संसद के सत्रावसान में देरी का नया रिकॉर्ड

भाजपा संसद के दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत की तलाश कर रही है। इस बीच संसद के दोनों सदनों के सत्रावसान का नया रिकॉर्ड बन गया है। ऐसा लग रहा है जिस तरह से क्रिकेट में विराट कोहली सारे रिकॉर्ड तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, यहां तक कि सबसे ज्यादा बार जीरो पर आउट होने के रिकॉर्ड के भी नजदीक पहुंच गए हैं, वैसे ही भाजपा भी अच्छे, बुरे सारे रिकॉर्ड तोड़ देना चाहती है। उसने संसद के दोनों सदनों के सत्रावसान में देरी का रिकॉर्ड़ तोड़ दिया है।

इससे पहले राजीव गांधी की सरकार के समय 1989 में संसद के दोनों सदनों का 53 दिन तक सत्रावसान नहीं हुआ था। अभी मानसून सत्र अनिश्चितकाल तक स्थगित हुए 55 दिन हो गए हैं और सत्रावसान नहीं हुआ है। हालांकि एक सदन के सत्रावसान में देरी का रिकॉर्ड अब भी कांग्रेस के नाम ही है। 2008 में मनमोहन सिंह की सरकार के समय लोकसभा का सत्रावसान 86 दिन तक नहीं किया गया था। उससे पहले का रिकॉर्ड राजीव गांधी की सरकार के नाम था। 1987 में 75 दिन तक लोकसभा का सत्रावसान नहीं हुआ था। देखना है कि भाजपा वह रिकॉर्ड तोड़ पाती है या नहीं। गौरतलब है कि संसद के शीतकालीन सत्र का भी समय नजदीक आता जा रहा है। हालांकि कहा जा रहा है कि इसी महीने संसद का विशेष सत्र बुलाया जा सकता है।

Barapullah flyover jam: बारापुला फेज-III फ्लाईओवर पर क्यों लग रहा है भारी जाम? अब नए सिरे से डिजाइन पर होगा काम

Barapullah Phase-III flyover traffic jam: राजधानी दिल्ली में गाड़ी चलाने वाले हाल ही में खुले बारापुल्ला फ़ेज़-III एलिवेटेड कॉरिडोर की तरफ न जाएं, क्योंकि सनडायल पार्क मर्जर पॉइंट और सराय काले खां के पास भारी जाम की सूचना है। फ्लाईओवर के तीन लेन वाले हिस्से को दो लेन वाले मौजूदा कॉरिडोर से जोड़ने वाले मर्जर पॉइंट पर कई दिनों से बहुत ज्यादा जाम की समस्या हो रही है। ट्रैफिक पुलिस ने इस डिजाइन को लेकर PWD विभाग से तुरंत बदलाव करने की मांग की है। तीन लेन वाला बारापुला फेज-III फ्लाईओवर सुंदरियाल पार्क के पास दो लेन वाले रूट में मिल रहा है। जबकि दो अन्य तीन लेन वाले रास्तों का ट्रैफिक भी इसी जगह आकर मिल रहा है, जिससे जाम की समस्या बढ़ रही है।

जंक्शन को फिर से डिजाइन करने का सुझाव

अधिकारियों ने बताया कि जाम की समस्या को कम करने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इस जंक्शन को फिर से डिजाइन करने का सुझाव दिया है। ट्रैफिक पुलिस ने लोक निर्माण विभाग (PWD) से फेज-तीन फ्लाईओवर के मौजूदा बारापुला मार्ग से जुड़ने वाले स्थान में तत्काल बदलाव करने को कहा है। पुलिस का कहना है कि जंक्शन का तीखा और अचानक बना डिजाइन व्यस्त मार्ग पर जाम की समस्या को और बढ़ा रहा है।

