8th Pay Commission Update: क्या मई 2027 से पहले आएगी रिपोर्ट? 8वें वेतन आयोग की डेडलाइन पर सरकार ने संसद में दी सफाई

8th Pay Commission Report: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। संसद के मानसून सत्र में सरकार ने साफ किया है कि आयोग के पास अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए गठन की तारीख से 18 महीने का समय है। हालांकि, सरकार ने इस बात की कोई पुष्टि नहीं की है कि आयोग अपनी रिपोर्ट तय डेडलाइन यानी मई 2027 से पहले जमा करेगा या नहीं।

न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले इस आयोग से जुड़ी हर एक बारीकी और संसद में वित्त राज्य मंत्री द्वारा दिए गए जवाब को नीचे विस्तार से समझाया गया है।

18 महीने की डेडलाइन: संसद में सरकार ने क्या कहा?

लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में सांसदों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने स्थिति स्पष्ट की। 8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को आधिकारिक संकल्प के माध्यम से किया गया था। सरकार के मुताबिक, आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने की समयसीमा दी गई है। इसके हिसाब से रिपोर्ट सौंपने की अंतिम समयसीमा मई 2027 बैठती है।

जब सरकार से पूछा गया कि क्या आयोग मई 2027 से पहले रिपोर्ट सौंपेगा, तो मंत्री ने किसी भी निश्चित तारीख की पुष्टि नहीं की और केवल 18 महीने के नियम को दोहराया। हालांकि, मूल प्रस्ताव के अनुसार यदि आयोग किसी विषय पर सिफारिशें पहले तय कर लेता है, तो वह सरकार को अंतरिम रिपोर्ट सौंप सकता है।

कितने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर पड़ेगा असर?

सरकार द्वारा संसद में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, इस नए वेतन आयोग की सिफारिशों का सीधा असर लगभग 70 लाख लोगों पर पड़ेगा:

सिविलियन कर्मचारी: 1 मार्च 2026 तक केंद्र सरकार के तहत लगभग 35.77 लाख नागरिक कर्मचारी कार्यरत थे।

पेंशनभोगी: 31 दिसंबर 2025 तक लगभग 33.76 लाख पेंशनभोगी और फैमिली पेंशनर्स रजिस्टर्ड थे (इसमें रक्षा पेंशनभोगी शामिल नहीं हैं)।

आयोग के जनादेश में वेतन संशोधन, भत्ते, पेंशन, फैमिली पेंशन और सेवा शर्तों से जुड़े सभी अहम पहलू शामिल हैं।

वर्तमान में किस चरण में है आयोग का काम?

8वां वेतन आयोग फिलहाल हितधारकों के साथ परामर्श के चरण में है। आयोग कर्मचारी संगठनों, यूनियनों, पेंशनभोगी संघों और अन्य हितधारकों से मुलाकात कर उनकी मांगों और सुझावों को सुन रहा है। इसके लिए जयपुर, चेन्नई, पुडुचेरी और चंडीगढ़ जैसी जगहों पर बैठकें प्रस्तावित हैं।

काम को तेजी से निपटाने के लिए आयोग ने 11 अगस्त को कंसल्टेंट्स के नियमों में संशोधन किया है। अब एचआर (HR), लीगल रिसर्च, आईटी, डेटा एनालिसिस और डेटा विजुअलाइजेशन के क्षेत्र में सीनियर कंसल्टेंट्स और यंग प्रोफेशनल्स को शामिल किया जा रहा है।

लागू होने की तारीख पर स्थिति

कर्मचारी और पेंशनभोगी इस बात का भी इंतजार कर रहे हैं कि नई सिफारिशें किस तारीख से लागू मानी जाएंगी। सरकार ने साफ किया है कि जब तक आयोग अपनी अंतिम या अंतरिम रिपोर्ट नहीं सौंप देता और सरकार उस पर विचार नहीं कर लेती, तब तक नई दरों के लागू होने की तिथि पर कोई फैसला नहीं लिया जा सकता।

कुल मिलाकर केंद्रीय कर्मचारियों को अपनी नई सैलरी, एरियर और पेंशन संशोधन के लिए आयोग की बैठकों के पूरा होने और मई 2027 तक रिपोर्ट आने का इंतजार करना होगा।

