इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए फिटनेस की राह पर पाक पूर्व कप्तान

Shan Masood

ENGvsPAK इंग्लैंड में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप अभियान से पहले पाकिस्तान के लिए अच्छी खबर है कि उंगली की चोट से उबरने के बाद पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शान मसूद ने बल्लेबाजी अभ्यास शुरू कर दिया है।मसूद बेकनहम में केंट काउंटी क्रिकेट क्लब में पाकिस्तान टीम के साथ जुड़े और मेडिकल स्टाफ की देखरेख में टीम के अभ्यास सत्र में हिस्सा लिया। इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज़ शुरू होने से एक हफ़्ते से भी कम समय पहले उनकी नेट्स में वापसी हुई है, जिसका पहला टेस्ट 19 अगस्त से लीड्स में खेला जाना है।

कैरेबियन दौरे के पहले मैच के दौरान उंगली में चोट लगने के कारण यह बाएं हाथ का बल्लेबाज़ वेस्टइंडीज के खिलाफ पाकिस्तान के दूसरे टेस्ट में नहीं खेल पाया था। पाकिस्तान ने दूसरा टेस्ट जीता और सीरीज़ 1-1 से बराबर की, जिससे उन्हें 2023 के बाद से घर से बाहर अपनी पहली टेस्ट जीत मिली।

पाकिस्तान ने कहा,” चिकित्सा दल की देखरेख में राष्ट्रीय टीम ने बेकनहम में केंट काउंटी क्रिकेट क्लब में प्रैक्टिस सेशन में हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने सेशन के दौरान बल्लेबाजी और गेंदबाजी नेट प्रैक्टिस की। चोटिल बल्लेबाज़ शान मसूद ने भी प्रैक्टिस सेशन में हिस्सा लिया।”

पाकिस्तान टीम आने वाले दिनों में मसूद की फ़िटनेस पर नज़र रखेगी और उसके बाद ही पहले टेस्ट के लिए उनकी उपलब्धता पर फ़ैसला करेगी। यह सीरीज़ इंग्लैंड में 2025-27 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप चरण में पाकिस्तान का पहला असाइनमेंट होगा। पाकिस्तान अभी डब्ल्यूटीसी स्टैंडिंग में आठवें स्थान पर है और कैरेबियन में अपने बेहतर प्रदर्शन से मिले आत्मविश्वास को इंग्लैंड दौरे पर भी बनाए रखने की कोशिश करेगा।

Electronics Manufacturing: सरकार ने ₹7877 करोड़ के 31 नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी, Wipro समेत कई कंपनियों के शेयर फोकस में

Electronics Manufacturing: केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) के तहत ₹7,877 करोड़ के 31 नए निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इन प्रोजेक्ट्स से ₹82,243 करोड़ का प्रोडक्शन होने की उम्मीद है। इस मंजूरी के बाद Wipro, PCBL Chemical, Centum Electronics और Syrma SGS जैसे शेयर फोकस में रह सकते हैं।

निवेश लक्ष्य से आगे निकली योजना

नए प्रोजेक्ट्स के बाद ECMS के तहत मंजूर कुल निवेश ₹69,548 करोड़ पहुंच गया है। यह स्कीम के शुरुआती ₹59,350 करोड़ के लक्ष्य से ज्यादा है।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि अब तक 106 कंपनियों को मंजूरी मिल चुकी है। इनमें 38 प्रोजेक्ट्स में उत्पादन शुरू हो चुका है। वहीं, 16 प्रोजेक्ट्स पर निर्माण का काम चल रहा है।

इन कंपनियों को मिली मंजूरी

कंपनीमंजूर निवेश
Wipro Global Engineering₹1,401 करोड़
Micromax Precision Moulding₹565 करोड़
PCBL Chemical₹329 करोड़
Minda Instrument₹270 करोड़
Centum Electronics (दो प्रोजेक्ट)₹106 करोड़
VVDN Technologies₹100 करोड़
Mitsubishi Electric₹99 करोड़
Syrma SGS₹60 करोड़

