कोलकाता चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल हादसा, 49 सेकंड के वीडियो में दिखा भगदड़ का भयानक मंजर!

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। चोरेबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 25 लोग घायल हैं, जिसमें से कुछ की हालत गंभीर भी बताई जा रहा है। वहीं पश्चिम बंगाल सरकार ने इस हादसे के जांच के आदेश दिए हैं। जांच के दौरान हादसे के कारणों और उस समय की परिस्थितियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। इसी बीच इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

अनाउंसमेंट बनी 19 मौतों की वजह!

सामने आई एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में अनाउंसर लोगों से बार-बार पंडाल से बाहर जाने वाले रास्ते का इस्तेमाल करने की अपील करता सुनाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि उस समय तेज बारिश हो रही थी, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोगों ने बारिश से बचने के लिए पंडाल के अंदर शरण ली थी। इसके बाद वहां भीड़ बढ़ गई और लोगों को बाहर निकलने के लिए रास्ते का इस्तेमाल करने की हिदायत दी जाने लगी। पंडाल के बाहर खड़े लोगों को अंदर मौजूद लोगों से अलग निर्देश दिए जा रहे थे। बाहर इंतजार कर रहे लोगों को पंडाल के पास आने से रोका जा रहा था और अनाउंसमेंट के जरिए बताया जा रहा था कि पंडाल का एक हिस्सा गिरने का खतरा है।

 

इसके बावजूद बारिश से बचने और पंडाल में एंट्री करने के लिए लोगों की कतार आगे बढ़ती रही और भीड़ का दबाव बढ़ गया। जहां बाहर खड़े लोग अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे, वहीं पंडाल के अंदर मौजूद लोग बाहर निकलना चाहते थे। इस स्थिति के कारण वहां अफरा-तफरी मच गई और हालात खतरनाक हो गए।

49 सेकेंड के वीडियो में दिखा ये नजारा

करीब 49 सेकंड के एक अन्य वीडियो में देखा जा सकता कि एक संकरी गली में बड़ी संख्या में लोग फंसे हुए हैं। गली की छत नीची है और चारों तरफ बैरिकेड्स लगे हुए हैं। वीडियो में महिलाएं और बच्चे मदद के लिए आवाज लगाते सुनाई दे रहे हैं। भीड़ इतनी ज्यादा है कि लोगों के पास हिलने-डुलने तक की जगह नहीं बची और कुछ लोग बैलेंस बनाए रखने के लिए दीवारों का सहारा लेते नजर आए। वहीं, एक दूसरे वीडियो में बारिश के बीच लोग छाते लेकर पंडाल की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं।

पुलिस कर रही जांच

पुलिस अब उस अनाउंसमेंट की जांच कर रही है, जिसमें पंडाल के गिरने का खतरा बताया गया था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, ये पता लगाया जा रहा कि यह घोषणा किसने की और इसके पीछे क्या वजह थी। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जुटाए हैं और चश्मदीदों के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। अब तक मिली जानकारी से संकेत मिलता है कि पंडाल में भीड़ को संभालने के लिए किए गए इंतजामों में गंभीर कमियां थीं।

बता दें कि, शनिवार को सप्तमी के मौके पर पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई थी। दुर्गा पूजा के दस दिवसीय उत्सव में इस दिन का खास महत्व होने के कारण बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उस समय तेज बारिश हो रही थी और रोशनी भी कम थी। इसके अलावा, लोगों को पंडाल में प्रवेश करने के लिए करीब 90 मिनट तक कतार में इंतजार करना पड़ा, जिससे भीड़ की परेशानी और बढ़ गई।

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फुटबॉल स्टेडियम में हुआ बड़ा हादसा, स्टंट करते समय करीब 150 फीट नीचे गिरा सैनिक, हुई मौत

अमेरिका के टेक्सास में शनिवार को रात स्टेडियम में हजारों दर्शकों के सामने एक दर्दनाक हादसा हो गया। मैच शुरू होने से पहले रैपलिंग स्टंट करते समय अमेरिकी वायुसेना का एक सैनिक स्टेडियम की छत से करीब 150 फीट नीचे गिर गया। करीब 150 फीट नीचे गिरने की वजह से उसकी मौत हो गई। ये सैनिक सैन एंटोनियो के अलामोडोम में एक डिस्प्ले में हिस्सा ले रहे चार मिलिट्री वालों में से एक था। ये कार्यक्रम यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास एट सैन एंटोनियो (UTSA) और नेवी के बीच होने वाले कॉलेज फुटबॉल मैच से पहले आयोजित किया गया था।

बैलेंस बगड़ने से गिरे सैनिक

बताया जा रहा कि रस्सी के सहारे नीचे उतरते समय एक सैनिक का बैलेंस बिगड़ गया और वह सीधे मैदान में जा गिरा। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, जमीन पर गिरने से पहले वह काफी तेजी से नीचे आ रहा था। इस हादसे को देखकर स्टेडियम में मौजूद दर्शक घबरा गए। घटना के तुरंत बाद आपातकालीन सेवाओं की टीम मौके पर पहुंची और घायल सैनिक की मदद करने की कोशिश की। हादसे के बाद मेडिकल टीम ने मैदान पर ही सैनिक को बचाने की कोशिश की। इसके बाद सैन एंटोनियो फायर डिपार्टमेंट की टीम उसे गंभीर हालत में पास के अस्पताल ले गई। लेकिन सैनिक की जान नहीं बच सकी। नेवादा के नेलिस एयर फोर्स बेस के प्रवक्ता ने बाद में उसकी मौत की पुष्टि की।

