Market Insight : आज बाजार में थोड़ी वोलैटिलिटी संभव, IT के बाद 2-व्हीलर सेक्टर सबसे मजबूत सेक्टर

Market Insight : क्रूड की उछाल से बाजार का मूड बिगड़ा है। IT और फार्मा शेयरों के दम पर निफ्टी 24250 के करीब फ्लैट कारोबार कर रहा है। लेकिन बैंक निफ्टी में 350 अंकों से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी आज नरमी है। वहीं वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में हल्की बढ़त आई है। आईटी शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। IT के साथ ऑटो सेक्टर में भी अच्छी रफ्तार है। निफ्टी का ऑटो इंडेक्स करीब एक फीसदी चढ़ा है। साथ ही FMCG और फार्मा में भी हल्की खरीदारी आई है। लेकिन लेकिन रियल्टी और फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स एक फीसदी फिसले हैं। साथ ही केमिकल और डिफेंस पर भी दबाव नजर आ रहा है।

ब्रेकआउट या वापस रेंज में?

बाजार पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि इस बाजार ने 2 हफ्ते में रेंज के दोनों छोर टेस्ट किए हैं। पहले 24,300 का फेक ब्रेकआउट हुआ,जो फेल हुआ। उसके बाद 23,800 का फेक ब्रेकडाउन भी फेल हुआ। हमने 23,650-23,700 से लॉन्ग का नजरिया लिया हुआ है। 24,300-24,350 रुकावट की जगह है,चाहें तो थोड़ा मुनाफा बांधें। इस रेंज में नई लॉन्ग पोजिशंस का रिस्क-रिवॉर्ड ठीक नहीं है। बैंक निफ्टी अभी भी निफ्टी के मुकाबले थोड़ा कमजोर है। कल बैंक निफ्टी की रैली वापस 200 DMA के करीब आकर रुकी। HDFC बैंक कल की रैली के बावजूद काफी कमजोर है। आज सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी भी है, तो थोड़ी वोलैटिलिटी संभव है

US फेड के फैसला का बाजार पर असर

US फेड ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे 3.5-3.75% पर बरकरार रखा है। लगातार 5वीं बार दरें बरकरार रखी गई हैं। फेड के फैसले का बाजार पर असर की बात करें तो 10 साल की बॉन्ड यील्ड वापस 4.7% पर पहुंच गई है। 30 साल की यील्ड 5.21% पर पहुंच गई। यह 2007 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। कल डाओ जोंस 1100 अंकों से ज्यादा टूटा। S&P 500 में 1.5% और नैस्डेक में 1.7% की गिरावट आई।

कच्चे तेल में तेजी जारी

बुधवार को ब्रेंट क्रूड $90 के ऊपर बंद हुआ। ट्रंप ने कहा है कि IRGC के अचानक हमले के बाद US ईरान पर हमले और तेज करेगा। US में कमर्शियल क्रूड भंडार जून के बाद सबसे ज्यादा घटा है। US का स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व 1983 के बाद सबसे निचले स्तर पर है।

अब कहां रखें नजर?

2-व्हीलर सेक्टर IT के बाद सबसे मजबूत है। TVS मोटर और बजाज ऑटो दोनों में नतीजों के बाद री-रेटिंग हुई है। आयशर मोटर्स भी बुलेट तेजी से दौड़ रहा है। आज शायद आयशर मोटर्स हीरो ऑफ द डे भी हो सकता है। हालांकि शेयर काफी चल चुका है और मार्जिन पर थोड़ा दबाव है। फिर भी आय ग्रोथ और वॉल्यूम ग्रोथ शानदार है। 2-व्हीलर के अलावा कल FMCG में अच्छा बाउंस मिला। आज देखेंगे कि एशियन पेंट्स कैसे रिएक्ट करता है। इसके नतीजे कल आए थे लेकिन बड़ा रिएक्शन आज मिलेगा।

इनके अलावा EMS स्पेस काफी मजबूत है। Kaynes में कल एक बड़े ब्रेकआउट का संकेत मिला है। इनके अलावा फार्मा सेक्टर अभी भी काफी मजबूत है। दिक्कत सिर्फ पावर इक्विपमेंट स्पेस में हो रही है। इन शेयरों का वैल्यूएशन काफी ऊंचा था और करेक्शन का ट्रिगर मिल गया है।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 24,100-24,150 पर और बड़ा सपोर्ट 23,950-24,050 पर है। खरीदारी का जोन 24,000-24,100 है। इसके लिए SL 23,950 पर होना चाहिए। वहीं, सबसे बड़ा रजिस्टेंस 24,300-24,350 पर है। 24,300 रिजेक्ट हो तो बिकवाली करें,SL 24,350 पर रखें। 24,350 के पार गया तो आसानी से 24,500 को टेस्ट करेगा।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 56,800-57,000 पर और बड़ा सपोर्ट 56,500-56,700 पर है। सबसे अहम रजिस्टेंस 57,300-57,500 पर है। बैंक निफ्टी अभी भी सही ट्रेडिंग मूव्स नहीं दे रहा है।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

US Fed ने नहीं बदली ब्याज दरें, क्या होगा इसका भारतीय बाजार पर असर और गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहा है संकेत

