KEI Industries Share Price:अच्छे तिमाही नतीजों से शेयर सरपट दौड़ा, 9% उछलकर 4 हफ्ते के हाई पर पहुंचा भाव, अब क्या करें?

KEI Industries Share Price: केबल इंडस्ट्रीज KEI Industries का शेयर 4 अगस्त को 9 फीसदी से ज्यादा तेजी देखने को मिली और यह आज ₹5,475 प्रति के चार हफ़्ते के हाई पर पहुंच गया। शेयर में यह तेजी तिमाही नतीजों के बाद देखने को मिली है। कंपनी ने जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे दिखाए, जिसकी वजह रेवेन्यू मिक्स और ऑपरेटिंग लेवरेज में सुधार था।

कंपनी ने जून तिमाही के लिए ₹3,190 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो साल-दर-साल (YoY) आधार पर 23% की बढ़ोतरी है।

ब्रोकरेज फर्म JM फाइनेंशियल के अनुसार, जहां टॉपलाइन (रेवेन्यू) मजबूत रही, वहीं वॉल्यूम ग्रोथ सिंगल-डिजिट में ही रही। इसकी वजह इनपुट कॉस्ट में भारी बढ़ोतरी और पॉलीकैब, हैवेल्स और RR काबेल जैसी दूसरी कंपनियों के वॉल्यूम ट्रेंड में सुस्ती थी।

ऑपरेटिंग लेवल पर, EBITDA साल-दर-साल 53% बढ़कर ₹400 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन 240 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 12.4% हो गया। इसकी वजह ऑपरेटिंग लेवरेज और बेहतर प्रोडक्ट मिक्स था। बॉटम लाइन (मुनाफ़े) की बात करें तो, कंपनी ने ₹270 करोड़ का नेट प्रॉफ़िट (PAT) दर्ज किया, जो साल-दर-साल 40% ज़्यादा है। हालाँकि, तिमाही के दौरान ‘अन्य आय’ (other income) कम होने के कारण प्रॉफ़िट ग्रोथ, EBITDA ग्रोथ के मुकाबले कम रही।

मज़बूत मार्जिन परफॉर्मेंस के बाद, ब्रोकरेज फर्म JM फाइनेंशियल का मानना ​​है कि इस बात की काफ़ी संभावना है कि कंपनी FY27 के लिए अपने 10.5%–11% के EBITDA मार्जिन गाइडेंस को बढ़ा सकती है।

ब्रोकरेज ने यह भी बताया कि डीलर और डिस्ट्रीब्यूटर चैनल ग्रोथ का मुख्य ड्राइवर बना रहा। इस तिमाही में कुल रेवेन्यू में इसका योगदान लगभग 59% रहा, जबकि एक साल पहले यह 51% था।

इस चैनल से रेवेन्यू साल-दर-साल 42% बढ़कर ₹1,880 करोड़ हो गया। चूंकि डीलर और डिस्ट्रीब्यूटर के ज़रिए होने वाली बिक्री पर आम तौर पर ज़्यादा मार्जिन मिलता है, इसलिए बेहतर होते चैनल मिक्स से भविष्य में मुनाफ़े को सहारा मिलने की उम्मीद है।

कंपनी ने अपनी सलारपुर फैसिलिटी में ₹700 करोड़ की कैपेसिटी बढ़ाने (क्षमता विस्तार) की भी घोषणा की, ताकि 50,000 km केबल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी और 40,000 मीट्रिक टन GI वायर कैपेसिटी जोड़ी जा सके।

यह प्रोजेक्ट चरणों में पूरा किया जाएगा और इसके FY29 की दूसरी तिमाही तक पूरा होने की उम्मीद है। जून तिमाही के आखिर तक, कैपेसिटी यूटिलाइज़ेशन (क्षमता का उपयोग) केबल के लिए लगभग 72%, कम्युनिकेशन केबल के लिए 45%, हाउस वायर और वाइंडिंग वायर के लिए 61% और स्टेनलेस स्टील वायर के लिए 91% था।

ब्रोकरेज की शेयर पर क्या है राय

जून तिमाही के नतीजों के बाद, JM फाइनेंशियल ने KEI इंडस्ट्रीज़ पर अपनी ‘buy’ रेटिंग दी है और इसके लिए टारगेट प्राइस ₹5,800 तय किया। ब्रोकरेज का मानना ​​है कि कंपनी का EBITDA मार्जिन प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा है, जिससे FY27 के लिए मार्जिन गाइडेंस में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है।उन्हें यह भी उम्मीद है कि FY28 में मार्जिन और बढ़ेगा, क्योंकि FY27 के आखिर तक एक्स्ट्रा-हाई वोल्टेज (EHV) केबल फैसिलिटीज़ शुरू हो जाएंगी।

वहीं, मोतीलाल ओसवाल ने भी स्टॉक पर अपनी ‘buy’ रेटिंग बनाए रखी और इसका टारगेट प्राइस ₹5,010 तय किया। हालांकि, स्टॉक अभी अपने टारगेट प्राइस से ऊपर ट्रेड कर रहा है।

ब्रोकरेज ने बताया कि KEI का Q1 FY27 EBITDA उनके अनुमान से ज़्यादा रहा। इसकी वजह केबल्स एंड वायर्स (C&W) और इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) सेगमेंट में मज़बूत रेवेन्यू ग्रोथ थी, हालांकि EPC बिजनेस को इस तिमाही में नुकसान हुआ।

मोतीलाल ओसवाल ने आगे कहा कि वे C&W सेक्टर को लेकर स्ट्रक्चरली पॉजिटिव हैं, क्योंकि इसमें लंबे समय तक ग्रोथ के मजबूत कारण मौजूद हैं और लगातार मांग बनी हुई है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty 200 प्वाइंट्स ऊपर और Sensex 15 अंक नीचे, इनवेस्टर्स हैरान, एक्सपर्ट्स क्या बता रहे इसकी असली वजह?