बारापुला फेज-तीन फ्लाईओवर को पिछले सप्ताह लोगों के लिए खोला गया था। लेकिन इसके खुलने के तुरंत बाद जुड़ने वाले नए मार्ग पर ट्रैफिक की स्थिति खराब हो गई। अधिकारियों ने कहा कि सफदरजंग अस्पताल और सराय काले खां के बीच करीब आठ किलोमीटर की दूरी तय करने में वाहन चालकों को एक घंटे से अधिक समय लग रहा था।

ट्रैफिक पुलिस ने पीडब्ल्यूडी को भेजे पत्र में कहा कि इस व्यवस्था के कारण भारी जाम लग रहा है। पुलिस द्वारा कराए गए ड्रोन सर्वेक्षण में जंक्शन पर समस्या की स्थिति सामने आई, जहां सीमित सड़क चौड़ाई में कई दिशाओं से आ रहा ट्रैफिक एक ही स्थान पर मिल रहा है।

फ्लाईओवर पर हैं तीन लेन

फेज-तीन फ्लाईओवर पर तीन लेन हैं। इसी स्थान पर सुंदरियाल की ओर से सराय काले खां और रिंग रोड की तरफ आने वाला ट्रैफिक कॉरिडोर में मिलता हैं। इसके अलावा आश्रम और डीएनडी की ओर से आने वाला ट्रैफिक भी मौजूदा बारापुला गलियारे से मिलता है। पत्र में कहा गया है कि इससे ट्रैफिक अचानक एक-दूसरे में मिल जाता है और जंक्शन पर ट्रैफिक का मर्जर पॉइंट बन जाता है।

ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि नया फ्लाईओवर सुंदरियाल के पास मौजूदा फ्लाईओवर से सीधे और तीखे मोड़ के साथ जुड़ रहा है। जबकि यहां सहज घुमाव होना चाहिए था। ट्रैफिक पुलिस ने पीडब्ल्यूडी से फ्लाईओवर के जुड़ने वाले स्थान को फिर से डिजाइन करने को कहा है।

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मोदी मंत्रिमंडल में वैकेंसी बढ़ रही है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कब अपनी सरकार में फेरबदल करेंगे इसका सस्पेंस बढ़ता जा रहा है। लेकिन जब भी संगठन में बदलाव हो रहा है या राज्यसभा के चुनाव हो रहे हैं तो सरकार में नई वैकेंसी बन जा रही है। तीन मंत्रियों के इस्तीफे हुए हैं, तीन मंत्री संगठन में गए हैं और दो मंत्रियों की राज्यसभा रिन्यू नहीं हुई है। इस तरह आठ वैकेंसी बन गई है। हालांकि इस वैकेंसी को भरने की जल्दी प्रधानमंत्री को नहीं दिख रही है। इस बार उत्तर प्रदेश की आठ सीटों के लिए भाजपा ने अपने उम्मीदवारों का ऐलान किया तो मोदी सरकार में दो और वैकेंसी बनने का रास्ता साफ हुआ। भाजपा ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा को टिकट नहीं दी। हालांकि अभी दोनों का कार्यकाल समाप्त नहीं हुआ है। कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी छह महीने तक दोनों मंत्री बनी रह सकते हैं। लेकिन उसके बाद भी राज्यसभा या लोकसभा की कोई वैकेंसी नहीं है, जहां से इन दोनों को संसद पहुंचाया जाएगा। इसलिए इस्तीफा तो होना है। सिर्फ समय की बात है कि कब इस्तीफा होता है।

इससे पहले भाजपा ने संगठन में फेरबदल किया तो उससे भी वैकेंसी क्रिएट हुई। नितिन नबीन की टीम में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। वे दोहरी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। हालांकि जानकार सूत्रों का कहना है कि उनके लिए अपवाद बनाया जा सकता है। यानी वे सरकार और संगठन दोनों जगह रह सकते हैं। लेकिन यह छूट शायद हर्ष मल्होत्रा और पंकज चौधरी को नहीं मिले। कुछ समय पहले हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। हालांकि यह किसी को समझ में नहीं आया कि वीरेंद्र सचदेवा को क्यों हटाया गया। राज्य में कोई चुनाव भी नहीं था। फिर भी एक पंजाबी को हटा कर दूसरा पंजाबी अध्यक्ष बनाया गया। मल्होत्रा सरकार में मंत्री बने हुए हैं। उत्तर प्रदेश में चुनाव था और सामाजिक समीकरण के हिसाब से जाट नेता भूपेंद्र सिंह को हटा कर पिछड़ी जाति से आने वाले पंकज चौधरी को अध्यक्ष बनाया गया। वे भी केंद्र में मंत्री बने हुए हैं।