10 राज्यों में लगेंगे नए प्रोजेक्ट

MeitY सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि ये प्रोजेक्ट 10 राज्यों में लगाए जाएंगे। इनमें कई तरह के इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट शामिल हैं।

कैमरा और डिस्प्ले मॉड्यूल को भी मंजूरी मिली है। कैपिटल गुड्स और एनोड मटेरियल भी इसमें शामिल हैं। कनेक्टर्स, स्पीकर्स और माइक्रोफोन को भी मंजूरी दी गई है। एंटेना, कैपेसिटर, फिल्टर और रेयर अर्थ मैग्नेट भी इस सूची का हिस्सा हैं। कॉपर-क्लैड लैमिनेट जैसे प्रोडक्ट्स को भी मंजूरी मिली है।

हर हफ्ते हो रही हैं मंजूरियां

एस. कृष्णन ने कहा कि उद्योग से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसी वजह से सरकार अब लगभग हर हफ्ते या 10 दिन में मंजूरी बैठकें कर रही है। जिन कैटेगरी में आवेदन खुले हैं, उनमें जुलाई 2027 तक आवेदन किए जा सकेंगे।

कई प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू

कई मंजूर प्रोजेक्ट्स में काम शुरू हो चुका है। कुछ जल्द कमर्शियल प्रोडक्शन तक पहुंच सकते हैं।

इनमें Tata Electronics का होसुर प्लांट शामिल है। Dixon Technologies का नोएडा प्रोजेक्ट भी आगे बढ़ रहा है। Kaynes का चेन्नई के पास PCB प्लांट तैयार हो रहा है। Motherson का कांचीपुरम प्लांट और Wipro का लैमिनेट प्लांट भी प्रगति पर हैं।

सरकार ने क्या कहा?

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि निवेश का लक्ष्य पार हो गया है। लेकिन घरेलू डिजाइन क्षमता और स्वदेशी सप्लाई चेन पर अभी और काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग में Six Sigma जैसे उच्च गुणवत्ता मानक अपनाना भी जरूरी है। Six Sigma एक मैन्युफैक्चरिंग और क्वालिटी कंट्रोल का तरीका है। इसका मकसद प्रोडक्शन में गलती को लगभग शून्य तक लाना होता है।

केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 में ECMS का आवंटन ₹22,919 करोड़ से बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ कर दिया था। इस स्कीम को मार्च 2025 में मंजूरी मिली थी। सरकार का लक्ष्य 2030 तक भारत में 500 अरब डॉलर का इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्शन हासिल करना है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Is Hero bringing the Impulse back?

Is Hero bringing the Impulse back?
New Hero dual-sport motorcycle

Hero MotoCorp has filed a design patent for a new dual-sport motorcycle, with some details indicating that the model could enter a segment the brand last played in with the Impulse.

  1. Air-cooled engine with kickstarter visible in the patent drawings
  2. Carburettor suggests it could also be for export markets
  3. Disc brakes at both ends with what looks like long-travel suspension

New Hero dual-sport motorcycle: What the patent reveals

Design cues drawn from existing Hero models across different segments

The new motorcycle in the patent filing has an air-cooled engine with no oil-cooler, suggesting that it will likely be a smaller-capacity powerplant displacing somewhere in the 150-200cc range, well below the liquid-cooled Xpulse 421 that’s currently under development. The images also reveal that the engine will feature a kickstarter, but it’s safe to assume that an electric starter will also be present. If this is indeed a small-capacity engine as we suspect, the Impulse moniker could even be in contention for a revival. 

While this means the new model could sit close to the existing XPulse 200 4V and XPulse 210, the overall profile appears slimmer, and the potentially smaller engine could also make it lighter and easier to handle.

