₹10,000 या ₹1 लाख? जानिए ₹5 करोड़ का फंड बनाने में कितना समय बचा सकती है आपकी SIP

SIP Compounding Power & Time Horizon: शेयर बाजार में पैसे लगाकर से हर कोई अमीर बनना चाहता है। बहुत से लोग ₹5 करोड़ जैसा बड़ा फंड बनाना चाहते है। लेकिन दो अलग-अलग निवेशक, जो हर साल 12% का समान रिटर्न पाते हैं और कभी अपनी SIP की रकम नहीं बढ़ाते, उनके लक्ष्य तक पहुंचने के समय में जमीन-आसमान का अंतर देखने को मिलता है।

अगर आप हर महीने ₹1,00,000 की SIP करते हैं तो आप ₹5 करोड़ का टारगेट 15 साल में हासिल कर लेंगे, जबकि ₹10,000 की SIP करने वाले व्यक्ति को यही फंड बनाने में लगभग 33 साल लग जाएंगे।

लेकिन क्या 10 गुना ज्यादा रकम निवेश करने पर समय भी 10 गुना कम लगता है? जवाब है ‘नहीं’। आइए आसान गणित से समझते हैं कि SIP में पैसे और समय का क्या संबंध है और कंपाउंडिंग का जादू कैसे काम करता है।

अलग-अलग SIP से ₹5 करोड़ बनने में कितना समय लगेगा?

अगर हम यह मानकर चलें कि आपके म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो पर सालाना 12% का औसत रिटर्न (CAGR) मिलता है और आप SIP में कोई बढ़ोतरी (Step-up) नहीं करते, तो ₹5 करोड़ का फंड बनने में इतना समय लगेगा:

अलग-अलग SIP से ₹5 करोड़ बनने में कितना समय लगेगा?

10 गुना ज्यादा निवेश, फिर भी समय सिर्फ आधा क्यों कम हुआ?

अगर आप ध्यान दें, तो ₹10,000 से ₹1,00,000 की SIP पर जाना यानी आपकी जेब से निकलने वाला निवेश 10 गुना बढ़ जाता है। लेकिन लक्ष्य तक पहुंचने का समय 10 गुना कम होकर 3.3 साल नहीं होता, बल्कि आधा घटकर 33 साल से 15 साल पर ही आता है। इसके पीछे की वजह है कंपाउंडिंग यानी चक्रवृद्धि ब्याज का असमान तरीका।

शुरुआती साल: जब आपका कुल जमा फंड छोटा होता है, तो उस पर मिलने वाला 12% का रिटर्न भी बहुत छोटा होता है। इस चरण में आपकी संपत्ति केवल आपके जेब से डाले गए पैसों की वजह से बढ़ती है, बाजार का योगदान बहुत कम होता है।

बाद के साल: जैसे-जैसे समय बीतता है, आपके द्वारा कमाए गए रिटर्न पर भी रिटर्न मिलने लगता है। एक समय ऐसा आता है जब आपके हर महीने की SIP की तुलना में बाजार की कंपाउंडिंग की वजह से आपका फंड बहुत तेजी से भागने लगता है।

यानी ₹10,000 की SIP करने वाला निवेशक पूरी तरह से समय और कंपाउंडिंग पर निर्भर रहता है। वहीं, ₹1,00,000 की SIP करने वाला व्यक्ति वही काम अपनी जेब से ज्यादा पूंजी लगाकर तुरंत कर लेता है। यानी अगर आपके पास ज्यादा पैसे नहीं हैं, तो धैर्य ही आपकी पूंजी की भरपाई करता है।

निवेश का यह गणित लागू करने से पहले 3 जरूरी बातें

इस टाइमलाइन को अपनी योजना बनाने से पहले तीन अहम सावधानियों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है:

  1. 12% रिटर्न गारंटी नहीं है: इक्विटी म्यूचुअल फंड में रिटर्न कभी भी एक सीधी रेखा में नहीं आता। कभी बाजार बहुत तेज भागेगा, तो कभी उसमें गिरावट आएगी। 12% एक औसतन अनुमान है।
  2. स्टेप-अप SIP का जादू: ऊपर दिए गए उदाहरण में SIP की रकम को हर साल बढ़ाया नहीं गया है। अगर आप हर साल अपनी सैलरी बढ़ने के साथ अपनी SIP में 5% या 10% का इजाफा करते हैं, तो ये सभी टाइमलाइन बहुत तेजी से घट जाएंगी।
  3. महंगाई का असर: आज से 33 साल बाद मिलने वाले ₹5 करोड़ की वैल्यू आज के ज़माने में 6% महंगाई दर के हिसाब से सिर्फ ₹73 लाख के बराबर होगी।

इस पूरे आंकड़े का निचोड़ बहुत सरल है: अगर आपके पास ज्यादा निवेश करने की क्षमता है, तो आप समय खरीद सकते हैं। और अगर आप ज्यादा रकम निवेश नहीं कर सकते, तो समय आपके लिए काम करेगा। शर्त बस इतनी है कि आपको जितनी जल्दी हो सके निवेश शुरू करना होगा और अपने पोर्टफोलियो को बिना छेड़े लंबे समय तक टिके रहना होगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

All you need to know about the 2026 Toyota Hilux

2026 Toyota Hilux front right quarter

Toyota has launched the ninth-generation Hilux in India for the 2026 model year. One of the Japanese brand’s most iconic nameplates, this new Hilux is priced between Rs 31.99 lakh and Rs 36.69 lakh (ex-showroom, India), making it up to Rs 3.47 lakh more expensive than the previous-gen Hilux. The closest competitor to the Hilux is the Isuzu V-Cross. So, does the 2026 Toyota Hilux make a good proposition if you’re in the market for a lifestyle pickup truck? Let’s find out.

