बंगाल की खाड़ी में बढ़ा डिप्रेशन! MP-गुजरात से ओडिशा तक हैवी बारिश का अलर्ट, इन राज्यों के लिए IMD ने जारी की चेतावनी

IMD Heavy Rain Alert: उत्तर-पश्चिम और उससे सटे मध्य-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और दक्षिण ओडिशा व उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब और सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 सितंबर को ताजा अलर्ट जारी करते हुए देश के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी दी है। यह मानसूनी प्रणाली अगले 24 घंटों के दौरान अधिक प्रभावी होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा की ओर बढ़ेगी। इससे मध्य, पश्चिमी और पूर्वी भारत के विस्तृत हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां तेज होंगी।

बदले हुए मौसमी तंत्र का असर देश के मैदानी और तटीय इलाकों पर साफ देखने को मिलेगा, जहां हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

पिछले 24 घंटों का हाल जानिए

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों में पूर्वी मध्य प्रदेश, ओडिशा, बिहार और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) दर्ज की गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, पश्चिम मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भी 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश हुई है।

वर्तमान में मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर में और पूर्वी सिरा दक्षिण में स्थित है। इसके साथ ही उत्तर राजस्थान से लेकर बंगाल की खाड़ी के कम दबाव के क्षेत्र तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। मध्य उत्तर-पूर्वी अरब सागर से लेकर दक्षिण कोंकण तट तक और उत्तर पंजाब के ऊपर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है, जिससे कई राज्यों में एक साथ बारिश के अनुकूल माहौल तैयार हुआ है।

मध्य भारत: छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 11 से 15 सितंबर के बीच मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। 11 सितंबर को छत्तीसगढ़ में अति भारी बारिश का अनुमान है जबकि 12 सितंबर को भी यहां भारी बारिश जारी रहेगी। पश्चिम मध्य प्रदेश में 13 और 14 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 11 से 12 सितंबर के दौरान मध्यम से भारी बारिश होगी। इसके साथ ही 11 और 12 सितंबर को विदर्भ में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की संभावना है।

पश्चिमी भारत: गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में 13-14 सितंबर को बड़ा अलर्ट

पश्चिम भारत के राज्यों में 12 सितंबर से बारिश का जोर बढ़ेगा। कोंकण और गोवा में 11 से 17 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश होगी। मध्य महाराष्ट्र में 13 सितंबर को, गुजरात क्षेत्र में 13 व 14 सितंबर को, सौराष्ट्र और कच्छ में 14 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मराठवाड़ा में 12 और 13 सितंबर को भारी बारिश के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक की गति से हवाएं चल सकती हैं।

उत्तर-पश्चिम भारत: उत्तराखंड और पंजाब समेत मैदानी इलाकों में बारिश का पूर्वानुमान

उत्तराखंड में 11 से 14 सितंबर तक और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश में 15 से 17 सितंबर के दौरान व्यापक स्तर पर बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड में 11 से 13 सितंबर के बीच भारी बारिश होगी। पंजाब में 13 से 15 सितंबर तक और हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पूर्वी राजस्थान में 13 और 14 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 11 सितंबर को गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा और असम-मेघालय में मौसम रहेगा सख्त

पूर्वी भारत में ओडिशा के लिए 11 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जिसके साथ ही 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। गंगीय पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में 11 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 11 से 13 सितंबर तथा 16-17 सितंबर को मूसलाधार बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर के राज्यों में असम और मेघालय में 11 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 14 सितंबर के बीच गरज-चमक के साथ मूसलाधार पानी बरस सकता है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: आंध्र प्रदेश में थंडरस्क्वाल और आंधी का खतरा

दक्षिण भारत में तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11 और 12 सितंबर को थंडरस्क्वाल का खतरा है। हवा की स्पीड 50 से 60 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 70 किमी प्रति घंटे की झोंकेदार रफ्तार छू सकती है। तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में 11 और 12 सितंबर को भारी वर्षा का अनुमान है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और रायलसीमा में भी 11 से 13 सितंबर के दौरान तेज हवाओं और बिजली चमकने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। केरल, माहे और दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में 11 से 13 सितंबर तक गर्म और आर्द्र मौसम बना रहने की संभावना है।

समुद्र में स्थिति चिंताजनक: मछुआरों के लिए रेड चेतावनी

समुद्र में उठती ऊंची लहरों और तूफानी हवाओं के कारण मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। अरब सागर में सोमालिया तट, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और गुजरात तट से सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 13 से 16 सितंबर तक मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश, ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 11 और 12 सितंबर को समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहेगी। मछुआरों को तटीय और गहरे समुद्री इलाकों में जाने से पूरी तरह से मना किया गया है।

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बैकपैक उठाओ, पैसे बचाओ! मानसून के ठीक बाद इन 5 जगहों पर जाने का है परफेक्ट टाइम

मानसून खत्म होते ही घूमने का मौसम धीरे-धीरे बदलने लगता है और इसी के साथ ट्रैवल बजट को कम रखने का मौका भी मिल सकता है। सितंबर से नवंबर के बीच कई जगहों पर पीक सीजन की भीड़ शुरू होने से पहले घूमने पर फ्लाइट और होटल के दाम जेब पर थोड़े हल्के पड़ सकते हैं। इस मौसम भी कई जगहों पर घूमने के लिए अच्छा रहता है और कम भीड़ का फायदा मिल सकता है। यदि आने वाले महीनों में ट्रिप का प्लान बना रहे हैं, तो इन 5 जगहों पर नजर डाल सकते हैं:

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1. लोनावला

मुंबई और पुणे के पास होने की वजह से लोनावला छोटी ट्रिप के लिए काफी पसंद किया जाता है। मानसून के बाद भी यहां हरियाली और पहाड़ों का नजारा बना रहता है, जबकि बारिश के कारण होने वाली परेशानी कम हो सकती है। यहां भुशी डैम, टाइगर पॉइंट, राजमाची किला, कार्ला गुफाएं और लोहगढ़ किला घूम सकते हैं। मुंबई और पुणे के पास होने के कारण यह छोटी और बजट ट्रिप के लिए भी अच्छा ऑप्शन है। होटल प्राइस ट्रेंड में सितंबर का औसत करीब ₹6,458 प्रति रात रहा है। अक्टूबर और नवंबर में यह करीब ₹7,875 तक पहुंचता है, इसलिए सितंबर में वीकडे ट्रिप प्लान करना बजट में हो सकता है।

