Q2 Results: सीमेंट कंपनी का मुनाफा 340% बढ़ा, शेयरों पर रहेगी नजर

Q2 Results: दिग्गज सीमेंट कंपनी UltraTech Cement की सब्सिडियरी India Cements का सितंबर तिमाही में मुनाफा करीब 340% यानी चार गुना से ज्यादा बढ़ गया। कंपनी ने ₹38.8 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया। पिछले साल इसी तिमाही में मुनाफा ₹8.8 करोड़ था।

कंपनी की कमाई यानी रेवेन्यू भी बढ़ी है। सितंबर तिमाही में यह 2.2% बढ़कर ₹1,142 करोड़ रहा। पिछले साल इसी दौरान रेवेन्यू ₹1,117 करोड़ था।

India Cements की कमाई में कैसे आया उछाल?

इंडिया सीमेंट्स का EBITDA सालाना आधार पर 78% बढ़कर ₹145 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹81 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन भी 7.3% से बढ़कर 12.7% हो गया।

कंपनी के मुताबिक, प्लांट में कामकाज बेहतर होने और मशीनों का ज्यादा इस्तेमाल होने से मुनाफा बढ़ा है। आसान भाषा में कहें तो कंपनी पहले के मुकाबले अपने संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर रही है।

₹2,000 करोड़ खर्च करने की तैयारी

इंडिया सीमेंट्स ने कारोबार बढ़ाने के लिए ₹2,000 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी है। सितंबर 2026 तक इसमें से करीब ₹1,728 करोड़ खर्च करने की प्रतिबद्धता जताई जा चुकी थी।

कंपनी हर साल सीमेंट बनाने की क्षमता 28 लाख टन बढ़ाना चाहती है। इसके अलावा, बिजली का खर्च घटाने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। कंपनी 24 मेगावाट का ऐसा सिस्टम लगाने की योजना पर काम कर रही है, जो सीमेंट बनाने के दौरान निकलने वाली गर्मी से बिजली बनाने में मदद करेगा। साथ ही, 263 मेगावाट की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता भी डेवलपम की जाएगी।

इंडिया सीमेंट्स के शेयरों का हाल

नतीजों की घोषणा से पहले शुक्रवार को BSE पर इंडिया सीमेंट्स का शेयर 1.78% चढ़कर ₹302.50 पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 23% गिरा है।

India Cements सीमेंट और इससे जुड़े प्रोडक्ट बनाती है। इसका इस्तेमाल निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में होता है। कंपनी UltraTech Cement की सब्सिडियरी है, जो आदित्य बिड़ला ग्रुप का हिस्सा है।

AI Stocks: एआई शेयरों में कमाई की रफ्तार घटने का अनुमान, Jefferies ने निवेशकों को दी बड़ी सलाह

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

AI Stocks: एआई शेयरों में कमाई की रफ्तार घटने का अनुमान, Jefferies ने निवेशकों को दी बड़ी सलाह

AI Stocks: दुनिया भर के शेयर बाजारों में इस हफ्ते भारी बिकवाली देखने को मिली। AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों के कारोबार पर सवाल उठने और बढ़ते कर्ज की चिंता ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया। इसका असर खास तौर पर चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों पर पड़ा। अब ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने निवेशकों को AI से आगे दूसरे क्षेत्रों में भी अवसर तलाशने की सलाह दी है।

Jefferies की ताजा Greed and Fear रिपोर्ट के मुताबिक, अगले दो साल में AI कंपनियों की कमाई बढ़ने की रफ्तार काफी धीमी हो सकती है। रिपोर्ट का शीर्षक Diversifying Beyond AI है। इसका मतलब है कि पोर्टफोलियो में AI के परे जाकर विविधता लाना।

AI कंपनियों की कमाई में कितनी बढ़ोतरी का अनुमान?