The overall silhouette and tank shrouds also bear a closer resemblance to the old Impulse than to the current XPulse range. Lighting elements seem to be drawn from existing Hero models – the tail lamp resembles the unit on the Xtreme 125R and XPulse 210, while the headlight is similar to the Xtreme 160R and now-discontinued Passion Pro 110 XTEC unit. Other visible elements include a raised front mudguard and a high-mounted exhaust, a telescopic fork and monoshock suspension setup, and disc brakes at both ends.

However, there is one aspect that is a little puzzling. In the images, we can see what looks like a fuel tap on the left side of the engine and a choke knob on the left handlebar – both indicating a carburetted setup. It’s highly unlikely that it would comply with our country’s emission norms, so the bike in this specific form could be intended for export markets where carburetted engines are still permitted.

That said, other details suggest a different version of the bike seen here could make it to India. Regulatory requirements like the front number plate and a saree guard are both visible, suggesting Hero could also be designing the bike with the local market in mind.

There’s little other information right now, but we’ll update this story as we learn more. A patent filing also doesn’t necessarily mean that the bike will go on sale in the near future. In terms of confirmed upcoming products from the brand, we can expect the production-ready Xpulse 421 to make its official debut at EICMA 2026.

खरीफ में खाद की पर्याप्त उपलब्धता पर योगी सरकार का जोर

खरीफ में खाद की पर्याप्त उपलब्धता पर योगी सरकार का जोर

Kharif 2026 Fertilizer: योगी सरकार ने खरीफ-2026 अभियान के दौरान किसानों को उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और वितरण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सहकारिता विभाग में खरीफ-2026 में उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा बैठक में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने और कम अथवा शून्य स्टॉक वाली समितियों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए।

 

समीक्षा के अनुसार 12 अगस्त तक प्रदेश में यूरिया की उपलब्धता 5.02 लाख मीट्रिक टन और फास्फेटिक उर्वरक की उपलब्धता 4.04 लाख एलएमटी दर्ज की गई। खरीफ 2026 में अब तक 10.83 लाख एलएमटी उर्वरक का क्रमिक वितरण किया जा चुका है। पिछले खरीफ सत्र की तुलना में यूरिया के क्रमिक वितरण में 2.73 लाख एलएमटी तथा फास्फेटिक उर्वरक में 1.70 लाख एलएमटी स्टाक में उपलब्ध है।

 

बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी समितियों एवं वितरण केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाए। शून्य एवं अल्प स्टॉक वाली समितियों की विशेष समीक्षा करते हुए आवश्यकतानुसार तत्काल आपूर्ति किया जाए। प्रत्येक जनपद में एडीएम अथवा सीडीओ स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया जाए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को उर्वरक की उपलब्धता में किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए आवश्यकता पड़ने पर उन्हें नजदीकी समिति से संबद्ध करने की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।

 

मुख्य सचिव ने सीडीओ को प्रतिदिन तथा जिलाधिकारी को साप्ताहिक स्तर पर उर्वरक उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उर्वरक की ओवररेटिंग अथवा अनधिकृत टैगिंग से संबंधित शिकायत किसी भी स्थिति में प्राप्त नहीं होनी चाहिए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को खाद के लिए परेशानी न हो, इसके लिए उन्हें नजदीकी वैकल्पिक समितियों से जोड़ने की व्यवस्था भी करने को कहा गया है। जनपदों में उर्वरक के परिवहन के लिए पर्याप्त ट्रकों की उपलब्धता भी कराई गई है।  

किसानों की सुविधा के लिए नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय 

 योगी सरकार की किसान-केंद्रित व्यवस्था के तहत खाद की उपलब्धता पर जिला स्तर तक निगरानी बनाए रखने के साथ ही किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जा रहा है। किसानों की सुविधा के लिए सहकारिता विभाग ने नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय रखा है। दस्तावेज में दिए गए नंबरों के अनुसार 0522-2289887 पर सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक तथा 1800-180-5551 पर संपर्क किया जा सकता है।

Mahindra scores double podium at Formula E London E-Prix

Mahindra scores double podium at Formula E London E-Prix
Mahindra Formula E London E Prix

Mahindra wrapped up the 2025-26 Formula E season on a high note, securing a double podium finish at the London E-Prix finale with Nyck de Vries P2 and Edoardo Mortara P3. This helped the Indian team clinch third place in the teams’ championship, matching its strongest Formula E result.