शेयर बाजार में 4 अगस्त यानी आज एक बार फिर इनवेस्टर्स तब हैरान रह गए, जब निफ्टी 200 अंक ऊपर था, लेकिन सेंसेक्स लाल निशान में चल रहा था। आम तौर पर ऐसा नहीं होता है। सेंसेक्स और निफ्टी की दिशा एक जैसी रहती है। लेकिन, आज बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांकों की अलग-अलग दिशा देखकर इनवेस्टर हैरान रह गए। सवाल है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ?

3 अगस्त को क्लोजिंग ऑक्शन सेशन का पहला दिन था

इस सवाल का जवाब जानने के लिए हमें एक दिन पीछे जाना होगा। 3 अगस्त को Sensex और Nifty के क्लोजिंग प्राइस में काफी मिसमैच देखने को मिला था। इसकी वजह क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) है, जिसकी शुरुआत सोमवार को हुई। 3 अगस्त को कंटिन्यूअस ट्रेडिंग (Continuous Trading) बंद होने पर निफ्टी 0.08 फीसदी चढ़कर 24,589 पर बंद हुआ। लेकिन, क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के बाद निफ्टी 1.6 फीसदी (390.70) चढ़कर 24,774.30 प्वाइंट्स पर बंद हुआ।

3 अगस्त को निफ्टी के दोनों क्लोजिंग लेवल में काफी फर्क था

इसका मतलब है कि निफ्टी के Continuous Trading के बाद के लेवल और CAS के बाद के लेवल के बीच करीब 200 प्वाइंट्स का अंतर था। लेकिन, Sensex के मामले में ऐसा नहीं था। 3 अगस्त को Sensex 3:15 बजे 78,677.13 पर बंद हुआ था। फिर CAS के बाद यह 78,639.03 पर बंद हुआ। दोनों के बीच फर्क मामूली रहा।

निफ्टी के क्लोजिंग लेवल में फर्क CAS शुरू होने के बाद आया

4 अगस्त को Nifty 50 प्वाइंट्स गिरा, जबकि 3 अगस्त को यह चढ़कर बंद हुआ था। 3 अगस्त को यह 1.6 फीसदी और 0.7 फीसदी चढ़कर बंद हुआ था। फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) कॉन्ट्रैक्ट्स वाले स्टॉक्स के लिए नई व्यवस्था (CAS) शुरू होने के बाद ऐसा हुआ। वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज में इक्विटी स्ट्रेटेजी के डायरेक्टर क्रांति बाथिनी ने कहा, “3 अगस्त को निफ्टी में अंत में आई तेजी की वजह नई व्यवस्था की शुरुआत थी। यह 4 अगस्त की सुबह सामान्य हो गया।”

ट्रेडिंग की नई व्यवस्था शुरू होने पर कीमतों में फर्क आता है

उन्होंने यह भी कहा कि जब ट्रेडिंग की नई व्यवस्था (Mechanism) शुरू होती है तो कीमतों में इस तरह का फर्क होना सामान्य है। NSE का मानना है कि Closing Actions Session (CAS) में ट्रे़डर्स का पार्टिसिपेशन आगे बढ़ेगा। 3 अगस्त को नई व्यवस्था (CAS) के पहले सेशन में करीब 515 ट्रेडर्स ने पार्टिसिपेट किया। 56,773 यूनिक क्लाइंट्स के लिए ऑर्डर प्लेस किए गए। 3 अगस्त नई व्यवस्था का पहला दिन था, उस हिसाब से पार्टिसिपेशन अच्छा था।

3:15 और 3:30 के बीच कंटिन्यूअस ऑर्डर मैचिंग नहीं हुआ

NSE ने कहा है कि 3 अगस्त को 3:15 और 3:30 के बीच कंटिन्यूअस ऑर्डर मैचिंग नहीं हुआ, जिससे इंडेक्स (Nifty) की वैल्यू स्थिर रही, क्योंकि यह ट्रेडेड वैल्यू पर आधारित थी। हालांकि, इंडिकेटिव वैल्यूज एक्सचेंज की वेबसाइट पर डिस्प्ले हुआ। यह 3:15 और 3:30 के दौरान कंटिन्यूअसली कैलकुलेटेड प्राइसेज इक्विलिबेरियम पर आधारित था।

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन 3:28 से 3:30 के बीच चलता है

नए नियम के मुताबिक, कैश सेगमेंट के शेयरों के लिए कंटिन्यूअल ट्रेडिंग सेशन 3:15 पर खत्म हो जाता है। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन 3:28 से 3:30 के बीच चलता है। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन में प्राइस बैंड स्टॉक के रेफरेंस प्राइस से 3 फीसदी ऊपर या नीचे हो सकता है। NSE ने कहा है, “दोनों एक्सचेंजों (NSE और BSE) के CAS के लिए अलग ऑर्डर बुक्स है, जो कंटिन्यूअस ट्रेडिंग सेशन जैसा है। इसलिए हर स्टॉक का प्राइस भी अलग है।”