इससे पहले अप्रैल में जब राज्यसभा के दोवार्षिक चुनाव हुए तब रिटायर हो रहे दो सदस्यों को दोबारा टिकट नहीं मिली। पंजाब के रवनीत सिंह बिट्टू राजस्थान से राज्यसभा गए थे। उनका कार्यकाल खत्म हुआ तो उनको पंजाब भेजा गया है। बताया जा रहा है कि वे वहां से विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे। इसी तरह केरल के रहने वाले जॉर्ज कुरियन को मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजा गया था। लेकिन उनका भी कार्यकाल रिन्यू नहीं हुआ। बाद में दोनों ने मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया। कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के बाद तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ। इस तरह तीन मंत्रियों को इस्तीफे हो चुके हैं। पीयूष गोयल, पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा संगठन में जिम्मेदारी निभा रहे हैं। और अब हरदीप सिंह पुरी व बीएल वर्मा का कार्यकाल रिन्यू नहीं हुआ है। इस तरह मोदी सरकार में आठ वैकेंसी बन गई है। अब अगर मोदी अपनी सरकार से किसी को नहीं भी हटाते हैं तो आठ से 10 लोगों को मंत्री बना सकते हैं। जानकार सूत्रों का कहना है कि अभी मंत्रिपरिषद में तुरंत बदलाव होता नहीं दिख रहा है। महिला  आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन के बारे में कोई फैसला होने के बाद ही मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। ध्यान रहे सरकार ने अभी तक संसद के मानसून सत्र का सत्रावसान नहीं किया है। कहा जा रहा है दो तिहाई बहुमत जुटाने के लिए बातचीत चल रही है।

पश्चिमी विक्षोभ का बड़ा असर! IMD ने दिल्ली-यूपी से लेकर पहाड़ों तक दिया बारिश का अलर्ट, जानें कैसा रहेगा आपके राज्य का मौसम

IMD Rain Forecast: देश भर से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया के बीच एक नया और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के मौसम में भारी उथल-पुथल मचा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा मंगलवार 6 अक्टूबर की दोपहर जारी वेदर बुलेटिन के मुताबिक इस पश्चिमी विक्षोभ के असर से 10 अक्टूबर तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में बारिश और तेज आंधी का सिलसिला शुरू हो चुका है।

बीते 24 घंटों के दौरान मौसम के मिजाज की बात करें तो तमिलनाडु में अलग-अलग जगहों पर 12 से 20 सेमी तक अत्यधिक भारी बारिश हुई है। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और बिहार में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश हुई है।

उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर: दिल्ली, यूपी और पंजाब में 60 kmph की आंधी

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में ट्रफ रेखा के रूप में बना हुआ है। इसके साथ ही दक्षिण हरियाणा पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है, जबकि एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश पर सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 6 अक्टूबर को भारी बारिश और बर्फबारी का अनुमान है, जबकि 7 से 12 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश जारी रहेगी। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 6 से 12 अक्टूबर तक बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी।

मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 से 7 अक्टूबर के दौरान और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 अक्टूबर तक 40 से 50 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने और बारिश होने का अलर्ट है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 6 अक्टूबर को दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश में पृथक स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 11 और 12 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान तथा 12 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान में भी हल्की बारिश हो सकती है।

मध्य भारत और पूर्वी राज्यों में भारी बारिश और तूफानी हवाएं

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के इलाकों में भी मौसमी चक्र सक्रिय है। 6 अक्टूबर को पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। 6 और 7 अक्टूबर को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वी भारत में बिहार और झारखंड में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान और ओडिशा में 6 से 12 अक्टूबर तक बारिश होने की संभावना है। बिहार में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वोत्तर भारत और तटीय इलाकों में उथल-पुथल

पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश तेज रहेगी। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 6 अक्टूबर को भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 6 और 7 अक्टूबर को भारी बारिश के साथ बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है।पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 6 और 7 अक्टूबर को बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है, जिसके बाद मौसम में सुधार देखने को मिलेगा।

दक्षिण भारत में जारी रहेगा मूसलाधार बारिश का दौर

दक्षिण भारत के राज्यों में समुद्र और धरातल के ऊपर एक साथ कई चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र सक्रिय हैं। एक चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण केरल तट के पास दक्षिण-पूर्व अरब सागर पर और दूसरा उत्तरी तमिलनाडु पर बना हुआ है। इसके साथ ही मन्नार की खाड़ी से मध्य महाराष्ट्र तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। इनके असर से केरल व माहे में 6 से 11 अक्टूबर के दौरान काफी बारिश होगी।

केरल और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 6 अक्टूबर और 8 से 10 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का नया दौर आएगा। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 6 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज हो सकती है। तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 6 से 8 अक्टूबर तक दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

RBI क्या 7 अक्तूबर को बढ़ाएगा इंटरेस्ट रेट, क्या होम लोन, कार लोन सहित दूसरे लोन होंगे महंगा ?

आरबीआई 7 अक्तूबर यानी बुधवार को अपनी मॉनेटरी पॉलिसी का ऐलान करेगा। मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) की मीटिंग 5 अक्तूबर को शुरू हुई। इसके नतीजे बुधवार को आएंगे। सवाल है कि क्या केंद्रीय बैंक इसमें रेपो रेट बढ़ाने का ऐलान करेगा?

रेपो रेट एक चौथाई-फीसदी बढ़ सकता है

इकोनॉमिस्ट्स का मानना है कि RBI 7 अक्तूबर को रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स यानी एक चौथाई-फीसदी बढ़ा सकता है। इसकी वजह यह है कि रिटेल इनफ्लेशन लगातार बीते कई महीनों से केंद्रीय बैंक के 4 फीसदी के तय लक्ष्य से ऊपर बना हुआ है। मध्यपूर्व में अमेरिका-ईरान की लड़ाई की वजह से क्रूड की कीमतों में उछाल आया है। इसने इनफ्लेशन पर दबाव बढ़ाया है।

फेडरल रिजर्व ने बढ़ाया था इंटरेस्ट रेट

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स में ग्लोबल चीफ इकोनॉमिस्ट्स पॉल ग्रुएनवाल्ड ने कहा कि आरबीआई उन केंद्रीय बैंकों की लिस्ट में शामिल है सकता है, जिन्होंने महंगाई को बढ़ने से रोकने के लिए इंटरेस्ट रेट बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि, उनका मानना है कि दुनिया में इंटरेस्ट रेट में होने वाली वृद्धि सीमित रहेगी।

दिसंबर में भी बढ़ सकता है रेपो रेट 

क्रिसिल के चीफ इकोनॉमिस्ट डी के जोशी का भी मानना है कि आरबीआई अक्तूबर की पॉलिसी में रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ा सकता है। हालांकि, उनका कहना है कि फिर दिसंबर की पॉलिसी में भी इंटरेस्ट रेट बढ़ने की काफी उम्मीद है। उसके बाद इंटरेस्ट रेट में वृद्धि इकोनॉमी से जुड़े डेटा पर निर्भर करेगी।

अगले साल आर्थिक डेटा पर निर्भर करेगी वृद्धि

जोशी ने कहा, “हमारा मानना है कि इंटरेस्ट रेट में वृद्धि दिसंबर में भी होगी। उसके बाद इसके बढ़ने की कम उम्मीद है। हालांकि, यह इकोनॉमी से जुड़े डेटा पर निर्भर करेगा।” उनका मानना है कि केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट में आक्रामक वृद्धि का साइकिल शुरू करने की जगह नापतौल कर इस बारे में फैसला लेगा।

