Bank Holidays: आज बुधवार को इस राज्य के बैंकों में छुट्टी, जानिए क्यों दिया गया हॉलिडे, अगस्त में कितने दिन बंद रहेंगे बैंक?

Bank Holidays August 19, 2026: अगर आप आज यानी बुधवार, 19 अगस्त को बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने घर से निकलने की सोच रहे हैं, तो पहले यह खबर जरूर पढ़ लें। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की हॉलिडे लिस्ट के मुताबिक, आज देश के एक राज्य में सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।

यह छुट्टी किसी राष्ट्रीय पर्व के कारण नहीं, बल्कि एक विशेष राज्य दिवस और ऐतिहासिक राजा की जयंती के उपलक्ष्य में दी गई है। आइए जानते हैं कि आज किस राज्य में बैंक बंद हैं और इस महीने आगे छुट्टियों का क्या शेड्यूल रहने वाला है।

आज 19 अगस्त (बुधवार) को कहां बंद रहेंगे बैंक?

आज 19 अगस्त को त्रिपुरा राज्य में सभी बैंक बंद रहेंगे। त्रिपुरा में आज महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर जयंती मनाई जा रही है। महाराजा बीर बिक्रम को आधुनिक त्रिपुरा का निर्माता माना जाता है। उन्होंने राज्य में शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक बैंकिंग प्रणाली के विकास में अहम योगदान दिया था। उनके सम्मान में राज्य सरकार और आरबीआई ने आज के दिन बैंक अवकाश घोषित किया है।

अगस्त 2026 में आगे कब-कब बंद रहेंगे बैंक?

अगस्त के बचे हुए दिनों में त्यौहारों और वीकेंड्स के कारण कई दिन बैंकों में कामकाज नहीं होगा। देखिए पूरी लिस्ट:

  • 22 अगस्त (चौथा शनिवार): महीने के चौथे शनिवार के कारण पूरे देश में सभी बैंक बंद रहेंगे।
  • 23 अगस्त (रविवार): साप्ताहिक अवकाश (देशभर में छुट्टी)।
  • 25 अगस्त (मंगलवार): मिलाद-उन-नबी / पहला ओणम के मौके पर केरल और आंध्र प्रदेश में बैंक बंद रहेंगे।
  • 26 अगस्त (बुधवार): मिलाद-उन-नबी (ईद-ए-मिलाद) / तिरुवोनम के चलते दिल्ली, यूपी, महाराष्ट्र, कर्नाटक, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत देश के अधिकांश राज्यों में बैंकों में ताले लटके रहेंगे।
  • 28 अगस्त (शुक्रवार): रक्षाबंधन के त्यौहार पर उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।
  • 30 अगस्त (रविवार): साप्ताहिक अवकाश (देशभर में छुट्टी)।

ब्रांच बंद रहने पर भी काम आएंगी ये सेवाएं

बैंक शाखाएं बंद होने के बावजूद आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ऑनलाइन डिजिटल सेवाएं 24×7 काम करती रहेंगी। मोबाइल ऐप या नेट बैंकिंग के जरिए आप तुरंत फंड ट्रांसफर (NEFT/RTGS/IMPS/UPI) कर सकते हैं। कैश निकालने या जमा करने के लिए एटीएम की सेवाएं बिना रुकावट जारी रहेंगी। चेक क्लीयरेंस, पासबुक प्रिंटिंग या ड्राफ्ट बनवाने के लिए आपको बैंक खुलने का इंतजार करना होगा।

Tempsens Instruments IPO: खुलने से पहले ही हिट हुआ यह आईपीओ, ग्रे मार्केट में 56% प्रीमियम! निवेशकों में मची होड़, चेक करें डिटेल्स

Tempsens Instruments IPO GMP & Details: प्राइमरी मार्केट में इस हफ्ते खूब एक्शन है। निवेशकों के लिए इस वीक 7 आईपीओ में पैसे लगाने का मौका खुल रहा है। राजस्थान बेस्ड थर्मल इंजीनियरिंग कंपनी टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स भी अपना नया आईपीओ लेकर आ रही है। यह आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 20 अगस्त को खुलेगा और 24 अगस्त को बंद होगा।

ग्रे मार्केट में इस आईपीओ को लेकर जबरदस्त माहौल देखने को मिल रहा है। आईपीओ खुलने से पहले ही इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम 50% के पार निकल चुका है, जो मजबूत लिस्टिंग गेन की ओर इशारा कर रहा है। जानिए इस आईपीओ की सभी जरूरी डिटेल्स।

आईपीओ का साइज, प्राइस बैंड और लॉट साइज

इश्यू साइज: कंपनी इस आईपीओ के जरिए कुल ₹650 करोड़ जुटाने जा रही है।

फ्रेश इश्यू vs OFS: आईपीओ में ₹95 करोड़ का फ्रेश इश्यू (नए शेयर) शामिल है, जबकि ₹555 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) है, जिसमें 1.85 करोड़ इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे।

प्राइस बैंड: शेयर का प्राइस बैंड ₹285 से ₹300 प्रति शेयर तय किया गया है।

लॉट साइज: कम से कम 50 शेयरों का एक लॉट है। ऊपरी प्राइस बैंड (₹300) पर रिटेल निवेशकों को 1 लॉट के लिए न्यूनतम ₹15,000 का निवेश करना होगा। रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट (650 शेयर) के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसकी लागत ₹1,95,000 होगी।

अहम तारीखें

  • एंकर इन्वेस्टर्स बिडिंग: 19 अगस्त 2026
  • आईपीओ ओपनिंग डेट: 20 अगस्त 2026
  • आईपीओ क्लोजिंग डेट: 24 अगस्त 2026
  • अलॉटमेंट डेट (अनुमानित): 25 अगस्त 2026
  • लिस्टिंग की तारीख (BSE/NSE): 28 अगस्त 2026

कंपनी पैसे का क्या करेगी?

फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹95 करोड़ में से ₹18.1 करोड़ का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक हीटिंग और केबल सॉल्यूशंस बिजनेस के कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) के लिए होगा, ₹55 करोड़ का उपयोग कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा, और बाकी रकम कॉरपोरेट जरूरतों में लगेगी।

कंपनी का बिजनेस और फाइनेंशियल ट्रैक रिकॉर्ड

1990 में शुरू हुई टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स तापमान मापने वाले सेंसर, इलेक्ट्रिक हीटिंग और स्पेशल केबल सॉल्यूशंस बनाती है। तापमान सेंसर सेगमेंट में कंपनी का मार्केट शेयर 10.5% और नॉन-कॉन्टेक्ट टेम्परेचर सेंसर सेगमेंट में 21.3% है। दुनियाभर में कंपनी के पास 15 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी हैं (10 उदयपुर में और 5 विदेशों में)।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 11.2% बढ़कर ₹67.3 करोड़ रहा (जो पिछले साल ₹60.6 करोड़ था)। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 17.5% बढ़कर ₹444.9 करोड़ पर पहुंच गया।

Tempsens Instruments IPO: कितना चल रहा है GMP?

ग्रे मार्केट गतिविधियों पर नजर रखने वाले प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स का जीएमपी काफी तगड़ा रिस्पांस दे रहा है। Investorgain के अनुसार, कंपनी के शेयर का GMP ₹168 चल रहा है, जो इसके ऊपरी प्राइस बैंड (₹300) के हिसाब से करीब 56% लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। वहीं, IPO Watch पर इसका जीएमपी करीब 51.33% दर्ज किया गया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tesla Model Y India sales cross 600 units with 115 delivered in July

Tesla Model Y India sales cross 600 units with 115 delivered in July
Tesla

Tesla India recorded its highest-ever monthly retail sales in July 2026, delivering 115 Model Y SUVs according to Vahan data. The American EV maker’s previous best stood at 69 units, achieved in September and December 2025. The strong performance follows Tesla’s Rs 9 lakh price cut for the Model Y in June, which lowered its starting price to Rs 50.89 lakh (ex-showroom).

  1. Tesla holds a 16 percent share of the luxury EVs sold in July
  2. Over 600 units of cumulative sales so far
  3. Tesla Model Y priced between Rs 50.89 lakh and Rs 61.99 lakh (ex-showroom)

Tesla Model Y price cut drives July sales

Tesla delivered 115 Model Ys in July, up 203 percent from 38 units sold in June. The sharp increase came after the company reduced the Model Y’s starting price by Rs 9 lakh to Rs 50.89 lakh in June, improving its competitiveness in the luxury EV segment. Before the price revision, demand for the electric SUV had remained relatively limited.

Tesla becomes third-largest luxury EV brand

The July performance gave Tesla a 16 percent share of the 736 luxury electric passenger vehicles retailed during the month, placing it behind BMW India (390 units) and Mercedes-Benz India (174 units), while ahead of Volvo Auto India (51 units). Tesla’s cumulative India sales have now reached 578 units since deliveries began in September 2025, giving it an 8 percent share of the 6,825 luxury EVs sold during the same period. The company has already retailed 60 vehicles in the first 16 days of August, taking cumulative sales past the 600-unit mark.

Tesla’s record monthly sales also contributed to India’s highest-ever monthly electric passenger vehicle retail sales of 34,033 units in July. The company accounted for 0.33 percent of the overall electric passenger vehicle market during the month.

Tesla currently offers the Model Y in five-seat and six-seat Model Y L versions, priced between Rs 50.89 lakh and Rs 61.99 lakh (ex-showroom). The five-seat Premium RWD variant uses a 64kWh battery with a claimed 500km WLTP range, while the Premium Long Range RWD gets an 84.2kWh battery with a claimed 661km WLTP range. Tesla says the six-seat Model Y L features a dual-motor all-wheel-drive setup with a claimed 681km WLTP range. The Model Y also is now available in India with new artificial intelligence features, the most significant being the Grok AI assistant. 

With inputs from Dhruv Dhaka

Budh Gochar In Singh 2026: 22 अगस्त को सूर्य की स्वराशि में पहुंचेंगे बुध और बनाएंगे बुधादित्य योग, 6 राशि वालों की बढ़ेगी कमाई

Budh Gochar In Singh 2026: ग्रहों के राजकुमार बुध अपनी राशि बदलने वाले हैं। बुद्धि, बातचीत, व्यापार, शिक्षा और विश्लेषणात्मक सोच के कारक बुध ग्रह 22 अगस्त को ग्रहों के अधिपति सूर्य के घर यानी उनकी स्वराशि सिंह में प्रवेश करेंगे। सूर्य स्वयं भी इसी राशि में गोचर कर रहे हैं। सिंह राशि में बुध और सूर्य का यह संयोग अत्यंत शुभ फलदायी माना जा रहा है, क्योंकि इसस बुधादित्य योग का निर्माण होगा।

