₹87 हजार करोड़ घटी निवेशकों की दौलत, लगातार पांचवे दिन Sensex लाल, 24288 पर बंद Nifty

Sensex-Nifty closes red: जियो-पॉलिटिकल टेंशन बने रहने और रुपये की कमजोरी ने आज मार्केट पर ऐसा दबाव बनाया कि निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद यह संभल नहीं पाया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर रिकवरी दिखी और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 रेड से ग्रीन जोन में लौटे और बढ़त के साथ बंद हुए। इसमें निफ्टी मिडकैप 100 लगभग फ्लैट रहा तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.36% की मजबूती आई।

सेक्टरवाइज आईटी और एफएमसीजी सेक्टर ने आज मार्केट पर काफी दबाव बनाया और इन्होंने मेटल स्टॉक्स की कोशिश को फेल कर दिया। निफ्टी मेटल में आज 1% से अधिक की बढ़त आई तो निफ्टी आईटी में डेढ़ फीसदी से अधिक गिरावट और निफ्टी एफएमसीजी में 1% से अधिक कमजोर हुआ। ओवरऑल इस माहौल में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹86 लाख करोड़ से अधिक घट गया।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 281.09 प्वाइंट्स यानी 0.36% की गिरावट के साथ 77,728.16 और निफ्टी 78.35 प्वाइंट्स यानी 0.32% की फिसलन के साथ 24,287.65 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 555.50 प्वाइंट्स टूटकर 77,453.75 तक आया था जिससे 474.93 प्वाइंट्स रिकवर होकर यह 77,928.68 पहुंचा तो निफ्टी भी 139.05 प्वाइंट्स टूटकर 24,226.95 तक आया था जिससे 133.15 प्वाइंट्स रिकवर होकर यह 24,360.10 तक पहुंच गया।

डूबे निवेशकों के ₹86 हजार करोड़

एक कारोबारी दिन पहले यानी 14 अगस्त 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,93,37,892.96 करोड़ था। आज यानी 17 अगस्त 2026 को यह घटकर ₹4,92,51,039.39 करोड़ पर आ गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹86,853.57 करोड़ की गिरावट आई

Sensex के सिर्फ 7 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज सिर्फ 7 ही ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। दिन के आखिरी में आज टाटा स्टील और एक्सिस बैंक में सबसे अधिक बढ़त रही तो दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट इंफोसिस, एचसीएलटेक और सन फार्मा में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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175 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4674 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2087 शेयर आज मजबूत हुए तो 2353 में गिरावट रही जबकि 234 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 175 शेयर एक साल के हाई और 120 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 10 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 42 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

विश्वकप में क्या खुलेगा चक दे गर्ल्स का खाता? कल सामने होगी द.अफ्रीका

चीन के साथ कड़े मुकाबले में 2-2 से ड्रॉ खेलने के बाद अपनी पहली जीत की उम्मीद में भारतीय महिला टीम कल FIH वर्ल्ड कप हॉकी टूर्नामेंट में अपने दूसरे पूल डी मैच में दक्षिण अफ्रीका का सामना करेगी। भारत ने चीन के खिलाफ अच्छी शुरुआत की, जिसमें नवनीत और दीपिका ने गोल करके अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी।

चीन ने दो बार वापसी करते हुए बराबरी की, लेकिन भारत की अनुशासित रक्षापंक्ति और लड़ने के जज्बे ने उन्हें टूर्नामेंट की प्रमुख टीमों में से एक के खिलाफ एक अहम अंक दिलाने में मदद की। इस नतीजे से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले मैच से पहले भारत का आत्मविश्वास बढ़ेगा, साथ ही यह भी पता चलेगा कि अपनी सकारात्मक लय को तीन अंक में बदलना कितना जरूरी है।

वहीं, दक्षिण अफ्रीका अपने पहले मैच में इंग्लैंड से 4-0 से हारने के बाद वापसी करने के लिए उत्सुक होगा। इंग्लैंड अभी पूल में सबसे आगे है, जबकि भारत और चीन पहले दिन ड्रॉ खेलने के बाद अंक के मामले में दूसरे स्थान पर हैं। टूर्नामेंट के पहले चरण से हर पूल की शीर्ष दो टीमें आगे बढ़ेंगी और सेमीफाइनल की दौड़ में बनी रहेंगी, इसलिए हर अंक बहुत अहम हो जाता है।