अगस्त की पॉलिसी के बाद हुए हैं तीन बड़े बदलाव 

उन्होंने अगस्त की आरबीआई की पॉलिसी के बाद हुए तीन बदलावों का जिक्र किया। मानसून की बारिश कम हुई है और असमान रही है। पश्चिम एशिया में स्थिति गंभीर हुई है। ऑयल की कीमतें हाई लेवल पर बनी हुई हैं। इस बीच. पहली तिमाही में देश में जीडीपी की ग्रोथ आरबीआई की उम्मीद से ज्यादा रही है।

इनफ्लेशन पर दबाव जारी रहने के आसार 

उपर्युक्त वजहों से इनफ्लेशन पर दबाव बना रह सकता है। अमेरिका और भारत के इंटरेस्ट रेट के बीच घटता फर्क दूसरी ब़ड़ी वजह है, जिसका असर पॉलिसी से जुड़े आरबीआई के फैसले पर पड़ सकता है। जोशी ने कहा कि 10 साल की भारत और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के बीच का फर्क घटकर 190 बेसिस प्वाइंट्स रह गया है, जो तीन साल पहले करीब 450 बेसिस प्वाइंट्स था। फेडरल रिजर्व भी इस महीने के आखिर में पॉलिसी का ऐलान करेगा। वह लगातार दूसरी बार इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है।

रिटेल इनफ्लेशन अगस्त में 4.82 फीसदी पहुंचा

भारतीय युवा शक्ति ट्रस्ट की फाउंडिंग और मैनेजिंग ट्रस्टी लक्ष्मी वेंकटरमण ने कहा कि अगस्त में भारत में रिटेल इनफ्लेशन बढ़कर 4.82 फीसदी पर पहुंच गया। यह जुलाई में 4.45 फीसदी था। हालांकि, इंडस्ट्रियल आउटपुट जुलाई के 6.7 फीसदी से बढ़कर अगस्त में 8 फीसदी रहा। ऐसे में दोनों के बीच बैलेंस जरूरी है। उन्होंने कहा कि आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी का फोकस मैक्रोइकोनॉमिक स्टैबिलिटी पर होगा। हालांकि, केंद्रीय बैंक की कोशिश कर्ज तक आसान पहुंच बनाए रखने पर भी होगी।

Stocks to Watch: 6 अक्टूबर को फोकस में रहेंगे ये 10 स्टॉक्स, वेदांता से लेकर ट्रेंट तक शामिल

Stocks to Watch: मंगलवार 6 अक्टूबर के कारोबार में कई शेयरों पर खास नजर रहेगी। इन कंपनियों से जुड़ी ताजा खबरें और बिजनेस अपडेट सामने आए हैं। इनमें बैंकिंग, मेटल, रिटेल और हेल्थकेयर सेक्टर के स्टॉक्स शामिल हैं। वेदांता से लेकर Trent तक कुल 10 शेयर फोकस में रहेंगे।

Axis Bank

बैंकिंग सेक्टर की Axis Bank ने दूसरी तिमाही में मजबूत ग्रोथ दर्ज की है। बैंक का ग्रॉस एडवांस तिमाही आधार पर 8.8% और साला आधार पर 22.7% बढ़कर ₹13.84 लाख करोड़ हो गया। कुल डिपॉजिट 5.8% तिमाही आधार पर और 20.7% सालाना आधार पर बढ़कर ₹14.52 लाख करोड़ रहा।

Vedanta

माइनिंग और मेटल कंपनी Vedanta के बोर्ड की बैठक 8 अक्टूबर को होगी। इसमें वित्त वर्ष 2026-27 के पहले अंतरिम डिविडेंड पर विचार किया जाएगा। कंपनी ने डिविडेंड के लिए 14 अक्टूबर को रिकॉर्ड डेट तय की है।