जेफरीज की रिपोर्ट के मुताबिक, MSCI AC World Index में शामिल AI से जुड़ी कंपनियों की कमाई में बढ़ोतरी का अनुमान 2026 में करीब 100% है। हालांकि, 2027 में यह घटकर 30% और 2028 में 22% रह सकता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इन कंपनियों की कमाई उनके महंगे शेयरों की कीमत को सही ठहरा पाएगी।

Jefferies के ग्लोबल हेड ऑफ क्वांटिटेटिव स्ट्रैटेजी देश पेरामुनेतिलके (Desh Peramunetilleke) ने कहा कि अब निवेशकों के लिए AI से आगे दूसरे क्षेत्रों में निवेश फैलाने का समय है।

AI शेयरों का वैल्यूएशन दूसरी कंपनियों से ज्यादा

Jefferies के मुताबिक, वैश्विक AI शेयरों का फॉरवर्ड प्राइस-टू-अर्निंग (PE) रेशियो 23 गुना है। वहीं, AI से बाहर की कंपनियों का यह रेशियो करीब 13 गुना है। यानी निवेशक AI कंपनियों के शेयरों के लिए ज्यादा कीमत चुका रहे हैं, जबकि उनकी कमाई बढ़ने की रफ्तार धीमी पड़ने का अनुमान है।

उभरते बाजारों में भी AI शेयरों की तेजी कमजोर हुई है। जून 2026 तक के एक साल में इन शेयरों में 81% की बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन साल की दूसरी छमाही में इनसे मिलने वाले रिटर्न की रफ्तार घटी। इस दौरान AI से बाहर के कई क्षेत्रों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।

सेमीकंडक्टर शेयरों पर नजर

Jefferies के पोर्टफोलियो में TSMC, Samsung Electronics और SK Hynix जैसी कंपनियां शामिल हैं। हालांकि, इनका जॉइंट वेटेज पोर्टफोलियो में 16% है, जबकि MSCI AC Asia ex-Japan Index में यह 32.1% है।

Jefferies का मानना है कि AI पर खर्च जारी रहा तो Samsung Electronics और SK Hynix के शेयर जून के उच्च स्तर को दोबारा छू सकते हैं। फिर भी रिपोर्ट ने चेताया है कि सेमीकंडक्टर शेयरों में आसान कमाई का दौर काफी हद तक पीछे छूट सकता है। इसलिए निवेशकों के लिए AI के अलावा दूसरे क्षेत्रों में भी निवेश के अवसर तलाशना जरूरी हो गया है।

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Avenue Supermarts Share Price: Q2 नतीजों के बाद 4% टूटा शेयर, 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचा, एक्सपर्ट्स से जानें खरीदें, बेचें या रहे बनें

Avenue Supermarts Share Price: हाइपरमार्केट चेन DMart की पैरेंट कंपनी Avenue Supermarts Ltd. के शेयरों में सोमवार 12 अक्टूबर को 4% तक की गिरावट आई। यह गिरावट वीकेंड पर आए सितंबर तिमाही के नतीजों के प्रतिक्रिया में आई। शेयर आज ₹3,520 के पिछले क्लोजिंग भाव के मुकाबले ₹3,405 पर खुला और 4.4% गिरकर ₹3,366 के 52-हफ़्ते के निचले स्तर पर पहुंच गई।

Avenue Supermarts ने तिमाही के दौरान 7.3% का EBITDA मार्जिन दर्ज किया, जो पिछले साल के 7.6% के आंकड़े से कम था और CNBC-TV18 के पोल में अनुमानित 7.7% से भी कम था।कंपनी ने मार्जिन पर दबाव की वजह एंट्री लेवल पर वेतन में बढ़ोतरी के कारण ऑपरेटिंग खर्चों में वृद्धि को बताया।

हालांकि कंपनी के मार्जिन पर दबाव था, लेकिन इसकी ‘लाइक-फॉर-लाइक’ ग्रोथ 9.5% रही, जो CNBC-TV18 के पोल के 7.5% के आंकड़े से काफी बेहतर थी। ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई (EBITDA) ₹1,403.2 करोड़ रही, जो पोल के ₹1,492 करोड़ के अनुमान से कम थी। ₹19,206 करोड़ का रेवेन्यू उम्मीद के मुताबिक था, जबकि ₹803.6 करोड़ का मुनाफा ₹857.6 करोड़ के अनुमान से थोड़ा कम था।

Avenue Supermarts ने चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 18 स्टोर भी खोले, जिनमें से 15 स्टोर दूसरी तिमाही में ही खोले गए, जिससे कुल स्टोरों की संख्या 518 हो गई।

