Housing Sales: ज्यादा घर, कम खरीदार? जानिए क्या बता रहा हाउसिंग सेल्स का लेटेस्ट डेटा

Housing Sales: देश के टॉप-7 शहरों में अप्रैल-जून 2026 तिमाही के दौरान घरों की बिक्री में सालाना आधार पर 6% की गिरावट दर्ज की गई। ANAROCK Research की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम एशिया में तनाव, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और सप्लाई चेन की दिक्कतों की वजह से खरीदारों ने घर खरीदने का फैसला टाल दिया।

रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 में करीब 90,715 घर बिके, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह संख्या 96,285 थी। वहीं, जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के मुकाबले बिक्री में 11% की गिरावट आई।

मुंबई और बेंगलुरु सबसे आगे

मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) और बेंगलुरु देश के सबसे बड़े हाउसिंग मार्केट बने रहे। दोनों शहरों की हिस्सेदारी कुल बिक्री में करीब 48% रही।

MMR में करीब 28,710 और बेंगलुरु में 15,285 घरों की बिक्री हुई। सात बड़े शहरों में सिर्फ कोलकाता (10%), हैदराबाद (2%) और बेंगलुरु (1%) में बिक्री बढ़ी। वहीं, पुणे में सबसे ज्यादा 15% की गिरावट दर्ज की गई।

बिक्री घटी, लेकिन नए प्रोजेक्ट बढ़े

घरों की बिक्री धीमी रहने के बावजूद बिल्डर्स ने नए प्रोजेक्ट लॉन्च करना जारी रखा। रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल-जून 2026 में करीब 1.06 लाख नए घर लॉन्च हुए। यह पिछले साल के मुकाबले 7% ज्यादा है। हालांकि, पिछली तिमाही की तुलना में लॉन्च 16% घटे।

MMR और बेंगलुरु ने मिलकर कुल नए लॉन्च का 53% हिस्सा जोड़ा। हैदराबाद में नए प्रोजेक्ट्स 53%, बेंगलुरु में 41% और MMR में 23% बढ़े।

महंगे घरों की मांग ज्यादा

रिपोर्ट के मुताबिक, अब खरीदारों का रुझान महंगे घरों की ओर बढ़ रहा है। 80 लाख से 1.5 करोड़ रुपये कीमत वाले घरों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 27% रही। 1.5 करोड़ से 2.5 करोड़ रुपये वाले घरों की हिस्सेदारी 25% और 2.5 करोड़ रुपये से ऊपर के लग्जरी घरों की हिस्सेदारी 22% रही।

वहीं, 40 लाख से 80 लाख रुपये वाले मिड-इनकम सेगमेंट की हिस्सेदारी 19% रही। सबसे सस्ते यानी अफोर्डेबल हाउसिंग की हिस्सेदारी घटकर सिर्फ 6% रह गई।

खरीदार क्यों हो रहे हैं सतर्क?

ANAROCK Group के चेयरमैन अनुज पुरी का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव की वजह से सप्लाई चेन प्रभावित हुई और खरीदारों का भरोसा कमजोर पड़ा। इसके अलावा, IT और ITeS सेक्टर में AI के बढ़ते असर को लेकर भी अनिश्चितता है। इसी वजह से कई लोगों ने फिलहाल घर खरीदने का फैसला टाल दिया।

उन्होंने कहा कि नए प्रोजेक्ट्स में बढ़ोतरी की वजह उन जमीनों पर लॉन्च हुए प्रोजेक्ट्स हैं, जिन्हें बड़े लिस्टेड डेवलपर्स ने 2025 में खरीदा था। हालांकि, तिमाही आधार पर डेवलपर्स ने भी सतर्क रुख अपनाया।

घरों की कीमतें अब भी बढ़ रहीं

रिपोर्ट के मुताबिक, सात बड़े शहरों में औसत रिहायशी संपत्ति की कीमतें सालाना आधार पर 7% बढ़ीं। हालांकि, तिमाही आधार पर बढ़ोतरी सिर्फ 1% रही, जिससे कीमतों की रफ्तार कुछ धीमी होती दिखी।

सबसे ज्यादा 13% की बढ़ोतरी NCR में हुई। इसके बाद बेंगलुरु में औसत कीमतें 8% बढ़ीं।

बिना बिके घरों का स्टॉक बढ़ा

जून 2026 के अंत तक सात बड़े शहरों में बिना बिके घरों की संख्या बढ़कर 6.16 लाख से ज्यादा हो गई। यह पिछले साल की तुलना में 10% अधिक है।

बेंगलुरु में बिना बिके घरों का स्टॉक 34% बढ़ा। वहीं, NCR ऐसा इकलौता बड़ा बाजार रहा, जहां इन्वेंट्री लगभग स्थिर रही।

Gold Price: पुराने गहनों की बिक्री 43% बढ़ी, कीमत गिरने के डर से मुनाफा वसूल रहे लोग