इसलिए भारत इस मुकाबले में यह जानते हुए उतरेगा कि जीत से उनके क्वालिफिकेशन की उम्मीदों को बड़ा बढ़ावा मिल सकता है। भारत के लिए चुनौती यह होगी कि वे चीन के खिलाफ दिखाई गई तीव्रता और संयम को बनाए रखें और साथ ही अटैकिंग थर्ड में और अधिक सटीक खेलें।

टूर्नामेंट की शुरुआत में नवनीत और दीपिका की फॉर्म आत्मविश्वास का बड़ा स्रोत होगी, जबकि दबाव झेलने की टीम की क्षमता का फिर से परीक्षण किया जाएगा। दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका अपनी शुरुआती हार के बाद मजबूत वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार होगा। भारत को एक ऐसी टीम से कड़े मुकाबले की उम्मीद करनी चाहिए जिसके पास दांव पर लगाने के लिए बहुत कुछ है।

भारतीय टीम चीन के खिलाफ दिखाए गए भरोसे और जीतने की जबरदस्त इच्छाशक्ति से आत्मविश्वास हासिल करेगी। अब, इस विश्व कप में अपनी पहली जीत पर नजर रखते हुए, भारत उसी आधार को आगे बढ़ाना चाहेगा, तीन अहम अंक हासिल करना चाहेगा और कड़े मुकाबले वाले पूल डी में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगा।

मैच का समय – शाम 6.30 बजे

कहां देखें- स्टार सिलेक्ट या फिर जियो हॉटस्टार पर

टी-20 विश्वकप में उलटफेर करने वाली इटली खेलेगी पहला एकदिवसीय मैच

अपनी फुटबॉल टीम के लिए मशहूर इटली अब क्रिकेट में धीरे धीरे आगे बढ़ रहा है। कुछ महीने पहले ही टी-20 विश्वकप में इटली के स्पिनरों ने हालात का पूरा फ़ायदा उठाकर नेपाल के खिलाफ बेन मैनेंटी ने 9 रन देकर 2 विकेट लिए, जबकि कृष्ण कलुगामागे ने 22 रन देकर 3 विकेट लिए। इसके बाद मोस्का भाइयों ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से नेपाल को कोई मौका नहीं दिया। हां, टारगेट ज्यादा नहीं था लेकिन उन्होंने 12.4 ओवर में उसे पूरी तरह से खत्म कर दिया।

अब यह खबर आ रही है कि आगामी एकदिवसीय विश्वकप क्वालिफायर में इटली आधिकारिक तौर पर अपना पहला एकदिवसीय मैच खेलेगा।

जुलाई में ICC द्वारा घोषित किए गए विश्व कप 2027 के नए प्रारुप  के मुताबिक़ क्वालीफ़ायर्स का विजेता सीधे प्रमुख ग्रुप में प्रवेश कर जाएगा। जबकि क्वालीफ़ायर्स में दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान की टीम वनडे विश्व कप के पहले राउंड में पहुंचेगी। जिसे सुपर सीरीज़ का नाम दिया गया है, और फिर सुपर सीरीज़ के विजेता को 12 देशों के बीच प्रतिस्पर्धा का मौक़ा मिलेगा।

ICC वनडे विश्व कप 2027 दक्षिण अफ़्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया के 12 शहरों में 4 अक्टूबर से 11 नवंबर 2027 के बीच खेला जाएगा।विश्व कप क्वालीफ़ायर्स में कुल 10 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें 30 सितंबर 2026 तक की वनडे रैंकिंग के आधार पर मेज़बान दक्षिण अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे को छोड़कर दो सबसे निचली रैंकिंग वाली पूर्ण सदस्य टीमें, CWC लीग-2 की शीर्ष चार टीमें और विश्व कप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ से क्वालीफ़ाई करने वाली शीर्ष चार टीमें शामिल होंगी।

विश्वकप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ में CWC लीग-2 की निचली चार टीमें और चैलेंज लीग की चार टीमें आमने-सामने होंगी। चैलेंज लीग को विश्व क्रिकेट का तीसरा स्तर माना जाता है। प्लेऑफ़ का प्रारूप अभी तय नहीं किया गया है, लेकिन इस आठ टीमों के टूर्नामेंट से शीर्ष चार टीमें 2027 वनडे विश्व कप क्वालीफ़ायर्स के लिए क्वालीफ़ाई करेंगी।

