मोहनलाल स्टारर ‘L367’ का हुआ बड़ा ऐलान, नेशनल अवॉर्ड विनिंग डायरेक्टर विष्णु मोहन की फिल्म का नाम होगा ‘ऑपरेशन गंगा’

Operation Ganga: भारत की इंटरनेशनल बॉर्डर पर किए गए सबसे साहसी और दिलचस्प ऑपरेशन्स में से एक पर ‘ऑपरेशन गंगा – ए नेशन्स प्रॉमिस’ बनी है। मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल इस फिल्म में लीड रोल में नजर आने वाले हैं, जबकि उनके साथ अर्जुन रामपाल, भाग्यश्री बोर्से, पार्थिबन और आदिल हुसैन भी स्क्रीन शेयर करते दिखेंगे। फिल्म का डायरेक्शन नेशनल अवॉर्ड विनर फिल्ममेकर विष्णु मोहन द्वारा किया जा रहा है।

मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल स्टारर अप कमिंग फिल्म L367 के नाम से आखिरकार पर्दा उठ गया है। बता दें कि फिल्म का आधिकारिक नाम मेकर्स ने ‘ऑपरेशन गंगा’ रखा है। नेशनल अवॉर्ड जीत चुके डायरेक्टर विष्णु मोहन ने फिल्म के डायरेक्शन की कमान अपने हाथों में ली है। यह फिल्म अपने अनोखी टाइटल के साथ एक दिलचस्प कहानी कहने के लिए तैयार है जिसे कभी नहीं सुनाया गया है। फिल्म की कहानी बेहद खास है जिसे हर भारतीय को जरूर जानना चाहिए।

फिल्म का टाइटल भारत के एक बड़े रेस्क्यू मिशन पर रखा गया है। रेस्क्यू मिशन उन भारतीयों को देश वापस लाने को लेकर था जो रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यूक्रेन में फंस गए थे। इन फंसे हुए लोगों में सबसे ज्यादा छात्र और कुछ वहां रहने वाले लोग थे और उन्हीं की वापसी के लिए इस अभियान को चलाया गया था। यह फिल्म एक ऐसी शानदार कहानी है, जो दर्शकों को भारत द्वारा किए गए एक अहम मिशन से रूबरू कराएगी। यह विदेशी धरती पर किया गया एक सफल मिशन है, जिसे ऐतिहासिक जीत के साथ पूरा किया गया।

इसके अलावा इस प्रोजेक्ट को सबसे खास बनाती है फिल्म मेकिंग से जुड़ी एक बहुत टैलेंटेड टीम। फिल्म की टेक्निकल क्रू की बात करे तो इसमें ‘पुष्पा 1’ और ‘पुष्पा 2’ के लिए जाने जानें वाले सिनेमैटोग्राफर मिरोस्लाव कुबा ब्रोजेक शामिल हैं। वहीं, ‘गोट’, ‘मेयाझगन’, ‘अमरन’ और ‘कथनार’ जैसी फिल्मों पर काम कर चुके राजीवन प्रोडक्शन डिजाइनर के रूप में प्रोजेक्ट में जुड़े हैं। जबकि एक्शन को अलग लेवल पर लाकर जाने के लिए एक्शन डायरेक्टर सी यंग ओह जुड़े हैं, जिन्होंने सुपर हिट फिल्म्स ‘धुरंधर’ और ‘किल’ के एक्शन को डायरेक्ट किया है।

फिल्म ‘ऑपरेशन गंगा’ को गोकुलम गोपालन द्वारा श्री गोकुलम मूवीज के बैनर तले प्रोड्यूस किया जा रहा है। फिल्म में मोहनलाल लीड रोल में हैं, जबकि अन्य कलाकारों की बात करें तो अर्जुन रामपाल, भाग्यश्री बोर्से, आदिल हुसैन और पार्थिबन भी अहम भूमिका निभाते नजर आने वाले हैं। सुपरहिट पैन-इंडियन फिल्म ‘धुरंधर’ में जबरदस्त म्यूजिक का तड़का लगाने वाले म्यूजिक कंपोजर शाश्वत सचदेव अब ‘ऑपरेशन गंगा’ का म्यूजिक कंपोज कर रहे हैं।

फिल्म की क्रू में एडिटर शमीर मोहम्मद, साउंड डिजाइनर बिश्वदीप चटर्जी शामिल हैं, जो ‘धुरंधर’, ‘उरी’, ‘3 इडियट्स’ और ‘पद्मावत’ के लिए जाने जाते हैं। वीएफएक्स सुपरवाइजर के. वी. संजीत ‘कांतारा’ के लिए जाने जाते हैं। मिलिट्री एडवाइजर स्क्वाड्रन लीडर वरलिन पंवार ने ‘सेफेद सागर’, ‘बॉर्डर 2’ और ‘फाइटर’ पर काम किया है। इसके अलावा लोका कॉस्ट्यूम डायरेक्टर मेल्वी जे, मेकअप आर्टिस्ट रोनेक्स जेवियर और प्रोडक्शन कंट्रोलर रिन्नी दिवाकर भी टीम का हिस्सा हैं।

फिल्म को गोकुलम गोपालन ने प्रोड्यूस किया है, जबकि बैजू गोपालन और वी. सी. प्रवीण इसके को-प्रोड्यूसर हैं, जबकि कृष्णमूर्ति ने एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर की कमान संभाली है।

