Eastern-Western Freight Corridor: 6 साल में 20 गुना बढ़ी माल ढुलाई,रोजाना दौड़ रहीं 440 मालगाड़ियां! जानिए कैसे लॉजिस्टिक्स का सुपरहब बना न्यू दादरी

ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के बीच स्थित न्यू दादरी स्टेशन देश के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन (डीएफसीसी) का यह इंटरचेंज स्टेशन अब केवल भारी उद्योगों के माल परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि ई-कॉमर्स और आम उपभोक्ताओं से जुड़े पार्सल कारोबार में भी अपनी भूमिका निभा रहा है। पिछले छह वर्षों में यहां से मालगाड़ियों के परिचालन में करीब 20 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। इससे देश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों, बंदरगाहों और वितरण केंद्रों के बीच माल की आवाजाही को नई गति मिली है।

22 से बढ़कर 440 ट्रेनें प्रतिदिन

न्यू दादरी स्टेशन पर मालगाड़ियों के परिचालन में आई वृद्धि इसकी बढ़ती उपयोगिता को दर्शाती है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020-21 में यहां औसतन 22 ट्रेनें प्रतिदिन संचालित होती थीं। वर्ष 2021-22 में यह संख्या बढ़कर 64 तक पहुंच गई। वर्ष 2022-23 में 170 ट्रेनें प्रतिदिन दर्ज की गईं, जबकि 2023-24 में परिचालन में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वर्ष 2024-25 में 48 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ यह संख्या 358 ट्रेनें प्रतिदिन हो गईं। वर्ष 2025-26 में आंकड़ा 406 ट्रेनों तक पहुंचा, जबकि 2026-27 में अब तक औसतन 440 ट्रेनों के प्रतिदिन परिचालन का उल्लेख किया गया है। इस तरह छह वर्षों में स्टेशन की परिचालन क्षमता और माल ढुलाई गतिविधियों में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है।

ईस्टर्न और वेस्टर्न कॉरिडोर का अहम जोड़

न्यू दादरी की भौगोलिक स्थिति इसे विशेष महत्व देती है। यह स्टेशन ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, जो लुधियाना से दानकुनी तक माल परिवहन को जोड़ता है, और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के बीच महत्वपूर्ण इंटरचेंज का काम करता है। इसके माध्यम से उत्तर भारत के औद्योगिक क्षेत्रों से आने वाला माल पश्चिमी बंदरगाहों और देश के अन्य प्रमुख व्यापारिक केंद्रों तक पहुंचाने में मदद मिलती है।

जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (जेएनपीटी) और गुजरात के मुंद्रा व पीपावाव बंदरगाहों से आने-जाने वाले आयात-निर्यात कंटेनर, औद्योगिक सामान और विनिर्माण क्षेत्र से जुड़ी खेप इस नेटवर्क का हिस्सा हैं। इससे उद्योगों को माल की आवाजाही के लिए एक वैकल्पिक और अधिक व्यवस्थित रेल नेटवर्क मिलता है।

भारी उद्योगों के साथ ई-कॉमर्स को भी सहारा

न्यू दादरी स्टेशन की भूमिका अब पारंपरिक औद्योगिक माल ढुलाई से आगे बढ़ रही है। यहां रोजाना करीब 350 से 400 टन पार्सल का ट्रांजिट होता है। इसमें ई-कॉमर्स कंपनियों से जुड़ा माल भी शामिल है। स्टेशन पर ज्वाइंट पार्सल प्रोडक्ट-रैपिड कार्गो सर्विस (जेपीआरएस) जैसी सुविधाओं के संचालन से पार्सल परिवहन को बढ़ावा मिला है।

लुधियाना-दानकुनी मार्ग से आने वाला कोयला, स्टील, सीमेंट और कृषि उत्पाद भी इस नेटवर्क के जरिए आगे भेजे जाते हैं। वहीं, एनटीपीसी दादरी पावर प्लांट के लिए समर्पित रेल लाइन से कोयले की आपूर्ति होती है। इसके अलावा एनसीआर के उद्योगों के लिए कच्चे माल, कोल्ड स्टोरेज से जुड़े उत्पादों और तापमान-संवेदनशील वस्तुओं की आवाजाही में भी यह नेटवर्क उपयोगी साबित हो रहा है।

72 घंटे से घटकर 24 घंटे में सफर

माल ढुलाई के समय में कमी इस बदलाव का एक प्रमुख पहलू है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पहले कुछ मार्गों पर माल पहुंचाने में करीब 72 घंटे लगते थे, जबकि अब यह समय घटकर लगभग 24 घंटे रह गया है। कुछ परिस्थितियों में समय 10 से 12 घंटे तक भी बताया गया है। इससे कारोबारियों को माल की समय पर आपूर्ति, भंडारण और वितरण की योजना बनाने में सहूलियत मिलती है। समय की बचत के साथ माल ढुलाई की लागत पर भी सकारात्मक असर पड़ने की संभावना है।

न्यू दादरी में बढ़ता परिचालन देश के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में फ्रेट कॉरिडोर की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है। ईस्टर्न और वेस्टर्न कॉरिडोर के बीच यह स्टेशन उद्योग, बंदरगाह, ई-कॉमर्स और उपभोक्ता बाजारों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी बन रहा है। आने वाले समय में माल परिवहन की बढ़ती मांग के बीच इसकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो सकती है।

ग्रेटर नोएडा से पवन गुप्ता की रिपोर्ट

रेलवे की बड़ी तैयारी! जल्द दौड़ेगी 24 कोच वाली लंबी ‘वंदे भारत’ स्लीपर ट्रेन, जानें क्या होगा खास और कब तक होगी शुरू

Vande Bharat Sleeper Train: भारतीय रेलवे अपनी वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत 24 कोच वाली नई ट्रेन बनाई जाएगी, जिसे लंबी दूरी के सफर और रात में यात्रा करने वाले यात्रियों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इस नई ट्रेन को जून 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

बता दें कि नई ट्रेन में पहले के मुकाबले ज्यादा यात्री सफर कर सकेंगे। इसमें पेंट्री कार यानी खाना तैयार करने और रखने की सुविधा, ज्यादा टॉयलेट और बेहतर इंटीरियर भी दिया जाएगा।

इस नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को तैयार करने की जिम्मेदारी चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) को दी गई है। फैक्ट्री को ऐसी कुल 50 ट्रेनें बनानी हैं। द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रेन का डिजाइन अंतिम चरण में है और इसे अगले एक महीने के अंदर पूरा किए जाने की उम्मीद है।

रिपोर्ट के अनुसार, नई ट्रेन मौजूदा 16-कोच वाले स्लीपर डिजाइन पर आधारित होगी, जिसमें अतिरिक्त कोच और ट्रेन के अंदर मिलने वाली सुविधाओं के लिए कुछ बदलाव किए जाएंगे। ICF ने पहले कहा है कि 24-कोच वाला वर्जन भारत में बनने वाली सबसे लंबी स्लीपर ट्रेन-सेट्स में से एक होगा।

