Urban Company का शेयर बना रॉकेट, 17% तक उछला; मॉर्गन स्टेनली से मिला डबल अपग्रेड

होम सर्विसेज देने वाली अर्बन कंपनी के शेयरों में 3 अगस्त को जबरदस्त तेजी है। बीएसई पर शेयर की कीमत शुरुआती कारोबार में पिछले बंद भाव से 17.6 प्रतिशत तक उछलकर 152 रुपये के हाई तक गई। कंपनी ने शुक्रवार को अपने वित्तीय नतीजे जारी किए थे। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी को कंसोलिडेटेड बेसिस पर 92.12 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। एक साल पहले कंपनी 6.94 करोड़ रुपये के मुनाफे में थी। इसके बावजूद शेयर में बंपर खरीद हो रही है।

इसकी एक वजह यह है कि तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने स्टॉक की रेटिंग को “अंडरवेट” से डबल अपग्रेड कर सीधा “ओवरवेट” कर दिया है। ब्रोकरेज ने अक्टूबर 2025 में स्टॉक पर अपना कवरेज शुरू किया था। टारगेट प्राइस 128 रुपये से बढ़ाकर 165 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। इसके अलावा कंपनी की InstaHelp सर्विस ने 1 लाख डेली डिलीवर्ड ऑर्डर्स का आंकड़ा पार कर लिया है।

बता दें कि तिमाही आधार पर कंपनी का घाटा कम हुआ है। मार्च 2026 तिमाही में यह 161.16 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 43.85 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 528.34 करोड़ रुपये रहा। जून 2025 तिमाही में रेवेन्यू 367.27 करोड़ रुपये रहा था। कुल खर्च बढ़कर 639.88 करोड़ रुपये के हो गए, जो जून 2025 तिमाही में 384.25 करोड़ रुपये के थे।

मार्केट लीडरशिप को प्राथमिकता दे रहा है मैनेजमेंट

अर्बन कंपनी का इंडिया बिजनेस से रेवेन्यू जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर 31 प्रतिशत ज्यादा रहा। मार्जिन भी बढ़कर 23 प्रतिशत हो गया। कंपनी के मैनेजमेंट का मानना है कि घाटा ज्यादा बना रहेगा क्योंकि कंपनी आगे बाकी सब चीजों से ज्यादा मार्केट लीडरशिप को प्राथमिकता दे रही है। अर्बन कंपनी के शेयर को 7 सात एनालिस्ट कवर कर रहे हैं। इनमें से 2 ने “बाय” और 2 ने “सेल” रेटिंग दी है। 3 ने “होल्ड” की सलाह दी है।

Maruti Suzuki Dividend: ₹140 के फाइनल डिविडेंड के लिए रहें तैयार, पात्र बनने के लिए 7 अगस्त से पहले बनना होगा शेयरहोल्डर

अर्बन कंपनी भारत, UAE, सिंगापुर और सऊदी अरब में एक मल्टी कैटेगरी होम सर्विस प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करती है। इसके प्लेटफॉर्म पर क्लीनिंग, प्लंबिंग, इलेक्ट्रिक वर्क, अप्लायंसेज रिपेयर, ब्यूटी ट्रीटमेंट और मसाज थेरेपी जैसी सर्विसेज मिलती हैं। इसका InstaHelp वर्टिकल बुकिंग के 10-15 मिनट के अंदर सफाई, बर्तन धोने, कपड़े धोने और खाना बनाने के लिए लोग मुहैया कराने जैसी सर्विसेज देता है।

सितंबर 2025 में लिस्ट हुई थी Urban Company

अर्बन कंपनी 17 सितंबर 2025 को ​लिस्ट हुई थी। इसका IPO 1,900.24 करोड़ रुपये का था। कंपनी का शेयर शेयर एक सप्ताह में 17 प्रतिशत नीचे आया है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 19.02 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 22600 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Price Today: चांदी की कीमतों में उछाल, खरीदारी से पहले जानें अपने शहर के ताजा भाव

Silver Price Today: हफ्ते के पहले दिन सोमवार 3 जुलाई को चांदी की कीमतों में उछाल देखने को मिला। दिल्ली में चांदी की कीमत में हल्की गिरावट देखने को मिली है। चांदी का भाव 234.90 रुपये प्रति ग्राम और 2,34,900 रुपये प्रति किलोग्राम है। वहीं मुंबई में भी चांदी का भाव 234.90 रुपये प्रति ग्राम और 2,34,900 रुपये प्रति किलोग्राम है। हालांकि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी 10.34 बजे 1.12 फीसदी यानी 2428 रुपये की बढ़त के साथ 2,19,147 रुपये पर ट्रेड कर रहा है।

इंटरनेशनल मार्केट में कैसी है चाल

इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने-चांदी में बढ़त देखी जा रही है। सोने का भाव आज 0.24 फीसदी चढ़कर कॉमैक्स पर 4117 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है। चांदी 1.04 फीसदी उछलकर 58.385 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।