Godrej Consumer Products

कंज्यूमर गुड्स सेक्टर की Godrej Consumer Products को Q2FY27 में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है। कंपनी ने कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू में हाई-टीन्स ग्रोथ, वॉल्यूम में हाई-सिंगल डिजिट और EBITDA में डबल डिजिट ग्रोथ का अनुमान दिया है। कंपनी ने कहा कि कमजोर मानसून और महंगाई का खपत पर असर पड़ा।

Kotak Mahindra Bank

प्राइवेट सेक्टर के Kotak Mahindra Bank के नेट एडवांस दूसरी तिमाही के अंत में 24.7% YoY बढ़कर ₹5.77 लाख करोड़ हो गए। CASA डिपॉजिट 11.3% बढ़कर ₹2.49 लाख करोड़ रहा। कुल डिपॉजिट 23.2% बढ़कर ₹6.51 लाख करोड़ हो गया।

IndusInd Bank

इंडसइंड बैंक ने सितंबर तिमाही का मिलाजुला बिजनेस अपडेट जारी किया है। बैंक के नेट एडवांसेज 11.2% बढ़कर ₹3.62 लाख करोड़ हो गए। डिपॉजिट 10.1% बढ़कर ₹4.29 लाख करोड़ रहा, जबकि CASA रेशियो 29.4% से घटकर 28% हो गया।

IDFC FIRST Bank

IDFC फर्स्ट बैंक ने सितंबर तिमाही में लोन और एडवांस 20.4% बढ़कर ₹3,13,864 करोड़ होने की जानकारी दी है। कुल डिपॉजिट 17% बढ़कर ₹3,23,697 करोड़ रहा। CASA रेशियो 51.3% रहा, जो एक साल पहले 50.1% था।

Trent

टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी Trent का सितंबर तिमाही में स्टैंडअलोन रेवेन्यू 23% YoY बढ़कर ₹5,788 करोड़ हो गया। तिमाही के दौरान कंपनी ने 10 Westside और 17 Zudio स्टोर खोले। 30 सितंबर 2026 तक कुल स्टोर की संख्या 1,342 हो गई।

Juniper Hotels

हॉस्पिटैलिटी कंपनी Juniper Hotels ने Imagicaaworld Entertainment के साथ बाध्यकारी MoU किया है। इसके तहत कंपनी महाराष्ट्र के खोपोली में Novotel Imagicaa होटल का ऑपरेशन हासिल करेगी। 287 कमरों वाला यह होटल करीब 11 एकड़ में फैला है और सौदे की कीमत ₹248 करोड़ है।

Narayana Hrudayalaya

हेल्थकेयर कंपनी Narayana Hrudayalaya ने Mission of Mercy Hospital & Research Centre और The Assemblies of God of North India के साथ समझौता किया है। कंपनी कोलकाता के पार्क स्ट्रीट स्थित अस्पताल का लंबे समय के लिए ऑपरेशन और मैनेजमेंट संभालेगी। अस्पताल में 100 बेड हैं और यह करीब 63,240 वर्ग फुट में फैला है।

GAIL

सरकारी गैस कंपनी GAIL ने राजीव कुमार को नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो गई है।

Trent Q2 Update: टाटा की कंपनी का रेवेन्यू 23% बढ़कर ₹5788 करोड़ पहुंचा, Zudio के स्टोर 1000 के पार

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

कल का मौसम: दिल्ली-NCR, पंजाब और यूपी में आंधी का अलर्ट! वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से 6 अक्टूबर को इन इलाकों में बदलेगा मौसम

Weather Update: देश भर में मानसून की औपचारिक विदाई के बीच एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के मौसम पर असर दिखाने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा मंगलवार 6 अक्टूबर के लिए जारी ताजा मौसम अलर्ट के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज अचानक बदलने जा रहा है। 6 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की गंभीर चेतावनी दी गई है। दूसरी ओर, दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी प्रणालियों के असर से मूसलाधार बारिश का सिलसिला कल भी जारी रहने वाला है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और उत्तर भारत के पहाड़ों में 50 kmph की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

