Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं, जानें दिल्ली-NCR समेत आपके शहर में आज का रेट

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 03 सितंबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Stocks to Watch: 3 सितंबर को इन 13 शेयरों पर रखें नजर, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: कई कंपनियों से जुड़े अहम बड़े अपडेट सामने आए हैं। इनमें हिस्सेदारी खरीद, नए प्रोजेक्ट, ब्लॉक डील, फंड जुटाने और मैनेजमेंट बदलाव जैसी खबरें शामिल हैं। इन खबरों का असर 3 सितंबर को इन कंपनियों के शेयरों में देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं गुरुवार को किन 13 शेयरों पर नजर रहेगी।

ICICI Bank

प्राइवेट बैंक ICICI Bank ने अपनी सब्सिडियरी ICICI Prudential Life Insurance में 2% अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदी है। इसके लिए बैंक ने करीब ₹1,470 करोड़ खर्च किए। अब कंपनी में ICICI Bank की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 52.8% हो गई है। बैंक ने 22 जुलाई से 2 सितंबर के बीच कई चरणों में करीब 2.90 करोड़ शेयर खरीदे।

Power Grid Corporation of India

सरकारी पावर ट्रांसमिशन कंपनी Power Grid Corporation को राजस्थान REZ से ₹3,244.33 करोड़ का प्रोजेक्ट मिला है। कंपनी को राजस्थान के बाड़मेर से बिजली ट्रांसमिशन सिस्टम बनाने का लेटर ऑफ इंटेंट मिला है। यह प्रोजेक्ट रिन्यूएबल एनर्जी से पैदा होने वाली बिजली को दूसरे राज्यों तक पहुंचाने से जुड़ा है।

Meesho

ई-कॉमर्स कंपनी Meesho में SoftBank ब्लॉक डील के जरिए करीब 7 करोड़ शेयर बेच सकती है। यह कंपनी की 1.5% हिस्सेदारी के बराबर है। इस डील का आकार करीब ₹1,435 करोड़ हो सकता है। शेयरों के लिए ₹205 का फ्लोर प्राइस तय किया गया है, जो मौजूदा बाजार भाव से 3.12% तक कम है।

HUDCO

सरकारी फाइनेंस कंपनी HUDCO ने बिहार सरकार के साथ ₹25,000 करोड़ तक की फंडिंग के लिए समझौता किया है। यह पैसा पांच साल में इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए दिया जाएगा। इसमें जमीन खरीदने और इंडस्ट्रियल पार्क बनाने पर खर्च शामिल है।

AXISCADES Technologies

इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी कंपनी AXISCADES Technologies ₹200 करोड़ जुटाने की तैयारी कर रही है। कंपनी का बोर्ड शनिवार को नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स यानी NCDs जारी करने के प्रस्ताव पर विचार करेगा।

Motilal Oswal Financial Services

फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी Motilal Oswal Financial Services का बोर्ड सोमवार को फंड जुटाने पर विचार करेगा। कंपनी NCDs जारी करके पूंजी जुटाने की योजना पर चर्चा करेगी।

Jindal Worldwide

टेक्सटाइल कंपनी Jindal Worldwide ने अमित अग्रवाल को फिर से मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त करने का फैसला किया है। उनका कार्यकाल अगले तीन साल का होगा। इस फैसले से कंपनी के मैनेजमेंट में निरंतरता बनी रहेगी।

NHPC

सरकारी पावर कंपनी NHPC को BGS-SGS-SOMA JV के साथ चल रहे विवाद में आर्बिट्रल अवॉर्ड मिला है। यह मामला 2,000 मेगावाट के सुबानसिरि लोअर हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट से जुड़ा है।

Hexaware Technologies

आईटी कंपनी Hexaware Technologies में बड़ा मैनेजमेंट बदलाव होने जा रहा है। श्रीकृष्ण रामकार्तिकेयन 28 अक्टूबर 2026 से CEO और होल-टाइम डायरेक्टर का पद छोड़ देंगे। उनकी जगह विवेक जेटली CEO बनेंगे। रामकार्तिकेयन कंपनी से सीनियर एडवाइजर के तौर पर जुड़े रहेंगे।

Page Industries

गारमेंट कंपनी Page Industries को UAE डिस्ट्रीब्यूशन व्यवस्था से जुड़े विवाद में दुबई की अदालत से नोटिस मिला है। Yellow Flower Trading LLC ने कंपनी पर AED 113.55 मिलियन का दावा किया है। इसमें 10 अक्टूबर 2025 से सालाना 9% ब्याज भी मांगा गया है। कंपनी ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है और कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही है।

