चुनाव हारकर भी तेलंगाना के मंत्री बने मोहम्मद अजहरुद्दीन ने मांगा ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा (Video)

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और वर्तमान में तेलंगाना राज्य में कांग्रेस के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने भी केंद्रीय पार्टी लाइन पकड़ते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगा है और S.I.R (Special Intensive revision) को धोखाधड़ी बताया है।यह बातचीत उन्होंने प्रदर्शन के दौरान कही जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

गौरतलब है कि 3 साल पहले मोहम्मद अजहरुद्दीन तेलंगाना में घरेलू पिच पर भी नहीं जीत सके। तेलंगाना की हाई प्रोफाइल जुबली हिल्स सीट पर  उनकी स्थिती मजबूत मानी जा रही थी। लेकिन वह इस सीट पर तब हार गए जब पूरे राज्य में कॉंग्रेस की आँधी चल रही थी।हार के बाद भी कांग्रेस आलाकमान ने मशहूर  और मुस्लिम चेहरा होने के कारण अल्पसंख्यक मंत्रालय थमा दिया।

कांग्रेस की आंधी में भी चुनाव हारे अजहर

इस सीट पर भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन को कुल 26 राउंड की वोटिंग के बाद  62,343 वोट मिले। वहीं भारत राष्ट्र समिति के प्रतिद्वंदी मगांथी गोपीनाथ को 78282 वोट मिले थे। इस कारण मोहम्मद अजहरुद्दीन 15,939 वोटों से हार गए थे। तीसरे स्थान पर भारतीय जनता पार्टी के लंकाला दीपक रेड्डी रहे थे जिन्हें कुल 25,083 वोट हासिल हुए थे। साल 2018 में भी मगांथी गोपीनाथ की इस सीट पर जीत हुई थी लेकिन मोहम्मद अजहरुद्दीन को जीत का दावेदार बताया जा रहा था।

साल 2009 में कॉंग्रेस पार्टी से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत करने वाले मोहम्मद अजहरुद्दीन ने इस ही साल लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की मुरादाबद सीट पर जीत अर्जित की थी।इसके बाद साल 2014 में वह राजस्थान के टोंक सवाई माधोपुर से लोकसभा चुनाव में  उतरे थे लेकिन यहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। भारतीय जनता पार्टी के  प्रत्याशी सुखबीर सिंह जौनपुरिया ने उनको मात दी थी।

शानदार करियर का फिक्सिंग के आरोप ने किया अंत

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ियों में से एक अजहर ने भारत का 99 टेस्टों और 334 वनडे में प्रतिनिधित्व किया था। वह 1992, 1996 और 1999 के विश्व कप में भारत के कप्तान रहे थे।अजहर ने अपने करियर में 99 टेस्टों में 22 शतकों की मदद से 6215 रन और 334 वनडे में 7 शतकों की मदद से 9378 रन बनाए थे। वह भारत के सफल कप्तानों में शुमार थे। उन्होंने 47 टेस्टों में भारत का नेतृत्व किया और 14 मैच जीते जबकि वनडे में उन्होंने 174 मैचों में भारत का नेतृत्व किया और 90 मैच जीते।

अपने शानदार करियर के दौरान अजहर का नाम मैच फिक्सिंग में आया था जिसके बाद बीसीसीआई ने उनपर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि 2012 में आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने उनपर लगा प्रतिबंध हटा दिया।

इस शुगर कंपनी का शेयर बन सकता है रॉकेट, एक्सपर्ट ने दी खरीदने की सलाह

आप किसी ऐसे शेयर की तलाश में है, जो अगले एक-दो साल में जोरदार रिटर्न दे सकता है तो आप बलरामपुर चीनी मिल्स के बारे में सोच सकते हैं। एलारा सिक्योरिटीज के वाइस-प्रेसिडेंट (इंस्टीट्यूशनल इक्विटी) प्रशांत बियानी का मानना है कि यह शेयर अगले एक से दो साल में 30 फीसदी तक चढ़ सकता है।

Balrampur Chini Mills का शेयर 13 अक्टूबर को 12:15 बजे 0.56 फीसदी गिरकर 696.85 रुपये पर चल रहा था। हालांकि, इस साल शेयर का प्रदर्शन शानदार रहा है। इस दौरान यह करीब 59 फीसदी चढ़ा है। यह अपने 52 हफ्ते के लो से 79 फीसदी ऊपर है। बियानी का मानना है कि बलरामपुर चीनी मिल्स की ग्रोथ तीन से पांच साल में शानदार रह सकती है।

उन्होंने कहा कि चीनी की कीमतें बढ़ रही हैं। कंपनी का नया पॉलीलेक्टिक एसिड (PLA) प्रोजेक्ट दिसंबर में शुरू हो रहा है। इसका फायदा कंपनी को मिलेगा। पूरे शुगर सेक्टर के लिए आउटलुक पॉजिटिव दिख रहा है, क्योंकि भारत में चीनी की सप्लाई कम रहने के आसार हैं। पिछले कुछ महीनों में चीनी की कीमतों में जबर्दस्त तेजी दिखी है। रॉ शुगर की कीमत 51-55 रुपये के बीच चल रही है। यह एक साल पहले के मुकाबले 15-20 फीसदी ज्यादा है।