भारत के शहरों में चांदी के ताजा भाव

शहर10 ग्राम चांदी का भाव100 ग्राम चांदी का भाव1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹234.90₹23,900₹2,34,900
कोलकाता₹2,350₹24000₹2,35,000
मुंबई₹2,350₹23,500₹2,35,000
चेन्नई₹2,350₹23,500₹2,35,000
पटना₹2,350₹23,500₹2,35,000
लखनऊ₹2,350₹23,500₹2,35,000
मेरठ₹2,350₹23,500₹2,35,000
अयोध्या₹2,350₹23,500₹2,35,000
कानपुर₹2,350₹23,500₹2,35,000
गाजियाबाद₹2,350₹23,500₹2,35,000
नोएडा₹2,350₹23,500₹2,35,000
गुरुग्राम₹2,350₹23,500₹2,35,000
चंडीगढ़₹2,350₹23,500₹2,35,000
जयपुर₹2,350₹23,500₹2,35,000
लुधियाना₹2,350₹23,500₹2,35,000
गुवाहाटी₹2,350₹23,500₹2,35,000
इंदौर₹2,350₹23,500₹2,35,000
अहमदाबाद₹2,350₹23,500₹2,35,000
सूरत₹2,350₹23,500₹2,35,000
वडोदरा₹2,350₹23,500₹2,35,000
पुणे₹2,350₹23,500₹2,35,000
नागपुर₹2,350₹23,500₹2,35,000
नासिक₹2,350₹23,500₹2,35,000
बैंगलोर₹2,350₹23,500₹2,35,000
भुवनेश्वर₹2,350₹23,500₹2,35,000
रायपुर₹2,350₹23,500₹2,35,000
हैदराबाद₹2,350₹23,500₹2,35,000

पिछले कारोबारी दिन कैसा रहा चांदी का भाव?

दिल्ली के सर्राफा बाजार में पिछले कारोबारी दिन शुक्रवार को चांदी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। चांदी 2,24,700 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) के स्तर पर स्थिर रही। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी पर दबाव देखने को मिला। हाजिर चांदी (स्पॉट सिल्वर) की कीमत लगभग 2% गिरकर 57.98 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।

कहां होगी नजर

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों पर दुनिया भर के कई बड़े इकोनॉमिक डेटा का असर पड़ सकता है। निवेशकों की नजर अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोजोन और जापान के पीएमआई (PMI) आंकड़ों पर रहेगी। इसके अलावा अमेरिका के जुलाई महीने के रोजगार के आंकड़े, जैसे नॉन-फार्म पेरोल और बेरोजगारी दर भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। वहीं अमेरिका-ईरान से जुड़े फैक्टर्स और कच्चे तेल की सप्लाई की स्थिति पर भी बाजार की नजर रहेगी।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Advance Technoforge Listing ने दिया झटका, 1% डिस्काउंट पर एंट्री के बाद ₹95 का शेयर आया और नीचे

Advance Technoforge IPO Listing: फॉर्ज्ड और प्रिसिजन मशीन्ड पार्ट्स बनाने वाली एडवांस टेक्नोफॉर्ज की आज BSE SME पर डिस्काउंट पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों के दम पर ही ओवरसब्सक्राइब हो पाया था। आईपीओ के तहत ₹95 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹94.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि लिस्टिंग पर 1.05% पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर और नीचे आए। टूटकर यह ₹90.00 (Advance Technoforge Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 5.26% घाटे में हैं।

Advance Technoforge IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

एडवांस टेक्नोफोर्ज का ₹24 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 27-29 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 2.68 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.43 गुना और खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित आधा हिस्सा 2.68 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 25,30,800 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹7.19 करोड़ मौजूदा प्रेमिसेज में प्रिसिजन मशीन कंपोनेंट्स बनाने के लिए मशीनरी की खरीदारी और इंस्टॉलेशन, ₹7.25 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, ₹2.40 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे इश्यू से जुड़े खर्चों को भरने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Advance Technoforge के बारे में

एडवांस टेक्नोफोर्ज फॉर्ज्ड और प्रिसिजन मशीन्ड पार्ट्स बनाकर सप्लाई करती है। इसके प्रोडक्ट्स ऑटोमोटिव, ऑयल एंड गैस इंडस्ट्रीज, अर्थ मूविंग इक्विपमेंट, रेलवे समेत अन्य सेक्टर्स में इस्तेमाल होते हैं। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में टो हुक असेंबली, रिटेनर प्लेट्स, क्रास मेंबर, कनेक्टिंग रॉड, बोडेन (एंड कैप) इत्यादि हैं। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 में इसका मुनाफा सालाना 54% से अधिक की रफ्तार से बढ़कर ₹4.06 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम में उठा-पटक दिखी। वित्त वर्ष 2024 में ₹48.24 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹51.15 करोड़ से वित्त वर्ष 2026 में यह ₹50.73 करोड़ पर आ गई। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹17.29 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹7.19 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Maruti Suzuki Dividend: ₹140 के फाइनल डिविडेंड के लिए रहें तैयार, पात्र बनने के लिए 7 अगस्त से पहले बनना होगा शेयरहोल्डर