चैलेंज लीग में कुल 12 टीमें हिस्सा लेंगी, जिन्हें छह-छह टीमों के दो समूहों में बांटा जाएगा। प्रत्येक टीम इस पूरे चक्र के दौरान तीन राउंड-रॉबिन टूर्नामेंट खेलेगी। दोनों समूहों से शीर्ष दो-दो टीमें विश्व कप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ के लिए क्वालीफ़ाई करेंगी।

भारत के बैंकिंग सेक्टर में होगा बड़ा बदलाव! वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिए हाई-पावर्ड कमेटी के संकेत, जानिए क्या है पूरा प्लान

High-Powered Committee on Banking: भारतीय बैंकिंग क्षेत्र आने वाले समय में एक बड़े ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बनने जा रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार, 17 अगस्त को घोषणा की कि केंद्र सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बैंकिंग सेक्टर पर एक ‘हाई-पावर्ड कमेटी’ गठित करने की तैयारी में है।

दो दिवसीय ‘पीएसबी मंथन/संगम’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस सम्मेलन से निकलने वाले सुझाव और विचार इस उच्च स्तरीय समिति के लिए मुख्य आधार तैयार करेंगे। आइए जानते हैं कि भारतीय बैंकों के लिए क्या है सरकार का नया रोडमैप और बीते 10 सालों में बैंकिंग क्षेत्र की कितनी तस्वीर बदली है।

विकसित भारत का विजन: क्या करेगी यह हाई-पावर्ड कमेटी?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह कमेटी इस बात का गहन अध्ययन और आकलन करेगी कि ‘विकसित भारत’ के सफर में देश को किस दिशा में आगे बढ़ना है और इसमें बैंकिंग सेक्टर की क्या भूमिका होगी।

सम्मेलन में हो रही चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य ऐसे व्यावहारिक, स्पष्ट और अमल में लाने योग्य विचार तैयार करना है, जिन्हें बैंकिंग क्षेत्र लागू कर सके। वित्त मंत्री के अनुसार, यह सुधार सही समय पर हो रहे हैं क्योंकि भारतीय बैंक आज अब तक की सबसे मजबूत वित्तीय स्थिति में खड़े हैं। दो दिवसीय सम्मेलन में बैंकिंग जगत के दिग्गज 7 प्रमुख विषयों पर चर्चा कर रहे हैं, जो भविष्य के रोडमैप का आधार बनेंगे।

रिकॉर्ड निचले स्तर पर NPA: ऐतिहासिक मजबूती में भारतीय बैंक

बैंकिंग क्षेत्र में इस नए सुधार पैकेज का सबसे मजबूत पहलू यह है कि बैंक अब अपने सबसे कम एनपीए (NPA) के स्तर पर हैं, जिससे उनकी कर्ज देने की क्षमता काफी बढ़ गई है। वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) के सचिव संजय लोहिया ने बताया कि पिछले एक दशक में भारतीय बैंकों के पैमाने, स्थिरता और पहुंच में क्रांतिकारी बदलाव आया है।

मजबूत बैलेंस शीट के दम पर अब सरकारी बैंक (PSBs) देश की आर्थिक वृद्धि, कृषि सेक्टर, MSMEs और समाज के वंचित वर्गों को वित्तीय सहायता देने में कहीं ज्यादा सक्षम हैं।

10 साल में कितना बदला बैंकिंग सेक्टर? आंकड़े दे रहे गवाही

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2015 से मार्च 2026 के बीच भारतीय बैंकों के प्रदर्शन में जबरदस्त उछाल देखा गया है:

कुल कारोबार: मार्च 2015 के ₹128 लाख करोड़ से दोगुना से भी अधिक बढ़कर मार्च 2026 में करीब ₹283 लाख करोड़ तक पहुंच गया।

जमा राशि: बैंकों में जमा राशि ₹72 लाख करोड़ से बढ़कर ₹156 लाख करोड़ हो गई।

कुल लोन: बैंकों द्वारा दिया गया कर्ज ₹36 लाख करोड़ से बढ़कर ₹127 लाख करोड़ हो गया।

नेट प्रॉफिट: बैंकों का शुद्ध मुनाफा 4 गुना से अधिक बढ़ा है। FY15 के ₹45,000 करोड़ के मुकाबले FY26 में बैंकों ने ₹1.9 लाख करोड़ का रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया।

