इंग्लैंड (UK) में पंजाबी युवती पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग के चंगुल में फंस गई। युवती की मां ने एक पंजाबी चैनल से बातचीत में कहा कि उसकी 19 साल की बेटी है। वह नितनेम करती, गुरुद्वारे जाकर सेवा करती थी लेकिन गैंग ने उसे फंसा लिया। उसने सब कुछ छोड़ दिया। उसका ब्रेनवॉश कर दिया। जब हमने समझाने की कोशिश की तो हमारी शिकायत लंदन पुलिस को कर दी। इसके बाद हमें छोड़कर चली गई। मां ने कहा कि यूनिवर्सिटी में लड़कियों के एक ग्रुप से जोड़ने के बाद एक लड़का उसके टच में आया, उसके बाद ही उसका पूरा व्यवहार बदल गया। उसने इंग्लैंड में रहते सिखों से इस मामले में मदद मांगी है। लड़की को कैसे फंसाया, ग्रूमिंग गैंग का पूरा प्रोसेस क्या है, आगे क्या होता है, ये जानने के लिए पूरी रिपोर्ट पढ़िए… 5 पॉइंट में जानिए, युवती की मां ने ग्रूमिंग को लेकर क्या कहा.. 1. स्कूल में पढ़ी, यूनिवर्सिटी तक सब ठीक था
मां ने कहा- मेरी बेटी का नाम सिमरन है। वह 19 साल की है। बेटी यहीं (लंदन) की जन्मी है, लेकिन फिर भी वह जैसी हमारी भारतीय समुदाय की बच्चियां होती हैं, उस तरह थी। हमारे घर में एक अच्छे माहौल में पली-बढ़ी थी उसने स्कूल खत्म किया और सितंबर 2025 में यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए गई। तब तक सब कुछ ठीक था। 2. यूनिवर्सिटी में लड़कियों का ग्रुप बना, फिर एक लड़का उसके टच में आया
मां ने कहा- यूनिवर्सिटी में जाकर मुस्लिम लड़कियों का ग्रुप बना। फिर एक लड़का उनके संपर्क में आया। जिसने मेरी बेटी से संपर्क किया और फिर उसका थोड़ा-थोड़ा व्यवहार बदलने लगा। वह पहले बहुत अच्छी थी, बहुत इज्जत करती थी हमारी, कभी वह हमारे आगे बोलती नहीं थी। फिर हमें शक हुआ कि शायद कुछ गलत है। हमें जून 2026 में पता चला कि एक मुस्लिम लड़का उसके साथ जुड़ चुका है। उसके बाद उसका व्यवहार बदल गया। 3. मां-बाप को वह बातें बोलती, जिससे यकीन नहीं आता
मां ने कहा- वह काफी आक्रामक होने लगी। यहां तक कि उसको यह पता चलना बंद हो गया कि हम उसके माता-पिता हैं। वह कभी-कभी हमें इतनी गलत चीजें बोल देती थी कि हम विश्वास ही नहीं कर पाते थे कि यह सिमरन ही बोल रही है। स्कूल में हर टीचर उसकी तारीफ करता था कि यह हमारी बहुत इज्जत करती है। 4. घर पर पाठ करती, गुरुद्वारे जाती, फिर पूरी बदल गई
मां ने कहा- वह घर पर पाठ करती थी। जब भी उसको समय मिलता था, हम गुरुद्वारे जाते, सेवा करके आते थे। उसका ब्रेनवाश कर दिया गया। मतलब कि पूरी तरह से बदल दिया उसको। वह अपना किरदार ही भूल गई। मेरी फैमिली गुरसिख है। पति का परिवार अमृतधारी है। बेटी सिमरन भी सिक्खी को मानती थी लेकिन फिर वह पूरी तरह से बदल गई। 5. समझाया तो पुलिस को हमारी ही शिकायत कर दी, फिर छोड़कर चली गई
मां ने कहा- जब हमने उसे समझाने की कोशिश की तो उसने लंदन पुलिस को शिकायत कर दी। उसने झूठ कहा कि हमने उसको मारा-पीटा। जबकि हमने कभी भी उस पर हाथ नहीं उठाया। यहां तक कि हमने उससे ऊंची आवाज में बात करना भी बंद कर दिया था। हमें लगता था कि हम प्यार से उसको समझा लें, घर वापस ले आएं, हर वह चीजें करने लगे, जिससे वह खुश रहती थी। लेकिन मुझे नहीं पता कि उसका इतना माइंडवॉश कर दिया उन्होंने कि हमारी मेरी पूरी फैमिली पर आरोप लगाकर वह चली गई।
पहले भी एक युवती ने ऑनसक्रीन किए थे खुलासे बता दें, 6 महीने पहले इंग्लैंड में रहने वाले पंजाबी नवदीप सिंह ने एक युवती का वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें युवती ने ऐसे ही कुछ दावे किए थे। उसने बताया था कि ब्रिटेन में कौर-टू-खान मूवमेंट चल रहा है। सिख लड़कियों को फंसाकर उन्हें मुसलमान बनाया जा रहा है। इसके लिए यूके में पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग सक्रिय है। युवती ने वीडियो में दावा किया था कि यूके में ग्रूमिंग गैंग को कौर (सिख लड़की) से खान (मुस्लिम) बनाने पर 10 हजार पाउंड दिए जा रहे