खरीदें, बेचे या रहे बने

ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंकिंग फर्म सिटी ने Avenue Supermarts पर “Sell” रेटिंग बनाए रखी है और इसका प्राइस टारगेट ₹3,250 तय किया है। फर्म का कहना है कि कंपनी का मुनाफा रेवेन्यू ग्रोथ के मुकाबले पीछे चल रहा है। क्विक कॉमर्स से कॉम्पिटिशन, कम ‘अन्य आय’ (other income) और ज़्यादा ब्याज खर्चों के कारण पिछले 14 में से 11 तिमाहियों में ऐसा हुआ है।

हालांकि, Bernstein ने Avenue Supermarts पर अपनी “आउटपरफॉर्म” रेटिंग बनाए रखी है और इसका प्राइस टारगेट ₹5,000 तय किया है। इसमें कहा गया है कि 9.5% की ‘लाइक-फॉर-लाइक’ (LFL) ग्रोथ, किफायती ग्रॉसरी (value-grocer) बिनेस मॉडल की लगातार अहमियत और मजबूती को दिखाती है।

कंपनी ने यह भी लिखा कि LFL ग्रोथ का यह आंकड़ा इस बहस को खत्म कर देगा कि क्या ‘क्विक कॉमर्स’ मॉडर्न ट्रेड वैल्यू-ग्रॉसर मॉडल को खत्म कर सकता है।

बर्नस्टीन के नोट के अनुसार, DMart के लिए चुनौती लगातार मार्जिन बनाए रखने की है, जिसके लिए दो बातों पर ध्यान देना होगा। नए स्टोर के तेज़ी से बढ़ने की रफ़्तार और बढ़ती लागत को मैनेज करना।

CLSA ने भी Avenue Supermarts पर अपनी “हाई-कनविक्शन आउटपरफॉर्म” रेटिंग बनाए रखी है और इसका प्राइस टारगेट ₹5,723 तय किया है, जो इस स्टॉक के लिए मार्केट में सबसे ज़्यादा प्राइस टारगेट है।

दूसरी ओर, जेफरीज (Jefferies) की इस स्टॉक पर “hold” रेटिंग है, लेकिन उसने अपना प्राइस टारगेट ₹4,500 से घटाकर ₹4,000 कर दिया है। हालांकि कंपनी ने हाल की तिमाहियों में मजबूत कस्टमर ट्रैफिक और बेहतरीन LFL आंकड़ों को माना – जिससे तिमाही के दौरान अच्छी मांग का पता चलता है – लेकिन फर्म के अनुसार, कंपनी का मुनाफा निराशाजनक रहा।

जेफरीज ने लिखा कि स्टोर का विस्तार तो ठीक-ठाक रहा, लेकिन प्रोडक्टिविटी कम हुई। यह बात तिमाही के लिए कंपनी के कई तिमाहियों के सबसे निचले यूनिट EBITDA से साफ पता चलती है।

नतीजतन, जेफरीज ने Avenue Supermarts के लिए ‘अर्निंग्स पर शेयर’ (EPS) के अनुमान को 2% से 3% तक घटा दिया है।

32 एनालिस्ट Avenue Supermarts पर नजर रखते हैं, जिनमें से 11 की “buy” (खरीदने की) रेटिंग है, 12 की “hold” रेटिंग है और 9 की “Sell” (बेचने की) रेटिंग है। प्राइस टारगेट के आम अनुमानों से पता चलता है कि मौजूदा लेवल से इसमें 12.8% की बढ़ोतरी की संभावना है।

फंडामेंटल या मैक्रो क्या है बाजार की बड़ी दिक्कत? जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Buy: 73% तक रिटर्न दे सकते हैं ये 5 शेयर, ब्रोकरेज ने खरीदने की सलाह दी

Stocks to Buy: लगातार आठ हफ्तों तक बिकवाली के दबाव में रहने के बाद भारतीय शेयर बाजार में पिछले कारोबारी हफ्ते तेजी लौटी। Nifty 50 में 0.44% और Sensex में 0.78% की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, ग्लोबल अनिश्चितता, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, कच्चे तेल की कीमतों और RBI के ब्याज दर बढ़ाने से बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा।

इस बीच, ब्रोकरेज फर्मों ने कई शेयरों पर खरीदने की सलाह दी है। इनमें मेटल, ऑटोमोबाइल, लॉजिस्टिक्स, बैंकिंग और एंटरटेनमेंट सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं। ब्रोकरेज के टारगेट प्राइस और दिए गए मौजूदा भाव के आधार पर इन पांच शेयरों में करीब 46% से 73% तक तेजी की संभावना है।

इन 5 शेयरों में कितनी तेजी की संभावना?