देश की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 140 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड मिलने वाला है। रिकॉर्ड डेट 7 अगस्त 2026 है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुके होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये है।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 135 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था। मारुति सुजुकी के शेयर की कीमत शुक्रवार, 31 जुलाई को BSE पर 14239.40 रुपये पर बंद हुई। कंपनी का मार्केट कैप 4.47 लाख करोड़ रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 58.65 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर एक सप्ताह में 6 प्रतिशत चढ़ा है। साल 2026 में अब तक कीमत करीब 15 प्रतिशत नीचे आई है।

जून तिमाही में Maruti Suzuki का मुनाफा 9 प्रतिशत घटा

मारुति सुजुकी इंडिया का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 9.11 प्रतिशत घटकर 3,446.9 करोड़ रुपये रहा। कच्चे माल की लागत समेत कुल खर्च बढ़ने से कंपनी के मुनाफे पर दबाव पड़ा। एक साल पहले मुनाफा 3,792.4 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू करीब 36 प्रतिशत बढ़कर 52,469.8 करोड़ रुपये हो गया। जून 2025 तिमाही में यह 38,605.2 करोड़ रुपये था। कुल खर्च बढ़कर 50,000.3 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 35,585.4 करोड़ रुपये के थे।

जुलाई में रिकॉर्ड वाहन उत्पादन

मारुति सुजुकी इंडिया ने जुलाई 2026 में अपना रिकॉर्ड मासिक उत्पादन देखा। जुलाई में कंपनी ने सालाना आधार पर 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 2,48,845 वाहनों का उत्पादन किया। एक साल पहले आंकड़ा 1,87,073 यूनिट था। कंपनी का इससे पहले का सर्वश्रेष्ठ मासिक उत्पादन रिकॉर्ड मार्च, 2026 में बना था। उस वक्त इसने 2,31,933 वाहनों का उत्पादन किया था।

हर शेयर पर मिलेगा ₹270 का शानदार डिविडेंड, 4 अगस्त रिकॉर्ड डेट; स्टॉक 3 महीनों में 14% चढ़ा

मारुति सुजुकी की जुलाई महीने में कुल बिक्री सालाना आधार पर 34 प्रतिशत बढ़कर 2,41,421 यूनिट रही। एक साल पहले यह 1,80,526 यूनिट थी। देश के अंदर कंपनी के पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री 43.4 प्रतिशत बढ़कर 1,96,203 यूनिट हो गई। जुलाई 2025 में यह 1,37,776 यूनिट थी। हल्के कमर्शियल व्हीकल्स को शामिल करने पर कुल घरेलू बिक्री 2,00,123 यूनिट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT निफ्टी से मिल रहे अच्छे संकेतों को देखते हुए लगता है कि 3 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स मजबूती के साथ खुल सकते हैं। GIFT निफ्टी शुरुआती कारोबार में 24,565 के आसपास हरे निशान में कारोबार कर रहा था। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

31 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने लगातार तीसरे सेशन में अपनी बढ़त जारी रखी। FMCG और IT को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर में हुई व्यापक खरीदारी के दम पर निफ्टी ने 24,400 का स्तर फिर से हासिल कर लिया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 166.49 अंक या 0.21 प्रतिशत बढ़कर 78,094.64 पर और निफ्टी 66.45 अंक या 0.27 प्रतिशत बढ़कर 24,383.60 पर बंद हुआ। इस हफ्ते BSE सेंसेक्स और निफ्टी में 2.6% की बढ़त हुई,जिससे पिछले हफ्ते हुए सभी नुकसान की भरपाई हो गई और हफ्ते की क्लोजिंग मजबूती के साथ हुई।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार चौथे सत्र में भी खरीदारी जारी रखी और 31 जुलाई को ₹277 करोड़ के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी बाजार को सहारा दिया और ₹2,260 करोड़ के शेयर खरीदकर वे भी नेट बॉयर बन गए।

क्रूड में नरमी से गिफ्ट निफ्टी जोश में

क्रूड में नरमी से गिफ्ट निफ्टी जोश में दिख रहा है। इसमें 125 अंकों की तेजी देखने को मिल रही है। US फ्यूचर्स भी ऊपर कारोबार कर रहा है। वहीं, 4.74 फीसदी तक जाने के बाद US बॉन्ड यील्ड में नरमी आई है और यह 4.7 के नीचे फिसल गया है। इधर शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में भी रौनक दिखी है। हालांकि एशियाई बाजार दबाव में दिख रहे हैं। कोस्पी 5 फीसदी तो जापान का बाजार निक्केई 3 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है।

अनुमान से कमजोर रहे ITC के नतीजे

आईटीसी के पहले तिमाही के स्टैंडअलोन नतीजे अनुमान से कमजोर रहे हैं। मार्जिन और ईबीआईटीडीए में 27% की गिरावट आई है। रेवेन्यू में भी 14% से ज्यादा की गिरावट आई है। मार्जिन पर भी दबाव दिखा है। एक्साइज टैक्स का बढ़ोतरी पर असर दिखा है। एफएमसीजी कारोबार की रेवेन्यू अनुमान के करीब रही है।