हैं। युवती का कहना था कि पाकिस्तानी मूल की ग्रूमिंग गैंग सोची-समझी साजिश के तहत गैर-मुस्लिम लड़कियों, खासकर सिख लड़कियों को निशाना बना रहे हैं। युवती ने ग्रूमिंग गैंग की स्ट्रेटजी का भी खुलासा किया था। उसका कहना था कि ग्रूमिंग गैंग पहले लड़कियों को टारगेट कर उनसे इमोशनली अटैच होते हैं, फिर उन्हें महंगी गाड़ियों व रेस्टोरेंट्स में घुमाते हैं और जब लड़की उनके जाल में फंस जाती है तो उसका धर्म परिवर्तन करा देते हैं। युवती का दावा है कि अलग-अलग धर्म की लड़कियों को फंसाने के रेट भी अलग हैं। सिख लड़की को फंसाकर मुस्लिम बनाने पर युवक को 10,000 पाउंड (करीब 11 लाख रुपये) मिलते हैं। वहीं, हिंदू या ईसाई लड़की के धर्म परिवर्तन कराने पर 5,000 पाउंड (करीब साढ़े 5 लाख रुपये) का इनाम दिया जाता है। कैसे जाल बिछाते हैं ग्रूमिंग गैंग, स्टेप-टू-स्टेप प्रोसेस जानिए…
बिहार डूबेगा कि बचेगा…नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के 8 दिन बाद अब हर कोई जानना चाहता है। राज्य की 8 नदियां- गंगा, सोन, पुनपुन, कोसी, गंडक, बुढ़ी गंडक, बागमती और घाघरा खतरे के निशान से ऊपर हैं। दूसरी तरफ नेपाल में दूसरे ग्लेशियर के फटने का अलर्ट जारी कर दिया गया है। ऐसा क्यों कहा जा रहा कि अबकी ग्लेशियर फटा तो पटना सहित 10 शहर डूब जाएंगे, हिमालय की चोटी पर क्या चल रहा है, समझेंगे; बूझे की नाही में…। बिहार की चिंता बढ़ाने वाले 3 बड़े फैक्टर 1. नेपाल में फटने वाला है दूसरा ग्लेशियर चीन के जल संसाधन मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल में एक नया ग्लेशियल लेक फटने वाला है। कब फटेगा, इसका सटीक अंदाजा लगाना कठिन है। नया ग्लेशियल लेक लांगटांग लिरुंग हिमालय के पश्चिमी ढलान पर, रसुवा में तेनजिंग के ठीक सामने है। दरअसल… नेपाल से निकलने वाली 7 से 9 बड़ी नदियां बहकर बिहार-UP के मैदानी इलाकों में आती हैं। जब नेपाल के पहाड़ों में भारी बारिश होती है, तो इन्हीं नदियों के जरिए बिहार में बाढ़ का पानी आता है। इसे ऐसे समझिए… केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, कोसी, गंडक, बागमती और घाघरा ही वे नदियां हैं, जो बिहार में बाढ़ लाती हैं। इसलिए अगर अबकी बार ग्लेशियर फटा तो फिर भारी मात्रा में पानी बिहार पहुंचेगा। 2. 8 नदियां उफान पर, दबाव बढ़ा तो टूट जाएंगे बाढ़ ताजा हालात है कि बिहार की आठ नदियां गंगा, सोन, पुनपुन, कोसी, गंडक, बुढ़ी गंडक, बागमती और घघरा खतरे के निशान से ऊपर हैं। 3 सितंबर तक बिहार जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक… वहीं, नेपाल में आई तबाही के दिन 26 अगस्त से 3 सितंबर की सुबह 8 बजे तक बिहार में 3 बैराज से 1.98 करोड़ क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। एक क्यूसेक पानी यानी 28.3 लीटर/प्रति सेकंड। मतलब 56,119.4 करोड़ लीटर/प्रति सेकंड पानी बिहार में 9 दिन के अंदर आ चुका है। मतलब अगर नेपाल में दूसरा ग्लेशियर टूटा तो बिहार में हालात खराब हो जाएंगे। क्योंकि अभी ही नदियों में पानी काफी बढ़ गया है। आगे पानी आने पर तबाही ही मचेगी। 3. नेपाल में बारिश का अलर्ट, नदियों में बढ़ेगा पानी बिहार की सबसे बड़ी चिंता नेपाल में भारी बारिश का अलर्ट है। नेपाल के बाढ़ पूर्वानुमान विभाग के मुताबिक, भोटेकोशी और त्रिशूली नदी फिलहाल चेतावनी स्तर से नीचे बह रही हैं, फिर भी रसुवा और नुवाकोट में अचानक बाढ़ आने की ज्यादा संभावना है। दोनों जिलों में भोटेकोशी, त्रिशूली और छोटी नदियों का जलस्तर काफी बढ़ सकता है, जिससे अचानक बाढ़ आने का भारी खतरा है। वहीं, नेपाल के मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों यानी 6 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। नेपाल के जल संसाधन विभाग ने कहा कि कोशी बेसिन की सप्तकोशी, तमोर, अरुण, दूधकोशी, तामाकोशी और सुनकोशी तथा नारायणी बेसिन की नारायणी, त्रिशूली, बूढ़ी गंडकी, मर्स्यांगदी, सेती