Updated Maruti Brezza to debut on July 23

Maruti Brezza rear quarter static

Maruti-Suzuki is slated to introduce a comprehensive update to the Brezza on July 23, 2026. The carmakers’ answer to the compact SUV space is expected to arrive with a fresh exterior, better interiors, new features and most importantly, a new engine option. 

  1. Expected to arrive with a new turbo-petrol engine, likely from the Fronx.
  2. Subtle design revisions and feature additions are in the works.

Maruti Suzuki Brezza update: What to expect?

Credit: @HarshitMakkarvlogs via YouTube

The biggest change to the updated Brezza could be under the hood. It is expected to have a turbo-petrol engine for the first time in its lineup, with the Fronx’s 1.0-litre unit likely to be utilised. The engine could be paired to a 6-speed manual gearbox, as a test mule of the SUV was spied with this gearbox in February 2026. For reference, in the Fronx, the engine churns out 100hp and 148Nm. If introduced with the update, the engine would finally make the Brezza eligible for sub-4m tax benefits, thus reducing its price.  Currently, the Brezza is the only SUV in its segment that does not offer a turbo-petrol engine. In line with Maruti’s standards, the engine can also be expected to be paired to a CNG kit.

To have revised exterior styling and upmarket interior bits

Credit: @HarshitMakkarvlogs via YouTube

The updated Brezza is likely to arrive with minor cosmetic enhancements. This includes redone bumpers and lighting.  The LED tail-lamps could be connected by a segmented bar, as seen on the larger Victoris SUV. Spy shots of the Brezza also revealed a new 4-spoke alloy wheel design, suggesting that new rim designs for the updated version can be anticipated.

Current Maruti Brezza interior used for representation. 

Not many changes are expected to the overall cabin layout, save for newer trim material and colour scheme. As fr features, Maruti could equip the updated Brezza with the Victoris’ 10.1-inch infotainment screen, a powered driver seat, front seat ventilation and ambient lighting. A level 2 ADAS could also be part of the safety package. Test mules also revealed the presence of front parking sensors on the bumper, which could be a possible inclusion.

Maruti Suzuki Brezza update: Expected price

With the extensive updates, expect the updated Brezza to have a slight premium over the current version, whose price ranges between Rs 8.26 lakh and Rs 12.86 lakh. It will continue to take on the likes of the Hyundai Venue, Tata Nexon, Skoda Kylaq, Mahindra XUV 3XO, Kia Sonet and Syros.

Monsoon Delayed Impact: मानसून की देरी का पहला झटका, समझिए क्यों महंगी हो सकती है उड़द दाल

Urad Dal Price Hike Rules: देश के आम उपभोक्ताओं के बजट पर मानसून की बेरुखी का पहला बड़ा झटका लगने जा रहा है। मानसून में देरी और बारिश की कमी के कारण देश में उड़द दाल की बुवाई में 40% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बुवाई घटने से देश में दालों का उत्पादन प्रभावित हो सकता है, जिससे आने वाले दिनों में इसकी कीमतें आसमान छू सकती हैं।

घरेलू कमी को पूरा करने के लिए भारत को विदेशों से आयात बढ़ाना पड़ सकता है, जिसका सीधा असर आम आदमी की रसोई के बजट पर पड़ेगा। आइए समझते हैं कि उड़द दाल के महंगे होने के पीछे की असली वजह क्या है।

प्रमुख उत्पादक राज्यों में 40% कम हुई बुवाई, किसानों ने बदला रुख

मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान देश के प्रमुख उड़द उत्पादक राज्य हैं, जिनकी कुल हिस्सेदारी देश के कुल उत्पादन में लगभग आधी (50%) है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साल मानसून की सुस्ती को देखते हुए इन राज्यों के किसानों ने अपनी रणनीति बदल ली है। किसान अब उड़द की जगह सोयाबीन, मक्का और मोटे अनाजों की बुवाई को प्राथमिकता दे रहे हैं। किसानों का मानना है कि इन फसलों में मौसम का जोखिम कम होता है और बाजार में इनके दाम भी बेहतर और स्थिर मिलते हैं।

मौसम की मार: क्यों उड़द की खेती से कतरा रहे हैं किसान?

