सरकार की इस कंपनी के शेयर में आ सकती है तूफानी तेजी, जेफरीज ने दी निवेश की सलाह

कोल इंडिया के शेयरों में 25 सितंबर को हल्की तेजी दिखी। इसकी वजह विदेशी ब्रोकरेज फर्म जेफरीज की एक रिपोर्ट है। उसने कोल इंडिया के शेयर पर ‘बाय’ की रेटिंग बनाए रखी है। इससे कोल इंडिया का शेयर 0.81 फीसदी चढ़कर 425.40 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, शेयर बाजारों में भी रिकवरी देखने को मिली।

जेफरीज ने दिया 500 रुपये का टारगेट प्राइस

जेफरीज ने कोल इंडिया के शेयरों के लिए 500 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। उसने रिपोर्ट में इसकी वजह बताई है। उसने कहा है कि पावर प्लांट्स में कोयले का स्टॉक घटकर सिर्फ 7 दिनों के लिए रह गया है। 10 साल का यह औसत 15 दिन का है। इसकी वजह पावर की बढ़ती मांग है। FY26 में पावर डिमांड की ग्रोथ 1 फीसदी थी, जो इस साल अप्रैल से अगस्त के दौरान बढ़कर 9 फीसदी पहुंच गई।

दुनिया में कोयले की बढ़ती कीमतों का मिलेगा फायदा

ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि FY26-29 के दौरान कोल इंडिया के डिस्पैच की CAGR 5 फीसदी रह सकता है। उसने यह भी कहा है कि दुनिया में कोयले की ऊंची कीमतों से कोल इंडिया के ई-ऑक्शन प्राइसेज को सपोर्ट मिलेगा। यह 2027-2029 के बीच 3,000 से 3,200 रुपये के बीच रह सकता है। हालांकि, ब्रोकरेज फर्म ने यह भी कहा है कि कोल इंडिया की अर्निंग्र प्रति शेयर (EPS) 2024-2026 के दौरान 12 फीसदी तक घटी है। लेकिन, 2026-2029 के बीच इसमें 6 CAGR का इम्प्रूवमेंट दिख सकता है।

कोल इंडिया की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव

ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि कोल इंडिया की वैल्यएशन अट्रैक्टिव है। इसमें एक साल के फॉरवर्ड एडजस्टेड प्राइस-टू-अर्निंग्स के 9 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। इसकी डिविडेंड यील्ड 7 फीसदी है। कंपनी जुलाई में पहली तिमाही के नतीजों का ऐलान किया था। इसका नेट प्रॉफिट इस दौरान साल दर साल आधार पर 0.63 फीसदी बढ़कर 8,852 रुपये पर पहुंच गया।

जून तिमाही में मिलाजुला प्रदर्शन

जून तिमाही में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ साल दर साल आधार पर 7.8 फीसदी रही। हालांकि, EBITDA 4.1 फीसदी घटा। कंपनी ने FY27 के लिए प्रति शेयर 5.5 रुपये के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। कोल इंडिया के शेयर को कवर करने वाले कुल 26 एनालिस्ट्स में से 16 की इस शेयर पर बाय यानी खरीदने की रेटिंग है। पांच ने इसे होल्ड करने और इतने ही एनालिस्ट्स ने इसे बेचने की सलाह दी है।

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कमजोर बाजार में अच्छा प्रदर्शन

बीते एक साल में कोल इंडिया का शेयर 9.32 फीसदी चढ़ा है। इस दौरान सेंसेक्स 8.12 फीसदी गिरा है, जबकि निफ्टी में 6.14 फीसदी की गिरावट आई है। इसका मतलब है कि कमजोर बाजार में भी कोल इंडिया के शेयरों ने निवेशकों को पॉजिटिव रिटर्न दिया है। यह सरकार की कंपनी है, जिसका कोयले के उत्पादन में दबदबा है।

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L&T Target Price: मैनेजमेंट से मुलाकात के बाद JPMorgan ने सबसे बड़ा टारगेट दिया, 30% चढ़ सकता है स्टॉक

L&T Target Price: ब्रोकरेज फर्म JPMorgan ने दिग्गज इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Larsen and Toubro यानी L&T के शेयर पर ‘Overweight’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस ₹5,060 रखा है। इस टारगेट के हिसाब से मौजूदा स्तर से शेयर में करीब 30% की तेजी की गुंजाइश है।

मंगलवार को L&T का शेयर 0.7% गिरकर ₹3,877 पर बंद हुआ। इस साल अब तक शेयर करीब 6% नीचे है। JPMorgan का ₹5,060 का टारगेट L&T के लिए सबसे ऊंचे टारगेट में शामिल है।

पश्चिम एशिया में प्रोजेक्ट्स पर बड़ा अपडेट

JPMorgan ने L&T के मैनेजमेंट से मुलाकात की। इसके बाद ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट जारी की। मैनेजमेंट के मुताबिक पश्चिम एशिया में कंपनी के प्रोजेक्ट्स का काम अभी भी बिना किसी बड़ी रुकावट के चल रहा है।

पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण लागत बढ़ी है। हालांकि, कंपनी के ग्राहकों ने बड़े स्तर पर इस बढ़ी हुई लागत को स्वीकार किया है। L&T ने इस मुश्किल दौर में ग्राहकों के साथ अपने मजबूत रिश्ते बनाए रखने पर फोकस जारी रखने की बात कही है।

भारत में सरकारी खर्च बढ़ने की उम्मीद

L&T के मुताबिक भारत में सरकारी कैपेक्स कुछ समय तक सुस्त रहने के बाद फिर बढ़ सकता है। वहीं, निजी कंपनियों का कैपेक्स भी अब रफ्तार पकड़ रहा है। इसमें थर्मल पावर सेक्टर में मिले बड़े ऑर्डर की अहम भूमिका है।

कंपनी ने आगे के लिए कई नए क्षेत्रों पर भी फोकस किया है। इनमें डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग शामिल हैं।

इसके अलावा L&T ने 2031 तक अपने डिफेंस कारोबार से होने वाले रेवेन्यू को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी का फोकस रिटर्न ऑन इक्विटी, कैश फ्लो और शेयरधारकों को मिलने वाले रिटर्न पर भी बना रहेगा।

मिड-टीन्स ग्रोथ की उम्मीद

JPMorgan के मुताबिक पश्चिम एशिया का संघर्ष L&T के शेयर के लिए एक जोखिम बना हुआ है। इसके बावजूद कंपनी के कारोबार को पारंपरिक और नए क्षेत्रों में मिड-टीन्स यानी सालाना करीब 13-16% की ग्रोथ के लिए तैयार किया जा रहा है।

ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी के रिटर्न ऑन इक्विटी में भी मजबूती बनी हुई है। JPMorgan ने यह भी कहा कि L&T का वैल्यूएशन 25 गुना से कम P/E पर है। ब्रोकरेज ने इसे आकर्षक बताया है।

₹5,000 के ऊपर टारगेट देने वाले ब्रोकरेज

JPMorgan के अलावा दो और ब्रोकरेज ने L&T के लिए ₹5,000 या उससे ज्यादा का टारगेट दिया है। Jefferies और ICICI Direct दोनों ने शेयर का टारगेट ₹5,000 रखा है।

L&T को कुल 32 एनालिस्ट कवर कर रहे हैं। इनमें 26 ने शेयर पर ‘Buy’, 5 ने ‘Hold’ और 1 एनालिस्ट ने ‘Sell’ रेटिंग दी है।

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HDFC Bank Share: चार ब्रोकरेज का बुलिश रुख, ₹1150 तक का टारगेट दिया

HDFC Bank Share: प्राइवेट सेक्टर के HDFC Bank के शेयरों ने पिछले 1 साल में काफी कमजोर प्रदर्शन किया है। इस दौरान बैंक से जुड़े कई विवाद भी हुए। अब नए MD और CEO नियुक्त करने की प्रक्रिया चल रही है। ब्रोकरेज का मानना है कि HDFC Bank के शेयरों में अब तेजी देखने को मिल सकता है।

HDFC Bank का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 2.55% चढ़कर ₹731.20 पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले एक साल की तस्वीर देखें तो शेयर अब भी 25% से ज्यादा नीचे है।

चार बड़े ब्रोकरेज हाउस ने HDFC Bank को लेकर अपनी राय जारी की है। Jefferies और Nomura ने शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। वहीं Bernstein और Macquarie ने ‘Outperform’ रेटिंग दी है। इनके टारगेट प्राइस ₹880 से लेकर ₹1,150 तक हैं।

Jefferies ने ₹880 का टारगेट दिया

Jefferies ने HDFC Bank पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस ₹880 रखा है। यह पिछले क्लोजिंग भाव से देखें तो यह करीब 20.4% ऊपर है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, बैंक के बोर्ड ने CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया में तेजी दिखाई है। बैंक ने RBI के पास तीन साल के CEO कार्यकाल के लिए दो नाम भेजे हैं। Jefferies का मानना है कि अगर बैंक किसी आंतरिक उम्मीदवार को चुनता है तो बदलाव अपेक्षाकृत आसान हो सकता है।

ब्रोकरेज ने HDFC Bank के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा को प्रमुख आंतरिक उम्मीदवारों में बताया है। Jefferies के मुताबिक, उनके पास करीब 2.8 से 3 साल की कार्यकाल पात्रता बच सकती है।

चारों ब्रोकरेज के टारगेट में कितना अंतर?

