UP-Japan Investment Meet 2026 : जापानी तकनीक और यूपी की औद्योगिक ताकत से खुलेगा निवेश का नया रास्ता, हजारों नौकरियों की उम्मीद

UP-Japan Investment Meet 2026 : जापानी तकनीक और यूपी की औद्योगिक ताकत से खुलेगा निवेश का नया रास्ता, हजारों नौकरियों की उम्मीद

यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026 के उद्घाटन एवं दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में जापान और भारत के प्रमुख उद्योग समूहों ने उत्तर प्रदेश को निवेश, मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ केंद्र बताया। समारोह में कुबोटा कॉरपोरेशन जापान और स्पार्क मिंडा कॉरपोरेशन लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश में अपने निवेश, साझेदारी के अनुभव और भविष्य की संभावनाओं को साझा किया।
दोनों उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए प्रदेश में उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल मानव संसाधन, बड़े बाजार, निवेश-अनुकूल नीतियों और सरकार के सहयोग को औद्योगिक विस्तार के लिए महत्वपूर्ण आधार बताया।

 

कुबोटा ने कहा- यूपी में निवेश दीर्घकालिक विश्वास का प्रतीक

समारोह में कुबोटा कॉरपोरेशन, जापान के प्रेसिडेंट एवं सीईओ शिंगो हानाडा ने नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की ग्राउंड ब्रेकिंग को कंपनी के लिए महत्वपूर्ण माइलस्टोन बताते हुए कहा कि इस अवसर पर उत्तर प्रदेश में कुबोटा की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और साझेदारी को एक नया विस्तार मिल रहा है। उन्होंने भारत सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार, इन्वेस्ट यूपी और उन सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके समर्थन और सहयोग से यह महत्वपूर्ण पड़ाव संभव हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश भारत के सबसे तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक केंद्रों में से एक के रूप में उभरा है। उत्तर प्रदेश में कुबोटा का निवेश प्रदेश की क्षमता में कंपनी के दीर्घकालिक विश्वास को दर्शाता है। उत्तर प्रदेश की प्रगति और भारत को एक विकसित एवं मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में हो रहे प्रयासों में उद्योग जगत भी अपनी भूमिका निभाना चाहता है।

 

135 साल से लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के मिशन पर कुबोटा

कुबोटा सीईओ ने कहा कि 135 वर्षों से अधिक समय से कुबोटा लोगों के जीवन को बेहतर बनाने और समाज में योगदान देने के उद्देश्य से काम कर रहा है। कंपनी की फिलॉसफी के अनुरूप वह बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए लोगों के हित में काम करती रहेगी। उन्होंने भारत में कुबोटा की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में कंपनी की मौजूदगी उसकी मजबूत साझेदारियों के कारण लगातार सुदृढ़ हुई है। उन्होंने नंदा परिवार और उनकी संस्था का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इस परिवार ने दशकों से भारत की सेवा की है और देश में कृषि के मशीनीकरण में अग्रणी भूमिका निभाई है। नंदा परिवार के नेतृत्व के साथ कुबोटा की साझेदारी आगे भी और मजबूत होती रहेगी। कुबोटा और उसके भारतीय साझेदारों की साझी महत्वाकांक्षा भविष्य के लिए एक मजबूत एक्सपोर्ट बेस तैयार करना है। जापान की विश्वस्तरीय तकनीक और भारतीय साझेदारों की स्थानीय समझ एवं क्षमता मिलकर इस दिशा में नई संभावनाएं पैदा कर सकती हैं।

 

स्पार्क मिंडा की यूपी में 40 वर्षों से अधिक की मौजूदगी, अब बड़े स्तर पर विस्तार की तैयारी

समारोह में आकाश मिंडा, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, मिंडा कॉरपोरेशन लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश में कंपनी की मौजूदगी और भविष्य की योजनाओं पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज संभावनाओं और नए अवसरों का प्रदेश है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रदेश उद्योग और निवेश को प्राथमिकता देने वाला राज्य बन चुका है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण नहीं कर रहा, बल्कि निवेशकों और उद्योग जगत के बीच इन्वेस्टर कॉन्फिडेंस और इंडस्ट्रियल कॉन्फिडेंस भी तैयार कर रहा है।

 

एक्सप्रेसवे, कॉरिडोर और वर्ल्ड क्लास लॉजिस्टिक्स ने बदला औद्योगिक परिदृश्य

आकाश मिंडा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में औद्योगिकीकरण के लिए मजबूत फाउंडेशन तैयार हुआ है। प्रदेश में एक्सप्रेसवे, फ्रेट कॉरिडोर, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, वर्ल्ड क्लास लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्रियल पार्क, स्किल्ड मैनपावर और स्मार्ट टाउनशिप जैसी सुविधाओं का विस्तार हुआ है। उन्होंने हाल में संचालित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ऐसी कई योजनाओं और परियोजनाओं को हकीकत में बदलते हुए देखा गया है, जो कुछ समय पहले तक केवल एक परिकल्पना मात्र थीं।