Pascal Wehrlein, meanwhile, secured his second Formula E title despite not scoring any points in the finale.

  1. Mahindra P3 in teams’ championship 
  2. Barnard wins London E-Prix finale, ahead of de Vries and Mortara
  3. Wehrlein defeats Dennis and Evans to win the drivers’ championship

Wehrlein seals Formula E title

Barnard becomes youngest Formula E race winner

Pascal Wehrlein Formula E

Heading into the London E-Prix double-header, Wehrlein stood third overall behind Andretti’s Jake Dennis and Jaguar’s Mitch Evans. Victory in Race 1 handed him the overall lead, though, five points ahead of Dennis. 

Wehrlein remained in the top five for the majority of the finale race, but both Dennis and Evans made impressive recoveries to keep the title battle alive in the closing laps. Evans used his Attack Mode to pass Antonio Felix da Costa and Wehrlein, moving up to fourth place. Da Costa then squeezed Wehrlein on Lap 27, dropping the latter down to P12. 

Dennis, meanwhile, battled his way through the field after starting P16 on the grid. Towards the end of the race, Dennis and Wehrlein were running P9 and P10, respectively. The pair ran side-by-side on Lap 32, but Wehrlein tagged the back of Joel Eriksson, who spun and collected both Wehrlein and Dennis. The incident forced Eriksson to retire, while Dennis had to pit for a tyre change and finished down in P18. 

Wehrlein was handed a three-place grid penalty for the incident, which he will serve at the Jeddah E-Prix at the start of next season. He nursed his car to P14 but was still able to clinch his second Formula E title, defeating Dennis by five points. “Today was intense. A lot of games being played, far beyond the line, but it is what it is,” Wehrlein said after the race. 

“[We] still kept our head cool and brought it home. So, yeah, a special thanks to my team, to everyone involved in that project. We are the most successful manufacturer in this Gen3 era, and I couldn’t be happier and more proud of the team.”

Evans lost out on the title, but his P4 result helped Jaguar win the teams’ championship, 17 points ahead of Porsche.

Mahindra third in teams’ championship

Mahindra Formula E

Mahindra Racing locked out the front row for the finale, with de Vries taking pole position ahead of Mortara. Both drivers made a clean getaway at the start and held their positions. The pair remained in control at the front for most of the race, swapping positions among themselves through the various Attack Mode activations. 

But with just two laps to go, Taylor Barnard’s late Attack Mode activation saw him muscle past both Mortara and de Vries to take a surprise win. The DS Penske driver becomes the youngest-ever Formula E race winner at 22 years and 76 days old.

De Vries and Mortara had to settle for P2 and P3, but a strong 42-point haul from London was enough for Mahindra to finish third in the teams’ championship, defeating the likes of Andretti, Citroen and Nissan

Over the course of the season, the Indian team scored a total of 252 points, two wins, five further podiums and five pole positions. “To finish the season with our first front-row lockout, both cars on the podium and third in the Teams’ World Championship says a great deal about the level this team has reached,” said Mahindra Racing team principal and CEO Frederic Bertrand. 

“Last season, we finished fourth with 186 points. This season, we finished third with 252, alongside two wins, five pole positions and seven podiums. The numbers show the progress, but they come from the standards, ownership and consistency across the whole organisation, from the team at the circuit to everyone in Banbury, our colleagues in India and our partners. Mahindra took the first pole of the Gen3 era and the last. We can be proud of the way we have closed this chapter, and now our responsibility is to carry this level of work into Gen4.”