Market cues : 24100-24000 के ऊपर टिके रहने पर निफ्टी में देखने को मिल सकती है 24800-25000 तक की तेजी

कमजोर रहे मारुति के नतीजे

मारुति के नतीजे कमजोर रहे हैं। पहली तिमाही में कंपनी की आय 36 फीसदी बढ़ी है। लेकिन मुनाफा 11 फीसदी घटा है। वेस्ट एशिया संकट की मार्जिन पर मार पड़ी है। मार्जिन करीब 400 बेसिस प्वाइंट घटकर 8 फीसदी तक आए हैं। महंगे कमोडिटी दामों का असर पड़ा है। हालांकि वॉल्यूम ऑलटाइम हाई पर रहा है।

डिवीज लैब्स के शानदार Q1 नतीजे

पहली तिमाही में डिवीज लैब्स ने शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के मुनाफे में 66 फीसदी और रेवेन्यू में 28 फीसदी की बढ़त हुई है। मार्जिन में भी 10 फीसदी का तगड़ा उछाल आया है। तीनों आंकड़े अनुमान से कहीं अच्छे रहे हैं। वहीं ग्लेनमार्क फार्मा का प्रॉफिट 10 गुना से ज्यादा बढ़ा है। इसके रेवेन्यू में 23 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसके मार्जिन भी सुधरे हैं।

ऑटो कंपनियों के लिए शानदार रहा जुलाई

ऑटो कंपनियों के लिए जुलाई का महीना शानदार रहा है। सभी सेगमेंट में डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की गई है। मारुति की बिक्री 34% बढ़ी है। एंट्री-लेवल सेगमेंट में लगातार दूसरे महीने 90% बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हीरो मोटो,महिंद्रा और हुंडई की भी बिक्री जोरदार रही है।

जुलाई में रिकॉर्ड GST कलेक्शन

जुलाई में GST कलेक्शन ने नया रिकॉर्ड बनाया है। टैक्स कलेक्शन 2.11 लाख करोड़ रुपये के पार चला गया है। इसमें पिछले साल के मुकाबले 15 फीसदी से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली है।

बुधवार को मॉनेटरी पॉलिसी का एलान

ब्याज दरों पर आज RBI MPC की तीन दिवसीय बैठक शुरू होगी। बुधवार को मॉनेटरी पॉलिसी का एलान होगा। CNBC-TV18 के पोल के मुताबिक दरों में बदलाव की उम्मीद नहीं है।

आज से 10 मिनट बढ़ेगा F&O मार्केट का क्लोजिंग-टाइमिंग

आज से F&O मार्केट का क्लोजिंग-टाइमिंग 10 मिनट बढ़ेगा। प्री-मार्केट की तर्ज पर मार्केट बंद होने से पहले 15 मिनट का स्पेशल क्लोजिंग ऑक्शन सेशन होगा। वायदा में शामिल शेयरों से इसकी शुरुआत हो रही है। स्टॉक फ्यूचर्स और इंडेक्स फ्यूचर्स में ट्रेडिंग तीन बजकर 40 मिनट तक होगी।

 

SIP vs Lumpsum: ₹2000 की SIP या ₹2 लाख का लंपसम? आपके बच्चे के लिए कौन-सा निवेश बेस्ट रहेगा, पूरा कैलकुलेशन समझिए

SIP vs Lumpsum: बच्चा जब छोटा होता है, तब उसकी पढ़ाई, कॉलेज या करियर की चिंता दूर की बात लगती है। लेकिन समय बहुत तेजी से निकलता है। आज जो बच्चा गोद में है, वही 15-20 साल बाद इंजीनियरिंग, मेडिकल, MBA या विदेश में पढ़ाई का सपना देख सकता है। ऐसे में अगर आपने समय रहते निवेश शुरू नहीं किया, तो एक साथ बड़ी रकम जुटाना आसान नहीं होगा।

यहीं से एक सवाल शुरू होता है। अगर आपके पास आज ₹2 लाख हैं, तो क्या उन्हें एक साथ निवेश कर देना चाहिए? या हर महीने ₹2,000 की SIP शुरू करना ज्यादा समझदारी होगी? दोनों के अपने फायदे हैं। आइए आसान भाषा और कैलकुलेशन से समझते हैं।

SIP और लंपसम में क्या अंतर है?

SIP यानी सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान में आप हर महीने एक तय रकम निवेश करते हैं। इससे निवेश की आदत बनती है और बाजार के उतार-चढ़ाव का असर भी कुछ हद तक संतुलित हो जाता है।

वहीं लंपसम में पूरी रकम एक साथ निवेश की जाती है। अगर निवेश लंबी अवधि का हो, तो पूरी रकम पहले दिन से ही कंपाउंडिंग का फायदा उठाने लगती है।

इसे उदाहरण से समझिए

अब मान लीजिए आपका बच्चा अभी छोटा है और आप उसके भविष्य के लिए निवेश शुरू करना चाहते हैं। दो विकल्प हैं। हर महीने ₹2,000 की SIP करें या आज ही ₹2 लाख का लंपसम निवेश कर दें। मान लेते हैं कि दोनों निवेशों पर औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है।

15, 20 और 25 साल में कितना बनेगा पैसा?

