यूपी का शख्स मुंबई में नाई का काम करके हर महीने कमाता है करीब 1 लाख रुपये, हफ्ते में 6 दिन करता है मेहनत

भारत में सरकारी नौकरी को अक्सर सुरक्षित भविष्य और अच्छी जिंदगी की गारंटी माना जाता है। लेकिन मुंबई में काम करने वाले उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ निवासी एक नाई की कहानी इस सोच से अलग नजर आती है। दावा है कि वह महीने में करीब 1 लाख रुपये कमाता है। दिलचस्प बात यह है कि इतनी कमाई के बावजूद वह एंट्री-लेवल सरकारी नौकरी मिलने पर भी अपना मौजूदा काम छोड़ना नहीं चाहता।

लेखक और फंड मैनेजर हर्ष गुप्ता मधुसूदन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस नाई के साथ हुई बातचीत साझा की। उनकी पोस्ट के मुताबिक, नाई हफ्ते में छह दिन सुबह से रात तक काम करता है। यात्रा के बुनियादी खर्च निकालने के बाद उसकी मासिक कमाई करीब एक लाख रुपये बताई गई है।

मेहनत और आजादी को मानता है अपनी सबसे बड़ी पूंजी

हर्ष के मुताबिक, बातचीत के दौरान नाई ने कहा कि काम करने और मेहनत करने वालों के लिए अवसरों की कमी नहीं है। वह अपने काम को पसंद करता है और इसमें मिलने वाली आजादी उसके लिए अहम है। यही वजह है कि वह सरकारी नौकरी के बजाय अपना मौजूदा काम जारी रखना चाहता है।

उसकी कहानी ने रोजगार को लेकर एक दिलचस्प सवाल खड़ा किया है क्या अच्छी कमाई और संतुष्टि के लिए सरकारी नौकरी ही एकमात्र रास्ता है? हालांकि, एक व्यक्ति का अनुभव पूरे रोजगार बाजार की तस्वीर नहीं बताता।

आजमगढ़ से लखनऊ तक का सफर हुआ आसान, विकास से खुश है परिवार

बातचीत में उत्तर प्रदेश के विकास का जिक्र भी आया। हर्ष के अनुसार, नाई ने बताया कि पहले उसके गांव से लखनऊ पहुंचने में 7-8 घंटे लगते थे। अब बेहतर सड़कों के कारण उतने ही समय में आना-जाना संभव हो गया है, वह भी रास्ते में चाय और खाने के लिए रुकने के बाद।

नाई ने देश में हुए विकास कार्यों पर खुशी जताई। उसने बताया कि गांव में उसके परिवार को कुछ सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है, हालांकि शहर में ऐसा लाभ नहीं मिला।

टैक्स भरने पर गर्व, बेटे की पढ़ाई पर भी ध्यान

इस कहानी का एक और पहलू उसकी पारिवारिक जिंदगी है। हर्ष के मुताबिक, नाई की कमाई से टैक्स कटता है और वह गर्व के साथ इनकम टैक्स रिटर्न भी दाखिल करता है। कई बार उसे रिफंड भी मिलता है।

उसका एक छोटा बेटा है, जिसे वह निजी प्री-स्कूल में पढ़ाता है। उसकी पत्नी भी कमाई में योगदान देती थी, लेकिन फिलहाल बच्चे की देखभाल के लिए काम से ब्रेक पर है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, क्या हर किसी के लिए ऐसे अवसर हैं?

पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स ने नाई की मेहनत और आत्मनिर्भरता की तारीफ की। वहीं, कुछ ने सवाल उठाया कि क्या एक नाई के लिए हर महीने एक लाख रुपये कमाना आम बात है। कुछ लोगों ने इस कमाई के दावे की तुलना दूसरे शहरों में नाइयों की आमदनी से भी की।

दूसरी ओर, कुछ यूजर्स ने कहा कि एक व्यक्ति की सफलता को देश में रोजगार की पूरी स्थिति का प्रमाण नहीं माना जा सकता। उन्होंने शिक्षित युवाओं के रोजगार, शिक्षा की गुणवत्ता और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे भी उठाए।

हर्ष ने अपनी पोस्ट के अंत में व्यंग्य करते हुए लिखा कि उनका मन नाई से कहने का हुआ कि वह भारत और अपनी जिंदगी को लेकर इतनी सकारात्मक सोच छोड़कर सोशल मीडिया पर देश की नाकामियों के बारे में पढ़े, लेकिन वह ऐसा कह नहीं सके।

इस कहानी का असली पहलू यही है कि जहां कुछ लोग सरकारी नौकरी को सफलता मानते हैं, वहीं कुछ के लिए अपने काम में कमाई, संतुष्टि और आजादी ज्यादा मायने रखती है।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

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सीजेपी के डर से दिल्ली बंद!