2. उदयपुर

उदयपुर में सितंबर के दौरान बारिश का असर कम होने लगता है और झीलों के आसपास का नजारा काफी खूबसूरत रहता है। यहां सिटी पैलेस, पिछोला झील, सज्जनगढ़ पैलेस, जग मंदिर और सहेलियों की बाड़ी देख सकते हैं। झीलों और पुराने महलों की खूबसूरती के साथ यहां का मौसम भी ट्रिप को खास बना सकता है। होटल की कीमतों में सितंबर 2026 का औसत करीब ₹3,908 प्रति रात लग सकता है, जबकि अक्टूबर में यह करीब ₹4,765 और नवंबर में करीब ₹5,401 हो सकता है। वहीं जनवरी में औसत कीमत करीब ₹6,290 तक पहुंच जाती है। यानी सितंबर में ट्रिप प्लान करने पर होटल में अच्छी बचत हो सकती है।

3. केरल

मानसून के बाद केरल में हरियाली और मौसम दोनों ही घूमने का मजा बढ़ा देते हैं। यहां मुन्नार, अल्लेप्पी, वायनाड, कोच्चि और थेक्कडी जैसी जगहें देख सकते हैं। मुन्नार की पहाड़ियां और चाय के बागान, अल्लेप्पी की हाउसबोट और वायनाड की हरियाली ट्रिप को खास बना सकती है। सितंबर-अक्टूबर में पीक सीजन शुरू होने से पहले होटल और रुकने के खर्च में कुछ बचत मिल सकती है। ट्रैवल गाइड के मुताबिक, सितंबर-अक्टूबर के shoulder season में होटल और फ्लाइट पर पीक सीजन की तुलना में करीब 30% तक बचत हो सकती है। नवंबर से यहां पीक सीजन शुरू होने लगता है, इसलिए बजट ट्रिप के लिए सितंबर और अक्टूबर ज्यादा बेहतर रह सकते हैं।

4. गोवा

गोवा में सितंबर को होटल को सबसे सस्ते महीनों में गिना जाता है। यहां बागा बीच, कलंगुट बीच, अंजुना, फोर्ट अगुआडा, पणजी और दूधसागर वाटरफॉल जैसी जगहें देख सकते हैं। सितंबर में बारिश के बाद गोवा का मौसम धीरे-धीरे घूमने लायक होने लगता है और होटल के दाम दिसंबर के पीक सीजन से कम रह सकते हैं। दो लोगों के लिए होटल का median रेट करीब $69 यानी लगभग ₹6,000 के आसपास है, जबकि नवंबर में यह करीब $113 तक पहुंच जाता है। सितंबर का औसत होटल रेट करीब ₹4,899 प्रति रात है, जो नवंबर के ₹6,418 से कम है। इसलिए कम बजट में गोवा घूमने के लिए सितंबर अच्छा ऑप्शन हो सकता है।

5. जयपुर

जयपुर में सितंबर के बाद मौसम धीरे-धीरे घूमने लायक होने लगता है और पीक सर्दियों के शुरू होने से पहले होटल की कीमतें कुछ कम रह सकती हैं। जयपुर में आमेर किला, हवा महल, सिटी पैलेस, जल महल, नाहरगढ़ किला और जंतर-मंतर घूम सकते हैं। सितंबर के बाद मौसम में धीरे-धीरे बदलाव आने लगता है, जिससे शहर की ऐतिहासिक जगहों को घूमना आसान हो सकता है। होटल का औसत करीब ₹3,786 प्रति रात है, जबकि अक्टूबर में यह करीब ₹5,099 और नवंबर में ₹5,100 तक पहुंचता है। इसलिए सितंबर में जयपुर घूमने पर होटल के बजट को थोड़ा कम रखा जा सकता है।

मानसून के बाद घूमने का मौसम आते ही ट्रैवल का बजट भी थोड़ा हल्का किया जा सकता है। सितंबर से नवंबर के बीच ये सभी जगहें हैं, जहां घूमने का मजा लेने के साथ फ्लाइट और होटल पर भी बचत का मौका मिल सकता है। तो आप भी कम खर्च में अच्छी ट्रिप प्लान करने के लिए अपनी अगली ट्रिप प्लान कर सकते है।

चीन का 12 दिन पहले अलर्ट करने का दावा गलत:ईमेल में सिर्फ तेज बारिश की बात, ग्लेशियर की चेतावनी देने वाला सिस्टम ही नहीं

