20% से ज्यादा ब्याज पर लिए तीन लोन, फिर भी Mutual Funds में कर रहा था निवेश, Barber की कहानी सुन CEO ने दी बड़ी सीख

आजकल ज्यादा रिटर्न पाने के लिए कई लोग म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं। लेकिन कभी-कभी निवेश के चक्कर में वे अपने कर्ज को नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसा ही एक मामला स्टार्टअप CEO आबिद हसन ने सोशल मीडिया पर साझा किया है। वह अपने नाई के साथ बातचीत कर रहे थे, तभी उन्हें पता चला कि वह एक तरफ म्यूचुअल फंड में पैसा लगा रहा है, जबकि दूसरी तरफ उस पर भारी ब्याज वाले कई लोन भी हैं। इस घटना के बाद हसन ने लोगों को निवेश और कर्ज से जुड़ी एक जरूरी सलाह दी।

बाल कटवाते समय सामने आई हैरान करने वाली बात

आबिद हसन ने X पर बताया कि एक दिन उनके नाई ने उनसे अपने म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो के बारे में राय मांगी। इसके बाद हसन ने उसकी आर्थिक स्थिति को समझने की कोशिश की। बातचीत में पता चला कि नाई ने तीन लोन ले रखे थे, जिन पर 20 फीसदी से ज्यादा ब्याज देना पड़ रहा था।

इसके बावजूद वह म्यूचुअल फंड में निवेश कर रहा था। जब हसन ने उससे इसकी वजह पूछी, तो उसने बताया कि उसे अपने निवेश से 30 फीसदी से ज्यादा रिटर्न मिलने की उम्मीद है।

20% ब्याज वाले कर्ज के बीच निवेश करना कितना सही?

हसन ने इस सोच पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड से हर बार ज्यादा रिटर्न मिलने की गारंटी नहीं होती। बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण निवेश की वैल्यू घट भी सकती है। दूसरी तरफ, लोन पर ब्याज चुकाना एक जरूरी जिम्मेदारी है।

उदाहरण के लिए, अगर किसी व्यक्ति को अपने कर्ज पर 20 फीसदी ब्याज देना पड़ रहा है, तो उसके लिए निवेश से लगातार इससे ज्यादा रिटर्न कमाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में बाजार से मुनाफे की उम्मीद करने के बजाय महंगे कर्ज को कम करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।

10% से ज्यादा ब्याज वाला लोन पहले चुकाने की सलाह

आबिद हसन ने सलाह दी कि अगर किसी व्यक्ति पर 10 फीसदी से ज्यादा ब्याज वाला कर्ज है, तो उसे अतिरिक्त निवेश करने से पहले कर्ज चुकाने पर ध्यान देना चाहिए। इससे ब्याज का बोझ कम हो सकता है और आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि लोन की किस्त समय पर नहीं चुकाने पर पेनल्टी और अतिरिक्त खर्च बढ़ सकते हैं। नौकरी छूटने जैसी स्थिति में कर्ज चुकाना और भी मुश्किल हो सकता है।

कम आमदनी वाले लोगों के लिए भी जरूरी संदेश

हसन ने लोगों से अपील की कि वे यह सलाह घरेलू कामगारों, ब्लू-कॉलर कर्मचारियों और कम अनुभव वाले नौकरीपेशा लोगों तक भी पहुंचाएं। कई बार लोग लोन की असली लागत और ब्याज दर को ठीक से समझ नहीं पाते।

सोशल मीडिया पर यूजर्स ने क्या कहा?

हसन की पोस्ट पर कुछ यूजर्स ने कहा कि कई लोग म्यूचुअल फंड को बचत का जरिया मानते हैं और कर्ज को अलग जिम्मेदारी समझते हैं। एक यूजर ने बताया कि उसके दोस्त ने लोन लिया था, जिसकी प्रभावी सालाना ब्याज दर 24 फीसदी से ज्यादा निकली।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

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2026 के इकोनॉमिक्स नोबेल का ऐलान आज:भारतीय मूल के अर्थशास्त्री राज चेट्टी का नाम भी चर्चा में; गरीबी से निकलने के मौके बताए

