हर कोई लाखों के पैकेज वाली नौकरी पाने का सपना देखता है, लेकिन IIT रुड़की के हरकिरत सिंह ने नौकरी मिलने के बाद ही अपना रास्ता बदलने का फैसला किया। Goldman Sachs जैसी बड़ी कंपनी छोड़कर उन्होंने फ्रीलांसिंग में हाथ आजमाया और रिपोर्ट्स के मुताबिक, सालाना 80 लाख रुपये तक कमाए। अब Gather में उनकी रिमोट सॉफ्टवेयर डेवलपर की नौकरी का पैकेज करीब 4 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। उनकी कहानी सिर्फ मोटी सैलरी तक पहुंचने की नहीं, बल्कि करियर में अलग रास्ता चुनने के फैसले की भी है। हालांकि, इतनी बड़ी कमाई की खबर के बीच यह समझना भी जरूरी है कि हर किसी के लिए ऐसा सफर एक जैसा नहीं होता।
IIT रुड़की से पढ़ाई, Google के प्रोग्राम में भी लिया हिस्सा
हरकिरत सिंह ने 2018 में IIT रुड़की से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया था। उनकी प्रोफेशनल यात्रा में Google Summer of Code में दो बार हिस्सा लेना भी शामिल रहा। इसके अलावा, उन्होंने FAANG कंपनियों, फाइनेंस सेक्टर और स्टार्टअप्स के साथ काम करके अपना अनुभव बढ़ाया। इस तरह उनका करियर सिर्फ एक कंपनी या एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा।
Goldman Sachs छोड़ी, फ्रीलांसिंग को बनाया कमाई का जरिया
आमतौर पर बड़ी वित्तीय कंपनी में नौकरी मिलना युवाओं के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है। लेकिन हरकिरत ने महामारी से ठीक पहले इस नौकरी को छोड़कर दूसरे अवसर तलाशने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने फ्रीलांसिंग के जरिए काम करना शुरू किया।
बताया जाता है कि इस दौरान उनकी सालाना कमाई करीब 80 लाख रुपये तक पहुंच गई। अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर काम करने और तकनीकी कौशल का इस्तेमाल करने से उन्हें वैश्विक बाजार में अवसर तलाशने का मौका मिला।
अब ₹4 करोड़ के रिमोट पैकेज की चर्चा
हरकिरत सिंह को लेकर साझा की जा रही जानकारी के मुताबिक, उन्हें Gather में रिमोट सॉफ्टवेयर डेवलपर की भूमिका मिली, जिसके लिए सालाना पैकेज करीब 4 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। हालांकि, इस रकम और नौकरी की शर्तों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
Meet Harkirat Singh, a 2018 https://t.co/YSvOF5fxhn Computer Science graduate from IIT Roorkee. This guy secured a remote software developer role at Gather with a package of ₹4 crore per year.
He has participated in Google Summer of Code twice and worked across FAANG companies, finance, and startups.
He resigned from Goldman Sachs just before COVID to explore new opportunities. Through freelancing, he reportedly earned around ₹80 lakh per year and eventually secured a remote software developer role with a package of ₹4 crore per year.
Here are some remote job platforms where companies pay in USD.
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FYI Check:-
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— Vikas Alwys (@VikasAlwys) October 7, 2026
सोशल मीडिया पर छिड़ी नौकरी को लेकर बहस
उनकी कहानी पर कुछ यूजर्स ने तकनीकी कौशल और लगातार सीखते रहने की अहमियत बताई। वहीं, एक यूजर ने कहा कि फ्रेशर्स और जूनियर कर्मचारियों के लिए रिमोट नौकरी पाना आज भी मुश्किल है, जबकि अनुभवी लोगों को अपेक्षाकृत ज्यादा अवसर मिलते हैं।
हरकिरत की यात्रा यही दिखाती है कि करियर में नए रास्ते तलाशना फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसके लिए कौशल, अनुभव और जोखिम उठाने की तैयारी भी जरूरी है।


