Taapsee Pannu: हम और पैसे कैसे कमाएंगे? फिल्मों में महिलाओं को ‘ऑब्जेक्ट’ की तरह दिखाए जाने पर बोलीं तापसी पन्नू

Taapsee Pannu: तापसी पन्नू ने भारतीय सिनेमा में महिलाओं के किरदारों को लेकर हो रही चर्चा पर अपनी राय रखी है। हाल ही में राम चरण की ‘पेड्डी’ और यश की ‘टॉक्सिक’ जैसी दो बड़े बजट की फिल्मों में महिला किरदारों को दिखाए जाने के तरीके की ऑनलाइन काफी आलोचना हुई। इस विवाद पर बात करते हुए तापसी ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री अक्सर यह कहकर आलोचना से बचती है कि ऐसा कंटेंट सिर्फ दर्शकों की मांग पर बनाया जाता है।

जूम टीवी के साथ बातचीत में तापसी ने बताया कि इंडस्ट्री अक्सर ऐसे किरदारों के लिए दर्शकों को जिम्मेदार ठहराती है और इसे एक ऐसी लड़ाई बताया जिसे एक्टर्स दर्शकों के सपोर्ट के बिना नहीं जीत सकते। “आप चाहे कितना भी शोर मचा लें, आपको सोशल मीडिया पर उतने ही लोग मिल जाएंगे जो वही तस्वीर इस्तेमाल कर रहे होंगे, उसे जूम कर रहे होंगे, अजीब एंगल से अलग-अलग तरह के वीडियो और तस्वीरें बना रहे होंगे और उसे वायरल कर रहे होंगे। तो सोशल मीडिया पर इसके लिए दर्शक मौजूद हैं।”

इस पूरी प्रक्रिया को “मांग और आपूर्ति” (demand and supply) बताते हुए तापसी ने कहा, “लोगों को लगता है कि जनता मांग रही है तो हमें देना चाहिए, वरना हम पैसे कैसे कमाएंगे? इसलिए कला पीछे छूट जाती है, हुनर ​​पीछे छूट जाता है। कोविड से पहले हमने काफी तरक्की की थी और हम बेहतरीन फिल्मों के स्तर तक पहुंच रहे थे। लेकिन अब हम फिर से पीछे छूट रहे हैं। सभी मेकर्स दर्शकों पर दोष मढ़ देंगे और यहीं पर हम सभी एक्टर्स कोई ठोस जवाब नहीं दे पाते। यह एक ऐसी लड़ाई है जिसे हम हार जाएंगे, और सिर्फ दर्शक ही हमें इसे जीतने में मदद कर सकते हैं।”

तापसी की ये बातें ‘पेड्डी’ और ‘टॉक्सिक’ दोनों फिल्मों को लेकर सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना के बीच सामने आईं। फिल्म में जाह्नवी कपूर के किरदार के बहुत ज़्यादा hypersexualised चित्रण की आलोचना हुई। सोशल मीडिया यूज़र्स ने कैमरा वर्क, रोमांटिक सीन और जाह्नवी के किरदार की असलियत के बजाय उसके शारीरिक दिखावे पर ज़्यादा ज़ोर देने को लेकर सवाल उठाए। बाद में डायरेक्टर ने फ़िल्म से ये सीन हटा दिए और माफ़ी भी मांगी।

दूसरी ओर, ‘टॉक्सिक ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ में महिलाओं के चित्रण को लेकर फ़िल्म के रिलीज़ होने से पहले ही बहस शुरू हो गई थी। रिलीज़ के बाद आलोचना और बढ़ गई। कुछ दर्शकों ने मेकर्स पर महिला किरदारों को सिर्फ़ एक ‘वस्तु’ (object) की तरह दिखाने और उन्हें सिर्फ़ ग्लैमर, कामुकता और मुख्य पुरुष किरदार के साथ उनके रिश्तों के ज़रिए पेश करने का आरोप लगाया।

तापसी पन्नू हाल ही में नेटफ़्लिक्स फ़िल्म ‘गांधारी’ में नज़र आईं। देवाशीष मखीजा की डायरेक्ट की गई इस एक्शन थ्रिलर फ़िल्म में इशवाक सिंह, छाया कदम, स्वस्तिका मुखर्जी और मीता वशिष्ठ भी अहम भूमिकाओं में हैं। यह फ़िल्म अभी नेटफ़्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है।

ब्रांडेड गोल्ड ज्वेलरी खरीदना हुआ आसान, यहां जानिए थोड़ी-थोड़ी सेविंग्स से कैसे कर सकते हैं सोने में बड़ा निवेश

ब्रांडेड गोल्ड ज्वेलरी खरीदना पहले कभी इतना आसान नहीं था। आप थोड़ी-थोड़ी बचत से भी गोल्ड में अब बड़ा निवेश कर सकते हैं। कई बड़ी गोल्ड ज्वेलरी कंपनियों ने फिनटेक से समझौते किए हैं। इससे कम इनकम वाले परिवारों के लिए भी ब्रांडेड गोल्ड ज्वेलरी खरीदना आसान हो गया है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

पेटीएम ने कैरेटलेन से मिलाया है हाथ

कैरेटलेन ने Paytm से हाथ मिलाया है। इससे पेटीएम के यूजर्स डिजिटल गोल्ड में अपने छोटे-छोटे निवेश का इस्तेमाल कैरेटलेन से ज्वेलरी खरीदने के लिए कर सकते हैं। इसे एक उदाहरण की मदद से आसानी से समझा जा सकता है। मान लीजिए आपने पेटीएम के जरिए डिजिटल गोल्ड में धीरे-धीरे करके कुल 6,000 रुपये का निवेश किया है। आपको कैरेटलेन की कोई 8,000 रुपये की ज्वेलरी पसंद है तो 6,000 रुपये का पेमेंट आपके डिजिटल गोल्ड में निवेश से हो जाएगा। बाकी 2,000 रुपये का पेमेंट आप यूपीआई, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए कर सकते हैं।