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Rashifal Today: आज के दिन बजट पर दें ज्यादा ध्यान, क्या कहता हैं आपका राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन कुछ मुलांक के लिए आर्थिक मामलों पर ध्यान देने का संकेत दे रहा है। खर्च और बचत के बीच संतुलन बनाकर चलने से भविष्य में लाभ मिल सकता है। जल्दबाजी में पैसा खर्च करने से बचें और सोच-समझकर फैसले लें। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में समझदारी दिखाने की जरूरत है। अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बचत की योजना बनाएं। किसी भी बड़ी खरीदारी से पहले अच्छी तरह सोच लें। अनुशासन से किया गया खर्च आगे चलकर लाभ देगा।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन पैसों से जुड़े फैसलों के लिए अच्छा है। अपनी आय और खर्च का सही आकलन करें। बिना जरूरत के सामान खरीदने से बचें। अगर लंबे समय के लिए निवेश या बचत की योजना बना रहे हैं तो आज शुरुआत करना लाभदायक हो सकता है।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज अपने बजट पर खास ध्यान दें। आय और खर्च का हिसाब रखें और बाजार में आने वाले नए अवसरों पर नजर बनाए रखें। अगर अचानक कोई खर्च सामने आए तो घबराने की बजाय अपनी योजना में बदलाव करें। समझदारी से लिया गया फैसला भविष्य में फायदा देगा।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो घर और परिवार से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। इसलिए बजट बनाकर चलें और भावनाओं में आकर खर्च करने से बचें। जरूरत के अनुसार ही पैसा खर्च करें। अच्छी योजना आपको आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आपकी योजना बनाने की क्षमता आपको फायदा दिला सकती है। अपने वित्तीय लक्ष्य तय करें और उसी हिसाब से खर्च करें। किसी नए निवेश या अतिरिक्त कमाई के अवसर पर विचार कर सकते हैं, लेकिन पूरी जानकारी लेने के बाद ही फैसला करें।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज अपने पैसों का सही प्रबंधन करने का समय है। अनावश्यक खर्चों को कम करें और बचत पर ध्यान दें। अपने वित्तीय रिकॉर्ड की समीक्षा करें। आज की गई छोटी-छोटी बचत आगे चलकर बड़ा लाभ दे सकती है।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज भविष्य की आर्थिक सुरक्षा पर ध्यान दें। लग्जरी चीजों पर ज्यादा खर्च करने से बचें। अगर निवेश करना चाहते हैं तो पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही कदम उठाएं। धैर्य और समझदारी से लिया गया फैसला आपके लिए बेहतर रहेगा।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज जल्दबाजी में कोई आर्थिक फैसला न लें। अपने निवेश और बजट की समीक्षा करें। अगर किसी नई योजना में पैसा लगाने का विचार है तो पहले उसके सभी पहलुओं को अच्छी तरह समझ लें। सही योजना आपको भविष्य में अच्छा लाभ दिला सकती है।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज नए आर्थिक अवसर मिल सकते हैं, लेकिन किसी भी फैसले में जल्दबाजी न करें। अपनी वित्तीय स्थिति और भविष्य के लक्ष्यों की समीक्षा करें। धैर्य और समझदारी के साथ आगे बढ़ेंगे तो आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और लंबे समय में लाभ मिलने की संभावना रहेगी।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Delhi EV Policy 2.0: सरकार दे रही टैक्स छूट, कैश इंसेंटिव और खास सुविधाएं…जान लें ये बड़े बदलाव

Delhi EV Policy 2.0:  दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई ईवी पॉलिसी 2.0 को मंजूरी दे दी है, जिसे 1 जुलाई से लागू किया जाएगा। इस पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर लोगों को टैक्स में छूट और दूसरी आर्थिक मदद मिलेगी। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को पेट्रोल और डीजल की गाड़ियों की बजाय इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना है।

कितने का करेगी निवेश

इस योजना के तहत अगले चार वर्षों में करीब 15,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इलेक्ट्रिक वाहन इस्तेमाल करें। इसके लिए चार्जिंग की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी और पेट्रोल-डीजल की गाड़ियों का इस्तेमाल धीरे-धीरे कम किया जाएगा। इससे दिल्ली में प्रदूषण कम होगा और लोगों को साफ व बेहतर परिवहन व्यवस्था मिल सकेगी।

माफ होगा रजिस्ट्रेशन शुल्क

दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। नई ईवी पॉलिसी के तहत 30 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक की इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क पूरी तरह माफ रहेगा। इससे लोगों को नई ईवी खरीदने में कम खर्च करना पड़ेगा और ज्यादा से ज्यादा लोग पेट्रोल-डीजल की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।

