बंगाल की खाड़ी में बना रहा ‘अर्नब’ चक्रवात? ओडिशा, आंध्र प्रदेश और बंगाल में भारी बारिश-तूफान का खतरा, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

Cyclone Arnab: बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना मौसम सिस्टम जल्द ही तटीय इलाकों में अपना असर दिखा सकता है। IMD के मुताबिक, यह सिस्टम लगातार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसके जल्द ही और मजबूत होने की संभावना है। इसके बाद यह डीप डिप्रेशन (गहरा दबाव) में बदल सकता है और आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट को पार कर सकता है।

इससे पहले सोमवार को मौसम विभाग ने बताया था कि पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डिप्रेशन ‘डीप डिप्रेशन’ में बदल सकता है।

IMD ने कहा, “पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डिप्रेशन पिछले 6 घंटों में 18 किमी/घंटा की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा और आज, 22 सितंबर 2026 को सुबह 8:30 बजे (IST) उसी इलाके में 17.9°N अक्षांश और 86.0°E देशांतर के पास केंद्रित था। यह गोपालपुर (ओडिशा) से लगभग 200 किमी दक्षिण-पूर्व, कलिंगपटनम (आंध्र प्रदेश) से 200 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व, पुरी (ओडिशा) से 210 किमी दक्षिण और विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) से 290 किमी पूर्व में स्थित था।”

IMD ने आगे कहा, “इसके अगले 12 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और पश्चिम-मध्य व उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक गहरे डिप्रेशन (deep depression) में बदलने की बहुत संभावना है।” साथ ही, यह भी बताया गया कि इस सिस्टम के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने कहा कि इस सिस्टम के बुधवार रात और गुरुवार तड़के विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा तटों को ‘डीप डिप्रेशन’ के रूप में पार करने की संभावना है।

इसका नाम ‘अर्नब’ कब रखा जाएगा?

उत्तरी हिंद महासागर में चक्रवाती तूफानों के नामों की सूची के अनुसार, इस क्षेत्र में बनने वाले अगले चक्रवात का नाम ‘अर्नब’ रखा जाएगा।

‘अर्नब’ का मतलब बंगाली भाषा में ‘समुद्र’ होता है। यह नाम बांग्लादेश ने दिया है। यह नाम विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से तैयार की गई क्षेत्रीय उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की नामकरण सूची में शामिल है।

आंध्र प्रदेश में रेड अलर्ट

आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम और विजयनगरम के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। 22-23 सितंबर को इन दोनों जिलों और पार्वतीपुरम मन्यम में कुछ जगहों पर बहुत ज्यादा बारिश होने की संभावना है।

इसके अलावा, अल्लूरी सीताराम राजू, अनाकापल्ली और विशाखापत्तनम जिलों में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने की उम्मीद है, जबकि कई अन्य जिलों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।

23 और 24 सितंबर को श्रीकाकुलम, विजयनगरम, पार्वतीपुरम मान्यम और अल्लूरी सीताराम राजू में कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश हो सकती है। वहीं, अनकापल्ली, विशाखापत्तनम, काकीनाडा, ईस्ट गोदावरी और एलुरु में भारी से बहुत भारी बारिश होने की उम्मीद है।

मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण कई जगहों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या हो सकती है। सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं। इसके अलावा पेड़ और बिजली के खंभे गिरने, बिजली-पानी की सप्लाई प्रभावित होने और नालियों के जाम होने का खतरा भी है। कुछ जगहों पर जलाशयों या बांधों के टूटने की आशंका भी जताई गई है।

प्रशासन ने लोगों को बेवजह बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। साथ ही सड़क, रेल और हवाई यातायात को जरूरत के हिसाब से नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। राहत और बचाव दलों के साथ बिजली और पानी विभागों को भी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

यह मौसम संबंधी एडवाइजरी 22 सितंबर 2026 को दोपहर 1 बजे जारी की गई।

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रियाद एयरपोर्ट के पास काला धुआं उठा:हूती विद्रोहियों ने बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया; सऊदी की राजधानी में जारी हुआ रेड अलर्ट