कैरेटलोन गोल्ड ज्वेलरी की होम डिलीवरी भी करेगी

अगर आप कैरेटलेन से गोल्ड ज्वेलरी की होम डिलीवरी चाहते हैं तो यह सुविधा भी उपलब्ध है। कई शहरों में कैरेटलेन की यह सुविधा उपलब्ध है। कंपनी आपकी गोल्ड ज्वेलरी की पैकिंग और शिपमेंट करेगी। आप पेटीएम ऐप पर ऑर्डर कनफर्मेशन, ट्रैकिंग और पर्चेज डिटेल्स देख सकते हैं। इसका मतलब है कि यह पूरा प्रोसेस ट्रांसपेरेंट है। पेटीएम के यूजर्स इस तरह अपनी छोटी-छोटी सेविंग्स का इस्तेमाल अपनी पसंद की ब्रांडेड ज्वेलरी खरीदने के लिए कर सकते हैं।

जेन डायमंड की यह स्कीम सोने में निवेश को आसान बनाती है

Zen Diamond India ने My Gold Multiplier Plan शुरू किया है। इसके जरिए ग्राहक हर महीने के कंट्रिब्यूशन से 999 फाइन हॉलमार्किंग गोल्ड ज्वेलरी खरीद सकते हैं। कंपनी के एमडी नील सोनावाला ने बताया कि इस स्कीम की मैच्योरिटी पर ग्राहक अपने निवेश का इस्तेमाल गोल्ड ज्वेलरी खरीदने के लिए कर सकते हैं। कंपनी की तरफ से उन्हें सोने का 30 फीसदी रिवॉर्ड के रूप में भी मिलेगा। इतना ही नहीं ग्राहक अपने खुद के 24-कैरेट गोल्ड का इस्तेमाल भी रिडेम्प्शन के समय कर सकते हैं।

इंस्टाओन ईएमआई प्रोग्राम का भी उठा सकते हैं फायदा

जेन डायमंड ने इंस्टाओन ईएमआई प्रोग्राम भी शुरू किया है। कंपनी का कहना है कि यह जीरो-कॉस्ट, जीरो-डाउनपेमेंट और जीरो इंटरेस्ट ईएमआई ऑप्शन है। ग्राहक को कंपनी के स्टोर पर हर 90,000 के खर् पर 1 ग्राम गोल्ड कॉइन भी मिलता है। कैरेटलेन और जेन डायमंड की ईजी गोल्ड ज्वेलरी पर्चेज स्कीम ग्राहक को छोटी सेविंग्स से ब्रांडेड गोल्ड ज्वेलरी में निवेश का मौका देती हैं।

यह भी पढ़ें: Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोना लगातार दूसरे दिन चढ़ा, चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं

स्कीम का फायदा उठाने से पहले ये बातें जरूर जान लें

एक बात ग्राहक को ध्यान में रखने की जरूरत है कि ऐसी स्कीमें आरबीआई के रेगुलेशन के तहत नहीं आती हैं। इसका मतलब है कि अगर कंपनी से आपका किसी तरह का विवाद होता है तो आप उसकी शिकायत आरबीआई में नहीं कर सकते। हालांकि, आम तौर पर ऐसा नहीं होता है।

Rashifal Today: आज के दिन किस मूलांक के लोगों की चमकेगी किस्मत, जानें क्या कहते हैं आपके सितारे

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार 4 सितंबर का दिन आर्थिक मामलों में योजना बनाने और पैसों को सही तरीके से संभालने का संकेत दे रहा है। आज आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। नए अवसर सामने आ सकते हैं, लेकिन तुरंत फैसला लेने के बजाय पूरी जानकारी जुटाएं। अपने पुराने आर्थिक लक्ष्यों की समीक्षा करें और जरूरत पड़ने पर उनमें बदलाव करें। आइए जानते हैं मूलांक 1 से 9 तक के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन पैसों के मामले में सावधानी बरतने वाला रहेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रह सकती है, इसलिए खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है। मन में बड़े निवेश की योजना बन सकती है, लेकिन फिलहाल छोटे और सुरक्षित निवेश पर ध्यान देना बेहतर रहेगा। कोई आर्थिक प्रस्ताव मिले तो उसे अच्छी तरह सोचने के बाद ही स्वीकार करें। लेन-देन में साफ-सफाई रखें। आपकी किसी खास क्षमता से कमाई का नया रास्ता भी मिल सकता है।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में दिन अच्छा रहेगा। आप समझदारी और धैर्य के साथ फैसले ले पाएंगे। बड़े निवेश की योजना बनाने के लिए समय अनुकूल है। किसी पुराने आर्थिक मामले का समाधान होने से राहत मिल सकती है। खर्च कम करके बचत पर ध्यान दें। परिवार या दोस्तों से आर्थिक योजनाओं पर चर्चा करने से आपको नए विचार मिल सकते हैं।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। आज आप अपनी पुरानी वित्तीय योजनाओं की दोबारा समीक्षा कर सकते हैं। इससे भविष्य में फायदा होगा। जोखिम वाले निवेश से फिलहाल दूरी बनाकर रखें। छोटे-छोटे खर्चों पर नजर रखें, क्योंकि ये बजट बिगाड़ सकते हैं। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह लेकर ही पैसे से जुड़ा बड़ा फैसला करें।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में दिन सामान्य रहेगा। योजनाओं में बदलाव के कारण बजट पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है। नए निवेश के मौके मिल सकते हैं, लेकिन फैसला सोच-समझकर लें। किसी पुराने आर्थिक विवाद को सुलझाने का यह अच्छा समय है। जल्दबाजी से बचें और बड़े खर्चों पर नियंत्रण रखें।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक रूप से अच्छा रहने वाला है। कमाई के नए स्रोत मिल सकते हैं और पुराने निवेश से लाभ होने की संभावना है। आपकी आर्थिक समझ और व्यापार से जुड़े फैसले अच्छे साबित हो सकते हैं। किसी जानकार की सलाह भी फायदेमंद रहेगी। हालांकि साझेदारी में कारोबार करते समय सावधानी रखें और धीरे-धीरे मुनाफा बढ़ाने पर ध्यान दें।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सकारात्मक दिन रहेगा। आपकी मेहनत और बनाई गई योजनाओं का अच्छा परिणाम मिल सकता है। निवेश का कोई अच्छा मौका सामने आ सकता है, लेकिन पहले पूरी जानकारी जुटाएं। परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार से मन को शांति मिलेगी। पुराना कर्ज या आर्थिक विवाद खत्म होने की संभावना है। भविष्य के लिए बचत और सुरक्षित निवेश को प्राथमिकता दें।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। खर्चों पर नियंत्रण रखना और बजट के अनुसार चलना जरूरी है। नए निवेश के मौके मिलने पर तुरंत फैसला न लें। किसी करीबी दोस्त या परिवार के सदस्य की सलाह मददगार हो सकती है। इस समय आर्थिक जोखिम लेने से बचना आपके लिए बेहतर रहेगा।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में दिन सकारात्मक रहेगा। मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है और आपकी योजनाएं सफल हो सकती हैं। नया निवेश भविष्य में फायदा दे सकता है। हालांकि किसी की सलाह पर आंख बंद करके भरोसा न करें। अनावश्यक खर्च से बचें। अगर कोई आर्थिक विवाद चल रहा है तो उसे बातचीत के जरिए सुलझाने का यह अच्छा समय है।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। नए अवसर सामने आ सकते हैं, लेकिन तुरंत फैसला लेने के बजाय पूरी जानकारी जुटाएं। अपने पुराने आर्थिक लक्ष्यों की समीक्षा करें और जरूरत पड़ने पर उनमें बदलाव करें। सोच-समझकर लिया गया फैसला आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद कर सकता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

