ITR Filing Deadline: क्या 31 जुलाई के बाद बढ़ेगी आईटीआर की डेडलाइन? जानिए क्या है इनकम टैक्स विभाग का अपडेट

Income Tax Return Deadline Extension: वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बिना किसी लेट फीस के इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आज 31 जुलाई 2026 आखिरी तारीख है। हर साल की तरह इस बार भी सोशल मीडिया और करदाताओं के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या सरकार या इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इस डेडलाइन को आगे बढ़ाएगा?

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के आधिकारिक रुझानों के मुताबिक, इस बार ITR फाइल करने की आखिरी तारीख बढ़ने की संभावना बेहद कम है। करदाताओं को किसी भी तरह की राहत या तारीख बढ़ाए जाने का इंतजार किए बिना आज ही अपना आईटीआर दाखिल कर देना चाहिए।

क्या बढ़ेगी ITR फाइल करने की आखिरी तारीख?

इनकम टैक्स विभाग के सूत्रों के अनुसार, सरकार की तरफ से 31 जुलाई की डेडलाइन बढ़ाने को लेकर फिलहाल कोई विचार नहीं किया जा रहा है। इसके पीछे की वजह ये है कि, इस बार इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल (e-Filing Portal) काफी सुचारू रूप से काम कर रहा है और भारी ट्रैफिक के बावजूद कोई बड़ी तकनीकी खराबी नहीं देखी गई है।

अब तक पांच करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स अपना आईटीआर फाइल कर चुके हैं। विभाग का मानना है कि करदाताओं को पर्याप्त समय दिया गया था, इसलिए डेडलाइन बढ़ाने का कोई ठोस कारण नहीं है।

अगर आज 31 जुलाई तक ITR फाइल नहीं किया तो क्या होगा?

अगर आप 31 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने में चूक जाते हैं, तो आपको ये नुकसान और पेनाल्टी झेलनी पड़ेगी:

लेट फीस (Section 234F): अगर आपकी कुल सालाना कमाई ₹5 लाख से अधिक है, तो आपको ₹5,000 की लेट फीस देनी होगी। वहीं अगर आपकी कुल कमाई ₹5 लाख तक है, तो लेट फीस ₹1,000 होगी।

ब्याज का बोझ (Section 234A): अगर आपका कोई टैक्स बकाया निकलता है, तो 1 अगस्त से आपको बकाया टैक्स पर 1% प्रति माह की दर से साधारण ब्याज देना होगा।

घाटे को कैरी फॉरवर्ड न कर पाना: अगर आप शेयर बाजार, F&O या प्रॉपर्टी से हुए नुकसान को अगले सालों के लिए कैरी फॉरवर्ड करना चाहते हैं, तो 31 जुलाई के बाद बिलेटेड रिटर्न में यह सुविधा नहीं मिलेगी।

बिलेटेड रिटर्न फाइल करने का मौका

जो लोग 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल नहीं कर पाएंगे, वे 31 दिसंबर 2026 तक अपना बिलेटेड आईटीआर (Belated ITR) जमा कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए उन्हें पेनल्टी और ब्याज चुकाना पड़ेगा।

टैक्सपेयर्स के लिए काम की सलाह

इनकम टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोशल मीडिया पर चल रही डेडलाइन एक्सटेंशन की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। आखिरी समय के रश और सर्वर पर दबाव से बचने के लिए आज ही तुरंत अपना ITR-1 या संबंधित फॉर्म भरकर प्रोसेस पूरा करें और रिटर्न को e-Verify करना न भूलें।

HAL Recruitment 2026: एचएएल में मैनेजमेंट ट्रेनी के बंपर पदों पर भर्ती का मौका, जानें आवेदन शुल्क, योग्यता सहित अन्य डिटेल

HAL Recruitment 2026: देश के सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा संस्थान हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने इंजीनियरिंग डिग्री धारक उम्मीदवारों के लिए शानदार अवसर पेश किया है। एचएएल ने डिजाइन ट्रेनी और मैनेजमेंट ट्रेनी के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके तहत 120 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार एचएएल की आधिकारिक वेबसाइट halindia.co.in के करियर सेक्शन में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन 29 जुलाई से शुरू हो चुके हैं। आवेदन के इच्छुक उम्मीदवार 14 अगस्त को दोपहर 2.00 बजे तक अप्लाई कर सकते हैं।

पदों का विवरण

डिजाइन ट्रेनी (60 पद): इसके तहत एचएएल के अनुसंधान एवं विकास (R&D) केंद्रों में नियुक्तियां की जाएंगी। इसमें एयरोनॉटिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉ निक्स, इंस्ट्रूमेंटेमेंटेशन, मैकेनिकल, कंप्यूटर साइंस और मेटलर्जी जैसी इंजीनियरिंग शाखाओं में डिग्री प्राप्त कर चुके अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं।

मैनेजमेंट ट्रेनी (60 पद): यह पद उत्पादन, ओवरहॉल और सर्विस डिवीजनों के लिए हैं। इसमें मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉ निक्स, सिविल, प्रोडक्शन, मेटलर्जी और कंप्यूटर साइंस स्ट्री म के उम्मीदवार पात्र हैं। चयनित उम्मीदवारों को बेंगलुरु, तुमकुरु, हैदराबाद, नासिक, कोरापुट, बैरकपुर, लखनऊ, कानपुर और कोरवा स्थित एचएएल की विभिन्न यूनिट में तैनात किया जाएगा।

शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा

शैक्षणिक योग्यता : संबंधित इंजीनियरिंग ब्रांच में न्यूनतम 70% कुल अंकों के साथ बी.ई. या बी.टेक. की डिग्री होना अनिवार्य है। अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और दिव्यांग (PwBD) श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम अंक 60% निर्धारित किए गए हैं। जो अभ्यर्थी बी.ई./बी.टेक. के अंतिम वर्ष या अंतिम सेमेस्टर में पढ़ाई कर रहे हैं, वे भी आवेदन करने के पात्र हैं, बशर्ते इंटरव्यू के समय तक उनके पास डिग्री का प्रमाण पत्र उपलब्ध हो।