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में शनिवार को किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास आग और काले धुएं का बड़ा गुबार दिखा। सऊदी ने पुष्टि की है कि यमन के हूती विद्रोहियों ने शनिवार सुबह राजधानी रियाद पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करने की कोशिश की। लेकिन उन्होंने मिसाइल को रास्ते में ही रोक दिया गया। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, कई उड़ानों में काफी देरी हुई और कुछ उड़ानें रद्द की गईं। आग और धमाकों की वजह अभी साफ नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एयरपोर्ट के पास एक फ्यूल टैंक में आग लग गई थी। हालांकि, आग लगने और धमाकों की वजह स्पष्ट नहीं है। सोशल मीडिया पर रियाद एयरपोर्ट के कई वीडियो वायरल सऊदी और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष जारी हूतियों ने कहा था वो कि लाल सागर में सऊदी के जहाजों और सऊदी का तेल ले जाने वाले जहाजों को वे अब भी टारगेट करेंगे। हूतियों की दलील है कि यमन पर सऊदी अरब की नाकेबंदी और सैन्य कार्रवाई के चलते उसके जहाजों को निशाना बनाना उनका अधिकार है। सऊदी अरब और हूती लड़ाकों के बीच यह जंग असल में ताकत, सुरक्षा और इलाके में अपने दबदबे की लड़ाई है। हूती यमन की सत्ता पर पूरा कब्जा चाहते हैं, जबकि सऊदी अरब अपने पड़ोस में किसी भी ऐसे हथियारबंद गुट को बर्दाश्त नहीं करना चाहता। सऊदी अरब और यमन की सीमा आपस में सटी हुई है। सऊदी हमेशा से चाहता रहा है कि उसके बॉर्डर पर शांति रहे। लेकिन हूतियों के पास भारी हथियार, मिसाइलें और लड़ाकू ड्रोन आ गए हैं। सऊदी सरकार को लगता है कि अगर उसके ठीक बगल में इतना आक्रामक गुट रहेगा, तो उसकी अपनी सुरक्षा कभी पक्की नहीं हो सकती। हूतियों से सऊदी को अकेले लड़ना पड़ सकता है पिछले हफ्ते हूतियों ने यमन के पश्चिमी हिस्से में लाल सागर के किनारे का बड़ा इलाका अपने कब्जे में ले लिया। सऊदी अरब को उम्मीद थी कि अमेरिका उसके साथ खड़ा होगा। लेकिन अमेरिका ने अब तक हूतियों के खिलाफ सऊदी के समर्थन में कोई सीधी सैन्य कार्रवाई नहीं की है। अमेरिका ने जरूर कहा है कि हूतियों की गतिविधियां बाब अल-मंदब स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही के लिए खतरा हैं। अमेरिका पहले से ईरान के साथ संघर्ष में उलझा हुआ है। ईरान हूतियों का समर्थन करता है। ऐसे में अगर अमेरिका यमन में सीधे उतरता है तो उस पर एक और सैन्य मोर्चे का दबाव बढ़ सकता है। यमन में 500 से ज्यादा सरकारी लड़ाके मारे गए यमन में हूतियों के खिलाफ लड़ाई में पिछले चार हफ्तों में सरकार समर्थित 500 से ज्यादा लड़ाके मारे गए हैं। सरकार के समर्थन में लड़ने वाली नेशनल रेजिस्टेंस फोर्स ने यह दावा किया है। संगठन के मुताबिक, इसी दौरान होदेदा और ताइज प्रांतों में 1,000 से ज्यादा हूती लड़ाके भी मारे गए। हूतियों ने इस पर प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस बीच यमन सरकार ने लाल सागर के तट पर और सैनिक भेजने का फैसला किया है। सरकार के एक अधिकारी ने पिछले हफ्ते की हार को स्वीकार करते हुए कहा कि सरकारी बल फिर से इलाके में लौटेंगे। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… रिपोर्ट- ट्रम्प सरकार ने हूती विद्रोहियों से सीक्रेट डील की:अमेरिकी जहाजों पर हमला नहीं करेंगे हूती लड़ाके, बदले में सऊदी की मदद नहीं करेगा अमेरिका अमेरिका ने यमन के हूती विद्रोहियों के साथ सीक्रेट डील की है। एक्सिओस की रिपोर्ट के मुताबिक इस पडील के तहत हूतियों ने अमेरिका को भरोसा दिया है कि वे लाल सागर में अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय जहाजों को निशाना नहीं बनाएंगे। पूरी खबर पढ़ें…