बेल्जियम PM बोले- मोदी ने हमें पहले ही चेताया था:तब हमने नहीं सुनी, अमेरिका-चीन के भरोसे रहने का खतरा अब समझ आ रहा

बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने गुरुवार को कहा कि यूरोप को अब आर्थिक निर्भरता का खतरा समझ आ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोप को इस बारे में काफी पहले चेताया था। दिल्ली में CII के कार्यक्रम में उन्होंने कहा- दुनिया तेजी से बदल रही है, लेकिन यूरोप इस बदलाव के साथ कदम नहीं मिला पा रहा। वह बूढ़ा हो चुका है। वेबर के मुताबिक, चीन और अमेरिक यूरोप से बहुत आगे निकल चुके हैं। इनोवेशन और प्रोडक्टिविटी में यूरोप बहुत पीछे चला गया है, इसलिए उसे हर तरफ से झटके लग रहे हैं। ‘हम अपनी रक्षा करने में सक्षम नहीं’ डी वेवर ने कहा कि यूरोप की कमजोरी सिर्फ अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं है। यूरोपीय देश अपनी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी खुद उठाने की स्थिति में भी नहीं हैं। यूरोप को हर समय अपमानित होना पड़ता है। वेबर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब यूरोपीय देशों पर रक्षा के लिए ज्यादा खर्च करने और अपनी सुरक्षा में ज्यादा जिम्मेदारी लेने का दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, आप इस इतिहास से गुजर चुके हैं। आपके प्रधानमंत्री ने यूरोप को बहुत पहले चेताया था, लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। अब हम सुन रहे हैं। यूरोप को यह समझ थोड़ी देर से आई है, लेकिन अब यह बदलाव हो रहा है। डी वेवर ने यूरोप की इस स्थिति को ‘रूड अवेकनिंग’ यानी कड़वी हकीकत से जागना बताया।
सस्ते आयात से कमजोर हुई यूरोप की इंडस्ट्री वेवर ने कहा कि यूरोप ने लंबे समय तक विदेशी कंपनियों को बड़े पैमाने पर अपने बाजार में जगह दी। कम कीमत पर आने वाले सामान ने यूरोप की स्थानीय कंपनियों के लिए मुश्किलें बढ़ाईं और धीरे-धीरे वहां की इंडस्ट्री कमजोर होती गई। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का सबसे ज्यादा फायदा जिस देश को हुआ, वह यूरोप का करीबी पड़ोसी है और उसे सभी जानते हैं। डी वेवर ने देश का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके इस बयान को चीन की ओर इशारा माना जा रहा है। भारत को बताया ‘नंबर-1’ रणनीतिक पार्टनर डी वेवर ने भारत को यूरोप के लिए सबसे अहम रणनीतिक साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि यूरोप को ऐसे देशों के साथ रिश्ते मजबूत करने चाहिए, जो सहयोग और बहुपक्षीय व्यवस्था में भरोसा रखते हों और ताकत के बजाय आपसी सम्मान के आधार पर संबंध बनाते हों। उन्होंने कहा, “अगर भारत उस सूची में नहीं है तो आपने कुछ बहुत बुनियादी बात मिस कर दी है। भारत उस सूची में है। नंबर-1।” डी वेवर ने भारत की तेज आर्थिक growth, बड़ी टैलेंट पूल और टेक्नोलॉजी क्षमता को दोनों पक्षों के लिए बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोप के बीच व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में सहयोग की बड़ी संभावनाएं हैं। बेल्जियम खुद भी बजट के दबाव में डी वेवर की ये चिंताएं ऐसे समय सामने आई हैं, जब बेल्जियम सरकार खुद बड़े बजट कटौती के फैसलों की तैयारी कर रही है। सरकार का लक्ष्य 2029 तक करीब 10 अरब यूरो यानी 11.7 अरब डॉलर की बचत करना है। प्रधानमंत्री ने माना कि इन फैसलों का असर देश के लगभग हर वर्ग पर पड़ेगा। उन्होंने कहा, “मैं अच्छी नींद नहीं ले पा रहा हूं और इस बारे में बहुत सोचता हूं।” डी वेवर ने कहा कि बजट का घाटा सिर्फ अमीरों पर ज्यादा टैक्स लगाकर पूरा नहीं किया जा सकता। वहीं, खर्च में कटौती को लेकर उन्होंने कहा कि आम तौर पर हर कोई चाहता है कि बचत का असर किसी और पर पड़े, उस पर नहीं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “हर कोई सोचता है कि अगर बचत करनी है तो उसका खर्च मेरे पड़ोसी पर पड़े, मुझ पर नहीं।”