Aster DM Quality Care

हेल्थकेयर कंपनी Aster DM Quality Care में करीब ₹350 करोड़ की ब्लॉक डील हुई है। TPG से जुड़ी Centella Mauritius ने 46.1 लाख शेयर बेचे हैं। यह कंपनी की 0.53% हिस्सेदारी के बराबर है। Union (Mauritius) Holdings ने NSE पर औसतन ₹760 प्रति शेयर के भाव से यह हिस्सेदारी खरीदी।

Pine Labs

फिनटेक कंपनी Pine Labs में ₹550 करोड़ की ब्लॉक डील हुई है। Alpha Wave Ventures ने 3.55 करोड़ शेयर बेचे हैं। यह कंपनी की 3.1% हिस्सेदारी के बराबर है। ICICI Prudential Life Insurance, Societe Generale और Goldman Sachs समेत कई निवेशकों ने शेयर खरीदे हैं।

FACT

सरकारी फर्टिलाइजर कंपनी FACT पर भारत सरकार के बकाया कर्ज को लेकर ₹438.20 करोड़ का पेनल ब्याज लगाया गया है। इसमें ₹389.51 करोड़ का ब्याज 31 मार्च 2026 तक की अवधि का है। बाकी ₹48.69 करोड़ FY27 से जुड़ा है। यह पेनल ब्याज 1 अप्रैल 2018 से लागू माना गया है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

रेलवे बोर्ड ने सूरत-उदयपुर वंदे भारत ट्रेन को दी मंजूरी, 9 स्टॉपेज के साथ जानें टाइमिंग और रूट

Surat-Udaipur Vande Bharat Express: रेल मंत्रालय ने गुजरात को राजस्थान से जोड़ने वाली एक नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन सेवा को मंज़ूरी दे दी है। यह नई सेमी-हाई स्पीड ट्रेन सूरत और उदयपुर के बीच चलेगी। इस ट्रेन का रखरखाव और संचालन वेस्टर्न रेलवे (WR) जोन करेगा।

वेस्टर्न रेलवे और नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे के जनरल मैनेजर (ऑपरेटिंग) को 31 अगस्त को लिखे एक पत्र में, रेलवे बोर्ड ने बताया कि उसने 26903/26904 सूरत-उदयपुर सिटी वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू करने को मंजूरी दे दी है।

इंडियन रेलवे एक वंदे भारत ट्रेन बंद करेगा

रेलवे बोर्ड ने ट्रेन नंबर 26963/26964 उदयपुर सिटी-असारवा वंदे भारत एक्सप्रेस को बंद करने की भी मंजूरी दी है। उदयपुर सिटी-असारवा (अहमदाबाद) वंदे भारत एक्सप्रेस फरवरी 2026 में शुरू की गई थी। अभी यह ट्रेन मंगलवार को छोड़कर हफ्ते में छह दिन चलती है।

सूरत-उदयपुर वंदे भारत ट्रेन: दूरी और यात्रा का समय

सूरत-उदयपुर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन लगभग 690 किलोमीटर की दूरी 7 घंटे 30 मिनट में तय करती है। यह अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है।

सूरत-उदयपुर वंदे भारत एक्सप्रेस: ​​स्टॉपेज और फ्रीक्वेंसी

सूरत-उदयपुर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन मंगलवार को छोड़कर हफ्ते में 6 दिन चलेगी। सूरत और उदयपुर सिटी के बीच अपनी यात्रा के दौरान, यह ट्रेन 9 रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी। ये स्टेशन हैं: भरूच, वडोदरा, आणंद, मणिनगर, असरवा, हिम्मतनगर, शामलाजी रोड, डूंगरपुर और जावर।

सूरत-उदयपुर सिटी वंदे भारत: कोच की संख्या और समय

सूरत-उदयपुर सिटी वंदे भारत एक्सप्रेस में 8 कोच होंगे। ट्रेन नंबर 26903 सूरत से सुबह 06:10 बजे चलेगी और दोपहर 13:40 बजे उदयपुर सिटी पहुंचेगी। वापसी में, ट्रेन नंबर 26904 उदयपुर सिटी से दोपहर 15:35 बजे चलेगी और रात 23:00 बजे सूरत पहुंचेगी।

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Pitru Paksha 2026: सितंबर या अक्टूबर कब से शुरू होंगे पितृ पक्ष? जानें सही तारीख और श्राद्ध पक्ष की सभी महत्वपूर्ण तिथियां

Pitru Paksha 2026: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष की अवधि का विशेष महत्व है। यह लगभग 15 दिनों का समय होता है, जिसमें हम अपने परिवार के स्वर्गवासी हो चुके सदस्यों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थन, श्राद्ध और तर्पण करते हैं। पितृ पक्ष की शुरुआत भाद्रपद माह की पूर्णिमा से शुरू होकर आश्विन माह की अमावस्या यानी सर्वपितृ अमावस्या तक चलता है। माना जाता है कि इस अवधि में पितरों की आत्माएं पृथ्वी पर अपने परिजनों के पास आती हैं। इस दौरान उनके नाम से श्राद्ध, तर्पण, और पिंडदान करने से उन्हें शांति मिलती है और परिवार को उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।

