Kuku IPO: मुनाफे में आई कुकू, छह गुना उछकर रेवेन्यू पहुंचा ₹1484 करोड़ पर

Kuku IPO: आईपीओ लाने की तैयारियों में जुटी डिजिटल एंटरटेनमेंट कंपनी कुकू टेक्नोलॉजीज के लिए पिछला वित्त वर्ष 2026 धमाकेदार रहा। माइक्रोड्रामा ऐप कुकू टीवी (Kuku TV) और ऑडियो स्टोरीटेलिंग प्लेटफॉर्म कुकू एफएम (Kuku FM) वित्त वर्ष 2026 में मुनाफे में आ गई और इसका ऑपरेटिंग रेवेन्यू छह गुना बढ़ गया। Entrackr के मुताबिक कंपनी के लेटेस्ट अनाउंसमेंट के हिसाब से FY26 में कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू सालाना आधार पर ₹241.5 करोड़ से बढ़कर ₹1484.2 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का मार्केटिंग और विज्ञापनों पर खर्च भी करीब चार गुना बढ़कर ₹1105.1 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी ₹152.6 करोड़ के शुद्ध घाटे से ₹182.7 करोड़ के शुद्ध मुनाफे में पहुंच गई। हालांकि इस मुनाफे में ₹98.2 करोड़ का डिफर्ड टैक्स क्रेडिट है। FY26 में कंपनी का PBT (प्रॉफिट बिफोर टैक्स) ₹88.6 करोड़ रहा।

Kuku IPO: क्या है प्लान?

सबसे पहले मनीकंट्रोल ने जून में जानकारी दी थी कि कुकू का रेवेन्यू ₹1400 के पार हो गया और यह जानकारी इसके गोपनीय तरीके से दाखिल किए गए आईपीओ के ड्राफ्ट से सामने आई थी कुकू की योजना ₹15000 करोड़ के वैल्युएशन पर ₹2500-₹3500 करोड़ का आईपीओ लाने की है। इस आईपीओ के तहत नये शेयर जारी हो सकते हैं और ऑफर फॉर सेल के जरिए भी शेयरों की बिक्री हो सकती है। पिछले महीने मनीकंट्रोल ने जानकारी दी थी कि कंपनी को आईपीओ के लिए सेबी से मंजूरी मिल चुकी है।

Kuku की कैसे हुई कमाई और कहां हुआ खर्च

FY26 के कुकू के रेवेन्यू में ₹1475.4 करोड़ का हिस्सा सब्सक्रिप्शन का रहा। वर्चुअल कॉइन के जरिए कंटेंट अनलॉक करने यानी पे-पर-पीस पर्चेज से इसकी ₹6.9 करोड़ कमाई हुई तो विज्ञापनों से ₹1.9 करोड़। इसके ऑपरेटिंग रेवेन्यू में ₹1463.6 करोड़ यानी 99% हिस्सेदारी भारत की रही जबकि इंटरनेशनल बिजनेस से ₹20.5 करोड़ आए। कुकू की ऑपरेशनल कॉस्ट वित्त वर्ष 2026 में सालाना ₹8.7 करोड़ से तेजी से बढ़कर ₹96.3 करोड़ पर हो गया। इस दौरान एंप्लॉयीज बेनेफिट्स भी 24% उछलकर ₹74.1 करोड़ पर पहुंच गया। कुकू का टोटल एक्सपेंसेज तो 3.5 गुना बढ़कर ₹411 करोड़ से ₹1421.8 करोड़ पर पहुंच गया।

साल 2018 में शुरू हुआ था कुकू

कुकू को साल 2018 में लालचंद बिसू, विकास गोयल और विनोद वीना ने शुरू किया था। पिछले साल 2025 के अक्टूबर में $8.5 करोड़ की फंडिंग में इसकी वैल्यूएशन $50 करोड़ आंकी गई थी जोकि सितंबर 2023 में $17.7 करोड़ के वैल्यूएशन से लगभग तीन गुना अधिक थी। कुकू सब्सक्रिप्शन-बेस्ड माइक्रो-ड्रामा प्लेटफॉर्म कुकू टीवी और स्टोरीज (StoRizz), ऑडियो स्टोरीटेलिंग प्लेटफॉर्म कुकू एफएम (Kuku FM) और माइक्रो-लर्निंग प्लेटफॉर्म गुरू (Guru) चलाती है। इसके अलावा कंपनी के पास क्यूरेटेड मूवी कंटेंट ऐप फिल्मी (Filmy) और फ्री माइक्रो-ड्रामा ऐप फ्रीड्रामा (FreeDrama) भी हैं।