लोगों को की जाएगी सहायता

दिल्ली सरकार की नई ईवी पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहन खरीदने वालों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। योजना के अनुसार, नई ईवी पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहन खरीदने वालों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। इलेक्ट्रिक बाइक या स्कूटर खरीदने पर पहले साल ₹30,000, दूसरे साल ₹20,000 और तीसरे साल ₹10,000 तक का इंसेंटिव मिलेगा। वहीं, इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर खरीदने वालों को पहले साल ₹50,000, दूसरे साल ₹40,000 और तीसरे साल ₹30,000 तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को दे रही बढ़ावा

दिल्ली सरकार ने पेट्रोल, डीजल और सीएनजी से चलने वाले वाहनों की जगह धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की योजना बनाई है। नई नीति के अनुसार, 1 जनवरी 2027 से राजधानी में केवल इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा का ही नया पंजीकरण होगा। इसके बाद 1 अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल और सीएनजी दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन भी बंद कर दिया जाएगा। उस समय से सिर्फ इलेक्ट्रिक बाइक और स्कूटर ही नए पंजीकरण के लिए मान्य होंगे। सरकार का उद्देश्य स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना और प्रदूषण में कमी लाना है।

2027 तक हो 95 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन

दिल्ली सरकार ने लक्ष्य रखा है कि वर्ष 2027 तक राजधानी में होने वाले नए वाहन पंजीकरण में लगभग 95 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन हों। इसके लिए सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और लोगों को पारंपरिक ईंधन वाले वाहनों से ईवी की ओर लाने पर काम करेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नई ईवी नीति का उद्देश्य परिवहन व्यवस्था को अधिक स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है, जिससे प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।

मिलेगा विशेष लाभ

दिल्ली सरकार की नई ईवी पॉलिसी के तहत पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाकर इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने वालों को विशेष लाभ दिया जाएगा। बीएस-4 या उससे पुराने चारपहिया वाहन स्क्रैप कराने पर मालिकों को 1 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। वहीं, एन1 श्रेणी के इलेक्ट्रिक ट्रक खरीदने वालों को भी खरीद पर 1 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे व्यावसायिक परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ेगा और प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।

2030 तक दिल्ली को प्रदूषण मुक्त शहर बनाना है

दिल्ली सरकार के मुताबिक, नई ईवी पॉलिसी राजधानी में प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य 2030 तक दिल्ली को अधिक साफ और प्रदूषण मुक्त शहर बनाना है। सरकार ने स्पष्ट किया कि इस नीति के तहत केवल पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहनों को ही प्रोत्साहन और सब्सिडी मिलेगी, जबकि हाइब्रिड वाहनों को किसी भी तरह की आर्थिक सहायता का लाभ नहीं दिया जाएगा। इससे साफ है कि सरकार का पूरा ध्यान शून्य प्रदूषण वाले वाहनों को बढ़ावा देने पर है।

Gold Price: पुराने गहनों की बिक्री 43% बढ़ी, कीमत गिरने के डर से मुनाफा वसूल रहे लोग

Gold Price: भारतीय परिवारों में पुराने गहने बेचने का चलन तेजी से बढ़ा है। इसकी वजह सोने का भाव है। दरअसल, लोगों को डर है कि इस साल की रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद सोने के दाम और नीचे आ सकते हैं। ऐसे में कई लोग अभी मुनाफा वसूलना बेहतर समझ रहे हैं।

43% बढ़ी पुराने सोने की बिक्री

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही में करीब 50 टन पुराने सोने की बिक्री हुई। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 43% ज्यादा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, सोने की कीमत करीब 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ गई है। इसके बाद भी लोगों को आशंका है कि भाव 1.20 लाख रुपये तक गिर सकते हैं। इसी वजह से कई लोग पुराने गहनों को बदलने की बजाय सीधे बेचकर नकद ले रहे हैं।

क्यों बेच रहे हैं लोग?

IBJA के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता के मुताबिक, लोग ऊंची कीमत का फायदा उठाकर नकदी जुटाना चाहते हैं।

उनका कहना है कि साल की शुरुआत में सोना करीब 1.80 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था। अब कीमत घटकर करीब 1.40 लाख रुपये रह गई है। ऐसे में लोगों को डर है कि आगे और गिरावट आ सकती है, इसलिए वे अभी सोना बेच रहे हैं।

गोल्ड रीसाइक्लिंग को मिल रही रफ्तार

पुराने सोने की बढ़ती बिक्री से देश के संगठित गोल्ड रीसाइक्लिंग कारोबार को भी फायदा हो रहा है। अब लोग घर में पड़ा बेकार सोना बेचकर उसे फिर से बाजार में ला रहे हैं।

इंडस्ट्री के मुताबिक, 2025 में भारत में 125 से 150 टन रीसाइकल्ड गोल्ड बाजार में आया था। अगर मौजूदा रुझान जारी रहा, तो 2026 में यह आंकड़ा 200 से 250 टन तक पहुंच सकता है।