Share Market Crash: मजबूत एशियाई संकेतों के बावजूद Sensex लाल, 4 वजहों से आया Nifty आया 24300 के करीब

Share Market Crash: विदेशी निवेशकों की ताबड़तोड़ बिकवाली और लगातार दूसरे महीने आरबीआई के टारगेट रेंज से अधिक महंगाई की रफ्तार ने आज मार्केट पर तेज दबाव बनाया। वैश्विक मार्केट से मिले-जुले रुझानों के बीच सेंसेक्स 250 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24300 के करीब आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर भी रुझान मिला-जुला है। निफ्टी मिडकैप 100 पर फिलहाल बिकवाली का दबाव है लेकिन निफ्टी स्मॉलकैप 100 ग्रीन है। अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:45 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 159.82 प्वाइंट्स यानी 0.20% की गिरावट के साथ 77,806.53 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 90.25 प्वाइंट्स यानी 0.37% की फिसलन के साथ 24,345.70 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 256.72 प्वाइंट्स टूटकर 77,709.63 और निफ्टी 119.65 प्वाइंट्स गिरकर 24,316.30 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

महंगाई की तेज रफ्तार

जुलाई में महंगाई 19 महीने के ऊपरी स्तर पर पहुंच गई है। लगातार चौथे महीने इसमें इजाफा हुआ है और लगातार दूसरे महीने यह आरबीआई के 2-4% के टारगेट रेंज से ऊपर रहा। जुलाई में रिटेल महंगाई दर मासिक आधार पर 4.38% से बढ़कर 4.45% पर रही है। खाने-पीने की चीजों ने महंगाई बढ़ाई है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

एक कारोबारी दिन पहले 12 अगस्त को विदेशी निवेशकों ने इक्विटी मार्केट में खरीदारी से अधिक बिकवाली की जिसका दबाव आज मार्केट में दिख रहा है। विदेशी निवेशकों ने ₹1002.50 करोड़ के शेयरों की नेट बिक्री की।

बैंकिंग स्टॉक्स में बिकवाली का दबाव

मार्केट को आज बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का दबाव झेलना पड़ा है। सरकारी और प्राइवेट, दोनों सेक्टर्स के बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है तो निफ्टी मेटल और निफ्टी फार्मा में भी आधे फीसदी की गिरावट है। निफ्टी ऑटो फिलहाल ग्रीन है लेकिन इसमें बढ़त आधे फीसदी से कम ही है।

Sensex की वीकली एक्सपायरी

सेंसेक्स के इंडेक्स डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की आज वीकली एक्सपायरी है तो इसका मार्केट पर दबाव दिख रहा है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

VIP Industries की सात तिमाहियों के बाद बढ़ी सेल्स, लेकिन दो मोर्चे पर तगड़ा शॉक

VIP Industries Share Price: लगातार सात तिमाहियों के बाद जून तिमाही में वीआईपी इंडस्ट्रीज की सेल्स ग्रोथ पॉजिटिव रही, जिसका असर आज इसके शेयरों पर दिख सकता है। हालांकि यह भी ध्यान रहे कि कंपनी का घाटा दोनों मोर्च पर बना हुआ है, एक नेट प्रॉफिट और दूसरा ईबीआईटीडीए के ऑपरेटिंग मोर्चे पर। शेयरों की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले यानी 13 अगस्त को रिजल्ट आने के पहले कमजोर मार्केट सेंटिमेंट में इसके शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखा था। बीएसई पर इसके शेयर 1.74% की गिरावट के साथ ₹310.75 के भाव पर बंद हुए थे और कंपनी ने शाम में कारोबारी नतीजे पेश किए थे।