1. What does the 2026 Toyota Hilux look like?

The new model looks sharp yet intimidating

2026 Toyota Hilux front

When it comes to its size, the new Hilux is 5mm shorter than the model it replaces. In terms of their width, height and wheelbase though, these two share identical dimensions. However, the sculpted and upright front fascia of the new Hilux looks imposing, with the bold ‘TOYOTA’ lettering adding to the overall butch appeal. The honeycomb front grille, sleek LED headlamps and C-shaped LED elements in the tail-lamps add a touch of modernity to this design.

2026 Toyota Hilux rear quarter

The new Hilux is sold in the ‘Double Cab’ configuration, but the wheel sizes have shrunk from 18 to 17 inches. The flared wheel arches sport black plastic cladding, while the ORVM housings, door handles, running boards, alloy wheels, roll bars and rear bumper are also finished in black. The latter has integrated steps that make accessing the bed easier from all three sides. Moreover, the tailgate features large ‘TOYOTA’ lettering as well.

2. How is the interior of the 2026 Toyota Hilux?

The cabin looks relatively simple and ergonomics shouldn’t be an issue

2026 Toyota Hilux front seats

Once you haul yourself inside the 2026 Toyota Hilux, there are a few things that will catch your attention. While some surfaces are covered in leatherette, there are enough hard-wearing plastics in this cabin to remind you of its old-school pickup truck origins. Even the top-spec Hilux variant gets an all-black interior theme, manually operated front seats and fabric upholstery. The bare-bones climate control panel also looks out of place in a vehicle this expensive.

2026 Toyota Hilux interior

On the other hand, the three-spoke steering wheel, button-operated glovebox release, toggle-style four-wheel drive (4WD) switch and a rotary drive mode selector look good and work as expected. There are also 7 airbags, 360-degree cameras, wireless Apple CarPlay & Android Auto, wireless charging, a 12.3-inch infotainment display, and an 8-speaker audio system. The abundance of physical controls is another advantage in a utility-based lifestyle truck like the Hilux. The high seating position plus the flat and low-set dashboard should make judging gaps easier. Stepping into the back shouldn’t be too troublesome, courtesy of the fixed running boards and oversized rear grab handles.

3. Is the 2026 Toyota Hilux well-equipped?

Some of the cost-cutting measures here are perplexing

2026 Toyota Hilux dashboard

The new Hilux costs more than its predecessor, but this hasn’t resulted in more equipment. While the design language used here looks modern, expected amenities like leatherette upholstery and powered and ventilated seats are missing. There is no dual-zone automatic climate control – in fact, there’s no auto AC at all. Another modern feature that’s been given a miss is an auto-dimming IRVM (inside rearview mirror). Even the digital driver’s display of the new India-spec Hilux is a downsized 7.0-inch unit – international-spec versions get a 12.3-inch panel.

4. What are the powertrain specifications of the 2026 Toyota Hilux?

The ninth-gen Hilux isn’t mechanically too different to its predecessor

2026 Toyota Hilux engine

The 2026 Toyota Hilux shares its IMV underpinning and diesel-automatic powertrain with the eighth-gen model. This means the output of the 2.8-litre four-cylinder turbo-diesel engine remains the same, at 204hp and 500Nm. While the old model was available with a 6-speed manual gearbox as well, its replacement is only offered with a 6-speed torque converter automatic. Customers still get to pick between two-wheel drive (2WD) and four-wheel drive (4WD) options, but the 48-volt mild-hybrid system available in global models remains out of reach to buyers here.

5. Will the 2026 Toyota Hilux work well as a pickup truck?

The ninth-gen Hilux isn’t mechanically too different to its predecessor

2026 Toyota Hilux off-road settings

At its core, the Toyota Hilux is a pickup truck. Therefore, it can be had with the brand’s Multi Terrain Select (MTS) system, downhill assist control, a rear differential lock and an electronic limited-slip differential. These off-road-centric systems, along with the rugged leaf spring rigid rear axle and hydraulic engine mounts, should allow the Hilux to traverse challenging terrain without much fuss.

2026 Toyota Hilux bed

Toyota also offers a tailgate assist system, which basically allows the drop-down gate to be lowered in a controlled manner. In terms of practicality, the new Hilux can carry up to 500kg worth of cargo in its bed, with tie-down points available to secure the cargo. The three integrated steps in the rear bumper will come in handy if you want to get onto the rear bed for loading or unloading items.