आयु सीमा : 14 अगस्त 2026 के आधार पर अनारक्षित (UR) और ईडब्ल्यूएस (EWS) उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 28 वर्ष तय की गई है। आरक्षित श्रेणियों (OBC-NCL, SC, ST यों , PwBD) को नियमानुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

स्टाइपेंड (सैलरी): ट्रेनिंग अवधि के दौरान चयनित अभ्यर्थियों को 50,000 रुपये का शुरुआती बेसिक पे, वेरिएबल डीए और अन्य भत्ते दिए जाएंगे।

चयन प्रक्रिया : अभ्यर्थियों का चयन कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन परीक्षा (CBT) और पर्सनल इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा। लिखित परीक्षा 5 और 6 सितंबर 2026 को आयोजित की जाना प्रस्तावित है।

आवेदन शुल्क : सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 500 रुपये है। एससी, एसटी, दिव्यांगजनों और एचएएल नों के आंतरिक कर्मचारियों को आवेदन शुल्क से पूरी तरह छूट दी गई है।

आवेदन कैसे करें?

आवेदन करने के लिए उम्मीदवार सीधे hal-india.co.in पर जाएं, ‘Careers’ टैब में विज्ञापन संख्या HAL/CHRC-TM/RECT-02/2026 पर क्लिक करें, अपने मोबाइल नंबर व ईमेल से रजिस्ट्रेशन करें और 14 अगस्त दोपहर 2:00 बजे से पहले अपना आवेदन फॉर्म सबमिट करें।

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Market cues : निफ्टी 24500-24600 पर स्थित अगले रेजिस्टेंस की और बढ़ने को तैयार, आज इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

Trade setup for today : 30 जुलाई को सीमित दायरे में कारोबार करने के बावजूद निफ्टी मे 0.3 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। मोमेंटम इंडिकेटर्स में सुधार,इंडेक्स का शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बने रहना, साथ ही अच्छे ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ’हायर हाई-हायर लो’पैटर्न का बनना, कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और इंडिया VIX में नरमी जैसी बातों देखते हुए उम्मीद है कि इंडेक्स 24,400 (200 डे EMA) के अपने अगले रेजिस्टेंस लेवल की ओर बढ़ता नजर आएगा। मार्केट दिग्गजों का कहना है कि निफ्टी अब 24,400 (200 डे EMA) के आसपास स्थित अगले रेजिस्टेंस की ओर बढ़ता नजर आ सकता है। अगर यह 24,100 पर स्थित सपोर्ट को बचाए रख पाता है तो इसके लिए 24,500-24,600 के जोन (पिछले स्विंग हाई) की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,223, 24,186 और 24,127

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,342, 24,379 और 24,438

निफ्टी ने पिछले हफ्ते हुए नुकसान की भरपाई करते हुए अपनी बढ़त बनाए रखी है। इसने डेली टाइमफ़्रेम पर स्मॉल अपर और लोअर विक्स (wicks) के साथ एक बुलिश कैंडलस्टिक बनाई है। यह 200-डे EMA और पिछले स्विंग हाई जैसे ओवरहेड रेजिस्टेंस लेवल के पास कंसोलिडेशन का संकेत है। वहीं,’हायर हाई-हायर लो’का पैटर्न भी बना हुआ है। निफ्टी अपने 20, 50 और 100 डे EMA के ऊपर बना हुआ है। यह तेजी बने रहने का संकेत है। RSI बढ़कर 57.66 पर पहुंच गया है और रेफरेंस लाइन के ऊपर टिका हुआ है। वहीं,MACD भी बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। ये सभी इंडिकेटर तेजी के मोमेंटम के मजबूत होने और आगे और बढ़त की संभावना की ओर इशारा कर रहे हैं,बशर्ते अहम सपोर्ट लेवल बचे रहें।

बैंक निफ्टी

पिवट प्वाइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,230, 57,340 और 57,519

पिवट प्वाइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,872, 56,762 और 56,583

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,253, 59,247

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,441, 55,742

लगातार चौथे ट्रेडिंग सेशन में बैंक निफ्टी 20 डे, 50 डे और 100 डे EMA के बीच और मई के लो से जून के हाई तक की रैली के 23.6% और 38.2% फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के दायरे में ट्रेड करता रहा। इससे बाजार की दिशा साफ न होने का संकेत मिलता है। इसने डेली चार्ट पर’डोजि'(Doji)जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया,जो एक और सेशन में मार्केट में दुविधा या अनिश्चितता बने रहने का संकेत है। RSI 49.44 पर स्थिर रहा और रेफरेंस लाइन के नीचे बना रहा। इससे पता चलता है कि इसमें कोई मजबूत तेजी या मंदी का मोमेंटम नहीं है। वहीं, MACD धीरे-धीरे जीरो लाइन की ओर नीचे आता रहा। हालांकि रेड हिस्टोग्राम बार्स में गिरावट में कमी दिखी। ये सभी संकेत बताते हैं कि बैंक निफ्टी के तब तक एक दायरे में ही घूमता रह सकता है, जब तक कि कोई निर्णायक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन नहीं होता।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX गुरुवार को 1.23 प्रतिशत बढ़कर 12.15 पर पहुंचने के बावजूद निचले स्तरों के आसपास बना रहा और अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा। यह मार्केट में स्थिरता के साथ तेजड़ियों के लिए अनुकूल माहौल का संकेत है। अगर यह लगातार 12 के स्तर से नीचे बना रहता है,तो इससे तेजड़ियों को और राहत मिल सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 30 जुलाई को बढ़कर 1.26 पर पहुंच गया,जबकि पिछले सेशन में यह 1.18 के लेवल पर था। PCR का बढ़ना या 0.7 से ज़्यादा होना या इसका 1 से ऊपर निकल जाना,यह बताता है कि ट्रेडर्स कॉल ऑप्शन के मुकाबले पुट ऑप्शन ज्यादा बेच रहे हैं। आम तौर पर,यह बाजार में तेजी का संकेत होता है। अगर यह रेश्यो 0.7 से नीचे गिरता है या 0.5 की तरफ जाता है,तो इसका मतलब है कि पुट के मुकाबले कॉल की बिक्री ज्यादा हो रही है,जो बाजार में मंदी का संकेत है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: 31 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 12 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: गुरुवार 31 जुलाई को शेयर बाजार में कई बड़े स्टॉक्स पर निवेशकों की नजर रहेगी। तिमाही नतीजों की रिपोर्ट के बाद इन कंपनियों के शेयरों में तेज हलचल देखने को मिल सकती है। कुछ कंपनियों ने मजबूत नतीजे पेश किए हैं, जबकि कुछ का प्रदर्शन उम्मीद से कमजोर रहा। आइए जानते हैं शुक्रवार के कारोबार में किन 12 स्टॉक्स पर फोकस रहेगा।