VIP Industries Q1 Results: खास बातें

चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में वीआईपी इंडस्ट्रीज का रेवेन्यू सालाना आधार पर ₹561.43 करोड़ से 3% बढ़कर ₹578.36 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी का कहना है कि 80 से अधिक नए प्रोडक्ट्स की लॉन्चिंग के दम पर 50% रेवेन्यू मिला। वहीं ऑपरेटिंग लेवल पर यह इस दौरान ₹24.65 करोड़ के ईबीआईटीडीए गेन से ₹11.12 करोड़ के ईबीआईटीडीए लॉस में आ गई। इस दौरान कंपनी का नेट लॉस भी ₹13.1 करोड़ से तेजी से बढ़कर ₹53.56 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी का कहना है कि कच्चे माल की तेजी के चलते इसकी प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ा और कच्चे माल को कच्चे तेल की महंगाई से झटका लगा।

कंपनी के एमडी और सीईओ अतुल जैन का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में कंपनी अपने हर एक ब्रांड्स- वीआईपी (VIP), स्काईबैग्स (Skybags), एरिस्टोक्रेट (Aristocrat), अल्फा (Alpha) और कैपरीस (Caprese) को मजबूत करने पर फोकस बनाए हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि पूरी कंपनी और चैनल नेटवर्क में इन्वेंट्री को ऑप्टिमाइज किया गया है, ब्रांड और प्राइसिंग से जुड़े नियम तय किए गए हैं, एक मजबूत लीडरशिप टीम बनाई गई और चैनल इकोसिस्टम में नई जान फूंकी गई जिसके दम पर पुरानी दिक्कतें काफी हद तक खत्म हो चुकी हैं और वीआईपी अब ग्रोथ के अगले चरण के लिए तेजी पकड़ रही है। बता दें कि कंपनी ने सात तिमाहियों के बाद जून तिमाही में सेल्स में अच्छी ग्रोथ दिखाई है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

वीआईपी इंडस्ट्रीज के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 17 अक्टूबर 2025 को बीएसई पर यह ₹473.30 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल पर शेयरों की तेजी थम गई और 7 महीने में यह 41.16% टूटकर 18 मई 2026 को ₹278.50 पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Trading Ideas : टेक्निकल एक्सपर्ट्स से जानें कमजोर बाजार में भी आज किन शेयरों में बनेगा पैसा, इंडेक्स में क्या करें

Trading Ideas : कल के कारोबारी सत्र में बेंचमार्क इंडेक्स में ऊपरी स्तरों से बिकवाली का दबाव दिखा। निफ्टी 36 अंक गिरकर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स में 188 अंकों की गिरावट आई। सेक्टरों की बात करें तो PSU बैंक इंडेक्स ने अच्छा प्रदर्शन किया और इसमें 2 प्रतिशत की बढ़त हुई,जबकि IT इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई और यह लगभग 1.5 प्रतिशत नीचे रहा। कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च,श्रीकांत चौहान का कहना है कि टेक्निकल नजरिए से देखें तो इंट्राडे में तेज गिरावट के बाद,निफ्टी ने 20-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज) के पास सपोर्ट लिया और तेज रिकवरी की।

श्रीकांत चौहान का मानना ​​है कि 20-डे SMA या 24,300/77,500 का लेवल ट्रेडर्स के लिए अहम सपोर्ट का काम करेगा। अगर मार्केट इन स्तरों से ऊपर ट्रेड करने में कामयाब रहता है तो यह 24,500-24,600/78,500-78,800 तक वापसी कर सकता है। दूसरी ओर 24,300/77,500 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। इसके नीचे,मार्केट 24,150-24,100/77,000-76,800 तक गिर सकता है।

आज क्या हो कमाई की रणनीति

निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24509-24541 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24617-24667/24709 पर है। इसके लिए पहला बेस 24341-24380 पर और बड़ा बेस 24178/24206-24261 पर है। ग्लोबल सेटअप न्यूट्रल है। कच्चा तेल अभी भी ऊपर है। AI रैली की संभावना है। FIIs की कैश में बिकवाली देखने को मिली है,इंडेक्स में शॉर्ट हुए हैं। नेट शॉर्ट बढ़कर 1.65 लाख पर आ गए हैं।