आयात पर निर्भरता घटाने में मिलेगी मदद

भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयात करने वाले देशों में शामिल है। FY26 में देश ने करीब 72.4 अरब डॉलर का सोना आयात किया। इंडस्ट्री का मानना है कि अगर पुराने सोने की रीसाइक्लिंग बढ़ती है, तो आयात पर निर्भरता कम होगी। साथ ही, घरेलू बाजार में सोने की उपलब्धता भी बढ़ेगी।

क्या अब सुरक्षित निवेश नहीं रहा सोना? युद्ध के बीच भी लगातार चौथे महीने गिरा दाम

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July 2026 Pradosh Vrat: जुलाई में इस दिन किया जाएगा प्रदोष व्रत, जानें दोनों उपवासों की सही तारीख और पूजा का शुभ समय

July 2026 Pradosh Vrat: हिंदी कैलेंडर में हर माह कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव कैलाश पर प्रदोष काल में प्रसन्न मुद्रा में नृत्य करते है। इसलिए त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष काल में पूजा का विशेष महत्व है। इस व्रत का नाम भी प्रदोष व्रत इसी कारण पड़ा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नियमित प्रदोष व्रत करने से पितृ दोष से शांति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। जुलाई में लगभग पूरे समय आषाढ़ का महीना रहेगा। इस माह में भी हर माह की तरह दो प्रदोष व्रत किए जाएंगे। द्रिक पंचांग के अनुसार, इस माह में दोनों प्रदोष व्रत रविवार को होने का संयोग बन रहा है। ऐसे में इन्‍हें रवि प्रदोष कहा जाएगा। आइए जानें इस दोनों व्रतों की सही तारीख और पूजा का शुभ समय क्या रहेगा?

आषाढ़ कृष्ण पक्ष रवि प्रदोष व्रत 2026

इस बार आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष का रवि प्रदोष व्रत रविवार 12 जुलाई 2026 को मनाया जाएगा। रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित है। ऐसे में शिव और सूर्य का संयोग बहुत ही शुभ माना गाया है। इस दिन भक्‍त व्रत रखकर इन दोनों का ही आशीर्वाद पा सकते हैं। साथ ही इस संयोग से जीवन में मान-सम्‍मान बढ़ता है और दीर्घ आयु मिलती है।

आषाढ़ कृष्ण पक्ष रवि प्रदोष व्रत पूजा का मुहूर्त

12 जुलाई 2026 को प्रात: 2 बजकर 4 मिनट पर त्रयोदशी तिथि का आरंभ होगा और रात्रि 10 बजकर 29 मिनट पर त्रयोदशी तिथि समाप्‍त हो जाएगी। प्रदोष व्रत की पूजा के लिए शाम 7 बजकर 22 मिनेट से लेकर रात्रि 9 बजकर 24 मिनट तक का समय सबसे शुभ है।

आषाढ़ शुक्ल पक्ष रवि प्रदोष व्रत 2026

आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष का रवि प्रदोष व्रत रविवार 26 जुलाई 2026 को मनाया जाएगा। आषाढ़ में पड़ने वाले प्रदोष व्रत में भगवान शिव के साथ माता पार्वती की पूजा करने से, सभी पापों से मुक्ति मिलती है। धार्मिक शास्‍त्रों के आधार पर यह वो समय होता है, जब भगवान शिव प्रसन्‍न होते हैं और भक्‍तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

आषाढ़ शुक्ल पक्ष रवि प्रदोष व्रत पूजा का मुहूर्त

26 जुलाई 2026 को दोपहर 1 बजकर 57 मिनट पर त्रयोदशी तिथि आरंभ होगी और 27 जुलाई 2026 को शाम 4 बजकर 14 मिनट पर तिथि समाप्‍त हो जाएगी। प्रदोष व्रत की पूजा 26 जुलाई को शाम 7 बजकर 16 मिनट से लेकर रात्रि 9 बजे से लेकर 21 मिनट तक की जा सकती है।

रवि प्रदोष का महत्‍व

रवि प्रदोष का व्रत रखने से भक्‍त निरोग रहता है और समाज में उसका यश भी बढ़ता है। साथ ही भगवान शिव और सूर्य देव की विशेष कृपा भी प्रप्‍ता होती है।

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Stocks to Watch: 30 जून को फोकस में रहेंगे ये 10 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: शेयर बाजार में मंगलवार, 30 जून को कई कंपनियों के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है। कुछ कंपनियों ने बड़े ऑर्डर हासिल किए हैं, तो कुछ ने फंड जुटाने, डिविडेंड, अधिग्रहण और मैनेजमेंट से जुड़े अहम ऐलान किए हैं। इससे इन 10 शेयरों में हलचल दिख सकती है।

HDFC Bank और Axis Bank

प्राइवेट सेक्टर के Axis Bank के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) पुनीत शर्मा ने इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक, पुनीत HDFC Bank अपने अगले CFO बन सकते हैं। वह मौजूदा CFO श्रीनिवासन वैद्यनाथन की जगह ले सकते हैं।

