कल का मौसम: 1 अक्टूबर को इन राज्यों में मूसलाधार! केरल, कर्नाटक से उत्तर-पूर्व तक भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

October 1 Weather: देश के मैदानी इलाकों से मानसूनी हवाओं की वापसी के बीच दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा पूर्व अनुमान के मुताबिक गुरुवार 1 अक्टूबर को देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग ने केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश, बादलों की गर्जना और तेज तूफानी हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है।

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केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 1 अक्टूबर को दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के राज्यों में मूसलाधार बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में भारी बारिश होने का अनुमान है। पूर्वोत्तर के चार राज्यों नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों में पृथक स्थानों पर मूसलाधार पानी गिरने के आसार हैं।

केरल, तमिलनाडु और रायलसीमा में 50 किमी/घंटे की गति से चलेंगी हवाएं

दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से आंधी और बिजली चमकने की गतिविधियां तीव्र रहेंगी। केरल व माहे, रायलसीमा और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।

आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक में थंडरस्टॉर्म का अनुमान

देश के दूसरे दक्षिण-तटीय और पूर्वी राज्यों में भी मौसमी हलचल बनी रहेगी। तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और ओडिशा में पृथक स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा के साथ-साथ तटीय कर्नाटक में भी अलग अलग जगहों पर बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है। तटीय आंध्र प्रदेश के इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

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फर्जी GST-ITC घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई: जमशेदपुर और कोलकाता में 4 ठिकानों पर छापेमारी

केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रांची जोनल ऑफिस ने GST ITC Scam मामले में बड़ी कार्रवाई की है। दरअसल, ED की टीम ने आज यानी 30 सितंबर 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत चार ठिकानों पर सर्च और जब्ती की कार्रवाई शुरू की।

जमशेदपुर और कोलकाता में छापेमारी

ED के मुताबिक, तलाशी की कार्रवाई झारखंड के जमशेदपुर में तीन और पश्चिम बंगाल के कोलकाता में एक ठिकाने पर की जा रही है। ये परिसर ज्ञान चंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल, संजय पारेख (ज्ञान चंद जायसवाल के अकाउंटेंट) और अन्य संबंधित लोगों से जुड़े बताए गए हैं।

फर्जी GST ITC लेने का आरोप

यह कार्रवाई शिव कुमार देवरा और अन्य के खिलाफ दर्ज GST ITC Scam मामले से जुड़ी है। जांच में आरोप है कि ज्ञान चंद जायसवाल ने बिना किसी वास्तविक माल की आपूर्ति के फर्जी GST इनवॉयस हासिल कर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ लिया।

ED की जांच के अनुसार, कथित तौर पर ऐसी गैर-मौजूद संस्थाओं से इनवॉयस लिए गए, जिन्होंने वास्तव में कोई माल सप्लाई नहीं किया था। एजेंसी इन लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। फिलहाल ED की सर्च और सीजर कार्रवाई जारी है।

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IMD Mausam Update: देश भर में मानसून की वापसी का समय अब नजदीक आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 30 सितंबर की दोपहर जारी विशेष बुलेटिन के मुताबिक उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के बड़े हिस्से से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के लिए स्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं। अगले 2 से 3 दिनों के भीतर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के शेष इलाकों के साथ-साथ गुजरात, मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों, संपूर्ण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ भागों से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा।

दूसरी ओर मानसून की वापसी के बीच देश के दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 2 से 3 दिनों के दौरान छिटपुट जगहों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया गया है।

म्यांमार से उठा लो प्रेशर सिस्टम और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की स्थिति

मौसम विभाग के मुताबिक तटीय म्यांमार और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना दबाव का क्षेत्र उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 30 सितंबर की सुबह उत्तरी म्यांमार, दक्षिण-पूर्व बांग्लादेश, मिजोरम और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के पास सुस्पष्ट निम्न दाब क्षेत्र में बदल चुका है। अगले 12 घंटों के भीतर इसके मिजोरम, त्रिपुरा और बांग्लादेश की ओर बढ़ते हुए धीरे-धीरे और कमजोर होकर निम्न दाब क्षेत्र में बदलने की संभावना है।