पितृ पक्ष का पालन करने वाले इस अवधि में सात्विक जीवन जीते हैं। इस समय नया सामान खरीदना, शादी-विवाह, मुंडन जैसे मांगलिक या शुभ कार्य और तामसिक भोजन वर्जित माने जाते हैं। साल 2026 में पितृपक्ष की शुरुआत सितंबर महीने में होगी और इसका समापन अक्टूबर में सर्वपितृ अमावस्या के साथ होगा। पितृपक्ष 26 सितंबर से शुरू होने जा रहा है। ऐसे में आइए जानते हैं 2026 में पितृपक्ष कब से कब तक रहेगा और इस दौरान पड़ने वाली सभी महत्वपूर्ण श्राद्ध तिथियां कौन-कौन सी हैं।

कब से शुरू होगा पितृपक्ष 2026?

साल 2026 में पितृपक्ष की शुरुआत 26 सितंबर, शनिवार से होगी। इस दिन भाद्रपद पूर्णिमा तिथि का श्राद्ध किया जाएगा। इसके अगले दिन यानी 27 सितंबर को प्रतिपदा तिथि का श्राद्ध होगा। वहीं, पितृपक्ष का समापन 10 अक्तूबर, शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या के साथ होगा। इस दिन उन सभी पितरों का श्राद्ध किया जाता है, जिनकी श्राद्ध तिथि ज्ञात नहीं होती या किसी कारणवश उनका श्राद्ध तिथि पर नहीं हो पाता।

पितृ पक्ष के दौरान किए जाने वाले प्रमुख कर्म

तर्पण : जल, तिल और कुशा से पितरों को जल अर्पित करना।

पिंडदान : चावल, जौ और तिल के पिंड बनाकर अर्पित करना।

दान-पुण्य : ब्राह्मणों, गरीबों, कौओं, गायों और कुत्तों को भोजन कराना।

पितृपक्ष 2026 कैलेंडर

दिनांक तिथि श्राद्ध

26 सितंबर भाद्रपद पूर्णिमा पूर्णिमा श्राद्ध

27 सितंबर प्रतिपदा प्रतिपदा श्राद्ध

28 सितंबर द्वितीया द्वितीया श्राद्ध

29 सितंबर तृतीया तृतीया श्राद्ध

30 सितंबर चतुर्थी चतुर्थी और पंचमी श्राद्ध

1 अक्तूबर षष्ठी षष्ठी श्राद्ध

2 अक्तूबर सप्तमी सप्तमी श्राद्ध

3 अक्तूबर अष्टमी अष्टमी श्राद्ध

4 अक्तूबर नवमी नवमी श्राद्ध

5 अक्तूबर दशमी दशमी श्राद्ध

6 अक्तूबर एकादशी एकादशी श्राद्ध

7 अक्तूबर द्वादशी द्वादशी श्राद्ध

8 अक्तूबर त्रयोदशी त्रयोदशी श्राद्ध

9 अक्तूबर चतुर्दशी चतुर्दशी श्राद्ध

10 अक्तूबर अमावस्या सर्वपितृ श्राद्ध

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Stock in Focus: सरकारी कंपनी को ₹3244 करोड़ का प्रोजेक्ट, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: सरकारी कंपनी Power Grid Corporation of India Ltd ने राजस्थान के रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट से बिजली निकालने के लिए बड़ा ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट हासिल किया है। कंपनी को राजस्थान के बाड़मेर कॉम्प्लेक्स से 6 GW सोलर पावर ट्रांसमिशन के लिए सफल बोलीदाता चुना गया है।

यह प्रोजेक्ट टैरिफ बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग के तहत मिला है। कंपनी ने इसके लिए ₹3,244.33 करोड़ सालाना ट्रांसमिशन चार्ज की बोली लगाई है। POWERGRID को 2 सितंबर 2026 को लेटर ऑफ इंटेंट of Intent मिला है।

1,000 किमी लंबी HVDC लाइन बनेगी

प्रोजेक्ट के तहत राजस्थान के बाड़मेर-II में 6,000 MW की HVDC टर्मिनल स्थापित की जाएगी। महाराष्ट्र के साउथ कलांब में भी टर्मिनल बनेगी। दोनों जगहों पर ±800 kV HVDC सिस्टम लगाया जाएगा।