कृष्ण वाणी: मन को मजबूत कैसे बनाये? भगवान श्री कृष्ण ने भगवत गीता में बताया मुश्किलों से लड़ने का सीक्रेट!

भगवान श्री कृष्ण की भगवद गीता की सीख हमें जीवन को एक अलग नजरिए से देखने की राह दिखाती है। जीवन में कई बार ऐसा समय आता है, जब नौकरी को लेकर चिंता बनी रहती है, पैसों की परेशानी जल्दी खत्म नहीं होती या किसी रिश्ते को ठीक करने की कोशिश के बावजूद हालात वैसे ही रहते हैं। ऐसे समय में मन बार-बार यही सोचता है कि आखिर बदलाव कब आएगा और हमें कोई रास्ता या संकेत कब मिलेगा। हर दिन एक जैसा लगने लगता है और इंतजार करना भी मुश्किल हो जाता है। गीता का यह संदेश हमें याद दिलाता है कि जीवन में कोई भी सिचुएशन हमेशा एक जैसी नहीं रहती।

geeta

1. लोगों से अटैचमेंट छोड़ें

जब कोई परेशानी लंबे समय तक चलती है, तो हमें लगने लगता है कि अब जिंदगी शायद हमेशा ऐसी ही रहेगी। करियर में बार-बार निराशा मिलना, पैसों की कमी या किसी अपने का साथ न होना उस समय बहुत बड़ी परेशानी लग सकती है। धीरे-धीरे इंसान उसी सिचुएशन को अपनी जिंदगी का हिस्सा मान लेता है और सोचने लगता है कि इसमें अब कुछ नहीं बदलेगा। लेकिन श्री कृष्ण की सीख हमें याद दिलाती है कि जिंदगी में कोई भी सिचुएशन हमेशा एक जैसी नहीं रहती। जैसे मौसम बदलता है, वैसे ही सुख-दुख और जिंदगी के हालात भी बदलते रहते हैं।2. नई आदतें और हुनर अपनाएं

कई बार हम सिर्फ नतीजे देखकर तय करते हैं कि हमारी जिंदगी आगे बढ़ रही है या नहीं। प्रमोशन नहीं मिला, तो लगता है कि करियर रुक गया है। सैलरी नहीं बढ़ी, तो लगता है कि मेहनत का कोई फायदा नहीं हुआ। असल जिंदगी में बदलाव धीरे-धीरे होता है और उसका असर तुरंत दिखाई नहीं देता। हो सकता है कि इस दौरान आपका एक्सपीरियंस बढ़ रहा हो, आप नई चीजें सीख रहे हों या आपको अपनी जिंदगी और जरूरतों को पहले से बेहतर समझ आने लगा हो।3. करियर रीसेट करें

मुश्किल दौर से गुजरना और पूरी जिंदगी को मुश्किल मान लेना, दोनों अलग बातें हैं। कोई रिश्ता खत्म हो गया, तो इसका मतलब यह नहीं कि आपको आगे कभी अच्छा रिश्ता नहीं मिलेगा। करियर में रुकावट आई है, तो इसका मतलब यह भी नहीं कि आप आगे सफल नहीं हो सकते। इसी तरह आज पैसों की परेशानी है, तो जरूरी नहीं कि आगे भी हालात वैसे ही रहें। श्री कृष्ण की सीख है कि बाहर की सिचुएशन चाहे जैसी हों, हमें खुद को अंदर से मजबूत और शांत रखने की कोशिश करनी चाहिए।4. बदलाव की शुरुआत खुद से करें

समय बदलने का इंतजार करना ठीक है, लेकिन इसके लिए हाथ पर हाथ रखकर बैठना जरूरी नहीं है। अगर नौकरी नहीं मिल रही है, तो नई जगह कोशिश की जा सकती है या कोई नया हुनर सीखा जा सकता है। पैसों की परेशानी है, तो खर्चों पर ध्यान देकर बचत शुरू की जा सकती है। किसी रिश्ते में परेशानी है, तो अपनी सीमाएं तय करने या सही तरीके से बात करने की जरूरत हो सकती है। कई बार जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए कुछ पुरानी आदतों, लोगों या कामों को छोड़ना भी जरूरी होता है।

5. कल की चिंता छोड़ें

मुश्किल समय में हमारा ध्यान अक्सर इस बात पर लगा रहता है कि चीजें कब ठीक होंगी। लेकिन श्री कृष्ण की सीख है कि हमें फ्यूचर के नतीजे की चिंता में अपना आज खराब नहीं करना चाहिए। जो काम इस समय हमारे हाथ में है, उसे पूरी ईमानदारी और मेहनत से करते रहें।

श्री कृष्ण की यह सीख उन लोगों के लिए बहुत खास है, जो काफी समय से किसी मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। गीता हमें यह उम्मीद नहीं देती कि हर परेशानी एक पल में खत्म हो जाएगी, बल्कि यह समझाती है कि आज की मुश्किल को अपने पूरे जीवन की सच्चाई न मानें। सही दिशा में छोटे-छोटे कदम उठाते रहें, क्योंकि समय और हालात हमेशा एक जैसे नहीं रहते।