इसके साथ ही उत्तरी हरियाणा और आसपास के इलाकों में निचले व मध्य क्षोभमंडल में पश्चिमी विक्षोभ एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है। उधर पूर्वोत्तर असम, उत्तरी तटीय तमिलनाडु, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पूर्व-मध्य अरब सागर के ऊपर भी अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। वहीं, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक से मन्नार की खाड़ी तक एक उत्तर-दक्षिण ट्रफ रेखा फैली हुई है।

बीते 24 घंटों में मराठवाड़ा में हुई बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों में महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान, तमिलनाडु, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और नागालैंड में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) हुई है।

दक्षिण भारत के राज्यों में 1 से 4 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। केरल में 1, 2 और 4 अक्टूबर को भारी बारिश होने की संभावना है। केरल में 1 से 6 अक्टूबर के दौरान व्यापक रूप से मध्यम से तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 30 सितंबर से 4 अक्टूबर के दौरान तेज सतही हवाएं चलेंगी। तमिलनाडु और रायलसीमा में 30 सितंबर से 2 अक्टूबर के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट है।

पूर्वोत्तर राज्यों में आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30 सितंबर को व्यापक रूप से बारिश होगी, जबकि 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को इन राज्यों के साथ-साथ असम व मेघालय में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अक्टूबर को भारी बारिश होने की संभावना है।

उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिम भारत का मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में छिटपुट बौछारों के अलावा राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में मौसम साफ व शुष्क रहेगा। मध्य भारत के मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 30 सितंबर से मौसम साफ होने लगेगा और सिर्फ नाममात्र की छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी। पश्चिम भारत में कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 30 सितंबर को 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं, जिसके बाद वहां भी बारिश में भारी कमी आएगी।

Nifty छह महीनों के निचले स्तर पर, एनालिस्ट्स से जानिए आगे बाजार चढ़ेगा या गिरेगा

निफ्टी 50 में 29 सितंबर को भी गिरावट देखने को मिली। इससे सूचकांक गिरकर छह महीने के निचले स्तर पर आ गया। 28 सितंबर को भी बाजार में बड़ी गिरावट आई थी। ब्रेंट क्रूड में उछाल, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का हाई लेवल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ाया है। सवाल है कि अगले साल की शुरुआत में निफ्टी का लेवल क्या होगा?

एंटिक स्टॉक ब्रोकिंग का कहना है कि बाजार पर कई वजहों से दबाव दिख रहा है। इनमें क्रूड में उछाल, रुपये में कमजोरी और फॉरेन इनवेस्टर्स की बिकवाली शामिल है। BofA ने पिछले महीने भारतीय बाजारों के लिए 8 बड़े रिस्क बताए थे। इनमें क्रूड की ऊंची कीमतें, मानसून की कमजोर बारिश, रुपये में कमजोरी और आईपीओ की ज्यादा संख्या शामिल थी।

जेफरीज के क्रिस वुड ने ऑयल की ऊंची कीमतों को शॉर्ट टर्म के लिए सबसे बड़ा रिस्क बताया है। उनका मानना है कि निफ्टी में ज्यादा तेजी की उम्मीद नहीं है। उनका यह भी कहना है कि आरबीआई के इंटरेस्ट रेट नहीं बढ़ाने पर हैरानी होगी। आरबीआई 7 अक्तूबर को मॉनेटरी पॉलिसी पेश करेगा। अनुमान है कि वह रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट्स की वृद्धि कर सकता है।

