर देश के विकास की ताकत बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब पहले बंगाल तरक्की करता था, तब पूरे देश को उसका फायदा मिलता था।

बातचीत के बीच माहौल उस समय और हल्का हो गया, जब वरिष्ठ सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने मजाक करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के आसपास कई ऐसे नेता हैं, जो पहले फिल्म और टीवी की दुनिया में काम करते थे और अब राजनीति में हैं। इनमें शताब्दी रॉय, सयोनी घोष, जून मालिया और रचना बनर्जी के नाम शामिल हैं। उन्होंने हंसते हुए कहा कि इन सभी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए प्रधानमंत्री को भी पूरी तरह फिट रहना होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के दौरान उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के पूर्व सांसदों से मराठी में बातचीत की। वहीं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) छोड़कर आए नेताओं से भी उन्होंने गर्मजोशी से मुलाकात की। इससे इन नेताओं की अयोग्यता की आशंका और अपने चुनाव क्षेत्र के लोगों की नाराज़गी जैसी चिंताएं काफी हद तक कम होती दिखीं। बैठक में इन नेताओं को खास महत्व भी दिया गया। एनसीपीआई की अध्यक्ष और मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) काकोली घोष दस्तीदार, जो कभी ममता बनर्जी की करीबी सहयोगी रही हैं, उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ सबसे आगे की पंक्ति में बैठने की जगह दी गई।

संसद में संख्या बढ़ाने पर बीजेपी का जोर

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) संसद में अपने गठबंधन की ताकत बढ़ाने में जुटी है, ताकि उसे दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत मिल सके। यह बहुमत बड़े संवैधानिक संशोधन पास करने के लिए जरूरी माना जाता है। इनमें परिसीमन और महिला आरक्षण लागू करने जैसे अहम विधेयक भी शामिल हैं। हालांकि, विपक्ष छोड़कर आए ज्यादातर सांसद इस बैठक में शामिल हुए, लेकिन मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद क्षेत्र से एनसीपीआई के तीन सांसद—अबू ताहिर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान—एनडीए की बड़ी बैठक में नहीं पहुंचे। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने क्षेत्र के मतदाताओं की नाराज़गी और राजनीतिक माहौल को देखते हुए दूरी बनाए रखी। हालांकि, इन सांसदों ने पार्टी नेतृत्व के साथ विकास कार्यों और अन्य मुद्दों पर अलग से चर्चा की।

इन 16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, ओडिशा-केरल में मूसलाधार बारिश का खतरा! दिल्ली, यूपी और राजस्थान में ऐसा रहेगा मौसम

देशभर में मानसूनी मौसम की गतिविधियों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लेटेस्ट मौसम बुलेटिन के मुताबिक देश के अलग अलग क्षेत्रों में बने कई मजबूत चक्रवातीय प्रणालियों और कम दबाव के क्षेत्रों की वजह से देश के कम से कम 16 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से बहुत भारी और अत्यंत भारी बारिश का संकट मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने ओडिशा और उत्तरी केरल के लिए अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी है।

ओडिशा और गंगातटीय पश्चिम बंगाल में कम दबाव का क्षेत्र, रेड अलर्ट जारी

मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण गंगातटीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश पर एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है, जो समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला है। इसके असर से अगले 24 घंटों के दौरान गंगातटीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के तटीय क्षेत्रों में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की पूरी संभावना है। इसके बाद यह मानसूनी ट्रफ के साथ पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए उत्तर ओडिशा, झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा।

इस मौसमी तंत्र की वजह से पूर्वी भारत में व्यापक बारिश होगी। विशेष रूप से 7 अगस्त को ओडिशा के अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही 7 अगस्त को गंगातटीय पश्चिम बंगाल में और 8 अगस्त को ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा झारखंड, बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भी अगले तीन दिनों तक भारी बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।

दिल्ली, हरियाणा और यूपी में कम दबाव के क्षेत्र का असर

उत्तर-पश्चिम मध्य भारत में भी मौसमी चक्र काफी सक्रिय है। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और इसके आसपास के क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बन चुका है। इससे जुड़ा चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। इसके असर से 7 अगस्त को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के साथ-साथ पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

