पैकेजिंग कंपनी 1:1 बोनस शेयर का देगी, ₹3 डिविडेंड का डिविडेंड; जानिए पूरी डिटेल

पैकेजिंग कंपनी Mold-Tek Packaging के बोर्ड ने 1:1 बोनस शेयर जारी करने को मंजूरी दे दी है। यानी आपके पास कंपनी का जितना शेयर है, उतने ही बोनस शेयर और मिलेंगे। हालांकि, इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी। कंपनी ने बुधवार यानी 26 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी है। बोनस शेयर की रिकॉर्ड डेट बाद में घोषित की जाएगी।

1:1 बोनस शेयर का मतलब क्या है?

अगर आपके पास कंपनी के 100 शेयर हैं, तो बोनस इश्यू के बाद आपके पास 200 शेयर हो जाएंगे। कंपनी कुल 3.32 करोड़ नए शेयर जारी करेगी। हर शेयर की फेस वैल्यू ₹5 होगी। इसके लिए 31 मार्च 2026 तक मौजूद फ्री रिजर्व और रिटेन अर्निंग्स में से ₹16.61 करोड़ का इस्तेमाल किया जाएगा।

बोनस के बाद कंपनी के कुल शेयर करीब 3.32 करोड़ से बढ़कर 6.65 करोड़ हो जाएंगे। वहीं पेड-अप शेयर कैपिटल भी ₹16.61 करोड़ से बढ़कर ₹33.23 करोड़ हो जाएगा। कंपनी को उम्मीद है कि बोर्ड की मंजूरी के बाद दो महीने के भीतर बोनस इश्यू की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

बोनस से पैसा दोगुना नहीं होता

यहां एक बात समझना जरूरी है। 1:1 बोनस का मतलब ये नहीं है कि निवेशक का पैसा सीधे दोगुना हो जाएगा। मान लीजिए आपके पास 100 शेयर हैं और शेयर की कीमत ₹700 है। आपकी कुल निवेश वैल्यू ₹70,000 हुई। बोनस के बाद शेयरों की संख्या 200 हो जाएगी, लेकिन शेयर की कीमत आम तौर पर एडजस्ट होकर करीब आधी हो जाती है।

यानी बोनस के तुरंत बाद आपकी कुल वैल्यू करीब उतनी ही रहती है। असली फायदा आगे हो सकता है। अगर कंपनी का कारोबार और मुनाफा बढ़ता है, तो ज्यादा शेयर होने का फायदा निवेशक को मिल सकता है।

कंपनी के पास ₹655 करोड़ से ज्यादा रिजर्व

31 मार्च 2026 तक Mold-Tek Packaging के पास कैपिटलाइजेशन के लिए ₹655.12 करोड़ के फ्री रिजर्व और शेयर प्रीमियम उपलब्ध थे। यानी बोनस इश्यू के लिए कंपनी के पास पर्याप्त रिजर्व मौजूद है। कंपनी ने अपने अधिकृत शेयर कैपिटल को भी बढ़ाने का फैसला किया है।

अधिकृत शेयर कैपिटल को ₹20 करोड़ से बढ़ाकर ₹40 करोड़ किया जाएगा। इसके लिए भी शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी। इससे कंपनी के पास भविष्य में ज्यादा शेयर जारी करने की गुंजाइश बढ़ जाएगी।

₹3 का फाइनल डिविडेंड भी मिलेगा

बोनस शेयर के साथ कंपनी ने डिविडेंड की भी घोषणा की है। बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹3 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू ₹5 है। यानी यह डिविडेंड फेस वैल्यू का 60% है।

इस डिविडेंड को AGM में शेयरधारकों की मंजूरी मिलनी बाकी है। यहां एक बात ध्यान रखें। ₹3 का डिविडेंड मौजूदा शेयरों पर है और यह प्रस्तावित बोनस शेयर से अलग है।

Mold-Tek Packaging के शेयर का हाल

Mold-Tek Packaging के शेयर में बुधवार को 0.26% की बढ़त के साथ 708.65 रुपये बंद हुए। पिछले 6 महीने में स्टॉक 23.79% का रिटर्न दिया है। हालांकि, 1 साल में यह 10.18% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 2.36 हजार करोड़ है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

हर 1,000 व्यूज पर ₹60! इस चीनी प्लेटफॉर्म ने क्रिएटर्स का खींचा ध्यान, YouTube को देगा कड़ी टक्कर