और काली गंडकी जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। विभाग ने नेपाल की छोटी नदियों में पानी बढ़ने की भी बातें कही है। इधर… पटना मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, 5 सितंबर तक पूरे बिहार में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज और सीवान जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। जबकि, पटना, नालंदा, जहानाबाद, नवादा, गया, लखीसराय, शेखपुरा और बेगूसराय में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। …तो क्या बड़े शहर भी डूब सकते हैं? बिल्कुल। राज्य की नदियों में बढ़ते पानी से 13 जिले दरभंगा, मधुबनी, पश्चिम चंपारण, कटिहार, मधेपुरा, पूर्णिया, सहरसा, खगड़िया, वैशाली, बेगूसराय, भागलपुर, समस्तीपुर, मुंगेर प्रभावित हैं। बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग ने 3 सितंबर की शाम अलर्ट जारी करते हुए कहा कि पटना में गंगा नदी हाई फ्लड लेबल को क्रास करने वाली है। इसलिए सभी पदाधिकारी और लोग अलर्ट रहें। निचले इलाकों को बचाने के लिए तुरंत तैयारी में जुट जाएं। विभाग ने कहा है कि दक्षिण बिहार की सोन, पुनपुन, दरधा में बढ़ते पानी को देखते हुए नालंदा, भोजपुर, वैशाली, सारण, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद में लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। मतलब साफ है कि अगर नेपाल से और पानी आया तो बिहार के कम से कम 10 से ज्यादा शहर डूब सकते हैं। जिसमें राजधानी पटना भी शामिल हो सकता है। ऐसा पहले भी हो चुका है…
Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार 4 सितंबर का दिन आर्थिक मामलों में योजना बनाने और पैसों को सही तरीके से संभालने का संकेत दे रहा है। आज ज्यादातर मूलांक वाले लोगों को बेवजह खर्च करने से बचने और भविष्य को ध्यान में रखकर आर्थिक फैसले लेने की सलाह दी जाती है। कुछ लोगों के लिए निवेश और बचत की नई योजना बनाने का समय अच्छा है। आइए जानते हैं मूलांक 1 से 9 तक के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।
मूलांक 1
अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण रहेगा। भविष्य को सुरक्षित करने के लिए लंबी अवधि की योजना बना सकते हैं। अपने आर्थिक लक्ष्य तय करें और बजट के अनुसार खर्च करें। अचानक या बिना सोचे खरीदारी करने से बचना आपके लिए बेहतर रहेगा। कोई बड़ा फैसला लेने से पहले उसके सभी पहलुओं पर विचार करें।
मूलांक 2
अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में व्यावहारिक सोच रखनी होगी। गैरजरूरी चीजों पर खर्च करने से बचें और अपनी बचत को मजबूत करने पर ध्यान दें। भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए लंबी अवधि की योजना बनाना फायदेमंद रहेगा। सही दिशा में उठाया गया कदम आगे चलकर आर्थिक स्थिरता देने में मदद कर सकता है।
मूलांक 3
अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक योजना बनाने का अच्छा समय है। अपने लक्ष्यों को स्पष्ट करें और उन्हें पूरा करने के लिए ठोस योजना तैयार करें। बाजार और निवेश से जुड़ी नई जानकारी हासिल करना फायदेमंद रहेगा। हालांकि, बजट को जरूरत के हिसाब से बदलने के लिए तैयार रहें, क्योंकि अचानक कोई खर्च सामने आ सकता है।
मूलांक 4
अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज घर और परिवार से जुड़े खर्चों पर विशेष ध्यान देना होगा। भावनाओं में आकर पैसा खर्च करने से बचें। अपनी आमदनी और खर्च का सही हिसाब रखें और बिना योजना वाले खर्चों पर रोक लगाएं। भविष्य में अचानक आने वाली जरूरतों के लिए कुछ रकम बचाकर रखना आपके लिए बेहतर रहेगा।
मूलांक 5
अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में दिन सकारात्मक रह सकता है। बजट बनाने और खर्चों को व्यवस्थित करने की आपकी क्षमता बेहतर रहेगी। गैरजरूरी खरीदारी से बचकर आप अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं। नए निवेश या कमाई के अवसरों पर विचार किया जा सकता है, लेकिन फैसला पूरी जानकारी लेने के बाद ही करें।
