उत्तर भारत में एक्टिव हुआ लो-प्रेशर सिस्टम! अगले 6 दिनों तक दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश, यहां-यहां बदलेगा मौसम

IMD Weather Alert: उत्तर भारत में मानसूनी गतिविधियों ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक नया लो प्रेशर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 5 सितंबर को जारी वेदर बुलेटिन के अनुसार, इस मौसमी तंत्र की वजह से अगले दो दिनों के दौरान यह प्रणाली पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ेगी। इसके प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों में अगले छह से सात दिनों तक व्यापक रूप से गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी बारिश की गतिविधियां काफी सुस्त बनी रहेंगी।

पिछले 24 घंटों का हाल और राज्यों में दर्ज की गई रिकॉर्ड बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, असम, नागालैंड और तमिलनाडु में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

दिल्ली-एनसीआर, यूपी और उत्तर-पश्चिम भारत का वेदर अपडेट

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 5 सितंबर से मानसूनी हवाएं काफी मजबूत रहने वाली हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तर प्रदेश पर बने लो-प्रेशर सिस्टम के चलते दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 5 और 6 सितंबर को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 6 से 8 सितंबर के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक स्तर पर बारिश और बिजली कड़कने की गतिविधियां बनी रहेंगी।

उत्तराखंड में 5 से 11 सितंबर तक लगातार बारिश, आंधी और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है, जहां 5 से 7 सितंबर और 10 व 11 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में 5 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि 6 सितंबर को भी भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 5 सितंबर को तेज आंधी और बारिश का अनुमान है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश के आसार

मध्य भारत में लो-प्रेशर एरिया के सीधे असर के कारण पश्चिमी मध्य प्रदेश में 5 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 6 और 7 सितंबर को भी इस इलाके में भारी बारिश जारी रहेगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 5 से 8 सितंबर के दौरान अधिकांश स्थानों पर बादल बरसेंगे और भारी बारिश दर्ज की जाएगी। छत्तीसगढ़ में 8 से 11 सितंबर के बीच मानसूनी बारिश में तेजी आएगी और भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि विदर्भ क्षेत्र में 11 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

बिहार, झारखंड और पूर्वी भारत में कैसा रहेगा मौसम

पूर्वी भारत के राज्यों में मानसूनी हलचल बनी रहेगी। बिहार में 5 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जिसके बाद 6 से 8 सितंबर और 11 सितंबर को भी अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश दर्ज हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 5 से 7 सितंबर और 11 सितंबर को मूसलाधार बारिश का अनुमान है। इसके अलावा गांगेय पश्चिम बंगाल में 8 और 9 सितंबर, झारखंड में 9 सितंबर तथा ओडिशा में 9 से 11 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 5 से 11 सितंबर के दौरान मध्यम से तेज बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा।

पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल, असम समेत सभी 7 राज्यों में मूसलाधार बारिश

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का असर अगले एक हफ्ते तक बेहद मजबूत रहने वाला है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 से 11 सितंबर के दौरान लगातार बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। इन सभी राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में 5 से 11 सितंबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है।

पश्चिमी और दक्षिण भारत का हाल: तेज हवाओं का दौर, बारिश धीमी

पश्चिम भारत में कोंकण और गोवा के इलाकों में 5 से 9 सितंबर तक अधिकांश स्थानों पर बारिश जारी रहेगी जबकि गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में 5 से 11 सितंबर के दौरान हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी। दक्षिण भारत की बात करें तो प्रायद्वीपीय हिस्सों में बारिश काफी सुस्त रहेगी।

तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, केरल, माहे, कर्नाटक, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तेलंगाना में 5 से 11 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, तमिलनाडु और आंतरिक कर्नाटक में 5 और 6 सितंबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और तूफानी झोंके आने की चेतावनी जारी की गई है।

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कल का मौसम: 5 सितंबर को इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! दिल्ली-यूपी से राजस्थान-एमपी तक जानिए कहां-कहां ऑरेंज कलर वॉर्निंग

IMD Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश लगातार जारी है और मौसम विभाग ने अगले दिन यानी 5 सितंबर के लिए कई राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 5 सितंबर को राजस्थान और मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में बारिश का दौर सबसे ज्यादा उग्र देखने को मिल सकता है। इसके चलते वहां ऑरेंज स्तर की चेतावनी जैसी स्थिति बनी हुई है। इसके साथ ही उत्तर भारत के मैदानी इलाकों, पहाड़ी राज्यों, बिहार और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मध्यम से भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है।

राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

5 सितंबर को देश में सबसे ज्यादा मौसमी हलचल पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में देखने को मिलेगी। मौसम विभाग ने इन दोनों क्षेत्रों के अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश के इलाकों में भी कई जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। पूरे मध्य प्रदेश और राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में दिनभर बादलों की गर्जना और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका बनी रहेगी। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

दिल्ली, यूपी, पंजाब-हरियाणा और उत्तराखंड का मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में भी 5 सितंबर को राहत मिलने के आसार नहीं हैं। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 5 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मूसलाधार बौछारें पड़ने का अनुमान है। मैदानी इलाकों में बारिश के साथ-साथ बादलों की कड़क और बिजली गिरने का अंदेशा बना हुआ है।

पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में 5 सितंबर को भारी बारिश होने के आसार हैं। उत्तराखंड में बारिश के साथ तेज गर्जना और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज तूफानी हवाओं के साथ बारिश और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार और पूर्वोत्तर भारत का वेदर रिपोर्ट

पूर्वी भारत के प्रमुख राज्यों में शामिल बिहार में 5 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। बिहार के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश के दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कई जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने और गरज के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है।

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का असर व्यापक रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट है। इन सभी पूर्वोत्तर राज्यों में दिनभर बिजली चमकने और आंधी-पानी की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

दक्षिण भारत में तेज हवाएं और समुद्र का मिजाज

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत की बात करें तो आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 सितंबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक के इलाकों में दिनभर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी। आंतरिक कर्नाटक और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बिजली चमकने की संभावना है।

उधर समुद्री सीमाओं और तटीय क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की आशंका है। सोमालिया तट से लगे पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

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Delhi NCR Weather: दिल्ली-NCR में बदला मौसम, आंधी-तूफान के साथ कई इलाकों में हुई झमाझम बारिश, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

Delhi NCR Weather: दिल्ली-NCR में शुक्रवार को अचानक से तेज आंधी तुफान के साथ गरज-चमक और झमाझम बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। ने लोगों को गर्मी से काफी राहत दी। मौसम विभाग ने राजधानी और आसपास के इलाकों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी कर दिया है। जिसके बाद दिल्ली और एनसीआर में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली के कई इलाकों के साथ-साथ ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में भी बारिश हुई है। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में मध्यम से तेज बारिश के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, अगर बारिश की स्थिति लगातार बनती है तो निचले इलाकों में पानी भरने और सड़कों पर यातायात की रफ्तार धीमी पड़ने की संभावना है। हालांकि, राहत की बात यह है कि जन्माष्टमी के चलते स्कूल-कॉलेज और तमाम दफ्तरों में छुट्टी होने के चलते सड़कों पर ट्रैफिक का कम दबाव रहेगा।

IMD के ताजा अपडेट के अनुसार, राजधानी के ज्यादातर हिस्सों में मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में भारी बारिश (50 से 100 मिमी) होने की आशंका है। बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

मौसम विभाग ने लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने और बेहद जरूरी होने पर ही बारिश के दौरान बाहर निकलने की सलाह दी है।

राजस्थान से उत्तर प्रदेश तक भी मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर मध्य प्रदेश और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही मानसून की अक्षीय रेखा भी सक्रिय है, जो श्रीगंगानगर से होते हुए इस निम्न दबाव वाले क्षेत्र तक पहुंच रही है। इन मौसमी सिस्टम का असर उत्तर भारत के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है।

राजस्थान के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सवाई माधोपुर के खंडार में सबसे ज्यादा 130 मिमी बारिश हुई।

इसके अलावा अलवर, भरतपुर, डीग, दौसा, धौलपुर, जयपुर, सीकर, भीलवाड़ा, अजमेर, करौली, टोंक, बारां, कोटा और झालावाड़ में भी हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली।

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मौसम से सावधान! MP और राजस्थान में लो-प्रेशर एरिया का सिस्टम एक्टिव, 10 सितंबर तक यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

India Weather Update: देश भर में इस वक्त अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी है और मानसून अपना विकट रूप दिखा रहा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में बताया है कि उत्तरी मध्य प्रदेश के मध्य भागों और उससे सटे दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक वेल मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया का मौसमी सिस्टम बना हुआ है। इसके अगले दो दिनों तक लगभग स्थिर रहने की संभावना है। इसके साथ ही एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के असर से मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और पहाड़ी राज्यों समेत देश के बड़े हिस्से में 10 सितंबर तक मूसलाधार बारिश, अंधड़ और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि अगले 6 से 7 दिनों के दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां धीमी बनी रहेंगी।