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US Fed ने नहीं बदली ब्याज दरें, क्या होगा इसका भारतीय बाजार पर असर और गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहा है संकेत

Gift Nifty Indicator: गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के मामूली गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। Wall Street में रात भर हुई भारी बिकवाली के बाद GIFT Nifty सुस्त शुरुआत का संकेत दे रहा है। AI से जुड़े खर्च को लेकर बनी चिंताएं और US Federal Reserve के पॉलिसी फैसले के बाद अनिश्चितता ने पॉजिटिव इंस्टीट्यूशनल फ्लो और बुधवार की घरेलू बाजार की जोरदार रैली के असर को कम कर दिया है।

सुबह करीब 8:00 बजे GIFT Nifty 88 अंक या 0.36 फीसदी गिरकर 24,215 पर ट्रेड कर रहा था, जिससे संकेत मिलता है कि Nifty 50 बुधवार के 24,250.20 के क्लोजिंग लेवल से नीचे खुल सकता है। यह कमजोर संकेत बुधवार को भारतीय शेयरों में जोरदार रिकवरी के बाद आया है। Sensex 888.68 अंक या 1.16 फीसदी बढ़कर 77,654.60 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 264.85 अंक या 1.10 फीसदी बढ़कर 24,250.20 पर बंद हुआ।

US फेड मीटिंग का नतीजा

उम्मीद के मुताबिक, US फेडरल रिज़र्व ने चेयर केविन वॉर्श की अगुवाई में गुरुवार को ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। यह लगातार पांचवीं पॉलिसी मीटिंग थी जिसमें सेंट्रल बैंक ने दरों को स्थिर रखने का फ़ैसला किया, क्योंकि अधिकारी मॉनेटरी पॉलिसी में बदलाव करने से पहले महंगाई के आउटलुक और व्यापक आर्थिक स्थितियों का आकलन कर रहे थे।

यह घोषणा फेडरल रिज़र्व की दो दिन की फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) मीटिंग खत्म होने के बाद की गई।फेड ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर को 3.50%-3.75% पर बनाए रखा। इसने महंगाई, बेरोज़गारी और कुल आर्थिक विकास के अपने अनुमानों को भी जून की पॉलिसी मीटिंग में पेश किए गए अनुमानों के मुकाबले काफ़ी हद तक जस का तस रखा।

एशियाई बाजारों में तेजी

Federal Reserve द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने के बाद गुरुवार को एशियाई शेयरों मेंबढ़त के साथ कारोबार हुआ। वहीं, ग्लोबल टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी बिकवाली के बाद निवेशक AI से जुड़े खर्च के आउटलुक का आकलन करते रहे। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 1 फीसदी से अधिक की बढ़त हुई, जबकि जापान के Nikkei में लगभग 2 फीसदी की तेजी आई। दक्षिण कोरिया के Kospi में हफ्ते की शुरुआत में भारी नुकसान के बाद 4 फीसदी की रिकवरी हुई, हालांकि यह साप्ताहिक आधार पर बड़ी गिरावट की ओर बढ़ रहा था। Nasdaq फ्यूचर्स में 1.2 फीसदी की बढ़त हुई, जबकि यूरोपियन फ्यूचर्स ने हल्की पॉजिटिव शुरुआत का संकेत दिया।

गुरुवार की रिकवरी के बावजूद, भारी AI निवेश पर रिटर्न को लेकर चिंताओं के बीच सेमीकंडक्टर शेयरों में भारी गिरावट के बाद निवेशक सतर्क बने रहे।

बुधवार को US शेयर बाजार में भारी गिरावट के साथ कारोबार खत्म हुआ, क्योंकि Federal Reserve ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया और टेक्नोलॉजी शेयरों में हालिया गिरावट जारी रही। फेड ने ब्याज दरों को 3.50-3.75 प्रतिशत की रेंज में ही बनाए रखा, जो उम्मीदों के मुताबिक था, हालांकि तीन पॉलिसीमेकर्स ने दरों में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी के पक्ष में असहमति जताई।

माइक्रोसॉफ्ट और मेटा प्लेटफॉर्म्स के नतीजों से पहले निवेशकों द्वारा AI-से जुड़े शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम करने के कारण डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 2.19 प्रतिशत, S&P 500 1.52 प्रतिशत और नैस्डैक कम्पोजिट 1.74 प्रतिशत गिर गए।

क्रूड में नरमी

पिछले सेशन में तेजी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई, क्योंकि तनाव बढ़ने के बावजूद मध्य पूर्व से टैंकरों का आवागमन जारी रहा। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.42 प्रतिशत गिरकर 89.45 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.66 प्रतिशत गिरकर 83.90 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। यह गिरावट ईरान संघर्ष के दौरान आई सबसे बड़ी तेजी के बाद हुई है; बुधवार को ब्रेंट में लगभग 8 प्रतिशत और WTI में 6.5 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई थी।

हालांकि तेल की कीमतों में नरमी आई, लेकिन US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए बयानों और क्षेत्र में लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण जियोपॉलिटिकल तनाव बना हुआ है।

क्या होगा इसका भारतीय बाजार पर असर

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने के फैसले से निकट भविष्य की एक बड़ी अनिश्चितता खत्म हो गई है, लेकिन पॉलिसीमेकर्स के बीच बंटे हुए वोट से संकेत मिलता है कि भविष्य की पॉलिसी का रास्ता डेटा पर निर्भर करेगा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और मध्य पूर्व में फिर से बढ़ा जियोपॉलिटिकल तनाव भी भारतीय बाजारों के लिए मुख्य जोखिम बने हुए हैं, जबकि FII और DII की खरीदारी से सपोर्ट मिल रहा है।

