Trading Plan : बाजार में आज बेहद छोटी सी रेंज में कारोबार, जानिए आगे कैसी रह सकती है इसकी चाल

Trading Plan : बाजार में आज बेहद छोटी सी रेंज में कारोबार हो रहा है। निफ्टी आज के हाई से करीब 80 प्वाइंट नीचे है। सेंसेक्स ने भी करीब 300 प्वाइंट गंवाए हैं। मिडकैप-स्मॉलकैप पर भी प्रेशर है। बैंक निफ्टी भी नीचे कारोबार कर रहा है। लेकिन इसमें सपोर्ट से रिकवरी आई है। डॉलर इंडेक्स में तेजी से पूरा IT सेक्टर जोश में है। निफ्टी IT इंडेक्स करीब 3.5 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा है। निफ्टी के सभी टॉप 5 गेनर्स में IT शेयर है। कोफोर्ज 5 फीसदी ऊपर है। TCS,LTM,इंफोसिस,टेक महिंद्रा और HCL टेक भी 4 फीसदी तक उछले हैं।

लगातार 6 महीने वोडाआइडिया ने नए सबस्क्राइबर जोड़े हैं। कंपनी के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा है कि FY27 एग्जीक्यूशन का साल होगा। चुनौतियों के बावजूद वोडाफोन-आइडिया में सुधार की उम्मीद है। मैनेजमेंट बदलाव की खबर से TVS का शेयर 3% से ज्यादा गिरा है। के एन राधाकृष्णन की जगह पैमान कारगर CEO पद की कमान संभालेंगे।

बाजार: सुस्त दिन

बाजार में आज बेहद छोटी रेंज में कामकाज हो रहा है। बैंक निफ्टी नीचे है लेकिन सपोर्ट से रिकवरी आई है। निफ्टी IT ने आज सुबह से कमान संभाली है। निफ्टी के सभी टॉप 5 गेनर्स IT शेयर हैं। ICICI बैंक में गिरावट से बैंक निफ्टी फिसला है। Ather में शानदार तेजी है। CAS का आज शायद असर उतना ना देखने को मिले।

बाजार: अब क्या?

बाजार में अब इंडेक्स ट्रेडिंग काफी मुश्किल है। एक दिक्कत ये कि अब ऑप्शन राइटर्स की रेंज भी बड़ी हो जाएगी। ऐसे में एज पर ट्रेड करें। निफ्टी अभी भी ट्रेंडलाइन सपोर्ट पर है। निफ्टी पर ट्राइएंगल ब्रेकडाउन का भी रिस्क है। निफ्टी के लिए 23,950 का मेक ऑर ब्रेक लेवल है। बैंक निफ्टी के लिए 57,000 का मेक ऑर ब्रेक लेवल है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 23,950-24,050 पर सपोर्ट और 24,200-24,250 पर रेजिस्टेंस है। बैंक निफ्टी के लिए 57,000-57,200 पर सपोर्ट और 57,800-58,000 पर रेजिस्टेंस है।

 

 

मिड कैप आईटी के अंदर में ज्यादा पॉजिटिव संकेत, ऑटो और ऑटो एंसिलरी कंपनियों में भी है दम

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Yamaha expects the R2 to drive total sales to 11 lakh units in 2026

Yamaha expects the R2 to drive total sales to 11 lakh units in 2026
Launch event image of the R2 with top Yamaha executives

Yamaha is targeting annual sales of 50,000 units for the newly launched R2 in India as it looks to strengthen its position in the country’s premium motorcycle market. The target translates into a monthly run rate of more than 4,000 units, making the R2 an important volume contributor to Yamaha’s premium portfolio rather than a niche model positioned above the R15.

  1. Yamaha R2 starts at Rs 2.30 lakh and is the most feature-packed 200cc motorcycle
  2. India’s premium segment is growing faster than the broader two-wheeler segment
  3. One third of Yamaha’s total sales came from premium motorcycles

R2 is expected to contribute 18 percent of total sales by 2026 end

Scooters account for 46 percent of Yamaha’s sales so far in 2026

The R2 will be manufactured in India and has been designed for domestic and international markets. Company executives said exports remain part of the R2 programme but will follow after the new model establishes itself in India. The R2 target comes as premium motorcycles grow considerably faster than the broader Indian two-wheeler market. Yamaha outpaced the overall market, with its first-half volumes rising 41 percent to 4.1 lakh units from 2.9 lakh a year earlier. This was nearly twice the 21 percent growth recorded by the broader domestic two-wheeler industry, which expanded to 1.06 crore units.

Premium motorcycles accounted for around one-third of Yamaha’s volumes during the period, while scooters contributed approximately 46 percent. The R2’s annual target translates into average monthly sales of about 4,167 units, or approximately 18 percent of Yamaha’s average monthly premium motorcycle volumes in the first half of 2026, underlining the model’s importance to the company’s growth plans.

Raw material costs may affect growth

The rising costs could lead to price hikes too!

The stronger volume outlook comes with pressure on profitability from rising raw-material costs, particularly aluminium. Hajime Aota, Chairman of Yamaha Motor India Group of Companies, said “I wish I did not have to do it,” referring to a possible further price increase. “But if I am going to sacrifice profitability, I may. That is where we are.”

Yamaha will have to balance higher input costs against the price sensitivity of the Indian market as it seeks to sustain growth through the festive season. The company is also expanding its premium retail network, particularly in Tier 1 and Tier 2 cities. It expects the Blue Square network to exceed 600 outlets by the end of 2026.

The R2 launch, network expansion and continued growth in premium motorcycles provide Yamaha with momentum for the second half. Reaching more than 11 lakh units in 2026 will also depend on export performance and the company’s ability to manage cost pressures without weakening domestic demand.

With inputs from Stephen Raj Antony.
 

Hero MotoCorp to invest Rs 1,758 crore more in Ather

Hero MotoCorp to invest Rs 1,758 crore more in Ather
Hero MotoCorp to invest Rs 1,758 crore more in Ather

Hero MotoCorp will invest up to Rs 1,758 crore to increase its stake in Ather Energy, taking its holding in the electric two-wheeler maker from 29.88 percent to approximately 32.8 percent on a fully diluted basis.

