IIT रुड़की के हरकिरत सिंह की अनोखी करियर जर्नी, पहले फ्रीलांसिंग से ₹80 लाख कमाए, अब ₹4 करोड़ का पैकेज

हर कोई लाखों के पैकेज वाली नौकरी पाने का सपना देखता है, लेकिन IIT रुड़की के हरकिरत सिंह ने नौकरी मिलने के बाद ही अपना रास्ता बदलने का फैसला किया। Goldman Sachs जैसी बड़ी कंपनी छोड़कर उन्होंने फ्रीलांसिंग में हाथ आजमाया और रिपोर्ट्स के मुताबिक, सालाना 80 लाख रुपये तक कमाए। अब Gather में उनकी रिमोट सॉफ्टवेयर डेवलपर की नौकरी का पैकेज करीब 4 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। उनकी कहानी सिर्फ मोटी सैलरी तक पहुंचने की नहीं, बल्कि करियर में अलग रास्ता चुनने के फैसले की भी है। हालांकि, इतनी बड़ी कमाई की खबर के बीच यह समझना भी जरूरी है कि हर किसी के लिए ऐसा सफर एक जैसा नहीं होता।

IIT रुड़की से पढ़ाई, Google के प्रोग्राम में भी लिया हिस्सा

हरकिरत सिंह ने 2018 में IIT रुड़की से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया था। उनकी प्रोफेशनल यात्रा में Google Summer of Code में दो बार हिस्सा लेना भी शामिल रहा। इसके अलावा, उन्होंने FAANG कंपनियों, फाइनेंस सेक्टर और स्टार्टअप्स के साथ काम करके अपना अनुभव बढ़ाया। इस तरह उनका करियर सिर्फ एक कंपनी या एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा।

Goldman Sachs छोड़ी, फ्रीलांसिंग को बनाया कमाई का जरिया

आमतौर पर बड़ी वित्तीय कंपनी में नौकरी मिलना युवाओं के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है। लेकिन हरकिरत ने महामारी से ठीक पहले इस नौकरी को छोड़कर दूसरे अवसर तलाशने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने फ्रीलांसिंग के जरिए काम करना शुरू किया।

बताया जाता है कि इस दौरान उनकी सालाना कमाई करीब 80 लाख रुपये तक पहुंच गई। अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर काम करने और तकनीकी कौशल का इस्तेमाल करने से उन्हें वैश्विक बाजार में अवसर तलाशने का मौका मिला।

अब ₹4 करोड़ के रिमोट पैकेज की चर्चा

हरकिरत सिंह को लेकर साझा की जा रही जानकारी के मुताबिक, उन्हें Gather में रिमोट सॉफ्टवेयर डेवलपर की भूमिका मिली, जिसके लिए सालाना पैकेज करीब 4 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। हालांकि, इस रकम और नौकरी की शर्तों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।

सोशल मीडिया पर छिड़ी नौकरी को लेकर बहस

उनकी कहानी पर कुछ यूजर्स ने तकनीकी कौशल और लगातार सीखते रहने की अहमियत बताई। वहीं, एक यूजर ने कहा कि फ्रेशर्स और जूनियर कर्मचारियों के लिए रिमोट नौकरी पाना आज भी मुश्किल है, जबकि अनुभवी लोगों को अपेक्षाकृत ज्यादा अवसर मिलते हैं।

हरकिरत की यात्रा यही दिखाती है कि करियर में नए रास्ते तलाशना फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसके लिए कौशल, अनुभव और जोखिम उठाने की तैयारी भी जरूरी है।

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यूपी का शख्स मुंबई में नाई का काम करके हर महीने कमाता है करीब 1 लाख रुपये, हफ्ते में 6 दिन करता है मेहनत

भारत में सरकारी नौकरी को अक्सर सुरक्षित भविष्य और अच्छी जिंदगी की गारंटी माना जाता है। लेकिन मुंबई में काम करने वाले उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ निवासी एक नाई की कहानी इस सोच से अलग नजर आती है। दावा है कि वह महीने में करीब 1 लाख रुपये कमाता है। दिलचस्प बात यह है कि इतनी कमाई के बावजूद वह एंट्री-लेवल सरकारी नौकरी मिलने पर भी अपना मौजूदा काम छोड़ना नहीं चाहता।

लेखक और फंड मैनेजर हर्ष गुप्ता मधुसूदन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस नाई के साथ हुई बातचीत साझा की। उनकी पोस्ट के मुताबिक, नाई हफ्ते में छह दिन सुबह से रात तक काम करता है। यात्रा के बुनियादी खर्च निकालने के बाद उसकी मासिक कमाई करीब एक लाख रुपये बताई गई है।