Gift Nifty Indicator: गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के मामूली गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। Wall Street में रात भर हुई भारी बिकवाली के बाद GIFT Nifty सुस्त शुरुआत का संकेत दे रहा है। AI से जुड़े खर्च को लेकर बनी चिंताएं और US Federal Reserve के पॉलिसी फैसले के बाद अनिश्चितता ने पॉजिटिव इंस्टीट्यूशनल फ्लो और बुधवार की घरेलू बाजार की जोरदार रैली के असर को कम कर दिया है।

सुबह करीब 8:00 बजे GIFT Nifty 88 अंक या 0.36 फीसदी गिरकर 24,215 पर ट्रेड कर रहा था, जिससे संकेत मिलता है कि Nifty 50 बुधवार के 24,250.20 के क्लोजिंग लेवल से नीचे खुल सकता है। यह कमजोर संकेत बुधवार को भारतीय शेयरों में जोरदार रिकवरी के बाद आया है। Sensex 888.68 अंक या 1.16 फीसदी बढ़कर 77,654.60 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 264.85 अंक या 1.10 फीसदी बढ़कर 24,250.20 पर बंद हुआ।

US फेड मीटिंग का नतीजा

उम्मीद के मुताबिक, US फेडरल रिज़र्व ने चेयर केविन वॉर्श की अगुवाई में गुरुवार को ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। यह लगातार पांचवीं पॉलिसी मीटिंग थी जिसमें सेंट्रल बैंक ने दरों को स्थिर रखने का फ़ैसला किया, क्योंकि अधिकारी मॉनेटरी पॉलिसी में बदलाव करने से पहले महंगाई के आउटलुक और व्यापक आर्थिक स्थितियों का आकलन कर रहे थे।

यह घोषणा फेडरल रिज़र्व की दो दिन की फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) मीटिंग खत्म होने के बाद की गई।फेड ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर को 3.50%-3.75% पर बनाए रखा। इसने महंगाई, बेरोज़गारी और कुल आर्थिक विकास के अपने अनुमानों को भी जून की पॉलिसी मीटिंग में पेश किए गए अनुमानों के मुकाबले काफ़ी हद तक जस का तस रखा।

एशियाई बाजारों में तेजी

Federal Reserve द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने के बाद गुरुवार को एशियाई शेयरों मेंबढ़त के साथ कारोबार हुआ। वहीं, ग्लोबल टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी बिकवाली के बाद निवेशक AI से जुड़े खर्च के आउटलुक का आकलन करते रहे। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 1 फीसदी से अधिक की बढ़त हुई, जबकि जापान के Nikkei में लगभग 2 फीसदी की तेजी आई। दक्षिण कोरिया के Kospi में हफ्ते की शुरुआत में भारी नुकसान के बाद 4 फीसदी की रिकवरी हुई, हालांकि यह साप्ताहिक आधार पर बड़ी गिरावट की ओर बढ़ रहा था। Nasdaq फ्यूचर्स में 1.2 फीसदी की बढ़त हुई, जबकि यूरोपियन फ्यूचर्स ने हल्की पॉजिटिव शुरुआत का संकेत दिया।

गुरुवार की रिकवरी के बावजूद, भारी AI निवेश पर रिटर्न को लेकर चिंताओं के बीच सेमीकंडक्टर शेयरों में भारी गिरावट के बाद निवेशक सतर्क बने रहे।

बुधवार को US शेयर बाजार में भारी गिरावट के साथ कारोबार खत्म हुआ, क्योंकि Federal Reserve ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया और टेक्नोलॉजी शेयरों में हालिया गिरावट जारी रही। फेड ने ब्याज दरों को 3.50-3.75 प्रतिशत की रेंज में ही बनाए रखा, जो उम्मीदों के मुताबिक था, हालांकि तीन पॉलिसीमेकर्स ने दरों में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी के पक्ष में असहमति जताई।

माइक्रोसॉफ्ट और मेटा प्लेटफॉर्म्स के नतीजों से पहले निवेशकों द्वारा AI-से जुड़े शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम करने के कारण डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 2.19 प्रतिशत, S&P 500 1.52 प्रतिशत और नैस्डैक कम्पोजिट 1.74 प्रतिशत गिर गए।

क्रूड में नरमी

पिछले सेशन में तेजी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई, क्योंकि तनाव बढ़ने के बावजूद मध्य पूर्व से टैंकरों का आवागमन जारी रहा। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.42 प्रतिशत गिरकर 89.45 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.66 प्रतिशत गिरकर 83.90 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। यह गिरावट ईरान संघर्ष के दौरान आई सबसे बड़ी तेजी के बाद हुई है; बुधवार को ब्रेंट में लगभग 8 प्रतिशत और WTI में 6.5 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई थी।

हालांकि तेल की कीमतों में नरमी आई, लेकिन US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए बयानों और क्षेत्र में लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण जियोपॉलिटिकल तनाव बना हुआ है।