Monsoon Update: मानसून की विदाई के संकेत के बीच यूपी से गुजरात तक भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की ये चेतावनी

IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई और देश भर में जारी मौसमी हलचलों को लेकर ताजा वेदर बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए स्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं। हालांकि मानसून की विदाई के इन संकेतों के बीच देश के कई हिस्सों में झमाझम और आफत की बारिश का दौर जारी है।

दक्षिण-पूर्व राजस्थान और उससे सटे उत्तरी गुजरात के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से 14 सितंबर को सौराष्ट्र और कच्छ में अत्यंत भारी बारिश और गुजरात रीजन में बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

पिछले 24 घंटों का हाल और सक्रिय मौसमी प्रणालियां

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान हरियाणा, तेलंगाना और पश्चिम मध्य प्रदेश में 12 से 20 सेमी तक की बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा कोंकण, पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ़, सौराष्ट्र, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात रीजन, उत्तराखंड, तमिलनाडु, ओडिशा और असम के कई हिस्सों में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) हुई है।

गुजरात, सौराष्ट्र और कोंकण-गोवा में अत्यंत भारी बारिश का संकट

पश्चिमी भारत में 14 सितंबर को बारिश का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने सौराष्ट्र एवं कच्छ के अलग-अलग इलाकों में 14 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुजरात रीजन में 14 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने की आशंका है जबकि सौराष्ट्र और कच्छ में 15 सितंबर को भी भारी बारिश जारी रहेगी।

मध्य महाराष्ट्र में 14 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही कोंकण और गोवा संग गुजरात रीजन व सौराष्ट्र-कच्छ में 14 और 15 सितंबर के दौरान अधिकांश जगहों पर बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रहेंगी।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली-NCR, राजस्थान और पंजाब में बारिश का पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला चलेगा। उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान में 14 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 15 से 17 सितंबर के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में कई जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

उत्तर प्रदेश के मौसम की बात करें तो पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14 और 15 सितंबर को गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है। इस दौरान दोनों हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। राजस्थान में 14 से 16 सितंबर के बीच 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने का अनुमान जताया गया है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का मौसम

मध्य भारत के राज्यों में 14 सितंबर को व्यापक बारिश का असर दिखेगा। पश्चिम मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 14 सितंबर को कई जगहों पर बारिश होगी। इसमें पश्चिम मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट शामिल है। विदर्भ में 14 और 15 सितंबर को बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। 15 से 20 सितंबर के दौरान मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में छिटपुट बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने के आसार हैं।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बंगाल, बिहार और ओडिशा में बदलेगा मौसम

पूर्वी भारत में 14 से 20 सितंबर के बीच उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है। 16 सितंबर को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बहुत भारी बारिश हो सकती है। बिहार में 16 और 17 सितंबर को और ओडिशा में 14 सितंबर और 18 से 20 सितंबर के बीच भारी बारिश होने की संभावना है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 14 से 18 सितंबर के दौरान तेज आंधी और हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वोत्तर के राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 15 से 18 सितंबर के बीच अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश का अलर्ट दिया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 14 से 20 सितंबर तक बारिश और बिजली चमकने का अनुमान है।

दक्षिण भारत: तेलंगाना और कर्नाटक में आंधी-तूफान का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के राज्यों में केरल, माहे और लक्षद्वीप में 14 से 20 सितंबर तक अधिकांश जगहों पर बारिश जारी रहेगी। तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 14 सितंबर को 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 14 से 20 सितंबर तक, केरल व माहे में 14-16 और 19-20 सितंबर को, तथा तटीय आंध्र प्रदेश, यानम व रायलसीमा में 19 और 20 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

