Samsung Galaxy S26 Ultra पर बंपर ऑफर, मिल रहा ₹37,000 से ज्यादा का डिस्काउंट, जानें कीमत

Samsung Galaxy S26 Ultra: Samsung Galaxy S26 Ultra को Amazon पर ₹87,400 की प्रभावी कीमत में खरीदा जा सकता है। इसमें फोन की कीमत के साथ एक्सचेंज वैल्यू और अधिकतम मिलने वाला कैशबैक शामिल है। फिलहाल Galaxy S26 Ultra Amazon पर ₹1,24,999 में लिस्टेड है, जबकि इसकी लिस्टेड MRP ₹1,69,999 है।

हालांकि, ₹87,400 की प्रभावी कीमत तभी आपको मिल पाएगी, जब आपको एक्सचेंज पर बताई गई पूरी वैल्यू मिले और आप अधिकतम कैशबैक ऑफर के लिए पात्र हों।

Samsung Galaxy S26 Ultra: एक्सचेंज ऑफर

Amazon पर Samsung Galaxy S26 Ultra खरीदते समय Apple iPhone 16 (8GB+128GB) को एक्सचेंज करने पर ₹31,350 तक की एक्सचेंज वैल्यू मिल रही है। यह वैल्यू Amazon के एक्सचेंज पेज पर दिखाई गई खास कंडीशन और कॉन्फिगरेशन वाले फोन के लिए है।

हालांकि, यह एक्सचेंज वैल्यू तभी मिलेगी जब पुराना फोन बताई गई कंडीशन में हो। डिलीवरी के समय फोन की जांच और वेरिफिकेशन किया जाएगा, जिसके बाद एक्सचेंज की फाइनल वैल्यू तय होगी।

चुने गए एक्सचेंज ऑफर के लिए गणना इस प्रकार है:

ऑफररकम
Galaxy S26 Ultra की कीमत₹1,24,999
iPhone 16 की एक्सचेंज वैल्यू₹31,350
एक्सचेंज के बाद कीमत₹93,649
अधिकतम कैशबैक₹6,249 तक
प्रभावी कीमत₹87,400

Amazon यह भी बताता है कि अगर डिलीवरी के समय पुराना फोन बताई गई कंडीशन के मुताबिक नहीं मिलता है, तो भी कुछ मामलों में ग्राहक आंशिक एक्सचेंज डिस्काउंट का फायदा ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें बची हुई रकम डिलीवरी एजेंट को देनी होगी।

वहीं, अगर पुराना फोन वेरिफिकेशन में पूरी तरह फेल हो जाता है, तो तय शर्तों के तहत ग्राहक कैश या कार्ड से एक्सचेंज डिस्काउंट की रकम चुकाकर नया फोन अपने पास रख सकते हैं।

6,249 रुपये तक का कैशबैक

Galaxy S26 Ultra की लिस्टिंग पर ₹6,249 तक का कैशबैक भी दिया जा रहा है। यह कैशबैक Amazon Pay Balance के रूप में मिलेगा और इसके लिए चुनिंदा क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करना होगा। हालांकि, आपको मिलने वाला कैशबैक कितना होगा, यह आपके कार्ड और ऑफर की लागू शर्तों पर निर्भर करेगा।

प्रोडक्ट पेज पर नो-कॉस्ट EMI और बैंक डिस्काउंट जैसे कुछ अन्य ऑफर्स भी दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इन ऑफर्स को ₹87,400 की प्रभावी कीमत में अपने आप शामिल नहीं किया जा सकता, क्योंकि इनका लाभ तभी मिलेगा जब आपका पेमेंट संबंधित ऑफर की शर्तों के तहत योग्य होगा।

Samsung Galaxy S26 Ultra: स्पेसिफिकेशन्स

यह ऑफर Galaxy S26 Ultra के 12GB RAM और 256GB स्टोरेज वाले वेरिएंट के लिए है। इस फोन में 200MP कैमरा, 5,000mAh की बैटरी और Snapdragon 8 Elite Gen 5 Galaxy प्रोसेसर दिया गया है।

Samsung ने इसमें बिल्ट-इन प्राइवेसी डिस्प्ले, Androi 16, One UI 8.5 और AI-पावर्ड फीचर्स जैसे नाउ Now Nudge, Finder, Photo Assist और Creative Studio भी शामिल किए हैं।

यह फोन 60W तक की चार्जिंग और 25W तक की वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करता है।

क्या-क्या Galaxy S26 Ultra की यह डील खरीदने लायक है?

₹1,24,999 की कीमत पर Galaxy S26 Ultra अभी भी एक प्रीमियम स्मार्टफोन है। हालांकि, अगर आपके पास पहले से iPhone 16 है, तो एक्सचेंज ऑफर आपकी शुरुआती लागत को काफी कम कर सकता है। अगर iPhone 16 पर ₹31,350 की पूरी एक्सचेंज वैल्यू और ₹6,249 का अधिकतम कैशबैक मिलता है, तो Galaxy S26 Ultra की प्रभावी कीमत ₹87,400 रह जाती है।

हालांकि, अंतिम बचत एक्सचेंज किए गए फोन की स्थिति और वेरिफिकेशन के साथ-साथ कैशबैक ऑफर की पात्रता पर निर्भर करेगी।

यह भी पढ़ें: Flipkart दे रहा iPhone 17 Pro पर ₹39,000 का डिस्काउंट! जानें कैसे पाएं ये धांसू डील

दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत 26 अगस्त से बांटे जाएंगे सैंक्शंस लेटर, महिलाओं के खाते में इस दिन से आएंगे ₹2,500!