7 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तथा 9 से 11 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 8 से 10 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश देखने को मिलेगी। दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में 7 और 8 अगस्त को अधिकांश स्थानों पर व्यापक वर्षा दर्ज की जाएगी।

राजस्थान और मध्य भारत का मौसम पूर्वानुमान

राजस्थान और मध्य प्रदेश में मानसूनी बादल जमकर बरस रहे हैं। 7 और 8 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना ह, जबकि 9 और 10 अगस्त को भी भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी। पश्चिमी राजस्थान में 7 अगस्त को और 11 से 13 अगस्त के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है।

मध्य भारत में पश्चिमी मध्य प्रदेश में 7 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है जबकि 10 और 11 अगस्त को भी तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 7 से 11 अगस्त के दौरान रुक-रुक कर भारी वर्षा होगी, वहीं विदर्भ में 7 अगस्त को भारी बारिश के आसार हैं।

केरल और कर्नाटक में मूसलाधार बारिश: उत्तरी केरल में आफत का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी हवाओं की तीव्रता बेहद खतरनाक स्तर पर है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 7 अगस्त को उत्तरी केरल में अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा केरल और माहे, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अगले दो दिनों के दौरान पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और लक्षद्वीप में भी भारी बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं की चेतावनी दी गई है। 7 से 8 अगस्त के दौरान तटीय और आंतरिक कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और तेलंगाना में तेज सतह हवाएं चलेंगी।

पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत का हाल

पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 7 से 13 अगस्त के दौरान लगभग रोजाना व्यापक बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 10 और 11 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि उत्तराखंड में पूरे सप्ताह भारी बारिश और आकाशीय बिजली कड़कने का जोखिम बना रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 8 अगस्त और 11 से 13 अगस्त के बीच मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश में पूरे सप्ताह यानी 7 से 13 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश, गरज-चमक और अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

बीते 24 घंटों में हुई मूसलाधार बारिश का ब्योरा

मौसम विभाग के 24 घंटों के आंकड़ों के मुताबिक देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा और केरल में 12 से 20 सेमी तक भारी से बहुत भारी बारिश हुई। वहीं असम, नागालैंड, अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, कोंकण, तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

आज भारी बारिश की चेतावनी: IMD ने ओडिशा के लिए रेड, दिल्ली के लिए ऑरेंज कलर वॉर्निंग जारी की! यूपी से बिहार तक मौसम का तांडव चेक करें

IMD Alert for 7th August: देशभर में मानसूनी हवाओं की आक्रामकता और चक्रवातीय प्रणालियों के असर से आज 7 अगस्त को मौसम का रुख बेहद सख्त बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी और अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन और नाउकास्ट चेतावनी के मुताबिक ओडिशा में जहां भारी तबाही मचाने वाली अत्यंत भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है, वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत के राज्यों में भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी है।

ओडिशा के लिए अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने 7 अगस्त को ओडिशा के लिए सबसे सख्त चेतावनी यानी रेड अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के अनुसार ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा अगले दो से तीन घंटों के लिए जारी नाउकास्ट चेतावनी में ओडिशा के कालाहांडी, कंधमाल और नुआपाड़ा जिलों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं, गरज-चमक और मध्यम बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश और 60 किमी की रफ्तार से हवाएं

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुबह से ही बादलों का डेरा जमा हुआ है और मौसम विभाग ने दिल्ली के कई हिस्सों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सेंट्रल दिल्ली, ईस्ट दिल्ली, नई दिल्ली, साउथ दिल्ली और साउथ ईस्ट दिल्ली में अगले दो-तीन घंटों के भीतर तेज आंधी, 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं, गरज-चमक और 15 मिमी प्रति घंटे से अधिक की मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

नॉर्थ वेस्ट दिल्ली, शाहदरा, साउथ वेस्ट दिल्ली और वेस्ट दिल्ली के इलाकों के लिए मध्यम बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। पूरे दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ क्षेत्र में आज दिन भर भारी बारिश की चेतावनी बनी हुई है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान

मध्य भारत और उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी बादल जमकर बरस रहे हैं। पूर्वी राजस्थान और पूर्वी मध्य प्रदेश में पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। नाउकास्ट चेतावनी के मुताबिक राजस्थान के चूरू, दौसा, जयपुर, झुंझुनूं और सीकर जिलों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के दतिया, ग्वालियर, मुरैना, शेवपुर कलां और शिवपुरी जिलों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली कड़कने और मध्यम बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। इसके अतिरिक्त पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में भी पृथक स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

यूपी, बिहार और पहाड़ी राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश और बिहार के मैदानी इलाकों में भी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान दिया है। इसके साथ ही बिहार में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।

पहाड़ी राज्यों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तेज बारिश दर्ज की जाएगी, जहां उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की विशेष चेतावनी दी गई है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के इलाकों में भी हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है।

दक्षिण भारत: केरल और कर्नाटक में मूसलाधार बारिश और अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी हवाओं की तीव्रता काफी अधिक बनी हुई है। तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। केरल के अलाप्पुझा, एरनाकुलम, कन्नूर, कासरगोड, कोट्टायम, पलक्कड़ और त्रिशूर जिलों में 60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं और भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी है जबकि इडुक्की, कोझिकोड, मलप्पुरम, पथनमथिट्टा और वायनाड जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। तेलंगाना के हनमकोंडा, जनगांव, महबूबाबाद, सिद्दीपेट, सूर्यापेट और वारंगल जिलों में भी मध्यम बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल, लक्षद्वीप और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश की आशंका है।

पूर्वोत्तर भारत और अन्य तटीय क्षेत्रों का हाल

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, गंगातटीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र में भी भारी वर्षा के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना के तटीय और मैदानी क्षेत्रों में मजबूत सतह हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया गया है।

मौसम विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने, पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे शरण न लेने, अनावश्यक यात्रा से बचने और यातायात व संबंधित एजेंसियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

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मानसून में जरूर करें भारत के इन डेस्टिनेशन को एक्सप्लोर, बारिश में खिल उठती है इनकी खूबसूरती

मानसून का मौसम आते ही घूमने का मजा कई गुना बढ़ जाता है। इस दौरान भारत के ऐतिहासिक स्मारक भी एक अलग ही खूबसूरती में नजर आते हैं। बारिश की हल्की फुहारें, ठंडी हवाएं और चारों ओर फैली हरियाली इन जगहों को खूबसूरत बना देती हैं। किले, महल और प्राचीन इमारतें इस मौसम में पहले से ज्यादा खूबसूरत दिखाई देती हैं। इतिहास पसंद करने वालों के साथ-साथ फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए भी यह समय बेहद खास माना जाता है।

हुमायूं का मकबरा, दिल्ली (Humayun’s Tomb, Delhi)

Humayun Tomb Pictures | Download Free Images on Unsplash

दिल्ली में हुमायूं का मकबरा मानसून के मौसम में और भी खूबसूरत दिखाई देता है। बारिश के बाद चारों ओर फैले चारबाग बगीचे हरियाली से भर जाते हैं और लाल बलुआ पत्थर से बना यह ऐतिहासिक स्मारक बिल्कुल नया-सा नजर आता है। हल्के बादल और ठंडी हवा यहां घूमने का एक्सपीरियंस और भी खास बना देते हैं। इतिहास, फोटोग्राफी या शांत माहौल पसंद करने वालों के लिए मानसून में यह जगह परफेक्ट है।

अजंता की गुफाएं, महाराष्ट्र (Ajanta Caves, Maharashtra)

Exclusive Ajanta Ellora Caves: 1.5-Day Guided Tour- Only Caves (with Reviews)

महाराष्ट्र की सह्याद्रि पहाड़ियों के बीच बनी अजंता की गुफाएं बारिश के मौसम में किसी जादुई दुनिया जैसी लगती हैं। मानसून के दौरान आसपास छोटे-छोटे झरने बहने लगते हैं और हर तरफ हरियाली छा जाती है। बौद्ध कला और प्राचीन चित्रों से सजी ये गुफाएं प्रकृति के बीच और भी अट्रैक्टिव दिखाई देती हैं। यहां इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता एक साथ देखने को मिलती है।

बेकल किला, केरल (Bekal Fort, Kerala)