Wealth Creation Tips: सिर्फ हाई सैलरी के भरोसे बैठे हैं तो धोखा खा जाएंगे, एक्सपर्ट ने बताए वेल्थ क्रिएशन के 5 तरीके

Wealth Creation Tips: वेल्थ क्रिएशन के लिए क्या ज्यादा सैलरी जरूरी है? आपकी इस बारे में क्या राय है? ज्यादातर लोग यह सोचते हैं कि इनवेस्टमेंट से मोटा पैसा बनाने के लिए ज्यादा सैलरी जरूरी है। वे सैलरी बढ़ने के इंतजार में इनवेस्टमेंट शुरू नहीं कर पाते, जबकि कम इनकम वाले लोग रेगुलर इनवेस्टमेंट से बड़ा फंड तैयार कर लेते हैं। आशीष कांचरला एंड एसोसिएट्स के फाउंडर और सीए ने बताया कि वेल्थ क्रिएशन के लिए मोटी सैलरी से ज्यादा जरूरी कुछ खास आदतें हैं।

पहले निवेश करें फिर खर्च

उन्होंने कहा कि वेल्थ क्रिएशन के आपके रास्ते में सबसे बड़ी बाधा रुपये-पैसे को लेकर आपकी पुरानी सोच है। हममें से ज्यादातर लोग पहले खर्च करने के बारे में सोचते हैं। पैसे बचने पर वे सेविंग्स के बारे में सोचते हैं। यह आदत वेल्थ क्रिएशन से आपको रोक देती है। अगर आप वेल्थ क्रिएट करना चाहते हैं तो पहले आपको सेविंग्स करनी होगी फिर बाकी पैसे से महीने का खर्च चलाना होगा। मान लीजिए आपकी सैलरी मंथली 1 लाख रुपये है तो आपको कम से कम हर महीने 20,000-30,000 रुपये सेविंग्स और निवेश के लिए इस्तेमाल करना होगा।

निवेश को बनाएं आदत

दूसरा, इनवेस्टमेंट किसी त्योहार की तरह नहीं है, जो साल में तीन बार या चार बार आता है। इसका नियमित होना जरूरी है। आपको हर महीने अनुशासित रूप से निवेश जारी रखना होगा। कई लोग निवेश शुरू तो करते हैं, लेकिन कुछ ही महीनों बाद उनके निवेश की गाड़ी पटरी से उतर जाती है। सबसे पहले आपको इनवेस्टमेंट अमाउंट सोच-समझकर तय करना होगा। अगर आप ज्यादा अमाउंट तय करेंगे तो फिर आपको उसे जारी रखने में दिक्कत आ सकती है।

 खर्च को नहीं बढ़ने दें

ज्यादातर लोगों का खर्च सैलरी बढ़ने के साथ ही बढ़ जाता है। यह वेल्थ क्रिएशन के लिए ठीक नहीं है। आपको अपने खर्च को सैलरी के हिसाब से बढ़ने से रोकना होगा। अगर आज आपकी सैलरी 1 लाख है, जो पांच साल बाद बढ़कर 2.5 लाख हो जाएगी तो इसका मतलब यह नहीं आपका खर्च भी 2.5 गुना हो जाना चाहिए। आपको बढ़ी हुई इनकम का इस्तेमाल इनवेस्टमेंट बढ़ाने के लिए करना चाहिए। इससे कम से ज्यादा वेल्थ आसानी से क्रिएट कर सकेंगे।

इंश्योरेंस सिर्फ प्रोटेक्शन के लिए

कई लोग इंश्योरेंस का मतलब ठीक तरह से नहीं समझते। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बीमा का इस्तेमाल सिर्फ प्रोटेक्शन के लिए होना चाहिए, न कि इनवेस्टमेंट के लिए। अगर आप नौकरी करते हैं और आपकी फैमिली है, जिसमें बीवी और बच्चें हैं तो परिवार की फाइनेंशियल सिक्योरिटी आपकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। यहां इंश्योरेंस आपकी मदद करता है। टर्म पॉलिसी खरीदकर आप अपने परिवार को पर्याप्त फाइनेंशियल कवर दे सकते हैं। किसी अनहोनी की स्थिति में इंश्योरेंस से आपके परिवार को इतना पैसा मिल जाएगा कि उन्हें आर्थिक रूप से लाचार नहीं होना पड़ेगा। टर्म पॉलिसी का प्रीमियम एन्डॉमेंट पॉलिसी के प्रीमियम के मुकाबले काफी कम होता है।

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निवेश में डायवर्सिफिकेशन

सिर्फ निवेश करना पर्याप्त नहीं है। आप कहां अपने पैसे का निवेश कर रहे हैं, यह काफी मायने रखता है। पहला, आपके निवेश से मिलने वाला रिटर्न इनफ्लेशन रेट से काफी ज्यादा होना चाहिए। अगर ऐसा नहीं है तो आपके पैसे की वैल्यू लंबी अवधि में बढ़ने की जगह घटेगी। दूसरा, निवेश में डायवर्सिफिकेशन बहुत जरूरी है। आप कुछ पैसा अगर शेयर या म्यूचुअल फंड की स्कीम में लगा रहे हैं तो कुछ फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स में भी लगाना चाहिए। इसके अलावा आपके पोर्टफोलियो में कम से कम 10-15 फीसदी हिस्सेदारी बुलियन यानी गोल्ड और सिल्वर की होनी चाहिए। पीपीएफ, वीपीएफ, बैंक एफडी और बॉन्ड फंड्स फिक्स्ड इनकम के अच्छे ऑप्शंस हैं।