उड़द की फसल मौसम के प्रति बेहद संवेदनशील होती है। इसकी बढ़ोतरी के समय अगर बारिश कम हो, तो फसल सूख जाती है और अगर कटाई के समय ज्यादा बारिश हो जाए, तो पूरी फसल बर्बाद हो जाती है। पिछले कुछ वर्षों से मौसम के अनिश्चित पैटर्न के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। यही वजह है कि देश में उड़द का सालाना उत्पादन फाइनेंशियल ईयर 2022 के 28 लाख टन से घटकर फाइनेंशियल ईयर 2026 में महज 22 लाख टन रह गया है।

बाजार में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे दाम, MSP भी बढ़ी

घरेलू उत्पादन में आई इस गिरावट का असर कीमतों पर साफ दिख रहा है:

थोक बाजार का हाल: इंदौर के थोक बाजार में उड़द दाल की कीमत ₹9200 प्रति क्विंटल के पार पहुंच चुकी है, जो तीन साल पहले तक ₹5500 से ₹7200 के दायरे में थी।

न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP): किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने उड़द की एमएसपी को साल 2022 के ₹6600 से बढ़ाकर अब ₹8200 प्रति क्विंटल कर दिया है। एमएसपी बढ़ने से किसानों का नुकसान तो सीमित होगा, लेकिन रिटेल मार्केट में आम खरीदारों के लिए लागत बढ़ना तय है।

विदेशी इंपोर्ट पर बढ़ी निर्भरता, मार्च 2027 तक का अनुमान

घरेलू बाजार में मांग और आपूर्ति के अंतर को पाटने के लिए भारत को बड़े पैमाने पर उड़द का आयात करना पड़ रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2023 में जहां भारत ने केवल 6.11 लाख टन उड़द का आयात किया था, वहीं फाइनेंशियल ईयर 2026 में यह बढ़कर 10.5 लाख टन पर पहुंच गया।कमोडिटी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मौजूदा हालात को देखते हुए मार्च 2027 तक सालाना आयात का यह आंकड़ा 12 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर को छू सकता है।

सरकार ने शुरू की ‘प्राइस सपोर्ट स्कीम’ (PSS)

इस मानसून सीजन में अब तक राष्ट्रीय औसत वर्षा सामान्य से 42% कम रही है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने किसानों को सुरक्षा देने के लिए उत्तर प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु और हरियाणा में ‘प्राइस सपोर्ट स्कीम’ (PSS) के तहत मूंग, उड़द और मूंगफली की सरकारी खरीद को मंजूरी दे दी है। सरकार के इस कदम से किसानों को सही दाम तो मिलेगा, लेकिन बाजार में सप्लाई सीमित होने से आम उपभोक्ताओं के लिए उड़द दाल की कीमतें तेज हो सकती हैं।

एक झटके में खत्म हुआ टीम इंडिया का 3 साल का दबदबा! आखिरी बार कब हारी थी टी20 सीरीज

टी20 क्रिकेट में भारत का जीत का सिलसिला आयरलैंड के खिलाफ खत्म हो गया। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम तीन दिनों के अंदर दो मैचों की टी20 सीरीज में 0-2 से हार गई। इस हार के साथ टीम इंडिया का टी20 क्रिकेट में शानदार सफर और दबदबा फिलहाल थम गया है। बेलफास्ट में खेले गए दोनों मुकाबलों में आयरलैंड ने शानदार खेल दिखाते हुए पहली बार भारत को टी20 सीरीज में क्लीन स्वीप कर इतिहास रच दिया। भारतीय फैंस के लिए ये हार किसी बड़े झटके से कम नहीं है। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का प्रदर्शन पिछले कुछ वर्षों से बेहद शानदार रहा है।

टीम इंडिया ने बाइलेटरल सीरीज के साथ-साथ बड़े टूर्नामेंटों में भी लगातार बेहतरीन खेल दिखाया है। साल 2020 के बाद से टीम इंडिया को सिर्फ तीसरी बार किसी बाइलेटरल टी20 सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले अगस्त 2023 में वेस्टइंडीज के हाथों पांच मैचों की सीरीज में भारत को 3-2 से हार का सामना करना पड़ा था

आखिरी बार कब हारी थी टीम इंडिया

आयरलैंड दौरे से पहले भारतीय टीम लगातार 16 द्विपक्षीय टी20 सीरीज से अजेय चल रही थी। इससे पहले उसे आखिरी बार अगस्त 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज गंवानी पड़ी थी, जहां पांच मैचों की सीरीज में भारत 3-2 से हार गया था। उस दौरे में टीम इंडिया शुरुआती दोनों मुकाबले हार गई थी। शुरुआती दो मैच हारने के बाद भारत ने शानदार वापसी करते हुए लगातार दो मुकाबले जीत लिए और सीरीज 2-2 से बराबर कर दी। इसके बाद आखिरी और निर्णायक मुकाबला अमेरिका के लॉडरहिल में खेला गया। इस मैच में भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट पर 165 रन ही बना सकी। जवाब में वेस्टइंडीज ने लक्ष्य को दो ओवर शेष रहते हासिल कर लिया और सीरीज़ अपने नाम कर ली।