चीनी वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म Bilibili अपने घरेलू बाजार से बाहर तेजी से विस्तार कर रहा है। ऐसे में एक खास कमाई के आंकड़े ने दुनिया भर के क्रिएटर्स का ध्यान अपनी ओर खींचा है। X पर RT की एक पोस्ट के अनुसार, Bilibili क्रिएटर्स को हर 1,000 व्यूज के लिए लगभग $0.70 (करीब 60 रुपये) का भुगतान कर रहा है। अगर यह दावा सही है, तो यह कदम प्लेटफॉर्म को कंटेंट क्रिएटर्स को आकर्षित करने में मदद कर सकता है क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर YouTube को टक्कर दे रहा है। हालांकि, कंपनी ने खुद इस पेमेंट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

Bilibili की रिपोर्टेड पेमेंट

यह जानकारी RT के जरिए सामने आई, जिसने Bilibili के क्रिएटर प्रोग्राम पर चर्चा करते हुए यह आंकड़ा बताया। अगर यह सही है, तो एक मिलियन व्यूज पाने वाले क्रिएटर्स टैक्स और प्लेटफॉर्म के किसी भी एडजस्टमेंट से पहले लगभग $700 कमा सकते हैं। हालांकि, Bilibili के ऑफिशियल क्रिएटर प्रोग्राम डॉक्यूमेंटेशन में किसी तय CPM या RPM का जिक्र नहीं है।

इसके बजाय, प्लेटफॉर्म का कहना है कि कमाई ऑडियंस की लोकेशन, एडवर्टाइजर की डिमांड, कंटेंट कैटेगरी और मॉनेटाइजेशन प्रोडक्ट्स जैसी चीजों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। इसमें यह भी बताया गया है कि अनुमानित रेवेन्यू को इनवैलिड ट्रैफिक, रिफंड, फ्रॉड का पता लगाने, टैक्स और पॉलिसी लागू करने के आधार पर एडजस्ट किया जा सकता है।

मॉनेटाइजेशन के लिए जरूरी शर्तें

Bilibili के क्रिएटर प्रोग्राम की पॉलिसी के अनुसार, मॉनेटाइजेशन के लिए अप्लाई करने से पहले क्रिएटर्स के पास कम से कम 100 सब्सक्राइबर और 2,000 वैलिड पब्लिक व्यूज होने चाहिए। हालांकि, इन शर्तों को पूरा करने के बाद भी मोनेटाइजेशन मिलना तय नहीं है। क्योंकि प्लेटफॉर्म हर चैनल की जांच करता है। इसमें कंटेंट ओरिजिनल है या नहीं, कॉपीराइट नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, कम्युनिटी गाइडलाइंस का उल्लंघन तो नहीं हुआ और अकाउंट की स्थिति जैसी चीजें देखी जाती हैं।

यह प्लेटफॉर्म खरीदे गए व्यूज, फेक सब्सक्राइबर, ऑटोमेटेड एंगेजमेंट और दूसरे तरह के बनावटी ट्रैफिक पर भी रोक लगाता है। इसके अलावा, क्रिएटर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके द्वारा अपलोड किए गए सभी कंटेंट के मालिकाना हक उनके पास हों या उन्हें उस कंटेंट से कमाई करने की अनुमति मिली हो।

Bilibili का ग्लोबल विस्तार जारी है

यह पेमेंट की जानकारी तब सामने आई है जब Bilibili अपने इंटरनेशनल प्लान को तेजी से आगे बढ़ा रही है। सेमाफोर (Semafor) की एक पुरानी रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने अपना इंटरनेशनल ऐप फिर से लॉन्च किया है। इसके अलावा, वह इंग्लिश भाषा की वेबसाइट बना रही है और अमेरिका, यूरोप, जापान और लैटिन अमेरिका जैसे मार्केट में कम्युनिटी मैनेजर की भर्ती शुरू कर दी है।

बता दें कि Bilibili खुद को ऐसे क्रिएटर्स के लिए एक डेस्टिनेशन के तौर पर भी पेश कर रही है, जो नए ऑडियंस तक पहुंचना चाहते हैं और साथ ही कमाई का नए जरिया बनाना चाहते हैं। विज्ञापन के अलावा, कंपनी एक मार्केटप्लेस भी बना रही है जो स्पॉन्सरशिप के मौकों के लिए क्रिएटर्स को ब्रांड्स से जोड़ेगा।

हालांकि, प्रति 1,000 व्यूज पर $0.70 के पेमेंट की जानकारी ने काफी दिलचस्पी पैदा की है, लेकिन क्रिएटर्स को यह ध्यान रखना चाहिए कि Bilibili ने अभी तक आधिकारिक तौर पर स्टैंडर्ड पेमेंट रेट की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल, प्लेटफॉर्म की पब्लिश्ड पॉलिसी में सिर्फ यह बताया गया है कि कमाई कई बातों पर निर्भर करेगी और जैसे-जैसे इसका ग्लोबल क्रिएटर इकोसिस्टम विकसित होगा, इसमें बदलाव हो सकता है।

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UP Expressway Projects: यूपी में ₹24,000 करोड़ का मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट! दो नए एक्सप्रेसवे को मिली मंजूरी, इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स पर भी बड़ा दांव