समुद्र में तेज हवाएं: मछुआरों के लिए रेड अलर्ट जारी

समुद्री इलाकों में हवाओं के कड़े रुख को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को चेतावनी दी है। गुजरात तटों से सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 16 सितंबर तक मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है। उत्तरी महाराष्ट्र तट, पूर्व-मध्य अरब सागर और दक्षिण केरल तट से सटे कोमोरिन क्षेत्र में 14 सितंबर को खराब समुद्री स्थिति रहेगी।

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इसके साथ ही सोमालिया तट और उससे लगे अरब सागर में 19 सितंबर तक और बंगाल की खाड़ी व अंडमान सागर के इलाकों में 15 से 19 सितंबर के दौरान तूफानी हवाएं चलने के कारण समुद्री गतिविधियों पर रोक लगाने की सलाह दी गई है।

कल का मौसम: 12 सितंबर को इन 16+ राज्यों में बारिश का तांडव! बंगाल-बिहार से तमिलनाडु-आंध्र तक आंधी-तूफान का भी अलर्ट

September 12 Weather Forecast: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 12 सितंबर के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए देश के 16 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बने वेदर सिस्टम्स की वजह से देश के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां बेहद उग्र रहने वाली हैं। उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर दक्षिण भारत के तटीय इलाकों तक भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। मौसम विभाग के मुताबिक कई राज्यों में बिजली गिरने के साथ-साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की प्रबल आशंका जताई गई है।

देश के 16 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 12 सितंबर को मध्य भारत में छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश, जबकि पश्चिमी भारत में गुजरात क्षेत्र, कोंकण और गोवा और महाराष्ट्र के अलग अलग हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर भारत में उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का दौर बना रहेगा। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। दक्षिण भारत के तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी भारी जलभराव और मूसलाधार पानी बरसने के आसार हैं।

तटीय आंध्र प्रदेश में थंडरस्क्वाल का खतरा, तमिलनाडु से विदर्भ तक तेज हवाएं

मौसम विभाग ने तटीय आंध्र प्रदेश के लिए विशेष रूप से गंभीर चेतावनी जारी की है, जहां अलग-अलग जगहों पर थंडरस्क्वाल आने का अनुमान है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी झोंके चल सकते हैं। दक्षिण और मध्य भारत के दूसरे हिस्सों में भी तूफानी हवाओं का असर रहेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और विदर्भ में गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

बिहार, झारखंड, बंगाल और राजस्थान में बिजली कड़कने और आंधी की आशंका

पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों में भी आंधी-तूफान का असर देखा जाएगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, पूर्वी राजस्थान, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम के अलग-अलग इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा, उत्तराखंड और पश्चिमी राजस्थान में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं सामने आ सकती हैं।

आंध्र प्रदेश और केरल में उमस भरा मौसम, समुद्र में स्थिति खतरनाक

एक तरफ जहां देश के बड़े हिस्से में बारिश का तांडव देखने को मिलेगा, वहीं तटीय आंध्र प्रदेश और केरल व माहे के कुछ अलग-अलग जगहों पर टेंप्रेचर में उछाल के साथ गर्म और अत्यधिक उमस भरा मौसम बने रहने की संभावना है। समुद्री क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं के जोर की वजह से स्थितियां खतरनाक बनी रहेंगी। अरब सागर में सोमालिया तट के साथ और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

बंगाल की खाड़ी में उत्तरी आंध्र प्रदेश तट और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक के झोंके आने की आशंका है। खराब समुद्री स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने तटीय और गहरे समुद्र में जाने वाले मछुआरों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

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Delhi Weather: शुक्रवार को दिल्ली के कई हिस्सों में अचानक तेज बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और दिन चढ़ने के साथ राजधानी के कई इलाकों में बारिश शुरू हो गई। कहीं हल्की फुहारें पड़ीं तो कुछ इलाकों में तेज बारिश देखने को भी मिली। वहीं, बारिश के बाद लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दिल्ली के कई हिस्सों में अगले कुछ घंटों के दौरान मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। यानी फिलहाल राजधानी में बारिश से राहत मिलने के आसार कम हैं।

राजधानी में रेड अलर्ट जारी

मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए IMD ने जिला स्तर पर रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। खासकर बारिश के दौरान खुले इलाकों, जलभराव वाली सड़कों और ट्रैफिक वाले रास्तों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, शुक्रवार शाम को भी दिल्ली के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। आसमान में बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