Delhi Lakshmi Yojana 2026: दिल्ली सरकार की ‘लक्ष्मी योजना’ के तहत पात्र महिलाओं को 26 अगस्त से आर्थिक सहायता के सैंक्शन लेटर मिलना शुरू हो जाएंगे। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार (18 अगस्त) को दिल्ली सचिवालय में हुई बैठक के बाद यह अहम जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि सैंक्शन लेटर जारी होने के बाद योजना की राशि सीधे लाभार्थी महिलाओं के बैंक अकाउंट में भेजी जाएगी। सरकार के अनुसार, 1 सितंबर से महिलाओं के खातों में 2,500 रुपये की राशि जमा होना शुरू हो जाएगी।

सरकार ने 1 अगस्त से इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी। आवेदन मिलने के बाद सरकार ने आवेदनकर्ताओं की जांच और लाभार्थियों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक समय पर पहुंचे और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए।

कौन महिलाएं होंगी पात्र?

इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला की उम्र 21 से 60 साल के बीच होनी चाहिए। साथ ही वह दिल्ली की निवासी हो और उसकी पारिवारिक आय निर्धारित सीमा के भीतर हो। आवेदन करने वाली महिला की आयु 18 साल से अधिक होने के साथ-साथ वह दिल्ली में कम से कम 10 वर्षों से रह रही होनी चाहिए। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि महिला या उसके परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी अथवा पेंशनभोगी होने पर वह योजना के लिए पात्र नहीं होगी। आयकर दाता परिवारों को भी योजना के दायरे से बाहर रखा गया है।

इसके अलावा, जो महिलाएं पहले से किसी अन्य सरकारी योजना के तहत नियमित आर्थिक सहायता प्राप्त कर रही हैं, वे भी इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगी। सरकारी नियमों के अनुसार, जिन महिलाओं या उनके परिवार के सदस्यों के पास चार पहिया वाहन है, उन्हें भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहन को इस नियम से अलग रखा गया है।

बैंक खाते में सीधे पहुंचेगी स्कीम की राशि

सरकार ने योजना में भुगतान की प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी रखने पर जोर दिया है। पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये सीधे उनके बैंक अकाउंट में डायरेक्ट भेजे जाएंगे। इसके लिए लाभार्थी के बैंक खाते का सत्यापन किया जाएगा। सरकार के मुताबिक, यदि किसी महिला के परिवार में सरकारी कर्मचारी, आयकरदाता या निर्धारित सीमा से अधिक आय वाला सदस्य है, तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होगी। वहीं, परिवार के किसी सदस्य के पास चार पहिया वाहन होने की स्थिति में भी आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है।

आवेदन प्रक्रिया पर रखी जा रही नजर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों के साथ बैठक में योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवेदन प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता न हो और पात्र महिलाओं को समय पर योजना का लाभ मिले। सरकार ने बताया कि आवेदन की जांच पूरी होने के बाद लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र दिए जाएंगे।

26 अगस्त से स्वीकृति पत्र मिलने शुरू होंगे और 1 सितंबर से बैंक खातों में आर्थिक सहायता पहुंचने की प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार का कहना है कि लक्ष्मी योजना का उद्देश्य दिल्ली की जरूरतमंद और पात्र महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। योजना के लागू होने के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं को हर महीने सीधे बैंक खाते में वित्तीय सहायता मिलने की उम्मीद है।

पैसा प्राप्त करने का विकल्प

लाभार्थियों को राशि प्राप्त करने के लिए विकल्प दिए गए हैं:-

पहला विकल्प: दैनिक खर्चों के लिए ₹1,000 प्रति माह सेंट्र्ल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) वॉलेट में प्राप्त कर सकते हैं और बाकी ₹1,500 को आवर्ती जमा (RD) या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) खाते में जमा करा सकते हैं।

दूसरा विकल्प: लंबी अवधि की बचत के लिए पूरी ₹2,500 की राशि को RD या FD में जमा करा सकते हैं।

ये भी पढ़ें- Mehul Choksi: भारी कैश के साथ मेहुल चोकसी के वकील विजय अग्रवाल लंदन में हिरासत में, भगोड़ा हीरा कारोबारी कब आएगा भारत?

हवाई जहाज को टक्कर देगी चीन की ट्रेन! फ्लाइंग ट्रेन ने मचाया तहलका

चीन तेज रफ्तार वाली ट्रेनों के मामले में लगातार नई टेक्निक पर काम कर रहा है। देश में पहले से ही शंघाई मैग्लेव जैसी तेज ट्रेन चलती है, जो करीब 460 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ती है। अब साइंटिस्ट इससे भी ज्यादा तेज ट्रेन बनाने की तैयारी में जुटे हैं। इसी कड़ी में एक ऐसी ‘फ्लाइंग ट्रेन’ पर काम किया जा रहा है, जिसे फ्यूचर की बेहद तेज ट्रेन कहा जा रहा है।