  1. Hero MotoCorp will buy existing Ather shares worth up to Rs 1,758 crore
  2. Its stake will rise from 29.88 percent to approximately 32.8 percent
  3. The deal comes shortly after Hero’s separate Rs 1,000 crore investment in Ather

The investment was approved by Hero MotoCorp’s Committee of Directors on August 27 and will involve the purchase of existing Ather shares from an existing shareholder. This makes it a secondary transaction, rather than a fresh issue of equity by Ather. The deal will be funded entirely through cash and is expected to be completed by September 3, 2026. No government or regulatory approvals are required.

The latest investment comes shortly after Hero announced plans to invest up to Rs 1,000 crore in Ather through a preferential issue. Ather subsequently allotted Hero convertible warrants worth Rs 959.99 crore as part of that investment.

The two transactions are separate, with the earlier investment involving securities issued by Ather and the latest Rs 1,758 crore deal involving the purchase of existing shares. Taken together, Hero has committed up to around Rs 2,758 crore to Ather through the two transactions.

Hero has been an investor in Ather for several years and is already its largest shareholder. The latest investment will further strengthen its position in the company as Ather continues to expand its electric two-wheeler business and charging network across India.

Ather’s turnover has grown significantly over the past three financial years, rising from Rs 1,753.8 crore in FY2024 to Rs 2,255 crore in FY2025 and Rs 3,671.76 crore in FY2026.

The company designs, manufactures and sells electric two-wheelers and operates its own charging network with an open-source connector that’s shared with Vida. Ather’s portfolio includes the 450 range and Rizta, while its presence has expanded across the country. As for the brand’s immediate plans, Ather is slated to launch its first-model based on the EL platform tomorrow, at its community day, intended to slot in below the Rizta. 

With inputs from ANGITHA SURESH

Gold Outlook: क्या सोना और चांदी खरीदने का यह सही समय है? जानिए एक्सपर्ट्स की राय

Gold Outlook: सोने की कीमत में $4,600 प्रति औंस से ऊपर की तेजी ने निवेशकों के मन में फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है। क्या हालिया गिरावट (करेक्शन) के बाद सोना और चांदी में दोबारा निवेश करने का यह सही समय है? ऐसा करने के पक्ष में राय मजबूत हो रही है। वैलम कैपिटल की अगस्त मैक्रो ग्रिड चार्टबुक के अनुसार, अगस्त में सोने से 9% रिटर्न मिला, जो व्यापक इक्विटी मार्केट के रिटर्न का लगभग 5 गुना है, जबकि गोल्ड माइनर्स (सोना निकालने वाली कंपनियों) को 21% का फ़ायदा हुआ। वैलम कैपिटल ने अपनी हालिया रिपोर्ट में निवेशकों को सोना और चांदी “फिर से खरीदने” (reload) का सुझाव दिया है। उनका तर्क है कि कीमतों में आई गिरावट से कीमती धातुओं के प्रति सकारात्मक नजरिए (थीसिस) पर कोई असर नहीं पड़ा है।

इस हालिया तेजी में US ट्रेज़री यील्ड में गिरावट और डॉलर के कमजोर होने से मदद मिली है। ऐसा तब हुआ जब US ट्रेज़री ने लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड की ज़्यादा खरीद की घोषणा की। कम यील्ड से सोना रखने की ‘अपॉर्च्यूनिटी कॉस्ट’ (वैकल्पिक लागत) कम हो जाती है, जबकि राजकोषीय चिंताओं के कारण करेंसी की वैल्यू घटने (करेंसी-डिबेसमेंट) की बहस फिर से शुरू हो गई है।

वैलम कैपिटल का नजरिया सकारात्मक क्यों है?

फर्म ने अपनी हालिया रिपोर्ट में सेंट्रल बैंकों की मांग में भारी बढ़ोतरी की ओर इशारा किया है। सेंट्रल बैंकों ने 2026 की दूसरी तिमाही में 288.9 टन सोना खरीदा, जो तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 411% ज़्यादा है। यह तब हुआ जब वेस्टर्न ETF से 44.8 टन सोने की निकासी हुई और ज्वेलरी की मांग में 17% की गिरावट आई।

वहीं, कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद सप्लाई में कोई खास बदलाव नहीं दिखा। वैलम के अनुसार, माइन प्रोडक्शन (खदानों से उत्पादन) में सिर्फ़ 2% की बढ़ोतरी हुई, रीसाइकल किए गए सोने में 6% की गिरावट आई और कुल सप्लाई स्थिर रही।

फर्म का यह भी तर्क है कि जैसे-जैसे ग्लोबल डेट (वैश्विक कर्ज) बढ़ रहा है, करेंसी की वैल्यू घटने के खिलाफ बचाव (हेज) के तौर पर सोने की भूमिका और महत्वपूर्ण होती जा रही है। उनका अनुमान है कि जमीन के ऊपर मौजूद सोने की कुल कीमत लगभग $31 ट्रिलियन है, जबकि प्रमुख सेंट्रल बैंकों की मनी सप्लाई $102 ट्रिलियन और ग्लोबल डेट लगभग $350 ट्रिलियन है।

फर्म का कहना है कि चांदी भी इस सकारात्मक नजरिए को और मजबूत करती है। 2021 से 2026 के बीच, चांदी में 263% और सोने में 164% की की बढ़ोतरी हुई। फिर भी, गोल्ड-सिल्वर रेश्यो लगभग 69 गुना बना हुआ है, जो इसके लंबे समय के औसत (मीडियन) 45-50 गुना से ज़्यादा है।

सोने-चांदी के तेजी के पीछे आंख बंद कर ना करें भरोसा

लेकिन हर कोई इस स्थिति को एक ही नजरिए से नहीं देखता। YES सिक्योरिटीज में इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ रिसर्च के स्ट्रैटेजिस्ट हितेश जैन ने हाल ही में एक रिपोर्ट में कहा है कि वे इस नए कदम को अलग नजरिए से देखते हैं। वे इसे सोने के लिए स्ट्रक्चरल बदलाव के बजाय एक टैक्टिकल राहत मानते हैं।