लखनऊ में घर खरीदने का सुनहरा मौका! LDA दे रहा फ्लैट्स पर ₹2 लाख तक की सीधी छूट, जानें कब तक है मौका

लखनऊ में अपना घर खरीदने का प्लान कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी 2026 के मौके पर चुनिंदा फ्लैट्स की कीमतों में खास छूट देने का ऐलान किया है। इससे खरीदारों को कम कीमत में अपना घर खरीदने का मौका मिल सकता है। ये ऑफर 4 सितंबर से 14 सितंबर 2026 तक लागू रहेगा। यानी इस योजना के तहत घर खरीदने के लिए 11 दिनों का समय होगा। त्योहारों के मौके पर LDA ने अपने मौजूदा फ्लैट खरीदारों के लिए 2 लाख रुपये तक की छूट का विशेष ऑफर भी शुरू किया है। वहीं फ्लैट की बुकिंग से पहले इस ऑफर की पूरी जानकारी एक बार जरूर चेक कर लें।

इस ऑफर के तहत LDA की ‘पहले आओ, पहले पाओ’ योजना के कुछ चुनिंदा फ्लैट्स पर खरीदारों को विशेष छूट मिलेगी। LDA के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने गुरुवार को इस बारे में आदेश जारी किया।

किस फ्लैट पर मिल रही कितनी छूट

त्योहारी सीजन को देखते हुए LDA ने अपनी कुछ आवासीय योजनाओं में खास छूट देने का फैसला किया है। यह ऑफर FCFS योजना के तहत उपलब्ध चुनिंदा 1 BHK, 2 BHK और 3 BHK फ्लैट्स पर मिलेगा। LDA के फ्लैट्स पर मिलने वाली छूट उनकी कीमत के हिसाब से तय होगी। 20 से 50 लाख रुपये तक के फ्लैट पर 1 लाख रुपये, 50 से 75 लाख रुपये तक के फ्लैट पर 1.5 लाख रुपये और 75 लाख रुपये से ज्यादा कीमत वाले फ्लैट पर 2 लाख रुपये तक की छूट मिलेगी। यानी महंगे फ्लैट खरीदने वालों को इस ऑफर में ज्यादा छूट का फायदा मिलेगा। जो लोग ऑफर की अवधि में LDA की वेबसाइट के जरिए इन फ्लैट्स की बुकिंग करेंगे, वे तय नियमों के अनुसार इस छूट का लाभ उठा सकेंगे।

नियमों को एक बार जरूर करें चेक

इस ऑफर में शामिल फ्लैट ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर दिए जाएंगे। यानी खरीदार को लॉटरी का इंतजार नहीं करना होगा। फ्लैट की उपलब्धता और जरूरी बुकिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र ग्राहक इसे खरीद सकेंगे। यह छूट सीमित समय के लिए दी जा रही है। घर खरीदने वालों को बुकिंग से पहले फ्लैट की उपलब्धता, पात्रता, कीमत और बाकी नियमों की जानकारी जरूर जांच लेनी चाहिए। फ्लैट की कीमत के हिसाब से खरीदारों को 1 लाख, 1.5 लाख और 2 लाख रुपये तक की छूट मिलेगी। ऐसे में LDA की आवासीय योजनाओं में घर खरीदने वालों के लिए यह ऑफर अच्छी बचत का मौका दे सकता है।

Rashifal Today: धन के मामले में आज किसकी बदलेगी किस्मत? जानें मूलांक 1 से 9 तक का राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार 4 सितंबर का दिन आर्थिक मामलों में योजना बनाने और पैसों को सही तरीके से संभालने का संकेत दे रहा है। आज ज्यादातर मूलांक वाले लोगों को बेवजह खर्च करने से बचने और भविष्य को ध्यान में रखकर आर्थिक फैसले लेने की सलाह दी जाती है। कुछ लोगों के लिए निवेश और बचत की नई योजना बनाने का समय अच्छा है। आइए जानते हैं मूलांक 1 से 9 तक के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण रहेगा। भविष्य को सुरक्षित करने के लिए लंबी अवधि की योजना बना सकते हैं। अपने आर्थिक लक्ष्य तय करें और बजट के अनुसार खर्च करें। अचानक या बिना सोचे खरीदारी करने से बचना आपके लिए बेहतर रहेगा। कोई बड़ा फैसला लेने से पहले उसके सभी पहलुओं पर विचार करें।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में व्यावहारिक सोच रखनी होगी। गैरजरूरी चीजों पर खर्च करने से बचें और अपनी बचत को मजबूत करने पर ध्यान दें। भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए लंबी अवधि की योजना बनाना फायदेमंद रहेगा। सही दिशा में उठाया गया कदम आगे चलकर आर्थिक स्थिरता देने में मदद कर सकता है।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक योजना बनाने का अच्छा समय है। अपने लक्ष्यों को स्पष्ट करें और उन्हें पूरा करने के लिए ठोस योजना तैयार करें। बाजार और निवेश से जुड़ी नई जानकारी हासिल करना फायदेमंद रहेगा। हालांकि, बजट को जरूरत के हिसाब से बदलने के लिए तैयार रहें, क्योंकि अचानक कोई खर्च सामने आ सकता है।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज घर और परिवार से जुड़े खर्चों पर विशेष ध्यान देना होगा। भावनाओं में आकर पैसा खर्च करने से बचें। अपनी आमदनी और खर्च का सही हिसाब रखें और बिना योजना वाले खर्चों पर रोक लगाएं। भविष्य में अचानक आने वाली जरूरतों के लिए कुछ रकम बचाकर रखना आपके लिए बेहतर रहेगा।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में दिन सकारात्मक रह सकता है। बजट बनाने और खर्चों को व्यवस्थित करने की आपकी क्षमता बेहतर रहेगी। गैरजरूरी खरीदारी से बचकर आप अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं। नए निवेश या कमाई के अवसरों पर विचार किया जा सकता है, लेकिन फैसला पूरी जानकारी लेने के बाद ही करें।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में अनुशासन जरूरी रहेगा। अपनी आमदनी और खर्च का पूरा हिसाब रखें। जरूरी चीजों पर ही पैसा खर्च करें और गैरजरूरी खर्च को टालने की कोशिश करें। हर छोटे-बड़े भुगतान पर नजर रखने से आपको अपनी आर्थिक स्थिति समझने में मदद मिलेगी। लापरवाही से बचना आपके लिए फायदेमंद होगा।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिरता और भविष्य की योजनाओं पर ध्यान देना चाहिए। लग्जरी और गैरजरूरी सामान पर खर्च करने से बचें। अपनी बचत बढ़ाने के नए तरीके खोजें और मौजूदा आर्थिक योजनाओं की समीक्षा करें। आज लिए गए समझदारी भरे फैसले भविष्य में आपकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बना सकते हैं।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक रूप से अनुकूल रह सकता है। लंबी अवधि की योजनाओं पर काम करने का सही समय है। अपने निवेश और बजट की समीक्षा करें और देखें कि आपकी योजनाएं भविष्य के लक्ष्यों के अनुसार चल रही हैं या नहीं। बिना योजना के खर्च करने से बचें और आर्थिक सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। नए अवसर सामने आ सकते हैं, लेकिन तुरंत फैसला लेने के बजाय पूरी जानकारी जुटाएं। अपने पुराने आर्थिक लक्ष्यों की समीक्षा करें और जरूरत पड़ने पर उनमें बदलाव करें। सोच-समझकर लिया गया फैसला आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद कर सकता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Gold Jewellery Price: 18, 14 या 9 कैरेट की ज्वेलरी कितने में बनेगी? समझिए पूरा कैलकुलेशन