Coca-Cola IPO: भारत में बॉटलिंग बिजनेस का IPO लाएगी कोका-कोला, $10 अरब के वैल्यूएशन पर नजर

HDFC Bank News: अनूप बागची के MD और CEO बनने से निवेशक खुश, HDFC बैंक का ADR 5% उछला

HDFC Bank News: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर HDFC बैंक के ADR में करीब 5% की तेजी आई। RBI ने अनूप बागची को बैंक का नया MD और CEO बनाने की मंजूरी दे दी है। इसकी वजह से HDFC बैंक के ADR में तेजी दिखी है। यह अमेरिका में ट्रेड होने वाली सिक्योरिटीज हैं, जो HDFC Bank के भारतीय शेयरों को रिप्रेजेंट करती हैं। यह शुरुआती कारोबार में 23.55 डॉलर के हाई पर पहुंच गई, जो पिछले बंद के मुकाबले करीब 5.42% की तेजी दिखाती है।

बागची 27 अक्टूबर 2026 से जिम्मेदारी संभालेंगे। मौजूदा MD और CEO शशिधर जगदीशन का कार्यकाल 26 अक्टूबर को खत्म हो रहा है। उन्होंने अगले कार्यकाल के लिए दोबारा नियुक्ति नहीं मांगी थी। बागची का कार्यकाल तीन साल का होगा। वह 26 अक्टूबर 2029 तक MD और CEO रहेंगे। हालांकि, इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी भी जरूरी होगी।

निवेशकों को संबोधित कर सकते हैं बागची 

HDFC Bank 17 अक्टूबर को दूसरी तिमाही के नतीजे जारी करेगा। माना जा रहा है कि इसी दौरान बागची और शशिधर जगदीशन निवेशकों को संबोधित कर सकते हैं। Moneycontrol को एक सूत्र ने बताया था कि इससे बैंक में निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

ICICI Group में 30 साल से ज्यादा का अनुभव

अनूप बागची को ICICI Group में 30 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने रिटेल और MSME बैंकिंग से लेकर कॉर्पोरेट बैंकिंग, ट्रेजरी और मार्केट्स में काम किया है। इसके अलावा वह क्रेडिट पॉलिसी और डेटा एनालिटिक्स से जुड़े काम भी संभाल चुके हैं।

बागची ICICI Bank में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रह चुके हैं। वहां उन्होंने होलसेल बैंकिंग, ट्रांजैक्शन बैंकिंग और मार्केट्स का काम देखा। वह ICICI Securities के MD और CEO भी रह चुके हैं। फिलहाल बागची 2023 से ICICI Prudential Life के MD और CEO हैं।

ICICI Prudential Life में उत्तराधिकारी की तलाश

बागची के HDFC Bank जाने की संभावना पहले से ही काफी ज्यादा मानी जा रही थी। इसके चलते ICICI Bank ने अपनी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के लिए उत्तराधिकारी की तैयारी शुरू कर दी थी। ICICI Group में आमतौर पर बैंक के सीनियर अधिकारियों को ग्रुप की सब्सिडियरीज की जिम्मेदारी दी जाती है। हालांकि, इस बार बैंक बाहर से भी किसी अधिकारी को ला सकता है।

एक अधिकारी के मुताबिक ICICI Bank के बोर्ड में मौजूद कुछ होलटाइम डायरेक्टर्स अभी नए हैं। इनमें से कुछ को संदीप बख्शी के संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जाता है। ऐसे में बागची की जगह भरने के लिए बैंक अपने बोर्ड के बाहर से भी किसी नाम पर विचार कर सकता है।

HDFC Bank ने अनूप बागची को नया एमडी और सीईओ नियुक्त किया, जानिए कौन हैं बागची

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

खत्म हुआ मार्केट में गिरावट का दौर! इस कारण मैक्वेरी को है भरोसा, लगाया इन सेक्टर पर दांव

