Oberoi Realty की Delhi NCR में एंट्री का रास्ता साफ! पहले प्रोजेक्ट पर बढ़ी बात लेकिन शेयर लाल

Oberoi Realty Shares Fall: मुंबई की रियल एस्टेट डेवलपर ओबेराय रियल्टी की दिल्ली एनसीआर में एंट्री पर लगा ग्रहण अब हट गया है। इसके बावजूद कंपनी के शेयर धड़ाम हो गए। एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक ग्रुरुग्राम में इसके थ्री सिक्स्टी नॉर्थ प्रोजेक्ट पर पंजाब एंड हरियाण हाईकोर्ट के अस्थायी रोक को हटा दिया है। हालांकि कमजोर मार्केट सेंटिमेंट में इसका शेयरों पर पॉजिटिव असर नहीं दिखा। फिलहाल बीएसई पर यह 1.13% की गिरावट के साथ ₹1910.60 पर है। इंट्रा-डे में यह 2.82% टूटकर ₹1,878.00 तक आ गया था।

Oberoi Realty को किस मामले में मिली है राहत

ओबेराय रियल्टी ने 18 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसके गुरुग्राम के थ्री सिक्स्टी नॉर्थ प्रोजेक्ट पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की लगाई गई अस्थायी पाबंदी अब प्रभावी नहीं है। कंपनी ने सोमवार को स्टॉक एक्सचेंजों को बताया कि DTCP (हरियाणा डिपार्टमेंट ऑफ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग) के डायरेक्टर ने ATPL (एडवांस इंडिया प्रोजेक्ट्स लिमिटेड) की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें ओबेराय रियल्टी के लाइसेंस को रद्द करने और डेवलपर बदलने की मंजूरी को रद्द करने की मांग की गई थी। DTCP का कहना है कि यह याचिका बिना किसी मेरिट के दायर की गई थी। इसका मतलब है कि Three Sixty North Project में नए अलॉटमेंट और थर्ड-पार्टी राइट्स पर पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट की लगाई गई अस्थायी रोक अब लागू नहीं है।

कंपनी के लिए यह फैसला इसलिए खास है क्योंकि यह मुंबई की रियल एस्टेट डेवलपर का दिल्ली-एनसीआर में पहला प्रोजेक्ट है। पिछले महीने कंपनी ने बताया था कि इस प्रोजेक्ट के लिए उसे लगभग ₹8,109 करोड़ की ग्रॉस बुकिंग मिल चुकी है, जबकि प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित वैल्यू करीब ₹16,000 करोड़ है।

कैसी है सेहत

ओबेराय रियल्टी के लिए चालू वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत धमाकेदार रही। जून 2026 तिमाही में कंपनी का कंसालिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 29% बढ़कर ₹544 करोड़ और ऑपरेशंस से रेवेन्यू 31.7% उछलकर ₹1,301 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर कंपनी का ईबीआईटीडीए 41.1% बढ़कर ₹734.1 करोड़ और ईबीआईटीडीए मार्जिन 52.7% से 56.4% पर पहुंच गया।

अब एक साल में इसके शेयरों की चाल की बात करें तो ओबेराय रियल्टी के शेयर 23 मार्च 2026 को ₹1,390.15 के भाव पर थे जोकि इसके लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से चार ही महीने में यह 42.79% उछलकर 6 जुलाई 2026 को ₹1,985.00 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Sunshine Pictures IPO: खुलने के 90 मिनट में ही 100% फुल! विपुल शाह के आईपीओ पर टूटे निवेशक, GMP में बंपर उछाल

Sunshine Pictures IPO Day 1: फिल्म और टेलीविजन निर्माता-निर्देशक विपुल अमृतलाल शाह की कंपनी सनशाइन पिक्चर्स के आईपीओ को प्राइमरी मार्केट में निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला है। आज, 18 अगस्त को खुलते ही इस आईपीओ पर निवेशक टूट पड़े और महज 90 मिनट के भीतर यह पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया।

फिल्म और वेब सीरीज क्रिएशन व डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़ी इस कंपनी के पब्लिक इश्यू में रिटेल और गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) ने जोरदार दिलचस्पी दिखाई है।

खुलते ही 90 मिनट में फुल सब्सक्राइब

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आंकड़ों के मुताबिक, 18 अगस्त को सुबह 11:30 बजे तक ही आईपीओ को 54.86 लाख शेयरों के ऑफर के मुकाबले 54.59 लाख शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी थीं:

रिटेल निवेशक: रिटेल कैटेगरी में आईपीओ 1.49 गुना सब्सक्राइब हुआ।

गैर-संस्थागत निवेशक (NII): एनआईआई का हिस्सा 1.16 गुना भरा।

एंकर निवेशकों से जुटाए ₹84.64 करोड़

पब्लिक इश्यू खुलने से ठीक पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹84.64 करोड़ का फंड जुटाया है। कंपनी ने 9 प्रमुख एंकर निवेशकों को शेयर आवंटित किए हैं:

  • इनोवेटिव विजन फंड (Innovative Vision Fund)
  • खंडेलवाल फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड (Khandelwal Finance Pvt Ltd)
  • अर्नेस्टा ग्लोबल अपॉर्चुनिटीज फंड (Arnesta Global Opportunities Fund)
  • यूनी ग्रोथ फंड (Uni Growth Fund)
  • जील ग्लोबल अपॉर्चुनिटीज फंड (Zeal Global Opportunities Fund)
  • विजनरी वैल्यू फंड (Visionary Value Fund)
  • द एसियो फंड वीसीसी (The Asio Fund VCC)
  • शाइन स्टार बिल्ड कैप (Shine Star Build Cap Pvt Ltd)
  • एलआरएसडी सिक्योरिटीज (LRSD Securities Pvt Ltd)

सनशाइन पिक्चर्स आईपीओ की पूरी डिटेल्स

इश्यू साइज: कुल ₹282 करोड़ का यह आईपीओ 18 अगस्त को खुला है और 20 अगस्त 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा।

प्राइस बैंड: कंपनी ने ₹342 से ₹360 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।

ओएफएस (OFS): प्रमोटर विपुल अमृतलाल शाह ओएफएस के जरिए 20.31 लाख शेयर और शेफाली विपुल शाह 10.06 लाख शेयर बेच रहे हैं।

अलॉटमेंट और लिस्टिंग डेट: 21 अगस्त को अलॉटमेंट, बीएसई और एनएसई पर कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 25 अगस्त 2026 को होगी।

जुटाए गए पैसों का कहां होगा इस्तेमाल?

सनशाइन पिक्चर्स की योजना फ्रेश इश्यू से मिलने वाली राशि में से ₹112.50 करोड़ तक का उपयोग अपनी दीर्घकालिक कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए करने की है। शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। इस लिस्टिंग से भारतीय बाजार में कंपनी की ब्रांड वैल्यू और विजिबिलिटी में बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा।

जीएमपी उछलकर ₹75 पहुंचा

प्राइमरी मार्केट में सनशाइन पिक्चर्स के आईपीओ को लेकर निवेशकों का उत्साह सातवें आसमान पर है और इसका असर ग्रे मार्केट में भी साफ दिख रहा है। 18 अगस्त को सनशाइन पिक्चर्स का जीएमपी बढ़कर +₹75 पर पहुंच गया है, जो इसके पिछले आठ सेशन का उच्चतम स्तर है।

₹360 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से शेयर की संभावित लिस्टिंग ₹435 प्रति शेयर (20.83% प्रीमियम) पर होने का अनुमान लगाया जा रहा है। ग्रे मार्केट में लगातार जारी तेजी और 90 मिनट में मिले 100% से ज्यादा सब्सक्रिप्शन से संकेत मिल रहे हैं कि 25 अगस्त को दलाल स्ट्रीट पर यह एंटरटेनमेंट स्टॉक धमाकेदार एंट्री कर सकता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

बांग्लादेश की हार के बाद इस ऑस्ट्रेलियाई ओपनर पर गिरी गाज

AUSvsBAN ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश से पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में मिली चौंकाने वाली हार के बाद दो मैचों की श्रृंखला को बराबर करने के प्रयास में अपने शीर्ष क्रम में एक बदलाव करते हुए सलामी बल्लेबाज जेक वेदरल्ड को बाहर करके उनकी जगह मैट रेनशॉ को फिर से टीम में शामिल किया है।

ऑस्ट्रेलिया ने शनिवार से यहां शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट मैच के लिए मंगलवार को 13 सदस्यीय टीम की घोषणा की।डार्विन में खेलने गए पहले टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया की नौ विकेट से हार में वेदरल्ड पहली पारी में 23 रन ही बना पाए थे जबकि दूसरी पारी में खाता भी नहीं खोल सके थे। उनका 12 टेस्ट पारियों में औसत 20.36 रहा।