द सन की रिपोर्ट के मुताबिक, एक प्रवक्ता ने बताया, “इस घटना की जांच की जा रही है। जैसे ही मामले से जुड़ी और जानकारी सामने आएगी, उसे जारी कर दिया जाएगा।”

20 हजार से ज्यादा फुटबॉल प्रशंसक थे मौजूद

ये हादसा UTSA के सालाना कार्यक्रम ‘सैल्यूट टू आर्म्ड फोर्सेज एंड वेटरन्स नाइट’ के दौरान हुआ। इस आयोजन का मकसद सेना के जवानों और पूर्व सैनिकों को सम्मान देना था। बताया जा रहा कि जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त स्टेडियम में 20 हजार से ज्यादा फुटबॉल प्रशंसक मौजूद थे। हादसे के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी और चिंता का माहौल बन गया। हादसे के बाद राहत और बचाव दल के मौके पर पहुंचने के कारण फुटबॉल मैच को कुछ देर के लिए रोकना पड़ा। लेकिन, थोड़ी देर बाद खेल दोबारा शुरू कर दिया गया।

UTSA यूनिवर्सिटी ने जारी किया बयान

UTSA यूनिवर्सिटी ने एक बयान जारी कर इस हादसे पर दुख जताया और मृत सैनिक के परिवार व साथियों के प्रति संवेदना व्यक्त की। बताया जा रहा कि मृतक सैनिक 6th कॉम्बैट ट्रेनिंग स्क्वाड्रन की डिटैचमेंट 2 यूनिट का हिस्सा था। ये यूनिट ऐसे सैन्य कर्मियों को प्रशिक्षण देती है, जो जमीन पर मौजूद सैनिकों के साथ मिलकर हवाई मदद की योजना बनाते हैं और उसे सही दिशा में इस्तेमाल करने का काम करते हैं।

Kolkata Stampede: कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ मामले में बड़ा एक्शन! आयोजकों समेत 7 लोग गिरफ्तार, अमित शाह ने अस्पताल पहुंच घायलों का जाना हाल, 19 की मौत

Kolkata Durga Puja Stampede: कोलकाता पुलिस ने चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ के सिलसिले में पूजा आयोजकों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार (18 अक्टूबर) को बताया कि शनिवार को हुए इस हादसे में कम से कम 19 लोगों की मौत हुई है। पुलिस ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए गैर इरादतन हत्या का मामला भी दर्ज किया है। पुलिस ने घटना की जांच के सिलसिले में शनिवार रात 14 लोगों को हिरासत में लिया था। उत्तरी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार (17 अक्टूबर) शाम बारिश के बीच अचानक भीड़ बढ़ने से भगदड़ मच गई थी। इसमें कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य लोग घायल हो गए।

भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, “हमने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। ये उन 14 लोगों में शामिल हैं, जिन्हें कल रात हिरासत में लिया गया था। कुछ और लोगों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है।” उन्होंने कहा, “शवों की पहचान करने की प्रक्रिया जारी है।”

अमित शाह ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का जाना हाल

इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार (18 अक्टूबर) को कोलकाता के एक अपोलो अस्पताल में पहुंचकर भगदड़ में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शरद्वत मुखर्जी भी घायलों से मिलने अपोलो अस्पताल पहुंचे। इससे पहले अमित शाह ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ कालीघाट स्थित काली मंदिर में दर्शन किए। हादसे की जांच जारी है। कोलकाता पुलिस घटना के कारणों के साथ-साथ भीड़ मैनेजमेंट में हुई संभावित चूक की पड़ताल कर रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने भीड़ मैनेजमेंट में खामियों का आरोप लगाया

कोलकाता पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या भीड़ मैनेजमेंट में खामियों, एंट्री और एग्जिट के रास्तों को लेकर भ्रम तथा भारी बारिश के कारण चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मची।

कई प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि प्रवेश, निकास और लोगों की आवाजाही को लेकर उचित घोषणाएं नहीं की गईं, जिससे वहां पहुंचे लोग भ्रमित हो गए। स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि पंडाल में पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं की गई थी। पुलिसकर्मी मुख्य रूप से वीआईपी एंट्री गेट के पास तैनात थे।

स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में प्रशासन की ओर से बहुत कम मदद मिलने का भी आरोप लगाया। एक पुलिस अधिकारी ने पीटीआई से कहा कि पुलिस घटना के कारणों, भीड़ नियंत्रण के उपायों, आयोजन स्थल पर की गई व्यवस्थाओं और आपात स्थिति के दौरान अधिकारियों की ओर से उठाए गए कदमों की जांच कर रही है। एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि फॉरेंसिक टीम देर रात चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल क्षेत्र में पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने शुरू किए।

उन्होंने बताया कि कोलकाता पुलिस के अधिकारी चोरबागान दुर्गा पूजा के आयोजकों से भी बात कर रहे हैं। उन्होंने वहां सुरक्षा में तैनात गार्डों तथा भीड़ मैनेजमेंट के लिए नियुक्त लोगों की सूची मांगी है। घटना के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे थे। कोलकाता और राज्य के अन्य हिस्सों में दुर्गा पूजा के कई आयोजक ‘थीम’ आधारित सजावट के जरिए अपने पंडालों को अधिक आकर्षक बनाने के लिए एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करते हैं।

कैसे मची अफरा-तफरी?

