Viral Post: ‘सर्जरी के लिए नहीं थे पैसे… फिर मालिक ने चुकाए 4.25 लाख रुपये’ सोशल मीडिया पर छाई ये कहानी

Viral Post: सोशल मीडिया पर एक कार्डियक सर्जन की पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। इस पोस्ट में सर्जन ने बताया कि एक कंपनी के मालिक ने अपने कई सालों से साथ काम कर रहे ड्राइवर की बाईपास सर्जरी का पूरा खर्च उठाने का फैसला किया। सोशल मीडिया पर इस इंसानियत भरे कदम की लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं। वहीं कुछ इसे अपने कर्मचारियों के प्रति जिम्मेदारी और सम्मान की मिसाल बताया जा रहा है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ये पोस्ट कार्डियक सर्जन डॉ. प्रशांत मिश्रा ने शेयर किया है। उन्होंने बताया कि एक मरीज के मालिक ने अपने कर्मचारी को सिर्फ काम करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि परिवार जैसा मानते हुए उसके इलाज की जिम्मेदारी उठाई।

बाईपास सर्जरी के लिए आया ड्राइवर

डॉ. प्रशांत मिश्रा ने बताया कि उनके पास एक ड्राइवर बाईपास सर्जरी के लिए आया था। प्राइवेट हॉस्पिटल में ऑपरेशन का खर्च करीब 4.25 लाख रुपये होने की वजह से उन्होंने मरीज को सलाह दी कि अगर चाहें तो बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) के सरकारी अस्पताल में इलाज करा सकते हैं, जहां सरकारी ल्थकेयर स्कीम के तहत ये सर्जरी बिना खर्च के हो सकती है। लेकिन उसी दिन शाम को मरीज के बेटे ने डॉक्टर से दोबारा बात की और आग्रह किया कि ऑपरेशन निजी अस्पताल में ही किया जाए।

सफल रही बाईपास सर्जरी

मरीज के बेटे ने डॉक्टर से कहा, “डॉक्टर साहब, हम चाहते हैं कि पिताजी की बाईपास सर्जरी थुंगा हॉस्पिटल में ही हो। कृपया जितना हो सके खर्च कम कराने में हमारी मदद करें।” इस पर डॉ. प्रशांत मिश्रा ने परिवार को भरोसा दिलाया कि वे इलाज का खर्च कम कराने के लिए अपनी ओर से पूरी कोशिश करेंगे। अगले ही दिन मरीज के एम्प्लॉयर ने RTGS के जरिए सर्जरी के लिए जरूरी रकम सीधे अस्पताल के खाते में भेज दी, जिससे बिना किसी देरी के ऑपरेशन हो सका। सर्जरी सफल रहने के बाद डॉ. प्रशांत मिश्रा ने एम्प्लॉयर को फोन कर जानकारी दी और कहा, “आपके सहयोग के लिए धन्यवाद। मिस्टर शुक्ला की बाईपास सर्जरी सफल रही है।”

हैरान रह गए डॉक्टर

एम्प्लॉयर की बात सुनकर डॉ. प्रशांत मिश्रा हैरान रह गए। उन्होंने कहा, “मेरे कलीग की इतनी अच्छी देखभाल करने के लिए धन्यवाद, डॉक्टर।” इस पर डॉक्टर ने पूछा, “कलीग? लेकिन उन्होंने तो बताया था कि वह आपके ड्राइवर हैं।”

जवाब में एम्प्लॉयर ने कहा, “वह पिछले 15 साल से मेरे साथ काम कर रहे हैं। मैं उन्हें सिर्फ अपना ड्राइवर नहीं मानता। मैं अपना काम करता हूं और वह अपना काम करते हैं। हमारे काम अलग हो सकते हैं, लेकिन हम एक ही टीम का हिस्सा हैं, इसलिए वह मेरे सहयोगी हैं।” डॉ. मिश्रा ने कहा कि एम्प्लॉयर की यह सोच और अपने कर्मचारी के प्रति सम्मान देखकर वह काफी प्रभावित हुए।

नौकर ना समझे

इस घटना को शेयर करते हुए डॉ. प्रशांत मिश्रा ने कहा कि घरों और दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों, घरेलू सहायकों और सपोर्ट स्टाफ का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने लिखा, “अपने घर या कार्यस्थल पर काम करने वाले लोगों को कभी सिर्फ नौकर या कर्मचारी समझकर न देखें। वे हमारी रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं और उतने ही सम्मान और आदर के हकदार हैं, जितने कोई और।”