UP Expressway Projects: उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 24,000 करोड़ रुपये से अधिक के इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक निवेश से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें दो बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट सुल्तानपुर में मैन्युफैक्चरिंग-लॉजिस्टिक्स क्लस्टर और राज्य के अलग-अलग जिलों में 11 बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के लिए प्रोत्साहन शामिल हैं। योगी सरकार का फोकस अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। नए फैसलों के जरिए उभरते औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने और प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बड़े निवेश को आकर्षित करने की तैयारी है।

‘गंगा एक्सप्रेसवे’ पहुंचेगा हरिद्वार, 10,761 करोड़ होंगे खर्च

कैबिनेट ने 10,761 करोड़ रुपये की लागत से गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत छह लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित करने का प्रावधान होगा। इस परियोजना का पूरा खर्च उत्तर प्रदेश सरकार उठाएगी। इसमें केंद्र की वित्तीय भागीदारी प्रस्तावित नहीं है।

इस एक्सप्रेसवे से बिजनौर और हरिद्वार के बीच कनेक्टिविटी काफी बेहतर होने की उम्मीद है। फिलहाल बिजनौर से हरिद्वार जाने के लिए मुख्य रूप से NH-34 यानी मेरठ-बिजनौर-हरिद्वार हाईवे पर निर्भरता है। नया एक्सप्रेसवे बनने के बाद बिजनौर की लखनऊ से कनेक्टिविटी भी गंगा एक्सप्रेसवे नेटवर्क के जरिए और मजबूत होगी।

प्रयागराज से हरिद्वार तक बनेगा तेज कॉरिडोर

गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार तक विस्तार केवल सड़क परियोजना नहीं। बल्कि पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हरिद्वार जुड़ने के बाद एक्सप्रेसवे नेटवर्क प्रयागराज और हरिद्वार जैसे गंगा तट पर बसे दो प्रमुख कुंभ शहरों को एक्सेस-कंट्रोल्ड सड़क कनेक्टिविटी से जोड़ देगा।

यूपी सरकार को उम्मीद है कि इससे धार्मिक पर्यटन, व्यापार, निवेश और अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इसका फायदा बिजनौर, हरिद्वार और आसपास के इलाकों को मिलने की उम्मीद है। अब इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR तैयार की जाएगी।

झांसी लिंक एक्सप्रेसवे पर 7,968 करोड़

योगी कैबिनेट ने 7,968.30 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले झांसी लिंक एक्सप्रेसवे को भी मंजूरी दी है। इसका मुख्य उद्देश्य बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी BIDA क्षेत्र और झांसी के आसपास के डिफेंस कॉरिडोर को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। इस परियोजना का पूरा खर्च भी उत्तर प्रदेश सरकार उठाएगी। केंद्र से किसी वित्तीय भागीदारी का प्रस्ताव नहीं है। ॉ

सरकार का मानना है कि एक्सप्रेसवे बनने के बाद बुंदेलखंड के उभरते औद्योगिक क्षेत्रों से उत्तर प्रदेश के दूसरे हिस्सों और देश के अन्य क्षेत्रों तक सड़क संपर्क तेज होगा। निर्माण के दौरान प्रत्यक्ष रोजगार के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने पर अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।

सुल्तानपुर में 272 करोड़ का इंडस्ट्रियल-लॉजिस्टिक्स क्लस्टर

कैबिनेट ने सुल्तानपुर में 272.25 करोड़ रुपये के निवेश से इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर यानी IMLC के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को भी मंजूरी दी है। यह क्लस्टर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के नजदीक विकसित किया जाएगा। इससे यहां आने वाली औद्योगिक इकाइयों को पहले से मौजूद तेज सड़क नेटवर्क का सीधा फायदा मिलेगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े काम का खर्च राज्य सरकार उठाएगी और निर्माण एजेंसी के चयन के लिए ग्लोबल बिड आमंत्रित की जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि यह क्लस्टर मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़े निवेश को आकर्षित करेगा तथा सुल्तानपुर और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार पैदा करेगा।

11 बड़े प्रोजेक्ट्स को भी मंजूरी

इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ कैबिनेट ने 11 बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के लिए भी प्रोत्साहन को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में कुल प्रस्तावित निवेश 5,500 करोड़ रुपये से अधिक है। इनमें से आठ परियोजनाओं के लिए करीब 2,901.97 करोड़ रुपये के निवेश पर उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट एंड एम्प्लॉयमेंट प्रमोशन पॉलिसी-2022 के तहत लेटर ऑफ कंफर्ट जारी करने को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं का विस्तार गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), हमीरपुर, हाथरस, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, मथुरा और उन्नाव जैसे जिलों तक है।