बाड़मेर-II से साउथ कलांब के बीच करीब 1,000 किमी लंबी ट्रांसमिशन लाइन बिछाई जाएगी। यह राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरेगी।

इसके अलावा राजस्थान में 400 kV की ट्रांसमिशन लाइन, जरूरी बे और दूसरे उपकरण भी लगाए जाएंगे। बाड़मेर-II पावर स्टेशन पर दो SynCon यूनिट भी स्थापित की जाएंगी।

BOOT मॉडल पर बनेगा प्रोजेक्ट

यह प्रोजेक्ट Build, Own, Operate and Transfer यानी BOOT मॉडल पर विकसित होगा। इसके तहत कंपनी प्रोजेक्ट बनाएगी, चलाएगी और तय अवधि के बाद इसे ट्रांसफर किया जाएगा।

हाल में गुजरात का भी प्रोजेक्ट मिला

पिछले महीने भी POWERGRID को गुजरात में रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांसमिशन का बड़ा प्रोजेक्ट मिला था। इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनी ने ₹822.91 करोड़ सालाना ट्रांसमिशन टैरिफ की बोली लगाई थी।

बुधवार को Power Grid Corporation का शेयर NSE पर 1.23% की तेजी के साथ ₹267.80 पर बंद हुआ।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ये कपल 30 दिनों तक घूमा यूरोप और खर्च किए 9.5 लाख रुपये फिर बताया एक-एक पैसे का पूरा हिसाब

Europe Travel Budget: भारत के कई लोगों के लिए यूरोप घूमना काफी महंगा हो सकता है, खासकर तब जब ट्रिप में कई देशों की यात्रा करनी हो और सफर करीब एक महीने तक चले। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि 30 दिनों तक यूरोप घूमने में असल में कुल कितना खर्च आता है? बता दें कि एक भारतीय कपल ने अपनी पूरी ट्रिप का खर्च शेयर किया है, जिसमें बताया गया है कि उन्होंने रहने की जगह, फ्लाइट, खाने, ट्रांसपोर्ट और एक्टिविटीज पर कितना खर्च किया।

मुस्कान मित्तल और आशीष गुप्ता ने अपनी एक महीने की ट्रिप के दौरान 8 देशों की सैर की। उनकी यात्रा में फ्रांस, बेल्जियम, नीदरलैंड, प्राग, ऑस्ट्रिया, इटली, वेटिकन सिटी और स्विट्जरलैंड शामिल थे।

इंस्टाग्राम पर शेयर किया वीडियो

अपने जॉइंट इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किए गए एक वीडियो में, इस कपल ने बताया कि उन्होंने अपना ट्रैवल बजट कैसे बांटा और यह भी बताया कि ट्रिप के किस हिस्से में उनका सबसे ज्यादा खर्च हुआ।

8 देशों की यात्रा करते समय, हर जगह ठहरने की जगह का खर्च तेजी से बढ़ सकता है। इस कपल के लिए, रहने-सहने का खर्च ही सबसे बड़ा खर्च साबित हुआ।

वे Airbnb और होटलों में रुके; ज्यादातर जगहें शहर के सेंटर में या बड़े रेलवे स्टेशनों के पास थीं। मुस्कान ने कहा, “औसतन, हमने हर रात के लिए 10,000 रुपये खर्च किए।”

यूरोप तक पहुंचने की फ्लाइट भी कपल के ट्रिप बजट का एक बड़ा हिस्सा थी। उन्होंने फ्लाइट पर प्रति व्यक्ति ₹50,000 खर्च किए। सीधी फ्लाइट लेने के बजाय, उन्होंने मिडिल ईस्ट से होकर जाने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट बुक कीं। दो लोगों के लिए, उनकी कुल फ्लाइट का खर्च लगभग ₹1 लाख आया।

यात्रा में 8 देश शामिल थे, इसलिए शहरों के बीच घूमना भी ट्रिप का एक अहम हिस्सा था। कपल ने बताया कि उन्होंने एक महीने का ‘यूरेल ग्लोबल पास’ इस्तेमाल किया, जिसमें उनके रूट की लगभग सभी ट्रेन यात्राएं शामिल थीं और इसकी कीमत ₹58,000 थी। उन्होंने कार रेंटल और मेट्रो पर भी ₹28,000 खर्च किए।

खाने-पीने का खर्च भी एक ऐसी चीज थी जिसके लिए कपल को अपनी 30 दिन की यात्रा के दौरान प्लानिंग करनी पड़ी। उन्होंने दोनों के खाने पर रोजाना लगभग ₹5,000 खर्च किए। उन्होंने बताया, “हम दिन में एक बार बाहर खाना खाते थे, लेकिन खाने का खर्च कंट्रोल में रखने के लिए साथ में ‘रेडी-टू-ईट’ खाना भी रखते थे और अक्सर ग्रोसरी स्टोर से सामान खरीदते थे।”