भारतीय रेलवे की 200 से ज्यादा वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चलाने की तैयारी

भारतीय रेलवे आने वाले सालों में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का बड़ा नेटवर्क तैयार करने की योजना पर काम कर रहा है। इसके तहत 200 से ज्यादा स्लीपर ट्रेनें शुरू किए जाने की उम्मीद है। 24 कोच वाली नई ट्रेन भी इसी योजना का हिस्सा है। इसका मकसद लंबी दूरी का सफर करने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देना और एक ट्रेन में ज्यादा यात्रियों के सफर की व्यवस्था करना है।

इस योजना के तहत फिलहाल तीन बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। BEML, इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) की मदद से 10 स्लीपर ट्रेनें बना रही है। वहीं, भारत और रूस की संयुक्त कंपनी Kinet को 120 ट्रेनें बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, Titagarh और BHEL का कंसोर्टियम 80 ट्रेनें तैयार करेगा। इन परियोजनाओं से अलग, ICF खुद भी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का एक नया वर्जन विकसित कर रही है।

नई 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में पेंट्री कार भी होगी। रिपोर्ट में बताए गए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के दूसरे डिजाइन में यह सुविधा नहीं है। पेंट्री कार की मदद से ट्रेन में खाने को गर्म करने और यात्रियों को परोसने की व्यवस्था की जा सकेगी।

इसके अलावा, ICF ट्रेन के इंटीरियर को बेहतर बनाने पर भी विचार कर रही है। हालांकि, डिजाइन को अंतिम रूप देने का काम अभी जारी है।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन: कोच और बनावट

वंदे भारत स्लीपर के प्रोटोटाइप में 16 पैसेंजर कोच होंगे, जिनमें 11 AC 3-टियर कोच, चार AC 2-टियर कोच और एक AC फर्स्ट क्लास कोच शामिल हैं।

24-कोच वाले प्रस्तावित वर्जन से यात्रियों की क्षमता बढ़ेगी। बड़ी ट्रेन के हिसाब से टॉयलेट की संख्या भी बढ़ने की उम्मीद है।

स्पीड और यात्रियों के आराम का रखा गया ध्यान

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को 160 kmph तक की स्पीड से चलने के लिए डिजाइन किया गया है, और इसकी टेस्टिंग स्पीड 180 kmph है। हालांकि, अभी भारतीय रेलवे का ज्यादातर नेटवर्क इतनी स्पीड पर ट्रेनों को चलाने के लिए तैयार नहीं है।

यूरोपीय ट्रेनों से प्रेरणा लेते हुए, स्लीपर वर्जन में आरामदायक बर्थ होंगी ताकि रात भर के सफर में आराम मिल सके। ऊपर की बर्थ तक पहुंचने के इंतजामों को भी फिर से डिजाइन किया गया है ताकि उन पर चढ़ना आसान हो।

अन्य सुविधाओं में हर यात्री के लिए अलग रीडिंग लाइट, चार्जिंग पॉइंट और रिफ्रेशमेंट टेबल शामिल हैं। इसके अंदरूनी हिस्से में ग्लास-फाइबर-रीइन्फोर्स्ड प्लास्टिक (GFRP) पैनल लगाए जाएंगे।

आधुनिक टॉयलेट और ट्रेन के अंदर की सुविधाएं

इस ट्रेन में हवाई जहाजों की तरह आधुनिक बायो-वैक्यूम टॉयलेट होंगे। दिव्यांग यात्रियों के लिए बने टॉयलेट में बच्चों की देखभाल के लिए एक स्टेशन भी होगा।

AC फर्स्ट क्लास कोच में गर्म पानी के साथ शॉवर की सुविधा होगी। रात के समय खास लाइटिंग, विजुअल डिस्प्ले वाला इंटीग्रेटेड अनाउंसमेंट सिस्टम, CCTV कैमरे और मॉड्यूलर पैंट्री यूनिट भी ट्रेन के अंदर दी जाने वाली सुविधाओं का हिस्सा हैं।

वहीं, 24-कोच वाले वर्जन में प्रस्तावित पैंट्री कार से यात्रा के दौरान खाना गर्म करके परोसा जा सकेगा, जिससे ट्रेन में कैटरिंग की सुविधा भी मिल जाएगी।

सुरक्षा सिस्टम और एनर्जी एफिशिएंसी

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा के लिए भारत में बना ‘कवच’ एंटी-कोलिजन सिस्टम लगाया जाएगा। यह सिस्टम ट्रेनों के बीच टक्कर होने के खतरे को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा, ट्रेन में रीजनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे ट्रेन के ब्रेक लगाने के दौरान पैदा होने वाली ऊर्जा को दोबारा इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिससे बिजली की बचत करने में मदद मिलेगी।

ट्रेन के कोच के बीच अपने आप खुलने और बंद होने वाले दरवाजे लगाए जाएंगे। वहीं, कोच के बीच बंद रास्ते (सील्ड गैंगवे) बनाए जाएंगे, ताकि बाहर की धूल कम अंदर आए और ट्रेन के भीतर तापमान बनाए रखने में मदद मिले।

ट्रेन में सेंट्रलाइज्ड कोच मॉनिटरिंग सिस्टम भी होगा, जिससे कोच की गतिविधियों और जरूरी सिस्टम पर नजर रखी जा सकेगी। किसी आपात स्थिति में यात्री इमरजेंसी कम्युनिकेशन सिस्टम के जरिए ट्रेन के ड्राइवर से संपर्क कर सकेंगे। इसके अलावा, तय स्टेशनों पर ट्रेन के दरवाजे अपने आप खुलने की व्यवस्था भी होगी।

24 कोच वाली नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के जरिए भारतीय रेलवे यात्रियों को ज्यादा जगह और बेहतर सुविधाएं देने की तैयारी कर रहा है। यह योजना देश में वंदे भारत ट्रेनों के नेटवर्क को बढ़ाने की बड़ी कोशिश का हिस्सा है।

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PF Withdrawal: EPFO का बड़ा तोहफा: अब पीएफ खाते से निकाल सकेंगे 75% एडवांस! जानिए ये नए नियम

EPFO Partial Withdrawal Rules: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के अंशधारकों के लिए पीएफ खाते से पैसे निकालने के नियमों को और आसान बना दिया गया है। कर्मचारी भविष्य निधि योजना के तहत, अब बीमारी, बच्चों की पढ़ाई, शादी और घर खरीदने जैसी जरूरतों के लिए पीएफ कॉर्पस से बड़ा हिस्सा निकाला जा सकता है।

नए नियमों के मुताबिक, आंशिक निकासी के समय कर्मचारियों को अपने पात्र पीएफ बैलेंस का कम से कम 25% हिस्सा खाते में बनाए रखना अनिवार्य होगा। बाकी का 75% तक पैसा संबंधित श्रेणी की शर्तों के आधार पर निकाला जा सकता है।

क्या है 25 प्रतिशत मिनिमम बैलेंस का गणित?