 

उत्तर प्रदेश में 9 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार

आकाश मिंडा ने बताया कि वह स्पार्क मिंडा ग्रुप का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और कंपनी ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी की उत्तर प्रदेश में 40 वर्षों से अधिक समय से मौजूदगी है और वर्तमान में प्रदेश में 9,000 से अधिक लोगों को रोजगार दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश स्पार्क मिंडा के लिए बेहद महत्वपूर्ण राज्य है और कंपनी यहां अपनी मौजूदगी को कहीं बड़े स्तर पर विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

एडवांस टेक्नोलॉजी से ईवी और इलेक्ट्रॉनिक्स तक बढ़ेगा निवेश

आकाश मिंडा ने बताया कि कंपनी उत्तर प्रदेश में एडवांस टेक्नोलॉजी, मोटर पार्ट्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा डिजाइन एवं डेवलपमेंट सेंटर जैसे क्षेत्रों में अपना निवेश बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कंपनी डीपर लोकलाइजेशन और बैकवर्ड इंटीग्रेशन की दिशा में भी आगे बढ़ रही है। इसके लिए जापानी कंपनियों के साथ साझेदारी काफी महत्वपूर्ण है। निवेश विस्तार के साथ कंपनी प्रदेश में करीब 6,000 से 8,000 अतिरिक्त लोगों को रोजगार देने की दिशा में काम करना चाहती है।

 

जापान की तकनीक और यूपी की क्षमता का संयोजन बनेगा ताकत

स्पार्क मिंडा के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ने जापान और दुनिया भर के उद्योगों को उत्तर प्रदेश में निवेश के अवसरों पर विचार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाएं बेहद मजबूत हैं।।जापान वर्ल्ड क्लास टेक्नोलॉजी, ग्लोबल क्वालिटी और प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग लेकर आता है, जबकि उत्तर प्रदेश स्केल, टैलेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर, पॉलिसी सपोर्ट, बड़ा मार्केट और बिजनेस फ्रेंडली इनवॉयरमेंट उपलब्ध कराता है। भारतीय कंपनियां स्थानीय क्षमताओं, ग्राहकों की जरूरतों की बेहतर समझ और आगे बढ़ने की इच्छा लेकर आती हैं। इन सभी क्षमताओं का संयोजन उत्तर प्रदेश को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग का महत्वपूर्ण केंद्र बनाने में मदद कर सकता है।

 

कारोबार के साथ रोजगार और विकसित भारत में योगदान है लक्ष्य

आकाश मिंडा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश का उद्देश्य केवल बिजनेस ग्रोथ तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करना भी होना चाहिए। कंपनी का लक्ष्य प्रदेश में अपनी औद्योगिक उपस्थिति का विस्तार करने के साथ रोजगार सृजन और विकसित भारत के सपने को साकार करने में योगदान देना है।  

Solar Panel Cost: अब सोलर पैनल लगवाना महंगा होगा! ICRA ने कहा- 20% तक बढ़ सकती है लागत

Solar Panel Cost: देश में बड़े सोलर प्रोजेक्ट लगाना आने वाले महीनों में महंगा पड़ सकता है। रेटिंग एजेंसी ICRA का कहना है कि अगले 6 से 8 महीनों में इनकी लागत करीब 20% तक बढ़ सकती है। इसकी सबसे बड़ी वजह चीन की जगह घरेलू सोलर सेल का इस्तेमाल है। वहीं पश्चिम एशिया में तनाव की वजह से कॉपर और एल्यूमीनियम जैसी धातुएं भी महंगी हो गई हैं।

ICRA के मुताबिक, सरकार के नए नियमों के बाद डेवलपर्स को अब घरेलू सोलर सेल खरीदने पड़ रहे हैं। ये आयातित सेल के मुकाबले काफी महंगे हैं। इसका असर सीधे मॉड्यूल और पूरे प्रोजेक्ट की लागत पर पड़ रहा है।

घरेलू सोलर सेल क्यों बढ़ा रहे हैं खर्च?

ICRA का कहना है कि घरेलू सोलर सेल की कीमत आयातित सेल से 6-7 सेंट प्रति वॉट यानी करीब 5-6 रुपये प्रति वॉट ज्यादा है।

एजेंसी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट गिरीशकुमार कदम के मुताबिक, घरेलू सेल से बने मॉड्यूल की लैंडेड कॉस्ट करीब 22.5 सेंट प्रति वॉट (करीब 19 रुपये) है। वहीं आयातित सेल वाले मॉड्यूल की लागत करीब 16 सेंट प्रति वॉट (करीब 13.5 रुपये) पड़ती है। उनका कहना है कि अगले कुछ महीनों में दिखने वाली लागत बढ़ोतरी का सबसे बड़ा हिस्सा इसी बदलाव से आएगा।

सरकार के नए नियम का क्या असर है?