पोनमुडी ने कहा कि 24,200 के स्तर को फिर से हासिल करने के बाद निफ्टी में सकारात्मक रुख बना हुआ है। 24,300-24,400 का ज़ोन तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है, और इसके ऊपर निर्णायक रूप से जाने पर 24,500-24,600 की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है। नीचे की ओर, 24,150-24,000 मुख्य सपोर्ट ज़ोन है, जबकि 24,000 के नीचे जाने पर 23,900-23,800 के स्तर की ओर प्रॉफिट-बुकिंग शुरू हो सकती है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा कमजोर शुरुआत के संकेत, फोकस में NBCC, MTAR Tech, Eicher Motors

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

‘कोई पाकिस्तानी कश्मीर नहीं है’; PoK हिंसा पर भ्रामक हेडलाइन के लिए भारत ने ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ को लगाई लताड़

PoK Unrest: अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार (29 जुलाई) को अमेरिका के एक प्रमुख अखबार ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की खबर की हेडलाइन को भ्रामक और गलत करार देते हुए कहा कि ‘पाकिस्तानी कश्मीर’ जैसी कोई चीज नहीं है। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ में प्रकाशित खबर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जारी हिंसक झड़पों पर आधारित थी। भारतीय दूतावास ने कहा, “न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर का शीर्षक गलत और गुमराह करने वाला है। कोई पाकिस्तानी कश्मीर नहीं है, सिर्फ पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर है।”

दूतावास ने कहा कि केंद्र-शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हमेशा से भारत का अभिन्न एवं अविभाज्य हिस्सा रहे हैं, हैं और रहेंगे। भारतीय दूतावास ने कहा, “पाकिस्तान ने इन केंद्र-शासित प्रदेशों के कुछ हिस्सों पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। अब वह कब्जे वाले इलाकों के लोगों के खिलाफ हिंसा का इस्तेमाल कर रहा है।”

स्थानीय अधिकारियों और स्वतंत्र एजेंसियों के हवाले से प्रकाशित खबर में ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने कहा कि जून में शुरू हुई हिंसक झड़पों में अब तक कम से कम 30 लोग मारे गए हैं। कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों का संयुक्त मंच ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) पीओके की तथाकथित विधानसभा की 12 विवादित सीट को लेकर लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रही है।

जेएएसी का आरोप है कि सत्ता प्रतिष्ठान इन सीटों का इस्तेमाल अपनी पसंद के व्यक्ति को प्रधानमंत्री बनवाने के लिए करता है। भारत ने कहा है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जारी व्यापक जन प्रदर्शन पाकिस्तान के आर्थिक शोषण, वहां के लोगों को मौलिक अधिकारों से वंचित किए जाने और उसके प्रशासनिक दमन का प्रत्यक्ष परिणाम हैं।

पाकिस्तानी सेना की बर्बर कार्रवाई

पिछले दो दिनों में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की बर्बर कार्रवाई में 30 से अधिक नागरिक मारे गए और 33 से अधिक घायल हो गए। पीओके में स्थानीय निकाय चुनाव के बीच जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) इन प्रदर्शनों की अगुवाई कर रही है।

पीओके में पिछले महीने से महंगाई, प्रशासनिक उदासीनता, राजनीतिक भेदभाव और अल्पसंख्यकों पर कथित अत्याचार के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। भारत ने मंगलवार को पीओके में कराए जा रहे स्थानीय निकाय चुनाव को पाकिस्तान की ओर से अपने अवैध कब्जे पर पर्दा डालने और क्षेत्र में मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघनों को छिपाने की कोशिश बताया था।

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सूत्रों ने बताया कि रावलकोट से मुजफ्फराबाद तक जेएएसी के ‘लॉन्ग मार्च’ के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर जानलेवा बल प्रयोग किया। स कार्रवाई में 30 से अधिक नागरिकों की मौत हो गई और 33 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हो गए। उन्होंने बताया कि मरने वालों में उस्मान नजीर भी शामिल है, जो जेएएसी की केंद्रीय समिति के सदस्य उमर नजीर का भाई था।

Stocks to Watch: 30 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, मिल सकता तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: गुरुवार के कारोबारी सत्र में कई बड़े शेयर फोकस में रह सकते हैं। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के मजबूत नतीजे जारी किए हैं। कुछ के प्रदर्शन ने निवेशकों को निराश किया है। इसके अलावा एक सरकारी कंपनी में बड़ा मैनेजमेंट बदलाव भी हुआ है। आइए जानते हैं 30 जुलाई को किन 16 शेयरों पर बाजार की सबसे ज्यादा नजर रहेगी।

Eicher Motors

दोपहिया और कमर्शियल व्हीकल बनाने वाली कंपनी आयशर मोटर्स का जून तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 21.4% बढ़कर 1,462 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 31.5% बढ़कर 6,632 करोड़ रुपये हो गया। मुनाफा और रेवेन्यू दोनों ही CNBC-TV18 के अनुमान से बेहतर रहे।