Tata Steel

स्टील सेक्टर की दिग्गज कंपनी टाटा स्टील का जून तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 11.6% बढ़कर ₹2,318.4 करोड़ रहा। यह बाजार के अनुमान से थोड़ा कम रहा। हालांकि, रेवेन्यू 14.3% बढ़कर ₹60,794.3 करोड़ पहुंचा और अनुमान से बेहतर रहा।

LIC Housing Finance

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 9.9% बढ़कर ₹1,499 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, कंपनी की मुख्य कमाई का पैमाना नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) सिर्फ 0.6% बढ़कर ₹2,087 करोड़ रहा।

Thermax

इंजीनियरिंग कंपनी थरमैक्स का जून तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 83.4% गिर गया। हालांकि, इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू बढ़ा। इसके बावजूद प्रॉफिटेबिलिटी पर भारी दबाव रहा, जिससे मुनाफे में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

Indegene

लाइफ साइंसेज और हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी कंपनी इंडीजीन का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा ₹116 करोड़ पर स्थिर रहा। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 39.7% बढ़कर ₹1,063 करोड़ पहुंच गया। कारोबार तेजी से बढ़ा, लेकिन मुनाफे पर दबाव रहने से कमाई में बढ़ोतरी नहीं हो सकी।

Mazagon Dock Shipbuilders

डिफेंस सेक्टर की सरकारी कंपनी मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 21.5% बढ़कर ₹549.4 करोड़ हो गया। वहीं, ऑपरेशंस से रेवेन्यू 12.1% बढ़कर ₹2,943 करोड़ पहुंच गया।

Nucleus Software Exports

बैंकिंग और फिनटेक सॉफ्टवेयर कंपनी न्यूक्लियस सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट्स का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 32.2% घटकर ₹23.87 करोड़ रह गया। कंपनी का रेवेन्यू 3.35% गिरकर ₹210.43 करोड़ रहा। बढ़ते ऑपरेटिंग खर्च की वजह से मुनाफे और प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव देखने को मिला।

JBM Auto

ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर की कंपनी जेबीएम ऑटो का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 14.7% बढ़ा। कंपनी को इलेक्ट्रिक व्हीकल और ऑटो कंपोनेंट्स कारोबार में अच्छी ग्रोथ का फायदा मिला।

RailTel Corporation of India

रेलवे सेक्टर की सरकारी टेलीकॉम कंपनी रेलटेल का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा ₹66 करोड़ पर स्थिर रहा। हालांकि, रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में दोहरे अंक की बढ़त दर्ज की गई।

Swiggy

ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी का जून तिमाही में घाटा घटकर ₹791 करोड़ रह गया। पिछले साल समान तिमाही में कंपनी को ₹1,197 करोड़ का घाटा हुआ था। रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रदर्शन बाजार के अनुमान के मुताबिक रहा।

Chambal Fertilisers and Chemicals

उर्वरक सेक्टर की कंपनी चंबल फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स का जून तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 4.6% घटकर ₹544 करोड़ रह गया। हालांकि, इस दौरान कंपनी की ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार देखने को मिला।

Torrent Pharmaceuticals

फार्मा सेक्टर की कंपनी टोरेंट फार्मास्यूटिकल्स ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 3.3% बढ़कर ₹566 करोड़ पहुंच गया। वहीं, रेवेन्यू 54.8% उछलकर ₹4,921 करोड़ रहा। घरेलू कारोबार और अमेरिकी बाजार में अच्छी मांग का फायदा मिला।

Rainbow Children’s Medicare

हेल्थकेयर सेक्टर की कंपनी रेनबो चिल्ड्रन्स मेडिकेयर का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 13.2% बढ़कर ₹60.57 करोड़ हो गया। इस दौरान रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी मजबूत दोहरे अंक की बढ़त दर्ज की गई।

Q1 Earnings (31 जुलाई)

अलग अलग सेक्टरों की कई कंपनियां शुक्रवार, 31 जुलाई को जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें Aadhar Housing Finance, Aarti Drugs, Aditya Birla Capital, ABB India, Bajaj Holdings & Investment, Concord Biotech, CORONA Remedies, Dixon Technologies (India) और GAIL (India) समेत कई कंपनियां शामिल हैं।

Tata Steel Q1 Results: टाटा की कंपनी को ₹2318 करोड़ मुनाफा, रेवेन्यू उम्मीद से बेहतर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Kia Syros EV vs MG Windsor EV top-spec: Specs, features and price compared

Kia Syros EV vs MG Windsor EV comparison

Basically a badge-engineered version of the Chinese Wuling Cloud EV, the MG Windsor is a midsize EV that sits between the brand’s Comet and ZS EV models. On the other hand, the Kia Syros EV is the Korean automaker’s most affordable electric car in India and is based on the Hyundai Motor Group’s K1 platform. Compared to the Windsor, the Syros EV is a compact (sub-4-metre) model. However, not only are the top-spec variants of these cars priced really close to each other, their battery sizes are quite comparable too.

Explore full specs, features and a price breakdown in our Syros EV and Windsor EV comparison.