इस ट्रेन का शुरुआती ट्रायल भी किया जा चुका है। बताया जा रहा है कि टेस्टिंग के दौरान इसकी स्पीड लगभग 800 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची। यानी इसकी स्पीड शंघाई मैग्लेव से काफी ज्यादा है। इतनी हाई स्पीड वाली ट्रैन से कम टाइम में लंबी दुरी तय की जा सकती है। यह टेक्निक अभी टेस्टिंग में है और इसे पैसेंजर के लिए शुरू करने में समय लग सकता है। यदि आगे के ट्रायल सफल रहते हैं, तो आने वाले समय में ट्रेन से ट्रैवल करने का एक्सपीरियंस बदल सकता है।

trainflt

 

 

एरोप्लेन जैसी स्पीड

चीन के साइंटिस्ट ऐसी ट्रेन तैयार करने में जुटे हैं, जिसे ‘फ्लाइंग ट्रेन’ कहा जा रहा है। यह आम ट्रेन से काफी अलग होगी और खास टेक्निक की मदद से पटरी के ऊपर चलेगी। शुरुआती टेस्टिंग में इस ट्रेन की करीब 800 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड है। इतनी तेज स्पीड के कारण यह ट्रेन फ्यूचर में एयर ट्रैवल का एक ऑप्शन बन सकती है।

 

 

बिना पहिये चलेगी ट्रेन

इस ट्रेन को तेज रफ्तार देने के लिए इलेक्ट्रोमैग्नेटिक यानी मैग्नेटिक फाॅर्स का इस्तेमाल किया जाएगा। इस टेक्निक में ट्रेन के पहिए सीधे पटरी के कॉन्टैक्ट में नहीं आते, बल्कि मैग्नेटिक फाॅर्स से ट्रेन पटरी के ऊपर थोड़ी दूरी पर आगे बढ़ती है। इससे पहिए और पटरी के बीच फ्रिक्शन काफी कम हो जाता है। फ्रिक्शन कम होने पर ट्रेन को ज्यादा तेज स्पीड से चलाना आसान होता है।

हवा नहीं रोकेगी रफ्तार

800 किलोमीटर प्रति घंटे जैसी हाई स्पीड पर ट्रेन के सामने हवा का दबाव एक बड़ी समस्या बन सकता है। इसी वजह से इस ट्रेन के लिए खास ट्यूब या सुरंग तैयार की जा रही है। इस ट्यूब के अंदर से पंप की मदद से हवा को बाहर निकाला जाएगा, जिससे ट्रेन को कम हवा वाले वातावरण में चलने में मदद मिलेगी। हवा का दबाव कम होने से ट्रेन के लिए तेज रफ्तार हासिल करना आसान हो सकता है और सफर के दौरान एनर्जी की बचत भी हो सकती है। चीन के हुबेई में साइंटिस्ट ने करीब एक किलोमीटर लंबे ट्रैक पर इस टेक्निक का टेस्ट किया। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रायल में ट्रेन ने सिर्फ 5.3 सेकंड में 800 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की। अब साइंटिस्ट इस टेक्निक को और बेहतर बनाने और फ्यूचर में इसकी स्पीड को 1000 किलोमीटर प्रति घंटे तक ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।

 

 

टेस्टिंग के लिए तैयार

इस फ्यूचर ट्रेन पर चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड इंडस्ट्री कॉरपोरेशन (CASIC) काम कर रहा है। इतनी हाई स्पीड वाली ट्रेन के लिए ट्रैक और ट्यूब को स्टैंडर्ड रेलवे ट्रैक की तुलना में कहीं ज्यादा सटीक बनाना जरूरी है। टेस्टिंग के लिए तैयार किए गए करीब एक किलोमीटर लंबे कंक्रीट और स्टील ट्रैक में अलाइनमेंट को सिर्फ 0.5 मिलीमीटर तक रखने की बात कही गई है। फिलहाल यह प्रोजेक्ट शुरुआती ट्रायल में है टेक्निक सफल हुई तो लंबी दूरी की जर्नी कम टाइम में पूरी हो सकती है।

PPF vs SIP: 15 साल बाद कौन ज्यादा पैसा देगा? पूरा कैलकुलेशन समझिए

PPF vs SIP: हर साल अगर आपके पास निवेश के लिए ₹1.5 लाख हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है। पैसा PPF में डालें या SIP करें? दोनों 15 साल के लिए अच्छे विकल्प माने जाते हैं। लेकिन दोनों का खेल अलग है। PPF में सरकार की गारंटी मिलती है। SIP में शेयर बाजार की ग्रोथ का फायदा मिलता है।

यही वजह है कि 15 साल बाद दोनों का रिजल्ट भी अलग निकलता है। अगर सिर्फ कमाई देखें तो SIP आगे निकल सकती है। लेकिन सुरक्षा और टैक्स के मामले में PPF की अपनी ताकत है।

PPF और SIP में सबसे बड़ा फर्क

PPF एक सरकारी बचत योजना है। इसमें ब्याज तय होता है और फिलहाल यह 7.1% है। इसमें पैसा सुरक्षित रहता है और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम भी टैक्स-फ्री होती है।

दूसरी तरफ SIP, म्यूचुअल फंड में निवेश का तरीका है। इसमें कोई तय रिटर्न नहीं होता। बाजार अच्छा चला तो कमाई ज्यादा हो सकती है। बाजार कमजोर रहा तो रिटर्न भी कम हो सकता है।