2026 के अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार का ऐलान आज होगा। संभावित दावेदारों में भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री राज चेट्टी का नाम भी चर्चा में है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्री राज चेट्टी ने सरकारी आंकड़ों की मदद से यह समझाने की कोशिश की है कि किसी व्यक्ति के आगे बढ़ने के मौके किन बातों पर निर्भर करते हैं। उनके काम से यह समझने में मदद मिलती है कि कुछ शहरों में गरीब परिवारों के बच्चों को अच्छी कमाई करने और बेहतर जिंदगी पाने के ज्यादा मौके क्यों मिलते हैं, जबकि दूसरी जगहों पर उनके लिए आगे बढ़ना मुश्किल होता है। नोबेल के लिए 6 और अर्थशास्त्री भी दावेदार राज चेट्टी के अलावा कंपनियों के विलय, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोजगार और अमीर-गरीब के बीच बढ़ते अंतर पर रिसर्च करने वाले अर्थशास्त्रियों के नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल हैं। 1. कंपनियों के विलय से कीमतों पर असर बताने वाले एरियल पेक्स हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्री एरियल पेक्स ने कंपनियों के बीच मुकाबले और उनके एक होने से बाजार पर पड़ने वाले असर पर रिसर्च की है। उन्होंने स्टीवन बेरी और जेम्स लेविनसोहन के साथ मिलकर 1995 में अमेरिकी कार बाजार पर एक अहम शोधपत्र लिखा था। उनकी रिसर्च से यह पता लगाने में मदद मिलती है कि दो कंपनियों के एक होने से सामान की कीमतें बढ़ सकती हैं या नहीं। इससे सरकार को यह तय करने में भी मदद मिलती है कि किसी कंपनी के विलय से ग्राहकों को नुकसान हो सकता है या नहीं। 2. AI से अर्थव्यवस्था समझने वाली सुसान एथी स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर सुसान एथी ने अर्थशास्त्र में AI और मशीन लर्निंग के इस्तेमाल पर काम किया है। इन तकनीकों की मदद से बड़ी मात्रा में आंकड़ों का विश्लेषण किया जा सकता है। उनकी रिसर्च से यह पता लगाने में मदद मिलती है कि किसी योजना से लोगों को वास्तव में फायदा हुआ या नहीं। उदाहरण के लिए, नौकरी की ट्रेनिंग देने से लोगों की कमाई बढ़ी या नहीं और किन लोगों को इसका सबसे ज्यादा फायदा मिला। 2007 में एथी को जॉन बेट्स क्लार्क मेडल मिला था। यह 40 साल से कम उम्र के अर्थशास्त्रियों को उनके अहम काम के लिए दिया जाता है। वह यह पुरस्कार पाने वाली पहली महिला थीं। 3. टैक्स और सरकारी कर्ज का लोगों की बचत पर असर बताने वाले रॉबर्ट बैरो हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्री रॉबर्ट बैरो ने इस बात पर रिसर्च की है कि भविष्य में टैक्स बढ़ने की आशंका लोगों के खर्च और बचत को कैसे बदल सकती है। मान लीजिए, सरकार कर्ज लेकर लोगों का टैक्स घटा देती है। ऐसे में कुछ लोग अतिरिक्त पैसे खर्च करने के बजाय बचा सकते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि सरकार भविष्य में कर्ज चुकाने के लिए टैक्स बढ़ा सकती है। इस विचार को ‘रिकार्डियन इक्विवेलेंस’ कहा जाता है। हालांकि, इस पर अर्थशास्त्रियों के बीच लंबे समय से बहस होती रही है। 4. अमीर-गरीब के बीच बढ़ते अंतर पर रिसर्च करने वाले थॉमस पिकेटी और इमैनुएल साएज पेरिस स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के थॉमस पिकेटी और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले के इमैनुएल साएज ने इस बात पर रिसर्च की है कि समाज की कुल कमाई और संपत्ति का कितना हिस्सा अमीर लोगों के पास जाता है। उनके काम से यह समझने में मदद मिलती है कि अमीर और गरीब के बीच आर्थिक अंतर कैसे बढ़ता है और समय के साथ कमाई का बंटवारा किस तरह बदलता है। उनकी रिसर्च ने दुनिया भर में आर्थिक असमानता पर चर्चा को बढ़ावा दिया है। 5. तकनीक और विदेशी व्यापार का नौकरियों पर असर बताने वाले डेविड ऑटोर मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के अर्थशास्त्री डेविड ऑटोर ने इस बात पर रिसर्च की है कि कंप्यूटर, नई तकनीक और दूसरे देशों से व्यापार बढ़ने का नौकरियों पर क्या असर पड़ता है। उन्होंने चीन के साथ बढ़ते व्यापार का भी अध्ययन किया है। उनकी रिसर्च से यह समझने में मदद मिलती है कि सस्ते विदेशी सामान के आने से कुछ उद्योगों और उनमें काम करने वाले लोगों पर क्या असर पड़ सकता है। उनका काम आज AI और ऑटोमेशन के कारण नौकरियों में होने वाले बदलावों को समझने में भी उपयोगी है। 6. बच्चों की सेहत का भविष्य पर असर बताने वाली जेनेट करी येल यूनिवर्सिटी की अर्थशास्त्री जेनेट करी ने बच्चों की सेहत और उनकी आर्थिक स्थिति के बीच संबंधों पर रिसर्च की है। उन्होंने यह समझने की कोशिश की कि बचपन में गरीबी, प्रदूषण और खराब स्वास्थ्य का असर बड़े होने के बाद भी कैसे बना रहता है। उनकी रिसर्च बताती है कि बचपन में खराब माहौल का असर आगे चलकर व्यक्ति की सेहत और कमाई पर पड़ सकता है। उनके काम से यह समझने में मदद मिलती है कि बच्चों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं और बेहतर माहौल देना क्यों जरूरी है। अर्थशास्त्र का नोबेल बाकी पुरस्कारों से अलग है अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार अल्फ्रेड नोबेल की मूल वसीयत में शामिल नहीं था। स्वीडन के केंद्रीय बैंक ने 1968 में इसकी शुरुआत की थी। इसका आधिकारिक नाम ‘अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में आर्थिक विज्ञान में स्वेरिग्स रिक्सबैंक पुरस्कार’ है। यह पुरस्कार ऐसे शोध को सम्मान देता है, जिसने अर्थव्यवस्था को समझने या उससे जुड़े फैसले लेने के तरीकों में अहम योगदान दिया हो। विजेता चुनते समय यह भी देखा जाता है कि किसी शोध का लंबे समय में कितना असर पड़ा है। ———————- ये खबर भी पढ़ें…. भारतवंशी नवनीतम पिल्लै को शांति का नोबेल:ट्रम्प पर तंज, दोस्तों से कहा- आप और तालियां बजाओगे, तो शायद यह पुरस्कार बांट लूं कनाडा की लेखिका और कवयित्री ऐन कार्सन को 2026 का साहित्य नोबेल पुरस्कार दिया गया है। नोबेल समिति ने उन्हें ऐसी रचनाओं के लिए सम्मानित किया है, जिनमें उन्होंने पुराने यूनानी-रोमन साहित्य को आज की जिंदगी, प्यार, रिश्तों और दुख से जोड़ा। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Amazon Great Indian Festival Sale 2026: ₹25,000 से कम में मिल रहे ये 6 धांसू स्मार्टफोन, फीचर्स में हैं बेस्ट

Amazon Great Indian Festival Sale 2026 इस हफ्ते की शुरुआत में शुरू हुई है। इस सेल में कई लोकप्रिय स्मार्टफोन की कीमतों में बड़ी कटौती की गई है। अगर आप कम बजट में नया फोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो ₹25,000 से कम कीमत में एक अच्छा स्मार्टफोन खरीदने का यह बढ़िया मौका है।

सेल में कई ऐसे स्मार्टफोन मिल रहे हैं, जिनमें तेज रिफ्रेश रेट वाली स्क्रीन, बड़ी बैटरी, शानदार कैमरा, दमदार प्रोसेसर और 5G कनेक्टिविटी जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इन फोन पर मिल रहे डिस्काउंट के अलावा, चुनिंदा बैंक कार्ड से पेमेंट करने पर तुरंत छूट भी मिल सकती है। साथ ही, ग्राहक नो-कॉस्ट EMI का विकल्प चुनकर आसान किस्तों में भी फोन खरीद सकते हैं।