कंपनीमौजूदा शेयर भावटारगेट प्राइससंभावित तेजी
Shyam Metalics₹1,062.80₹1,55045.84%
Mahindra & Mahindra₹2,792₹4,26052.58%
PVR Inox₹1,331₹2,13560.41%
TCI Express₹467₹77064.88%
HDFC Bank₹708.20₹1,22572.97%

Shyam Metalics

मेटल कंपनी Shyam Metalics पर UBS ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस 24% बढ़ाकर 1,550 रुपये कर दिया है। शेयर का मौजूदा भाव 1,062.80 रुपये है। इस हिसाब से इसमें करीब 45.84% तेजी की संभावना है।

UBS को कंपनी की विस्तार योजनाओं और ज्यादा वैल्यू वाले प्रोडक्ट्स पर बढ़ते फोकस से ग्रोथ की उम्मीद है। ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी अपनी परियोजनाओं को इंडस्ट्री के औसत से कम लागत और कम समय में पूरा कर सकती है। इससे क्षमता बढ़ाने और निवेश पर बेहतर रिटर्न हासिल करने में मदद मिल सकती है।

Mahindra & Mahindra

ऑटोमोबाइल कंपनी Mahindra & Mahindra के शेयर पर Citi ने खरीदने की सलाह दी है। ब्रोकरेज ने 4,260 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। शेयर का मौजूदा भाव 2,792 रुपये है। इस आधार पर इसमें करीब 52.58% तेजी की संभावना है।

Citi को कंपनी के पैसेंजर व्हीकल, कमर्शियल व्हीकल और थ्री-व्हीलर कारोबार में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है। ब्रोकरेज के अनुमान के मुताबिक, सितंबर तिमाही में कंपनी की कुल गाड़ियों की बिक्री सालाना आधार पर 15.7% बढ़ सकती है। पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में 26%, कमर्शियल व्हीकल में 17.8% और थ्री-व्हीलर में 38.7% बढ़ोतरी का अनुमान है।

हालांकि, ट्रैक्टर की बिक्री में 5.6% गिरावट की आशंका है। बढ़ती कमोडिटी लागत और प्रोडक्ट मिक्स से मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है। Citi को रेवेन्यू में 26.7% बढ़ोतरी की उम्मीद है, जबकि EBITDA में 1.8% गिरावट का अनुमान है।

PVR Inox

एंटरटेनमेंट कंपनी PVR Inox पर CLSA ने ‘Outperform’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने 2,135 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। शेयर का मौजूदा भाव 1,331 रुपये है। इस हिसाब से इसमें करीब 60.41% तेजी की संभावना है।

CLSA को हिंदी, क्षेत्रीय भाषाओं और हॉलीवुड फिल्मों की बेहतर रिलीज से सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। ब्रोकरेज का मानना है कि स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर लगातार कंटेंट देखने से दर्शकों में थकान बढ़ रही है। ऐसे में लोग फिर से सिनेमाघरों में फिल्म देखने का रुख कर सकते हैं।

PVR Inox के पास करीब 1,800 स्क्रीन हैं। कंपनी ने छोटे शहरों में स्मार्ट स्क्रीन के विस्तार के लिए 300 जगहों की पहचान की है। CLSA को उम्मीद है कि इस विस्तार से कंपनी को ग्रोथ मिलेगी। बेहतर कैश जनरेशन और हाल में किए गए शेयर बायबैक को भी ब्रोकरेज ने अपने आकलन में शामिल किया है।

TCI Express

लॉजिस्टिक्स कंपनी TCI Express पर Jefferies ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस 770 रुपये रखा है। शेयर का मौजूदा भाव 467 रुपये है। इसके आधार पर इसमें करीब 64.88% तेजी की संभावना है।

Jefferies को कंपनी के शिपमेंट वॉल्यूम में सुधार की उम्मीद है। इससे ट्रकों का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा और कमाई बढ़ सकती है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि सितंबर 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 10% और EBITDA 8% बढ़ सकता है।

हालांकि, मिडिल ईस्ट में तनाव से कारोबारी गतिविधियों पर असर पड़ने का जोखिम है। Jefferies के मुताबिक, शिपमेंट वॉल्यूम में रिकवरी जारी रहने पर कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कमाई को फायदा मिल सकता है।