2026 Formula E London E Prix Round 17 results

Pos

Driver

Team

1

Taylor Barnard

DS Penske

2

Nyck de Vries

Mahindra Racing

3

Edoardo Mortara

Mahindra Racing

4

Mitch Evans

Jaguar Racing

5

Sebastien Buemi

Envision Racing

6

Nick Cassidy

Citroen Racing

7

Jean-Eric Vergne

Citroen Racing

8

Josep Maria Marti

Cupra Kiro

9

Oliver Rowland

Nissan

10

Norman Nato

Nissan

11

Max Guenther

DS Penske

12

Nico Mueller

Porsche

13

Felipe Drugovich

Andretti

14

Pascal Wehrlein

Porsche

15

Antonio Felix da Costa

Jaguar

16

Dan Ticktum

Cupra Kiro

17

Zane Maloney

Lola Yamaha ABT

18

Jake Dennis

Andretti

NC

Joel Eriksson

Envision Racing

NC

Lucas di Grassi

Lola Yamaha ABT

 

सोनल के शतक और डिकवेला के अर्धशतक से श्रीलंका भारत के खिलाफ बची फॉलोऑन से

INDvsSL श्रीलंका की पूरी टीम एक भी दिन बल्लेबाजी नहीं कर पाई और 79.4 ओवर में 284 रन बनाकर सिमट गई। श्रीलंका एक वक्त पर 90 रनों पर 5 विकेट गंवा चुकी थी और उसके सिर के ऊपर गाले (अपने ही घरेलू मैदान) पर फॉलोओन का खतरा मंडरा रहा था। ऐसे में निरोशन डिकवेला और सोनल दिनूशा ने 146 रनों की साझेदारी कर टीम को शर्मसार होने से बचाया।

श्रीलंका की पारी के बाद घने बादल मैदान पर छाने लग गए और बारिश के आने के बाद अंपायर्स को तीसरे दिन के खेल के समाप्ति की घोषणा करनी पड़ी। श्रीलंका की ओर से अभ्यास मैच में प्रभावित करने वाले युवा सोनल दिनूशा ने शतक मारा वहीं निरोशन डिकवेला 80 पर आउट होकर शतक पूरा नहीं कर सके।

भारत की ओर से मानव सुथार ने सर्वाधिक 4 विकेट लिए। उन्होंने अपने 21.4 ओवर के स्पैल में 76 रन दिए। रविंद्र जड़ेजा ने भी 3 विकेट लेकर 21 ओवर में 57 रन दिए। भारत ने पहली पारी में 462 रन बनाए थे जिसके आधार पर उसको 178 रनों की बढ़त प्राप्त है।

मुसीबत में कौन सा फंड देगा आपका साथ? जानिए EPF, NPS, PPF और म्यूचुअल फंड्स से निकासी की पूरी टाइमलाइन

Retirement Options Withdrawal Timelines: रिटायरमेंट फंड या लंबी अवधि का पोर्टफोलियो बनाते समय हम अक्सर सिर्फ ब्याज दर या मिलने वाले रिटर्न पर ध्यान देते हैं। लेकिन इमरजेंसी के समय सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह होता है कि रिडेम्पशन या विदड्रॉल रिक्वेस्ट डालने के बाद पैसा आपके बैंक खाते में कितनी जल्दी आता है?

कुछ ऑप्शन जहां 24 से 48 घंटे में पैसे ट्रांसफर कर देते हैं, वहीं कुछ में हफ्तों का समय लग जाता है। आनंद राठी वेल्थ लिमिटेड के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर जसमीत सिंह के मुताबिक, ‘लिक्विड और इलिक्विड इंस्ट्रूमेंट्स के अंतर को समझना जरूरी है। क्योंकि हर निवेश तुरंत पैसे देने के लिए नहीं बना होता।’