Amazon Great Indian Festival 2026: ₹25,000 से कम कीमत वाले स्मार्टफोन पर डील्स

इस साल की Amazon Great Indian Festival Sale, दशहरा और दिवाली से पहले iQOO, Samsung, OnePlus, Realme और दूसरे ब्रांड्स के स्मार्टफोन पर डिस्काउंट पाने का एक शानदार मौका है। आप SBI क्रेडिट और डेबिट कार्ड और SBI क्रेडिट कार्ड EMI ट्रांजैक्शन पर 10% का डिस्काउंट पा सकते हैं। Amazon Pay ICICI Bank क्रेडिट कार्ड से खरीदारी करने पर 5% कैशबैक भी मिल सकता है।

वहीं, खरीद की असल कीमत को और कम करने के लिए अतिरिक्त एक्सचेंज बोनस और कैशबैक ऑप्शन का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, Realme Narzo 100x 5G अभी ₹22,499 में मिल रहा है, जबकि इसकी ओरिजिनल MRP ₹35,999 है। एक्सचेंज ऑफर के जरिए ₹23,050 तक की अतिरिक्त बचत की जा सकती है। खरीदार चुनिंदा SBI क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर ₹1,250 तक के डिस्काउंट वाले बैंक ऑफर का भी फायदा उठा सकते हैं।

ग्राहक नो-कॉस्ट EMI के आसान विकल्पों का भी फायदा उठा सकते हैं। इसके तहत चुनिंदा क्रेडिट कार्ड, बजाज फिनसर्व कार्ड और Amazon Pay Later के जरिए बिना ब्याज दिए किस्तों में फोन खरीदने का मौका मिल सकता है।

नीचे Amazon Great Indian Festival Sale 2026 के दौरान ₹25,000 से कम कीमत में मिलने वाले बेहतरीन स्मार्टफोन डील्स की लिस्ट दी गई है। खरीदारी करने से पहले आप Flipkart और दूसरी ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर भी इन फोन की कीमतों की तुलना कर सकते हैं, ताकि आपको सबसे अच्छी डील मिल सके।

स्मार्टफोन का नामअसली कीमतसेल में कीमतखरीदें
Redmi 17 5G₹39,999₹23,998अभी खरीदें
OnePlus N6₹30,999₹23,499अभी खरीदें
iQOO Z11xa 5G₹40,999₹24,999अभी खरीदें
Realme Narzo 100x 5G₹35,999₹22,499अभी खरीदें
Samsung Galaxy M47₹46,999₹24,999अभी खरीदें
iQOO Z11 Lite₹30,999₹15,499अभी खरीदें

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Amazon Great Indian Festival Sale: ₹80,000 से कम में मिल रहे ये 5 प्रीमियम फोन, iPhone 16 से OnePlus 15R ब्रांड्स हैं शामिल

Amazon Great Indian Festival 2026: Amazon की Great Indian Festival 2026 सेल 8 अक्टूबर से शुरू हो गई है। इस सेल में स्मार्टफोन, लैपटॉप से लेकर घर के जरूरी इलेक्ट्रॉनिक सामान तक कई प्रोडक्ट्स पर छूट मिल रही है। अगर आप 80,000 रुपये से कम कीमत में एक प्रीमियम स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं, तो इस सेल में आपके पास कई अच्छे विकल्प हैं।

इसमें Apple के iPhone से लेकर शानदार परफॉर्मेंस वाले OnePlus और iQOO के स्मार्टफोन तक शामिल हैं। कुछ चुनिंदा फोन पर बैंक ऑफर और कूपन के जरिए अतिरिक्त बचत भी की जा सकती है। वहीं, अगर आप एक साथ पूरी रकम खर्च नहीं करना चाहते, तो EMI का विकल्प भी चुन सकते हैं।

हमने इस सेल में 80,000 रुपये से कम कीमत वाले 5 स्मार्टफोन चुने हैं। इनकी कीमत और फीचर्स की तुलना करके आप अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से सही फोन चुन सकते हैं।

Amazon Great Indian Festival 2026: 80,000 रुपये से कम में मिल रहे प्रीमियम स्मार्टफोन

iPhone 16

सेल के दौरान Apple का iPhone 16, 72,249 रुपये में मिल रहा है, जबकि इसकी MRP 89,900 रुपये है। इस कीमत में बैंक ऑफर और Prime मेंबर्स के लिए 500 रुपये का अतिरिक्त कूपन शामिल है। फीचर्स की बात करें तो iPhone 16 में Apple की A18 चिप, 6.1 इंच की OLED डिस्प्ले और 48 मेगापिक्सल का मेन कैमरा मिलता है। अगर आप iOS वाला फोन खरीदना चाहते हैं, तो यह एक विकल्प हो सकता है।

iQOO 15

अगर आप Android स्मार्टफोन पसंद करते हैं और अच्छी परफॉर्मेंस चाहते हैं, तो iQOO 15 पर भी विचार कर सकते हैं। इसकी कीमत Amazon सेल में 76,999 रुपये है, जबकि इसकी MRP 92,999 रुपये है। इस कीमत में बैंक ऑफर का फायदा शामिल है।

इस फोन में Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर और 7,000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है। इसके अलावा, ग्राहकों के लिए 12 महीने तक का नो-कॉस्ट EMI विकल्प भी उपलब्ध है, जिससे फोन की कीमत किस्तों में चुकाई जा सकती है।

Vivo V80 5G 

Amazon की Great Indian Festival 2026 सेल में Vivo V80 5G का 8GB RAM और 256GB स्टोरेज वाला वेरिएंट 69,999 रुपये में मिल रहा है। इसकी लिस्टेड MRP 1,11,999 रुपये है। ग्राहक इस फोन को खरीदने के लिए नो-कॉस्ट EMI का विकल्प भी चुन सकते हैं। इसमें 144Hz AMOLED डिस्प्ले के साथ 90W फास्ट चार्जिंग वाली 7,200mAh की बैटरी और Zeiss-ट्यून्ड 50-मेगापिक्सल का ट्रिपल रियर कैमरा सिस्टम दिया गया है।