क्या होगा इसका भारतीय बाजार पर असर

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने के फैसले से निकट भविष्य की एक बड़ी अनिश्चितता खत्म हो गई है, लेकिन पॉलिसीमेकर्स के बीच बंटे हुए वोट से संकेत मिलता है कि भविष्य की पॉलिसी का रास्ता डेटा पर निर्भर करेगा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और मध्य पूर्व में फिर से बढ़ा जियोपॉलिटिकल तनाव भी भारतीय बाजारों के लिए मुख्य जोखिम बने हुए हैं, जबकि FII और DII की खरीदारी से सपोर्ट मिल रहा है।

पोनमुडी ने कहा कि 24,200 के स्तर को फिर से हासिल करने के बाद निफ्टी में सकारात्मक रुख बना हुआ है। 24,300-24,400 का ज़ोन तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है, और इसके ऊपर निर्णायक रूप से जाने पर 24,500-24,600 की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है। नीचे की ओर, 24,150-24,000 मुख्य सपोर्ट ज़ोन है, जबकि 24,000 के नीचे जाने पर 23,900-23,800 के स्तर की ओर प्रॉफिट-बुकिंग शुरू हो सकती है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा कमजोर शुरुआत के संकेत, फोकस में NBCC, MTAR Tech, Eicher Motors

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Top News 30 July: सुप्रीम कोर्ट में पैलेट गन पर सुनवाई, 3 राज्यों में उपचुनाव की वोटिंग, कांवड़ यात्रा शुरू

top news 30 july

Top News 30 July : पैलेट गन पर रोक के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई। बांकीपुर, दतिया और मांजलपुर में विधानसभा उपचुनावों के लिए मतदान जारी है। श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही आज से देशभर में कांवड़ यात्रा भी शुरू हो गई। US फेड ने ब्याज दरें नहीं बदलीं। पल पल की जानकारी…

 

पैलेट गन मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

पैलेट गन पर रोक के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई। 20 जुलाई के प्रदर्शन में घायल 3 लोगों ने याचिका लगाकर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक की मांग की। उन्होंने कहा कि बिना वजह जवानों ने फायरिंग की।

 

बांकीपुर, दतिया और मांजलपुर में मतदान

बिहार के बांकीपुर, मध्य प्रदेश के दतिया और गुजरात के मांजलपुर में विधानसभा उपचुनावों के लिए मतदान जारी है। तीनों ही सीटों पर शाम 6 बजे तक वोट डाले जाएंगे। 3 अगस्त को मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे। तीनों ही सीटों पर भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।

 

सावन मास और कांवड़ यात्रा की शुरुआत

सावन (श्रावण) मास की शुरुआत के साथ ही आज से देशभर में कांवड़ यात्रा भी शुरू हो गई। शिव जी की पूजा और उपासना के लिए शिव मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में कांवड़ यात्रा को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ALSO READ: सावन का पहला सोमवार कब है? जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और 5 खास उपाय

 

US फेड ने ब्याज दरें नहीं बदलीं

फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें 3.50% से 3.75% के दायरे में स्थिर रखने का फैसला लिया है। बैठक के दौरान मौजूदा मुद्रास्फीति पर चिंता भी जताई गई। फेड अध्यक्ष नियुक्त किए गए केविन वॉर्श ट्रंप के विश्वासपात्र माने जाते हैं। 

 

नितेश तिवारी की रामायण का ट्रेलर रिलीज

30 जुलाई की सुबह ‘रामायण’ का ट्रेलर लॉन्च कर दिया। लगभग 4 मिनट के इस ट्रेलर में यश, रणबीर कपूर, साई पल्लवी, रवि दुबे, अरुण गोविल, लारा दत्ता, रकुल प्रीत सिंह और विवेक ओबेरॉय समेत अधिकतर कलाकार नजर आए।

US-Iran War Update: अमेरिका ने ईरान में फिर शुरू किए घातक हमले! कई ठिकानों पर की एयरस्ट्राइक, सऊदी अरब ने भी बरपाया कहर

US-Iran War Update: जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरानी मिसाइल हमले के एक दिन बाद अमेरिका ने गुरुवार (30 जुलाई) तड़के ईरान के कई ठिकानों पर एयरस्ट्राइक शुरू कर दिए। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद की गई। उन्होंने कहा था कि ईरान को बहुत कड़ा जवाब दिया जाएगा। अमेरिका की न्यूज वेबसाइट Axios ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि अमेरिकी सेना ने गुरुवार सुबह ईरान में कई ठिकानों पर हवाई हमले किए।

इसके कुछ ही देर बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इन हमलों की पुष्टि की। CENTCOM ने अपने बयान में कहा कि यह कार्रवाई मंगलवार को जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए ईरानी मिसाइल हमलों के जवाब में की गई है। अमेरिकी सेना ने इसे मध्य-पूर्व में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर हुए हमलों के खिलाफ सशक्त और निर्णायक प्रतिक्रिया बताया।

ट्रंप ने ईरान को दी घमकी

इससे पहले बुधवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘व्हाइट हाउस’ के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा था कि अब जवाब देने की बारी अमेरिका की है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने मिसाइल लॉन्च को गलती बताया है। अमेरिका से जवाबी कार्रवाई नहीं करने का अनुरोध किया है।

ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, “अब हमारी बारी है। हम उन पर बहुत जोरदार हमला करेंगे। उन्हें पता है कि यह आने वाला है।” पिछले शुक्रवार से अमेरिका ने ईरान पर हमलों में पांच दिन का विराम लिया था। इससे पहले लगातार 13 रातों तक ईरानी ठिकानों पर अमेरिकी हमले किए गए थे।

ईरान में कई जगह धमाकों की खबर

अमेरिकी हमलों के तुरंत बाद ईरानी सरकारी मीडिया ने देश के कई हिस्सों में विस्फोट होने की जानकारी दी। ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB के अनुसार, बुशेहर प्रांत में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। यह वही इलाका है जहां ईरान का एकमात्र परमाणु प्लांट स्थित है। इसके अलावा दक्षिणी क्षेत्रों से भी विस्फोटों की खबरें सामने आईं। ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी ने भी अमेरिकी हमलों के बाद देश के कई हिस्सों में विस्फोट होने की जानकारी दी।

बाद में IRIB ने बताया कि खुजेस्तान प्रांत के अबादान क्षेत्र में भी अमेरिकी बलों ने हमला किया। इसके अलावा होर्मोज़गान प्रांत के बंदर अब्बास और अबू मूसा, किश तथा क़ेश्म द्वीपों पर भी विस्फोटों की सूचना मिली। वहीं, ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सीरिक शहर पर किसी हमले की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल दोनों देशों की ओर से हालात पर करीबी नजर रखी जा रही है।

इराक में अमेरिका एवं सऊदी के हमले में 20 लोगों की मौत, 32 घायल

इस बीच, इराक में अमेरिका और सऊदी अरब के जॉइंट हवाई हमलों में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई और 32 अन्य घायल हो गए। इन हमलों में ईरान से जुड़े लॉजिस्टिक्स और हथियारों के ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस घटना के बाद बगदाद में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक बुलाई गई है। दूसरी ओर, तेहरान ने जॉर्डन में मौजूद अमरीकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी मिसाइल हमले करने का दावा किया है।

इराक के पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस (PMF) ने टेलीग्राम पर एक बयान जारी कर पुष्टि की कि अमेरिका और सऊदी अरब के हमलों में कम से कम 20 जवान शहीद हुए हैं और 32 घायल हैं। समूह के अनुसार, ये हमले बगदाद, वासित, निनवे, बसरा, किरकुक, कर्बला और दियाला समेत सात प्रांतों में स्थित उनके सैन्य ठिकानों पर हुए। इससे उनके मुख्यालयों, वाहनों और हथियारों को भारी नुकसान पहुंचा है।

पीएमएफ का कहना है कि राहत कार्य जारी होने के कारण मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता है। इससे पहले पीएमएफ की 30वीं ब्रिगेड ने बताया कि स्थानीय समयानुसार तड़के करीब 3:20 बजे उत्तरी इराक के निनवे प्रांत में सात हमले किए गए, जिनमें 10 लोगों की मौत हुई और छह अन्य घायल हो गए।

इराक में हड़कंप

इराक के प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, हमलों की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री अली फलीह अल-जैदी ने बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी मंत्रिस्तरीय परिषद की आपातकालीन बैठक बुलाई। अमेरिकी और सऊदी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान समर्थित लड़ाकों द्वारा अमेरिकी सैनिकों और सऊदी ऑयल प्लांटों पर किए गए लगातार हमलों के जवाब में की गई है।

एक बयान में यह भी बताया गया कि इस साल फरवरी से अप्रैल के बीच ईरान समर्थित गुटों ने अमरीकी ठिकानों पर 600 से अधिक बार हमला करने की कोशिश की थी। बयान में आगाह किया गया कि आगे की सैन्य कार्रवाई से बचने के लिए आईआरजीसी और उसके सहयोगी समूह तुरंत हमले रोक दें। पीएमएफ के कई बड़े गुटों के रिश्ते ईरान की आईआरजीसी के साथ बेहद मजबूत हैं और वे उसके क्षेत्रीय नेटवर्क का हिस्सा हैं।

ये समूह मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना और उसके सहयोगियों पर लगातार हमले करते रहे हैं। इन हवाई हमलों के कुछ ही घंटे बाद ईरान की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई की घोषणा कर दी गई। आईआरजीसी की एयरोस्पेस फ़ोर्स ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी एयर बेस और सेंटकॉम मुख्यालय पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है।

ये भी पढ़ें- NEET protest case: NEET प्रोटेस्ट मामले में नया मोड़! रूस में होने के बावजूद बिहार के युवक पर FIR दर्ज, यूजर्स ने उठाए सवाल

बुधवार तड़के जारी बयान में आईआरजीसी ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी सेना के आक्रामक रुख का करारा जवाब है। आईआरजीसी ने कहा कि उसके जांबाज सैनिकों ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को मिसाइलों से निशाना बनाया है। जब तक ईरान के खिलाफ अमेरिका की धमकियां और गैर-कानूनी गतिविधियां बंद नहीं होंगी, तब तक उनका यह प्रतिरोध जारी रहेगा।