Dabur

एफएमसीजी कंपनी डाबर का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 15.3% बढ़कर 586 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 10.6% बढ़कर 3,764.3 करोड़ रुपये और EBITDA 11% बढ़कर 741.2 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 19.6% से बढ़कर 19.7% रहा। मुनाफा अनुमान से बेहतर रहा, जबकि बाकी आंकड़े अनुमान के मुताबिक रहे।

MOIL

सरकारी मैंगनीज माइनिंग कंपनी MOIL का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट 70.1% बढ़कर 87.6 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 51.5 करोड़ रुपये था। रेवेन्यू 6.6% बढ़कर 370.9 करोड़ रुपये और EBITDA 72.3% बढ़कर 135.8 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 22.6% से बढ़कर 36.6% हो गया।

Bajaj Housing Finance

बजाज ग्रुप की कंपनी बजाज हाउसिंग फाइनेंस का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 22.6% बढ़कर 715 करोड़ रुपये रहा। NII 9% बढ़कर 968 करोड़ रुपये और कुल आय 17.2% बढ़कर 3,063 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ। ग्रॉस NPA 0.30% से घटकर 0.29% और नेट NPA 0.13% से घटकर 0.12% रहा।

Vedanta Oil & Gas

ऑयल एंड गैस कंपनी वेदांता ऑयल एंड गैस ने जून तिमाही में 945 करोड़ रुपये का प्रॉफिट दर्ज किया। पिछली तिमाही में कंपनी को 476 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। रेवेन्यू 3.1% घटकर 2,507 करोड़ रुपये और EBITDA 7.7% घटकर 814 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 34.1% से घटकर 32.5% पर आ गया।

Vedanta Iron & Steel

स्टील कंपनी वेदांता आयरन एंड स्टील ने जून तिमाही में 121 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया। पिछली तिमाही में कंपनी को 1,939 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। रेवेन्यू 5.2% घटकर 3,662 करोड़ रुपये और EBITDA 8.1% घटकर 508 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 14.3% से घटकर 14% रह गया।

Vedanta Power

बिजली कंपनी वेदांता पावर को जून तिमाही में 423 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ। पिछली तिमाही में कंपनी ने 139 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। 487 करोड़ रुपये के एक्सेप्शनल लॉस का असर नतीजों पर दिखा, जबकि रेवेन्यू 31% बढ़कर 2,607 करोड़ रुपये रहा।

Waaree Energies

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी वारी एनर्जीज का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट 14.1% बढ़कर 850 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 79.2% बढ़कर 7,932 करोड़ रुपये और EBITDA 44.4% बढ़कर 1,440 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन 22.5% से घटकर 18.2% पर आ गया।

Cochin Shipyard

सरकारी शिपबिल्डिंग कंपनी कोचीन शिपयार्ड के डायरेक्टर (फाइनेंस) जोस वी. जे. अगले सात महीने तक CMD का अतिरिक्त प्रभार संभालते रहेंगे। उनकी नियुक्ति 1 अगस्त 2026 से बढ़ाई गई है। इस विस्तार को कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने मंजूरी दी है।

Star Health

हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी स्टार हेल्थ का जून तिमाही का मुनाफा 438 करोड़ रुपये से बढ़कर 550 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी की आय भी बढ़कर 4,917 करोड़ रुपये पहुंच गई। पिछले साल की समान तिमाही में यह 4,336 करोड़ रुपये थी।

MTAR Tech

इंजीनियरिंग कंपनी MTAR Tech का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट 10.8 करोड़ रुपये से बढ़कर 50.2 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 157 करोड़ रुपये से बढ़कर 360 करोड़ रुपये और EBITDA 28 करोड़ रुपये से बढ़कर 85 करोड़ रुपये पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 18.1% से बढ़कर 23.5% हो गया।

Balkrishna Industries

टायर कंपनी बालकृष्ण इंडस्ट्रीज का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 287 करोड़ रुपये से बढ़कर 432 करोड़ रुपये हो गया। आय बढ़कर 3,445 करोड़ रुपये और EBITDA 724 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 18.2% से बढ़कर 21.01% हो गया। कंपनी ने 4 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

TBO Tek

ट्रैवल टेक कंपनी TBO Tek का जून तिमाही का प्रॉफिट 32.4% बढ़कर 83.3 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 81.1% बढ़कर 925.7 करोड़ रुपये और EBITDA 86.6% बढ़कर 138 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 14.4% से बढ़कर 14.9% रहा।

TeamLease

स्टाफिंग और एचआर सर्विसेज कंपनी TeamLease का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 31.4% बढ़कर 34.9 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 5.8% बढ़कर 3,034.7 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA 2.7% बढ़कर 31.5 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 1% पर स्थिर बना रहा।

Triveni Engineering

इंजीनियरिंग और शुगर सेक्टर की कंपनी त्रिवेणी इंजीनियरिंग का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 2.1 करोड़ रुपये से बढ़कर 3.65 करोड़ रुपये हो गया। कंसोलिडेटेड आय 1,950 करोड़ रुपये और EBITDA 52.9 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 1.96% से बढ़कर 2.71% हो गया।

Redington

आईटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी रेडिंग्टन का जून तिमाही का मुनाफा 76.6% बढ़कर 486 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 34.6% बढ़कर 34,922 करोड़ रुपये और EBITDA 76.8% बढ़कर 708 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 1.5% से बढ़कर 2% रहा।