मुख्यमंत्री अधिकारी ने बताया कि मृतकों में से दो के परिजनों के अनुसार, पंडाल क्षेत्र में निजी सुरक्षा गार्डों द्वारा सीटी बजाए जाने के कारण वहां अफरा-तफरी मच गई थी। कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंदा भी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, घायलों को इलाज के लिए आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया। जबकि 11 मरीजों को एसएसकेएम अस्पताल भेजा गया।

मेडिकल कॉलेज के एक सूत्र ने बताया कि मृतकों में 13 महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। पश्चिम बंगाल सरकार ने घटना से प्रभावित लोगों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर शुरू किया है। इस हादसे में जान गंवाने वाली एक महिला के बेटे सोनू पाल ने घटना के वक्त की परिस्थितियों की जानकारी दी। कुम्हारटोली के निवासी पाल अपनी मां के साथ दुर्गा पूजा देखने गए थे। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई।

पाल ने कहा कि भीड़ बढ़ने के कारण लोग संभल नहीं सके और एक-दूसरे पर गिरने लगे। घटना से लोगों में भारी रोष है। भगदड़ में जान गंवाने वालों के दुखी परिजनों ने सवाल उठाया कि इन मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा। इस हादसे में शुभम सोनकर ने अपनी बहन को खो दिया। उन्होंने अपनी बहन से हुई आखिरी बातचीत को याद करते हुए कहा कि वह उसकी शादी की योजना बना रहे थे।

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उत्तर 24 परगना जिले के उत्तर जोगेंद्रनगर इलाके की रहने वाली प्रिया सामद्दार अपने दोस्तों के साथ दुर्गा पूजा पंडाल देखने कोलकाता आई थीं। लेकिन न्यू बैरकपुर स्थित तपती बालिका विद्यालय की यह छात्रा अब कभी घर नहीं लौटेगी। इस घटना में जान गंवाने वाली एक अन्य महिला श्रीपर्णा पोद्दार (27) हुगली जिले के बैद्यबाटी से थीं।

Rajasthan Bus Accident: कोटा में श्रद्धालुओं से भरी बस पलटी, 8 की मौत, 6 से ज्यादा घायल

Rajasthan Bus Accident: राजस्थान के खाटू श्याम मंदिर में दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं का सफर कोटा में एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर श्रद्धालुओं से भरी एक बस पलट गई। इस हादसे में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई। जबकि 6 से ज्यादा यात्री घायल हो गए। बता दें कि बस में बच्चे और बुजुर्ग समेत कुल 21 यात्री सवार थे। ये सभी यात्री भोपाल से राजस्थान के खाटू श्याम मंदिर जा रहे थे।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बस चलाते समय ड्राइवर ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद बस सड़क किनारे खाई में जा गिरी। हालांकि, हादसा किस वजह से हुआ, इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।

डीएम ने की मौत की पुष्टी

इस घटना के बाद, कोटा के जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया ने बताया कि सभी घायलों को MBS अस्पताल ले जाया गया है और उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने आठ लोगों की मौत की भी पुष्टि की।

वे जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के साथ अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों से मुलाकात की और उनकी स्थिति का जायजा लिया।

मलबे से 8 शव निकाले गए: सिमलिया SHO

चल रहे बचाव अभियान के बारे में जानकारी देते हुए, सिमलिया के SHO नंद सिंह ने TOI को बताया कि मलबे से अब तक आठ शव निकाले जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि हादसे के समय ट्रैवलर बस में लगभग 23 यात्री सवार थे।

SHO ने बताया कि घायलों को तुरंत इलाज के लिए पास के अस्पतालों – कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल और MBS अस्पताल – में ले जाया गया। इसके लिए तीन एम्बुलेंस तैनात की गई थीं। पुलिस के अनुसार, आठ घायल यात्रियों को इलाज के लिए इन दोनों अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

फिलहाल आधिकारिक तौर पर आठ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, लेकिन अधिकारियों को आशंका है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि बचाव दल अभी भी घटनास्थल से मलबा हटाने और पीड़ितों की पहचान करने का काम कर रहे हैं।

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ड्रोन हमले के बाद तुर्किये का मालवाहक जहाज ब्लैक सी में डूब, 3 भारतीय सहित 11 को सुरक्षित बचाया गया

हाल ही में ब्लैक सी यानी काला सागर में ड्रोन हमले की चपेट में आने से तुर्किये का एक मालवाहक जहाज MV रोयाड मम्मादोव डूब गया। उस पर सवार दो विदेशी नागरिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य क्रू मेंबर घायल हो गए। इस जहाह पर सवार 3 भारतीयों समेत 11 अन्य लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। बचाए गए भारतीयों में से एक घायल है, जिसका इलाज रोमानिया में किया जा रहा है।