इनमें प्रमुख निवेश इस प्रकार हैं:-

  • सूर्या ग्लोबल सुपर फ्लेक्सिफिल्म्स, गौतम बुद्ध नगर- 605.37 करोड़ रुपये
  • शाल्विस स्पेशियलिटीज, हमीरपुर- 297.30 करोड़ रुपये
  • साउंड कास्टिंग्स, हाथरस – 225 करोड़ रुपये
  • वृंदावन बॉटलर्स, बाराबंकी – 436.12 करोड़ रुपये
  • जुआरी एनविएन बायोएनर्जी, लखीमपुर खीरी- 294.72 करोड़ रुपये
  • पसवारा पेपर्स, हाथरस- 315 करोड़ रुपये
  • CRD फूड्स एंड बेवरेजेज, मथुरा- 363.94 करोड़ रुपये
  • माउंट एवरेस्ट ब्रेवरीज, उन्नाव- 363.52 करोड़ रुपये

(नोट- इन परियोजनाओं को पात्रता के आधार पर नीति के तहत नेट SGST और कैपिटल सब्सिडी समेत विभिन्न प्रोत्साहन मिल सकेंगे।)

तीन और प्रोजेक्ट्स में 2,606 करोड़ का निवेश

कैबिनेट ने तीन और परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ कम्फर्ट को मंजूरी दी है। इनका कुल प्रस्तावित निवेश 2,606.04 करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएं बिजनौर, उन्नाव और कानपुर देहात में लगाई जाएंगी।

उन्नाव में एल्युमिनियम कैन फैक्ट्री

Canpack India उन्नाव में करीब 1,573.62 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी एल्युमिनियम बेवरेज कैन बनाने की इकाई स्थापित करेगी। यह प्लांट करीब 26 हेक्टेयर क्षेत्र में UPEIDA द्वारा विकसित IMLC इंडस्ट्रियल कॉरिडोर क्षेत्र में लगाया जाएगा। इसकी अनुमानित वार्षिक उत्पादन क्षमता 130 करोड़ यूनिट होगी।

बिजनौर में फ्रेंच फ्राइज प्लांट

इसके अलावा Agristo Masa बिजनौर में 794.27 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह कंपनी मौजूदा पोटैटो फ्लेक्स कारोबार का विस्तार करने के साथ फ्रेंच फ्राइज बनाने की यूनिट स्थापित करेगी। प्रस्तावित प्लांट की अधिकतम स्थापित क्षमता हर साल 75,000 टन होगी। इसके मुकाबले कंपनी की मौजूदा पोटैटो फ्लेक्स उत्पादन क्षमता करीब 7,332 टन सालाना बताई गई है।

कानपुर देहात में प्लास्टिक प्रोडक्ट्स का होगा उत्पादन

एक बयान के मुताबिक, Supreme Industries कानपुर देहात में 238.15 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यहां वैल्यू-एडेड प्लास्टिक बिल्डिंग सॉल्यूशन उत्पाद बनाए जाएंगे। कंपनी की स्थापना 1942 में हुई थी। यह भारत की प्रमुख प्लास्टिक प्रोसेसिंग कंपनियों में शामिल है।

एक्सप्रेसवे और उद्योग को एक साथ जोड़ने की रणनीति

यूपी सरकार के इन फैसलों से साफ संकेत मिलता है कि उत्तर प्रदेश अब एक्सप्रेसवे नेटवर्क को सीधे औद्योगिक विकास से जोड़ने की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है। झांसी लिंक एक्सप्रेसवे को बुंदेलखंड के औद्योगिक और डिफेंस कॉरिडोर से जोड़ा जा रहा है। जबकि सुल्तानपुर का IMLC पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का फायदा उठाएगा। वहीं, गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक विस्तार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरिद्वार के बीच आर्थिक संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि कैबिनेट के फैसले एक्सप्रेसवे विस्तार और औद्योगिक विकास को एक साथ आगे बढ़ाने की कोशिश को दिखाते हैं। सरकार का लक्ष्य बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए निवेश, व्यापार, रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा देना है।

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उन्होंने कहा कि 24 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के इन प्रस्तावों को उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक नक्शे में बड़ा बदलाव लाने वाली पहल के तौर पर देखा जा रहा है। खास बात यह है कि इसका असर सिर्फ लखनऊ, नोएडा या दूसरे बड़े औद्योगिक केंद्रों तक सीमित न रहकर बुंदेलखंड, पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के कई जिलों तक पहुंचने की उम्मीद है।

KTM is bringing Dakar Champion Matthias Walkner to India

KTM is bringing Dakar Champion Matthias Walkner to India
Official KTM poster showing the details of the event.