CAS में एलिजिबल शेयरों में कंटिन्यूअल ट्रेडिंग 3:15 पर बंद हो जाती है

NSE ने कहा है कि चूंकि इंडेक्स का कैलकुलेशन इंडिविजुअल स्टॉक्स के आधार पर होता है, जिससे इंडेक्स की वैल्यू भी अलग हो सकती है। CAS के तहत एलिजिबल शेयरों में कंटिन्यूअल ट्रेडिंग 3:15 पर बंद हो जाती है। इसके बाद मार्केट 20 मिनट के ऑक्शन में चला जाता है, जिसके आधार पर ऑफिशियल क्लोजिंग होती है। ऑक्शन प्राइस वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) के 3 फीसदी ऊपर या नीचे के आधार पर तय होता है। नई व्यवस्था में क्लोजिंग से पहले उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।

10 अगस्त को आ रहा है एक और धमाकेदार IPO! टेमासेक-मोतीलाल ओसवाल का सपोर्ट, जानें पूरी डिटेल्स

Molbio Diagnostics IPO: मेडिकल डायग्नोस्टिक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी मोल्बियो आईपीओ बाजार में दांव लगाने का बड़ा मौका लेकर आ रही है। दिग्गज ग्लोबल निवेशक टेमासेक और मोतीलाल ओसवाल ग्रुप के समर्थन वाली इस कंपनी ने रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास अपना रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर दिया है।

कंपनी का आईपीओ आम जनता के लिए 10 अगस्त 2026 को खुलेगा। इसी दिन धूत ट्रांसमिशन का ₹3,067 करोड़ का आईपीओ भी दस्तक दे रहा है, जिससे 10 अगस्त को प्राइमरी मार्केट में दो बड़े मेनबोर्ड इश्यू के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा।

Molbio Diagnostics IPO: टाइमलाइन और महत्वपूर्ण तारीखें

एंकर बुक ओपनिंग: 7 अगस्त 2026

पब्लिक इश्यू ओपनिंग-क्लोजिंग डेट: 10- 12 अगस्त 2026

शेयर अलॉटमेंट की तारीख: 13 अगस्त 2026

लिस्टिंग की तारीख: 17 अगस्त 2026

इश्यू का साइज और OFS की डिटेल्स

फ्रेश इश्यू: ₹200 करोड़ मूल्य के नए शेयर जारी किए जाएंगे।

ऑफर फॉर सेल (OFS): मौजूदा शेयरधारक और प्रमोटर्स 91.66 लाख शेयरों की बिक्री करेंगे।

OFS साइज में कटौती: इससे पहले अगस्त 2025 में दाखिल DRHP में 1.25 करोड़ शेयरों की बिक्री की योजना थी, जिसे अब घटाया गया है। सेबी ने दिसंबर 2025 में इसके आईपीओ पेपर्स को मंजूरी दी थी।

शेयरहोल्डिंग पैटर्न: प्रमोटर्स एक्सोरा ट्रेडिंग और डॉ. चंद्रशेखर भास्करन नायर के पास 46.65% हिस्सेदारी है। बाकी 53.35% हिस्सेदारी टेमासेक की सहायक कंपनी ‘V Sciences Investments’ और मोतीलाल ओसवाल के ‘India Business Excellence Fund’ जैसे निवेशकों के पास है।

जुटाए गए फंड का कहां होगा इस्तेमाल?

कंपनी फ्रेश इश्यू से प्राप्त नेट प्रोसीड्स का इस्तेमाल इस प्रकार करेगी:

  • R&D और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (₹105.5 करोड़): पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ‘Bigtec’ द्वारा संचालित रिसर्च एंड डेवलपमेंट फैसिलिटी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने में।
  • प्लांट व मशीनरी (₹72.2 करोड़): गोवा यूनिट I, गोवा यूनिट II और विशाखापत्तनम यूनिट के लिए नए प्लांट, उपकरण और मशीनरी की खरीद में।
  • कॉर्पोरेट उद्देश्य: शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।

बिजनेस मॉडल और पेटेंट टेक्नोलॉजी

अक्टूबर 2000 में शुरू हुई मोल्बियो डायग्नोस्टिक्स एक पॉइंट-ऑफ-केयर (POC) डायग्नोस्टिक्स कंपनी है। कंपनी ने ‘Truenat’ नामक पीसीआर (PCR) प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जो 100 से अधिक देशों में पेटेंटेड है। यह तकनीक टीबी (TB), कोविड-19, हेपेटाइटिस B & C, एचआईवी (HIV) और एचपीवी (HPV) जैसी संक्रामक और गैर-संक्रामक बीमारियों की जांच 1 घंटे के भीतर कर सकती है। प्रोग्नोसिस और ऑप्ट्रास्कैन जैसी सहायक कंपनियों के माध्यम से यह डिजिटल पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी और ब्रेस्ट हेल्थ स्क्रीनिंग डिवाइस भी मुहैया कराती है।

कंपनी का फाइनेंशियल प्रदर्शन

मोल्बियो डायग्नोस्टिक्स का वित्तीय प्रदर्शन पिछले कुछ वर्षों में मजबूत रहा है। मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) 14.8% बढ़कर ₹166.6 करोड़ पर पहुंच गया। राजस्व पिछले वित्त वर्ष की तुलना में कुल राजस्व 41.7% की जोरदार बढ़त के साथ ₹1,445.7 करोड़ रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