रोमानिया में भारतीय दूतावास ने सोमवार को बताया कि ब्लैक सी में एक वाणिज्यिक जहाज पर हमला हुआ। इसमें सवार तीन भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं, जिनमें से एक घायल है और उसका रोमानिया में इलाज चल रहा है। MV रोयाड मम्मादोव जहाज पर ब्लैक सी में सफर करते समय हमला हुआ। जिसमें दो विदेशी नागरिकों की मौत हो गई और कई क्रू मेंबर घायल हो गए। भारतीय मिशन के मुताबिक, घायल क्रू मेंबर को इलाज के लिए रोमानिया ले जाया गया।

रोमानिया में भारतीय दूतावास ने X पर एक पोस्ट में कहा, “तीनों भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। हमने उनसे बात की है। उनमें से एक घायल हो गया है और उसका इलाज चल रहा है।”

रोमानिया में भारतीय राजदूत मनोज महापात्रा ने भी कॉन्स्टैंटा काउंटी हॉस्पिटल में तीन भारतीय क्रू मेंबर से बात की, जहां उनका इलाज चल रहा था। दूतावास ने कहा कि राजदूत ने हॉस्पिटल के चीफ फिजिशियन से भी बात की। इंडियन मिशन ने कहा कि वह रोमानियाई अधिकारियों और हॉस्पिटल अधिकारियों के संपर्क में है और प्रभावित भारतीय क्रू मेंबर्स को हर मुमकिन मदद दे रहा है।

ड्रोन हमले से जहाज में लगी आग, 2 की मौत

रोमानियाई अधिकारियों ने कहा कि ब्लैक सी में 139 मीटर लंबे जहाज में आग लगने से दो क्रू मेंबर्स की मौत हो गई और 11 अन्य को बचा लिया गया। खबर है कि जहाज में अजरबैजानी और भारतीय नागरिक सवार थे। तुर्किये का मालवाहक जहाज रोमानियाई मछली पकड़ने वाले पोर्ट स्फांटू घोरघे से लगभग 30 नॉटिकल मील दक्षिण में डूब गया। रोमानिया के गृह मंत्रालय ने कहा कि उसके कोस्ट गार्ड बॉर्डर पुलिस को अलर्ट किया गया था कि रोमानिया के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में मौजूद एक कमर्शियल जहाज में आग लग गई है।

ड्रोन हमले के लिए रूस जिम्मेदार

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस घटना के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया, और आरोप लगाया कि रूसी ड्रोन हमला अंतरराष्ट्रीय जल सीमा में यात्रा कर रहे नागरिक जहाज पर किया गया। जेलेंस्की ने X पर एक पोस्ट में कहा, “न्यूट्रल पानी में मक्का ले जा रहे एक नागरिक जहाज पर दो रूसी ड्रोन ने भयानक हमला किया।” उन्होंने यह भी कहा कि हमले में जहाज का कैप्टन मारा गया।

रूस-यूक्रेन युद्ध से ब्लैक सी में कारोबार पर बढ़ खतरा

इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि रूस-यूक्रन युद्ध से काला सागर से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर खतरा बढ़ गया है। हमले और मिलिट्री ऑपरेशन की वजह से इस इलाके में और उसके आस-पास चलने वाले मर्चेंट जहाजों को बढ़ती सुरक्षा चिंताओं का सामना करना पड़ रहा है।

भारत ने कमर्शियल शिपिंग पर हमलों पर चिंता जताई

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब भारत ने मुख्य समुद्री कॉरिडोर में बढ़ते खतरों के बीच कमर्शियल जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर बार-बार चिंता जताई है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पिछले हफ्ते 81वीं यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली में अपने भाषण में खाड़ी, लाल सागर और काला सागर में कमर्शियल शिपिंग और नाविकों पर हमलों पर जोर दिया।

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Stocks to Watch: 6 अक्टूबर को फोकस में रहेंगे ये 10 स्टॉक्स, वेदांता से लेकर ट्रेंट तक शामिल

Stocks to Watch: मंगलवार 6 अक्टूबर के कारोबार में कई शेयरों पर खास नजर रहेगी। इन कंपनियों से जुड़ी ताजा खबरें और बिजनेस अपडेट सामने आए हैं। इनमें बैंकिंग, मेटल, रिटेल और हेल्थकेयर सेक्टर के स्टॉक्स शामिल हैं। वेदांता से लेकर Trent तक कुल 10 शेयर फोकस में रहेंगे।

Axis Bank

बैंकिंग सेक्टर की Axis Bank ने दूसरी तिमाही में मजबूत ग्रोथ दर्ज की है। बैंक का ग्रॉस एडवांस तिमाही आधार पर 8.8% और साला आधार पर 22.7% बढ़कर ₹13.84 लाख करोड़ हो गया। कुल डिपॉजिट 5.8% तिमाही आधार पर और 20.7% सालाना आधार पर बढ़कर ₹14.52 लाख करोड़ रहा।