BSE

स्टॉक एक्सचेंज BSE 1 जनवरी 2027 से अपने इंटरनेशनल मार्केट डेटा बिजनेस को खुद संभालेगी। अभी यह काम Deutsche Börse AG करती है। इससे विदेशी ग्राहकों को BSE की सेवाएं सीधे मिलेंगी और कंपनी को अपने ग्लोबल मार्केट डेटा कारोबार पर ज्यादा नियंत्रण मिलेगा।

Sterling & Wilson Renewable Energy

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Sterling & Wilson Renewable Energy को विदेश में करीब 56 करोड़ डॉलर का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर उसकी 50:50 जॉइंट वेंचर कंपनी को मिस्र के West Minya Solar Project के लिए मिला है।

Afcons Infrastructure

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Afcons Infrastructure ने FY26 के लिए प्रस्तावित 2 रुपये प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट 23 जुलाई 2026 तय की है। कंपनी की 50वीं AGM 30 जुलाई को होगी। शेयरधारकों की मंजूरी मिलने पर डिविडेंड का भुगतान 28 अगस्त 2026 तक कर दिया जाएगा।

RITES

सरकारी इंजीनियरिंग कंपनी RITES ने Container Corporation of India (CONCOR) के साथ एक समझौता (MoU) किया है। इसके तहत दोनों कंपनियां लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC) सेवाओं में साथ मिलकर काम करेंगी।

Bandhan Bank

प्राइवेट सेक्टर के बैंक Bandhan Bank ने बताया कि उसके चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) और की मैनेजेरियल पर्सन राजीव मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है। बैंक को उनका इस्तीफा 29 जून 2026 को मिला।

Yes Bank

प्राइवेट सेक्टर के बैंक Yes Bank के बोर्ड ने 7,500 करोड़ रुपये तक के योग्य सिक्योरिटीज जारी कर फंड जुटाने और 8,500 करोड़ रुपये तक के डेट सिक्योरिटीज जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके लिए शेयरधारकों और नियामकीय मंजूरी की जरूरत होगी।

Jagsonpal Pharmaceuticals

फार्मा कंपनी Jagsonpal Pharmaceuticals ने Aequitas Healthcare Pvt. Ltd. में 85% हिस्सेदारी खरीदने के लिए शेयर परचेज एग्रीमेंट (SPA) किया है। इस अधिग्रहण से कंपनी घरेलू दवा बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है।

Juniper Hotels

होटल कंपनी Juniper Hotels ने बताया कि उसके चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) तरुण जेटली ने इस्तीफा दे दिया है। वह 15 जुलाई 2026 से अपने पद से हट जाएंगे।

SJVN

सरकारी पावर कंपनी SJVN ने Gujarat Urja Vikas Nigam Ltd (GUVNL) के साथ तीन जलविद्युत परियोजनाओं से ग्रीन पावर सप्लाई के लिए पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) पर हस्ताक्षर किए हैं। हिमाचल प्रदेश की धौलासिद्ध (66 मेगावाट), लुहरी स्टेज-I (210 मेगावाट) और सुन्नी डैम (382 मेगावाट) परियोजनाओं की कुल क्षमता 658 मेगावाट होगी।

Axis Bank के CFO पुनीत शर्मा ने दिया इस्तीफा, HDFC Bank के बन सकते हैं नए CFO

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जुलाई में आ रही हैं ये 5 धांसू कारें! Maruti Brezza फेसलिफ्ट से लेकर Nissan Tekton और Honda ZR-V तक, देखें संभावित कीमत और फीचर्स

अगर आप पिछले कुछ समय से कार लेने की योजना बना रहे हैं तो ये खबर आपके काम की है। जुलाई 2026 ऑटोमोबाइल बाजार के लिए काफी खास रहने वाला है। इस महीने कई बड़ी कंपनियां अपनी नई कारों और एसयूवी को भारतीय बाजार में लॉन्च करने जा रही हैं। अलग-अलग बजट वाले ग्राहकों को ध्यान में रखते हुए कंपनियां कई नए ऑप्शन पेश करने की तैयारी में हैं। निसान, होंडा, टोयोटा, मारुति सुजुकी और ऑडी जैसी कंपनियां अलग-अलग बजट और सेगमेंट में नए मॉडल पेश करेंगी। आइए जानते हैं जुलाई में महिनें में कौन-कौन सी गाड़ियां लॉन्च होने वाली है।

Nissan Tekton

निसान अपनी नई मिडसाइज एसयूवी टेक्टन को 9 जुलाई को ग्लोबल लेवल पर पेश करने जा रही है। माना जा रहा है कि इसमें डस्टर की तरह 1.0 लीटर टर्बो पेट्रोल और 1.3 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन के ऑप्शन मिल सकते हैं, जो बेहतर प्रदर्शन और दमदार ड्राइविंग अनुभव देंगे। नई निसान टेक्टन में दोनों इंजन विकल्पों के साथ 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स मिलने की उम्मीद है। वहीं, 1.3 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ 7-स्पीड ड्यूल-क्लच ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन का ऑप्शन भी दिया जा सकता है।