15 साल का हिसाब

मान लेते हैं कि आप हर साल ₹1.5 लाख निवेश करते हैं। यानी SIP में हर महीने ₹12,500 डालते हैं। तुलना के लिए SIP में 12% सालाना औसत रिटर्न का उदाहरण लिया गया है। यह इक्विटी म्यूचुअल फंड अमूमन लॉन्ग टर्म में देते हैं।

पैमानाPPF
SIP (12% उदाहरण)

हर साल निवेश₹1.5 लाख₹1.5 लाख
कुल निवेश₹22.5 लाख₹22.5 लाख
अनुमानित रिटर्न7.10%12.00%
15 साल बाद रकम₹40.7 लाख₹63.1 लाख
कुल मुनाफा₹18.2 लाख₹40.6 लाख

यानी इस मामले में SIP, PPF से करीब ₹22 लाख ज्यादा पैसा बना सकती है।

उदाहरण से समझिए

मान लीजिए राहुल और अमित दोनों हर साल ₹1.5 लाख निवेश करते हैं। राहुल PPF चुनता है। अमित हर महीने ₹12,500 की SIP करता है।

15 साल बाद राहुल के पास करीब ₹40.7 लाख होंगे। वहीं अमित के पास करीब ₹63.1 लाख हो सकते हैं। दोनों ने बराबर पैसा लगाया, लेकिन रिटर्न का फर्क करीब ₹22 लाख तक पहुंच गया।

अगर SIP का रिटर्न बदल जाए तो?

यहीं असली बात है। SIP में कोई गारंटी नहीं होती। इसलिए अलग-अलग रिटर्न पर तस्वीर बदल जाती है।

SIP का औसत रिटर्न15 साल बाद रकम
8%₹43 लाख
10%₹52 लाख
12%₹63 लाख
15%₹84 लाख

यानी 8% पर SIP और PPF का फर्क बहुत कम रह जाता है। लेकिन 12-15% रिटर्न मिलने पर अंतर तेजी से बढ़ जाता है।

टैक्स में कौन आगे है?

PPF का सबसे बड़ा फायदा टैक्स है। इसमें जमा किया गया पैसा, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम तीनों टैक्स-फ्री रहती हैं।

SIP में टैक्स देना पड़ सकता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने किस तरह के म्यूचुअल फंड में निवेश किया है और कितने समय बाद पैसा निकाला है।

किसे क्या चुनना चाहिए?

अगर आपको बिना जोखिम वाला विकल्प चाहिए, तो PPF ज्यादा सुकून देता है। इसमें पैसा सुरक्षित रहता है और रिटर्न भी तय रहता है। अगर आपका लक्ष्य ज्यादा पैसा बनाना है और आप बाजार के उतार-चढ़ाव झेल सकते हैं, तो SIP बेहतर विकल्प बन सकती है।

दोनों में निवेश ज्यादा बेहतर

मान लीजिए आपके पास हर साल ₹1.5 लाख हैं। ऐसे में पूरा पैसा सिर्फ एक जगह लगाने की जरूरत नहीं है। आप ₹75,000 PPF में और ₹75,000 SIP में लगा सकते हैं।

इससे एक तरफ सरकारी सुरक्षा मिलती है। दूसरी तरफ बाजार की ग्रोथ का फायदा भी मिलता है। यही वजह है कि कई वित्तीय सलाहकार लंबी अवधि के लिए इस तरह का संतुलन बेहतर मानते हैं।