OnePlus 15R 

OnePlus 15R की कीमत ₹68,999 की MRP से कम होकर ₹63,999 हो गई है। खरीदार यहां भी नो-कॉस्ट EMI ऑप्शन का फायदा उठा सकते हैं। इस फोन की मुख्य खूबियों में Snapdragon 8 Gen 5 चिपसेट, 165Hz AMOLED डिस्प्ले और 80W वायर्ड फास्ट चार्जिंग वाली 7,400mAh की बैटरी शामिल हैं।

Samsung Galaxy S26 FE 5G

सेल के दौरान Samsung Galaxy S26 FE 5G की कीमत ₹72,999 है, जबकि इसकी MRP ₹1,09,999 है। Amazon Pay ICICI Bank क्रेडिट कार्ड यूजर्स घटी हुई कीमत पर 5% तक की अतिरिक्त छूट भी पा सकते हैं, जिससे इसकी कीमत और कम हो जाएगी। इस फोन में 120Hz AMOLED डिस्प्ले, Exynos 2500 चिपसेट और 50MP के प्राइमरी सेंसर वाला ट्रिपल रियर कैमरा सिस्टम है।

स्मार्टफोनMRP (मूल कीमत)सेल की प्रभावी कीमतखरीदने का लिंक
iPhone 16 (128GB)₹89,900₹72,249Buy Now
iQOO 15 5G (12GB + 256GB)₹92,999₹76,999Buy Now
Vivo V80 5G (8GB + 256GB)₹1,11,999₹69,999Buy Now
OnePlus 15R (16GB + 512GB)₹68,999₹63,999Buy Now
Samsung Galaxy S26 FE 5G (8GB + 256GB)₹1,09,999₹72,999Buy Now

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‘तुझे पैदा करके गलती कर दी’, ₹95 हजार की नौकरी जाने के बाद बदल गया घर का माहौल, 22 साल के युवक ने बताया कैसे माता-पिता के तानों ने बढ़ाई मुश्किलें

एक अच्छी नौकरी और मोटी सैलरी होने के बावजूद जिंदगी हमेशा एक जैसी नहीं रहती। कभी-कभी हालात ऐसे बदलते हैं कि इंसान को अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है। लेकिन मुश्किलें तब और बढ़ जाती हैं, जब बाहर की परेशानियों के बीच अपने ही साथ देना छोड़ दें। सोशल मीडिया पर 22 साल के एक युवक की आपबीती कुछ ऐसी ही कहानी बयां कर रही है। नौकरी छूटने के बाद उसकी जिंदगी में आए बदलाव और परिवार के कथित व्यवहार ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

युवक की पोस्ट पर कई लोग उसके दर्द को समझने की कोशिश कर रहे हैं, तो कुछ ने उसे आत्मनिर्भर बनने और भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने की सलाह दी है। इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि मुश्किल दौर में परिवार का साथ कितना मायने रखता है।

नौकरी छूटते ही घर में बदल गया व्यवहार

22 वर्षीय युवक ने बताया कि थर्ड-टियर कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद उसे आईटी सेक्टर में नौकरी मिली थी। उसकी मासिक सैलरी करीब 95,000 रुपये थी, लेकिन छह महीने बाद ही उसकी नौकरी चली गई। अब उसे बेरोजगार हुए दो महीने हो चुके हैं।

युवक के मुताबिक, पिछले एक महीने से माता-पिता उसे कथित तौर पर निकम्मा और दूसरों पर निर्भर रहने वाला कहकर ताने दे रहे हैं। उसने अपनी पोस्ट का शीर्षक रखा, ‘Parents said Galti kardi tujhe paida karke’। उसके अनुसार, एक दिन माता-पिता ने उसकी थाली से खाना हटा दिया और कहा कि उसे पैदा करके गलती कर दी।

दो दिन से खाना नहीं मिलने का दावा

युवक ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि उसने पिछले दो दिनों से कुछ नहीं खाया था और घर में किसी ने उससे खाने के बारे में नहीं पूछा। उसने यह भी आरोप लगाया कि परिवार ने कूलर उससे ले लिया और पेट्रोल खत्म होने पर उसे अपनी बाइक करीब तीन किलोमीटर तक खींचनी पड़ी।

उसका कहना है कि आर्थिक परेशानी के साथ घर का माहौल भी उसकी मानसिक स्थिति पर असर डाल रहा है। वह नाइट गार्ड की नौकरी तलाश रहा था, ताकि काम के साथ भविष्य के इंटरव्यू की तैयारी कर सके। उसने फूड डिलीवरी का काम भी आजमाया, लेकिन उसके मुताबिक, इससे तैयारी के लिए समय नहीं मिल पा रहा था।

अच्छी कमाई के बावजूद नहीं की बचत

युवक ने बताया कि उसने अपनी कमाई से बाइक खरीदी थी और इसके लिए कोई ईएमआई नहीं चल रही थी। हालांकि, नौकरी जाने के बाद उसे महसूस हुआ कि भविष्य की मुश्किलों के लिए पर्याप्त बचत करना कितना जरूरी है।

उसने दूसरे युवाओं को सलाह दी कि बाइक या कार जैसी महंगी चीजें खरीदने से पहले कुछ पैसे आपातकालीन जरूरतों के लिए जरूर बचाकर रखें।

Parents said “Galti kardi tujhe paida karke”

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Reddit यूजर्स ने बढ़ाया हौसला

युवक की कहानी पर कई लोगों ने उसे हिम्मत रखने और नौकरी की तलाश जारी रखने की सलाह दी। एक यूजर ने उसकी जॉब प्रोफाइल पूछते हुए अपने परिचितों के जरिए नौकरी के अवसर तलाशने में मदद की पेशकश की। कुछ लोगों ने उसे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने और भविष्य में अपनी परिस्थितियों के अनुसार अलग रहने पर विचार करने को कहा। यह मामला युवक की Reddit पोस्ट में किए गए दावों पर आधारित है, जिनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी उसकी कहानी एक अहम सवाल उठाती है मुश्किल समय में अपनों को तानों की जरूरत होती है या थोड़े सहारे और समझदारी की?

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क्या है भारत की आर्थिकी का इंजन?

