Gold Price Today: दो वजहों से और टूटा गोल्ड, 10 शहरों में अब इस भाव पर बिक रहा 24 से 18 कैरट सोना

Gold Rate Today in India: अमेरिका फेड की 29 जुलाई को आने वाली मॉनीटरी पॉलिसी को लेकर निवेशकों की सतर्कता और डॉलर की मजबूती से गोल्ड पर दबाव पड़ा तो इंडस्ट्रियल डिमांड में नरमी ने चांदी पर और दबाव बना दिया। गोल्ड की बात करें तो एक दिन के उछाल के बाद आज लगातार दूसरे दिन इसकी चमक फीकी पड़ी है। इन दो दिनों में राजधानी दिल्ली में 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹1700 और 22 कैरट वाला ₹1560 सस्ता हुआ है। आज की बात करें तो राजधानी दिल्ली में 10 ग्राम का 24 कैरट और 22 कैरट वाला गोल्ड फिलहाल ₹10 नीचे आया है। अब चांदी की बात करें तो आज इसकी भी चमक फीकी हुई है। लगातार दो दिनों की स्थिरता के बाद लगातार दूसरे दिन आज इसके भाव नीचे आए हैं। इन दो दिनो में एक किलो चांदी ₹5100 सस्ती हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली ₹1,44,310 ₹1,32,290 ₹1,08,270
मुंबई ₹1,44,160  ₹1,32,140 ₹1,08,120
कोलकाता ₹1,44,160  ₹1,32,140 ₹1,08,120
चेन्नई ं ₹1,44,160  ₹1,32,140 ₹1,08,120
बेंगलुरू ₹1,44,160  ₹1,32,140 ₹1,08,120
हैदराबाद ₹1,44,160  ₹1,32,140 ₹1,08,120
लखनऊ ₹1,44,310 ₹1,32,290 ₹1,08,270
पटना ₹1,44,210 ₹1,32,190 ₹1,08,170
जयपुर ₹1,44,310 ₹1,32,290 ₹1,08,270
अहमदाबाद  ₹1,44,210 ₹1,32,190 ₹1,08,170

दो दिनों की स्थिरता के बाद दूसरे दिन फिसली चांदी

चांदी की बात करें तो दो दिनों की स्थिरता के बाद आज लगातार दूसरे दिन इसके भाव कम हुए हैं। इन दो दिनों में एक किलो चांदी ₹5100 नीचे आई है। इससे पहले दो दिनों की स्थिरता से पहले एक किलो चांदी 25 जून को ₹5 हजार महंगी हुई थी और 24 जुलाई को ₹5 हजार सस्ती हुई । अब आज की बात करें तो दिल्ली में एक किलो चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,34,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में भी यह इसी भाव पर बिक रही है।

अब किस पर रहेगी नजर?

जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर के मुताबिक अब मार्केट की नजर पश्चिम एशिया के हालात पर रहेगी। इसके अलावा यूरोजोन, जापान और अमेरिका के महंगाई के आंकड़े भी अहम रहेंगे। उन्होंने बताया कि अमेरिका के जीडीपी के आंकड़े आएंगे। कंज्यूमर कॉन्फिडेंस का डेटा भी जारी होगा। साप्ताहिक जॉबलेस क्लेम्स के आंकड़े भी अहम रहेंगे। इसके अलावा, फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान की ब्याज दरों पर होने वाले फैसले भी सोने-चांदी की दिशा तय कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Global Market Today: चिप शेयरों में बिकवाली जारी, एशिया बाजारों में गिरावट, कोस्पी 5% से ज्यादा टूटा

Global Market Today: चिप शेयरों में बिकवाली जारी है। Sandisk 14 परसेंट लुढ़का है। Micron, SK Hynix ADR, Seagate, Intel जैसे दिग्गज भी 10 परसेंट तक नीचे फिसले। कल की बड़ी गिरावट के बाद कोरिया का बाजार आज भी दबाव में नजर आ रहा है। US में नैस्डैक में भी प्रेशर दिखा। हालांकि OLD ECONOMY को Reflect करने वाला डाओ जोंस 500 प्वाइंट ऊपर बंद हुआ।

निक्केई करीब 1.30 फीसदी की गिरावट के साथ 61,555.00 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.27 फीसदी की बढ़त दिखा रहा है। ताइवान का बाजार 1.81 फीसदी गिरकर 40,865.50 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 1.49 फीसदी की बढ़त के साथ 25,688.00 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी में 5.11 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 0.75 फीसदी की गिरावट के साथ 3,784.70 के स्तर पर दिख रहा है।

वॉल स्ट्रीट

मंगलवार रात अमेरिकी स्टॉक इंडेक्स फ्यूचर्स में सुस्ती रही, जबकि ईरान के हमले को अमेरिकी सेना द्वारा रोके जाने के बाद तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई।S&P 500 फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ, नैस्डैक 100 फ्यूचर्स सपाट स्तर के आसपास रहे और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स 38 अंक या लगभग 0.1% नीचे आए।

मंगलवार के रेगुलर सेशन के दौरान, डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 500 अंकों से ज़्यादा की रैली देखी गई, क्योंकि निवेशकों ने आने वाले फैसले से पहले अपनी स्थिति मज़बूत की। तेल की कीमतों में हालिया गिरावट के कारण इस ब्लू-चिप इंडेक्स में लगातार तीसरे दिन बढ़त दर्ज की गई। वहीं, सेमीकंडक्टर शेयरों में कमजोरी के कारण नैस्डैक कम्पोजिट लगातार पांचवें सेशन में गिरावट के साथ बंद हुआ।