Market Outlook: मैक्वेरी कैपिटल के एमडी और भारत में इक्विटी हेड संदीप भाटिया का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार फिलहाल अपनी रेंज के निचले स्तर पर हैं। इसके अलावा उनका यह भी मानना है कि मार्केट को झटका देने वाली जितनी भी खबरें हैं, और जो भी दबाव है, उसका खराब दौर अब निश्चित रूप से पीछे छूट चुका है। संदीप के मुताबिक कच्चे तेल के भाव और अमेरिकी टैरिफ का रिस्क बना हुआ है तो भारत और अमेरिका में ब्याज दरें अभी भी मार्केट के लिए एक चुनौती बनी हुई हैं। इसके अलावा भारत को अभी तक हार्डवेयर और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़े थीम में बढ़ती वैश्विक दिलचस्पी का पूरा फायदा नहीं मिला है। इन चिंताओं के बावजूद उनका मानना है कि भारतीय कंपनियों के सितंबर 2026 तिमाही के रिजल्ट उम्मीद से बेहतर रह सकते हैं।

बैंकिंग सेक्टर

किस सेक्टर के कंपनियों के कारोबारी नतीजे धमाकेदार रह सकते हैं, इसे लेकर संदीप ने कोई अनुमान तो नहीं बताया लेकिन यह जरूर कहा कि बैंकिंग सेक्टर में आउटलुक सुधर रहा है। बैंकिंग सेक्टर उन सेक्टर्स में शुमार है, जिनमें सबसे अधिक दबाव दिखा है लेकिन अब संदीप को उम्मीद है कि अगले दो साल में बैंकों के मार्जिन में सुधार होगा और उनके शेयरों की वैल्यूएशन फिर से बढ़ सकती है, हालांकि नियर टर्म में कमाई पर कुछ दबाव रह सकता है। उनका कहना है कि साल 2027 और साल 2028 में यानी अगले दो वर्षों में बैंकों की कमाई अच्छी रहेगी।

फाइनेंशियल सेक्टर

संदीप भाटिया को फाइनेंशियल सेविंग्स में बड़ा मौका दिख रहा है। उनका अनुमान है कि देश की वित्तीय बचत $50 हजार करोड़ से अधिक है, जोकि और बढ़ सकता है। संदीप का मानना है कि एमसीएक्स, बीएसई और एनएसई को इस रुझान से फायदा हो सकता है।

कंज्यूमर और ऑटो सेक्टर

संदीप भाटिया को उम्मीद है कि कंज्यूमर-ड्यूरेबल कंजम्प्शन से अच्छे नतीजे देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने हुंडई इंडिया, मारुति सुजुकी इंडिया और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी ऑटो कंपनियों का जिक्र करते हुए कहा कि फेस्टिवल सीजन के दौरान गाड़ियों की बिक्री जबरदस्त रही है।

पावर और एनर्जी सेक्टर

संदीप भाटिया की पावर और एनर्जी स्पेस में दिलचस्पी बनी हुई है। रिन्यूएबल एनर्जी स्पेस में उन्हें क्लीन मैक्स एंवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस तो पावर इक्विपमेंट और ट्रांसमिशन कंपनियों में हिताची एनर्जी इंडिया पसंद है। उनका कहना है कि यह मौका सिर्फ एआई से जुड़ी बिजली की मांग की वजह से नहीं बन रहा है, बल्कि देश में मजबूत इंडस्ट्रियल और मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ से भी इसे बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

आईटी सेक्टर

वैल्यूएशन आकर्षक होने के बावजूद संदीप आईटी सेक्टर को लेकर सतर्क हैं और अभी इस सेक्टर में निवेश करने से बच रहे हैं। संदीप का मानना है कि जब तक एआई के असर को लेकर अधिक स्पष्टता नहीं आती, तब तक दबाव बना रहेगा।

इंश्योरेंस सेक्टर

संदीप भाटिया का कहना है कि इंश्योरेंस सेक्टर के लिए नियमों में बदलाव बड़ी चिंता बनी हुई है। फिलहाल वह पॉलिसीबाजार की पीबी फिनटेक को लेकर सतर्क हैं और इस सेक्टर पर कोई फैसला लेने से पहले बीमा नियामक IRDA की ड्राफ्ट सिफारिशों के फाइनल होने का इंतजार करना चाहते हैं।

GST Collection लगातार तीसरे महीने ₹2 लाख करोड़ के पार, रिफंड में आई गिरावट

MTNL Share Price: 17% चढ़ा शेयर, ₹891 करोड़ में बेची मुंबई की प्रॉपर्टी तो मना जश्न