नए पेराई सीजन के बाद चीनी की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे इसकी कीमतों में नरमी आ सकती है। बियानी ने कहा, “फिलहाल चीनी की सप्लाई कम है। अगले दो सालों के दौरान भी उत्पादन अनुमान से कम रह सकता है, जिसकी वजह मौसम की प्रतिकूल स्थितियां हैं। अगर चीनी का आयात नहीं होता है तो इनवेंट्री को सामान्य लेवल तक लाने में समय लग सकता है।”

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनावों को देखते हुए सरकार चीनी की कीमतों को नियंत्रण में रखने की कोशिश करेगी। सरकार गन्ने के स्टेट एडवाइस्ड प्राइस (SAP) को बढ़ा सकती है। लेकिन, रेम्यूनरेटिव शुगर प्राइसेज की वजह से इसका ज्यादा असर चीनी मिलों पर नहीं पड़ेगा। हालांकि, शुगर इंडस्ट्री तेजी की नई साइकिल की शुरुआत में है।

बलरामपुर चीनी मिल्स चीनी बनाने वाली देश की बड़ी कंपनियों में शामिल है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 14,832 करोड़ रुपये है। यह शुगर, इथेनॉल और को-जेनेरेटेड पावर का उत्पादन करती है। इस कंपनी में कई म्यूचुअल फंडों ने निवेश किया है। इसका मुकाबला ईआईडी पैरी, त्रिवेणी इंजीनियरिंग और बजाज हिंदुस्तान शुगर जैसी कंपनियों से है।

दिल्ली की रफ्तार होने वाली है सुपरफास्ट! आ रही हैं नई इलेक्ट्रिक बसें और चार्जिंग की शानदार सुविधा

नई दिल्ली, (ANI)। दिल्ली में बसों से सफर करने वालों के लिए 150 नई इलेक्ट्रिक बसें शुरू की जाएंगी। पांच जगहों पर गाड़ियां चार्ज करने के स्टेशन भी शुरू होंगे। जिससे लोगों को बस से सफर करने में आसानी होगी और इलेक्ट्रिक गाड़ियों को चार्ज करने की सुविधा भी बढ़ेगी।

150 नई बसें आने के बाद दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़कर 5,238 हो जाएगी। अभी शहर के पास करीब 6,838 इलेक्ट्रिक बसें हैं। नई बसों के आने के बाद इनकी कुल संख्या 6,988 हो जाएगी। इनमें 1,750 CNG बसें भी हैं।

सरकार आने वाले सालों में दिल्ली में बसों की संख्या बढ़ाना चाहती है। 2028-29 तक शहर में कुल बसों की संख्या करीब 14 हजार करने का लक्ष्य है।

किन सुविधाओं से लैस होंगी नई बसें?

नई इलेक्ट्रिक बसें लो-फ्लोर और एयर-कंडीशन्ड होंगी। इन्हें इस तरह तैयार किया गया है कि पैसेंजर को सफर के दौरान आराम और सुविधा मिल सके। बसों में कई आधुनिक सुविधाएं भी दी गई हैं।

• CCTV कैमरे: बसों में सुरक्षा पर नजर रखने के लिए।

• पैनिक बटन: जरूरत पड़ने पर मदद मांगने के लिए।

• रियल-टाइम ट्रैकिंग: बस की लोकेशन की जानकारी पाने के लिए।

• दिव्यांगों के लिए सुविधा: बस में चढ़ने और सफर करने को आसान बनाने के लिए।

दिल्ली में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की चार्जिंग सुविधा बढ़ाने के लिए पांच जगहों पर स्टेशन तैयार किए गए हैं। इनमें एक स्टेशन अंतर-राज्यीय बस अड्डे पर और चार DTC डिपो में हैं।

इन पांच जगहों पर मिलेंगे EV चार्जिंग स्टेशन:

स्वामी विवेकानंद ISBT, आनंद विहार

नंद नगरी DTC डिपो,

रोहिणी सेक्टर-37 DTC डिपो,

नांगलोई DTC डिपो,

केशवपुर DTC डिपो

आनंद विहार ISBT पर दिल्ली ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (DTIDC) ने ज्यादा कैपेसिटी वाला EV चार्जिंग स्टेशन बनाया है। इस बस अड्डे पर रोज करीब 1.25 लाख पैसेंजर आते-जाते हैं और औसतन 2,300 बसें गुजरती हैं। इनमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की बसों के साथ टूरिस्ट बसें भी शामिल हैं।

दिल्ली परिवहन निगम (DTC) दूसरे डिपो में भी EV चार्जिंग स्टेशन बना रहा है। परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह के मुताबिक, नई इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने और चार्जिंग की सुविधा बढ़ाने से लोगों को बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट मिलेगा। इससे इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल बढ़ाने और दिल्ली में प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।

