Stock in Focus: क्रिस्टल इंटीग्रेटेड को MSRTC से ₹134 करोड़ का ऑर्डर, शेयर पर रहेगी नजर

Stock in Focus: इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विसेज देने वाली Krystal Integrated Services को महाराष्ट्र स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (MSRTC) से करीब ₹134 करोड़ का नया वर्क ऑर्डर मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट मुंबई और छत्रपति संभाजीनगर के तय क्षेत्रों में फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विसेज देने के लिए है।

कंपनी ने बताया कि यह ऑर्डर 18 अगस्त 2026 को जारी हुआ और इसे सामान्य कारोबारी प्रक्रिया के तहत मिला है। इस कॉन्ट्रैक्ट की अवधि तीन साल होगी।

कंपनी क्या काम करेगी?

Krystal Integrated Services को MSRTC की ओर से इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विसेज का काम सौंपा गया है। कंपनी मुंबई और छत्रपति संभाजीनगर के बस डिपो और अन्य आवंटित परिसरों में सेवाएं देगी। यह पूरा प्रोजेक्ट अगले तीन वर्षों में पूरा किया जाएगा।

लगातार मिल रहे हैं बड़े ऑर्डर

Krystal Integrated Services को 2026 में लगातार बड़े सरकारी कॉन्ट्रैक्ट मिल रहे हैं। जून में कंपनी को नई दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन में फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विसेज के लिए ₹24.38 करोड़ का चार साल का ऑर्डर मिला था। इसमें मैकेनाइज्ड हाउसकीपिंग, रिसेप्शन और इंजीनियरिंग सर्विसेज के रखरखाव का काम शामिल है।

इसके अलावा कंपनी इससे पहले महाराष्ट्र के वसई-विरार क्षेत्र में करीब ₹275 करोड़ का सैनिटेशन कॉन्ट्रैक्ट भी हासिल कर चुकी है। वहीं हाल ही में उसे तमिलनाडु में ₹364 करोड़ का हेल्थकेयर फैसिलिटी मैनेजमेंट कॉन्ट्रैक्ट भी मिला था।

Krystal के शेयरों का हाल

कंपनी के शेयर मंगलवार को मामूली गिरावट के साथ 620 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने से भी स्टॉक तकरीबन फ्लैट है। वहीं, 1 साल में इसने 1.41% का नेगेटिव रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 866.82 हजार करोड़ रुपये है।

कंपनी क्या करती है?

Krystal Integrated Services इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट सेक्टर की कंपनी है। यह हाउसकीपिंग, सैनिटेशन, इंजीनियरिंग मेंटेनेंस और अन्य ऑपरेशनल सर्विसेज देती है। हाल के महीनों में लगातार मिल रहे सरकारी ऑर्डर कंपनी के ऑर्डर बुक को मजबूत कर रहे हैं, जिस वजह से आने वाले कारोबारी सत्र में इस शेयर पर निवेशकों की नजर रह सकती है।

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2026 Skoda Slavia facelift revealed, bookings open

2026 Skoda Slavia facelift revealed, bookings open
Skoda Slavia facelift

The much-awaited Skoda Slavia facelift has finally been revealed. The mid-lifecycle update brings several cosmetic changes and new features, along with an automatic gearbox upgrade for the 1.0 TSI petrol engine. The prices will be announced in the first week of October and pre-bookings for the Skoda sedan are underway. Meanwhile, deliveries will begin this festive season. 

  1. 360-degree camera, LEDs integrated into the front grille have been added
  2. Kushaq-like rear sear massaging function available as well
  3. New 8AT option introduced for the 1.0 TSI mill instead of the 6AT unit

New Skoda Slavia exterior highlights

Skoda Slavia front
New LED DRL signatures and bumper grille come courtesy of the facelift.

Being a facelift, the overall silhouette of the mid-size sedan has been carried over. Parts like the headlights, tail-lights, front grille and air dam, and alloy wheels have been refreshed. It also gets Skoda Kushaq-like segmented LEDs integrated into the grille and sequential turn indicators at the rear. A new trim between the tail-lights with the ‘SKODA’ lettering has also been added.

Skoda Slavia facelift
Side profile is largely unchanged.

Arctic Silver and Cappuccino Beige are among the new colours, however, deliveries for the latter will only start from December. Other colour option on offer are Shimla Green, Brilliant Silver, Candy White, Carbon Steel, Steel Grey, Lava Blue, Cherry Red and Deep Black.

New Skoda Slavia interior features

Skoda Slavia interior
The interior layout has been carried over.

The Slavia facelift gets a segment-first rear-seat massaging function. It also gets larger screens, with a 10.1-inch touchscreen replacing the erstwhile 10-inch unit, while a 10.25-inch driver’s display has been added in place of the 8-inch unit. Both of them come with new graphics and features. A panoramic sunroof is still not part of the package, and it continues with a single-pane unit.

New Skoda Slavia interior
Top: 10.1 inch touchscreen (L), 10.25 inch driver’s display (R); bottom: 360-degree camera view. 