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बेसिक सवाल है! इस सप्ताह रिजर्व बैंक के ब्याज दर फैसले, शेयर बाजार, जीडीपी की हवाबाजी, लुढ़कते रुपए, भारत से भागती पूंजी जैसे तथ्यों से बेसिक सवाल है कि तब देश की आर्थिकी भला चल कैसे रही है? वह प्लेटफॉर्म पर खड़ी है या वह उस छुक-छुक इंजन से बंधी है जो भाप छोड़ रहा है पर न कोयला है न बॉयलर में भभकती आग है?

आप भी सोचें, भारत के हर बंदे को सोचना चाहिए कि आखिर भारत की आर्थिकी के पहियों का मौजूदा इंजन है क्या?

पहले देश विशेष की ताक़त उसकी फ़ौज, कारखानों और खेतों से मापी जाती थी। अब पैसे से है। मतलब पूंजी, कमाई, बचत, श्रीवृद्धि, लक्ष्मी की चंचलता प्राथमिक कसौटी (वैश्विक भी) है। इस मायने में भारत की रियलिटी क्या है? क्या यह रियलिटी नहीं है कि देश के अमीर, देश की बुद्धि भारत छोड़ विदेश जा बस रही है? क्या यह खबर नहीं है कि विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) भारतीय शेयर बाजार से पूंजी निकाल कर दूसरे देशों के बाजारों में निवेश कर रहे हैं? मतलब भारत का शेयर बाजार जोखिम भरा, कम कमाई का है वही इंडोनेशिया हो या तुर्किये, आसियान देश वैश्विक पूंजी के लिए इसलिए कमाई वाले हैं क्योंकि इन देशों की इकोनॉमी सचमुच तेजी से बढ़ती हुई है।

सोचें, सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत में अप्रैल-जून 2026 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.8 प्रतिशत थी, जबकि सकल मूल्य वर्धन (GVA) की बढ़ोतरी 8.2 प्रतिशत। सात अक्टूबर को रिज़र्व बैंक ने पूरे वित्त वर्ष 2026-27 की विकास दर का अनुमान बढ़ा कर 7.1 प्रतिशत किया। अब यदि भारत की वास्तविक अर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत बढ़ रही है, तो उसकी करेंसी, रुपया और शेयर बाज़ार क्यों लगातार कमजोर होता हुआ है? गुरूवार को सेंसेक्स फिर भारी गिरा। तथ्य है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने वर्ष 2026 में अब तक लगभग 30.4 अरब डॉलर के भारतीय शेयर बेचे है। अकेले अक्टूबर के शुरुआती नौ दिनों में लगभग 47,000 करोड़ रुपए के भारतीय शेयरों को विदेशियों ने बेचा।

दुनिया के किसी भी पैमाने पर यह मामूली उतार-चढ़ाव नहीं है। सो, सीधा सवाल है एक तरफ भारत में उत्पादन बढ़ने के सरकारी आंकड़े हैं, वहीं विदेशी निवेशक भारत की कंपनियों के भविष्य को लेकर घबराए हुए हैं, उनके शेयर बेच भाग रहे हैं? ऐसे ही भारत की करेंसी विदेशी बाजार में कौड़ियों वाली हैसियत में है। इस वर्ष डॉलर के मुक़ाबले रुपए का मूल्य सात प्रतिशत से अधिक गिर चुका है।

सरकारी दावा है कि आर्थिकी की रेलगाड़ी तेज़ विकास, डिजिटल अर्थव्यवस्था, रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह, कंक्रीटों में नजर आते बुनियादी ढांचे से दुनिया की सर्वाधिक तेज़ बुलेट ट्रेन है। वहीं रियलिटी में गाड़ी प्लेटफॉर्म पर छुक-छुक करते हुए है। बाज़ार की हकीकत, भारतीय करेंसी के घटते भाव, विदेशी पूंजी के भागने, अब नई ऊंची ब्याज दर, महंगा तेल-ईंधन, महंगे कर्ज व व्यापारियों, अमीरों का भागना या हाथ पर हाथ धरे बैठे होना है।

कह सकते हैं कि खेती, आईटी कंपनियां, सेवा क्षेत्र, मेक इन इंडिया के कारखानों की भाप से आर्थिकी का इंजन सरपट भागता हुआ है। पर खेती यदि खुशहाल होती तो किसानों के पेट नहीं भरे होते! किसान तब दो-दो हजार रुपए की प्रधानमंत्री की रेवड़ी पर टकटकी लगाए उसका इंतजार क्या करते हुए होते? सब्जी बाजार, आटे-तेल के दाम क्या आम आदमी का जीना हराम ऐसा किए हुए होते जो रिजर्व बैंक को महंगाई के हवाले ब्याज दर बढ़ाने का फैसला करना पड़ता? ऐसी ही आईटी कंपनियों, सेवा क्षेत्र की कंपनियों के शेयर बाजार में लुढ़कने का औसत है। भारत की आईटी कंपनियों की अमेरिका में हुई एआई क्रांति से लुटिया डूबती हुई है। इन कंपनियों में ही निवेशित पूंजी सर्वाधिक भाग रही है। और मेक इन इंडिया या इंफ्रास्ट्रक्चर की तो बात ही नहीं होनी चाहिए। अंबानी हो, अडानी हो, एयरलाइंस सेक्टर हो या टेक्सटाइल सेक्टर या बैंकिंग सब महंगाई बढ़ा रहे हैं या बांग्लादेश, वियतनाम, आसियान देशों से पिट रहे हैं या आर्थिकी का कर्जा बढ़ा रहे हैं। बट्टेखाते में भारत की पूंजी, बचत वैसे ही जा रही है जैसे शेयर बाजार के चक्कर में मध्यवर्गीय नौकरीपेशा नौजवानों ने म्यूचुअल फंड (एसआईपी) के जरिए अपनी बचत को शेयर बाज़ार में उड़ेला, जबकि खर्चों के लिए कर्ज लेकर अपने आपको ब्याज (जो महंगा होना ही है) के चक्रव्यूह में फंसाया।