Vedanta

माइनिंग और मेटल कंपनी Vedanta के बोर्ड की बैठक 8 अक्टूबर को होगी। इसमें वित्त वर्ष 2026-27 के पहले अंतरिम डिविडेंड पर विचार किया जाएगा। कंपनी ने डिविडेंड के लिए 14 अक्टूबर को रिकॉर्ड डेट तय की है।

Godrej Consumer Products

कंज्यूमर गुड्स सेक्टर की Godrej Consumer Products को Q2FY27 में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है। कंपनी ने कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू में हाई-टीन्स ग्रोथ, वॉल्यूम में हाई-सिंगल डिजिट और EBITDA में डबल डिजिट ग्रोथ का अनुमान दिया है। कंपनी ने कहा कि कमजोर मानसून और महंगाई का खपत पर असर पड़ा।

Kotak Mahindra Bank

प्राइवेट सेक्टर के Kotak Mahindra Bank के नेट एडवांस दूसरी तिमाही के अंत में 24.7% YoY बढ़कर ₹5.77 लाख करोड़ हो गए। CASA डिपॉजिट 11.3% बढ़कर ₹2.49 लाख करोड़ रहा। कुल डिपॉजिट 23.2% बढ़कर ₹6.51 लाख करोड़ हो गया।

IndusInd Bank

इंडसइंड बैंक ने सितंबर तिमाही का मिलाजुला बिजनेस अपडेट जारी किया है। बैंक के नेट एडवांसेज 11.2% बढ़कर ₹3.62 लाख करोड़ हो गए। डिपॉजिट 10.1% बढ़कर ₹4.29 लाख करोड़ रहा, जबकि CASA रेशियो 29.4% से घटकर 28% हो गया।

IDFC FIRST Bank

IDFC फर्स्ट बैंक ने सितंबर तिमाही में लोन और एडवांस 20.4% बढ़कर ₹3,13,864 करोड़ होने की जानकारी दी है। कुल डिपॉजिट 17% बढ़कर ₹3,23,697 करोड़ रहा। CASA रेशियो 51.3% रहा, जो एक साल पहले 50.1% था।

Trent

टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी Trent का सितंबर तिमाही में स्टैंडअलोन रेवेन्यू 23% YoY बढ़कर ₹5,788 करोड़ हो गया। तिमाही के दौरान कंपनी ने 10 Westside और 17 Zudio स्टोर खोले। 30 सितंबर 2026 तक कुल स्टोर की संख्या 1,342 हो गई।

Juniper Hotels

हॉस्पिटैलिटी कंपनी Juniper Hotels ने Imagicaaworld Entertainment के साथ बाध्यकारी MoU किया है। इसके तहत कंपनी महाराष्ट्र के खोपोली में Novotel Imagicaa होटल का ऑपरेशन हासिल करेगी। 287 कमरों वाला यह होटल करीब 11 एकड़ में फैला है और सौदे की कीमत ₹248 करोड़ है।

Narayana Hrudayalaya

हेल्थकेयर कंपनी Narayana Hrudayalaya ने Mission of Mercy Hospital & Research Centre और The Assemblies of God of North India के साथ समझौता किया है। कंपनी कोलकाता के पार्क स्ट्रीट स्थित अस्पताल का लंबे समय के लिए ऑपरेशन और मैनेजमेंट संभालेगी। अस्पताल में 100 बेड हैं और यह करीब 63,240 वर्ग फुट में फैला है।

GAIL

सरकारी गैस कंपनी GAIL ने राजीव कुमार को नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो गई है।

Trent Q2 Update: टाटा की कंपनी का रेवेन्यू 23% बढ़कर ₹5788 करोड़ पहुंचा, Zudio के स्टोर 1000 के पार

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Keralam organ transplant hospital: 30 महीने के अंदर केरलम में बनेगा ऑर्गन ट्रांसप्लांट हॉस्पिटल, 271 करोड़ रुपये आएगी लागत

Keralam organ transplant hospital: देश को बहुत जल्द ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट हॉस्पिटल मिलेगा। यह स्टेट-ऑफ-द-आर्ट संस्थान 30 महीने के अंदर कोझिकोड में बनाया जाएगा। केरलम के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन शनिवार को केरल हार्ट केयर सोसाइटी के सिल्वर जुबली सेलिब्रेशन का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य बीमारी की रोकथाम और डायग्नोसिस के लिए बड़े कैंपेन भी चलाएगा।

ऑर्गन ट्रांसप्लांट से जुड़ी सभी सेवाएं होंगी एक ही छत के नीचे

उन्होंने कहा कि ऑर्गन ट्रांसप्लांट सर्जरी से जुड़ी सभी सर्विस एक ही छत के नीचे मिलने से इलाज का खर्च मौजूदा खर्च का एक-तिहाई रह जाएगा। सतीशन ने कहा कि चेवयूर गोल्फ लिंक रोड पर 20 एकड़ जमीन पर 271 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह इंस्टीट्यूट स्टेट-ऑफ-द-आर्ट सुविधाएं देगा।