निवेश का तरीका15 साल20 साल25 साल
₹2,000 की SIP का अनुमानित फंड₹10.09 लाख₹19.98 लाख₹37.95 लाख
आपका कुल SIP निवेश₹3.60 लाख₹4.80 लाख₹6.00 लाख
₹2 लाख का लंपसम निवेश₹10.95 लाख₹19.29 लाख₹34.00 लाख
लंपसम में अनुमानित मुनाफा₹8.95 लाख₹17.29 लाख₹32.00 लाख

नोट: यह कैलकुलेशन 12% सालाना अनुमानित रिटर्न पर आधारित है। म्यूचुअल फंड बाजार से जुड़े होते हैं। इसलिए वास्तविक रिटर्न इससे कम या ज्यादा हो सकता है।

दोनों रिटर्न में अंतर क्यों दिखता है?

15 साल में ₹2 लाख का लंपसम, ₹2,000 की SIP से थोड़ा आगे दिखता है। लेकिन जैसे-जैसे समय बढ़ता है, SIP का फंड बड़ा होता जाता है। इसकी वजह यह नहीं है कि SIP का रिटर्न ज्यादा है, बल्कि इसलिए क्योंकि SIP में हर महीने नया पैसा भी जुड़ता रहता है।

उदाहरण के लिए, 25 साल में SIP के जरिए आपने कुल ₹6 लाख निवेश किए हैं। वहीं, लंपसम में सिर्फ ₹2 लाख लगाए हैं। इसलिए दोनों की तुलना करते समय सिर्फ अंतिम रकम नहीं, बल्कि कुल निवेश को भी ध्यान में रखना चाहिए।

अगर आज ₹2 लाख पड़े हैं…

अब मान लीजिए आपको बोनस मिला है। कोई जमीन बिकी है। या FD मैच्योर हुई है। अगर इस पैसे की अगले 20-25 साल तक जरूरत नहीं है, तो उसे बैंक खाते में पड़ा रहने देने से बेहतर है कि लंबी अवधि के लिए निवेश कर दिया जाए। इससे पूरा पैसा पहले दिन से ही आपके लिए काम करना शुरू कर देगा।

अगर हर महीने बचत करना आसान है…

हर परिवार के पास ₹2 लाख एक साथ नहीं होते। लेकिन ₹2,000 महीने निकालना कई लोगों के लिए मुमकिन होता है। ऐसे में SIP बेहतर विकल्प है। इससे घर का बजट भी नहीं बिगड़ता और धीरे-धीरे अच्छा फंड तैयार हो जाता है।

अगर दोनों कर सकते हैं तो?

मान लीजिए आपके पास ₹2 लाख भी हैं और हर महीने ₹2,000 बचाने की क्षमता भी है। ऐसे में दोनों का फायदा उठाया जा सकता है।

आज ₹2 लाख निवेश कर दीजिए। फिर अगले महीने से ₹2,000 की SIP भी शुरू कर दीजिए। इससे एक तरफ बड़ी रकम लंबे समय तक कंपाउंड होगी और दूसरी तरफ हर महीने नया निवेश भी जुड़ता रहेगा।

सबसे बड़ा रोल समय निभाता है

अक्सर लोग सही म्यूचुअल फंड ढूंढने में महीनों लगा देते हैं, लेकिन निवेश शुरू नहीं करते। जबकि सच यह है कि अच्छे फंड से भी ज्यादा ताकत समय में होती है।

अगर बच्चा अभी 3 साल का है और आपने आज निवेश शुरू कर दिया, तो आपके पास 15 से 20 साल का समय है। यही समय छोटी-छोटी रकम को बड़े फंड में बदल देता है।

इसलिए अगर आज आप सोच रहे हैं कि अगले साल से शुरू करेंगे, तो शायद वही सबसे महंगी गलती होगी। चाहे शुरुआत ₹2,000 महीने से करें या ₹2 लाख एक साथ लगाएं, सबसे जरूरी बात यह है कि शुरुआत जितनी जल्दी होगी, भविष्य उतना ही आसान हो सकता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Q1 Results: घाटे से मुनाफे में लौटी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी, रेवेन्यू भी डबल; शेयरों पर रहेगी नजर

Q1 Results: रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Clean Max Enviro Energy Solutions ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 107% बढ़कर ₹832 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह ₹402.3 करोड़ था। कंपनी इस तिमाही में घाटे से निकलकर ₹55 करोड़ के मुनाफे में आ गई। पिछले साल इसी अवधि में उसे ₹16.6 करोड़ का घाटा हुआ था।