सो, पूंजी देशी (कभी भारत में घर-परिवार रिकॉर्ड बचत किया करते थे) हो या विदेशी वह भारत की इकोनॉमी को दौड़ाती हुई नहीं है। न ही भारत की उत्पादकता (यदि होती तो चीन के आयातों पर क्या खतरनाक स्तर पर आश्रित होते?) का इंजन है। तो ले देकर पैसे की मालिक या तो सरकार, उसके खर्च और बाबुओं का भ्रष्टाचार है या सरकारी कृपाओं के क्रोनी खरबपति याकि अडानी-अंबानी जैसे देशी जगत सेठ हैं। इन सबकी ऊर्जा के इंजन का नाम क्या है? 140 करोड़ लोगों का पेट! हां, भारत के 140 करोड़ लोगों की बुनियादी भूख, जीने का संघर्ष ही 2026 की इंडियन इकोनॉमी की वह छुक-छुक रेलगाड़ी है, जिसमें फर्स्ट क्लास, मिडिल क्लास के कुछ डिब्बे हैं बाकी तो भूखे पेटों की आग, उसके हाथ-पांव मार कर जीने की जिजीविषा है!

क्या नहीं?

Oppo ColorOS 17 की लॉन्च डेट कन्फर्म, Enco X4 ईयरबड्स और Pad Mini टैबलेट भी जल्द होंगे लॉन्च

अगर आप Oppo स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं, तो अगले हफ्ते आपके लिए एक बड़ी खबर आने वाली है। कंपनी भारत में अपना नया सॉफ्टवेयर ColorOS 17 पेश करने जा रही है, जो Android 17 पर आधारित होगा। इस नए सॉफ्टवेयर से जुड़े फीचर्स जानने के लिए यूजर्स को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि भारत में इसे ग्लोबल लॉन्च के दिन ही पेश किया जाएगा।

खास बात यह है कि Oppo की आने वाली Find X10 सीरीज कंपनी की पहली स्मार्टफोन सीरीज होगी, जिसमें ColorOS 17 पहले से ही इंस्टॉल मिलेगा। इसके अलावा, कंपनी ने भारत में Enco X4 ट्रू वायरलेस ईयरबड्स और Oppo Pad Mini टैबलेट को लॉन्च करने के भी संकेत दिए हैं। ये दोनों डिवाइस पहले ही चीन में लॉन्च हो चुके हैं।

ColorOS 17 भारत में लॉन्च डेट

Oppo ने एक प्रेस रिलीज में आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि ColorOS 17 भारत में 13 अक्टूबर को लॉन्च किया जाएगा। यह लॉन्च इसके ग्लोबल रोलआउट के साथ ही होगा, जो सुबह 11 बजे CEST (दोपहर 2:30 बजे IST) के लिए तय किया गया है। यह लेटेस्ट सॉफ्टवेयर Android 17 पर आधारित है और इसे सितंबर में पेश किया गया था। Find X10 सीरीज, जो जल्द ही भारत में लॉन्च होने वाली है, देश में ColorOS 17 के साथ आने वाली Oppo की पहली स्मार्टफोन लाइनअप होगी।

Oppo ने भारत में Oppo Enco X4 TWS ईयरबड्स और Oppo Pad Mini के आने का टीजर जारी किया है। हालांकि, कंपनी ने नए ईयरफोन और टैबलेट की रिलीज की सही तारीख का खुलासा नहीं किया है।

Oppo India ने X पर एक प्रमोशनल पोस्टर शेयर किया है, जिसमें Enco X4 ईयरबड्स और Oppo Pad Mini टैबलेट की झलक दिखाई गई है। पोस्टर में ईयरबड्स को सफेद रंग में दिखाया गया है। इसके साथ ‘Built for Studios, Tuned for You’ टैगलाइन दी गई है। इससे यह भी पुष्टि होती है कि ईयरबड्स को ऑडियो ब्रांड Dynaudio के साथ मिलकर तैयार किया गया है। वहीं, Oppo Pad Mini में स्टायलस सपोर्ट मिलेगा। कंपनी ने इसके ‘मैट डिस्प्ले एडिशन’ होने की भी पुष्टि की है।

Oppo Enco X4 को चीन में CNY 1,199 (लगभग 17,100 रुपये) की कीमत पर लॉन्च किया गया था। इन ईयरफोन में डुअल ड्राइवर हैं, जिनमें 11mm का डायनामिक वूफर और 6mm का प्लैनर ट्वीटर शामिल है, जिन्हें Dynaudio के साथ मिलकर ट्यून किया गया है। ईयरफोन में अडैप्टिव एक्टिव नॉइज कैंसिलेशन (ANC) की सुविधा है और दावा किया गया है कि ये बिना केस के 13 घंटे तक और चार्जिंग केस के साथ कुल 53 घंटे तक की बैटरी लाइफ देते हैं। इनमें IP55 डस्ट और वॉटर रेजिस्टेंस की सुविधा भी है।

चीन में Oppo Pad Mini की शुरुआती कीमत CNY 3,699 (करीब 51,000 रुपये) रखी गई है। इस टैबलेट में 8.8 इंच की AMOLED डिस्प्ले दी गई है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करती है। इससे स्क्रीन पर स्क्रॉलिंग और वीडियो देखने का अनुभव बेहतर हो सकता है।

परफॉर्मेंस के लिए इसमें Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर दिया गया है। वहीं, टैबलेट में 8,000mAh की बैटरी मिलती है, जो 67W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। हालांकि, भारत में इसकी कीमत और लॉन्च डेट को लेकर कंपनी ने अभी आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।

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Amazon Sale में iPhone 16 और iPhone 17e पर भारी छूट, कूपन और बैंक ऑफर से होगी ज्यादा बचत

Amazon Great Indian Festival Sale 2026: अगर आप कम कीमत में iPhone खरीदने की सोच रहे हैं, तो Amazon का Great Indian Festival Sale 2026 आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। दरअसल, इस सेल में iPhone 16 और iPhone 17e पर जबरदस्त डील दी जा रही है। ऐसे में अगर आप पहली बार iPhone खरीदना चाहते हैं या अपना पुराना iPhone बदलकर नया मॉडल लेना चाहते हैं, तो ये दोनों फोन आपके लिए अच्छे विकल्प हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि Amazon की इस सेल में इन दोनों iPhone को कितनी कम कीमत पर खरीदा जा सकता है।