HDFC Bank

प्राइवेट सेक्टर के HDFC Bank पर Emkay ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए 1,225 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। शेयर का मौजूदा भाव 708.20 रुपये है। इस आधार पर इसमें करीब 72.97% तेजी की संभावना है।

Emkay का मानना है कि लंबे समय से कमजोर प्रदर्शन के कारण बैंक का वैल्यूएशन आकर्षक स्तर पर आ गया है। शेयर में रिकवरी के लिए बैंक को अपने मुख्य कारोबार में सुधार दिखाना होगा। डिपॉजिट जुटाने और लोन ग्रोथ में प्रगति से निवेशकों का भरोसा लौट सकता है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, विदेशी निवेशकों की बिकवाली कम होने या उनका रुख बदलने से भी शेयर को सपोर्ट मिल सकता है। हालांकि, वैल्यूएशन में दोबारा बढ़ोतरी बैंक के कारोबारी प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।

Stocks to Watch: 12 अक्टूबर को फोकस में रहेंगे ये 12 शेयर, बैंकिंग स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

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Hotel Stocks : इस बार शादियों को सीजन में खूब बजेगी शहनाई, होटल कंपनियों की खूब बढ़ेगी कमाई, इन शेयरों पर रहे नजर

Hotel Stocks : शादियों के सीजन में होटल सेक्टर की डिमांड बढ़ सकती है। जेफरीज का कहना है कि अगले साल शादियों के शुभ मुहूर्त के ज्यादा दिन होंगे। इसको ध्यान में रखते हुए जेफरीज होटल स्पेस पर बुलिश है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि वित्त वर्ष 2028 में शादी के 95 शुभ मुहूर्त हैं। सामान्य तौर पर 65-70 के मुकाबले शुभ मुहूर्त 40% ज्यादा हैं। वित्त वर्ष 2027 की चौथी तिमाही से वित्त वर्ष 2028 की तीसरी तिमाही तक शादी के दिनों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। शादी की ज्यादा तारीखों से होटल डिमांड और रेवेन्यू बढ़ेगा। शादियों से कमरे के किराए, बैंक्वेट और F&B कमाई बढ़ेगी। होटल की पूरी कैपेसिटी का बेहतर इस्तेमाल होने की उम्मीद है। डिमांड का बड़ा हिस्सा घरेलू डेस्टिनेशन में हो सकता है। यह होटल सेक्टर के लिए पॉजिटिव फैक्टर है।

बजेगी शहनाई, बढ़ेगी कमाई

2026 के शुभ मुहूर्त पर नजर डालें तो 21से 26 नवंबर के बीच शादी के शुभ मुहूर्त हैं। उसके बाद 1 से 13 दिसंबर के बीच शादी के शुभ मुहूर्त हैं। जेफरीज का कहना है कि इससे होटल स्टॉक्स खास कर रॉयल ऑर्किड होटल्स, लेमन ट्री होटल्स, शैले होटल्स, द लीला और कामत होटल्स को अच्छा फायदा हो सकता है। जेफरीज का कहना है कि इस बार के शादियों के सीजन में लग्जरी शादियों की बुकिंग बढ़ेगी। Q4FY27- Q3FY28 के बीच लग्जरी शादियों की बुकिंग में तेज इजाफा देखने को मिल सकता है।

होटल कपनियों की बल्ले-बल्ले

गौरतलब है कि शादियों और सर्दियों के सीजन की शुरुआत के करीब आने के साथ ही भारतीय होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में जोरदार डिमांड देखी जा रही है। कई लोकप्रिय होटलों में शादी से जुड़े कारोबार में डबल डिजिट ग्रोथ देखने को मिली है। नवंबर से फरवरी जैसे प्रमुख महीनों के लिए अधिकांश बुकिंग लगभग पूरी हो चुकी हैं। 2027 तक एडवांस बुकिंग हो चुकी लोग अब 4 से 6 महीने पहले ही बुकिंग करा रहे हैं। कई होटलों में साल 2027 के लिए भी एडवांस बुकिंग और पूछताछ आने लगी है।

