Kanpur Plane Crash: कानपुर में बड़ा विमान हादसा, गंगा बैराज के पास ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट क्रैश; 2 पायलटों की मौत

Kanpur Plane Crash: गुरुवार सुबह कानपुर में नत्था खेड़ा गंगा बैराज के पास एक दो इंजन वाले चार सीटर प्राइवेट ट्रेनिंग विमान के क्रैश होने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, हादसे के बाद कानपुर नगर से आग बुझाने वाली और इमरजेंसी रेस्क्यू टीमें नत्था खेड़ा गंगा बैराज के पास दुर्घटना स्थल पर भेजी गईं, जहां चीफ फायर ऑफिसर (CFO) की देखरेख में राहत और बचाव कार्य चल रहा है।

बता दें कि हादसे में मारे गए ट्रेनी पायलट की पहचान अभिषेक पुजारी के तौर पर हुई, जबकि ट्रेनर पायलट सचिन भाटिया थे।

जानकारी के मुताबिक, यह विमान ‘गर्ग एविएशन’ का था, जो एक लोकल फ्लाइट ट्रेनिंग स्कूल के तौर पर काम करता है।

पुलिस ने दी जानकारी

पुलिस ने बताया कि पायलट के पास 3,000 घंटे से ज्यादा की फ्लाइंग का अनुभव था और वह गुजरात का रहने वाला था, जबकि को-पायलट कर्नाटक का रहने वाला था।

फिलहाल, पुलिस ने दुर्घटना वाली जगह को सुरक्षित कर लिया है और वहां घेराबंदी कर दी है। साथ ही, इस घटना के बारे में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) को भी जानकारी दे दी गई है। उम्मीद है कि DGCA की एक टीम दुर्घटना की जांच के तहत घटनास्थल का मुआयना करेगी। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि दुर्घटना किन हालात में हुई।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने जताया दुख

वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख जताया और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवारों को इस दुख को सहने की हिम्मत देने की कामना की।

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टेक दिग्गज अब ‘किसान’ बने; अमेरिका में कृषिभूमि की होड़:गेट्स-बेजोस 7 लाख एकड़ जमीन पर आलू-गाजर उगा रहे, जुकरबर्ग पाल रहे मवेशी

दुनिया के सबसे अमीर और टेक दिग्गजों में अब पशु-पालन और खेती का शौक बढ़ रहा है। अमेरिका में खेती की जमीन अब सिर्फ किसान की जरूरत नहीं, अरबपतियों के लिए बड़ा निवेश और शौक बन चुकी है। कोई यहां मवेशी पाल रहा है, तो कोई जमीन खरीदकर भविष्य ज्यादा सुरक्षित कर रहा है। मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग हवाई के काउआई द्वीप पर करीब 2,871 करोड़ रु. के 4,000 एकड़ कोउलाउ रेंच पर वाग्यू और एंगस नस्ल के मवेशी पाल रहे हैं। वहीं, रेडिट के सह-संस्थापक एलेक्सिस ओहानियन फ्लोरिडा में अपने फार्म पर केले के बाग और मधुमक्खी पालन कर रहे हैं। हालांकि, इन दिग्गजों के खेती-बारी का नया शौक अमेरिका में कृषि जमीनों को एक बेहद महंगे ‘एसेट क्लास’ में बदल दिया है। ‘ द लैंड रिपोर्ट’ के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स के पास 2.75 लाख एकड़ कृषि भूमि है, जिससे वे अमेरिका के 44वें सबसे बड़े भूस्वामी बन गए हैं। अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस 4.62 लाख एकड़ और वॉलमार्ट घराने से जुड़े स्टेन क्रोनके 27 लाख एकड़ जमीन के मालिक हैं। क्रोनके ने 2025 में न्यू मैक्सिको में 9.38 लाख एकड़ जमीन खरीदी, जिसे अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी रैंच बिक्री बताया गया। अलग-अलग राज्यों में इन जमीनों पर आलू, गाजर, प्याज, सोयाबीन, मक्का और कपास जैसी फसलें उगाई जाती हैं। कुछ किसानों को लीज पर भी दी जाती है। पीपुल्स कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में कृषि भूमि 411 लाख करोड़ की परिसंपत्ति बन चुकी है। अमेरिकी कृषि विभाग के मुताबिक, बीते वर्ष खेतों के मूल्य में 4.3% की बढ़ोतरी हुई। नेशनल यंग फार्मर्स कोएलिशन की पॉलिसी निदेशक एरिन फॉस्टर के अनुसार, जमीन की कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि पहली बार खेती में उतरने वाले युवा या छोटे किसान प्रतिस्पर्धा से पूरी तरह बाहर हो गए हैं। जमीन में निवेश क्यों? महंगाई के साथ बढ़ती है कीमत महंगाई से सुरक्षित बचाव – सीमित प्राकृतिक संसाधन होने के कारण जमीन की कीमतें हमेशा महंगाई के साथ बढ़ती हैं। एआई और डेटा सेंटर्स की मांग – टेक कंपनियों (एआई हाइपरस्केलर्स) को विशाल डेटा सेंटर बनाने के लिए बड़े भूभाग की जरूरत होती है। लाइफस्टाइल और नॉन-फाइनेंशियल फायदे – कोरोना महामारी के बाद बड़े परिसरों में शिकार, मछली पकड़ने और खुद का ऑर्गेनिक अन्न उगाने का रुझान बढ़ा है।