Bekal Fort Images - Bekal Fort Photo Gallery - Bekal Kerala Pictures

केरल के समुद्र किनारे बना बेकल किला मानसून में बेहद खूबसूरत नजर आता है। एक तरफ अरब सागर की ऊंची लहरें और दूसरी तरफ बारिश से भीगी किले की दीवारें इस जगह की सुंदरता को कई गुना बढ़ा देती हैं। ठंडी हवा, समुद्र का नजारा और हरियाली यहां आने वाले टूरिस्ट को यादगार एक्सपीरियंस देते हैं। फोटोग्राफी के लिए भी यह जगह शानदार मानी जाती है।

 

मांडू किला, मध्य प्रदेश (Mandu Fort, Madhya Pradesh)

Mandu Forts MP: Monuments, History & Guide

मध्य प्रदेश का मांडू मानसून के दौरान पूरी तरह हरियाली से ढक जाता है। जहाज महल, हिंडोला महल, प्राचीन बावड़ियां और पुराने महल बारिश के मौसम में और भी अट्रैक्टिव दिखाई देते हैं। बादलों से घिरी पहाड़ियां और ठंडी हवाएं इस ऐतिहासिक शहर की खूबसूरती में चार चांद लगा देती हैं। इतिहास और प्रकृति का आनंद एक साथ लेना चाहते हैं, तो मांडू बेहतरीन जगह है।

 

कोणार्क सूर्य मंदिर, ओडिशा (Konark Sun Temple, Odisha)

Did You Know That An East India Company Complaint Led To Konark Temlpe's Discovery? | Outlook Traveller

ओडिशा का प्रसिद्ध कोणार्क सूर्य मंदिर मानसून में और भी भव्य दिखाई देता है। बारिश के बाद मंदिर के आसपास फैली हरियाली और बादलों से भरा आसमान इसकी खूबसूरत पत्थर की नक्काशी को और उभार देता है। यूनेस्को विश्व धरोहर में शामिल यह मंदिर भारतीय वास्तुकला का शानदार उदाहरण है। बारिश के मौसम में यहां घूमने का अलग ही एक्सपीरियंस मिलता है।

चित्तौड़गढ़ किला, राजस्थान (Chittorgarh Fort, Rajasthan)

Chittorgarh Fort - Images, Timings & History - Holidify

राजस्थान का चित्तौड़गढ़ किला मानसून के दौरान बिल्कुल अलग रूप में नजर आता है। बारिश के बाद सूखी पहाड़ियां और मैदान हरियाली से भर जाते हैं, जिससे विशाल किला और भी आकर्षक दिखने लगता है। किले के भीतर बने महल, मंदिर और जलाशय इस मौसम में देखने लायक होते हैं। यहां से आसपास का नजारा भी खूबसूरत दिखाई देता है।

गोल गुंबद, कर्नाटक (Gol Gumbaz, Karnatkaa)

File:Gol Gumbaz -4, Bijapur, Karnataka.jpg - Wikimedia Commons

कर्नाटक के विजयपुरा में गोल गुंबद मानसून के मौसम में बेहद खूबसूरत लगता है। काले बादलों में विशाल गुंबद और भी शानदार दिखाई देता है। बारिश के बाद आसपास के बगीचे हरे-भरे हो जाते हैं, जिससे पूरा परिसर ताजगी से भर जाता है। इंडो-इस्लामिक वास्तुकला का यह अनोखा स्मारक इतिहास प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए मानसून में घूमने की बेहतरीन जगह है।

ग्वालियर किला, मध्य प्रदेश (Gwalior Fort, Madhya Pradesh)

630+ Gwalior Fort Madhya Pradesh Stock Photos, Pictures & Royalty-Free Images - iStock

मध्य प्रदेश का ग्वालियर किला मानसून के मौसम में बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। बारिश के बाद किले के चारों ओर फैली हरियाली और पहाड़ियों पर छाए बादल इसकी खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देते हैं। विशाल प्राचीर, प्राचीन महल, मंदिर और शानदार नक्काशी खूब अट्रैक्ट करती है। किले की ऊंचाई से पूरे शहर का सीन दिखाई देता है, जो मानसून में और भी खूबसूरत लगता है। इतिहास, वास्तुकला और फोटोग्राफी का आनंद एक साथ लेना चाहते हैं, तो ग्वालियर किला बेहतरीन ऑप्शन है।