350 बेड के हॉस्पिटल में होंगे 10 ऑपरेशन थिएटर

उन्होंने कहा कि नए हॉस्पिटल कॉम्प्लेक्स में 350 बेड और 10 ऑपरेशन थिएटर होंगे। उन्होंने कहा कि चेवयूर में उसी कैंपस में 35 करोड़ रुपये की लागत से एक पूरी तरह से इक्विप्ड स्किन डिज़ीज़ हॉस्पिटल भी बनाया जाएगा। सतीशन ने कहा कि इस इंस्टीट्यूट को एक बड़े रिसर्च सेंटर के तौर पर प्लान किया गया है, जिसका मकसद हर साल 1,100 कॉर्नियल, 520 किडनी, 50 हार्ट, 40 लंग और 120 बोन मैरो ट्रांसप्लांट सर्जरी करना है।

एक हेल्थकेयर डेस्टिनेशन के तौर पर डेवलप होगा केरल

उन्होंने कहा कि केरल को एक हेल्थकेयर डेस्टिनेशन के तौर पर डेवलप किया जाएगा, जो अपने मौसम और दूसरी अच्छी कंडीशन का फायदा उठाकर घरेलू और विदेशी दोनों तरह के मरीजों को अट्रैक्ट करेगा। इस इनिशिएटिव के तहत वेलनेस और रिहैबिलिटेशन सेंटर और स्ट्रोक समेत बीमारियों का होलिस्टिक इलाज देने वाली फैसिलिटी बनाई जाएंगी।

6 दिन के मेगा हेल्थ कैंप से गाजीपुर पहुंचीं सुपर स्पेशलिटी सेवाएं, डॉक्टरों की 35000 मरीजों की जांच और 346 सर्जरियां की गईं

अब दिल्ली-नोएडा भागने की जरूरत नहीं! काशी में खुलेगा अपोलो का 400 बेड वाला हाईटेक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल

Apollo Hospital Varanasi: यूपी का वाराणसी मेडिकल का बड़ा हब बनता जा रहा है। टाटा कैंसर संस्थान, शंकर नेत्रालय के बाद अब अपोलो अस्पताल का बड़ा केंद्र भी यहां खुलेगा। अपोलो अस्पताल के इस सेंटर में मरीजों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मिलेंगी। शहर के बड़ा लालपुर इलाके में 400 बेड वाले इस मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण होगा। इसका काम भी शुरू हो चुका है। सिर्फ अपोलो ही नहीं, बल्कि मेदांता ग्रुप भी वाराणसी में हाईटेक अस्पताल खोलने की तैयारी में है।

लग गई फाइनल मुहर

वाराणसी के बड़ा लालपुर ट्रेड फैसिलिटी सेंटर के करीब 13 हजार वर्ग मीटर में इस हाईटेक अस्पताल का निर्माण हो रहा है। वाराणसी विकास प्राधिकरण ने अपोलो मेडिक्स इंटरनेशनल लाइफ साइंस लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित 400 बेड के इस अस्पताल के नक्शे पर मुहर भी लगा दी है। इस अस्पताल में डबल बेसमेंट के साथ ग्राउंड फ्लोर सहित 7 फ्लोर हैं। डबल फ्लोर वाले इस बेसमेंट में करीब 400 फोर व्हीलर वाहन खड़े हो सकेंगे।

एक ही छत के नीचे मिलेगा सबकुछ

इस हाईटेक सुपर मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, पीडियाट्रिक्स, गायनेकोलॉजी सहित कई सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा जनरल सर्जरी, आईवीएफ सेंटर, मॉडर्न ओटी, आईसीयू सहित लेबोरेटरी, सीटी स्कैन (CT Scan), एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और एमआरआई जैसी एडवांस्ड जांच सुविधाएं मरीजों को एक ही छत के नीचे मिलेंगी। इस सेंटर में बड़े शहरों के एक्सपर्ट डॉक्टर्स मरीजों का इलाज करेंगे। 400 बेड वाले इस हाईटेक अस्पताल के निर्माण में 189 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

बन रहा मेडिकल हब

वाराणसी के डीएम सत्येंद्र कुमार ने बताया कि वाराणसी मेडिकल का बड़ा हब बन रहा है। यहां पहले से आईएमएस बीएचयू, आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के अलावा अगले साल तक राजकीय मेडिकल कॉलेज भी शुरू हो जाएगा। इसके अलावा प्राइवेट सेक्टर के कई बड़े अस्पताल भी यहां इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं, जिससे आने वाले समय में यहां और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। फिलहाल अपोलो अस्पताल के सेंटर का निर्माण यहां हो रहा है। मेदांता ग्रुप के लोग भी यहां इसके लिए जमीन तलाश रहे हैं।

पूर्वांचल और बिहार के मरीजों को सीधा फायदा

इसका फायदा वाराणसी सहित न सिर्फ पूर्वांचल के जिलों को मिलेगा, बल्कि बिहार-झारखंड से नोएडा और लखनऊ जैसे शहरों का रुख करने वाले मरीज भी वाराणसी में आकर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। बता दें कि फिलहाल बीएचयू अस्पताल में हर दिन बिहार और दूसरे राज्यों से हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं।

 रिपोर्ट- अभिषेक जायसवाल

Snake Video: सांप के पेट से निकलीं 3 गोल्फ बॉल, बिना सर्जरी डॉक्टरों ने ऐसे किया रेस्क्यू, वायरल हुआ वीडियो