ग्रॉस एनपीए में भारी गिरावट: मार्च 2018 में ग्रॉस NPA 14.6% के शिखर पर था, जो मार्च 2026 में घटकर महज 1.93% के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। वहीं नेट NPA भी 8% से घटकर 2.39% रह गया है।

आगे का लक्ष्य: गुणवत्तापूर्ण ग्रोथ और ग्राहकों की नई जरूरतें

वित्तीय सेवाएं विभाग के सचिव संजय लोहिया के अनुसार, पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSBs) की अगली प्राथमिकता इस तेजी को बनाए रखना है। बैंक अपनी मजबूत वित्तीय स्थिति का उपयोग करके क्वालिटी बिजनेस ग्रोथ पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इसके अलावा, उभरती हुई नई वित्तीय जरूरतों और बदलते दौर में ग्राहकों की अपेक्षाओं के अनुसार बैंक अपनी सेवाओं में बदलाव करेंगे।

वित्तीय सेक्टर में पिछले एक दशक के ठोस सुधारों के बाद अब सरकार का पूरा ध्यान बैंकों को 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के मुख्य इंजन के रूप में ढालने पर है। जल्द ही गठित होने वाली हाई-पावर्ड कमेटी का रोडमैप आने वाले सालों में भारतीय बैंकिंग प्रणाली की नई दिशा तय करेगा।

तमिलनाडु में किसानों का 75000 रुपये तक का कर्ज माफ, CM विजय ने किया बड़ा एलान…जानें किन्हें मिलेगा लाभ

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को किसानों के लिए बड़ी घोषणा की। उन्होंने 75,000 रुपये तक के सहकारी कृषि ऋण को पूरी तरह माफ करने का ऐलान किया। वहीं, 75,000 रुपये से 1 लाख रुपये तक के ऋण पर भी 75,000 रुपये तक की राहत दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और देश की तरक्की किसानों के समर्थन पर निर्भर करती है। उन्होंने बताया कि राज्य इस समय आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है, इसके बावजूद सरकार ने किसानों को अतिरिक्त मदद देने का फैसला किया है। इसके तहत किसानों को कुल 953.06 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी।

किसानों के लिए बड़ा ऐलान

विधानसभा में नियम 110 के तहत घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कहा कि सरकार ने मई में सत्ता संभालने के 15 दिनों के अंदर 50,000 रुपये तक के कृषि ऋण माफ कर दिए थे। इसके बाद सरकार ने राहत बढ़ाते हुए 75,000 रुपये तक के कृषि ऋण पूरी तरह माफ करने का फैसला किया। वहीं, 75,000 रुपये से ज्यादा के ऋण पर 35,000 रुपये तक की छूट दी गई। इस फैसले से 14.44 लाख से ज्यादा किसानों को फायदा हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि 7 अगस्त 2026 को कृषि संगठनों के साथ हुई बातचीत के बाद सरकार ने किसानों को और राहत देने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि यह फैसला राज्य की मौजूदा आर्थिक मुश्किलों और भारतीय रिजर्व बैंक के उन दिशा-निर्देशों के बावजूद लिया गया है, जिनमें सहकारी बैंकों के ऋण का जल्द निपटारा करने की जरूरत बताई गई है।

माफ किया जाएगा कर्ज

मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक, 75,000 रुपये तक के सहकारी कृषि ऋण को अब पूरी तरह माफ किया जाएगा। वहीं, 75,000 रुपये से 1 लाख रुपये तक के ऋण पर 75,000 रुपये तक की छूट मिलेगी। 1 लाख रुपये से ज्यादा के ऋण पर अधिकतम 35,000 रुपये की राहत दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फैसले से 1.38 लाख से ज्यादा किसानों को अतिरिक्त मदद मिलेगी। इससे सरकार पर करीब 953.06 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसके बाद 13.34 लाख किसानों को मिलने वाली कुल ऋण राहत की राशि बढ़कर 6,220 करोड़ रुपये हो जाएगी।

अभी भी नंबर 1 टीम हैं, बांग्लादेश से हार के बाद पैट कमिंस का अजीबोगरीब बयान (Video)