26 अगस्त की सुबह नेपाल के रसुवा में आसमान साफ था। अचानक भोटेकोशी नदी में मलबा, पत्थर और पानी का ऐसा सैलाब आया कि सब बहता चला गया। 1300 से ज्यादा मौतें हुईं और 5 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं। ये तबाही चीन की तरफ बनी झील फटने से हुई थी। सवाल उठा कि क्या चीन को इस तबाही की पहले से खबर थी और क्या उसने नेपाल को इस बारे में चेतावनी दी थी। चीन के विदेश विभाग के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने दावा किया कि चीन ने नेपाल को समय-समय पर मौसम का डेटा और चेतावनियां दी थीं। ब्रिटिश न्यूज एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट में भी दावा किया गया कि आपदा से करीब 12 दिन पहले चीन ने नेपाल को ईमेल भेजकर भारी बारिश की जानकारी दी थी। इससे लगता है कि नेपाल के पास खबर थी कि तबाही हो सकती है, लेकिन कहानी इतनी सीधी नहीं है। पढ़िए रिपोर्ट… चीन-नेपाल के एक्सपर्ट चार महीने में तीन बार मिले
अप्रैल से जुलाई के बीच चीन और नेपाल के पर्यावरण, मौसम और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी और वैज्ञानिक कम से कम तीन अलग-अलग मंचों पर मिले। इस दौरान ग्लेशियर, ग्लेशियल झील, जलवायु से जुड़े जोखिम और अर्ली वार्निंग पर बात हुई। पहली बैठक: 22 अप्रैल–5 मई, बीजिंग
चीन की नेशनल अकैडमी ऑफ फॉरेस्टी एंड ग्रासलैंड एडमिनिस्ट्रेशन ने पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन ट्रांसफॉर्मेशन पर सेमिनार किया। नेपाल के प्रतिनिधियों ने इसमें हिस्सा लिया। दूसरी बैठक: 27 मई, काठमांडू
नेपाल के 10 और चीन-तिब्बत के 12 अधिकारियों के बीच बैठक हुई। इसमें ग्लेशियल झीलों की मैपिंग और ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी अचानक जलस्तर बढ़ने या ग्लेशियर झील फटने के खतरे को कम करने पर चर्चा हुई। तीसरी बैठक: जुलाई, तिब्बत
तिब्बत के निंगची में 5th ट्रांस हिमालय इंटरनेशनल कोऑपरेशन फोरम हुआ। इसमें 29 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। नेपाल भी इनमें शामिल था। इसी दौरान चीन ने अपना मल्टी हेजार्ड अर्ली वार्निंग सिस्टम भी पेश किया। 12 दिन पहले चीन ने क्या चेतावनी दी थी
रायटर्स के मुताबिक, 14 अगस्त के आसपास चीन के विश्व मौसम विज्ञान केंद्र ने नेपाल को ईमेल भेजा था। इसमें 14 से 19 अगस्त के बीच भारी बारिश और मानसूनी दबाव की आशंका जताई गई थी। हालांकि, यह भी 26 अगस्त के लिए नहीं था। यहां एक अहम फर्क है। भारी बारिश का पूर्वानुमान और किसी खास ग्लेशियर के टूटने की चेतावनी एक बात नहीं है। नेपाल के सबसे बड़े आपदा अधिकारी बोले- स्पेसिफिक वार्निंग नहीं मिली
नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के कार्यकारी प्रमुख डॉ. धरम उप्रेती ने चीन के दावे पर सीधे आधिकारिक टिप्पणी करने से परहेज किया। उनके मुताबिक पानी इतनी तेजी से नीचे आया कि सीमा क्षेत्र में लगा रिवर मॉनिटरिंग सिस्टम भी प्रभावित हुआ। नीचे की तरफ अलर्ट जारी करने का समय मिला, लेकिन ऊपरी इलाके में लोगों के पास बचने के लिए पर्याप्त समय नहीं था। डॉ. उप्रेती बताते हैं कि नेपाल में नदियों पर रिवर गेज स्टेशन लगे हैं। पानी के तय सीमा से ऊपर जाते ही प्रभावित इलाकों में SMS अलर्ट भेजे जाते हैं। यह व्यवस्था 2015 से चल रहे फ्लड अर्ली वार्निंग सिस्टम का हिस्सा है। नदी और जगह के हिसाब से सामान्य स्थिति में करीब 6 मिनट से 6 घंटे तक का लीड टाइम मिल सकता है। 26 अगस्त को खतरे की जानकारी मिलते ही 1-2 मिनट में निचले इलाकों के लिए SMS अलर्ट जारी किए गए। पहला अलर्ट करीब 9:15 बजे और दूसरा 11:50 बजे भेजा गया। इसके बाद भी स्थिति के हिसाब से अलर्ट जारी होते रहे। सोशल मीडिया, टीवी और रेडियो से भी चेतावनी दी गई। डॉ. उप्रेती के मुताबिक करीब 4 हजार लोगों के फोन पर अलर्ट भेजा गया था। कितने लोगों ने उसे देखा, इसका डेटा नहीं है। डॉ. उप्रेती के मुताबिक, पानी करीब 180 किमी प्रति घंटे या उससे ज्यादा की रफ्तार से नीचे आया। इससे अलर्ट जारी करने और उसके लोगों तक पहुंचने के बीच का समय बहुत कम रह गया। ‘सिर्फ ईमेल भेजना चेतावनी नहीं, सही एजेंसी को, सही वक्त पर मिलना जरूरी’ चीन की तरफ से भेजे गए ईमेल पर डॉ. उप्रेती कहते हैं, ‘मुझे नहीं पता कि 26 अगस्त से पहले किस अधिकारी को, कब और किस स्तर की चेतावनी भेजी गई थी। सिर्फ ईमेल भेज देना पर्याप्त नहीं है। सूचना सही एजेंसी तक सही समय पर पहुंचे और उस पर कार्रवाई हो, तभी वह वास्तविक चेतावनी बनती है।’ यहीं चीन के दावे पर सवाल खड़ा होता है। अगर 12 दिन पहले इतनी अहम जानकारी थी, तो वह नेपाल की किस एजेंसी तक पहुंची, किस अधिकारी ने उसे देखा और उसके आधार पर क्या कदम उठाए गए। बैठकों में ग्लेशियर पर चर्चा हुई, लेकिन खास चेतावनी नहीं डॉ. उप्रेती के मुताबिक, चीन और नेपाल के वैज्ञानिक हिमालय में बढ़ते तापमान, ग्लेशियरों के पिघलने और एवलॉन्च जैसे खतरों पर लगातार चर्चा करते रहे हैं। 