Top News 31 July: ITR भरने की आखिरी तारीख आज, 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, भिवंडी हादसा समेत 5 बड़ी खबरें

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Top News 31 July : आज इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख है। मौसम विभाग ने 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भिवंडी में 4 मंजिला इमारत गिरी। संसद में एंटी पेपर लिक बिल पास होने के बाद पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम पर जारी किया वीडियो मैसेज। प्रियंका गांधी की  IIT मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटि को लेकर की गई टिप्पणी पर बवाल। 31 जुलाई की बड़ी खबरें : 

 

ITR भरने की आज आखिरी तारीख

आईटीआर भरने की आज आखिरी तारीख है। अगर आपने अभी तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं किया है, तो जल्द कर लें। समय पर आईटीआर भरने से आपका टैक्स रिकॉर्ड सही रहता है, ज्यादा कटा हुआ टैक्स वापस (रिफंड) मिल सकता है और बाद में जुर्माने जैसी परेशानी से बचा जा सकता है। ALSO READ: ITR Filing 2026 Deadline: 31 जुलाई से पहले ऐसे भरें आयकर रिटर्न, पेनल्टी से बचें

 

IMD का 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दो सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और एक पश्चिमी विक्षोभ आने वाले दिनों में कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश करा सकते हैं। देश के 17 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ALSO READ: IMD का बड़ा अलर्ट: 17 राज्यों में भारी बारिश का खतरा, क्या है बाढ़ प्रभावित गुजरात-असम का हाल?

 

भिवंडी में 4 मंजिला इमारत गिरी

महाराष्‍ट्र के भिवंडी में देर रात एक निर्माणाधिन 4 मंजिला इमारत का एक हिस्सा गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई। NDRF समेत कई टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी।

 

एंटी पेपर लीक बिल पास होने पर क्या बोले पीएम मोदी?

संसद में पेपर लीक विरोधी विधेयक पारित होने का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर अपने संदेश में कहा कि सरकार देश की परीक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगी। उन्होंने दोहराया कि पेपर लीक गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। परीक्षा प्रणाली को और मजबूत करने के लिए आने वाले समय में कई और कदम उठाए जाएंगे। ALSO READ: Anti Paper Leak Bill 2026 : पेपर लीक विरोधी बिल पास होने पर इंस्टाग्राम पर PM मोदी का संदेश, पेपर लीक गैंग पर होगी सख्त कार्रवाई

 

प्रियंका गांधी की ‘गौमूत्र एक्सपर्ट’ टिप्पणी पर बवाल

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की IIT मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटि को लेकर की गई कथित ‘गौमूत्र एक्सपर्ट’ टिप्पणी पर 200 से अधिक शिक्षाविदों ने कड़ी आपत्ति जताई है। 214 शिक्षाविदों के हस्ताक्षर वाले एक खुले पत्र में प्रियंका गांधी की टिप्पणी की आलोचना करते हुए इसे एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और शिक्षाविद के प्रति अनुचित बताया गया है। ALSO READ: Priyanka Gandhi Remark : प्रियंका गांधी की 'गौमूत्र एक्सपर्ट' टिप्पणी पर 214 शिक्षाविदों का खुला पत्र, IIT मद्रास निदेशक के समर्थन में उठी आवाज

Donald Trump : ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी, जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले के बाद बोले- ‘करारा जवाब देंगे’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले के बाद ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस हमले का 'करारा जवाब' देगा। अमेरिकी सेना ने इस हमले को ईरान की ओर से किया गया 'अचानक हमला करने का प्रयास' बताया है, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया। फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने सभी आने वाली मिसाइलों को उनके लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही सफलतापूर्वक मार गिराया। ट्रंप ने कहा, “हम उन्हें कड़ा सबक सिखाएंगे। हम उन पर पूरी ताकत से जवाबी कार्रवाई करेंगे।”

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CENTCOM ने किया हमले को नाकाम करने का दावा