Clean Max का एडजस्टेड EBITDA 74% बढ़कर ₹494 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹283.9 करोड़ था। हालांकि, EBITDA मार्जिन 70.6% से घटकर 50% रह गया।

रिकॉर्ड क्षमता जोड़ी

जून तिमाही में Clean Max ने 0.53 गीगावाट (GW) की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता शुरू की। यह कंपनी के इतिहास में एक तिमाही में जोड़ी गई सबसे बड़ी क्षमता है। इसके साथ ही जून के अंत तक कंपनी की कुल कॉन्ट्रैक्टेड रिन्यूएबल पावर सेल्स क्षमता 6 GW पहुंच गई, जो मार्च के अंत में 5.7 GW थी।

वहीं, ऑपरेशनल रिन्यूएबल पावर क्षमता बढ़कर 3,493 मेगावाट (MW) हो गई। पिछली तिमाही में यह 3,088 MW थी। इसमें 2,442 MW सोलर और 646 MW विंड क्षमता शामिल है।

आगे भी मजबूत ग्रोथ की उम्मीद

Clean Max ने FY28 के लिए कम से कम ₹3,000 करोड़ EBITDA का लक्ष्य बरकरार रखा है। वहीं, FY27 में कम से कम 1.5 GW नई रिन्यूएबल क्षमता शुरू करने का टारगेट भी दोहराया है।

कंपनी ने बताया कि वह पहली तिमाही में ही इस लक्ष्य का करीब 40% हासिल कर चुकी है। फिलहाल 2.6 GW की कॉन्ट्रैक्टेड क्षमता पर काम चल रहा है।

Data और AI सेक्टर पर बड़ा दांव

Clean Max के मुताबिक, भारत के कमर्शियल और इंडस्ट्रियल (C&I) नॉन-डेटा सेंटर रिन्यूएबल एनर्जी बाजार में उसकी करीब 14% हिस्सेदारी है। वहीं, उसकी कुल कॉन्ट्रैक्टेड क्षमता का 42% यानी 2.5 GW हिस्सा Data और AI ग्राहकों से जुड़ा है। कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में यही उसकी ग्रोथ का बड़ा आधार बनेगा।

Clean Max के शेयरों का हाल

Clean Max Enviro Energy Solutions का शेयर शुक्रवार को को NSE पर 2.48% की बढ़त के साथ ₹1,341.40 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में इसका रिटर्न 54.63% रहा है। कंपनी का मार्केट कैप 15.73 हजार करोड़ रुपये है। यह कंपनी इसी साल मार्च में मार्केट में लिस्ट हुई थी।

Nifty Outlook: 3 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, कौन से लेवल अहम रहेंगे? एक्सपर्ट्स से जानिए

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

LEAP India IPO: 7 अगस्त से खुलेगा ₹2480 करोड़ का IPO, जानिए पूरी डिटेल

LEAP India IPO: सप्लाई चेन मैनेजमेंट और एसेट पूलिंग सर्विस देने वाली LEAP India का ₹2,480 करोड़ का IPO 7 अगस्त से निवेशकों के लिए खुलेगा। KKR के निवेश वाली इस कंपनी का एंकर बुक 6 अगस्त को ओपन होगी।

निवेशक IPO में 11 अगस्त तक पैसे लगा सकेंगे।। शेयरों का अलॉटमेंट 12 अगस्त तक होने की उम्मीद है। कंपनी के शेयर 14 अगस्त को शेयर बाजार में लिस्ट हो सकते हैं। IPO का प्राइस बैंड 3 अगस्त को घोषित होगा।

फ्रेश इश्यू और OFS

इस IPO में ₹480 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹2,000 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। OFS के तहत प्रमोटर Vertical Holdings II करीब ₹1,998.62 करोड़ और KIA EBT Scheme 3 करीब ₹1.37 करोड़ के शेयर बेचेंगे।

पहले कंपनी ₹400 करोड़ का फ्रेश इश्यू लाने वाली थी। अब इसे बढ़ाकर ₹480 करोड़ कर दिया गया है। OFS का आकार पहले जैसा ही रखा गया है।

कर्मचारियों के लिए भी रिजर्व शेयर

LEAP India ने अपने पात्र कर्मचारियों के लिए ₹1.25 करोड़ तक के शेयर रिजर्व रखे हैं।

ग्लोबल निवेश कंपनी KKR की इकाई Vertical Holdings II और Sunu Mathew कंपनी के प्रमोटर हैं। इनकी हिस्सेदारी क्रमशः 73.78% और 21.07% है।

LEAP India क्या करती है?