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के डर से केंद्र सरकार ने पूरी दिल्ली बंद कर दिया है और राजधानी के साथ साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को भी छावनी में तब्दील कर दिया है। सीजेपी ने शनिवार, 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी प्रदर्शन करेगी। लेफ्ट पार्टियों और आम आदमी पार्टी ने इस प्रदर्शन का समर्थन किया है। इस प्रदर्शन को रोकने के लिए मेट्रो, ट्रेन, सड़क, इंटरनेट, स्कूल, कॉलेज, कार्यालय, दुकानें सब बंद हैं।

पुलिस ने दो टूक अंदाज में कहा है कि सीजेपी ने प्रदर्शन की इजाजत नहीं मांगी है इसलिए उसको प्रदर्शन नहीं करने दिया जाएगा। यह भी कहा गया है कि जंतर मंतर के इलाके में बीएनएस की धारा 163 लागू है। यानी पांच से ज्यादा लोगों के एक साथ इकट्ठा होने की अनुमति नहीं है। दूसरी ओर सीजेपी का कहना है कि जंतर मंतर प्रदर्शन के लिए निर्धारित जगह है इसलिए उनको अनुमति लेने की जरुरत नहीं है। सीजेपी के सौरव दास ने कहा कि उनके संगठन ने नहीं, बल्कि सरकार ने खुद ही दिल्ली बंद करा दी है।

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और पार्टी के अन्य नेताओं ने वीडियो बना कर जंतर मंतर पहुंचने का ऐलान किया है और लोगों से वहां पहुंचने की अपील भी की है। एक दिन पहले कर्नाटक में सीजेपी ने प्रदर्शन किया था लेकिन वहां ज्यादा संख्या में लोग नहीं जुटे थे। सीजेपी के नेता दिल्ली में जुलाई के जैसे प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं, जब उनके प्रदर्शन के कारण तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ था।

बहरहाल, सरकार ने इसे रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए हैं। लेकिन साथ ही लगभग पूरी दिल्ली को बंद कर दिया है। शनिवार को दिल्ली के स्कूल, कॉलेजों में ऑनलाइन पढ़ाई होगी। बड़ी संख्या में मेट्रो स्टेशन बंद करने की घोषणा हो गई है। राजधानी दिल्ली पहुंचने वाली और दिल्ली से बाहर जाने वाली कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। कनॉट प्लेस के आसपास की दुकानों को बंद रखने का निर्देश जारी किया गया है। इतना ही कनॉट प्लेस से दूर चांदनी चौक के इलाके में भी कई मार्केट बंद रखने को कहा गया है। अगले दो दिन शराब की दुकानें बंद रहेंगी। दिल्ली पुलिस के जवान होटलों में जाकर ऐसे लोगों की तलाश कर रहे हैं, जो शनिवार के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बाहर से आए हैं। यह भी खबर है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश आदि राज्यों में कई शहरों में ट्रेनों में लोगों को उतारा जा रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए चप्पे चप्पे पर अर्धसैनिक बलों और पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है। अर्धसैनिक बलों की 221 कंपनियां दिल्ली में तैनात हैं। अलग अलग राज्यों से अर्धसैनिक बलों के करीब 23 हजार जवान दिल्ली बुलाए गए हैं। ये जवान आठ से 12 अक्टूबर तक दिल्ली में तैनात रहेंगे। उनके अलावा दिल्ली पुलिस के 15 हजार से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है। जंतर मंतर तक पहुंचने वाले हर रास्ते को शुक्रवार की रात को ही बंद कर दिया गया।

दिल्ली के सभी स्कूलों और कॉलेजों ने 10 अक्टूबर की क्लास ऑनलाइन कर दी हैं। कई स्कूलों में पीटीएम का समय बदला गया है और परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। जनपथ और कर्तव्यपथ क्रॉसिंग के चार किलोमीटर के दायरे में शुक्रवार रात 10 बजे से शनिवार रात 10 बजे तक इंटरनेट बंद रहेगा। दिल्ली पुलिस ने टेलीकॉम कम्पनियों को पत्र लिखकर नेट बंद करने के लिए कहा है। जंतर मंतर, टॉलस्टॉय मार्ग और जनपथ पर पुलिस व आरएएफ के जवानों को तैनात किया गया है।

दिल्ली पुलिस ने दिल्ली में प्रवेश के सारे रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी है। बॉर्डर सील कर दिया गया है। पानीपत से दिल्ली तक रेलवे स्टेशनों के बाहर नाके लगाए गए हैं। टिकरी, बदरपुर, कापसहेड़ा और सिंघु बॉर्डर पर वाहनों की तलाशी के बाद ही आगे जाने दिया जा रहा है। राकेश टिकैत द्वारा इस प्रदर्शन का समर्थन करने की वजह से भी सीमा पर चौकसी बढ़ाई गई है।

मोदी के नाम पर होगा जेवर एयरपोर्ट!