Darjeeling में पहले होटल का जश्न, 7% उछल पड़ा इस होटल कंपनी का शेयर

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Darjeeling में पहले होटल का जश्न, 7% उछल पड़ा इस होटल कंपनी का शेयर

Lemon Tree Share Price: देश की दिग्गज हॉस्पिटैलिटी कंपनियों में शुमार लेमन ट्री होटल्स के शेयर आज कमजोर मार्केट सेंटिमेंट में भी चमक गए। शुरुआती कारोबार में आज सेंसेक्स (Sensex) लाल हो गया तो निफ्टी (Nifty) भी फिसलकर 22500 के करीब आ गया। वहीं दूसरी तरफ लेमन ट्री के शेयर 7% से अधिक उछल पड़े। ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनी ने पश्चिम बंगाल में विस्तार करते हुए मशहूर हिल स्टेशन दार्जीलिंग में 65 कमरों वाला अपना पहला होटल खोलने का ऐलान किया है। इस ऐलान पर निवेशक चहक उठे। अभी इसके शेयर बीएसई पर 6.24% की मजबूती के साथ ₹110.75 पर है। इंट्रा-डे में यह 7.05% की बढ़त के साथ ₹111.60 तक पहुंच गया था।

दार्जीलिंग में Lemon Tree के पहले होटल की क्या है खास बात

लेमन ट्री होटल्स ने Keys Prima by Lemon Tree Hotels, Darjeeling की ओपनिंग का ऐलान किया है।

यह दार्जीलिंग में लेमन ट्री ग्रुप का पहला होटल है।

इसे लेमन ट्री होटल्स के पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी कार्नेशन होटल्स मैनेज करेगी।

यह होटल ओल्ड कचहरी रोड पर है।

कंपनी की तरफ से एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई डिटेल्स के मुताबिक इसमें 65 कमरे हैं।

इसमें बार और फिटनेस सेंटर की भी सुविधा है।

इस होटल में 100 मेहमानों तक की व्यवस्था के लिए एक आउटडोर लॉन भी है।

यह होटल बागडोगरा एयरपोर्ट से करीब 70 किमी, दार्जीलिंग रेलवे स्टेशन से 2.5 किमी और लोकल बस स्टेशन से 1.7 किमी दूरी पर स्थित है।

दार्जीलिंग में अहम आकर्षण की बात करें तो यहां टाइगर हिल पर सनराइज, जू, हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट, तेनजिंग रॉक, जापानीज टेंपल और पीस पगोडा, रॉक गार्डेन, टी गार्डेन, रोपवे और बतासिया लूप हैं।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

लेमन ट्री होटल्स के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल बीएसई पर 6 अक्टूबर 2025 को यह ₹174.25 पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 5 महीने में यह 42.78% टूटकर 16 मार्च 2026 को ₹99.70 पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

Roopa Screen IPO Listing: लिस्ट होते ही अपर सर्किट और पैसा डबल, ₹64 के शेयरों ने मचाया धमाल

Moneyview IPO Listing: 63% प्रीमियम पर लिस्ट ₹34 का शेयर, आईपीओ को मिली थी 102 गुना बोली

कॉरपोरेट बॉन्ड इंडेक्स का फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट! NSE को SEBI की हरी झंडी, अब इस सिग्नल का है इंतजार

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

कॉरपोरेट बॉन्ड इंडेक्स का फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट! NSE को SEBI की हरी झंडी, अब इस सिग्नल का है इंतजार

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) को कॉर्पोरेट बॉन्ड इंडेक्स पर फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट शुरू करने के लिए मार्केट रेगुलेटर SEBI से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) मिल गया है। हालांकि अभी इस प्रोडक्ट को लॉन्च करने के लिए RBI से अहम मंजूरी मिलनी बाकी है। यह ऐसे समय में हुआ है, जब एनएसई के शेयर अभी हाल ही में बीएसई पर लिस्ट हुए हैं। ₹22563 करोड़ के आईपीओ को 5 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन मिलने के बाद इसके ₹1785 के शेयर 24 सितंबर को 1% से कम प्रीमियम में ₹1800 पर लिस्ट हुए थे।

क्या बदलेगा कॉर्पोरेट बॉन्ड इंडेक्स के फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट्स से