Amazon Great Indian Festival 2026: iPhone की सबसे अच्छी डील्स

iPhone 16 का 128GB वाला मॉडल अभी Amazon पर ₹76,999 में मिल रहा है, जबकि इसकी MRP ₹89,900 है। अगर आप Prime मेंबर हैं और ₹500 का कूपन इस्तेमाल करते हैं, तो इसकी कीमत और कम होकर ₹72,249 हो सकती है।

Amazon के अतिरिक्त पेमेंट ऑफर के साथ आप iPhone 16 पर थोड़ी और बचत कर सकते हैं। इनमें चुनिंदा SBI क्रेडिट कार्ड पर ₹1,250 तक का बैंक डिस्काउंट और Amazon Pay Balance के जरिए ₹3,849 तक का कैशबैक शामिल है। अगर आप पेमेंट को किश्तों में करना चाहते हैं, तो कुछ क्रेडिट कार्ड पर नो-कॉस्ट EMI की सुविधा भी मिलती है, जिससे ₹2,161.81 तक के ब्याज की बचत हो सकती है। असल फायदे आपके कार्ड, पेमेंट के तरीके और एलिजिबिलिटी पर निर्भर करेंगे, इसलिए ऑर्डर करने से पहले लिस्टिंग पर मौजूद ऑफर जरूर देख लें।

अगर आप नया मॉडल खरीदना चाहते हैं, तो Amazon Great Indian Festival Sale 2026 में iPhone 17e के 256GB वेरिएंट पर भी छूट मिल रही है। इस फोन की MRP 79,900 रुपये है, लेकिन Amazon पर इसे 71,999 रुपये में खरीदा जा सकता है। इसके अलावा, 1,000 रुपये का कूपन लगाने पर इसकी कीमत घटकर 70,999 रुपये हो जाती है।

iPhone 17e खरीदने पर भी पेमेंट से जुड़े कई ऑफर्स का फायदा मिल सकता है। योग्य SBI क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर 1,250 रुपये तक का बैंक डिस्काउंट मिल सकता है। वहीं, Amazon Pay ICICI Bank क्रेडिट कार्ड से नो-कॉस्ट EMI का विकल्प चुनने पर ब्याज में 1,876.99 रुपये तक की बचत हो सकती है।

इसके अलावा, Amazon Pay Balance के जरिए 3,599 रुपये तक का कैशबैक भी मिल सकता है। हालांकि, इन ऑफर्स का लाभ आपकी पात्रता और पेमेंट के तरीके पर निर्भर करेगा।

बता दें कि स्मार्टफोन की कीमतें बढ़ने के बीच ये डील्स आपके लिए फायदेमंद हो सकती हैं। खासकर iPhone के कई मॉडल अब भी काफी महंगे हैं। ऐसे में अगर आप पहली बार iPhone खरीदने या अपना पुराना फोन अपग्रेड करने की सोच रहे हैं, तो iPhone 16 और iPhone 17e पर मिल रहे ये ऑफर आपके बजट में नया फोन खरीदने का अच्छा मौका दे सकते हैं।

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Amazon Great Indian Festival Sale 2026: ₹20,000 से कम में खरीदें JBL, Sony और Bose के साउंडबार, मिल रहा भारी डिस्काउंट

Amazon Great Indian Festival Sale 2026: ई-कॉमर्स कंपनी Amazon ने गुरुवार को अपनी Great Indian Festival Sale 2026 शुरू कर दी है। सेल का आज दूसरा दिन है। इस बार Amazon की सेल का मुकाबला Flipkart की Big Billion Days Sale से हो रहा है। पिछले साल की तरह इस साल भी Amazon की सेल में छोटे-बड़े इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स पर कई तरह के डिस्काउंट मिल रहे हैं। इनमें स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच, लैपटॉप, ट्रू वायरलेस स्टीरियो (TWS) ईयरबड्स, वॉशिंग मशीन, स्मार्ट होम अप्लायंसेज, फ्रिज, माइक्रोवेव ओवन और चिमनी जैसे प्रोडक्ट शामिल हैं।

इसके अलावा, Amazon पर घर में इस्तेमाल होने वाले ऑडियो प्रोडक्ट्स भी कम कीमत पर मिल रहे हैं। इनमें Boat, JBL, Sony, Zebronics जैसे कई ब्रांड्स के ब्लूटूथ स्पीकर, होम थिएटर सिस्टम और साउंडबार शामिल हैं, जिनपर बेहतरीन डील्स दी जा रही है।

Amazon Great Indian Festival 2026: ₹20,000 से कम कीमत वाले साउंडबार पर ऑफर

जिन ग्राहकों का बजट ₹20,000 तक है, उनके लिए Amazon Great Indian Festival Sale 2026 में ऐसे साउंडबार पर अच्छे डिस्काउंट मिल रहे हैं जिन्हें सीधे स्मार्ट टीवी से कनेक्ट किया जा सकता है या ब्लूटूथ स्पीकर की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। इस सेल में JBL Cinema SB590 साउंडबार को ₹19,999 की घटी हुई कीमत पर खरीदा जा सकता है। इसकी लिस्टेड कीमत ₹39,999 है, यानी इसमें सीधे ₹20,000 की कटौती की गई है। इसी तरह, आप Zebronics Juke BAR 9775 को भी ₹17,999 की कम कीमत पर पा सकते हैं, जबकि इसकी लिस्टेड कीमत ₹61,999 है।

सीधी कीमत में कटौती के अलावा, Amazon Great Indian Festival Sale 2026 में SBI क्रेडिट और डेबिट कार्ड और SBI क्रेडिट कार्ड EMI ट्रांजैक्शन पर 10% (₹57,750 तक) का इंस्टेंट डिस्काउंट मिल रहा है। इसके अलावा, आप Amazon Pay ICICI बैंक क्रेडिट कार्ड से 5% अनलिमिटेड कैशबैक, Amazon Pay Later से EMI पर 10% कैशबैक, या Amazon Pay UPI से ₹50 का फ्लैट कैशबैक पा सकते हैं।