Yamaha R2 launched at Rs 2.30 lakh

Yamaha R2 launched at Rs 2.30 lakh
Yamaha R2 launched at Rs 2.30 lakh

Yamaha has finally launched the YZF-R2, the much awaited follow-up to the YZF-R15. This marks the company’s brand-new launch in a really long time. Pre-bookings had already opened for Rs 10,000 with the R2 being added to the sportbike line-up. The R15 will also continue to be on sale alongside the MT-15 and the XSR 155.

  1. Yamaha’s brand-new Indian launch in a long time
  2. Powered by a 204cc single-cylinder, liquid-cooled engine
  3. Makes slightly more power than rivals

Yamaha R2: What’s new from the R15?

Brand new engine and multiple new features

The R2 gets an all-new platform with a brand-new 204cc engine. It continues to be a single-cylinder, liquid-cooled engine as seen on the R15 but makes 26.5hp at 10,000rpm and 19.3Nm at 8,000rpm. However, it comes with a DOHC setup as opposed to SOHC on the R15, and it misses out on Variable Valve Actuation (VVA) that the 155cc engine is known for. The valves on the R2 are coated with DLC (diamond-like carbon), also seen on the erstwhile flagship YZF-R1. Yamaha reports a seat height of 810mm and a kerb weight of 149kg, making the R2 the lightest of its segment. In addition to the significant weight advantage, the R2 also makes slightly more power and similar torque to its rivals, KTM RC 200 and Hero Karizma XMR.

Yamaha YZF-R2: Features and variants

Three variants in a Rs 23,000 range

Yamaha is looking to further sweeten the deal with features like ride-by-wire throttle which enables three ride modes, assist and slipper clutch, 37mm USD forks, and dual-channel ABS as standard. It continues to have features like a 5-inch TFT dash and Traction control, all seen on the R15 M. The second variant steps it up by offering a segment-first bi-directional quickshifter and body coloured alloy wheels. The range topping R2 M variant adds preload adjustable front and rear suspension, adjustable brake and clutch levers, faux-suede seat, and a smart keyless system. All three variants get their own distinct colours.

Yamaha has announced that the YZF-R2 will be exclusively available through their Blue Square network. The R2 starts at Rs 2.30 lakh for the base variant and Rs 2.53 lakh for the top of the line M variant; both prices are ex-showroom, Delhi. Pre-bookings are already open, with deliveries starting mid-September. 
 

वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे 31 अगस्त से होगा शुरू: अब सिर्फ 4 घंटे में पूरा होगा मुंबई का सफर

वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे 31 अगस्त से होगा शुरू: अब सिर्फ 4 घंटे में पूरा होगा मुंबई का सफर

Vadodara-Mumbai

अहमदाबाद-मुंबई के बीच शुरू होने वाली बुलेट ट्रेन के पहले चरण से पहले ही वाहन चालकों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। देश के सबसे बड़े और महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे 31 अगस्त, 2026 तक यातायात के लिए खोले जाने की पूरी संभावना है। यह नया रूट शुरू होने से गुजरात और महाराष्ट्र के बीच सड़क मार्ग ज्यादा तेज़ और सुविधाजनक बन जाएगा।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बड़ा बयान : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि राज्य के हिस्से में आने वाला 157 किलोमीटर का पूरा सेक्शन 31 अगस्त तक ट्रैफिक के लिए खोलने की योजना है। लगभग ₹24,000 करोड़ की लागत से बन रहे इस सेक्शन के 7 में से 5 निर्माण पैकेज का काम पूरा हो चुका है और बाकी के दो पैकेज का काम अंतिम चरण में है।

सफर का समय घटकर आधा रह जाएगा : इस एक्सप्रेसवे के शुरू होते ही वडोदरा से मुंबई के बीच की 403 किलोमीटर की दूरी अब सिर्फ 4 घंटे में तय की जा सकेगी। अब तक इसी दूरी को तय करने में यात्रियों को लगभग 8 घंटे का समय लगता था। यात्रा का समय आधा हो जाने से यात्रियों को न केवल आसानी होगी, बल्कि पेट्रोल-डीजल की भी भारी बचत होगी।