मॉर्गन स्टेनली ने कहा था कि भारतीय बाजार में शॉर्ट टर्म में कमजोरी दिख सकती है, क्योंकि एआई कंपनियों वाले देशों और भारतीय बाजार के प्रदर्शन के बीच गैप काफी बढ़ गया है। हालांकि, उसने कहा था कि चूंकि भारतीय बाजार कई साल के निचले स्तर पर हैं, जिसका मतलब है कि बाजार पर खराब खबरों का असर पड़ चुका है।

मॉर्गन स्टेनली का कहना है कि आगे कई तिमाहियों तक अच्छी ग्रोथ दिख सकती है। एचएसबीसी की भी भारत को लेकर सोच पॉजिटिव है। BofA का मानना है कि अक्तूबर तक भारतीय बाजारों के लिए रिस्क चरम पर पहुंच जाएगा। उसके बाद नवंबर से बाजार में रिकवरी शुरू होगी। जेपी मॉर्गन ने अक्तूबर के अंत तक सावधानी बरतने की सलाह दी है। उसका मानना है कि साल के अंत से बाजार में तेजी शुरू हो सकती है।

एंबिट एसेट मैनेजमेंट में फंड मैनेजर त्रिलोक अग्रवाल ने कहा कि निफ्टी में एक साल की फॉरवर्ड अर्निंग्स के करीब 19 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। इसका मतलब है कि हालिया करेक्शन के बाद भी भारतीय बाजार की वैल्यूएशन दूसरे उभरते बाजारों के मुकाबले प्रीमियम पर है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में हाई बॉन्ड यील्ड को देखते हुए वैल्यूएशन में यह फर्क मायने रखता है।

अग्रवाल का हालांकि मानना है कि भारतीय बाजार में और गिरावट नहीं आएगी। उन्होंने इसकी वजह अर्निंग्स आउटलुक को बताया। उनका मानना है कि FY27 में मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ 17-20 फीसदी रह सकती है। अर्निंग्स ग्रोथ वैल्यूएशन में आई कमी से भारतीय बाजारों को सपोर्ट मिलेगा।

कल का मौसम: 30 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में 65 kmph स्पीड से हवाएं, पूर्वोत्तर-दक्षिण भारत के इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

Weather forecast for September 30: देश भर में मानसून के अंतिम पड़ाव और समुद्र में बन रही चक्रवाती हवाओं के असर से बुधवार 30 सितंबर को देश के कई हिस्सों में तूफानी मौसम रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक पूर्वोत्तर भारत के राज्यों, पूरे कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश की पूरी संभावना है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी और म्यांमार-बांग्लादेश तटों से सटे इलाकों में 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की गंभीर चेतावनी जारी की गई है।

पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार, 30 सितंबर को देश के दो प्रमुख क्षेत्रों पूर्वोत्तर और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मूसलाधार बारिश का दौर बना रहेगा। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश होने की संभावना है। दक्षिण भारत की बात करें तो पूरे आंतरिक कर्नाटक (उत्तरी और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक), केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में तेज बारिश होने के आसार हैं।

तमिलनाडु और रायलसीमा में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

दक्षिण भारत के मैदानी और तटीय इलाकों में तेज हवाओं और बिजली चमकने का असर देखा जाएगा। रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।

आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक में बिजली चमकने और हवाओं का अनुमान

मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में भी मौसमी हलचल बनी रहेगी। तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और ओडिशा में पर आकाशीय बिजली गिरने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के साथ-साथ मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा और केरल व माहे में अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने की आशंका जताई गई है। तटीय आंध्र प्रदेश के क्षेत्रों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती मौसम: 65 kmph की गति से चलेंगी हवाएं

समुद्री इलाकों की बात करें तो बंगाल की खाड़ी और पड़ोसी तटीय क्षेत्रों में स्थिति काफी खतरनाक बनी हुई है। IMD के मुताबिक उत्तरी म्यांमार और बांग्लादेश के तटीय इलाकों से सटे उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों, पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। इन हवाओं की गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे के खतरनाक स्तर तक पहुंच सकती है। समुद्र में तेज उथल-पुथल को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को इन इलाकों में समुद्र के भीतर न जाने की सख्त हिदायत दी है।