24500-24600-24700 पर कॉल राइटिंग और 24300-24200 पर पुट राइटिंग हुई है। 24509-24541 के ऊपर शॉर्ट कवरिंग संभव है। 24380-24341 मामूली सपोर्ट है। 24261-24207 क्रिटिकल सपोर्ट है। तेजी और शॉर्ट कवरिंग के लिए 24509-24541 के ऊपर निकलना जरूरी है। रजिस्टेंस-1 के नीचे कमजोरी में शॉर्ट काम कर सकता है, बेस-1 पर चेक करें। बेस-1 टूटने पर बेस-2 का टेस्ट संभव है,बेस-1 और बेस-2 अहम रिवर्सल पॉइंट हैं। निफ्टी IT को 31200-31050 के ऊपर टिकना जरूरी है। निफ्टी बैंक को 57500 के ऊपर टिकना जरूरी है।

निफ्टी बैंक पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 58030-58189/58267 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58411-58534 पर है। इसके लिए पहला बेस 57467-57610 पर और बड़ा बेस 56911/57089-57211 पर है। PSU बैंकों में रिवर्सल थोड़ा चौंकाने वाला है। 57000-57200 पर काफी पुट राइटिंग हुई है। 57500 पर थोड़े पुट हैं। 58000 कॉल पर एक्जिट हुए हैं। 57500 के ऊपर गिरावट पर खरीदारी की रणनीति रहेगी। 58200-58270 के ऊपर तेज मजबूती संभव है। तेजी के लिए कच्चे तेल का सपोर्ट जरूरी है। बेस-1 के नीचे फिसलने पर बेस-2 का टेस्ट संभव है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं इक्विनॉक्स रिसर्च एंड एडवाइजर्स (EQUINOX Research & Advisors) के पंकज रांदड़। इनकी ABB फ्यूचर्स में 7740-7744 रुपए के आसपास, 7670 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 7910 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। पॉलीकैब फ्यूचर्स में भी इनकी 9310-9315 रुपए के आसपास, 9200 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 9550 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है

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Gold Silver Price: 2 महीने के हाई पर पहुंचने के बाद सोना हुआ और भी महंगा, चांदी फिसली

Gold Silver Price: इंटरनेशनल मार्केट में गुरुवार (13 अगस्त) की शुरुआती ट्रेडिंग में सोने की कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी हुई, जबकि चांदी की कीमत में गिरावट आई। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि बाजार महंगाई के ताजा आंकड़ों के बाद अमेरिकी ब्याज दरों के भविष्य पर विचार कर रहे थे। COMEX पर सोना $4,473.40 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछली क्लोजिंग से $5.90 या 0.13% अधिक था। इस मेटल ने दिन के दौरान $4,509.10 प्रति औंस का उच्चतम और $4,456.50 प्रति औंस का निचला स्तर छुआ।

COMEX पर चांदी की कीमत $65.58 प्रति औंस थी, जिसमें $0.12 या 0.18% की गिरावट आई। सेशन के दौरान इसकी कीमत $66.45 और $65.22 प्रति औंस के बीच रही।

ये ताजा बदलाव बुधवार यानी 12 अगस्त को सोने की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बाद आए हैं। उस दिन जुलाई के अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक आने के बाद सोना दो महीने से अधिक समय के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था।

बुधवार (12 अगस्त) को स्पॉट गोल्ड 0.9% बढ़कर $4,406.64 प्रति औंस हो गया, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.6% बढ़कर $4,467.50 प्रति औंस पर बंद हुआ। जून में 0.4% की गिरावट के बाद जुलाई में अमेरिकी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स में 0.1% की बढ़ोतरी हुई। यह आंकड़ा बाजार की उम्मीदों के अनुरूप था और इससे निकट भविष्य में सख्त मौद्रिक नीति की ओर बढ़ने की उम्मीदें कम हो गईं।

बाजार अब फेडरल रिजर्व की सितंबर की बैठक में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना कम मान रहे हैं। CME फेडवॉच टूल के अनुसार, महंगाई के आंकड़ों से पहले दरें बढ़ने की संभावना 46% थी, जो अब घटकर लगभग 40% हो गई है।