8th Pay Commission: अगस्त-सितंबर में इन शहरों का दौरा करेगा 8वां वेतन आयोग

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Rashifal Today: आज के दिन सोच-समझकर लें कोई भी फैसला, जानें आपना राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार जन्म की तारीख का हमारे जीवन पर खास प्रभाव माना जाता है। हर मूलांक के लिए आज आज आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आपकी मेहनत और योजनाएं आगे बढ़ेंगी। पुराने अनुभव से जुड़े क्षेत्रों में निवेश का अवसर मिल सकता है। लोग आपकी सलाह और राय को महत्व देंगे, जिससे सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी। आइए जानते हैं मूलांक 1 से 9 तक के लोगों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। नए कमाई के अवसर मिल सकते हैं और आपकी मेहनत का अच्छा परिणाम भी मिल सकता है। निवेश का मौका मिले तो सोच-समझकर फैसला लें। साझेदारी या जॉइंट इन्वेस्टमेंट के लिए भी समय अनुकूल हो सकता है। हालांकि, गैर-जरूरी खर्चों से बचना जरूरी है। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आपको पैसों के मामले में सावधानी बरतनी होगी। बिना योजना के खर्च करने से आर्थिक परेशानी बढ़ सकती है। किसी भी निवेश से पहले उसके सभी पहलुओं को अच्छी तरह समझ लें। जोखिम वाले सौदों से दूर रहना बेहतर होगा। अगर आप पर कोई कर्ज है तो उसे चुकाने की योजना बना सकते हैं। बड़े आर्थिक फैसले जल्दबाजी में न लें।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आपकी मेहनत और योजनाएं आगे बढ़ेंगी। पुराने अनुभव से जुड़े क्षेत्रों में निवेश का अवसर मिल सकता है। लोग आपकी सलाह और राय को महत्व देंगे, जिससे सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी। हालांकि, खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है। बड़े आर्थिक फैसले लेने के लिए दिन अच्छा रह सकता है।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं। अचानक खर्च या नुकसान की स्थिति बन सकती है, इसलिए बचत पर ध्यान दें। किसी नए निवेश में पैसा लगाने से पहले अच्छी तरह सोचें। पुरानी आर्थिक समस्या आपको परेशान कर सकती है, लेकिन धैर्य बनाए रखें। जल्दबाजी से बचें और अपने वित्तीय लक्ष्य पर ध्यान दें।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है। जल्दबाजी में लिया गया फैसला नुकसान पहुंचा सकता है। अपने कमाई के साधनों की समीक्षा करें और गैर-जरूरी खर्चों को कम करें। किसी आर्थिक सौदे में आगे बढ़ने से पहले सभी जानकारी जांच लें। धैर्य से काम लेने और परिस्थिति को समझने से आप नुकसान से बच सकते हैं।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में दिन अच्छा रहने वाला है। आपके पुराने निवेश या मेहनत का फायदा मिल सकता है। नए आर्थिक अवसर भी सामने आ सकते हैं। कारोबार या किसी प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। पैसों का सही इस्तेमाल करें और अपनी जरूरतों व खर्चों के बीच संतुलन बनाए रखें।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है। कमाई बढ़ाने के नए अवसर मिल सकते हैं। निवेश करने की योजना है तो विशेषज्ञ की सलाह लेकर आगे बढ़ें। पैसों से जुड़े लेन-देन में सावधानी रखें और बजट का ध्यान रखें। सही योजना के साथ आगे बढ़ने पर भविष्य में इसका फायदा मिल सकता है।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है। अचानक खर्च या नुकसान हो सकता है। नए निवेश या प्रोजेक्ट में पैसा लगाने से पहले दोबारा विचार करें। किसी भरोसेमंद व्यक्ति से सलाह लेना आपके लिए उपयोगी रहेगा। बजट पर नियंत्रण और अनुशासन बनाए रखना जरूरी है।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में कुछ परेशानियां आ सकती हैं। अचानक होने वाला खर्च आपकी आर्थिक स्थिति पर असर डाल सकता है। इसलिए बिना सोचे निवेश करने से बचें और पैसे बचाने पर ध्यान दें। कारोबार करने वालों को ग्राहकों और लेन-देन के मामले में अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिए। अपने वित्तीय प्लान की समीक्षा करके ही आगे बढ़ें।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

EPF Retirement Investment: रिटायरमेंट के बाद नियमित कमाई के लिए EPF का पैसा कहां लगाएं? एक्सपर्ट्स से जानिए

EPF Retirement Investment: कई सैलरीड कर्मचारी रिटायरमेंट के समय Employees’ Provident Fund (EPF) में काफी अच्छा खासा पासा जमा कर लेते हैं। लेकिन जैसे ही सैलरी बंद होती है, असली चुनौती शुरू होती है। सवाल यह होता है कि इस पैसे को लंबे समय तक कैसे चलाया जाए। क्या पूरा पैसा EPF में ही रखा जाए या महंगाई से बचने के लिए कुछ हिस्सा बाजार से जुड़े निवेश में लगाया जाए? कितना जोखिम लेना सही होगा? और एकमुश्त रकम से नियमित आय कैसे बनाई जाए?

अगर आपके पास EPF में बड़ा कॉर्पस है, तो रिटायरमेंट के बाद लक्ष्य सिर्फ पैसे को सुरक्षित रखना नहीं होता। जरूरी यह भी है कि यह पैसा आने वाले वर्षों में आपके खर्चों को पूरा करने के लिए काम करता रहे।

रिटायरमेंट के बाद EPF पर ब्याज कैसे मिलता है

रिटायरमेंट के बाद EPF पर मिलने वाले ब्याज को लेकर अक्सर उलझन रहती है। Kustodian Life के फाउंडर कुणाल काबरा बताते हैं कि EPF नियमों के मुताबिक- 58 साल को आधिकारिक रिटायरमेंट उम्र माना जाता है। रिटायरमेंट के बाद EPF में योगदान बंद हो जाता है, लेकिन बैलेंस पर कुछ समय तक ब्याज मिलता रहता है।

नियम दो तरह से लागू होते हैं। अगर कोई व्यक्ति 58 साल की उम्र में रिटायर होता है, तो उसके EPF बैलेंस पर तीन साल तक यानी 61 साल की उम्र तक ब्याज मिलता है। लेकिन अगर कोई 58 साल से पहले रिटायर होता है, तो उसे ब्याज सिर्फ 58 साल की उम्र तक ही मिलेगा। इसका मतलब है कि 58 साल एक तरह से कट-ऑफ उम्र है। तीन साल तक ब्याज मिलने का फायदा तभी मिलता है, जब रिटायरमेंट आधिकारिक उम्र यानी 58 साल पर हो।

इसे उदाहरण से समझिए

अब मान लीजिए कि अगर कोई 57 साल में रिटायर होता है, तो उसे ब्याज 60 साल तक मिलेगा। अगर कोई 55 साल में रिटायर होता है, तो ब्याज 58 साल तक मिलेगा। यहां तक कि अगर कोई 45 साल में रिटायर होता है, तब भी ब्याज केवल 58 साल तक ही मिलेगा।