Kia Syros EV X-Line ER vs MG Windsor EV Essence Pro: Dimensions

The Windsor EV undeniably has the size advantage over the smaller Syros EV

Kia Syros EV X-Line ER vs MG Windsor EV Essence Pro dimensions

 

Kia Syros EV

MG Windsor EV

Length (mm)

3,995

4,295

Width (mm)

1,805

1,850

Height (mm)

1,670

1,677

Wheelbase (mm)

2,550

2,700

Boot space (litres)

390

579

Frunk (litres)

16

Wheel size (inches)

17

18

The Windsor EV is 300mm longer and 45mm wider than the Syros EV – the MG offers 150mm more wheelbase than the Kia, too. While there isn’t much between them in terms of height, the Windsor EV’s boot is 189 litres larger than that of the Syros EV. The latter’s wheels are also an inch smaller. Interestingly though, the Kia EV offers a 16-litre frunk (front trunk) – the MG has no frunk at all.

Kia Syros EV X-Line ER vs MG Windsor EV Essence Pro: Powertrain

The top-spec Syros EV offers more range and a punchier electric motor setup 

Kia Syros EV X-Line ER vs MG Windsor EV Essence Pro powertrain options

 

Kia Syros EV

MG Windsor EV

Battery size (kWh)

51.4

52.9

Electric motor setup

Single, front (FWD)

Single, front (FWD)

Power (hp)

171

136

Torque (Nm)

255

200

Claimed 0-100kph

8.1 seconds

Claimed range (km)

526

449

AC charging

7.25 hrs at 7.4kW (10-100%)

9.5 hrs at 7.4kW (10-100%)

DC fast charging

39 mins at 100kW (10-80%)

50 mins at 60kW (20-80%)

The X-Line ER (Extended Range) variant of the Kia Syros EV gets a 51.4kWh lithium-ion battery pack, which is just 1.5kWh smaller than the unit powering the top-spec MG Windsor. Despite this capacity disadvantage, the Syros EV’s claimed range is actually higher, by 77km higher.

Compared to the top-spec MG Windsor’s 60kW DC fast-charging capability, the Syros EV’s DC fast-charging limit is 40kW higher. Unlike MG, Kia’s claimed DC fast-charging time accounts for a SoC (state of charge) of 10-80 percent and not 20-80 percent. Taking all this into account, the Syros EV can be unplugged from a DC fast charger 11 minutes sooner, which would benefit regular long-distance users.

While neither automaker has listed the kerb weight of their cars, the smaller Syros EV is likely to be lighter than the Windsor EV. The former’s front-mounted electric motor also offers 35hp and 55Nm more. These two factors combine to give the Syros EV a claimed naught to 100kph sprint time of 8.1 seconds.

Kia Syros EV X-Line ER vs MG Windsor EV Essence Pro: Exterior features

The Windsor gets a couple more useful features here; the Syros has some ‘feel-good’ ones

Kia Syros EV X-Line ER vs MG Windsor EV Essence Pro exterior features

 

Kia Syros EV

MG Windsor EV

LED headlamps

Yes (auto)

Yes (auto projectors)

Connected light bar

No

Yes

Front fog lamps

Yes

No

Rear fog lamps

No

Yes

Cornering lights

No

Yes

Welcome lights

Yes

No

Puddle lamps

Yes

No

Powered ORVMs

Yes (with auto-fold function)

Yes (with auto-fold function)

Flush door handles

Yes

Yes

Body cladding

Yes

No

Roof rails

Yes

Yes

Rear spoiler

Yes

Yes

Powered tailgate

No

Yes

Colours

Mono-tone

Mono-tone

Both these cars are reasonably well-equipped in their respective top-spec variants. However, there are some distinct differences between the features that are offered in each. The Syros EV comes with front fog lamps plus fancier ‘welcome’ lighting functions as well as puddle lamps that project the ‘Kia’ logo – these make for a more premium experience when approaching the car. The Syros EV also goes for a rugged look, featuring black plastic cladding on the wheel arches and bumpers.

Compared to the Syros EV’s stylish multi-reflector LED headlamps, the Windsor EV uses projector LED units. While it doesn’t get front fog lamps, the MG features cornering lamps that can prove useful when driving in the dark. At the back, the top-spec Windsor EV gains a powered tailgate – another handy feature especially when your hands are occupied.

Kia Syros EV X-Line ER vs MG Windsor EV Essence Pro: Interior features

If you like a minimalistic interior that’s also feature-packed, the MG Windsor won’t disappoint

Kia Syros EV X-Line ER vs MG Windsor EV Essence Pro interior features

 

Kia Syros EV

MG Windsor EV

Infotainment screen

12.3-inch

15.6-inch

Digital driver’s display

12.3-inch

8.8-inch

HVAC screen

5.0-inch

No

Panoramic sunroof

Yes

Yes (fixed)

Wireless charger

Yes

Yes

Driver’s seat adjustment

4-way powered

6-way powered

Co-driver’s seat adjustment

4-way manual

4-way manual

Ventilated seats

Yes (front & rear)

Yes (front only)

Leatherette upholstery

Yes

Yes

Split rear seats

Yes

Yes

Automatic climate control

Yes (single-zone)

Yes (single-zone)

Ambient lighting

Yes (64 colours)

Yes (256 colours)

Audio system

8-speaker Harman Kardon

9-speaker Infinity

Apple CarPlay & Android Auto

Yes (wireless)

Yes (wireless)

USB Type-C ports

Yes (5 ports)

Yes (5 ports)

Connected car tech

Yes

Yes

Voice assistant

Yes

Yes

OTA updates

Yes

Yes

Gaming

No

Yes

Rear sunblinds

Yes

No

Rear armrest

Yes (with cupholders)

Yes (with cupholders)

Both cars come with wireless charging, leatherette seats, connected-car tech, and multiple USB ports for added convenience. However, in its top-spec X-Line ER avatar, the Kia Syros EV offers a third screen specifically to control the HVAC (heating, ventilation and air-conditioning) system. That said, there are physical buttons to operate this system, too. The Kia EV also gets a larger driver’s display, a panoramic sunroof that opens, ventilation function for the front & rear seats, plus rear sunblinds. Furthermore, the Syros EV’s interior design, quality and layout of its switchgear, plus the overall usability remain easily sufficient.