27 मई की बैठक में भी इसके जोखिमों पर बात हुई थी। किसी खास ग्लेशियर के टूटने की स्पेसिफिक वार्निंग नहीं मिली थी। दो अलग-अलग बातें हैं। पहली- हिमालय में ग्लेशियर और जलवायु परिवर्तन से खतरा बढ़ रहा है। दूसरी- किसी खास ग्लेशियर के टूटने और उससे अचानक बाढ़ आने की पहले से चेतावनी। दूसरी तरह की चेतावनी का कोई स्पष्ट प्रमाण सामने नहीं आया। मौजूदा सिस्टम क्यों वॉर्निंग नहीं दे पाया सामान्य GLOF यानी ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड में ग्लेशियर के पास बनी झील का पानी अचानक बाहर निकलता है। 26 अगस्त की घटना में ग्लेशियल झील के फटने की प्रक्रिया सामने नहीं आई। शुरुआती वैज्ञानिक आकलन के मुताबिक, यहां मुख्य ट्रिगर रॉक-आइस एवलॉन्च और ग्लेशियर का हिस्सा टूटना था। यही सबसे बड़ी तकनीकी चुनौती है। नदी का पानी बढ़ने पर गेज स्टेशन पकड़ सकता है। ग्लेशियल झील में पानी बढ़े, तो उसकी निगरानी की जा सकती है। पहाड़ पर ग्लेशियर का एक हिस्सा किस दिन, किस समय टूटेगा, इसे पहले से पकड़ना मुश्किल है। इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट के सीनियर रिसोर्स एसोसिएट श्रवण स्विफ्ट बताते हैं, ‘यह नहीं कहा जा सकता कि चीन ने कोई जानकारी दी ही नहीं थी। घटना के समय हमारी टीम चीन के वैज्ञानिकों के संपर्क में थी और दोनों पक्षों ने सूचनाएं साझा की थीं।’ हालांकि, वे स्पष्ट नहीं कर सके कि 26 अगस्त से पहले नेपाल को किसी खास ग्लेशियर के टूटने या बाढ़ की स्पेसिफिक चेतावनी दी गई थी या नहीं। उनके मुताबिक उस इलाके में ग्लेशियर की निगरानी के लिए कोई स्टेशन नहीं था। हाईरिस्क कंसोर्टियम की रिपोर्ट के मुताबिक, 26 अगस्त की सुबह लांगटांग लिरुंग इलाके में ग्लेशियर और उसके नीचे की चट्टान का हिस्सा टूट गया। इससे पहले इसके संकेत मिलने लगे थे। ग्लेशियर की सतह की गति बढ़ गई थी और 24 अगस्त तक पिघला पानी भूरा दिखाई देने लगा। ग्लेशियर और चट्टानों के टूटने से 5.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज हुआ, लेकिन इन संकेतों को चेतावनी में बदलने वाला सिस्टम मौजूद नहीं था। टूरिज्म बोर्ड का दावा- हमें कोई अलर्ट नहीं मिला इस आपदा में विदेशी नागरिकों की भी मौत हुई है। नेपाल सरकार के 6 सितंबर के आंकड़ों के मुताबिक करीब 600 विदेशी नागरिक अब भी लापता हैं। इनमें 35 देशों के नागरिक शामिल हैं। हमने नेपाल टूरिज्म बोर्ड से पूछा कि क्या पर्यटकों को कोई चेतावनी मिली थी? बोर्ड के प्रवक्ता सुनील शर्मा ने जवाब दिया- 26 अगस्त से पहले चीन की ओर से बोर्ड को ऐसा कोई अलर्ट नहीं मिला, जिसे पर्यटकों के लिए चेतावनी के तौर पर जारी किया जा सके। इसलिए बोर्ड ने भी पर्यटकों के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया। उन्हें चीन की चेतावनी के बारे में जानकारी बाद में मीडिया से मिली। सुनील शर्मा उनके मुताबिक घटना इतनी तेजी से हुई कि पर्यटकों को अलर्ट करने या उन्हें निकालने का समय ही नहीं मिला। नेपाल में मौसम और जलस्तर बढ़ने की चेतावनी देने वाला सिस्टम है, लेकिन इस पैमाने की आपदा के सामने बेबस साबित हुआ। चश्मदीदों तक चीन का अलर्ट तो दूर, सरकारी SMS भी नहीं पहुंचा भास्कर की टीम त्रिशूली घाटी के प्रभावित इलाकों में पहुंची। चश्मदीदों से पूछा कि बाढ़ आने से पहले आपको अलर्ट मिला था? ज्यादातर लोगों ने कहा कि मैसेज नहीं आया, पुलिस के सायरन या चेतावनी से खतरे की जानकारी मिली। त्रिशूली बाजार में मिले दुकानदार सुजन ने बताया कि पुलिस लोगों से सुरक्षित जगह जाने के लिए कह रही थी। ज्यादातर लोगों ने यही बात कही। सिर्फ एक केस: स्विट्जरलैंड में समय रहते गांव खाली कराया
ग्लेशियर के टूटने की अर्ली वार्निंग का सिर्फ एक प्रमाण 2025 में मिलता है। स्विट्जरलैंड के आल्प्स में ग्लेशियर की गतिविधियों पर एक रिसर्च टीम की समय रहते नजर पड़ गई थी। इसके बाद ब्लाटेन गांव को खाली कराया गया और बड़े एवलॉन्च से पहले लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। वर्जीनिया टेक के भू-विज्ञानी फिलिप प्रिंस के मुताबिक आल्प्स जैसी व्यवस्था हिमालय में लागू करना बहुत मुश्किल है। आल्प्स के कई इलाकों में आसानी से पहुंचा जा सकता। हिमालय बहुत बड़ा, ऊंचा और दुर्गम है। सैकड़ों ऐसी जगहें हो सकती हैं, जहां ग्लेशियर या चट्टान टूटने का खतरा हो। हर जगह लगातार निगरानी के लिए जरूरी सेंसर, तकनीकी टीम और संचार व्यवस्था खड़ी करना बड़ी चुनौती है। नेपाल से ग्राउंड रिपोर्ट यहां पढ़ें… 1. सायरन बजा, बचने के लिए मिले सिर्फ 30 मिनट ‘पानी आया, और सब ले गया, अब और क्या बोलूं।’ नेपाल के त्रिशूली में रहने वाले सुजन की इस एक लाइन में तबाही, बर्बादी और बेबसी की पूरी कहानी है। 26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने के बाद अचानक आई बाढ़ से तबाह होने वाली बस्तियों में नुवाकोट जिले का त्रिशूली सबसे प्रमुख है। पढ़िए पूरी खबर… 2. बाढ़ आई… बाढ़ आई, जान बचाकर दोबारा भागे लोग 30 अगस्त की सुबह हम नेपाल के देवीघाट पहुंचे। हर तरफ मलबा था, जिसमें लोग सामान और अपनों को तलाशते मिले। सब सामान्य था, तभी अचानक बाढ़ का अलर्ट आया और हड़कंप मच गया। लोग बदहवास होकर सेफ जगह तलाशने के लिए भागने लगे। कुछ ही मिनट में कस्बा खाली हो गया। देवीघाट नेपाल के नुवाकोट जिले में त्रिशूली और ताड़ी नदी के संगम पर बसा है। पढ़िए पूरी खबर…