लखनऊ। नोएडा से सटे जेवर में बने नए हवाईअड्डे का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखा जाएगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को इसका ऐलान किया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जेवर हवाईअड्डे का नाम प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर रखने का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश की कैबिनेट की बैठक में पास कर दिया गया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि नाम बदलने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी के बाद नाम बदल जाएगा।

गौरतलब है कि अगर जेवर एयरपोर्ट का नाम मोदी के नाम पर होता है तो यह दूसरा मामला होगा, जब किसी सार्वजनिक प्रतिष्ठान का नाम मोदी के नाम पर रखा जाएगा। इससे पहले 24 फरवरी, 2021 को गुजरात के अहमदाबाद में क्रिकेट स्टेडियम का नाम बदलकर नरेंद्र मोदी स्टेडियम किया गया था।

गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया था। एयरपोर्ट के पहले चरण में 33 सौ एकड़ जमीन पर टर्मिनल और रनवे बनाए गए हैं। यहां से हर साल लगभग 1.2 करोड़ यात्री सफर करेंगे। इस पर 11 हजार करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में चार महीने के बाद चुनाव होने वाले हैं।

विंध्याचल धाम जाने वालों के लिए खुशखबरी, वाराणसी रीजन से चलेंगी 65 एक्स्ट्रा पूजा स्पेशल बसें! इस नंबर पर मिलेगी सारी जानकारी

नवरात्रि महापर्व बहुत जल्द शुरू होने वाला है। नवरात्रि में मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी के धाम पहुंचते हैं। विंध्याचल जाने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब ‘पूजा स्पेशल’ बसें चलाई जाएंगी। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने बस सेवाओं का विस्तार किया है। इसका सबसे ज्यादा फायदा वाराणसी परिक्षेत्र से विंध्याचल धाम जाने वाले यात्रियों को मिलेगा। नवरात्रि के दौरान वाराणसी के आठ डिपो से कुल 86 बसों का संचालन किया जाएगा, जिनमें 65 अतिरिक्त ‘पूजा स्पेशल’ बसें चलाई जाएंगी।

आमतौर पर वाराणसी के इस रूट पर करीब 21 बसें चलती हैं। नवरात्रि शुरू होने के साथ ही इनकी संख्या 4 गुना से अधिक हो जाएगी। वाराणसी परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक परशुराम पांडेय ने बताया की नवरात्रि में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए वाराणसी डिपो से विंध्याचल धाम के लिए बसों की संख्या को बढ़ाया गया है। अतिरिक्त बसों के संचालन से वाराणसी और आसपास के जिलों से विंध्याचल धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को सीधी परिवहन सुविधा मिलेगी। बताते चलें की इस व्यवस्था से वाराणसी, जौनपुर, चंदौली, गाजीपुर, सोनभद्र और आसपास के जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं को विंध्याचल धाम पहुंचने में आसानी होगी।

हेल्पलाइन नम्बर पर मिलेंगी जानकारी

श्रद्धालुओं की सुविधा और उन्हें बस सम्बंधित जानकारी आसानी से मिल सकें इसके लिए के लिए परिवहन निगम की ओर से हेल्पडेस्क नंबर 8726005897 भी जारी किया गया है। यात्री इस नंबर पर फोन कॉल कर बस सेवा और संचालन से संबंधित जानकारी 24 घंटे प्राप्त कर सकेंगे।

जौनपुर डिपो से चलेंगी सबसे ज्यादा बसें

परशुराम पांडेय ने बताया की वाराणसी परिक्षेत्र के आठों डिपो से विंध्याचल धाम के लिए बसों का संचालन 11 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक किया जाएगा। सबसे ज्यादा अतिरिक्त बसें जौनपुर डिपो से चलाई जाएंगी। जौनपुर डिपो से पुरे नवरात्री में 20 अतिरिक्त बसें चलेंगी। इसके अलावा कैंट और काशी डिपो से 10-10, चंदौली से 8, गाजीपुर से 2, सोनभद्र से 10 और विंध्यनगर से 5 अतिरिक्त बसों का संचालन होगा। इन सब के अलावा वाराणसी के ग्रामीण डिपो से वर्तमान में संचालित 12 बसें भी रूट पर चलती रहेंगी।

वाराणसी से अभिषेक जायसवाल की रिपोर्ट

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Delhi Protest: नमो भारत के सराय काले खां और न्यू अशोक नगर स्टेशन रहेंगे बंद, जानिए आनंद विहार से मेरठ रूट पर क्या पड़ेगा असर

Delhi Protest: दिल्ली में शनिवार 10 अक्टूबर को होने वाले बड़े विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के मद्देनजर कड़े कदम उठाए गए हैं। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने शुक्रवार शाम एडवाइजरी जारी कर जानकारी दी है कि दिल्ली में नमो भारत ट्रेन (RRTS) के दो प्रमुख स्टेशनों सराय काले खां और न्यू अशोक नगर को अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा। अगर आप शनिवार को नमो भारत ट्रेन से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले रूट और स्टेशनों से जुड़ी यह अहम जरूरी जानकारी जान लें।