पीएफ खाते में 25% बैलेंस बनाए रखने का मतलब कोई तय रकम (जैसे- 25,000 या 50,000 रुपये) नहीं है, बल्कि यह आपके कुल इलिजिबल पीएफ बैलेंस पर निर्भर करता है।

जैसे अगर आपके पीएफ खाते में कुल पात्र बैलेंस ₹1 लाख है, तो ₹25,000 खाते में ही रहेंगे और आप अधिकतम ₹75,000 तक निकाल सकते हैं।

इलिजिबल बैलेंस में क्या शामिल है: इस बैलेंस में कर्मचारी का अंशदान, नियोक्ता का अंशदान और इस पर जमा हुआ ब्याज शामिल है।

नियम का उद्देश्य: EPFO ने यह 25% मिनिमम बैलेंस का प्रावधान इसलिए लागू किया है ताकि बार-बार पैसा निकालने से रिटायरमेंट के लिए जमा हो रहा कॉर्पस पूरी तरह खत्म न हो जाए।

कब निकाल सकते हैं पूरा पैसा: ध्यान दें कि यह नियम यह नहीं कहता कि बचा हुआ 25% पैसा कभी नहीं मिलेगा। नए प्रावधानों के तहत एक साल बाद विशेष परिस्थितियों में इसे भी निकाला जा सकता है। इसके अलावा, रिटायरमेंट, स्थायी विकलांगता, छंटनी, वीआरएस (VRS) या विदेश बसने जैसी स्थितियों में 100% पीएफ निकासी की अनुमति अलग से है।

आवश्यक सामाजिक जरूरतें

सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) द्वारा स्वीकृत कॉमन फ्रेमवर्क के तहत अब आंशिक निकासी के लिए न्यूनतम सेवा अवधि केवल 12 महीने कर दी गई है।

1. बीमारी

सेवा की शर्त: 12 महीने

कितनी बार निकाल सकते हैं: एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 3 बार

2. पढ़ाई

सेवा की शर्त: 12 महीने

कितनी बार निकाल सकते हैं: पूरी सर्विस के दौरान अधिकतम 10 बार

3. शादी

सेवा की शर्त: 12 महीने

कितनी बार निकाल सकते हैं: पूरी सर्विस के दौरान अधिकतम 5 बार

घर और होम लोन से जुड़ी जरूरतें

आवास से जुड़ी आवश्यकताओं के लिए भी पीएफ से पैसा निकालने की प्रक्रिया बेहद आसान कर दी गई है:

किन कामों के लिए मिलेगा पैसा: घर या प्लॉट/साइट खरीदने, घर का निर्माण कराने, होम लोन चुकाने और मौजूदा मकान की मरम्मत या रेनोवेशन कराने के लिए।

शर्त और सीमा: 12 महीने की कुल सदस्यता के बाद इसके लिए आवेदन किया जा सकता है। पूरी सर्विस अवधि के दौरान हाउसिंग कैटेगरी में अधिकतम 5 बार निकासी की अनुमति है।

चूंकि यह नियम घर की जरूरतों के लिए पीएफ के इस्तेमाल की छूट देता है, लेकिन रिटायरमेंट फंड का इस्तेमाल करने से भविष्य में मिलने वाले कंपाउंडिंग यानी ब्याज पर ब्याज का नुकसान भी होता है।

विशेष परिस्थितियां

तीसरी कैटेगरी ‘विशेष परिस्थितियों’ की है, जिसके दायरे को और बढ़ा दिया गया है। इसके तहत सदस्य को बिना कोई खास वजह बताए भी आंशिक निकासी के लिए आवेदन करने की छूट दी गई है। इसमें अनिवार्य मिनिमम बैलेंस (25%) और लागू फ्रीक्वेंसी को ध्यान में रखते हुए पात्र बैलेंस का इस्तेमाल किया जा सकता है।

रिटायरमेंट फंड का रखें ध्यान

नए नियम पीएफ का पैसा निकालना आसान बनाते हैं, लेकिन यह आपकी रिटायरमेंट की बचत है। यदि कोई कर्मचारी बार-बार अधिकतम सीमा तक पैसा निकालता है, तो भले ही उसकी तात्कालिक ज़रूरत पूरी हो जाए, लेकिन रिटायरमेंट के समय उसका फंड काफी छोटा रह जाएगा। इसलिए 25% का मिनिमम बैलेंस एक बेसिक बैकअप सुरक्षा कवच की तरह काम करता है।

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2026 में त्योहारों के मौसम में घर खरीदना: खरीदार स्थिर होम लोन ब्याज दरों का बेहतर लाभ कैसे उठा सकते हैं?

Bajaj Finance Home Loan: स्थिर ब्याज दरें त्योहार के मौसम में खरीदारी की योजना बनाना आसान बना सकती हैं, लेकिन फैसला आपकी आर्थिक क्षमता के आधार पर ही होना चाहिए। बुकिंग करने से पहले अपनी ईएमआई, लोन की अवधि और कुल कर्ज लागत की जांच करें।

घर खरीदने का फैसला अक्सर एक योजना के रूप में शुरू होता है और सही समय आने पर यह एक ठोस निर्णय मेंबदल जाता है। कई परिवारों के लिए नवरात्रि ऐसा ही समय होता है, जब त्योहार की खुशी के साथ लंबे समय सेसोची जा रही घर खरीदने की योजना पर आगे बढ़ने का मन बनता है।

वित्तीय स्थिति भी फिलहाल अपेक्षाकृत स्थिर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति ने अगस्त2026 में रेपो दर 5.25% पर बरकरार रखी, जिससे कर्ज लेने वालों को वित्तीय योजना बनाने के लिए एक स्थिर आधार मिला है। लेकिन शुभ तारीख फैसले का आधार नहीं, सिर्फ उसका एक हिस्सा होनी चाहिए। सबसे महत्वपूर्णयह है कि संपत्ति आपकी बजट सीमा में हो और उसकी मासिक किस्तें चुकाने के बाद आपके पास अन्य जरूरतों केलिए पर्याप्त पैसा बचा रहे।

स्थिर ब्याज दर का माहौल इस फैसले को आसान बना सकता है, क्योंकि इससे मासिक किस्त और कर्ज की लागतका अनुमान लगाना अधिक आसान हो जाता है। घर बुक करने से पहले यह जरूर देखें कि आपको कितना कर्ज लेनाहै, आपकी आर्थिक स्थिति के अनुसार कर्ज की कितनी अवधि सही रहेगी और कुल मिलाकर आप पर कितना वित्तीयबोझ पड़ेगा।

आपके घर की खरीदारी के लिए त्योहारी समय का क्या मतलब है?