रेनशॉ ने 2016 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था और 2018 में टीम से बाहर किए जाने से पहले 11 टेस्ट मैच खेले। उन्हें 2023 में तीन टेस्ट मैचों के लिए वापस बुलाया गया, लेकिन तब से उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए केवल छोटे प्रारूपों में ही खेला है। 14 टेस्ट मैचों में उनका औसत 29.31 है और उन्होंने एक शतक लगाया है। उन्होंने अपने पिछले 10 टेस्ट मैचों में से केवल एक ही ऑस्ट्रेलियाई धरती पर खेला है।

ऑस्ट्रेलिया की टीम: पैट कमिंस (कप्तान), स्कॉट बोलैंड, एलेक्स कैरी, कैमरून ग्रीन, जोश हेज़लवुड, ट्रैविस हेड, जोश इंग्लिस, मार्नस लाबुशेन, नाथन लियोन, मैथ्यू रेनशॉ, स्टीव स्मिथ, मिचेल स्टार्क, ब्यू वेबस्टर।

Tata Sons: नोएल टाटा जल्द कर सकते हैं RBI अधिकारियों से मुलाकात, टाटा संस की लिस्टिंग पर हो सकता है अंतिम फैसला

Noel Tata RBI Meeting: टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा इस महीने के अंत से पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात का मुख्य एजेंडा टाटा संस को अनलिस्टेड कंपनी के रूप में बनाए रखने और लिस्टिंग से जुड़ी अनिश्चितताओं को खत्म करना है।

एन चंद्रशेखरन के फरवरी 2027 में चेयरमैन पद छोड़ने के ऐलान के बाद, अब नोएल टाटा खुद रेगुलेटरी के साथ बातचीत की कमान संभालने जा रहे हैं।

वार्ता की कमान अब नोएल टाटा के हाथों में

अब तक टाटा संस के अधिकारी और कुछ बोर्ड मेंबर्स आरबीआई के साथ लिस्टिंग से जुड़े मुद्दों पर बातचीत कर रहे थे। लेकिन अब नोएल टाटा बोर्ड मेंबर और बहुसंख्यक शेयरधारक के प्रतिनिधि के रूप में सीधे आरबीआई से बात करेंगे। नोएल टाटा मई 2025 में ही आरबीआई को पत्र लिखकर टाटा संस को अनलिस्टेड रखने की अपनी इच्छा जाहिर कर चुके हैं। अब वे पिछले तीन साल से चले आ रहे इस मुद्दे का स्थाई समाधान चाहते हैं।

NBFC-CIC डी-रजिस्ट्रेशन और लिस्टिंग का पूरा गणित

साल 2022 में रिजर्व बैंक ने टाटा संस को ‘Upper Layer NBFC’ के रूप में वर्गीकृत किया था, जिसके तहत कंपनी के लिए 3 साल के भीतर (सितंबर 2025 तक) शेयर बाजार में लिस्ट होना अनिवार्य था। हालांकि, टाटा संस ने लिस्टिंग से बचने के लिए कई कदम उठाए हैं:

कर्ज मुक्त हुई कंपनी: टाटा संस ने बैंकिंग सेक्टर से लिया गया अपना पूरा बाहरी कर्ज चुका दिया है।

आरबीआई को आश्वासन: कंपनी ने गारंटी दी है कि वह समूह की अन्य कंपनियों को लोन देने के लिए कोई नया कर्ज नहीं लेगी और न ही फीस लेकर कोई कॉर्पोरेट गारंटी देगी।

NBFC दर्जा रद्द करने की अर्जी: टाटा संस ने दिसंबर 2024 में आरबीआई को आवेदन सौंपकर कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (NBFC-CIC) का दर्जा रद्द करने की मांग की थी। यदि आरबीआई इस अर्जी को स्वीकार कर लेता है, तो टाटा संस पर अनिवार्य IPO/लिस्टिंग की शर्त अपने आप खत्म हो जाएगी।