सरकार ने 1 जून 2026 से नया नियम लागू किया है। इसके तहत सोलर प्रोजेक्ट्स में अब सिर्फ ALMM (Approved List of Models and Manufacturers) में शामिल कंपनियों के घरेलू सोलर सेल ही इस्तेमाल किए जाएंगे।

हालांकि कुछ ओपन एक्सेस और नेट मीटरिंग प्रोजेक्ट्स को 31 दिसंबर 2026 तक की राहत दी गई है।

पश्चिम एशिया का असर भी दिख रहा

ICRA का कहना है कि सिर्फ घरेलू सेल ही वजह नहीं हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव से सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इसकी वजह से कॉपर और एल्यूमीनियम की कीमतें भी ऊंची बनी हुई हैं। इससे प्रोजेक्ट की कुल लागत और बढ़ सकती है।

फिर भी सेक्टर पर भरोसा कायम

लागत बढ़ने के बावजूद ICRA ने रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर पर ‘Stable’ आउटलुक बरकरार रखा है।

एजेंसी का अनुमान है कि बड़े हाइड्रो समेत रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी भारत के बिजली उत्पादन में 2024-25 के 22% से बढ़कर 2029-30 तक 35% से ज्यादा हो सकती है। 30 जून 2026 तक देश में 150 गीगावॉट से ज्यादा रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स निर्माणाधीन थे।

चुनौतियां अभी भी बाकी हैं

ICRA का कहना है कि जमीन अधिग्रहण, ट्रांसमिशन नेटवर्क की कमी, PPA और PSA साइन होने में देरी, महंगे उपकरण और सप्लाई चेन की दिक्कतें अब भी बनी हुई हैं। बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति भी सेक्टर के लिए एक बड़ी चुनौती है।

इसके बावजूद FY26 में रिन्यूएबल सेक्टर में 72 रेटिंग अपग्रेड और 21 डाउनग्रेड हुए। वहीं FY27 की पहली तिमाही में 4 अपग्रेड हुए और कोई डाउनग्रेड नहीं हुआ।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

यूपी में निवेश की अपार संभावनाएं, भारत की आर्थिक विकास यात्रा के ये 4 स्तंभ बनेंगे आधार: अश्विनी वैष्णव

यूपी में निवेश की अपार संभावनाएं, भारत की आर्थिक विकास यात्रा के ये 4 स्तंभ बनेंगे आधार: अश्विनी वैष्णव

जापान और उत्तरप्रदेश के बीच निवेश एवं औद्योगिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम 'यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026' में केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत की आर्थिक विकास यात्रा और भविष्य की निवेश संभावनाओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भारत और जापान के संबंध लंबे समय से विश्वास पर आधारित रहे हैं और उत्तर प्रदेश तथा जापान के बीच बढ़ती साझेदारी इस विश्वास को और मजबूत करेगी।

 

केंद्रीय मंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जापान और उत्तर प्रदेश के बीच इस महत्वपूर्ण पहल के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर तथा उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल का भी स्वागत किया और कहा कि जापान के उद्योग जगत के लिए उत्तर प्रदेश में तेजी से अवसर खुल रहे हैं।

 

भारत की आर्थिक सोच को चार स्तंभों में समझाया

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की मौजूदा आर्थिक वृद्धि को चार प्रमुख स्तंभों के आधार पर समझा जा सकता है। इनमें सोशल, डिजिटल और फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश, समावेशी विकास, मैन्युफैक्चरिंग एवं इनोवेशन और कानूनों तथा नियमों का सरलीकरण प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि भारत पिछले कुछ वर्षों से लगभग 6 से 8 प्रतिशत की सतत आर्थिक वृद्धि के दौर में है। इसके साथ महंगाई को नियंत्रण में रखने और देश की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाए रखने पर भी लगातार ध्यान दिया गया है। इससे भारत को आने वाले वर्षों में लंबे समय तक टिकाऊ विकास की मजबूत क्षमता मिली है।

 

जापान के निवेशकों को दिया उत्तर प्रदेश में निवेश का संदेश

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में आने वाले वर्षों में 6 से 8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि का लंबा दौर देखने को मिल सकता है। इस विकास यात्रा में रेलवे, डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, कृषि समेत लगभग हर क्षेत्र में निवेश के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने जापान के उद्योग जगत से भारत और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में निवेश करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज तेजी से बदल रहा है और राज्य में निवेशकों के लिए मजबूत आधार तैयार हो चुका है। उन्होंने कहा कि जापान के निवेशकों के लिए संदेश स्पष्ट है- भारत में निवेश करें, उत्तर प्रदेश में निवेश करें। सरकार निवेशकों की सहायता और सुविधा के लिए पूरी तरह तैयार है। निवेशकों की सफलता ही भारत और उत्तर प्रदेश की सफलता है। उन्होंने कहा कि भारत-जापान की मजबूत साझेदारी आने वाले वर्षों में दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।