 

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सैनिकों और ठिकानों को निशाना बनाते हुए कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, अमेरिकी रक्षा प्रणाली ने सभी मिसाइलों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।

 

ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी बलों के पास प्रतिक्रिया देने के लिए केवल कुछ मिनट ही थे, लेकिन उन्होंने तेजी से कार्रवाई करते हुए मिसाइलों को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही रोक लिया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने उस अभियान का वीडियो देखा, जिसमें अमेरिकी सैनिक वास्तविक समय में मिसाइलों की स्थिति बताते हुए उन्हें इंटरसेप्ट कर रहे थे।

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जॉर्डन ने भी पांच मिसाइलें मार गिराने का दावा किया

 

इस बीच, जॉर्डन की सेना ने भी बुधवार को कहा कि उसने देश की ओर दागी गई पांच मिसाइलों को सफलतापूर्वक मार गिराया। वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि इन मिसाइलों का निशाना जॉर्डन का मुवाफ्फाक साल्ती एयर बेस और जॉर्डन स्थित अमेरिकी सेंट्रल कमांड का मुख्यालय था।

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ईरान समर्थित मिलिशिया पर भी कार्रवाई

इससे पहले CENTCOM ने पुष्टि की थी कि अमेरिकी और सऊदी अरब की सेनाओं ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों पर संयुक्त अभियान चलाकर हवाई हमले किए। ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई इराक सरकार के समन्वय से की गई और ईरान समर्थित मिलिशिया को “दुनिया के लिए कैंसर” बताया। उन्होंने संकेत दिया कि उनकी सरकार ईरान समर्थित अन्य समूहों को भी कड़ी चेतावनी देने पर विचार कर रही है।

संसद से 500 मीटर दूर भारत के बच्चों को मारा, मैंने अमित शाह को फोन करते देखा, प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने लगाए आरोप

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राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीट पेपर लीग को लेकर जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के प्रदर्शन की 5 तस्वीरें दिखाईं। 'संसद से 500 मीटर दूर भारत के बच्चों को मारा है। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के साथ बर्बरता की गई। मुद्दे उठाना मेरा अधिकार है। युवाओं पर पैलेट गन इस्तेमाल की गई है। मैंने अमित शाह को फोन करते हुए देखा है। मुझे लोकसभा में बोलने नहीं दिया। स्पीकर ने मुझे बोलने नहीं दिया। गृह मंत्री ने आदेश नहीं दिए तो किसने दिए। छात्रों को नुकीली लाठियां मारी गईं। 

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि अमित शाह गृह मंत्री हैं। पैलेट गन का इस्तेमाल गृह मंत्री की इजाजत के बिना नहीं किया जाता है। गृह मंत्री ने ऑर्डर किया था पैलेट गन चलाने का या फिर इन्हें पता ही नहीं था कि ऐसा दिल्ली में हो रहा था। कोई भी कारण हो लेकिन इन्हें हटाया जाना चाहिए। ये लोकसभा में नहीं आ पाए हैं। हिंसा किसने की थी? दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करती है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि आज मैंने देखा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने की इजाज़त नहीं दी गई। कई बार संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को बोलने का मौका मिला लेकिन मुझे नहीं क्योंकि मैंने कहा था कि जो बर्बरता हुई, उसके लिए गृह मंत्री अमित शाह ज़िम्मेदार थे। अगर मैं माफ़ी मांगता तो मुझे बोलने की इजाज़त मिल जाती। मैं माफ़ी नहीं मांगूंगा। मेरे लिए सबसे अहम मुद्दा यह है कि दिल्ली की सड़कों पर हमारे छात्रों के साथ बर्बरता की गई। उन पर पैलेट गन से गोलियां चलाई गईं।