क्रूड में तेजी

बुधवार, 29 जुलाई को तेल की कीमतों में 3% से ज़्यादा की रिकवरी हुई। पिछले सेशन में हुई भारी गिरावट के बाद यह सुधार हुआ, जब अमेरिका और ईरान ने तनावपूर्ण गतिविधियों को रोक दिया था। अमेरिकी कच्चे तेल के भंडार में उम्मीद से ज़्यादा कमी आने से भी इस रिकवरी को बल मिला।

पिछले तीन सेशन में 14% से ज़्यादा गिरने के बाद ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स $2.71 या 3.2% बढ़कर $86.80 प्रति बैरल हो गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड $2.26 या 3.4% बढ़कर $81.95 प्रति बैरल पर पहुंच गया। US-Iran युद्ध

X पर एक पोस्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने मध्य पूर्व में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने के लिए ईरान द्वारा किए गए “अचानक हमले की कोशिश” को सफलतापूर्वक रोक दिया।

इस बीच, इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया ने लगातार दूसरे दिन सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में तेल सुविधाओं पर ड्रोन से हमला किया, जिससे देश पर दबाव बढ़ गया। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने मंगलवार को हमले को रोक दिया, लेकिन यह नहीं बताया कि क्या किसी सुविधा को नुकसान पहुंचा है। सरकारी IRIB न्यूज़ के अनुसार, ईरान ने इस घटना में किसी भी तरह की भागीदारी से इनकार किया।

US Fed की बैठक

निवेशकों की नजर US फेडरल रिज़र्व के ब्याज दरों पर आने वाले फ़ैसले और बुधवार, 29 जुलाई को होने वाली चेयरमैन केविन वॉर्श की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भी है।CME के ​​FedWatch टूल के अनुसार, Fed फंड्स फ़्यूचर्स से संकेत मिलता है कि लगभग 70% संभावना है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को मौजूदा 3.5% से 3.75% की टारगेट रेंज में ही बनाए रखेगा।

आज सोने की कीमत

दिन में बाद में आने वाले फ़ेडरल रिज़र्व के ब्याज दर के फ़ैसले से पहले बुधवार को सोने की कीमतों में गिरावट आई।

पिछले सेशन में 1.1% की गिरावट के बाद शुरुआती कारोबार में सोना $4,020 प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रहा था। इंटरेस्ट-रेट स्वैप से संकेत मिलता है कि Fed द्वारा 25-बेसिस-पॉइंट की दर बढ़ोतरी की संभावना लगभग तीन में से एक है, जो पॉलिसी की घोषणा से पहले अनिश्चितता के असामान्य रूप से उच्च स्तर को उजागर करता है। आम तौर पर ऊंची ब्याज दरें सोने पर दबाव डालती हैं, क्योंकि इस कीमती धातु से कोई ब्याज आय नहीं होती।

पांच महीने पहले US-Iran संघर्ष शुरू होने के बाद से सोने में लगभग 25% की गिरावट आई है, क्योंकि ऊर्जा की ऊंची कीमतों ने महंगाई की चिंताओं को बढ़ा दिया है। भारी गिरावट के बावजूद, निवेशकों की ओर से मज़बूत ‘डिप-बाइंग’ (कीमत गिरने पर खरीदारी) के कारण यह धातु जून के आखिर से $4,000 प्रति औंस के अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर बनी हुई है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

NPS Pension Calculation: NPS से रिटायरमेंट पर कितनी पेंशन मिलेगी? उम्र और निवेश के हिसाब से समझिए पूरा कैलकुलेशन

NPS Pension Calculation: रिटायरमेंट के बाद हर महीने नियमित आमदनी हो, ये हर नौकरीपेशा और निवेशक की सबसे बड़ी चिंता होती है। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) बनाया गया है। इसमें आप नौकरी के दौरान थोड़ा-थोड़ा निवेश करते हैं। रिटायरमेंट के समय एक हिस्सा एकमुश्त मिलता है। बाकी रकम से एन्युटी (Annuity) खरीदी जाती है, जिससे हर महीने पेंशन मिलती है।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि अगर हर महीने 2,000, 5,000 या 10,000 रुपये जमा करें, तो रिटायरमेंट के बाद कितनी पेंशन मिल सकती है? आइए आसान कैलकुलेशन से समझते हैं।

NPS में रिटायरमेंट पर पैसा कैसे मिलता है?

NPS में 60 साल की उम्र पर रिटायरमेंट के समय निकासी के अलग-अलग विकल्प उपलब्ध हैं। हमने यह कैलकुलेशन 60% रकम एकमुश्त निकालने और 40% रकम से एन्युटी खरीदने के मॉडल के आधार पर किया गया है। इसी एन्युटी से हर महीने पेंशन मिलती है।

हमने कैलकुलेशन के लिए NPS पर 10% सालाना औसत रिटर्न और एन्युटी पर 7% सालाना रिटर्न का अनुमान लिया है। हालांकि, NPS एक मार्केट-लिंक्ड स्कीम है। इसमें कोई तय ब्याज दर या गारंटीड रिटर्न नहीं मिलता। यानी असव रिटर्न शेयर बाजार के प्रदर्शन के हिसाब से कम या ज्यादा हो सकता है।