पोस्ट पर लोगों ने किए कमेंट

ये कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और बड़ी संख्या में लोगों ने एम्प्लॉयर की सोच और अपने कर्मचारी के प्रति सम्मान की जमकर सराहना की। एक यूजर ने लिखा, “बिल्कुल सही डॉक्टर, हमारे समाज में आज भी कई लोग हर काम की बराबर इज्जत करना नहीं सीख पाए हैं।” वहीं दूसरे यूजर ने कहा, “थोड़ा सम्मान, धन्यवाद और इंसानियत किसी की जिंदगी बदल सकती है।” एक अन्य यूजर ने अपना एक्सपीरिएंस शेयर करते हुए बताया कि उन्होंने अपने घरेलू काम करने वालों के लिए SIP शुरू की है, ताकि कई साल बाद उनके काम छोड़ने पर उन्हें रिटायरमेंट की तरह एक अच्छी रकम दी जा सके।

Exclusive: रावण के अलावा रामायण का कोई और किरदार नहीं निभाना चाहते आशुतोष राणा, वजह जान दंग रह जाएंगे आप

Exclusive: अपने नए Durlabh Darshan को लेकर आशुतोष राणा बेहद एक्साइटेड है। ये प्रोजेक्ट उन्होंने प्रोड्यूसर प्रशांत मिश्रा और फिल्म राइटर आलोक श्रीवास्तव के साथ मिलकर बनाया और लॉन्च किया। इस प्रोजेक्ट को लेकर एक्टर ने कहा कि जहां धर्म और विज्ञान दोनों मिल जाते हैं, वह दुर्लभ दर्शन है। वहीं अपने रावण के किरदार को लेकर भी उन्होंने खुलकर बात की है। बताया क्यों वह रावण का रोल करना पसंद करते हैं।

रावण का किरदार है खास

अशुतोष राणा से जब हमें पूछा कि रामायण में उन्होंने रावण के किरदार को क्यों चुना और रावण के अलावा वह किस किरदार को निभाने में दिलचस्पी रखते? इस सवाल का जवाब उन्होंने बिना देर किए दे दिया। एक्टर ने कहा कि रावण के अलावा में किसी और किरदार को नहीं निभाना चाहता हूं। रावण अपने आप में बहुत दिलचस्प किरदार है। वहीं उसके दोनों हाथ में लड्डू हैं। उन्होंने अपनी बात समझाते हुए कहा कि रावण के लिए खुद नारायण वैकुंठ से आए। वहीं वध के बाद उसे वैकुंठ मिला…और अगर वध न होता तो शिव भक्ति के चलते कैलाश में स्थान मिल जाता।

दुर्लभ दर्शन में क्या खास?

आप एक जगह बैठ कर ही देश के प्रसिद्ध मंदिरों का दर्शन एवं वहां होने वाले समस्त पूजा-अनुष्ठान देख पाएंगे, और वह भी मंदिर में अपनी प्रत्यक्ष उपस्थिति जैसे अनुभव के साथ। दुर्लभ दर्शन द्वारा तैयार की गई विशेष 6D VR टेक्नोलॉजी के जरिए यह सब अनुभव संभव हो पाएगा। दुर्लभ दर्शन, आशुतोष राणा के साथ मिल कर, विश्व के पहले 100 से अधिक 6D अनुभव वाले केंद्र खोलेगा। फिलहाल इस सुविधा का आनंद देश के ग्यारह प्रसिद्ध मंदिरों में लिया जा सकेगा। विशेष बात यह होगी कि इस वर्चुअल रियलिटी में आप 3D दृश्य के साथ-साथ मंदिर के वातावरण में मौजूद जल, वायु और सुगंध की भी हूबहू अनुभूति कर सकेंगे।

सस्ते दामों में उपलब्ध

आपको ये दुर्लभ दर्शन आसानी से 11 शहरों में मिल जाएंगे- श्री काशी विश्वनाथ, Varanasi, श्री महाकालेश्वर, उज्जैन, मां वैष्णो देवी, राजद्वार पार्क , हनुमान गढ़ी , अयोध्या, पावन धाम , हरिद्वार, मां महालक्ष्मी मंदिर, नागपुर, ISKCON मंदिर , कैलाश दिल्ली, नीलकंठ धाम , गुजरात, मां बगलामुखी नलखेड़ा, मां शारदा शक्तिपीठ मैहर, मां भद्रकाली शक्तिपीठ, कुरुक्षेत्र , ityadi। वहीं दाम की बात करें तो अयोध्या में 3D- 200 रुपए और 6D-300 रुपए में उपलब्ध है। जबकि बाकी जगह 3D- 150 रुपए और 6D-250 रुपए में उपलब्ध है।