पिछले 24 घंटों की बात करें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में कई जगहों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

मध्य प्रदेश और राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसमी सिस्टम के सीधे प्रभाव की वजह से मध्य प्रदेश और राजस्थान में बारिश का जोर सबसे अधिक रहने वाला है। पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 4 और 5 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मध्य प्रदेश के पश्चिमी भागों में 4 से 6 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी और 6 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 7 से 10 सितंबर के दौरान बारिश कुछ हद तक हल्की पड़ सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 8 सितंबर के दौरान मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। वहीं छत्तीसगढ़ में 4 सितंबर और फिर 8 से 10 सितंबर के बीच भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

उत्तर भारत का मौसम: दिल्ली, यूपी, पंजाब-हरियाणा और पहाड़ी राज्यों में अलर्ट

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर भारी बारिश जारी रहने के आसार हैं। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 4 और 5 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि 6 सितंबर तक भारी बारिश के आसार बने रहेंगे। उत्तर प्रदेश में मानसून की चाल काफी मजबूत रहेगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 6 सितंबर के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 सितंबर के दौरान बारिश का दौर तेजी पकड़ेगा।

पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड में 4 से 10 सितंबर तक पूरे हफ्ते गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश में 4 और 5 सितंबर को भारी बारिश होगी। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 4 सितंबर को भारी बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान है।

 

पूर्वी भारत और बिहार में 10 सितंबर तक कैसा रहेगा वेदर?

पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां कई राज्यों को भिगोएंगी। बिहार में 5, 6 और 10 सितंबर को भारी बारिश के साथ व्यापक स्तर पर गरज-चमक का अलर्ट दिया गया है जबकि 7 से 9 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। झारखंड में 9 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है और 8 से 10 सितंबर तक बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4 से 8 सितंबर तक लगातार भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 4 सितंबर और 8-9 सितंबर को भारी बारिश के आसार हैं। ओडिशा में 9 और 10 सितंबर को बारिश का नया दौर शुरू होने का पूर्वानुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी 4 से 10 सितंबर के दौरान अच्छी बारिश और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत का हाल

पूर्वोत्तर भारत के लगभग सभी राज्यों में अगले एक सप्ताह तक तेज मानसूनी बारिश बनी रहेगी। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 4 से 10 सितंबर के दौरान भारी बारिश और बिजली गिरने का अंदेशा जताया गया है। पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 4 से 10 सितंबर के दौरान अधिकांश जगहों पर मध्यम से भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, सौराष्ट्र और कच्छ में हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होने की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 4 सितंबर को गरज-चमक और बिजली कड़कने की घटनाएं हो सकती हैं।

दक्षिण भारत में तेज हवाएं और बिजली कड़कने की चेतावनी

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में कुल मिलाकर बारिश कुछ हद तक शांत रहेगी लेकिन तटीय इलाकों और अंदरूनी हिस्सों में तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 4 और 5 सितंबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली चमकने की संभावना है। हवाओं की स्पीड बढ़कर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। उत्तरी और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 4 से 6 सितंबर तक 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। तटीय कर्नाटक में 4 से 10 सितंबर तक अच्छी बारिश होगी जबकि लक्षद्वीप में 9 और 10 सितंबर को व्यापक बारिश दर्ज की जा सकती है।

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Mausam 4 Sep: आज इन राज्यों में मूसलाधार बारिश! MP में ऑरेंज कलर अलर्ट जारी, जानें दिल्ली-यूपी से लेकर दक्षिण भारत तक के मौसम का हाल

India Weather Update: देश भर में मानसूनी गतिविधियों ने एक बार फिर गति पकड़ ली है और कई राज्यों में बादल जमकर बरस रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 4 सितंबर के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए मध्य भारत से लेकर उत्तर, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बने वेल मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया यानी कम दबाव का क्षेत्र के असर के चलते मध्य प्रदेश में बारिश का जोर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। यहां मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी के साथ ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों समेत देश के 15 से अधिक राज्यों में तेज आंधी, बादलों की गर्जना और भारी बारिश का अंदेशा जताया गया है।