A 360-degree camera replaces the previous rear-only unit and like the Kushaq; however, an ADAS suite remains absent.

New Skoda Slavia engine and gearbox choices

Skoda Slavia new AT gearbox
New 8-speed torque converter gearbox replaces the 6-speed unit.

The 2026 Slavia continues with the familiar set of 115hp 1.0 TSI and 150hp 1.5 TSI turbo-petrol engines. The 1.0 TSI gets a 6-speed manual, while the 1.5 TSI continues with a 7-speed dual-clutch automatic. The key change is to the 1.0 TSI automatic, which now is an 8-speed torque-converter unit instead of the earlier 6-speed gearbox.

With this update, Skoda aims to keep the Slavia competitive against the Hyundai Verna and Honda City, both of which received facelifts earlier this year. Meanwhile, the Volkswagen Virtus is likley to get an update later this year. The outgoing Slavia is priced between Rs 10 lakh and Rs 18.19 lakh, ex-showroom. With the facelift, a price hike of up to Rs 85,000 is likely.

Shiprocket IPO: अलॉटमेंट जारी, 19 अगस्त को हो सकती है लिस्टिंग; GMP दे रहा तगड़े मुनाफे का संकेत

Shiprocket IPO: टेमासेक के निवेश वाली ई-कॉमर्स एनेबलमेंट प्लेटफॉर्म शिपरॉकेट के आईपीओ का अलॉटमेंट जारी हो चुका है। जिन निवेशकों ने इस बुक-बिल्डिंग इश्यू में आवेदन किया था, वे अब अपना अलॉटमेंट स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। अब निवेशकों की नजर 19 अगस्त 2026 को संभावित लिस्टिंग पर है। इस बीच ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) भी मजबूत लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है।

GMP क्या संकेत दे रहा है?

Investorgain के मुताबिक, Shiprocket IPO का लेटेस्ट GMP ₹38 है। कंपनी के शेयर ग्रे मार्केट में इश्यू प्राइस के मुकाबले 39.18% के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं।

कंपनी के IPO का अपर प्राइस बैंड ₹97 प्रति शेयर था। ऐसे में मौजूदा GMP के आधार पर शिपरॉकेट की लिस्टिंग करीब ₹135 पर होने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, GMP केवल ग्रे मार्केट का अंदाजा होता है। असल लिस्टिंग मार्केट की मांग, सेंटीमेंट और ओपनिंग बिड्स पर निर्भर करेगी।

कितना मुनाफा हो सकता है?

Shiprocket IPO का लॉट साइज 154 शेयर था। अपर प्राइस बैंड ₹97 होने के कारण एक लॉट के लिए निवेशकों को ₹14,938 लगाने पड़े।

अगर ₹38 GMP और 39.18% संभावित प्रीमियम के आधार पर शेयर ₹135 पर लिस्ट होता है, तो प्रति शेयर ₹38 का फायदा हो सकता है। ऐसे में आपके निवेश की रकम अच्छी खासी बढ़ सकती है।

  • 1 लॉट (154 शेयर) का संभावित मुनाफा: ₹5,852
  • 5 लॉट (770 शेयर) का संभावित मुनाफा: ₹29,260

यानी एक लॉट की ₹14,938 की शुरुआती निवेश रकम बढ़कर करीब ₹20,790 हो सकती है, जो करीब 39.18% के संभावित रिटर्न के बराबर है। हालांकि वास्तविक मुनाफा लिस्टिंग प्राइस पर निर्भर करेगा।

एक्सपर्ट्स की क्या राय है?

SBI Securities का शिपरॉकेट IPO पर पॉजिटिव रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि कर्ज घटने से बैलेंस शीट मजबूत होगी। साथ ही, ब्याज खर्च कम होने से मुनाफे में सुधार आ सकता है। वहीं Swastika Financial ने ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी है। उसका कहना है कि यह IPO 2-3 साल के नजरिए वाले हाई-रिस्क निवेशकों के लिए ज्यादा सही है।

Ventura Securities के मुताबिक, कंपनी की नेटवर्थ ₹1,524.29 करोड़ है। FY26 में ऑपरेशन से ₹52.64 करोड़ का पॉजिटिव कैश फ्लो रहा। हालांकि, थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स पार्टनर्स पर अधिक निर्भरता और कोर बिजनेस से ज्यादा रेवेन्यू आना इसके प्रमुख जोखिम हैं।

शिपरॉकेट का वैल्यूएशन कैसा है

Geojit Investments ने भी IPO पर पॉजिटिव राय दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि ₹97 के अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन FY26 के आधार पर करीब 3.6 गुना EV/Sales है। यह इसकी लिस्टेड प्रतिस्पर्धियों की तुलना में आकर्षक माना जा सकता है।

ब्रोकरेज का मानना है कि Shiprocket का मर्चेंट बेस बढ़ रहा है। टेक्नोलॉजी आधारित प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स बाजार में मजबूत स्थिति है। ये चीज इसे मध्यम से लंबी अवधि के निवेशकों के लिए दिलचस्प बनाती है।