बुध का गोचर सूर्य की राशि सिंह में 22 अगस्त को शाम 7 बजकर 33 मिनट पर होगा। बुध सिंह राशि में 7 सितंबर को दोपहर 1 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। सिंह राशि सूर्य के स्वामित्व वाली अग्नि तत्व की राशि है। यह गोचर बातचीत में आत्मविश्वास बढ़ाता है, निर्णय लेने की क्षमता को तेज करता है, रचनात्मक सोच को बेहतर बनाता है और बातचीत में नेतृत्व क्षमता को मज़बूत करता है। यह समय पेशेवरों, उद्यमियों, छात्रों, लेखकों, सार्वजनिक वक्ताओं, मार्केटर्स और मीडिया या रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। सिंह में सूर्य और बुध की युति से 6 राशिवालों को सबसे अधिक फायदा होगा।

सिंह में बुध गोचर का 6 राशियों के लिए शुभ

सिंह राशि : बुध का गोचर सिंह राशि में ही हो रहा है। यह गोचर आपके आत्मविश्वास, बातचीत कौशल और निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाएगा। आपके नेतृत्व गुण निखरेंगे, जिससे यह समय करियर में आगे बढ़ने, व्यापार का विस्तार करने और व्यक्तिगत ब्रांडिंग के लिए बहुत अच्छा रहेगा।

मिथुन राशि : मिथुन का स्वामी ग्रह बुध है। इसलिए बुध का यह गोचर आपकी बुद्धि और नेटवर्किंग क्षमताओं को बढ़ाएगा। व्यापारिक बातचीत, मार्केटिंग, लेखन, शिक्षा और बातचीत से जुड़े कार्यों में बेहतरीन परिणाम मिलने की संभावना है। छोटी यात्राएं भी फायदेमंद साबित हो सकती हैं।

कन्या राशि : बुध गोचर से कन्या राशि के लोग सावधानीपूर्वक योजना और रणनीतिक सोच के माध्यम से सकारात्मक परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। छिपे हुए अवसर सामने आ सकते हैं, खासकर पेशेवर मामलों में। आध्यात्मिक शिक्षा और शोध गतिविधियों के लिए भी यह समय अनुकूल है।

तुला राशि : बुध का यह गोचर नेटवर्किंग, टीम वर्क और सामाजिक प्रभाव को बढ़ाता है। पेशेवर संपर्कों के माध्यम से आय के नए अवसर मिल सकते हैं और दीर्घकालिक लक्ष्य पूरे होने शुरू हो सकते हैं। व्यापार मालिकों को मिलकर किए गए प्रयासों से लाभ हो सकता है।

धनु राशि : बुध का गोचर धनु वालों को भी लाभ देने वाला है। बुध उच्च शिक्षा, अंतरराष्ट्रीय संबंधों, यात्रा, प्रकाशन और कानूनी मामलों को प्रभावित करता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले या विदेश में अवसर तलाशने वाले लोगों को सकारात्मक खबर मिल सकती है।

कुंभ राशि : बुध राशि परिवर्तन की वजह से कुंभ राशि के पेशेवरों और व्यापार मालिकों को मजबूत साझेदारी और बातचीत के बेहतर कौशल से लाभ हो सकता है। बेहतर समझ और बातचीत से वैवाहिक जीवन में भी सुधार होगा। कानूनी समझौतों और अनुबंधों के आपके पक्ष में होने की संभावना अधिक है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

Rashifal Today: इन मूलांक वालों को आज मिलेगा आर्थिक लाभ! जानें अपना राशिफल

Raksha Bandhan 2026: 28 अगस्त को चंद्रमा को लगेगा ग्रहण, जानें कैसा होगा रक्षा बंधन का त्योहार और किस समय बांधी जाएगी राखी

Raksha Bandhan 2026: रक्षा बंधन का पर्व हमारे देश में मनाए जाने वाले सभी प्रमुख पर्व और त्योहारों में विशेष स्थान रखता है। यह पर्व भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है। रक्षा बंधन का पर्व हर साल सावन माह की पूर्णिमा तिथि मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाती हैं, उनकी कलाई पर राखी बांधती हैं और आरती उतार कर मुंह मीठा कराती हैं। माना जाता है कि ऐसा करते हुए वे अपने भाई की सुख-समृद्धि, अच्छी सेहत और खुशहाली की कामना करती हैं। इसके बदले में भाई अपनी बहन की सदैव रक्षा करने का वचन देते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस पर्व का इतिहास पौराणिक काल में भगवान कृष्ण और द्रौपदी से जुड़ा हुआ है।

इस साल भाई बहन का यह पवित्र पर्व रक्षा बंधन 28 अगस्त 2026 को पूरे देश में धूम धाम से मनाया जाएगा। लेकिन इसी दिन एक और दुर्लभ खगोलीय घटना भी घटने जा रही है, जिससे इस दिन का महत्व बढ़ गया है। दरअसल, इसी दिन साल 2026 का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण भी लगने जा रहा है। इस दिन चंद्र ग्रहण लगने से लोगों में इस बात का कंफ्यूजन हो रहा है कि बहनें अपने भाइयों को राखी कैसे बांधेंगीं, सूतक कब से कब तक रहेगा और ग्रहण का क्या समय रहेगा? आइए जानें इन सभी सवालों के जवाब।