अमेरिका में एक सांप के इलाज के दौरान पशु चिकित्सकों के सामने ऐसा मामला आया, जिसने सभी को हैरान कर दिया। सांप के शरीर के अंदर एक-दो नहीं, बल्कि तीन गोल्फ बॉल फंसी हुई थीं। उसे इलाज के लिए सैन एंटोनियो के एक एक्सॉटिक एनिमल अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों ने सांप को बेहोश कर बेहद सावधानी से जांच और इलाज शुरू किया। इसके बाद टीम ने बिना किसी सर्जरी के धीरे-धीरे गोल्फ बॉल को उसके मुंह तक पहुंचाया और एक-एक करके बाहर निकाल लिया। अस्पताल ने इस अनोखे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद यह घटना चर्चा में आ गई। वीडियो देखकर लोगों के मन में भी सवाल उठा कि आखिर सांप ने गोल्फ बॉल को खाने लायक चीज कैसे समझ लिया। कुछ यूजर्स ने मजाक में कहा कि शायद उसे गेंदें अंडे जैसी लगी होंगी।

पेट में छिपे थे तीनों गोल्फ बॉल

यह मामला सैन एंटोनियो स्थित South Texas Avian and Exotic Hospital का है। अस्पताल की ओर से सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में सांप के इलाज की पूरी प्रक्रिया दिखाई गई। सांप के शरीर के अंदर गोल्फ बॉल फंसी हुई थीं, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल लाया गया।

बेहोशी की हालत में शुरू हुआ अनोखा रेस्क्यू

वेटरिनरी टीम ने सांप को गहरी बेहोशी की अवस्था में रखा और बेहद सावधानी से उसके शरीर को संभाला। डॉक्टरों ने धीरे-धीरे गोल्फ बॉल को शरीर के अंदर से मुंह की ओर पहुंचाया। जैसे ही गेंद मुंह के पास पहुंचती, सांप अपना मुंह खोल देता और डॉक्टर उसे सावधानी से बाहर निकाल लेते। एक-एक करके तीनों गोल्फ बॉल बाहर निकाल ली गईं।

बिना चीरा लगाए बचा सांप

इस पूरे मामले की सबसे खास बात यह रही कि सांप को सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ी। अस्पताल के मुताबिक,टीम ने मैन्युअल तरीके से तीनों गोल्फ बॉल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

वीडियो में सांप के शरीर के अंदर मौजूद दो अन्य गोल्फ बॉल भी साफ दिखाई देती हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसने कितनी असामान्य चीज निगल ली थी।

आखिर गोल्फ बॉल को क्या समझ बैठा सांप?

इस घटना ने सोशल मीडिया यूजर्स के मन में भी सवाल खड़ा कर दिया कि आखिर सांप ने गोल्फ बॉल को निगलने की कोशिश क्यों की। कुछ लोगों ने मजाक में अंदाजा लगाया कि शायद सांप ने उन्हें अंडा समझ लिया होगा। वहीं कई लोगों ने सांप के लिए चिंता जताई और उसके जल्द ठीक होने की उम्मीद की।

डॉक्टरों के लिए भी यादगार केस

अस्पताल ने इस मामले को बेहद यादगार बताया। एक्सॉटिक जानवरों के इलाज में अक्सर डॉक्टरों को ऐसे मरीज मिल जाते हैं, जिनके मामले सामान्य से बिल्कुल अलग होते हैं। लेकिन तीन गोल्फ बॉल निगलने वाले इस सांप ने वेटरिनरी टीम को भी हैरान कर दिया।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

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एयर एंबुलेंस से लेकर स्काईवॉक तक…जानिए जयपुर के SMS हॉस्पिटल के आयुष्मान टावर की ये खासियतें

SMS Hospital Jaipur: जयपुर में स्थित प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल सवाई मानसिंह अस्पताल में मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या और लोगों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए लगातार नए नवाचार किए जा रहे हैं। साथ ही अस्पताल में अलग-अलग विभागों में मेडिकल इंस्टीट्यूट, अत्याधुनिक सेंटर और लैब स्थापित किए जा रहे हैं। इसलिए प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल में भव्य इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप किए जा रहे हैं। इन बिल्डिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में सबसे खास 24 मंजिला आईपीडी टावर जो अब अपने भव्य आकार में दिखाई देने लगा है।

सवाई मानसिंह अस्पताल में बन रहा यह IPD टावर देश की सबसे ऊंची मेडिकल इमारतों में से एक होगा जिसे लोग आयुष्मान टावर के नाम से पहचानेंगे। फिलहाल IPD टावर के कंस्ट्रक्शन का काम तेजी से चल रहा है और उम्मीद है कि 2027 तक लोगों को आयुष्मान टावर में बेहतरीन चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

SMS हॉस्पिटल में तकरीबन ₹600 करोड़ की लागत से तैयार हो रहे इस IPD टावर में लोगों को 1200 बेड की सुविधा मिलेगी। जहां बिल्डिंग में लोगों को एयर एंबुलेंस से लेकर स्काईवॉक वे और ग्रीन कॉरिडोर की सुविधा मिलेगी। IPD टावर के कंस्ट्रक्शन का पहला फेज 2025 से शुरू हुआ था जो अब तैयार होने के बाद भव्य आकार लेने लगा है। IPD टावर की यह बिल्डिंग जयपुर सेंटर की सबसे बड़ी बिल्डिंग भी है जिसे लोग दूर से ही देख सकते हैं।