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अमिताभ बच्चन ने किया यूपी की ‘खाकी’ को सलाम, ‘खाकी का सितारा’ में दिखी पुलिस के जज्बे की पूरी कहानी

अमिताभ बच्चन ने किया यूपी की 'खाकी' को सलाम, ‘खाकी का सितारा’ में दिखी पुलिस के जज्बे की पूरी कहानी

up police

उत्तरप्रदेश पुलिस के पहले आधिकारिक एंथम ‘खाकी का सितारा’ का 6.5 मिनट का पूरा वीडियो यूट्यूब पर रिलीज हो गया है। महानायक अमिताभ बच्चन ने भी उत्तर प्रदेश पुलिस के पोस्ट को कोट ट्वीट करते हुए इस एंथम को अपने खास अंदाज में सलाम किया। अमिताभ बच्चन ने लिखा, 'कुछ सितारे आसमान में चमकते हैं… कुछ ख़ाकी पहनकर ज़मीन पर। ख़ाकी का सितारा।'

 

‘खाकी का सितारा’ सिर्फ एक म्यूजिक वीडियो नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस की जिम्मेदारियों और उसके कामकाज के अलग-अलग पहलुओं को सामने लाने की कोशिश है। एंथम में कानून-व्यवस्था से लेकर महिला सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट, तकनीक, आपदा एवं राहत कार्य, जनसेवा और रोजमर्रा की पुलिसिंग तक खाकी के अलग-अलग रंग दिखाई देते हैं।

 

खास बात यह है कि इस एंथम की शूटिंग एक-दो दिन में नहीं, बल्कि महाकुंभ 2025 से स्वतंत्रता दिवस 2026 तक अलग-अलग मौकों और परिस्थितियों में की गई। उत्तर प्रदेश पुलिस के इस इन-हाउस क्रिएटिव प्रोडक्शन को तैयार करने में एक वर्ष से अधिक का समय लगा। महाकुंभ की विशाल पुलिस व्यवस्था से लेकर अलग-अलग मौकों पर कानून-व्यवस्था संभालते पुलिसकर्मियों तक, कैमरे ने खाकी की ड्यूटी के कई पहलुओं को रिकॉर्ड किया।

 

दरअसल, उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में रही है। ऐसे में ‘खाकी का सितारा’ के जरिए पुलिस की उसी भूमिका को एक अलग अंदाज में पेश किया गया है। वीडियो में पुलिस को केवल कार्रवाई करने वाली एजेंसी के तौर पर नहीं, बल्कि संकट के समय सबसे पहले पहुंचने वाली और आम लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाने वाली व्यवस्था के रूप में दिखाया गया है।

 

त्योहार हो या आपदा, भीड़ का दबाव हो या कानून-व्यवस्था की चुनौती- खाकी हर जगह मौजूद दिखाई देती है। यही इस एंथम का मूल संदेश है। वीडियो में वर्दी के पीछे के उस इंसान को भी दिखाने की कोशिश की गई है, जो अपने परिवार और निजी जीवन से दूर रहकर ड्यूटी करता है और कई बार बिना किसी पहचान या अपेक्षा के अपना कर्तव्य निभाता है।

 

इस एंथम को देश के जाने-माने कलाकारों ने अपनी आवाज और प्रतिभा दी है। इसमें अमिताभ बच्चन की प्रभावशाली आवाज, पद्मश्री शंकर महादेवन का स्वर और संगीत तथा जाने-माने कवि एवं गीतकार आलोक श्रीवास्तव के शब्द हैं। अभिनेता करण आनंद ने इसमें पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाई है।

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14 अगस्त को लोक भवन में हुआ था लॉन्च

 

‘खाकी का सितारा’ का औपचारिक लॉन्च 14 अगस्त को लोक भवन, लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। इस मौके पर पद्मश्री शंकर महादेवन, पद्मश्री नाना पाटेकर, गीतकार आलोक श्रीवास्तव, अभिनेता करण आनंद सहित फिल्म और संगीत जगत से जुड़े कई कलाकार मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और पुलिसकर्मी भी शामिल हुए।

 

लॉन्च के दौरान शंकर महादेवन ने ‘खाकी का सितारा’ से जुड़ने को अपने जीवन के खास पलों में से एक बताया। उन्होंने इस एंथम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूरे उत्तर प्रदेश पुलिस परिवार को समर्पित किया। उन्होंने गीत की पंक्तियां “सुरक्षा आपकी, संकल्प हमारा” और “हम डटे रहे, हम खड़े रहे, चट्टानों जैसे अड़े रहे” सुनाते हुए कहा कि संगीत के जरिए पुलिस की सेवा, साहस और संकल्प को आवाज देना उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा।

 

खाकी के कई रंग, एक ही संकल्प

 