हमने ₹20,000 से कम कीमत वाले साउंडबार पर सबसे अच्छे डील्स की एक लिस्ट तैयार की है, जिन पर आप भारत में चल रही Amazon Great Indian Festival Sale 2026 के दौरान विचार कर सकते हैं। नीचे बताई गई कीमतें सिर्फ सीधे प्राइस कट (कीमत में कटौती) को दिखाती हैं। इसलिए, अपनी बचत को और बढ़ाने के लिए आप अतिरिक्त बैंक ऑफर, कैशबैक और एक्सचेंज बोनस का फायदा उठा सकते हैं। इसके अलावा, आप ₹40,000 से कम कीमत वाले स्मार्टफोन पर डील्स के साथ-साथ ईयरबड्स और हेडफोन पर मिल रही छूट भी देख सकते हैं।

Amazon Great Indian Festival 2026: ₹20,000 से कम कीमत वाले साउंडबार पर बेहतरीन डील्स

ModelList PriceSale Price (Expected)Product Link
JBL Cinema SB590Rs. 39,999Rs. 19,999Buy Now
Zebronics Juke BAR 9775Rs. 61,999Rs. 17,999Buy Now
Zebronics Juke BAR 9900Rs. 84,999Rs. 19,499Buy Now
Sony HT-S400 2.1chRs. 26,990Rs. 15,989Buy Now
Bose 5100 SoundbarRs. 34,400Rs. 19,900Buy Now
Sony HT-S20R 5.1chRs. 23,990Rs. 14,989Buy Now
JBL Cinema SB560Rs. 25,999Rs. 10,999Buy Now
Zebronics Juke BAR 9535Rs. 44,999Rs. 10,999Buy Now
Boat Avante Prime 5.1 5000DARs. 37,990Rs. 10,799Buy Now
Noise Homestage 5.1 ChRs. 29,999Rs. 13,999Buy Now

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‘3 से 4 साल में चाहिए 1 करोड़…’ जानिए अंकुर वारिकू ने किस ‘कॉस्टली मनी मिस्टेक’ से बचने की दी सलाह

हर कोई चाहता है कि उसकी बचत तेजी से बढ़े और वह जल्द से जल्द आर्थिक रूप से मजबूत बन जाए। कोई अपना घर खरीदने का सपना देखता है, तो कोई करोड़पति बनकर आरामदायक जिंदगी जीना चाहता है। लेकिन जब बड़े वित्तीय लक्ष्य को पूरा करने के लिए समय बहुत कम तय कर लिया जाता है, तो यही उम्मीद चिंता का कारण बन सकती है। उद्यमी और कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू ने हाल ही में एक महिला का ईमेल साझा किया, जो अगले तीन से चार साल में ₹1 करोड़ का फंड तैयार करना चाहती थीं।

खास बात यह है कि महिला के पास पहले से ₹25 लाख की बचत थी और वह कई वर्षों से निवेश भी कर रही थीं। इसके बावजूद उनका लक्ष्य वारिकू को जल्द अमीर बनने की सोच का उदाहरण लगा।

₹25 लाख की बचत के बाद भी क्यों थी करोड़पति बनने की जल्दी?

अंकुर वारिकू ने अपने LinkedIn पोस्ट में बताया कि महिला की आर्थिक स्थिति अच्छी थी। उनके पास स्थिर नौकरी, अच्छी कमाई और निवेश का अनुभव भी था। वह पहले ही ₹25 लाख का फंड बना चुकी थीं, जिसे वारिकू ने एक अच्छी उपलब्धि बताया।

इसके बाद भी महिला अगले तीन से चार वर्षों में ₹1 करोड़ तक पहुंचना चाहती थीं। वारिकू के मुताबिक, इस तरह की इच्छा काफी आम है, लेकिन कम समय में बहुत बड़ी रकम जुटाने की उम्मीद करना व्यावहारिक सोच नहीं है।

उनकी बात का मकसद बचत के लक्ष्य को गलत बताना नहीं, बल्कि यह समझाना था कि पैसे बढ़ाने की प्रक्रिया में जल्दबाजी करना कई बार निराशा पैदा कर सकता है।

निवेश में कंपाउंडिंग समझना काफी नहीं

वारिकू ने निवेश के एक अहम सिद्धांत कंपाउंडिंग पर भी जोर दिया। इसमें निवेश से मिलने वाला रिटर्न आगे चलकर खुद भी रिटर्न कमाने लगता है। समय के साथ यह प्रक्रिया बचत को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

हालांकि, शुरुआत में इसका असर बहुत धीमा दिखाई दे सकता है। निवेशक नियमित रूप से पैसा लगाते हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद के मुताबिक तेजी से बढ़ोतरी नजर नहीं आती। ऐसे में कई लोग अधीर हो जाते हैं और अपने लक्ष्य या निवेश की रणनीति को लेकर परेशान होने लगते हैं।

वारिकू का कहना है कि कंपाउंडिंग को समझना और अपनी बचत पर उसका वास्तविक असर महसूस करना दो अलग-अलग बातें हैं।

युवाओं को क्यों रखना चाहिए लंबी अवधि का नजरिया?

वारिकू के मुताबिक, 20 या 30 की उम्र में निवेश शुरू करने वाले लोगों ने अक्सर अपनी रकम पर 15 से 20 वर्षों तक कंपाउंडिंग का असर नहीं देखा होता। इसलिए उन्हें शुरुआत में यह प्रक्रिया धीमी लग सकती है।

लेकिन लंबी अवधि में नियमित निवेश और समय का संयोजन धन जुटाने में अहम भूमिका निभा सकता है। इसका मतलब यह नहीं कि हर निवेश से निश्चित रिटर्न मिलेगा। बाजार का प्रदर्शन, निवेश की राशि और जोखिम जैसे कारक भी परिणामों को प्रभावित करते हैं।

करोड़पति बनने के लिए सिर्फ बड़ा लक्ष्य नहीं, धैर्य भी जरूरी

इस पूरे मामले से एक अहम सीख मिलती है कि आर्थिक सफलता की योजना बनाते समय लक्ष्य के साथ उसकी समयसीमा भी वास्तविकता के आधार पर तय करनी चाहिए। ₹1 करोड़ का फंड बनाना एक अच्छा वित्तीय लक्ष्य हो सकता है, लेकिन उसे हासिल करने के लिए अपनी आय, मौजूदा बचत, निवेश और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है।

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