If you’ve been looking to start exploring trails near you or improve your off-road riding, you now have the opportunity to be trained by 2018 Dakar champion and four-time Dakar Stage Winner Matthias Walkner. KTM is bringing Matthias to India to mentor their Adventure Rally Extreme events in Mumbai and Bengaluru, slated to happen in September.

  1. Face to face meeting in Mumbai on September 11; in Bengaluru on September 15
  2. Ride and train in Mumbai on September 12-13; in Bengaluru on September 16-17
  3. Ride and train event limited to KTM owners only

Two events over three days

Registrations open now

There are two separate events requiring separate registrations, a face to face meeting and a ride and train event. During the face to face event, riders will have the opportunity to meet and interact with Matthias as well as a photo opportunity. Registration to this is open to everybody and costs Rs 500.

The ride and train event on the other hand, is far more hands-on, or hands and feet on, if you will. Riders will get to ride and train alongside Matthias and train on off-roading skills through practical drills and real rally techniques. This event has two batches over two days, and registration is exclusive to KTM owners for Rs 5,000.

The events are slated to happen back-to-back in Mumbai from September 11-13 and in Bengaluru from September 15-17. Further details and registration(s) are available on KTM India’s website now.

Tukaram Mundhe: ‘मैं कोई सेलिब्रिटी नहीं हूं’, छापेमारी से देशभर में फेमस हुए तुकाराम मुंढे ने अपनी पॉपुलैरिटी पर क्या कहा

इन दिनों पूरे देश में महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) चीफ तुकाराम मुंढे छाए हुए हैं। तुकाराम मुंढे ने फूड एंड सेफ्टी को लेकर सख्त कदम उठाते हुए अबतक कई फेमस रेस्ट्रां पर शिकंजा कसा है। वहीं हाल ही में एफडीए चीफ तुकाराम मुंढे ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य फूड सेफ्टी से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू करना है। उन्होंने साफ किया कि विभाग की कार्रवाई का मकसद फूड बिजनेस को निशाना बनाना नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित और सही क्वालिटी वाला खाना उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना है।

3,000 से ज्यादा जगहों पर हुई छापेमारी

तुकाराम मुंढे ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से कहा, “मुझे नहीं लगता कि मैं कोई सेलिब्रिटी हूं। मैं सिर्फ़ एक फ़ूड सेफ़्टी कमिश्नर हूं।” उन्होंने कहा कि जो कारोबारी खाद्य सुरक्षा के नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन्हें नियमों के तहत कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। रॉयटर्स के अनुसार, महाराष्ट्र FDA ने तुकाराम मुंढे के फूड सेफ्टी कमिश्नर बनने के बाद से खाद्य कारोबारियों पर कार्रवाई तेज कर दी है। मई से अब तक विभाग की टीमों ने 3,000 से ज्यादा जगहों पर जांच और छापेमारी की है। इस दौरान कुछ बड़े फूड ब्रांड के आउटलेट भी कार्रवाई की चपेट में आए हैं। चार डोमिनोज आउटलेट और एक पिज्जा हट आउटलेट के लाइसेंस भी निलंबित किए गए हैं।

अयूब समेत चार रेस्टोरेंट के लाइसेंस निलंबित

महाराष्ट्र FDA ने 23 अगस्त को साउथ मुंबई के मशहूर रेस्टोरेंट अयूब का फूड लाइसेंस सस्पेंड कर दिया। विभाग की टीम ने 22 अगस्त को फोर्ट स्थित रेस्टोरेंट की जांच की थी। जांच में खाने-पीने की चीजों को सही तरीके से न रखने, कच्चे और पके भोजन को अलग नहीं रखने, मक्खियों की मौजूदगी और गंदगी जैसी कई कमियां मिलीं। इसके अलावा नालियों की सफाई, पानी जमा होने, पेस्ट कंट्रोल और कर्मचारियों की स्वच्छता में भी खामियां पाई गईं। महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत चलाए गए अभियान में अयूब समेत चार रेस्टोरेंट के लाइसेंस निलंबित किए गए। इनमें कुर्ला का एक रेस्टोरेंट और नागपुर के दो आउटलेट भी शामिल हैं।

31 अन्य प्रतिष्ठानों को जारी किया नोटिस

FDA ने राज्य के 31 अन्य प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने के लिए नोटिस जारी किए। इसके अलावा विभाग ने 2.24 करोड़ रुपये से ज्यादा के फूड प्रोडक्ट्स भी जब्त किए। ये कार्रवाई राज्य में खुले खाद्य तेल की बिक्री पर रोक को लेकर चल रहे विवाद के बीच हुई है। महाराष्ट्र में फूड सुरक्षा अभियान के बीच खुले खाने के तेल की बिक्री पर रोक को लेकर भी विवाद सामने आया। FDA ने पहले पूरे राज्य में इस रोक को सख्ती से लागू करने की बात कही और दुकानदारों की छूट की मांग को खारिज कर दिया। वहीं करीब एक घंटे बाद विभाग ने अपना यह बयान वापस ले लिया, जिससे मामले को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई। महाराष्ट्र में खुले खाने के तेल की बिक्री पर आगे कोई फैसला लेने से पहले राज्य सरकार नियमों को स्पष्ट करने के लिए एक बैठक करेगी।