मेहनत और आजादी को मानता है अपनी सबसे बड़ी पूंजी

हर्ष के मुताबिक, बातचीत के दौरान नाई ने कहा कि काम करने और मेहनत करने वालों के लिए अवसरों की कमी नहीं है। वह अपने काम को पसंद करता है और इसमें मिलने वाली आजादी उसके लिए अहम है। यही वजह है कि वह सरकारी नौकरी के बजाय अपना मौजूदा काम जारी रखना चाहता है।

उसकी कहानी ने रोजगार को लेकर एक दिलचस्प सवाल खड़ा किया है क्या अच्छी कमाई और संतुष्टि के लिए सरकारी नौकरी ही एकमात्र रास्ता है? हालांकि, एक व्यक्ति का अनुभव पूरे रोजगार बाजार की तस्वीर नहीं बताता।

आजमगढ़ से लखनऊ तक का सफर हुआ आसान, विकास से खुश है परिवार

बातचीत में उत्तर प्रदेश के विकास का जिक्र भी आया। हर्ष के अनुसार, नाई ने बताया कि पहले उसके गांव से लखनऊ पहुंचने में 7-8 घंटे लगते थे। अब बेहतर सड़कों के कारण उतने ही समय में आना-जाना संभव हो गया है, वह भी रास्ते में चाय और खाने के लिए रुकने के बाद।

नाई ने देश में हुए विकास कार्यों पर खुशी जताई। उसने बताया कि गांव में उसके परिवार को कुछ सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है, हालांकि शहर में ऐसा लाभ नहीं मिला।

टैक्स भरने पर गर्व, बेटे की पढ़ाई पर भी ध्यान

इस कहानी का एक और पहलू उसकी पारिवारिक जिंदगी है। हर्ष के मुताबिक, नाई की कमाई से टैक्स कटता है और वह गर्व के साथ इनकम टैक्स रिटर्न भी दाखिल करता है। कई बार उसे रिफंड भी मिलता है।

उसका एक छोटा बेटा है, जिसे वह निजी प्री-स्कूल में पढ़ाता है। उसकी पत्नी भी कमाई में योगदान देती थी, लेकिन फिलहाल बच्चे की देखभाल के लिए काम से ब्रेक पर है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, क्या हर किसी के लिए ऐसे अवसर हैं?

पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स ने नाई की मेहनत और आत्मनिर्भरता की तारीफ की। वहीं, कुछ ने सवाल उठाया कि क्या एक नाई के लिए हर महीने एक लाख रुपये कमाना आम बात है। कुछ लोगों ने इस कमाई के दावे की तुलना दूसरे शहरों में नाइयों की आमदनी से भी की।

दूसरी ओर, कुछ यूजर्स ने कहा कि एक व्यक्ति की सफलता को देश में रोजगार की पूरी स्थिति का प्रमाण नहीं माना जा सकता। उन्होंने शिक्षित युवाओं के रोजगार, शिक्षा की गुणवत्ता और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे भी उठाए।

हर्ष ने अपनी पोस्ट के अंत में व्यंग्य करते हुए लिखा कि उनका मन नाई से कहने का हुआ कि वह भारत और अपनी जिंदगी को लेकर इतनी सकारात्मक सोच छोड़कर सोशल मीडिया पर देश की नाकामियों के बारे में पढ़े, लेकिन वह ऐसा कह नहीं सके।

इस कहानी का असली पहलू यही है कि जहां कुछ लोग सरकारी नौकरी को सफलता मानते हैं, वहीं कुछ के लिए अपने काम में कमाई, संतुष्टि और आजादी ज्यादा मायने रखती है।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

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बेंगलुरु में कुक को हर महीने देती हैं ₹8,000, खाना भी औसत! महिला ने बताया आखिर किस चीज के लिए देती हैं पैसे

आज के दौर में लोग पैसे देकर सिर्फ सुविधाएं नहीं, बल्कि अपना कीमती समय भी बचाना चाहते हैं। बेंगलुरु की एक महिला की पोस्ट ने इसी बदलती सोच को सामने ला दिया है। उन्होंने बताया कि दो लोगों के लिए घर पर खाना बनाने वाला कुक रखने का खर्च हर महीने 7 से 8 हजार रुपये तक पहुंच जाता है। इसके बावजूद खाने का स्वाद हमेशा लाजवाब नहीं होता। फिर भी लोग यह खर्च उठाने को तैयार हैं।