शुक्रवार रात से शनिवार रात तक बंद रहेंगे दोनों स्टेशन

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक NCRTC की ओर से जारी आधिकारिक एडवाइजरी के मुताबिक, सराय काले खां और न्यू अशोक नगर नमो भारत स्टेशनों को शुक्रवार रात 9 बजे से शनिवार (10 अक्टूबर) रात 10 बजे तक आम यात्रियों के लिए पूरी तरह बंद रखा जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। इस दौरान इन दोनों स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास पर रोक रहेगी। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे इस बदलाव को ध्यान में रखते हुए ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।

आनंद विहार से मोदीपुरम (मेरठ) रूट पर क्या पड़ेगा असर?

नमो भारत ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत की बात यह है कि पूरी ट्रेन सेवा ठप नहीं होगी। NCRTC ने साफ किया है कि दिल्ली के आनंद विहार स्टेशन से लेकर उत्तर प्रदेश में मेरठ के मोदीपुरम तक नमो भारत ट्रेन की सेवाएं अपने निर्धारित शेड्यूल के अनुसार सामान्य रूप से चलती रहेंगी। यानी जो यात्री आनंद विहार से गाजियाबाद, मुरादनगर, मोदीनगर या मेरठ की तरफ जाना चाहते हैं, उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। सिर्फ सराय काले खां और न्यू अशोक नगर स्टेशनों पर ट्रेनें नहीं रुकेंगी और ये स्टेशन बंद रहेंगे।

कनॉट प्लेस (CP) के बाजार भी रहेंगे बंद

शनिवार को होने वाले प्रदर्शन का असर दिल्ली के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों पर भी देखने को मिलेगा। नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने एक सर्कुलर जारी कर कनॉट प्लेस की सभी दुकानों, दफ्तरों, रेस्तरां और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को शनिवार को बंद रखने की सलाह दी है। NDTA के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने बताया कि पुलिस और स्थानीय प्रशासन की सलाह के आधार पर एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है। व्यापारी संगठन ने यह फैसला संभावित भीड़, संपत्ति के नुकसान और किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए लिया है।

क्यों हो रहा है दिल्ली में प्रदर्शन?

दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने और स्टेशनों व बाजारों को बंद करने के पीछे शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित बड़ा विरोध-प्रदर्शन है। कॉकरोच जनता पार्टीने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस तथा अन्य एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।

कल का मौसम: IMD ने केरल-तमिलनाडु में जारी किया भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली-NCR और उत्तराखंड में चलेंगी तेज हवाएं

Weather Tomorrow: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार, 10 अक्टूबर को देश के कई हिस्सों में बारिश होने का अनुमान जताया है। इनमें जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और दक्षिण भारत के कुछ इलाकों शामिल हैं। इसके अलावा, कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। वहीं, केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है।

दिल्ली-NCR में भी दिन के दौरान कुछ जगहों पर हल्की से लेकर छिटपुट बारिश हो सकती है। साथ ही, शनिवार और रविवार को दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।

वहीं, उत्तराखंड में भी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को राज्य के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की आशंका जताई है।

शनिवार के लिए IMD का अलर्ट

IMD ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में काफी ज्यादा से लेकर व्यापक बारिश का अनुमान लगाया है। ओडिशा, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी इस दौरान बारिश होने की संभावना है।

शनिवार को केरल और माहे में काफी ज्यादा से लेकर व्यापक बारिश होने की उम्मीद है, जबकि तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, तटीय कर्नाटक, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश हो सकती है।

इसके अलावा, देश के कई हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और 50 किमी/घंटा तक के तेज झोंके आने का अनुमान है, जबकि दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में हवा के झोंके और भी तेज हो सकते हैं।

कल दिल्ली-NCR का मौसम

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 9 से 14 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 10 और 11 अक्टूबर को इन इलाकों में कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

शनिवार को दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 30-40 किमी/घंटा की रफ़्तार से हवाएं चलने और इनके झोंके 50 किमी/घंटा तक पहुंचने की संभावना है। पंजाब में भी मौसम के ऐसे ही हालात रहने की उम्मीद है।

कल यूपी का मौसम

शनिवार को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दोनों ही इलाकों में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। IMD ने 9 और 10 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का अनुमान लगाया है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 से 11 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है।

वीकेंड पर राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है, हालांकि ताजा अनुमान में इस दौरान उत्तर प्रदेश के लिए भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं दी गई है।

उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान का मौसम

उत्तराखंड में 10 से 14 अक्टूबर के बीच कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। शनिवार को राज्य में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और इनके झोंके 50 किमी/घंटा तक पहुंचने की भी उम्मीद है। IMD ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को उत्तराखंड में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान लगाया है।