मूलांक 6
अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में अनुशासन जरूरी रहेगा। अपनी आमदनी और खर्च का पूरा हिसाब रखें। जरूरी चीजों पर ही पैसा खर्च करें और गैरजरूरी खर्च को टालने की कोशिश करें। हर छोटे-बड़े भुगतान पर नजर रखने से आपको अपनी आर्थिक स्थिति समझने में मदद मिलेगी। लापरवाही से बचना आपके लिए फायदेमंद होगा।
मूलांक 7
अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिरता और भविष्य की योजनाओं पर ध्यान देना चाहिए। लग्जरी और गैरजरूरी सामान पर खर्च करने से बचें। अपनी बचत बढ़ाने के नए तरीके खोजें और मौजूदा आर्थिक योजनाओं की समीक्षा करें। आज लिए गए समझदारी भरे फैसले भविष्य में आपकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बना सकते हैं।
मूलांक 8
अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक रूप से अनुकूल रह सकता है। लंबी अवधि की योजनाओं पर काम करने का सही समय है। अपने निवेश और बजट की समीक्षा करें और देखें कि आपकी योजनाएं भविष्य के लक्ष्यों के अनुसार चल रही हैं या नहीं। बिना योजना के खर्च करने से बचें और आर्थिक सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
मूलांक 9
अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। नए अवसर सामने आ सकते हैं, लेकिन तुरंत फैसला लेने के बजाय पूरी जानकारी जुटाएं। अपने पुराने आर्थिक लक्ष्यों की समीक्षा करें और जरूरत पड़ने पर उनमें बदलाव करें। सोच-समझकर लिया गया फैसला आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद कर सकता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।
Gold Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार, 3 सितंबर को सोने की कीमत में जोरदार तेजी आई। 6 कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद सोना ₹3,400 उछलकर ₹1,59,500 प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। इससे पहले बुधवार को 24 कैरेट वाला वाला सोना ₹1,56,100 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
चांदी की कीमत में भी बड़ी तेजी देखने को मिली। चांदी ₹5,000 बढ़कर ₹2,40,500 प्रति किलो पहुंच गई। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹2,35,500 प्रति किलो था।
क्यों बढ़े सोने-चांदी के दाम?
ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म लेमॉन के हेड ऑफ रिसर्च गौरव गर्ग के मुताबिक, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड हाल की ऊंचाई से नीचे आई है। इसके अलावा, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण सुरक्षित निवेश की मांग बनी हुई है। इससे सोने और चांदी को सपोर्ट मिला।
HDFC Securities के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अमेरिका के निजी रोजगार के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे। इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख को लेकर बाजार की धारणा बदली।
कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई। डॉलर कमजोर होने से दूसरे देशों के निवेशकों के लिए सोना सस्ता पड़ता है। इससे कीमतों को सहारा मिलता है।
इंटरनेशनल मार्केट में भी तेज उछाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड $55.76 यानी 1.27% बढ़कर $4,443.93 प्रति औंस पहुंच गया। चांदी भी करीब 1% की तेजी के साथ $65.77 प्रति औंस पर पहुंच गई।
निवेश प्लेटफॉर्म Mudrex के लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत ने कहा कि सोना एक महीने के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद फिर $4,440 के आसपास लौट आया। कमजोर डॉलर ने कीमती धातुओं की कीमतों को सहारा दिया।
Gold Jewellery Price: 18, 14 या 9 कैरेट की ज्वेलरी कितने में बनेगी? समझिए पूरा कैलकुलेशन
आगे क्या रहेगा रुख?