आइए जानते हैं भारत के 4 सबसे लोकप्रिय निवेश विकल्पों EPF, NPS, PPF और Mutual Funds की निकासी टाइमलाइन और उनके नियमों का पूरा गणित।

1. Mutual Funds: सबसे तेज और आसान निकासी (1 से 3 दिन)

अगर आपको तुरंत और बिना किसी शर्त के पैसे की जरूरत है, तो ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड सबसे बेहतर विकल्प साबित होते हैं। लिक्विड और ओवरनाइट फंड्स का पैसा कट-ऑफ टाइम के आधार पर T+1 (अगले वर्किंग डे) या उसी दिन क्रेडिट हो जाता है। इक्विटी और अन्य डेट फंड्स का पैसा 1 से 3 कार्य दिवसों (T+1 to T+3) में बैंक अकाउंट में आ जाता है।

इसमें पैसा निकालने के लिए किसी विशेष कारण (जैसे- बीमारी, शादी या पढ़ाई) की आवश्यकता नहीं होती। वैसे ये मार्केट-लिंक्ड होते हैं, इसलिए NAV में उतार-चढ़ाव का जोखिम बना रहता है।

2. NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम): T+2 सेटलमेंट टाइमलाइन

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली में क्लेम प्रोसेसिंग की समयसीमा को काफी सुधारा गया है। सितंबर 2022 से PFRDA ने NPS एग्जिट विदड्रॉल की समयसीमा T+4 से घटाकर T+2 (2 सेटलमेंट डेज) कर दी है। हालांकि, पूरा फंड ट्रांसफर होने की प्रक्रिया में एन्युटी खरीदने के नियम भी लागू होते हैं।

एनपीएस टियर-1 खाते से आप केवल अपने योगदान का अधिकतम 25% ही निकाल सकते हैं। इसके लिए विशिष्ट कारणों (जैसे- बीमारी, घर, बच्चों की पढ़ाई) का होना अनिवार्य है।

3. कर्मचारी भविष्य निधि(EPF): 3 दिन से 20 दिन की समयसीमा

जून 2026 में लागू नए कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 2026 के तहत ईपीएफओ ने क्लेम सेटलमेंट के नियमों को सख्त और तेज किया है। पूरी तरह से सही पाए गए क्लेम को निपटाने के लिए 20 दिनों की वैधानिक समयसीमा तय की गई है। अगर बिना किसी कारण 20 दिनों से अधिक देरी होती है, तो कमिश्नर के वेतन से 12% वार्षिक ब्याज की दर से हर्जाना वसूला जा सकता है। ऑनलाइन और ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिए योग्य क्लेम 3 से 5 दिनों में सेटल हो जाते हैं।

ईपीएफ से केवल तय कारणों जैसे- मेडिकल, शादी, घर आदि के लिए ही आंशिक निकासी संभव है। अगर आधार-UAN लिंकिंग या एंप्लॉयर वेरिफिकेशन में कोई गड़बड़ी हो, तो पैसे आने में 2 से 3 हफ्ते का समय लग सकता है।

4. पब्लिक प्रॉविडेंट फंड(PPF): कोई निश्चित T+2 वादा नहीं

पब्लिक प्रॉविडेंट फंड में पैसा निकालने की कोई केंद्रीय ऑनलाइन T+1 या T+2 व्यवस्था नहीं है। आवेदन करने के बाद बैंक या पोस्ट ऑफिस की आंतरिक प्रक्रिया के आधार पर 2 से 5 कार्य दिवसों में पैसा अकाउंट में आता है। पीपीएफ में 5 वित्तीय वर्ष पूरे होने के बाद ही साल में केवल एक बार आंशिक निकासी की अनुमति होती है, जो कि पात्र बैलेंस के एक तय हिस्से तक ही सीमित रहती है।

EPF vs NPS vs PPF vs Mutual Funds किसमें कितना समय और कितनी छूट?

EPF vs NPS vs PPF vs Mutual Funds किसमें कितना समय और कितनी छूट?