LEAP India देशभर में सप्लाई चेन और एसेट पूलिंग सर्विस देती है। कंपनी के पास 1.47 करोड़ से ज्यादा एसेट्स और 10,100 से ज्यादा कस्टमर टचपॉइंट्स हैं।

यह FMCG, फूड एंड बेवरेज, थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, ऑटोमोबाइल और इंडस्ट्रियल सेक्टर की कंपनियों को अपनी सेवाएं देती है।

IPO से मिले पैसे का इस्तेमाल

LEAP India के IPO का बड़ा हिस्सा OFS के जरिए मौजूदा निवेशकों की हिस्सेदारी बेचने के लिए है।

फ्रेश इश्यू से मिलने वाली राशि में से ₹360 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में किया जाएगा। बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों पर खर्च होगी। जून 2026 तक कंपनी पर कुल ₹1,023.2 करोड़ का कंसोलिडेटेड कर्ज था।

LEAP India का वित्तीय प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2025-26 में LEAP India का प्रदर्शन मजबूत रहा। इस दौरान शुद्ध मुनाफा 66% बढ़कर ₹62.3 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹37.6 करोड़ था। वहीं, रेवेन्यू 56.4% बढ़कर ₹729.5 करोड़ पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष में यह ₹466.5 करोड़ था।

इस IPO के बुक रनिंग लीड मैनेजर JM Financial, Avendus Capital, IIFL Capital Services और UBS Securities India हैं।

Nifty Outlook: 3 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, कौन से लेवल अहम रहेंगे? एक्सपर्ट्स से जानिए

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nifty Outlook: 3 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, कौन से लेवल अहम रहेंगे? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली। निफ्टी 66 अंक चढ़कर 24,383 पर बंद हुआ। कारोबार की शुरुआत 44 अंकों की बढ़त के साथ हुई और पहले हाफ में निफ्टी 24,429 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। हालांकि, दिन के आखिर में मुनाफावसूली से कुछ बढ़त कम हो गई।

पिछले सप्ताह के पांच में से चार कारोबारी सत्रों में बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। इसके चलते निफ्टी ने पूरे हफ्ते में 2.59% की मजबूती दर्ज की।

अब सोमवार, 3 अगस्त से शुरू हो रहे कारोबारी हफ्ते में निफ्टी की चाल कैसी रहेगी। कौन कौन से लेवल अहम रहेंगे, इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, उससे पहले जान लेते हैं कि पिछले कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन यानी शुक्रवार को क्या हुआ था।

इन शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा तेजी

निफ्टी 50 में Bajaj Finance, Bajaj Finserv और Jio Financial Services सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं TCS, Eternal और Infosys ने सबसे कमजोर प्रदर्शन किया।

आईटी, FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। सबसे ज्यादा तेजी मीडिया, ऑटो और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में रही। ब्रॉडर मार्केट भी मजबूत रहा। Nifty Midcap 100 और Nifty Smallcap 100 दोनों में 0.44% की बढ़त दर्ज की गई।

इस हफ्ते किन बातों पर रहेगी नजर?

इस सप्ताह बाजार की नजर कई अहम घटनाओं पर रहेगी। इनमें RBI की मौद्रिक नीति (MPC) बैठक, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज PMI के आंकड़े, कच्चे तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति शामिल हैं।

इसके अलावा जून तिमाही के नतीजों का सीजन भी जारी रहेगा। Divi’s Laboratories, APL Apollo Tubes, CDSL, AU Small Finance Bank और Persistent Systems जैसी कंपनियों के नतीजों पर निवेशकों की नजर रहेगी।

FCNR जमा से बाजार को मिल सकता है सहारा

8 जून से 31 जुलाई के बीच बैंकों ने RBI की विशेष स्वैप सुविधा के तहत FCNR(B) डिपॉजिट्स के जरिए 36.7 अरब डॉलर जुटाए हैं। बेहतर ब्याज दरों और एनआरआई निवेशकों की दिलचस्पी से मिले इन फंड्स से बाजार में लिक्विडिटी बढ़ने की उम्मीद है।

निफ्टी पर एक्सपर्ट्स की राय

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का कहना है कि निफ्टी का ट्रेंड अभी भी मजबूत बना हुआ है। अगर इंडेक्स 24,400 के ऊपर टिकता है, तो यह 24,600-24,700 तक जा सकता है। वहीं 24,200 पर मजबूत सपोर्ट है।

HDFC Securities के ही नंदीश शाह के मुताबिक निफ्टी ने 200-Day DEMA और अहम रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर वापसी की है। उनके अनुसार 24,530 और 24,778 पर रेजिस्टेंस है, जबकि 24,100 पर सपोर्ट है।

LKP Securities के रूपक डे का कहना है कि निफ्टी अभी भी सकारात्मक रुख बनाए हुए है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के तनाव की वजह से बाजार में कुछ सतर्कता बनी हुई है। उनके मुताबिक 24,200 सपोर्ट और 24,500 रेजिस्टेंस का स्तर रहेगा।

Angel One के हितेश राठी का मानना है कि निफ्टी में मजबूत तेजी तभी आएगी, जब यह 24,550-24,600 के ऊपर टिकेगा। अगर इंडेक्स 24,650-24,700 के ऊपर निकलता है, तो बाजार में बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है। नीचे की तरफ 24,250-24,200 पहला सपोर्ट और 23,980-23,950 मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।

बैंक निफ्टी का क्या रहा हाल?