मध्य प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट और मध्य भारत की स्थिति

मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश आज बारिश का मुख्य केंद्र बना हुआ है। राज्य के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं, जिसके चलते यहां ऑरेंज अलर्ट की स्थिति बनी हुई है। मध्य प्रदेश के अलावा पड़ोसी राज्यों छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी अलग-अलग स्थानों पर तेज बादलों की गर्जना और आकाशीय बिजली चमकने के साथ झमाझम बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। बारिश और बिजली गिरने के इस खतरे को देखते हुए लोगों को खुले क्षेत्रों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।

दिल्ली-यूपी और उत्तर भारत में मौसम का मिजाज

उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकतर हिस्सों में आज बादल छाए रहने और मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। उत्तर प्रदेश में भी मानसून काफी सक्रिय नजर आ रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाकों में मूसलाधार बौछारें पड़ने के संकेत हैं। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ-साथ बिजली कड़कने और पहाड़ी ढलानों पर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। राजस्थान में भी पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

IMD Weather (3)

पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम का कड़ा रुख देखने को मिल रहा है। बिहार, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने, बिजली चमकने और भारी बारिश होने का अलर्ट है। गांगेय पश्चिम बंगाल में भी बारिश और वज्रपात की आशंका बनी हुई है। इसके साथ ही अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में भी तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में आज अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश और बिजली चमकने का अंदेशा है।

दक्षिण और पश्चिमी भारत का वेदर अपडेट

दक्षिण भारत और तटीय इलाकों में मौसमी प्रभाव की बात करें तो तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडू, पुडुचेरी और कराईकल में आज अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। तेलंगाना और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में दिनभर मजबूत सतही हवाएं चलने की उम्मीद है।

पश्चिमी भारत में मध्य महाराष्ट्र के इलाकों में बिजली चमकने और बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं समुद्र में मौसम के मिजाज को देखते हुए सोमालिया तट से सटे पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और इसके बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। इसके चलते मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

यूपी का राजनीतिक भविष्यफल!

यूपी का राजनीतिक भविष्यफल!

क्या आप उत्तर प्रदेश से हैं? किसी राजनीतिक दल से आगामी विधानसभा चुनाव के लिए टिकटार्थी हैं? अगर हां, तो आपको किसी विरहन की तरह भादों की रातें भारी लगेंगी। 

 

क्वार में आसमान साफ होने तक आपकी स्थिति कुछ हद तक साफ होगी। फिर भी मुकम्मल तौर पर कुछ कहना मुश्किल है। इसलिए देवताओं की परिक्रमा करते रहिए। अपनी श्रद्धा के अनुसार दान-दक्षिणा भी देते रहिए।

 

त्रेता में बारिश के बाद ही लंका कांड हुआ था। भगवान श्रीराम उत्तर प्रदेश के अयोध्या से ही थे। अब कलयुग में इस बार उत्तर प्रदेश में क्या होगा, कहना संभव नहीं। सब कुछ रामजी की मर्जी पर है। अपने मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी से वह खुश हैं या नाराज, यह वक्त बताएगा।

 

हर दौर की तरह इस बार भी विभीषणों की चांदी रहेगी। इन दिनों विभीषण कुछ ज्यादा ही हैं, इसलिए मिलेंगे भी खूब। 

लेकिन ध्यान रखिए—ये त्रेता वाले विभीषण नहीं, कलयुग के विभीषण हैं। इनकी निष्ठा संदिग्ध रहेगी। ये विपक्ष यानी रावण का साथ छोड़कर आपके साथ आएं, यह जरूरी नहीं। मौका मिला तो आपको ही मरवाने की भूमिका में भी नजर आ सकते हैं। इसलिए इनसे दोस्ती करते समय सावधानी जरूरी है।

 

सावन-भादों में बारिश अच्छी हुई है और सिलसिला अभी जारी है। इससे मौसमी नेताओं यानी ‘मेंढकों’  की खुशी का ठिकाना नहीं। इनकी टर्र-टर्र अभी और बढ़ेगी। हालांकि इस पर बहुत ध्यान देने की जरूरत नहीं, क्योंकि टर्राना मेंढकों का स्वभाव है और मौसम बदलते ही इनकी आवाज भी बदल जाएगी।

 

भादों मौसम के बदलाव का प्रतीक है। कुछ दिनों में मानसून की वापसी शुरू होगी। उत्तर प्रदेश में भी राजनीतिक मौसम बदलेगा या नहीं, फिलहाल मुकम्मल तौर पर कुछ कहना मुश्किल है।