रक्षाबंधन 2026

पंचांग के अनुसार, सावन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 27 अगस्त 2026, गुरुवार को सुबह 9 बजकर 8 मिनट से होगी। इसका समापन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को सुबह 9 बजकर 48 मिनट पर होगा। तिथि के अनुसार, 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा।

रक्षाबंधन 2026 शुभ मुहूर्त

28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ समय सुबह 5 बजकर 57 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। इस दिन लाभ-उन्नति मुहूर्त सुबह 7 बजकर 33 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त सुबह 9 बजकर 10 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 46 मिनट तक रहेगा।

रक्षाबंधन पर भद्रा का साया

इस साल 27 अगस्त को भद्रा का प्रभाव सुबह 9 बजकर 8 मिनट से रात 9 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। इसलिए 28 अगस्त को बिना किसी बाधा के श्रद्धा और उल्लास के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा सकेगा।

चंद्र ग्रहण 2026

28 अगस्त 2026 को राखी के दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी लगेगा। ग्रहण की शुरुआत 28 अगस्त को सुबह 6 बजकर 53 मिनट पर होगी। इसका समापन दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर माना जा रहा है। यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए इसका सूतक काल और ग्रहण से जुड़े नियम दोनों ही मान्य नहीं रहेंगे। ऐसे में बहनें बिना सूतक की बाधा के अपने भाई को राखी बांध सकती हैं।

कहां दिखाई देगा ग्रहण?

28 अगस्त का आंशिक चंद्र ग्रहण अफ्रीका, यूरोप, उत्तर एवं दक्षिण अमेरिका तथा पश्चिमी एशिया के कई देशों में दिखाई देगा। हालांकि, भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा।

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KTM 390 Duke vs RE Guerrilla 450 Apex: Price and Specification Comparison

KTM 390 Duke vs RE Guerrilla 450 Apex: Price and Specification Comparison
KTM 390 Duke vs RE Guerrilla 450 Apex: Price and Specification Comparison

When the Guerrilla 450 first launched in 2024, comparisons to the KTM 390 Duke (now known as the Duke R) were inevitable. In 2026 though, things have changed because, following the revised GST structure on motorcycles, Bajaj decided to downsize all of its 400cc manufactured bikes to fall below the 350cc threshold. So, we now have a 390 Duke with a 349cc engine and the 398cc version continues on as the 390 Duke R. Meanwhile, the Royal Enfield Guerrilla 450 is now available in a new, sportier Apex variant. Let’s see how the motorcycles compare on paper with these redrawn boundaries.

KTM 390 Duke vs Royal Enfield Guerrilla 450 Apex: Engine and output

KTM has more power, Guerrilla has more torque

 

KTM 390 Duke

Royal Enfield Guerrilla 450 Apex

Engine

349.32cc, single-cylinder, liquid-cooled

452cc, single-cylinder, liquid-cooled

Power

41.5hp at 8,600rpm

40.02hp at 8,000rpm

Torque

33.5Nm at 7,000rpm

40Nm at 5,500rpm

Transmission

6-speed

6-speed

Power-to-weight ratio

246.58hp/tonne

216.32hp/tonne

The biggest reason for this comparison is the KTM’s downsized 349cc engine. It now makes 41.5hp of power (vs 46hp on the Duke R) and 33.5Nm of torque (vs 39Nm on the Duke R). Both are now delivered slightly later in rev range as well. KTM achieved this with an 8mm shorter stroke length, although the bore remains unchanged. The Guerrilla 450 Apex, on the other hand, has not changed on the engine front and retains its 452cc engine with the same power and torque figures. Thus, the Guerrilla offers quite a bit more torque than the Duke and it’s delivered much earlier in the rev range too. Which means you will have to work the throttle and gearbox comparatively less on the Royal Enfield. Thus, if you spend most of your time in the city, it will be the less cumbersome bike to ride in this regard. 

KTM 390 Duke vs Royal Enfield Guerrilla 450 Apex: Dimensions and weight

Duke is lighter despite a 30 percent larger fuel tank

 

KTM 390 Duke

Royal Enfield Guerrilla 450 Apex

Fuel tank capacity

15 litres

11 litres

Ground clearance

183mm

169mm

Kerb weight

168.3kg

185kg

Seat height

800mm

780mm

Wheelbase

1357mm

1440mm

The 390 Duke continues to be far lighter than the Guerrilla, which weighs a staggering 17kg more. Another pertinent detail is that despite the lower weight, the Duke gets a 4-litre larger fuel tank compared to the Guerrilla. The Guerrilla does get a 20mm lower seat height and its ground clearance is 14mm lesser than the Duke. However, it’s worth noting that both bikes are perfectly usable on our roads, pothole-ridden or otherwise.

KTM 390 Duke vs Royal Enfield Guerrilla 450 Apex: Tyres, brakes, and suspension

Duke has adjustable suspension and better brakes

 

KTM 390 Duke

Royal Enfield Guerrilla 450 Apex

Tyres (F, R)

110/70R17, 150/60R17

120/70R17, 160/60R17

Brakes (F, R)

320mm front disc, 240mm rear disc; dual-channel ABS

310mm front disc, 270mm rear disc; dual-channel ABS

Suspension (F, R)

43mm USD fork, monoshock

43mm RSU fork, linkage monoshock

Moving on to one of the most important links between the rider and the tarmac, the tyres. The Guerrilla gets slightly wider tyres than the Duke at both ends, but the disc brakes on the Guerrilla are slightly smaller at the front, and slightly larger at the rear. However, the KTM comes with a more sophisticated radial calliper at the front, whereas the Guerrilla makes do with a simpler axial unit. As for suspension, the Duke gives you an USD fork which is compression and rebound adjustable; and the rear monoshock is rebound and preload adjustable. The only adjustability the Guerrilla gets is for its rear preload.