ब्रोकरेजरेटिंगटारगेट प्राइस
संभावित रिटर्न

JefferiesBuy₹88020.4%
NomuraBuy₹95029.9%
BernsteinOutperform₹1,15057.2%
MacquarieOutperform₹1,15057.2%

Nomura का टारगेट ₹950

Nomura ने भी HDFC Bank पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस ₹950 रखा हैयह करीब 29.9% तेजी का संकेत देता है।

Nomura के मुताबिक, RBI को भेजे गए दोनों नामों से आगे अलग-अलग परिस्थितियां बन सकती हैं। अगर आंतरिक उम्मीदवार को CEO बनाया जाता है तो बैंक को कारोबारी निरंतरता का फायदा मिल सकता है।

वहीं, किसी बाहरी उम्मीदवार की नियुक्ति होने पर बैंक के पास लंबी अवधि के लिए नेतृत्व तैयार करने और रणनीति की नए सिरे से समीक्षा करने की गुंजाइश बढ़ सकती है।

Bernstein ने ₹1,150 का टारगेट दिया

Bernstein ने HDFC Bank पर ‘Outperform’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट ₹1,150 रखा है। इसमें करीब 57.2% तेजी की गुंजाइश है।

Bernstein ने खास तौर पर CEO नियुक्ति की टाइमिंग को अहम बताया है। बैंक ने शशिधर जगदीशन का कार्यकाल खत्म होने से काफी पहले RBI को नाम भेजे हैं। जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर को खत्म होना है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, बोर्ड आने वाले CEO के लिए तीन साल के कार्यकाल की मांग कर रहा है। इसके अलावा जिमी टाटा को होल टाइम डायरेक्टर बनाने और एक और होल टाइम डायरेक्टर का पद बनाने का प्रस्ताव है।

इससे MD और CEO को छोड़कर बैंक में होल टाइम डायरेक्टरों की संख्या चार हो जाएगी।

Macquarie भी ₹1,150 पर बुलिश

Macquarie ने HDFC Bank पर ‘Outperform’ रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस ₹1,150 रखा है। यह भी करीब 57.2% तेजी का संकेत देता है।

Macquarie का कहना है कि बोर्ड की हालिया कार्रवाई से CEO उत्तराधिकार को लेकर कुछ स्पष्टता आई है। हालांकि, ब्रोकरेज के मुताबिक असली अहमियत अंतिम CEO नियुक्ति की होगी।

ब्रोकरेज का मानना है कि एक और होल टाइम डायरेक्टर की नियुक्ति से बैंक के वरिष्ठ प्रबंधन में गहराई बढ़ेगी। इससे CEO उत्तराधिकार की प्रक्रिया ज्यादा संस्थागत हो सकती है। नए CEO से अतिरिक्त पद पर नियुक्ति को लेकर सलाह लिए जाने की भी बात कही गई है।

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Gold Price Today: सोने में गिरावट लौटी, 24 और 22 कैरेट दोनों का भाव आया नीचे

देश में सोने की कीमत में गिरावट लौट आई है। 18 सितंबर की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत फिसलकर 152980 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। अन्य शहरों में भी भाव गिरा है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 600 रुपये नीचे आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,317.11 डॉलर प्रति औंस पर है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमत: दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 152980 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 140240 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 140090 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 152830 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 152830 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 140090 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 152830 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 140090 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली140240152980
मुंबई140090152830
अहमदाबाद140140152880
चेन्नई140090152830
कोलकाता140090152830
हैदराबाद140090152830
जयपुर140240152980
भोपाल140140152880
लखनऊ140240152980
चंडीगढ़140240152980

जेफरीज के ग्लोबल हेड ऑफ इक्विटी स्ट्रैटेजी क्रिस वुड का मानना है कि सोने का भाव बढ़कर 10,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। मौजूदा स्तर से देखें तो यह करीब 130% की तेजी होगी। वुड ने Jefferies India Forum 2026 के मौके पर CNBC-TV18 से बातचीत में कहा कि 10,000 डॉलर प्रति औंस का स्तर संभव है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को नियंत्रित करने की कोशिश से डॉलर कमजोर हो सकता है। इसका फायदा सोने को मिल सकता है।

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चांदी का हाल

सोने की तरह दूसरी कीमती धातु चांदी में भी शुक्रवार को गिरावट है। 18 सितंबर की सुबह चांदी फिसलकर 244900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत गिरकर 64.06 डॉलर प्रति औंस हो गई है। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोना फिसला, चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 17 सितंबर को सोने में गिरावट देखने को मिली। चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में जोरदार तेजी दिखी। लेकिन, कमजोर घरेलू मांग का असर दिल्ली में सोने की कीमतों पर पड़ा।

चांदी 2.42 लाख रुपये पर स्थिर रही

दिल्ली सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोना 600 रुपये गिरकर 1,55,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। चांदी की कीमत 2.42 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही। 16 सितंबर को फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने के फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में गिरावट आई थी।