आमतौर पर ब्याज दरें बढ़ने पर सोने पर दबाव पड़ता है क्योंकि अधिक यील्ड (रिटर्न) से नॉन-यील्डिंग एसेट (जिससे कोई ब्याज या डिविडेंड नहीं मिलता) को रखने की अपॉर्चुनिटी कॉस्ट बढ़ जाती है। इसके विपरीत, कम या स्थिर दरों की उम्मीदें बुलियन की मांग को सहारा दे सकती हैं।

कमजोर अमेरिकी डॉलर ने भी सोने को कुछ सहारा दिया है। निवेशक अब महंगाई और ब्याज दरों के भविष्य के बारे में और संकेतों के लिए गुरुवार को आने वाले अमेरिकी प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स पर नजर रखेंगे।

कीमती धातुओं के लिए भू-राजनीतिक घटनाक्रम भी एक अन्य कारक बने हुए हैं। शिपिंग रूट को लेकर फिर से बढ़े तनाव और ईरान-समर्थक हूथी विद्रोहियों से जुड़े टकराव का असर तेल की कीमतों पर पड़ सकता है, और इसके चलते महंगाई और ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें भी प्रभावित हो सकती हैं।

बुधवार (12 अगस्त) को चांदी की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई। यह 1.3% बढ़कर $65.49 प्रति औंस पर पहुंच गई और 22 जून के बाद अपने सबसे ऊंचे स्तर को छू लिया।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Arunachal Pradesh: अरुणाचल की 27 जगहों का भारत ने कर दिया पक्का नामकरण! चीन को मिर्ची क्यों लगी ये भी समझिए

Arunachal Pradesh: भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश को लेकर विवाद एक बार फिर चर्चा में है। चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के कुछ स्थानों के नाम बार-बार बदले जाने के जवाब में भारत ने पिछले सप्ताह औपचारिक रूप से राज्य के 27 स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं को सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक मानचित्र पर उनके मानक भारतीय नामों के साथ दर्ज किया था। चीन के नागरिक मामलों का मंत्रालय 2017 से समय-समय पर अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न स्थानों के लिए चीनी नाम जारी करता रहा है। ताकि उस क्षेत्र पर चीन के दावे को मजबूत किया जा सके। इस साल अप्रैल में भी नामों की एक नई लिस्ट जारी की गई थी।

अरुणाचल प्रदेश में स्थानों के नाम बदलने की चीन की हरकत को भारत ने हमेशा स्पष्ट रूप से खारिज किया है। भारत ने लगातार ऐसे कदमों को निरर्थक और बेतुक बताया है। भारत ने कहा है कि इस तरह के प्रयास इस अटल सच्चाई को नहीं बदल सकते कि अरुणाचल प्रदेश हमेशा भारत का अभिन्न हिस्सा रहा है, है और रहेगा। चीन तिब्बत को शीजांग और अरुणाचल प्रदेश को जांगनान कहता है।

भारत ने दिया सख्त संदेश

भारत द्वारा अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों और भौगोलिक क्षेत्रों को उनके आधिकारिक भारतीय नामों के साथ सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक मानचित्र पर दर्ज करना चीन को सख्त संदेश है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब चीन लंबे समय से अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग स्थानों को अपने हिसाब से नाम देने की कोशिश करता रहा है। भारत ने चीन के इस कदम को पहले भी खारिज करते हुए साफ कहा है कि नाम बदलने से जमीन की वास्तविक स्थिति नहीं बदल सकती।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत-चीन सीमा से जुड़े मामलों को भारत बेहद गंभीरता से लेता है और वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC पर शांति और स्थिरता बनाए रखना दोनों देशों के संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

27 जगहों के नाम तय करने का क्या मतलब है?

भारत ने अरुणाचल प्रदेश के आधिकारिक नक्शे में 27 स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं को उनके मानक भारतीय नामों से दर्ज किया है। सरकार के मुताबिक इसका उद्देश्य इन स्थानों की सटीक पहचान सुनिश्चित करना और आम लोगों के बीच इनके बारे में जागरूकता बढ़ाना है। इन स्थानों में कुछ ऐसे इलाके भी शामिल हैं, जिनका भारत-चीन सीमा विवाद के इतिहास और रणनीतिक दृष्टि से खास महत्व है।