यूरोप घूमना सिर्फ एक शहर से दूसरे शहर जाने तक ही सीमित नहीं है। ट्रिप के दौरान कई टूरिस्ट प्लेस, अलग-अलग एक्सपीरियंस और एक्टिविटीज पर भी खर्च होता है। इस कपल ने अपनी 30 दिनों की यात्रा के दौरान एक्टिविटीज पर प्रति व्यक्ति 85,000 रुपये खर्च किए।

कपल ने अपने बजट में वीजा और ट्रैवल इंश्योरेंस का खर्च भी शामिल किया था। इन खर्चों पर उन्होंने प्रति व्यक्ति ₹15,000 खर्च किए। उन्होंने अन्य खर्चों के लिए भी प्रति व्यक्ति ₹10,000 से ₹15,000 अलग रखे थे।

रहने, फ्लाइट, ट्रांसपोर्ट, खाने-पीने, घूमने-फिरने की एक्टिविटीज, वीजा, इंश्योरेंस और अन्य खर्चों को मिलाकर, इस कपल ने बताया कि दो लोगों के लिए उनकी एक महीने की यूरोप बैकपैकिंग ट्रिप का कुल खर्च लगभग 9.5 लाख रुपये आया।

इस कपल के खर्चों के ब्योरे को देखकर दूसरे यूजर्स ने भी बताया कि उन्होंने अपनी यूरोप की छुट्टियों पर कितना खर्च किया था।

एक यूजर ने कमेंट किया, “हमने 10 दिनों के लिए 8 लाख रुपये खर्च किए।” एक और यूजर ने कहा, “यह तो काफी सही है।”

हालांकि, एक यूजर को यह रकम कम लगी। उसने कहा, “मुझे लगता है कि यह सस्ता है। हमारे मामले में, 2 लोगों की ट्रिप का खर्च रोजाना लगभग 800-900 यूरो आता है, जिसमें हवाई जहाज़ का किराया शामिल नहीं है।”

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर शेयर किए गए यूजर-जनरेटेड कंटेंट पर आधारित है। Moneycontrol ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और न ही इनका समर्थन करता है।

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ट्रम्प ने अमेरिकी नौसेना मजबूत करने के लिए वॉरफाइटर चुना:हंग काओ को दी जिम्मेदारी, पिता के साथ वियतनाम से भागकर अमेरिका आए थे