SP ग्रुप की हिस्सेदारी का मुद्दा भी आ सकता है सामने

शापूरजी पालोनजी (SP Group) की टाटा संस में लगभग 18% हिस्सेदारी है। 31 मार्च 2026 तक एसपी ग्रुप पर करीब 60,000 करोड़ रुपये का कर्ज दर्ज था। अपने कर्ज से राहत पाने के लिए एसपी ग्रुप टाटा संस के आईपीओ या शेयर बाय-बैक के जरिए लिक्विडिटी हासिल करने की कोशिश में है। अगर बैठक के दौरान आरबीआई इस विषय को उठाता है, तो एसपी ग्रुप की हिस्सेदारी से बाहर निकलने की योजना पर भी चर्चा की जा सकती है।

आरबीआई की यह शर्त रही है कि टाटा संस को अनलिस्टेड रखने के लिए टाटा ग्रुप के भीतर पूर्ण सहमति होनी चाहिए। नए नेतृत्व के गठन और एन चंद्रशेखरन के इस्तीफे के बीच नोएल टाटा की यह बैठक टाटा संस के भविष्य के कॉर्पोरेट ढांचे के लिहाज से सबसे निर्णायक मानी जा रही है।

NEET UG Counselling 2026: नीट यूजी में चॉइस फिलिंग की आखिरी तारीख बढ़ी, अब आज रात 11.59 बजे तक बता सकते हैं अपनी पसंद

NEET UG Counselling 2026: नीट यूजी 2026 में सफल छात्र अब मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) की ओर से आयोजित की जा रही काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे हैं। इसके तहत पहले राउंड में अपनी पसंद की मेडिकल सीट भरने और लॉक करने की सुविधा छात्रों को दी जाती है। एमसीसी ने काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे छात्रों को सहूलियत देते हुए नीट यूजी काउंसलिंग 2026 राउंड 1 चॉइस भरने और लॉक करने की डेडलाइन बढ़ाने का फैसला किया है। इसके तहत चॉइस लॉक करने की सुविधा भी बढ़ा दी गई है। कैंडिडेट 18 अगस्त, 2026 को रात 11:59 बजे तक यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

काउंसलिंग प्रक्रिया 15% ऑल इंडिया कोटा (AQI) के तहत अंडरग्रेजुएट मेडिकल और डेंटल कोर्स के लिए तय है। बदले हुए शेड्यूल के मुताबिक, नीट यूजी काउंसलिंग 2026 राउंड 1 चॉइस फिलिंग विंडो, जो 7 अगस्त को खुली थी, 18 अगस्त रात 11:59 बजे तक उपलब्ध रहेगी।

नीट यूजी काउंसलिंग 2026 राउंड 1 चॉइस फिलिंग : बदली हुई तारीखें

कैंडिडेट 17 अगस्त शाम 5:30 बजे से 18 अगस्त, 2026 रात 11:59 बजे तक अपनी पसंद अंतिम रूप से लॉक कर सकते हैं। नीचे दी गई जरूरी डिटेल्स देखें :

राउंड 1 चॉइस फिलिंग : 7 अगस्त से 18 अगस्त, 2026

राउंड 1 चॉइस लॉकिंग : 17 अगस्त, शाम 5:30 बजे से 18 अगस्त, रात 11:59 बजे तक

नीट यूजी काउंसलिंग 2026 के लिए चॉइस कैसे भरें?

प्रेफरेंस पूरी करने के लिए ये स्टेप्स हैं:

  • ऑफिशियल वेबसाइट mcc.nic.in पर जाएं।
  • नीट यूजी काउंसलिंग पंजीकरण या कैंडिडेट लॉगिन लिंक पर क्लिक करें। जरूरी क्रेडेंशियल्स के साथ साइन इन करें।
  • चॉइस फिलिंग सेक्शन खोलें।
  • अपनी पसंद के क्रम में कॉलेज और कोर्स चुनें।
  • पूरी प्रेफरेंस लिस्ट देखें।
  • अगर जरूरत हो, तो बदलाव करें या चॉइस बदलें।
  • चॉइस लॉक करें और फाइनल लिस्ट सबमिट करें।

कैंडिडेट्स को याद रखना चाहिए कि सिर्फ पंजीकृत छात्र ही चॉइस फिलिंग की सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं। लॉक करने से पहले प्रेफरेंस ऑर्डर को ध्यान से देखना जरूरी है, क्योंकि सबमिट की गई चॉइस राउंड 1 सीट अलॉटमेंट में अहम भूमिका निभाएंगी।

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Mercedes C-Class facelift debuts with upgraded engines, more features

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2026 Mercedes C-Class facelift

Mercedes-Benz has introduced a thorough facelift for the C-Class sedan for 2026 and beyond. As part of the update, the C-Class features significantly revised styling inspired by the likes of the larger S-Class, a longer list of features, and an upgraded set of petrol, diesel, and plug-in hybrid powertrains. Prices for the 2026 Mercedes-Benz C-Class start at 41,045 euros (Rs 45.43 lakh) in Germany.