हिमाचल प्रदेश में 13 और 14 अक्टूबर को कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। शनिवार को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में काफी बड़े इलाके में बारिश होने की संभावना है, साथ ही कुछ जगहों पर आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी आशंका है।

पश्चिमी राजस्थान में 11 और 12 अक्टूबर को कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी राजस्थान में 12 अक्टूबर को बारिश होने की संभावना है। रविवार को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

झारखंड, बिहार और ओडिशा का मौसम

शनिवार को झारखंड, बिहार और ओडिशा में कहीं जगहों पर छिटपुट बारिश होने की संभावना है और आने वाले दिनों में इस इलाके के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है।

शुक्रवार को बिहार में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी गति झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। IMD ने शुक्रवार को झारखंड और ओडिशा में भी 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और झोंकों के साथ इनकी गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान लगाया है।

शनिवार को गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में भी कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश होने की संभावना है, जबकि उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में शुक्रवार को कई जगहों पर बारिश होने का अनुमान है। इसके बाद 10 और 11 अक्टूबर को भी कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है।

इसके अलावा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 10 और 11 अक्टूबर को काफी बड़े इलाके में या व्यापक रूप से बारिश होने की संभावना है।

पूर्वोत्तर में मौसम का पूर्वानुमान

अरुणाचल प्रदेश में शुक्रवार और शनिवार को कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। असम और मेघालय में 9 से 11 अक्टूबर के बीच भी ऐसी ही स्थिति रह सकती है, और 13 व 14 अक्टूबर को बारिश का एक और दौर आने की उम्मीद है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 9 से 14 अक्टूबर के बीच कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। शुक्रवार को पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में भी आंधी-तूफान और बिजली गिरने का भी अनुमान है।

मध्य भारत का मौसम पूर्वानुमान

पूर्वी मध्य प्रदेश में शनिवार को कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है। यहां 11 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं, छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को कुछ इलाकों में बारिश होने का अनुमान है।

शुक्रवार को पूर्वी मध्य प्रदेश में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने (जिनकी गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है) की संभावना है; 11 अक्टूबर को भी ऐसे ही हालात रहने का अनुमान है।

दक्षिण भारत का मौसम

शनिवार को दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है; केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ इलाकों में मौसम के सक्रिय रहने का अनुमान है।

केरल और माहे में 10 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश हो सकती है। वहीं, शुक्रवार और शनिवार को कुछ इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हवा के तेज झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 9 से 14 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है। शुक्रवार और शनिवार को इन इलाकों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 12 अक्टूबर तक आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

आने वाले दिनों में तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के साथ-साथ रायलसीमा में भी कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश हो सकती है। शुक्रवार और शनिवार को इन इलाकों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी गति कभी-कभी 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। जमीन के पास तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

दक्षिण अंदरूनी कर्नाटक में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है, साथ ही शुक्रवार को कुछ जगहों पर भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी आशंका है। तटीय कर्नाटक में भी 14 अक्टूबर तक कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।

इसके अलावा, लक्षद्वीप में शुक्रवार और शनिवार को कई जगहों पर बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है, जबकि तेज झोंकों में यह 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

गर्म और उमस भरे मौसम की चेतावनी

IMD ने शुक्रवार और शनिवार को कोंकण और गोवा में गर्म और उमस भरे मौसम का अनुमान लगाया है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को मौजूदा मौसम की वजह से परेशानी हो सकती है।

अगले कुछ दिनों के लिए IMD का ताजा अनुमान

आने वाले दिनों में भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, ओडिशा, पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों, पूर्वोत्तर और दक्षिण के कई राज्यों में और बारिश होने की संभावना है।

उत्तर-पश्चिम भारत में, दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश होने की उम्मीद है। साथ ही, 10 और 11 अक्टूबर को दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में कहीं-कहीं आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

दक्षिण भारत में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, खासकर केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और कर्नाटक व आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में। इस दौरान केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

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बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया लो-प्रेशर सिस्टम! केरल, तमिलनाडु, यूपी, दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट

IMD Weather Alert: देश के विभिन्न हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया जारी रहने के बावजूद देश के मौसम में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शुक्रवार 9 अक्टूबर की दोपहर जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक अगले 3 से 4 दिनों में पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर भारत के कई और हिस्सों से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा। इस बीच बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में एक नया कम दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) आकार लेने जा रहा है। इससे आने वाले दिनों में देश के समुद्री, पूर्वी और दक्षिणी इलाकों में बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी। इसके साथ ही उत्तर भारत में बने चक्रवाती परिसंचरणों और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

बीते 24 घंटों के मौसम की बात करें तो तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, असम और नागालैंड में अलग-अलग स्थानों पर 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