जैसे लोंगजू (Long Ju) LAC के पास स्थित है। वर्ष 1959 में यह भारत-चीन तनाव के शुरुआती बड़े फ्लैशप्वाइंट में से एक रहा था, जब चीनी सेना ने इस इलाके में प्रवेश किया था। इसके अलावा अपर सुबनसिरी जिले का माजा गांव भी लिस्ट में शामिल है।

इसके अलावा इस लिस्ट में बिसा गांव तथा ऊंचाई वाले महत्वपूर्ण दर्रे ड्जो ला, रिजा ला और पुकुर ला भी शामिल हैं। वहीं, थाग ला भी इस लिस्ट का हिस्सा है, जो 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान बेहद महत्वपूर्ण रणनीतिक क्षेत्र रहा था।

थाग ला और 1962 के युद्ध का कनेक्शन

थाग ला का नाम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 1962 के भारत-चीन युद्ध के शुरुआती दौर में यहां बड़ी सैन्य कार्रवाई हुई थी। यह इलाका ऊंचाई पर स्थित होने के कारण रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।इसी तरह जयरामपुर को भी लिस्ट में शामिल किया गया है। चांगलांग जिले में स्थित जयरामपुर पूर्वी अरुणाचल प्रदेश और म्यांमार सीमा की ओर जाने वाला महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक केंद्र है और सुरक्षा बलों की आवाजाही के लिहाज से इसका महत्व है।

लिस्ट में सांभो सरोवर, बारा कुंडुन, छोटा कुंडुन, धनबाड़ी, प्रीतनगर, तेरीतनगर, रामनगर और जसवंतगढ़ जैसे स्थान भी शामिल हैं। जसवंतगढ़ में 1962 के युद्ध में शहीद भारतीय सैनिक जसवंत सिंह रावत की स्मृति से जुड़ा स्मारक है। इसके अलावा सागर, पद्मा, ज्योतिनगर और बैसाखी जैसे गांव भी सूची में हैं।

चीन अरुणाचल के नाम क्यों बदलता रहा है?

चीन अरुणाचल प्रदेश को अपना हिस्सा बताता रहा है। वह इसे जांगनान कहता है। इसी दावे के तहत चीन ने समय-समय पर अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग स्थानों के लिए चीनी नाम जारी किए हैं। चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय ने 2017 में पहली बार अरुणाचल प्रदेश के छह स्थानों के लिए नामों की लिस्ट जारी की थी। इसके बाद 2021 में 15 और 2023 में 11 स्थानों के नामों की लिस्ट जारी की गई।

भारत ने हर बार इन कोशिशों को खारिज किया है। नई दिल्ली का स्पष्ट रुख है कि किसी भारतीय इलाके का नाम बदलने की कोशिश से उसकी संप्रभुता या वास्तविक स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ता।इसी बीच अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी क्षेत्र में चीनी सैनिकों के आक्रामक रुख की खबरों ने भी चिंता बढ़ाई है। हालांकि चीन ने सीमा पर स्थिति को फिलहाल सामान्य और स्थिर बताया है।

 

अभी सीमा पर कैसे हैं हालात?

चीन ने बुधवार को कहा कि भारत-चीन सीमा पर स्थिति फिलहाल आम तौर पर स्थिर है। हालांकि, उसने अरुणाचल प्रदेश में सीमा के पास चीनी सेना की गतिविधियां बढ़ने संबंधी खबरों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन मीडिया के इन सवालों का जवाब दे रहे थे कि क्या हाल में भारत के साथ कोई सैन्य घटना हुई है और क्या चीन ने अरुणाचल प्रदेश की सीमा के पास अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ा दी हैं।

गुओ ने कहा, “चीन-भारत सीमा पर स्थिति फिलहाल आम तौर पर स्थिर है।” उन्होंने बताया कि बीजिंग और नई दिल्ली ने भारत-चीन सीमा मामलों पर 36वीं बैठक पिछले हफ्ते आयोजित की थी।

भारत ने क्या कहा?