आमतौर पर EPF पर मिलने वाली ब्याज दर करीब 8 प्रतिशत के आसपास रहती है, लेकिन यह ब्याज इन्हीं तय सीमाओं के भीतर मिलता है। यहां तक कि अगर कोई व्यक्ति 58 के बाद भी काम करता रहे, तब भी नए EPF योगदान आम तौर पर बंद हो जाते हैं। ब्याज 61 साल की उम्र तक ही सीमित रहता है। इसी वजह से एक्सपर्ट मानते हैं कि रिटायरमेंट के बाद केवल EPF पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होता।

फिक्स्ड इनकम का इंतजाम जरूरी

रिटायरमेंट के बाद सुरक्षित निवेश वाले हिस्से में भी केवल एक साधन पर निर्भर रहना सही नहीं माना जाता। Master Capital Services में वेल्थ मैनेजमेंट की AVP आकांक्षा शुक्ला कहती हैं कि EPF मुख्य रूप से बचत जमा करने का साधन है, न कि रिटायरमेंट में नियमित आय देने वाला साधन।

इसलिए रिटायरमेंट के बाद बचत को इस तरह व्यवस्थित करना जरूरी होता है कि उससे नियमित आय मिलती रहे। उदाहरण के तौर पर Senior Citizens’ Savings Scheme (SCSS) अपेक्षाकृत ज्यादा और स्थिर आय दे सकती है। वहीं बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट भी अपनी सादगी और तय रिटर्न की वजह से कई लोगों की पसंद बने रहते हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो मासिक आय चाहते हैं।

इसके अलावा डेट म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो में लचीलापन और लिक्विडिटी जोड़ सकते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इनके जरिए जरूरत के मुताबिक समय-समय पर पैसे निकालना आसान हो सकता है।

रिटायरमेंट में भी इक्विटी की भूमिका

कई रिटायर्ड लोगों को लगता है कि इक्विटी से पूरी तरह दूर रहना सुरक्षित रहेगा। लेकिन ऐसा करने से एक और जोखिम पैदा हो सकता है। समय के साथ महंगाई आपकी खरीद क्षमता को कम कर सकती है।

आकांक्षा शुक्ला के मुताबिक, बढ़ती औसत उम्र और महंगाई को देखते हुए रिटायरमेंट पोर्टफोलियो में इक्विटी की भूमिका अब धीरे धीरे जरूरी होती जा रही है।

आमतौर पर 15 से 20 प्रतिशत तक इक्विटी निवेश, खासकर लार्ज-कैप, इंडेक्स या हाइब्रिड फंड के जरिए, पोर्टफोलियो को लंबे समय में बढ़ने में मदद कर सकता है। यहां मकसद बहुत ज्यादा रिटर्न कमाना नहीं होता, बल्कि यह सुनिश्चित करना होता है कि आपका कॉर्पस समय के साथ खत्म न हो।

सही एसेट एलोकेशन क्यों जरूरी है

रिटायरमेंट के बाद पोर्टफोलियो का संतुलन बहुत महत्वपूर्ण होता है। इससे एक तरफ नियमित आय मिलती रहती है और दूसरी तरफ महंगाई से भी बचाव होता है।

आकांक्षा शुक्ला के अनुसार अगर किसी के पास करीब 3 करोड़ रुपये का कॉर्पस है, तो निवेश को चार हिस्सों में बांटना एक सामान्य रणनीति हो सकती है। इसमें EPF और अन्य फिक्स्ड इनकम साधन, डेट निवेश, इक्विटी और एक छोटा इमरजेंसी फंड शामिल हो सकता है। असल में यह डिस्ट्रीब्यूशन कुछ इस तरह हो सकता है:

  • 40 से 50 प्रतिशत फिक्स्ड इनकम
  • 30 से 35 प्रतिशत डेट निवेश
  • 15 से 20 प्रतिशत इक्विटी
  • और एक छोटा इमरजेंसी फंड

एकमुश्त रकम से नियमित आय कैसे बनाएं

रिटायरमेंट के समय मिलने वाली बड़ी रकम को सही तरीके से निवेश करना जरूरी होता है। Arihant Capital Markets की CEO Wealth स्वाति जैन के अनुसार, पूरी रकम एक साथ निवेश करने की बजाय Systematic Transfer Plan (STP) का इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसमें पैसा पहले कम जोखिम वाले डेट या लिक्विड फंड में रखा जाता है और फिर 6 से 12 महीनों के दौरान धीरे धीरे इक्विटी या हाइब्रिड फंड में ट्रांसफर किया जाता है। इससे बाजार के उतार चढ़ाव का जोखिम कम हो जाता है।

नियमित आय के लिए Systematic Withdrawal Plan (SWP) भी बेहतर तरीका हो सकता है। इसमें निवेश से तय अंतराल पर एक निश्चित रकम निकाली जाती है, जिससे नियमित कैश फ्लो बना रहता है।

एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि एक से दो साल के खर्च के बराबर रकम सुरक्षित निवेश में रखी जाए, ताकि बाजार गिरने के समय मजबूरी में पैसे निकालने की जरूरत न पड़े। इसके बाद SWP के जरिए नियमित आय बनाई जा सकती है।

रिटायरमेंट में सुरक्षित निकासी कितनी हो

स्वाति जैन के मुताबिक, इसके लिए बकेट रणनीति अपनाना इस्तेमाल हो सकता है। इसमें छोटे समय की जरूरतों के लिए डेट निवेश से SWP किया जाता है और लंबी अवधि की ग्रोथ के लिए इक्विटी में निवेश रखा जाता है।