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने हंग काओ को नेवी सेक्रेटरी बनाने का फैसला किया है। उन्होंने बुधवार को सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘सच्चे वॉरियर’ हैं। वह अमेरिकी नौसेना और मरीन कॉर्प्स को दुनिया की सबसे मजबूत सेना बनाए रखने के लिए सही व्यक्ति हैं। काओ को सैन्य अनुभव वाला अधिकारी माना जाता है। वह 31 साल तक अमेरिकी नौसेना में रहे हैं और इराक, अफगानिस्तान और सोमालिया जैसे इलाकों में मिशन का हिस्सा रहे हैं। काओ का जन्म 1971 में दक्षिण वियतनाम के साइगॉन में हुआ था। जब वे 4 साल के थे तब दक्षिण वियतनाम में अमेरिका समर्थक सरकार गिर गई थी। उस पर उत्तर वियतनाम की कम्युनिष्ट सरकार ने कब्जा कर लिया था। इसके बाद काओ का परिवार भागकर अमेरिका पहुंचा था। नौसेना से रिटायर होने के बाद राजनीति में उतरे, दो बार हार मिली काओ ने 1989 में अमेरिकी नौसेना में अपना करियर शुरू किया। उनका काम समुद्र के अंदर खतरनाक मिशन करना और बम या दूसरे विस्फोटकों से जुड़े खतरों से निपटना था। उन्होंने इराक, अफगानिस्तान और सोमालिया में कई सैन्य मिशनों में काम किया। अंडरवॉटर मिशनों की कमान संभाली और स्पेशल ऑपरेशंस से जुड़े काम भी किए। करीब तीन दशक के सैन्य करियर के बाद वह 2021 में कैप्टन के पद से रिटायर हुए। नौसेना से रिटायर होने के बाद काओ ने राजनीति में कदम रखा। उन्होंने 2022 में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और 2024 में सीनेट के लिए वर्जीनिया से चुनाव लड़ा। हालांकि, दोनों चुनावों में उन्हें हार मिली। अक्टूबर 2025 में काओ को अमेरिकी नौसेना का अंडरसेक्रेटरी नियुक्त किया गया। यह नौसना में दूसरा सबसे बड़ा पद था। अप्रैल 2026 में ट्रम्प ने तत्कालीन नेवी सेक्रेटरी जॉन फेलन को पद से हटा दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक फेलन और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बीच नहीं बन रही थी। इसके बाद काओ को कार्यवाहक सेक्रेटरी की जिम्मेदारी दी गई थी। तब से काओ अमेरिकी नौसेना की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब ट्रम्प उन्हें इसी पद पर स्थायी रूप से नियुक्त करना चाहते हैं। हंग काओ स्थायी नेवी सेक्रेटरी कैसे बनेंगे? काओ की नियुक्ति अभी पक्की नहीं हुई है। दरअसल, राष्ट्रपति का काम नेवी सेक्रेटरी के पद के लिए नामित करना है। अंतिम मंजूरी अमेरिकी सीनेट देती है। 1. नामांकन सीनेट के पास जाएगा
ट्रम्प का आधिकारिक नामांकन सीनेट को भेजा जाएगा। इसके बाद काओ के रिकॉर्ड और उनकी योग्यता की जांच की जाएगी। 2. सीनेट की सुनवाई होगी
काओ को सीनेट की समिति के सामने पेश होना पड़ सकता है। वहां उनसे उनकी सोच, नौसेना की नीतियों, जहाज निर्माण, सैन्य तैयारियों और दूसरे मुद्दों पर सवाल पूछे जा सकते हैं। 3. समिति फैसला करेगी
सुनवाई और जांच के बाद समिति उनके नामांकन को आगे बढ़ा सकती है। इसके बाद मामला पूरी सीनेट के सामने जाएगा। 4. वोटिंग होगी
सीनेटर काओ के नाम पर वोट करेंगे। सीनेट में 100 सदस्य होते हैं, अगर उन्हें 51 वोट मिले तो उन्हें यह जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी। ईरान युद्ध के बीच काओ के लिए नौसेना संभालना आसान नहीं काओ ऐसे समय में नौसेना की स्थायी जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं, जब अमेरिकी सेना का ईरान के खिलाफ अभियान चल रहा है। इस दौरान अमेरिकी नौसेना की तैनाती और उस पर काम का दबाव बढ़ा है। अमेरिकी विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन नौ महीने से ज्यादा समय तक समुद्र में तैनात रहा। इस दौरान उसका एक बड़ा हिस्सा ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान के समर्थन में बीता। इतनी लंबी तैनाती के कारण जहाज पर मौजूद सैनिकों की थकान, मानसिक सेहत और जरूरी सामान की कमी को लेकर सवाल उठे। अमेरिकी सांसदों ने भी पेंटागन से इन हालात पर जवाब मांगा। अगस्त में काओ ने अब्राहम लिंकन की लंबी तैनाती का बचाव किया था। उन्होंने कहा था कि मिशन की जरूरत के कारण जहाज की तैनाती बढ़ाई गई और सैनिकों की सुरक्षा सबसे अहम है। काओ के सामने नौसेना का बेड़ा बढ़ाने, नए युद्धपोत तैयार करने और सैनिकों पर लंबी तैनाती का दबाव कम करने की चुनौती होगी। चीन भी अमेरिकी नौसेना के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

GDP Growth: सरकार ने 2.6% GDP ग्रोथ के दावे को खारिज किया, 7.8% को सटीक बताया

GDP Growth: सरकार ने पहली तिमाही की GDP ग्रोथ 2.6% रहने के दावे को खारिज कर दिया है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के सचिव सौरभ गर्ग ने कहा कि 7.8% की GDP ग्रोथ का आंकड़ा मजबूत प्रोडक्शन डेटा पर आधारित है। उन्होंने पुराने और नए GDP डेटा की तुलना को ‘सेब और संतरे की तुलना’ जैसा बताया। PTI के मुताबिक, सरकार ने कहा कि दोनों आंकड़े अलग-अलग डेटा सीरीज के हैं और उनकी सीधी तुलना नहीं की जा सकती।

यह विवाद पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के बयान के बाद शुरू हुआ था। उनका कहना था कि अगर पिछले साल की पहली तिमाही की GDP को ₹86 लाख करोड़ से घटाकर ₹80 लाख करोड़ नहीं किया जाता, तो मौजूदा ग्रोथ करीब 2.6% होती।

सरकार ने 2.6% के दावे को क्यों बताया गलत?