US ट्रेजरी के लॉन्ग-एंड बायबैक को प्रति ऑपरेशन कम से कम दोगुना करके $4 बिलियन करने के फैसले से लॉन्ग-टर्म यील्ड कम हुई है, जिससे सोने को थोड़े समय के लिए बढ़ावा मिला है। लेकिन जैन का तर्क है कि इस दखल से US की मूल फिस्कल समस्या हल नहीं होती क्योंकि बायबैक की गई सिक्योरिटीज की जगह नए इश्यू ले लेंगे।

उनकी बड़ी चिंता ग्लोबल कैपेक्स (कैपिटल एक्सपेंडिचर) साइकिल है। सरकारें और कंपनियां AI इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस, सेमीकंडक्टर, एनर्जी और रीशोरिंग के लिए कैपिटल जुटाने की होड़ में हैं, जिससे कैपिटल की लागत स्ट्रक्चरल रूप से ज़्यादा बनी रह सकती है। जैन ने कहा, “अगले तीन से पांच वर्षों में , हमें उम्मीद है कि सोना इक्विटी और इंडस्ट्रियल मेटल्स के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन करेगा।”

सतर्क हैं भारतीय निवेशक

घरेलू निवेश का ट्रेंड भी बताता है कि निवेशक आंख बंद करके सोने की तेजी के पीछे नहीं भाग रहे हैं। वैलम (Vallum) के अनुसार, जुलाई में प्रेशियस-मेटल फंड में निवेश घटकर ₹4,084 करोड़ रह गया, जो जून में ₹8,680 करोड़ था। वहीं, जून में ₹65,530 करोड़ की निकासी के बाद जुलाई में मनी-मार्केट फंड में ₹1.40 लाख करोड़ का निवेश हुआ। जनवरी 2025 और जनवरी 2026 के बीच, भारतीय रिटेल निवेशकों ने गोल्ड फंड और ETF में लगभग ₹93,000 करोड़ का निवेश किया, जिसमें अकेले जनवरी में रिकॉर्ड ₹33,837 करोड़ का निवेश हुआ।

जो निवेशक फिर से निवेश करना चाहते हैं। उनके लिए एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि रियल यील्ड, डॉलर, फिस्कल पॉलिसी और सेंट्रल बैंक की खरीदारी मुख्य संकेतक बने रहेंगे।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Share Market Rally: रक्षाबंधन को 358 प्वाइंट्स चढ़ा Sensex, इन 4 वजहों से Nifty भी मजबूत

Share Market Rally: अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक और आईटी सेक्टर में खरीदारी के मजबूत रुझानों पर सवार घरेलू स्टॉक मार्केट में भी जोश आ गया। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 358 प्वाइंट्स उछल पड़ा तो निफ्टी भी चढ़कर 24150 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 मजबूत हुए हैं। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:08 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 302.45 प्वाइंट्स यानी 0.39% की बढ़त के साथ 77,236.04 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 61.00 प्वाइंट्स यानी 0.25% के उछाल के साथ 24,151.85 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 357.86 प्वाइंट्स उछलकर 77,291.45 और निफ्टी भी 75.40 प्वाइंट्स चढ़कर 24,166.25 तक पहुंच गया था।

Share Market Rally: ये है वजह

IT Sector से मजबूत सपोर्ट

मार्केट को आज आईटी सेक्टर से शानदार सपोर्ट मिला है। इसका निफ्टी इंडेक्स करीब 3% उछल पड़ा। इसे दक्षिण कोरिया के टेकहैवी इंडेक्स कोस्पी की तेज गिरावट से सपोर्ट मिला है। आमतौर पर एआई से जुड़े स्टॉक्स में गिरावट से आईटी स्टॉक्स को सपोर्ट मिलता है। हालांकि दूसरी तरफ बैंकिंग शेयर मार्केट पर दबाव डाल रहे हैं लेकिन सरकारी बैंकों और प्राइवेट बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में गिरावट हल्की ही है।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में नरमी से मार्केट को सपोर्ट मिला। फिलहाल यह 1.08% की गिरावट के साथ 10.95 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

एशियाई बाजारों में रौनक

घरेलू मार्केट को आज अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक से सपोर्ट मिला है। ताइवान के ताइवान वेटेड और जापान के निक्केई 225 में करीब 1-1% की बढ़त है तो सिंगापुर के स्ट्रैट टाइम्स और इंडोनेशिया के जकार्ता कंपोजिट में भी अच्छी बढ़त है। वहीं दक्षिण कोरिया को कोस्पी में 1% से अधिक तो थाईलैंड के सेट कंपोजिट में आधे फीसदी की गिरावट है।

Nifty का टेक्निकल आउटलुक

ब्रोकरेज फर्म बजाज ब्रोकिंग के मुताबिक निफ्टी 24,000-24,350 की रेंज में रह सकता है, जब तक कि यह 24,360 के ऊपर बंद न हो जाए। इस स्तर के ऊपर जाने यानी ब्रेकआउट से रिकवरी 24,550-24,700 तक बढ़ सकती है। शॉर्ट-टर्म में इसे 24,000-23,800 के लेवल पर सपोर्ट मिल रहा है।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

यूपी में ‘आधी आबादी’ पर दांव, क्या डिंपल यादव बन सकती हैं सपा का CM चेहरा?

यूपी में 'आधी आबादी' पर दांव, क्या डिंपल यादव बन सकती हैं सपा का CM चेहरा?