अगर 25 साल की उम्र से निवेश शुरू करें

25 साल की उम्र में निवेश शुरू करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि निवेश के लिए लंबा समय मिलता है। इससे कंपाउंडिंग को अपना असर दिखाने का पूरा मौका मिलता है। यही वजह है कि कम मासिक निवेश से भी बड़ा रिटायरमेंट फंड और बेहतर मासिक पेंशन बनाई जा सकती है।

मासिक निवेश60 साल पर अनुमानित कॉर्पस60% एकमुश्त40% एन्युटी
अनुमानित मासिक पेंशन

₹2,000₹76 लाख₹45.6 लाख₹30.4 लाख₹17,700
₹5,000₹1.90 करोड़₹1.14 करोड़₹76 लाख₹44,300
₹10,000₹3.80 करोड़₹2.28 करोड़₹1.52 करोड़₹88,700

अगर 30 साल की उम्र से निवेश शुरू करें

30 साल की उम्र में भी NPS की शुरुआत करने पर अच्छा रिटायरमेंट फंड बनाया जा सकता है। हालांकि, 25 साल की तुलना में निवेश के लिए पांच साल कम मिलते हैं। इसका असर अंतिम कॉर्पस और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन पर साफ दिखाई देता है।

मासिक निवेश60 साल पर अनुमानित कॉर्पस60% एकमुश्त40% एन्युटी
अनुमानित मासिक पेंशन

₹2,000₹45 लाख₹27 लाख₹18 लाख₹10,500
₹5,000₹1.13 करोड़₹67.8 लाख₹45.2 लाख₹26,300
₹10,000₹2.26 करोड़₹1.36 करोड़₹90.4 लाख₹52,700

अगर 35 साल की उम्र से निवेश शुरू करें

35 साल की उम्र में निवेश शुरू करने पर भी अच्छा रिटायरमेंट फंड बनाया जा सकता है। लेकिन रिटायरमेंट तक निवेश के लिए सिर्फ 25 साल बचते हैं। इसलिए समान मासिक निवेश के बावजूद कॉर्पस और पेंशन, कम उम्र में निवेश शुरू करने वालों की तुलना में काफी कम हो जाते हैं।

मासिक निवेश60 साल पर अनुमानित कॉर्पस60% एकमुश्त40% एन्युटी
अनुमानित मासिक पेंशन

₹2,000₹26 लाख₹15.6 लाख₹10.4 लाख₹6,100
₹5,000₹65 लाख₹39 लाख₹26 लाख₹15,200
₹10,000₹1.30 करोड़₹78 लाख₹52 लाख₹30,300

उदाहरण से समझिए

मान लीजिए आपकी उम्र 30 साल है और आप हर महीने 5,000 रुपये NPS में जमा करते हैं। अगर अगले 30 साल तक औसतन 10% सालाना रिटर्न मिलता है, तो रिटायरमेंट तक आपका फंड करीब 1.13 करोड़ रुपये हो सकता है।

इसमें से करीब 67.8 लाख रुपये आप एकमुश्त निकाल सकते हैं। बाकी 45.2 लाख रुपये से एन्युटी खरीदनी होगी। अगर एन्युटी पर 7% सालाना रिटर्न मिलता है, तो आपको करीब 26,300 रुपये महीने पेंशन मिल सकती है।

उम्र का कितना असर पड़ता है?

NPS में सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग का है। जितनी जल्दी निवेश शुरू करेंगे, उतना बड़ा रिटायरमेंट फंड तैयार होगा।

उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति 25 साल की उम्र से हर महीने 5,000 रुपये निवेश करता है, तो उसकी अनुमानित मासिक पेंशन करीब 44,300 रुपये हो सकती है। वहीं, अगर यही निवेश 35 साल की उम्र से शुरू किया जाए, तो पेंशन घटकर करीब 15,200 रुपये रह सकती है। यानी सिर्फ 10 साल की देरी से रिटायरमेंट फंड और पेंशन, दोनों में बड़ा अंतर आ सकता है।

NPS में कौन निवेश कर सकता है?

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में 18 से 70 साल तक का कोई भी भारतीय नागरिक निवेश कर सकता है। इसमें सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी, स्वरोजगार करने वाले, कारोबारी और फ्रीलांसर भी शामिल हैं। अगर आप केंद्रीय कर्मचारी हैं, तो सरकार भी आपके NPS खाते में योगदान करती है।

वहीं, प्राइवेट सेक्टर में सरकार कोई योगदान नहीं देती। हालांकि, अगर कंपनी चाहे तो वह भी अपने कर्मचारियों के NPS खाते में योगदान कर सकती है। निवेशक अपनी सुविधा के हिसाब से हर महीने, तिमाही या सालाना निवेश कर सकते हैं।

EPF: इंटरेस्ट का पैसा आपके ईपीएफ अकाउंट में नहीं आया है? जानिए क्या है वजह

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IT Stocks: दो दिन में आईटी इंडेक्स 6% चढ़ा, क्या TCS, इंफोसिस जैसी कंपनियों का बुरा दौर खत्म? जानिए एक्सपर्ट्स से

IT Stocks: मंगलवार, 28 जुलाई को एशियाई टेक शेयरों में भारी बिकवाली के बीच निफ्टी IT इंडेक्स करीब 3% चढ़ गया। ग्लोबल मार्केट में AI पर होने वाले भारी निवेश और उससे मिलने वाले रिटर्न को लेकर चिंता बढ़ी है। इसका असर दक्षिण कोरिया, ताइवान और जापान की टेक कंपनियों पर दिखा। हालांकि, भारतीय IT कंपनियां इस दबाव से काफी हद तक बची रहीं, क्योंकि यहां AI पर फोकस करने वाली कंपनियां बहुत कम हैं।

पिछले दो कारोबारी सत्रों में निफ्टी IT इंडेक्स करीब 6% चढ़ चुका है। इसकी एक बड़ी वजह Jefferies की रिपोर्ट रही, जिसमें ब्रोकरेज ने सेक्टर की रेटिंग ‘Underweight’ से बढ़ाकर ‘Neutral’ कर दी। यह तेजी अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले आई है। बाजार को उम्मीद है कि फेड इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।

भारतीय IT सेक्टर कैसे बचा?