एकदिवसीय विश्व विजेता और पूर्व  विश्व टेस्ट चैंपियनशिप विजेता कप्तान पैट कमिंस जब 13 अगस्त को डार्विन में ऑस्ट्रेलिया के लिए टॉस जीतकर ड्रेसिंग रूम लौटे होंगे तो उन्हें पता भी नहीं होगा कि यह टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के सबसे बदनुमा दाग के तौर पर याद रखा जाने वाला है।

बांग्लादेश से 9 विकेट की हार के बाद भी पैट कमिंस की आवाज में मधुरता नहीं आई है। उन्होंने हार के बाद कहा कि वह यानि कि ऑस्ट्रेलिया अब भी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र 2025-27 में शीर्ष पर हैं। इसे कई क्रिकेट विशेषज्ञों ने अति आत्मविश्वास का नाम दिया है।

गौरतलब है कि मेहदी हसन मिराज (पांच विकेट) और हसन महमूद (तीन विकेट) के बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन की बदौलत बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन रविवार को नौ विकेट से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इसी के साथ बांग्लादेश ने दो मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली है। यह ऑस्ट्रेलिया की धरती पर बांग्लादेश की पहली टेस्ट जीत है। बांग्लादेश ने टेस्ट में दूसरी बार ऑस्ट्रेलिया को हराने का कारनामा किया है।

यह जीत बांग्लादेश के लिए एक बहुत बड़ा पल है, खासकर ऐसे साल में जब उन्होंने राजनीतिक कारणों से टी-20 विश्व कप में हिस्सा नहीं लिया था। हालांकि, मार्च के बाद से उन्होंने काफी जीत हासिल की हैं, और यह बड़ी टेस्ट जीत उसी का नतीजा है।

मैच में हसन महमूद के नौ विकेट और तंजिद हसन के पहले शतक के साथ-साथ मेहदी हसन मिराज की अर्धशतक और पांच विकेट लेने का कारनामा भी देखने को मिला। कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने बल्ले से और कप्तान के तौर पर भी शानदार प्रदर्शन किया।

इससे ठीक एक हफ़्ते पहले क्रिकट ऑस्ट्रेलिया इलेवन के खिलाफ अभ्यास मैच में वे 54 रन पर ऑल आउट हो गए थे, और टेस्ट सीरीज में चोटिल नाहिद राणा की कमी को लेकर बहुत चर्चा हो रही थी। फिर भी, बांग्लादेश के गेंदबाजो ने ऑस्ट्रेलिया को दोनों पारियों में 300 रन से कम पर ऑल आउट कर दिया, जबकि उनकी कमजोर बल्लेबाजी लाइन-अप टेस्ट में मज़बूती से डटी रही।

Aston Martin Valen revealed at the Monterey Car Week

Aston Martin Valen revealed at the Monterey Car Week
Aston Martin Valen front quarter static

Aston Martin has revealed the Valen as its most powerful front-engined production car at the 2026 Monterey Car Week. An 850hp, 5.2-litre twin-turbo V12 engine, derived from the Vanquish, powers this GT car. Only 150 units of the Valen are being built by the manufacturer’s ‘Q’ personalisation department, with deliveries commencing in the second quarter of 2027.

  1. Claimed 0-100kph time is 3.1 seconds and top speed is 345kph
  2. Uses carbon fibre, aluminium, titanium, and magnesium elements in plenty
  3. Weighs 110kg less than the Aston Martin Vanquish

Aston Martin Valen powertrain details

Produces 15hp more than the Vanquish and is 0.2s faster in a 0-100kph sprint

The Aston Martin Valen is powered by the same 5.2-litre twin-turbo V12 engine as the Vanquish GT, but with more performance. It produces 850hp (15hp more) and 1,000Nm (same as the Vanquish) and is mated to an 8-speed automatic transmission that sends power to the rear wheels (RWD). The gearbox software has, however, been remapped with the Vantage GT4 racecar’s software for “more engaging shifts in all drive modes”. With the Valen, Aston Martin claims a 0-100kph time of 3.1 seconds (0.2s faster than the Vanquish) and an electronically limited top speed of 345kph.

The Valen is 110kg lighter than the Vanquish due to the use of lightweight motorsport-inspired materials, including carbon fibre, aluminium, titanium and magnesium. Aston Martin has also made “significant hardware changes and targeted software calibration” to the ESP, throttle, braking and steering systems. The suspension system uses stiffer springs for reduced roll and pitch motions to driver inputs for increased agility. 