Donald Trump : ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी, जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले के बाद बोले- ‘करारा जवाब देंगे’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले के बाद ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस हमले का 'करारा जवाब' देगा। अमेरिकी सेना ने इस हमले को ईरान की ओर से किया गया 'अचानक हमला करने का प्रयास' बताया है, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया। फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने सभी आने वाली मिसाइलों को उनके लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही सफलतापूर्वक मार गिराया। ट्रंप ने कहा, “हम उन्हें कड़ा सबक सिखाएंगे। हम उन पर पूरी ताकत से जवाबी कार्रवाई करेंगे।”

ALSO READ: अमित शाह को जाना होगा, छात्रों पर चलवाईं गोलियां, गृह मंत्री को हटाए सरकार, प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले राहुल गांधी

CENTCOM ने किया हमले को नाकाम करने का दावा

 

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सैनिकों और ठिकानों को निशाना बनाते हुए कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, अमेरिकी रक्षा प्रणाली ने सभी मिसाइलों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।

 

ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी बलों के पास प्रतिक्रिया देने के लिए केवल कुछ मिनट ही थे, लेकिन उन्होंने तेजी से कार्रवाई करते हुए मिसाइलों को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही रोक लिया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने उस अभियान का वीडियो देखा, जिसमें अमेरिकी सैनिक वास्तविक समय में मिसाइलों की स्थिति बताते हुए उन्हें इंटरसेप्ट कर रहे थे।

ALSO READ: Paper Leak Law 2026 : लोकसभा से पास हुआ नया एंटी पेपर लीक बिल, अब 10 साल की जेल और 10 रुपए करोड़ तक जुर्माना, क्या-क्या बदला

जॉर्डन ने भी पांच मिसाइलें मार गिराने का दावा किया

 

इस बीच, जॉर्डन की सेना ने भी बुधवार को कहा कि उसने देश की ओर दागी गई पांच मिसाइलों को सफलतापूर्वक मार गिराया। वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि इन मिसाइलों का निशाना जॉर्डन का मुवाफ्फाक साल्ती एयर बेस और जॉर्डन स्थित अमेरिकी सेंट्रल कमांड का मुख्यालय था।

ALSO READ: Audi Q9 : Audi की अब तक की सबसे बड़ी SUV से उठा पर्दा, 7-सीटर लग्जरी, Hands-Free Driving और V8 इंजन से होगी लैस

ईरान समर्थित मिलिशिया पर भी कार्रवाई

इससे पहले CENTCOM ने पुष्टि की थी कि अमेरिकी और सऊदी अरब की सेनाओं ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों पर संयुक्त अभियान चलाकर हवाई हमले किए। ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई इराक सरकार के समन्वय से की गई और ईरान समर्थित मिलिशिया को “दुनिया के लिए कैंसर” बताया। उन्होंने संकेत दिया कि उनकी सरकार ईरान समर्थित अन्य समूहों को भी कड़ी चेतावनी देने पर विचार कर रही है।

Stocks to Watch: 30 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, मिल सकता तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: गुरुवार के कारोबारी सत्र में कई बड़े शेयर फोकस में रह सकते हैं। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के मजबूत नतीजे जारी किए हैं। कुछ के प्रदर्शन ने निवेशकों को निराश किया है। इसके अलावा एक सरकारी कंपनी में बड़ा मैनेजमेंट बदलाव भी हुआ है। आइए जानते हैं 30 जुलाई को किन 16 शेयरों पर बाजार की सबसे ज्यादा नजर रहेगी।

Eicher Motors

दोपहिया और कमर्शियल व्हीकल बनाने वाली कंपनी आयशर मोटर्स का जून तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 21.4% बढ़कर 1,462 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 31.5% बढ़कर 6,632 करोड़ रुपये हो गया। मुनाफा और रेवेन्यू दोनों ही CNBC-TV18 के अनुमान से बेहतर रहे।

Dabur

एफएमसीजी कंपनी डाबर का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 15.3% बढ़कर 586 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 10.6% बढ़कर 3,764.3 करोड़ रुपये और EBITDA 11% बढ़कर 741.2 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 19.6% से बढ़कर 19.7% रहा। मुनाफा अनुमान से बेहतर रहा, जबकि बाकी आंकड़े अनुमान के मुताबिक रहे।

MOIL

सरकारी मैंगनीज माइनिंग कंपनी MOIL का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट 70.1% बढ़कर 87.6 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 51.5 करोड़ रुपये था। रेवेन्यू 6.6% बढ़कर 370.9 करोड़ रुपये और EBITDA 72.3% बढ़कर 135.8 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 22.6% से बढ़कर 36.6% हो गया।

Bajaj Housing Finance

बजाज ग्रुप की कंपनी बजाज हाउसिंग फाइनेंस का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 22.6% बढ़कर 715 करोड़ रुपये रहा। NII 9% बढ़कर 968 करोड़ रुपये और कुल आय 17.2% बढ़कर 3,063 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ। ग्रॉस NPA 0.30% से घटकर 0.29% और नेट NPA 0.13% से घटकर 0.12% रहा।