सवालों का जवाब नहीं मिला 

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 25 तारीख को मैंने गृह मंत्री को एक चिट्ठी लिखी थी जिसमें मैंने 2 सवाल पूछे थे। पहला सवाल था कि आपने पैलेट गन इस्तेमाल करने की इजाजत दी थी हां या न। दूसरा सवाल था कि सादे कपड़ों में जो लोग बच्चों को लाठियों से मार रहे हैं ये लोग कौन है? ये पुलिसवाले हैं या फिर कोई और? सवालों का जवाब नहीं मिला है।

Paper Leak Law 2026 : लोकसभा से पास हुआ नया एंटी पेपर लीक बिल, अब 10 साल की जेल और 10 रुपए करोड़ तक जुर्माना, क्या-क्या बदला

Paper Leak Law 2026

प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक को लेकर लगातार उठ रहे विवाद और संसद में कई दिनों तक चले राजनीतिक घमासान के बीच लोकसभा ने पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 (Public Examination (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026) को पारित कर दिया है। सरकार का दावा है कि यह नया कानून पहले से कहीं अधिक सख्त होगा और इससे पेपर लीक माफियाओं पर प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकेगी।

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संसद में विधेयक पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष ने हाल के परीक्षा विवादों और छात्रों के प्रदर्शन का मुद्दा उठाया, जबकि सरकार ने कहा कि पेपर लीक किसी एक सरकार तक सीमित नहीं है और इसे राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। सरकार के मुताबिक इस संशोधन का उद्देश्य केवल सार्वजनिक परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखना और करोड़ों छात्रों के भविष्य की रक्षा करना है।

 

क्यों लाना पड़ा नया संशोधन?

 

केंद्र सरकार ने वर्ष 2024 में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट लागू किया था ताकि पेपर लीक और परीक्षा में धांधली को अपराध बनाया जा सके। हालांकि इसके बाद भी कई भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं, खासकर NEET पेपर लीक मामले, ने पूरे देश में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। सरकार का कहना है कि 2024 के कानून को लागू करने के दौरान जो कमियां सामने आईं, उन्हें दूर करने और दोषियों के खिलाफ तेज कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए यह संशोधन लाया गया है।

 

संसद में सरकार ने क्या कहा?

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में विधेयक पेश करते हुए कहा कि सरकार ने पूरी ईमानदारी से परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से यह संशोधन किया है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण न किया जाए क्योंकि विभिन्न राज्यों और अलग-अलग दलों की सरकारों के दौरान भी पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं।

 

उन्होंने बताया कि 2024 में कानून लागू होने के बाद से अब तक 52 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक से जुड़े मामलों के कारण होने वाली आत्महत्या की घटनाओं में भी कमी आई है।

 

नए एंटी पेपर लीक कानून में क्या-क्या बदलेगा?

1. हर राज्य में फास्ट-ट्रैक कोर्ट

 

अब प्रत्येक राज्य में पेपर लीक और परीक्षा घोटालों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। इससे मामलों का जल्द निपटारा हो सकेगा।

 

2. दो महीने में जांच पूरी करना होगा

 

विधेयक के अनुसार, पेपर लीक से जुड़े मामलों की जांच अधिकतम दो महीने के भीतर पूरी करनी होगी, ताकि चार्जशीट और ट्रायल में देरी न हो।

 

3. 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपए जुर्माना

 

यदि कोई व्यक्ति पेपर लीक का दोषी पाया जाता है, तो उसे 10 साल तक की सजा और 50 रुपए लाख तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। सरकार का मानना है कि इससे ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगेगी।

 

4. संगठित गैंग पर 10 करोड़ रुपए तक जुर्माना

 

यदि कोई संगठित गिरोह बड़े स्तर पर पेपर लीक रैकेट चलाता हुआ पाया जाता है, तो उस पर ₹10 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। इसका उद्देश्य पेपर लीक माफिया के पूरे नेटवर्क को खत्म करना है।

 

क्यों है यह कानून अहम?