बैंक निफ्टी का प्रदर्शन निफ्टी से कमजोर रहा। इंडेक्स 0.10% की मामूली गिरावट के साथ 57,148 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 56,769 तक फिसला था, लेकिन निचले स्तरों पर खरीदारी से इसमें रिकवरी आई।

पिछले चार सत्रों से बैंक निफ्टी 56,672 से 57,330 के दायरे में कारोबार कर रहा है, जिससे साफ है कि फिलहाल इसमें सीमित दायरे में कारोबार हो रहा है।

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक बैंक निफ्टी के लिए 57,500-57,600 का स्तर अहम रेजिस्टेंस है। अगर यह इसके ऊपर निकलता है, तो 58,000 और फिर 58,400 तक तेजी आ सकती है। वहीं 56,700-56,600 का दायरा मजबूत सपोर्ट बना हुआ है।

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Coal India Production Update: सरकारी कंपनी का कोयला प्रोडक्शन 8% बढ़ा, फोकस में रहेगा स्टॉक

Coal India Production Update: सरकारी कोयला कंपनी कोल इंडिया (CIL) ने जुलाई 2026 के प्रोडक्शन और ऑफटेक के शुरुआती आंकड़े जारी किए हैं। कंपनी का जुलाई में कोयला उत्पादन 8.4% बढ़कर 5.04 करोड़ टन (50.4 मिलियन टन) रहा। पिछले साल जुलाई में यह 4.64 करोड़ टन था। वहीं, ऑफटेक यानी ग्राहकों को कोयले की सप्लाई 17.4% बढ़कर 6.37 करोड़ टन रही, जो एक साल पहले 5.42 करोड़ टन थी।

हालांकि, अप्रैल से जुलाई 2026 के दौरान कंपनी का कुल उत्पादन 4.3% घटकर 22 करोड़ टन रह गया। पिछले साल इसी अवधि में यह 22.98 करोड़ टन था। इसके बावजूद चार महीनों में ऑफटेक 6.8% बढ़कर 26.19 करोड़ टन पहुंच गया, जो एक साल पहले 24.52 करोड़ टन था। इससे पता चलता है कि उत्पादन में कमी के बावजूद कंपनी की सप्लाई मजबूत बनी हुई है।

अलग-अलग कंपनियों का प्रदर्शन

कोल इंडिया की अलग-अलग सहायक कंपनियों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा।

  • Central Coalfields Limited (CCL) ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। जुलाई में इसका उत्पादन 56.9% बढ़कर 59 लाख टन हो गया। वहीं, ऑफटेक 66.1% बढ़कर 74 लाख टन रहा।
  • Eastern Coalfields Limited (ECL) का उत्पादन 34.1% बढ़कर 36 लाख टन और ऑफटेक 38.4% बढ़कर 45 लाख टन पहुंच गया।
  • South Eastern Coalfields Limited (SECL), जो कोल इंडिया की सबसे बड़ी सहायक कंपनी है, उसका उत्पादन 17.5% बढ़कर 1.15 करोड़ टन रहा। वहीं, ऑफटेक 11.1% बढ़कर 1.44 करोड़ टन हो गया।
  • Western Coalfields Limited (WCL) का उत्पादन 15.5% बढ़कर 29 लाख टन रहा। ऑफटेक 36.2% बढ़कर 54 लाख टन पहुंच गया।

MCL और BCCL रहे कमजोर

Mahanadi Coalfields Limited (MCL) का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। जुलाई में इसका उत्पादन 10.7% घटकर 1.31 करोड़ टन रह गया। हालांकि, ऑफटेक 10.4% बढ़कर 1.82 करोड़ टन हो गया। अप्रैल-जुलाई के दौरान MCL का उत्पादन 16% घटा।

Bharat Coking Coal Limited (BCCL) का जुलाई उत्पादन 3.4% बढ़कर 25 लाख टन रहा। लेकिन अप्रैल-जुलाई के दौरान इसका ऑफटेक 21.1% घट गया, जो प्रमुख सहायक कंपनियों में सबसे बड़ी गिरावट रही। सबसे छोटी इकाई North Eastern Coalfields (NEC) का उत्पादन और ऑफटेक बेहद कम रहा। जुलाई में इसका ऑफटेक 100% घट गया।

कोल इंडिया के शेयरों का हाल

कोल इंडिया का शेयर शुक्रवार को 0.67% की गिरावट के साथ 414.40 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, साल 2026 में अब तक यह शेयर 3.48% की बढ़त दर्ज कर चुका है। वहीं बीते 1 साल में इसने 10.60% का रिटर्न दिया है।

कोल इंडिया भारत की सबसे बड़ी सरकारी कोयला खनन कंपनी है। यह देश के बिजली संयंत्रों, स्टील, सीमेंट और अन्य उद्योगों को कोयले की सप्लाई करती है। भारत के कुल घरेलू कोयला उत्पादन में सबसे बड़ा योगदान इसी कंपनी का है।

Persistent Systems Q1 Results: मुनाफा घटा, लेकिन AI और रिकॉर्ड डील्स से कमाई बढ़ी; शेयरों पर रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।