प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट : 1,400 किलोमीटर लंबा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है, जो देश के 5 राज्यों को आपस में जोड़ता है। इस विशाल कॉरिडोर का अहम हिस्सा वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे चालू होने से उत्तर और पश्चिम भारत के बीच व्यापार, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स बिजनेस को नई रफ्तार मिलेगी।

2 दिन के अंदर बिक गए 26 हजार टिकट, INDvsNZ सीरीज को लेकर उत्साह चरम पर

भारत के लाल और सफेद गेंद की क्रिकेट सीरीज के आगामी न्यूजीलैंड दौरे को लेकर प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह है और मेजबान क्रिकेट बोर्ड द्वारा सदस्यों के लिए शुरू की गई टिकटों की बिक्री के शुरुआती 48 घंटे में 26,000 टिकट बिक गए।अक्टूबर में शुरू होने वाला 12 मैच का यह दौरा न्यूजीलैंड क्रिकेट के ‘क्रिकेट नेशन’ सदस्यों के लिए सोमवार को शुरू हुई टिकट बिक्री में अब तक का सबसे बड़ा आकर्षण बनकर उभरा है।

ऑकलैंड के ईडन पार्क में होने वाले सीमित ओवर के मुकाबलों के टिकटों की बिक्री सबसे तेज रही है। क्राइस्टचर्च और वेलिंगटन में भी टिकटों की अच्छी मांग सामने आई है।

नौ हजार दर्शकों की क्षमता वाले हेगले ओवल में 22 और 24 अक्टूबर को होने वाले शुरुआती दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के अलावा 27 नवंबर से एक दिसंबर तक होने वाले दूसरे और अंतिम टेस्ट के भी खचाखच भरने की उम्मीद है।    वेलिंगटन में होने वाले तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय और दूसरे एकदिवसीय मैच के टिकटों की बिक्री भी शुरुआती चरण में मजबूत रही है। बेसिन रिजर्व में 19 नवंबर से पहला टेस्ट खेला जाएगा।

न्यूजीलैंड क्रिकेट के मुख्य विपणन एवं वाणिज्यिक अधिकारी ग्लेन क्रिचली ने कहा कि प्रशंसकों ने समय रहते टिकट सुरक्षित करने की अपील पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।

न्यूजीलैंड क्रिकेट ने किचली के हवाले से कहा, ‘‘शुरू से ही हमारा संदेश प्रशंसकों के लिए यही रहा है कि वे पहले से तैयारी कर लें जिससे कि टिकट से वंचित नहीं रह जाएं और पहले दो दिनों में रिकॉर्ड बिक्री से साबित होता है कि कई लोगों ने हमारी बात सुनी है।’’

उन्होंने कहा कि भारत से जुड़े क्रिकेट मुकाबलों का रोमांच महसूस करने और दुनिया के कुछ सबसे बड़े खेल सितारों को प्रतिस्पर्धा करते देखने का यह न्यूजीलैंड के प्रशंसकों के लिए दुर्लभ अवसर है।क्रिचली ने कहा कि टिकटों की कीमत पिछले सत्र के समान रखी गई है और ‘क्रिकेट नेशन’ के प्रवेश कोड का इस्तेमाल करने पर एक टिकट 30 न्यूजीलैंड डॉलर से कम में उपलब्ध है।

आम दर्शकों के लिए टिकटों की बिक्री सात सितंबर से शुरू होगी। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने कहा कि प्रशंसक ‘क्रिकेट नेशन’ के लिए पंजीकरण कर पूर्व बिक्री का लाभ उठा सकते हैं और 15 प्रतिशत की छूट प्राप्त कर सकते हैं।

Highest Paying Jobs: सॉफ्टवेयर इंजीनियर नहीं, ये लोग कमा रहे लाखों! PG मालिक से चायवाले तक की लिस्ट वायरल

भारत में अक्सर युवाओं को बताया जाता है कि IIT की पढ़ाई, FAANG जैसी बड़ी टेक कंपनियों में नौकरी या Data Structures and Algorithms (DSA) में महारत हासिल करना अच्छी कमाई का सबसे आसान रास्ता है। लेकिन टेक और AI कमेंटेटर साक्षी ने सोशल मीडिया पर एक मजेदार लिस्ट शेयर कर इस सोच को ही उलट दिया। उन्होंने भारत में इस समय सबसे ज्यादा कमाई करने वाले लोगों की एक मजाकिया रैंकिंग साझा की, जिसमें सॉफ्टवेयर इंजीनियर टॉप पर नहीं, बल्कि काफी पीछे नजर आए। इस लिस्ट में PG मालिक, मकान मालिक, पानी के टैंकर वाले और चाय-सिगरेट की दुकान चलाने वाले शामिल हैं।