लकड़ी का फर्नीचर रखना है सालों तक नया? मानसून में अपनाएं ये 5 टिप्स

बरसात के मौसम में बढ़ी हुई नमी सिर्फ दीवारों और कपड़ों को ही नहीं, बल्कि घर के लकड़ी के फर्नीचर को भी नुकसान पहुंचा सकती है। दरवाजे, अलमारी, बेड और खिड़कियों में दीमक लगने का खतरा इस मौसम में काफी बढ़ जाता है। इसे समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो दीमक लकड़ी को अंदर से खोखला कर सकती है। कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर फर्नीचर को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

 

 

लौंग के तेल का इस्तेमाल (Clove Oil)

दीमक से बचाव के लिए लौंग का तेल एक आसान घरेलू उपाय है। इसके लिए चार से पांच बूंद लौंग का तेल पानी में मिलाकर स्प्रे बोतल में भर लें। इस मिश्रण का दीमक वाली जगह या लकड़ी के फर्नीचर पर रेगलर छिड़काव करने से दीमक की समस्या धीरे-धीरे कम होने में मदद मिल सकती है।

 

 

कपूर और नारियल तेल (Camphor and Coconut Oil)

नारियल के तेल में कपूर के एक-दो टुकड़े मिलाकर लकड़ी के दरवाजे, अलमारी या बेड पर हल्के हाथों से लगाएं। कपूर की तेज खुशबू दीमक को दूर रखने में मददगार है। साथ ही बरसात के मौसम में घर और फर्नीचर को सूखा रखें और समय-समय पर देखते रहें।

 

 

हल्दी और सरसों के तेल का मिश्रण (Mustard Oil and Turmeric)

सरसों के तेल में एक चम्मच हल्दी मिलाकर पेस्ट तैयार करें और इसे लकड़ी की सतह पर लगाएं। यह घरेलू उपाय दीमक को दूर रखता है। साथ ही यह लकड़ी की देखभाल करने का भी एक आसान और नेचुरल तरीका माना जाता है।

 

 

नींबू और सिरके का स्प्रे (Lemon and Vinegar Solution)

बराबर मात्रा में नींबू का रस और सिरका मिलाकर स्प्रे तैयार करें। इसे दीमक वाली जगह पर छिड़कने से दीमक पनपने की संभावना कम हो सकती है। इसके अलावा नमक और नींबू के रस का मिश्रण भी प्राकृतिक कीटनाशक की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

 

करेले के रस का छिड़काव (Bitter Gourd Juice)

करेले का रस केवल सेहत के लिए ही नहीं, बल्कि लकड़ी के फर्नीचर की सुरक्षा के लिए भी उपयोगी है। इसका रस निकालकर दरवाजे, अलमारी या अन्य लकड़ी के सामान पर हल्का छिड़काव करें। ऐसा करने से दीमक लगने का खतरा कम हो सकता है।

 

 

नीम और लहसुन का घोल (Neem and Garlic Solution)

नीम की पत्तियों और लहसुन की कलियों को पीसकर पानी में उबाल लें। ठंडा होने के बाद इस घोल को छानकर स्प्रे बोतल में भर लें और दीमक वाली जगह पर छिड़कें। यह उपाय दीमक को दूर रखने में सहायक है और बरसात के मौसम में फर्नीचर की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

 

नमी और दरारों पर नजर (Furniture Dry and Check Regularly)

दीमक से बचाव के लिए सिर्फ घरेलू नुस्खे ही नहीं, बल्कि हर दिन देखभाल भी जरूरी है। घर में नमी जमा न होने दें, लकड़ी के फर्नीचर को समय-समय पर धूप और हवा लगने दें तथा छोटी-छोटी दरारों या नुकसान को तुरंत ठीक करवाएं। इससे दीमक लगने की संभावना कम हो सकती है।

कल भारी बारिश का अलर्ट: 7 अगस्त को राजस्थान, MP में ऑरेंज कलर वॉर्निंग, दिल्ली से यूपी-बिहार तक इन 25 राज्यों में मूसलाधार की चेतावनी