‘खाकी का सितारा’ में पुलिस की सख्ती के साथ उसकी संवेदनशीलता को भी जगह दी गई है। कहीं कानून-व्यवस्था संभालते जवान नजर आते हैं, तो कहीं महिला सुरक्षा और जनसेवा में जुटी पुलिस दिखाई देती है। कहीं महाकुंभ जैसे विशाल आयोजन की जिम्मेदारी है, तो कहीं आपदा और राहत के बीच लोगों तक पहुंचती खाकी।

यानी यह एंथम सिर्फ पुलिस की वर्दी का गीत नहीं, बल्कि उस जिम्मेदारी की कहानी है जिसे उत्तर प्रदेश पुलिस हर दिन निभाती है। “सुरक्षा आपकी, संकल्प हमारा” के संदेश के साथ ‘खाकी का सितारा’ योगी सरकार के उस कानून-व्यवस्था मॉडल की भी तस्वीर पेश करता है, जिसमें पुलिस को अपराध नियंत्रण के साथ-साथ जनता की सुरक्षा, सेवा और भरोसे की जिम्मेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है।

 

अमिताभ बच्चन के शब्दों में कहें तो कुछ सितारे आसमान में चमकते हैं और कुछ खाकी पहनकर जमीन पर- ‘खाकी का सितारा’ इसी जमीन पर चमकने वाली खाकी को समर्पित है।

Sawan Putrada Ekadashi 2026: क्या इस साल दो दिन होगा सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत? जानें सही तारीख, मुहूर्त और पारण समय

Sawan Putrada Ekadashi 2026: पुत्रदा एकादशी का व्रत मुख्य रूप से संतान की सुख-शांति और अच्छी सेहत के लिए किया जाता है। लेकिन कुछ नि:संतान दंपत्ति इस व्रत को संतान प्राप्ति की कामना से भी करते हैं। वैसे यह व्रत पुत्रदा एकादशी व्रत सावन और पौष माह में दो बार किया जाता है। सावन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को श्रावण पुत्रदा एकादशी का व्रत किया जाएगा। यह सावन माह की अंतिम एकादशी होगी। पंचांग के अनुसार, इस साल सावन पुत्रदा एकादशी पर दो दिन उपवास का संयोग बन रहा है। माना जा रहा है कि इस बार सावन पुत्रदा एकादशी 23 अगस्त और 24 अगस्त दो दिन है। इसमें भी हरिवासर का समापन सूर्योदय के बाद हो रहा है। ऐसे में लोगों को सावन पुत्रदा एकादशी व्रत की तारीख को लेकर कन्फ्यूजन है।

सावन पुत्रदा एकादशी व्रत 2026 तारीख

पंचांग के अनुसार, सावन पुत्रदा एकादशी के लिए जरूरी श्रावण शुक्ल एकादशी तिथि 23 अगस्त को 02:00 ए एम से लेकर 24 अगस्त को 04:18 ए एम तक रहेगी। व्रत के लिए उदयातिथि की मान्यता है। इस आधार पर सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत 23 अगस्त को है, लेकिन हरिवासर 24 अगस्त को सुबह 10:49 ए एम तक है।

सूर्योदय के बाद तक रहेगा हरिवासर

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरिवासर जब तक खत्म नहीं होता है, तब तक व्रती पारण नहीं कर सकते हैं। 24 अगस्त को हरिवासर समापन सूर्योदय के बाद हो रहा है। इस वजह से यह व्रत दो दिनों का होगा। 23 अगस्त को गृहस्थ लोग सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत रखेंगे और 24 अगस्त को वैष्णव लोगों को व्रत रखना है। जो लोग 23 अगस्त को व्रत रखेंगे, उनका पारण 24 अगस्त को हरिवासर खत्म होने के बाद दोपहर के समय होगा, वहीं 24 अगस्त को व्रत रखने वाले लोग 25 अगस्त को सूर्योदय के बाद पारण करेंगे।

सावन पुत्रदा एकादशी 2026 मुहूर्त

23 अगस्त को सावन पुत्रदा एकादशी की पूजा का मुहूर्त सुबह में 07:32 ए एम से लेकर दोपहर 12:24 पी एम तक है। वहीं 24 अगस्त को पूजा का मुहूर्त सुबह में 05:55 ए एम से 07:32 ए एम तक और फिर 09:09 ए एम से 10:46 ए एम तक है।

23 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त 04:26 ए एम से 05:10 ए एम तक और अभिजीत मुहूर्त 11:58 ए एम से दोपहर 12:49 पी एम तक रहेगा। वहीं 24 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त 04:27 ए एम से 05:11 ए एम तक है, जबकि अभिजीत मुहूर्त 11:57 ए एम से दोपहर 12:49 पी एम तक रहेगा।

23 अगस्त को राहुकाल शाम 05:15 पी एम से 06:53 पी एम तक रहेगा, वहीं 24 अगस्त को राहुकाल सुबह में 07:32 ए एम से 09:09 ए एम तक है।