Nexedge Capital के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर गौरव कुलश्रेष्ठ का कहना है कि दुनियाभर में AI को लेकर जो उत्साह ठंडा पड़ा है, उससे भारतीय IT सेक्टर को संभलने का मौका मिला है। हालांकि, उनका मानना है कि बड़ी IT कंपनियों के लिए चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। जब तक वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी पर खर्च नहीं बढ़ता, तब तक सेक्टर में लंबी तेजी आना मुश्किल है।

Share.Market by PhonePe के मार्केट एनालिस्ट मयंक जैन के मुताबिक, भारतीय IT कंपनियों का बिजनेस मॉडल एसेट-लाइट है। इन्हें AI डेटा सेंटर या चिप बनाने वाली कंपनियों की तरह अरबों डॉलर का पूंजीगत निवेश नहीं करना पड़ता। यही वजह है कि AI निवेश को लेकर बढ़ी चिंताओं का असर भारतीय IT कंपनियों पर कम पड़ा।

उनका कहना है कि पिछले कई महीनों की गिरावट के बाद IT शेयर आकर्षक वैल्यूएशन पर पहुंच गए थे। ऐसे में घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों ने एशियाई हार्डवेयर कंपनियों से पैसा निकालकर भारतीय IT शेयरों में लगाया।

निफ्टी IT इंडेक्स का टेक्निकल आउटलुक

मयंक जैन के मुताबिक, निफ्टी IT इंडेक्स हालिया कारोबारी सत्र में 3.5% से ज्यादा चढ़कर 30,500 के करीब बंद हुआ। कई महीनों की गिरावट के बाद इसमें मजबूत रिकवरी देखने को मिली। इस तेजी के दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम भी बढ़ा। इससे पता चलता है कि निचले स्तरों पर अच्छी खरीदारी और शॉर्ट कवरिंग हुई।

टेक्निकल चार्ट पर इंडेक्स ने अपने 20-डे और 50-डे EMA के ऊपर वापसी कर ली है। 28,600-28,700 का स्तर अब मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। हालांकि, इंडेक्स अभी भी 200-डे EMA यानी करीब 31,800 के नीचे कारोबार कर रहा है। मयंक जैन का कहना है कि 31,800-32,000 का दायरा सबसे बड़ा रेजिस्टेंस है। इस स्तर के ऊपर टिकने पर ही लंबी अवधि की तेजी की पुष्टि होगी। फिलहाल रिकवरी के संकेत मजबूत हैं, लेकिन उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

TCS

जैन के मुताबिक, TCS का शेयर फिलहाल अपने 20 DMA और 50 DMA के ऊपर कारोबार कर रहा है। इससे शॉर्ट टर्म में मजबूती के संकेत मिलते हैं। हालांकि, शेयर अभी भी 200 DMA से नीचे है। उनका कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मजबूत डिविडेंड और बेहतर वैल्यूएशन इसे आकर्षक बनाते हैं। वहीं, ट्रेडर्स को 200 DMA के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट का इंतजार करना चाहिए।

Infosys

मयंक जैन का कहना है कि Infosys का शेयर 20 DMA के ऊपर लौट आया है, लेकिन अभी भी 50 DMA और 200 DMA से नीचे है। कंपनी की मजबूत कैश फ्लो, 4.3% डिविडेंड यील्ड और आकर्षक वैल्यूएशन इसे डिफेंसिव स्टॉक बनाते हैं। हालांकि, शेयर में बड़ी तेजी तभी आ सकती है, जब कंपनी की ग्रोथ गाइडेंस और बिजनेस आउटलुक बेहतर हो।

HCL Technologies

जैन के हिसाब से बड़े IT शेयरों में HCL Technologies का टेक्निकल सेटअप सबसे मजबूत दिख रहा है। शेयर 20 DMA और 50 DMA के ऊपर बना हुआ है और अब 200 DMA के पास अहम रेजिस्टेंस का सामना कर रहा है। अगर शेयर अच्छे वॉल्यूम के साथ इस स्तर को पार कर लेता है, तो इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है।

Tech Mahindra

मयंक जैन के मुताबिक, Tech Mahindra भी 20 DMA और 50 DMA के ऊपर कारोबार कर रहा है। इससे शेयर में रिकवरी के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, 1,700 रुपये के आसपास मौजूद 200 DMA अभी बड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है। उनका मानना है कि इस स्तर तक आने वाली छोटी गिरावटें, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अच्छा खरीदारी का मौका हो सकती हैं।

आगे किन बातों पर रहेगी नजर?