आयरलैंड के लिए भारत को हराना उसकी क्रिकेट यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है। इससे पहले टीम ने 2011 वनडे विश्व कप में इंग्लैंड को हराकर इतिहास रचा था, लेकिन इस बार मौजूदा टी20 विश्व चैंपियन भारत को सीरीज में हराना उससे भी बड़ी सफलता माना जा रहा है।

आयरलैंड से हारी भारतीय टीम

तेज गेंदबाजों के लिए अनुकूल परिस्थितियों का जय मूंदड़ा ने शानदार फायदा उठाया। उन्होंने अपनी सटीक गेंदबाजी से भारतीय बल्लेबाजों को खूब परेशान किया। जय ने संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा को बिना खाता खोले पवेलियन भेजा, वहीं कप्तान श्रेयस अय्यर का अहम विकेट लेकर उन्होंने 3 विकेट झटके और अपनी टीम की जीत में बड़ी भूमिका निभाई। बेलफास्ट में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में आयरलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 154 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम 155 रन के टारगेट का पीछा करते हुए 9 विकेट पर 153 रन ही बना सकी और 1 रन से मैच हार गई। आखिर में हर्षित राणा ने 10 गेंदों में 21 रन बनाकर जीत की उम्मीद जगाई, लेकिन अंतिम ओवर में उनका विकेट गिरते ही भारत की उम्मीदें भी खत्म हो गईं।

Bajaj Auto Share Buyback: ₹5633 करोड़ का ऑफर 1 जुलाई से, ₹12000 के भाव पर खरीद; किस रेशियो में मंजूर होंगे शेयर

टूव्हीलर और थ्रीव्हीलर मेकर Bajaj Auto Ltd शेयर बायबैक कर रही है। इसके लिए ​विंडो 1 जुलाई 2026 से खुलेगी और 7 जुलाई को बंद होगी। बायबैक का साइज ₹5,632.8 करोड़ है। कंपनी ने एनटाइटलमेंट रेशियो की घोषणा कर दी है। बायबैक में कंपनी अपने शेयरहोल्डर्स से ₹10 प्रति शेयर फेस वैल्यू वाले 46.94 लाख इक्विटी शेयर वापस खरीदने वाली है। शेयरों की यह संख्या कंपनी के कुल इक्विटी शेयरों का 1.68% है। Bajaj Auto के शेयर बायबैक की कीमत ₹12,000 प्रति शेयर तय की गई है।

इस तरह कंपनी इस बायबैक के लिए ₹5,633 करोड़ (₹5,632,80,00,000) खर्च करेगी। इस रकम में अन्य खर्च, ब्रोकरेज फीस और लागू टैक्स शामिल नहीं हैं। इस शेयर बायबैक के लिए रिकॉर्ड डेट 24 जून थी। रिकॉर्ड डेट से एक दिन पहले मार्केट क्लोजिंग टाइम तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में रहे होंगे, वे बायबैक में हिस्सा लेने के पात्र होंगे।

Bajaj Auto ने क्या रखा है बायबैक रेशियो?

बायबैक ऑफर के तहत छोटे शेयरहोल्डर्स के लिए रिजर्व कैटेगरी में आने वाले पात्र शेयरहोल्डर रिकॉर्ड डेट (24 जून) पर अपने पास मौजूद हर 61 इक्विटी शेयरों के लिए 17 इक्विटी शेयर टेंडर कर सकते हैं, यानि कि बेचने के लिए पेश कर सकते हैं। जनरल कैटेगरी में आने वाले शेयरहोल्डर रिकॉर्ड डेट पर उनके पास मौजूद हर 525 इक्विटी शेयरों पर 17 इक्विटी शेयर टेंडर कर सकते हैं। कंपनी के प्रमोटर्स, प्रमोटर ग्रुप की कंपनियों और कंपनी का कंट्रोल रखने वाले लोगों ने संकेत दिया है कि वे बायबैक में हिस्सा नहीं लेंगे। स्टॉक एक्सचेंजेस पर बिड्स के सेटलमेंट की लास्ट डेट 14 जुलाई है।