बंगाल की खाड़ी में बनेगा नया लो-प्रेशर सिस्टम, अंडमान में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक थाईलैंड की खाड़ी पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इसके 11 अक्टूबर के आसपास अंडमान सागर में प्रवेश करने की संभावना है। इसके असर से 13 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने के आसार हैं। इस वजह से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 10 और 11 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी, जबकि 13 और 14 अक्टूबर को वहां मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है।

उत्तर भारत में बदलेगा मौसम: दिल्ली-NCR, यूपी और पंजाब में 60 kmph की आंधी का अलर्ट

उत्तर भारत के आसमान पर कई प्रणालियां एक साथ असर दिखा रही हैं। उत्तर पाकिस्तान के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। इसके अलावा दक्षिण हरियाणा और पूर्वी उत्तर प्रदेश पर निचले क्षोभमंडल में चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र बने हुए हैं। इन प्रणालियों के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मौसमी गतिविधियों में तेजी आएगी। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 10 से 12 अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पंजाब में भी 10 से 12 अक्टूबर तक 30 से 40 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलेंगी।

पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 अक्टूबर को आंधी और बिजली चमकने के साथ बारिश होने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान में 10 व 11 अक्टूबर और पूर्वी राजस्थान में 10 अक्टूबर को झोंकेदार हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में 9 अक्टूबर को बारिश होगी और 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। 10 अक्टूबर को भी राज्य में आंधी का असर रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 10 और 13 अक्टूबर को और हिमाचल प्रदेश में 9 से 15 अक्टूबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी।

केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में भारी मूसलाधार बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में मन्नार की खाड़ी से उत्तरी आंतरिक कर्नाटक तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। इसके असर से दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 9 और 10 अक्टूबर को भारी मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है। केरल में 9 से 15 अक्टूबर तक व्यापक रूप से बारिश का सिलसिला बना रहेगा। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 अक्टूबर को भारी बारिश की प्रबल संभावना है।

केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में 9 और 10 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 9 से 13 अक्टूबर के दौरान दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों का मौसम हाल

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी अलग-अलग परिसंचरण सक्रिय हैं। उत्तरी बांग्लादेश और पूर्वी असम के ऊपर निचले स्तर पर चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र बने हुए हैं। इसके प्रभाव से बिहार, गांगेय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 9 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। झारखंड और ओडिशा में 9 और 10 अक्टूबर को आंधी का असर रहेगा। पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश में 9 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी और भारी बारिश हबो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 अक्टूबर को पृथक स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है।

तटीय इलाकों में चिपचिपी गर्मी की मार

पश्चिम और दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में आर्द्रता बढ़ने की वजह से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 9 और 10 अक्टूबर के दौरान तटीय कर्नाटक और महाराष्ट्र के कोंकण एवं गोवा क्षेत्र में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है।

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हर राज्य में भाजपा नेताओं की एक ही शिकायत

भारतीय जनता पार्टी की करीब 20 राज्यों में सरकार चल रही है। लगभग सभी राज्यों में भाजपा के नेताओं की एक ही शिकायत है। वह शिकायत है कि अधिकारी बात नहीं सुनते। मजेदार बात यह है कि भाजपा के बहुत बड़े नेता भी यह शिकायत कर रहे हैं। राज्य सरकार और केंद्र सरकार के मंत्रियों की भी शिकायत है। दूसरी शिकायत यह है कि मुख्यमंत्री मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं और किसी को भरोसे में नहीं ले रहे हैं। पहली शिकायत का ही यह विस्तार है, जिसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री की शह पर अधिकारी दूसरे नेताओं को तवज्जो नहीं दे रहे हैं। सोचें, भाजपा को सबसे ज्यादा अनुशासन वाली पार्टी माना जाता है। ऊपर से नरेंद्र मोदी और अमित शाह का नेतृत्व है, फिर भी पार्टी के नेता खुलेआम एक दूसरे की आलोचना कर रहे हैं और कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री बेलगाम हो गए हैं।

यह शिकायत लगभग सभी राज्यों की है लेकिन मध्य प्रदेश का घटनाक्रम सबसे ज्यादा चौंकाने वाला है। पिछले दिनों चंद्रशेखर को मध्य प्रदेश का संगठन महामंत्री बनाया गया। उनके सामने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री की जम कर शिकायत की। जानकार सूत्रों का कहना है कि एक समय तो मंत्री के साथ मुख्यमंत्री की नोकझोंक भी हो गई। सीएम और डिप्टी सीएम के इस विवाद को संगठन महामंत्री ने संभाला।

बताया जा रहा है कि चंद्रशेखर ने पार्टी के सभी नेताओं को तीन महीने के अंदर आपसी विवाद के मुद्दे सुलझाने और आंतरिक कलह समाप्त करने को कहा है। सूत्रों का कहना है कि उनकी मौजूदगी में हुई बैठक में प्रदेश के दो सबसे बड़े नेताओं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी शिकायत की। शिवराज सिंह चौहान 15 साल राज्य के मुख्यमंत्री रहे हैं और अभी केंद्र में मंत्री है, उन्होंने कहा कि जिले के कलेक्टर उनकी बात नहीं सुनते हैं। अमित शाह की टीम में राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया जा रहा है कि संगठन महामंत्री के साथ बैठक में कहा कि 15 दिन तक प्रयास करने के बावजूद मुख्यमंत्री से बात नहीं हो पाती है।