सौरभ गर्ग के मुताबिक, आलोचक FY26 की पहली तिमाही के पुराने ₹86.05 लाख करोड़ के GDP आंकड़े की तुलना नए ₹80 लाख करोड़ के आंकड़े से कर रहे हैं। यह ₹86.05 लाख करोड़ का आंकड़ा पुराने 2011-12 बेस ईयर वाली GDP सीरीज का था।

फरवरी 2026 में सरकार ने 2022-23 को बेस ईयर मानकर नई GDP सीरीज जारी की। इसके बाद पुरानी सीरीज की जगह नई सीरीज लागू हो गई। नई सीरीज में Q1 FY26 का GDP पहले ₹80.32 लाख करोड़ आंका गया। बाद में यह ₹80.44 लाख करोड़ हुआ और फिर नए IIP और PPI डेटा के आधार पर इसे ₹80 लाख करोड़ किया गया।

PTI के मुताबिक, मंत्रालय ने कहा कि यह सामान्य डेटा रिवीजन की प्रक्रिया है। इसका मकसद पिछले साल का GDP घटाकर मौजूदा ग्रोथ रेट को बढ़ाना नहीं था।

असली तुलना किससे होनी चाहिए?

सरकार का कहना है कि GDP ग्रोथ की तुलना एक ही डेटा सीरीज और स्थिर कीमतों पर की जानी चाहिए। नई 2022-23 बेस ईयर सीरीज के मुताबिक, FY27 की पहली तिमाही में भारत की रियल GDP ग्रोथ 7.8% रही।

मंत्रालय ने स्टील, सीमेंट और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टरों में मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ का भी हवाला दिया। PTI के मुताबिक, सरकार का तर्क है कि वास्तविक उत्पादन में बढ़ोतरी के आंकड़े भी मजबूत आर्थिक गतिविधि दिखाते हैं।

मैन्युफैक्चरिंग में रियल ग्रोथ ज्यादा कैसे?

मैन्युफैक्चरिंग की रियल GVA ग्रोथ 9.2% रही, जबकि नॉमिनल ग्रोथ 7.7% रही। इसके चलते इंप्लिसिट GVA डिफ्लेटर माइनस 1.5% रहा।

मंत्रालय ने कहा कि इसका मतलब फैक्ट्री गेट कीमतें घटीं, यह जरूरी नहीं है। नई पद्धति में आउटपुट और इनपुट को अलग-अलग डिफ्लेट किया जाता है। अगर कच्चे माल और दूसरे इनपुट की कीमतें आउटपुट कीमतों से ज्यादा तेजी से बढ़ती हैं, तो ऐसा अंतर आ सकता है।

माइनिंग में रियल ग्रोथ घटी, नॉमिनल क्यों बढ़ी?

Q1 FY27 में माइनिंग की रियल GVA 2.4% घटी। लेकिन नॉमिनल GVA 22.3% बढ़ी। PTI के मुताबिक, इसकी बड़ी वजह मिनरल्स की कीमतों में तेज उछाल रही।

माइनिंग और क्वॉरिंग की PPI महंगाई अप्रैल में 22% और मई में 21.2% रही। कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज हुई।

GDP डिफ्लेटर और CPI-WPI में अंतर क्यों?

सरकार ने कहा कि GDP डिफ्लेटर को CPI और WPI से सीधे नहीं मिलाया जा सकता। CPI घरों के खर्च की तय बास्केट को मापता है। WPI मुख्य रूप से वस्तुओं की कीमतों को ट्रैक करता है। वहीं, GDP डिफ्लेटर निवेश, सरकारी खर्च, एक्सपोर्ट और सर्विसेज समेत पूरी अर्थव्यवस्था को कवर करता है।

मंत्रालय ने कहा कि उत्पादन और खर्च के आधार पर निकाले गए GDP आंकड़ों के बीच सांख्यिकीय अंतर भी सामान्य है। जैसे-जैसे ज्यादा डेटा आता है, इसमें बदलाव हो सकता है। इसलिए मौजूदा अंतर को GDP में किसी गड़बड़ी का सबूत नहीं माना जाना चाहिए।

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PM Kisan Yojana: 24वीं किस्त के ₹2000 कब आएंगे, किन किसानों का रुक सकता है पैसा? जानिए पूरी डिटेल

PM Kisan Yojana: देशभर के करोड़ों किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। इसके तहत हर पात्र किसान के खाते में ₹2,000 भेजे जाते हैं। पिछली यानी 23वीं किस्त जून 2026 में जारी हुई थी।

अब सवाल है कि अगली किस्त सितंबर में आएगी या अक्टूबर में। कृषि विभाग से जुड़े अधिकारियों के बयानों के आधार पर अक्टूबर में किस्त आने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, सरकार ने अभी इसकी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है।

अक्टूबर में आने की संभावना क्यों?