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सत्रावसान में देरी का एक रिकॉर्ड तो टूटा

संसद का मानसून सत्र समाप्त हुए डेढ़ महीने से ज्यादा हो गए। सत्र 13 अगस्त को स्थगित हुआ था। लेकिन अभी तक सत्रावसान नहीं किया गया है। संसद स्थघित हुए 47 दिन हो गए हैं। आमतौर पर अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित होने के एक हफ्ते में सत्रावसान कर दिया जाता है। उसके बाद जब भी सत्र आहूत करना होता है तो राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति तय करती है और राष्ट्रपति से सत्र बुलाने का अनुरोध करती है। अगर सत्रावसान नहीं होता है तो सरकार जब चाहे फिर सत्र चालू कर सकती है। तभी हैरानी की बात है कि अगर सत्रावसान हो भी जाता है तो सरकार को नया सत्र बुलाने में कोई परेशानी नहीं होगी। फिर भी सत्रावसान नहीं किया जा रहा है। पहले कहा जा रहा था कि सरकार दो तिहाई बहुमत जुटाने में लगी है इसलिए सत्रावसान नहीं किया जा रहा है। उसे महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पास कराना है।

लेकिन अगर बहुमत का जुगाड़ नहीं हो पा रहा है तो सत्र का सत्रावसान कर दिया जाए, जब जुगाड़ हो जाएगा तो सरकार आराम से सत्र बुला सकती है। वैसे भी अब दो महीने से कम समय में संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होगा। तभी यह समझ में नहीं आ रहा है कि क्यों सत्रावसान नहीं किया जा रहा है। क्या नरेंद्र मोदी की सरकार इस मामले में भी कांग्रेस की सरकारों का रिकॉर्ड तोड़ना चाहती है? गौरतलब है कि कांग्रेस की राजीव गांधी के नेतृत्व वाली सरकार ने 12 मई से 27 जुलाई 1987 तक सत्रावसान नहीं किया था। इसके बाद 1989 में एक मौका आया था जब 61 दिन तक सत्रावसान नहीं हुआ था। तीसरा सबसे ज्यादा दिन तक सत्रावसान नहीं करने का रिकॉर्ड पंडित नेहरू का था। 22 दिसंबर 1950 से पांच फरवरी 1951 तक सत्रावसान नहीं हुआ था। नरेंद्र मोदी की सरकार ने उस रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। क्या अब राजीव गांधी की सरकार के समय बना दोनों रिकॉर्ड तोड़ना है?

कल का मौसम: 29 सितंबर को तमिलनाडु, कर्नाटक और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! यहां आएगा आंधी-तूफान

IMD Weather forecast for September 29: देश भर में मानसून के अंतिम चरण और क्षेत्रीय मौसमी प्रणालियों के असर से मंगलवार, 29 सितंबर को दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर राज्यों और द्वीपीय क्षेत्रों में मौसम काफी खराब रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा पूर्व अनुमान के मुताबिक 29 सितंबर को तमिलनाडु, कर्नाटक के दक्षिणी आंतरिक हिस्सों, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह और पूर्वोत्तर के छह राज्यों में भारी बारिश होने की पूरी आशंका है। इसके साथ ही देश के कई तटीय और मैदानी इलाकों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

पूर्वोत्तर राज्यों, तमिलनाडु और कर्नाटक में भारी मूसलाधार बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक, 29 सितंबर को देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर हिस्सों में बारिश की तीव्रता काफी अधिक रहेगी। पूर्वोत्तर के राज्यों असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और कर्नाटक के दक्षिण आंतरिक हिस्सों में मूसलाधार पानी गिरने के आसार हैं। इसी तरह अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के विभिन्न द्वीपों पर भी कल तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

मध्य महाराष्ट्र और तमिलनाडु में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