नंबर-1 पर PG मालिक, एक कमरे से लाखों की कमाई

साक्षी की इस मजेदार रैंकिंग में सबसे ऊपर PG मालिक को रखा गया। उन्होंने बताया कि शहरों में बढ़ती नौकरी और किराए की मांग का फायदा PG के मालिकों को मिल रहा है। उनके मुताबिक, एक कमरे में तीन लोगों को रखा जाता है और हर व्यक्ति से करीब ₹10,000 से ₹15,000 तक किराया लिया जाता है। इस हिसाब से कुछ PG मालिक किराया और दूसरे खर्च निकालने के बाद भी ₹1 लाख से ₹1.5 लाख महीने तक कमा सकते हैं। यही वजह है कि पोस्ट में PG बिजनेस को आज के दौर के सबसे कमाई वाले कामों में से एक बताया गया।

बेंगलुरु के मकान मालिक भी पीछे नहीं

लिस्ट में तीसरे नंबर पर बेंगलुरु के मकान मालिक का जिक्र किया गया। टेक सिटी में किराए की बढ़ती मांग को लेकर अक्सर सोशल मीडिया पर चर्चाएं होती रहती हैं। पोस्ट में मजाकिया अंदाज में बताया गया कि दो बेडरूम का फ्लैट खरीदकर उसे करीब ₹50,000 महीने के किराए पर देना, हर साल किराया बढ़ाना और WhatsApp पर सिर्फ ‘last price’ लिखकर बातचीत खत्म करना भी कमाई का शानदार तरीका बन गया है।

पानी के टैंकर वाले भी बने ‘बिजनेस किंग’

बेंगलुरु में पानी की समस्या किसी से छिपी नहीं है। इसी को लेकर साक्षी ने पानी के टैंकर संचालकों को भी अपनी लिस्ट में जगह दी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा कि ये लोग बेंगलुरु का ही पानी वापस बेंगलुरु के लोगों को बेचते हैं। पानी की कमी के समय टैंकरों की मांग बढ़ने से इस कारोबार की कमाई भी बढ़ जाती है।

ब्रोकरों की कमाई का भी किया जिक्र

रैंकिंग में प्रॉपर्टी ब्रोकर भी शामिल हैं। पोस्ट के मुताबिक, कुछ ब्रोकर किरायेदारों को कई ऐसे घर दिखाते हैं जो उनकी जरूरत के मुताबिक नहीं होते और आखिर में डील होने पर किरायेदार और मकान मालिक, दोनों से करीब एक महीने के किराए के बराबर कमीशन ले लेते हैं। बेंगलुरु जैसे शहरों में लगातार घर बदलने वाले किरायेदारों की बड़ी संख्या के कारण यह काम भी अच्छी कमाई वाला बताया गया।

टेक पार्क के बाहर चाय-सिगरेट वाला भी हिट

इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर जिस शख्स को रखा गया, वह शायद सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नाम है टेक पार्क के बाहर चाय, सिगरेट और स्नैक्स बेचने वाला दुकानदार। साक्षी ने उसे टेक इंडस्ट्री का ‘अनसंग हीरो’ बताया। उनके अनुसार, हजारों सॉफ्टवेयर इंजीनियर रोजाना चाय, सिगरेट और स्नैक्स के लिए ऐसी दुकानों पर निर्भर रहते हैं। पोस्ट में अनुमान लगाया गया कि अच्छी लोकेशन वाली ऐसी दुकान से कुछ दुकानदार ₹30,000 से ₹50,000 महीने तक कमा सकते हैं।

न MBA, न फंडिंग, फिर भी कमाई!

इस पूरी पोस्ट का सबसे मजेदार हिस्सा यही था। चाय-सिगरेट की दुकान के लिए न किसी MBA की जरूरत है, न pitch deck की और न ही startup funding की। साक्षी ने इसी अंदाज में टेक इंडस्ट्री पर तंज कसते हुए बताया कि जहां इंजीनियर नौकरी और प्रमोशन के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं, वहीं कुछ छोटे कारोबारी रोजमर्रा की जरूरतों के दम पर अच्छी कमाई कर रहे हैं।

सॉफ्टवेयर इंजीनियरों पर आया सबसे बड़ा तंज

पोस्ट के अंत में सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को लेकर सबसे मजेदार टिप्पणी की गई। साक्षी ने लिखा कि जब बाकी लोग अलग-अलग तरीकों से कमाई कर रहे हैं, तब सॉफ्टवेयर इंजीनियर रात 2 बजे तक DSA के सवाल हल कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि अगली salary hike अच्छी होगी।