आखिर जब खाने की क्वालिटी पर सवाल है, तो कुक रखने के लिए हर महीने इतनी बड़ी रकम क्यों दी जा रही है? महिला की बात ने शहरों में रहने वाले नौकरीपेशा लोगों की जिंदगी और उनकी प्राथमिकताओं पर दिलचस्प चर्चा छेड़ दी है।

दो लोगों के लिए कुक की फीस 8 हजार रुपये तक

बेंगलुरु में रहने वाली मेघा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि दो लोगों के घर में खाना बनाने वाले कुक की फीस लगभग 7,000 से 8,000 रुपये प्रति माह हो सकती है। कुक आमतौर पर दिन में दो बार घर आता है, सब्जियां काटता है, दो तरह के व्यंजन बनाता है और फिर दूसरे घर में काम करने निकल जाता है। रविवार को उसकी छुट्टी रहती है।

मेघा के मुताबिक, यह व्यवस्था शहर में रहने वाले उन लोगों के लिए आम है, जो नौकरी और दूसरी जिम्मेदारियों के कारण रोजाना खाना बनाने के लिए पर्याप्त समय नहीं निकाल पाते।

प्रेशर कुकर में बनता है सबकुछ, स्वाद को लेकर भी शिकायत

मेघा ने अपनी पोस्ट में खाना बनाने के तरीके पर भी टिप्पणी की। उनके मुताबिक, दाल, आलू, सोया और यहां तक कि चिकन बनाने में भी प्रेशर कुकर का खूब इस्तेमाल होता है। ऐसे में खाने का स्वाद कई बार औसत रह जाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि मनपसंद स्वाद पाने के लिए कुक को बार-बार अपनी पसंद समझानी पड़ सकती है। वहीं, स्वाद बढ़ाने के लिए ज्यादा तेल और मसालों का इस्तेमाल भी परेशानी बन सकता है।

हालांकि, मेघा की यह टिप्पणी उनके निजी अनुभव पर आधारित है। हर कुक का खाना बनाने का तरीका और स्वाद अलग हो सकता है।

जब खाना औसत है, तो लोग आखिर पैसे क्यों दे रहे हैं?

मेघा की पोस्ट का सबसे दिलचस्प पहलू यही है। उन्होंने महसूस किया कि लोग हर महीने हजारों रुपये सिर्फ स्वादिष्ट खाने के लिए नहीं देते, बल्कि दिन में दो बार खाना बनाने की चिंता से छुटकारा पाने के लिए भी खर्च करते हैं।

हर दिन क्या बनाना है, सब्जियां कब काटनी हैं, खाना कब तैयार करना है और रसोई की जिम्मेदारी कैसे संभालनी है इन सवालों से बचने के लिए लोग कुक पर निर्भर रहते हैं। यानी कई लोगों के लिए यह खर्च स्वाद से ज्यादा समय और सुविधा खरीदने जैसा है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी चर्चा, लोगों ने भी रखी अपनी राय

मेघा की पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ यूजर्स ने माना कि घरेलू मदद की कीमत चुकाना आसान नहीं, लेकिन कई बार परिस्थितियों के चलते ऐसा करना जरूरी हो जाता है।

एक यूजर ने कहा कि लोग रोजाना रसोई से जुड़े फैसलों से आजादी पाने के लिए पैसे खर्च करते हैं। वहीं, एक अन्य यूजर ने तर्क दिया कि घर का बना खाना स्वाद में भले ही हमेशा बेहतरीन न हो, लेकिन कई बार डिलीवरी ऐप से मंगाए गए खाने के मुकाबले बेहतर विकल्प हो सकता है।

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न्यूजीलैंड की पिच पर दौड़ सकती है अमरोहा एक्सप्रेस, मो. शमी वापसी के करीब

चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 से भारतीय एकदिवसीय टीम से बाहर चल रहे मोहम्मद शमी और उनके प्रशंसको के लिए एक अच्छी खबर है। अमरोहा एक्सप्रेस लंबे समय से एक ही स्टेशन पर रुकी है लेकिन जल्द ही चलने के लिए हरी झंडी मिल सकती है।

जसप्रीत बुमराह से पहले भारतीय गेंदबाजी के अगुवा मोहम्मद शमी 36 साल के हो गए।मोहम्मद शमी अपने करियर की संध्यावेला में है और 2013 में डेब्यू करने वाले शमी खुशकिस्मत है कि संन्यास से पहले कम से कम वह खुद को आईसीसी चैंपियन्स ट्रॉफी विजेता टीम का हिस्सा कह सकते हैं। हालांकि उनकी उपस्थिति में टीम कभी विश्वकप नहीं जीती।