As for the fully loaded Essence Pro variant of the MG Windsor EV, its pièce de résistance is the massive 15.6-inch infotainment screen. Given its minimalistic interior layout, almost every control or feature is integrated into this main display. While this screen can be distracting, it comes with multiple customisation options and integrates various games and streaming services. Compared to the Syros EV’s 64-colour ambient lighting system, the Windsor’s supports 256 colours. Its driver’s seat also gets 6-way power adjustment, while the Inifinity premium audio rig features 9 speakers instead of the Kia’s 8-speaker setup.

Kia Syros EV X-Line ER vs MG Windsor EV Essence Pro: Safety features

Neither car is missing out on much when it comes to their respective safety tech

Kia Syros EV X-Line ER vs MG Windsor EV Essence Pro safety features

 

Kia Syros EV

MG Windsor EV

Airbags

6

6

ABS with EBD

Yes

Yes

Electronic stability program

Yes

Yes

Hill-hold assist

Yes

Yes

Hill-descent control

No

Yes

TPMS

Yes

Yes

Parking sensors

Yes (front & rear)

Yes (front & rear)

360-degree camera

Yes

Yes

Dashcam

Yes

No

Electronic parking brake

Yes (with auto-hold function)

Yes (with auto-hold function)

Auto-dimming IRVM

Yes

Yes

Rain-sensing wipers

Yes

Yes

ISOFIX

Yes

Yes

Rear wiper and defogger

Yes

Yes (defogger only)

All-wheel disc brakes

Yes

Yes

Level 2 ADAS

Yes

Yes

Only the top-spec variants of these EVs get Level 2 ADAS (Advanced Driver Assistance Systems). Some of the ADAS features shared between the two include adaptive cruise control, forward collision warning, lane-departure alert with lane-keeping assistance, and automatic emergency braking. Where the Windsor EV gets hill-descent control, the Syros EV comes with a dashcam and a rear wiper.

Kia Syros EV X-Line ER vs MG Windsor EV Essence Pro: Other features

Neither car is missing out on much when it comes to their respective safety tech

Kia Syros EV X-Line ER vs MG Windsor EV Essence Pro other features

 

Kia Syros EV

MG Windsor EV

Drive modes

Yes (3)

Yes (4)

Terrain modes

No

No

Single-pedal driving

Yes

No

V2V and V2L

Yes

Yes

AVAS

Yes

No

The Windsor EV comes with Eco+, Eco, Normal and Sport drive modes, while the Syros EV only gets Eco, Normal and Sport. Neither car features variable terrain modes, but both support vehicle-to-load (V2L) and vehicle-to-vehicle (V2V) functions for better practicality during regular family outings, such as picnics and long-distance trips. The Syros EV also comes with a dedicated Virtual Engine Sound System (VESS) to caution other motorists and pedestrians of the vehicle’s presence.

Conclusion

Kia Syros EV X-Line ER vs MG Windsor EV Essence Pro prices

 

Kia Syros EV

MG Windsor EV

Prices (In Rs, lakh)

20.00

19.00

Apart from being less expensive, the Windsor EV is a larger car with plenty of room on the inside and in the boot, compared to the compact Syros EV. However, the Kia makes a solid case for itself by offering good interior space and build quality, better overall performance, plenty of features, plus a good blend of digital real-estate and intuitive physical controls. If you need the added perks that a bigger car offers without having to spend the ‘big car’ money, the MG Windsor EV will suit your needs just fine. Picking the top-spec Kia Syros EV won’t be a disappointment either as long as you can justify its bloated price tag.

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Market Outlook : हल्की बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 31 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 30 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 24,300 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा है। ट्रेडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 273.55 अंक या 0.35 प्रतिशत बढ़कर 77,928.15 पर और निफ्टी 66.95 अंक या 0.28 प्रतिशत बढ़कर 24,317.15 पर बंद हुआ। मार्केट ब्रेथ कमजोर रही है। आज लगभग 1620 शेयरों में बढ़त हुई, 2408 शेयरों में गिरावट आई और 188 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त M&M, आयशर मोटर्स, मारुति सुजुकी, कोल इंडिया और टेक महिंद्रा के शेयरों में दिखी। जबकि गिरावट वाले शेयरों में अदाणी पोर्ट्स, श्रीराम फाइनेंस, HDFC लाइफ, अल्ट्राटेक सीमेंट और जियो फाइनेंशियल शामिल रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी ऑटो सबसे ज्यादा बढ़त वाला इंडेक्स रहा। इसमें 1.6% की तेजी आई। दूसरी ओर निफ्टी रियल्टी में सबसे ज्यादा गिरावट आई। यह आज 2% नीचे गिर कर बंद हुआ है।

ब्रॉडर इंडेक्स ने बेंचमार्क से कमजोर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.6 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि यूएस फेड का ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने का फैसला काफी हद तक उम्मीद के मुताबिक ही रहा। लेकिन महंगाई को कंट्रोल करने पर लगातार जोर दिए जाने की वजह से सख्त रुख (hawkishness) बना रहा। US बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़ोतरी ने निकट भविष्य में ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी के बढ़ते दबाव का संकेत दिया, जिससे ग्लोबल निवेशक सतर्क नजर आए। वहीं, पश्चिम एशिया में तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने बाजार में अनिश्चितता को और बढ़ा दिया।

इसके चलते घरेलू इक्विटी बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद इंडेक्स एक दायरे में बना रहा, क्योंकि निवेशक मजबूत घरेलू फंडामेंटल और ग्लोबल चुनौतियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते दिखे। इसके बावजूद, FII के बढ़ते निवेश, मज़बूत होते रुपये और Q1FY27 के अच्छे नतीजों ने बाजार का मूड सुधारा और निवेशकों ने गिरावट में चुनिंदा क्वालिटी शेयरों में खरीदारी की।

निफ्टी व्यू

कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान ने कहा कि आज सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी का रुख कायम रहा। कारोबार के अंत में निफ्टी 67 अंक ऊपर और सेंसेक्स 274 अंक चढ़कर बंद हुआ। सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑटो इंडेक्स में सबसे अधिक तेजी देखने को मिली और यह 1.76% से ज्यादा की बढ़त लेकर बंद हुआ। वहीं, दूसरी तरफ रियल्टी इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई और यह 2% टूट कर बंद हुआ।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो सुस्त शुरुआत के बाद भी बाजार पूरे दिन 20-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज) के ऊपर बना रहा। यह एक काफी अच्छा संकेत है। इसके अलावा, डेली चार्ट पर बुलिश कैंडल और इंट्राडे चार्ट पर अपट्रेंड जारी रहने का पैटर्न यह संकेत देता है कि मौजूदा लेवल से और तेजी आने की अच्छी संभावना है।