सोचें, पार्टी के साधारण नेताओं की क्या स्थिति होगी, जब इतने बड़े नेताओं की बात सीएम से नहीं हो पाती है और इतने बड़े नेताओं की बात कलेक्टर नहीं सुनते हैं! इस तरह की शिकायत राजस्थान से लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार से लेकर ओडिशा तक की भाजपा सरकारों के मंत्री और वरिष्ठ नेता कर रहे हैं। हर जगह गुटबाजी की खबरें आ रही हैं। कई लोग कह रहे हैं कि सचमुच में भाजपा का कांग्रेसीकरण हुआ है।

20 रुपये के टिकट की बजाय जान की बाजी लगाने वाले बेटिकट यात्री चलती ट्रेन से कूदे, देखें वायरल Video

उत्तर प्रदेश में टिकट चेकिंग से बचने के लिए यात्रियों के एक बड़े ग्रुप ने चलती ट्रेन से छलांग लगा दी। यह घटना ट्रेन के रसौली रेलवे स्टेशन पहुंचने से कुछ देर पहले हुई। खबर है कि यात्री ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर (TTE) से टकराव से बचने की कोशिश कर रहे थे। एक यात्री ने इस घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया और सोशल मीडिया पर डाल दिया। रेडिट प्लेटफॉर्म पर यह वीडियो खूब सुर्खियां बटोर रहा है। लोग यात्रियों के ट्रेन से कूदकर स्टेशन से भागने को बेवकूफी करार दे रहे हैं।

स्टेशन से पहले यात्री ट्रेन से कूदे

फुटेज में बड़ी संख्या में लोग रेलवे ट्रैक के पास चलती ट्रेन से उतरते हुए दिख रहे हैं। कुछ लोग नीचे कूदने के बाद भागते हुए देखे जा सकते हैं, जबकि ट्रेन स्टेशन की ओर बढ़ रही है। खबर है कि स्टेशन पर पुलिस अधिकारी मौजूद थे। खतरे के बावजूद, यात्रियों ने टिकट चेकिंग का सामना करने के बजाय प्लेटफॉर्म पर पहुंचने से पहले ही ट्रेन से उतरना चुना।

No wonder why IR can’t recover their cost. (not oc)

by

u/Status_Candidate_392 in

indianrailways

इस घटना को बाद में Reddit पर यूज़र ‘u/Status_Candidate_392’ ने शेयर किया। यह पोस्ट 7 अक्टूबर को अपलोड की गई थी और इसमें बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों पर चर्चा करते हुए यह कमेंट किया गया था, “कोई हैरानी नहीं कि IR अपनी लागत क्यों नहीं वसूल सकता। (oc नहीं)।”

चलती ट्रेन से कूदने से गंभीर चोटें लग सकती हैं, खासकर तब जब लोग रेलवे ट्रैक के पास उतरते हैं और उनके आस-पास दूसरे यात्री होते हैं।

यूजर्स ने सवाल किया, इस जोखिम की जरूरत क्या है?

कई यूजर्स ने ट्रेन टिकट के पैसे देने से बचने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने के लिए यात्रियों की बुराई की। एक व्यक्ति ने लिखा, “TTs और पुलिस हैरान थे,” जबकि दूसरे ने कहा, “नॉर्दर्न रेलवे में एक आम दिन।” एक और यूजर ने लिखा, “तो वे Rs 20 का टिकट खरीदने के बजाय घायल होने या मरने से भी ठीक हैं। बहुत बढ़िया,” इसमें शामिल खतरे की ओर इशारा करते हुए।

एक यूजर ने धनबाद जंक्शन का अपना अनुभव भी शेयर करते हुए कहा, “इसलिए मैंने देखा है कि धनबाद जंक्शन पर कई बार TTE FOB के खंभों के पास छिप जाते हैं और उनमें से कुछ सिविल ड्रेस में आकर ट्रेन रुकते ही गेट के सामने खड़े हो जाते हैं। एक बार जब वे एग्जिट का रास्ता कुछ समय के लिए ब्लॉक कर देते हैं तो TTE हमला कर देते हैं।”

एक और व्यक्ति ने मुंबई में अपने एक दोस्त के अनुभव को याद करते हुए कहा: “मेरा दोस्त मुंबई में हर सुबह ऐसा करता था। एक दिन उसके बैग का स्ट्रैप दरवाजे के हैंडल में फंस गया। उसके शरीर का बीच का हिस्सा गायब था।”

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अयोध्या आकर भी अखिलेश यादव का ‘राम लला’ से परहेज! क्या कहते हैं रामनगरी के प्रबुद्धजन