Aston Martin Valen exterior design

Looks sportier and brutish than the other Aston Martin models

The Valen looks sportier than the gentlemanly designs Aston Martin is generally known for and, as per chief creative officer Marek Reichman, “the Valen is a significant departure from what has gone before”. At the front, the Valen sports a new snout with an aggressive bonnet featuring a functional top vent to draw more air to the engine. The signature Aston Martin grille motif extends to the ends of the fascia. The LED DRLs and LED headlights are slim horizontal bars that make the Valen look menacing. It also gets an “acutely angled” front splitter to channel the air into the GT’s internals. 

In profile, it sports lightweight magnesium wheels shod with Pirelli P Zero R tyres (275/35 ZR21 front, 325/30 ZR21 rear), specifically developed for the Valen. The GT also gets Pirelli’s latest Cyber Tyre technology, allowing real-time tyre data sharing with the vehicle’s dynamic control systems. The traditional side strakes incorporate large functional vents that extract air from the wheel arch, guiding it towards the rear for improved downforce.

The rear design is bold as well, replacing a traditional fixed rear windscreen with a solid tailgate that opens to reveal 170 litres of boot space. The tailgate features an aerodynamic wing that acts as a Gurney flap that “generates downforce with minimal drag and negates the need for a conventional rear wing”. Beneath this wing is a slim LED taillight bar and 3D-printed quad titanium exhausts stacked in a 2-up, 2-down arrangement. The upper exhaust outlets are always open, while the lower ones open in the raciest drive modes.

The Valen is available with an optional fully exposed carbon fibre exterior that can be tinted in both satin- and gloss-finished hues by the ‘Q’ customisation department. 

Aston Martin Valen interior design

Features a minimalistic dashboard and a well-loaded cabin

The Valen’s interior is heavily influenced by the Vanquish and hence offers a minimalistic dashboard with a 10.25-inch-inch digital driver’s display, a 3-spoke steering wheel and a 10.25-inch touchscreen infotainment system. What’s different from the Vanquish is that the centre console has been 3D-printed for “greater precision to the surfaces you regularly interact with”. This console has a carbon fibre finish and features a push-button start-stop and an aircraft-style drive mode selector.

The Aston Martin Valen offers an option between ‘Sport Plus’ seats that “combine support with long-distance comfort” or carbon-fibre ‘Performance’ seats that offer “a more focused driving experience”. Features include a 15-speaker Bowers & Wilkins sound system, a 360-degree camera system, a digital inside rearview mirror (IRVM), a powered steering column and a wireless phone charger. 

Reichman says, “Valen gave us the opportunity to explore and express more extreme emotions through a new form language and surface treatment.” Reflecting this bold design approach, Aston Martin has priced the Valen at 1.5 million pound (approximately Rs 19.46 crore), before buyers choose from the extensive catalogue of optional extras.

दुश्मन के बंकर, एयर डिफेंस सिस्टम के लिए काल है भारत का पहला स्वदेशी ‘दिव्यास्त्र Mk3’ ड्रोन! लखनऊ की कंपनी ने रचा इतिहास

Divyastra Mk3: भारत ने स्वदेशी रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है। 11 अगस्त 2026 को देश में बने Divyastra Mk3 ने पहली बार उड़ान भरी। यह एक बिना पायलट वाला जेट-पावर्ड ‘लोइटरिंग म्यूनिशन’ है। जिसे लंबे समय तक हवा में रहकर निगरानी और तय लक्ष्य पर हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है।

इस एयरक्राफ्ट ने उत्तर प्रदेश में एक तय टेस्टिंग एयरस्ट्रिप से उड़ान भरी और इसे भारत में बने जेट इंजन से पावर मिली। लखनऊ की डिफेंस स्टार्टअप कंपनी ‘Kawa UAV Pvt. Ltd.’ (HoverIt) द्वारा विकसित इस प्लेटफॉर्म को कॉन्सेप्ट से उड़ान तक पहुंचने में आठ महीने से भी कम समय लगा।

बता दें कि ‘Divyastra Mk3’ को टर्बोजेट इंजन से पावर मिलती है, जिसे पूरी तरह से भारतीय प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी कंपनी ‘DG प्रोपल्शन’ ने बनाया है। कंपनी के अनुसार, ट्रायल के दौरान इंजन ने सभी तय ऑपरेशनल पैरामीटर्स (कामकाज के मानकों) को पूरा किया है।