कल ये कंपनियां तिमाही नतीजे जारी करेंगी

गुरुवार को कई बड़ी कंपनियां जून तिमाही (Q1) के नतीजे जारी करेंगी। इनमें आर्कियन केमिकल इंडस्ट्रीज, अजंता फार्मा, अपोलो पाइप्स, AWL एग्री बिजनेस, बजाज फाइनेंस, बेस्ट एग्रोलाइफ, एक्साइड इंडस्ट्रीज, ICRA और इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) शामिल हैं। इन कंपनियों के नतीजों पर निवेशकों की नजर रहेगी।

Crude Oil Price: कच्चे तेल में तूफानी तेजी, ट्रंप की धमकी के बाद 7% उछलकर 90 डॉलर के पार पहुंचा भाव

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Waaree Energies Q1 Results: सोलर कंपनी को ₹850 करोड़ का मुनाफा, अमेरिका में मिली बड़ी राहत

Waaree Energies Q1 Results: रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी वारी एनर्जीज ने जून तिमाही के मजबूत नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 850 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह 745 करोड़ रुपये था। वहीं, मार्च तिमाही में कंपनी ने 773 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। इस तरह मुनाफा सालाना आधार पर 14.09% और तिमाही आधार पर 9.96% बढ़ा।

रेवेन्यू में 79% की बढ़ोतरी

जून तिमाही में वारी एनर्जीज का ऑपरेशन से रेवेन्यू 7,932 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 4,426 करोड़ रुपये था। मार्च तिमाही में भी कंपनी का रेवेन्यू 4,426 करोड़ रुपये रहा था। इस तरह रेवेन्यू में सालाना और तिमाही, दोनों आधार पर करीब 79% की बढ़ोतरी दर्ज हुई।

जून तिमाही में कंपनी का EBITDA बढ़कर 1,440 करोड़ रुपये हो गया। पिछली तिमाही में यह 997 करोड़ रुपये था। यानी तिमाही आधार पर इसमें 44.4% की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, EBITDA मार्जिन घटकर 18.2% रह गया। मार्च तिमाही में यह 22.5% था।

अमेरिका से मिला बड़ा फायदा

वारी एनर्जीज ने बताया कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद उसे बड़ा फायदा मिला है। कोर्ट ने एक्सपोर्टर्स पर लगाए गए रेसिप्रोकल ड्यूटी को गैरकानूनी करार दिया था।

इसके बाद अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) ने रिफंड क्लेम स्वीकार किए। इसी के आधार पर वारी एनर्जीज ने 349.18 करोड़ रुपये को अन्य ऑपरेटिंग रेवेन्यू के तौर पर दर्ज किया। इसके अलावा, कंपनी ने 25.13 करोड़ रुपये को एसेट्स और इन्वेंट्री की लागत में कमी के रूप में भी दर्ज किया।

वारी एनर्जीज के शेयरों का हाल

वारी एनर्जीज का शेयर बुधवार को 1.59% की बढ़त के साथ 2,738 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने से स्टॉक लगभग फ्लैट है। वहीं, 1 साल में इसने 14.06% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 78.71 हजार करोड़ रुपये है।

Vedanta Oil & Gas Q1 Results: डिमर्जर के बाद पहली तिमाही में ₹945 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू और मार्जिन में गिरावट

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विदेश में बसने का सपना देखने वालों की आंखें खुल जाएंगी! पेरिस में रहने वाले तनिष्क ने बताई इस सपने के पीछे की असली कीमत

विदेश जाकर अच्छी नौकरी, ज्यादा कमाई और बेहतर जीवन जीने का सपना कई भारतीय देखते हैं। वहीं सोशल मीडिया पर विदेश की चमक-दमक और शानदार लाइफस्टाइल देखकर ऐसा लगता है कि वहां सब कुछ कितना आसान है। लेकिन सच्चाई हमेशा ऐसी नहीं होती है। हाल ही में सोशल मीडिया पर पेरिस में रहने वाले एक भारतीय युवक का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में युवक ने बताया कि, विदेश में रहने का फैसला सोच-समझकर लेना चाहिए। सोशल मीडिया पर दिखने वाली चमक-दमक देखकर कोई बड़ा फैसला न लें, बल्कि हर पहलू को समझने के बाद ही विदेश जाने का निर्णय करें।

विदेश में बसने वाले लोगों को दी सलाह

इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में तनिष्क लोहान ने बताया कि विदेश जाने की सोच रखने वाले कई भारतीय युवाओं को अक्सर एक जैसी सलाह दी जाती है। उन्होंने कहा, “लोग कहते हैं कि कुछ साल के लिए भारत छोड़ दो। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया या किसी भी दूसरे देश चले जाओ। वहां पार्ट-टाइम नौकरी करके हर महीने 2 से 3 हजार यूरो कमा सकते हो। फिर जब फुल-टाइम नौकरी मिल जाएगी, तो जिंदगी पूरी तरह सेट हो जाएगी।”