RBI ने 5 कंपनियों पर लगाया ₹27 लाख तक का जुर्माना; लिस्ट में ट्रांसयूनियन सिबिल, हिंदुजा लेलैंड फाइनेंस भी शामिल

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नियमों के उल्लंघन को लेकर 5 कंपनियों पर जुर्माना लगाया है। लिस्ट में ट्रांसयूनियन सिबिल, CRIF हाई मार्क क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज, इक्विफैक्स क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज, सम्मान फिनसर्व और हिंदुजा लेलैंड फाइनेंस शामिल हैं। जुर्माने का अमाउंट 26.82 लाख रुपये तक है। RBI ने अलग-अलग बयानों में इस बारे में जानकारी दी है। शेयर की गई डिटेल के मुताबिक, केंद्रीय बैंक ने ट्रांसयूनियन सिबिल पर 26,82,800 रुपये का जुर्माना लगाया है।

इसी तरह CRIF हाई मार्क क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज पर 6,89,600 रुपये, इक्विफैक्स क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज पर 1,19,400 रुपये, सम्मान फिनसर्व पर 4.20 लाख रुपये और हिंदुजा लेलैंड फाइनेंस पर 6.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि ट्रांसयूनियन सिबिल, CRIF हाई मार्क क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज और इक्विफैक्स क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज निर्धारित अवधि के अंदर कुछ पात्र शिकायतकर्ताओं के बैंक खातों में मुआवजे की राशि जमा करने में विफल रहीं। इसके चलते उन पर यह मौद्रिक जुर्माना लगाया गया है।

बाकी 2 कंपनियों पर क्यों लगा जुर्माना

भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक, सम्मान फिनसर्व ने अपने कर्जदार की ऋण संबंधी जानकारी सेंट्रल रिपॉजिटरी ऑफ इनफॉर्मेशन ऑन लार्ज क्रेडिट्स (CRILC) को नहीं दी थी। इसलिए उस पर जुर्माने का एक्शन हुआ। वहीं हिंदुजा लीलैंड फाइनेंस ने माइक्रोफाइनेंस लोन्स की प्राइसिंग को लेकर बोर्ड से मंजूर नीति लागू नहीं की।

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केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा है कि जुर्माने की यह कार्रवाई रेगुलेटरी नियमों के पालन में कमियों पर बेस्ड है। इसका मकसद कंपनी और उसके ग्राहकों के बीच हुए किसी भी लेन-देन या समझौते की वैधता पर कोई राय देना नहीं है। साथ ही, यह मौद्रिक जुर्माना लगाने का मतलब यह नहीं है कि RBI कंपनी के खिलाफ कोई और कार्रवाई नहीं कर सकता।

Gold Price Outlook: बदलेगी सोने की चाल! तो क्या 1.60 लाख रुपये पर पहुंच जाएगा सोना?

Gold Price Outlook: गोल्ड की कीमतों में 4 सितंबर को मिलाजुला रुख दिखा। दिल्ली सर्राफा बाजार सोना लगातार दूसरे दिन चढ़कर बंद हुआ। उधर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी दोनों में नरमी दिखी। इससे पहले इस हफ्ते गोल्ड चढ़कर 4,550 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया था। कुल मिलाकर यह हफ्ता सोने के लिए काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा।

गोल्ड फ्यूचर्स के लिए 1.60 लाख रुपये पर बड़ी बाधा

एनालिस्ट्स का कहना है कि टेक्निकली कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर गोल्ड फ्यूचर्स के लिए बड़ी बाधा है। अगर यह इस लेवल को पार कर लेता है तो यह 1.65 लाख से 1.70 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। 1.50 से 1.52 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर गोल्ड फ्यूचर्स के लिए सपोर्ट है। हालांकि, अगर गोल्ड फ्यूचर्स 1.48 लाख रुपये से नीचे गया तो इसमें गिरावट आ सकती है।

इन फैक्टर्स का पड़ेगा गोल्ड की कीमतों का असर 

गोल्ड की कीमतों पर फिलहाल पांच चीजों का असर पड़ सकता है। इनवेस्टर्स को इन पर करीबी नजर रखने की जरूरत है। इनमें अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की पॉलिसी, अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड, यूएस इकोनॉमी के डेटा, केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीदारी और रुपये की चाल शामिल हैं।

अगस्त का इनफ्लेशन का डेटा गोल्ड के लिए अहम

फेड गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर ने संकेत दिया है कि अगर इनफ्लेशन के डेटा से यह पता चलता है कि यह बढ़ नहीं रहा है तो वह 15-16 सितंबर की फेडरल रिजर्व की मीटिंग में इंटरेस्ट रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं करने का समर्थन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगस्त के इनफ्लेशन के डेटा काफी अहम हैं। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की कीमतों पर निगेटिव असर पड़ता है। इंटरेस्ट रेट घटने पर सोने की चमक बढ़ती है।