नवरात्रि को परंपरागत रूप से बड़ी खरीदारी के लिए शुभ माना जाता है और इसका सांस्कृतिक महत्व भी है। डेवलपरऔर कर्ज देने वाली कंपनियां भी इस दौरान विशेष ऑफर ला सकती हैं। अगर आपको ऐसा कोई ऑफर मिलता है, तो सिर्फ बड़े दावे पर ध्यान देने के बजाय वास्तविक बचत देखें और अंतिम कीमत व शर्तों की तुलना सामान्य कीमतोंसे जरूर करें।

सीधी बात यह है: समय यह तय करने में मदद कर सकता है कि आप खरीदारी कब करें, लेकिन यह तय नहीं कर सकता कि आप इसे खरीदने का खर्च उठा सकते हैं या नहीं।

ब्याज दरें आपकी खरीदारी की क्षमता को कैसे प्रभावित करती हैं?

होम लोन की ब्याज दरें मासिक किस्त और लोन की पूरी अवधि में चुकाई जाने वाली कुल राशि को प्रभावित करतीहैं। ब्याज दर में मामूली अंतर, जैसे 0.25% कम दर, 20-25 वर्षों में आपकी कुल भुगतान राशि को काफी कम करसकता है।

आपकी खरीदारी के लिए वही ब्याज दर महत्वपूर्ण है, जो आपके लोन पर लागू होती है। बजाज फाइनेंस होम लोनकी ब्याज दरें 7.25%* प्रति वर्ष से शुरू होती हैं, जो आपकी प्रोफाइल और अन्य कारकों पर निर्भर करती हैं।

आपका मासिक बजट कितना खर्च संभाल सकता है?

हर महीने आप जितनी ईएमआई आसानी से चुका सकते हैं, उसके आधार पर आगे की गणना करें। ईएमआई कैलकुलेटर में तीन चीजें डालनी होती हैं: मूलधन, ब्याज दर और लोन की अवधि। इससे आपको मासिक किस्त, लोन की पूरी अवधि में चुकाई जाने वाली कुल राशि और भुगतान की पूरी योजना का अनुमान मिल सकता है।

अपनी अधिकतम पात्रता से शुरुआत करने के बजाय अलग-अलग विकल्पों को आजमाएं। कम राशि को कम अवधिमें लेने की तुलना अधिक राशि को लंबी अवधि में लेने से करें और देखें कि दोनों विकल्प आपके नकदी प्रवाह औरलोन की कुल लागत को कैसे प्रभावित करते हैं।

क्या ईएमआई को प्रबंधीय बनाए रखने के लिए आपको लंबी अवधि चुननी चाहिए?

यह फैसला आपकी मासिक किस्त और लोन की कुल लागत के बीच संतुलन पर निर्भर करता है। कम अवधि कामतलब आम तौर पर ज़्यादा किस्त होता है, लेकिन सालों-साल ब्याज कम देना पड़ता है; वहीं, लंबी अवधि सेमासिक भुगतान कम हो जाता है, लेकिन कुल ब्याज अधिक चुकाना पड़ता है।

सही अवधि आपके नकदी प्रवाह और इस बात पर निर्भर करती है कि आप अतिरिक्त कितना भुगतान कर सकते हैं।लोन की अवधि तय करने से पहले बजाज फाइनेंस की वेबसाइट पर होम लोन ईएमआई कैलकुलेटर का इस्तेमालकरके कई विकल्पों की तुलना करें।

ब्याज दर के अलावा आपको किन बातों की तुलना करनी चाहिए?

मुख्य बताई गई दर महत्वपूर्ण है, लेकिन शुल्क, लचीलापन और अन्य शर्तें कुल लागत को प्रभावित करती हैं। अगरब्याज दर फ्लोटिंग है, तो यह भी समझें कि वह किस बेंचमार्क से जुड़ी है और उसमें बदलाव होने पर आपके भुगतानपर क्या असर पड़ेगा।

क्या देखें क्या जांचें
प्रोसेसिंग शुल्कलागू शुल्क और GST की जांच करें और इसे शुरुआती लागत में शामिल करें
ब्याज दर की संरचनासमझें कि यह फ़िक्स्ड, फ़्लोटिंग या बेंचमार्क-लिंक्ड है या नहीं
दर में बदलाव की शर्तेंबेंचमार्क से जुड़े लोन के लिए, देखें कि ब्याज दर में बदलाव कब और कैसे आप परअसर डालेगा
समय से पहले भुगतान की शर्तेंलोन का कुछ हिस्सा पहले चुकाने और पूरा लोन समय से पहले चुकाने की शर्तों को जांचें
अन्य शुल्ककानूनी, तकनीकी, प्रशासनिक या अन्य संबंधित शुल्कों की जांच करें

बुकिंग करने से पहले फैसला लेने का आसान तरीका

एक बार जब आप किसी संपत्ति को चुन लेते हैं:

1. कुल खरीद लागत तय करें: कीमत, डाउन पेमेंट और उपलब्ध बचत में से सुरक्षित रूप से इस्तेमाल की जासकने वाली राशि की पुष्टि करें।

2. कर्ज की जरूरत तय करें: उपलब्ध धनराशि के बाद आपको कितने कर्ज की जरूरत है, इसका हिसाबलगाएं।

3. ईएमआई की जांच करें: ईएमआई कैलकुलेटर में अनुमानित कर्ज राशि, ब्याज दर और पसंदीदा अवधिडालें, फिर देखें कि क्या किस्त आपकी मौजूदा देनदारियों के हिसाब से ठीक है।

4. कुल लागत की तुलना करें: अलग-अलग समय-सीमा, चुकाए जाने वाले ब्याज, शुल्क और समय से पहलेभुगतान की शर्तों की तुलना करें।

जब ये सभी आंकड़े सही बैठें, तब आप तय कर सकते हैं कि त्योहार का यह समय घर खरीदने के लिए सही है यानहीं।

बजाज फाइनेंस होम लोन आपकी योजना में कैसे फिट हो सकता है?

बजाज फाइनेंस वेतनभोगी आवेदकों के लिए 15 करोड़ रुपये* तक का होम लोन उपलब्ध कराता है, जिसमें ब्याजदरें 7.25%* प्रति वर्ष से शुरू होती हैं और लोन की अवधि 32 साल* तक हो सकती है। पात्र आवेदकों को आवेदनके 48 घंटे* के भीतर मंजूरी मिल सकती है और वे तेजी से प्रोसेसिंग के लिए 5,000 से अधिक स्वीकृत प्रोजेक्ट में सेचुन सकते हैं।

क्या घर खरीदने के फ़ैसले पर त्योहारों के समय का असर पड़ना चाहिए?