ट्रेंड को फॉलो करने वाले ट्रेडर्स के लिए अब निफ्टी में 24,200 का लेवल एक अहम सपोर्ट लेवल का काम करेगा। इसके ऊपर टिके रहने पर अपट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है। ऊपर की तरफ, यह तेज़ी 24,450-24,500 तक जा सकती है। दूसरी ओर, 24,200 के नीचे जाने पर अपट्रेंड कमजेर पड़ सकता है। इस लेवल के नीचे, ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन काट सकते हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी अभी भी एक ‘कंजेशन ज़ोन’ में फंसा हुआ है। इसके साथ ही यह इंडेक्स डेली और आवरली चार्ट पर अहम मूविंग एवरेज के बीच ट्रेड कर रहा है। बैंक निफ्टी के लिए 56,500 के लेवल पर मजबूत सपोर्ट है, जो 50-DMA के पास स्थित है, जबकि 57,500 के पास 200-DMA के एक बड़े रेजिस्टेंस के तौर पर काम करने की उम्मीद है। इंडेक्स में कुछ और कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता हैं। ऐसे में लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग अप्रोच अपनाना सही रहेगा। जब तक कोई साफ ब्रेकआउट नहीं होता, तब तक ट्रेडर्स सपोर्ट जोन के पास खरीदारी करने और प्रॉफिट बुक करने या रेजिस्टेंस जोन के पास शॉर्ट पोजीशन लेने की रणनीति अपना सकते हैं।

 

Trading plan : अब निफ्टी में थोड़ा रिस्क, चाहें तो इन लेवल्स पर थोड़ा प्रॉफिट बुक करें

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Asian Paints Share : नतीजों के बाद 1% से ज्यादा टूटा शेयर, मैनेजमेंट से जानें आगे का प्लान फिर लें निवेश का फैसला

Asian Paints Share : पहली तिमाही में एशियन पेंट्स की आय 18 फीसदी और मुनाफा करीब 40 फीसदी बढ़ा है। इस अवधि में कंपनी की EBITDA ग्रोथ भी करीब 34 फीसदी रही है। इसके साथ ही मार्जिन भी 2.5 फीसदी बढ़कर 20.2 फीसदी पर रहे हैं। कंपनी के डेकोरेटिव सेगमेंट की वॉल्यूम ग्रोथ भी 9 फीसदी रही है। नतीजों के बाद आई कंपनी के मैनेजमेंट की कमेंट्री में कहा गया है कि वॉल्यूम और प्राइस बढ़ाने से ग्रोथ को सपोर्ट मिला है। इंडस्ट्रियल कोटिंग्स में मिड टीन ग्रोथ रही है। VAM-VAE का फेज पहली छमाही में कमीशन होगा कंपनी ने आगे लिए दिए गए गाइडेंस में कहा है कि वित्त वर्ष 2027 में वॉल्यूम ग्रोथ 8-10% रहनी संभव है। मार्जिन भी 18-20% रहने की उम्मीद है।

पेंट इंडस्ट्री में डिमांड की स्थिति मजबूत

नतीजे और ग्रोथ आउटलुक पर बातचीत करते हुए कंपनी के MD & CEO अमित सिंगले ने कहा कि पहली तिमाही कंपनी के लिए काफी अच्छी रही। पहली तिमाही में वैल्यू ग्रोथ 18% रही है। पेंट इंडस्ट्री में डिमांड स्थिति मजबूत रही है। ग्रामीण क्षेत्र में मजबूत डिमांड बरकरार है। अर्बन क्षेत्र में B2B बिजनेस ग्रोथ अच्छी रही है। इंडस्ट्रियल सेगमेंट का भी अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला है। कीमतें बढ़ाने का नतीजों पर पॉजिटव असर देखने को मिला है। Q2 में भी वॉल्यूम ग्रोथ 8-10% रहनी संभव है।

कंपनी के मार्जिन 18-20% रहने की उम्मीद

उन्होनें आगे कहा कि तिमाही में प्रोडक्ट कीमतें 12-14% तक बढ़ाई गई हैं। अप्रैल और जून में प्रोडक्ट के दाम बढ़ाए गए हैं। कच्चे माल के दाम में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। कुछ कमोडिटी के दाम कम होना शुरु हुए हैं। कुछ कमोडिटी के दाम स्थिर बने हुए है। जरूरत पड़ने पर कीमतों की समीक्षा करेंगे। कंपनी के मार्जिन 18-20% रहने की उम्मीद है।

कीमतें बढ़ाने का स्टॉकिंग पर ज्यादा असर नहीं

अप्रैल में डीलर्स की तरफ से काफी स्टॉकिंग हुई है। फेस्टिवल से पहले स्टॉकिंग बढ़ जाती है। कीमतें बढ़ाने का स्टॉकिंग पर ज्यादा असर नहीं होगा। आगे भी डिमांड में कोई कमी नहीं आएगी।

ग्लोबल बिजनेस में करीब 27% की ग्रोथ

B2B सेगमेंट में काफी अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। अर्बन क्षेत्र में डिमांड में मजबूती देखने को मिली है। कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी बढ़ने से भी मांग मजबूत हुई है। इंडस्ट्रियल सेगमेंट का प्रदर्शन भी अच्छा रहा है। डेकोरेटिव और प्रीमियम प्रोडक्ट की मांग बेहतर रही है। ग्लोबल बिजनेस में करीब 27% की ग्रोथ रही है।

टेक्सर प्रोडक्ट से मांग को मिला सपोर्ट

एशियन पेंट्स  ने पहली तिमाही में एंटी डैम्प प्रोडक्ट लॉन्च किया है। एंटी डैम्प प्रोडक्ट की प्राइसिंग कम रही है। नए टेक्सर प्रोडक्ट से मांग को सपोर्ट मिला है। नया एंटी इमलशन भी लॉन्च किए गए हैं।