विभिन्न जगहों पर मांग पर नजर डालें तो उदयपुर, जयपुर, गोवा, गुरुग्राम, करनाल और टियर-2 शहरों में डेस्टिनेशन वेडिंग के कारण कमरों, बैंक्वेट हॉल, भोजन और पेय पदार्थों की मांग काफी बढ़ गई है। इसके चलते होटल कंपनियों के रेवेन्यू ग्रोथ में जोरदार उछाल आया है। Hilton जैसी कंपनियों का वेडिंग रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 50% से ज्यादा हो गया है। वहीं, Sayaji Hotels ने उदयपुर प्रॉपर्टी में वेडिंग रेवेन्यू में 77% की सालाना ग्रोथ हासिल की की है।

Jefferies के साथ ही होटर शेयरों पर मोतीलाल ओसवाल भी बुलिश

ऐसे में Jefferies और मोतीलाल ओसवाल जैसी ब्रोकरेज फर्म्स का मानना है कि इस वेडिंग सीजन से होटल कंपनियों की ऑक्यूपेंसी, एवरेज रूम रेट्स (ARR) और कुल आय में भारी ग्रोथ देखने को मिल सकती है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है की वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में होटल कंपनियों की प्रति उपलब्ध कमरे से होने वाली कमाई (RevPAR) में 10 से 12% की बढ़ोतरी हो सकती है। इसकी वजह रूम बुकिंग में बढ़ोतरी और किराए की दरों में बढ़त है। इस ग्रोथ का पहला ट्रिगर बड़े इवेंट्स हैं। दूसरा ट्रिगर है शादी-ब्याह का सीज़न। वित्त वर्ष 2028 में शादियों के लिए लगभग 95 शुभ दिन होने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2027 में यह संख्या 69 थी। इसका मतलब है कि शुभ दिनों की संख्या में लगभग 40% की बढ़ोतरी होगी। इससे होटल और रिसॉर्ट बुकिंग बढ़ सकती है, और कंपनियां सिर्फ़ कमरों के किराए के अलावा बैंक्वेट हॉल और कैटरिंग सेवाओं से भी ज़्यादा कमाई करेंगी।

मोतीलाल ओसवाल की टॉप पिक्स

स्टॉक्स की बात करें तो मोतीलाल ओसवाल ने लेमन ट्री होटल्स (Lemon Tree Hotels) को ₹140 के टारगेट प्राइस के साथ ‘खरीदने’ (buy) की रेटिंग दी है। इसमें लगभग 34% की बढ़ोतरी का अनुमान है। वेंटिव हॉस्पिटैलिटी (Ventive Hospitality) के लिए ₹750 का टारगेट तय किया गया है,जो मौजूदा भाव से लगभग 34% की बढ़त दिखाता है। वहीं, इंडियन होटल्स के लिए ₹870 का टारगेट दिया गया है,जो मौजूदा कीमत से लगभग 22% ज़्यादा है। ब्रोकरेज का मानना ​​है कि अच्छी बुकिंग,कमरों की कम उपलब्धता,बड़े इवेंट्स और शादी का सीज़न आगे भी इस सेक्टर की ग्रोथ को सपोर्ट देते रहेंगे।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Molbio Diagnostics Share Price: इस नई लिस्ट कंपनी पर फिदा हुआ जेफरीज,अपसाइड सिनेरियो में लगाएगा 57% की छलांग

Molbio Diagnostics Share Price: मोलबायो डायग्नोस्टिक्स IPO उन चुनिंदा भारतीय IPOs में से एक है, जिन्होंने अपने शेयर पाने वालों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। अब इस स्टॉक पर ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक जेफरीज ने अपनी कवरेज शुरु की है और इस स्टॉक को अपने “हाई-कनविक्शन टॉप पिक” (पूरी तरह भरोसेमंद और सबसे अच्छी पसंद) बताया है। यहीं वजह है कि शेयर 4 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ ट्रेड कर रहा है।

बुधवार, 30 सितंबर को जारी अपनी रिपोर्ट में, जेफरीज ने मोलबायो डायग्नोस्टिक्स पर Buy रेटिंग दी है और इसके लिए ₹1,600 का प्राइस टारगेट तय किया , जो मौजूदा स्तर से 27% की बढ़त दिखाते है।

बता दें कि 17 अगस्त को लिस्टिंग के बाद, मोलबायो डायग्नोस्टिक्स के शेयर 20 दिनों के भीतर ही अपने इश्यू प्राइस से दोगुने हो गए। 11 सितंबर को शेयर ने ₹1,686 का हाई (सबसे ऊंचा स्तर) छुआ, और उसके बाद 11 ट्रेडिंग सेशन में ही उस स्तर से 25% तक गिर गए।