डाबर के प्रोडक्ट्स पर FSSAI का बड़ा एक्शन! कई प्रोडक्ट्स पर लगाई रोक, शेयरों में 2.4% की गिरावट

Dabur India Share Price Fall: FMCG सेक्टर की प्रमुख कंपनी डाबर इंडिया के शेयरों में मंगलवार, 4 अगस्त को 2.42% की गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही कंपनी के शेयर टूटकर ₹415.50 के स्तर पर आ गया। शेयर बाजार में इस गिरावट की मुख्य वजह खाद्य नियामक FSSAI द्वारा कंपनी के कई पॉपुलर फूड प्रोडक्ट्स पर भ्रामक ‘100%’ दावों के साथ बिक्री करने पर लगाया गया प्रतिबंध है।

खाद्य नियामक ने डाबर इंडिया को आदेश दिया है कि वह अपने उन सभी खाद्य उत्पादों की बिक्री तत्काल प्रभाव से रोके, जिन पर ‘100% Natural’, ‘100% Pure’ या ‘100% Organic’ जैसे भ्रामक और अस्पष्ट दावे लिखे गए हैं।

किन-किन प्रोडक्ट्स की बिक्री पर लगा ब्रेक?

FSSAI ने डाबर के इन प्रोडक्ट्स पर रोक लगा दी हैं:

  • शहद और गाय का घी
  • एप्पल साइडर विनेगर
  • वर्जिन कोकोनट ऑयल व तिल का तेल
  • नारियल पानी और डाबर होममेड कोकोनट मिल्क

FSSAI ने क्यों लिया इतना कड़ा फैसला?

खाद्य सुरक्षा नियामक ने स्पष्ट किया कि ‘100% शुद्धता’ या ‘100% नेचुरल’ जैसे दावे नियमों के खिलाफ हैं। FSSAI के मुताबिक, FSS (Advertising & Claims) रेगुलेशन, 2018 के तहत ऐसे दावे अस्पष्ट, असत्यापित हैं और ये आम उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले हैं।

जांच में सामने आया कि ‘डाबर हिमालयन ऑर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर’ और ‘डाबर ऑर्गेनिक हनी’ पर बिना वैध FSSAI ऑर्गेनिक एंडोर्समेंट के ही ‘जैविक भारत’ का लोगो प्रदर्शित किया जा रहा था। ‘डाबर होममेड कोकोनट मिल्क’ जैसे मिश्रित खाद्य पदार्थ पर ‘100% Purity’ लिखना नियमानुसार पूरी तरह से प्रतिबंधित है।

नोटिस के बावजूद नहीं हुआ सुधार, अब 15 दिनों में मांगी रिपोर्ट

FSSAI ने बताया कि उसने पहले भी डाबर इंडिया को ऐसे ‘100%’ प्योर वाले दावों को हटाने और विज्ञापन बंद करने का निर्देश दिया था। हालांकि, कंपनी की ओर से कोई संतोषजनक पॉजिटिव कदम नहीं उठाया गया। अब नियामक ने कड़ा रुख अपनाते हुए डाबर को 15 दिनों के भीतर ‘Action Taken Report (ATR)’ सौंपने का आदेश दिया है।

कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि उसे FSSAI का नोटिस मिल गया है और वह अपनी वेबसाइट व लेबलिंग की जांच कर आवश्यक कदम उठा रही है।

एफएमसीजी कंपनियों पर FSSAI का चौतरफा शिकंजा

यह कार्रवाई केवल डाबर तक सीमित नहीं है, बल्कि FSSAI पैकेज्ड फूड और ड्रिंक्स के क्षेत्र में विज्ञापन संबंधी नियमों को लेकर लगातार सख्ती बरत रहा है। हाल ही में पेप्सिको India ने अपने मशहूर ड्रिंक ‘Sting’ की कैन और बोतलों से ‘Energy’ शब्द हटा दिया था, क्योंकि नियामक ने ‘एनर्जी ड्रिंक्स’ को एक अलग श्रेणी के रूप में मान्यता देना बंद कर दिया है।इससे पहले जूस बनाने वाली कंपनियों को भी टेट्रा पैक्स से ‘100% फ्रूट जूस’ का दावा हटाने के निर्देश दिए गए थे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gift Nifty Indicator: बाजार के लिए क्या आज मंगल होगा दिन, जानें गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहे है संकेत

Gift Nifty Indicator: मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में बहुत कम बदलाव के साथ शुरुआत होने की संभावना है। सोमवार को Nifty के ऑफिशियल क्लोजिंग लेवल में CAS (क्लोजिंग ऑक्शन सेशन) की वजह से आई तेजी के बाद GIFT Nifty सुस्त शुरुआत का संकेत दे रहा है। नए शुरू किए गए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के पहले दिन बेंचमार्क इंडेक्स में ज़बरदस्त तेजी देखी गई थी, लेकिन GIFT Nifty से मिल रहे संकेत बताते हैं कि ग्लोबल मार्केट से सपोर्ट मिलने के बावजूद, मार्केट की शुरुआत उस ऑक्शन से तय क्लोजिंग लेवल से नीचे हो सकती है। निवेशक इस हफ़्ते के आखिर में आने वाले रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के मॉनेटरी पॉलिसी फ़ैसले और जून तिमाही के जारी नतीजों (अर्निंग्स सीज़न) पर भी कड़ी नज़र रखेंगे।