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स्टॉक पर ब्रोकरेज की राय

प्रभुदास लीलाधर ने 29 जुलाई,2026 की अपनी रिसर्च रिपोर्ट में एशियन पेंट्स के लिए 2,720 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ इस शेयर में बने रहने की सलाह दी है। उधर जापानी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा का कहना है कि कंपनी के प्रोडक्टस की अच्छी मांग बनी हुई है और ऊंचे बेस और बढ़ते कॉम्पिटिशन के बावजूद कंपनी ने FY27 के लिए वॉल्यूम ग्रोथ का अपना अनुमान बरकरार रखा है। 29 जुलाई जारी एक नोट में,नोमुरा ने कंपनी के लिए पहली तिमाही को शानदार बताया है। ब्रोकरेज में इस स्टॉक पर BUY रेटिंग बनाए रखते हुए टारगेट प्राइस को 3,600 रुपये से बढ़ाकर 3,750 रुपये कर दिया है।

शेयर की चाल पर एक नजर

12.40 बजे के आसपास एनएसई पर यह शेयर 31.90 रुपए यानी 1.16 फीसदी की गिरावट के साथ 2730 रुपए के आसपास नजर आ रहा था। आज का इसकी इंट्राडे लो 2,666.20 रुपए है। वहीं, इसका दिन का हाई 2,767.90 रुपए है। 1 हफ्ते में यह शेयर 2.37 फीसदी भागा है। वहीं, 1 महीने में इसमें 3.63 फीसदी तेजी आई है। इस साल अब तक यह शेयर 1.39 फीसदी गिरा है। वहीं, 1 साल में इसने 13.01 फीसदी की तेजी दिखाई है। जबकि, 3 साल में इसने 19.52 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight : आज बाजार में थोड़ी वोलैटिलिटी संभव, IT के बाद 2-व्हीलर सेक्टर सबसे मजबूत सेक्टर

Market Insight : क्रूड की उछाल से बाजार का मूड बिगड़ा है। IT और फार्मा शेयरों के दम पर निफ्टी 24250 के करीब फ्लैट कारोबार कर रहा है। लेकिन बैंक निफ्टी में 350 अंकों से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी आज नरमी है। वहीं वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में हल्की बढ़त आई है। आईटी शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। IT के साथ ऑटो सेक्टर में भी अच्छी रफ्तार है। निफ्टी का ऑटो इंडेक्स करीब एक फीसदी चढ़ा है। साथ ही FMCG और फार्मा में भी हल्की खरीदारी आई है। लेकिन लेकिन रियल्टी और फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स एक फीसदी फिसले हैं। साथ ही केमिकल और डिफेंस पर भी दबाव नजर आ रहा है।

ब्रेकआउट या वापस रेंज में?

बाजार पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि इस बाजार ने 2 हफ्ते में रेंज के दोनों छोर टेस्ट किए हैं। पहले 24,300 का फेक ब्रेकआउट हुआ,जो फेल हुआ। उसके बाद 23,800 का फेक ब्रेकडाउन भी फेल हुआ। हमने 23,650-23,700 से लॉन्ग का नजरिया लिया हुआ है। 24,300-24,350 रुकावट की जगह है,चाहें तो थोड़ा मुनाफा बांधें। इस रेंज में नई लॉन्ग पोजिशंस का रिस्क-रिवॉर्ड ठीक नहीं है। बैंक निफ्टी अभी भी निफ्टी के मुकाबले थोड़ा कमजोर है। कल बैंक निफ्टी की रैली वापस 200 DMA के करीब आकर रुकी। HDFC बैंक कल की रैली के बावजूद काफी कमजोर है। आज सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी भी है, तो थोड़ी वोलैटिलिटी संभव है

US फेड के फैसला का बाजार पर असर

US फेड ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे 3.5-3.75% पर बरकरार रखा है। लगातार 5वीं बार दरें बरकरार रखी गई हैं। फेड के फैसले का बाजार पर असर की बात करें तो 10 साल की बॉन्ड यील्ड वापस 4.7% पर पहुंच गई है। 30 साल की यील्ड 5.21% पर पहुंच गई। यह 2007 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। कल डाओ जोंस 1100 अंकों से ज्यादा टूटा। S&P 500 में 1.5% और नैस्डेक में 1.7% की गिरावट आई।

कच्चे तेल में तेजी जारी

बुधवार को ब्रेंट क्रूड $90 के ऊपर बंद हुआ। ट्रंप ने कहा है कि IRGC के अचानक हमले के बाद US ईरान पर हमले और तेज करेगा। US में कमर्शियल क्रूड भंडार जून के बाद सबसे ज्यादा घटा है। US का स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व 1983 के बाद सबसे निचले स्तर पर है।

अब कहां रखें नजर?

2-व्हीलर सेक्टर IT के बाद सबसे मजबूत है। TVS मोटर और बजाज ऑटो दोनों में नतीजों के बाद री-रेटिंग हुई है। आयशर मोटर्स भी बुलेट तेजी से दौड़ रहा है। आज शायद आयशर मोटर्स हीरो ऑफ द डे भी हो सकता है। हालांकि शेयर काफी चल चुका है और मार्जिन पर थोड़ा दबाव है। फिर भी आय ग्रोथ और वॉल्यूम ग्रोथ शानदार है। 2-व्हीलर के अलावा कल FMCG में अच्छा बाउंस मिला। आज देखेंगे कि एशियन पेंट्स कैसे रिएक्ट करता है। इसके नतीजे कल आए थे लेकिन बड़ा रिएक्शन आज मिलेगा।