दुनिया का सबसे ‘बदसूरत’ कुत्ता कौन? लटकी जीभ बनी खासियत, मालिक को मिले 5 लाख रुपये

दुनिया में खूबसूरती के मुकाबले तो आपने कई देखे होंगे, लेकिन अमेरिका में होने वाली एक अनोखी प्रतियोगिता का मकसद बिल्कुल अलग है। यहां खूबसूरत नहीं, बल्कि सबसे अलग और ‘बदसूरत’ दिखने वाले कुत्ते को विजेता चुना जाता है। हालांकि, इसके पीछे किसी जानवर का मजाक उड़ाना नहीं, बल्कि रेस्क्यू डॉग्स की ओर लोगों का ध्यान खींचना है। साल 2026 में इस अनोखे मुकाबले का खिताब 6 साल की पग कुतिया जिन्नी लू ने जीता है। उसकी उभरी हुई आंखें और बाहर निकली बड़ी जीभ उसकी पहचान बन गई हैं। खास बात यह है कि जिन्नी लू की कहानी सिर्फ उसके अजीबोगरीब लुक तक सीमित नहीं है।

कभी दक्षिण कोरिया में मुश्किल हालात में मिली यह कुतिया आज अमेरिका में सुरक्षित और खुशहाल जिंदगी जी रही है। उसकी जीत यह संदेश भी देती है कि किसी जानवर की खूबसूरती उसके चेहरे से नहीं, बल्कि उसके संघर्ष और जज्बे से देखी जानी चाहिए।

6 साल की जिन्नी लू बनी विजेता

2026 के World’s Ugliest Dog Contest का खिताब 6 साल की पग कुतिया जिन्नी लू ने अपने नाम किया। उसकी बड़ी-बड़ी उभरी आंखें और मुंह से बाहर निकली लंबी जीभ उसके लुक को बेहद अनोखा बनाती हैं। यही ‘परफेक्टली इंपर्फेक्ट’ अंदाज जजों को पसंद आया। जिन्नी लू को जीत के लिए 5,000 डॉलर की इनामी राशि मिली। इसके साथ उसे टीवी शो में नजर आने और एक स्पेशल एडिशन प्रोडक्ट पर अपनी तस्वीर छपने का मौका भी मिला।

कभी ठंड में लकड़ी के बक्से में मिली थी

जिन्नी लू की कहानी उसके लुक से कहीं ज्यादा भावुक है। वह दक्षिण कोरिया के एक पहाड़ी इलाके में बेहद खराब हालत में मिली थी। उसे ठंड में एक लकड़ी के बक्से में छोड़ दिया गया था। बाद में उसे रेस्क्यू किया गया और अमेरिका में एक नया परिवार मिला। आज वही कुतिया न सिर्फ सुरक्षित और खुशहाल जिंदगी जी रही है, बल्कि दुनिया का ध्यान भी अपनी ओर खींच रही है।

प्रतियोगिता का मकसद सुनकर बदल जाएगा नजरिया

इस प्रतियोगिता का उद्देश्य किसी कुत्ते का मजाक बनाना नहीं है। आयोजक ऐसे रेस्क्यू डॉग्स को पहचान दिलाना चाहते हैं, जिन्होंने बीमारी, चोट, उपेक्षा या मुश्किल परिस्थितियों का सामना किया है।जिन्नी लू की जीत भी इसी संदेश को मजबूत करती है कि किसी जानवर की कीमत उसके चेहरे से नहीं, बल्कि उसकी जिंदगी और संघर्ष से तय होनी चाहिए।