कीमत की बात करें तो इस एसयूवी को डस्टर के समान प्राइस रेंज में लॉन्च किया जा सकता है, जिसकी संभावित शुरुआती कीमत करीब 10.50 लाख रुपये से लेकर 18.70 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक हो सकती है।

Honda ZR-V

होंडा अपनी नई हाइब्रिड एसयूवी ZR-V को 15 जुलाई के आसपास भारतीय बाजार में लॉन्च कर सकती है। यह प्रीमियम एसयूवी करीब 40 से 50 लाख रुपये की कीमत में आ सकती है। इसमें 2.0 लीटर पेट्रोल इंजन के साथ ड्यूल-मोटर स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड सिस्टम मिलने की उम्मीद है। साथ ही इसमें e-CVT गियरबॉक्स दिया जा सकता है, जो आगे के पहियों को पावर देगा और बेहतर माइलेज के साथ स्मूद ड्राइविंग का अनुभव देगा। होंडा ZR-V कुल 184 हॉर्सपावर और 315Nm टॉर्क पैदा करेगा।

इस दमदार पावर की बदौलत यह एसयूवी 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार लगभग 8 सेकंड में पकड़ सकती है। इसकी अधिकतम रफ्तार 172 किमी/घंटा होगी, जबकि कंपनी का दावा है कि यह करीब 22.79 किमी प्रति लीटर का माइलेज दे सकती है।

Toyota Hilux

टोयोटा अपनी लोकप्रिय पिकअप ट्रक हिलक्स को 15 जुलाई के आसपास नए अपडेट के साथ लॉन्च कर सकती है। इसकी संभावित शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत करीब 35 लाख रुपये हो सकती है। नई हिलक्स में 2.8 लीटर डीजल इंजन के साथ 48-वोल्ट माइल्ड-हाइब्रिड सिस्टम मिलने की उम्मीद है, जो हाल ही में नई फॉर्च्यूनर में भी दिया गया है। इसके अलावा इसमें 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का ऑप्शन मिलेगा, जबकि दोनों वेरिएंट में फोर-व्हील ड्राइव (4WD) सिस्टम भी दिया जा सकता है।

Maruti Suzuki Brezza

मारुति सुजुकी अपनी लोकप्रिय कॉम्पैक्ट एसयूवी ब्रेजा का फेसलिफ्ट मॉडल 23 जुलाई को लॉन्च कर सकती है। साल 2022 में आई दूसरी पीढ़ी की ब्रेजा के बाद ये उसका पहला बड़ा अपडेट होगा। नई ब्रेजा में डिजाइन और फीचर्स में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। साथ ही, इसकी कीमत मौजूदा मॉडल के मुकाबले थोड़ी अधिक होने की संभावना है। इसकी शुरुआती कीमत करीब 8.50 लाख रुपये से लेकर 13.50 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक हो सकती है, जो मौजूदा मॉडल से थोड़ी अधिक होगी। इस अपडेट की सबसे बड़ी खासियत नया 1.0 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन हो सकता है। इसके साथ मौजूदा 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन का विकल्प भी मिलेगा।

Audi A6

ऑडी अपनी नई A6 लग्जरी सेडान को 25 जुलाई 2026 के आसपास भारतीय बाजार में लॉन्च कर सकती है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत करीब 70 लाख रुपए रहने की उम्मीद है। नई कार में 2.0 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन मिलेगा। वहीं, इसके एक्सटीरियर में नया फ्रंट ग्रिल, आकर्षक एलईडी हेडलाइट्स और पहले से ज्यादा स्टाइलिश व एयरोडायनामिक डिजाइन देखने को मिल सकता है।

YEIDA Master Plan: जेवर एयरपोर्ट से सीधे जुड़ेगा हाथरस का नया 10000 एकड़ का इंडस्ट्रियल हब, हींग से EV तक सबको बूस्ट, देखें पूरी डिटेल

उत्तर प्रदेश सरकार ने हाथरस को बड़ा औद्योगिक और रोजगार केंद्र बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। योगी सरकार, हाथरस को इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग हब बनने के साथ हजारों रोजगार पैदा करने वाला डेस्टिनेशन बनाने की योजना पर काम कर रही है। यमुना एक्सप्रेसवे के फेज-2 विकास के तहत ‘महायोजना/मास्टर प्लान 2041’ के अंतर्गत ‘हाथरस अर्बन सेंटर’ को एक हाईटेक औद्योगिक और आवासीय सैटेलाइट टाउन के रूप में विकसित किया जा रहा है।

बता दें कि, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की मास्टर प्लान 2041 योजना के तहत हाथरस में करीब 10 हजार एकड़ में एक आधुनिक ग्रीनफील्ड अर्बन सेंटर विकसित किया जाएगा। बता दें कि, यह परियोजना जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जुड़ी होगी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उद्योगों व रोजगार को नई रफ्तार देगी।