 

ग्लोबल वार्मिंग ने मौसम को जितना अप्रत्याशित बनाया है, उससे कहीं ज्यादा चुनावी राजनीति ने सियासी मौसम को। देश के सबसे बड़े सूबे में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए बढ़ता चुनावी तापमान आने वाले दिनों को और अस्थिर बनाएगा। 

 

इसलिए थोड़ा दिल थामकर इंतजार करिए। आने वाले दिनों में कई चेहरे बदलेंगे, कई मौसम बदलेंगे और कई भविष्यफल गलत साबित होंगे। लेकिन तब तक एक काम जरूर कर लीजिए—SIR के बाद यह जरूर देख लीजिए कि आप मतदाता हैं भी या नहीं!

MP समेत इन राज्यों में भी बरसेंगे बादल, IMD Weather Forecast- यूपी-दिल्ली-NCR में भारी बारिश का अलर्ट

MP समेत इन राज्यों में भी बरसेंगे बादल, IMD Weather Forecast- यूपी-दिल्ली-NCR में भारी बारिश का अलर्ट

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MD Weather Forecast September 4 : देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 4 सितंबर को उत्तर प्रदेश, दिल्ली-NCR, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक को लेकर चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

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मौसम विभाग के मुताबिक सक्रिय निम्न दबाव वाले सिस्टम के प्रभाव से पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिल सकती है।

 

उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

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4 सितंबर को उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। प्रदेश में कई स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बारिश का दौर आने वाले दिनों में भी जारी रह सकता है।

 

दिल्ली-NCR में फिर होगी बारिश

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दिल्ली-NCR के लोगों को 4 सितंबर को एक बार फिर बारिश का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने राजधानी और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक का अनुमान जताया है। दिल्ली के अलावा पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी बारिश होने की संभावना है। बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है।

 

मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश

 

मध्य प्रदेश में भी मानसून की सक्रियता बनी रहने की संभावना है। IMD के मुताबिक पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश हो सकती है।

 

पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के बीच गरज-चमक और बहुत भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मध्य प्रदेश के अलावा विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी 9 सितंबर तक व्यापक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

 

उत्तराखंड और हिमाचल में भी भारी बारिश

 

उत्तराखंड में 4 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ अचानक तेज बारिश होने से स्थानीय स्तर पर परेशानी बढ़ सकती है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रा करने वालों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।

 

बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश

 

बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश होने की संभावना है।

 

राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में कैसा रहेगा मौसम?

 

राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पंजाब और हरियाणा में भी बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में बारिश का दौर 9 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर जारी रह सकता है।

 

दक्षिण भारत में भी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

 

दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक और लक्षद्वीप में व्यापक बारिश की संभावना है आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना में गरज-चमक के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

 

4 सितंबर को किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट?

 

IMD के पूर्वानुमान के अनुसार 4 सितंबर को इन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है:

 

  • पूर्वी मध्य प्रदेश: भारी से बहुत भारी और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश
  • पश्चिमी मध्य प्रदेश: भारी से बहुत भारी बारिश
  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश: भारी से बहुत भारी बारिश
  • अरुणाचल प्रदेश: भारी से बहुत भारी बारिश
  • जम्मू-कश्मीर: भारी बारिश
  • हिमाचल प्रदेश: भारी बारिश
  • उत्तराखंड: भारी बारिश
  • पंजाब: भारी बारिश
  • हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: भारी बारिश
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश: भारी बारिश
  • पूर्वी राजस्थान: भारी बारिश
  • छत्तीसगढ़: भारी बारिश
  • विदर्भ: भारी बारिश
  • बिहार: भारी बारिश
  • पश्चिम बंगाल और सिक्किम: भारी बारिश
  • असम और मेघालय: भारी बारिश
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: भारी बारिश

कल का मौसम: 4 सितंबर को इन इलाकों में नहीं थमेगी बारिश! MP में बहुत भारी बारिश संग दिल्ली-UP समेत कई राज्यों में अलर्ट

Weather Update for September 4: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी रफ्तार से बरस रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक 4 सितंबर को देश के कई राज्यों में बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं लेगा। मध्य प्रदेश समेत उत्तर भारत, पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही देश के तटीय और दक्षिणी हिस्सों में तेज तूफानी हवाएं और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