कल का मौसम: 11 सितंबर को इन 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट, यूपी से लेकर बिहार-बंगाल तक आंधी-तूफान का खतरा

IMD rain alert for September 11: देशभर में अलग अलग मानसूनी प्रणालियों के असर से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 सितंबर के लिए मौसम की विस्तृत रिपोर्ट जारी करते हुए देश के तीन प्रमुख राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की गंभीर चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में आंधी-तूफान, गरज-चमक और झोंकेदार हवाओं के असर की आशंका भी जताई गई है।

ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तटीय आंध्र प्रदेश में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 11 सितंबर को छत्तीसगढ़, ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मुसलाधार से लेकर बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं और मौसमी दबाव की वजह से इन तीनों राज्यों के कई क्षेत्रों में भारी जलभराव, नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है।

यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में तेज बारिश

बहुत भारी बारिश वाले इन 3 प्रमुख राज्यों के अलावा देश के एक बड़े हिस्से में झमाझम बारिश की स्थिति बनी रहेगी। IMD ने उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश का अनुमान जताया है। इसके अलावा दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों केरल (माहे सहित), तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश औरर असम और मेघालय में भी अलग-अलग जगहों पर तेज बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

तटीय आंध्र प्रदेश में थंडरस्क्वाल, 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

11 सितंबर को कई राज्यों में बारिश के साथ-साथ तूफानी हवाओं का भयंकर तांडव देखने को मिल सकता है। तटीय आंध्र प्रदेश में मौसम विभाग ने थंडरस्क्वाल की चेतावनी जारी की है। यहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और धूलभरी आंधी आने की आशंका है। इसके अलावा पूरे आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन के समय तेज सतही हवाएं चलेंगी। इसी तरह विदर्भ, मराठवाड़ा, ओडिशा, रायलसीमा और तमिलनाडु (पुडुचेरी और कराईकल सहित) में गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं।

यूपी, बिहार, झारखंड और बंगाल में बिजली गिरने और आंधी की आशंका

उत्तर और पूर्वी भारत के मैदानी इलाकों में भी 11 सितंबर को मौसम गड़बड़ हो सकता है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वी राजस्थान, तेलंगाना और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने, बिजली चमकने की संभावना जताई गई है।

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लोगों को बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों, पेड़ों या बिजली के खंभों के पास न रुकने की सलाह दी है।

बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में स्थिति खराब, मछुआरों को चेतावनी

समुद्री क्षेत्रों में चक्रवाती और मानसूनी हवाओं की तीव्रता काफी अधिक रहने वाली है। उत्तर-पश्चिम और मध्य बंगाल की खाड़ी के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

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उधर अरब सागर में सोमालिया तट और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है. इसकी स्पीड 65 किलोमीटर प्रति घंटे के स्तर को छू सकती हैं। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और खराब स्थिति को देखते हुए मछुआरों को इन तटीय इलाकों और गहरे समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।

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बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन, बिहार से बंगाल तक बारिश के आसार, MP-छत्तीसगढ़ में मूसलाधार! इन राज्यों में बारिश का दौर फिर शुरू

IMD Rain Forecast: देशभर में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर एक्टिव हो गई हैं। मौसम विभाग के लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे तटीय इलाकों के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक इस नए मौसमी सिस्टम के असर से ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल सहित देश के कई राज्यों में बारिश का नया दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी करने के साथ-साथ मध्य भारत और पूर्वी भारत के विस्तृत हिस्सों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी है।

पिछले 24 घंटों में बदला मौसम, पूर्वी यूपी में भारी अतिवृष्टि

बंगाल की खाड़ी में बने इस सिस्टम का असर बीते 24 घंटों के दौरान भी देखने को मिला है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक की बेहद भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और बिहार के अलग-अलग इलाकों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ निम्न दबाव का क्षेत्र

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे बांग्लादेश तट पर एक ऊपरी हवा का साइक्लॉनिक सर्कुलेशन बना हुआ था। इसके प्रभाव से 10 सितंबर की सुबह उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बन गया।

ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

निम्न दबाव प्रणाली का सबसे सीधा और गंभीर असर ओडिशा और छत्तीसगढ़ पर पड़ने जा रहा है। मौसम विभाग ने 10 सितंबर को ओडिशा के कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके साथ ही 10 और 11 सितंबर को ओडिशा और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ में 10 से 14 सितंबर तक व्यापक बारिश का क्रम जारी रहेगा जबकि मध्य प्रदेश में 11 से 14 सितंबर के बीच गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 12 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

बिहार, झारखंड, बंगाल और उत्तर-पश्चिम भारत का हाल

पूर्वी भारत के राज्यों की बात करें तो बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 10 से 13 सितंबर के दौरान अधिकांश जगहों पर हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 10 और 11 सितंबर को भारी बारिश होगी जबकि बिहार में 10 सितंबर को तेज बौछारें पड़ने के आसार हैं।

उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में भी मानसून की सक्रियता बढ़ेगी। उत्तराखंड में 10 से 13 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है। वहीं 13 से 15 सितंबर के बीच पूर्वी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी गरज-चमक के साथ छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

दक्षिण भारत, गुजरात और पूर्वोत्तर राज्यों में भी अलर्ट

दक्षिण भारत के तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 10 और 11 सितंबर को 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना में भी अगले कुछ दिनों तक आंधी-तूफान के साथ बारिश की स्थिति बनी रहेगी। तटीय आंध्र प्रदेश में 10 सितंबर को मौसम गर्म और उमस भरा भी रह सकता है।