लेकिन अब ऐसा माना जा रहा है कि रन लुटाते तेज गेंदबाजी ईकाई उनका काम बना सकती है और इस उम्र में भी उनको न्यूजीलैंड के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज में मौका दिला सकती है।अगर इस दौरे पर शमी ने कमाल कर दिया तो हो सकता है उनका चयन विश्वकप 2027 में हो जाए।

साल 2013 में मोहम्मद शमी ने एकदिवसीय क्रिकेट में पदार्पण किया और इस ही साल जून के महीने में चैंपियन्स ट्रॉफी जीत चुकी  भारतीय टीम को क्या पता था अगले 10 साल क्या होने वाला है।

मोहम्मद शमी ने पाकिस्तान के खिलाफ अपने पहले ही एकदिवसीय मैच में  अपनी तेजी और लाइन लैंग्थ से इतना प्रभावित किया कि भारतीय टीम ने 167 रनों का छोटा लक्ष्य भी बचा लिया और दिल्ली के मैदान पर चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान से सूपड़ा साफ होने की शर्मिंदगी से भी बचा लिया।

इस मैच में शमी ने 10 ओवर में 23 रन देकर सिर्फ 1 विकेट लिया था। लेकिन दुर्भाग्यवश चैंपियन्स ट्रॉफी 2013 में उनको शामिल नहीं किया गया। इसके बाद शमी के साथ टीम इंडिया का संघर्ष जारी रहा।

शमी भारत की ओर से वनडे विश्वकप 2015 में ऑस्ट्रेलिया गए जहां टीम सेमीफाइनल में हारी। इसके बाद वह चैंपियन्स ट्रॉफी 2017 में भारत के साथ थे जहां टीम फाइनल में हारी। साल 2019 के वनडे विश्वकप में हैट्रिक लेने वाले शमी को सेमीफाइऩल में नहीं शामिल किया गया। भारत यह मुकाबला 18 रनों से हारा।

साल 2022 के टी-20 विश्वकप सेमीफाइनल में शमी 1 विकेट नहीं ले पाए और लगा कि अब वह शायद ही टीम में वापस आ पाएं लेकिन साल 2023 के वनडे विश्वकप में भारतीय पिच पर उन्होंने ऐसा जलवा दिखाया कि फैंस ने दांतो तले उंगलिया दबा ली।शमी उस विश्वकप के सबसे सफल गेंदबाज रहे और शायद यही बात उनके हक में गई और अब फिर से उनकी चयन की अटकलें तेज हो गई है।

Sandpaper Gate के बाद पहली बार ऑस्ट्रेलिया खेलेगी दक्षिण अफ्रीका में, ब्रॉडकास्टर ने याद दिलाया विवाद (Video)

Sandpaper Gate यह 24 मार्च 2018 को हुआ क्रिकेट जगत का एक बड़ा विवाद साबित हुआ जब ऑस्ट्रेलियाई टीम के 3 खिलाड़ियों ने केपटाउन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे टेस्ट में गेंद से छेड़छाड़ की और कैमरे को धोखा ना दे सके। कल से शुरु हो रही टेस्ट सीरीज से पहले प्रसारणकर्ता ने इस पर चुटकी लेते हुए वीडियो अपलोड किया है कि इस बार हमारी निगाहें पहले से ज्यादा तेज रहेंगी।

क्या हुआ था सैंडपेपर विवाद में

बॉल टैम्परिंग की इस हरकत को अंपायरों की नज़र से तो बचा लिया था, लेकिन कैमरे की नज़र में आने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम की पूरी पोल पट्टी खुल गई थी। मैच के दौरान कैमरन बेनक्रॉफ्ट को जेब से किसी चीज़ को निकालते हुए देखा गया था, जिसके बाद अंपायरों को उन पर शक हुआ और उन्होंने बेनक्रॉफ्ट से पूछताछ की थी। बेनक्रॉफ्ट ने अंपायरों  को जेब से निकालकर पाउच दिखाया, जो चश्मे के पैकेट जैसा दिख रहा था।

अंपायरों को यह मामूली चीज़ लगी और उन्होंने जारी रखा गया था। कुछ देर बाद स्टेडियम में लगे बड़े स्क्रीन पर बेनक्रॉफ्ट का वह वीडियो दिखाया गया था, जिसमें वे टैम्परिंग कर रहे थे। इसके बाद स्टेडियम में हंगामा शुरू हो गया था। कैमरे ने  बेनक्रॉफ्ट की यह हरकत पकड़ ली और सार्वजनिक कर दी थी। इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम के पास छुपाने को कुछ नहीं था। इस पूरे मामले को उजागर करने में कैमरामैन की बड़ी भूमिका रही थी।