एनएसई के प्रस्तावित प्रोडक्ट से मार्केट को कॉर्पोरेट बॉन्ड मार्केट के रिस्क को मैनेज करने के लिए एक एक्सचेंज-ट्रेडेड इंस्ट्रूमेंट मिलेगा और इससे देश के कॉर्पोरेट बॉन्ड डेरिवेटिव्स मार्केट के डेवलपमेंट को सपोर्ट मिलेगा। कॉर्पोरेट बॉन्ड इंडेक्स फ्यूचर्स से रिस्क मैनेजमेंट, पोर्टफोलियो हेजिंग और प्राइस डिस्कवरी के लिए एक और जरिया मिलेगा।

यह पहल देश के फिक्स्ड-इनकम मार्केट को मजबूत करने और मार्केट में हिस्सा लेने वालों के लिए उपलब्ध एक्सचेंज-ट्रेडेड रिस्क-मैनेजमेंट प्रोडक्ट्स की रेंज को बढ़ाने की एनएसई की कोशिशों का हिस्सा है। एनएसई के चीफ बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिसर श्रीराम कृष्णन का कहना है कि सेबी से मिली एनओसी देश के फिक्स्ड-इनकम मार्केट के लिए एक अहम पड़ाव है। उनका कहना है कि बेहतर डेरिवेटिव इकोसिस्टम से कॉरपोरेट बॉन्ड मार्केट मजबूत होगा।

NSE के शेयरों की क्या है स्थिति

एनएसई के शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹1785 के भाव पर जारी हुए थे। ₹1800 पर लिस्ट होने के बाद 24 सितंबर यानी लिस्टिंग के ही दिन यह ₹1878 की रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंचा था। इस हाई से फिसलने के बाद एनएसई के शेयर आज 1 अक्टूबर 2026 को ₹1755 के भाव तक आ गए जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड निचला स्तर है। फिलहाल बीएसई पर यह 0.29% की गिरावट के साथ ₹1757.85 के भाव पर है।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Keralam CM security: और सुरक्षा नहीं लेंगे केरलम सीएम सतीशन, युवा मोर्चा प्रदर्शन के दौरान राज्य पुलिस की मांग ठुकराई

Keralam CM security: केरलम के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने बुधवार, 30 सितंबर को पुलिस को अपने काफिले में सुरक्षा बढ़ाने से मना कर दिया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, उन्होंने कहा कि उनके काफिले में पायलट और एक एस्कॉर्ट गाड़ी के अलावा किसी और सिक्योरिटी गाड़ी की जरूरत नहीं है।

हाल ही में युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सीएम सतीशन और अन्य मंत्रियों को प्रदर्शन के दौरान काले झंडे दिखाए थे। इसके बाद राज्य पुलिस ने उनके और दूसरे मंत्रियों के खिलाफ हालिया विरोध के बाद उनके काफिले में एक और सिक्योरिटी गाड़ी जोड़ने की मांग की थी। सूत्रों ने बताया कि सीएम सतीशन ने उनकी इस अपील को ठुकरा दिया है।

बुधवार सुबह भी, जब सीएम एयरपोर्ट से लौट रहे थे, तो युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले के सामने कूदने की कोशिश की और उन्हें काले झंडे दिखाए। हालांकि, सतीशन, जिनकी ऑफिशियल कार के साथ एक पायलट जीप और एक एस्कॉर्ट गाड़ी है, ने पुलिस की रिक्वेस्ट को मना कर दिया है, सूत्रों ने बताया।

अधिकारियों की तरफ से यह सफाई उन खबरों के बाद आई कि सीएम सुबह एक इवेंट में जाते समय अपने काफिले में एक और पुलिस गाड़ी होने से नाखुश थे। न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीनियर पुलिस अधिकारियों ने बाद में सीएम को बताया कि एक्स्ट्रा गाड़ी उनके काफिले का हिस्सा नहीं थी और गलती से उससे आगे निकल गई थी क्योंकि वह उसी जगह जा रही थी।

Jitiya 2026 Date: 3 या 4 अक्टूबर, कब है जितिया व्रत? संतान की अच्छी सेहत और खुशहाली के लिए माताएं इस दिन करेंगी निर्जला उपवास, जानें मुहूर्त और पारण समय | Moneycontrol Hindi

Policybazaar के टारगेट में 53% की कटौती, इस कारण कुछ ही दिनों में बदली की स्ट्रैटेजी