IPD टावर से मिलेगी राजस्थान को पहली एयर एंबुलेंस की सुविधा

राजधानी जयपुर में 50 से भी अधिक अत्याधुनिक हॉस्पिटल और हाइटेक मेडिकल सेंटर हैं लेकिन जयपुर के किसी भी अस्पताल में एयर एंबुलेंस की सुविधा अभी तक उपलब्ध नहीं है इसलिए सवाई मानसिंह अस्पताल राजस्थान का पहला ऐसा सरकारी अस्पताल होगा जहां मरीजों को देशभर के बड़े शहरों तक जाने और अंग प्रत्यारोपण के लिए एयर एंबुलेंस की सुविधा मिलेगी।

SMS हॉस्पिटल में मरीजों के ऐसे कई मामले हैं जिनमें उन्हें जयपुर से दिल्ली एम्स, मुंबई, चेन्नई और विदेशों तक इलाज के लिए रेफर किया गया है साथ ही लिवर, हार्ट जैसे अंगों को प्रत्यारोपण के लिए देशभर में भेजा जाता है। लेकिन अब लोगों को मेडिकल इमरजेंसी के लिए एयर एंबुलेंस के जरिए जयपुर से ही देशभर के किसी भी अस्पताल में पहुंचने का लाभ मिलेगा।

IPD टावर में फिलहाल बिल्डिंग के सबसे टॉप फ्लोर पर एयर एंबुलेंस के लिए हेलीपैड कंस्ट्रक्शन का काम प्रगति पर है और 2026 के आखिरी तक यह बनकर तैयार हो जाएगा। IPD टावर में सबसे ऊपर तैयार किया जा रहा हेलीपैड पूरी तरह लोहे और कंक्रीट के साथ हाइटेक टेक्नोलॉजी से तैयार किया जा रहा है।

IPD टावर में ऑपरेशन थिएटर से लेकर आईसीयू तक मिलेगी ये खास सुविधाएं

सवाई मानसिंह अस्पताल में तैयार हो रहा IPD देश की सबसे भव्य सरकारी इमारतों में सिर्फ देखने और दिखाने के लिए नहीं बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं के रूप में सबसे भव्य इमारत बनने जा रही है जहां लोगों को इस टावर में जमीन से शुरू होते ही तकरीबन 1600 गाड़ियों की भव्य पार्किंग सुविधा मिलेगी। साथ ही पूरी बिल्डिंग को बेहतरीन इंजीनियरिंग के साथ लोगों को स्काईवॉक वे और नीचे ग्रीन कॉरिडोर देखने को मिलेगा।

IPD टावर के अंदर 112 आईसीयू, 837 जनरल वार्ड, 125 कॉटेज वार्ड, रजिस्ट्रेशन सेंटर, 26 प्री-ऑपरेशन थिएटर और 22 पोस्ट-ऑपरेशन थिएटर तैयार किए जा रहे हैं। इन खास सुविधाओं के साथ ही IPD टावर में रेडियो और माइक्रोबायोलॉजी जैसी अलग-अलग एडवांस लैब तैयार हो रही हैं। पूरे आईपीडी टावर में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को रजिस्ट्रेशन से लेकर ऑपरेशन तक की सभी सुविधाएं एक स्थान पर मिलेंगी। पूरे IPD टावर को इस तर्ज़ पर तैयार किया जा रहा है जहां अस्पताल की प्रमुख बिल्डिंगों से इसका जुड़ाव रहेगा।

उत्तर भारत में सबसे बड़ा मेडिकल हब बनने जा रहा है SMS हॉस्पिटल

राजस्थान में चिकित्सा सुविधाओं के क्षेत्र में राजधानी जयपुर का सवाई मानसिंह अस्पताल सबसे बड़ा हब बनकर उभर रहा है जहां सिर्फ जयपुर, राजस्थान से ही नहीं बल्कि देश-विदेश से लोग बेहतरीन इलाज के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचते हैं जहां उन्हें बेहतरीन इलाज की सुविधा मिलती है।

हाल ही के कुछ वर्षों में सवाई मानसिंह अस्पताल में तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ा और अलग-अलग बीमारियों के लिए अलग-अलग विभागों में अत्याधुनिक सेंटर और लैब शुरू किए गए हैं। इनमें नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर, जेनेटिक टेस्टिंग लैब, टॉक्सिकोलॉजी लैब, बायोकेमिस्ट्री लैब, न्यूरोओटोलॉजी लैब, स्किन इंस्टीट्यूट (इंसटीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी) शुरू हुए हैं जहां लोगों को बेहतरीन इलाज की सुविधा मिलना शुरू हो गया है।

सवाई मानसिंह अस्पताल में लगातार मेडिकल फैसिलिटीज बढ़ने के चलते सबसे ज्यादा उत्तर भारत से मरीज अपना इलाज करवाने आते हैं। इसलिए सवाई मानसिंह अस्पताल देश के सबसे बड़े मेडिकल हब के रूप में उभर रहा है।

रिपोर्ट- अंकित राजपूत