सावन पुत्रदा एकादशी 2026 पारण

24 अगस्त को पारण का समय दोपहर में 01:41 बजे से शाम 04:16 बजे तक है, वहीं 25 अगस्त को व्रत का पारण सुबह 05:55 बजे से सुबह 06:20 बजे के बीच होगा। उस दिन पारण के लिए आपको केवल 25 मिनट का ही समय प्राप्त होगा क्योंकि उसके बाद द्वादशी तिथि का समापन हो जाएगा और त्रयोदशी तिथि शुरू हो जाएगी।

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CJP आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम, पुलिस बलप्रयोग की जांच के लिए हाईलेवल कमेटी, उधर सरकारी स्कूल में बदली तस्वीर

CJP आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम, पुलिस बलप्रयोग की जांच के लिए हाईलेवल कमेटी, उधर सरकारी स्कूल में बदली तस्वीर

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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से 20 जुलाई को दिल्ली में आयोजित 'संसद चलो मार्च' के दौरान प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस बलप्रयोग का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस की कथित ज्यादती के आरोपों की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने की बात कही है। हालांकि, CJP ने समिति के गठन को लेकर अपनी कुछ शर्तें रखी हैं। पार्टी का कहना है कि यदि सुप्रीम कोर्ट समिति गठित करता है तो उसके सभी सदस्य पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष होने चाहिए।

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सुप्रीम कोर्ट बनाएगा हाई लेवल कमेटी

 

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस की कथित ज्यादती की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। इसमें रिटायर्ड जज, पूर्व डीजीपी, सीबीआई के पूर्व निदेशक समेत अन्य सदस्य शामिल हो सकते हैं। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची तथा वी. मोहना की पीठ ने कहा कि समिति में शामिल किए जाने वाले अन्य सदस्यों को लेकर अलग-अलग पक्षों से सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद समिति के गठन का आदेश बुधवार को जारी किया जाएगा।

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CJP ने कहा- समिति स्वतंत्र होनी चाहिए

 

सुप्रीम कोर्ट के बाहर CJP के सह संयोजक सौरभ दास ने कहा कि यदि अदालत को लगता है कि प्रदर्शनकारियों को न्याय दिलाने के लिए उच्चस्तरीय समिति जरूरी है तो पार्टी अदालत के फैसले का सम्मान करेगी। हालांकि, उन्होंने समिति के सदस्यों के चयन को लेकर स्पष्ट शर्त रखी। दास के मुताबिक, समिति के सदस्य ऐसे होने चाहिए जिनकी निष्पक्षता और स्वतंत्रता पर कोई सवाल न उठे। उन्होंने कहा कि समिति में ऐसे लोगों को शामिल नहीं किया जाना चाहिए जिनका पिछला रिकॉर्ड पहले से सवालों के घेरे में रहा हो। उन्होंने कहा कि यह सरकार की समिति नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट की समिति होगी और देश के युवा इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रख रहे हैं।

 

CJP ने अपने सदस्यों को समिति में शामिल करने की मांग की

 

CJP की लीगल मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से उन्हें भरोसा दिया गया था कि प्रदर्शन से जुड़े सभी एफआईआर रद्द किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रदर्शन खत्म होने के एक सप्ताह के भीतर इस आश्वासन पर कार्रवाई चाहती थी। रत्ना सिंह ने कहा कि अगर जांच समिति बनाई जा रही है तो वह पूरी तरह स्वतंत्र होनी चाहिए और उसके सभी सदस्यों के नाम सार्वजनिक किए जाने चाहिए।

 

उन्होंने यह भी मांग की कि CJP के सदस्यों को समिति में शामिल किया जाए, ताकि समिति के सामने रखी जाने वाली सूचनाओं का सत्यापन किया जा सके। उनका कहना है कि व्यक्तिगत रूप से पार्टी उच्चस्तरीय समिति नहीं चाहती, बल्कि वह सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन को पूरा किए जाने की मांग कर रही है। 

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क्या है पूरा मामला?

20 जुलाई : दिल्ली में 'संसद चलो मार्च' के दौरान पुलिस बलप्रयोग के आरोप।

सुप्रीम कोर्ट : प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस ज्यादती की जांच के लिए हाई लेवल कमेटी बनाने की घोषणा।

प्रस्तावित समिति : रिटायर्ड जज, पूर्व डीजीपी, पूर्व सीबीआई निदेशक समेत अन्य सदस्य।

CJP की मांग : समिति पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष हो।

दूसरी मांग : समिति के सदस्यों के नाम सार्वजनिक किए जाएं।

CJP की अतिरिक्त मांग : पार्टी के सदस्यों को भी समिति में शामिल किया जाए।


 जंतर-मंतर आंदोलन के बाद 'स्कूल ठीक करो' अभियान

संसद मार्च और सुप्रीम कोर्ट में जांच समिति की मांग के बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके अब सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्था को लेकर अभियान चला रहे हैं। उनके अभियान का असर उनके पैतृक गांव महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के संतुक पिंपरी में भी दिखाई देने लगा है।

 