दिल्लीवालों के लिए अच्छी बात यह है कि बारिश का यह दौर सिर्फ शुक्रवार तक सीमित नहीं रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिनों यानी रविवार तक राजधानी में बारिश जारी रह सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी दिल्ली के मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा। लोगों को घर से निकलने से पहले मौसम का अपडेट जरूर देख लेना चाहिए।

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Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT Nifty के संकेतों को देखते हुए लगता है कि 11 सितंबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में गैप-डाउन शुरुआत हो सकती है। GIFT Nifty शुरुआती कारोबार में 23,356.50 के आसपास कमजोर के साथ ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

10 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स में तीन दिन से जारी गिरावट थमती दिखी और सीमित दायरे में कारोबार के बीच सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए। मीडिया और फाइनेंशियल शेयरों में खरीदारी के चलते निफ्टी 23,400 के स्तर के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। धीमी शुरुआत के बाद,मिडिल ईस्ट में जारी जियोपॉलिटिकल तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के चलते निवेशकों के सतर्क रहने से बाज़ार पूरे सेशन के दौरान सीमित दायरे में ही रहा। अमेरिका के महंगाई के आंकड़ों से पहले बाज़ार का मूड भी सुस्त रहा, हालांकि आखिरी घंटे में हुई खरीदारी से दिन भर के सारे नुकसान भरपाई हो गई और बाज़ार बढ़त के साथ बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 138.36 अंक या 0.19 प्रतिशत बढ़कर 74,902.59 पर और निफ्टी 46.30 अंक या 0.20 प्रतिशत बढ़कर 23,477.80 पर बंद हुआ।

GIFT निफ्टी

शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी लगभग 23,356.50 के निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा था,जो घरेलू इक्विटी मार्केट में कमजोर शुरुआत का संकेत है।

एशियाई इक्विटी

तेल की कीमतों में उछाल के कारण अमेरिकी बाजारों में बिकवाली आई है। अधिकांस एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट आई है। वहीं,महंगाई के ताजा आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा जल्द ही ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है।

अमेरिकी बाजार

गुरुवार को US के शेयर बाज़ार गिरावट के साथ बंद हुए। S&P 500 में 0.58% की गिरावट आई और यह 7,591.75 पर बंद हुआ। नैस्डैक (Nasdaq) 0.65% गिरकर 26,081.73 पर आ गया,जबकि डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.60% गिरकर 52,064.10 पॉइंट्स पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स सपाट

शुक्रवार को एशियाई ट्रेडिंग की शुरुआत में डॉलर पिछले हफ़्ते के अपने सबसे ऊंचे स्तर के आस-पास बना रहा और येन लगातार दूसरे दिन नीचे आया। मिडिल ईस्ट में एनर्जी सप्लाई में रुकावट की नई आशंकाओं के कारण बॉन्ड यील्ड और तेल की कीमतें बढ़ गईं। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 99.04 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

शुक्रवार को ग्लोबल बॉन्ड यील्ड नए हाई पर पहुंच गए है और शेयर बाजार गिर गए हैं। तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई का खतरा बढ़ा दिया है। इससे दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों की ओर से पॉलिसी को और सख्त किए जाने की आशंका के चलते निवेशक घबराए दिख रहे हैं।

अमेरिका में 10 ईयर ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5% के लेवल के करीब पहुच गई है। 30-साल के यील्ड 2007 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर हैं और 2-साल के यील्ड 4.5% से ऊपर चले गए हैं। बाज़ार में इस बात की उम्मीदें बढ़ गई हैं कि महंगाई को काबू में करने के लिए US फ़ेडरल रिज़र्व को इस महीने ब्याज दरें बढ़ानी पड़ेंगी। अभी इसकी संभावना 72% मानी जा रही है। इसी के चलते ट्रेजरी यील्ड में बढ़त हुई है।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसीज में मिला-जुला कारोबार दिख रहा है। दक्षिण कोरियाई वॉन में सबसे ज़्यादा 0.32% की बढ़त हुई है। इसके बाद सिंगापुर डॉलर और जापानी येन में 0.06% की मज़बूती आई है। दूसरी ओर फिलीपीन पेसो में 0.34% की गिरावट आई है। जबकि ताइवान डॉलर, मलेशियाई रिंगित और इंडोनेशियाई रुपिया में 0.24%, 0.22% और 0.21% की गिरावट दर्ज की गई है। चीनी रेनमिनबी और थाई बहत में भी मामूली गिरावट आई है।