भारत ने मंगलवार को कहा था कि वह चीन की सीमा से लगे इलाकों से जुड़े मामलों को बेहद गंभीर मानता है। उसने इस बात पर जोर दिया था कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति एवं स्थिरता बनाए रखना बेहद जरूर है, क्योंकि सीमा की स्थिति दोनों देशों के आपसी संबंधों की आगे की दिशा तय करेगी। यह बयान अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी इलाके में चीनी सैनिकों के आक्रामक रुख अपनाने की अपुष्ट खबरों के बीच आया।

भारत ने अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों और भौगोलिक क्षेत्रों की पहचान उनके आधिकारिक नामों से करने के अपने फैसले की चीन की ओर से की गई आलोचना को भी खारिज कर दिया। उसने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का एक अटूट एवं अभिन्न हिस्सा है। इस अविवादित सत्य को कोई नहीं बदल सकता।

2020 से भारत और चीन के रिश्तों में भारी तनाव

वर्ष 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुई भीषण झड़पों और उसके बाद चार साल से ज्यादा समय तक चले सैन्य टकराव के कारण भारत और चीन के रिश्तों में भारी तनाव आ गया था। इसके बाद द्विपक्षीय रिश्तों को फिर से बेहतर बनाने के लिए दोनों देशों ने पिछले करीब एक साल से ज्यादा समय में कई कदम उठाए हैं।

अक्टूबर 2024 में दोनों देशों ने पूर्वी लद्दाख में गतिरोध वाले अंतिम दो स्थान-देपसांग और डेमचोक से सैनिकों की वापसी से जुड़े समझौते को अंतिम रूप दिया था। समझौते को अंतिम रूप दिए जाने के कुछ दिनों बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रूस के कजान में मुलाकात करके संबंध सुधारने के लिए कई फैसले लिए थे।

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पिछले साल अगस्त में मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए चीन के तियानजिन शहर गए थे। एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर pm मोदी और जिनपिंग के बीच विस्तृत बातचीत हुई थी। इस बैठक में पीएम मोदी ने कहा था कि भारत आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर चीन के साथ संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

Petrol Diesel Price Today: तेल कंपनियों ने जारी किए नए रेट, जानें आपके शहर में पेट्रोल-डीजल का भाव

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 11 आगस्त 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Sun Transit 2026: सूर्य इस दिन करने वाले हैं स्वराशि सिंह में गोचर, 4 राशियों के करियर और कारोबार में लगाएंगे चार चांद

Sun Transit 2026: ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को यश, पिता और स्वास्थ्य का कारक माना जाता है। किसी भी जातक की कुंडली में सूर्य की स्थिति विशेष रूप से देखी जाती है। यह ग्रह जब राशि या नक्षत्र परिवर्तन करता है, तो उसका असर सभी 12 राशियों पर पड़ता है। हर माह राशि परिवर्तन करने वाले इस ग्रह के गोचर को संक्रांति कहा जाता है। अगस्त माह में सूर्य की सिंह संक्रांति होगी यानी सूर्य सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।

वैदिक ज्योतिष में सूर्य को नवग्रहों का राजा माना गया है। उज्जैन के ज्योतिष आचार्य आनंद भारद्वाज ने लोकल 18 को बताया कि 17 अगस्त 2026 को सूर्य कर्क राशि से निकलकर अपनी स्वराशि सिंह में प्रवेश करेंगे। सूर्य का यह गोचार विशेष रूप से चार राशि के जातकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे उनके करियर और कारोबार में जबरदस्त उछाल आ सकता है। आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता पर पड़ सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने और आय के नए रास्ते खुलने की संभावना है।

चार राशियों को होगा लाभ

मिथुन राशि : इस राशि के जातकों को यह परिवर्तन बड़ा ही शुभ परिणाम देने वाला रहेगा। इस दौरान व्यक्तित्व में निखार, आकर्षण और आत्मविश्वास बढ़ेगा। नौकरीपेशा जातकों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, साथ ही प्रमोशन और वेतनवृद्धि के अवसर बनेंगे। व्यापारियों के लिए नई योजनाएं लाभदायक साबित हो सकती हैं।