दीपके ने 15 अगस्त को अपने पैतृक गांव के जिला परिषद स्कूल का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने स्कूल में बुनियादी सुविधाओं की कमी और टूटी खिड़कियों समेत कई समस्याओं को सामने रखा था। इसके बाद स्थानीय प्रशासन ने स्कूल में मरम्मत कार्य शुरू करा दिया।

मिलीं नई बेंच-डेस्क और कंप्यूटर

अभिजीत दीपके ने मंगलवार, 18 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर स्कूल की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने बताया कि उनके गांव के स्कूल के बच्चों को अब नई बेंच-डेस्क मिल गई हैं। उन्होंने गांव के लोगों और स्कूल स्टाफ का आभार जताते हुए इसे अपने जीवन के सबसे खुशी भरे पलों में से एक बताया। एक अन्य वीडियो में उन्होंने बताया कि स्कूल में अब कंप्यूटर भी लगाए गए हैं। दीपके ने कहा कि जब सरकारें विफल होती हैं तो आम लोग मदद के लिए आगे आते हैं।

'अब रुकना नहीं है, स्कूल ठीक करके ही रहेंगे'

 

दीपके ने इससे पहले एक वीडियो में कहा था कि हिंगोली जिले के लिंबाला गांव के लोगों की यह पहली बड़ी जीत है। उन्होंने बताया कि स्कूल के प्रिंसिपल को निलंबित किया गया है। उन्होंने इस जीत को अब्दुल और उसके पिता को समर्पित करते हुए कहा कि अब स्कूल सुधार का अभियान रुकना नहीं चाहिए।

 

15 अगस्त से शुरू किया 'स्कूल ठीक करो' अभियान

 

अभिजीत दीपके ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 'स्कूल ठीक करो' अभियान की शुरुआत अपने पैतृक गांव के स्कूल से की थी। ध्वजारोहण समारोह में शामिल होने के बाद उन्होंने स्कूल परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षाओं की टूटी खिड़कियों, खराब सीसीटीवी कैमरों और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर किया। दीपके के दौरे के बाद स्थानीय ग्राम पंचायत ने स्कूल की समस्याओं को दूर करने के लिए काम शुरू कराया।

 

खिड़कियां बदली जा रहीं, नए CCTV कैमरे लगाए जा रहे

 

संतुक पिंपरी के सरपंच विजय पुरी ने बताया कि दीपके ने स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया था और जिन कमियों की ओर ध्यान दिलाया गया, उन्हें दूर करने का काम शुरू कर दिया गया है। स्कूल की क्षतिग्रस्त खिड़कियों को बदला जा रहा है और खराब सीसीटीवी कैमरों की जगह नए कैमरे लगाए जा रहे हैं।

इसके अलावा शौचालयों में पानी की समस्या को भी दूर किया गया है और चौबीसों घंटे पानी की आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। राज्य के शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी स्कूल प्रबंधन को बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मरम्मत कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

सरकारी स्कूलों को लेकर दीपके का बड़ा सवाल

अभिजीत दीपके ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को लेकर सरकार और शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि अगर मंत्री, शिक्षा विभाग के अधिकारी, प्रिंसिपल, शिक्षक और दूसरे कर्मचारी अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाएं तो इन स्कूलों की स्थिति में तेजी से सुधार हो सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकारी अधिकारी अपने बच्चों को निजी स्कूलों में क्यों पढ़ाते हैं? क्या उन्हें अपने ही सरकारी स्कूलों की व्यवस्था पर भरोसा नहीं है? दीपके का कहना है कि सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति में सुधार के लिए केवल घोषणाओं की नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और जवाबदेही की जरूरत है।

FY27 में भारत की GDP ग्रोथ 6.8% रहने का अनुमान, अल नीनो और ईरान संकट से बढ़ सकता है जोखिम

भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार मौजूदा वित्त वर्ष FY27 में कुछ धीमी पड़ सकती है। India Ratings & Research (Ind-Ra) ने मंगलवार को जारी अपनी रिपोर्ट में FY27 के लिए GDP ग्रोथ 6.8% रहने का अनुमान जताया है। यह FY26 की 7.6% ग्रोथ से कम है। हालांकि यह एजेंसी के मई 2026 के 6.7% अनुमान से थोड़ा बेहतर है।

इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी FY27 के लिए अपना ग्रोथ अनुमान बढ़ाकर 6.7% कर चुका है। Ind-Ra का कहना है कि घरेलू अर्थव्यवस्था में मजबूती बनी हुई है, लेकिन कई बाहरी और घरेलू जोखिम आगे की रफ्तार को प्रभावित कर सकते हैं।

पश्चिम एशिया संकट और अल नीनो सबसे बड़े जोखिम

रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम एशिया में जारी तनाव, महंगाई, रुपये की कमजोरी और अल नीनो का कृषि पर संभावित असर इस वित्त वर्ष के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए प्रमुख जोखिम बने रहेंगे। एजेंसी का मानना है कि इन कारकों का असर खपत, निवेश और ग्रामीण मांग पर पड़ सकता है।