डॉलर यील्ड पर भी रखनी होगी करीबी नजर 

जापानी येन में करीब 2 फीसदी तेजी से डॉलर भी मजबूत हुआ है। डॉलर में कमजोरी और बॉन्ड यील्ड घटने से डॉलर की कीमतों को सपोर्ट मिलता है। बॉन्ड यील्ड में उछाल और डॉलर में मजबूती का गोल्ड की कीमतों पर निगेटिव असर पड़ता है। पिछले कुछ समय से अमेरिका में 10 साल के बॉन्ड यील्ड में उछाल दिखा है। हालांकि, फेड और सरकार इसे कंट्रोल में रखने के उपाय कर रहे हैं।

फेड का फोकस फिलहाल इनफ्लेशन कंट्रोल करने पर 

अगले हफ्ते अमेरिका में इनफ्लेशन के डेटा आने वाले हैं। इसका सीधा असर 16 सितंबर को फेड की पॉलिसी पर पड़ सकता है। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श पहले ही कह चुके हैं कि उनका फोकस फिलहाल इनफ्लेशन को कंट्रोल में रखने पर होगा। फेड ने इनफ्लेशन के लिए 2 फीसदी का टारगेट तय किया है। फेड इस टारगेट को हासिल करने के लिए जरूरी कदम उठा सकता है।

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केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से सोने को मिल रहा है सपोर्ट

दुनिया के कई देशों के केंद्रीय बैंक सोना खरीद रहे हैं। इससे सोने को सपोर्ट मिल रहा है। गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि केंद्रीय बैंक इस साल हर महीने औसतन 50 टन सोना खरीद सकते हैं। उसने इस साल के अंत तक सोने के सिए 4,900 रुपये का टारगेट भी दिया है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ती अनिश्चितता ने केंद्रीय बैंकों को सोने में निवेश बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है।

Kia Sorento vs rivals: Specifications and price compared

Kia Sorento vs rivals: Specifications and price compared
Kia Sorento vs rivals

With the launch of the Sorento, Kia India has forayed into the premium three-row SUV segment. It sits on Kia’s N3 platform and sits above the Seltos in the brand’s portfolio in India. In this article, we compare the Sorento’s on-paper specifications and price against rivals including the Jeep Meridian, Volkswagen Tayron, and the Skoda Kodiaq.

Kia Sorento vs rivals: Dimensions

Sorento’s dimensions are the highest in its class

Kia Sorento vs rivals: Powertrain options

 

Kia Sorento 

Volkswagen Tayron 

Skoda Kodiaq

Jeep Meridian

Length (mm)

4,815

4,792

4,758 

4,769

Width (mm)

1,900

1,866

1,864

1,859

Height (mm)

1,785

1,665

1,679

1,698

Wheelbase (mm)

2,815

2,789

2,791

2,782

Ground clearance (mm)

TBC

TBC

192

214

Wheel size (inch)

18-19

19

18

18

Height (mm)

1,785

1,665

1,679

1,698

By a fair margin, the Kia Sorento is the largest SUV in its class in every dimension. Additionally, it’s the only SUV here to come with both 18 and 19-inch wheels; the Tayron comes with 19-inch wheels as standard, but the Kodiaq and Meridian come with smaller 18-inch rims.

Kia Sorento vs rivals: Powertrain options

Only the Sorento gets petrol and diesel engines

Kia Sorento vs rivals: Powertrain options

 

Kia Sorento 

Volkswagen Tayron 

Skoda Kodiaq

Jeep Meridian

Engine

1.6 strong-hybrid | 2.2 turbo-diesel 

2.0 turbo-petrol 

2.0 turbo-petrol 

2.0 turbo-diesel

Engine power (hp)

180 | 193

204

204

170

Torque (Nm)

265 | 442

320

320

350

E-motor power (hp)*

65

E-motor torque (Nm)*

264

Transmission

6AT | 8DCT

7DCT

7DCT

6MT / 9AT

Drive layout

FWD/AWD | FWD/AWD 

AWD

AWD

FWD / 4WD

*E-motor exclusive to Sorento strong-hybrid

The Kia Sorento is the only SUV in the segment to offer a strong-hybrid petrol engine alongside a diesel engine. On the other hand, the rest of the models here are powered by either a petrol or a diesel engine. Secondly, depending on the variant, the Sorento gets either an FWD or an AWD layout; the Kodiaq and Tayron get AWD as standard, and the Meridian offers a segment-only 4WD layout apart from an FWD option.

Comparing petrol-powered models, the Sorento, Kodiaq, and the Tayron utilise a direct-injection turbo-petrol mill. But only the Sorento’s unit is paired with a strong-hybrid system here. Until Kia confirms the combined power output figures of the Sorento hybrid, it’s the Kodiaq and Tayron with the highest power output, and they’re both powered by the same engine.

Taking diesel power into consideration, the Sorento’s slightly larger unit delivers much higher output figures in comparison to the Meridian. Meanwhile, the Meridian is the only SUV here to offer a manual gearbox, while the rest of the SUVs here come solely with an automatic gearbox.

Kia Sorento vs rivals: Prices 

Sorento is the second most affordable in its class

Kia Sorento vs rivals: Prices 

 

Kia Sorento

Volkswagen Tayron

Skoda Kodiaq

Jeep Meridian

Price (Rs Lakh)

27.99 – 40.39

41.99 – 47.74

36.99 – 46.99

23.33-37.92

The Sorento’s Rs 27.99 lakh starting price makes it the second most affordable SUV after the Jeep Meridian. Like the Meridian, the Sorento is heavily localised, helping its price range be on par with rivals here. On the other hand, the CKD-built Kodiaq and Tayron begin at a higher price point, with the latter’s top-end variant being the most expensive here.