मध्य प्रदेश में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

मध्य प्रदेश के लोगों को 4 सितंबर को मौसम के कड़े मिजाज का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही राज्य में बारिश के दौरान कुछ जगहों पर बादलों की गरज के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को जलभराव और नदी-नालों के उफान से सतर्क रहने की सलाह दी है।

दिल्ली, यूपी, पंजाब-हरियाणा और उत्तराखंड का मौसम

उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में 4 सितंबर को झमाझम बारिश होने के आसार हैं। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 4 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब और पूर्वी राजस्थान में भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। राजस्थान में बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट है।

पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है। उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।

पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत: बिहार और बंगाल में बारिश का अलर्ट

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम का असर खासा देखने को मिलेगा। बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4 सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। बिहार, झारखंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में बारिश के दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है। गांगेय पश्चिम बंगाल में भी गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं।

पूर्वोत्तर के राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कल भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। इन सभी राज्यों में बिजली गिरने और गरज के साथ बारिश होने की आशंका बनी हुई है।

दक्षिण और पश्चिमी भारत में तेज हवाओं का प्रकोप

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश के साथ-साथ तेज सतही हवाओं की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने का अलर्ट है। तेलंगाना, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की उम्मीद है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक के इलाकों में दिनभर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

करपुरहत

पश्चिम भारत के मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ क्षेत्रों में भी कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने का अनुमान है। इसके अलावा अरब सागर में सोमालिया तट से लगे पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। इनकी स्पीड बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

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Mausam Update 3 Sep: दिल्ली-यूपी से बिहार तक मूसलाधार बारिश का अलर्ट, MP में रेड कलर वॉर्निंग! आज इन राज्यों में मौसम का तांडव

IMD Heavy Rain Alert: देश भर में मानसून एक बार फिर अपने प्रचंड रूप में आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 सितंबर के लिए मौसम की एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। समें देश के कई हिस्सों में आफत की बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बहुत ज्यादा मूसलाधार बारिश को लेकर रेड अलर्ट जैसी स्थिति बनी हुई है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी, पश्चिमी यूपी, विदर्भ और बंगाल भी प्रभावित

मध्य भारत के इलाकों में आज बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है। इसके अलावा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विदर्भ और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के दूर-दराज के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इन क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा गहरा गया है।

दिल्ली-एनसीआर, बिहार, पंजाब और पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के राज्यों में भी आज मौसम के कड़े तेवर देखने को मिल सकते हैं। IMD के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही पूर्वी भारत के राज्य बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी तेज बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई जगहों पर मध्यम से भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।

गरज-चमक के साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली का खतरा

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने को लेकर भी लोगों को सतर्क किया है। आंध्र प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज झोंकेदार हवाओं के साथ आंधी और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है। आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फरबाद के क्षेत्रों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल व सिक्किम और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने को लेकर चेतावनी जारी की गई है। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में मजबूत सतही हवाएं भी चल सकती हैं।

तटीय इलाकों और समुद्र में मौसम रहेगा खतरनाक, मछुआरों के लिए अलर्ट

समुद्री इलाकों में भी हवा का रुख बेहद उग्र रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर में सोमालिया तट के पास और उससे सटे पश्चिम-मध्य व दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इनकी गति बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बंगाल की खाड़ी में मन्नार की खाड़ी से सटे दक्षिण तमिलनाडु तट और दक्षिण श्रीलंका तट से लगे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के इलाकों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंके आने की आशंका है। IMD ने मछुआरों को इन खतरनाक समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है।

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Simple Wave इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च, मिलेगा 70L स्टोरेज और 243km रेंज, जानें कीमत और फीचर्स

Simple Wave Electric Scooter: Simple Energy ने अपना पहला फैमिली-ओरिएंटेड इलेक्ट्रिक स्कूटर ‘Wave’ लॉन्च कर दिया है। इसकी शुरुआती कीमत ₹1.10 लाख (एक्स-शोरूम) है और इसके टॉप-एंड मॉडल ‘Wave+’ की रेंज एक बार चार्ज करने पर 243km है। फैमिली स्कूटर खरीदने वाले भारतीय ग्राहकों के लिए, यह कीमत इस सेगमेंट की लीडर कंपनियों को सीधी टक्कर देती है। साथ ही, इसमें कुल 70 लीटर तक का स्टोरेज स्पेस मिलता है, जिसमें 4 लीटर का एक खास Auxiliary ‘Pill’ कम्पार्टमेंट भी शामिल है। यह एक ऐसा फीचर है जो ज्यादातर दूसरी कंपनियों के स्कूटर में नहीं मिलता है।