पग की शक्ल के पीछे छिपी है स्वास्थ्य की कहानी

पग कुत्तों की चपटी नाक, बड़ी आंखें और छोटी कद-काठी उन्हें अलग पहचान देती है। हालांकि, उनकी शारीरिक बनावट के कारण कुछ पग्स को सांस लेने जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जिन्नी लू की उभरी आंखें और बाहर निकली जीभ भी उसकी अनोखी शारीरिक बनावट का हिस्सा हैं। इसके बावजूद वह एक सक्रिय और खुश कुतिया है। शायद यही वजह है कि इस बार जजों को उसमें ‘बदसूरती’ से ज्यादा संघर्ष के बाद मिली जिंदगी की खूबसूरती नजर आई।

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Gold Silver price: फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीद हुई कम, फिर भी सोने-चांदी की कीमतें स्थिर, आखिर क्या है इसकी वजह

Gold Silver price: इंटरनेशनल मार्केट में सोने और चांदी की कीमतें स्थिर रहीं। दरअसल, सितंबर में अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें कम हो गईं और निवेशक केंद्रीय बैंक की पॉलिसी की दिशा के बारे में संकेत पाने के लिए फेडरल रिजर्व की हालिया बैठक के मिनट्स का इंतजार कर रहे थे।

COMEX पर, सोना $4,467.70 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले बंद भाव $4,473.40 प्रति औंस से $6 या 0.13% कम था। धातु की कीमत $4,493.10 प्रति औंस के उच्चतम और $4,466 प्रति औंस के निचले स्तर के बीच रही।

चांदी $66.07 प्रति औंस पर थी, जो पिछले बंद भाव $65.895 प्रति औंस से 0.161 या 0.24% कम थी। इसने दिन के दौरान $66.685 प्रति औंस का उच्चतम और $65.760 प्रति औंस का निचला स्तर छुआ।स्पॉट मार्केट में, सोना 0.2% बढ़कर $4,424.28 प्रति औंस हो गया, जबकि दिसंबर डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.2% बढ़कर $4,480.90 प्रति औंस हो गए। स्पॉट सिल्वर 0.9% बढ़कर $66.40 प्रति औंस हो गई।

सोने और चांदी की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?

सबसे बड़ा कारण अमेरिकी ब्याज दरों के बारे में बदलता नजरिया है।हालिया अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने सितंबर में ब्याज दर में बढ़ोतरी की उम्मीदों को कम कर दिया है। जुलाई में अप्रत्याशित रूप से नौकरियों का नुकसान, कंज्यूमर प्राइस इन्फ्लेशन में नरमी और कमजोर रिटेल बिक्री ने बाजारों को सख्त मॉनेटरी पॉलिसी की संभावना का फिर से आकलन करने के लिए प्रेरित किया है।

यह सोने और चांदी के लिए मायने रखता है क्योंकि दोनों ही नॉन-यील्डिंग एसेट्स (जिनसे कोई निश्चित रिटर्न नहीं मिलता) हैं। जब ब्याज दरें अधिक होती हैं, तो निवेशक बॉन्ड जैसी ब्याज देने वाली एसेट्स से अपेक्षाकृत आकर्षक रिटर्न कमा सकते हैं। अगर दर-वृद्धि की उम्मीदें कम हो जाती हैं, तो कीमती धातुओं को रखने की अपॉर्चुनिटी कॉस्ट (अवसर लागत) कम हो जाती है।इससे बुलियन (सोना-चांदी) अधिक आकर्षक हो सकता है।

कमजोर डॉलर बुलियन करता है सपोर्ट

अमेरिकी डॉलर कई प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले कई महीनों के निचले स्तर के करीब बना हुआ है।कमजोर डॉलर आम तौर पर सोने को सपोर्ट करता है क्योंकि धातु की कीमत डॉलर में तय होती है। इससे अन्य मुद्राओं वाले निवेशकों के लिए बुलियन अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है, जिससे संभावित रूप से मांग को सपोर्ट मिलता है।

डॉलर का यही असर चांदी की कीमतों को भी सपोर्ट कर सकता है। सोने और चांदी के लिए फेड (Fed) क्यों अहम है?