Dimple Yadav: उत्तर प्रदेश में आगामी ‍विधानसभा चुनाव 2027 की राजनीतिक बिसात पर समाजवादी पार्टी (सपा) 'आधी आबादी' यानी महिलाओं को साधने में पूरी ताकत से जुट गई है। रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए 'स्त्री सम्मान समृद्धि योजना' जैसी बड़ी घोषणाओं के केंद्र में मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव नजर आईं।

 

इस बीच, जब सपा प्रमुख अखिलेश यादव से डिंपल यादव को उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने को लेकर सवाल किया गया, तो उनके गोल-मोल जवाब और रहस्यमयी मुस्कान ने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। इस समय यूपी में योगी आदित्य के नेतृत्व वाली भाजपा की सरकार है। योगी भी राज्य में तीसरी बार सरकार बनाने की जी-तोड़ प्रयास कर रहे हैं। 

 

दरअसल, हाल के दिनों में डिंपल यादव के राजनीतिक कद और शैली में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। संसद के मानसून सत्र से लेकर दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन तक, डिंपल बेहद मुखर होकर पार्टी की बात रख रही हैं। 'स्त्री सम्मान समृद्धि योजना' के तहत महिलाओं को सालाना 40,000 रुपए देने के बड़े चुनावी वादे का ऐलान भी अखिलेश ने डिंपल यादव के हाथों ही कराया। इससे यह साफ संदेश जाता है कि सपा अब महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर डिंपल को 'फ्रंटफुट' पर रखकर आगे बढ़ाना चाहती है।

अखिलेश की रहस्यमयी मुस्कान!

पत्रकारों द्वारा जब डिंपल यादव को राज्य में पार्टी का सीएम चेहरा बनाए जाने पर सीधा सवाल पूछा गया, तो अखिलेश यादव ने सीधे न तो इसका समर्थन किया और न ही सवाल का खंडन किया। वे केवल मुस्करा कर रह गए। इससे इन अटकलों को बल मिला है। दरअसल, भाजपा की की महिला केंद्रित कल्याणकारी योजनाओं की काट के लिए सपा एक मजबूत और सर्वमान्य महिला चेहरे की तलाश में है, जिसमें डिंपल यादव पूरी तरह फिट बैठती हैं। इसके साथ ही डिंपल की सौम्य और सादगी से भरी छवि महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय है। अखिलेश ने डिंपल को आगे करके यह संकेत दिया है कि पार्टी का नेतृत्व एक नया और व्यापक सामाजिक आधार तैयार करने के लिए तैयार है।

कौन हैं डिंपल यादव?

डिंपल यादव उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक प्रमुख महिला चेहरा और समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेता हैं। वह वर्तमान में मैनपुरी लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी की सांसद हैं। डिंपल यादव, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव की बहू तथा सपा मुखिया अखिलेश यादव की पत्नी हैं। उनका जन्म 15 जनवरी 1978 को पुणे (महाराष्ट्र) में एक सैन्य परिवार में हुआ था। उनके पिता भारतीय सेना में अधिकारी थे, जिसके कारण उनकी शुरुआती पढ़ाई अलग-अलग स्थानों पर हुई। उन्होंने अपनी इंटरमीडिएट (12वीं) की परीक्षा आर्मी पब्लिक स्कूल, लखनऊ से पास की। वे लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हैं। 

 

डिंपल यादव पहली बार 2012 में कन्नौज लोकसभा सीट से निर्विरोध सांसद चुनी गई थीं। इसके बाद 2014 में भी वह कन्नौज से सांसद रहीं। 2022 में मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद हुए उपचुनाव में उन्होंने मैनपुरी से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। डिंपल यादव अपनी सादगी, सौम्यता और महिलाओं व युवाओं के मुद्दों को मुखरता से उठाने के लिए जानी जाती हैं। हाल के समय में वे पार्टी के भीतर नीतिगत फैसलों और अभियानों में बेहद सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

Market cues : बाजार में कंसोलीडेशन जारी रहने की उम्मीद, मुनाफे के सौदे पकड़ने के लिए इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

Trade setup for today : निफ्टी में कल लगातार दूसरे सेशन में गिरावट जारी रही और 27 अगस्त को यह 0.50 फीसदी नीचे बंद हुआ। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे आ गया,जबकि साइडवेज से लेकर कमजोर होते मोमेंटम इंडिकेटर ने सावधानी बरतने का संकेत दिया। हालांकि,तीन महीने के निचले स्तर पर मौजूद पुट-कॉल रेश्यो (PCR) ने नीचे से वापसी (रिबाउंड) की संभावना बढ़ा दी है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर निफ्टी में आज कोई रिकवरी होती है तो उसके 24,200-24,300 के लेवल पर तत्काल रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है और इसके बाद 24,400 पर अगला बड़ा रेजिस्टेंस होगा। आगे यह देखना जरूरी होगा कि क्या यह लेवल बना रहता है या नहीं। जब तक इंडेक्स 24,400 के ऊपर ट्रेड नहीं करता,तब तक कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। निफ्टी के लिए 24,000 पर तत्काल सपोर्ट और 23,800 पर अगला अहम सपोर्ट है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (24091) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,081, 24,032 और 23,953

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 24,239, 24,287 और 24,366

स्पेशल फॉर्मेशन : निफ्टी 50 ने डेली चार्ट पर एक और लंबी लाल कैंडल बनाई और सभी अहम मूविंग एवरेज और 23,606 से 24,774 की रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल से नीचे आ गया,जो लगातार बने मंदी के दबाव का संकेत है। RSI गिरकर 43.47 पर आ गया और इसमें नेगेटिव क्रॉसओवर देखा गया,जबकि MACD लाइन बेयरिश क्रॉसओवर के साथ ज़ीरो लाइन से नीचे चली गई। इस बीच,लगातार पांच सेशन तक लाल बार के छोटे होने के बाद MACD हिस्टोग्राम में एक गहरा लाल बार बना,जो मंदी के रुझान (बेयरिश मोमेंटम) में तेजी का संकेत है।

बैंक निफ्टी (57,510) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,869, 57,988 और 58,180

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,485, 57,367 और 57,175

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,137, 58,706

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,400, 57,135

स्पेशल फॉर्मेशन : बैंक निफ्टी ने पिछले दिन की सारी बढ़त गंवा दी और इसमें 0.50 फीसदी की गिरावट आई। डेली चार्ट पर एक लंबी बेयरिश कैंडल बनी और यह अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे आ गया,जो निकट भविष्य में सावधानी बरतने का संकेत है। हालांकि,इंडेक्स अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा,जो इसके बेहतर स्ट्रक्चर का संकेत है। RSI का 50 पर होना और MACD का संकेत, साइडवेज से कंसोलिडेटिव मूवमेंट की ओर था। जबकि लगातार पांच सेशन तक लाल बार के छोटे होने के बाद एक गहरे लाल हिस्टोग्राम बार ने मंदी के रुझान (बेयरिश मोमेंटम)में हल्की मजबूती का संकेत दिया।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