अमेरिकी जॉब मार्केट के अहम आंकड़ों से पहले सोने और चांदी की आगे की चाल को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। कमजोर आंकड़े आने पर डॉलर और कमजोर हो सकता है, जिससे सोने को और सपोर्ट मिल सकता है।
वहीं, अगर रोजगार के आंकड़े मजबूत रहे या फेड ने सख्त रुख अपनाया, तो ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद फिर मजबूत हो सकती है। ऐसे में सोने और चांदी पर दबाव आ सकता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।
Sterlite Technologies Share: ब्रॉडबैंड टेक्नोलॉजी कंपनी Sterlite Technologies Ltd (STL) ने ₹3,000 करोड़ के बड़े कैपेक्स प्लान को मंजूरी दे दी है। कंपनी इस पैसे से अपनी मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाएगी। इसके बाद उसकी क्षमता करीब 50% बढ़ जाएगी। नई क्षमता FY29 के अंत तक जुड़ने की उम्मीद है।
कंपनी का कहना है कि ऑप्टिकल फाइबर केबल और कनेक्टिविटी बिजनेस की ग्लोबल मांग बढ़ रही है। इसी को देखते हुए विस्तार का फैसला लिया गया है।
70% क्षमता का हो रहा इस्तेमाल
अभी कंपनी की मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का करीब 70% इस्तेमाल हो रहा है। STL ने अपनी कुल उत्पादन क्षमता का आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है।
कंपनी ने कहा कि यह जानकारी कमर्शियल और प्रतिस्पर्धा के लिहाज से संवेदनशील है। ₹3,000 करोड़ का निवेश आंतरिक स्रोतों और जरूरत पड़ने पर कर्ज से किया जाएगा।
जून तिमाही में रिकॉर्ड कमाई
FY27 की पहली तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। नेट प्रॉफिट करीब 20 गुना बढ़कर ₹197 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी ने ₹10 करोड़ का मुनाफा कमाया था।
Sterlite Tech का रेवेन्यू 87% बढ़कर रिकॉर्ड ₹1,910 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹1,019 करोड़ था। EBITDA करीब 184% बढ़कर रिकॉर्ड ₹397 करोड़ पहुंच गया।
EBITDA मार्जिन भी 13.7% से बढ़कर 20.8% हो गया। यह पिछले करीब 20 तिमाहियों का सबसे ऊंचा स्तर है।
₹18,618 करोड़ की ऑर्डर बुक
कंपनी की ऑर्डर बुक भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। जून तिमाही के अंत में STL के पास ₹18,618 करोड़ के ऑर्डर थे।
इस दौरान कंपनी ने ₹1,500 करोड़ का QIP भी पूरा किया। कंपनी के मुताबिक, फंड जुटाने के बाद वह नेट डेट-फ्री हो गई है। अब उसके पास आगे की ग्रोथ के लिए ज्यादा वित्तीय ताकत है।
AI डेटा सेंटर के लिए बड़ा ऑर्डर
Sterlite Tech को AI डेटा सेंटर्स के लिए एक बड़ा ऑर्डर भी मिला है। STL को ऑप्टिकल कनेक्टिविटी प्रोडक्ट्स सप्लाई करने का कई साल का कॉन्ट्रैक्ट मिला है।
इस कॉन्ट्रैक्ट की वैल्यू $1.11 अरब से ज्यादा है। भारतीय रुपये में यह रकम ₹10,000 करोड़ से अधिक है।
BSE पर गुरुवार को Sterlite Technologies का शेयर मामूली तेजी के साथ ₹714.45 पर बंद हुआ। शेयर 0.084% चढ़ा। इसने पिछले 6 महीने में 327% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। वहीं, 1 साल में इसने 555% रिटर्न दिया है।
High Return Stock: इस शेयर ने 2026 में पैसा दोगुना किया है, क्या निवेश करना चाहिए?
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
International Earth Science Olympiad: भारत ने इंटरनेशनल अर्थ साइंस ओलंपियाड (IESO) में अपना अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हुए 9 मेडल अपने नाम किए हैं। 19वीं इंटरनेशनल अर्थ साइंस ओलंपियाड प्रतियोगिता 20 से 27 अगस्त 2026 के बीच इटली के ट्यूरिम में आयोजित की गई थी। इसमें चार सदस्यों वाली भारतीय टीम ने अलग-अलग कॉम्पिटिशन में 4 गोल्ड, 3 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल जीते।
19वें इंटरनेशनल अर्थ साइंस ओलंपियाड में शामिल 4 सदस्यीय भारतीय टीम में सौमिक मंडल, आरोन मैती, ऋद्धि रंजन और एमडी एहतेशाम रिजवी शामिल थे। इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन के लिए चुने जाने से पहले स्टूडेंट्स ने महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा के जियोलॉजी डिपार्टमेंट में तीन हफ्ते का प्रशिक्षण और चयन प्रोग्राम आयोजित किया गया था।