16 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरा था सोना

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, “घरेलू बाजारों में कीमतों पर 16 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में आई गिरावट का असर पड़ा।” अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने इंटरेस्ट रेट 0.25 फीसदी बढ़ा दिया है। इससे यह 3.75-4 फीसदी पर आ गया है। यह बीते तीन सालों में इंटरेस्ट रेट में पहली वृद्धि है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में जोरदार रिकवरी

17 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में जोरदार तेजी देखने को मिली। सोना 2.45 फीसदी चढ़कर 4,372.95 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। चांदी 4.42 फीसदी के उछाल के साथ 66.02 डॉलर प्रति औंस पर चल रही थी। कई दिनों के बाद सोने और चांदी की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में इतनी बड़ी तेजी दिखी है।

इन वजहों से विदेश में बुलियन में तेजी 

मिरै एसेट शेयरखान के कमोडिटीज हेड प्रवीण सिंह ने कहा, “क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी, ट्रेजरी यील्ड में कमी और डॉलर इंडेक्स के थोड़ा नीचे आने से स्पॉट गोल्ड की कीमतों में स्ट्रॉन्ग रिकवरी दिखी है।” क्रूड ऑयल में 17 सितंबर को बड़ी गिरावट दिखी है। ब्रेंट क्रूड गिरकर 102 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर है।

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महंगाई बढ़ने का खतरा अब भी बरकरार

एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रूड के नीचे आने के बावजूद महंगाई बढ़ने का खतरा कम नहीं हुआ है। इसकी वजह यह है कि क्रूड की कीमतों में नरमी अगर जारी रहती है तो भी इसका असर महंगाई पर काफी बाद में दिखेगा। पिछले कई हफ्तों से ब्रेंट क्रूड के 100 डॉलर के ऊपर बने रहने से सितंबर में रिटेल इनफ्लेशन में उछाल दिख सकता है। सितंबर के इनफ्लेशन के डेटा अगले महीने आएंगे। फेडरल रिजर्व ने कहा है कि फिलहाल मौद्रिक नीति सख्त बनी रहेगी।

Groww Share Price: ₹1999 करोड़ की ब्लॉक डील पर शेयर धड़ाम, 4% की भारी गिरावट, Jefferies से समझें स्ट्रैटेजी

Groww Share Price: एक तरफ दो दिनों की गिरावट से उबरते हुए सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty) आधे फीसदी से अधिक उछल पड़े तो दूसरी तरफ ग्रो की पैरेंट कंपनी बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स (Billionbrains Garage Ventures) के शेयर 4% से अधिक टूट गए। 1.69% की हिस्सेदारी के बराबर शेयरों की ₹1999 करोड़ में ब्लॉक डील ने इसे बुरी तरह तोड़ दिया। निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद अब भी यह कमजोर स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 3.80% की गिरावट के साथ ₹190.05 पर है। इंट्रा-डे में यह 4.66% की गिरावट के साथ ₹188.35 पर है।

Block Deal में किसने बेचे Groww के शेयर और किस भाव पर?

ब्लॉक डील्स के जरिए ग्रो के 10.41 करोड़ शेयरों यानी 1.69% इक्विटी होल्डिंग की प्रति शेयर ₹192 के भाव पर ₹1999 करोड़ में बिक्री हुई। अभी ये शेयर किसने खरीदे और बेचे, आधिकारिक तौर पर इसका खुलासा नहीं हुआ है लेकिन 15 सितंबर को सीएनबीसी-टीवी18 ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी थी कि पीक XV पार्टनर्स इंवेस्टमेंट्स VI-1 और सिकोईया कैपिटल ग्लोबल ग्रोथ फंड III-यूएस/इंडिया एनेक्स फंड ब्लॉक डील्स में शेयर बेच सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक इसका बेस ऑफर साइज 1.6% इक्विटी होल्डिंग थी और फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹191.45 तय किया गया है। जून तिमाही के आखिरी में कंपनी में पीक XV पार्टनर्स इंवेस्टमेंट्स VI-1 की ग्रो में 15.68% तो सिकोईया कैपिटल ग्लोबल ग्रोथ फंड III-यूएस/इंडिया एनेक्स फंड की 1.46% हिस्सेदारी थी।

क्या है Jefferies का रुझान?

मंगलवार को जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया था कि ग्रो की कुल कमाई का लगभग 55% हिस्सा F&O से आता है तो CAS मामले को लेकर कोई भी समाधान आएगा तो वह ग्रो के लिए भी फायदेमंद होगा। जेफरीज का मानना है कि वित्त वर्ष 2026-2029 के दौरान शुद्ध मुनाफे की सालाना 30% की ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए कई फैक्टर्स काम कर रहे हैं, जैसे कि ब्रोकिंग बिजनेस में 18% की बढ़ोतरी, एमटीएफ और वेल्थ मैनेजमेंट जैसी नई पहल और मार्जिन में 10 पर्सेंटेज प्वाइंट्स की बढ़ोतरी।