Gold Jewellery Price: सोने का भाव लगातार ऊंचे स्तर पर बना है। ऐसे में जाहिर तौर पर नए गहने खरीदना काफी महंगा हो गया है। हालांकि, हर कैरेट के सोने की कीमत एक जैसी नहीं होती। सबसे महंगा 24 कैरेट का सोना होता है। लेकिन, इससे गहने नहीं बनते। गहने बनने की शुरुआत अधिकतम 22 कैरेट गोल्ड से होती है। महंगाई के चलते अब कम कैरेट गोल्ड की तरफ भी ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ रही है।

खुराना ज्वैलरी हाउस की सौम्या खुराना के मुताबिक, अब ज्वेलर्स ग्राहकों के लिए हल्के आभूषण पेश कर रहे हैं, जो सस्ते होते हैं। 18 कैरेट, 14 कैरेट और यहां तक ​​कि 9 कैरेट की ज्वेलरी भी मार्केट में आ रही हैं। इन्हें लोग खूब पसंद भी कर रहे हैं।

आइए जानते हैं कि 18, 14 और 9 कैरेट की गोल्ड ज्वेलरी बनवाने पर कितना खर्च होगा। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन यानी IBJA के मुताबिक, 3 सितंबर को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत ₹2,549 बढ़कर ₹1.54 लाख हो गई। इसी भाव के आधार पर 18 कैरेट, 14 कैरेट और 9 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी का कैलकुलेशन किया गया है।

18K, 14K और 9K में कितना सोना

18 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी में 75% यानी 7.5 ग्राम शुद्ध सोना होता है। 14 कैरेट में यह मात्रा 58.5% यानी 5.85 ग्राम रहती है। वहीं 9 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी में 37.5% यानी 3.75 ग्राम शुद्ध सोना होता है।

बची हुई मात्रा में दूसरी धातुएं मिलाई जाती हैं। इससे ज्वेलरी मजबूत बनती है। कम कैरेट का मतलब है कि गहने में सोने की मात्रा कम है। यही वजह है कि उसकी कीमत भी कम पड़ती है।

Gold price crash: इन 5 वजहों से क्रैश हुआ गोल्ड, 6% तक गिरा भाव; अब आगे  क्या होगा? - gold price crash reasons and future outlook after 6 percent  drop in international market | Moneycontrol Hindi

18 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी का खर्च

18 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी में 7.5 ग्राम शुद्ध सोना होता है। ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम के भाव पर इस सोने की कीमत ₹1,15,500 बैठती है।

बाकी 2.5 ग्राम में दूसरी धातुएं होती हैं। चांदी और तांबे की कीमत जोड़ने पर ज्वेलरी की कुल धातु लागत ₹1,18,502 हो जाती है। 10% मेकिंग चार्ज और 3% GST के बाद कुल कीमत करीब ₹1,34,262 बैठती है।

14 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी का खर्च

14 कैरेट की ज्वेलरी में सोने की मात्रा घटकर 5.85 ग्राम रह जाती है। इसकी कीमत ₹90,090 होती है। हालांकि, बचे हुए 4.15 ग्राम में चांदी और तांबा मिलाया जाता है। इनकी कीमत भी ग्राहक को चुकानी होती है।

इन धातुओं की कीमत जोड़ने पर कुल धातु लागत ₹95,073 बैठती है। मेकिंग चार्ज और GST मिलाने के बाद 10 ग्राम 14 कैरेट ज्वेलरी की कीमत करीब ₹1,07,718 हो जाती है। यानी 18 कैरेट के मुकाबले करीब ₹26,500 की बचत।

9 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी का खर्च

9 कैरेट में सिर्फ 3.75 ग्राम शुद्ध सोना होता है। मौजूदा भाव पर इस सोने की कीमत ₹57,750 बैठती है। बाकी 6.25 ग्राम में दूसरी धातुएं होती हैं। चांदी और तांबे की कीमत मिलाकर कुल धातु लागत ₹65,254 हो जाती है।