एक्सपर्ट्स आम तौर पर 4 से 5 प्रतिशत सालाना निकासी को सुरक्षित मानते हैं। यानी अगर किसी के पास 3 करोड़ रुपये का कॉर्पस है, तो वह सालाना लगभग 12 से 15 लाख रुपये निकाल सकता है। यह दर आम तौर पर 20 से 25 साल तक टिकाऊ मानी जाती है, बशर्ते पोर्टफोलियो संतुलित बना रहे। अगर शुरुआती वर्षों में इससे ज्यादा पैसा निकाला जाए, तो भविष्य में कॉर्पस जल्दी खत्म होने का खतरा बढ़ सकता है।

PPF Maturity Rules: 15 साल पूरे होने पर भी मत निकालें पीपीएफ का पैसा! अपनाए ये आसान ट्रिक

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

2.5 साल में ₹6.5 करोड़ की बचत: कंसल्टेंट की वायरल स्टोरी पर सोशल मीडिया में मचा बवाल

Viral Story: इस कंसल्टेंट ने दावा किया कि पिछले ढाई वर्षों में उन्होंने करीब ₹6.5 करोड़ की बचत की है। इस शानदार बचत को जोड़कर उनकी कुल संपत्ति अब लगभग ₹7.5 करोड़ हो गई है।

Samsung Galaxy S24 Ultra की कीमत हुई कम! Exchange और Cashback से ₹25,849 की बचत

Samsung Galaxy S24 Ultra को खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो Amazon पर इस फोन पर फिलहाल अच्छी डील मिल रही है। फोन की कीमत अभी ₹99,999 है, जबकि इसकी लिस्टेड MRP ₹1,34,999 है। खास बात यह है कि एक्सचेंज ऑफर और कैशबैक का फायदा उठाकर इसकी प्रभावी कीमत ₹74,150 तक आ सकती है।

Amazon की लिस्टिंग में एक एलिजिबल पुराने स्मार्टफोन के लिए ₹20,850 तक की एक्सचेंज वैल्यू दिखाई गई है। एक्सचेंज स्क्रीन पर अभी 128GB स्टोरेज और बिना किसी डैमेज वाले Apple iPhone 13 को चुनने पर ₹20,850 तक की एक्सचेंज वैल्यू दिख रही है। हालांकि, असल वैल्यू फोन के मॉडल, स्टोरेज क्षमता और कंडीशन के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।

डील का हिसाब देखें तो ₹99,999 की कीमत में से अधिकतम ₹20,850 का एक्सचेंज बेनिफिट घटाने पर फोन की प्रभावी कीमत ₹79,149 रह जाती है। इसके बाद अगर आपको उपलब्ध ऑफर के तहत ₹4,999 तक का कैशबैक मिलता है, तो इसकी प्रभावी कीमत घटकर ₹74,150 हो सकती है।

एक्सचेंज ऑफर का इस्तेमाल कैसे करें

Amazon के एक्सचेंज प्रोसेस में खरीदार को अपने पुराने फोन का ब्रांड, मॉडल, स्टोरेज क्षमता और उसकी हालत बतानी होती है। दिखाए गए उदाहरण में, चुना गया डिवाइस Apple iPhone 13 है जिसमें 128GB स्टोरेज है और यह “बिना किसी डैमेज” वाली कैटेगरी में है।

Amazon का कहना है कि अगर पुराना फोन चालू हालत में नहीं है, उसकी RAM, स्टोरेज या IMEI की जानकारी मेल नहीं खाती है, एक्सचेंज ऐप से वेरिफिकेशन फेल हो जाता है, या स्क्रीन लॉक या iCloud लॉक नहीं हटाया गया है, तो पिकअप के समय फोन को रिजेक्ट किया जा सकता है।

अगर फोन की हालत बताई गई जानकारी से मेल नहीं खाती है, तो भी Amazon के अनुसार खरीदार डिलीवरी एजेंट को अंतर की रकम देकर कुछ डिस्काउंट पा सकता है। वहीं, अगर पिकअप के समय पुराना फोन वेरिफिकेशन में फोल हो जाता है, तो भी एक्सचेंज की रकम चुकाकर एक्सचेंज डिस्काउंट का फायदा उठाया जा सकता है।

Galaxy S24 Ultra के स्पेसिफिकेशन्स

Amazon पर लिस्टेड Samsung Galaxy S24 Ultra में 6.8 इंच का डिस्प्ले दिया गया और यह Snapdragon 8 Gen 3 प्रोसेसर पर चलता है। इस मॉडल में 12GB RAM और 256GB स्टोरेज दी गई है।

कैमरे की बात करें तो Galaxy S24 Ultra में 200MP का मेन कैमरा मिलता है। फोन में 5,000mAh की बैटरी दी गई है। इसके अलावा, यह स्मार्टफोन Galaxy AI फीचर्स को भी सपोर्ट करता है और इसके साथ 1 साल की वारंटी मिलती है।

Amazon पर फोन के साथ 10 दिन की सर्विस सेंटर रिप्लेसमेंट, फ्री डिलीवरी और पे-ऑन-डिलीवरी जैसे फायदे भी दिए गए हैं।

बता दें कि ₹99,999 की कीमत वाले Galaxy S24 Ultra पर पहले से ही डिस्काउंट मिल रहा है, और एक्सचेंज व कैशबैक ऑफर के साथ इसकी असल कीमत ₹74,150 तक कम हो सकती है। हालांकि, ₹74,150 की कीमत पूरी ₹20,850 की एक्सचेंज वैल्यू और ज्यादा से ज्यादा ₹4,999 का कैशबैक मिलने पर ही लागू होगी, इसलिए खरीदारों को चेकआउट के समय फाइनल ऑफर जरूर देख लेना चाहिए।

यह भी पढ़ें: Flipkart दे रहा iPhone 17 पर बंपर डील! ₹35 हजार से ज्यादा का मिलेगा फायदा, जानें कीमत और ऑफर्स

Business idea: 1 करोड़ की नौकरी छोड़ भारत लौटा इंजीनियर! सिर्फ ₹90,000 से शुरू किया बिजनेस, 6 साल में हासिल किया बड़ा मुकाम

Business idea: अमेरिका में करोड़ों की सैलरी वाली नौकरी छोड़कर भारत लौटने वाले भारतीयों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बेहतर पारिवारिक जीवन, भारत में बढ़ते स्टार्टअप अवसर और कुछ नया करने की चाह लोगों को वापस देश आने के लिए प्रेरित कर रही है। इसी कड़ी में चेन्नई के युवा उद्यमी विवेक तिरुवेंगडम (Vivek Thiruvengadam) की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।

Qubit Fitness के संस्थापक और CEO विवेक तिरुवेंगदम ने बताया कि उन्होंने अमेरिका में करीब 1 करोड़ रुपये सालाना की नौकरी छोड़ दी और परिवार के साथ चेन्नई लौट आए। उस समय उनके पास सिर्फ 90 हजार रुपये की बचत थी। लेकिन उन्होंने इसी रकम से अपना बिजनेस शुरू करने का फैसला किया।

विवेक ने इंस्टाग्राम पर अपनी छह साल की यात्रा साझा करते हुए लिखा कि यह फैसला अचानक नहीं था। उनका मकसद सिर्फ ज्यादा पैसा कमाना नहीं। बल्कि परिवार के करीब रहना और ऐसा काम करना था, जिसका समाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़े।

उन्होंने बताया कि अमेरिका में 14 साल बिताने के बाद उन्होंने और उनकी पत्नी ने अपनी 11 महीने की बेटी के साथ भारत लौटने का निर्णय लिया। उनका मानना था कि परिवार के साथ रहकर कुछ नया और सार्थक बनाना किसी बड़ी नौकरी से ज्यादा महत्वपूर्ण है।

Qubit Fitness की कैसे हुई शुरुआत?

जनवरी 2021 में विवेक ने बिना किसी ऑफिस, निवेशक या टीम के Qubit Fitness की शुरुआत की। उनके पास सिर्फ एक लैपटॉप, अपना समय और 90 हजार रुपये की बचत थी। शुरुआती दौर आसान नहीं था। पहले साल कंपनी का कारोबार करीब 20 लाख रुपये तक ही पहुंच पाया, जो अमेरिका में उनकी सालाना आय की तुलना में काफी कम था।

हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे। समय के साथ कंपनी का विस्तार हुआ। नए ग्राहक जुड़े, कामकाज बेहतर हुआ और कारोबार बढ़ता गया। भारत लौटने के छह साल बाद विवेक ने वह वित्तीय लक्ष्य हासिल कर लिया, जिसके लिए उन्होंने यह बड़ा फैसला लिया था।

अपने अनुभव शेयर करते हुए विवेक ने कहा कि उद्यमिता ने उन्हें सिखाया कि लगातार मेहनत, प्रतिभा से भी ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। धैर्य का फल देर से मिलता है। लेकिन मिलता जरूर है। उन्होंने यह भी कहा कि उद्देश्य के साथ काम करके कमाया गया पैसा अलग तरह की संतुष्टि देता है।

सफलता का श्रेय परिवार को दिया

विवेक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, ग्राहकों और शुरुआती दिनों में उनका साथ देने वाले लोगों को दिया। उन्होंने कहा कि इन्हीं लोगों के भरोसे और सहयोग की वजह से वह अपने सपने को हकीकत में बदल पाए। सोशल मीडिया पर उनकी कहानी को लोगों ने खूब सराहा। एक यूजर ने लिखा कि आपकी सफलता के पीछे आपकी अच्छाई और सोच सबसे बड़ी ताकत है।

ये भी पढ़ें- Bullet Train Update: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन को लेकर बड़ा अपडेट, 30 मीटर नीचे बन रहा BKC स्टेशन, सूरत स्टेशन ने लिया भव्य आकार

वहीं, दूसरे यूजर ने कहा कि आपका ब्रांड और सोच लोगों के लिए प्रेरणा है। परिवार के साथ रहकर आगे बढ़ने का आपका फैसला शानदार है। कई अन्य लोगों ने भी विवेक की यात्रा को प्रेरणादायक बताते हुए उन्हें बधाई दी। विवेक का कहना है कि कभी-कभी विश्वास ही आपका इकलौता बिजनेस प्लान होता है। इस यात्रा ने उन्हें सिखाया कि प्रतिभा से ज्यादा निरंतरता मायने रखती है। उद्देश्यपूर्ण काम से मिलने वाली संतुष्टि अलग ही होती है।

View this post on Instagram