इस वित्त वर्ष 2027 के आखिरी तक ग्रो की अपने प्लेटफॉर्म पर अमेरिकी स्टॉक्स जोड़ने की योजना है और ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक इससे वित्त वर्ष 2028 की अनुमानित कमाई 5-9% तक और बढ़ सकती है।

इन सब बातों को देखते हुए जेफरीज ने ग्रो को सिर्फ खरीदारी की ही रेटिंग में नहीं रखा है बल्कि इसे फाइनेंशियल आउटपरफॉर्मर्स की लिस्ट में भी रखा है। इस लिस्ट में जेफरीज ऐसे स्टॉक्स रखती है, जिनमें अगले तीन सालों में अपने ऑपरेटिंग प्रॉफिट को 25% CAGR या उससे अधिक की रफ्तार से बढ़ाने की क्षमता होती है।

अब तक कैसी रही शेयरों की चाल?

ग्रो के शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹100 के भाव पर जारी हुए थे और इसकी मार्केट में पिछले साल 12 नवंबर 2025 को एंट्री हुई थी। 29 अप्रैल 2026 को बीएसई पर यह ₹227.00 के रिकॉर्ड हाई लेवल पर था। फिलहाल तो इस हाई से यह काफी नीचे है लेकिन अब आगे की बात करें जेफरीज ने इसे ₹240 के टारगेट प्राइस पर खरीदारी की रेटिंग दी है यानी कि इसके शेयरों के अब तक के रिकॉर्ड हाई लेवल से भी ऊपर। लिस्टिंग के बाद बीएसई पर इसका रिकॉर्ड निचला स्तर ₹112.02 है जो इसने लिस्टिंग के दिन ही छुआ था।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 15 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 10 शेयर, टाटा ग्रुप और आईटी स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Stocks to Watch: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 15 सितंबर को कई शेयर खबरों के चलते फोकस में रहेंगे। HDFC Bank में MD और CEO की नियुक्ति को लेकर हलचल है। वहीं Tata Group, IT, फार्मा और ब्रोकिंग स्टॉक्स से जुड़े अहम अपडेट भी हैं। इन खबरों का असर मंगलवार को शेयरों की चाल पर दिख सकता है।

HDFC Bank

प्राइवेट सेक्टर बैंक HDFC Bank ने अगले MD और CEO की नियुक्ति को लेकर दो नाम शॉर्टलिस्ट किए हैं। इनमें एक इंटरनल और एक एक्सटर्नल उम्मीदवार है। बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर Kaizad M Bharucha इंटरनल उम्मीदवारों में शामिल हैं, जबकि दूसरा नाम एक अन्य प्राइवेट बैंक के टॉप एग्जीक्यूटिव का है। HDFC Bank का ADR शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट पर 6.5% चढ़ा।

Info Edge

इंटरनेट सर्विसेज कंपनी Info Edge ने लीडरशिप में बदलाव किया है। Adobe Systems India के पूर्व MD नरेश चंद गुप्ता को स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया गया है। हिमांशु अग्रवाल नए CFO होंगे। गुप्ता 1 अक्टूबर से पांच साल के लिए बोर्ड में शामिल होंगे, जिसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी है।

Aurobindo Pharma

फार्मा कंपनी Aurobindo Pharma ने बताया कि आंध्र प्रदेश स्थित उसके API मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का US FDA इंस्पेक्शन पूरा हो गया है। इसमें कोई ऑब्जर्वेशन नहीं मिला। यह इंस्पेक्शन 7 से 11 सितंबर 2026 के बीच हुआ था।

Indiabulls

एनबीएफसी कंपनी Indiabulls ने Fintech Cloud Private Limited में 70% हिस्सेदारी खरीदने के लिए ₹1,050 करोड़ की डील की है। इस सौदे से कंपनी फिनटेक टेक्नोलॉजी स्पेस में एंट्री करेगी।

Raymond

टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग कंपनी Raymond ने बताया कि उसकी एयरोस्पेस सब्सिडियरी को एक डिफेंस कंपनी से नया कारोबार मिला है। इसकी सालाना संभावित वैल्यू करीब ₹33 करोड़ है। ऑर्डर में 300 से ज्यादा पार्ट नंबर और हर साल 37,000 से ज्यादा कंपोनेंट शामिल हैं।

HDFC Life Insurance

बीमा कंपनी HDFC Life Insurance पर जुलाई 2017 से मार्च 2022 की अवधि के लिए ₹942.18 करोड़ का GST डिमांड कन्फर्म हुआ है। इसके अलावा ₹2,422.97 करोड़ की पेनल्टी भी लगाई गई है। इस पर लागू ब्याज भी देना होगा।

Granules India

फार्मा कंपनी Granules India के प्रमोटर डॉ. कृष्ण प्रसाद चिगुरुपति ने 11 सितंबर को 1.72 करोड़ शेयर बेचे। यह बिक्री ब्लॉक और ओपन मार्केट ट्रांजैक्शन के जरिए हुई। इससे मिले फंड का इस्तेमाल प्रेफरेंशियल इश्यू की दूसरी किस्त और ग्रोथ प्लान के लिए किया जाएगा।