दक्षिण और पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में झोंकेदार हवाओं के साथ थंडरस्टॉर्म का असर देखा जाएगा। मध्य महाराष्ट्र और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के निवासियों को आंधी और बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

आंध्र प्रदेश, केरल और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में 40 किमी/घंटे से चलेंगी हवाएं

मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे, कोंकण व गोवा और ओडिशा में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा असम व मेघालय, मध्य प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में बिजली गिरने की आशंका है। तटीय आंध्र प्रदेश के इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

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बंगाल की खाड़ी में तूफानी चक्रवात: मछुआरों के लिए रेड अलर्ट जारी

बंगाल की खाड़ी और म्यांमार-बांग्लादेश तटों के आसपास मौसमी तंत्र सक्रिय रहने के कारण समुद्र में स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि उत्तरी म्यांमार और बांग्लादेश के तटीय इलाकों से सटे उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों, पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। इनके झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और स्थिति अत्यंत विकराल रहने की वजह से मछुआरों को इन क्षेत्रों में समुद्र के भीतर न जाने की हिदायत दी गई है।

IMD Heavy Rain Alert: उत्तराखंड में रेड कलर वॉर्निंग, UP-MP-दिल्ली संग इन राज्यों में भी मौसम बिगड़ेगा, बारिश और आंधी की चेतावनी

IMD Heavy Rain Alert Today, September 27: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता अभी थमी नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 27 सितंबर (रविवार) को उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

IMD के मुताबिक, दिल्ली-NCR समेत हरियाणा, चंडीगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है। कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है।

उत्तराखंड में सबसे ज्यादा बारिश का खतरा

IMD के मुताबिक, उत्तराखंड में आज कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। देहरादून के लिए IMD के स्थानीय पूर्वानुमान में भी 27 सितंबर को लगातार बारिश और बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं तथा गरज-चमक की चेतावनी दर्ज है। लगातार बारिश को देखते हुए राज्य में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।

दिल्ली-NCR में भी बारिश और आंधी की आशंका

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में आज भारी बारिश की आशंका है। IMD ने इन इलाकों में गरज-चमक और बिजली के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई है। हालांकि, दिल्ली के एक स्थानीय IMD केंद्र के पूर्वानुमान में 27 सितंबर के लिए अलग से कोई चेतावनी दर्ज नहीं है। जबकि क्षेत्रीय स्तर पर हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली के लिए भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी है। यानी बारिश का असर स्थान विशेष के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है।

यूपी और हिमाचल में भी बरसेंगे बादल

हिमाचल प्रदेश में 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। जबकि 28 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका है। IMD के अनुसार यूपी के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

इन राज्यों में भी आंधी-तूफान का अलर्ट

  • IMD के 27 सितंबर के पूर्वानुमान के मुताबिक, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पंजाब, उत्तराखंड, पश्चिमी यूपी और मध्य प्रदेश में बिजली चमकने के साथ 40-50 किमी/घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • आंध्र प्रदेश, पूर्वी यूपी, झारखंड, राजस्थान और तेलंगाना में 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है।
  • असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कुछ स्थानों पर बिजली चमकने के साथ गरज-चमक हो सकती है।
  • आंध्र प्रदेश में कुछ जगहों पर तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

यूपी, झारखंड और उत्तराखंड में जनजीवन प्रभावित

उत्तर प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। इसके कारण अधिकारियों को 27 सितंबर तक चारधाम यात्रा स्थगित करनी पड़ी। उत्तर प्रदेश को उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश और इससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र का सबसे अधिक असर झेलना पड़ा। यह मौसम प्रणाली दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रही थी, जिसके कारण भारी बारिश हुई। राज्य के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई। ये सभी मौतें लखीमपुर खीरी, अमेठी और बाराबंकी जिलों में हुई।