PB Fintech Share Price: पॉलिसीबाजार (Policybazaar) की पैरेंट कंपनी पीबी फिनटेक के शेयरों का टारगेट प्राइस ब्रोकरेज फर्म बर्न्स्टीन ने ₹2310 से घटाकर ₹1085 किया तो इसकी बिकवाली और बढ़ गई। खास बात ये है कि कुछ ही दिनों पहले बर्न्स्टीन ने इसकी रेटिंग और टारगेट को बरकरार रखा था और अब जो टारगेट फिक्स किया है, एक कारोबारी दिन पहले यह इसके नीचे बंद हुआ था। फिलहाल बीएसई पर यह 1.39% की गिरावट के साथ ₹1069.00 के भाव पर है। इंट्रा-डे में यह 2.96% टूटकर एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर ₹1,052.00 तक आ गया था।

लगातार पांचवे कारोबारी दिन आज इसके शेयर टूटे हैं। बीमा नियामक IRDAI ने बीमा पॉलिसी से जुड़े नियमों में बदलाव का जो ड्राफ्ट पेश किया है, उससे पॉलिसीबाजार को तगड़ा शॉक लगा और 24 सितंबर को एक ही दिन में रिकॉर्ड 36% टूट गया। पिछले साल 9 दिसंबर 2025 को यह एक साल के हाई ₹1,963.00 पर था।

Policybazaar के टारगेट प्राइस में क्यों की कटौती

बर्न्स्टीन ने पॉलिसीबाजार के पीबी फिनटेक की आउटपरफॉर्म रेटिंग बनाए रखी, लेकिन टारगेट प्राइस में 53% की कटौती कर दी है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि कमीशन में कटौती का प्रस्ताव अनुमान से अधिक सख्त है और प्रस्तावित फ्रेमवर्क के तहत कम जनरल इंश्योरेंस टेक रेट पीबी फिनटेक की मौजूदा लागत को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकते हैं।

इससे पहले इस हफ्ते की शुरुआत में बर्न्स्टीन ने प्रस्तावित नियमों के बड़े असर को ध्यान में रखते हुए भी ₹2,310 का टारगेट बनाए रखा था लेकिन ब्रोकरेज फर्म ने दोबारा रिव्यू किया और इसमें 53% की तेज कटौती कर दी। ब्रोकरेज फर्म को पॉलिसीबाजार के लिए आगे का रास्ता मुश्किल दिख रहा है। बर्न्स्टीन का कहना है कि पॉलिसीबाजार को अपने जनरल इंश्योरेंस बिजनेस के कुछ हिस्सों को कम करना पड़ सकता है या लाइफ इंश्योरेंस की तरफ बढ़ना पड़ सकता है क्योंकि वह प्रस्तावित कमीशन कैप के हिसाब से खुद को ढाल रहा है। ब्रोकरेज फर्म को इसके पॉइंट-ऑफ-सेल-पर्सन (POSP) बिजनेस के कम होने के आसार दिख रहे हैं क्योंकि आर्थिक तौर पर यह फायदेमंद हो रहा है।

ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि हेल्थ इंश्योरेंस में फंडामेंटल तौर पर अधिक बदलाव की जरूरत पड़ सकती है। कंपनी को डिस्ट्रीब्यूशन कमीशन में कमी से हुए नुकसान की भरपाई के लिए अंडरराइटिंग इकनॉमिक्स जैसे वैकल्पिक मॉडल खोजने पड़ सकते हैं।

ब्रोकरेज फर्म का कहना है नुकसान कम करने के तरीके तो हैं, लेकिन उनके असर का अंदाजा लगाना मुश्किल है। बर्न्स्टीन को अभी भी पीबी फिनटेक के लिए लॉन्ग टर्म ग्रोथ और वैल्यू-क्रिएशन का मौका दिख रहा है, लेकिन एनालिस्ट्स का कहना है कि अगले 18 महीने कंपनी के लिए अहम हो सकते हैं, जिसमें कई तरह के नतीजे सामने आ सकते हैं।

बाकी ब्रोकरेजेज का क्या है रुझान

इरडा ने हेल्थ, मोटर और लाइफ इंश्योरेंस के डिस्ट्रीब्यूशन कमीशन में बड़े बदलावों का प्रस्ताव दिया। इन प्रस्तावों पर पॉलिसीबाजार के शेयर ढेर हो गए। निवेशकों को इस बात की चिंता हुई कि इन प्रस्तावों से कमीशन की कम दरें पॉलिसीबाजार की टेक रेट्स यानी कमाई की दर काफी कम हो सकती हैं और कंपनी को लागत कम करने या अपने बिजनेस मिक्स में बदलाव करने के लिए मजबूर कर सकती हैं।