KTM 390 Duke vs Royal Enfield Guerrilla 450 Apex: Features

KTM continues its tech-forward approach

KTM has always offered a myriad of tech features and rider aids on its motorcycles. Royal Enfield on the other hand has always been restrained on that front, prioritizing simplicity and ease of use instead. Depending on your preferences, you will gravitate towards one or the other. KTM offers you slip-and-assist clutch, ride modes, traction control, launch control, lean-sensitive ABS, bi-directional quickshifter, cruise control, turn-by-turn navigation, track screen, and a type-C charging port. Royal Enfield, to its credit, has given the Guerrilla a decent feature-set comprising a TFT instrument cluster which allows you to screencast Google Maps, two ride modes and a slip-and-assist clutch.

KTM 390 Duke vs Royal Enfield Guerrilla 450 Apex: Price

Guerrilla is more affordable with a bigger engine but has less features

 KTM 390 DukeRoyal Enfield Guerrilla 450 Apex
PriceRs 2.84 lakh (ex-showroom, Delhi)Rs 2.51 lakh (ex-showroom, Chennai)

Last but not least, the other reason necessitating the comparison, is the price. With its downsized engine KTM was able to meet a lower GST slab and thus the 390 Duke now costs Rs 2.84 lakh (ex-showroom, Delhi). The Guerrilla 450 Apex still manages to undercut it and by a good deal, starting at Rs 2.51 lakh and going up to Rs 2.58 lakh for the Apex Green colour.

 

 

2027 में दुनिया पर मंडरा सकता है बड़ा खाद्य संकट, भारत पर क्या पड़ेगा असर? JP Morgan ने चेतावनी में क्या कहा

2027 में दुनिया पर मंडरा सकता है बड़ा खाद्य संकट, भारत पर क्या पड़ेगा असर? JP Morgan ने चेतावनी में क्या कहा

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वैश्विक वित्तीय संस्था JP Morgan से जुड़ी एक चेतावनी के मुताबिक, वर्ष 2027 में दुनिया को बड़े खाद्य आपूर्ति संकट का सामना करना पड़ सकता है। भारत, ब्राजील और इंडोनेशिया उन देशों में शामिल हो सकते हैं, जहां इसका असर सबसे गंभीर रहने की आशंका है। इस संभावित संकट के पीछे भूराजनीतिक तनाव, उर्वरकों की कमी, कृषि लागत में बढ़ोतरी और अल नीनो से जुड़े बदलते मौसम के पैटर्न को प्रमुख कारण माना गया है।

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2027 की पहली छमाही में महंगाई 5% तक पहुंचने का अनुमान

 

रिपोर्ट के अनुसार, 2027 के पहले छह महीनों में वैश्विक महंगाई करीब 5% तक पहुंच सकती है। इसकी तुलना में 2026 की इसी अवधि में यह करीब 2.8% रही थी।

 

संभावित संकट केवल खाद्यान्न की कमी तक सीमित नहीं रहेगा। उत्पादन लागत बढ़ने और मौसम में अनिश्चितता के कारण किसानों के लिए फसल उत्पादन बनाए रखना भी मुश्किल हो सकता है। अगर खाद्य कीमतों में तेज वृद्धि होती है तो विकासशील देशों में परिवारों को अपनी आय का बड़ा हिस्सा जरूरी खाद्य वस्तुओं पर खर्च करना पड़ सकता है।

 

उर्वरक की कमी बढ़ा सकती है चिंता

 

संभावित खाद्य संकट में उर्वरक आपूर्ति एक महत्वपूर्ण कारक हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के कुल यूरिया निर्यात में मध्य पूर्व की हिस्सेदारी करीब 42%, जबकि अमोनिया निर्यात में हिस्सेदारी करीब 27% है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव और प्राकृतिक गैस की बढ़ती कीमतों से आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है।

 

रिपोर्ट में एक संभावित घटनाक्रम की ओर भी इशारा किया गया है। इसके अनुसार, संघर्ष से ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है, जिसके बाद उर्वरकों की कमी, कृषि लागत में बढ़ोतरी, उत्पादन में गिरावट और अंततः खाद्य कीमतों में वृद्धि हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, बाधित आपूर्ति व्यवस्था और उत्पादन को सामान्य स्तर पर लाने में एक से चार साल तक का समय लग सकता है।

 

अल नीनो से फसल उत्पादन पर बढ़ सकता है दबाव

 

अल नीनो से जुड़े मौसम में बदलाव वैश्विक कृषि पर दबाव और बढ़ा सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अल नीनो के दौरान सूखा, बाढ़ और अन्य प्रतिकूल मौसम की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार, उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में अल नीनो के कारण फसल उत्पादन में औसतन 3.5% की गिरावट देखी गई है। वहीं, एक 'सुपर अल नीनो' वैश्विक खाद्य महंगाई को करीब 0.7% तक बढ़ा सकता है। यदि इसके साथ ऊर्जा की कीमतों में भी वृद्धि होती है तो इसका प्रभाव 1.3% से 1.5% तक पहुंच सकता है।