50 से ज्यादा गांवों में विकसित होगी नई सिटी

बता दें कि, यह हाईटेक सिटी हाथरस और सासनी तहसील के 50 से अधिक गांवों में लगभग 4,000 हेक्टेयर (करीब 10 हजार एकड़) क्षेत्र में विकसित की जाएगी। यह अलीगढ़, मथुरा और आगरा के साथ विकसित किए जा रहे चार प्रमुख शहरी केंद्रों में से एक होगी। योजना का मास्टर प्लान तैयार करने के लिए जीआईएस तकनीक की मदद ली जा रही है। इसके लिए आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स लिमिटेड को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूरे क्षेत्र का 15 प्रतिशत से अधिक हिस्सा हरियाली और खुले स्थानों के लिए सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि पर्यावरण का संतुलन बना रहे।

उद्योग और रहने की सभी सुविधाएं होंगी

यह परियोजना एक आधुनिक औद्योगिक और आवासीय शहर के रूप में विकसित होगी। इसमें उद्योग, आवास, व्यापार, लॉजिस्टिक्स और ग्रीन जोन के लिए अलग-अलग क्षेत्र बनाए जाएंगे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, यमुना एक्सप्रेसवे और कई प्रमुख राजमार्गों से अच्छी कनेक्टिविटी होने के कारण यह इलाका उद्योग लगाने के लिए आकर्षक केंद्र बनेगा। इसे आगरा के सैटेलाइट टाउन के रूप में भी विकसित किया जाएगा, जिससे आगरा पर बढ़ता औद्योगिक दबाव कम हो सके।

हींग, गुलाल और EV उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा

बता दें कि, हाथरस पहले से ही 10 हजार से अधिक MSE इकाइयों का केंद्र है। नई परियोजना से यहां के स्थानीय उद्योगों को और मजबूती मिलेगी। ‘एक जिला-एक उत्पाद (ODOP)’ योजना के तहत हाथरस की प्रसिद्ध हींग और गुलाल बनाने वाले कारोबारियों को आधुनिक पैकेजिंग और निर्यात की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

इसके अलावा फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, होजरी, कांच के मोती, पीतल के आभूषण, मशीन टूल्स और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) के पुर्जों के लिए विशेष औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। आगे चलकर मेडिकल उपकरण, सर्जिकल डिवाइस और पावर ग्रिड मशीनरी जैसे आधुनिक उद्योगों को भी यहां लाने की योजना है।

डीपीआर और जमीन अधिग्रहण का काम शुरू

प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट (DPR) तैयार करने और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। परियोजना पूरी होने के बाद बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे और हाथरस पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल हो जाएगा। इसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस दौरे में 548 करोड़ रुपये से अधिक की 143 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। साथ ही मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों को घरों की चाबियां भी सौंपीं।

Gold-Silver Price Today: तीन दिन गिरने के बाद उछला सोना, पर चांदी ₹2000 टूटी; चेक करें लेटेस्ट प्राइस

Gold Price Today: लगातार तीन कारोबारी सत्र की गिरावट के बाद सोमवार को सोने की कीमतों में जोरदार वापसी हुई। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट शुद्धता वाला सोना 1,300 रुपये महंगा हुआ। इसकी कीमत 1,46,600 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) पहुंच गई। इससे पहले गुरुवार को भाव 1,45,300 रुपये प्रति 10 ग्राम था। शुक्रवार को मुहर्रम के कारण सर्राफा बाजार बंद रहे थे।

चांदी में चौथे दिन भी गिरावट

सोने में तेजी के उलट चांदी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में कमजोर रही। इसकी कीमत 2,000 रुपये घटकर 2,24,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) रह गई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,26,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

सोना क्यों चढ़ा?

एनालिस्टों के मुताबिक, हालिया गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी की। इससे सोने की कीमतों को सहारा मिला। वहीं, Lemonn Markets Desk के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने कहा कि वैश्विक बाजार की कमजोरी की वजह से घरेलू बाजार में चांदी पर दबाव बना हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 54.14 डॉलर यानी 1.32% गिरकर 4,035.12 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, चांदी की कीमत में करीब 3% की गिरावट आई और यह 57.62 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी।

अमेरिका-ईरान तनाव और डॉलर का असर

Mirae Asset Sharekhan के हेड (कमोडिटीज एंड करेंसी) प्रवीण सिंह के मुताबिक, वीकेंड में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में तेजी आई। इसका असर सोने पर पड़ा।

हालांकि बाद में दोनों देशों ने सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई, लेकिन निवेशक अभी भी सतर्क बने हुए हैं। इसी वजह से बुलियन बाजार पर दबाव बना हुआ है।

अब किन आंकड़ों पर रहेगी नजर?