यह प्रभावित कर सकता है, लेकिन वित्तीय स्थिति की जांच के बाद ही। अगर संपत्ति आपके बजट में है, डाउन पेमेंटदेने के बाद भी आपकी पर्याप्त बचत बचती है और ईएमआई आपकी मौजूदा आर्थिक जिम्मेदारियों के साथ आसानीसे संभाली जा सकती है, तो आप आगे बढ़ने के लिए तैयार हो सकते हैं। अगर ये बुनियादी बातें पूरी नहीं होती हैं, तोकोई शुभ तारीख घर खरीदना आपके लिए किफायती नहीं बना सकती।

त्योहार का मौसम शुरुआत करने का मौका हो सकता है, लेकिन फैसला लेने की वजह नहीं। प्रॉपर्टी आपके लिएसही है या नहीं, यह आपको बजट, लोन की रकम, लोन की अवधि और बचत से तय करना चाहिए।

*नियम और शर्तें लागू

Vande Bharat Sleeper: दिवाली से पहले रेलवे का बड़ा तोहफा! दिल्ली-वाराणसी के बीच शुरू होगी स्लीपर वंदे भारत, जानें पूरी डिटेल

नई दिल्ली और वाराणसी के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। भारतीय रेलव इस रूट पर जल्द ही स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की योजना बना रहा है। देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल अक्टूबर में किया जा सकता है। ट्रायल के बाद इसको दिवाली 2026 के आसपास नियमित चलाया जा सकता है। वहीं स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस के चलन से यात्रियों के समय की बचत होगी। इस ट्रेन को रात में चलाए जाने की योजाना बनाई गई है।

दिल्ली और वाराणसी के बीच प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत शुरू होने के बाद यह देश की दूसरी ऐसी ट्रेन हो सकती है। इससे पहले हावड़ा-कामाख्या रूट पर स्लीपर वंदे भारत सेवा शुरू की गई है। वहीं इस ट्रेन के रूट और स्टॉपेज को लेकर रेलवे की ओर से अभी आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है

कितने बजे चलेगी ट्रेन

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नई स्लीपर वंदे भारत रात के समय वाराणसी से दिल्ली के लिए रवाना हो सकती है। प्रस्तावित टाइमिंग के मुताबिक ट्रेन वाराणसी कैंट से रात करीब 9:20 से 9:30 बजे के बीच चलेगी और सुबह लगभग 5 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। सफर के दौरान ट्रेन प्रयागराज जंक्शन और कानपुर सेंट्रल पर भी रुकेगी। प्रयागराज में रात करीब 10:45 बजे और कानपुर में सुबह लगभग 12:35 बजे ठहराव होने की संभावना है।

दिल्ली से वापसी के दौरान भी ये ट्रेन रातभर चलाई जा सकती है। प्रस्तावित समय के अनुसार स्लीपर वंदे भारत नई दिल्ली से रात करीब 9:20 से 10 बजे के बीच रवाना होकर अगले दिन सुबह लगभग 5 बजे वाराणसी पहुंच सकती है। वहीं ट्रायल रन और रेलवे की तैयारियों के बाद ट्रेन के चलने और पहुंचने का समय बदला जा सकता है।

कहां-कहां होगा स्टॉपेज

प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत से दिल्ली, प्रयागराज और वाराणसी के बीच रात के समय सफर करने वाले यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। योजना के तहत ट्रेन वाराणसी कैंट से चलकर प्रयागराज जंक्शन और कानपुर सेंट्रल होते हुए नई दिल्ली पहुंचेगी। इन प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव से यात्रियों को रात में भी इन शहरों के बीच आने-जाने का विकल्प मिल सकेगा। वहीं ट्रेन के अंतिम रूट और स्टॉपेज को लेकर रेलवे की ओर से अभी आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।

ट्रेन में होंगे कुल 16 कोच

प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत में यात्रियों के लिए अलग-अलग श्रेणी की सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है। ट्रेन में कुल 16 कोच हो सकते हैं, जिनमें 11 एसी 3-टियर, 4 एसी 2-टियर और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल रहने की संभावना है। इस ट्रेन में एक बार में करीब 823 यात्री सफर कर सकेंगे।

कितने घंटे का होगा सफर

नई दिल्ली-वाराणसी स्लीपर वंदे भारत की रफ्तार ट्रैक और रेल इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति के हिसाब से करीब 130 से 160 किमी प्रति घंटे तक रहने की उम्मीद है। रेलवे के मिशन रफ्तार के तहत किए जा रहे सुधारों से इस रूट पर ट्रेन की गति बढ़ाने में मदद मिल सकती है। यात्रा का समय तय टाइमटेबल, स्पीड लिमिट और अन्य परिचालन स्थितियों पर निर्भर करेगा। फिलहाल करीब 7 से 8 घंटे के रात के सफर का अनुमान लगाया जा रहा है, लेकिन ट्रेन का अंतिम समय अभी तय नहीं हुआ है।

होगी कनेक्टिविटी बेहतर

दिल्ली-वाराणसी के बीच प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत को लेकर रेलवे की तैयारियां जारी हैं। इस ट्रेन का परीक्षण अक्टूबर 2026 में किया जा सकता है और दिवाली के आसपास इसे नियमित सेवा में लाने की तैयारी है। ट्रेन के रखरखाव की जिम्मेदारी नॉर्दर्न रेलवे को मिलने की संभावना है। सेवा शुरू होने पर दिल्ली से वाराणसी और प्रयागराज जाने वाले यात्रियों को रात में सफर करने का एक नया और आरामदायक विकल्प मिलेगा। हालांकि, ट्रेन का नंबर, किराया और अंतिम टाइमटेबल अभी रेलवे की ओर से तय नहीं किया गया है।

Post Office Scheme: पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में करें ₹6,000 मंथली निवेश, 5 साल बाद मिलंगे इतने लाख

Post Office RD Scheme: अगर आप शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव, गिरावट और जोखिम से दूर रहकर हर महीने एक निश्चित बचत करना चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस की रिकरिंग डिपॉजिट (RD) योजना आपके लिए एक बेहतरीन और सुरक्षित विकल्प साबित हो सकती है। इस सरकारी बचत योजना में आपको एकमुश्त बड़ी रकम निवेश करने की जरूरत नहीं होती, बल्कि आप हर महीने छोटी-छोटी किस्तें जमा करके भविष्य के लिए एक बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं।

क्यों खास है पोस्ट ऑफिस की आरडी स्कीम

सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न: यह योजना केंद्र सरकार द्वारा समर्थित है, इसलिए इसमें आपका पैसा 100% सुरक्षित रहता है और बाजार के जोखिम का कोई असर नहीं पड़ता।

आसान निवेश सीमा: इसमें न्यूनतम ₹100 प्रति माह से खाता खोला जा सकता है। अधिकतम निवेश की कोई तय सीमा नहीं है।

तय समय सीमा: पोस्ट ऑफिस RD योजना की आधिकारिक अवधि 5 साल (60 महीने) होती है।

आकर्षक ब्याज दर: वर्तमान में इस योजना पर 6.7% सालाना ब्याज (तिमाही चक्रवृद्धि) के आधार पर रिटर्न दिया जा रहा है।

₹6,000 हर महीने जमा करने पर कितना मिलेगा?