 

देश में भर्ती परीक्षाओं और प्रवेश परीक्षाओं में लाखों छात्र शामिल होते हैं। ऐसे में पेपर लीक होने से न केवल छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में देरी और पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठते हैं।

 

पिछले कुछ वर्षों में कई बड़ी परीक्षाओं में गड़बड़ियों के आरोप लगे, जिसके बाद देशभर में प्रदर्शन, अदालतों में याचिकाएं और परीक्षा सुधार की मांग तेज हुई।

 

क्या नया कानून पूरी तरह खत्म कर देगा पेपर लीक?

 

एक्सपर्ट्स के मुताबिक केवल कानून सख्त बनाने से पेपर लीक पूरी तरह समाप्त नहीं होगा। इसके लिए परीक्षा प्रणाली की डिजिटल सुरक्षा मजबूत करनी होगी, प्रश्नपत्रों की प्रिंटिंग और वितरण प्रक्रिया को सुरक्षित बनाना होगा, जांच एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना होगा और परीक्षा कराने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी तय करनी होगी।

 

छात्रों के लिए क्या मायने?

सरकार का कहना है कि नया संशोधन करोड़ों छात्रों को निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम है। हालांकि, इसकी वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कानून का पालन कितनी प्रभावी और समयबद्ध तरीके से किया जाता है।

लोकसभा में ऐसा क्या बोल गए राहुल गांधी…जिसपर मचा हंगामा, सरकार ने जताई कड़ी आपत्ति

Rahul Gandhi Speech: संसद के मानसून सत्र में बुधवार को एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। वहीं लोकसभा में ‘एंटी-पेपर लीक बिल’ पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी के एक शब्द को लेकर सदन में तीखी बहस हो गई। राहुल गांधी ने अपने भाषण में “इडियट्स” (मूर्ख) शब्द का इस्तेमाल किया, जिस पर संसदीय कार्य मंत्री ने तुरंत आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह शब्द असंसदीय है और इसे रिकॉर्ड से हटाने की मांग की। चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक की लगातार हो रही घटनाओं से देश के युवाओं में गहरी निराशा है। उन्होंने अपनी बात समझाने के लिए एक 18 साल के छात्र से हुई बातचीत का भी जिक्र किया और बताया कि परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों में भरोसा कम होता जा रहा है।

राहुल गांधी की इस शब्द पर आपत्ति

राहुल गांधी ने उस छात्र से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि छात्र ने लोगों को तीन हिस्सों में बांटा था। उसके मुताबिक, पहला वर्ग छात्रों का है, दूसरा “मूर्ख” लोगों का और तीसरा उन लोगों का है जो इन मूर्खों का बिना सोचे-समझे समर्थन करते हैं। राहुल गांधी के इतना कहते ही संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बीच में ही आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल संसद की मर्यादा के खिलाफ है और इन्हें नहीं कहा जाना चाहिए। इसके बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच जोरदार बहस शुरू हो गई। किरेन रिजिजू ने कहा कि ‘एंटी-पेपर लीक बिल’ पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने “इडियट” (मूर्ख) शब्द का कई बार इस्तेमाल किया, जो असंसदीय है। उन्होंने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।

सराकर ने कही ये बात 

जब सत्ता पक्ष के सांसदों ने राहुल गांधी के बयान का विरोध किया, तब संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि आपत्ति जताने के बाद भी राहुल गांधी उसी असंसदीय शब्द का बार-बार इस्तेमाल कर रहे हैं। किरेन रिजिजू ने कहा, “वह बार-बार उसी शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं।” इस पर राहुल गांधी ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि उनका इरादा किसी व्यक्ति को उस शब्द से संबोधित करने का नहीं था। उन्होंने कहा, “मैं किसी को ऐसा नहीं कह रहा हूं।” इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि वह आगे अपनी बात रखने के लिए कोई दूसरा शब्द इस्तेमाल करेंगे।