पश्चिम भारत में कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात क्षेत्र में 12 से 15 सितंबर के दौरान भारी बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 10 से 15 सितंबर तक लगातार बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।

समुद्र में खराब रहेगी स्थिति, मछुआरों के लिए चेतावनी

खराब मौसम और तेज हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। 12 सितंबर तक पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बांग्लादेश और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और उत्तर-पश्चिम और मध्य बंगाल की खाड़ी में 40 से 50 किमी प्रति घंटे से लेकर 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

इसके चलते समुद्र में स्थिति काफी अशांत रहेगी। इसके अलावा अरब सागर में सोमालिया, ओमान तथा गुजरात तट से सटे इलाकों में 13 से 15 सितंबर के दौरान तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन अवधि के दौरान गहरे समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है।

Aaj ka Mausam: 10 सितंबर का मौसम: बिहार, झारखंड ओडिशा समेत 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, इन इलाकों में आएगा आंधी-तूफान

Aaj ka Mausam: देशभर में मानसूनी हवाओं की सक्रियता एक बार फिर बढ़ गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 सितंबर के लिए मौसम का ताजा अलर्ट जारी करते हुए पूर्वी तटीय राज्य ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके साथ ही बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और तटीय आंध्र प्रदेश समेत देश के 13 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तटीय इलाकों में तेज आंधी और समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों को लेकर भी सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

ओडिशा में रेड वॉर्निंग: अत्यंत भारी बारिश की प्रबल संभावना

मौसम बुलेटिन के मुताबिक ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में बेहद भारी से लेकर अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। राज्य के तटीय और आंतरिक इलाकों में तूफानी हवाओं के साथ बादलों की कड़क देखने को मिलेगी। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने का अनुमान है। इस वजह से राज्य के निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी का खतरा बन गया है।

बिहार, झारखंड और तटीय आंध्र प्रदेश समेत 13 राज्यों में भारी बारिश

ओडिशा के अलावा देश के अन्य 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी मानसूनी बारिश का जोर रहेगा। IMD ने बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, तटीय आंध्र प्रदेश और केरल (माहे सहित) में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के राज्यों असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अलग-अलग जगहों पर तेज बारिश का दौर जारी रहेगा।

50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी आंधी, वज्रपात की चेतावनी

10 सितंबर को कई मैदानी और तटीय इलाकों में तूफानी हवाओं का जोर रहेगा। आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तमिलनाडु (पुडुचेरी और कराईकल सहित) में बिजली चमकने के साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी। दूसरी तरफ, बिहार, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और तेलंगाना के कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर के बाकी राज्यों में भी कड़क के साथ बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों में जाने से बचने को कहा गया है।

तटीय इलाकों में हवाएं और उमस का प्रकोप

मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के मैदानी इलाकों में दिन के समय काफी तेज सतही हवाएं चलेंगी। इसके उलट तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में ऊंचे तापमान और नमी के कारण मौसम काफी गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में अशांत रहेगा समुद्र, मछुआरों को सलाह

समुद्री तटों और गहरे पानी में मौसम बेहद खतरनाक बना हुआ है। उत्तर और मध्य बंगाल की खाड़ी के साथ-साथ बांग्लादेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इसके चलते इन इलाकों में समुद्र की स्थिति बेहद खराब और खतरनाक रहने वाली है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को बंगाल की खाड़ी और संबंधित तटीय इलाकों में न जाने की सख्त हिदायत दी है।

उधर अरब सागर में भी हलचल तेज रहेगी। सोमालिया और ओमान के तटों से सटे उत्तर-पश्चिमी, दक्षिण-पश्चिमी और मध्य-पश्चिम अरब सागर में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, जो 65 किलोमीटर प्रति घंटे के स्तर को छू सकती हैं।

Sun Transit in Virgo 2026: ग्रहों के राजा सूर्य करेंगे कन्या राशि में प्रवेश, इन 4 राशियों के लिए करियर, धन और सफलता में लगेंगे चार चांद

Sun Transit in Virgo 2026: ग्रहों के राजा सूर्य राशिचक्र की सभी 12 राशियों में लगभग एक महीने तक रहते हैं। इस तरह आत्मविश्वास, मान-सम्मान, यश व पद-प्रतिष्ठा के कारक सूर्य का हर माह राशि परिवर्तन होता है। वर्तमान समय में अपनी उच्च राशि सिंह में गोचर कर रहे सूर्य 17 सितंबर 2026 को कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। कन्या राशि सूर्य के मित्र बुद्ध की राशि मानी जाती है। इसलिए यह समय मुख्य रूप से कार्यक्षेत्र में बौद्धिक क्षमता, व्यापार, प्रबंधन और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में बदलाव लेकर आता है।

17 सितंबर 2026 को सूर्य का कन्या राशि में प्रवेश करना एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना है। इस गोचर को कन्या संक्रांति कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य के इस परिवर्तन का गहरा प्रभाव माना जाता है। कन्या संक्रांति के साथ ही शरद ऋतु की आहट शुरू हो जाती है और मानसूनी गतिविधियों में बदलाव आता है। सूर्य की इस संक्रांति के आसपास पितृ पक्ष भी शुरू होता है, जिससे श्राद्ध और तर्पण कार्यों का महत्व बढ़ जाता है। सूर्य के गोचर से राशिचक्र की सभी 12 राशियों प्रभावित होती हैं। 4 राशि वालों के लिए यह गोचर करियर और आर्थिक मामलों में लाभ के संकेत दे रहा है। जानते हैं सूर्य का कन्या राशि में गोचर इनके लिए कैसा रहने वाला है।

वृषभ राशि : वृषभ राशि वालों के लिए सूर्य गोचर काफी शुभ माना जा रहा है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। कारोबार में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में लाभ मिलने की संभावना है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। सेहत भी सामान्य से बेहतर रहने की उम्मीद है।