UPAVP दे रहा दिवाली पर सस्ता घर खरीदने का मौका, गाजियाबाद में पाएं ₹29.83 लाख में 1-BHK फ्लैट

दिवाली के मौके पर अगर आप दिल्ली-NCR में अपना घर खरीदने का सपना पूरा करना चाहते हैं, लेकिन बजट ज्यादा नहीं है, तो गाजियाबाद की ब्रह्मपुत्र एन्क्लेव हाउसिंग स्कीम आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद (UPAVP) की इस योजना में रेडी-टू-मूव 1-BHK फ्लैट 29.83 लाख रुपये से शुरू हो रहे हैं। यानी आप बिना निर्माण पूरा होने का इंतजार किए अपने घर में शिफ्ट होने की योजना बना सकते हैं।

यह प्रोजेक्ट गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार में स्थित है। योजना के तहत कुल 277 फ्लैट रखे गए थे, जिनमें से अब 57 फ्लैट बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। सभी फ्लैट का क्षेत्रफल 47.73 वर्ग मीटर है, जबकि इनकी कीमत 29.83 लाख रुपये से 36.40 लाख रुपये के बीच है।

पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर फ्लैट बुकिंग

यहां फ्लैट की बुकिंग पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर ऑनलाइन की जा रही है। सिद्धार्थ विहार से NH-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी मिलती है। ऐसे में दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में काम करने वाले लोगों के लिए यह लोकेशन उपयोगी हो सकती है। हालांकि, घर खरीदने से पहले अपने ऑफिस की दूरी और रोजाना आने-जाने में लगने वाले समय का आकलन जरूर करें।

इस प्रोजेक्ट का UP-RERA रजिस्ट्रेशन नंबर UPRERAPRJ7935 है। फ्लैट बुक करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर यह जरूर देख लें कि कौन-से फ्लैट उपलब्ध हैं, शुरुआत में कितनी रकम देनी होगी और बाकी भुगतान कब तक करना है। इसके अलावा, बुकिंग रद्द करने और पैसे वापस मिलने से जुड़ी शर्तों को भी अच्छी तरह समझ लें।

फ्लैट पसंद आने के बाद उसका नंबर और फ्लोर देखने के साथ पानी-बिजली की सुविधा, हवा और रोशनी आने की व्यवस्था और रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच जरूर करें। इससे बाद में होने वाली परेशानियों से बचने में मदद मिल सकती है।

निवेश से पहले आसपास की प्रॉपर्टी की कीमतें जरूर जांचें

अगर आप इस फ्लैट को निवेश के मकसद से खरीद रहे हैं, तो फैसला लेने से पहले आसपास के इलाकों में प्रॉपर्टी की कीमतों और किराये की मांग का भी पता लगाएं। भविष्य में फ्लैट को बेचने पर कितनी कीमत मिल सकती है, इसका भी अंदाजा लगाएं। ध्यान रखें कि सरकारी हाउसिंग स्कीम या अच्छी कनेक्टिविटी होने भर से प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ने या मुनाफा मिलने की गारंटी नहीं होती।

फ्लैट की उपलब्धता, कीमत और बुकिंग से जुड़ी पूरी जानकारी के लिए UPAVP की आधिकारिक पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।

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सीजेपी नेताओं का अच्छा है!

कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के नेताओं का बहुत अच्छा है। उनके नाम से प्रदर्शन हो रहे हैं, दिल्ली और पूरे देश में हंगामा मच रहा है, सरकार परेशान है और नौजवान सड़कों पर है, लेकिन इन नेताओं को कुछ नहीं करना होता है। ऐसा लग रहा है कि अभिजीत दीपके ने मौके को लपका और चीफ जस्टिस की कॉकरोच वाली टिप्पणी के बाद कॉकरोच जनता पार्टी नाम से एक सोशल मीडिया हैंडल बना दिया और उसके बाद से उसकी रॉयल्टी ले रहे हैं। उस सोशल मीडिया हैंडल से किसी भी मसले पर आंदोलन का ऐलान कर दिया जा रहा है और देश के लाखों युवा, जो पेपर लीक से लेकर एसआईआर या किसी अन्य मामलों में आक्रोशित हैं वे सड़क पर उतर जा रहे हैं।

सोचें, पारंपरिक रूप से किसी प्रदर्शन की तैयारी में कितनी मेहनत, कितने संसाधान, कितने नेता और कितनी ऊर्जा लगती है। कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों को कितना प्रयास करना पड़ रहा है। दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पंजाब के नेताओं को इस तैयारी में लगाया गया है। वे रात दिन मेहनत करके लोगों को जुटा रहे हैं। सरकार की इतनी सख्ती है कि दिल्ली और पड़ोसी राज्यों के कांग्रेस नेताओं को भी अपने घरों से निकल कर सेंट्रल दिल्ली पहुंचने के लिए गुरिल्ला अंदाज में कुछ उपाय करने पड़ रहे हैं। लेकिन अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को कुछ नहीं करना है। वे सिर्फ सोशल मीडिया में अपील कर रहे हैं या प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। पहले भी ये नेता सड़कों पर नहीं उतरे। आज भी नहीं उतर रहे हैं।