Jubilant Pharmova

फार्मा कंपनी Jubilant Pharmova ने बताया कि US FDA ने वॉशिंगटन के Spokane स्थित उसके CMO फैसिलिटी को “Voluntary Action Indicated” यानी VAI कैटेगरी में रखा है। यह फैसला 8 से 17 जून 2026 के बीच हुए इंस्पेक्शन के बाद आया है।

Sun Pharma

फार्मा कंपनी Sun Pharma ने बताया कि उसकी सब्सिडियरीज ने अमेरिका में जेनेरिक दवा कीमतों से जुड़े एंटीट्रस्ट मामले में वादी के साथ समझौता किया है। इसमें Sun Pharmaceutical Industries Inc., Taro Pharmaceutical Industries और Taro Pharmaceuticals USA शामिल हैं। समझौते की रकम सार्वजनिक नहीं की गई है।

Coforge

आईटी सर्विसेज कंपनी Coforge में बोर्ड स्तर पर बदलाव हुआ है। डीके सिंह ने तत्काल प्रभाव से इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और Nomination and Remuneration Committee के चेयरपर्सन पद से इस्तीफा दिया है। Beth Boucher को NRC का नया चेयरपर्सन बनाया गया है।

Tata Group Stocks

केमिकल कंपनी Tata Chemicals समेत अन्य Tata Group Stocks पर फोकस रहेगा। सूत्रों के मुताबिक RBI ने Tata Sons की एप्लीकेशन खारिज कर दी है। इसका मतलब है कि Tata Sons को RBI के नियमों के मुताबिक लिस्टिंग करनी होगी।

IT Stocks

आईटी सेक्टर की कंपनियां मंगलवार को फोकस में रहेंगी। OpenAI, Anthropic और चीन के सिक्योरिटी चीफ ने AI डेवलपमेंट की रफ्तार धीमी करने की बात कही है। इस घटनाक्रम के बाद ग्लोबल मार्केट में ज्यादातर AI से जुड़े शेयरों में कमजोरी देखी गई।

Broking Stocks

स्टॉक एक्सचेंज BSE और ब्रोकिंग कंपनियां Angel One समेत अन्य ब्रोकिंग स्टॉक्स मंगलवार को फोकस में रह सकते हैं। SEBI के CAS से जुड़े कंसल्टेशन पेपर में पांच सुझाव दिए गए हैं। इनमें VWAP सिस्टम, CAS स्टॉक्स की नॉर्मल कैश ट्रेडिंग, लाइव इंडिकेटिव इंडेक्स वैल्यू पर रोक और स्पूफिंग पर सख्ती जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। Jefferies के मुताबिक इन प्रस्तावों से अनिश्चितता कम होगी और ब्रोकर्स व एक्सचेंजों के लिए यह सकारात्मक है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks To Buy: ये 5 शेयर करेंगे मालामाल, जेफरीज हुआ इनका दीवाना, क्या करना चाहेंगे निवेश

Stock To Buy: ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने Groww, Paytm, PB Fintech, AU Small Finance Bank और Poonawalla Fincorp को उन पांच स्टॉक्स के तौर पर चुना है जिनका मार्केट कैपिटलाइज़ेशन $5 बिलियन या उससे ज़्यादा है और जो अगले तीन सालों में अच्छे रेवेन्यू ग्रोथ के साथ अपने ऑपरेटिंग प्रॉफिट को 25% की कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ा सकते हैं।

जेफरीज ने ऊपर बताए गए सभी पांच स्टॉक्स को “खरीदने” (buy) की रेटिंग दी है और उम्मीद है कि वे निवेशकों को अच्छा रिटर्न देंगे, क्योंकि ग्रोथ कंपाउंडिंग के साथ, ज़्यादा वैल्यूएशन के बावजूद निवेशकों को रिटर्न मिलेगा। आइए इन स्टॉक्स पर अलग-अलग नजर डालते हैं।

Groww | ब्रोकरेज का मानना ​​है कि Groww की पैरेंट कंपनी, Billionbrains Garage Ventures का शेयर प्राइस ₹240 तक पहुंच सकता है, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से इसमें 24% की बढ़ोतरी की संभावना है। जेफरीज का कहना है कि Groww के पास फाइनेंशियल ईयर 2026-2029 के दौरान 30% प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) CAGR हासिल करने के कई तरीके हैं। इनमें क्लाइंट विंटेज और मार्केट शेयर में बढ़ोतरी से ब्रोकिंग बिज़नेस में 18% की ग्रोथ, MTF और वेल्थ मैनेजमेंट जैसी नई पहल और मार्जिन में 10 प्रतिशत पॉइंट का विस्तार शामिल है।