कच्चे तेल के अनुमान में राहत

Ind-Ra ने FY27 के लिए कच्चे तेल का औसत भाव 95 डॉलर से घटाकर 85 डॉलर प्रति बैरल कर दिया है। एजेंसी के मुख्य अर्थशास्त्री और हेड-पब्लिक फाइनेंस देवेंद्र पंत के अनुसार, सस्ता कच्चा तेल भारत के लिए राहत भरा हो सकता है, क्योंकि इससे व्यापार घाटा (Trade Deficit) और चालू खाते का घाटा (Current Account Deficit) कम करने में मदद मिलेगी।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर अल नीनो की वजह से खाद्य महंगाई बढ़ती है, तो सस्ते तेल का पूरा फायदा अर्थव्यवस्था को नहीं मिल पाएगा।

रुपये में कमजोरी की उम्मीद

एजेंसी का अनुमान है कि FY27 में डॉलर के मुकाबले रुपये का औसत विनिमय दर 93.98 रुपये प्रति डॉलर रह सकता है। यह मई के 94.28 रुपये के अनुमान से थोड़ा बेहतर है, लेकिन सालाना आधार पर करीब 6.4% की कमजोरी को दर्शाता है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि FCNR (Bank) जमा और External Commercial Borrowings (ECB) के जरिए करीब 70 अरब डॉलर का पूंजी प्रवाह भारत में आ सकता है।

तिमाही-दर-तिमाही ग्रोथ का अनुमान

Ind-Ra ने FY27 की चारों तिमाहियों के लिए अलग-अलग GDP ग्रोथ का अनुमान भी जारी किया है। उसके और RBI के अनुमान में कुछ अंतर भी है।

तिमाहीInd-Ra का अनुमानRBI का अनुमान
अप्रैल-जून6.90%7.00%
जुलाई-सितंबर6.60%6.40%
अक्टूबर-दिसंबर6.70%6.50%
जनवरी-मार्च6.90%6.80%

महंगाई और चालू खाते के घाटे पर नजर

एजेंसी का अनुमान है कि FY27 में खुदरा महंगाई औसतन 4.9% रह सकती है, जबकि FY26 में यह करीब 2% थी। इसी तरह चालू खाते का घाटा बढ़कर GDP का 1.5% हो सकता है, जो पिछले वित्त वर्ष में 0.6% था।

राजकोषीय घाटा हासिल करना आसान नहीं

Ind-Ra ने सरकार के FY27 के 4.3% राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को चुनौतीपूर्ण बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, LPG और उर्वरक सब्सिडी पर बढ़ता खर्च सरकार के लिए दबाव बना सकता है। हालांकि बेहतर डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन और नॉन-टैक्स रेवेन्यू इस लक्ष्य को हासिल करने में कुछ राहत दे सकते हैं।

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PM E-DRIVE Scheme : इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पर बढ़ी सब्सिडी की अवधि, जानें किसे मिलेगा कितना फायदा

PM E-DRIVE Scheme : इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पर बढ़ी सब्सिडी की अवधि, जानें किसे मिलेगा कितना फायदा

electric scooter

केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने वाली PM E-DRIVE Scheme की अवधि दो साल के लिए बढ़ा दी है। सरकार ने योजना को अब 31 मार्च 2028 तक जारी रखने का फैसला किया है। साथ ही योजना का कुल बजट भी 1,000 करोड़ रुपये बढ़ाकर 11,900 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

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सरकार ने इस योजना को सितंबर 2024 में 10,900 करोड़ रुपये के बजट के साथ अधिसूचित किया था। उस समय योजना की अवधि 31 मार्च 2026 तक तय की गई थी। अब इसे दो साल और बढ़ाने से इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलने वाला सरकारी प्रोत्साहन जारी रहेगा।

 

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पर खास फोकस

 

नई अधिसूचना में Electric Two-Wheelers (e-2Ws) के लिए प्रोत्साहन की अवधि को विशेष रूप से स्पष्ट किया गया है। पंजीकृत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के लिए यह सहायता 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2028 तक जारी रहेगी। हालांकि, सब्सिडी पाने के लिए इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की कीमत और प्रोत्साहन की अधिकतम सीमा तय की गई है।

1.5 लाख रुपये तक की एक्स-फैक्ट्री कीमत जरूरी

 

संशोधित PM E-DRIVE योजना के तहत केवल वे पंजीकृत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स प्रोत्साहन के लिए पात्र होंगे, जिनकी अधिकतम एक्स-फैक्ट्री कीमत 1.5 लाख रुपये है। यानी इससे अधिक एक्स-फैक्ट्री कीमत वाले इलेक्ट्रिक दोपहिया इस प्रोत्साहन के दायरे में नहीं आएंगे। सरकार ने इस योजना के तहत अधिकतम 45,79,120 पंजीकृत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स को सहायता देने का लक्ष्य रखा है।

 

प्रति kWh 2,500 रुपये का इंसेंटिव

 