पहली बार जब अभिजीत दीपके छह जून को अमेरिका से दिल्ली पहुंचे थे तो उनको बिना मांगे जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने की इजाजत दी गई थी। हवाईअड्डे पर ही पुलिस ने उनको मंजूरी दे दी। लेकिन उन्होंने क्या किया? तीन घंटे के प्रदर्शन में वे बेहोश हो गए और उनको एसी गाड़ी में बैठाना पड़ा और उसके बाद आंदोलन खत्म हो गया। जब 20 जून को फिर से आंदोलन शुरू हुआ तो सोनम वांगचुक और सीपीआई माले के छात्र संगठन आइसा की तीन छात्राओं ने भूख हड़ताल किया। दिल्ली पुलिस ने जब वांगचुक को उठाया तो दीपके ने कहा कि वे भूख हड़ताल जारी रखेंगे लेकिन दो घंटे भी भूख हड़ताल नहीं कर सके। उसके बाद भीड़ जुटाने की बारी आई तो लोग खुद ब खुद पहुंचे या भीम आर्मी के चंद्रशेखर भीड़ लेकर पहुंचे, जिसने आक्रामक तरीके से संसद की ओर मार्च किया।

इस बार भी ऐसा ही हो रहा है। दीपके एंड कंपनी ने आठ अक्टूबर को बेंगलुरू में प्रदर्शन का ऐलान किया और प्रदर्शन से एक दिन पहले शाम को बेंगलुरू पहुंचे। फिल्म अभिनेता प्रकाश राज और जर्मनी में रहने वाले इन्फ्लूएंसर ध्रुव राठी के नाम पर दो चार हजार लोग जुटे। इसके बाद 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन होना था। पर दीपके, दास और रांका बेंगलुरू में ही रहे। वही से ऐलान किया कि 10 अक्टूबर की सुबह साढ़े 10 बजे की फ्लाइट से दिल्ली लैंड करेंगे।

सोचें, प्रदर्शन 10 बजे से होना था और नेता साढ़े 10 बजे लैंड करने वाले थे। कोर टीम के तीन लोग जहाज में थे औऱ चौथी सदस्य रत्ना सिंह उनको लेने के लिए एयरपोर्ट पहुंची थीं। सो, चारों लोग अपनी सुविधा के हिसाब से वही एयरपोर्ट पर ही हिरासत में ले लिए गए। बाकी जनता जंतर मंतर के इलाके में लाठियां खा रही थी और दिल्ली पुलिस व अर्धसैनिक बलों से गुरिल्ला वार कर रही थी। दूसरे दिन यानी 11 अक्टूबर का प्रदर्शन भी दूसरे लोगों ने किया। दीपके की दो दादी गुजर गईं इसलिए वे महाराष्ट्र चले गए और बाकी लोगों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपनी जिम्मेदारी पूरी की।

अखिलेश की चुनौती का क्या मतलब

समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनौती दी। पिछले दिनों अखिलेश अयोध्या गए तो उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो योगी आदित्यनाथ अयोध्या से लड़ कर दिखाएं। ध्यान रहे पिछले कुछ समय से यह चलन हो गया है कि जिन राज्यों में विधान परिषद है वहां मुख्यमंत्री आमतौर पर उसी के सदस्य होते हैं। बिहार में नीतीश कुमार मुख्यमंत्री रहते विधान परिषद के ही सदस्य रहे। ऐसे ही योगी आदित्यनाथ भी विधानसभा का चुनाव नहीं लड़े हैं। वे विधान परिषद के सदस्य हैं। अखिलेश यादव भी जब मुख्यमंत्री थे तब विधान परिषद में ही थे।

अखिलेश ने सिर्फ एक बार विधानसभा का चुनाव लड़ा था, 2022 में कन्नौज सीट से। तब सपा को सरकार बनने की उम्मीद थी। लेकिन जब सरकार नहीं बनी तो अखिलेश ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया। बिना मुख्यमंत्री बने सिर्फ विधायक या नेता विपक्ष रहना उनको अपने कद के अनुरूप नहीं लगा। इस बार पता नहीं वे विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे या नहीं। लेकिन योगी आदित्यनाथ को चुनाव लड़ने की चुनौती दी। जब योगी ने चुनौती स्वीकार कर ली और अखिलेश को अपने सामने आकर लड़ने को कहा कि अखिलेश पीछे हट गए। उन्होंने कहा कि कोई पीडीए प्रहरी ही योगी को हरा देगा। लेकिन अगर सचमुच अखिलेश चुनाव का माहौल बनाना चाहते हैं तो उन्हें योगी को लड़ने के लिए मजबूर करना चाहिए और खुद उनके सामने लड़ना चाहिए। अरविंद केजरीवाल ने ऐसा करके ही 2013 में शीला दीक्षित को हराया था। इस साल शुभेंदु अधिकारी भी ममता बनर्जी के गढ़ में जाकर लड़े थे।