मयंक जैन का कहना है कि आने वाले समय में भारतीय IT सेक्टर की चाल काफी हद तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर निर्भर करेगी। अगर अमेरिका में ब्याज दरें कम होती हैं, तो बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर की कंपनियां टेक्नोलॉजी पर खर्च बढ़ा सकती हैं। इससे भारतीय IT कंपनियों को नए ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ेगी।

L&T Q1 Results: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को ₹4123 करोड़ मुनाफा, ऑर्डर बुक ₹7.79 लाख करोड़ तक पहुंची

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Price Today: इस कारण लगातार दूसरे दिन चमका सोना, चेक करें 10 शहरों में 24 से 18 कैरट का गोल्ड का भाव

Gold Rate Today in India: अमेरिका और ईरान ने वीकेंड में एक-दूसरे पर हमले बंद किए तो कच्चे तेल में नरमी आई। इससे महंगाई को लेकर चिंता कुछ कम हुई तो गोल्ड की चमक बढ़ी लेकिन इंडस्ट्रियल डिमांड में नरमी से चांदी पर दबाव भी दिखा। गोल्ड की बात करें तो एक दिन की स्थिरता के बाद आज लगातार दूसरे दिन इसकी चमक बढ़ी है। इन दो दिनों में राजधानी दिल्ली में 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹940 और 22 कैरट वाला ₹860 महंगा हुआ है। आज की बात करें तो राजधानी दिल्ली में 10 ग्राम का 24 कैरट और 22 कैरट वाला गोल्ड फिलहाल ₹10 ऊपर चढ़ा है। चांदी की बात करें तो आज इसकी भी चमक फीकी हुई है। लगातार दो दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव नीचे आए हैं। एक किलो चांदी आज ₹100 सस्ती हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली₹1,46,050₹1,33,860₹1,09,550
मुंबई₹1,45,870₹1,33,710₹1,09,400
कोलकाता₹1,45,900₹1,33,710₹1,09,400
चेन्नई₹1,45,1870₹1,33,710₹1,11,860
बेंगलुरू₹1,45,900₹1,33,710₹1,09,400
हैदराबाद₹1,45,900₹1,33,710₹1,09,400
लखनऊ₹1,46,050₹1,33,860₹1,09,550
पटना₹1,45,950₹1,33,760₹1,09,450
जयपुर₹1,46,050₹1,33,860₹1,09,550
अहमदाबाद₹1,45,950₹1,33,760₹1,09,450

दो दिनों की स्थिरता के बाद फिसली चांदी

चांदी की बात करें तो दो दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव कम हुए हैं। इससे पहले दो दिनों की स्थिरता से पहले एक किलो चांदी 25 जून को ₹5 हजार महंगी हुई थी और 24 जुलाई को ₹5 हजार सस्ती हुई । अब आज की बात करें तो दिल्ली में एक किलो चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,39,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में भी यह इसी भाव पर बिक रही है।

क्या कहना है एक्सपर्ट का

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से कच्चे तेल के दाम गिरे हैं। इसका फायदा सोने को मिला। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ है और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी घटी है। इससे भी सोने की कीमतों को सहारा मिला। हालांकि रुपये की मजबूती की वजह से घरेलू बाजार में तेजी कुछ सीमित रही।

अब किस पर रहेगी नजर?

जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर के मुताबिक अब मार्केट की नजर पश्चिम एशिया के हालात पर रहेगी। इसके अलावा यूरोजोन, जापान और अमेरिका के महंगाई के आंकड़े भी अहम रहेंगे। उन्होंने बताया कि अमेरिका के जीडीपी के आंकड़े आएंगे। कंज्यूमर कॉन्फिडेंस का डेटा भी जारी होगा। साप्ताहिक जॉबलेस क्लेम्स के आंकड़े भी अहम रहेंगे। इसके अलावा, फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान की ब्याज दरों पर होने वाले फैसले भी सोने-चांदी की दिशा तय कर सकते हैं।

Income Tax भरने के लिए कौन-सा क्रेडिट कार्ड सबसे बेहतर?

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Global Market Today: ग्लोबल बाजार में कोहराम, चिप शेयरों में बिकवाली से कोस्पी 8% टूटा, निक्केई 4% से ज्यादा लुढ़का

Global Market Today: एशियाई बाजारों में 28 जुलाई को गिरावट देखने को मिली। US में चिप कंपनियों में बिकवाली के चलते कोरिया का बाजार 8 फीसदी के लोअर सर्किट पर फिसल गया। निक्केई 4.40 फीसदी टूटा है। अमेरिकी बाजार भी ऊपरी स्तरों से फिसले है। बेंचमार्क कोस्पी (Kospi) 8.70 फीसदी गिरा। जबकि स्मॉल-कैप कोस्डैक (Kosdaq) में 3.63% की गिरावट आई। जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) 4.21% गिरा और व्यापक टॉपिक्स (Topix) इंडेक्स में 0.63% की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 शुरुआती कारोबार में 0.38% नीचे आ गया।

वॉल स्ट्रीट

सोमवार को वॉल स्ट्रीट मिला-जुला बंद हुआ क्योंकि निवेशक इस हफ़्ते के आखिर में बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के तिमाही नतीजों से पहले सतर्क रहे। बाज़ार के प्रतिभागियों ने तेल की बढ़ी हुई कीमतों पर भी कड़ी नज़र रखी, क्योंकि चिंता थी कि लगातार महंगाई का दबाव फेडरल रिजर्व को ब्याज दरों पर सख्त रुख बनाए रखने के लिए मजबूर कर सकता है।

S&P 500 मामूली रूप से 0.02% बढ़कर 7,413.18 पर बंद हुआ, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.51% बढ़कर 52,210.08 पर बंद हुआ। वहीं, नैस्डैक 0.18% गिरकर 24,932.08 पर बंद हुआ।

टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न, मेटा और एप्पल इस हफ़्ते अपने तिमाही नतीजे घोषित करने वाले हैं। निवेशक यह भी आकलन कर रहे हैं कि क्या पिछले कुछ वर्षों में बाज़ारों को आगे बढ़ाने वाली AI-संचालित तेज़ी अब अपनी रफ़्तार खो रही है।

अमेरिकी चिप शेयरों में बिकवाली

कई नकारात्मक घटनाक्रमों के बीच सोमवार को चिप शेयरों में लगातार तीसरे सत्र में गिरावट जारी रही। Nvidia और AMD के शेयरों में 5-5% की गिरावट आई, जबकि Seagate के शेयर कंपनी की तिमाही नतीजों की घोषणा से पहले 4% गिर गए।

इस बीच, SK Hynix के US-लिस्टेड शेयरों (ADRs) में रातों-रात 7.5% की गिरावट आई और वे अपने $149 के IPO प्राइस से नीचे बंद हुए। Micron और Western Digital के शेयर भी क्रमशः 2% और 4% गिरकर बंद हुए।

US-ईरान युद्ध

Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार, Axios की एक खबर में बताया गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कूटनीति को एक और मौका देने के लिए ईरान पर सैन्य हमले टालने का फैसला किया है। इस कदम के बावजूद, यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों पक्षों के बीच कोई ठोस बातचीत हुई है या नहीं।

साथ ही, खबर है कि ईरान और ओमान के अधिकारी होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से शिपिंग बहाल करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। यह फारस की खाड़ी को वैश्विक बाजारों से जोड़ने वाला एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मार्ग है। सामान्य समय में, इस जलमार्ग से दुनिया की दैनिक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है।

क्रूड में नरमी

मंगलवार, 28 जुलाई को कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट जारी रही। यह गिरावट तब आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन और तेहरान मध्य पूर्व के संघर्ष को सुलझाने के लिए बातचीत कर रहे हैं।

पिछले सत्र में 7% से ज़्यादा गिरने के बाद वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड $82 प्रति बैरल से नीचे आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड में तीन महीने से ज़्यादा समय में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह $88 प्रति बैरल के करीब बंद हुआ।

आज सोने की कीमत

सोने की कीमतें ऊंची बनी रहीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यह कहने के बाद कि वाशिंगटन और ईरान संघर्ष को खत्म करने के लिए बातचीत कर रहे हैं, युद्ध से महंगाई बढ़ने और ब्याज दरें बढ़ने की आशंकाएं कम हुईं।

सोमवार को 0.6% की बढ़त के बाद, शुरुआती कारोबार में यह कीमती धातु $4,075 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही थी। जून के आखिर से सोना $4,000 प्रति औंस के स्तर के करीब बना हुआ है। इसे ‘बार्गेन बाइंग’ (कम कीमत पर खरीदारी) का सहारा मिला है, जिससे यह ट्रेडर्स द्वारा बारीकी से देखे जाने वाले अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बना हुआ है।

हालांकि, पांच महीने पहले संघर्ष शुरू होने के बाद से सोने की कीमतों में 20% से अधिक की गिरावट आई है। इससे उस कई साल की तेजी का अंत हो गया है, जिसने जनवरी के आखिर में कीमतों को लगभग $5,600 प्रति औंस के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचा दिया था।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Price Today: सोना ₹2440 महंगा हुआ, चांदी का भाव ₹5300 उछला

Gold Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, सोना ₹2,440 चढ़कर ₹1,49,640 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, चांदी ₹5,300 की तेजी के साथ ₹2,30,000 प्रति किलो हो गई।

सोने-चांदी के दाम क्यों बढ़े?

लगातार दो दिन की गिरावट के बाद बाजार में खरीदारी लौटी है। इसकी बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट है। इससे महंगाई को लेकर चिंता कुछ कम हुई। निवेशकों का रुख फिर से सोने और चांदी की तरफ बढ़ा।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से कच्चे तेल के दाम गिरे हैं। इसका फायदा सोने को मिला। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ है और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी घटी है। इससे भी सोने की कीमतों को सहारा मिला। हालांकि, रुपये की मजबूती की वजह से घरेलू बाजार में तेजी कुछ सीमित रही।

विदेशी बाजार में भी तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 42.13 डॉलर बढ़कर 4,095.30 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, स्पॉट सिल्वर 1.47% चढ़कर 59.04 डॉलर प्रति औंस हो गई।

Kotak Securities की एवीपी (कमोडिटी रिसर्च) कायनात चैनवाला ने कहा कि कच्चे तेल के दाम घटने से महंगाई का दबाव कम होने की उम्मीद बढ़ी है। इसी वजह से सोने और चांदी में खरीदारी बढ़ी।

अब किस पर रहेगी नजर?

JM Financial Services के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर के मुताबिक, अब बाजार की नजर पश्चिम एशिया के हालात पर रहेगी। इसके अलावा, यूरोजोन, जापान और अमेरिका के महंगाई के आंकड़े भी अहम रहेंगे।

उन्होंने बताया कि अमेरिका के GDP के आंकड़े आएंगे। कंज्यूमर कॉन्फिडेंस का डेटा भी जारी होगा। साप्ताहिक जॉबलेस क्लेम्स के आंकड़े भी अहम रहेंगे। इसके अलावा, फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान की ब्याज दरों पर होने वाले फैसले भी सोने-चांदी की दिशा तय कर सकते हैं।