योजना के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए 2,500 रुपये प्रति kWh की दर से इंसेंटिव दिया जाएगा। हालांकि, प्रति वाहन अधिकतम प्रोत्साहन राशि 5,000 रुपये निर्धारित की गई है। लेकिन यहां एक और महत्वपूर्ण सीमा लागू होगी। मिलने वाला इंसेंटिव वाहन की एक्स-फैक्ट्री कीमत के 15 फीसदी से अधिक नहीं हो सकता। उदाहरण के तौर पर, अगर बैटरी क्षमता के हिसाब से किसी वाहन का इंसेंटिव 5,000 रुपये बनता है, लेकिन वाहन की एक्स-फैक्ट्री कीमत का 15 फीसदी इससे कम है, तो कम राशि ही इंसेंटिव के रूप में मिलेगी।

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हर इलेक्ट्रिक स्कूटर को 5,000 रुपये की सब्सिडी नहीं

 

इसका मतलब यह है कि पात्र इलेक्ट्रिक स्कूटर या इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल खरीदने पर हर ग्राहक को अपने आप 5,000 रुपये का इंसेंटिव नहीं मिलेगा। वास्तविक प्रोत्साहन राशि बैटरी की क्षमता और वाहन की एक्स-फैक्ट्री कीमत, दोनों के आधार पर तय होगी। इस तरह PM E-DRIVE योजना के संशोधित नियमों के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदारों को राहत मिलती रहेगी, लेकिन इंसेंटिव पाने के लिए वाहन को तय कीमत सीमा और अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा।

IAS तुकाराम मुंढे के एक्शन से मचा हड़कंप, क्या और तेज चलने वाला है इनका हंटर? CM फडणवीस को भी पसंद आई मिलावटखोरों पर ये सख्ती

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 18 अगस्त को कहा कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की कार्रवाई से वह काफी खुश हैं। उन्होंने इसे एक अच्छा और जरूरी कदम बताया। मुंबई में इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के 2026 नेशनल कन्वेंशन में फडणवीस ने कहा कि खाने-पीने की चीजों में मिलावट या खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन लोगों की सेहत और जान के लिए खतरा बन सकता है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है और राज्य में यही किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह एफडीए की कार्रवाई से खुश हैं और मिलावट के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

हुआ था लगातार एक्शन 

मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने राज्यभर के कई रेस्टोरेंट, होटल और क्विक कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इन जगहों पर कॉकरोच मिलने, खाने-पीने की चीजों को सही तरीके से नहीं रखने और खराब डेयरी उत्पादों से जुड़ी शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद एफडीए ने खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है।

सीएम फडणवीस ने कही थी ये बात

कार्यक्रम के दौरान सीएम फडणवीस ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से भी मुलाकात की। दोनों के बीच डेटा सेंटर, शिक्षा, सेमीकंडक्टर और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग और निवेश को लेकर बातचीत हुई। सीएम फडणवीस ने कहा कि बैठक में इस बात पर विस्तार से चर्चा हुई कि इन क्षेत्रों में भारत और खासकर महाराष्ट्र में ज्यादा निवेश कैसे लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह बातचीत काफी उपयोगी रही और महाराष्ट्र सरकार इस दिशा में आगे भी काम करना चाहती है।

फडणवीस ने आगे कहा कि अगर महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था इसी रफ्तार से आगे बढ़ती रही, तो आने वाले समय में यह सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की अर्थव्यवस्थाओं से भी आगे निकल सकती है। उन्होंने कहा कि आंकड़ों के मुताबिक महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था दुनिया में 20वें स्थान पर है। अगर महाराष्ट्र को एक अलग देश माना जाए, तो उसकी अर्थव्यवस्था दुनिया की 20वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी। फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और इस उपलब्धि में महाराष्ट्र का भी महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगर राज्य की मौजूदा विकास दर बनी रहती है, तो महाराष्ट्र अगले दो साल में सिंगापुर और यूएई की अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ सकता है।

चर्चा में आए थे IAS तुकाराम मुंढे

महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे, मिलावटी दूध, स्कूलों के पास जंक फूड की बिक्री और नियमों का उल्लंघन करने वाले होटलों पर लगातार एक्शन ले रहे थे। दरअसल, एफडीए ने भिवंडी स्थित अमेजन रिटेल इंडिया के गोदाम पर छापा मारकर करीब 1.5 टन एक्सपायर्ड और क्षतिग्रस्त खाद्य पदार्थ जब्त किया था। इसके बाद एफडीए ने बिना सुधार नोटिस जारी किए अगले ही दिन गोदाम का लाइसेंस निलंबित कर दिया। 25 मई 2026 को कार्यभार संभालने के बाद से आईएएस मुंडे ने, FDA ने महाराष्ट्र भर में 1,100 से अधिक निरीक्षण किए हैं। करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य का खाद्य भंडार जब्त किया, जिसमें 1.6 लाख लीटर कथित तौर पर मिलावटी दूध शामिल है।