Gold Jewellery Price: 18, 14 या 9 कैरेट की ज्वेलरी कितने में बनेगी? समझिए पूरा कैलकुलेशन

Gold Jewellery Price: सोने का भाव लगातार ऊंचे स्तर पर बना है। ऐसे में जाहिर तौर पर नए गहने खरीदना काफी महंगा हो गया है। हालांकि, हर कैरेट के सोने की कीमत एक जैसी नहीं होती। सबसे महंगा 24 कैरेट का सोना होता है। लेकिन, इससे गहने नहीं बनते। गहने बनने की शुरुआत अधिकतम 22 कैरेट गोल्ड से होती है। महंगाई के चलते अब कम कैरेट गोल्ड की तरफ भी ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ रही है।

खुराना ज्वैलरी हाउस की सौम्या खुराना के मुताबिक, अब ज्वेलर्स ग्राहकों के लिए हल्के आभूषण पेश कर रहे हैं, जो सस्ते होते हैं। 18 कैरेट, 14 कैरेट और यहां तक ​​कि 9 कैरेट की ज्वेलरी भी मार्केट में आ रही हैं। इन्हें लोग खूब पसंद भी कर रहे हैं।

आइए जानते हैं कि 18, 14 और 9 कैरेट की गोल्ड ज्वेलरी बनवाने पर कितना खर्च होगा। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन यानी IBJA के मुताबिक, 3 सितंबर को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत ₹2,549 बढ़कर ₹1.54 लाख हो गई। इसी भाव के आधार पर 18 कैरेट, 14 कैरेट और 9 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी का कैलकुलेशन किया गया है।

18K, 14K और 9K में कितना सोना

18 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी में 75% यानी 7.5 ग्राम शुद्ध सोना होता है। 14 कैरेट में यह मात्रा 58.5% यानी 5.85 ग्राम रहती है। वहीं 9 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी में 37.5% यानी 3.75 ग्राम शुद्ध सोना होता है।

बची हुई मात्रा में दूसरी धातुएं मिलाई जाती हैं। इससे ज्वेलरी मजबूत बनती है। कम कैरेट का मतलब है कि गहने में सोने की मात्रा कम है। यही वजह है कि उसकी कीमत भी कम पड़ती है।

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18 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी का खर्च

18 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी में 7.5 ग्राम शुद्ध सोना होता है। ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम के भाव पर इस सोने की कीमत ₹1,15,500 बैठती है।

बाकी 2.5 ग्राम में दूसरी धातुएं होती हैं। चांदी और तांबे की कीमत जोड़ने पर ज्वेलरी की कुल धातु लागत ₹1,18,502 हो जाती है। 10% मेकिंग चार्ज और 3% GST के बाद कुल कीमत करीब ₹1,34,262 बैठती है।

14 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी का खर्च

14 कैरेट की ज्वेलरी में सोने की मात्रा घटकर 5.85 ग्राम रह जाती है। इसकी कीमत ₹90,090 होती है। हालांकि, बचे हुए 4.15 ग्राम में चांदी और तांबा मिलाया जाता है। इनकी कीमत भी ग्राहक को चुकानी होती है।

इन धातुओं की कीमत जोड़ने पर कुल धातु लागत ₹95,073 बैठती है। मेकिंग चार्ज और GST मिलाने के बाद 10 ग्राम 14 कैरेट ज्वेलरी की कीमत करीब ₹1,07,718 हो जाती है। यानी 18 कैरेट के मुकाबले करीब ₹26,500 की बचत।

9 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी का खर्च

9 कैरेट में सिर्फ 3.75 ग्राम शुद्ध सोना होता है। मौजूदा भाव पर इस सोने की कीमत ₹57,750 बैठती है। बाकी 6.25 ग्राम में दूसरी धातुएं होती हैं। चांदी और तांबे की कीमत मिलाकर कुल धातु लागत ₹65,254 हो जाती है।

इसके बाद ₹6,525 मेकिंग चार्ज और 3% GST जुड़ता है। इस तरह 10 ग्राम 9 कैरेट ज्वेलरी करीब ₹73,933 में तैयार होती है। यानी 18 कैरेट के मुकाबले करीब ₹60,000 कम खर्च आता है।

एक नजर में 10 ग्राम ज्वेलरी का पूरा हिसाब

खर्च का हिसाब18 कैरेट14 कैरेट9 कैरेट
शुद्ध सोना7.5 ग्राम5.85 ग्राम3.75 ग्राम
सोने की कीमत₹1,15,500₹90,090₹57,750
दूसरी धातुओं की कीमत₹3,002₹4,983₹7,504
कुल धातु लागत₹1,18,502₹95,073₹65,254
मेकिंग चार्ज₹11,850₹9,507₹6,525
GST₹3,910₹3,137₹2,153
कुल कीमत₹1,34,262₹1,07,718₹73,933

9 कैरेट ज्वेलरी का बढ़ता चलन

बाजार में 9 कैरेट ज्वेलरी का चलन बढ़ रहा है। खासकर युवा ग्राहक हल्के और रोज पहनने वाले गहनों के लिए इसे देख रहे हैं। 14 कैरेट और 18 कैरेट ज्वेलरी भी हीरे और दूसरे रत्नों वाले डिजाइन में खूब इस्तेमाल होती है।