27 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹298 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बन गए। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने खरीदारी का सिलसिला जारी रखते हुए ₹4,977 करोड़ के भारतीय शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

पिछले कुछ सेशन में गिरावट के बाद,गुरुवार को डर का पैमाना माने जाने वाले इंडिया VIX में तेजी आई और यह 4.76 प्रतिशत बढ़कर 11.07 पर पहुंच गया,जो थोड़ी सावधानी का संकेत है। हालांकि,यह चिंताजनक स्तर से काफी नीचे बना रहा। VIX अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और 12 के जोन से भी नीचे रहा,जो बुल्स के बीच भरोसे और कम होते उतार-चढ़ाव का संकेत है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 27 अगस्त को गिरकर 0.77 (1 जून, 2026 के बाद का सबसे निचला क्लोजिंग लेवल) पर आ गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.91 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: LIC हाउसिंग फाइनेंस

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: सेल (SAIL)

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

 

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Stocks to Watch: 21 स्टॉक्स; TempSens की लिस्टिंग समेत Lenskart, Wipro और Tejas Networks समेत ये शेयर फोकस में

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों में मजबूत रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 60.50 प्वाइंट्स यानी 0.25% की बढ़त के साथ 24,260.50 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 27 अगस्त को सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 539.35 प्वाइंट्स यानी 0.70% की गिरावट के साथ 76,933.59 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 116.90 प्वाइंट्स यानी 0.48% की फिसलन के साथ 24,090.85 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Lenskart Solutions

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अल्फा वेव वेंचर्स ब्लॉक डील के जरिए लेंसकार्ट में 1.2% हिस्सेदारी बेच सकती है। लगभग ₹1,313 करोड़ की इस डील के लिए फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹630 तय किया गया है।

Texmaco Rail and Engineering

टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग ने जर्मनी की Bochumer Verein Verkehrstechnik GmbH (BVV) के साथ एक एमओयू किया है। इसमें रेलवे व्हील्स, व्हीलसेट्स, एक्सल्स और रेल गाड़ियों के दूसरे पार्ट्स को लेकर कारोबारी मौके तलाशने और उन पर आगे बढ़ने के लिए जरूरी शर्तें तय की गई हैं।

Tejas Networks

तेजस नेटवर्क्स को टीसीएस से बीएसएनएल के 4G मोबाइल नेटवर्क के लिए 18,685 साइट्स पर RAN इक्विपमेंट, एक्सेसरीज और इंस्टॉलेशन मैटीरियल की सप्लाई के लिए ₹1,537 करोड़ का LoA (लेटर ऑफ इंटेंट) मिला है।

NBCC (India)

एनबीसीसी को केंद्रीय विद्यालय संगठन, डायरेक्टरेट ऑफ टीचर एजुकेशन एंड एससीईआरटी (ओडिशा) और केनरा बैंक से ₹134.27 करोड़ के कई कंस्ट्रक्शन ऑर्डर मिला है।

Chemplast Sanmar

कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने 1 अप्रैल, 2026 से तीन साल के लिए केमप्लास्ट सनमार

के मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर गणेशकुमार सुब्रमण्यन की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।

Wipro

विप्रो ने जेमिनी एंटरप्राइज और एजेंटिक AI को गूगल क्लाउड के साथ अपनी साझेदारी को बढ़ाने का ऐलान किया है। इसके अलावा विप्रो जेमिनी एंटरप्राइज के इंटरनल डिप्लॉयमेंट को बढ़ा रही है और 1,500 फॉरवर्ड डिप्लॉयड इंजीनियर्स समेत 10,000 से ज्यादा एआई-सर्टिफाइड स्पेशलिस्ट्स को एडवांस्ड AI क्षमताओं से लैस करेगी।

Adani Power

अदाणी पावर ने अपनी सब्सिडियरीज चंदेनवल्ले इंफ्रा पार्क और अदाणीकनेक्स के साथ एक शेयर खरीद समझौता किया है, जिसके तहत यह चंदेनवल्ले इंफ्रा पार्क में अपनी पूरी हिस्सेदारी अदाणीकनेक्स को ₹535.69 करोड़ में बेचेगी।

RPP Infra Projects

तमिलनाडु स्पोर्ट्स डेवलपमेंट अथॉरिटी ने आरपीपी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को दिए गए ₹205.89 करोड़ के वर्क ऑर्डर को रद्द कर दिया है।

Star Cement

MMDR (माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन)) एक्ट, 1957 के नए नियमों के तहत स्टार सीमेंट और उसकी सब्सिडियरीज को अब 22 अगस्त, 2026 से मिनरल सेस का पेमेंट करने की जरूरत नहीं है। केंद्र सरकार ने MMDR एक्ट में बदलाव किया है और अब राज्य सरकारें मिनरल राइट्स या मिनरल वाली जमीनों पर टैक्स, सेस और अन्य लेवी नहीं लगा सकती हैं। इसमें यह भी है कि पुरानी बकाया लेवी अब वसूली नहीं जाएगी।

Dr Agarwal’s Health Care

डॉ अग्रवाल हेल्थ केयर की सब्सिडियरी डॉ अग्रवाल आई हॉस्पिटल ने चेन्नई में दुनिया का पहला पिनहोल पपिलोप्लास्टी (PPP) सेंटर शुरू किया है।

Union Bank of India

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर ब्रांच के अमेरिकी डॉलर में जारी हुए सीनियर अनसिक्योर्ड नोट्स को ‘BBB’ लॉन्ग-टर्म इश्यू रेटिंग दी है।