100 से अधिक मकानों को नुकसान

अधिकारियों के अनुसार भारी बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं से ग्रामीण इलाकों में खड़ी फसलों और राज्यभर में 100 से अधिक मकानों को नुकसान पहुंचा। पिछले 24 घंटों में राज्य में सामान्य से 19 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई। झारखंड में मूसलाधार बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बहने लगीं। कुछ इलाकों में लोग घुटने तक भरे पानी से होकर गुजरते नजर आए। जबकि जलभराव वाली सड़कों पर कई वाहन फंस गए।

एक अधिकारी ने बताया कि खराब मौसम के कारण बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर कम से कम छह उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिनमें तीन आने वाली और तीन जाने वाली उड़ानें शामिल हैं। संबंधित जिला प्रशासन के आदेश के बाद रांची और जमशेदपुर समेत कई जिलों में स्कूल बंद रहे। पूर्वी सिंहभूम जिले में सुवर्णरेखा नदी खतरे के निशान से 2.02 मीटर ऊपर बह रही थी। जबकि खरकई नदी खतरे के निशान से 4.50 मीटर ऊपर बह रही थी। उन्होंने कहा कि रांची के हटिया और गेतलसूद बांधों में भी जलस्तर काफी बढ़ गया है।

चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित

उत्तराखंड के अधिकतर जिलों में भारी बारिश के पूर्वानुमान के चलते चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित कर दी गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों के लिए ‘रेड’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किए जाने के बाद पांच जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के ज्यादातर हिस्सों में सुबह से ही भारी बारिश हो रही है। जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में रुक-रुक कर बर्फबारी हुई। अब तक राज्य में किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं है। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई। जबकि शिमला और धर्मशाला समेत राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई।

शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्यभर में 29 सितंबर तक लगातार बारिश का अनुमान जताया है। मौसम कार्यालय ने कहा कि मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश जारी रहने का अनुमान है। जबकि मैदानी इलाकों, निचले और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में दो अक्टूबर तक मौसम शुष्क रहेगा। देश के पूर्वी हिस्से में, दक्षिण बंगाल में बारिश की तीव्रता रविवार से कम होने का अनुमान है, क्योंकि वहां मौसम को प्रभावित करने वाली प्रणाली राज्य से दूर जा रही है। मौसम कार्यालय ने कहा कि रविवार से इस क्षेत्र के ज्यादातर इलाकों में मौसम काफी हद तक शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि, कुछ एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश होने का अनुमान है।

अरब सागर में भी तेज हवाएं

IMD ने दक्षिण-पश्चिमी अरब सागर में सोमालिया तट और उसके आसपास के समुद्री क्षेत्र में 45-55 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, जिनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं, चलने की संभावना जताई है।

क्यों हो रही है इतनी बारिश?

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक उत्तर और मध्य भारत में बारिश के पीछे सक्रिय मौसम प्रणालियां जिम्मेदार हैं। एक निम्न दबाव क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। यह स्थिति ऐसे समय बनी है जब दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कुछ हिस्सों से वापस लौटना शुरू कर चुका है। लेकिन उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में मानसून अभी पूरी तरह विदा नहीं हुआ है।

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Delhi Weather: दिल्ली में अगले 3 दिनों तक मॉनसून के बाद बारिश की संभावना, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट

Delhi Weather: दिल्ली में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है, क्योंकि शहर अब मॉनसून के बाद के दौर में प्रवेश कर रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राजधानी में अगले दो से तीन दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी।

वहीं, IMD ने शनिवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान दिल्ली में आंधी-तूफान और 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

मौसम विभाग के मुताबिक, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है और एक कमजोर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के साथ मिल रहा है, इसलिए शनिवार, रविवार और सोमवार को बारिश होने की उम्मीद है। उत्तराखंड और उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान में हल्की बारिश हो सकती है।