इसके बाद ₹6,525 मेकिंग चार्ज और 3% GST जुड़ता है। इस तरह 10 ग्राम 9 कैरेट ज्वेलरी करीब ₹73,933 में तैयार होती है। यानी 18 कैरेट के मुकाबले करीब ₹60,000 कम खर्च आता है।

एक नजर में 10 ग्राम ज्वेलरी का पूरा हिसाब

खर्च का हिसाब18 कैरेट14 कैरेट9 कैरेट
शुद्ध सोना7.5 ग्राम5.85 ग्राम3.75 ग्राम
सोने की कीमत₹1,15,500₹90,090₹57,750
दूसरी धातुओं की कीमत₹3,002₹4,983₹7,504
कुल धातु लागत₹1,18,502₹95,073₹65,254
मेकिंग चार्ज₹11,850₹9,507₹6,525
GST₹3,910₹3,137₹2,153
कुल कीमत₹1,34,262₹1,07,718₹73,933

9 कैरेट ज्वेलरी का बढ़ता चलन

बाजार में 9 कैरेट ज्वेलरी का चलन बढ़ रहा है। खासकर युवा ग्राहक हल्के और रोज पहनने वाले गहनों के लिए इसे देख रहे हैं। 14 कैरेट और 18 कैरेट ज्वेलरी भी हीरे और दूसरे रत्नों वाले डिजाइन में खूब इस्तेमाल होती है।

हालांकि, शादी-ब्याह के पारंपरिक गहनों के लिए भारत में 22 कैरेट गोल्ड की मांग अभी भी सबसे ज्यादा रहती है। लेकिन सोने के रिकॉर्ड भाव के बीच कम कैरेट की ज्वेलरी अब ग्राहकों के लिए सस्ता विकल्प बन रही है।

Government Scheme: ₹1 लाख किस सरकारी स्कीम में लगाएं? समझिए NSC, KVP, PPF और पोस्ट ऑफिस FD का पूरा हिसाब

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

गोबर को ऊर्जा और आय में बदलेंगे 1000 विशेषज्ञ, गांवों तक तैयार होगा नेटवर्क

गोबर को ऊर्जा और आय में बदलेंगे 1000 विशेषज्ञ, गांवों तक तैयार होगा नेटवर्क

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में गो-संरक्षण को केवल गोवंश के आश्रय और देखभाल तक सीमित न रखते हुए उसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इस क्रम में गोशालाओं में उपलब्ध गोबर को स्वच्छ ऊर्जा, जैविक खाद, प्राकृतिक खेती और आय के संसाधन में बदलने के लिए उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग और ‘पार्टनर्स इन प्रॉसपेरिटी’ (पीएनपी) के बीच तकनीकी सहयोग का एमओयू हुआ है। इसके तहत प्रदेश में स्थापित दीनबंधु मॉडल बायोगैस संयंत्रों को तकनीकी सहयोग देने के साथ भविष्य में स्थापित होने वाले संयंत्रों के लिए भी मजबूत तकनीकी व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके तहत 1,000 तकनीकी विशेषज्ञ कर्मियों का नेटवर्क खड़ा किया जाएगा। इसका लक्ष्य गोबर के वैज्ञानिक व आर्थिक उपयोग के जरिए गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करना है।

 

समझौते की सबसे महत्वपूर्ण बात जमीनी स्तर पर तकनीकी तंत्र तैयार करना है। चरणबद्ध तरीके से करीब 1,000 तकनीकी कर्मियों का नेटवर्क विकसित किया जाएगा। यह नेटवर्क दीनबंधु बायोगैस संयंत्रों की स्थापना के साथ उनके संचालन, रखरखाव, तकनीकी प्रशिक्षण और फील्ड मॉनिटरिंग में सहयोग करेगा। इससे बायोगैस संयंत्र स्थापित करने के बाद उनके नियमित और प्रभावी संचालन के लिए स्थानीय स्तर पर तकनीकी सहायता उपलब्ध हो सकेगी। संस्था उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 3,900 से अधिक दीनबंधु बायोगैस इकाइयों का निर्माण कर चुकी है। संस्था बायोगैस परियोजना विकास से लेकर तकनीकी डिजाइन, फीडस्टॉक एवं गोबर आकलन, संयंत्र निर्माण, संचालन एवं रखरखाव, लाभार्थियों के प्रशिक्षण और फील्ड मॉनिटरिंग तक पूरा तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएगी।

गोबर के एक चक्र से ऊर्जा, खाद, खेती और कार्बन लाभ

नई पहल की अहमियत केवल गोबर से बायोगैस तैयार करने तक सीमित नहीं है। इसके जरिए बायोगैस, जैव-स्लरी, जैविक खाद/बायो-इनपुट, प्राकृतिक एवं पुनर्योजी कृषि, कार्बन लाभ की पूरी श्रृंखला विकसित करने की योजना है। यानी गोशाला का गोबर पहले ऊर्जा का स्रोत बनेगा और बायोगैस संयंत्र से निकलने वाली जैव-स्लरी को जैविक खाद और बायो-इनपुट के रूप में खेती से जोड़ा जा सकेगा। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और प्राकृतिक व पुनर्योजी कृषि को बढ़ावा देने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इस मॉडल को भविष्य में पर्यावरणीय लाभ और कार्बन परियोजनाओं से जोड़ने की संभावनाओं पर भी काम होगा।

‘गोबर अपशिष्ट नहीं, ग्रामीण समृद्धि का संसाधन’

उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि गोबर को केवल अपशिष्ट मानने के बजाय ऊर्जा, जैविक कृषि और ग्रामीण आय के महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में देखने की आवश्यकता है। दीनबंधु बायोगैस मॉडल को तकनीकी रूप से सुदृढ़ कर बड़े स्तर पर लागू किया जाना गोशालाओं, किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए बहुआयामी लाभ का आधार बन सकता है। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश में उपलब्ध गोबर संसाधन को स्वच्छ ऊर्जा, जैविक उर्वरक और सतत कृषि से जोड़ते हुए ऐसी सर्कुलर इकोनॉमी विकसित करना है, जिसमें गोवंश संरक्षण के साथ रोजगार, ऊर्जा की बचत, कृषि उत्पादकता और पर्यावरणीय लाभ भी हासिल हों। प्रदेश के किसान और ग्रामीण समुदायों के साथ मिलकर इस कार्यक्रम का जमीनी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। तकनीकी नेटवर्क और स्थानीय अनुभव का मेल गोशालाओं में बायोगैस मॉडल को टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए आर्थिक अवसर

योगी सरकार के गो-संरक्षण मॉडल में यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि इसमें गोवंश संरक्षण को आर्थिक चक्र से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। गोबर यदि ऊर्जा और जैविक खाद में परिवर्तित होकर खेती में वापस पहुंचता है तो गोशालाओं के संसाधनों के उपयोग के साथ किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए भी आर्थिक अवसर तैयार हो सकते हैं। इस तरह प्रदेश में ‘गोबर से ऊर्जा, ऊर्जा से जैविक कृषि और जैविक कृषि से समृद्ध ग्रामीण अर्थव्यवस्था’ की अवधारणा को जमीन पर उतारने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम साबित होने वाला है।

पुरी जगन्नाथ मंदिर के बैंक खाते में जमा है ₹1,912 करोड़, सामने आया कमाई और खर्च का पूरा ब्योरा

Shree Jagannath Temple: अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में गड़बड़ी के आरोपों के बीच, पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) ने बुधवार को मंदिर की बैंक में जमा रकम की जानकारी सार्वजनिक की। प्रशासन के मुताबिक, मंदिर के बैंक खातों में अब तक करीब 1,912 करोड़ रुपये जमा हैं।

TOI के मुताबिक, सरकार द्वारा संचालित SJTA ने एक लिखित बयान में कहा कि मंदिर के आर्थिक मामलों का प्रबंधन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाता है, जिसमें व्यवस्थित अकाउंटिंग और नियमित ऑडिट की प्रक्रियाएं शामिल हैं। SJTA के मुख्य प्रशासक अरबिंद कुमार पाधी ने कहा कि जवाबदेही और जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए मजबूत व्यवस्थाएं मौजूद हैं।

SJTA के अनुसार, मंदिर कई स्रोतों से कमाई करता है, जैसे भक्तों का दान और चढ़ावा, मंदिर की अपनी खदानों से होने वाली कमाई, फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाला ब्याज, जमीन के लेन-देन से होने वाली आय और सरकारी ग्रांट।

इसके अलावा, कमाई का एक तय हिस्सा ‘कॉर्पस फंड’ के तौर पर फिक्स्ड डिपॉजिट में रखा जाता है, जबकि एक और हिस्सा ‘फाउंडेशन फंड’ के लिए अलग किया जाता है। बाकी पैसा मंदिर के फंड अकाउंट में रखा जाता है। मंदिर के फंड का इस्तेमाल इस प्राचीन मंदिर की पूजा-पाठ, धार्मिक सेवाओं और प्रशासनिक कामकाज के रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने के लिए किया जाता है। अगर कोई अतिरिक्त पैसा बचता है, तो उसे बाद में फिक्स्ड डिपॉजिट में बदल दिया जाता है ताकि भगवान की संपत्ति को सुरक्षित और मजबूत बनाया जा सके।

बता दें कि 31 अगस्त तक, SJTA ने लगभग 1,912 करोड़ रुपये की बैंक संपत्ति जमा कर ली है। इसमें कॉर्पस, फाउंडेशन और मंदिर की जमा राशि जैसे तीन मुख्य मदों के तहत रखे गए लगभग 1,811 करोड़, 9 लाख और 58 हजार रुपये शामिल हैं। इस आंकड़े में जून 2024 में राज्य सरकार द्वारा कॉर्पस में दिए गए 500 करोड़ रुपये का योगदान भी शामिल है।

अरबिंद कुमार पाढ़ी ने कहा, “मंदिर के पास अभी सेविंग्स, करंट और फ्लेक्सी अकाउंट्स में लगभग 100 करोड़, 70 लाख, 66 हजार और 868 रुपये हैं। लोगों का भरोसा बनाए रखने और पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, मंदिर की हुंडी से इकट्ठा हुई रकम की गिनती हर दिन की जाती है। इसकी जानकारी तुरंत ऑफिशियल नोटिस बोर्ड और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिखाई जाती है, ताकि दुनिया भर के भक्त इसे देख सकें।”

उन्होंने यह भी बताया कि इस साल 15 जुलाई को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी द्वारा डिजिटल हुंडी ‘समर्पण’ प्लेटफॉर्म लॉन्च किए जाने के बाद से, भक्तों ने ऑनलाइन डोनेशन सिस्टम के जरिए 56.7 लाख रुपये का योगदान दिया है।

हालांकि, मंदिर के फंड के गलत इस्तेमाल का कोई आरोप अभी तक सामने नहीं आया है, लेकिन पुलिस सूत्रों का कहना है कि पिछले 25 सालों में मंदिर में कैश, गहनों और मूर्तियों की चोरी की कम से कम सात घटनाएं हुई हैं।

ऐसे ही एक मामले में, मंदिर के क्लर्क प्रदीप कुमार महापात्रा को 7 फरवरी, 2024 को दान की गिनती के दौरान CCTV सर्विलांस के जरिए 31,940 रुपये नकद चुराते हुए पकड़े जाने का आरोप है। इससे पहले, 15 जुलाई, 2023 को मंदिर के चपरासी सुशांत कुमार राउतराय को गिनती की प्रक्रिया के दौरान 800 रुपये चुराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

यह भी पढ़ें: अधिकारियों के रील, वीडियो और पोस्ट पर केंद्र की नजर! अफसरों के लिए जल्द आएगा ‘Social Media Code’