एक्सपर्ट्स की ये है सबसे जरूरी सलाह

रिटायरमेंट पोर्टफोलियो बनाते समय केवल एक ही इंस्ट्रूमेंट पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। आनंद राठी वेल्थ के जसमीत सिंह सलाह देते हैं कि, ‘निवेशकों को अपने कम से कम 6 महीने के खर्च का इमरजेंसी फंड आसानी से सुलभ विकल्पों जैसे लिक्विड म्यूचुअल फंड या बैंक एफडी में रखना चाहिए, ताकि अनिश्चितता के समय लंबे समय के लिए किए गए EPF, PPF या NPS निवेश को समय से पहले न तोड़ना पड़े।’

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

महंगे हो गए 5G स्मार्टफोन्स, 10 हजार से कम में खरीदें ये 10 दमदार 4G फोन्स जो दे रहे हैं बंपर फीचर्स, देखें लिस्ट

मेमोरी की कीमत बढ़ने और दूसरे पार्ट्स महंगे होने के कारण 5G स्मार्टफोन की कीमत लगातार बढ़ रही है। IDC के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 की दूसरी तिमाही में 5G स्मार्टफोन की औसत कीमत 341 डॉलर पहुंच गई, जबकि 4G स्मार्टफोन की औसत कीमत 109 डॉलर रही। इस तरह 5G और 4G फोन की कीमत में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। इसका असर बजट में फोन खरीदने वाले ग्राहकों पर पड़ रहा है। खासकर छोटे शहरों और कस्बों के ग्राहक महंगे 5G फोन के बजाय कम कीमत वाले 4G स्मार्टफोन खरीदना पसंद कर रहे हैं।

यह बदलाव स्मार्टफोन की बिक्री के आंकड़ों में भी साफ दिखाई दे रहा है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के मुताबिक, 2026 की दूसरी तिमाही में 4G स्मार्टफोन की बिक्री में 40% की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान कुल बिके स्मार्टफोन में 4G फोन की हिस्सेदारी बढ़कर 12% हो गई। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि लोग 5G फोन खरीदना बंद कर रहे हैं। असल में, बढ़ती कीमतों का सबसे ज्यादा असर कम बजट वाले ग्राहकों पर पड़ रहा है। यही वजह है कि ये ग्राहक महंगे 5G फोन की जगह सस्ते 4G स्मार्टफोन को चुन रहे हैं।

जिन लोगों को फोन का इस्तेमाल मुख्य रूप से कॉलिंग, WhatsApp, सोशल मीडिया, वीडियो देखने, रास्ता खोजने और रोजमर्रा के ऐप्स चलाने के लिए करना है, उनके लिए 4G स्मार्टफोन अभी भी एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। अगर आप 5G फोन पर ज्यादा पैसे खर्च नहीं करना चाहते हैं, तो बजट में मिलने वाले 4G फोन पर विचार किया जा सकता है। इनमें से एक है Lava Bold N2 Lite। Flipkart पर इसकी कीमत 9,399 रुपये बताई गई है। फोन में 3GB रैम और 64GB स्टोरेज मिलती है। इसमें 6.75 इंच का डिस्प्ले, 13 मेगापिक्सल का रियर कैमरा और 5,000mAh की बैटरी दी गई है।

  • POCO C61

POCO C61 की कीमत 7,499 रुपये है। इसमें 4GB रैम और 64GB स्टोरेज दी गई है। फोन में 6.71 इंच का HD+ डिस्प्ले, 8 मेगापिक्सल का रियर कैमरा और 5,000mAh की बैटरी मिलती है।

  • Redmi 12C

Redmi 12C भी 7,499 रुपये की कीमत में आता है। इसमें 4GB रैम और 64GB स्टोरेज दी गई है। फोन में 6.71 इंच का HD+ डिस्प्ले, 50 मेगापिक्सल का रियर कैमरा और 5,000mAh की बैटरी मिलती है।

