Mercury Transit 2026: बुध का स्वराशि कन्या में होगा प्रवेश, इन 5 राशियों के जातकों की होगी मौज और खुलेंगे तरक्की के दरवाजे

Mercury Transit 2026: ग्रहों के राजकुमार बुध ग्रह का सितंबर में बड़ा गोचर होने वाला है। ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, तर्क, व्यापार, गणना और संचार का कारक माना जाता है। सितंबर में ग्रहों के राजकुमार बुध का गोचर कन्या राशि में होने वाला है। जब बुध अपनी स्वराशि कन्या में प्रवेश करते हैं तो उनकी स्थिति बेहद मजबूत मानी जाती है। बुध ग्रह का कन्या राशि में गोचर (प्रवेश) एक अत्यंत महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना है। बुध ग्रह कन्या राशि के स्वामी हैं, इसलिए कन्या राशि में उनका आना उनकी उच्च स्थिति और स्वराशि का गोचर माना जाता है।

बुध गोचर का समय और तारीख

कन्या राशि में प्रवेश : 7 सितंबर 2026 (सोमवार)

समय : दोपहर लगभग 1:22 – 1:35 बजे

अवधि : 7 सितंबर 2026 से 26 सितंबर 2026 तक (लगभग 19 से 20 दिन)

अगला गोचर : 26 सितंबर 2026 को बुध तुला राशि में प्रवेश कर जाएंगे।

गोचर का ज्योतिषीय महत्व

अपनी ही राशि कन्या में प्रवेश करने से बुध ‘भद्र पंच महापुरुष राजयोग’ का निर्माण करेंगे, जो बुद्धि, निर्णय क्षमता और व्यापार के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। कन्या राशि में बुध के रहने से विश्लेषणात्मक क्षमता, गणितीय कौशल, संचार कौशल, तर्कशक्ति और एकाग्रता में भारी सुधार आता है।

इन 5 राशियों के लिए खूब फलदायी है बुध का गोचर

वृष राशि : वृषभ राशि वालों के लिए बुध का कन्या में गोचर आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम दे सकता है। निवेश, बचत और आय को लेकर बनाई गई योजनाएं फायदा दे सकती हैं। नौकरी में नए अवसर मिल सकते हैं और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त हो सकता है।

मिथुन राशि : मिथुन राशि के स्वामी स्वयं बुध हैं। ऐसे में कन्या राशि में बुध का गोचर आपके लिए कई क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। नौकरी करने वाले जातकों को नई जिम्मेदारी या बेहतर अवसर मिल सकते हैं। कार्यस्थल पर आपकी बातों और सुझावों को महत्व मिल सकता है।

कन्या राशि : बुध का कन्या राशि में प्रवेश इनके आर्थिक पक्ष को मजबूत करने वाला साबित हो सकता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को वेतन वृद्धि, इंसेंटिसें व या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत मिल सकते हैं। कारोबार में अटके हुए काम गति पकड़ सकते हैं।

वृश्चिक राशि : वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बुध का यह गोचर करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और निर्णय लेने की क्षमता की सराहना हो सकती है। नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ने के अवसर बन सकते हैं। व्यापार में लाभ बढ़ाने के लिए नई रणनीति कारगर साबित हो सकती है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

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Budh Gochar In Singh 2026: 22 अगस्त को सूर्य की स्वराशि में पहुंचेंगे बुध और बनाएंगे बुधादित्य योग, 6 राशि वालों की बढ़ेगी कमाई

Budh Gochar In Singh 2026: ग्रहों के राजकुमार बुध अपनी राशि बदलने वाले हैं। बुद्धि, बातचीत, व्यापार, शिक्षा और विश्लेषणात्मक सोच के कारक बुध ग्रह 22 अगस्त को ग्रहों के अधिपति सूर्य के घर यानी उनकी स्वराशि सिंह में प्रवेश करेंगे। सूर्य स्वयं भी इसी राशि में गोचर कर रहे हैं। सिंह राशि में बुध और सूर्य का यह संयोग अत्यंत शुभ फलदायी माना जा रहा है, क्योंकि इसस बुधादित्य योग का निर्माण होगा।

बुध का गोचर सूर्य की राशि सिंह में 22 अगस्त को शाम 7 बजकर 33 मिनट पर होगा। बुध सिंह राशि में 7 सितंबर को दोपहर 1 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। सिंह राशि सूर्य के स्वामित्व वाली अग्नि तत्व की राशि है। यह गोचर बातचीत में आत्मविश्वास बढ़ाता है, निर्णय लेने की क्षमता को तेज करता है, रचनात्मक सोच को बेहतर बनाता है और बातचीत में नेतृत्व क्षमता को मज़बूत करता है। यह समय पेशेवरों, उद्यमियों, छात्रों, लेखकों, सार्वजनिक वक्ताओं, मार्केटर्स और मीडिया या रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। सिंह में सूर्य और बुध की युति से 6 राशिवालों को सबसे अधिक फायदा होगा।