Notably, a core difference between the SUVs is the seating configurations on offer. Depending on the variant chosen, the Meridian, Kodiaq, and Tayron come with either a 5- or a 7-seat configuration. But the Sorento gets a 7-and 6-seater configuration, with segment-only captain chairs for the latter option.

All prices are ex-showroom, India

Samay Raina: समय रैना ने वरुण धवन को ‘बॉर्डर 2’ के लिए किया ट्रोल, एक्टर ने दिया करारा जवाब

Samay Raina: समय रैना ने ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ के हालिया एपिसोड में वरुण धवन का मजाक उड़ाया और उन पर ‘बॉर्डर 2’ को बर्बाद करने का आरोप लगाया। यह सब तब शुरू हुआ जब एक कंटेस्टेंट ने जजों से 1 से 5 के बीच कोई नंबर चुनने को कहा। वरुण ने 1 चुना और कहा, “मुझे 1 पसंद है।”

समय ने एक्टर की बात बीच में काटी और उन पर तंज कसते हुए कहा, “फिर तुमने ‘बॉर्डर 2’ क्यों खराब की?” वरुण जोर-जोर से हंस पड़े, लेकिन उन्होंने फिल्म का बचाव किया और बताया कि फिल्म ने पैसे कमाए थे। उन्होंने कहा, “यार, वो फिल्म चली थी।” इसके बाद, समय ने वरुण से उनकी पिछली फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ का नाम बताने को कहा। स्टैंड-अप कॉमेडियन ने फिल्म के नाम को एक मजेदार मोड़ देते हुए कहा, “है पापा डायरेक्टर तो एक्टर तो होना ही है।”

‘बॉर्डर 2’ के बारे में

अनुराग सिंह द्वारा निर्देशित ‘बॉर्डर 2’ 23 जनवरी, 2026 को रिलीज हुई। फिल्म में सनी देओल, वरुण धवन, अहान शेट्टी और दिलजीत दोसांझ हैं और यह 1997 की वॉर क्लासिक फिल्म ‘बॉर्डर’ का सीक्वल है। फिल्म को भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता ने प्रोड्यूस किया है और इसे गुलशन कुमार और टी-सीरीज ने जेपी फिल्म्स के साथ मिलकर पेश किया है। फिल्म को मिले-जुले रिव्यू मिले और बॉक्स ऑफिस पर इसने ठीक-ठाक प्रदर्शन किया। इसका लाइफटाइम कलेक्शन लगभग 465 करोड़ रुपये रहा।

वरुण धवन के IGL में आने पर समय का मजाक

शो के दौरान, समय रैना ने वरुण धवन पर एक और तंज कसा और याद दिलाया कि कैसे पिछले साल के विवाद के बाद आलिया भट्ट भी उनके शो में आई थीं। उन्होंने कहा, “FIR के बाद मुझे इतने बड़े स्टार्स मिले हैं – आलिया भट्ट और अब वरुण धवन, शो का स्तर गिरता जा रहा है।”

शेरोन वर्मा ने भी वरुण के पिछले एक बयान पर मजाक किया। उन्होंने कहा, “मैं आपकी बहुत बड़ी फैन हूं वरुण। मेरा पसंदीदा परफॉर्मेंस वो है जब आपने कहा था कि ‘दिलवाले’ फिल्म ‘इंसेप्शन’ जैसी है।” हालांकि, वरुण ने साफ किया कि उन्होंने यह बात मजाक में कही थी। इन सबके बीत बता दें कि राखी सावंत ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ के आने वाले एपिसोड में जजों के पैनल में शामिल होंगी।

Kia Sorento on-road prices listed for top cities

Kia Sorento on-road prices listed for top cities
kia sorento on stage

Kia has launched the Sorento in India as the brand’s contender for the premium three-row SUV segment. The Sorento is also Kia’s first hybrid offering for the Indian market, sporting a 1.6-litre direct-injection turbo-petrol strong hybrid setup. A 2.2-litre diesel engine is on offer for the Sorento too. Both powertrains can be had with either front-wheel drive (FWD) or all-wheel drive (AWD).

The Sorento is sold in six trim levels, namely HTE, HTE(O), HTK, HTX. Ex-showroom prices for the three-row Kia SUV start at Rs 27.99 lakh and top off at Rs 40.19 lakh. If you’re interested in bringing a Sorento home, we’ve listed its on-road prices in major cities below.

Kia Sorento on-road price range

Kia Sorento on-road price range in top Indian cities (Rs, lakh)

 New DelhiMumbaiBangaloreChennai
Hybrid FWD 7-seater35.08-41.7935.25-42.0636.72-43.8237.31-44.52
Hybrid AWD 7-seater46.26-47.6746.60-48.0348.55-50.0449.33-50.85
Hybrid FWD 6-seater40.61-42.0240.86-42.3042.57-44.0743.26-44.77
Hybrid AWD 6-seater46.50-47.9146.84-48.2748.80-50.2949.58-51.10
Diesel FWD 7-seater33.89-40.7134.01-40.9434.85-41.9535.41-42.62
Diesel AWD 7-seater45.26-46.7045.56-47.0146.68-48.1847.43-48.95
Diesel FWD 6-seater39.51-40.9539.72-41.1840.71-42.0241.36-42.88
Diesel AWD 6-seater45.50-46.9445.80-47.2646.93-48.4247.68-49.20

Disclaimer: On-road prices may vary based on city-specific registration charges and other cost components, including insurance, FASTag and RTO fees. Please check with your nearest Kia dealership for the exact figures. 