लोहान ने कहा कि, इस तरह की बातें सुनकर कई लोग विदेश जाने का फैसला कर लेते हैं, लेकिन उन्हें पूरी सच्चाई नहीं बताई जाती। उन्होंने आगे कहा, “अगर आप भी ऐसी बातें सुनकर प्रेरित हो रहे हैं और विदेश आने की सोच रहे हैं, तो पहले इसकी असली हकीकत भी जान लें।”

परिवार से दूर रहना पड़ता है

तनिष्क लोहान ने बताया कि विदेश में पढ़ाई करने का खर्च सिर्फ कॉलेज की फीस और हवाई टिकट तक सीमित नहीं होता। उनके अनुसार, कई छात्र पढ़ाई के लिए 50 से 60 लाख रुपये या उससे भी अधिक का एजुकेशन लोन लेते हैं। वहीं, कुछ परिवार अपने बच्चों का सपना पूरा करने के लिए अपनी जमा-पूंजी खर्च कर देते हैं या अपनी संपत्ति तक बेच देते हैं। उनके मुताबिक, विदेश जाने से पहले इन आर्थिक जिम्मेदारियों को अच्छी तरह समझना बेहद जरूरी है। लोहान ने कहा कि, विदेश में बसने की सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ पैसों की नहीं, बल्कि इमोशनल भी होती है। दूसरे देश में रहने का मतलब परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों से दूर रहना होता है।

नए माहौल में ढलना आसान नहीं होता

इसके साथ ही नई भाषा, अलग संस्कृति और नए माहौल में खुद को ढालते हुए करियर की शुरुआत भी करनी पड़ती है। लोहान ने कहा कि, विदेश में पढ़ाई के साथ पार्ट-टाइम नौकरी करना, पढ़ाई और काम के बीच बैलेंस बनाए रखना, अच्छी फुल-टाइम नौकरी हासिल करना और नए माहौल में खुद को ढालना आसान नहीं होता। इन सबके लिए समय, धैर्य और लगातार मेहनत करनी पड़ती है। उनका कहना है कि इन चुनौतियों पर अक्सर खुलकर बात नहीं होती।

 

उन्होंने कहा, “अगर आप विदेश आते हैं, तो यहां अपने लिए एक बेहतर जिंदगी बना सकते हैं। लेकिन इसके लिए आपको धैर्य, मेहनत और लगातार कोशिश करनी होगी। हर दिन खुद को यह भरोसा दिलाना होगा कि आप कड़ी मेहनत करेंगे और अपने लक्ष्य को जरूर हासिल करेंगे।” उन्होंने ये भी कहा कि, विदेश की जिंदगी सिर्फ घूमने-फिरने और छुट्टियां मनाने तक सीमित नहीं होती। उन्होंने कहा, “अच्छे पल भी आते हैं, लेकिन उनसे पहले आपको बहुत मेहनत करनी पड़ती है।”

सोशल मीडिया पर लोगों ने दिया रिएक्शन

इस वीडियो को सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली लेकिन पॉजिटिव रिएक्शन मिले हैं। कई यूजर्स ने कहा कि यह वीडियो विदेश में रहने की सिर्फ सफलता की कहानियां नहीं, बल्कि वहां की असली चुनौतियों को भी सामने रखता है। एक यूजर ने लिखा, “बहुत शानदार बात कही दोस्त।” वहीं दूसरे ने कहा, “अक्सर लोग सिर्फ एक ही पहलू बताते हैं कि विदेश जाना चाहिए या नहीं जाना चाहिए। लेकिन इस वीडियो ने पूरी तस्वीर दिखाने की कोशिश की है।”

एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, “मेहनत किए बिना कहीं भी सफलता नहीं मिलती। अगर कम्फर्ट जोन में रहकर ही सब कुछ पाना है, तो फिर विदेश जाने का सोचने का क्या मतलब?” कई अन्य लोगों ने भी माना कि विदेश में बेहतर अवसर जरूर मिल सकते हैं, लेकिन वहां सफल होने के लिए धैर्य और लगातार मेहनत सबसे ज़्यादा जरूरी होती है।

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Vedanta Oil & Gas Share: अंतिम घंटे में शेयरों में आई तेजी, 3 फीसदी से ज्यादा उछला

वेदांता ऑयल एंड गैस के शेयरों में बाजार बंद होने से ठीक पहले तेजी दिखी। शेयर 3 फीसदी से ज्यादा उछलकर बंद हुआ। कंपनी ने 29 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी को 945 करोड़ रुपये प्रॉफिट हुआ है। साथ ही कंपनी फायदे में आ गई है। मार्च तिमाही में कंपनी को लॉस हुआ था। एक साल पहले की जून तिमाही में भी कंपनी को लॉस हुआ था।

मार्च तिमाही में कंपनी को 476 करोड़ लॉस

Vedanta Oil & Gas शेयर बाजार में हाल में लिस्ट हुई है। मार्च तिमाही में कंपनी को 476 करोड़ रुपये लॉस हुआ था। FY26 की जून तिमाही में कंपनी को 103 करोड़ रुपये लॉस हुआ था। वेदांता ऑयल एंड गैस वेदांता ग्रुप की कंपनी है। वेदांता ने अपने बिजनेस को डीमर्ज किया था। उसने बिजनेस को चार अलग-अलग कंपनियों में बांटा था।