कन्या राशि : कन्या राशि के जातकों के लिए यह गोचर शुभ परिणाम देने वाला रह सकता है। नौकरी में पद, प्रतिष्ठा और जिम्मेदारियों में वृद्धि हो सकती है। कारोबार करने वालों को नए संपर्क और अच्छे अवसर मिल सकते हैं। प्रॉपर्टी और आर्थिक मामलों में भी फायदा मिलने की संभावना है।

वृश्चिक राशि : वृश्चिक राशि वालों के लिए सूर्य गोचर अनुकूल रहने की संभावना है। नौकरी और कारोबार में सफलता मिल सकती है। मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा और कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति मजबूत हो सकती है। धन और प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में भी लाभ मिलने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है।

मकर राशि : मकर राशि वालों के लिए सूर्य गोचर काफी सकारात्मक रह सकता है। नौकरी में तरक्की और नई जिम्मेदारियां मिलने के योग बन सकते हैं। कारोबारियों को भी अच्छे अवसर मिल सकते हैं और काम का विस्तार करने की दिशा में सफलता मिल सकती है। प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में फायदा मिल सकता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

Mangal Neech Bhang Rajyog: कर्क राशी में गोचर करेंगे मंगल और गुरु के साथ बनाएंगे नीचभंग राजयोग, 4 राशियों की जागेगी किस्मत

कल का मौसम: 10 सितंबर को ओडिशा में रेड कलर वॉर्निंग, बिहार-झारखंड संग 12 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! 50kmph स्पीड से आएगी आंधी

IMD Heavy Rain Alert for September 10: देशभर में मानसूनी गतिविधियों ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 सितंबर के लिए मौसम का ताजा बुलेटिन जारी करते हुए पूर्वी तटीय राज्य ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश को लेकर रेड कलर वॉर्निंग जारी की है। वहीं, उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के करीब 12 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है। बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं और वज्रपात की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

ओडिशा में रेड अलर्ट: अत्यंत भारी बारिश की आशंका

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 10 सितंबर को ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार से लेकर बेहद भारी और कुछ जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। ओडिशा के तटीय और आंतरिक क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी दी गई है। तेज हवाओं और भारी बारिश की वजह से राज्य में जलभराव, नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और ट्रैफिक कंजेशन देखने को मिल सकता है।

बिहार, झारखंड और बंगाल समेत 12 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

ओडिशा के अलावा देश के दूसरे राज्यों में भी मानसूनी बारिश का असर देखने को मिलेगा। IMD ने 12 प्रमुख राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश से प्रभावित होने वाले राज्यों में बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और केरल (माहे सहित) शामिल हैं।

इसके साथ ही पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अलग-अलग जगहों पर तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने और बादलों की गर्जना की भी संभावना जताई गई है।

50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी आंधी, वज्रपात की चेतावनी

10 सितंबर को कई राज्यों में मौसम का मिजाज काफी आक्रामक रहने वाला है। आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तमिलनाडु (पुडुचेरी और कराईकल सहित) में बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है।

बिहार, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए एहतियात बरतने को कहा गया है।

तटीय इलाकों में तेज हवाएं और अरब सागर में हलचल

मौसम विभाग के अनुसार, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के मैदानी इलाकों में दिन के समय तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में तापमान और नमी के ऊंचे स्तर की वजह से गर्म और उमस भरा मौसम लोगों को परेशान कर सकता है।

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समुद्री गतिविधियों की बात करें तो अरब सागर में मौसम काफी अशांत रहेगा। सोमालिया और ओमान के तटों से सटे उत्तर-पश्चिमी, दक्षिण-पश्चिमी और मध्य-पश्चिम अरब सागर में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इस स्थिति को देखते हुए मछुआरों को इन समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

UP Home Guard Recruitment PET 2026: 10 सितंबर को जारी होगा पीईटी का नया एडमिट कार्ड, 14 तारीख को परीक्षा में पुराना एडमिट कार्ड नहीं माना जाएगा

UP Home Guard Recruitment PET 2026: यूपी में चल रहे लगातार जारी बारिश को देखते हुए, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPBPB) ने एनरोलमेंट-2025 के तहत यूपी होम गार्ड भर्ती 2026 के लिए शारीरिक दक्षता (PET) को टाल दिया है। पहले, 8 सितंबर से निर्धारित शारीरिक दक्षता परीक्षा अब 14 सितंबर, 2026 से आयोजित की जाएगी। साथ ही, इस परीक्षा में शामिल होने के योग्य परीक्षार्थियों का नया पीइटी एडमिट कार्ड 10 सितंबर, 2026 को डाउनलोड के लिए उपलब्ध होंगे।

एक बार जारी होने के बाद, उम्मीदवार अपने पंजीकरण क्रेडेंशियल का इस्तेमाल करके बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in से हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं। एडमिट कार्ड एक जरूरी डॉक्यूमेंट है और परीक्षा वाले दिन इसे परीक्षा केंद्र साथ ले जाना जरूरी है। पीईटी राज्य भर में अलग-अलग पीएसी बटालियन और रिजर्व पुलिस लाइन में होगी।

कल जारी होंगे संशोधित प्रवेश पत्र

यूपी हो रही तूफानी बारिश की वजह से, आयोग को पीईटी को आगे खिसकाना पड़ा है। अब यह परीक्षा 14 सितंबर, 2026 तक रीशेड्यूल की गई है। इसके लिए, संशोधित हॉल टिकट 10 सितंबर, 2026 को जारी किए जाएंगे। पहले, यह 7 सितंबर को जारी होने वाला था। जारी होने के बाद, एडमिट कार्ड ऑफिशियल पोर्टल uppbpb.gov.in पर उपलब्ध होंगे। हॉल टिकट पर उम्मीदवारों के क्रेडेंशियल, परीक्षा केंद्र, तारीख और रिपोर्टिंग टाइम जैसे जरूरी विवरण मौजूद होंगे। अगर किसी आवेदन को कोई गड़बड़ी मिलती है, तो उसे तुरंत हेल्पलाइन नंबर 08065075069 या आधिकारिक वेबसाइट पर संपर्क करके सुधार करवाना चाहिए।

यूपी होम गार्ड पीईटी संशोधित प्रवेश पत्र 2026 कैसे डाउनलोड करें?