UP board date sheet 2027: 5 फरवरी 2027 से शुरू होंगी यूपी बोर्ड की परीक्षाएं, 10-12वीं कक्षा की पूरी डेटशीट जारी

UP board date sheet 2027: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (upmsp) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा की तारीख घोषित कर दी है। इस साल यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 05 फरवरी, 2027 से शुरू होंगे और 24 फरवरी को खत्म होंगी। इस साल बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर परीक्षा का पूरा कार्यक्रम देख सकते हैं और अपने विषय के अनुसार डेटशीट डाउनलोड कर सकते हैं।

यूपी बोर्ड की परीक्षा पर रहेगा विधानसभा चुनावों का साया

उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसे देखते हुए बोर्ड की ओर से कहा गया है कि पूरा परीक्षा कार्यक्रम 20 दिन में ही संपन्न कराने की तैयारी है। इससे पहले चुनाव आयोग कई बार बोर्ड परीक्षाओं की तारीखों में बदलाव करवा चुका है। चुनावी वर्ष में परीक्षाओं का कार्यक्रम तय करने के लिए चुनाव आयोग की अनुमति लेनी भी अपेक्षित होती है।

दो पालियों में आयोजित होंगी परीक्षाएं

सुबह की पाली सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक

शाम की पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक

कार्यक्रम के अनुसार, शुरुआती 15 मिनट प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए निर्धारित हैं। सुबह की पाली में उत्तर लिखने का समय सुबह 8:45 बजे से 11:45 बजे तक, जबकि शाम की पाली में दोपहर 2:15 बजे से शाम 5:15 बजे तक बताया गया है।

UP Board 10th Date Sheet 2027: यूपी बोर्ड हाईस्कूल डेटशीट 2027

दिनांक एवं दिन पाली एवं समय विषय 

05 फरवरी 2027 (शुक्रवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) हिंदी, प्रारंभिक हिंदी

08 फरवरी 2027 (सोमवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) सामाजिक विज्ञान

09 फरवरी 2027 (मंगलवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) एन०सी०सी० शाम (2:00 PM – 5:15 PM) मानव विज्ञान

10 फरवरी 2027 (बुधवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) अंग्रेजी शाम (2:00 PM – 5:15 PM) इलेक्ट्रिशियन, हेल्थकेयर, ऑटोमोबाइल, सोलर सिस्टम रिपेयर, प्लम्बर, सुरक्षा, आई०टी०/आई०टी०ई०एस०, मोबाइल रिपेयर, आपदा प्रबन्ध, रिटेल ट्रेडिंग (खुदरा व्यापार)

12 फरवरी 2027 (शुक्रवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) गृह विज्ञान (केवल बालिकाओं के लिए / बालकों के लिए तथा उन बालिकाओं के लिए जिन्होंने इसे अनिवार्य विषय के रूप में नहीं लिया है)

13 फरवरी 2027 (शनिवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) गणित

15 फरवरी 2027 (सोमवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) संस्कृत

16 फरवरी 2027 (मंगलवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) गुजराती, पंजाबी, बंगला, मराठी, असामी, उड़िया, कन्नड़, कश्मीरी, सिन्धी, तमिल, तेलुगू, मलयालम, नेपाली

17 फरवरी 2027 (बुधवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) विज्ञान शाम (2:00 PM – 5:15 PM) संगीत वादन

18 फरवरी 2027 (गुरुवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) कम्प्यूटर शाम (2:00 PM – 5:15 PM) सिलाई

19 फरवरी 2027 (शुक्रवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) वाणिज्य

20 फरवरी 2027 (शनिवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) उर्दू

22 फरवरी 2027 (सोमवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) चित्रकला, रंजनकला

23 फरवरी 2027 (मंगलवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) संगीत गायन शाम (2:00 PM – 5:15 PM) पालि, अरबी, फारसी

24 फरवरी 2027 (बुधवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) सुरक्षा

UP Board 12th Date Sheet 2027: यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट डेटशीट 2027

दिनांक एवं दिन पाली एवं समय विषय एवं स्ट्रीम

05 फरवरी 2027 (शुक्रवार) शाम (2:00 PM – 5:15 PM) हिंदी, सामान्य हिंदी

08 फरवरी 2027 (सोमवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) व्यावसायिक शिक्षा वर्ग ‘आई’ – प्रथम प्रश्नपत्र (सभी ट्रेड जैसे काष्ठ शिल्प, सिलाई, ऑटोमोबाइल, बैंकिंग, हेल्थ केयर आदि) शाम (2:00 PM – 5:15 PM) अंग्रेजी

09 फरवरी 2027 (मंगलवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) कृषि शस्य विज्ञान (एग्रोनामी) – प्रथम प्रश्नपत्र (कृषि भाग-1) / षष्ठम् प्रश्नपत्र (कृषि भाग-2) शाम (2:00 PM – 5:15 PM) नागरिक शास्त्र

10 फरवरी 2027 (बुधवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) व्यावसायिक शिक्षा वर्ग ‘आई’ – द्वितीय प्रश्नपत्र शाम (2:00 PM – 5:15 PM) इतिहास