Kia confirms Sonet, Carens Clavis hybrids by 2029

Kia confirms Sonet, Carens Clavis hybrids by 2029
Kia confirms Sonet, Carens Clavis hybrids by 2029

At its 2026 CEO Investor Day event, Kia President and CEO Ho Sung Song confirmed that the Sonet and Carens Clavis will have hybrid powertrains in India by 2029. Additionally, the Korean carmaker also announced that it will introduce a locally developed B-segment electric SUV. “From 2027 onward, we will extend hybrid electric vehicle (HEV) offerings to key local models such as the Sonet, Carens and Seltos, while introducing a locally developed B-SUV EV,” said Song. 

  1. Sonet and Carens Clavis hybrids to arrive on next-gen versions. 
  2. Locally developed and made B-segment SUV to be all-electric.
  3. Carnival and Sorento hybrids to arrive this year.

Kia Sonet, Carens Clavis hybrid: Additional details

Kia’s most affordable model, the Sonet, is due for a next-generation update in 2027, and it will receive a hybrid powertrain by 2028 or 2029. Exact technical details are unknown at the moment, but the carmaker has been working on a strong-hybrid powertrain for the Sonet, as we previously reported.

The second-generation Sonet will move to the K1 platform, which underpins the Venue and Syros currently. This platform will not only be hybrid-compatible but also support the latest electrical and electronics (E&E) architecture, enabling over-the-air updates and remote diagnostics, while also addressing the lack of rear seat space in the current version. 

Current Kia Carens Clavis used for representation.

The Kia Carens Clavis MPV will also get a hybrid powertrain in its next-generation version by 2029. Currently, the MPV is offered in naturally aspirated petrol, turbo-petrol, diesel, and all-electric powertrains. However, it is expected to utilise the Seltos’ hybrid setup, which is due in 2027. Our sources suggest that the Seltos hybrid is expected to be based on the existing 115hp, 1.5-litre naturally aspirated engine.

Kia B-segment electric SUV: Additional details 

Previously, we reported that Kia has been evaluating a B-segment SUV, and we have now learnt that it will be electric. Secondly, the SUV will be developed and made locally. Specifications of this model are yet to be finalised. We expect this model to slot in between the Syros and Seltos, likely measuring around 4.2 metres in length. It will be Kia’s contender in the growing midsize electric SUV space.

Kia Carnival hybrid: Additional details 

Global-spec Carnival hybrid used for representation

Kia has also confirmed that the Carnival hybrid is set for a launch sometime this year. While exact technical details remain unknown, the global-spec Carnival strong-hybrid is powered by a 1.6-litre turbo-petrol engine paired with a hybrid system. It develops a combined output of 242hp and 367Nm, while power is sent to the front wheels via a 6-speed automatic gearbox.

By 2030, the Korean carmaker plans to expand its lineup to ten models comprising ICE, hybrid and EV-powered models. Out of these, eight models will be electrified, Song stated.

Mutual Funds: सोने ने दिया 9% रिटर्न, फिर भी निवेशकों ने इन फंड्स में लगाए ₹1.40 लाख करोड़

Mutual Funds: जुलाई 2026 में सोने ने करीब 9% का रिटर्न दिया। इसके बावजूद भारतीय निवेशकों ने सबसे ज्यादा भरोसा मनी मार्केट फंड्स पर जताया। Vallum Capital की अगस्त 2026 की Monthly Macro Grid Chartbook के मुताबिक, जुलाई में इन फंड्स में 1.40 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया। दिलचस्प बात यह है कि जून में इसी कैटेगरी से 65,530 करोड़ रुपये निकल गए थे।

सिर्फ मनी मार्केट फंड ही नहीं, फिक्स्ड इनकम फंड्स में भी वापसी देखने को मिली। जुलाई में इनमें 5,947 करोड़ रुपये का निवेश आया, जबकि जून में 53,006 करोड़ रुपये की निकासी हुई थी। दूसरी तरफ, सोने की कीमत बढ़ने के बावजूद प्रेशियस मेटल फंड्स में निवेश घटकर 4,084 करोड़ रुपये रह गया, जो जून में 8,680 करोड़ रुपये था।

SIP में लगातार बढ़ रहा निवेश

सुरक्षित निवेश की तरफ झुकाव का मतलब यह नहीं था कि निवेशकों ने शेयर बाजार से दूरी बना ली। Franklin Templeton India की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई में SIP योगदान 12% बढ़कर 31,961 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं SIP खातों की संख्या भी 12.5% बढ़कर 10.63 करोड़ हो गई।

हालांकि, औसत मासिक SIP योगदान में मामूली गिरावट आई। यह 3,012 रुपये से घटकर 3,007 रुपये रह गया।

म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने बनाया नया रिकॉर्ड

जुलाई में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर रिकॉर्ड 85.8 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इस दौरान इक्विटी फंड्स का AUM 15.3% बढ़कर 38.40 लाख करोड़ रुपये हो गया। वहीं पैसिव फंड्स का AUM सालाना आधार पर 24% से ज्यादा बढ़ा।

सबसे ज्यादा पैसा कहां गया?