Apollo Tyres

ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्म वॉरबर्ग पिनकस की कंपनी एमेराल्ड सेज इन्वेस्टमेंट ने अपोलो टायर्स में 4.25% हिस्सेदारी वाले 2.7 करोड़ इक्विटी शेयर ₹1,174.93 करोड़ के भाव पर बेच दिए। ये शेयर तीन घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स- ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, बजाज लाइफ इंश्योरेंस और SBI लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने प्रति शेयर ₹435 के भाव पर खरीदे। जून 2026 तक अपोलो टायर्स में एमेराल्ड सेज इन्वेस्टमेंट की हिस्सेदारी 9.93% थी, जबकि ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड के पास 1.12% हिस्सेदारी थी।

ICICI Prudential Asset Management Company

प्रूडेंशियल कॉर्पोरेशन होल्डिंग्स ने ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी के 98.85 लाख शेयर (2% हिस्सेदारी) ₹3,030.3 करोड़ में प्रति शेयर ₹3,065.47 के भाव पर बेचे। जून 2026 तक ICICI प्रूडेंशियल AMC में प्रमोटर्स की कुल हिस्सेदारी 87.6% थी, जिसमें प्रूडेंशियल कॉर्पोरेशन होल्डिंग्स की हिस्सेदारी 34.59% थी।

Foseco India

मॉर्गन टेरासेन और मॉर्गेनाइट क्रूसिबल ने फोसेको इंडिया में अपनी पूरी 15.26% हिस्सेदारी बेच दी। मॉर्गन एडवांस्ड मैटेरियल्स की मॉर्गन टेरासेन ने फोसेको इंडिया के 5.6 लाख शेयर (7.43% हिस्सेदारी) ₹330.26 करोड़ में तो मॉर्गेनाइट क्रूसिबल ने 5.9 लाख शेयर (7.84% हिस्सेदारी) ₹348.36 करोड़ में बेचे हैं। कुल मिलाकर ₹678.6 करोड़ में 11.5 लाख शेयर को नौ देशी-विदेशी निवेशकों- सिटीग्रुप, इंवेस्को एमएफ, एलआईसी एमएफ, महिंद्रा मैनुलाइफ एमएफ, मिरे एसेट एमएफ, मॉर्गन स्टेनले, कैटामारन वेंचर्स, एसबीआई एमएफ और मोतीलाल ओसवाल एएमसी ने प्रति शेयर ₹5,897 के भाव पर खरीदे।

Aye Finance

ग्लोबल अल्टरनेटिव एसेट मैनेजर अल्फा वेव ग्लोबल की कंपनी अल्फा वेव इंडिया I ने आय फाइनेंस से अपनी पूरी 7.78% हिस्सेदारी (1.92 करोड़ शेयर) ₹322.57 करोड़ में बेच दी। इनमे में 14.88 लाख शेयर मधुसूदन केला की सिंगुलैरिटी AMC ने सिंगुलैरिटी लार्ज वैल्यू फंड III के जरिए ₹25 करोड़ में और इंटीग्रेटेड कोर स्ट्रैटेजीज (एशिया) ने 23.8 लाख शेयर ₹40 करोड़ में खरीदे। शेयरों का लेन-देन ₹168 के भाव पर हुआ।

DCB Bank

एसबीआई और ओमान इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी की ओमान इंडिया जॉइंट इन्वेस्टमेंट फंड II ने डीसीबी बैंक के 37 लाख शेयर (1.14% हिस्सेदारी) ₹80.29 करोड़ में प्रति शेयर ₹217.01 के भाव पर बेच दिए। जून 2026 तक बैंक में इस फंड की 2.86% हिस्सेदारी थी।

Happiest Minds Technologies

पोलुनिन इमर्जिंग मार्केट्स स्मॉल कैप फंड एलएलसी ने हैप्पिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज के 8.3 लाख शेयर (0.54% हिस्सेदारी) ₹35.68 करोड़ में प्रति शेयर ₹429.92 के भाव पर खरीद लिए।

Iris Clothings

निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट ने आइरिस क्लोदिंग्स में 0.6% हिस्सेदारी के बराबर 11.53 लाख शेयर ₹6.58 करोड़ में प्रति शेयर ₹57.1 के भाव पर खरीदे।

RPP Infra Projects

सीएमके प्रोजेक्ट्स ने आरपीपी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के प्रमोटर यागवी एनए से कंपनी के 5 लाख शेयर ₹2.84 करोड़ में प्रति शेयर ₹56.85 के भाव पर खरीद लिए।

Wonder Electricals

नेक्सस ग्लोबल अपॉर्चुनिटीज फंड और यूनिको ग्लोबल अपॉर्चुनिटीज फंड ने वंडर इलेक्ट्रिकल्स में अपनी 5.66% हिस्सेदारी (75.89 लाख शेयर) ₹98.21 करोड़ में बेच दी। जून 2026 तक नेक्सस ग्लोबल अपॉर्च्यूनिटीज फंड की कंपनी में 2.34% हिस्सेदारी थी, तो यूनिको ग्लोबल अपॉर्च्यूनिटीज फंड की 7.48%।

Tempsens Instruments (India)

आईपीओ को 184 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के शेयरों की आज बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

एक्स-डिविडेंड: एमसीएक्स, होनासा कंज्यूमर, एलाइड डिजिटल सर्विसेज, अरविंद स्मार्टस्पेस, ब्लैक बॉक्स, कैंटाबिल रिटेल इंडिया, कोरल इंडिया फाइनेंस एंड हाउसिंग, डैम कैपिटल एडवाइजर्स, डायनामेटिक टेक्नोलॉजीज, इमामी पेपर मिल्स, गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट्स, गुफिक बायोसाइंसेज, गुलशन पॉलीओल्स, हल्डिन ग्लास, जेनबर्कट फार्मा, क्रेडो ब्रांड्स मार्केटिंग, एनबीसीसी (इंडिया), पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज, पॉली मेडिक्योर, प्रोटियन ई-गवर्नेंस टेक्नोलॉजीज, रॉयल ऑर्किड होटल्स, साल्जर इलेक्ट्रॉनिक्स, स्टर्लिंग टूल्स, स्टड्स एक्सेसरीज, सुपरशक्ति मेटालिक्स, स्वान कॉर्प, वेरिटास (इंडिया), वर्धमान होल्डिंग्स, विक्रान इंजीनियरिंग, वर्धमान स्पेशल स्टील्स, वर्धमान टेक्सटाइल्स, व्हर्लपूल ऑफ इंडिया, यूकेन इंडिया