सोशल मीडिया यूजर्स ने भी लिए मजे

साक्षी की पोस्ट को सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और इसे खबर लिखने तक 1.5 लाख से ज्यादा व्यूज मिले। यूजर्स ने भी अपने-अपने अंदाज में इस रैंकिंग पर मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने मजाक करते हुए कहा कि सॉफ्टवेयर इंजीनियरों ने कमाई का सबसे मुश्किल रास्ता चुना है और उन्हें DSA की तैयारी के बजाय पानी का टैंकर खरीद लेना चाहिए था। एक अन्य यूजर ने बेंगलुरु का असली ‘product-market fit’ AI या सॉफ्टवेयर नहीं, बल्कि चाय, प्रॉपर्टी और मेट्रो से दूरी का गणित बताया। एक यूजर ने टैक्स को लेकर भी तंज कसा और कहा कि इन कामों में कमाई करने वालों में शायद सॉफ्टवेयर इंजीनियर ही ऐसा व्यक्ति है जो नियमित रूप से इनकम टैक्स और ITR जैसी चीजों से जूझता है।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।

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8th Pay Commission: 3.61 से 4.00 तक फिटमेंट फैक्टर की मांग! जानिए कितनी बढ़ेगी बेसिक सैलरी और पेंशन?

8th Pay Commission Fitment Facto: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच सुगबुगाहट तेज हो गई है। 7वें वेतन आयोग में जहां फिटमेंट फैक्टर 2.57 तय किया गया था जिससे न्यूनतम बेसिक पे ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हुई थी। अब 8वें वेतन आयोग के लिए कर्मचारी यूनियनों ने 3.61 से लेकर 4.00 तक के फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है।

कागज पर फिटमेंट फैक्टर के ये आंकड़े छोटे लग सकते हैं, लेकिन असलियत में इनसे हर महीने कर्मचारियों की सैलरी में हजारों रुपये का अंतर आने वाला है।

फिटमेंट फैक्टर क्या है और यह क्यों है अहम?

फिटमेंट फैक्टर वह मल्टीप्लायर होता है, जिसे कर्मचारी की मौजूदा बेसिक पे से गुणा करके नए वेतन आयोग के तहत नई सैलरी तय की जाती है। यह न केवल महंगाई भत्ते (DA) के असर को समाहित करता है, बल्कि कर्मचारियों की वास्तविक आय में वृद्धि भी सुनिश्चित करता है। पेंशनभोगियों की बेसिक पेंशन तय करने में भी इसी फैक्टर का इस्तेमाल होता है।

यूनियनों की प्रमुख मांगें: किसकी कितनी है सिफारिश?

अलग-अलग कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग के सामने अपनी-अपनी मांगें और कैलकुलेशन रखी हैं:

BPMS (फिटमेंट फैक्टर 4.00 – न्यूनतम पे ₹72,000): भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) ने सबसे ज्यादा 4.00 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। इसके तहत न्यूनतम बेसिक पे ₹72,000 तय करने का प्रस्ताव है। BPMS का कहना है कि इसमें 1.58 घटक केवल महंगाई भत्ते (DA) के असर को बेअसर करने के लिए है, जबकि बाकी हिस्सा राष्ट्रीय प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि के आधार पर है।

NCJCM स्टाफ साइड और BPS (फिटमेंट फैक्टर 3.833 – न्यूनतम पे ₹69,000): नेशनल काउंसिल JCM (स्टाफ साइड) और भारत पेंशनर्स समाज (BPS) ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है।

इसके तहत न्यूनतम सैलरी ₹69,000 होगी। NCJCM ने 5 सदस्यों के परिवार के खाने, कपड़े, मकान, शिक्षा, शादी और तकनीक जैसे 15वें ILC मानदंडों के आधार पर यह गणना की है।

MSA (फिटमेंट फैक्टर 3.61 – न्यूनतम पे ₹65,000): मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन (MSA) ने 3.61 का फिटमेंट फैक्टर प्रस्तावित किया है, जिससे न्यूनतम पे ₹65,000 (लेवल-1) हो जाएगी।

सैलरी मैट्रिक्स: लेवल के हिसाब से कितना होगा फायदा?

अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर के कारण पे-मैट्रिक्स में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है:

लेवल 1: MSA (3.61) के तहत ₹64,980, NCJCM (3.833) के तहत ₹69,000 और BPMS (4.00) के तहत यह ₹72,000 होगी।

लेवल 6: NCJCM के प्रस्ताव के अनुसार बेसिक पे बढ़कर ₹1,35,700 हो जाएगी।

लेवल 9 व 10 (मर्ज्ड): NCJCM के तहत यह ₹2,15,100 तक पहुंच जाएगी।

क्या सरकार उठा पाएगी इसका वित्तीय बोझ?