मान लीजिए आप अपनी मासिक कमाई या सैलरी से हर महीने ₹6,000 की बचत करते हैं और इसे पोस्ट ऑफिस की आरडी स्कीम में जमा करते हैं। 5 साल पूरे होने पर आपकी मैच्योरिटी राशि का पूरा गणित इस प्रकार होगा:

  • मासिक किस्त: ₹6,000
  • निवेश की अवधि: 5 साल (60 महीने)
  • कुल जमा पूंजी: ₹3,60,000
  • अनुमानित ब्याज आय (6.7%): ₹68,185 (लगभग ₹68 हजार)
  • मैच्योरिटी पर मिलने वाली कुल रकम: ₹4,28,185 (लगभग ₹4.28 लाख)

(नोट: यह अनुमानित गणना लागू 6.7% ब्याज दर पर आधारित है। मैच्योरिटी के समय लागू ब्याज दरों और डाकघर के आधिकारिक नियमों के अनुसार मिलने वाली राशि में आंशिक बदलाव संभव है।)

निवेश करने से पहले इन महत्वपूर्ण नियमों पर दें ध्यान

समय पर किस्त जमा करना अनिवार्य: आरडी में हर महीने तय तारीख तक किस्त जमा करनी होती है। किस्त जमा करने में देरी होने पर नियमों के मुताबिक पेनाल्टी या जुर्माना लग सकता है।

समय से पहले निकासी: अगर आपको अवधि पूरी होने से पहले पैसों की सख्त जरूरत पड़ती है, तो खाता खोलने के 3 साल पूरे होने के बाद इसे बंद कराने की सुविधा मिलती है, लेकिन इससे ब्याज दर पर असर पड़ सकता है।

टैक्स नियम: पोस्ट ऑफिस आरडी में मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री नहीं होता है। लागू आयकर नियमों के अनुसार ब्याज आय पर टैक्स चुकाना पड़ सकता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

5 मिनट में 1 एकड़ में छिड़काव, खर्च सिर्फ 100 रुपये! गुजरात के वडोदरा में कृषि ड्रोन ने बदली किसानों की तकदीर

वडोदरा (गुजरात) (ANI)। गुजरात के वडोदरा जिले में किसान अब ड्रोन से फसलों पर खाद का छिड़काव कर रहे हैं। इससे कम समय में खेत का काम पूरा हो जाता है और किसानों की मेहनत भी कम लगती है। सरकार की मदद से किसान कम खर्च में इस सुविधा का फायदा उठा रहे हैं।

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ड्रोन की मदद से कम समय में खेत में छिड़काव किया जा सकता है। इससे किसानों को भारी मशीनें लेकर खेत में घूमना नहीं पड़ता। ड्रोन से नैनो यूरिया और नैनो DAP का छिड़काव भी किया जा रहा है। किसान रस्मिकभाई बिनुभाई पटेल ने बताया कि ड्रोन से एक एकड़ खेत में करीब पांच मिनट में छिड़काव हो जाता है। इससे किसानों का समय बचता है और खर्च भी कम होता है।

वडोदरा जिला पंचायत के कृषि सहायक निदेशक हिरेन पी. थंकी ने बताया कि ड्रोन से छिड़काव करवाने पर किसानों को हर एकड़ के लिए 500 रुपये की मदद मिलती है। किसानों को इसके लिए सिर्फ 100 रुपये प्रति एकड़ खर्च करने होते हैं।

इस सुविधा के मुख्य फायदे हैं:

• कम समय में खेत पर छिड़काव।

• भारी सामान उठाने और ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं पड़ती।

• सरकारी सब्सिडी से कम खर्च में सेवा।

• नैनो यूरिया और नैनो DAP के छिड़काव में मदद।

सरकार की मदद से लोगों को ड्रोन चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। किसान केवल कुमार चौधरी ने बताया कि उन्हें ट्रेनिंग के साथ ड्रोन भी मिला है। अब वह इससे किसानों के खेतों में नैनो यूरिया और नैनो DAP का छिड़काव करते हैं। ड्रोन ऑपरेटर अचल पटेल कहते है कि इससे कम समय में ज्यादा खेतों में छिड़काव हो जाता है।

गुजरात सरकार खेती के लिए ड्रोन खरीदने वालों को 5 लाख रुपये की मदद दे रही है। इसके लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होती है। इनमें वेलिड ड्रोन पायलट लाइसेंस होना भी जरूरी है।

जिले में 5 से 7 हजार किसानों को फायदा

नितिन वसावा के मुताबिक, वडोदरा जिले में करीब पांच ऑर्गेनाइजेशन ड्रोन से छिड़काव की सर्विस दे रही हैं। लगभग 5,000 से 7,000 किसान अब तक इसका लाभ ले चुके हैं।

ड्रोन से छिड़काव होने से किसानों का काम आसान हो रहा है। इसके साथ ही गांव के युवाओं को ड्रोन चलाने और किसानों की मदद करने का काम भी मिल रहा है।

पटना के महावीर मंदिर की अनूठी पहल, प्रसाद और दान की कमाई से चल रहे अस्पताल, बच्चों के लिए बन रहा बाल कैंसर हॉस्पिटल

बिहार की राजधानी पटना स्थित महावीर मंदिर सिर्फ एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल नहीं है। पटना जंक्शन से लगा यह मंदिर आस्था के साथ-साथ सेवा और जनकल्याण की भी एक बड़ी मिसाल है। यहां बजरंगबली के दर्शन करने के लिए हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि मंदिर में चढ़ने वाले नैवेद्यम प्रसाद और अन्य माध्यमों से होने वाली कमाई का इस्तेमाल मरीजों के इलाज, शिक्षा और जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने जैसे कार्यों में भी किया जाता है। महावीर मंदिर न्यास समिति के अंतर्गत कई अस्पताल, चिकित्सा संस्थान, प्रशिक्षण केंद्र और भोजनालय संचालित होते हैं।