MCX गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय

LKP Securities के वीपी रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी ने कहा कि सोमवार को एमसीएक्स पर सोना करीब 0.50% की तेजी के साथ ₹1,43,675 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं, COMEX Gold करीब 37 डॉलर चढ़कर 4,090 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। हालांकि, रुपये की मजबूती की वजह से घरेलू बाजार में सोने की तेजी वैश्विक बाजार के मुकाबले थोड़ी कम रही।

उनका कहना है कि अब बाजार की नजर इस सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक पर है। इस बैठक से ब्याज दरों के संकेत मिल सकते हैं। इसका असर आगे सोने की कीमतों पर भी दिख सकता है। तकनीकी तौर पर एमसीएक्स गोल्ड के ₹1,42,000 से ₹1,45,500 के दायरे में कारोबार करने की उम्मीद है।

*पीटीआई से इनपुट के साथ

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Market Outlook : लगातार पांच दिनों की गिरावट का सिलसिला टूटा, जानिए 28 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : भारतीय इक्विटी इंडेक्स ने 27 जुलाई को लगातार पांच दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए बढ़त के साथ कारोबार खत्म किया और निफ्टी 24,000 के स्तर के करीब पहुंच गया। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 776.01 अंक या 1.02 प्रतिशत बढ़कर 76,835.78 पर और निफ्टी 228.50 अंक या 0.96 प्रतिशत बढ़कर 23,995.95 पर बंद हुआ। लगभग 2646 शेयरों में बढ़त देखी गई,1530 शेयरों में गिरावट आई और 176 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में एटरनल,इंटरग्लोब एविएशन,इंफोसिस,बजाज फाइनेंस और श्रीराम फाइनेंस शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में ONGC,सिप्ला,HDFC लाइफ,HDFC बैंक और डॉ.रेड्डीज लैब्स शामिल रहे।

सेक्टरों की बात करें तो निफ्टी मीडिया सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा,जिसमें 2.4% की बढ़त हुई। इसके बाद निफ्टी IT का नंबर रहा,जिसमें 2.3% की बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी रियल्टी में 2.2% की तेजी आई,जबकि निफ्टी ऑटो और निफ्टी फार्मा में 1.6% और 1.5% की बढ़त हुई।

अन्य सेक्टरों में निफ्टी FMCG में 1%,निफ्टी बैंक में 0.7%,निफ्टी इंफ्रा में 0.66%,निफ्टी मेटल में 0.6%,निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.45%,निफ्टी प्राइवेट बैंक में 0.42% और निफ्टी PSU बैंक में 0.22% की बढ़त हुई।

ब्रॉडर मार्केट ने भी बेंचमार्क इंडेक्स की तरह ही बढ़त के साथ कारोबार खत्म किया। निफ्टी मिडकैप 100 में 1% की बढ़त हुई,जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.3% की तेजी आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि वेस्ट एशिया में हमलों के रुकने से इंपोर्ट की बढ़ती लागत और महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुई हैं,जिससे बाजार में रिलीफ रैली आई है। कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट और लॉन्ग-टर्म बॉन्ड यील्ड में कमी से भी उम्मीदें बढ़ी हैं। इस हफ्ते यूएस फेड,बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान जैसे बड़े सेंट्रल बैंकों की पॉलिसी मीटिंग्स में ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर बनाए रखने के लिए ज्यादा लचीलापन मिल सकता है। घरेलू मोर्चे पर,बारिश की कमी में सुधार से महंगाई के हालात को लेकर राहत मिली है,साथ ही उम्मीद से बेहतर Q1 नतीजों और पॉज़िटिव बिजनेस आउटलुक से भी मदद मिली है।

निफ्टी व्यू

रेलिगेयर ब्रोकिंग में एसवीपी,रिसर्च अजीत मिश्रा का कहना है कि तकनीकी तौर पर, निफ्टी ने 23,600 के जोन के आस-पास अहम ट्रेंडलाइन सपोर्ट को बचाते हुए अच्छी रिकवरी की है। हालांकि,इंडेक्स अभी भी 24,000–24,150 के तत्काल रेजिस्टेंस बैंड के नीचे ट्रेड कर रहा है। यह रेंज इसके 20-डे और 100-डे के DEMA के साथ मेल खाती है,जिससे यह जोन बुल्स के लिए एक बड़ी रुकावट बन गया है। अगर इंडेक्स मजबूती से इस रेंज के ऊपर बंद होता है तो यह 24,400 के स्तर तक और रिकवरी का रास्ता खोल सकता है।

प्रॉफिट बुकिंग होने पर नीचे की तरफ 23,600–23,800 का जोन तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता। मौजूदा उतार-चढ़ाव को देखते हुए,हम स्टॉक स्पेसिफिक अप्रोच अपनाने की सलाह देते हैं। इसमें अलग-अलग सेक्टर के तुलनात्क रूप मजबूत शेयरों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और साथ ही रिस्क और पोजीशन मैनेजमेंट में अनुशासन बनाए रखना चाहिए।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से इक्विटी मार्केट का सेंटीमेंट बेहतर हुआ है, जिससे इंडेक्स में रिकवरी आई है। लगातार दूसरे दिन रिकवरी के साथ इंडेक्स ने 50EMA का लेवल फिर से हासिल कर लिया है। ऑवरली चार्ट पर RSI बुलिश क्रॉसओवर दिखा रहा है।

मंगलवार को NSE F&O कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव रह सकता है। अगर निफ्टी 24,000 के ऊपर जाता है और वहां बना रहता है तो हम 24,250–24,300 की ओर अपट्रेंड जारी रहने की उम्मीद कर सकते हैं। हालांकि,अगर यह 24,000 के ऊपर नहीं टिक पाता है तो 23,800 की ओर करेक्शन देखने को मिल सकता है।