Groww फाइनेंशियल ईयर 2027 में अपने प्लेटफ़ॉर्म पर US स्टॉक्स भी जोड़ रहा है, जिससे जेफरीज का मानना ​​है कि फाइनेंशियल ईयर 2028 की कमाई में 5% से 9% की और बढ़ोतरी हो सकती है।

Paytm | जेफरीज ने इस स्टॉक के लिए अपना प्राइस टारगेट पहले के ₹1,600 से बढ़ाकर ₹2,100 कर दिया है। नया प्राइस टारगेट इसके IPO प्राइस ₹2,150 के लगभग बराबर है। जेफरीज ने कहा कि Paytm लगभग ज़ीरो MDR वाले माहौल में भी अपने क्लाइंट बेस से कमाई करने में आगे है, और अब यह स्थिति बेहतर हो रही है।

जेफरीज का कहना है कि Paytm का 49 मिलियन मर्चेंट बेस और मजबूत लोन-ओरिजिनेशन मॉडल कंपनी को फाइनेंशियल ईयर 2026-2029 के दौरान 25% रेवेन्यू CAGR हासिल करने में मदद करेगा। इसके साथ ही, ऑपरेशनल तालमेल से इसके EBITDA और प्रॉफ़िट में ज़बरदस्त बढ़ोतरी होगी। ब्रोकरेज ने UPI पर 25 बेसिस पॉइंट्स के MDR को ध्यान में रखते हुए, फाइनेंशियल ईयर 2028-2029 के लिए Paytm की कमाई के अनुमानों को 20% और 25% तक बढ़ा दिया है।

PB Fintech | ब्रोकरेज ने PB Fintech के लिए ₹2,050 का प्राइस टारगेट तय किया है, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से इसमें 15% की बढ़त की गुंजाइश है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि फाइनेंशियल ईयर 2026-2029 के दौरान PB Fintech के प्रीमियम में 35% CAGR (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) देखने को मिलेगा।

ब्रोकरेज ने कहा कि मजबूत ऑपरेटिंग लेवरेज और बढ़ते रिन्यूअल बुक से कंपनी के एडजस्टेड EBITDA को इसी समय में चार गुना बढ़ने में मदद मिलनी चाहिए। साथ ही, कमीशन से जुड़े कड़े नियमों का जोखिम तो है, लेकिन कंबाइंड ऑपरेटिंग मॉडल और क्लेम सपोर्ट/सेल्स पहल जैसे तरीके भी मौजूद हैं।

AU Small Finance Bank | ब्रोकरेज ने इस स्टॉक के लिए ₹1,270 का टारगेट तय किया है, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से इसमें 21% की बढ़त की गुंजाइश है। Jefferies का कहना है कि यूनिवर्सल बैंक बनने से फंडिंग कॉस्ट कम हो सकती है, फीस बढ़ सकती है और ब्रांड मजबूत हो सकता है, जिससे ग्रोथ में मदद मिलेगी।

Jefferies का अनुमान है कि अगले तीन सालों में मजबूत डिपॉजिट ग्रोथ से 22% CAGR की क्रेडिट ग्रोथ में मदद मिलेगी और फाइनेंशियल ईयर 2028 तक RoA (रिटर्न ऑन एसेट्स) बढ़कर 1.8% हो जाएगा। Jefferies ने आगे कहा कि लीडरशिप में निरंतरता से भी ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी बनी रहेगी और वैल्यूएशन प्रीमियम में मदद मिलेगी।

Poonawalla Fincorp | ब्रोकरेज को उम्मीद है कि यह स्टॉक ₹560 के लेवल तक जा सकता है, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से इसमें 27% की बढ़त की गुंजाइश है। Poonawalla Fincorp अगले तीन सालों में 34% का AUM CAGR हासिल कर सकती है, जिसकी वजह नए प्रोडक्ट्स का विस्तार होगा (जो अभी कुल AUM का 16% है, वह बढ़कर 34% हो जाएगा)। ज़्यादा डिस्बर्समेंट यील्ड और प्राइम PL (पर्सनल लोन) व गोल्ड लोन में तेज़ी से ग्रोथ के कारण मार्जिन भी बढ़ेंगे।

अनसिक्योर्ड सेगमेंट में एसेट क्वालिटी अच्छी रहने से क्रेडिट कॉस्ट भी कम होनी चाहिए। बुक वैल्यू के 2.6 गुना पर, यह स्टॉक दूसरी NBFC कंपनियों के मुकाबले प्रीमियम वैल्यूएशन पर है, हालांकि इसका ग्रोथ आउटलुक कहीं ज़्यादा मजबूत है।

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₹20 तक चढ़ जाएगा Voda Idea का शेयर, इस कारण Jefferies ने लगाया दांव