12 फरवरी 2027 (शुक्रवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) व्यावसायिक शिक्षा वर्ग ‘आई’ – तृतीय प्रश्नपत्र शाम (2:00 PM – 5:15 PM) जीव विज्ञान, गणित

13 फरवरी 2027 (शनिवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) शस्य विज्ञान (व्यावसायिक), कृषि वनस्पति विज्ञान (द्वितीय प्रश्न पत्र – कृषि भाग-1), कृषि अर्थशास्त्र (सप्तम प्रश्न पत्र – कृषि भाग-2) शाम (2:00 PM – 5:15 PM) अर्थशास्त्र

15 फरवरी 2027 (सोमवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) संगीत गायन, संगीत वादन, नृत्यकला शाम (2:00 PM – 5:15 PM) रसायन विज्ञान, समाज शास्त्र

16 फरवरी 2027 (मंगलवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) कृषि भौतिकी एवं जलवायु विज्ञान (तृतीय प्रश्नपत्र – कृषि भाग-1), कृषि जन्तु विज्ञान (अष्टम् प्रश्नपत्र – कृषि भाग-2) शाम (2:00 PM – 5:15 PM) भूगोल

17 फरवरी 2027 (बुधवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) व्यावसायिक शिक्षा वर्ग ‘आई’ – चतुर्थ प्रश्नपत्र शाम (2:00 PM – 5:15 PM) भौतिक विज्ञान, सैन्य विज्ञान

18 फरवरी 2027 (गुरुवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) कृषि अभियांत्रण (चतुर्थ प्रश्नपत्र – कृषि भाग-1), कृषि पशुपालन तथा पशु चिकित्सा विज्ञान (नवम् प्रश्नपत्र – कृषि भाग-2) शाम (2:00 PM – 5:15 PM) चित्रकला आलेखन, चित्रकला प्राविधिक, रंजनकला

19 फरवरी 2027 (शुक्रवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) व्यावसायिक शिक्षा वर्ग ‘आई’ – पंचम प्रश्नपत्र शाम (2:00 PM – 5:15 PM) मानव विज्ञान

20 फरवरी 2027 (शनिवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) भाषाएँ: उर्दू, गुजराती, पंजाबी (गुरुमुखी), बंगला, मराठी, असामी, उड़िया, कन्नड़, सिन्धी, तमिल, तेलुगू, मलयालम, नेपाली शाम (2:00 PM – 5:15 PM) मनोविज्ञान, शिक्षाशास्त्र, तर्कशास्त्र

22 फरवरी 2027 (सोमवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) सामान्य आधारित विषय (व्यावसायिक वर्ग के लिये), कृषि गणित तथा प्रारम्भिक सांख्यिकी (पंचम प्रश्नपत्र – कृषि भाग-1), कृषि रसायन विज्ञान (दशम प्रश्नपत्र – कृषि भाग-2) शाम (2:00 PM – 5:15 PM) व्यवसाय अध्ययन (वाणिज्य वर्ग के लिये), गृह विज्ञान

23 फरवरी 2027 (मंगलवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) लेखाशास्त्र (वाणिज्य वर्ग के लिये), एन०सी०सी० शाम (2:00 PM – 5:15 PM) पालि, अरबी, फारसी

24 फरवरी 2027 (बुधवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) कम्प्यूटर शाम (2:00 PM – 5:15 PM) संस्कृत

IMD Weather Update: 2-3 दिनों में उत्तर-पूर्वी मानसून की दस्तक, IMD ने भारत के इन 6 राज्यों में 5 दिनों तक दिया भारी बारिश का अलर्ट

IMD Weather Update: देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, आज दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय इलाकों में अगले 2 से 3 दिनों में उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश शुरू हो सकती है। आईएमडी के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी मानसून के सक्रिय होने के बाद दक्षिणी प्रायद्वीपीय इलाकों में अगले पांच से छह दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान कई क्षेत्रों में लगातार बारिश होने की संभावना है। आइए जानते हैं आपके शहर को लेकर क्या है आईएमडी का अपडेट

इन राज्यों में होगी तेज बारिश

IMD के मुताबिक, 15 से 18 अक्टूबर के बीच केरल और माहे, तटीय और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के साथ-साथ तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 17 और 18 अक्टूबर को उत्तर आंतरिक कर्नाटक में और 15 व 16 अक्टूबर को रायलसीमा में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। विभाग के अनुसार, इस दौरान दक्षिण भारत के कई इलाकों में बारिश बढ़ सकती है। वहीं, दक्षिण-पश्चिम मानसून अब देश के बचे हुए हिस्सों से भी धीरे-धीरे वापस लौट रहा है।

दिल्ली में कैसा होगा मौसम

देश की राजधानी दिल्ली-एनसीआर में सोमवार की सुबह भारी बारिश हुई है। वहीं बारिश से प्रदुषण और गर्मी से राहत मिली है। वहीं आने वाले दिनों में भी दिल्ली में बारिश के आसार है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में 12 से 15 अक्टूबर के बीच तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ जगहों पर झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकते हैं।