EBITDA तिमाही दर तिमाही आधार पर 7.7% घटा

जून तिमाही में ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू 2,507 करोड़ रुपये रहा। यह मार्च तिमाही में कंपनी के 2,584 करोड़ रुपये के रेवेन्यू से 3 फीसदी कम है। हालांकि, FY26 के जून तमाही के 2,303 करोड़ रुपये के रेवेन्यू से करीब 9 फीसदी ज्यादा है। जून तिमाही में कंपनी का EBITDA तिमाही दर तिमाही आधार पर 7.7 फीसदी घटकर 814 करोड़ रुपये रहा।

गैस डिस्कवरी की टेक्निकल और कमर्शियल वैल्यूएशन जारी

जून तिमाही में कंपनी का EBITDA मार्जिन घटकर 32.5 फीसदी पर आ गया। मार्च तिमाही में यह 34.1 फीसदी था। कंपनी ने राजस्थान के बाड़मेर बेसिन में गैस मिलने की जानकारी दी। उसने कहा कि इस गैस डिस्कवरी की डिटेल टेक्निकल और कमर्शियल वैल्यूएशन का काम चल रहा है।

जून तिमाही में कंपनी के शयेर शेयर बाजार में लिस्ट हुए

Vedanta Oil & Gas के अंतरिम सीईओ एवं होल टाइम डायरेक्टर जिम जॉनी गास्ट ने कहा, “जून तिमाही कंपनी के लिए अहम है, क्योंकि इस दौरान कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हुए।” उन्होंने कहा कि जून तिमाही में कंपनी के प्रदर्शन से कंपनी के बिजनेस की ताकत का पता चलता है।

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29 जुलाई को कंपनी के शेयरों में अच्छी तेजी रही

कंपनी ने कहा है कि उसके राजस्थान ब्लॉक में जून तिमाही में औसत रोजाना ग्रॉस ऑपरेटेड प्रोडक्शन 63.1 kboepd रहा। 29 जुलाई को कंपनी का शेयर एनएसई पर 3.31 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। बीते एक महीने में यह शेयर 6.45 फीसदी चढ़ा है। 29 जुलाई को शेयर बाजार में भी जबर्दस्त तेजी दिखी। निफ्टी 1.10 फीसदी यानी 264 अंक चढ़कर 24,250 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 1.16 फीसदी यानी 888 अंक के उछाल के साथ 77,654 पर बंद हुआ।

Vedanta Oil & Gas Q1 Results: डिमर्जर के बाद पहली तिमाही में ₹945 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू और मार्जिन में गिरावट

Vedanta Oil & Gas Q1 Results: वेदांता ऑयल एंड गैस ने डिमर्जर और अलग लिस्टिंग के बाद पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। जून तिमाही में कंपनी ने 945 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। पिछली तिमाही में कंपनी को 476 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

रेवेन्यू और EBITDA में आई गिरावट

जून तिमाही में वेदांता ऑयल एंड गैस का ऑपरेशन से रेवेन्यू 3.1% घटकर 2,507 करोड़ रुपये रह गया। पिछली तिमाही के मुकाबले EBITDA भी 7.7% गिरकर 814 करोड़ रुपये रहा।

वहीं, EBITDA मार्जिन घटकर 32.5% रह गया। मार्च तिमाही में यह 34.1% था।

कितना रहा तेल और गैस उत्पादन?

जून तिमाही में कंपनी का औसत ग्रॉस ऑपरेटेड प्रोडक्शन 77.7 हजार बैरल ऑयल इक्विवेलेंट प्रतिदिन (kboepd) रहा। वहीं, वर्किंग इंटरेस्ट प्रोडक्शन 51.1 हजार kboepd रहा।

पूरी तिमाही में कुल ग्रॉस प्रोडक्शन 7.1 मिलियन बैरल ऑयल इक्विवेलेंट (boe) रहा। जबकि वर्किंग इंटरेस्ट प्रोडक्शन 4.7 मिलियन boe दर्ज किया गया।

राजस्थान में गैस की नई खोज

वेदांता ऑयल एंड गैस ने राजस्थान के बाड़मेर बेसिन में RJ-ON-90/1 ब्लॉक के Kaam BCP-1ST कुएं में नई गैस खोज की भी घोषणा की है।

कंपनी ने कहा कि इस खोज का तकनीकी और व्यावसायिक मूल्यांकन अभी जारी है।

CEO ने क्या कहा?

अंतरिम CEO और पूर्णकालिक निदेशक जिम जॉनी गैस्ट ने कहा कि जून तिमाही कंपनी के लिए अहम रही। इसी दौरान कंपनी के शेयर NSE और BSE पर लिस्ट हुए।

उन्होंने कहा कि मजबूत ऑपरेशनल प्रदर्शन, नई खोज और पूंजी के बेहतर इस्तेमाल की रणनीति से आगे भी ग्रोथ की अच्छी संभावनाएं हैं। कंपनी अब एक्सप्लोरेशन ड्रिलिंग, ऑयल रिकवरी प्रोजेक्ट और नए डेवलपमेंट प्रोग्राम पर फोकस करेगी।

नतीजों से पहले बुधवार को वेदांता ऑयल एंड गैस का शेयर 3.3% की बढ़त के साथ 35.31 रुपये पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में स्टॉक 6.45% चढ़ा है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।