इसे देखते हुए कई ब्रोकरेजेज फर्मों ने इसके शेयरों को लेकर अपने नजरिए में बदलाव किया है। एचएसबीसी ने इसकी रेटिंग को घटाकर होल्ड कर दी और टारगेट प्राइस भी ₹2,100 से घटाकर ₹1,150 कर दिया, जबकि मोतीलाल ओसवाल ने ₹1,150 के टारगेट के साथ न्यूट्रल रेटिंग बनाए रखा है।

₹3000 करोड़ का निवेश और हैदरबाद में दो प्रोजेक्ट पूरा, दोहरे सपोर्ट पर इस स्टॉक का जोश हाई

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

₹3000 करोड़ का निवेश और हैदरबाद में दो प्रोजेक्ट पूरा, दोहरे सपोर्ट पर इस स्टॉक का जोश हाई

Prestige Estates Share Price: देश के दिग्गज रियल एस्टेट डेवलपर्स में शुमार प्रेस्टिज एस्टेट्स ने हैदराबाद में दो अहम प्रोजेक्ट के पूरा होने का ऐलान किया। साथ ही कनाडा पेंशन प्लान इंवेस्टमेंट्स ने इसके हॉस्पिटैलिटी प्लेटफॉर्म में ₹3000 करोड़ के निवेश का ऐलान किया तो शेयर झूम उठे। इस दोहरे सपोर्ट पर कंपनी के शेयर 3% से अधिक उछल पड़े। ऊपरी स्तर पर मुनाफावसूली के बावजूद अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 3.02% की बढ़त के साथ ₹1465.00 पर है। इंट्रा-डे में यह 3.21% चढ़कर ₹1,467.60 तक पहुंच गया था।

Prestige Estates के कौन-से दो अहम प्रोजेक्ट हुए पूरे

प्रेस्टिज एस्टेट्स ने हैदराबाद में दो लैंडमार्क रेजिडेंशियल डेवलपमेंट्स पूरे किए हैं। इसमें से एक प्रेस्टिज क्लेयरमोंट कोकापेट में है और इसमें 928 घर हैं तो दूसरा बेलाजियो-द प्रेस्टिज सिटी हैदराबाद राजेंद्र नगर में है, जिसमें 119 विला हैं। प्रेस्टिज क्लेयरमोंट (Prestige Clairemont) 7.56 एकड़ में फैला हुआ है और इसमें 4 टॉवर हैं। वहीं बेलाजियो @ द प्रेस्टिज सिटी हैदराबाद (Bellagio @ The Prestige City Hyderabad) करीब 24 एकड़ में फैला हुआ है।

₹3000 करोड़ के निवेश में क्या है खास

प्रेस्टिज एस्टेट्स ने 29 सितंबर को एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि सीपीपी इंवेस्टमेंट्स ने प्रेस्टिज हॉस्पिटैलिटी वेंचर्स में निवेश के जरिए देश के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में डायरेक्ट एंट्री की है। कनाडा पेंशन प्लान इंवेस्टमेंट बोर्ड (CPP इंवेस्टमेंट्स) ने प्रेस्टिज हॉस्पिटैलिटी में करीब ₹3000 करोड़ (C$44.1 करोड़) के निवेश का ऐलान किया है और इस निवेश के साथ यह करीब 27% हिस्सेदारी हासिल करेगा।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

प्रेस्टिज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 3 नवंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹1,804.65 पर था, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 5 ही महीने में यह 39.58% गिरकर 2 अप्रैल 2026 को ₹1,090.45 पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

Adroit Industries Share Price: 176 गुना भरा IPO, अब 87% लिस्टिंग गेन, ₹134 के शेयरों का बड़ा धमाल

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Sensex-Nifty Recovery: इस लेवल से वापस घूमा मार्केट, 460 प्वाइंट्स चढ़ा सेंसेक्स, 4 वजहों से निफ्टी ग्रीन