कंपनी ने इस बायबैक की घोषणा 6 मई को तिमाही और सालाना नतीजे जारी करने के साथ की थी। शेयरहोल्डर्स ने प्रपोजल को मंजूरी 14 मई को दी। इससे पहले बजाज ऑटो ने साल 2024 में शेयर बायबैक किया था। उस वक्त कंपनी ने शेयरहोल्डर्स से कुल इक्विटी शेयरों का 1.41% हिस्सा ₹10,000 प्रति शेयर की कीमत पर वापस खरीदा था।

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सोमवार को Bajaj Auto के शेयर में गिरावट

Bajaj Auto के शेयर में 29 जून को 2% की गिरावट रही। BSE पर कीमत ₹9628.15 पर बंद हुई। कंपनी का मार्केट कैप ₹2.69 लाख करोड़ से ज्यादा है। शेयर 3 साल में निवेशकों का पैसा डबल कर चुका है। मार्च 2026 तिमाही के अंत तक कंपनी में प्रमोटर्स के पास 55.01% हिस्सेदारी थी। बजाज ऑटो के अब लगभग 3 लाख खुदरा शेयरधारक हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

10,200mAh बैटरी के साथ Motorola का नया टैबलेट लॉन्च, जानें कीमत और स्पेसिफिकेशन्स

Moto Pad 70 Pro: Motorola ने भारत में अपना नया फ्लैगशिप टैबलेट, Moto Pad 70 Pro लॉन्च किया है, जो भारत में अगले महीने बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। कंपनी ने इस डिवाइस को खासतौर पर उन यूजर्स के लिए पेश किया है जो मल्टीटास्किंग, स्टडी, एंटरटेनमेंट और प्रोफेशनल काम के लिए एक दमदार टैबलेट ढूंढ रहे हैं। बता दें कि इस टैबलेट में octa-core Snapdragon प्रोसेसर, 13MP का बैक कैमरा, 800 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस और 10,200mAh की बैटरी दी गई है। अब चलिए जानते हैं इसके स्पेसिफिकेशन्स और कीमते के बारे में।

Moto Pad 70 Pro: भारत में कीमत

Moto Pad 70 Pro के बेस वेरिएंट (8GB RAM और 128GB स्टोरेज) की शुरुआती कीमत ₹36,999 है। इसके टॉप-एंड वेरिएंट (256GB स्टोरेज) की कीमत ₹39,999 है। खास बात यह है कि इच्छुक खरीदार इस टैबलेट को कंपनी के स्नैप-ऑन कीबोर्ड के साथ ₹45,999 में भी खरीद सकते हैं, जबकि कीबोर्ड अलग से ₹5,999 में बेचा जाएगा। डिस्काउंट की बात करें तो ICICI बैंक कार्ड्स के साथ आपको ₹4,000 की इंस्टेंट छूट मिल सकती है।

यह टैबलेट 4 जुलाई को भारत में कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट और Flipkart पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। इसे सिर्फ ‘Pantone Titan’ कलर ऑप्शन में खरीदा जा सकता है।

Moto Pad 70 Pro: स्पेसिफिकेशन्स

Moto Pad 70 Pro में Android 16 पर आधारित Hello UI मिलता है। इस टैबलेट में Android 18 तक OS अपग्रेड और चार साल तक सिक्योरिटी अपडेट मिलेंगे। इसके अलावा, इसमें 13-इंच की LCD टचस्क्रीन (3,504×2,190 पिक्सल) है, जो 144Hz तक का रिफ्रेश रेट और 800 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस देती है। इस टैबलेट में 319 ppi पिक्सल डेंसिटी, Dolby Vision और Moto Pen Pro का सपोर्ट भी मिलता है।

प्रोसेसर की बात करें तो इसमें Qualcomm का ऑक्टा-कोर Snapdragon 8s Gen 4 चिपसेट दिया गया है। इसमें एक एडवांस्ड NPU, 8GB RAM और 256GB तक की ऑनबोर्ड स्टोरेज भी है। कैमरे की बात करें तो टैबलेट में ऑटोफोकस के साथ 13MP का बैक कैमरा और वीडियो कॉलिंग व सेल्फी के लिए 8MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है।

इसके साथ ही Moto Pad 70 Pro में 10,200mAh की बैटरी दी गई है, जो 45W फास्ट वायर्ड चार्जिंग को सपोर्ट करती है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें Wi-Fi 7 और Bluetooth 6.0 का सपोर्ट मिलता है। इसके अलावा USB 3.2 Gen 1 Type-C पोर्ट और gyroscope भी दिया गया है। इस टैबलेट का साइज 296.48 × 191.91 × 6.20mm है और इसका वजन लगभग 589gm है।

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Hero Xoom 125 Adventure design patented

Xoom 125 design patent sketch

Hero MotoCorp has filed a design patent in India for what appears to be the Xoom 125 Adventure – the adventure-styled derivative of the Xoom 125 scooter that the company first showcased as a concept at EICMA 2024.