प्रसाद की कमाई से होता है मरीजों का इलाज

महावीर मंदिर की आय का एक महत्वपूर्ण हिस्सा नैवेद्यम प्रसाद की बिक्री से होने वाली बचत से आता है। इसके अलावा श्रद्धालुओं के चढ़ावे, कर्मकांड शुल्क, स्वैच्छिक दान, विक्रय केंद्रों की बचत और बैंक से मिलने वाले ब्याज से भी मंदिर को आय होती है। इन्हीं संसाधनों के जरिए महावीर मंदिर न्यास समिति स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण संस्थानों का संचालन करती है। इन संस्थानों में महावीर कैंसर संस्थान, महावीर आरोग्य संस्थान, महावीर वात्सल्य अस्पताल, महावीर नेत्रालय, महावीर हार्ट हॉस्पिटल, महावीर वरिष्ठ नागरिक अस्पताल और विशालनाथ अस्पताल शामिल हैं।

इसके अलावा भीखमदास ठाकुरबाड़ी स्थित महावीर नेत्रालय की शाखा भी संचालित की जाती है। इन संस्थानों के माध्यम से कैंसर, हृदय रोग, आंखों की बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इस अस्पतालों में बेहद कम दरों पर आधुनिक सुविधाएं दी जाती है।

बन रहा है बाल कैंसर संस्थान

महावीर मंदिर न्यास समिति का स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा विस्तार लगातार आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में महावीर किशोर कुणाल बाल कैंसर संस्थान का निर्माण कार्य भी जारी है। 100 बेड का एक नया अस्पताल बनाया जा रहा है। यह पूरी तरह कैंसर पीड़ित बच्चों के इलाज को समर्पित होगा। इसका निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और 2027 तक इसके तैयार होने की उम्मीद है। इस अस्पताल में 18 साल तक के बच्चों को निशुल्क इलाज की सुविधा दी जाएगी। यहां जांच और उपचार के लिए सभी आधुनिक उपकरण और तकनीकें होंगी।

इलाज के साथ मेडिकल शिक्षा पर भी जोर

महावीर मंदिर की गतिविधियां केवल अस्पतालों के संचालन तक सीमित नहीं हैं। महावीर पैरा मेडिकल ट्रेनिंग और महावीर एएनएम नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से चिकित्सा एवं नर्सिंग से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है। वहीं, पाणिनि वेद विद्यालय के जरिए पारंपरिक वैदिक शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जाता है।

गयाजी से अयोध्या तक जरूरतमंदों के लिए भोजन की व्यवस्था

धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं और जरूरतमंद लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए भी महावीर मंदिर न्यास समिति की ओर से पहल की गई है। इसके तहत गयाजी में विष्णु रसोई, सीतामढ़ी में सीता रसोई और अयोध्या में राम रसोई का संचालन किया जाता है। इन रसोइयों में लोगों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाता है। धार्मिक यात्राओं पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ऐसी व्यवस्था काफी उपयोगी साबित होती है।

पूर्वी चम्पारण में में आकार ले रहा विराट रामायण मंदिर

महावीर मंदिर न्यास समिति की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में पूर्वी चंपारण जिले के चकिया क्षेत्र में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर भी शामिल है। विराट रामायण मंदिर का निर्माण संसार के सबसे बड़े मंदिर के रूप में हो रहा है।

इस भव्य मंदिर परिसर में 33 फीट ऊंचा और लगभग 210 मीट्रिक टन वजनी शिवलिंग स्थापित किया गया है। मंदिर की प्रस्तावित लंबाई 1080 फीट और चौड़ाई 540 फीट है। इसकी संरचना में कुल 18 शिखर और 22 मंदिर शामिल होंगे। मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट रखी गई है, जबकि अन्य शिखरों की ऊंचाई 180, 135, 108 और 90 फीट प्रस्तावित है। महावीर मंदिर न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल के अनुसार, निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।

रोजाना करीब 10 लाख रुपये की आय

महावीर मंदिर की आर्थिक गतिविधियों का अंदाजा मई 2023 में महावीर मंदिर न्यास समिति की ओर से जारी आंकड़ों से लगाया जा सकता है। इन आंकड़ों के अनुसार, मंदिर की प्रतिदिन की आय करीब 10 लाख रुपये थी। इस आय में भेंटपात्रों में मिलने वाली चढ़ावे की राशि, कर्मकांड शुल्क, नैवेद्यम प्रसाद से होने वाली बचत, श्रद्धालुओं की ओर से स्वेच्छा से दिए जाने वाले दान, विक्रय केंद्रों की बचत और बैंक ब्याज शामिल थे। इसमें अस्पतालों और अन्य संस्थानों की आय-व्यय राशि शामिल नहीं थी।

पटना से सच्चिदानंद की रिपोर्ट

दिल्ली से चेन्नई जा रही फ्लाइट में पावर बैंक फटने से लगी आग, इंडियो एयरलाइन का विमान हैदराबाद डायवर्ट

Bank FD: ₹10 लाख अकाउंट में है? कैसे करें FD की ज्यादा रिटर्न के साथ सुरक्षित रहें आपका पैसा, जानिए

Bank FD Rules: फिक्स्ड डिपॉजिट को आमतौर पर सबसे कम जोखिम वाला और सुरक्षित निवेश माना जाता है। वैसे आपके पास ₹10 लाख या ₹20 लाख की बचत है और आप इसे एफडी में जमा कर रहे हैं, तो आपको एक बेहद महत्वपूर्ण नियम जानना जरूरी है। नियम ये है कि अगर आपका यह पूरा पैसा किसी एक ही बैंक में जमा है, तो आपका पूरा फंड सुरक्षित नहीं है।

भारतीय रिजर्व बैंक की सहायक कंपनी डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (DICGC) प्रति जमाकर्ता, प्रति बैंक अधिकतम ₹5 लाख तक का ही बीमा कवर प्रदान करती है। इस ₹5 लाख की सीमा में मूलधन और ब्याज दोनों शामिल होते हैं।

एक ही बैंक में कई FD बनाने से नहीं बढ़ता बीमा कवर

अक्सर लोग सोचते हैं कि अगर वे एक ही बैंक में ₹2-2 लाख की 5 अलग-अलग एफडी बना लेंगे, तो उनका ₹10 लाख का पूरा फंड सुरक्षित हो जाएगा। हालांकि, DICGC के नियम के अनुसार ऐसा बिल्कुल नहीं है:

पैसे की टैगिंग/कैलकुलेशन: अगर आपकी एक ही बैंक में कई FDs हैं, तो DICGC बीमा की गणना करते समय उन सभी को एक साथ जोड़ देता है।

बचत खाता + एफडी: मान लीजिए आपके पास एक ही बैंक में ₹2-2 लाख की 3 एफडी (कुल ₹6 लाख) हैं और ₹1 लाख सेविंग्स अकाउंट में हैं, तो कुल जमा ₹7 लाख माना जाएगा। लेकिन बैंक डूबने या संकट में आने पर आपको अधिकतम ₹5 लाख ही वापस मिलेंगे।

ब्याज भी शामिल: अगर आपका मूलधन ₹4.8 लाख है और उस पर मिला ब्याज कुल रकम को ₹5 लाख से ऊपर ले जाता है, तब भी इंश्योरेंस कवर ₹5 लाख की सीमा से अधिक नहीं बढ़ेगा।

विभिन्न शाखाएं: एक ही बैंक की अलग-अलग शाखाओं में खाता खोलने से भी बीमा सीमा अलग-अलग नहीं होती।

अपने पैसे को 100% सुरक्षित कैसे बनाएं?