Vedanta Oil & Gas

ऑयल एंड गैस कंपनी वेदांता ऑयल एंड गैस ने जून तिमाही में 945 करोड़ रुपये का प्रॉफिट दर्ज किया। पिछली तिमाही में कंपनी को 476 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। रेवेन्यू 3.1% घटकर 2,507 करोड़ रुपये और EBITDA 7.7% घटकर 814 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 34.1% से घटकर 32.5% पर आ गया।

Vedanta Iron & Steel

स्टील कंपनी वेदांता आयरन एंड स्टील ने जून तिमाही में 121 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया। पिछली तिमाही में कंपनी को 1,939 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। रेवेन्यू 5.2% घटकर 3,662 करोड़ रुपये और EBITDA 8.1% घटकर 508 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 14.3% से घटकर 14% रह गया।

Vedanta Power

बिजली कंपनी वेदांता पावर को जून तिमाही में 423 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ। पिछली तिमाही में कंपनी ने 139 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। 487 करोड़ रुपये के एक्सेप्शनल लॉस का असर नतीजों पर दिखा, जबकि रेवेन्यू 31% बढ़कर 2,607 करोड़ रुपये रहा।

Waaree Energies

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी वारी एनर्जीज का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट 14.1% बढ़कर 850 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 79.2% बढ़कर 7,932 करोड़ रुपये और EBITDA 44.4% बढ़कर 1,440 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन 22.5% से घटकर 18.2% पर आ गया।

Cochin Shipyard

सरकारी शिपबिल्डिंग कंपनी कोचीन शिपयार्ड के डायरेक्टर (फाइनेंस) जोस वी. जे. अगले सात महीने तक CMD का अतिरिक्त प्रभार संभालते रहेंगे। उनकी नियुक्ति 1 अगस्त 2026 से बढ़ाई गई है। इस विस्तार को कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने मंजूरी दी है।

Star Health

हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी स्टार हेल्थ का जून तिमाही का मुनाफा 438 करोड़ रुपये से बढ़कर 550 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी की आय भी बढ़कर 4,917 करोड़ रुपये पहुंच गई। पिछले साल की समान तिमाही में यह 4,336 करोड़ रुपये थी।

MTAR Tech

इंजीनियरिंग कंपनी MTAR Tech का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट 10.8 करोड़ रुपये से बढ़कर 50.2 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 157 करोड़ रुपये से बढ़कर 360 करोड़ रुपये और EBITDA 28 करोड़ रुपये से बढ़कर 85 करोड़ रुपये पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 18.1% से बढ़कर 23.5% हो गया।

Balkrishna Industries

टायर कंपनी बालकृष्ण इंडस्ट्रीज का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 287 करोड़ रुपये से बढ़कर 432 करोड़ रुपये हो गया। आय बढ़कर 3,445 करोड़ रुपये और EBITDA 724 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 18.2% से बढ़कर 21.01% हो गया। कंपनी ने 4 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

TBO Tek

ट्रैवल टेक कंपनी TBO Tek का जून तिमाही का प्रॉफिट 32.4% बढ़कर 83.3 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 81.1% बढ़कर 925.7 करोड़ रुपये और EBITDA 86.6% बढ़कर 138 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 14.4% से बढ़कर 14.9% रहा।

TeamLease

स्टाफिंग और एचआर सर्विसेज कंपनी TeamLease का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 31.4% बढ़कर 34.9 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 5.8% बढ़कर 3,034.7 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA 2.7% बढ़कर 31.5 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 1% पर स्थिर बना रहा।

Triveni Engineering

इंजीनियरिंग और शुगर सेक्टर की कंपनी त्रिवेणी इंजीनियरिंग का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 2.1 करोड़ रुपये से बढ़कर 3.65 करोड़ रुपये हो गया। कंसोलिडेटेड आय 1,950 करोड़ रुपये और EBITDA 52.9 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 1.96% से बढ़कर 2.71% हो गया।

Redington

आईटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी रेडिंग्टन का जून तिमाही का मुनाफा 76.6% बढ़कर 486 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 34.6% बढ़कर 34,922 करोड़ रुपये और EBITDA 76.8% बढ़कर 708 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 1.5% से बढ़कर 2% रहा।

कल ये कंपनियां तिमाही नतीजे जारी करेंगी

गुरुवार को कई बड़ी कंपनियां जून तिमाही (Q1) के नतीजे जारी करेंगी। इनमें आर्कियन केमिकल इंडस्ट्रीज, अजंता फार्मा, अपोलो पाइप्स, AWL एग्री बिजनेस, बजाज फाइनेंस, बेस्ट एग्रोलाइफ, एक्साइड इंडस्ट्रीज, ICRA और इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) शामिल हैं। इन कंपनियों के नतीजों पर निवेशकों की नजर रहेगी।

Crude Oil Price: कच्चे तेल में तूफानी तेजी, ट्रंप की धमकी के बाद 7% उछलकर 90 डॉलर के पार पहुंचा भाव

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

‘ईरान पर जोरदार हमला करेंगे, उनकी बुरी हालत कर देंगे…’, जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले के बाद आगबबूला हुए ट्रंप; फिर भड़केगा युद्ध?