हालांकि, शादी-ब्याह के पारंपरिक गहनों के लिए भारत में 22 कैरेट गोल्ड की मांग अभी भी सबसे ज्यादा रहती है। लेकिन सोने के रिकॉर्ड भाव के बीच कम कैरेट की ज्वेलरी अब ग्राहकों के लिए सस्ता विकल्प बन रही है।

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उबलती नहीं जमती है कॉफी! भारत में क्यों बढ़ हो रहा है जेन-जी के बीच आइस-कॉफी का दीवानापन

कॉफी पीने का तरीका अब धीरे-धीरे बदल रहा है। जेन-जी के लिए कॉफी सिर्फ सुबह की नींद भगाने या दोस्तों के साथ बैठकर पीने वाली चीज नहीं रह गई है। अब लोग अपने ड्रिंक में अपनी पसंद का स्वाद, टॉपिंग और अलग-अलग फ्लेवर जोड़ना पसंद करते हैं। साथ ही, ऐसा ड्रिंक भी पसंद किया जा रहा है जो देखने में अच्छा लगे और सोशल मीडिया पर फोटो या वीडियो के लिए भी परफेक्ट हो।

इस बदलते ट्रेंड का असर कॉफी शॉप्स के मेन्यू पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पहले जहां गर्म कॉफी सबसे ज्यादा पसंद की जाती थी, वहीं अब आइस्ड और दूसरे ठंडे ड्रिंक्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। कस्टमर अपनी पसंद के हिसाब से ड्रिंक को कस्टमाइज कर रहे हैं और नए-नए कॉम्बिनेशन आजमा रहे हैं। कॉफी का कप अब सिर्फ एक ड्रिंक नहीं, बल्कि पर्सनल स्टाइल और पसंद दिखाने का तरीका भी बनता जा रहा है।

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जेन-जी का पसंद बना कस्टमाइजेशन

जेन-जी अपनी पसंद के हिसाब से ड्रिंक को बदलना पसंद करती है। वे मूड, मौसम और मौके के अनुसार फ्लेवर, सिरप, फोम, टॉपिंग और दूसरी चीजें जोड़ना चाहते हैं। इससे उन्हें लगता है कि ड्रिंक उनकी अपनी पसंद के हिसाब से तैयार हुआ है। यही वजह है कि सिर्फ एक तय स्वाद वाली कॉफी के बजाय कस्टमाइज किए जा सकने वाले कोल्ड ड्रिंक्स युवाओं के बीच ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं।

स्पेशल ड्रिंक के लिए ज्यादा खर्च

जेन-जी कीमत को लेकर जागरूक जरूर है, लेकिन कोई ड्रिंक उन्हें स्पेशल, टेस्टी या हेल्थ से जुड़ा फायदा देने वाला लगता है, तो वे उसके लिए ज्यादा पैसे खर्च करने को तैयार रहते हैं। ड्रिंक अब सिर्फ प्यास बुझाने के लिए नहीं, बल्कि उसका टेस्ट, पैकेजिंग, लुक और ब्रांड भी खरीदारी के डिसीजन को प्रभावित करता है। इसी वजह से कोल्ड ड्रिंक्स को कई युवा छोटी-सी ‘अफोर्डेबल लग्जरी’ की तरह भी देखते हैं।

कोल्ड ड्रिंक बनी पहचान

आज जेन-जी के लिए ड्रिंक का टेस्ट जितना मायने रखता है, उसका लुक भी उतना ही जरूरी हो गया है। रंग-बिरंगे कप, अलग-अलग फ्लेवर और अट्रैक्टिव टॉपिंग वाला ड्रिंक सोशल मीडिया पर शेयर करने के लिए भी अच्छा लगता है। IHL ग्रुप के एनालिस्ट जेरी शेल्डन के मुताबिक, कोल्ड ड्रिंक अब सेल्फ-एक्सप्रेशन का एक तरीका बन रही है। ब्रिटेन के आंकड़ों में भी यह ट्रेंड साफ दिखता है। 25 साल से कम उम्र के लोगों की घर से बाहर खरीदी जाने वाली ड्रिंक्स में 60% ठंडी होती हैं, जबकि 55 साल से ज्यादा उम्र वालों में यह आंकड़ा करीब 30% है।

युवाओं की पसंद को देखते हुए स्टारबक्स से लेकर डंकिन और मैकडॉनल्ड्स जैसी कंपनियां अपने मेन्यू में नए-नए कोल्ड ऑप्शन जोड़ रही हैं। स्टारबक्स का रंग-बिरंगा यूनिकॉर्न फ्रैपुचीनो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा था। वहीं डंकिन प्रोटीन और कस्टमाइज्ड कोल्ड ड्रिंक्स पर फोकस कर रही है, जबकि दूसरी कंपनियां फ्रूट-बेस्ड और बिना कैफीन वाले ठंडे ऑप्शन बढ़ा रही हैं। भारत में भी आइस्ड लाटे, कोल्ड ब्रू और रेडी-टू-ड्रिंक कॉफी की मांग बढ़ रही है। इसी को देखते हुए कंपनियां वनीला, चॉकलेट, बनाना, ऑरेंज और कोकोनट जैसे नए फ्लेवर और कोल्ड फोम वाले ऑप्शन भी पेश कर रही हैं।