Of the cities listed, Delhi is the easiest on the pocket for Sorento buyers, followed by Mumbai, Bangalore, and Chennai. The base Sorento hybrid variant is over Rs 2.2 lakh cheaper in Delhi than it is in Chennai, whereas the diesel one has a price gap of over Rs 1.5 lakh between the two cities. Coming to top-spec variants, the Sorento hybrid’s most expensive configuration is over Rs 3 lakh more affordable in Delhi compared to Chennai, while the equivalent diesel version is Rs 2.26 lakh cheaper.

ब्रांडेड गोल्ड ज्वेलरी खरीदना हुआ आसान, यहां जानिए थोड़ी-थोड़ी सेविंग्स से कैसे कर सकते हैं सोने में बड़ा निवेश

ब्रांडेड गोल्ड ज्वेलरी खरीदना पहले कभी इतना आसान नहीं था। आप थोड़ी-थोड़ी बचत से भी गोल्ड में अब बड़ा निवेश कर सकते हैं। कई बड़ी गोल्ड ज्वेलरी कंपनियों ने फिनटेक से समझौते किए हैं। इससे कम इनकम वाले परिवारों के लिए भी ब्रांडेड गोल्ड ज्वेलरी खरीदना आसान हो गया है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

पेटीएम ने कैरेटलेन से मिलाया है हाथ

कैरेटलेन ने Paytm से हाथ मिलाया है। इससे पेटीएम के यूजर्स डिजिटल गोल्ड में अपने छोटे-छोटे निवेश का इस्तेमाल कैरेटलेन से ज्वेलरी खरीदने के लिए कर सकते हैं। इसे एक उदाहरण की मदद से आसानी से समझा जा सकता है। मान लीजिए आपने पेटीएम के जरिए डिजिटल गोल्ड में धीरे-धीरे करके कुल 6,000 रुपये का निवेश किया है। आपको कैरेटलेन की कोई 8,000 रुपये की ज्वेलरी पसंद है तो 6,000 रुपये का पेमेंट आपके डिजिटल गोल्ड में निवेश से हो जाएगा। बाकी 2,000 रुपये का पेमेंट आप यूपीआई, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए कर सकते हैं।

कैरेटलोन गोल्ड ज्वेलरी की होम डिलीवरी भी करेगी

अगर आप कैरेटलेन से गोल्ड ज्वेलरी की होम डिलीवरी चाहते हैं तो यह सुविधा भी उपलब्ध है। कई शहरों में कैरेटलेन की यह सुविधा उपलब्ध है। कंपनी आपकी गोल्ड ज्वेलरी की पैकिंग और शिपमेंट करेगी। आप पेटीएम ऐप पर ऑर्डर कनफर्मेशन, ट्रैकिंग और पर्चेज डिटेल्स देख सकते हैं। इसका मतलब है कि यह पूरा प्रोसेस ट्रांसपेरेंट है। पेटीएम के यूजर्स इस तरह अपनी छोटी-छोटी सेविंग्स का इस्तेमाल अपनी पसंद की ब्रांडेड ज्वेलरी खरीदने के लिए कर सकते हैं।

जेन डायमंड की यह स्कीम सोने में निवेश को आसान बनाती है

Zen Diamond India ने My Gold Multiplier Plan शुरू किया है। इसके जरिए ग्राहक हर महीने के कंट्रिब्यूशन से 999 फाइन हॉलमार्किंग गोल्ड ज्वेलरी खरीद सकते हैं। कंपनी के एमडी नील सोनावाला ने बताया कि इस स्कीम की मैच्योरिटी पर ग्राहक अपने निवेश का इस्तेमाल गोल्ड ज्वेलरी खरीदने के लिए कर सकते हैं। कंपनी की तरफ से उन्हें सोने का 30 फीसदी रिवॉर्ड के रूप में भी मिलेगा। इतना ही नहीं ग्राहक अपने खुद के 24-कैरेट गोल्ड का इस्तेमाल भी रिडेम्प्शन के समय कर सकते हैं।

इंस्टाओन ईएमआई प्रोग्राम का भी उठा सकते हैं फायदा

जेन डायमंड ने इंस्टाओन ईएमआई प्रोग्राम भी शुरू किया है। कंपनी का कहना है कि यह जीरो-कॉस्ट, जीरो-डाउनपेमेंट और जीरो इंटरेस्ट ईएमआई ऑप्शन है। ग्राहक को कंपनी के स्टोर पर हर 90,000 के खर् पर 1 ग्राम गोल्ड कॉइन भी मिलता है। कैरेटलेन और जेन डायमंड की ईजी गोल्ड ज्वेलरी पर्चेज स्कीम ग्राहक को छोटी सेविंग्स से ब्रांडेड गोल्ड ज्वेलरी में निवेश का मौका देती हैं।

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स्कीम का फायदा उठाने से पहले ये बातें जरूर जान लें