यह पहली उड़ान भारत के रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह पहली बार है जब देश में डिजाइन, विकसित और तैयार किया गया जेट इंजन से चलने वाला लोइटरिंग म्यूनिशन पूरी तरह स्वदेशी पावरप्लांट के साथ आसमान में उड़ा है।

जानकारी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 2026 की शुरुआत में हुई थी और महज कुछ महीनों में अगस्त में इसकी पहली उड़ान सफलतापूर्वक पूरी हुई। खास बात यह है कि इसे तैयार करने में न तो विदेश से आयात किए गए जेट इंजन का इस्तेमाल किया गया और न ही जरूरी तकनीक के लिए विदेशी सिस्टम पर निर्भरता रही।

कंपनी ने दी जानकारी

HoverIt ने X पर एक पोस्ट में इस प्लेटफॉर्म को “भारत का पहला स्वदेशी जेट इंजन से चलने वाला लोइटरिंग म्यूनिशन” बताया, जो सफलतापूर्वक उड़ान भर सकता है। कंपनी ने इस बात पर जोर दिया कि इसमें भारतीय एयरफ्रेम, भारतीय जेट इंजन, स्वदेशी तकनीक और भारतीय फायरपावर का इस्तेमाल किया गया है।

कंपनी ने कहा, “इसमें कोई इम्पोर्टेड जेट इंजन नहीं। कोई विदेशी क्रिटिकल सब-सिस्टम नहीं। भारत में बना। भारत में उड़ाया गया।”

(HoverIt) के को-फाउंडर्स ने कहा, “यह सिर्फ एक टेस्ट फ्लाइट नहीं है – यह इरादे का इजहार है। भारत ने बड़े पैमाने पर और तेजी से यह साबित कर दिया है कि वह अपनी सीमाओं के भीतर ही जेट-पावर्ड प्रिसिजन स्ट्राइक सिस्टम की कल्पना, इंजीनियरिंग और उड़ान को अंजाम दे सकता है। ‘Divyastra Mk3’ ‘आत्मनिर्भर भारत’ का जीता-जागता उदाहरण है।”

यह उपलब्धि ऐसे समय में मिली है जब भारत प्रिसिजन स्ट्राइक और ऑटोनॉमस एयर सिस्टम में अपनी घरेलू क्षमताओं को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इससे स्वदेशी एयरोस्पेस प्लेटफॉर्म और प्रोपल्शन सिस्टम विकसित करने में भारतीय प्राइवेट-सेक्टर की डिफेंस कंपनियों की बढ़ती भूमिका भी उजागर होती है।

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2 अक्टूबर को दक्षिण अफ्रीका में हो सकता है एकदिवसीय विश्वकप का आगाज

महात्मा गांधी को सम्मानित करने के लिए दक्षिण अफ्रीका में खेला जाने वाला आगामी एकदिवसीय विश्वकप 2 अक्टूबर को शुरु हो सकता है। इस टूर्नामेंट का फाइनल 21 नवंबर को खेला जाएगा। हालांकि मीडिया सूत्रों में चल रही खबरों की पुष्टि होना बाकी है।गौरतलब है कि यह विश्वकप क्रिकेट में खेला गया सर्वाधिक मैचों का विश्वकप होने जा रहा है।

इन मैदानों पर खेला जाएगा टूर्नामेंट

हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल ने एकदिवसीय विश्वकप के लिए लोगो की घोषणा कर दी बल्कि 57 कहां कहां खेले जाएंगे इसकी घोषणा भी कर दी है। कुल 3 देश दक्षिण अफ्रीका-जिम्बाब्वे और नामिबिया देशों के 12 स्टेडियम पर मुहर लगाई गई है जिनमे से 8 दक्षिण अफ्रीका के हैं, जिम्बाब्वे के 3 और नामिबिया का एक स्टेडियम है।

दक्षिण अफ्रीका के 8 स्टेडियम और शहर इस प्रकार है। कुगोम्पो सिटी में बफौलो पार्क, केपटाउन में न्यूलैंड मैदान, जोहन्सबर्ग में वॉन्डर्स स्टेडियम, टश्वाने का सेंचुरियन, गेब्रिया का सेंट जोर्ज पार्क, ब्लोमेफोटीन का मैंगाउंग ओवल, डरबन का किंग्समीड पार्क, पार्ल का बोलैंड पार्क चुनिंदा स्टेडियमों में है जिनमें मैच खेले जाने हैं।