Realme ने लॉन्च किया 8,000mAh बैटरी वाला धांसू 5G फोन, कीमत ₹34,999 से शुरू

अगर आप मिड रेंज सेगमेंट में स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए अच्छी साबित हो सकती है। दरअसल, Realme ने बुधवार को भारत में Realme P4s 5G लॉन्च कर दिया है। यह कंपनी की P4 सीरीज में शामिल होने वाला लेटेस्ट स्मार्टफोन है। बता दें कि इसकी बिक्री Flipkart पर की जाएगी और यह दो कलर ऑप्शन में आएगा। अब आइए जानते हैं इस नए स्मार्टफोन में क्या कुछ खास है और इसके बारे में अब तक क्या जानकारी सामने आई है।

भारत में Realme P4s 5G की कीमत

Realme P4s 5G को भारत में 34,999 रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया गया है। इसके 8GB RAM + 128GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत इतनी है। वहीं, 8GB RAM + 256GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 37,999 रुपये, जबकि टॉप वेरिएंट 12GB RAM + 256GB स्टोरेज की कीमत 41,999 रुपये रखी गई है।

खास बात यह है कि Realme HDFC बैंक, ICICI बैंक और SBI कार्ड्स पर ₹3,000 का इंस्टेंट डिस्काउंट भी दे रहा है। यह नया स्मार्टफोन भारत में 3 सितंबर को दोपहर 12 बजे Flipkart पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। कलर ऑप्शन की बात करें तो Realme P4s 5G Titanium Grey और Electric Cyan में खरीदने के लिए उपलब्ध होगा।

Realme P4s 5G के स्पेसिफिकेशन्स

Realme P4s 5G में 6.78-इंच का Samsung M14 AMOLED डिस्प्ले है, जिसका रिफ्रेश रेट 144Hz और पीक ब्राइटनेस 6,500 निट्स तक है। इसके अलावा, यह डिवाइस पानी और धूल से बचाव के लिए IP66 + IP69 रेटिंग के साथ आता है।

परफॉर्मेंस के लिए इस हैंडसेट में ऑक्टा-कोर MediaTek Dimensity 7400 Ultra चिपसेट दिया गया है। यह चिपसेट 2.66GHz तक की क्लॉक स्पीड पर काम करता है। वहीं, गेमिंग को बेहतर बनाने के लिए फोन में Hyper Vision+ AI चिप भी दी गई है। सॉफ्टवेयर की बात करें तो यह स्मार्टफोन Realme UI 7.0 पर चलता है, जो Android 16 पर आधारित है।

फोटोग्राफी के लिए, Realme P4s 5G में डुअल बैक कैमरा सेटअप दिया गया है, जिसमें 50MP (f/1.8) का प्राइमरी लेंस है। इस लेंस में टू-एक्सिस ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइजेशन और 77.9-डिग्री का फील्ड ऑफ व्यू मिलता है। इसके अलावा, डिवाइस में 112-डिग्री फील्ड ऑफ व्यू वाला 8MP (f/2.2) का अल्ट्रावाइड सेंसर भी है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए, इसमें 16MP (f/2.4) का फ्रंट कैमरा दिया गया है। खास बात यह है कि Realme P4s 5G 4K/30 fps तक की वीडियो रिकॉर्डिंग कर सकता है।

बैटरी बैकअप की बात करें तो, Realme P4s 5G में 8,000mAh की बैटरी है, जो 80W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

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iPhone 18 Series की कीमत लीक! भारत से दुबई तक इतने में मिलेंगे Pro, Pro Max और Ultra

अगर Apple अपने पुराने ट्रेंड के हिसाब से 8 से 12 सितंबर के बीच फोन लॉन्च करती है, तो लॉन्च इवेंट में बस कुछ ही हफ्ते बचे हैं। अफवाहों की मानें तो इस बार हमें तीन नए फोन देखने को मिल सकते हैं – iPhone 18 Pro Max, iPhone 18 Pro और iPhone Ultra। हालांकि, Apple के ज्यादातर फैन्स के लिए सबसे बड़ी चिंता अलग-अलग बड़े मार्केट में इन डिवाइस की कीमत है। इसलिए, हमने यहां तीनों फोन की बड़े मार्केट में अनुमानित कीमत और उनके बेसिक स्पेसिफिकेशन की जानकारी दी है।