एक बात ग्राहक को ध्यान में रखने की जरूरत है कि ऐसी स्कीमें आरबीआई के रेगुलेशन के तहत नहीं आती हैं। इसका मतलब है कि अगर कंपनी से आपका किसी तरह का विवाद होता है तो आप उसकी शिकायत आरबीआई में नहीं कर सकते। हालांकि, आम तौर पर ऐसा नहीं होता है।

Market This Week :उतार-चढ़ाव के बीच बाजार लगातार चौथे हफ्ते गिरावट के साथ हुआ बंद, रुपये में जारी रही बढ़त

Market This Week : भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुए। इस हफ्ते बाजार में काफ़ी उतार-चढ़ाव रहा। पश्चिम एशिया में फिर से बढ़ रहे तनाव,कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और FII की लगातार बिकवाली के चलते बाजार पर दबाव दिखा। हालांकि,रुपये की मजबूती,DII की खरीदारी,अच्छे GST कलेक्शन और अगस्त में ऑटोमोबाइल की अच्छी बिक्री ने बाजार को सपोर्ट दिया। 4 सितंबर को खत्म हुए हफ्ते में BSE सेंसेक्स 749.08 अंक या 0.96% गिरकर 76,515.43 पर बंद हुआ। जबकि निफ़्टी 277.95 अंक या 1.14% की गिरावट के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ।

निफ़्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.5% की गिरावट

इस हफ्ते निफ़्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.5% की गिरावट आई। इस गिरावट में KEI इंडस्ट्रीज, पॉलीकैब इंडिया, हैवेल्स इंडिया, KPIT टेक्नोलॉजीज़, ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी, हीरो मोटोकॉर्प, नेशनल एल्युमीनियम कंपनी, 360 ONE WAM, लॉरस लैब्स, हिताची एनर्जी इंडिया और ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स ऑफ़ इंडिया जैसी कंपनियों का योगदान रहा। दूसरी ओर, लेन्सकार्ट सॉल्यूशंस, LIC हाउसिंग फाइनेंस, IDFC फर्स्ट बैंक और टाटा कम्युनिकेशंस बढ़त वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल रहीं।

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स सपाट हुआ बंद

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स ने हफ्ते के दौरान 20,187.80 का नया हाई छुआ, लेकिन आखिर में यह लगभग सपाट बंद हुआ। IFCI, वेल्सपन कॉर्प, कैप्रि ग्लोबल कैपिटल, RBL बैंक, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज, अर्बन कंपनी और इंद्रप्रस्थ गैस उन कंपनियों में शामिल थीं जिनमें सबसे ज़्यादा बढ़त देखने को मिली। जबकि आरती इंडस्ट्रीज, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, अमारा राजा एनर्जी एंड मोबिलिटी, स्वान कॉर्प और दीपक फर्टिलाइजर्स एंड पेट्रोकेमिकल्स कॉर्पोरेशन में सबसे ज़्यादा गिरावट आई।

सेक्टोरल इंडेक्सों पर एक नजर

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी ऑटो इंडेक्स 4% और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स 2.6% नीचे रहा,जबकि निफ्टी मीडिया, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी FMCG में से हर एक में 2% की गिरावट आई। हालांकि,निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1% की बढ़त हुई।

FIIs की बिकवाली रही जारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे हफ़्ते भी बिकवाली जारी रखी, हालांकि इसकी रफ़्तार धीमी रही। उन्होंने इस हफ़्ते 5,611.94 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को मज़बूत सपोर्ट देना जारी रखा और हफ़्ते के दौरान 23,156.38 करोड़ रुपये का निवेश किया।

मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 4.5 लाख करोड़ रुपये घटा

इस हफ़्ते BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 4.5 लाख करोड़ रुपये घट गया,जिसकी मुख्य वजह बड़ी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट थी। मार्केट वैल्यू में सबसे ज़्यादा कमी स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की वजह से आई, इसके बाद भारती एयरटेल, मारुति सुज़ुकी इंडिया और महिंद्रा एंड महिंद्रा का नंबर रहा। दूसरी ओर इस हफ़्ते रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील और एक्सिस बैंक ने सबसे ज़्यादा वेल्थ क्रिएट की।

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भारतीय रुपया लगातार दूसरे हफ्ते हुआ मजबूत

भारतीय रुपया लगातार दूसरे हफ्ते मजबूत हुआ और इस दौरान दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इस हफ्ते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 89 पैसे बढ़कर 94.49 रुपये पर बंद हुआ। जबकि, 21 अगस्त को रुपया 95.38 रुपये पर बंद हुआ था। इस हफ़्ते के दौरान,घरेलू मुद्रा 95.48 रुपये से 94.27 रुपये के दायरे में कारोबार करती रही।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, Network18 ग्रुप का हिस्सा है। Network18 को इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट कंट्रोल करता है, और रिलायंस इंडस्ट्रीज इसकी एकमात्र बेनिफिशियरी है।)

 

NSE IPO: SEBI से ग्रीन सिग्नल, सितंबर में ही लिस्टिंग; अब तक और क्या चला है पता

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को अपना IPO लाने के लिए के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI की मंजूरी मिल गई है। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO हो सकता है। इसका लंबे वक्त से इंतजार किया जा रहा है। NSE के बोर्ड ने इस साल फरवरी में IPO लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। पब्लिक इश्यू का ड्राफ्ट जून 2026 में SEBI के पास जमा किया था। NSE, बाजार हिस्सेदारी के मामले में देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका IPO लगभग 10 सालों से पेंडिंग है।