क्रूड में उबाल, ब्रेंट $108/bbl के पार

कच्चे तेल और बॉन्ड यील्ड का आज भी रेड अलर्ट है। वेस्ट एशिया टेंशन से क्रूड में जुलाई के बाद सबसे बड़ा उछाल आया है। यह 6 फीसदी चढ़कर 108 डॉलर के पार निकल गया है। गिफ्ट निफ्टी करीब 125 प्वाइंट फिसला है। एशिया में भी गिरावट है। अमेरिकी बाजारों में भी लगातार चौथे दिन गिरावट रही। 4 दिनों में डाओ 1600 अंक लुढ़का है।

सोना-चांदी में तेज गिरावट

अमेरिका में इंफ्लेशन की भी टेंशन है। अगस्त होलसोल महंगाई अनुमान से ज्यादा निकली है। इससे 0.25% ब्याज दरें बढ़ने की आशंका 72% पर पहुंच गई है। सोने-चांदी में बड़ी गिरावट आई है। गोल्ड 2 फीसदी तो चांदी 6 फीसदी लुढ़की। अब बाजार की नजरें आज आने वाले अमेरिकी रिटेल महंगाई आंकड़ों पर है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

10 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाज़ार में 438 करोड़ रुपये के शेयर बेचे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने इस दौरान 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर खरीदे।

NSE IPO का प्राइस बैंड 1700-1785/Sh तय

NSE IPO का प्राइस बैंड 1700-1785 रुपए प्रति शेयर तय किया गया है। यह आईपीओ 17 सितंबर से 21 सितंबर तक खुलेगा। यह 4.42 लाख करोड़ के वैल्युएशन में आएगा। आज ढ़ाई बजे कंपनी की प्रेस कॉन्फ्रेंस है।

HDFC बैंक को बहरीन कोर्ट से बड़ी राहत मिली

HDFC बैंक की बड़ी कानूनी जीत हुई है। इसे Credit Suisse AT1 बॉन्ड मामले में बहरीन कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने निवेशकों के सभी 7 दावे खारिज कर दिए हैं।

ग्रेन्यूल्स इंडिया में 1,500 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव

ग्रेन्यूल्स इंडिया में आज 1,500 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव है। प्रोमोटर कृष्ण प्रसाद 6.9% हिस्सेदारी बेच सकते हैं। 2.5 फीसदी डिस्काउंट पर करीब 872 रुपए प्रति शेयर फ्लोर प्राइस तय की गई है।

BRICS समिट के लिए दिल्ली पहुंचे रूसी राष्ट्रपति पुतिन

BRICS समिट के लिए रूसी राष्ट्रपति पुतिन दिल्ली पहुंच गए हैं। आज PM मोदी से उनकी मुलाकात होगी। भारत-रुस के बीच बड़े रक्षा समझौते हो सकते हैं। उधर चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग ने भी भारत आने की पुष्टि की है। कल से दिल्ली में BRICS समिट शुरू होगा।

 

Market cues : मार्केट पर मंदड़ियों का कंट्रोल कायम, 23070 के लेवल तक गिर सकता है निफ्टी

कल का मौसम: 10 सितंबर को ओडिशा में रेड कलर वॉर्निंग, बिहार-झारखंड संग 12 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! 50kmph स्पीड से आएगी आंधी

IMD Heavy Rain Alert for September 10: देशभर में मानसूनी गतिविधियों ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 सितंबर के लिए मौसम का ताजा बुलेटिन जारी करते हुए पूर्वी तटीय राज्य ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश को लेकर रेड कलर वॉर्निंग जारी की है। वहीं, उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के करीब 12 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है। बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं और वज्रपात की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