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बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी का सेशन एक छोटी’डोजी कैंडलस्टिक’के साथ खत्म हुआ। यह बाजार में अनिश्चितता का संकेत है। वहीं,आवरली चार्ट पर पॉजिटिव RSI डाइवर्जेंस शॉर्ट-टर्म मोमेंटम में सुधार का संकेत दे रहा है। हालांकि,इंडेक्स को अभी भी 57,400 के आसपास एक बड़े रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है,जहां इसका 200-DMA भी है।

अगर बैंक निफ्टी मजबूती से इस लेवल के ऊपर बंद होता है तो 58,500 की ओर रिकवरी आ सकती है। जब तक इंडेक्स अपने 200-DMA के ऊपर वापस नहीं आता और वहां नहीं पाता तब तक सावधानी बरतने की सलाह होगी। बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56,800 पर है। जबकि रेजिस्टेंस लेवल 57,500 और 58,000 पर दिख रहे हैं।

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Commodity Outlook: कच्चे तेल से सोना-चांदी तक, अगले हफ्ते कैसी रहेगी चाल? एक्सपर्ट कायनात चैनवाला से जानिए

Commodity Outlook: पिछला हफ्ता कमोडिटी बाजार के लिए काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बढ़ती आशंकाओं ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। ऐसे में अगले हफ्ते भी बाजार की नजर भू-राजनीतिक घटनाक्रम और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर रहेगी।

कोटक सिक्योरिटीज की कमोडिटी रिसर्च एक्सपर्ट कायनात चैनवाला के मुताबिक, आने वाले दिनों में कमोडिटी बाजार की दिशा तीन बड़े फैक्टर तय करेंगे। इनमें पश्चिम एशिया का तनाव, अमेरिकी फेड की नीति और वैश्विक सप्लाई की स्थिति सबसे अहम होगी।

कच्चे तेल में क्यों आया उछाल?

पिछले हफ्ते कच्चे तेल की कीमतों में करीब 10% की तेजी आई। ब्रेंट क्रूड एक समय 102 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। हालांकि, हफ्ते के आखिर में मुनाफावसूली से इसमें कुछ गिरावट आई।

कायनात चैनवाला के मुताबिक, इस तेजी की सबसे बड़ी वजह लाल सागर (Red Sea) में बढ़ा तनाव रहा। हूती विद्रोहियों ने दो सऊदी टैंकरों पर ड्रोन और मिसाइल हमले का दावा किया। इसके बाद कई जहाजों ने अपना रास्ता बदल दिया। दूसरी ओर, ड्रोन हमले के बाद कजाकिस्तान की पाइपलाइन क्षमता भी करीब 80% प्रभावित हुई। इससे सप्लाई को लेकर चिंता और बढ़ गई।

सोना-चांदी में कैसी रही चाल?

स्पॉट गोल्ड पिछले हफ्ते करीब 1% चढ़कर 4,050 डॉलर प्रति औंस के ऊपर बंद हुआ। वहीं, चांदी में करीब 4% की तेजी आई और यह 58 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई।

कायनात चैनवाला का कहना है कि सोना-चांदी में आई तेजी की बड़ी वजह नई खरीदारी नहीं, बल्कि गिरावट के बाद हुई खरीदारी (Dip Buying) और शॉर्ट कवरिंग रही। मजबूत डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड अभी भी इन धातुओं पर दबाव बनाए हुए हैं।

MCX गोल्ड के लिए कौन से स्तर अहम?

MCX गोल्ड पिछले हफ्ते ₹1,43,106 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। बाजार फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है।

कायनात चैनवाला के मुताबिक, ऊपर की ओर ₹1,46,000 पहला रेजिस्टेंस है। इसके बाद ₹1,48,000 अहम स्तर होगा। नीचे की ओर ₹1,41,000 पहला सपोर्ट है। अगर ₹1,39,800 का स्तर टूटता है, तो गिरावट और बढ़ सकती है।

बेस मेटल्स में भी रही मजबूती

कॉपर, एल्युमिनियम, जिंक और लेड में भी पिछले हफ्ते तेजी रही। चीन में कॉपर का स्टॉक घटने और रिफाइंड मेटल्स पर संभावित टैरिफ को लेकर अनिश्चितता की वजह से कॉपर एक महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया।

फेड की बैठक पर रहेगी नजर

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 28-29 जुलाई की बैठक अगले हफ्ते बाजार के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर होगी।

कायनात चैनवाला का मानना है कि सिर्फ तेल की कीमतों में आई तेजी के आधार पर फेड अगले हफ्ते ब्याज दर बढ़ाने का फैसला शायद ही ले। हालांकि, सितंबर की बैठक को लेकर जोखिम पहले के मुकाबले ज्यादा बना हुआ है।

अगले हफ्ते किन बातों पर रहेगी नजर?

कायनात चैनवाला के मुताबिक, अगले हफ्ते कमोडिटी बाजार की दिशा तीन बातें तय करेंगी। पहली, लाल सागर और पश्चिम एशिया में तनाव का घटनाक्रम।

दूसरी, फेड की बैठक और ब्याज दरों को लेकर उसके संकेत। तीसरी, ईरान की ओर से आने वाले किसी भी कूटनीतिक संकेत। इन तीनों का असर कच्चे तेल, सोना, चांदी और दूसरे कमोडिटी बाजारों की चाल पर साफ दिख सकता है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।