जेफ़रीज़ ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि मोलबायो डायग्नोस्टिक्स ने एक अलग तरह का ‘पॉइंट-ऑफ-केयर मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स प्लेटफॉर्म’ सफलतापूर्वक कमर्शियलाइज किया है। साथ ही, कंपनी के पास दो नए प्लेटफॉर्म और भविष्य के लिए मजबूत प्रोडक्ट पाइपलाइन है, जिससे कंपनी आगे जबरदस्त ग्रोथ के लिए अच्छी स्थिति में है।

TrueNat प्लेटफॉर्म, जिसने मोलबायो की फाइनेंशियल ईयर 2026 की बिक्री में 86% का योगदान दिया। एक अल्ट्रा-पोर्टेबल, बैटरी से चलने वाला मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स प्लेटफॉर्म है जो पॉइंट-ऑफ-केयर पर हाई-क्वालिटी टेस्टिंग की सुविधा देता है। जेफरीज का कहना है कि इस प्लेटफॉर्म के लिए ग्रोथ की काफी गुंजाइश है। इसकी तुलना में, इसकी प्रतिस्पर्धी कंपनी GeneXpert का रेवेन्यू स्केल $3 बिलियन है, जबकि TrueNat का रेवेन्यू $130 मिलियन है।

जेफरीज ने अपने नोट में कहा है कि TrueNat मोलबायो के लिए कई मौकों में से सिर्फ पहला मौका है। कंपनी पहले ही Prorad (पोर्टेबल X-रे पोर्टफोलियो) और Optrascan (डिजिटल पैथोलॉजी पोर्टफोलियो) के क्षेत्र में विस्तार कर चुकी है। रिपोर्ट में कहा गया है, “कई अन्य प्रोडक्ट्स के डेवलपमेंट के साथ, हमारा मानना ​​है कि मोलबायो की इनोवेशन पाइपलाइन उसके मुख्य प्रोडक्ट TrueNat से कहीं आगे तक फैली हुई है।”

जेफरीज का अनुमान है कि मोलबायो का रेवेन्यू 22% की कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ेगा। इसकी वजह भारत और विदेशों में TrueNat का लगातार विस्तार, Prorad के पोर्टेबल X-रे पोर्टफोलियो का तेज़ी से विस्तार और अमेरिका में Optrascan का कमर्शियल रोलआउट होगी। ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक को उम्मीद है कि मॉलबियो के मार्जिन में 830 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी होगी। इसकी वजह टेस्ट-किट कैपेसिटी का इस्तेमाल फाइनेंशियल ईयर 2026 में 58% से बढ़कर फाइनेंशियल ईयर 2029 तक 77% होना, ऑप्ट्रास्कैन का कुल रेवेन्यू में हिस्सा फाइनेंशियल ईयर 2029 तक 11% तक पहुंचना और कर्मचारियों की लागत का सेल्स के 10% से घटकर 8% होना है।

जेफरीज का अनुमान है कि इसके नतीजे में, कंपनी की अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन एंड अमॉर्टाइजेशन (EBITDA) 36% CAGR से बढ़ सकती है, जबकि इसका प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) फाइनेंशियल ईयर 2026-2029 के दौरान 47% CAGR से बढ़ सकता है। हालांकि जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में रेवेन्यू कंसंट्रेशन को एक मुख्य जोखिम बताया है, क्योंकि फाइनेंशियल ईयर 2026 में इसका 80% रेवेन्यू B2G सेगमेंट से आया था, जबकि 70% TB टेस्टिंग से आया था।

अपसाइड सिनेरियो में, जेफरीज ने मॉलबियो का प्राइस टारगेट ₹1,970 तय किया है, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से इसमें 57% की बढ़ोतरी की संभावना है। इस मामले में, कंपनी की सेल्स 25% CAGR से बढ़ती है, जबकि EBITDA फाइनेंशियल ईयर 2026-2029 के दौरान 45% CAGR से बढ़ता है।

बुधवार को मॉलबियो डायग्नोस्टिक्स के शेयर 4% बढ़कर ₹1,305.1 पर ट्रेड कर रहे हैं। पिछले एक महीने में स्टॉक 20% चढ़ा है।