इनके अलावा EMS स्पेस काफी मजबूत है। Kaynes में कल एक बड़े ब्रेकआउट का संकेत मिला है। इनके अलावा फार्मा सेक्टर अभी भी काफी मजबूत है। दिक्कत सिर्फ पावर इक्विपमेंट स्पेस में हो रही है। इन शेयरों का वैल्यूएशन काफी ऊंचा था और करेक्शन का ट्रिगर मिल गया है।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 24,100-24,150 पर और बड़ा सपोर्ट 23,950-24,050 पर है। खरीदारी का जोन 24,000-24,100 है। इसके लिए SL 23,950 पर होना चाहिए। वहीं, सबसे बड़ा रजिस्टेंस 24,300-24,350 पर है। 24,300 रिजेक्ट हो तो बिकवाली करें,SL 24,350 पर रखें। 24,350 के पार गया तो आसानी से 24,500 को टेस्ट करेगा।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 56,800-57,000 पर और बड़ा सपोर्ट 56,500-56,700 पर है। सबसे अहम रजिस्टेंस 57,300-57,500 पर है। बैंक निफ्टी अभी भी सही ट्रेडिंग मूव्स नहीं दे रहा है।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : बाजार में बुलिश मोमेंटम मजबूत रहने के संकेत, हल्के ठहराव में बाद इंडेक्स फिर पकड़ेंगे रफ्तार

Trade setup for today : निफ्टी में इस हफ्ते दूसरी बार गैप-अप ओपनिंग देखने को मिली। इसने पिछले शुक्रवार के निचले स्तर से 2.75 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है। ​​29 जुलाई को 1.1 प्रतिशत ऊपर बंद होकर निफ्टी ने अगस्त सीरीज़ की मज़बूत शुरुआत की है। शॉर्ट से मीडियम टर्म मूविंग एवरेज और 100 डे EMA के ऊपर बढ़त,साथ ही डाउनवर्ड स्लोपिंग रेजिस्टेंस ट्रेंडलाइन के ऊपर ब्रेकआउट और मोमेंटम इंडिकेटर्स में और सुधार से मार्केट के सेंटीमेंट में सुधार आया है। कच्चे तेल में नरमी से बाजार को बड़ा सपोर्ट मिला है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि एक अच्छी रैली के बाद भले ही निफ्टी में कुछ समय के लिए ठहराव आए,लेकिन कुल मिलाकर इसका ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। अगर निफ्टी 24,100-24,000 के अहम सपोर्ट जोन के ऊपर टिका रहता है,तो इसमें और तेजी आ सकती है और यह 24,400-24,500 के जोन तक जा सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,167, 24,133 और 24,077

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,280, 24,314 और 24,370

पिछले दो सेशन में 24,000 के लेवल के पास कंसोलिडेशन देखने को मिला। इसके बाद मज़बूत गैप-अप ओपनिंग के साथ निफ्टी 50 ने कल डेली टाइमफ्रेम पर एक बुलिश कैंडल बनाई। यह बाजार में अच्छी खरीदारी आने का संकेत है। निफ्टी 200 डे EMA को छोड़कर सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर वापस आ गया। 200 डे EMA अगले रेजिस्टेंस जोन के तौर पर काम कर सकता है। यह जून के निचले स्तर से जुलाई के ऊंचे स्तर तक की रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर भी चला गया। बुल्लिश क्रॉसओवर के साथ RSI बढ़कर 56.11 हो गया,जबकि MACD रेफरेंस लाइन के नीचे रहने के बावजूद ऊपर की ओर बढ़ता रहा। इसके साथ ही हिस्टोग्राम की लाल बार्स कमजोरी कम होने का संकेत दे रही हैं। ये सभी बातें बुल्लिश मोमेंटम के मजबूत होने और आगे और बढ़त की संभावना का संकेत दे रही हैं।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,298, 57,386 और 57,530

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,010, 56,921 और 56,777

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,253, 59,247

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,441, 55,742

बैंक निफ्टी में कल 0.8 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। इसने एक छोटी बॉडी वाली बुलिश कैंडल बनाई,जिसमें नीचे की तरफ एक साफ विक (wick) और ऊपर की तरफ एक छोटी विक थी। यह निचले स्तरों पर आई खरीदारी का संकेत है। इंडेक्स ने 20 डे EMA को टेस्ट किया लेकिन उसके ऊपर बंद होने में नाकाम रहा। इसके साथ ही,यह मई के निचले स्तर से जून के ऊंचे स्तर तक की रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर भी बंद नहीं हो पाया। हालांकि,यह अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर बना रहा। RSI बढ़कर 49.95 हो गया,लेकिन रेफरेंस लाइन से नीचे ही रहा। MACD सिग्नल लाइन के नीचे बना रहा,हालांकि हिस्टोग्राम की लाल बार्स हल्की पड़ती दिखीं। इससे पता चलता है कि मंदी का मोमेंटम कम हो रहा है। ये सभी बातें मोमेंटम में सुधार का संकेत देती हैं,लेकिन मज़बूत तेजी के ट्रेंड की पुष्टि के लिए तत्काल रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर एक टिकाऊ चाल की जरूरत होगी।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 29 जुलाई को भी खरीदारी जारी रखी और ₹2,981 करोड़ के भारतीय शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी नेट खरीदार के तौर पर लगभग ₹1,000 करोड़ का निवेश किया।

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इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में बुधवार को लगातार तीसरे सेशन में गिरावट जारी रही। यह 4.42% गिरकर 12 के जोन (7 जुलाई के बाद का सबसे निचला क्लोजिंग लेवल)पर आ गया और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। यह तेजड़ियों के लिए अच्छा संकेत है। अगर इसमें और गिरावट आती है और यह 12 के जोन से नीचे बना रहता है,तो बुल्स को और भी ज्यादा राहत मिल सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 29 जुलाई को पिछले सेशन के 1.05 से बढ़कर 1.18 हो गया। PCR का बढ़ना या 0.7 से ज़्यादा होना या इसका 1 से ऊपर निकल जाना,यह बताता है कि ट्रेडर्स कॉल ऑप्शन के मुकाबले पुट ऑप्शन ज्यादा बेच रहे हैं। आम तौर पर,यह बाजार में तेजी का संकेत होता है। अगर यह रेश्यो 0.7 से नीचे गिरता है या 0.5 की तरफ जाता है,तो इसका मतलब है कि पुट के मुकाबले कॉल की बिक्री ज्यादा हो रही है,जो बाजार में मंदी का संकेत है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: सम्मान कैपिटल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।