जॉर्डन में अमेरिकी सेना पर ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों के हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा जवाब देने का वादा किया है। उन्होंने कहा, हम उन्हें बुरी तरह हराएंगे।अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, ट्रंप ने कहा, “हम उन पर जोरदार हमला करेंगे। उन्हें करारी मार झेलनी पड़ेगी।”ट्

Read More

Crude Oil Price: कच्चे तेल में तूफानी तेजी, ट्रंप की धमकी के बाद 7% उछलकर 90 डॉलर के पार पहुंचा भाव

Crude Oil Price: पश्चिम एशिया में हालात एक बार फिर बिगड़ते दिख रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को नई सैन्य कार्रवाई की खुली चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिकी ठिकानों पर हमले जारी रहे तो अमेरिका जोरदार जवाब देगा। इसके चलते कच्चे तेल के दामों में जोरदार तेजी आई और वो 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए।

ट्रंप बोले- ईरान पर करेंगे जोरदार हमला

ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकाने को निशाना बनाने का दावा किया है। वहीं, अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित गुटों पर संयुक्त हवाई हमले किए हैं। इन घटनाओं से कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।

Fox News से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा, “हम ईरान पर जोरदार हमला करेंगे।” ट्रंप ने साफ कहा कि जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हुए हमलों का जवाब सीधे ईरान को दिया जाएगा। उनके बयान से संकेत मिला है कि दोनों देशों के बीच तनाव फिर से तेजी से बढ़ सकता है।

100 डॉलर तक जा सकता है कच्चा तेल

बुधवार को रात 8.20 बजे तक क्रूड 7.68% चढ़कर 90.54 डॉलर प्रति बैरल पर था। DBS बैंक का अनुमान है कि आने वाले दिनों में ब्रेंट क्रूड 80 से 100 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में रह सकता है। वहीं, OPEC+ भी अक्टूबर से कुछ समय के लिए उत्पादन बढ़ाने की योजना टाल सकता है।

DBS बैंक के एनर्जी रिसर्च हेड सुव्रो सरकार का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत के संकेत जरूर दिए हैं, लेकिन इससे हॉर्मुज का संकट पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अगर तनाव कम भी होता है, तब भी कच्चे तेल की कीमतों के 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे जाने की संभावना फिलहाल कम दिखती है।

हूती विद्रोही वसूल सकते हैं शुल्क

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यमन का हूती समूह अब दक्षिणी लाल सागर से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों से शुल्क लेने पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन ने हूती विद्रोहियों से सीधे बातचीत की है। मकसद यह है कि उसके तेल टैंकरों को इस रास्ते से सुरक्षित गुजरने दिया जाए।

अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट (API) के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, 24 जुलाई को खत्म हुए हफ्ते में अमेरिका का कच्चे तेल का भंडार करीब 33 लाख बैरल घटा है।

OPEC+ भी ले सकता है बड़ा फैसला

रॉयटर्स के मुताबिक, OPEC+ अक्टूबर से अगले तीन महीने तक उत्पादन बढ़ाने की योजना रोक सकता है। अगर ऐसा होता है तो बाजार में सप्लाई सीमित रह सकती है। इससे कच्चे तेल की कीमतों को और सहारा मिल सकता है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर उत्पादन में कटौती के साथ ईरान युद्ध का संकट गहराता है, तो कीमतें 100 डॉलर के पार पहुंच गई हैं।

Waaree Energies Q1 Results: सोलर कंपनी को ₹850 करोड़ का मुनाफा, अमेरिका में मिली बड़ी राहत

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold silver Prices Today: दिल्ली में सोने का भाव अपरिवर्तित, नजरें फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर

Gold silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 29 जुलाई को सोने की कीमतें अपरिवर्तित रही। हालांकि, चांदी में 500 रुपये की रिकवरी दिखी। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, सोने की कीमत बगैर किसी बदलाव के 1,47,000 रुपये प्रति 10 ग्राम रही। चांदी 500 रुपये चढ़कर 2,25,300 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट 

कमोडिटी एक्सचेंज MCX में गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट दिखी। शाम के कारोबार में गोल्ड फ्यूचर्स 0.35 फीसदी यानी 503 रुपये गिरकर 1,41,120 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.38 फीसदी यानी 820 रुपये गिरकर 2,15,020 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में नरमी, चांदी में तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में नरमी दिखी। स्पॉट गोल्ड 0.2 फीसदी गिरकर 4,020 डॉलर प्रति औंस था। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स भी 0.4 फीसदी गिरकर 4,019 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। स्पॉट सिल्वर 0.2 फीसदी चढ़कर 57.25 डॉलर प्रति औंस चल रहा था।

इनवेस्टर्स की नजरें फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने की कीमतों पर डॉलर में मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल का असर पड़ा। हालांकि, ट्रेडर्स और इनवेस्टर्स की नजरें फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर लगी हैं। भारतीय समय के मुताबिक, आज देर रात फेड अपनी पॉलिसी का ऐलान करेगा। अमेरिकी केंद्रीय बैंक के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की उम्मीद कम है। लेकिन, फेड चेयरमैन केविन वॉर्श की कमेंट्री से केंद्रीय बैंक के रुख का संकेत मिलेगा।