हालांकि, किरेन रिजिजू ने सरकार की आपत्ति दोहराते हुए कहा, “आपने असंसदीय शब्द का इस्तेमाल किया है, इसलिए हमने इसका विरोध किया।” इसके बाद राहुल गांधी ने अपना भाषण जारी रखा और छात्र की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि छात्र का मानना था कि सच्चा छात्र हमेशा सच के साथ खड़ा रहता है, जबकि कुछ लोग अपनी छवि बनाने में लगे रहते हैं। राहुल गांधी के इतना कहते ही सत्ता पक्ष के सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे सदन में फिर हंगामा होने लगा। यह पूरा विवाद लोकसभा में ‘एंटी-पेपर लीक बिल’ पर चर्चा के दौरान हुआ। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले के बाद यह विधेयक पहले से ही राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बना हुआ है।

Anti-Paper Leak Bill: ₹50 लाख का जुर्माना और 10 साल की जेल… पेपर लीक रोकने वाले नए बिल में क्या-क्या है?

Anti-Paper Leak Bill: दो साल पुराने ‘क्वेश्चन पेपर लीक’ विरोधी कानून में बदलाव करने वाला एक बिल सोमवार (27 जुलाई) को लोकसभा में पेश किया जाएगा। इस बिल में आरोपियों पर तेजी से मुकदमा चलाने के लिए हर राज्य में फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने और सजा को और सख़्त करने का प्रस्ताव है। ‘पब्लिक एग्जामिनेशन्स (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026’ के अनुसार, क्वेश्चन पेपर लीक मामलों की जांच दो महीने के अंदर पूरी होनी चाहिए।

बिल पेश करने से पहले सदस्यों को दी गई कॉपी के अनुसार, क्वेश्चन पेपर लीक करने या परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले लोगों को कम से कम पांच साल और ज्यादा से ज्यादा 10 साल की जेल हो सकती है। साथ ही ₹50 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लग सकता है। ऑर्गनाइज्ड क्राइम (संगठित अपराध) के लिए बिल में कम से कम 7 साल की सजा और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रस्ताव है।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कानून को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देने पर जोर दिया। इसे जल्द से जल्द संसद में पेश करने का निर्देश दिया। उम्मीद है कि यह बिल सोमवार को लोकसभा में पेश किया जाएगा।

मौजूदा कानून में क्या है?

मौजूदा कानून में व्यक्तिगत रूप से शामिल लोगों के लिए तीन से पांच साल की जेल का प्रावधान है। जबकि संगठित धोखाधड़ी और क्वेश्चन पेपर लीक में शामिल लोगों को पांच से 10 साल की जेल और कम से कम ₹1 करोड़ का जुर्माना हो सकता है। इस बिल को सोमवार को लोकसभा में पेश करने, उस पर विचार करने और उसे पास कराने के लिए लिस्ट किया गया है। आम तौर पर किसी बिल को एक ही दिन पेश करने और पास कराने के लिए लिस्ट नहीं किया जाता है।

सरकार ने घोषणा की है कि वह प्रस्तावित कानून ला रही है। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब हाल के दिनों में NEET क्वेश्चन पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया था। हालांकि, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब जंतर-मंतर पर उनका प्रदर्शन समाप्त हो गया है।

एक हफ्ते नहीं चल पाया संसद

NEET मुद्दे पर विपक्षी दलों के विरोध के कारण संसद के मानसून सत्र के पहले हफ्ते की कार्यवाही में बाधा आई थी। नए बिल पर विपक्ष का रुख़ अभी साफ़ नहीं है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि वह आम सहमति के आधार पर आगे बढ़ेंगे।

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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार द्वारा अन्य माँगें मान लिए जाने के बाद CJP ने शनिवार को अपना 36 दिन लंबा विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया। इस बिल में 15 गैर-कानूनी कामों को शामिल किया गया है। इनमें क्वेश्चन पेपर लीक करना, OMR शीट के साथ छेड़छाड़ करना, फर्जी वेबसाइट बनाना और फर्जी एडमिट कार्ड जारी करना शामिल है।