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भारत पर भी पड़ सकता है सीधा असर

 

भारत में अगर मानसून कमजोर या अनियमित रहता है तो कृषि क्षेत्र पर सीधा असर पड़ सकता है। बारिश पर निर्भर धान, दाल, तिलहन, कपास और गन्ने जैसी फसलों पर बारिश के बदलते पैटर्न का प्रभाव पड़ने की आशंका है। भारत के सामने चुनौती केवल पर्याप्त अनाज उपलब्ध कराने की नहीं होगी, बल्कि उर्वरक और ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच किसानों के लिए कृषि उत्पादन की लागत को वहनीय बनाए रखना भी होगी।

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ब्राजील और इंडोनेशिया भी जोखिम वाले देशों में

 

रिपोर्ट में ब्राजील और इंडोनेशिया को भी संभावित खाद्य संकट से गंभीर रूप से प्रभावित होने वाले देशों में शामिल किया गया है। कृषि लागत में वृद्धि, फसल उत्पादन में कमी, उर्वरक की संभावित कमी और प्रतिकूल मौसम इन देशों में खाद्य आपूर्ति और कीमतों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं। हालांकि, संभावित संकट का वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि आने वाले समय में भूराजनीतिक तनाव, उर्वरक की उपलब्धता, ऊर्जा कीमतों और मौसम की स्थिति किस तरह बदलती है।

पहला सेट हारने के बाद लक्ष्य सेन ने की जोरदार वापसी, विश्व चैंपियनशिप में जीत से आगाज

स्टार भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने मंगलवार को पहला गेम गंवाने के बाद जोरदार वापसी करते हुए ऑस्ट्रिया के कॉलिन्स वैलेंटाइन फिलिमोन को तीन गेम तक चले कड़े मुकाबले में हराकर बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप के पुरुष एकल के दूसरे दौर में प्रवेश किया।

लक्ष्य ने 45 मिनट तक चले मुकाबले में फिलिमोन को 16-21, 21-8, 21-4 से हराया।दूसरे दौर में लक्ष्य का सामना अमेरिका के गैरेट टैन से होगा जिन्होंने स्विट्जरलैंड के टोबियास कुएंजी को 21-4, 21-15 से हराया।लक्ष्य ने धीमी शुरुआत की और उनके कम रैंकिंग वाले प्रतिद्वंद्वी ने पहले गेम में उन्हें लगातार दबाव में रखा। स्टार भारतीय खिलाड़ी लय हासिल करने के लिए जूझता दिखा। दोनों खिलाड़ी एक समय लगभग बराबरी पर चल रहे थे लेकिन लक्ष्य के लचर खेल और सहज गलतियों का फायदा उठाते हुए फिलिमोन ने लगातार छह अंक जुटाकर 17-12 की बढ़त बना ली।

 लक्ष्य ने कुछ अंक जुटाकर वापसी की कोशिश की लेकिन ऑस्ट्रियाई खिलाड़ी ने धैर्य बरकरार रखते पहला गेम अपने नाम कर लिया।दूसरे गेम में दोनों खिलाड़ी 7-7 की बराबरी पर थे जिसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने आक्रामक खेल के दम पर 11-8 की बढ़त हासिल कर ली।

इसके बाद लक्ष्य ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए लगातार 10 अंक जुटाए और प्रतिद्वंद्वी को कोई मौका नहीं देते हुए दूसरा गेम जीतकर स्कोर 1-1 कर दिया। इस दौरान फिलिमोन की लय भी टूटती नजर आई।इसके बाद लक्ष्य को रोकना मुश्किल हो गया। उन्होंने अपना आक्रामक खेल जारी रखा और फिलिमोन से लगातार सहज गलतियां कराईं। भारतीय खिलाड़ी ने 15-1 की बढ़त के साथ मैच पर पूरी तरह पकड़ बना ली और आसानी से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

इससे पहले त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की गैरवरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी ने महिला युगल में लॉरेन लैम और एलिसन क्विन ली की अमेरिका की 16वीं वरीय जोड़ी को सीधे गेम में हराकर प्री क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।त्रीसा और गायत्री ने दूसरे दौर में महज 38 मिनट में विरोधी जोड़ी को 21-15, 21-12 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई।

भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाते हुए आत्मविश्वास के साथ खेल शुरू किया। त्रीसा ने अपने दमदार स्मैश से अंक जुटाए जबकि गायत्री ने शटल को खेल में बनाए रखने के साथ सटीक ड्रॉप शॉट लगाए और दोनों ने पहला गेम आसानी से अपने नाम किया।दूसरे गेम में भी भारतीय जोड़ी ने इसी अंदाज में शुरुआत की और ब्रेक तक 11-4 की बढ़त बना ली।

भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल जारी रखा और उनकी प्रतिद्वंद्वियों की कुछ सहज गलतियों का भी उन्हें फायदा मिला।कविप्रिया सेल्वम और सिमरन सिंघी को दूसरे दौर में हार का सामना करना पड़ा। उन्हें गैब्रिएला स्टोएवा और स्टेफनी स्टोएवा की बुल्गारिया की नौवीं वरीय जोड़ी ने 32 मिनट में सीधे गेम में 21-7, 21-14 से हराया।मिश्रित युगल में भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। रोहन कपूर और रुत्विका शिवानी गड्डे तथा असित सूर्या और अमृता प्रमुथेश की जोड़ियां पहले दौर में ही बाहर हो गईं।