कैसा होगा यूपी का मौसम

जम्मू-कश्मीर में 13 और 15 अक्टूबर, जबकि हिमाचल प्रदेश में 14 और 15 अक्टूबर को कई इलाकों में बारिश और बर्फबारी का अनुमान है। उत्तर प्रदेश में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। पश्चिमी यूपी में 11 से 16 अक्टूबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 और 16 अक्टूबर को बारिश होने की संभावना जताई गई है।

दो तरह के होते है मानसून

भारत में मानसून मुख्य रूप से दो तरह का होता है, जिनमें दक्षिण-पश्चिम मानसून सबसे अहम माना जाता है। ये आमतौर पर जून से सितंबर के बीच सक्रिय रहता है और केरल के रास्ते देश में प्रवेश करने के बाद धीरे-धीरे अलग-अलग हिस्सों में पहुंचता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के मौसम और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बेहद जरूरी है। इससे गर्मी से राहत मिलने के साथ बारिश होती है, जिसका सीधा फायदा खेती-किसानी को मिलता है। खासकर खरीफ फसलों के लिए यह बारिश बेहद महत्वपूर्ण होती है और इसका असर देश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ पर्यावरण पर भी पड़ता है।

जानें क्या है लौटता हुआ मानसून

भारत में मानसून का दूसरा प्रमुख दौर उत्तर-पूर्वी मानसून कहलाता है, जिसे लौटता हुआ मानसून भी कहा जाता है। ये आमतौर पर अक्टूबर से दिसंबर के बीच सक्रिय रहता है और इसका असर खासतौर पर दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय इलाकों में देखने को मिलता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की तुलना में इसकी बारिश कम होती है, लेकिन खेती के लिए इसका महत्व काफी ज्यादा है। उत्तर-पूर्वी मानसून से मिलने वाली बारिश दक्षिण भारत के कई हिस्सों में पानी की जरूरत पूरी करती है और रबी फसलों की अच्छी बढ़त में भी मदद करती है।

नोएडा अथॉरिटी ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी, सेक्टर 150 स्पोर्ट्स सिटी का रिवाइज्ड लेआउट प्लान मंजूर

Noida Sports City: नोएडा के सेक्टर-150 में लंबे समय से चर्चा में रहे स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। नोएडा अथॉरिटी ने स्पोर्ट्स सिटी प्लॉट-02 के संशोधित मास्टर लेआउट प्लान को मंजूरी दे दी है। अथॉरिटी ने इस फैसले की जानकारी सुप्रीम कोर्ट को हलफनामे के जरिए दी है। इस मंजूरी के बाद प्रोजेक्ट के विकास से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

नोएडा अथॉरिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कृष्णा करुणेश ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में कहा, “नोएडा अथॉरिटी ने हलफनामा दाखिल किया है और संशोधित मास्टर लेआउट प्लान के बारे में स्टेटस रिपोर्ट दी है। इस प्लान को 6 अप्रैल 2026 को अथॉरिटी की 222वीं बोर्ड बैठक में मंजूरी दी गई थी। इससे पहले आम लोगों की आपत्तियों पर विचार किया गया था। यह पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के 24 नवंबर 2025 के आदेश के अनुसार पूरी की गई है। प्रोजेक्ट के डेवलपर, लोटस ग्रीन्स कंस्ट्रक्शन्स ने 2 जनवरी, 2026 को तय फीस के साथ संशोधित मास्टर लेआउट प्लान जमा किया था। अथॉरिटी ने 6 अप्रैल को सैद्धांतिक मंजूरी दी और 6 मई, 2026 को औपचारिक मंजूरी पत्र जारी किया।”

अथॉरिटी के अधिकारियों के मुताबिक, संशोधित योजना को मंजूरी देने से पहले, अथॉरिटी ने दो राष्ट्रीय अखबारों में आपत्तियां मंगाने के लिए नोटिस जारी किए और योजना को अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया। उन्होंने कहा कि बाद में मिली आपत्तियों पर कार्रवाई की गई। अधिकारियों के अनुसार, संशोधित लेआउट में लगभग 300 एकड़ जमीन शामिल है और कुल क्षेत्र का 70% हिस्सा खेल सुविधाओं के लिए आरक्षित है।

अथॉरिटी ने यह भी बताया कि सेक्टर 150 में प्लॉट SC-02 के लिए बिल्डिंग प्लान को 9 जून को मंजूरी दी गई थी। अधिकारियों ने कहा कि संशोधित लेआउट स्काईलाइन आर्किटेक्चरल कंसल्टेंट द्वारा तैयार किया गया था और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) द्वारा इसकी जांच की गई थी।

अधिकारियों ने बताया कि अथॉरिटी ने स्पोर्ट्स सिटी 02 में चार हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए सशर्त ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी किए हैं — जिन्हें ब्रिक राइज डेवलपर्स, ऐस इन्फ्रासिटी, लैंड कार्ट बिल्डर्स और समृद्धि इन्फ्रा स्क्वायर ने विकसित किया है।