फेडरल रिजर्व की पॉलिसी का नजरिया बाजार के लिए एक अहम ट्रिगर बन गया है। 12 से 17 अगस्त के बीच हुए रॉयटर्स के एक सर्वे में पाया गया कि ज्यादातर अर्थशास्त्रियों का मानना ​​है कि फेड 2026 के आखिर तक अपनी मुख्य ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं करेगा।

बाजार अब फेड की हालिया बैठक के मिनट्स (बैठक का ब्योरा) का इंतजार कर रहा है, जो बुधवार (19 अगस्त) को आने वाले हैं। इन मिनट्स से इस बात का अंदाजा लग सकता है कि पॉलिसी बनाने वाले महंगाई, रोजगार और ब्याज दरें और बढ़ाने की जरूरत के बारे में क्या सोचते हैं। अगर फेड कम सख्त रुख का संकेत देता है, तो सोने और चांदी को और सपोर्ट मिल सकता है। दूसरी ओर, अगर रुख सख्त (हॉकिश) रहता है, तो डॉलर और बॉन्ड यील्ड बढ़ सकते हैं और कीमती धातुओं पर दबाव पड़ सकता है।

चांदी के लिए एक और वजह

चांदी की चाल सिर्फ ब्याज दरों की उम्मीदों पर निर्भर नहीं करती।इस धातु की औद्योगिक मांग भी काफी है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर से जुड़े इस्तेमाल शामिल हैं। इससे सोने के मुकाबले चांदी की कीमत पर असर डालने वाला एक और कारक जुड़ जाता है।हालांकि, अभी के लिए मॉनेटरी पॉलिसी, डॉलर और निवेशकों की आम धारणा दोनों धातुओं के लिए अहम कारक बने हुए हैं।

निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?

फेड की बैठक के मिनट्स तुरंत असर डालने वाली घटना हैं। इसके अलावा, बाजार सितंबर में होने वाले पॉलिसी फैसले के संकेतों के लिए अमेरिका में महंगाई और रोजगार के आंकड़ों पर नजर रखेगा।बाजार की कमेंट्री के मुताबिक, सोना अभी $4,450-$4,460 प्रति औंस के दायरे में रेजिस्टेंस (बाधा) का सामना कर रहा है, जबकि चांदी $63 प्रति औंस के स्तर से ऊपर बनी हुई है।

भारतीय निवेशकों के लिए, ग्लोबल कीमतें समीकरण का सिर्फ एक हिस्सा हैं। घरेलू स्तर पर सोने और चांदी की कीमतें रुपये-डॉलर एक्सचेंज रेट, इंपोर्ट कॉस्ट, टैक्स और स्थानीय बाजार की स्थितियों पर भी निर्भर करती हैं।इसलिए, भले ही इंटरनेशनल बुलियन की कीमतें बढ़ें, भारतीय कीमतों में उसी अनुपात में बदलाव न हो।

फिलहाल, फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों में कमी, डॉलर का कमजोर होना और लगातार बनी हुई जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता की वजह से कीमती धातुओं को सपोर्ट मिल रहा है।

नहीं थम रही सोने-चांदी की तेजी, रुपया और ग्लोबल फैक्टर्स कैसे डाल रहे है असर, अब क्या करें निवेशक!

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

6 updates Mahindra BE 6 Sporteq gets over its predecessor

6 updates Mahindra BE 6 Sporteq gets over its predecessor
2026 Mahindra BE 6 Sporteq front quarter static

Mahindra launched the 2026 BE 6 recently, adding the ‘Sporteq’ moniker and pricing it from Rs 19.45 lakh to Rs 26.95 lakh (ex-showroom). Along with a new name, Mahindra has also introduced some updates to the midsize electric SUV to keep it modern in the segment. Here’s a detailed list of these updates:

New 70kWh battery pack

New battery pack offers 651km range and is mated to a 241hp rear motor

The 2026 Mahindra BE 6 Sporteq gets a new 70kWh battery pack in addition to the previously available 59kWh and 79kWh batteries. This new 70kWh battery offers an ARAI-claimed range of 651km and a rear-axle-mounted (RWD) electric motor that produces 241hp and 360Nm. It supports a 7.2kW AC, a 11.2kW AC and a 160kW DC charger. The DC fast charger recharges the battery pack from 20-80 percent in a claimed 20 minutes.

Mahindra is offering the 70kWh battery with the Three and Three+ trims, priced at Rs 22.95 lakh and Rs 23.95 lakh, respectively (ex-showroom). 