अगर आपके पास बड़ी रकम है, तो अपने जोखिम को कम करने के लिए इन तरीकों को अपनाएं:

अलग-अलग बैंकों में बांटें पैसा: DICGC प्रत्येक अलग बीमित बैंक को अलग संस्था मानता है। उदाहरण के लिए, अगर आप ₹15 लाख की रकम को 3 अलग-अलग बैंकों में ₹5-₹5 लाख की एफडी में बांट देते हैं, तो आपकी पूरी रकम (₹15 लाख) अलग-अलग ₹5 लाख के बीमा कवर के तहत सुरक्षित रहेगी।

अलग-अलग कानूनी क्षमता: एक ही बैंक में अगर खाते अलग-अलग ओनरशिप/कैपेसिटी (जैसे- व्यक्तिगत खाता, जॉइंट अकाउंट, या HUF खाता) के तहत खुले हैं, तो नियम के तहत उनके लिए अलग से बीमा कवर मिल सकता है।

जब कोई बैंक संकट में आता है तो क्या होता है?

बैंक के लिक्विडेशन या RBI द्वारा पाबंदी लगाए जाने की स्थिति में DICGC का इंश्योरेंस फ्रेमवर्क लागू होता है। संबंधित बैंक को निर्धारित समय सीमा के भीतर जमाकर्ताओं की जानकारी जमा करनी होती है। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत जमाकर्ता के क्लेम को प्रोसेस करके अधिकतम ₹5 लाख तक का भुगतान किया जाता है।

बड़ी FD कराने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

टोटल एक्सपोजर जांचें: एक ही बैंक में रखी अपनी कुल राशि (सेविंग्स + एफडी + आरडी) का हिसाब लगाएं।

एलोकेशन रणनीति: ₹10 या ₹15 लाख जैसी बड़ी रकम को कम से कम 2 से 3 अलग-अलग शेड्यूल बैंकों में बांटकर निवेश करें।

अन्य मापदंड: बैंक चुनते समय केवल इंश्योरेंस ही नहीं, बल्कि ब्याज दरें, लॉक-इन अवधि और प्री-मैच्योर विदड्रॉल के नियमों का भी ध्यान रखें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Flipkart Big Billion Days Sale में iPhone 15 से Pixel तक पर बंपर डिस्काउंट, देखें पूरी डील्स

Flipkart Big Billion Days Sale: इस फेस्टिव सीजन Flipkart अपने Big Billion Days Sale में स्मार्टफोन से लेकर स्मार्टवॉच, लैपटॉप और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स पर शानदार डिस्काउंट दे रहा है। ऐसे में अगर आप नया स्मार्टफोन खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो यह सले आपके लिए किफायती साबित हो सकती है। इस आर्टिकल में हम आपके लिए मिड-रेंज से लेकर प्रीमियम कैटेगरी तक के कुछ ऐसे स्मार्टफोन लेकर आए हैं, जिन पर सेल के दौरान अच्छी डील मिल रही है।

Samsung Galaxy S25 FE 5G

Samsung Galaxy S25 FE 5G का 8GB + 128GB वेरिएंट अभी 89,999 रुपये की जगह 46,999 रुपये में मिल रहा है। इसकी कीमत और कम करने के लिए, आप Flipkart Axis Bank क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके 2,350 रुपये तक का कैशबैक पा सकते हैं। इसके अलावा, आप अपना पुराना स्मार्टफोन एक्सचेंज कर के 35,300 रुपये तक की बचत भी कर सकते हैं। इन सभी ऑफर्स को मिलाकर, आप यह डिवाइस आसानी से 35,000 रुपये से कम में खरीद सकते हैं।

Apple iPhone 15

Apple iPhone 15 का 128GB वेरिएंट ₹74,900 की जगह ₹67,999 में मिल रहा है। इसकी कीमत और कम करने के लिए, आप Flipkart Axis बैंक क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके ₹4,350 तक का कैशबैक पा सकते हैं। इसके अलावा, आप अपना पुराना स्मार्टफोन ₹45,050 तक की कीमत में एक्सचेंज कर सकते हैं। सभी ऑफर मिलाकर, आप यह डिवाइस ₹50,000 से कम में पा सकते हैं।

Google Pixel 10a

Google Pixel 10a का 8GB + 256GB वेरिएंट Flipkart पर ₹47,999 में मिल रहा है। इस डिवाइस पर Flipkart Axis क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने पर ₹6,200 तक का बैंक ऑफर भी मिलेगा। इसके अलावा, आप अपने पुराने स्मार्टफोन को ₹37,400 तक की कीमत में एक्सचेंज भी कर सकते हैं।

Oppo Find X9s

अगर आप प्रीमियम सेगमेंट का स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं, तो Oppo Find X9s पर भी बड़ी छूट मिल रही है। Flipkart पर इसके 12GB रैम और 256GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत घटकर 84,999 रुपये रह गई है, जबकि इसकी पुरानी कीमत 1,39,999 रुपये थी।

इसके अलावा, SBI क्रेडिट और डेबिट कार्ड से खरीदारी करने पर 8,500 रुपये तक की छूट मिल सकती है। कुछ चुनिंदा पिन कोड पर रहने वाले ग्राहक अपना पुराना स्मार्टफोन एक्सचेंज करके 64,500 रुपये तक की वैल्यू भी पा सकते हैं। ध्यान दें कि एक्सचेंज ऑफर और बैंक डिस्काउंट की शर्तें लागू होंगी।

Redmi Note 15 Pro+ 5G Special Edition

अगर आप स्टाइलिश डिजाइन और अच्छे फीचर्स वाला स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं, तो Redmi Note 15 Pro+ 5G Special Edition पर मिल रही डील देख सकते हैं। इसका Coffee Mocha कलर वेरिएंट Flipkart पर 49,999 रुपये में मिल रहा है।

इसके अलावा, ICICI क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर 2,750 रुपये तक की अतिरिक्त छूट मिल सकती है। वहीं, पुराने स्मार्टफोन को एक्सचेंज करने पर 37,700 रुपये तक की वैल्यू मिल सकती है। हालांकि, एक्सचेंज में मिलने वाली रकम आपके पुराने फोन के मॉडल और उसकी स्थिति पर निर्भर करेगी।

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