NCJCM का तर्क है कि 2014-15 के बाद से देश की जीडीपी में 165.23% और कुल कर राजस्व में 205.41% की भारी वृद्धि हुई है। इसलिए सरकार के पास वेतन में इस बढ़ोतरी के वित्तीय प्रभाव को आसानी से संभालने की पूरी क्षमता है। रेलवे सीनियर सिटीजन्स वेलफेयर सोसाइटी (RSCWS) ने भी जोर दिया है कि बेसिक पे में पर्याप्त बढ़ोतरी न होने से रिटायर्ड कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा प्रभावित होती है।

50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और लाखों पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग द्वारा चुना जाने वाला फिटमेंट फैक्टर बेहद निर्णायक होगा। यह न केवल हर महीने मिलने वाली इन-हैंड सैलरी तय करेगा, बल्कि पेंशन, ग्रेच्युटी की सीमा और कम्यूटेशन अमाउंट पर भी लंबे समय तक असर डालेगा।

सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी के दिन कैसी होगी बाजार की चाल, जानें ग्लोबल बाजार और गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहे है संकेत

Gift Nifty Indicator: गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के सुस्त शुरुआत करने की संभावना है, क्योंकि GIFT Nifty फ्लैट या नेगेटिव शुरुआत का संकेत दे रहा है। Nvidia के अच्छे आउटलुक ने पूरे एशिया में टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों को बढ़ावा दिया है, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट से भारतीय शेयरों को सहारा मिल रहा है। हालांकि, उम्मीद से ज़्यादा US महंगाई के आंकड़ों और जारी जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के कारण निवेशक सतर्क रह सकते हैं।

सुबह करीब 7:40 बजे GIFT Nifty 30 अंक या 0.12 प्रतिशत गिरकर 24,366 पर ट्रेड कर रहा था। बुधवार को भारतीय शेयर पिछले सेशन की बढ़त को बनाए नहीं रख पाए और Nifty दिन के निचले स्तर के करीब बंद हुआ। Sensex 183.15 अंक या 0.24 प्रतिशत गिरकर 77,472.94 पर आ गया, जबकि Nifty 126.80 अंक या 0.52 प्रतिशत गिरकर 24,207.75 पर बंद हुआ।

Nvidia के आउटलुक से एशियाई टेक्नोलॉजी शेयरों में उछाल

Nvidia द्वारा बिक्री का अच्छा आउटलुक जारी करने के बाद एशियाई शेयरों में बढ़त हुई। इससे उन चिंताओं में कमी आई कि AI से जुड़े कैपिटल खर्च में तेज़ी से हो रही बढ़ोतरी की रफ़्तार धीमी पड़ सकती है। हाल के हफ़्तों में AI पर खर्च के पैमाने और उससे मिलने वाले रिटर्न को लेकर चिंताओं के कारण इस सेक्टर में ज़बरदस्त बिकवाली हुई थी, ऐसे में यह अच्छा आउटलुक वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी शेयरों के लिए सकारात्मक संकेत दे सकता है।

MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी गेज 0.3 प्रतिशत बढ़ा, जिसमें सेमीकंडक्टर शेयरों ने बढ़त का नेतृत्व किया। दक्षिण कोरिया के Kospi में 1.1 प्रतिशत की बढ़त हुई, जिसे SK Hynix और Samsung Electronics जैसे शेयरों का सहारा मिला, जबकि जापान के Topix में 0.9 प्रतिशत की बढ़त हुई। Nvidia के शेयरों में US में एक्सटेंडेड ट्रेडिंग के दौरान 4.7 प्रतिशत का उछाल आया, क्योंकि इसके आउटलुक ने बिक्री में लगातार मज़बूत बढ़ोतरी का संकेत दिया। इस घोषणा के बाद Nasdaq 100 फ्यूचर्स में 1.3 प्रतिशत तक की बढ़त हुई, हालांकि बाद में इसमें थोड़ी गिरावट आई, जबकि S&P 500 फ्यूचर्स 0.4 प्रतिशत ऊपर थे।

वॉल स्ट्रीट में गिरावट

Nvidia पर सकारात्मक प्रतिक्रिया तब आई जब बुधवार को रेगुलर ट्रेडिंग में अमेरिकी शेयर मामूली गिरावट के साथ बंद हुए थे, क्योंकि उम्मीद से ज़्यादा महंगाई के आंकड़ों ने सेंटीमेंट पर असर डाला था। Dow Jones Industrial Average 0.21 प्रतिशत गिरकर 53,463.88 पर आ गया, जबकि S&P 500 0.02 प्रतिशत गिरकर 7,675.70 पर और Nasdaq Composite 0.08 प्रतिशत गिरकर 26,130.20 पर बंद हुआ।