NSE ने सबसे पहले दिसंबर 2016 में अपना IPO प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया था। उस वक्त इरादा OFS के जरिए करीब 10,000 करोड़ रुपये जुटाने का था। लेकिन नियामकीय खामियों और को-लोकेशन मामले से जुड़ी चिंताओं के चलते सेबी ने मंजूरी लंबे समय तक रोक दी थी। लेकिन अब रास्ता साफ है। आइए जानते हैं NSE IPO के बारे में अब तक क्या पता चला है…

साइज और नेचर

NSE IPO करीब 30,000 करोड़ रुपये का है। यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। नए शेयर जारी नहीं होंगे। इसलिए शेयर बिक्री से मिला पैसा, OFS में शेयर बेचने वालों के पास जाएगा। NSE को कुछ नहीं मिलेगा।

OFS में कौन बेचेगा शेयर

एक्सचेंज के मौजूदा शेयरधारक 14.89 करोड़ शेयर यानि लगभग 6% हिस्से को बिक्री के लिए रखेंगे। OFS में टेमासेक होल्डिंग्स पीटीई., LIC, SBI और SBI कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड शेयर बेच सकते हैं। SBI अपनी 0.65% हिस्सेदारी बेच सकता है। SBI कैपिटल मार्केट्स अपनी 0.35% हिस्सेदारी बेच सकती है। एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड 1.60 करोड़ शेयरों की बिक्री कर सकती है।

शेयर बेचने वाले अन्य प्रमुख शेयरधारकों में कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड, टेमासेक की सब्सिडियरी अरांदा इनवेस्टमेंट्स (मॉरिशस) प्राइवेट लिमिटेड, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी शामिल हैं।

ओपनिंग और लिस्टिंग की संभावित तारीख

इश्यू के 15 सितंबर को खुलने और 24 या 25 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्ट होने की संभावना है। शेयर BSE पर लिस्ट होंगे।

नए सप्ताह में तय हो सकता है प्राइस बैंड

कहा जा रहा है कि NSE अगले सप्ताह IPO के लिए प्राइस बैंड, लॉट साइज और अन्य डिटेल्स की घोषणा कर सकता है।

कैसे होगा देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO

भारत में अभी तक सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू Hyundai Motor India का रहा है। यह अक्टूबर 2024 में आया था और इसका साइज 27,858.75 करोड़ रुपये या 294.97 करोड़ डॉलर रहा था। अब NSE का 30,000 करोड़ रुपये का IPO आ रहा है। हालांकि, सबसे बड़े IPO के तमगे को लेकर इसकी टक्कर जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड से है। जियो लगभग 37,700 करोड़ रुपये का IPO लाने की तैयारी में है। लेकिन इसके आने का समय अभी घोषित नहीं हुआ है।

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IPO के बाद टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में हो सकती है NSE की एंट्री

यह IPO NSE को बाजार पूंजीकरण के लिहाज से भारत की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में शामिल कर सकता है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि IPO से NSE का मार्केट कैप 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।

NSE के प्रमुख शेयरहोल्डर

NSE के शेयरधारकों में घरेलू वित्तीय संस्थान, बीमा कंपनियां, विदेशी निवेशक और व्यक्तिगत निवेशक शामिल हैं। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) 10.72 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ NSE की सबसे बड़ी शेयरधारक है। जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के पास भी हिस्सेदारी है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और उसकी सब्सिडियरी SBI कैपिटल मार्केट्स की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 7.5 प्रतिशत है। स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL) की एक्सचेंज में 4.44 प्रतिशत हिस्सेदारी है। SHCIL में 50 प्रतिशत से ज्यादा ओनरशिप IFCI के पास है। विदेशी निवेशकों में टेमासेक की सब्सिडियरी अरांदा इन्वेस्टमेंट्स और कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड (CPPIB) की भी NSE में अच्छी खासी हिस्सेदारी है।

IPO के लिए 20 इनवेस्टमेंट बैंक किए गए थे शॉर्टलिस्ट

NSE ने मार्च 2026 की शुरुआत में IPO पर काम करने के लिए 20 इनवेस्टमेंट बैंकों को शॉर्टलिस्ट किया था। इनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल, सिटी, JM फाइनेंशियल, जेपी मॉर्गन, HSBC सिक्योरिटीज, मॉर्गन स्टेनली भी शामिल हैं। इस मेगा इश्यू के लिए करीब 7 से 9 लॉ फर्म्स को भी शॉर्टलिस्ट किया गया, जिनमें सिरिल अमरचंद मंगलदास, Trilegal, और अमेरिका की Latham and Watkins भी शामिल हैं।

NSE की वित्तीय सेहत

NSE के लगभग 1.8 लाख शेयरहोल्डर हैं। अप्रैल-जून 2026 के दौरान एक्सचेंज का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 7 प्रतिशत बढ़कर 3,120 करोड़ रुपये हो गया। कुल आय 9 प्रतिशत बढ़कर 5,252 करोड़ रुपये हो गई। वित्त वर्ष 2025-26 में NSE का शुद्ध मुनाफा 15 प्रतिशत घटकर 10,302 करोड़ रुपये रह गया। कुल आय भी कम होकर 18,713 करोड़ रुपये पर आ गई।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।