वहीं जिम्बाब्वे की राजधानी हरारे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब, बुलवायो के क्वीन्स स्पोर्ट्स क्लब और विक्टोरिया फॉल्स के मोसी ओआ टुनिया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में विश्वकप मैच खेले जाएंगे। नामिबिया का एकमात्र नामिबिया क्रिकेट ग्राउंड जो विंडहोक में स्थित है उसको चुना गया है।

इस फॉर्मेट से खेला जाएगा टूर्नामेंट

अगले साल दक्षिण अफ़्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले विश्व कप में तकनीकी रूप से 14 टीमें हिस्सा लेंगी। इससे पहले 2019 और 2023 संस्करणों में10 टीमों ने हिस्सा लिया था। लेकिन सबसे निचली रैंकिंग की क्वालीफ़ाई करने वाली टीमों के बीच टूर्नामेंट की शुरुआत तीन टीमों वाली राउंड-रॉबिन ‘सुपर सीरीज़’ से होगी, जिसके बाद दो टीमें केवल दो मैच खेलकर ही बाहर हो जाएंगी।

जब आईसीसी ने पांच साल पहले 14 टीमों वाले विश्व कप की घोषणा की थी, तब प्रस्तावित प्रारूप में सात-सात टीमों के दो ग्रुप और उसके बाद ‘सुपर सिक्स’ चरण शामिल था। इसी योजना के अनुसार टीमों ने पूरे चक्र की तैयारी की, लेकिन टूर्नामेंट से सिर्फ़ 15 महीने पहले पता चला कि प्रारूप में बड़ा बदलाव कर दिया गया है।
 

What to expect from Skoda Slavia facelift ahead of launch tomorrow?

What to expect from Skoda Slavia facelift ahead of launch tomorrow?
Skoda Slavia facelift

Skoda is set to give the Slavia a mid-life update, over four years after it first went on sale in February 2022. It will be the second Skoda model to receive a major update this year, following the Kushaq facelift. From expected pricing and engine options to the new features it could pack, here’s everything we expect from the updated Skoda Slavia.

What new features will the Skoda Slavia facelift add?

Skoda Slavia interior
Current Skoda Slavia’s interior shown for representation only.

Several new features that were introduced with the 2026 Kushaq could make their way to the Slavia, such as a rear-seat massaging function and sequential turn indicators. The current 10.1-inch touchscreen and 10.25-inch driver’s display are likely to be replaced with larger units featuring new graphics and features. A 360-degree camera upgrade over the presently on offer rear-only unit can also be expected. Like the Kushaq, a variable-displacement compressor instead of the fixed-displacement unit could also be offered with the new Slavia to improve AC performance.

What cosmetic updates are likely with the Skoda Slavia facelift?

Skoda Slavia teaser

Being a facelift, one can expect design tweaks to the illumination bits, including headlights, tail-lights, front grille and alloy wheels. Kushaq-like segmented LED DRLs integrated into the front grille are anticipated, and new colours could also be introduced. On the inside, the overall layout is not likely to undergo any changes with the mid-lifecycle update.

How many engine choices will the Skoda Slavia facelift offer?

Both the 115hp-1.0 TSI and 150hp-1.5 TSI turbo-petrol engine options are expected to be carried over. Like the current car, the facelift may continue to offer a 6-speed manual gearbox with the smaller engine and a 7-speed dual-clutch automatic unit with the larger, more powerful motor. However, the 6-speed torque converter automatic transmission option offered with the Slavia 1.0 TSI will be upgraded with an 8-speed unit, something that we have exclusively reported before.

What is the Skoda Slavia facelift’s expected price?

Skoda Slavia
Current Skoda Slavia.

Being an update, a slight price increase across trims is likely. For reference, the current Slavia starts at Rs 10 lakh and goes up to Rs 18.19 lakh, ex-showroom. The Skoda Slavia goes directly against the Volkswagen Virtus (Rs 10.70 lakh-19.20 lakh), Honda City (Rs 12 lakh-21.44 lakh) and Hyundai Verna (Rs 10.99 lakh-18.26 lakh), the latter two of which received facelifts earlier this year.