उत्तर भारत में एक्टिव हो रहे नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का सबसे ज्यादा असर मैदानी और पहाड़ी इलाकों के आसमान पर देखा जाएगा। मौसम विभाग के मुताबिक 6 अक्टूबर को दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR), हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर (लद्दाख सहित) के अलग-अलग इलाकों में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश (पूर्वी व पश्चिमी) और मध्य प्रदेश के विदर्भ व पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में भी बादलों की गर्जना और बिजली चमकने का अनुमान जताया गया है।

केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी बारिश की चेतावनी

दक्षिण भारत के राज्यों में चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ रेखाओं की वजह से बारिश का जोर बना हुआ है। 6 अक्टूबर को दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के तीन राज्यों में भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है। केरल और माहे में भारी बारिश हो सकती है। राज्य के दक्षिणी आंतरिक जिलों में गरज-चमक के साथ भारी पानी गिरने के आसार हैं। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में तेज मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी।

बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल में 40 किमी/घंटे की गति से चलेंगी हवाएं

पूर्वी भारत के राज्यों में भी मौसमी हलचल बनी रहेगी। तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल व सिक्किम (उप-हिमालयी व गांगेय क्षेत्र) में आकाशीय बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। तटीय आंध्र प्रदेश के निचले और मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी। इसके अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ-साथ छत्तीसगढ़, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी पृथक स्थानों पर बिजली चमकने की संभावना जताई गई है।

El Nino Impact: अक्टूबर में क्यों झुलस रही मुंबई-दिल्ली? क्या अल-नीनो है बढ़ती गर्मी की वजह, जानें

देश के कई हिस्सों से मानसून की विदाई हो चुकी है। वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में अभी भी भारी बारिश का दौर जारी है। वहीं उत्तर भारत और दक्षिण-पश्चिम से मानसून की विदाई के बाद कुछ जगहों पर जमकर गर्मी पड़ रही है। मानसून की विदाई के बाद मुंबई और आसपास के इलाकों में अक्टूबर की गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। वहीं देश की राजधानी दिल्ली का भी ऐसा ही हाल है। दिल्ली में मानसून की विदाई के बाद के उमस भरी गर्मी ने लोगों को काफी परेशान किया है। वहीं आने वाले कुछ दिनों में दिल्ली की हवा भी खराब श्रेणी में पहुंच सकती है। आइए जानते हैं क्या अक्टूबर में पड़ रही इस गर्मी के पीछे अल-नीनो वजह है

मुंबई में पड़ेगी और गर्मी

News18 की रिपोर्ट के अनुसार, मौसम विभाग ने बताया कि पिछले दो दिनों में महाराष्ट्र के कई इलाकों में अधिकतम तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा है। IMD के मौसमी अनुमान में भी अक्टूबर के दौरान देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से ज्यादा गर्मी रहने की संभावना जताई गई है। ऐसे में महाराष्ट्र में भी इस महीने तापमान सामान्य से ऊपर रहने की आशंका है। इसकी वजह से लोगों को गर्म मौसम का सामना करना पड़ सकता है। लोगों को तेज गर्मी और मौसम में होने वाले बदलाव को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मुंबई में गर्मी का असर लगातार दूसरे दिन भी देखने को मिला और तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के करीब रहा।

दिल्ली में बारिश का अलर्ट

दिल्ली में मानसून की विदाई के बाद से उमस भरी गर्मी से लोग काफी परेशान है। वहीं इसी बीच दिल्ली के लोगों के लिए अच्छी खबर है। आईएमडी ने दिल्ली में 6 अक्टूबर को बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान मूसलाधार बारिश हो सकती है। 6 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तक रहने की चेतावनी है। बारिश होने से लोगों को उमस भर्मी से राहत मिलेगी।

क्यों बढ़ा मुंबई का तापमान

रिपोर्ट के मुताबिक, IMD की वैज्ञानिक सुषमा नायर ने बताया कि मुंबई में बढ़ी गर्मी के पीछे कई मौसम संबंधी कारण हैं। उनके अनुसार, मानसून की विदाई, समुद्र से आने वाली हवाओं के देर से चलने और मुंबई के आसपास बने एंटी-साइक्लोनिक सिस्टम की वजह से तापमान में बढ़ोतरी हुई है। इन स्थितियों के कारण शहर में सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा गर्मी महसूस की जा रही है। मुंबई से मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को हो गई, जो इस सदी में दूसरी सबसे जल्दी वापसी है। मानसून के कमजोर पड़ने, बादल कम होने और हवाओं के रुख में बदलाव से मुंबई और कोंकण में गर्मी बढ़ गई है।

अल-नीनो है वजह?