सिंह में बुध गोचर का 6 राशियों के लिए शुभ

सिंह राशि : बुध का गोचर सिंह राशि में ही हो रहा है। यह गोचर आपके आत्मविश्वास, बातचीत कौशल और निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाएगा। आपके नेतृत्व गुण निखरेंगे, जिससे यह समय करियर में आगे बढ़ने, व्यापार का विस्तार करने और व्यक्तिगत ब्रांडिंग के लिए बहुत अच्छा रहेगा।

मिथुन राशि : मिथुन का स्वामी ग्रह बुध है। इसलिए बुध का यह गोचर आपकी बुद्धि और नेटवर्किंग क्षमताओं को बढ़ाएगा। व्यापारिक बातचीत, मार्केटिंग, लेखन, शिक्षा और बातचीत से जुड़े कार्यों में बेहतरीन परिणाम मिलने की संभावना है। छोटी यात्राएं भी फायदेमंद साबित हो सकती हैं।

कन्या राशि : बुध गोचर से कन्या राशि के लोग सावधानीपूर्वक योजना और रणनीतिक सोच के माध्यम से सकारात्मक परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। छिपे हुए अवसर सामने आ सकते हैं, खासकर पेशेवर मामलों में। आध्यात्मिक शिक्षा और शोध गतिविधियों के लिए भी यह समय अनुकूल है।

तुला राशि : बुध का यह गोचर नेटवर्किंग, टीम वर्क और सामाजिक प्रभाव को बढ़ाता है। पेशेवर संपर्कों के माध्यम से आय के नए अवसर मिल सकते हैं और दीर्घकालिक लक्ष्य पूरे होने शुरू हो सकते हैं। व्यापार मालिकों को मिलकर किए गए प्रयासों से लाभ हो सकता है।

धनु राशि : बुध का गोचर धनु वालों को भी लाभ देने वाला है। बुध उच्च शिक्षा, अंतरराष्ट्रीय संबंधों, यात्रा, प्रकाशन और कानूनी मामलों को प्रभावित करता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले या विदेश में अवसर तलाशने वाले लोगों को सकारात्मक खबर मिल सकती है।

कुंभ राशि : बुध राशि परिवर्तन की वजह से कुंभ राशि के पेशेवरों और व्यापार मालिकों को मजबूत साझेदारी और बातचीत के बेहतर कौशल से लाभ हो सकता है। बेहतर समझ और बातचीत से वैवाहिक जीवन में भी सुधार होगा। कानूनी समझौतों और अनुबंधों के आपके पक्ष में होने की संभावना अधिक है।

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Sawan Second Somwar 2026: दूसरे सोमवार पर बन रहे प्रदोष व्रत समेत 7 शुभ संयोग, जानें किस समय किया जाएगा भगवान शिव का जलाभिषेक

Sawan Second Somwar 2026: सावन माह के सोमवार पर श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक और विशेष पूजा-उपवास करना शुभ मानते हैं। इस साल सावन का दूसरा सोमवार 10 अगस्त को पड़ रहा है। इस दिन सावन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि भी पड़ रही है, जिससे सावन सोमवार के साथ पहले प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है। इस साल सावन के दूसरे सोमवार को प्रदोष व्रत के साथ ही कई दुर्लभ संयोग भी बन रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत और पूजा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। उनके और माता पार्वती के आशीर्वाद से जल्द ही सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

सावन के दूसरे सोमवार पर बनने वाले 7 शुभ संयोग

सावन के दूसरे सोमवार पर सोम प्रदोष व्रत, एकादशी पारण, कर्क राशि में त्रिग्रही योग, बुधादित्य योग, हंसराज योग, वज्र योग और सिद्धि योग का शुभ संयोग एक साथ बन रहा है।

प्रदोष व्रत : दूसरे सावन सोमवार पर सावन का पहला प्रदोष व्रत भी है। यह व्रत भगवान शिव के लिए रखते हैं और पूजा शाम को सूर्यास्त के बाद होती है। उस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 07:05 बजे से है। प्रदोष व्रत करने से दुख, रोग, दोष, पाप, कष्ट आदि मिट जाते हैं।

एकादशी पारण : दूसरे सावन सोमवार को कामिका एकादशी व्रत का पारण है, जो सूर्योदय के बाद होगा। इस दिन द्वादशी तिथि सुबह 08:00 ए एम तक है, फिर शिव जी की तिथि त्रयोदशी प्रारंभ होगी।