Share Market Recovery: निचले स्तर पर खरीदारी यानी वैल्यू बाइंग के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी ने निचले स्तर पर अच्छी रिकवरी की। निचले स्तर से सेंसेक्स 460.00 प्वाइंट्स रिकवर हुआ तो निफ्टी भी 22750 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी रौनक छाई हुई है और स्मॉलकैप स्पेस में अधिक। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब आधे फीसदी की बढ़त है तो निफ्टी मिडकैप 100 भी ग्रीन है। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स की बात करें फिलहाल 12:03 PM पर सेंसेक्स (Sensex) 317.24 प्वाइंट्स यानी 0.44% की बढ़त के साथ 72846.31 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 30.25 प्वाइंट्स यानी 0.13% की मजबूती के साथ 22746.45 पर है।

इंट्रा-डे में सेंसेक्स 89.02 प्वाइंट्स टूटकर 72,440.05 तक आया जिससे यू-टर्न लेकर यह 459.59 प्वाइंट्स ऊपर चढ़ा और 72,899.64 तक पहुंच गया तो दूसरी तरफ 56.40 टूटकर 22,659.80 तक आने के बाद निफ्टी 112.00 प्वाइट्स रिकवर हुआ और 22,771.80 तक पहुंचा।

Sensex-Nifty Recovery: ये है वजह

वैल्यू बाइंग

निचले स्तर पर खरीदारी यानी वैल्यू बाइंग से मार्केट को सपोर्ट मिला।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX की नरमी से मार्केट पाने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल यह 0.76% की गिरावट के साथ 13.31 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

बैंकिंग और आईटी स्टॉक्स का मजबूत सपोर्ट

फार्मा और मेटल स्टॉक्स मार्केट को तोड़ने की कोशिश में हैं लेकिन बैंकिंग और आईटी शेयर इसे संभालने की कोशिश में हैं। निफ्टी फार्मा में डेढ़ फीसदी से अधिक कमजोरी है और निफ्टी मेटल भी करीब 1% टूटा है तो दूसरी तरफ सरकारी और प्राइवेट बैंकों के साथ-साथ आईटी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स 1-1% से अधिक मजबूत दिख रहे हैं।

तकनीकी वजह

एनालिस्ट्स के मुताबिक आगे और बेयरेश सेंटिमेंट तभी दिखेगा, जब निफ्टी 22,650 के नीचे आता है। कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि मार्केट का शॉर्ट-टर्म रुझान कमजोर बना हुआ है लेकिन पुलबैक रैली की भी संभावना बनी हुई है। श्रीकांत के मुताबिक डे-ट्रेडर्स के लिए 22,600/72,200 एक अहम सपोर्ट जोन बना हुआ है। इस लेवल के ऊपर बने रहने से निफ्टी 22,850–23,000 और सेंसेक्स 73,000–73,500 की तरफ बढ़ सकता है। हालांकि अगर सपोर्ट जोन टूटा तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स 22,500–22,300/72,000–71,400 की तरफ खिसक सकते हैं। इसका मतलब हुआ कि मार्केट में उठा-पटक की संभावना बनी हुई है।

बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) पबित्रो मुखर्जी का कहना है कि मार्केट की कमजोरी बनी रहती है तो यह 22,400 के अहम सपोर्ट एरिया की तरफ फिसल सकता है। यह एरिया पिछले दो वर्षों के अहम निचले स्तरों को जोड़ने वाली ट्रेंडलाइन सपोर्ट और 200-हफ्ते के EMA को जोड़ने वाला प्वाइंट है। उनका कहना है कि 22,830 के ऊपर जाने पर 23,000 के लेवल की तरफ पुलबैक का संकेत मिलेगा। हालांकि इसके लिए जरूरी होगा कि निफ्टी लगातार हायर हाई-हायर लो स्ट्रक्चर बनाना होगा और 23,000-23,100 का लेवल फिर से हासिल करना होगा। अगर यह 23,100 के ऊपर लगातार बना रहा तो गिरावट थमने का संकेत मिल सकता है। उनका कहना है कि डेली स्टॉकेस्टिक 13 पर आ गया है जोकि ओवरसोल्ड टेरिटरी में है यानी कि तेज रिकवरी की सभावना बनी हुई है।

चॉइस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर का कहना है कि हालिया गिरावट के बाद अहम टेक्निकल लेवल पर खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी ऊपर आ सकता है। हालांकि FIIs यानी विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली चिंता की बात बनी हुई है और इससे रिकवरी सीमित हो सकती है। निफ्टी और बैंक निफ्टी के अहम सपोर्ट जोन के करीब होने के कारण इंट्रा-डे प्राइस एक्शन सतर्कता के साथ एक दायरे में रह सकता है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।