इटली के ट्यूरिन में हुए 19वें इंटरनेशनल अर्थ साइंस ओलंपियाड में भारतीय छात्रों ने लिखित और प्रैक्टिकल परीक्षा, इंटरनेशनल टीम फील्ड इन्वेस्टिगेशन और अर्थ साइंस प्रोजेक्ट कॉम्पिटिशन में मेडल जीते। 19वें इंटरनेशनल अर्थ साइंस ओलंपियाड में नौ मेडल की जीत भारत का इस प्रतियोगिता में अब तक का बेस्ट प्रदर्शन माना जा रहा है। इससे पहले 2025 संस्करण में भारतीय छात्रों ने सात मेडल जीते थे। इन-पर्सन IESO में भारत का पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2019 में 10 मेडल का था। हालांकि, 2026 के नतीजों को प्रतियोगिता में शामिल टीम का देश का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन बताया गया है।
17,000 उम्मीदवारों में से चुने गए छात्र
भारतीय टीम में शामिल चार छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित चयन प्रक्रिया के जरिए चुना गया। इस प्रक्रिया में करीब 17,000 छात्रों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। बाद में उन्होंने 20 मई से 11 जून, 2026 तक यूनिवर्सिटी में इंटेंसिव ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लिया।
इंटरनेशनल अर्थ साइंस ओलंपियाड स्कूल छात्रों को अर्थ साइंस से जुड़े क्षेत्र में मुकाबला करने का मौका देता है। इस प्रतियोगिता में जियोलॉजी, जियोफिजिक्स, मेटियोरोलॉजी, ओशनोग्राफी और एनवायर्नमेंटल साइंस से जुड़े विषय और गतिविधि शामिल हैं। फाइनल टीम चुने जाने से पहले भारत की चयन प्रक्रिया में एक नेशनल एंट्रेंस टेस्ट, एक ट्रेनिंग कैंप और इंडियन नेशनल अर्थ साइंस ओलंपियाड शामिल हैं। भारतीय छात्रों की यह उपलब्धि इंटरनेशनल साइंस ओलंपियाड स्टेज पर भारतीय स्कूली छात्रों के एक और मजबूत प्रदर्शन को जोड़ती है।
Gold Jewellery Price: सोने का भाव लगातार ऊंचे स्तर पर बना है। ऐसे में जाहिर तौर पर नए गहने खरीदना काफी महंगा हो गया है। हालांकि, हर कैरेट के सोने की कीमत एक जैसी नहीं होती। सबसे महंगा 24 कैरेट का सोना होता है। लेकिन, इससे गहने नहीं बनते। गहने बनने की शुरुआत अधिकतम 22 कैरेट गोल्ड से होती है। महंगाई के चलते अब कम कैरेट गोल्ड की तरफ भी ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ रही है।
खुराना ज्वैलरी हाउस की सौम्या खुराना के मुताबिक, अब ज्वेलर्स ग्राहकों के लिए हल्के आभूषण पेश कर रहे हैं, जो सस्ते होते हैं। 18 कैरेट, 14 कैरेट और यहां तक कि 9 कैरेट की ज्वेलरी भी मार्केट में आ रही हैं। इन्हें लोग खूब पसंद भी कर रहे हैं।
आइए जानते हैं कि 18, 14 और 9 कैरेट की गोल्ड ज्वेलरी बनवाने पर कितना खर्च होगा। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन यानी IBJA के मुताबिक, 3 सितंबर को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत ₹2,549 बढ़कर ₹1.54 लाख हो गई। इसी भाव के आधार पर 18 कैरेट, 14 कैरेट और 9 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी का कैलकुलेशन किया गया है।
18K, 14K और 9K में कितना सोना
18 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी में 75% यानी 7.5 ग्राम शुद्ध सोना होता है। 14 कैरेट में यह मात्रा 58.5% यानी 5.85 ग्राम रहती है। वहीं 9 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी में 37.5% यानी 3.75 ग्राम शुद्ध सोना होता है।
बची हुई मात्रा में दूसरी धातुएं मिलाई जाती हैं। इससे ज्वेलरी मजबूत बनती है। कम कैरेट का मतलब है कि गहने में सोने की मात्रा कम है। यही वजह है कि उसकी कीमत भी कम पड़ती है।

18 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी का खर्च
18 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी में 7.5 ग्राम शुद्ध सोना होता है। ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम के भाव पर इस सोने की कीमत ₹1,15,500 बैठती है।
बाकी 2.5 ग्राम में दूसरी धातुएं होती हैं। चांदी और तांबे की कीमत जोड़ने पर ज्वेलरी की कुल धातु लागत ₹1,18,502 हो जाती है। 10% मेकिंग चार्ज और 3% GST के बाद कुल कीमत करीब ₹1,34,262 बैठती है।
14 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी का खर्च
14 कैरेट की ज्वेलरी में सोने की मात्रा घटकर 5.85 ग्राम रह जाती है। इसकी कीमत ₹90,090 होती है। हालांकि, बचे हुए 4.15 ग्राम में चांदी और तांबा मिलाया जाता है। इनकी कीमत भी ग्राहक को चुकानी होती है।
इन धातुओं की कीमत जोड़ने पर कुल धातु लागत ₹95,073 बैठती है। मेकिंग चार्ज और GST मिलाने के बाद 10 ग्राम 14 कैरेट ज्वेलरी की कीमत करीब ₹1,07,718 हो जाती है। यानी 18 कैरेट के मुकाबले करीब ₹26,500 की बचत।
9 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी का खर्च