ओडिशा में रेड अलर्ट: अत्यंत भारी बारिश की आशंका

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 10 सितंबर को ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार से लेकर बेहद भारी और कुछ जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। ओडिशा के तटीय और आंतरिक क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी दी गई है। तेज हवाओं और भारी बारिश की वजह से राज्य में जलभराव, नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और ट्रैफिक कंजेशन देखने को मिल सकता है।

बिहार, झारखंड और बंगाल समेत 12 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

ओडिशा के अलावा देश के दूसरे राज्यों में भी मानसूनी बारिश का असर देखने को मिलेगा। IMD ने 12 प्रमुख राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश से प्रभावित होने वाले राज्यों में बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और केरल (माहे सहित) शामिल हैं।

इसके साथ ही पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अलग-अलग जगहों पर तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने और बादलों की गर्जना की भी संभावना जताई गई है।

50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी आंधी, वज्रपात की चेतावनी

10 सितंबर को कई राज्यों में मौसम का मिजाज काफी आक्रामक रहने वाला है। आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तमिलनाडु (पुडुचेरी और कराईकल सहित) में बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है।

बिहार, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए एहतियात बरतने को कहा गया है।

तटीय इलाकों में तेज हवाएं और अरब सागर में हलचल

मौसम विभाग के अनुसार, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के मैदानी इलाकों में दिन के समय तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में तापमान और नमी के ऊंचे स्तर की वजह से गर्म और उमस भरा मौसम लोगों को परेशान कर सकता है।

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समुद्री गतिविधियों की बात करें तो अरब सागर में मौसम काफी अशांत रहेगा। सोमालिया और ओमान के तटों से सटे उत्तर-पश्चिमी, दक्षिण-पश्चिमी और मध्य-पश्चिम अरब सागर में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इस स्थिति को देखते हुए मछुआरों को इन समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

कल का मौसम: 5 सितंबर को इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! दिल्ली-यूपी से राजस्थान-एमपी तक जानिए कहां-कहां ऑरेंज कलर वॉर्निंग

IMD Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश लगातार जारी है और मौसम विभाग ने अगले दिन यानी 5 सितंबर के लिए कई राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 5 सितंबर को राजस्थान और मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में बारिश का दौर सबसे ज्यादा उग्र देखने को मिल सकता है। इसके चलते वहां ऑरेंज स्तर की चेतावनी जैसी स्थिति बनी हुई है। इसके साथ ही उत्तर भारत के मैदानी इलाकों, पहाड़ी राज्यों, बिहार और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मध्यम से भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है।

राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

5 सितंबर को देश में सबसे ज्यादा मौसमी हलचल पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में देखने को मिलेगी। मौसम विभाग ने इन दोनों क्षेत्रों के अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश के इलाकों में भी कई जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। पूरे मध्य प्रदेश और राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में दिनभर बादलों की गर्जना और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका बनी रहेगी। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

दिल्ली, यूपी, पंजाब-हरियाणा और उत्तराखंड का मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में भी 5 सितंबर को राहत मिलने के आसार नहीं हैं। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 5 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मूसलाधार बौछारें पड़ने का अनुमान है। मैदानी इलाकों में बारिश के साथ-साथ बादलों की कड़क और बिजली गिरने का अंदेशा बना हुआ है।

पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में 5 सितंबर को भारी बारिश होने के आसार हैं। उत्तराखंड में बारिश के साथ तेज गर्जना और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज तूफानी हवाओं के साथ बारिश और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार और पूर्वोत्तर भारत का वेदर रिपोर्ट

पूर्वी भारत के प्रमुख राज्यों में शामिल बिहार में 5 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। बिहार के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश के दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कई जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने और गरज के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है।

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का असर व्यापक रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट है। इन सभी पूर्वोत्तर राज्यों में दिनभर बिजली चमकने और आंधी-पानी की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

दक्षिण भारत में तेज हवाएं और समुद्र का मिजाज

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत की बात करें तो आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 सितंबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक के इलाकों में दिनभर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी। आंतरिक कर्नाटक और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बिजली चमकने की संभावना है।

उधर समुद्री सीमाओं और तटीय क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की आशंका है। सोमालिया तट से लगे पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