सुबह करीब 8:10 बजे GIFT Nifty, NSE IFSC पर पिछले सेशन की क्लोजिंग से लगभग 10 अंक नीचे 24,655 पर ट्रेड कर रहा था। इससे सोमवार की जबरदस्त रैली के बाद Nifty 50 की शुरुआत के ज़्यादातर फ़्लैट रहने का संकेत मिलता है। यह शुरुआती स्तर Nifty के 24,774.30 के ऑफिशियल क्लोजिंग लेवल से भी नीचे था, जो क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के पहले दिन से प्रभावित था।

सोमवार को भारतीय इक्विटी मार्केट में लगातार चौथे सेशन में तेज़ी जारी रही। अलग-अलग सेक्टर में बड़े पैमाने पर हुई खरीदारी के सपोर्ट से Sensex 544.39 अंक या 0.70 प्रतिशत बढ़कर 78,639.03 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 390.70 अंक या 1.60 प्रतिशत बढ़कर 24,774.30 पर बंद हुआ।

Wall Street में तेजी, एशियाई बाजारों में गिरावट

मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने से ऑयल की कीमतें तेज़ी से गिरीं और रिस्क लेने की क्षमता में सुधार हुआ, जिससे US इक्विटी मार्केट ने अगस्त की शुरुआत मज़बूती के साथ की और ग्लोबल संकेत सपोर्टिव बने रहे। Dow Jones Industrial Average 1.32 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड क्लोजिंग हाई पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 में 1.48 प्रतिशत और Nasdaq Composite में 2.13 प्रतिशत की बढ़त हुई।

यह रैली US-Iran संघर्ष में तनाव कम होने के संकेतों के बाद आई। इससे ट्रेज़री यील्ड में भी गिरावट आई और अर्निंग्स व इकोनॉमिक डेटा के लिहाज़ से व्यस्त हफ़्ते से पहले निवेशकों का भरोसा बढ़ा। मंगलवार को ग्लोबल रैली के बाद एशियाई बाज़ारों में पॉज़िटिव लेकिन सतर्क रुख देखा गया। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 0.1 प्रतिशत की मामूली बढ़त हुई, जिसमें दक्षिण कोरिया में 2.1 प्रतिशत तक की तेज़ी का अहम योगदान रहा। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.3 प्रतिशत गिर गया, जबकि S&P 500 फ्यूचर्स में मामूली बढ़त देखी गई।

तेज गिरावट के बाद तेल की कीमतों में सुधार

पिछले सेशन में भारी गिरावट के बाद कच्चे तेल की कीमतों में मामूली सुधार हुआ। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.7 प्रतिशत बढ़कर 84.39 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.7 प्रतिशत बढ़कर 80.95 डॉलर पर पहुंच गया। यह सुधार सोमवार को ब्रेंट क्रूड में 7 प्रतिशत की गिरावट के बाद आया है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच डिप्लोमैटिक प्रोग्रेस की उम्मीदों ने लंबे समय तक सप्लाई में रुकावट की चिंताओं को कम कर दिया है। हालांकि कीमतों में थोड़ी रिकवरी हुई है, लेकिन ये अभी भी पिछले हफ़्ते के हाई लेवल से काफी नीचे हैं।

इंडेक्स पर क्या होनी चाहिए रणनीति 

आज निफ्टी 50 के आउटलुक पर बात करते हुए, रेलिगेयर ब्रोकिंग में रिसर्च के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अजीत मिश्रा ने कहा कि निफ्टी 50 ने 24,400 के अहम रेजिस्टेंस ज़ोन (जो 200-दिन के DEMA के बराबर है) को साफ़ तौर पर पार करके अपने तेज़ी वाले स्ट्रक्चर को मज़बूत किया है। यह ब्रेकआउट जारी रिकवरी को और मज़बूत करता है और जल्द ही 25,000–25,200 ज़ोन की ओर बढ़ने का रास्ता खोलता है। नीचे की तरफ़, अगर प्रॉफ़िट-बुकिंग होती है, तो 24,350–24,500 का इलाका तुरंत सपोर्ट का काम कर सकता है।

आज बैंक निफ्टी के आउटलुक पर, एनरिच मनी के CEO पोनमुडी R का मानना ​​है कि बैंक निफ्टी अपनी रिकवरी को आगे बढ़ा रहा है और अपने 20, 50, 100 और 200-दिन के EMA से ऊपर आराम से ट्रेड कर रहा है, जो बैंकिंग सेक्टर में लगातार मज़बूती दिखाता है। टेक्निकली, 58,000 ज़ोन से ऊपर लगातार बने रहने से खरीदारी की रफ़्तार बढ़ सकती है और इंडेक्स 58,300–58,500 के इलाके की ओर बढ़ सकता है।

नीचे की तरफ़, 57,300–57,400 का स्तर शॉर्ट-टर्म सपोर्ट का काम करता है, जिसे ठीक नीचे 57,000 के राउंड नंबर का सहारा मिलता है। इंडेक्स को इस दायरे से ऊपर बनाए रखने से तेज़ी का मौजूदा ट्रेंड बना रहता है, जबकि 57,000 से नीचे जाने पर शॉर्ट-टर्म में प्रॉफ़िट-बुकिंग हो सकती है। कुल मिलाकर, शॉर्ट-टर्म टेक्निकल आउटलुक पॉज़िटिव बना हुआ है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : हालिया रैली के बाद अब निफ्टी में हल्का कंसोलिडेशन मुमकिन, 24774 के ऊपर जाने पर ही बढ़ेगी तेजी