  1. First shown at EICMA 2024 alongside the Xoom 160 Adventure concept
  2. Concept featured knobby tyres and crash protection
  3. Expected to be mechanically identical to the standard Xoom 125

Hero Xoom 125 Adventure details

Its overall silhouette closely follows that of the EICMA 2024 concept

The patent drawings closely mirror the Xoom 125 Adventure concept unveiled at EICMA 2024. The most notable visual changes over the standard Xoom 125 include a raised front fender, crash protection around the sides of the front apron, a small flyscreen and knuckle guards. The concept also featured knobby tyres wrapped around the same 14-inch alloy wheels as the standard Xoom 125. Together, these additions give the scooter a more purposeful, adventure-inspired appearance.

The seat profile also appears slightly more aggressive, with a more pronounced distinction between the rider and pillion sections. However, we’ll have to wait until the production model is revealed to confirm whether this design makes it to the final version.

Mechanically, the Xoom 125 Adventure is expected to carry over the standard Xoom 125’s 124cc air-cooled engine producing 9.9hp and 10.4Nm, along with its fully digital instrument cluster with Bluetooth connectivity and navigation.

While filing a design patent does not necessarily confirm an imminent launch, the relatively minor nature of the changes over the already established standard Xoom 125 means a production version cannot be ruled out.

Netweb Share Price: डेटा सेंटर कंपनी का स्टॉक 10% टूटा, जानिए किस वजह से आई इतनी बड़ी गिरावट

Netweb Share Price: डेटा सेंटर कंपनी Netweb Technologies India के शेयर सोमवार को कारोबार के दौरान 10% तक टूट गए। इसकी वजह कंपनी का फंड जुटाने की योजना रही।

शेयर कारोबार के दौरान 4,450 रुपये तक गिर गया। आखिर में यह 9.34% की गिरावट के साथ 4,482 रुपये पर बंद हुआ।

1 जुलाई को होगी बोर्ड बैठक

Netweb Technologies ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि 1 जुलाई को बोर्ड की बैठक होगी। इस बैठक में एक या एक से ज्यादा फंड जुटाने के प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा। मंजूरी मिलने पर बोर्ड इन्हें आगे बढ़ा सकता है।

कैसे जुटाया जा सकता है फंड?

Netweb Technologies इक्विटी शेयर, प्रेफरेंस शेयर, कन्वर्टिबल या नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर, वारंट या दूसरे इक्विटी लिंक्ड सिक्योरिटीज जारी कर फंड जुटा सकती है। जरूरत के हिसाब से इनमें से एक या एक से ज्यादा विकल्प अपनाए जा सकते हैं।

कई रास्तों पर विचार

Netweb Technologies ने कहा कि फंड जुटाने के लिए क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP), प्राइवेट प्लेसमेंट, फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO), राइट्स इश्यू या कानून के तहत उपलब्ध किसी अन्य तरीके का इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर जरूरत पड़ी, तो इस प्रस्ताव में ग्रीनशू ऑप्शन भी शामिल किया जा सकता है।

Netweb के शेयरों का हाल

Netweb का शेयर सोमवार 9.34% की गिरकर 4,482 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले 6 महीने के दौरान इसमें 45.58% की तेजी आई है। वहीं, 1 साल में इसने 142% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 25.52 हजार करोड़ रुपये है।

Netweb का बिजनेस

Netweb Technologies हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC) और AI सर्वर बनाने वाली कंपनी है। यह डेटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस भी देती है। कंपनी सरकारी संस्थानों, रिसर्च संगठनों और बड़े एंटरप्राइज ग्राहकों के लिए सुपरकंप्यूटर और एडवांस्ड कंप्यूटिंग सिस्टम तैयार करती है।

HAL Dividend: सरकारी डिफेंस कंपनी देगी ₹10 का डिविडेंड, जानिए रिकॉर्ड डेट समेत पूरी डिटेल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।