Apple iPhone 18 Pro, 18 Pro Max और iPhone Ultra: भारत, USA, दुबई और जापान में अनुमानित कीमत

सबसे पहले बात करते हैं Apple iPhone 18 Pro की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके 256GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत भारत में 1,44,900 रुपये हो सकती है। वहीं, अमेरिका में इसकी कीमत 1,299 डॉलर, दुबई में 4,499 AED और जापान में करीब 1,89,900 येन हो सकती है।

इसी तरह, iPhone 18 Pro Max के 256GB वेरिएंट की कीमत भारत में 1,69,900 रुपये होने की उम्मीद है। अमेरिका में इसकी कीमत 1,499 डॉलर, दुबई में 5,199 AED और जापान में करीब 2,19,000 येन हो सकती है।

वहीं, सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले iPhone Ultra की बात करें तो इसके 256GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत भारत में 2,49,900 रुपये हो सकती है। अमेरिका में इसकी कीमत करीब 2,400 डॉलर, दुबई में 7,349 AED और जापान में करीब 3,00,000 येन होने की उम्मीद है।

Apple iPhone 18 Pro, 18 Pro Max और iPhone Ultra के स्पेसिफिकेशन्स

कहा जा रहा है कि यह डिवाइस Apple A20 Pro चिपसेट पर चलेगा, जो अलग-अलग स्थितियों में बेहतरीन परफॉर्मेंस देगा। इसके अलावा, iPhone Ultra में बिना क्रीज वाला (creaseless) डिस्प्ले देखने को मिलेगा, जो इसे सबसे अलग बनाएगा। साथ ही, ऐसी भी खबरें हैं कि 18 सीरीज के मॉडल्स में नए कलर ऑप्शन भी मिलेंगे।

फिलाहल, बाकी सभी जानकारी अभी गुप्त रखी गई है, और हो सकता है कि लॉन्च से पहले आने वाले दिनों में हमें इनके बारे में कुछ और जानकारी मिले।

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जेपी मॉर्गन ने Nifty 50 के लिए 27000 का टारेगट दिया, भारतीय शेयर बाजार के बुरे दिन खत्म

शेयर बाजार में आने वाली तेजी को लेकर क्या आपके मन में संदेह है? अगर हां तो आपको जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट पर गौर करने की जरूरत है। जेपी मॉर्गन ने निफ्टी 50 के लिए 27,000 का टारगेट बताया है। उसका मानना है कि वैल्यूएशन में इम्प्रूवमेंट है। साध ही घरेलू इकोनॉमी से जु़ड़े बेहतर डेटा की वजह से भारतीय शेयर बाजार फिर से अट्रैक्टिव हो गया है।

भारतीय बाजार के लिए ग्लोबल रिस्क बरकरार

जेपी मॉर्गन में इंडिया इक्विटी रिसर्च के हेड संजय मोकिम ने ग्लोबल स्थितियों खासकर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को भारतीय शेयर बाजार के लिए बड़ा रिस्क बताया है। उनका मानना है कि इससे भारतीय शेयर बाजार में तेजी पर असर पड़ सकता है। इसका असर भारत में विदेशी निवेशकों के निवेश पर भी पड़ सकता है।

घरेलू स्थितियां बाजार में तेजी के लिए अनुकूल

मोकिम ने कहा कि इंडिया की इकोनॉमी की स्थितियां शेयर बाजार के लिए अनुकूल हैं। अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं। वैल्यूएशंस खासकर लार्जकैप शेयरों की वैल्यूएशन कम हुई है। उन्होंने कहा, “भारतीय शेयरों में वैल्यू ट्रेड पिछले तीन सालों के मुकाबले अब बेहतर हैं।” उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशकों के रुख में बदलाव से भी स्थिति अनुकूल हुई है।

निवेशक फिर से भारतीय बाजार को लेकर उत्साहित

उन्होंने कहा कि नॉर्थ एशियन टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में उतार-चढ़ाव और भारत में लार्जकैप शेयरों की सही वैल्यूएशंस से इनवेस्टर्स एक बार फिर भारत में निवेश को लेकर उत्साहित हैं। हालांकि, उनका मानना है कि भारतीय बाजारों में विदेशी निवेश तुरंत बढ़ने नहीं जा रहा है। उनका मानना है कि वैश्विक स्थितियों को लेकर ज्यादा चिंता है।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल से डॉलर का विकल्प मिला

मोकिम ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के बारे में कहा कि इसके बढ़ने से निवेशकों के पास अपेक्षाकृत सुरक्षित डॉलर एसेट्स का एक विकल्प मिल गया है। उन्होंने कहा, “जब 10 साल के बॉन्ड्स की यील्ड इस लेवल पर हैं तो आपको इमर्जिंग मार्केट्स एसेट्स में निवेश करने की क्या जरूरत है।” उन्होंने भारत में आईपीओ, क्वालिफायड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट्स (QIP) और ब्लॉक डील्स का भी जिक्र किया।