महंगाई के आंकड़े अमेरिकी ब्याज दरों और ट्रेजरी यील्ड के आउटलुक पर फोकस बनाए रख सकते हैं। हाल के हफ्तों में, लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें और ज़्यादा बॉन्ड यील्ड ग्लोबल इक्विटी मार्केट के लिए, खासकर ज़्यादा वैल्यूएशन वाले टेक्नोलॉजी शेयरों और उभरते बाजारों की एसेट्स के लिए, एक बड़ी चिंता का विषय बन गए हैं।

ब्रेंट में लगातार चौथे दिन गिरावट

कच्चे तेल की गिरती कीमतें भारतीय बाजारों के लिए एक अच्छा संकेत हैं। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.7 प्रतिशत गिरकर $87.24 प्रति बैरल पर आ गए, जिससे लगातार चौथे सेशन में इसमें गिरावट जारी रही। US West Texas Intermediate क्रूड 0.7 प्रतिशत गिरकर $81.67 प्रति बैरल पर आ गया, जो लगातार पांचवां सेशन था जब इसमें गिरावट दर्ज की गई।

निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक

Bajaj Broking ने कहा कि निफ्टी 24,000-24,350 की रेंज में रह सकता है, जब तक कि यह 24,360 के ऊपर बंद न हो जाए; इस स्तर के ऊपर जाने (ब्रेकआउट) से रिकवरी 24,550-24,700 तक बढ़ सकती है। शॉर्ट-टर्म सपोर्ट 24,000-23,800 पर देखा जा रहा है।

बुधवार को बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट के बावजूद इंस्टीट्यूशनल फ्लो सपोर्टिव रहा। विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) लगातार दूसरे सेशन में नेट बायर रहे और उन्होंने 26 अगस्त को 502 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर खरीदे। घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने कहीं ज़्यादा खरीदारी की और शेयरों में 6,425 करोड़ रुपये का निवेश किया।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

5 things to know before buying the Honda Rebel 300

5 things to know before buying the Honda Rebel 300
Honda Rebel 300

The Honda Rebel 300 is the first model in the Rebel family to be manufactured locally and acts as the brand’s most accessible cruiser motorcycle here. Built around a bobber-style design with a teardrop fuel tank, round LED headlamp and short exhaust, it is sold exclusively through Honda BigWing dealerships. Here are answers to some of the most commonly asked questions about it.

What is the price of the Honda Rebel 300?

The Honda Rebel 300 is available in two variants. The Standard variant is priced at Rs 2.22 lakh and the E-Clutch variant at Rs 2.62 lakh – a Rs 40,000 premium for the automated clutch system. At Rs 2.22 lakh, the Standard variant undercuts the Royal Enfield Goan Classic 350 (Rs 2.25-2.28 lakh, ex-showroom, Chennai), one of the few other bobber-styled motorcycles currently on sale in India.

What engine does the Honda Rebel 300 use?

The Honda Rebel 300 is powered by a 286cc single-cylinder, liquid-cooled engine producing 30hp and 27.5Nm of torque, paired with a 6-speed gearbox. This is the same engine that powered the CB300R previously sold in our market.

What features does the Honda Rebel 300 have?

Both variants of the Rebel 300 get a circular TFT instrument display with Honda RoadSync connectivity and turn-by-turn navigation, full LED lighting and dual-channel ABS. The E-Clutch variant additionally allows the rider to configure the clutch system via the TFT display.

What is the Honda Rebel 300 E-Clutch and how does it work?

Honda’s E-Clutch is an electronically automated clutch system that uses actuators to operate the clutch automatically, allowing the rider to change gears without using the clutch lever. It does not make the Rebel 300 a fully automatic motorcycle, as the rider still selects gears manually using the gear lever. However, the system handles clutch engagement and disengagement on its own.

Importantly, the clutch lever is retained and can be used manually whenever the rider chooses. The system is designed to reduce rider fatigue in stop-and-go traffic while making the bike more accessible for those who find operating a clutch lever demanding.

What is the seat height and weight of the Honda Rebel 300?

The Honda Rebel 300 has a seat height of 690mm, making it one of the lowest motorcycles currently on sale in our market. This uld make it exceptionally accessible for a wide range of riders. The upright handlebar and forward-set footpegs complement the low t to create a relaxed, unhurried riding position. Kerb weight is 172kg and fuel tank capacity is 11 litres.