 रोहन और रुत्विका की जोड़ी को जोनाथन बिंग सान लाई और क्रिस्टल लाई की कनाडा की जोड़ी के खिलाफ कड़े मुकाबले में 22-20, 19-21, 17-21 से हार मिली।असित और अमृता को एमरे सोनमेज और यासेमेन बेक्टास की तुर्किये की जोड़ी के खिलाफ कड़े मुकाबले में 21-16, 29-30, 22-24 से हार का सामना करना पड़ा।

भारत की एक अन्य मिश्रित युगल जोड़ी ध्रुव कपिला और तनिषा क्रास्टो अभी प्रतियोगिता में बनी हुई है। इस 15वीं वरीय जोड़ी को पहले दौर में बाई मिली थी और वह दूसरे दौर में मकाऊ के इओक चोंग लियोंग और वेंग ची एनजी से भिड़ेगी।उभरती हुई भारतीय महिला एकल खिलाड़ी उन्नति हुड्डा ने भी दूसरे दौर में जगह बना ली। उन्होंने 40 मिनट चले मुकाबले में म्यांमार की थेट हतार थुजार को 22-20, 21-16 से हराया।उन्नति का अगले दौर में सामना कनाडा की 13वीं वरीय मिशेल ली से होगा।

भारतीय हॉकी टीम ने दक्षिण अफ्रीका को पहली बार हॉकी विश्वकप में हराया

पहले ही मैच में ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को ड्रॉ पर रोकने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम ने आक्रामक लय को कायम रखते हुए एफआईएच विश्व कप के पूल डी के दूसरे मैच में दक्षिण अफ्रीका को 6 -1 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश का मार्ग प्रशस्त कर लिया। वेगनेर स्टेडियम पर खेले गए इस मैच में भारत के लिये छह अलग अलग खिलाड़ियों ने गोल किये और तीन गोल तीसरे क्वार्टर में ही हुए। टूर्नामेंट में 11 पदार्पण करने वाली खिलाड़ियों को लेकर उतरे कोच शोर्ड मारिन के चेहरे की मुस्कान बता रही थी कि यह प्रदर्शन उनके लिये क्या मायने रखता है।

भारत के लिये सुनेलिटा टोप्पो (11वां), नवनीत कौर (17वां), सुशीला चानू (25वां) , दीपिका (38वां), लालरेम्सियामी (44वां) और साक्षी राणा (45वां ) ने गोल दागे। आर्थिक परेशानियों से जूझते हुए टूर्नामेंट की तैयारी के लिये सोशल मीडिया पर अपील के बाद सरकार से मदद पाकर यहां पहुंची दक्षिण अफ्रीका के लिये एकमात्र गोल 55वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर पर कायला डे वाल ने दागा।

 इस जीत के बाद अब पूल चरण से चीन, भारत और इंग्लैंड तीनों के रास्ते खुले हैं और बड़े अंतर से जीत के कारण गोल औसत में भारत की उम्मीदें बेहतर होंगी। भारत के दो मैचों में एक जीत और एक ड्रॉ के बाद चीन के समान चार अंक है लेकिन गोल औसत के आधार पर भारत पूल में शीर्ष पर है । इंग्लैंड के एक जीत और एक हार के बाद तीन अंक हैं जबकि दक्षिण अफ्रीका दो मैच हारकर दौड़ से बाहर है।भारत को अब 20 अगस्त को इंग्लैंड से खेलना है जिसके बाद अगले दौर में पहुंचने वाली टीम का निर्धारण होगा।

मैच का पहला मूव दक्षिण अफ्रीका ने बनाया और चौथे ही मिनट में उसे पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन भारतीय गोलकीपर बिछू देवी ने आसान बचाव किया। भारत को जवाबी हमले में सातवें मिनट में बलजीत कौर ने पेनल्टी कॉर्नर दिलाया जिस पर बाहर की ओर जाती दीपिका की फ्लिक पर दक्षिण अफ्रीका की गोलकीपर वान टोंडेर मार्लिसे ने गेंद को दाहिने ओर से बाहर निकाल दिया।

भारत के लिये पहला गोल 11वें मिनट में सुनेलिटा ने किया । साक्षी राणा ने शॉट लेने की कोशिश की लेकिन गेंद छिटक गई और गोल के सामने खड़ी सुनेलिटा ने आसानी से उसे भीतर डाल दिया।दूसरे क्वार्टर में भारत की शुरूआत आक्रामक ही रही और दूसरे मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर को नवनीत ने गोल में बदलकर बढत दुगुनी कर दी। नवनीत ने चतुराई से एंगल बदला और दाहिनी ओर नीचे की तरफ दमदार शॉट लगाकर गेंद को गोलकीपर और डिफेंडर के बीच से निकालते हुए भारत के लिये दूसरा गोल किया।

दक्षिण अफ्रीका के लिये ओंथाटाइल थाटी जुलू ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया और कई बार भारतीय डिफेंस में सेंध लगाने की कोशिश की। वह 23वें मिनट में मैदान के बीच से दाहिने विंग से अकेले गेंद लेकर दौड़ी लेकिन भारतीय डिफेंस चौकस था। इसी मिनट भारत को तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन नवनीत के शॉट पर गेंद दक्षिण अफ्रीका के डिफेंडर से टकराई ।भारत को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले।