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Delhi NCR Weather: दिल्ली-NCR में बदला मौसम, आंधी-तूफान के साथ कई इलाकों में हुई झमाझम बारिश, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

Delhi NCR Weather: दिल्ली-NCR में शुक्रवार को अचानक से तेज आंधी तुफान के साथ गरज-चमक और झमाझम बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। ने लोगों को गर्मी से काफी राहत दी। मौसम विभाग ने राजधानी और आसपास के इलाकों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी कर दिया है। जिसके बाद दिल्ली और एनसीआर में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली के कई इलाकों के साथ-साथ ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में भी बारिश हुई है। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में मध्यम से तेज बारिश के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, अगर बारिश की स्थिति लगातार बनती है तो निचले इलाकों में पानी भरने और सड़कों पर यातायात की रफ्तार धीमी पड़ने की संभावना है। हालांकि, राहत की बात यह है कि जन्माष्टमी के चलते स्कूल-कॉलेज और तमाम दफ्तरों में छुट्टी होने के चलते सड़कों पर ट्रैफिक का कम दबाव रहेगा।

IMD के ताजा अपडेट के अनुसार, राजधानी के ज्यादातर हिस्सों में मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में भारी बारिश (50 से 100 मिमी) होने की आशंका है। बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

मौसम विभाग ने लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने और बेहद जरूरी होने पर ही बारिश के दौरान बाहर निकलने की सलाह दी है।

राजस्थान से उत्तर प्रदेश तक भी मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर मध्य प्रदेश और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही मानसून की अक्षीय रेखा भी सक्रिय है, जो श्रीगंगानगर से होते हुए इस निम्न दबाव वाले क्षेत्र तक पहुंच रही है। इन मौसमी सिस्टम का असर उत्तर भारत के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है।

राजस्थान के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सवाई माधोपुर के खंडार में सबसे ज्यादा 130 मिमी बारिश हुई।

इसके अलावा अलवर, भरतपुर, डीग, दौसा, धौलपुर, जयपुर, सीकर, भीलवाड़ा, अजमेर, करौली, टोंक, बारां, कोटा और झालावाड़ में भी हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली।

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Mausam Update 3 Sep: दिल्ली-यूपी से बिहार तक मूसलाधार बारिश का अलर्ट, MP में रेड कलर वॉर्निंग! आज इन राज्यों में मौसम का तांडव

IMD Heavy Rain Alert: देश भर में मानसून एक बार फिर अपने प्रचंड रूप में आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 सितंबर के लिए मौसम की एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। समें देश के कई हिस्सों में आफत की बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बहुत ज्यादा मूसलाधार बारिश को लेकर रेड अलर्ट जैसी स्थिति बनी हुई है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी, पश्चिमी यूपी, विदर्भ और बंगाल भी प्रभावित

मध्य भारत के इलाकों में आज बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है। इसके अलावा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विदर्भ और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के दूर-दराज के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इन क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा गहरा गया है।

दिल्ली-एनसीआर, बिहार, पंजाब और पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के राज्यों में भी आज मौसम के कड़े तेवर देखने को मिल सकते हैं। IMD के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही पूर्वी भारत के राज्य बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी तेज बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई जगहों पर मध्यम से भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।

गरज-चमक के साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली का खतरा

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने को लेकर भी लोगों को सतर्क किया है। आंध्र प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज झोंकेदार हवाओं के साथ आंधी और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है। आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फरबाद के क्षेत्रों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल व सिक्किम और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने को लेकर चेतावनी जारी की गई है। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में मजबूत सतही हवाएं भी चल सकती हैं।

तटीय इलाकों और समुद्र में मौसम रहेगा खतरनाक, मछुआरों के लिए अलर्ट

समुद्री इलाकों में भी हवा का रुख बेहद उग्र रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर में सोमालिया तट के पास और उससे सटे पश्चिम-मध्य व दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इनकी गति बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बंगाल की खाड़ी में मन्नार की खाड़ी से सटे दक्षिण तमिलनाडु तट और दक्षिण श्रीलंका तट से लगे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के इलाकों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंके आने की आशंका है। IMD ने मछुआरों को इन खतरनाक समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है।

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