पीएम किसान योजना के तहत साल में ₹6,000 की मदद मिलती है। यह पैसा ₹2,000 की तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजा जाता है। आमतौर पर दो किस्तों के बीच करीब चार महीने का अंतर रहता है।

23वीं किस्त जून में आई थी। इसलिए अक्टूबर में 24वीं किस्त आने की उम्मीद है। कृषि विभाग के उप कृषि निदेशक नीलेश चौरसिया ने भी संकेत दिया है कि अगली किस्त अक्टूबर में आ सकती है। हालांकि, पक्की तारीख के लिए सरकार के ऐलान का इंतजार करना होगा।

इन किसानों का रुक सकता है पैसा

24वीं किस्त के लिए कुछ जरूरी काम पूरे होने चाहिए। अगर इनमें कोई कमी है, तो पैसा अटक सकता है।

  • ई-केवाईसी पूरी नहीं है तो किस्त रुक सकती है।
  • लैंड रिकॉर्ड का वेरिफिकेशन भी जरूरी है।
  • बैंक खाते से जुड़ी जानकारी सही होनी चाहिए।
  • आधार और दूसरी जरूरी डिटेल्स सही रहे।

घर बैठे कैसे चेक करें स्टेटस?

  • पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  • वहां Farmers Corner में जाकर Know Your Status विकल्प चुनें।
  • इसके बाद अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और कैप्चा डालें।
  • मोबाइल पर आए OTP को दर्ज करने के बाद किस्त से जुड़ा स्टेटस देख सकते हैं।
  • अगर कोई जानकारी अधूरी या पेंडिंग है, तो उसे समय रहते पूरा कर लें।

फिलहाल 24वीं किस्त की तारीख को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए किसानों को सोशल मीडिया के दावों पर भरोसा करने के बजाय सरकारी अपडेट का इंतजार करना चाहिए।

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iPhone 18 Pro और 18 Pro Max की प्री-ऑर्डर डेट लीक! 12 सितंबर से शुरू हो सकती है बुकिंग, 48MP ट्रिपल कैमरा समेत मिलेंगे ये फीचर्स

Apple का सितंबर इवेंट, जिसका नाम “Surprise and Shine” है, 9 सितंबर 2026 को होने वाला है। यह इवेंट भारत में इंडियन स्टैंडर्ड टाइम (IST) के अनुसार रात 10:30 बजे शुरू होगा। इस दिन तीन नए फोन देखने को मिल सकते हैं: iPhone 18, iPhone 18 Pro और iPhone Ultra (Apple का पहला फोल्ड होने वाला फोन)। हाल ही में लीक हुई जानकारी से iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max के प्री-ऑर्डर की तारीख का पता चला है। यहां इनके बारे में, साथ ही इनके स्पेसिफिकेशन और कैमरा के बारे में पूरी जानकारी दी गई है।

Apple iPhone 18 Pro के प्री-ऑर्डर की डेट

Macwelt की एक रिपोर्ट के अनुसार, Apple प्री-ऑर्डर में एक दिन की देरी करेगा और शनिवार, 12 सितंबर 2026 से ऑर्डर लेना शुरू करेगा। ऐसा इसलिए होगा, क्योंकि 11 सितंबर का दिन अमेरिका में याद और शोक का दिन होता है। Apple शुरू होने का समय भी बदल सकता है। आम तौर पर शाम 5:30 बजे (IST) प्री-ऑर्डर शुरू होते हैं, लेकिन इस बार इनके 12 सितंबर को आधी रात (PT के अनुसार) और भारत में दोपहर लगभग 12:30 बजे शुरू होने की उम्मीद है।

Apple प्री-ऑर्डर शुरू करने का समय भी बदल सकता है। आमतौर पर प्री-ऑर्डर शाम 5:30 बजे (IST) शुरू होते हैं, लेकिन इस बार 12 सितंबर को PT के हिसाब से आधी रात से प्री-ऑर्डर शुरू होने की उम्मीद है। भारत में यह समय करीब दोपहर 12:30 बजे (IST) हो सकता है।

Apple iPhone 18 Pro के स्पेसिफिकेशन्स (अनुमानित)

Apple iPhone 18 Pro में 120Hz रिफ्रेश रेट वाला 6.3-इंच का OLED डिस्प्ले हो सकता है। इसमें 2nm प्रोसेस पर बना Apple A20 Pro चिपसेट इस्तेमाल किया जा सकता है। लीक से पता चलता है कि यह चिपसेट परफॉर्मेंस में 15% तेज होगा और लगभग 30% बेहतर एनर्जी एफिशिएंसी देगा। इस हैंडसेट में MagSafe वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट के साथ 5100mAh की बैटरी भी मिल सकती है।

कैमरा की बात करें तो, Apple iPhone 18 Pro में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप हो सकता है, जिसमें 48MP का प्राइमरी शूटर, 48MP का अल्ट्रा-वाइड-एंगल सेंसर और 48MP का टेलीफोटो सेंसर शामिल होगा। इसके फ्रंट में सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 18MP का कैमरा हो सकता है।

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