India Weather Update: मौसम विभाग (IMD) ने 7 अगस्त के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश, तूफानी हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने का व्यापक अलर्ट जारी किया है। देश के तटीय, मैदानी और पर्वतीय इलाकों में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर से जोर पकड़ रही हैं। IMD की ओर से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक 7 अगस्त को पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक और केरल समेत देश के 25 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश और खराब मौसम रहने की आशंका है।

इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 7 अगस्त को देश के छह प्रमुख राज्यों व क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। जिन राज्यों में अत्यंत तेज मानसूनी बारिश की संभावना जताई गई है, उनमें तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, केरल और माहे, ओडिशा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक शामिल हैं। इन इलाकों में भारी बौछारों के चलते सामान्य जनजीवन प्रभावित होने और निचले इलाकों में पानी भरने का जोखिम बना हुआ है।

दिल्ली-एनसीआर से यूपी-बिहार तक 19 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग की बुलेटिन के मुताबिक 7 अगस्त को देश के 19 अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के क्षेत्रों में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में बिहार, झारखंड, गंगातटीय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में मूसलाधार बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके अलावा पश्चिमी और दक्षिणी भारत के इलाकों जैसे मध्य महाराष्ट्र, लक्षद्वीप, उत्तर आंतरिक कर्नाटक तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में भी बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।

गरज-चमक और 50 किमी की रफ्तार से तूफानी हवाओं का खतरा

मौसम विभाग ने कई राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने की भी चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप, मध्य महाराष्ट्र, रायलसीमा तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने के साथ-साथ बादलों की गर्जना और बिजली कड़कने की संभावना व्यक्त की गई है।

इसके साथ ही बिहार, तटीय कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान लगाया गया है।

इन राज्यों में आकाशीय बिजली और तेज सतह हवाओं की आशंका

आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उत्तराखंड और पश्चिमी राजस्थान में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका बनी रहेगी।

तटीय और प्रायद्वीपीय भारत के क्षेत्रों में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग ने सतर्क किया है कि कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं चलने की पूरी संभावना है। खराब मौसम के इस पूर्वानुमान को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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भारत का अनोखा गांव, जहां बादलों की गड़गड़ाहट और कोहरे के बीच आसमान से गिरते हैं परिंदे!

असम की डिमा हसाओ पहाड़ियों में बसा जटिंगा गांव अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के साथ-साथ एक रहस्यमयी घटना के लिए भी दुनियाभर में जाना जाता है। हर साल मानसून के अंत में यहां पक्षियों से जुड़ी एक ऐसी घटना देखने को मिलती है, जिसने सालों से साइंटिस्ट, बर्ड स्पेशलिस्ट और टूरिस्ट का ध्यान अपनी ओर खींच रखा है। आइए जानते हैं आखिर क्या है जटिंगा का रहस्य और यहां कैसे पहुंचा जा सकता है:

 

शांत पहाड़ी गांव, लेकिन एक रहस्यमयी पहचान

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सालभर जटिंगा हरे-भरे जंगलों, पहाड़ियों और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य टूरिस्ट को अट्रैक्ट करता है, लेकिन सितंबर और अक्टूबर के महीनों में यह गांव एक अनोखी घटना की वजह से चर्चा में आ जाता है।

 

 

 

हर साल देखने को मिलती है अनोखी घटना

Assam's Jatinga Sheds 'Birds' Suicide Site' Tag But Faces Other Challenges

मानसून के अंत में शाम के समय कुछ पक्षी अचानक नीचे आने लगते हैं और पेड़ों, घरों या जमीन से टकरा जाते हैं। यह घटना कुछ घंटों तक ही देखने को मिलती है और खास बात यह है कि यह केवल गांव के एक छोटे से इलाके तक सीमित रहती है।

 

 

 

किन पक्षियों पर पड़ता है असर?