Voda Idea Share Price: वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने टेलीकॉम सर्विसेज कंपनी वोडा आइडिया की ₹20 के टारगेट प्राइस के साथ कवरेज शुरू की है। ब्रोकरेज फर्म ने इसे हाई-बीटा टर्नअराउंड अपॉर्च्यूनिटी यानी अधिक उतार-चढ़ाव वाली लेकिन तेजी से सुधार की संभावना रखने वाली कंपनी बताया है। जेफरीज ने इसके शेयरों का जो टारगेट फिक्स किया है, वह सभी ब्रोकरेजेज के बीच हाइएस्ट है और सिर्फ चौथा खरीदारी की रेटिंग है। इसे कवर करने वाले 22 एनालिस्ट्स में से 10 ने सेल और 8 ने होल्ड रेटिंग दी है।

Voda Idea को लेकर क्या है Jefferies की रिपोर्ट में

जेफरीज का अनुमान है कि वोडाफोन आइडिया के सब्सक्राइबर्स की संख्या में आ रही स्थिरता से इसके रेवेन्यू को सपोर्ट मिलेगा और यह वित्त वर्ष 2026-2029 के दौरान 11% की कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ेगा। जेफरीज के मुताबिक इसके साथ ही मजबूत ऑपरेटिंग लेवरेज से इसी दौरान 25% कैश EBITDA CAGR हासिल करने और वित्त वर्ष 2031 तक RoCE (रिटर्न ऑन इन्वेस्टेड कैपिटल) में जबरदस्त सुधार करने में भी मदद मिलेगी।

हालांकि जेफरीज की रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2026-2029 के दौरान कंपनी का इंक्रीमेंटल ईबीआईटीडीए मार्जिन लगभह 50% रह सकता है। यह बाकी टेलीकॉम कंपनियों के 60% से अधिक के मार्जिन से कम है और इसकी मुख्य वजह ये है कि इस दौरान कंपनी अपने नेटवर्क को तेजी से बढ़ाने और नए नेटवर्क रोलआउट पर खर्च करेगी। जेफरीज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2030 के बाद, जब नेटवर्क विस्तार की रफ्तार सामान्य हो जाएगी, तब कंपनी का ईबीआईटीडीए मार्जिन 60% से ऊपर जा सकता है।

वोडाफोन आइडिया को फाइनेंशियल ईयर 2026-2029 के दौरान लगभग 50% का इंक्रीमेंटल EBITDA मार्जिन हासिल करना चाहिए। यह टेलीकॉम कंपनियों द्वारा देखे जाने वाले 60% से ज़्यादा मार्जिन से कम है, क्योंकि इस दौरान नेटवर्क रोलआउट तेज़ी से हो रहा है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि फाइनेंशियल ईयर 2030 के बाद, जब नेटवर्क रोलआउट सामान्य हो जाएगा, तो मार्जिन 60% से ऊपर चला जाएगा।

जेफरीज के मुताबिक अगले कुछ वर्षों के लिए वोडा आइडिया को करीब ₹25,000 करोड़ का कर्ज जुटाना पर्याप्त होगा, लेकिन वित्त वर्ष 2030 में कंपनी को लगभग ₹16,000 करोड़ की नई इक्विटी कैपिटल जुटाने की जरूरत पड़ सकती है। इससे सरकार की तरफ से वोडा आइडिया की लगभग ₹15,300 करोड़ की स्पेक्ट्रम देनदारी को इक्विटी में बदलने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। जेफरीज का मानना ​​है कि यह वित्त वर्ष 2030-2034 के दौरान कंपनी की कैशफ्लो की कमी को पूरा करने के लिए काफी होना चाहिए।

जेफरीज के मुताबिक चूंकि कंपनी ने 2019 से अब तक ₹44,700 करोड़ की इक्विटी जुटाई है, इसलिए बेहतर होते ऑपरेटिंग कैश फ्लो और सरकार से लगातार मिल रहे सपोर्ट के बीच ₹16,000 करोड़ की अतिरिक्त इक्विटी जुटाना मुश्किल नहीं होगा। एक और अहम बात टैरिफ को लेकर है कि वोडाफोन आइडिया टैरिफ बढ़ोतरी से सबसे अधिक फायदा उठाने वाली कंपनी है, लेकिन जेफरीज का मानना ​​है कि टैरिफ में हर 10% की बढ़ोतरी से टेलीकॉम कंपनी की इक्विटी वैल्यू में लगभग 34% की बढ़त होगी।

कैसी है शेयरों की हालत

वोडा आइडिया के शेयर फिलहाल बीएसई पर 0.45% की गिरावट के साथ ₹15.44 के भाव पर है। एक साल में इसके शेयरों के चाल की बात करें तो पिछले साल 10 सितंबर 2025 को बीएसई पर यह एक साल के निचले स्तर ₹7.30 के भाव पर था, जिससे एक साल में यह 116.16% उछलकर 9 सितंबर 2026 को एक कारोबारी दिन पहले एक साल के हाई ₹15.78 पर पहुंच गया।

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