Trade setup for today : कल 3 अगस्त को निफ्टी में 1.6 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। जिससे नए हफ्ते की शुरुआत मज़बूती के साथ। लगातार चौथे सेशन में बाजार में तेजी आगे बढ़ती नजर आई। निफ्टी ने 24,600 पर स्थित अप्रैल के स्विंग हाई को पार कर लिया और 23.6 फीसदी फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से ऊपर बंद हुआ। मोमेंटम इंडिकेटर्स में भी बुलिश क्रॉसओवर दिखे। तेल की गिरती कीमतों और इंडिया VIX में नरमी ने भी इस तेजी में अच्छा रोल निभाया। हालिया तेजी के बाद अब निफ्टी में कुछ कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है। निफ्टी के लिए 24,600-24,500 के जोन में तत्काल सपोर्ट है। हालांकि,आगे 24,774 के लेवल से ऊपर की टिकाऊ तेजी नफ्टी के लिए 24,850 का दरवाज़ा खोल सकती है,जिसके बाद 25,000-25,150 के जोन में अगला रेजिस्टेंस होगा।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,589, 24,528, और 24,429

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,787, 24,848 और 24,947

निफ्टी ने कल डेली चार्ट पर एक लॉन्ग बुलिश कैंडल बनाई और फरवरी के हाई से अप्रैल के लो तक के करेक्शन के 23.6 फीसदी फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से काफी ऊपर बंद हुआ। यह एक मजबूत बुलिश ट्रेंड का संकेत है। इंडेक्स आसानी से अप्रैल और जुलाई के पिछले स्विंग हाई को जोड़ने वाली डाउनवर्ड स्लोपिंग ट्रेंडलाइन से भी ऊपर चला गया,जिससे आगे सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। निफ्टी अपने सभी अहम एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) से ऊपर बने रहने में कामयाब रहा और शॉर्ट-टर्म और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज का ट्रेंड भी ऊपर की ओर बना रहा। RSI पॉजिटिव क्रॉसओवर के साथ 66.87 पर पहुंच गया, जबकि MACD ने बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा,जिसमें फैलते हुए हरे हिस्टोग्राम बार मज़बूत बुलिश मोमेंटम का संकेत देते नजर आए।

बैंक निफ्टी

पिवट प्वांइट के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,286, 58,471 और 58,769

पिवट प्वांइट के आधार पर सपोर्ट: 57,689, 57,504 और 57,205

फिबोनाची रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,247, 61,787

फिबोनाची रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,305, 56,441

बैंक निफ्टी 1.72 फीसदी चढ़ा और गैप-अप ओपनिंग के बाद डेली टाइमफ्रेम पर एक लॉन्ग बुलिश कैंडल बनाया। यह अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा। इससे पता चलता है कि बुल्स मजबूत हो रहे हैं,हालांकि मोमेंटम इंडिकेटर्स में अभी और मजबूती दिखनी बाकी है। पिछले पांच सेशन में कंसोलिडेट होने के बाद इंडेक्स मई के लो से जून के हाई तक की रैली के 23.6 फीसदी फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से भी ऊपर चला गया। RSI पॉजिटिव क्रॉसओवर के साथ 58.63 पर पहुंच गया,जबकि MACD बुलिश क्रॉसओवर की कगार पर है,जिसमें फीके पड़ते लाल हिस्टोग्राम बार कमजोर होते बेयरिश मोमेंटम को दिखा रहे हैं।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

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इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX सोमवार को 1.45 फीसदी बढ़कर 11.925 पर पहुंचने के बावजूद निचले जोन में ही रहा। इंडेक्स अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से भी काफी नीचे रहा। यह तेजड़ियों के लिए अच्छा संकेत है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 3 अगस्त को पिछले सेशन के 1.39 से बढ़कर 1.4 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: 4 अगस्त को फोकस में रहेंगे ये 19 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: मंगलवार, 4 अगस्त को कई शेयरों पर बाजार की खास नजर रहेगी। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कुछ में बड़े कॉरपोरेट घटनाक्रम सामने आए हैं। ऐसे में इन शेयरों में कारोबार के दौरान बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। आइए जानते हैं किन 19 स्टॉक्स पर निवेशकों का फोकस रहेगा।

LIC

सरकारी बीमा कंपनी LIC में सरकार 4 अगस्त से OFS के जरिए 6.5% तक हिस्सेदारी बेचेगी। OFS का फ्लोर प्राइस ₹382 प्रति शेयर रखा गया है, जो सोमवार के बंद भाव से करीब 11% कम है। पूरी हिस्सेदारी बिकने पर सरकार को करीब ₹31,000 करोड़ मिल सकते हैं।

Meesho

ई-कॉमर्स कंपनी Meesho में शुरुआती निवेशक Peak XV Partners और Elevation Capital करीब ₹1,900 करोड़ के ब्लॉक डील के जरिए 2.3% हिस्सेदारी बेच सकते हैं। इस डील में करीब 10.5 करोड़ शेयर ₹182.08 प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर बेचे जाएंगे, जो मौजूदा बाजार भाव से 5% कम है। Morgan Stanley इस ब्लॉक डील का ब्रोकर है।