 पांचवें पेनल्टी कॉर्नर पर दीपिका की फ्लिक पहले रशर से टकराई लेकिन सुशीला ने रिबाउंड पर गोल करके भारत की बढत 3-0 की कर दी।भारत को ब्रेक से चार मिनट पहले एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन दीपिका की दमदार ड्रैग फ्लिक को एक बार फिर वान डोर ने आगे बढकर बचाया और रिबाउंड शॉट पोस्ट से टकरा गया।

दक्षिण अफ्रीका ने दूसरे क्वार्टर में एकमात्र अच्छा प्रयास 29वें मिनट में किया जब एनत्सोपा मोकोएना भारतीय सर्कल में घुसी तो गोलकीपर के अलावा कोई नहीं था लेकिन उनके शॉट पर गेंद हवा में उछलकर बाहर निकल गई।भारत के पास पहले हाफ के बाद तीन गोल की शानदार बढत थी।

ब्रेक के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने उसी लय को कायम रखा और 38वें मिनट में फॉरवर्ड पंक्ति के बीच बेहतरीन पासिंग से भारत को एक और गोल मिला। नवनीत ने बलजीत को तेजी से पास दिया जिसने बायीं ओर से दीपिका को क्रॉस दिया और दीपिका ने बैकहैंड पर गेंद रोककर सीधे शॉट पर गोल के भीतर डाल दिया।

 दक्षिण अफ्रीका को अगले मिनट पलटवार पर मिला पेनल्टी कॉर्नर बेकार गया। भारत ने तीसरे क्वार्टर में एक गोल और दागा और यह आज ही अर्जुन पुरस्कार पाने वाली लालरेम्सियामी के खाते में गया। नेहा से हवा में मिली गेंद को बेहतर नियंत्रण दिखाते हुए उन्होंने रोका और उसी मूव में शॉट लगाते हुए गोल कर दिया।

गोलों की बौछार के बीच अगले मिनट साक्षी राणा ने भी स्कोरर में अपना नाम दर्ज कराया। कप्तान सलीमा टेटे ने इशिका को गेंद सौंपी जिनका शॉट गोलपोस्ट से टकराया लेकिन रिबाउंड पर साक्षी ने भारत का छठा गोल किया।
दक्षिण अफ्रीका ने आखिरी मिनटों में मिले पेनल्टी कॉर्नर को तब्दील करके भारत को क्लीन शीट रखने से रोका।

कप्तान बाबर आजम चोटिल होकर इंग्लैंड के खिलाफ हैडिंग्ले टेस्ट से हुए बाहर

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बेकेनहम में टीम के वॉर्म-अप मैच के दौरान हाथ में लगी चोट से उबर न पाने के कारण बाबर आज़म लीड्स में इंग्लैंड के खिलाफ़ पाकिस्तान के पहले टेस्ट से बाहर हो गए हैं। यह मैच बुधवार से शुरू हो रहा है।

वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ़ हालिया सीरीज़ से पहले पाकिस्तान के टेस्ट कप्तान के तौर पर दोबारा चुने गए बाबर की जगह सलमान आगा तीन टेस्ट मैचों की सीरीज़ के पहले मैच में कार्यवाहक कप्तान होंगे। 32 साल के आगा 2024 से टी 20 क्रिकेट में पाकिस्तान की कप्तानी कर चुके हैं और 27 टेस्ट मैच खेल चुके हैं। हेड कोच सरफ़राज़ अहमद ने पुष्टि की है कि वह सीरीज़ के पहले मैच में टीम की कमान संभालेंगे।

पाकिस्तान अभी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की रैंकिंग में आठवें स्थान पर है, जो इंग्लैंड से एक पायदान नीचे है। दोनों टीमें तीन टेस्ट मैचों की सीरीज़ के दौरान अपनी स्थिति बेहतर करने की कोशिश करेंगी।

पाकिस्तान अपनी बैटिंग लाइन-अप में भी बदलाव कर सकता है। वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ़ दोनों टेस्ट मैच न खेलने के बाद सऊद शकील की वापसी की संभावना है। त्रिनिदाद में वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ़ दूसरे मैच में टेस्ट डेब्यू करने वाले अवैस ज़फ़र अपनी जगह बनाए रख सकते हैं, जबकि पूर्व कप्तान शान मसूद भी चोट से उबरने के बाद वापसी की कोशिश कर रहे हैं।

बाबर का न होना पाकिस्तान के लिए एक और झटका है, क्योंकि वे इंग्लैंड की उस टीम का सामना करने की तैयारी कर रहे हैं जो टेस्ट क्रिकेट में एक नए दौर से गुज़र रही है। इंग्लैंड की कप्तानी जो रूट करेंगे, जबकि मार्कस ट्रेस्कोथिक सीरीज़ के लिए अंतरिम हेड कोच की ज़िम्मेदारी संभालेंगे, जिसके बाद स्टीफन फ्लेमिंग पूर्णकालिक भूमिका संभालेंगे।

डब्ल्यूटीसी टेबल में दोनों टीमों के निचले पायदान पर होने के कारण यह सीरीज़ और भी अहम हो जाती है। पाकिस्तान अभी दूसरे-आखिरी स्थान पर है, जबकि इंग्लैंड उनसे ठीक ऊपर सातवें स्थान पर है।