9 कैरेट में सिर्फ 3.75 ग्राम शुद्ध सोना होता है। मौजूदा भाव पर इस सोने की कीमत ₹57,750 बैठती है। बाकी 6.25 ग्राम में दूसरी धातुएं होती हैं। चांदी और तांबे की कीमत मिलाकर कुल धातु लागत ₹65,254 हो जाती है।
इसके बाद ₹6,525 मेकिंग चार्ज और 3% GST जुड़ता है। इस तरह 10 ग्राम 9 कैरेट ज्वेलरी करीब ₹73,933 में तैयार होती है। यानी 18 कैरेट के मुकाबले करीब ₹60,000 कम खर्च आता है।
एक नजर में 10 ग्राम ज्वेलरी का पूरा हिसाब
| खर्च का हिसाब | 18 कैरेट | 14 कैरेट | 9 कैरेट |
| शुद्ध सोना | 7.5 ग्राम | 5.85 ग्राम | 3.75 ग्राम |
| सोने की कीमत | ₹1,15,500 | ₹90,090 | ₹57,750 |
| दूसरी धातुओं की कीमत | ₹3,002 | ₹4,983 | ₹7,504 |
| कुल धातु लागत | ₹1,18,502 | ₹95,073 | ₹65,254 |
| मेकिंग चार्ज | ₹11,850 | ₹9,507 | ₹6,525 |
| GST | ₹3,910 | ₹3,137 | ₹2,153 |
| कुल कीमत | ₹1,34,262 | ₹1,07,718 | ₹73,933 |
9 कैरेट ज्वेलरी का बढ़ता चलन
बाजार में 9 कैरेट ज्वेलरी का चलन बढ़ रहा है। खासकर युवा ग्राहक हल्के और रोज पहनने वाले गहनों के लिए इसे देख रहे हैं। 14 कैरेट और 18 कैरेट ज्वेलरी भी हीरे और दूसरे रत्नों वाले डिजाइन में खूब इस्तेमाल होती है।
हालांकि, शादी-ब्याह के पारंपरिक गहनों के लिए भारत में 22 कैरेट गोल्ड की मांग अभी भी सबसे ज्यादा रहती है। लेकिन सोने के रिकॉर्ड भाव के बीच कम कैरेट की ज्वेलरी अब ग्राहकों के लिए सस्ता विकल्प बन रही है।
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Tibet Earthquake : नेपाल और तिब्बत में ग्लेशियर आपदा के बाद आई विनाशकारी बाढ़ के बीच गुरुवार को तिब्बत में 5.0 तीव्रता का भूकंप आया। भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के जोशीमठ से करीब 128 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था। भूकंप के बाद फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारियों की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
नेपाल में बाढ़ के बीच आया भूकंप
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तिब्बत में भूकंप ऐसे समय आया है, जब हिमालयी क्षेत्र पहले से ही एक बड़ी ग्लेशियर आपदा के बाद आई भीषण बाढ़ से जूझ रहा है। इस आपदा का असर तिब्बत और नेपाल के कई इलाकों में देखने को मिला है। ताजा अपडेट के मुताबिक, इस आपदा में मृतकों की संख्या बढ़कर 1,252 हो गई है, जबकि कम से कम 4,216 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ और ग्लेशियर से जुड़ी इस आपदा ने हिमालयी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है।
5.0 तीव्रता के भूकंप का क्या मतलब है?
NCS के अनुसार, तिब्बत में आए भूकंप की तीव्रता 5.0 थी। इस तीव्रता के भूकंप को सामान्यतः मध्यम श्रेणी का भूकंप माना जाता है। इस तरह के भूकंप में इमारतों में स्पष्ट कंपन महसूस किया जा सकता है। कमजोर या खराब निर्माण वाली इमारतों को मामूली से मध्यम नुकसान पहुंच सकता है, जबकि अच्छी तरह से निर्मित संरचनाएं आम तौर पर गंभीर संरचनात्मक क्षति से बची रहती हैं।
सिर्फ 10 किलोमीटर गहराई में आया भूकंप
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जमीन के अंदर करीब 10 किलोमीटर की गहराई में था। कम गहराई वाले भूकंपों को अपेक्षाकृत ज्यादा नुकसानदायक माना जाता है, क्योंकि भूकंपीय ऊर्जा को सतह तक पहुंचने के लिए कम दूरी तय करनी पड़ती है। इस वजह से ऊर्जा रास्ते में कम कमजोर होती है और सतह पर झटके ज्यादा महसूस किए जा सकते हैं।
हिमालयी क्षेत्र में लगातार बनी हुई चिंता
तिब्बत में आए इस भूकंप ने हिमालयी क्षेत्र में जारी प्राकृतिक आपदाओं के बीच चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में ग्लेशियर आपदा के बाद तिब्बत और नेपाल में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। ऐसे में भूकंप और अन्य प्राकृतिक घटनाओं पर भारत, नेपाल और तिब्बत के अधिकारियों की नजर बनी हुई है। फिलहाल तिब्बत में आए 5.0 तीव्रता के भूकंप से किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

At the 66th SIAM Annual Convention, Union Minister of Road Transport and Highways, Nitin Gadkari, revealed that the government is preparing for the second phase of Bharat NCAP that’s set to take effect from October 2027. The new phase of the BNCAP, Gadkari said, is planned to broaden the vehicle assessment programme to areas such as crash avoidance, pedestrian safety and post-crash response.