इक्विटी फंड्स के भीतर भी निवेशकों की पसंद साफ नजर आई। स्मॉलकैप फंड्स में जुलाई के दौरान 7,768 करोड़ रुपये आए, जबकि मिडकैप फंड्स में 6,192 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। Vallum Capital के मुताबिक, जुलाई में माइक्रोकैप शेयर 4.6% और स्मॉलकैप शेयर 2.8% चढ़े।

निवेशकों ने क्यों सुरक्षित विकल्प चुने?

डेटा बताता है कि जुलाई में निवेशकों ने सिर्फ सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाली एसेट क्लास का पीछा नहीं किया। एक तरफ SIP और इक्विटी में निवेश जारी रहा, तो दूसरी तरफ बड़ी रकम मनी मार्केट और फिक्स्ड इनकम फंड्स में गई। इससे साफ है कि निवेशक बेहतर रिटर्न के साथ-साथ लिक्विडिटी और कम जोखिम वाले विकल्पों को भी प्राथमिकता दे रहे थे।

Vallum Capital का कहना है कि जुलाई में सोने की तेजी की बड़ी वजह अमेरिका की उम्मीद से कमजोर जॉब्स रिपोर्ट रही। इससे फेडरल रिजर्व की अगली ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीद कुछ कमजोर पड़ी। साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी ने भी सोने की कीमतों को सहारा दिया।

SBI खाताधारकों को बड़ा झटका! 1 अक्टूबर से बैंक से कैश निकालना होगा महंगा, जानें ये नया नियम

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

BWF World Championship में पहली बार हुआ गोल्डन प्वाइंट, पर मेजबान भारत के खिलाफ

Badminton tournament

इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में चल रही बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में यह पहला मौका है, जब कोई गेम गोल्डन पॉइंट तक पहुंचा है। अशित सूर्या और अमृता प्रमुतेश की भारतीय जोड़ी एमरे सोनमेज़ और यास्मीन बेक्तास से 71 मिनट चले रोमांचक मुकाबले में 21-16, 29-30, 22-24 से हार गयी।पहला गेम आसानी से जीतने के बावजूद, भारतीय जोड़ी दूसरा गेम गोल्डन पॉइंट में हार गयी और निर्णायक गेम में मैच अपने नाम नहीं कर सकी।

क्या होता है गोल्डन प्वाइंट?

इस वर्ल्ड चैंपियनशिप में यह पहला मौका है, जब कोई गेम गोल्डन पॉइंट तक पहुंचा है। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी तुर्की की जोड़ी को कड़ी टक्कर दे रही थी और दोनों जोड़ियां बारी-बारी से पॉइंट जीत रही थीं। जब कोई भी जोड़ी गेम जीतने के लिए जरूरी दो पॉइंट की बढ़त नहीं बना पायी, तो गोल्डन पॉइंट का नियम लागू हुआ। गोल्डन पॉइंट तुरंत उस गेम के विजेता (30-29) का फैसला करता है, और दो पॉइंट की बढ़त वाले सामान्य नियम को दरकिनार कर देता है।

तुर्की की जोड़ी गोल्डन पॉइंट में सफल रही और दूसरा गेम जीतकर मैच में वापसी की। आखिरकार उन्होंने निर्णायक गेम 24-22 से जीता। गोल्डन पॉइंट का एक मशहूर उदाहरण है ऑल इंग्लैंड 2021 फ़ाइनल में विक्टर एक्सेलसन के ख़िलाफ़ ली जी जिया की जीत। उन्होंने पहला गेम 30-29 से जीता और फिर निर्णायक गेम 21-9 से जीतकर खिताब अपने नाम किया था।

दो टीमों के हटने के बाद रिज़र्व लिस्ट से इन नये खिलाड़ियों को आख़िरी समय में एंट्री मिली थी। जब उन्हें इस कन्फर्मेशन के बारे में पता चला, तो वे एक स्टेट चैंपियनशिप खेल रहे थे। अशित ने कहा, “हम स्टेट चैंपियनशिप खेल रहे थे और अब हम यहां हैं। यह हमारे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है।”

भारतीय जोड़ी ने कहा, “यह हमारे लिए एक स्प्रिंगबोर्ड (आगे बढ़ने का ज़रिया) का काम करेगा। हमें उम्मीद है कि हम इससे और बेहतर होंगे।”अशित ने कहा, “यह हमारे लिए एक कड़ा मुक़ाबला था। हमने पहला गेम जीता और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े। लेकिन हम सडन डेथ पॉइंट नहीं जीत पाये।” अमृता ने कहा कि यह अनुभव भविष्य के टूर्नामेंट में उनकी मदद करेगा। उन्होंने कहा, “हम यह सीखेंगे कि जब मौका मिले तो मैच पॉइंट कैसे जीतें। आख़िर तक मैच को खींचने का कोई फ़ायदा नहीं है।”


युवा मानव सुथार ने गॉल टेस्ट में 10 विकेट चटकाकर बटोरी सुर्खियां

अपना दूसरा ही टेस्ट खेल रहे भारतीय बांए हाथ के स्पिनर मानव सुथार ने गॉल टेस्ट में 10 विकेट लेकर सूर्खियां बटोरी। भले ही देवदत्त पड्डीकल ने बल्ले से 167 और 44 रनों की पारी खेली हो लेकिन मानव सुथार का श्रेय नकारा नहीं जा सकता।

पहली पारी में भारत की ओर से मानव सुथार ने सर्वाधिक 4 विकेट लिए। उन्होंने अपने 21.4 ओवर के स्पैल में 76 रन दिए। दूसरी पारी में भी उन्होंने 23.4 ओवर में 55 रन देकर 6 विकेट निकाले। भोजनकाल के बाद मानव सुथार ने एक ही ओवर में 3 विकेट लेकर मैच को भारत की झोली में डाल दिया। आज बारिश के ना आने के कारण ही भारत यह मैच अपनी गिरफत में ले पाया।भाग्य का ऐसा साथ रहा कि भारत के मैच जीतते ही मैदान पर तेज बारिश शुरु हो गई।कुल 2 टेस्ट मैचों में ही मानव ने 17 विकेटों का आंकड़ा छू लिया है।

डेब्यू में छा गए थे मानव सुथार

जुलाई में अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच के सबसे बड़े स्टार रहे डेब्यूटेंट मानव सुथार। युवा स्पिनर ने अपने पहले ही टेस्ट मैच में शानदार गेंदबाजी करते हुए पहली पारी में 6 विकेट झटके। उन्होंने अफगान बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया और मैच पर भारत की पकड़ मजबूत कर दी।

अफगानिस्तान के खिलाफ पर्दापण टेस्ट मैच में 33 रन देकर छह विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज मानव सुथार, नरेंद्र हिरवानी के खास क्लब में शामिल हो गये थे। यह किसी भारतीय द्वारा पर्दापण टेस्ट पारी में दूसरा सबसे अच्छा गेंदबाजी प्रदर्शन था और लगभग चार दशकों में किसी भारतीय गेंदबाज का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन था।राजस्थान के इस बाएं हाथ के स्पिनर ने सटीक लाइन-लेंथ, कंट्रोल और तेज टर्न के साथ अफगानिस्तान की बल्लेबाजी लाइन-अप को तहस-नहस कर दिया था। टेस्ट पदार्पण से पहले उन्होंने 29 प्रथम श्रेणी मैचों में 129 विकेट अपने नाम किए हैं।

कप्तान शुभमन ने की तारीफ

भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में दस विकेट लेकर टीम की 165 रन से जीत में अहम भूमिका निभाने वाले बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा कि वह लंबे समय तक देश की तरफ से खेलेंगे।गिल ने मैच के बाद कहा, ‘‘वह शानदार गेंदबाजी कर रहे हैं। वह बहुत ही होनहार खिलाड़ी हैं। वह ऐसा खिलाड़ी है जो लंबे समय तक भारत के लिए खेल सकता है।’’

जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिसा, मोदी सरकार ने इसे सेफ बनाया, अब्दुल्ला से मिलकर बोले अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर

जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिसा, मोदी सरकार ने इसे सेफ बनाया, अब्दुल्ला से मिलकर बोले अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर

omar abdulla

अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर अपने पहले कश्मीर दौरे पर श्रीनगर पहुंचे और वहां के बदलते सुरक्षा माहौल की जमकर तारीफ की। उन्होंने कश्मीर को भारत का एक अहम हिस्सा माना और कहा कि मोदी सरकार ने इसे पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित बना दिया है। उनके इस 'सुरक्षित' वाले बयान के बहुत बड़े मायने हैं, जिसे उन्होंने अपने अगले ही वाक्य में साफ भी कर दिया। गोर ने बताया कि वाशिंगटन जल्द ही अपने नागरिकों के लिए जारी 'नेगेटिव ट्रेवल एडवाइजरी' की समीक्षा करने वाला है।

राजदूत सर्जियो गोर ने कश्मीर को भारत का एक 'बेहद खूबसूरत और महत्वपूर्ण हिस्सा'  कहा है।  उन्होंने कहा कि वो पहली बार कश्मीर आए हैं और यहां की सुंदरता को देखकर हैरान हैं। केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों की तारीफें करते हुए गोर ने कहा कि क्षेत्र अब काफी सुरक्षित हो चुका है और बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिक यहां आकर इसकी खूबसूरती का अनुभव जरूर करना चाहेंगे।  

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‘मैं दूसरे देश के राजदूत के सामने अपनी शिकायतें नहीं रखता’

 

इससे पहले जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने कहा कि उमर अब्दुल्ला ने कहा, “मैं उनकी बात सुनने के लिए अधिक उत्सुक हूं। मुझे अपनी शिकायतें किसी दूसरे देश के राजदूत के सामने रखने की आदत नहीं है। हमारे मामले वॉशिंगटन में हल नहीं होने वाले हैं, बल्कि इन्हें हमारे देश की सरकार ही सुलझाएगी।” उन्होंने कहा कि किसी दूसरे देश के राजदूत के सामने शिकायत करना उनके लिए उचित नहीं होगा। 

 

बीजेपी का विरोध प्रदर्शन, उमर ने भ्रष्टाचार के आरोपों पर दिया जवाब

इस बीच, बीजेपी की जम्मू-कश्मीर इकाई ने बुधवार को सिविल सचिवालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करने का कार्यक्रम बनाया है। पार्टी ने उमर अब्दुल्ला सरकार पर कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। बीजेपी के आरोपों पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तंज कसते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार में इतना भी सामर्थ्य नहीं है कि वह इस तरह के कथित भ्रष्टाचार को “छिपा” सके।

WTC Final की राह हुई आसान, शुभमन ने बोला कैसे भी करके खेलना है फाइनल

गॉल टेस्ट जीतने के बाद विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अंक तालिका में पांचवे स्थान पर ठहरी टीम इंडिया के लिए खुश खबरी लाया है। हालांकि टीम को अभी एक लंबा रस्ता तय करना है लेकिन विश्व टेस्ट चैंपियनशिप खेलने की उम्मीद की किरण बाकी है।

भारतीय कप्तान इस जीत से खुश थे क्योंकि इससे कुछ हद तक दबाव कम हुआ, हालांकि भारत विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में 53.33 प्रतिशत अंकों के साथ पांचवें स्थान पर बना हुआ है। भारत जल्द ही चौथे स्थान पर आ सकता है अगर कोलंबो टेस्ट वह जीत जाता है साथ ही ऑस्ट्रेलिया बांग्लादेश को दूसरे टेस्ट में हरा सकती है तो।

इस मैच से पहले भारत का जीत प्रतिशत 48 था और ऑस्ट्रेलिया का जीत प्रतिशत 83 था जो बांग्लादेश से हार के बाद 77 हो गया। हालांकि पिछले साल दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ घरेलू मैदान पर मिली 2-0 की हार ने भारत को मुश्किल स्थिति में डाल दिया है।60 अंक प्रतिशत तक पहुंचने के लिए भारत को बाक़ी 8 टेस्ट में 66 और अंक चाहिए।

इसका मतलब है छह जीत और दो ड्रॉ (80 अंक) या सात जीत (84 अंक)। इनमें से पांच टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ होंगे, जिसके विरुद्ध भारत ने 2008 से अब तक घरेलू मैदान पर पिछली पांच सीरीज़ में 12-2 का रिकॉर्ड बनाया है।पिछले WTC चक्र में फ़ाइनलिस्ट टीमों का अंक प्रतिशत 69.44 (दक्षिण अफ़्रीका) और 67.54 (ऑस्ट्रेलिया) था।

6 जीत और दो हार भारत को 62.96 प्रतिशत तक ले जाएंगी, जबकि 7 जीत और 1 हार के साथ वह 68.52 प्रतिशत पर पहुंचेगा।यानी भारत के पास अब भी ग़लती की बहुत कम गुंजाइश बची है।

भारत की स्थिति पर एक नजर:

टेस्ट 10
जीत 5
हार 4
ड्रॉ 1
अंक प्रतिशत 53.15

आगामी सीरीज़:

श्रीलंका (विदेशी धरती पर) 1 टेस्ट
न्यूज़ीलैंड (विदेशी धरती पर) 2 टेस्ट
ऑस्ट्रेलिया (घरेलू धरती पर) 5 टेस्ट