एक्स-राइट्स: जयके एंटरप्राइजेज

एक्स-स्प्लिट: रोटोग्राफिक्स (इंडिया), स्पाइस आइलैंड्स इंडस्ट्रीज

F&O बैन: आज एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस और SAIL में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Yamaha YZF-R2 vs KTM RC 200: Price and specifications compared

Yamaha YZF-R2 vs KTM RC 200: Price and specifications compared
An image showing front right three quarter of the Yamaha YZF-R2 and KTM RC 200

Yamaha has just launched the YZF-R2, making their supersport line-up become plural once again. Although they sound closer to each other, the established YZF-R15 and its new big brother are further apart than you might think. So how does Yamaha’s new entry on the 200cc class compare to the tried and tested KTM RC 200? Let’s find out.

All prices mentioned here are ex-showroom, Delhi.

Yamaha YZF-R2 vs KTM RC 200: Engine and output

The Yamaha makes marginally more power and torque

 

Yamaha YZF-R2

KTM RC 200

Engine

204cc single-cylinder, liquid-cooled

199.5cc single-cylinder, liquid-cooled

Power

26.5hp at 10,000rpm

25hp at 10,000rpm

Torque

19.1Nm at 8,000rpm

19.2Nm at 8,000rpm

Transmission

6-speed

6-speed

Power-to-weight ratio

176.76hp/tonne

156.25hp/tonne

From the get go, the Yamaha pulls ahead by making 1.5hp more power than the KTM with a 0.1Nm less torque; both bikes deliver peak power and torque at the exact same range in the revs. However, the R2’s biggest advantage is in its 149kg kerb weight, made evident in its noticeably higher power-to-weight ratio. More on that in the next section.

Yamaha YZF-R2 vs KTM RC 200: Dimensions and weight

Yamaha continues to increase the gap

 

Yamaha YZF-R2

KTM RC 200

Fuel tank capacity

12 litres

13.7 litres

Ground clearance

170mm

156mm

Kerb weight

149kg (base)

150kg (mid and top)

160kg

Seat height

810mm

835mm

Wheelbase

1,340mm

NA

As we said, Yamaha’s biggest advantage comes with its 149kg, a whopping 11kg less than the KTM. That gap only increases with other dimensions, well, except for the fuel tank capacity. The R2 has a smaller fuel tank, but the KTM’s 1.7-litre larger fuel tank only justifies about 1.25kg of its added heft. In return, the R2 gives you more usable seat height and ground clearance.

Yamaha YZF-R2 vs KTM RC 200: Tyres, brakes, and suspension

KTM has (almost) all the advantage

 

Yamaha YZF-R2

KTM RC 200

Tyres (F/R)

100/80-17/140/70R17

110/70R17/150/60R17

Brakes (F/R)

282mm front disc/220mm rear disc

320mm front disc/230mm rear disc

Suspension (F/R)

37mm USD fork/linked monoshock

43mm USD fork/monoshock

In the handling package, the KTM pulls its trump cards. It gets bigger tyres, brakes, as well as a larger front fork. Both brands use the tried and tested radially mounted caliper at the front, with a floating caliper handling the rear stopping duties. The R2 does offer preload adjustability on both ends on the top M variant. On the RC, that’s only available at the rear.

Yamaha YZF-R2 vs KTM RC 200: Features

Yamaha offers a host of extra features

Being the newer motorcycle, it’s not a surprise that the R2 has more features but Yamaha, almost uncharacteristically, have pulled out all the stops on this front. Do note that to get the full suite, you’d have to spring for the R2 M which is currently Rs 21,000 more expensive than the RC 200. If you do, you get three ride modes (Rain, Street, Sport), a 5-inch TFT instrument cluster, assist and slipper clutch, traction control, a bi-directional quickshifter, keyless system, adjustable footpegs, and adjustable levers. The first four are standard on all three variants, with the middle variant offering the quick shifter, and the M giving you the rest. There are other cosmetic differences between the three variants as well.

On the other side, the KTM gives you a 5-inch TFT cluster, the ability to turn off rear ABS, and… that’s it. To get even close to the R2’s feature set, you’d have to look at the bigger KTM Supersport, the RC 390. Both motorcycles have the ability to connect your smartphone to unlock functionalities like call alerts, music control, and turn-by-turn navigation.

Yamaha YZF-R2 vs KTM RC 200: Price

Yamaha offers more value than the KTM

 

Yamaha YZF-R2

KTM RC 200

Price

Rs 2.30 lakh (base)

Rs 2.39 lakh (middle)

Rs 2.53 lakh (top)

Rs 2.32 lakh

Yamaha has priced the R2’s base variant lower than the RC 200’s one and only variant. Even then, the R2 is ahead in terms of the features and the overall value. The KTM’s case only gets weaker from there. It’s worth mentioning here that the KTM RC series have not been updated to the third generation yet, which is perhaps why the feature set hasn’t caught up. Last we checked, the next major refresh for the RC series is at least a year away.

 

सुभाष चंद्रा के खिलाफ ₹22006 करोड़ के लोन पर 99.97% हेयरकट? सरकारी सूत्रों ने कहा- ये सही तस्वीर नहीं

एस्सेल ग्रुप के फाउंडर सुभाष चंद्रा से जुड़े एक मामले में खबर चल रही कि बैंकों ने ₹22,000 करोड़ से ज्यादा के कर्ज पर 99.97% का हेयरकट ले लिया। यानी लगभग पूरा पैसा डूब गया। लेकिन सरकारी सूत्रों का कहना है कि यह तस्वीर पूरी तरह सही नहीं है।

असल में ₹22,006 करोड़ की रकम उन दावों की है, जो सुभाष चंद्रा के खिलाफ एक पर्सनल गारंटर के रूप में स्वीकार किए गए हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि उन्होंने खुद ₹22,006 करोड़ का कर्ज लिया था।

₹22,006 करोड़ का आंकड़ा कहां से आया?