  • Lava Blaze

Lava Blaze भी बजट सेगमेंट में एक विकल्प है। यह उन यूजर्स के लिए उपयोगी हो सकता है जो कम कीमत में रोजमर्रा के काम के लिए 4G स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं।

Ai+ Pulse 2

Ai+ Pulse 2 की कीमत 9,987 रुपये है। इसमें 6.745 इंच का HD+ डिस्प्ले दिया गया है। फोन में 50 मेगापिक्सल का रियर कैमरा और 6,000mAh की बैटरी मिलती है। इसमें 4GB रैम, 64GB स्टोरेज और Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम दिया गया है।

Moto G05

Motorola G05 की कीमत 7,299 रुपये है। इसमें 4GB रैम और 64GB स्टोरेज दी गई है। फोन में 6.67 इंच का HD+ डिस्प्ले, 50 मेगापिक्सल का रियर कैमरा और 5,200mAh की बैटरी मिलती है।

POCO C71

POCO C71 की कीमत 8,999 रुपये है। इसमें 6GB रैम और 128GB स्टोरेज दी गई है। फोन में 6.88 इंच का डिस्प्ले, 32 मेगापिक्सल का रियर कैमरा और 5,200mAh की बैटरी मिलती है। इसमें स्टोरेज को मेमोरी कार्ड के जरिए बढ़ाने का विकल्प भी दिया गया है।

Asian Games में मुख्य खिलाड़ियों को आराम देकर युवा टीम भेजेगा अफगानिस्तान

अफगानिस्तान ने दरविश रसूली की अगुवाई में जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेल 2026 के लिए 15 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है। इस टीम में युवा खिलाड़ियों के साथ नजीबुल्लाह ज़दरान और करीम जनत जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी शामिल हैं। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड की राष्ट्रीय चयन समिति ने टीम के अधिकतर खिलाड़ी हाल ही में खत्म हुई 11वीं शपागीजा क्रिकेट लीग से चुना हैं। नियमित कप्तान राशिद खान और रहमानुल्लाह गुरबाज और अज़मतुल्लाह ओमरजई जैसे अहम खिलाड़ी इस टीम का हिस्सा नहीं होंगे।

एशियाई खेल 24 सितंबर से तीन अक्टूबर तक होने हैं। इससे ठीक एक सप्ताह पहले, अफ़गानिस्तान की टीम तीन मैचों की टी-20 सीरीज़ के लिए भारत का दौरा करेगी। वहीं, टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज मोहम्मद अकरम ने शपागीजा क्रिकेट लीग में शानदार प्रदर्शन के बाद टीम में जगह बनाई है। उन्होंने आठ पारियों में 339 रन बनाए, जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल थे। ऑलराउंडर इस्मत आलम को भी टूर्नामेंट में उनके अच्छे प्रदर्शन का इनाम मिला है। उन्होंने 294 रन बनाए और नौ विकेट लिए, जिसके लिए उन्हें एससीएल का ‘बेस्ट प्लेयर’ अवॉर्ड मिला।

विकेटकीपर-बल्लेबाज मोहम्मद इशाक, हसन ईसाखिल, खालिद तानीवाल और इमरान मीर टीम में शामिल अन्य युवा खिलाड़ियों में से हैं, जबकि नजीबुल्लाह और जनत अंतरराष्ट्रीय अनुभव लेकर आए हैं।

अफगानिस्तान एशियाई खेलों की टीम इस प्रकार है:- दरविश रसूली (कप्तान), मोहम्मद इशाक (विकेटकीपर), मोहम्मद अकरम, हसन ईसाखिल, खालिद तानिवाल, इमरान मीर, फैसल खान शिनोजादा, नजीबुल्लाह जादरान, फरमानुल्लाह सफी, इस्मत आलम, करीम जनत, नांग्याल खरोती, अरब गुल मोमंद, फरीदून दाऊदजई और अब्दुल्ला अहमदजई।