त्रिकोणीय मुकाबले ने भारत को डाला मुश्किल में

न्यूजीलैंड अगर इंग्लैंड से 2-1 या 3-0 से टेस्ट सीरीज हार जाती तो भारत के फायदे की बात होती लेकिन न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 2-1 से सीरीज हराकर भारत की स्थिति थोड़ी और मुश्किल कर दी है। फिलहाल मुकाबला 3 टीमों ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच लग रहा है। भारत के लिए 8 में से जो 2 सबसे ज्यादा मुश्किल मुकाबले हैं वह न्यूजीलैंड के खिलाफ ही देखने को मिलेंगे। अन्य 6 में शायद भारत को उतनी मुश्किल ना हो क्योंकि श्रीलंका से भारत अभ्यास मैच और गॉल टेस्ट जीता है और ऑस्ट्रेलिया भारतीय धरती पर बोर्डर गावस्कर ट्रॉफी खेलेगी।

पहले शतक से मिला पहला मैन ऑफ द मैच, क्या बोले देवदत्त पड्डीकल

Devdutt Padikkal

भारत की पहली पारी में 167 रन बनाने वाले और दूसरी पारी में 44 रनों की पारी खेलने वाले देवदत्त पड्डीकल को गॉल टेस्ट में मैन ऑफ द मैच का पुरुस्कार मिला। बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज 2024 में टेस्ट डेब्यू करने वाले देवदत्त लंबे समय से टीम से बाहर थे और उनको सांई सुदर्शन की चोट के कारण मौका मिला था जो उन्होंने भुना लिया। देवदत्त का यह पहला टेस्ट शतक था जो उन्हें  मैन ऑफ द मैच का पुरुस्कार दे गया।

देवदत्त पडिक्कल ने कहा कि उन्होंने इस ख़ास पल का सपना देखा था।पडिक्कल ने कहा, ” मैंने इस पल का सपना देखा है। पिछले दो सालों से, मैं सच में बहुत मेहनत कर रहा हूँ ताकि जब मुझे वह मौका मिले, तो मैं ऐसा कुछ खास कर सकूँ, और मुझे ऐसा करके बहुत खुशी होती है।”

शुरुआत में स्पिन के खिलाफ उनके आक्रामक इरादे और निर्णायक फुटवर्क के बारे में पूछे जाने पर पडिक्कल ने कहा,”हाँ, मुझे लगता है कि हमने इस पर लंबी चर्चा की है, खासकर जब आप स्पिन खेल रहे हों, तो यह ज़रूरी है कि आपके दिमाग में कुछ प्लान हों। आप वहाँ जाकर हर समय रिएक्ट करने की उम्मीद नहीं कर सकते। यह ज़रूरी है कि आपके दिमाग में कुछ शॉट हों जिन्हें आप मैदान में उतरते ही खेलना चाहते हैं, ताकि आप बॉलर पर भी कुछ प्रेशर डाल सकें। तो, मुझे लगता है कि पिछले एक साल में, हमने अपनी ताकत में ऐसे तरीके खोजने की कोशिश की है जिन्हें आप सच में लागू कर सकें ताकि आप प्रेशर वापस डाल सकें।”

पडिक्कल ने साथ ही कहा, ”हाँ, बिल्कुल। मुझे लगता है कि जब आपको यह क्लैरिटी होती है कि आप क्या करना चाहते हैं, तो मुझे लगता है कि इससे आपके फुटवर्क में भी कॉन्फिडेंस आता है। मुझे लगता है कि मैं बस यह पक्का करना चाहता था कि मैं जो भी करूँ, उसमें 100% कमिटेड रहूँ। भले ही वह डिफेंसिव शॉट हो, मैं यह पक्का करना चाहता हूँ कि मैं उसे खेलने के लिए सच में कमिटेड रहूँ, इसलिए इससे मेरा फुटवर्क बहुत बेहतर हो गया।”

शतक को बड़े में बदलने की काबिलियत पर उन्होंने कहा, ”मुझे सच में लगता है, यह बस और रन बनाने की भूख है। मुझे बस वहाँ बैटिंग करने में मज़ा आता है, और जैसे ही आप 100 रन बनाते हैं, रिलैक्स करना और वह राहत महसूस करना आसान होता है। लेकिन मेरे लिए यह ज़रूरी है कि अगली 20-30 गेंदें सच में बहुत ज़रूरी फेज़ हों, जिसमें मैं यह पक्का करने की कोशिश करता हूँ कि मैं पूरी तरह से फोकस्ड रहूँ, पूरी तरह से वहाँ रहूँ। मुझे लगता है कि जब मैं 100 के बाद पहली 10 गेंदें पार कर लेता हूँ, तो मेरा काम बहुत आसान हो जाता है। और इतने सालों में, मैंने बहुत से क्रिकेटरों को बड़े रन बनाते, बड़े शतक बनाते देखा है, खासकर कर्नाटक में। इसलिए उन्हें बैटिंग करते देखकर मेरा भी मन करता है कि मैं भी वैसा ही करूँ।