गेंद से छेड़खानी मामले में क्रिकेट आस्ट्रेलिया ने कड़ा रवैया अपनाते हुए आज टेस्ट टीम के कप्तान स्टीव स्मिथ, डेविड वार्नर और कैमरन बेनक्राफ्ट को आरोपी बनाते हुए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चौथे टेस्ट की टीम से बाहर कर दिया था।

इसके बाद इन तीनों खिलाड़ियों पर ही एक साल का प्रतिबंध लगा था। डेविड वॉर्नर और स्टीव स्मिथ तो ऑस्ट्रेलिया के लिए खेल गए लेकिन कैमरून बैकरोफ्ट के करियर का अंत हो गया था।  डेविड वॉर्नर और स्टीव स्मिथ ऑस्ट्रेलिया की विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2023 विजेता टीम का भी हिस्सा रहे थे।उस वक्त से अब तक सिर्फ स्टीव स्मिथ ही वह क्रिकेटर है जो वर्तमान में भी ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट क्रिकेट का हिस्सा है उन पर इस सीरीज में पूरे समय नजर रहने वाली है।

वनडे टीम में आने के लिए विकेटकीपर बने यशस्वी जायसवाल (Video)

Yashsvi Yadav

लंबे समय से एकदिवसीय टीम से नजरअंदाज हो रहे यशस्वी जायसवाल विकेटकीपिंग का अभ्यास शुरु कर दिया है। भारतीय टीम के लिए पिछली 3 एकदिवसीय पारियों में 2 शतक लगाने वाले यशस्वी जायसवाल टीम में चयन होने के बाद अंतिम ग्यारह में जगह नहीं बना पाते हैं क्योंकि रोहित शर्मा को टीम से हटाने का दम किसी में नहीं है।

मुंबई के कप्तान ने इस बात की पुष्टि की कि यशस्वी जायसवाल विकेटकीपिंग कर रहे हैं और हो सकता है कि मुंबई रणजी टीम के लिए या फिर भारत के लिए वह कीपिंग करते हुए दिख सकते हैं। एकदिवसीय क्रिकेट की बात करें तो रोहित शर्मा ने 282 मैच खेले हैं। वह अब तक 48 की औसत से 11577 रन बना चुके हैं।इसमें 33 शतक और 51 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 264 रन है जो श्रीलंका के खिलाफ आया था। यह रिकॉर्ड अब तक उनके नाम है।

लेकिन एकदिवसीय विश्वकप के दौरान वह 40 वर्ष के हो जाएंगे ऐसे में कई पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि यशस्वी जायसवाल को सलामी बल्लेबाजी के तौर पर आजमाना चाहिए।वह रोहित की तो जगह नहीं ले सकते लेकिन विकेटकीपिंग में केएल राहुल की जगह लेना तो और मुश्किल है क्योंकि ध्रुव जुरेल टीम के बैकअप ओपनर हैं।

यशस्वी जायसवाल के पास अपार प्रतिभा है लेकिन किस्मत उन पर कम ही मेहरबान रही है। वह टी-20 विश्वकप में बतौर सलामी बल्लेबाज टीम में शामिल थे लेकिन विराट कोहली के कारण एक भी मैच नहीं खेल पाए। उन्होंने अब तक 17 टी-20 अंतरराष्ट्रीय  मैचों में 500 से ज्यादा रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 33 का औसत और 161 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए है।

दिल्ली के सीमापुरी में भरभराकर गिरी पांच मंजिला इमारत, कई लोगों के दबे होने की आशंका

दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार को एक पांच मंजिला इमारत अचानक गिर गई। ये हादसा ईदगाह मस्जिद के पास हुआ। इमारत गिरने के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची दिल्ली पुलिस और फायर विभाग की टीम का बचाव काम जारी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इमारत के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है। हादसे में घायल लोगों को एंबुलेंस की मदद से राजीव गांधी अस्पताल पहुंचाया गया। यह घटना सत्य निकेतन में हुए इमारत हादसे के करीब एक महीने बाद सामने आई है।

मलबे में अभी भी फंसे हैं कुछ लोग

दिल्ली फायर सर्विस को बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे सीमापुरी में इमारत गिरने की सूचना मिली। जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव का काम शुरू किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे में कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है। फिलहाल रेस्क्यू टीम लोगों को बाहर निकालने में जुटी हुई है।

 