IMD के अनुमान के अनुसार, नवंबर और दिसंबर के दौरान प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति और मजबूत हो सकती है। इसका असर आने वाले समय के मौसम पर पड़ सकता है और तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है। वही इस बार सर्दी भी अपेक्षाकृत कम ठंडी रह सकती है। लेकिन, मौसम एक्सपर्ट के मुताबिक, फिलहाल मुंबई में बढ़ी गर्मी का सीधा कारण एल नीनो नहीं है। मौजूदा तापमान में बढ़ोतरी मुख्य रूप से मानसून की विदाई और स्थानीय मौसम की परिस्थितियों की वजह से हुई है।

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Weather Update: नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से उत्तर भारत के मौसम में खलबली! साउथ से लेकर नॉर्थ तक इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

Weather Update: देश भर में मौसमी गतिविधियों में एक बार फिर से बेहद उतार-चढ़ाव वाला दौर दिखने की संभावना बन रही है। एक ओर जहां दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी हो रही है। वहीं दूसरी ओर एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के मौसम में बड़ी हलचल पैदा करने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा सोमवार 5 अक्टूबर को जारी वेदर बुलेटिन के मुताबिक नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होगी जबकि मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। दक्षिण और पूर्वी भारत के कई राज्यों में बहुत भारी बारिश और तेज तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

बीते 24 घंटों के आंकड़ों की बात करें तो उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा असम, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, केरल और तटीय व आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) दर्ज हुई।

उत्तर भारत में नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय: जानें बारिश, बर्फबारी और आंधी का हाल

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक एक नया पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ रेखा के रूप में सक्रिय हो गया है। इसके असर से 6 से 10 अक्टूबर के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में बड़ा बदलाव आएगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 6 और 9 अक्टूबर को व्यापक बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 5 से 11 अक्टूबर के बीच रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां बनी रहेंगी।

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 6 से 11 अक्टूबर के दौरान हल्की बारिश का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 से 10 अक्टूबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 5 से 10 अक्टूबर के बीच छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा 11 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान में हल्की बारिश हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में 6 अक्टूबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ में भी 6 व 7 अक्टूबर को आंधी-तूफान के साथ तेज हवाएं चलेंगी।

दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का बड़ा अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में निचले क्षोभमंडल में कई चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ रेखाएं फैली हुई हैं। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है जबकि कोमोरिन क्षेत्र से तमिलनाडु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक होते हुए एक ट्रफ रेखा गुजर रही है। इनके असर से दक्षिण में मौसम काफी उग्र रहेगा। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आज, 5 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश होने की गंभीर चेतावनी दी गई है।

केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराइकल में 5 और 6 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। केरल में 9 और 10 अक्टूबर को फिर से भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप में 5 व 6 अक्टूबर को 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 5 से 8 अक्टूबर के दौरान दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मौसमी प्रणालियों का व्यापक असर बना रहेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 5 अक्टूबर को भारी वर्षा का अनुमान है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 5 से 8 अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। बिहार, झारखंड और ओडिशा में 5 से 9 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलेंगी।

असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 5 अक्टूबर को पृथक स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 और 6 अक्टूबर को बादलों की तेज गर्जना और आकाशीय बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है।

तटीय महाराष्ट्र में उमस भरा मौसम

पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 5 से 7 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 5 अक्टूबर को तटीय महाराष्ट्र यानी कोंकण और गोवा में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा।