पटना के महावीर मंदिर की अनूठी पहल, प्रसाद और दान की कमाई से चल रहे अस्पताल, बच्चों के लिए बन रहा बाल कैंसर हॉस्पिटल

बिहार की राजधानी पटना स्थित महावीर मंदिर सिर्फ एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल नहीं है। पटना जंक्शन से लगा यह मंदिर आस्था के साथ-साथ सेवा और जनकल्याण की भी एक बड़ी मिसाल है। यहां बजरंगबली के दर्शन करने के लिए हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि मंदिर में चढ़ने वाले नैवेद्यम प्रसाद और अन्य माध्यमों से होने वाली कमाई का इस्तेमाल मरीजों के इलाज, शिक्षा और जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने जैसे कार्यों में भी किया जाता है। महावीर मंदिर न्यास समिति के अंतर्गत कई अस्पताल, चिकित्सा संस्थान, प्रशिक्षण केंद्र और भोजनालय संचालित होते हैं।

प्रसाद की कमाई से होता है मरीजों का इलाज

महावीर मंदिर की आय का एक महत्वपूर्ण हिस्सा नैवेद्यम प्रसाद की बिक्री से होने वाली बचत से आता है। इसके अलावा श्रद्धालुओं के चढ़ावे, कर्मकांड शुल्क, स्वैच्छिक दान, विक्रय केंद्रों की बचत और बैंक से मिलने वाले ब्याज से भी मंदिर को आय होती है। इन्हीं संसाधनों के जरिए महावीर मंदिर न्यास समिति स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण संस्थानों का संचालन करती है। इन संस्थानों में महावीर कैंसर संस्थान, महावीर आरोग्य संस्थान, महावीर वात्सल्य अस्पताल, महावीर नेत्रालय, महावीर हार्ट हॉस्पिटल, महावीर वरिष्ठ नागरिक अस्पताल और विशालनाथ अस्पताल शामिल हैं।

इसके अलावा भीखमदास ठाकुरबाड़ी स्थित महावीर नेत्रालय की शाखा भी संचालित की जाती है। इन संस्थानों के माध्यम से कैंसर, हृदय रोग, आंखों की बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इस अस्पतालों में बेहद कम दरों पर आधुनिक सुविधाएं दी जाती है।

बन रहा है बाल कैंसर संस्थान

महावीर मंदिर न्यास समिति का स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा विस्तार लगातार आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में महावीर किशोर कुणाल बाल कैंसर संस्थान का निर्माण कार्य भी जारी है। 100 बेड का एक नया अस्पताल बनाया जा रहा है। यह पूरी तरह कैंसर पीड़ित बच्चों के इलाज को समर्पित होगा। इसका निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और 2027 तक इसके तैयार होने की उम्मीद है। इस अस्पताल में 18 साल तक के बच्चों को निशुल्क इलाज की सुविधा दी जाएगी। यहां जांच और उपचार के लिए सभी आधुनिक उपकरण और तकनीकें होंगी।

इलाज के साथ मेडिकल शिक्षा पर भी जोर

महावीर मंदिर की गतिविधियां केवल अस्पतालों के संचालन तक सीमित नहीं हैं। महावीर पैरा मेडिकल ट्रेनिंग और महावीर एएनएम नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से चिकित्सा एवं नर्सिंग से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है। वहीं, पाणिनि वेद विद्यालय के जरिए पारंपरिक वैदिक शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जाता है।

गयाजी से अयोध्या तक जरूरतमंदों के लिए भोजन की व्यवस्था

धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं और जरूरतमंद लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए भी महावीर मंदिर न्यास समिति की ओर से पहल की गई है। इसके तहत गयाजी में विष्णु रसोई, सीतामढ़ी में सीता रसोई और अयोध्या में राम रसोई का संचालन किया जाता है। इन रसोइयों में लोगों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाता है। धार्मिक यात्राओं पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ऐसी व्यवस्था काफी उपयोगी साबित होती है।

पूर्वी चम्पारण में में आकार ले रहा विराट रामायण मंदिर

महावीर मंदिर न्यास समिति की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में पूर्वी चंपारण जिले के चकिया क्षेत्र में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर भी शामिल है। विराट रामायण मंदिर का निर्माण संसार के सबसे बड़े मंदिर के रूप में हो रहा है।

इस भव्य मंदिर परिसर में 33 फीट ऊंचा और लगभग 210 मीट्रिक टन वजनी शिवलिंग स्थापित किया गया है। मंदिर की प्रस्तावित लंबाई 1080 फीट और चौड़ाई 540 फीट है। इसकी संरचना में कुल 18 शिखर और 22 मंदिर शामिल होंगे। मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट रखी गई है, जबकि अन्य शिखरों की ऊंचाई 180, 135, 108 और 90 फीट प्रस्तावित है। महावीर मंदिर न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल के अनुसार, निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।

रोजाना करीब 10 लाख रुपये की आय

महावीर मंदिर की आर्थिक गतिविधियों का अंदाजा मई 2023 में महावीर मंदिर न्यास समिति की ओर से जारी आंकड़ों से लगाया जा सकता है। इन आंकड़ों के अनुसार, मंदिर की प्रतिदिन की आय करीब 10 लाख रुपये थी। इस आय में भेंटपात्रों में मिलने वाली चढ़ावे की राशि, कर्मकांड शुल्क, नैवेद्यम प्रसाद से होने वाली बचत, श्रद्धालुओं की ओर से स्वेच्छा से दिए जाने वाले दान, विक्रय केंद्रों की बचत और बैंक ब्याज शामिल थे। इसमें अस्पतालों और अन्य संस्थानों की आय-व्यय राशि शामिल नहीं थी।

पटना से सच्चिदानंद की रिपोर्ट

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जेवर एयरपोर्ट से इन 9 नए रूट पर इंडिगो ने फ्लाइट का किया ऐलान, Noida International airport से अब टोटल 15 रूट पर हवाई सेवा

Noida Airport News: राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) से हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद शानदार खबर है। देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइंस कंपनी इंडिगो (IndiGo) ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अपने नेटवर्क का बड़ा विस्तार करते हुए 9 नए शहरों के लिए उड़ानों की घोषणा की है। इस नए विस्तार के बाद नोएडा एयरपोर्ट से सीधे तौर पर जुड़ने वाले शहरों की कुल संख्या अब 15 हो जाएगी। एयरलाइन ने बुधवार 1 जुलाई को इन नई सेवाओं की शुरुआत की। इनमें जयपुर, जोधपुर, धर्मशाला, भोपाल, देहरादून, बरेली, किशनगढ़ (अजमेर), पंतनगर और जम्मू शामिल हैं।

एयरलाइन ने 15 जून से नोएडा एयरपोर्ट पर बिजनेस ऑपरेशन शुरू किया था। उद्घाटन उड़ान लखनऊ से नोएडा के बीच संचालित हुई थी। इसके बाद से एयरलाइन बेंगलुरु, हैदराबाद और अहमदाबाद के लिए प्रतिदिन उड़ानें चला रही है। इंडिगो का यह विस्तार केवल उड़ानों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है। बल्कि इससे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर भारत के एक प्रमुख एविएशन हब के रूप में तेजी से विकसित होगा। यात्रियों, कारोबार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था सभी को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

नेटवर्क और मजबूत होगा

1 जुलाई से शुरू हुई नई सेवाओं के बाद नोएडा एयरपोर्ट से इंडिगो द्वारा जुड़े शहरों की संख्या बढ़कर 15 हो जाएगी। इसी दिन से बेंगलुरु और नवी मुंबई के लिए भी नोएडा से उड़ान सेवाएं शुरू होंगी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिगो जहां अधिकांश शहरों के लिए डेली फ्लाइट का संचालन करेगी। वहीं, बरेली के लिए सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को उड़ानें संचालित की जाएंगी। इसके अलावा किशनगढ़ (अजमेर) के लिए मंगलवार, गुरुवार और रविवार को फ्लाइट उपलब्ध रहेगी।

इन नए शहरों के लिए शुरू होंगी उड़ानें

इंडिगो द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, नए जोड़े गए रूटों में देश के कई प्रमुख और पर्यटन शहर शामिल हैं:-

जयपुर, जोधपुर और देहरादून

धर्मशाला, बरेली और किशनगढ़ (अजमेर)

देहरादून, पंतनगर और चंडीगढ़

अधिकांश शहरों के लिए डेली फ्लाइट

इंडिगो अधिकांश नए शहरों के लिए रोजाना उड़ानें संचालित करेगी। हालांकि, बरेली के लिए उड़ानें सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार को चलेंगी। जबकि किशनगढ़ (अजमेर) के लिए उड़ानें मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार को उपलब्ध होंगी।

10 जुलाई से श्रीनगर के लिए डायरेक्ट फ्लाइट

इंडिगो 10 जुलाई से नोएडा-श्रीनगर के बीच सीधी उड़ान सेवा भी शुरू करेगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि फिलहाल नवी मुंबई और श्रीनगर के लिए उड़ानें चंडीगढ़ के रास्ते संचालित की जा रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की भी तैयारी

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस वर्ष के अंत तक कस्टम और इमिग्रेशन सुविधाएं तैयार कर लेगा। इसके बाद एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शुरू किए जाने की उम्मीद है।

नई किराया कैटेगरी ‘IndiGo Lite Fare’

इसी बीच इंडिगो ने यात्रियों के लिए ‘IndiGo Lite Fare’ नाम से नई एंट्री-लेवल इकोनॉमी किराया श्रेणी शुरू की है। इसमें केवल केबिन बैगेज शामिल होगा और सीट चयन पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस किराए में फ्री चेक-इन बैगेज शामिल नहीं है। जिन यात्रियों को चेक-इन बैगेज की जरूरत होगी, उन्हें इसके लिए अलग से शुल्क देना होगा।

अकासा एयर के बाद इंडिगो की बड़ी तैयारी

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जून को अकासा एयर (Akasa Air) ने अपनी कमर्शियल उड़ानें शुरू की थीं, जो वर्तमान में मुंबई और बेंगलुरु के लिए सेवाएं दे रही हैं। इसी कड़ी में अब इंडिगो ने भी लखनऊ से नोएडा के बीच अपनी उद्घाटन उड़ान के साथ परिचालन का विस्तार कर दिया है। इसके अलावा कंपनी बेंगलुरु, हैदराबाद, जम्मू और अमृतसर के लिए भी दैनिक उड़ानें चला रही है।

नवी मुंबई और श्रीनगर के लिए डायरेक्ट फ्लाइट

एनआईए (NIA) के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि 10 जुलाई से नवी मुंबई के लिए सीधी उड़ानें शुरू होने जा रही हैं। इसके साथ ही श्रीनगर के लिए भी सीधी हवाई सेवा जल्द शुरू की जाएगी। वर्तमान में एयरलाइन के पास नोएडा-जयपुर-मुंबई रूट का लेओवर (Layover) विकल्प है। जबकि नोएडा से नवी मुंबई और नोएडा से श्रीनगर की उड़ानें चंडीगढ़ होकर रूट की जाएंगी।

इंडिगो के नोएडा एयरपोर्ट से 9 नए रूट शुरू होने के प्रमुख फायदे

यात्रियों को अधिक विकल्प: नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को अब कई शहरों के लिए सीधे या बेहतर कनेक्टिविटी वाली उड़ानें मिलेंगी। इससे दिल्ली एयरपोर्ट पर निर्भरता कम होगी।

समय की बचत: नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और एनसीआर के आसपास के लोगों को दिल्ली एयरपोर्ट तक जाने की जरूरत कम पड़ेगी, जिससे यात्रा का समय और खर्च दोनों घटेंगे।

पर्यटन को बढ़ावा: जयपुर, धर्मशाला, देहरादून, जम्मू और श्रीनगर जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन उद्योग को लाभ मिलेगा।

व्यापार और निवेश को बढ़ावा: नए हवाई संपर्क से व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी और निवेशकों के लिए नोएडा तथा आसपास का क्षेत्र अधिक आकर्षक बनेगा।

रोजगार के अवसर: उड़ानों की संख्या बढ़ने से एयरपोर्ट, एयरलाइन, होटल, टैक्सी और अन्य सेवा क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

क्षेत्रीय विकास: बरेली, पंतनगर और किशनगढ़ जैसे शहरों की हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होने से उनका आर्थिक और औद्योगिक विकास तेज होगा।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की तैयारी: कस्टम और इमिग्रेशन सुविधाएं शुरू होने के बाद नोएडा एयरपोर्ट से सीधे अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने का रास्ता साफ होगा, जिससे विदेश यात्रा भी अधिक सुविधाजनक हो जाएगी।

सस्ती यात्रा का विकल्प: इंडिगो की नई IndiGo Lite Fare योजना के तहत केवल केबिन बैगेज के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों को कम किराए में टिकट मिलने की संभावना रहेगी।

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