HDFC Securities के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटीज) सौमिल गांधी के मुताबिक, अब बाजार की नजर अमेरिका के नॉन-फार्म पेरोल और ISM मैन्युफैक्चरिंग PMI जैसे आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी। इनसे अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों की अगली दिशा का संकेत मिल सकता है।

क्या अब सुरक्षित निवेश नहीं रहा सोना? युद्ध के बीच भी लगातार चौथे महीने गिरा दाम

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Dairy Scheme: डेयरी फॉर्म खोलने का सुनहरा मौका, सरकार दे रही 11.80 लाख रुपये तक की सब्सिडी! जानिए पूरी योजना

अगर आप डेयरी फार्म खोलना चाहते हैं या गाय पालन का व्यवसाय बढ़ाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। उत्तर प्रेदश सरकार प्रदेश में उच्च गुणवत्ता वाली देसी गायों की संख्या बढ़ाने और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष योजना चला रही है। बता दें कि, इस योजना का नाम ‘मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना’ है। इस योजना के तहत पात्र पशुपालकों को 10 गायों की डेयरी यूनिट लगाने पर परियोजना लागत का 50 प्रतिशत यानी अधिकतम 11.80 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा।

यह योजना प्रदेश के सभी जिलों में लागू है। इसके तहत साहीवाल, गिर और थारपारकर जैसी उच्च उत्पादन क्षमता वाली देसी गायों का पालन करने वाले पशुपालकों को आर्थिक सहायता मिलेगी। 10 गायों की एक यूनिट की कुल परियोजना लागत 23.60 लाख रुपये तय की गई है, जिसमें सरकार 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी देगी।

ऐसे मिलेगी आर्थिक सहायता

इस योजना में कुल परियोजना लागत का 15 प्रतिशत लाभार्थी को स्वयं लगाना होगा। 35 प्रतिशत राशि बैंक ऋण के रूप में मिलेगी, जबकि 50 प्रतिशत राशि सरकार अनुदान के रूप में देगी। अनुदान दो चरणों में जारी किया जाएगा। पहले चरण में आधारभूत ढांचा तैयार होने के बाद परियोजना लागत का 25 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इसके बाद गायों की खरीद पूरी होने पर शेष 25 प्रतिशत अनुदान लाभार्थी के खाते में भेजा जाएगा।

किन गायों की खरीद करनी होगी?

योजना के तहत केवल साहीवाल, गिर और थारपारकर नस्ल की गायों की खरीद की जा सकेगी। कोशिश की जाएगी कि इन गायों को प्रदेश के बाहर उनके मूल प्रजनन क्षेत्रों (ब्रीडिंग ट्रैक्ट) से खरीदा जाए, ताकि अच्छी नस्ल के पशु उपलब्ध हो सकें। इसके अलावा खरीदी जाने वाली गाय पहली या दूसरी बार बछड़ा देने वाली होनी चाहिए और उसका बछड़ा दिए हुए 45 दिन से अधिक समय नहीं हुआ होना चाहिए।

इन नियमों का पालन करना होगा

योजना का लाभ लेने वाले सभी पशुपालकों के लिए खरीदी गई गायों का ईयर टैग लगवाना और उनका बीमा कराना अनिवार्य होगा। इससे पशुओं की पहचान और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस योजना का लाभ वही व्यक्ति ले सकेगा, जिसके पास गाय या भैंस पालन का कम से कम तीन वर्ष का अनुभव हो। इस अनुभव का प्रमाण संबंधित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से सत्यापित होना जरूरी होगा।

इसके अलावा आवेदक के पास कम से कम 0.20 एकड़ भूमि डेयरी की आधारभूत संरचना के लिए और 0.80 एकड़ भूमि चारा उत्पादन के लिए होनी चाहिए। यह भूमि स्वयं की, पैतृक, साझेदारी की या कम से कम 7 वर्ष के पंजीकृत लीज समझौते पर ली गई हो सकती है। भूमि जलभराव से मुक्त होना भी जरूरी है।

किन लोगों को नहीं मिलेगा लाभ?

जो पशुपालक पहले से कामधेनु योजना, मिनी या माइक्रो कामधेनु योजना, नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत नंदिनी कृषक समृद्धि योजना या मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना का लाभ ले चुके हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।

आवेदन कैसे करें?

योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन किए जाएंगे। हालांकि, जब तक नंद बाबा दुग्ध मिशन का ऑनलाइन पोर्टल शुरू नहीं होता, तब तक इच्छुक पशुपालक ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन संबंधित जिले के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) या मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के कार्यालय में रजिस्टर्ड डाक या स्वयं जाकर जमा किया जा सकता है। यदि आवेदन निर्धारित संख्या से अधिक आते हैं, तो पात्र लाभार्थियों का चयन मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।

सीधे बैंक खाते में आएगा पैसा

योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी की पूरी राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी। इससे प्रक्रिया पारदर्शी रहेगी और अनुदान सीधे पात्र पशुपालकों तक पहुंचेगा।