पीईटी में शामिल होने के योग्य उम्मीदवार एडमिट कार्ड लिंक उपलब्ध होने के बाद आधिकारिक पोर्टल के जरिए अपने संशोधित प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। इसके लिए फॉलो करें ये स्टेप्स

  • ऑफिशियल वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाएं।
  • होमपेज पर, एडमिट कार्ड डाउनलोड लिंक पर क्लिक करें।
  • लॉग इन करने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि डालें।
  • डिटेल्स सबमिट करने के बाद, आपका PET एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखेगा।
  • इसे डाउनलोड करें और सभी डिटेल्स अच्छी तरह से चेक कर लें।

फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट डिटेल्स

पीईटी के दौरान, पुरुष कैंडिडेट्स को 28 मिनट में 4.8 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। महिला कैंडिडेट्स को 16 मिनट में 2.4 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। जो कैंडिडेट्स दौड़ पूरी नहीं कर पाएंगे, उन्हें फाइनल लिस्ट से डिसक्वालिफाई कर दिया जाएगा।

कैंडिडेट्स ध्यान दें कि पहले जारी किए गए पुराने एडमिट कार्ड रिवाइज्ड शेड्यूल के लिए मान्य नहीं हैं। उनके पास 14 सितंबर से शुरू होने वाले एग्जाम के लिए संशोधित हॉल टिकट पीडीएफ के साथ सरकार द्वारा जारी किया गया वैलिड ID प्रूफ होना चाहिए।

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‘जल्द ही शुगर डैडी को…’ पत्नी की हत्या कर फ्रिज में रखा सिर! अब आरोपी ने दी धमकी

असम के गुवाहाटी से एक सनसीखेज मामला सामने आया है। असम के गुवाहाटी के बेलटोला इलाके में एक घर से महिला का शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। महिला के हत्या का आरोप में उसके पति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वहीं पत्नी की कथित हत्या के मामले में गिरफ्तार किए गए व्यक्ति ने कोर्ट ले जाते समय चौंकाने वाला बयान दिया। मीडिया से बात करते हुए उसने कहा कि उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। आरोपी ने ये भी दावा किया कि वह जल्द ही अपनी पत्नी के ‘शुगर डैडी’ को मार डालेगा।

7 दिन का कस्टडी में भेजा गया

रामानुज गोस्वामी को अपनी 25 वर्षीय पत्नी रिया तालुकदार की हत्या के मामले में सात दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। आरोपी को मंगलवार को गुवाहाटी की अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उसे पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया। अब पुलिस हिरासत के दौरान मामले से जुड़े तथ्यों और घटना की परिस्थितियों की जांच करेगी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है।

‘शुगर डैडी’ को भी मारेगा!

News18 के मुताबिक, गोस्वामी ने असमिया भाषा में पत्रकारों से बात करते हुए कथित तौर पर कहा कि, उसने अपनी पत्नी की हत्या की है। उसने ये भी कहा कि जेल से बाहर आने के बाद वह उस व्यक्ति को भी मार देगा, जिसे वह अपनी पत्नी का “शुगर डैडी” बताता है। बाद में उसने रिपोर्टरों से कहा, ‘मुझे कोई पछतावा नहीं है, कोई माफी नहीं है।’ पुलिस के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर गुवाहाटी के बेल्टोला इलाके में स्थित अपने फ्लैट में पत्नी के शव के साथ करीब तीन दिन तक रहा। इस दौरान शव की हालत खराब हो गई थी। अब पुलिस आरोपी से पूछताछ कर घटना के पीछे की वजह जानने की कोशिश कर रही है। साथ ही, पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हत्या के बाद क्या-क्या हुआ और घटनाक्रम किस तरह आगे बढ़ा।

फ्रिज में मिला सिर

ये घटना 6 सितंबर को सामने आई, जब गुवाहाटी स्थित दंपति के अपार्टमेंट से तेज बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि उन्होंने दोनों को पिछले दो दिनों से नहीं देखा था। इसके अलावा कपल के मोबाइल फोन भी बंद आ रहे थे। पुलिस ने जब अपार्टमेंट का दरवाजा खोला तो अंदर महिला का शव मिला। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि शव काफी खराब हालत में था और महिला का सिर वहां मौजूद नहीं था। इसके बाद पूरे फ्लैट की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पुलिस को रेफ्रिजरेटर के अंदर एक पॉलीथीन बैग मिला, जिसमें महिला का कटा हुआ सिर रखा हुआ था।

घर से मिला हथियार

महिला का शव मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी रामानुज गोस्वामी की तलाश शुरू कर दी। पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने उसे आखिरी बार शुक्रवार को देखा था। इसके बाद रविवार रात गोस्वामी खुद पुलिस के सामने पहुंचा और सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, जिसके बाद अदालत ने उसे सात दिनों की पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उसने बताया कि 3 सितंबर को पत्नी के साथ उसका विवाद शुरू हुआ था, जो अगले दिन सुबह तक चलता रहा। इसी दौरान गुस्से में उसने अपना नियंत्रण खो दिया और कथित तौर पर पत्नी की हत्या कर दी। पुलिस ने जांच के दौरान घर से ‘दाओ’ (हथौड़ा) नाम का एक हथियार भी बरामद किया है, जिसे कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल किया गया था।

शादी को नहीं हुए थे एक साल

पुलिस की शुरुआती पूछताछ में गोस्वामी ने कथित तौर पर पत्नी के किसी दूसरे व्यक्ति से संबंध होने का दावा किया है और कहा कि इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। दोनों की शादी को अभी छह महीने एक साल भी पूरा नहीं हुआ था। फिलहाल पुलिस उसके दावों की पुष्टि करने के साथ-साथ घटना से जुड़े सभी तथ्यों और हत्या से पहले व बाद के घटनाक्रम की जांच कर रही है।

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