IREDA

सरकारी नवरत्न कंपनी IREDA का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 36.8% बढ़कर ₹337.5 करोड़ हो गया। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 24.1% बढ़कर ₹856.8 करोड़ रही। रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए बढ़ती फाइनेंसिंग की मांग से कंपनी के प्रदर्शन को मजबूती मिली।

Arvind

टेक्सटाइल और रिटेल कंपनी Arvind ने करीब ₹500 करोड़ जुटाने के लिए क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) लॉन्च किया है। कंपनी ने प्रति शेयर ₹505 का सांकेतिक इश्यू प्राइस तय किया है, जो 3 अगस्त के बंद भाव से 4.53% कम है। इससे पहले बोर्ड ने इक्विटी या अन्य सिक्योरिटीज के जरिए ₹600 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दी थी।

SBI Funds Management

देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी SBI Funds Management का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 3.3% बढ़कर ₹873 करोड़ हो गया। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 15.2% बढ़कर ₹1,146 करोड़ और ऑपरेटिंग प्रॉफिट 17% बढ़कर ₹907 करोड़ रहा। वहीं, पिछली तिमाही के मुकाबले शुद्ध मुनाफे में 37% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

DLF

रियल एस्टेट कंपनी DLF ने जून तिमाही में ₹793.9 करोड़ का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 4.1% ज्यादा है। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 52.9% घटकर ₹1,280.3 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹2,716.7 करोड़ था।

Kalpataru

रियल एस्टेट कंपनी Kalpataru की जून तिमाही में शुद्ध घाटा घटकर ₹26.5 करोड़ रह गया, जबकि एक साल पहले यह ₹49.4 करोड़ था। कंपनी का रेवेन्यू 6.5% बढ़कर ₹472.2 करोड़ और प्री-सेल्स 6% बढ़कर ₹1,329 करोड़ पहुंच गई। वहीं, कलेक्शन 17% बढ़कर ₹1,365 करोड़ रहा, हालांकि EBITDA घाटा बढ़कर ₹45.9 करोड़ हो गया।

Torrent Power

पावर सेक्टर की कंपनी Torrent Power ने जून तिमाही में मिले-जुले नतीजे पेश किए। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 12.7% घटकर ₹639 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल यह ₹731.4 करोड़ था। LNG सप्लाई में रुकावट और वित्तीय खर्च बढ़ने का असर कंपनी के प्रदर्शन पर दिखा। हालांकि, रेवेन्यू में हल्की बढ़त दर्ज की गई।

One97 Communications (Paytm)

फिनटेक कंपनी One97 Communications (Paytm) में बड़ा ब्लॉक डील हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा निवेशक SAIF Partners कंपनी में अपनी 2.3% हिस्सेदारी बेच सकता है। इस डील का आकार करीब ₹2,002 करोड़ हो सकता है और फ्लोर प्राइस ₹1,339.65 प्रति शेयर रखा गया है, जो पिछले बंद भाव से 5% कम है।

Kansai Nerolac Paints

पेंट कंपनी Kansai Nerolac Paints का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 5% बढ़ा। डेकोरेटिव और इंडस्ट्रियल पेंट कारोबार में मजबूत मांग से कंपनी को फायदा मिला। हालांकि, कच्चे माल की लागत बढ़ने से मार्जिन पर दबाव रहा। कंपनी का रेवेन्यू 9.8% बढ़कर ₹2,374 करोड़ पहुंच गया।

Gulf Oil Lubricants India

लुब्रिकेंट बनाने वाली कंपनी Gulf Oil Lubricants India ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 28.6% बढ़कर ₹123.1 करोड़ हो गया। वहीं, रेवेन्यू 30.6% बढ़कर ₹1,327 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹1,016.4 करोड़ था।

The Great Eastern Shipping Company

शिपिंग और ऑफशोर सर्विसेज कंपनी The Great Eastern Shipping Company का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में दो गुने से ज्यादा बढ़कर ₹1,309 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल यह ₹505 करोड़ था। मजबूत शिपिंग कारोबार और बेहतर ऑपरेटिंग मार्जिन की वजह से कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा।

GSK Pharma

फार्मा कंपनी GlaxoSmithKline Pharmaceuticals (GSK Pharma) का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 15.7% बढ़ा। जनरल मेडिसिन और वैक्सीन कारोबार में मजबूत ग्रोथ से कंपनी को फायदा मिला। बेहतर ऑपरेटिंग मार्जिन ने भी नतीजों को मजबूती दी।

Texmaco Rail & Engineering

रेलवे इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी Texmaco Rail & Engineering ने जून तिमाही में मिले-जुले नतीजे पेश किए। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 67% बढ़कर ₹50 करोड़ हो गया। हालांकि, रेवेन्यू में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई। बेहतर ऑपरेटिंग एफिशिएंसी से मुनाफे में सुधार हुआ।

Restaurant Brands Asia

क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) कंपनी Restaurant Brands Asia का जून तिमाही में घाटा कम हुआ। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस ₹28.3 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹41.9 करोड़ था। इससे कंपनी के प्रदर्शन में सुधार के संकेत मिले।

KIMS

हॉस्पिटल चेन KIMS के जून तिमाही नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 47.2% घटकर ₹41.5 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 35.3% बढ़कर ₹1,179.5 करोड़ हो गया। EBITDA 16% बढ़ा, लेकिन EBITDA मार्जिन 22.1% से घटकर 18.9% रह गया।