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, ₹22,006 करोड़ की रकम अलग-अलग Essel और Zee समूह से जुड़ी कंपनियों के कर्ज से संबंधित दावों की है। इन मामलों में सुभाष चंद्रा पर्सनल गारंटर थे।

यानी कर्ज कंपनियों ने लिया था। सुभाष चंद्रा मुख्य उधारकर्ता नहीं थे। इसलिए यह कहना कि बैंकों ने सुभाष चंद्रा को सीधे ₹22,006 करोड़ उधार दिए थे, सही नहीं होगा।

हर कर्ज पर शुरुआत से गारंटी नहीं थी

सूत्रों का कहना है कि करीब ₹2,574 करोड़ के कर्ज ऐसे थे, जिनमें शुरुआत से ही सुभाष चंद्रा की पर्सनल गारंटी दी गई थी।

बाकी मामलों में उनकी गारंटी बाद में अतिरिक्त सुरक्षा के तौर पर जोड़ी गई थी। इसलिए ₹22,006 करोड़ की पूरी रकम को ऐसा कर्ज मान लेना, जो सिर्फ उनकी गारंटी के भरोसे दिया गया था, सही तस्वीर पेश नहीं करता।

मामला शुरू कैसे हुआ?

यह इंसॉल्वेंसी मामला कंपनियों के खिलाफ नहीं, बल्कि सुभाष चंद्रा के खिलाफ एक पर्सनल गारंटर के रूप में शुरू हुआ।

मामला तब सामने आया जब Vivek Infracon ने Indiabulls से कर्ज लिया। उस कर्ज के लिए सुभाष चंद्रा ने पर्सनल गारंटी दी थी। बाद में कर्ज डिफॉल्ट हो गया और मामला इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया तक पहुंच गया।

NCLT ने क्या मंजूर किया?

NCLT ने जिस रिपेमेंट प्लान को मंजूरी दी है, उसके तहत सुभाष चंद्रा की तरफ से करीब ₹6.25 करोड़ का भुगतान होगा।

यह रकम उनकी वर्तमान और वसूली योग्य व्यक्तिगत संपत्तियों के आधार पर तय की गई है। यानी अदालत ने उनकी मौजूदा उपलब्ध संपत्ति को देखते हुए यह योजना मंजूर की है।

क्या सिर्फ ₹6.25 करोड़ ही मिलेंगे?

नहीं। यही सबसे बड़ा भ्रम है। रिपेमेंट प्लान में मुख्य उधारकर्ता कंपनियों से भी करीब ₹1,494 करोड़ की रिकवरी का प्रावधान है।

इसके अलावा बैंकों और दूसरे कर्जदाताओं के पास उन कंपनियों, गिरवी रखी गई संपत्तियों और दूसरी सिक्योरिटीज से वसूली के रास्ते खुले रहेंगे। यानी यह मामला सिर्फ सुभाष चंद्रा की निजी संपत्ति से होने वाली रिकवरी तक सीमित नहीं है।

99.97% हेयरकट का मतलब क्या है?

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, 99.97% का आंकड़ा सिर्फ उस रकम से जुड़ा है जो सुभाष चंद्रा से एक पर्सनल गारंटर के तौर पर वसूल की जा सकती थी। इसे ₹22,000 करोड़ के पूरे बैंक कर्ज पर अंतिम नुकसान बताना सही नहीं है।

दूसरे शब्दों में कहें तो यह पर्सनल गारंटर की क्षमता से जुड़ी रिकवरी का आंकड़ा है, न कि पूरे कर्ज के डूबने का।

कर्जदाताओं ने क्यों किया विरोध?

कई बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने इस प्लान का विरोध किया था। इनमें LIC Housing Finance, HDFC Bank, Axis Bank, Canara Bank, RBL Bank और Union Bank जैसे नाम शामिल हैं।

कर्जदाताओं का कहना था कि सुभाष चंद्रा की पुरानी घोषित नेटवर्थ और मौजूदा नेटवर्थ में बड़ा अंतर दिखाई देता है। इसलिए उनकी संपत्तियों की और गहराई से जांच होनी चाहिए।

नेटवर्थ को लेकर क्या सवाल उठे?

क्रेडिटर्स ने पुराने नेटवर्थ सर्टिफिकेट का हवाला दिया। इन दस्तावेजों के मुताबिक, सुभाष चंद्रा की नेटवर्थ 2017 में करीब ₹45,888 करोड़ थी। 2018 में यह करीब ₹40,562 करोड़ बताई गई थी।

वहीं मौजूदा इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया में उनकी घोषित नेटवर्थ करीब ₹31.79 करोड़ बताई गई। इसी अंतर को लेकर कई सवाल उठे।

फिर भी प्लान कैसे पास हुआ?

विरोध के बावजूद इस रिपेमेंट प्लान को कर्जदाताओं के 80.81% वोट मिले। इसके बाद NCLT ने कहा कि उठाई गई आपत्तियां इतनी मजबूत नहीं हैं कि क्रेडिटर्स द्वारा मंजूर किए गए प्लान को पलटा जा सके।

इसलिए ट्रिब्यूनल ने योजना को मंजूरी दे दी।

सुभाष चंद्रा का क्या कहना है?

सुभाष चंद्रा का कहना है कि Essel समूह से जुड़ी कंपनियां अब तक कर्जदाताओं को करीब ₹43,000 करोड़ का भुगतान कर चुकी हैं। हालांकि, यह आंकड़ा अलग-अलग कंपनियों द्वारा समय-समय पर किए गए भुगतानों को शामिल करता है।

पूरे मामले का सार यह है कि 99.97% का आंकड़ा सुनने में जितना बड़ा लगता है, मामला उतना सीधा नहीं है। यह ₹22,006 करोड़ के पूरे बैंक कर्ज के डूबने की कहानी नहीं है। यह एक पर्सनल गारंटर से होने वाली सीमित रिकवरी का मामला है। वहीं मुख्य कर्जदार कंपनियों, सिक्योरिटीज और दूसरी संपत्तियों से वसूली के रास्ते अभी भी मौजूद हैं।

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने बदली पहचान, अब Tata.Cars नाम से दिखेगी कंपनी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।