मानसून की जल्दी वापसी

इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य समय से पहले यानी 23 सितंबर को दिल्ली से लौट गया। मौसम विभाग के मुताबिक, साल 2002 के बाद यह राजधानी से मानसून की सबसे जल्दी वापसी है। हालांकि, मानसून की विदाई के बावजूद अगले कुछ दिनों तक मौसम पूरी तरह सूखा नहीं रहेगा और कुछ इलाकों में हल्की बारिश व गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में मानसून के मौसम के दौरान 728.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 629.7 मिमी के लंबे समय के औसत से लगभग 16% ज्यादा है।

वहीं, बीते दिन यानी शुक्रवार को आसमान में बादल छाए रहने और पूरब से आने वाली नमी वाली हवाओं की वजह से तापमान कम रहा। इस दौरान अधिकतम तापमान 33°C रहा, जो सामान्य से एक डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 24.2°C दर्ज किया गया। IMD ने शनिवार के लिए अधिकतम तापमान 32-34°C और न्यूनतम तापमान 22-23°C रहने का अनुमान लगाया है।

बारिश से स्मॉग बनने में देरी हो सकती है

जैसे-जैसे दिल्ली सर्दियों के प्रदूषण वाले मौसम की ओर बढ़ रही है, बारिश का यह नया दौर हवा की खराब होती क्वालिटी से कुछ समय के लिए राहत भी दे सकता है। शुक्रवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 78 था, जो इसे ‘संतोषजनक’ कैटेगरी में रखता है।

हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि ठंडक का मतलब सर्दियों का आना नहीं है। मौजूदा मौसम सिस्टम के हटने के बाद तापमान के फिर से बढ़ने की उम्मीद है।

एक्सपर्ट्स प्रशांत महासागर में बदलती स्थितियों, जैसे कि मजबूत होते अल-नीनो, पर भी नजर रख रहे हैं ताकि मौसम के पैटर्न पर उनके संभावित असर को समझा जा सके। अगर आने वाले हफ्तों में बारिश कम रहती है, तो मिट्टी में नमी कम होने और धूल बढ़ने से दिल्ली के वायु प्रदूषण में और बढ़ोतरी हो सकती है।

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अहमदाबाद में ED का बड़ा एक्शन, स्टील कनेक्ट इंडिया की 4.53 करोड़ की संपत्ति को किया जब्त

अहमदाबाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बैंक लोन से जुड़े मामले में स्टील कनेक्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड पर बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने स्टील कनेक्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ी करीब 4.53 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां को जब्त कर लिया है। एजेंसी ने ये कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) 2002 के तहत की है। जांच में करीब 79.56 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय से जुड़े लेनदेन की बात सामने आई है। ED ने फंड के इस्तेमाल और लेनदेन की जांच के बाद चल और अचल संपत्तियों के खिलाफ यह कार्रवाई की है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

CBI ने दर्ज करवाया था FIR

ED ने यह जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की ओर से दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी। इस FIR में IPC, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की अलग-अलग धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे। ED ने पैसों के लेनदेन और उनके इस्तेमाल की जांच के बाद करीब 4.53 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अटैच करने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई ED की अहमदाबाद यूनिट ने की है।

ED ने क्यों जब्त की 4.53 करोड़ रुपये संपत्तियां 

जांच के दौरान ED ने पाया कि, कंपनी के तत्कालीन निदेशकों ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर बैंक से मिले लोन की तय शर्तों का पालन नहीं किया। एजेंसी के मुताबिक, लोन की रकम को नकद निकालने, दूसरी जुड़ी हुई कंपनियों में भेजने और बिना किसी वास्तविक कारोबार के इस्तेमाल करने की बात सामने आई है। ED के मुताबिक, कंपनी ने लोन का पैसा उन बैंक खातों में ट्रांसफर किया जो लोन देने वाले बैंकों के समूह में शामिल नहीं थे। इसके अलावा रकम को निदेशकों के निजी खातों और कंपनी की सब्सिडियरी कंपनियों के खातों के जरिए भी इधर-उधर किया गया।

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