अधिकारियों के मुताबिक, पिछले महीने, तीन और डेवलपर्स ने अपने स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट्स के लिए बदले हुए लेआउट प्लान जमा किए। लॉजिक्स इंफ्रा डेवलपर्स ने सेक्टर 150 के लिए, 3C ग्रीन डेवलपर्स ने सेक्टर 78-79 के लिए और ATS होम्स ने सेक्टर 152 के लिए प्लान जमा किए। अधिकारियों ने बताया कि इन प्रस्तावों पर आगे कोई कदम उठाने से पहले अथॉरिटी ने जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं।

इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने 6 अक्टूबर को हुई सुनवाई के दौरान फैसला किया कि तीनों स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट मामलों की अलग-अलग सुनवाई की जाएगी, ताकि हर प्रोजेक्ट से जुड़े मुद्दों पर ध्यान से विचार किया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि इन तीनों मामलों में अगली सुनवाई क्रमशः 9 दिसंबर, 16 दिसंबर और 20 जनवरी को तय की गई है।

नोएडा स्पोर्ट्स सिटी: 798 एकड़ के स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का प्लान कैसे रुका

स्पोर्ट्स सिटी का कॉन्सेप्ट 2004 का है, जब नोएडा अथॉरिटी ने कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का प्लान बनाया था। अधिकारियों के मुताबिक, 2010-11 और 2015-16 के बीच चार स्कीम शुरू की गईं, जिनमें 32.3 लाख वर्ग मीटर (798 एकड़) जमीन शामिल थी और इसका 70% हिस्सा स्पोर्ट्स सुविधाओं के लिए तय किया गया था।

हालांकि, CAG की एक रिपोर्ट में गड़बड़ियों का जिक्र किया गया, जिसमें जरूरी मंजूरी के बिना अलॉटमेंट भी शामिल थे। 18 जनवरी 2021 को अथॉरिटी ने डेवलपमेंट से जुड़े काम रोक दिए, जिनमें मैप की मंजूरी और ऑक्यूपेंसी से जुड़ी प्रक्रियाएं शामिल थीं। बाद में, CAG रिपोर्ट उत्तर प्रदेश की पब्लिक अकाउंट्स कमेटी के सामने रखी गई, जिसने 29 अगस्त 2024 को स्पोर्ट्स सिटी से जुड़ी CAG की टिप्पणियों का निपटारा कर दिया।

इसके बाद 24 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने अथॉरिटी को 30-45 दिनों के अंदर बैन हटाने का निर्देश दिया। हालांकि, इस मामले पर जवाब देने के लिए लोटस ग्रीन्स उपलब्ध नहीं था।

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पुलिस कार्रवाई का दायरा बहुत बड़ा था

मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली में करीब 40 हजार जवानों की तैनाती की गई थी। इनमें 221 टुकड़ियां अर्धसैनिक बलों की थीं यानी 23 हजार के करीब अर्धसैनिक बल तैनात किए गए और दिल्ली पुलिस के 15 हजार जवान तैनात थे। लेकिन यह सिर्फ दिल्ली का आंकड़ा है। मीडिया की अलग अलग रिपोर्ट देखें तो पता चल रहा है कि पुलिस की कार्रवाई का दायरा बहुत बड़ा था। उत्तर प्रदेश की पुलिस अलग काम कर रही थी तो हरियाणा की पुलिस भी अपना काम कर रही थी। उनकी गिनती इस तैनाती में नहीं हो रही है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारी उत्तर प्रदेश और हरियाणा सरकार के साथ समन्वय कर रहे थे ताकि इन राज्यों में प्रदर्शनकारियों को रोका जाए। अगर पड़ोसी राज्यों की पुलिस की संख्या जोड़ी जाए तो आंकड़ा बहुत बड़ा हो जाएगा और पुलिस की तैयारी का स्केल भी बहुत बड़ा दिखने लगेगा।

हरियाणा पुलिस ने दिल्ली के आसपास के इलाकों में गुरुग्राम और फरीदाबाद से लेकर रोहतक और सोनीपत व पानीपत में कांग्रेस पार्टी के नेताओं को घर से निकलने से रोका। जो नेता पहले छिप कर निकल गए थे वे दिल्ली पहुंच गए लेकिन शनिवार को ज्यादातर नेताओं के घरों के बाहर पुलिस बैठा दी गई। विधायक, पूर्व विधायक को छोड़िए सामान्य नेताओं के घरों के बाहर पुलिस तैनात रही। यही स्थिति नोएडा और गाजियाबाद में दिखी। जिस पैमाने पर दिल्ली में पुलिस की तैनाती की गई उसी अनुपात में दिल्ली से लगती सीमाओं पर पुलिस तैनात की गई और बैरिकेडिंग की गई। सिंघु बॉर्डर से लेकर गाजीपुर, बदरपुर और नोएडा बॉर्डर पर हजारों जवान तैनात थे। कम ट्रैफिक होने के बावजूद बैरिकेडिंग और चेकिंग के कारण कई जगह जाम लगा रहा।