Simple Energy ने Wave को तीन वेरिएंट और कुल छह मॉडल में पेश किया है। इनमें 2.2kWh से लेकर 5kWh तक की चार अलग-अलग बैटरी क्षमता के विकल्प मिलते हैं। कंपनी के मुताबिक, इसकी डिलीवरी सितंबर के आखिरी हफ्ते से शुरू होगी।

Simple Wave Electric Scooter: कीमत और बैटरी विकल्प

Wave Electric Scooter लाइनअप को Wave S, Wave और Wave+ में बांटा गया है। ये मॉडल बैटरी साइज, डिस्प्ले टाइप और कनेक्टेड फीचर्स के आधार पर 6 अलग-अलग वर्जन में आते हैं। बेस मॉडल ‘Wave S EBN’ में 2.2kWh की बैटरी और 6.03hp की मोटर है, जिससे 110km (IDC) की रेंज मिलती है। वहीं, 2.7kWh और 3.7kWh बैटरी पैक वाले मॉडल में ज्यादा पावरफुल 8.58hp की मोटर मिलती है, जिससे रेंज क्रमशः 132km और 171km हो जाती है।

‘Wave+’ इस रेंज का टॉप मॉडल है, जिसमें kWh की बैटरी मिलती है और कंपनी 243 किलोमीटर IDC रेंज का दावा करती है। इसकी टॉप स्पीड 90km/h है, जबकि इसमें 179Nm का व्हील टॉर्क मिलता है। बताई गई सभी कीमतें शुरुआती हैं और Simple Energy ने यह कन्फर्म नहीं किया है कि अलग-अलग वेरिएंट की कीमतें बढ़ने से पहले ये शुरुआती कीमतें कितने समय तक लागू रहेंगी।

Simple Wave Electric Scooter: चार्जिंग, चेसिस और पानी में चलने की क्षमता

इसके टॉप वेरिएंट को 0 से 80% तक फास्ट चार्ज होने में लगभग 2 घंटे 15 मिनट लगते हैं, जबकि सभी वेरिएंट्स के साथ घर पर रेगुलर चार्जिंग के लिए 750W का पोर्टेबल चार्जर मिलता है। यह स्कूटर ट्यूबलर स्टील फ्रेम पर बना है, जिसमें टेलीस्कोपिक फ्रंट फोर्क्स और ट्विन रियर शॉक्स दिए गए हैं। इसमें 12-इंच के अलॉय व्हील्स के साथ-साथ फ्रंट डिस्क और रियर ड्रम ब्रेक का सेटअप है, जिसमें कंबाइंड ब्रेकिंग सिस्टम भी मिलता है। इसका ग्राउंड क्लीयरेंस 175mm है और यह 300mm गहरे पानी में भी चल सकता है। यह उन खरीदारों के लिए बहुत काम की बात है जो मानसून के दौरान बाढ़ की संभावना वाले भारतीय शहरों में रहते हैं।

स्टोरेज, डिस्प्ले और उपलब्धता

Simple Wave की सबसे खास बात इसका स्टोरेज स्पेस है। स्कूटर में कुल 70 लीटर तक का स्टोरेज मिलता है। इसमें सीट के नीचे 63 लीटर का स्टोरेज, 3 लीटर का ग्लव बॉक्स और नया 4 लीटर का Pill यूनिट शामिल है। हालांकि, Simple Energy ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि Pill यूनिट को स्कूटर में कहां लगाया गया है और इसका इस्तेमाल किस तरह किया जाएगा।

इसके हायर वेरिएंट्स में 7 इंच का TFT डिस्प्ले दिया गया है। इसमें GPS ट्रैकिंग, OTA अपडेट और हिल-होल्ड असिस्ट जैसे फीचर्स मिलते हैं। वहीं, बेस वेरिएंट्स में 5 इंच का EBN डिस्प्ले दिया गया है।

Simple Wave की बुकिंग अभी Simple Energy के आउटलेट्स और कंपनी की वेबसाइट पर शुरू हो गई है। इसकी डिलीवरी सितंबर के आखिरी हफ्ते से शुरू होने की उम्मीद है।

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