राहत और बचाव काम जारी

X पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पोस्ट में लिखा, “सीमापुरी में एक बहुमंजिला इमारत गिर गई है और रेस्क्यू टीम मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है। सीमापुरी गोल चक्कर, DLF भोपुरा और आसपास की सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ है। एंबुलेंस और रेस्क्यू वाहनों को जल्दी निकलने देने के लिए हर लेन को खाली रखें। संभव हो तो इस इलाके में जाने से बचें। हादसे वाली जगह के पास न रुकें, न पार्किंग करें और न ही भीड़ इकट्ठा करें। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें।”

भूटान के प्रधानमंत्री टोबगे ने पीएम मोदी को क्यों कहा ‘विष्णु का अवतार’? दुनियाभर के नेताओं ने दी बधाई

PM Modi 25 years in office: जापान, भूटान और फिलीपींस सहित कई देशों के नेताओं ने बुधवार (7 अक्टूबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर जनसेवा के 25 साल पूरे करने पर बधाई दी। भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे ने पीएम मोदी को ‘विष्णु का अवतार’ बताया है। उन्होंने यह बात 2019 में नई दिल्ली में पीएम मोदी के साथ हुई अपनी निजी मुलाकात और एक ज्ञानी एवं दूरदर्शी नेता के गुणों के बारे में अपनी समझ के आधार पर कही। पीएम मोदी 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री चुने गए थे। उन्होंने लगातार तीन कार्यकाल तक इस पद पर सेवाएं दीं। मई 2014 में वह भारत के प्रधानमंत्री निर्वाचित हुए थे।

शेरिंग टोबगे ने अपने शुभकामना संदेश में पीएम मोदी को ‘हमारे समय का अवतार’ बताया। टोबगे ने 2019 में नई दिल्ली में एक आम नागरिक के तौर पर PM मोदी से हुई मुलाकात को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री से कहा था कि वह उन्हें बड़े भाई और ‘विष्णु के अवतार’ के रूप में देखते हैं। टोगबे ने कहा, “हमारे क्षेत्र में प्रबुद्ध शासकों को लंबे समय से इसी रूप में देखा जाता रहा है।”

भूटानी प्रधानमंत्री ने कहा कि PM मोदी ने भारतीयों के मन में खुद के प्रति और अपने देश के लिए मजबूत भरोसा जगाया। उन्होंने कहा, “वह भारत को लेकर ज्यादा गर्व महसूस करते हैं, उसके समक्ष मौजूद संभावनाओं के प्रति अधिक महत्वाकांक्षी हैं और दुनिया में उसकी जगह को लेकर ज्यादा आश्वस्त हैं। यह एक प्रबुद्ध शासक के गुण हैं।”

अन्य नेताओं ने क्या कहा?

जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने इस मौके पर मोदी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत के विकास और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की साख बढ़ाने में मोदी के योगदान की सराहना की। तकाइची ने X पर एक पोस्ट में कहा, “PM मोदी वर्षों से भारतीय समाज और राष्ट्र के विकास के लिए प्रयासरत हैं। वह 2001 से अपने बेहतरीन राजनीतिक नेतृत्व के जरिये सरकार के प्रमुख के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं।”

उन्होंने लिखा, “भारत के विकास को गति देने के साथ-साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी देश की साख बढ़ाई है। एक साथी नेता के तौर पर, इन सभी उपलब्धियों के लिए मैं उनके प्रति सम्मान जाहिर करती हूं।” तकाइची ने जुलाई की अपनी हालिया भारत यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें मोदी के साथ जापान-भारत विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को अगले स्तर पर ले जाने के लिए ठोस कदमों पर चर्चा करने का सौभाग्यपूर्ण अवसर मिला।

तकाइची ने अगले साल जापान और भारत के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह मुक्त और स्वतंत्र हिंद प्रशांत क्षेत्र के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के साथ मिलकर काम करने की इच्छुक हैं। ताकि जापान और भारत, जिनकी रणनीतिक दिशा एक जैसी है, अपनी साझेदारी को और आगे बढ़ा सकें।

फिलीपींस के राष्ट्रपति ने भी दी बधाई

फिलीपींस के राष्ट्रपति बोंगबोंग मार्कोस ने PM मोदी को भारत के लोगों की सेवा की राह में लगातार सफलता की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा, “गुजरात से लेकर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का नेतृत्व करने तक, प्रधानमंत्री मोदी का सफर सुशासन, इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर खास जोर देने वाला रहा है, जिससे भारत में बदलाव लाने और वैश्विक मंच पर उसकी भूमिका बढ़ाने में योगदान मिला है।”

बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवेर ने मोदी को निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर जनसेवा के 25 साल पूरे करने पर बधाई दी और कहा कि वह दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी को और गहरा करने के लिए उत्साहित हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने X पर लिखा, “समर्पित जनसेवा के 25 साल पूरे करने पर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। नेपाल आपके और आपकी सरकार के लिए आने वाले वर्षों में निरंतर सफलता और समृद्धि की कामना करता है।”

नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टीनुबू ने PM मोदी को बधाई देते हुए कहा, “किसी भी लोकतंत्र में लगातार 25 साल तक नेतृत्व करना एक दुर्लभ उपलब्धि है। मोदी ने दूरदर्शी सोच और विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ नेतृत्व किया है।” उन्होंने कहा, “नाइजीरिया और भारत लोकतांत्रिक देश और ‘ग्लोबल साउथ’ की प्रमुख आवाज के तौर पर एक ऐसी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो ज्यादा निष्पक्ष, समावेशी और प्रतिनिधित्व वाली हो। मुझे पूरा भरोसा है कि उनके नेतृत्व में हमारे लोगों के बीच रिश्ते और भी मजबूत होंगे।”

ये भी पढ़ें- PM मोदी के 25 साल: ‘गुजरात मॉडल’ से ‘विकसित भारत’ तक, देश में ऐसे बदली विकास की राजनीति

बोत्सवाना के राष्ट्रपति डुमा गिदोन बोको ने निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर जनसेवा के 25 साल पूरे करने पर मोदी को बधाई दी। उन्होंने कहा, “हम भारत के लोगों के प्रति आपके समर्पण और सेवा भाव की सराहना करते हैं। हम आपकी निरंतर सफलता की कामना करते हैं। दोनों देशों के बीच स्थायी मित्रता की उम्मीद करते हैं।” इस अवसर पर देश भर में आज बीजेपी कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं। इसके साथ ही की सार्वजनिक कार्यक्रम में आयोजित हो रहे हैं।

आगरकर के लिए टीम सर्वोपरि, इतिहास योगदान याद रखेगा, गंभीर ने किया ट्वीट

अजीत आगरकर का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और न्यूजीलैंड दौरे की टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा हो चुकी है। ऐसे में मुख्य कोच गौतम गंभीर ने एक ट्वीट लिखकर अजीत आगरकर और उनकी उपलब्धियों को गिनाते हुए एक ट्वीट किया है।

गंभीर ने पोस्ट किया, ‘‘प्रिय अजीत भाई, आपके साथ काम करना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात रही। तीन आईसीसी ट्रॉफियां आपके भरोसे की गवाही देती हैं जिसमें हमेशा टीम को सर्वोपरि रखा गया। मुझे कहना होगा कि इतिहास आपके योगदान को याद रखेगा। हर चीज के लिए धन्यवाद। आपके भविष्य के प्रयासों के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। ’’

कड़े फैसले लेने के लिए बने थे मुख्य चयनकर्ता

अजीत आगरकर के कार्यकाल ने भारत ने साल 2024 और 2026 का टी-20 विश्वकप और साल 2025 की चैंपियन्स ट्रॉफी जीती। बोर्ड ने उनको कड़े फैसले लेने के लिए भेजा था। अजीत आगरकर ने टी-20 विश्वकप  2024 में रोहित और विराट को शामिल कर पहले ही संदेश दे दिया था कि यह विश्वकप उनका आखिरी है। दोनों ने यह बात मान भी ली थी।

वहीं टेस्ट क्रिकेट में दोनों का फॉर्म खराब हो गया और दोनों को संन्यास लेना पड़ा। अजीत आगरकर की यहां भी जीत हुई। लेकिन जब उन्होंने कहा कि एकदिवसीय विश्वकप के लिए रोहित शर्मा और विराट कोहली अनिर्णित है तब से चयनकर्ताओं और खिलाड़ियों में रस्साकशी शुरु हो गई और अंत में अजीत आगरकर की हार हुई। उन्होंने टी-20 विश्वकप विजेता सूर्यकुमार यादव को भी टूर्नामेंट जीतने के तुरंत बाद बाहर का रास्ता दिखा दिया था।

भारत की ओर से 26 टेस्ट और 191 एकदिवसीय मैच खेलने वाले आगरकर ने लाल गेंद की क्रिकेट में 58 और सीमित ओवर की क्रिकेट में 288 विकेट लिए। उन्होंने टीम के लिए दो विश्वकप भी खेले। उनके नाम लॉर्ड्स के मैदान पर एक टेस्ट शतक और लंबे समय तक सबसे सीमित ओवर की क्रिकेट में तेज पजास रन और पचास विकेट का रिकॉर्ड भी उनके नाम रहा।