डॉलर में मजबूती और बॉन्ड यील्ड में उछाल का सोने पर असर

अमेरिकन गोल्ड एक्सचेंज में मार्केट एनालिस्ट जिम वायकॉफ ने कहा, “अमेरिकी डॉलर में मजबूती और बढ़ती ट्रेजरी यील्ड गोल्ड के लिए निगेटिव हैं। लेकिन, गोल्ड और सिल्वर मार्केट्स को FOMC के फैसले और चेयरमैन वॉर्श के प्रेस कॉन्फ्रेंस का इंतजार है।” उधर, क्रूड की कीमतों में अचानक उछाल आया। इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर हमले का ऐलान हो सकता है।

यह भी पढ़ें: Gold Price Today: दो वजहों से और टूटा गोल्ड, 10 शहरों में अब इस भाव पर बिक रहा 24 से 18 कैरट सोना

क्रूड में उछाल से सोने पर बढ़ सकता है दबाव 

क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल का सोने की कीमतों पर निगेटिव असर पड़ता है। इसकी वजह यह है कि क्रूड महंगा होने से महंगाई बढ़ने का डर बढ़ जाता है। महंगाई बढ़ने पर फेडरल रिजर्व सहित दुनिया के दूसरे बैंक इंटरेस्ट रेट उम्मीद से पहले बढ़ा सकते हैं। फेडरल रिजर्व पहले ही इनफ्लेशन कंट्रोल को अपनी प्राथमिकता बता चुका है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक घटती है।

‘अब मचेगी तबाही…’, इस मिलिट्री बेस पर हुए हमले से बौखलाया अमेरिका, ट्रंप ने ईरान को दी सीधी धमकी

जॉर्डन में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर हुए हमलों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच सीधी जारी जंग टालने की कोशिशें हो रही थीं, लेकिन अब हालात फिर से बेहद गंभीर होते दिखाई दे रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हुए हमलों का कड़ा जवाब दिया जाएगा। फॉक्स न्यूज़ से बातचीत में उन्होंने कहा, “हम ईरान के खिलाफ सख्त सैन्य कार्रवाई करेंगे।” ट्रंप ने दोहराया कि जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाए जाने के जवाब में अमेरिका ईरान पर हमला करेगा। इस हमले का जवाब पूरी ताकत के साथ दिया जाएगा।

ट्रंप ने ईरान को दी सीधी धमकी

बता दें कि, ट्रंप की तरह से ये चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब ईरान ने जॉर्डन की ओर मिसाइलें दागीं। कुछ समय से अमेरिका और ईरान के बीच सीधी सैन्य टक्कर नहीं हुई थी, लेकिन इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव फिर बढ़ गया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उन्होंने कई बैलिस्टिक मिसाइलों से जॉर्डन में मौजूद एक अमेरिकी एयरबेस और अमेरिकी सेंट्रल कमांड के ठिकाने को निशाना बनाया। हालांकि, जॉर्डन की सेना का कहना है कि उसने ईरान की पांच मिसाइलों को रास्ते में ही मार गिराया। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने यह भी कहा कि जब तक ईरान की सुरक्षा को खतरा बना रहेगा, तब तक उनकी कार्रवाई जारी रहेगी।

जंग में अब सऊदी अरब की भी हुई एंट्री

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान से कुछ घंटे पहले अमेरिका और सऊदी अरब की सेनाओं ने इराक में ईरान स्पोर्टेड आर्मड ग्रुप के ठिकानों पर ज्वाइंट हवाई हमला किया। अमेरिकी सेना ने बताया कि इस कार्रवाई में ईरान समर्थित समूहों के हथियारों के भंडार और रसद (लॉजिस्टिक्स) से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। वहीं, इराक के हशद अल-शाबी (पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज) ने दावा किया कि इन हमलों में बगदाद समेत सात प्रांतों में उसके कम से कम 20 सदस्य मारे गए। इस संगठन ने हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह एक सरकारी सुरक्षा बल के खिलाफ उठाया गया ऐसा कदम है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।

सऊदी अरब ने कहा कि इराक में किए गए हवाई हमले उसके तेल ठिकानों पर ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों के हमलों के जवाब में किए गए हैं। रियाद का कहना है कि इससे पहले उसने इन समूहों की ओर से भेजे गए ड्रोन भी मार गिराए थे।

होर्मुज को लेकर बढ़ा तनाव

इस बीच, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी तनाव बना हुआ है। यह दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। ईरान अब भी इस क्षेत्र में अपनी सख्त निगरानी बनाए हुए है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उन्होंने बुधवार को इस जलमार्ग में तीन तेल टैंकरों को रोका। साथ ही उन्होंने कहा कि इस रणनीतिक समुद्री रास्ते पर ईरान का पूरा नियंत्रण है। इन घटनाओं के बाद दुनिया भर में तेल की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है, जिसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिला। इससे पहले भी होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और सऊदी अरब के तेल निर्यात को लेकर दी गई धमकियों के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर दबाव बना हुआ था।