त्रिग्रही योग : दूसरे सावन सोमवार को कर्क राशि में सूर्य, बुध और गुरु की युति से त्रिग्रही योग बना हुआ है। 5 अगस्त को जब कर्क में बुध का गोचर हुआ है, तब से यह त्रिग्रही योग बना है। इससे मिथुन, कर्क, कन्या वालों को बंपर लाभ होगा।

बुधादित्य योग : कर्क में ही सुर्य और बुध की युति से बुधादित्य राजयोग का निर्माण हुआ है, जो दूसरे सावन सोमवार पर भी विद्यमान होगा।

हंसराज योग : इस समय कर्क राशि में देव गुरु बृहस्पति विराजमान हैं। यह उनकी उच्च राशि है। इस वजह से हंसराज योग बन रहा है।

वज्र योग : दूसरे सावन सोमवार पर प्रात:काल से वज्र योग बनेगा, जो रात – 10:27 पी एम तक रहेगा। इस योग में नए काम नहीं करते हैं, वाहन, सोना आदि नहीं खरीदते हैं।

सिद्धि योग : दूसरे सावन सोमवार पर रात 10:27 पी एम से सिद्धि योग बन रहा है, जो अगले दिन सुबह तक रहेगा। इसमें किए गए कार्य सिद्ध होते हैं।

दूसरा सावन सोमवार 2026 जलाभिषेक मुहूर्त

दूसरे सावन सोमवार पर जलाभिषेक ब्रह्म मुहूर्त से ही प्रारंभ हो जाएगा। वैसे तो आप सुबह में कभी भी जलाभिषेक कर सकते हैं। लेकिन नीचे सुबह के कुछ शुभ मुहूर्त दिए गए हैं। उस दिन प्रदोष है तो शाम के समय में भी जलाभिषेक होगा।

ब्रह्म मुहूर्त : प्रात: 04:22 बजे से 05:05 बजे तक

अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त : सुबह 05:47 बजे से 07:27 बजे तक

शुभ-उत्तम मुहूर्त : सुबह 09:07 बजे से 10:47 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक

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Margi Budh 2026: मिथुन राशि में वक्री चल रहे बुध इस दिन से होंगे मार्गी, 5 राशियों के फिरेंगे दिन और भरेगी तिजोरी

Margi Budh 2026: ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को वाणी, बुद्धि, और व्यापार का कारक माना जाता है। हर महीने इस ग्रह का गोचर होता है और फिलहाल यह मिथुन राशि में वक्री चाल से गोचर कर रहा है। बुध ग्रह का ज्योतिष में विशेष स्थान है और इसकी चाल में होने वाले हर बदलाव पर सभी ज्योतिष विशेषज्ञों की नजर रहती है। इस ग्रह की स्थिति में परिवर्तन का असर सभी 12 राशियों पर होता है।

ग्रहों के राजकुमार बुध लगभग 25 दिन तक वक्री रहने के बाद बहुत जल्द स्वराशि में सीधी चाल चलने वाले हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, 24 जुलाई 2026 के दिन सुबह में 4 बजकर 27 मिनट पर बुध मार्गी हो जाएंगे। बुध के मार्गी होने से कुछ राशियों के लिए समय बेहद शानदार रहने वाला है। बुध की सीधी चाल 5 राशियों के जातकों के लिए बहुत शुभ मानी जा रही है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, इनके जीवन में खुशहाली आएगी और पैसों की कोई कमी नहीं रहेगी। आइए जानें कौन सी हैं ये राशियां

सिंह राशि : बुध का मार्गी चाल में गोचर करना सिंह राशि के जातकों के लिए बेहद लाभकारी माना जा रहा है। काम के सिलसिले में यात्रा करनी पड़ सकती है। कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कर रहे छात्रों का मन पढ़ाई में खूब लगेगा।

तुला राशि : बुध का मार्गी चाल में गोचर करना तुला राशि के जातकों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। व्यापार में रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। अच्छी योजनाओं के साथ व्यापार में प्रॉफिट कमा सकते हैं।

मेष राशि : बुध का मार्गी चाल में गोचर करना मेष राशि के जातकों के लिए शुभ माना जा रहा है। आपकी बनाई गई हर रणनीति सफलता के कदम चूमेगी। धन लाभ होने की संभावना है।

कन्या राशि : बुध की मार्गी चाल कन्या राशि के जातकों के लिए सकारात्मक साबित हो सकती है। धन की दिक्कतों से मुक्ती मिलने का अनुमान है। अपनी सूझबूझ से आप बेहतर परफॉर्म करेंगे। जंक फूड खाने से बचें।

कुंभ राशि : बुध का मार्गी चाल में गोचर करना कुंभ राशि के जातकों के लिए शानदार साबित हो सकता है। व्यापार में धन को लेकर तनाव खत्म होगा। अपने जीवनसाथी को समय जरूर दें। मां की देख-भाल करें।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

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