Battery-as-a-Service (BaaS) scheme

Battery rental scheme makes the 59kWh battery variants Rs 8 lakh more affordable

Along with a new battery, Mahindra is also offering the BE 6 with a battery-as-a-service (BaaS) scheme, which is also a first for the brand. However, the BaaS scheme is offered only with the 59kWh battery pack available in the One and Two trims. The battery rental scheme essentially lowers the BE 6’s initial price by Rs 8 lakh, but requires a monthly subscription fee for the battery. Here are the details:

Mahindra BE 6 battery-as-a-service (BaaS) price vs standard price

 

Standard price

BaaS price*

Difference^

One

Rs 19.45 lakh

Rs 11.45 lakh + Rs 3.75/km

– Rs 8 lakh

Two

Rs 20.95 lakh

Rs 12.95 lakh + Rs 3.75/km

– Rs 8 lakh

Notes: BaaS scheme requires a minimum monthly payment of Rs 6,750, calculated assuming usage of 60km per day and an 8-year battery loan, as per Mahindra’s terms and conditions. The price difference calculated above is on the initial price and does not include the BaaS scheme’s battery subscription charges.

Triple-screen setup on dashboard

Offers an additional third screen for the front passenger now

The 2026 update also brought a major redesign to the BE 6’s dashboard, now offered with an additional 12.30-inch screen for the front passenger, in addition to the similarly sized digital driver’s display and touchscreen infotainment system. The new front passenger display also removed the halo-like design element connecting the dashboard to the centre console, allowing the addition of two cupholders on the centre console, something that was sorely missing on the older model.

Mahindra is offering a triple-screen setup on all trims of the BE 6 Sporteq except the base-spec One and the sportier Formula E editions. 

Redesigned Formula E edition

The 2026 Formula E Freedom looks nothing like the older Formula E edition

2026 Mahindra BE 6 Formula E Freedom Edition
2026 Mahindra BE 6 Formula E Edition
 

With the 2026 update, Mahindra has also rejigged the exterior design of the Formula E edition. Unlike the previous model, which had a different fascia from the standard model with circular-shaped LED headlights and a revised bumper, the 2026 Formula E Freedom edition gets the same design as the standard BE 6 Sporteq, with some Formula E badges and FIA decals. Moreover, the Formula E edition is only offered with the older model’s dual-screen dashboard and a halo design element for a sporty appeal.

Mahindra is offering the 2026 Formula E edition at the Three and Four trim levels, priced at Rs 24.45 lakh and Rs 26.95 lakh, respectively (ex-showroom).

Fresh exterior and interior colours

Both the BE 6 Sporteq and Formula E edition get new colour themes

Mahindra BE 6 Sporteq Ruby Velvet exterior colour.

The 2026 Mahindra BE 6 Sporteq is being offered with fresh exterior and interior colour options. It is available in a new ‘Ruby Red’ exterior theme and new Racing Tan and Black interior hues for the Two, Three, Three+ and Four trims. The base-spec One is offered with the same Sage Green and Grey theme as before. A Sporteq Launch Edition, based on the fully loaded Four trim, is also available, which offers a new Graphite Storm exterior paint and Racing Tan interior theme. 

Mahindra BE 6 Formula E Freedom edition Rosso Impulso exterior colour.

While the 2026 BE 6 Formula E edition is offered with a new Rosso Impulso exterior hue, the all-black interior with orange elements for contrast is the same as the outgoing model.

New ‘TEQ’ suite

The suite enables Gemini-based interactions, unlocks additional drive modes and Revive functionalities

Another addition to the BE 6 Sporteq is the new ‘TEQ’ suite, which Mahindra says is designed to make the vehicle more intuitive, engaging, secure and responsive to individual customer needs. At its core is a Gemini-based AI conversation assistant that allows natural voice interactions for functions such as vehicle controls, navigation and music. The suite also introduces a Karaoke mode, along with support for Dolby Vision and Dolby Audio.

The TEQ suite also adds several performance and convenience features, including Custom Drive Mode, Drift Mode and an acceleration boost mode for the Formula E Freedom Edition, which enables a claimed 0-100 kph time of 6.44 seconds. It also includes Revive and Revive SOS, which can provide additional range even after the battery has run out. Another new feature is ‘TEQ_xting’, which lets owners display personalised messages on the vehicle’s tailgate.

The Mahindra BE 6 Sporteq is priced from Rs 19.45 lakh to Rs 26.95 lakh (ex-showroom), and it rivals the Hyundai Creta Electric, Tata Sierra EV, Tata Curvv EV, MG ZS EV, Maruti Suzuki e Vitara and Toyota Ebella.

Prices are ex-showroom, India, and do not include a wall charger or its installation cost.