Airtel Postpaid यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट, ₹50 बढ़ी कीमत, फ्री मिलेगा International Roaming Pack

Airtel Postpaid Plans: अगर आप Airtel का पोस्टपेड कनेक्शन इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए हो सकती है। दरअसल, कंपनी ने अपने पोस्टपेड प्लान की कीमतों में 50 रुपये की बढ़ोतरी की है और अपने प्लान्स में बदलाव करते हुए ग्राहकों को हर साल एक मुफ्त इंटरनेशनल रोमिंग ट्रिप देने की सुविधा दी है। बता दें कि ये प्लान 8 अक्टूबर, 2026 से लागू होंगे।

कंपनी के सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा पोस्टपेड ग्राहकों को एक महीने के भीतर उनके मौजूदा प्लान के सबसे नजदीकी अगले प्लान में शिफ्ट कर दिया जाएगा। Airtel के एक अधिकारी ने बताया कि फ्री इंटरनेशनल रोमिंग का यह फायदा करीब 2,000 रुपये की कीमत का है।

यह फ्री रोमिंग पैक 5 दिनों के लिए वैलिड होगा। इसमें 5GB डेटा, 60 मिनट की कॉलिंग, 25 आउटगोइंग SMS और फ्री इनकमिंग SMS की सुविधा मिलेगी। ग्राहक अपनी जरूरत के मुताबिक इस पैक को कभी भी एक्टिवेट कर सकेंगे। वहीं, फैमिली पोस्टपेड प्लान में शामिल हर सदस्य को इस फ्री रोमिंग बेनिफिट का फायदा मिलेगा।

एयरटेल पोस्टपेड प्लान: कीमत और फायदे

प्लानSIM की संख्यामुख्य फायदेसब्सक्रिप्शनइंटरनेशनल रोमिंग
₹4991अनलिमिटेड डेटा और कॉलिंग, स्पैम व फ्रॉड से सुरक्षाXstream Play Premium, Google Oneहर SIM पर साल में 1 फ्री ट्रिप
₹7492अनलिमिटेड डेटा और कॉलिंग, स्पैम व फ्रॉड से सुरक्षाAmazon Prime, JioHotstar, Xstream Play Premium, Google Oneहर SIM पर साल में 1 फ्री ट्रिप
₹1,0493अनलिमिटेड डेटा और कॉलिंग, स्पैम व फ्रॉड से सुरक्षाApple iCloud+, Apple Music, Amazon Prime, JioHotstar, Xstream Play Premium, Google Oneहर SIM पर साल में 1 फ्री ट्रिप
₹1,2494अनलिमिटेड डेटा और कॉलिंग, स्पैम व फ्रॉड से सुरक्षाApple iCloud+, Apple Music, Amazon Prime, JioHotstar, Xstream Play Premium, Google Oneहर SIM पर साल में 1 फ्री ट्रिप
₹1,4494अनलिमिटेड डेटा और कॉलिंग, स्पैम व फ्रॉड से सुरक्षाNetflix Basic, Apple iCloud+, Apple Music, Amazon Prime, JioHotstar, Xstream Play Premium, Google Oneहर SIM पर साल में 1 फ्री ट्रिप
₹1,7995अनलिमिटेड डेटा और कॉलिंग, स्पैम व फ्रॉड से सुरक्षाNetflix Standard, Apple iCloud+, Apple Music, Amazon Prime, JioHotstar, Xstream Play Premium, Google Oneहर SIM पर साल में 1 फ्री ट्रिप

Airtel Postpaid में मिलेंगे ये फायदे

इंटरनेशनल रोमिंग के अलावा Airtel के नए पोस्टपेड प्लान में कई दूसरे फायदे भी मिलेंगे। इनमें अनलिमिटेड डेटा और कॉलिंग के साथ 5G पर Fast Lane टेक्नोलॉजी और स्पैम व फर्जी लिंक से नेटवर्क लेवल पर सुरक्षा शामिल है।

इसके अलावा अलग-अलग प्लान के हिसाब से ग्राहकों को Amazon Prime, Netflix, Apple Music, Apple iCloud+, JioHotstar, Xstream Play Premium और Google One जैसे सब्सक्रिप्शन भी दिए जाएंगे।

ग्राहक Airtel App के जरिए नए पोस्टपेड प्लान पर अपग्रेड कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी Airtel स्टोर जाकर भी प्लान बदला जा सकता है। वहीं, जो लोग अभी Airtel यूज नहीं करते हैं, वे भी 8 अक्टूबर से Airtel App या स्टोर के जरिए पोस्टपेड कनेक्शन ले सकते हैं।