UPL

एग्रोकेमिकल कंपनी UPL के CEO माइक फ्रैंक ने इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 31 अगस्त 2026 से प्रभावी होगा। तब तक वह अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। कंपनी ने फिलहाल इस्तीफे की वजह नहीं बताई है। अब बाजार की नजर नए CEO की नियुक्ति पर रहेगी।

DOMS Industries

स्टेशनरी और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स कंपनी DOMS Industries के जून तिमाही नतीजों में बिक्री बढ़ी, लेकिन मुनाफा घट गया। कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹57.2 करोड़ से घटकर ₹44.4 करोड़ रह गया। वहीं, रेवेन्यू 19.3% बढ़कर ₹670.5 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 17.6% से घटकर 12.3% रहा।

Thomas Cook

ट्रैवल सर्विसेज कंपनी Thomas Cook India का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 5.8% बढ़कर ₹58.7 करोड़ हो गया। कंपनी का रेवेन्यू भी 1.2% बढ़कर ₹828 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹818 करोड़ था।

तिमाही नतीजे

शेयर बाजार में मंगलवार को कई कंपनियां जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें Bharti Airtel, Bharti Hexacom, BSE, Castrol India, Godrej Properties, Ajmera Realty & Infra India, Dredging Corporation of India और Adroit Infotech जैसी कंपनियां शामिल हैं।

LIC OFS: बीमा कंपनी में 6.5% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, फ्लोर प्राइस ₹382 प्रति शेयर का तय

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Share Market New Timing: एक-दो नहीं, तीन क्लोजिंग टाइम; आज 3 अगस्त से बदल रही पूरी ट्रेडिंग

Share Market New Timing: आज तीन अगस्त है और आज से शेयर मार्केट की टाइमिंग पूरी तरह से बदल रही है। अब शाम 03:30 PM पर ही इक्विटी मार्केट में शेयरों का लेन-देन बंद नहीं होगा बल्कि 10 मिनट और मिलेंगे। हालांकि यह सुविधा सभी स्टॉक्स के लिए नहीं होगी। बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने मार्केट की एफिसिएंसी और ट्रांसपैरेंसी बढ़ाने और लिक्विडिटी को बेहतर करने के साथ-साथ भारतीय शेयर मार्केट को वैश्विक मानकों के हिसाब से बनाने के लिए नया ट्रेडिंग फ्रेमवर्क लागू किया है। इसके तहत एफएंडओ (F&O) डेरिवेटिव्स सेगमेंट का समय बढ़ाकर 3:40 PM तक कर दिया गया है। हालांकि मॉर्निंग टाइम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इस नए बदलाव से निवेशकों से लेकर ट्रे़डर्स तक सभी पर असर पड़ेगा।

Share Market New Timing: क्या हुआ है बदलाव

नए नियमों के तहत सेबी ने F&O (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) सेगमेंट के ट्रेडिंग टाइम को 10 मिनट के लिए बढ़ा दिया है। स्टॉक और इंडेक्स डेरिवेटिव्स यानी एफएंडओ सेगमेंट में अब सुबह 9:15 AM से 3:40 PM तक ट्रेडिंग की जा सकेगी। हालांकि जो स्टॉक्स एफएंडओ सेगमेंट में नहीं हैं, उनकी ट्रेडिंग का समय पहले की तरह ही रहेगा और उनका लेन-देन 3:30 PM तक ही हो सकेगा। नए नियमों के तहत F&O वाली कंपनियों के शेयरों का आधिकारिक क्लोजिंग प्राइस सिर्फ आखिरी 30 मिनट के औसत भाव से तय नहीं होगा, बल्कि एक नीलामी प्रक्रिया के जरिए तय होगा।

अब ये है नियम

मार्केट में सबसे बड़ा बदलाव तो ये है कि अब एक नहीं बल्कि तीन क्लोजिंग टाइम होगा।

जो स्टॉक्स एफएंडओ सेगमेंट से बाहर हैं, उनकी सामान्य ट्रे़डिंग 03:30 तक होगी। इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।

F&O स्टॉक्स (कैश मार्केट) 03:15 PM तक जारी रहेगी और उसके बाद 03:35 PM तक CAS (क्लोजिंग ऑक्शन सेशन) चलेगा।

स्टॉक और इंडेक्स एफएंडओ ट्रे़डिंग 03:40 PM तक चालू रहेगी।

क्लोजिंग प्राइस तय करने के लिए क्यों पड़ी CAS की जरूरत

ब्रोकरेज फर्म जीरोधा के मुताबिक किसी शेयर का क्लोजिंग प्राइस और उसका आखरी ट्रेड प्राइस (LTP) एक नहीं होता। मान लीजिए एक शेयर पूरे दिन ₹1,000 से ₹1,010 के बीच ट्रेड हो रहा था लेकिन 3:29 PM पर किसी ने जल्दबाजी में 10 शेयर ₹980 में बेच दिए। अगर ₹980 को ही क्लोजिंग प्राइस मान लिया जाए, तो यह उस शेयर की असली वैल्यू नहीं दिखाएगा। अब तक इससे बचने के लिए VWAP (वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस) मेथड का इस्तेमाल किया जाता था लेकिन अब आज 3 अगस्त 2026 से सेबी इसे और ज्यादा पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) लाया है।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।