अयोध्या आकर भी अखिलेश यादव का 'राम लला' से परहेज! क्या कहते हैं रामनगरी के प्रबुद्धजन

Akhilesh Yadav ayodhya visit

Akhilesh Yadav Ayodhya Visit: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुरुवार को अयोध्या के कृष्णापुर खानपुर (रसूलाबाद) गांव पहुंचे। मौका था सपा सरकार में मंत्री रहे तेज नारायण पांडेय उर्फ ‘पवन पांडेय’ के आवास पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ का। इस अवसर पर उन्होंने मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चेतावनी भी दे डाली। 

 

​अखिलेश ने व्यास पीठ का पूजन किया, कथा व्यास डॉ. राघवाचार्य जी महाराज से आशीर्वाद लिया और संतों द्वारा भेंट की गई गदा स्वीकार की। हालांकि, राम नगरी की पावन धरती पर कदम रखने के बावजूद राम जन्मभूमि मंदिर न जाने और राम लला के दर्शन न करने को लेकर अयोध्या के प्रबुद्ध वर्ग और संतों में गहरी नाराजगी है।

अखिलेश की सीएम योगी को चुनौती

​2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुए इस दौरे के गहरे राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान फैजाबाद सांसद अवधेश प्रसाद, पूर्व विधायक इंद्र प्रताप तिवारी ‘खब्बू’ समेत कई दिग्गज स्थानीय नेता मौजूद रहे। अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि विकास और एयरपोर्ट के नाम पर गरीबों व व्यापारियों को उजाड़ा गया है। उन्होंने वादा किया कि सपा सरकार बनने पर किसानों को सर्किल रेट का 6 गुना मुआवजा और 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाएगी।

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सपा प्रमुख ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधा ललकारते हुए कहा कि वे स्वयं अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा को अयोध्या से लड़ने के लिए कोई नया प्रत्याशी तक नहीं मिल रहा है। राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे की चोरी के हालिया विवाद को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा।

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पलटवार

​दूसरी ओर, सीएम योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा प्रमुख को अयोध्या की चिंता करने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि सपा शासन के दौरान ही रामभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं और थानों-जेलों में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के आयोजनों पर रोक लगाई गई थी।

​राम सबके हैं, दूरी क्यों?

​अयोध्या आकर भी राम लला के दर्शन न करने पर स्थानीय नागरिकों, बुद्धिजीवियों और धर्मगुरुओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ​इक़बाल अंसारी (पूर्व पक्षकार, बाबरी मस्जिद) ने कहा कि अयोध्या धर्म की नगरी है और यहां से लोगों का अटूट विश्वास जुड़ा है। अखिलेश यादव को राम लला का दर्शन-पूजन जरूर करना चाहिए था, जिससे उन्हें ‘सबका साथ, सबका विश्वास’ मिलता।

 

​प्रो. आशुतोष सिंह ने कहा कि जब अखिलेश जी ने ही राम मंदिर में चंदा चोरी का प्रकरण उठाया था, तो उन्हें मंदिर आकर देखना चाहिए था कि व्यवस्थाएं कैसी चल रही हैं। डॉ. वंदना जायसवाल ने कहा कि भगवान राम किसी एक व्यक्ति या दल के नहीं हैं, राम तो सबके हैं। अयोध्या आने पर उन्हें मंदिर जरूर जाना चाहिए था। डॉ. अविनाश तिवारी ने कहा कि राम मंदिर किसी सरकार का नहीं है। जनता का मान रखने के लिए उन्हें राम लला से दूरी नहीं बनानी चाहिए थी।

 

​डॉ. मनीष सिंह ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें जनता की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए था और मंदिर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लेना चाहिए था। ​डॉ. आशीष प्रताप सिंह (अध्यक्ष, शिक्षक संघ) ने कहा कि राम मंदिर कोई राजनीतिक स्थान नहीं है। राम लला के दर्शन करने से उन्हें लाभ ही होता, यह बेहद दुखद है।

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डॉ. रमेश प्रताप सिंह ने कहा कि एक यदुवंशी होने के नाते उन्हें राम मंदिर जाना ही चाहिए था। दर्शन न करने से ऐसा प्रतीत होता है कि चंदा चोरी का मुद्दा उन्होंने सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए उठाया था। ​डॉ. समरेन्द्र बहादुर सिंह का कहना है कि सपा की छवि राम मंदिर आंदोलन में खलनायक जैसी रही है। निर्माण के बाद आए बदलावों को देखने के बजाय उन्होंने केवल कमियां ढूंढने और इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया। डॉ. कुमुद रंजन ने कहा कि अयोध्या जैसी पवित्र भूमि पर आकर भगवान राम के द्वार न जाना अनुचित है। इस राजनीतिक रवैये का असर आने वाले चुनावों पर भी पड़ सकता है।