Picture a quiet village called Jatinga in Assam, India. It's a peaceful place with beautiful scenery, but it's known for something very strange. From August to November, a weird thing happens here:

इस घटना में शामिल पक्षियों की कई प्रजातियां दर्ज की गई हैं। इनमें किंगफिशर, ड्रोंगो, बगुले, बिटर्न, बी-ईटर और पिट्टा जैसे पक्षी शामिल हैं। एक्सपर्ट के अनुसार इनमें ज्यादातर यंग और दिन में एक्टिव रहने वाले पक्षी होते हैं।

 

 

 

लोककथाओं में छिपी रहस्य की कहानी

पेड़ पर पक्षी फोटो - मुफ्त उच्च-गुणवत्ता वाले फोटो डाउनलोड करें | Magnific (पहले Freepik था)

पहले यहां के लोग इस घटना को अलौकिक शक्तियों से जोड़कर देखते थे। गांव में कई पीढ़ियों से ऐसी कहानियां सुनाई जाती रही हैं कि आसमान से आने वाली रहस्यमयी शक्तियां पक्षियों को अपनी ओर खींच लेती हैं। हालांकि समय के साथ इन मान्यताओं की जगह साइंटिफिक रिसर्च ने ले ली।

 

 

 

वैज्ञानिक क्या मानते हैं?

Nature Beyond | Jatinga

पक्षी विशेषज्ञों का मानना है कि घना कोहरा, कम ऊंचाई वाले बादल, तेज हवाएं और अर्टिफिशियल लाइट मिलकर पक्षियों के दिशा-ज्ञान को एफेक्ट कर सकती हैं। कुछ शोध चुंबकीय बदलाव की संभावना भी बताते हैं, लेकिन अब तक कोई एक कारण पूरी तरह साबित नहीं हो पाया है।

 

 

 

क्या पक्षी सच में सुसाइड करते हैं?

पेड़ पर पक्षी फोटो - मुफ्त उच्च-गुणवत्ता वाले फोटो डाउनलोड करें | Magnific (पहले Freepik था)

साइंटिस्ट का कहना है कि इसे पक्षियों की ग्रुप सुसाइड कहना सही नहीं होगा। अवेलेबल रिसर्च के अनुसार पक्षी किसी कारण से डिस्ट्रैक्ट होकर अपनी दिशा खो बैठते हैं, जिसके चलते यह घटना होती है। इसकी असली कारण पर अब भी स्टडी जारी है।

 

 

 

जटिंगा कैसे पहुंचें?

A Trip to Jatinga Village from Kaziranga National Park | Kaziranga National Park News | Kaziranga National Park Blog

जटिंगा, असम के डिमा हसाओ जिले में है और हाफलोंग से करीब 9 किलोमीटर दूर है। यहां पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट गुवाहाटी का लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। रेल से आने वाले ट्रैवलर हाफलोंग हिल स्टेशन तक पहुंच सकते हैं, जबकि हाफलोंग से टैक्सी आसानी से मिल जाती हैं। विजिट के दौरान फारेस्ट डिपार्टमेंट के रेगुलेशन और लोकल रेजिडेंट के इंस्ट्रक्शन को फॉलो करना जरूरी है।

खराब मौसम की चेतावनी: इन राज्यों में 3 दिन तक मूसलाधार बारिश का खतरा, IMD ने दिल्ली-यूपी से बिहार तक दिया हैवी रेन का अलर्ट

India Weather Weekly Update: देशभर में मानसूनी हवाओं और कई मजबूत वायुमंडलीय प्रणालियों के एक्टिव होने की वजह से कई इलाकों में धुंआधार बारिश हो रही है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अगले 2 से 3 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने का पू्र्वानुमान दिया है। मौसम विभाग ने केरल में 6 अगस्त को एक्सट्रीमली हैवी भारी बारिश को लेकर खास चेतावनी जारी की है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में पूरे सप्ताह भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।

बीते 24 घंटों के दौरान देश के कई राज्यों में भीषण बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान पूर्वी राजस्थान, बिहार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, लक्षद्वीप और मिजोरम के अलग-अलग हिस्सों में 12 से 20 सेमी तक बारिश हुई है। गंगातटीय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, तटीय कर्नाटक, असम और दिल्ली में 7 से 11 सेमी तक बारिश दर्ज की गई।

देश में सक्रिय मौसम प्रणालियां

मौसम विभाग के मुताबिक अभी में कई मौसमी प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं, जिससे बारिश की गतिविधियों में तेजी आई है। इस समय मानसून ट्रफ रेखा का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है, जबकि पूर्वी सिरा मध्य समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति के पास बना हुआ है। मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं के रूप में एक पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ रेखा के रूप में करीब 73° पूर्व देशांतर और 29° उत्तर अक्षांश के उत्तर में सक्रिय है।

निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश पर बना हुआ है जबकि दूसरा निचले व मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश के ऊपर मौजूद है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व गंगातटीय पश्चिम बंगाल के तटों के पास निचले क्षोभमंडल में एक अन्य चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। वहीं दक्षिण गंगातटीय पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के ऊपर भी एक चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है।

उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, यूपी, राजस्थान और पहाड़ों का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी बादल जमकर बरस रहे हैं। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 6 से 12 अगस्त के दौरान कई जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 6 और 7 अगस्त को कई जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट है। उत्तर प्रदेश की बात करें तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 और 10 अगस्त को तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 से 9 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है।

पहाड़ी क्षेत्रों में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 6 अगस्त और 9 से 12 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश और 9 से 12 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। पूर्वी राजस्थान में 6 से 9 अगस्त के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है जबकि 10 और 11 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में 8 से 10 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने का अनुमान है। उत्तराखंड में 6 से 12 अगस्त तक गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में बारिश का अलर्ट

मध्य भारत के राज्यों में मानसूनी गति में तेजी देखी जा रही है। मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि 7 से 11 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 6 अगस्त और 8 से 10 अगस्त तक भारी बारिश होगी जबकि 7 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अलर्ट दिया गया है।

छत्तीसगढ़ में 6 और 7 अगस्त और 11 और 12 अगस्त को व्यापक बारिश और 6-7 अगस्त को भारी बारिश होने का अनुमान है। विदर्भ में 6 से 10 अगस्त तक बारिश होगी। मौसम विभाग ने विदर्भ में 6 अगस्त को तथा छत्तीसगढ़ में 6 से 10 अगस्त के बीच गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी है।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल में बिजली गिरने का खतरा

पूर्वी भारत में साइक्लोनिक एक्टिविटी के असर से बारिश का जोर रहेगा। बिहार में 6 से 9 अगस्त के दौरान कई जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। झारखंड में 6 से 8 अगस्त और 10 से 12 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश के साथ 6 से 8 अगस्त तक भारी बारिश की आशंका है। गंगातटीय पश्चिम बंगाल में 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है जबकि 7 और 9 अगस्त को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

ओडिशा में 6 और 7 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जिसके बाद 8 से 12 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहेगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 तथा 9 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने 6 अगस्त को झारखंड, गंगातटीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और नागालैंड में भारी से बहुत भारी बारिश

पूर्वोत्तर राज्यों में मानसूनी गतिविधियां काफी मजबूत बनी हुई हैं। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 6 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है जबकि 7 से 12 अगस्त के दौरान भारी बारिश जारी रहेगी। असम और मेघालय में 6 से 12 अगस्त तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा, जिसमें 6-7 अगस्त और 12 अगस्त को व्यापक वर्षा का अनुमान है।

अरुणाचल प्रदेश में 7-8 अगस्त और 11-12 अगस्त को भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के इलाकों में 6 से 10 अगस्त के दौरान आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट दिया गया है।

पश्चिम भारत: कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में झमाझम बरसेंगे बादल

पश्चिम भारत के तटीय और मैदानी इलाकों में मानसूनी असर दिख रहा है। कोंकण और गोवा में 6 से 12 अगस्त के दौरान व्यापक वर्षा के साथ 6 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र में 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है जबकि 7 अगस्त को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

गुजरात क्षेत्र में 9 और 10 अगस्त को तथा सौराष्ट्र व कच्छ में 9 अगस्त को भारी बारिश होने का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र में 6 से 8 अगस्त के दौरान 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (60 किमी/घंटे तक की झोंके) चलने और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। वहीं मराठवाड़ा में 6, 8 और 9 अगस्त को 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: केरल में अत्यधिक भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी

दक्षिण भारत में मानसून अत्यधिक आक्रामक रूप दिखा रहा है। केरल और माहे में 6 अगस्त को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने का रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 6 और 7 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

तटीय कर्नाटक में 6 से 12 अगस्त तक व्यापक वर्षा होगी और 8-9 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप में 6 और 7 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में हवा की गति भी तेज रहेगी। तटीय कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना में 6 से 8 अगस्त के दौरान तथा उत्तर व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 6 से 9 अगस्त के दौरान तेज सतह हवाएं चलने और 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।