ITR Filing Deadline: 31 अगस्त की ITR डेडलाइन छूटने पर क्या होगा? फिर कैसे भर सकते हैं रिटर्न, कितना देना पड़ेगा जुर्माना

अगर आपने अभी तक ITR दाखिल नहीं की है, तो आपके पास सिर्फ कुछ दिन बचे हैं। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए कुछ टैक्सपेयर्स के लिए ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2026 है। समय पर रिटर्न दाखिल करने से लेट फीस और बकाया टैक्स पर लगने वाले ब्याज से बच सकते हैं।

अगर 31 अगस्त तक रिटर्न नहीं भर पाए, तो भी मामला खत्म नहीं होगा। आप 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड ITR दाखिल कर सकते हैं। लेकिन इसके लिए लेट फीस देनी पड़ सकती है। साथ ही, कुछ मामलों में टैक्स लॉस को आगे कैरी फॉरवर्ड करने का फायदा भी छूट सकता है।

31 अगस्त की डेडलाइन उन कुछ टैक्सपेयर्स पर लागू होती है, जिन्हें ITR-3, ITR-4, ITR-5 या ITR-7 दाखिल करना है। इसमें ऐसे लोग शामिल हैं जिनकी बिजनेस या प्रोफेशन से आय है, लेकिन उनके खातों का टैक्स ऑडिट जरूरी नहीं है।

31 अगस्त की डेडलाइन छूट गई तो क्या होगा?

डेडलाइन निकल जाने का मतलब यह नहीं है कि अब ITR नहीं भर सकते। आप 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। हालांकि, अगर उससे पहले आपका असेसमेंट पूरा हो जाता है, तो उसके बाद रिटर्न दाखिल नहीं किया जा सकता।

देरी से ITR भरने पर लेट फीस भी लगती है। अगर आपकी कुल आय ₹5 लाख से ज्यादा है, तो ₹5,000 तक की लेट फीस लग सकती है। वहीं ₹5 लाख तक की कुल आय वालों के लिए यह फीस ₹1,000 है।

अगर आपका टैक्स भी बकाया है, तो उस पर 1% प्रति महीने या महीने के किसी हिस्से के लिए ब्याज लग सकता है। यह ब्याज इनकम टैक्स एक्ट की धारा 234A के तहत लगता है।

क्या देर से ITR भरने पर रिफंड मिलेगा?

हां, सिर्फ डेडलाइन चूकने से आपका टैक्स रिफंड खत्म नहीं हो जाता। अगर आपको रिफंड मिलना है, तो आप 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न दाखिल करके उसे क्लेम कर सकते हैं।

लेकिन रिटर्न दाखिल करने के बाद उसे वेरिफाई करना जरूरी है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ई-वेरिफिकेशन के लिए 30 दिन का समय दिया है। रिटर्न वेरिफाई होने के बाद ही रिफंड की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

नुकसान को आगे एडजस्ट करने में दिक्कत

डेडलाइन के बाद ITR भरने का एक बड़ा नुकसान हो सकता है। यह लॉस को आगे कैरी फॉरवर्ड करने से जुड़ा है। मान लीजिए आपको बिजनेस, शेयर बाजार या F&O ट्रेडिंग में नुकसान हुआ है। आप इस नुकसान को आने वाले वर्षों की कमाई से एडजस्ट करके टैक्स बचा सकते हैं। लेकिन अगर आपने ITR समय पर दाखिल नहीं किया, तो कुछ तरह के नुकसान को आगे ले जाने का फायदा नहीं मिल सकता।

यानी सिर्फ लेट फीस का मामला नहीं है। देर से ITR भरने पर भविष्य में टैक्स बचाने का मौका भी जा सकता है।

ITR में गलती हो गई तो क्या करें?

अगर ITR दाखिल करने के बाद आपको कोई गलती दिखती है या कोई जानकारी छूट गई है, तो आप धारा 139(5) के तहत रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।

असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए आम तौर पर रिवाइज्ड रिटर्न 31 मार्च 2027 तक दाखिल की जा सकती है। हालांकि, अगर उससे पहले असेसमेंट पूरा हो जाता है, तो यह सुविधा खत्म हो सकती है। रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने पर पुरानी रिटर्न की जगह नई रिटर्न मानी जाती है। इसे भी दोबारा वेरिफाई करना पड़ता है।

लेकिन एक बात ध्यान रखें। देर से ITR भरने की वजह से जो टैक्स लाभ पहले ही खो चुके हैं, रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने से वे वापस नहीं मिलते। इसमें कुछ तरह के लॉस को आगे कैरी फॉरवर्ड करने का फायदा भी शामिल है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।