- Entire crash chain will be evaluated, expanding beyond occupant protection
- Gadkari invited manufacturers to submit suggestions based on global safety practices
Bharat NCAP 2.0 plans: What was revealed?
“Entire crash chain” to be evaluated with the Bharat NCAP 2.0 programme
“We are going ahead with making Bharat NCAP 2. This is a very important program [which will be] valid from October 2027,” said Gadkari while addressing the SIAM convention. The next phase is expected to assess a wider range of safety parameters. “We are going to evaluate the entire crash chain,” he added while identifying three broad areas – avoiding a crash, pedestrian protection, and post-crash evacuation and care – rather than focusing only on how vehicles protect occupants during a crash.

The ministry will also look at new safety technologies available globally as well as solutions being developed by Indian start-ups. Gadkari also invited vehicle manufacturers to submit suggestions based on their research, technical experience and safety practices followed in other markets “If you have any good suggestions, don’t hesitate, come to us”, he said.
Notified draft rules from MoRTH in November 2025 proposed 100-point evaluation criteria
In November 2025, MoRTH proposed new rules for the next phase of Bharat NCAP under AIS-197 (Revision 1), aimed at making the car safety testing programme more detailed and stricter. Under the proposed system, cars would receive a score out of 100 based on five areas: crash protection (55 points), protection for pedestrians and other vulnerable road users (20 points), safe driving features (10 points), accident avoidance technology (10 points), and post-crash safety (5 points).
The requirements for a 5-star safety rating would also become tougher. From 2027, a car would need to score at least 70 out of 100 to receive 5 stars, while from 2029, the minimum score would increase to 80 points.
The proposal also calls for more crash tests. In addition to the existing tests, cars would have to undergo a 50kph full-width frontal crash test, a 32kph oblique pole impact test and a 50kph rear-impact test. The speed of the existing side-pole test would also increase from 29kph to 32kph. Another major change is that cars would need to offer curtain airbags and electronic stability control (ESC) as standard to qualify for a star rating.

MD Weather Forecast September 4 : देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 4 सितंबर को उत्तर प्रदेश, दिल्ली-NCR, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक को लेकर चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
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मौसम विभाग के मुताबिक सक्रिय निम्न दबाव वाले सिस्टम के प्रभाव से पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिल सकती है।
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट
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4 सितंबर को उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। प्रदेश में कई स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बारिश का दौर आने वाले दिनों में भी जारी रह सकता है।
दिल्ली-NCR में फिर होगी बारिश
दिल्ली-NCR के लोगों को 4 सितंबर को एक बार फिर बारिश का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने राजधानी और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक का अनुमान जताया है। दिल्ली के अलावा पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी बारिश होने की संभावना है। बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है।
मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश
मध्य प्रदेश में भी मानसून की सक्रियता बनी रहने की संभावना है। IMD के मुताबिक पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश हो सकती है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के बीच गरज-चमक और बहुत भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मध्य प्रदेश के अलावा विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी 9 सितंबर तक व्यापक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
उत्तराखंड और हिमाचल में भी भारी बारिश
उत्तराखंड में 4 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ अचानक तेज बारिश होने से स्थानीय स्तर पर परेशानी बढ़ सकती है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रा करने वालों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश
बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश होने की संभावना है।
राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में कैसा रहेगा मौसम?
राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पंजाब और हरियाणा में भी बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में बारिश का दौर 9 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर जारी रह सकता है।
दक्षिण भारत में भी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक और लक्षद्वीप में व्यापक बारिश की संभावना है आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना में गरज-चमक के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
4 सितंबर को किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट?
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार 4 सितंबर को इन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है:
- पूर्वी मध्य प्रदेश: भारी से बहुत भारी और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश
- पश्चिमी मध्य प्रदेश: भारी से बहुत भारी बारिश
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश: भारी से बहुत भारी बारिश
- अरुणाचल प्रदेश: भारी से बहुत भारी बारिश
- जम्मू-कश्मीर: भारी बारिश
- हिमाचल प्रदेश: भारी बारिश
- उत्तराखंड: भारी बारिश
- पंजाब: भारी बारिश
- हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: भारी बारिश
- पूर्वी उत्तर प्रदेश: भारी बारिश
- पूर्वी राजस्थान: भारी बारिश
- छत्तीसगढ़: भारी बारिश
- विदर्भ: भारी बारिश
- बिहार: भारी बारिश
- पश्चिम बंगाल और सिक्किम: भारी बारिश
- असम और मेघालय: भारी बारिश
- नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: भारी बारिश