आआईपीओ, क्यूआईपी और ब्लॉक डील में काफी पैसा जा रहा

उन्होंने कहा कि आईपीओ, क्यूआईपी और ब्लॉक डील में काफी पैसा जा रहा है। अभी बाजार में नए शेयरों की सप्लाई म्यूचुअल फंड्स में हर महीने होने वाले निवेश के मुकाबले ज्यादा है। उन्होंने कहा कि इसका असर छोटी अवधि में लिक्विडिटी पर पड़ेगा। लेकिन, मीडियम टर्म में यह अच्छा है, क्योंकि इससे बाजार का दायरा बढ़ेगा और निवेश के नए मौके बनेंगे।

भारत की डिजिटल ताकत का नया मुकाम! इन 11 देशों में पहुंचा भारत का डिजिटल पेमेंट

भारत का UPI पिछले कुछ सालों में लोगों की रोज की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। चाय की दुकान से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग तक, कुछ सेकंड में पेमेंट करने की सुविधा ने डिजिटल पेमेंट को काफी आसान बना दिया है। अब इसकी पहुंच सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि धीरे-धीरे दूसरे देशों में भी बढ़ रही है। ऐसे में विदेश जाने वाले भारतीयों के लिए भी UPI एक सुविधाजनक पेमेंट ऑप्शन बनता जा रहा है।

UPI की बढ़ती पॉपुलैरिटी का अंदाजा इसके बढ़ते इस्तेमाल से लगाया जा सकता है। जुलाई 2026 में इसके जरिए बड़े लेवल पर ट्रांजैक्शन हुए और अब इसकी इंटरनेशनल पहुंच 11 देशों तक हो गई है। ग्रीस और मालदीव के जुड़ने के बाद यह विस्तार और खास हो गया है।

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1. दुनियाभर में बढ़ी UPI की पहचान

पिछले करीब एक दशक में UPI का इस्तेमाल लगभग 12,000 गुना बढ़ा है। अब यह भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम का एक जरुरी भाग बन चुका है। इसकी पॉपुलैरिटी सिर्फ भारत तक नहीं है, बल्कि दूसरे देशों में भी लोग इसे पेमेंट के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में दुनियाभर में हुए रियल-टाइम पेमेंट ट्रांजैक्शन में UPI की हिस्सेदारी करीब 49% थी।

2. 11 देशों तक पहुंचा UPI

UPI अब भारत के अलावा 11 देशों में क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट की फैसिलिटी दे रहा है। भूटान, नेपाल, सिंगापुर, UAE और फ्रांस के साथ श्रीलंका, मॉरीशस, कतर, कंबोडिया, ग्रीस और मालदीव भी इस लिस्ट में शामिल हैं। ग्रीस और मालदीव UPI से जुड़ने वाले सबसे नए देश हैं। इससे विदेश जाने वाले भारतीयों के लिए डिजिटल पेमेंट का एक आसान ऑप्शन बढ़ा है।

3. UPI में जुड़े नए फीचर्स

2020 से 2022 के बीच UPI में कई नए बदलाव किए गए। UPI AutoPay की मदद से EMI और दूसरे नियमित पेमेंट आसान हुए, जबकि UPI 123PAY से फीचर फोन इस्तेमाल करने वालों को भी डिजिटल पेमेंट की सुविधा मिली। इसी दौरान UPI Lite आया और बाद में क्रेडिट कार्ड को UPI से जोड़ने का ऑप्शन भी दिया गया। इस दौरान भूटान में UPI की इंटरनेशनल शुरुआत भी हुई।

4. इजी और सिक्योर पेमेंट

2024 में UPI Circle जैसे फीचर की शुरुआत हुई, जिससे कोई भी लिमिट के अंदर दूसरे व्यक्ति को अपने UPI अकाउंट से पेमेंट करने की परमिशन दे सकता है। टैक्स पेमेंट और UPI से जुड़े दूसरे ट्रांजैक्शन की लिमिट में भी बदलाव किए गए। इसके बाद 2025 में ऑन-डिवाइस बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और फेस बेस्ड फेस ऑथेंटिकेशन जैसे ऑप्शन जोड़े गए। इन चेंज का मकसद UPI को लोगों के लिए ज्यादा आसान, सुविधाजनक और सिक्योर बनाना है।

UPI की बढ़ती पहुंच से साफ है कि भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम अब देश की बॉर्डर से आगे भी पहचान बना रहा है। नए देशों और नए फीचर्स के जुड़ने से लोगों के लिए पेमेंट करना आसान और कनविनिएंट हो रहा है। आने वाले समय में UPI की पहुंच और बढ़ने की उम्मीद है।