सिंह राशि : ग्रहों के राजा सूर्य का यह परिवर्तन इस राशि के जातकों के लिए बड़ा शुभ परिणाम लेकर आया है। आय के नए स्रोत खुलने की संभावना है और लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आ सकती है। अचानक धन लाभ के योग भी बन सकते हैं, जिससे आर्थिक मजबूती मिलेगी।

तुला राशि : इस राशि के जातकों के लिए सूर्य ग्रह का यह गोचर सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। इस दौरान मानसिक तनाव कम होगा और शांति और संतुलन बना रहेगा। किस्मत का साथ मिलने के संकेत हैं। कार्य आसानी से पूरे हो सकते हैं। अविवाहित लोगों के रिश्तों में शुभ प्रगति होने की संभावना बन सकती है।

वृश्चिक राशि : इस राशि के जातकों के लिए आने वाला समय शुभ संकेत लेकर आ सकता है। नौकरी से जुड़ी परेशानियां दूर होने के योग बन रहे हैं और कार्यक्षेत्र में पदोन्नति के अवसर भी मिल सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों के लिए यह समय बदलाव और प्रगति का साबित हो सकता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

Surya Grahan impact: साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण आज, शनि की ढैय्या और साढ़ेसाती वाली राशियों पर 15 दिन मंडराएगा खतरा

Asian Market: यूएस CPI आंकड़ों में नरमी से उछले एशिया मार्केट, कोस्पी 4% से ज्यादा चढ़ा

Asian Market: ज्यादातर एशिया बाजारों में तेजी देखने को मिल रही है। अनुमान के मुताबिक जुलाई महंगाई आंकड़ों का भी अमेरिकी बाजारों पर खास असर नहीं पड़ा। डाओ जोंस फ्लैट रहा, लेकिन चिप शेयरों में अच्छी तेजी से नैस्डेक आधे परसेंट से ज्यादा चला। उधर सेमीकंडक्टर शेयरों में खरीदारी से कोस्पी करीब 4 फीसदी ऊपर चढ़। निक्केई भी करीब डेढ़ परसेंट ऊपर बना हुआ।

दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) इस क्षेत्र में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला इंडेक्स रहा, जिसमें 4.48% की बढ़त हुई। जापान के निक्केई 225 (Nikkei 225) में 1.83% की बढ़त हुई, जबकि व्यापक टॉपिक्स (Topix) इंडेक्स 1.01% ऊपर चढ़ा। इसके उलट, हैंग सेंग (Hang Seng) फ्यूचर्स में 0.87% की गिरावट आई, जो व्यापक क्षेत्रीय तेज़ी के बावजूद हांगकांग बाज़ार में कुछ सावधानी का संकेत देता है।

ऑस्ट्रेलिया का बेंचमार्क S&P/ASX 200 उन प्रमुख इंडेक्स में एकमात्र ऐसा इंडेक्स था जिसमें गिरावट देखी गई। यह 0.12% नीचे आया।

वॉल स्ट्रीट (Wall Street)

बुधवार, 12 अगस्त को वॉल स्ट्रीट के बेंचमार्क इंडेक्स मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। जुलाई के महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक होने के बावजूद निवेशकों ने ज़्यादा उत्साह नहीं दिखाया।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज (Dow Jones Industrial Average) 240 अंकों के दायरे में ट्रेड करने के बाद लगभग बिना किसी बदलाव के बंद हुआ। वहीं, S&P 500 और नैस्डैक (Nasdaq) ने 30-स्टॉक वाले इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया और क्रमशः 0.3% और 0.5% की बढ़त दर्ज की।

जुलाई में महंगाई के आंकड़े कम रहने के बावजूद सप्ताह के बीच का ट्रेडिंग सेशन सुस्त रहा। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) महंगाई दर महीने-दर-महीने 0.1% और साल-दर-साल 3.4% बढ़ी।

कच्चे तेल की कीमतें

गुरुवार को तेल की कीमतों में $1 से ज़्यादा की गिरावट आई। विश्लेषकों ने 2026 में वैश्विक तेल मांग के अपने अनुमानों में कटौती की, जिसका कारण ईरान के साथ US-इजरायल संघर्ष से पैदा हुई रुकावटें थीं। हालांकि, संघर्ष के कारण सप्लाई में रुकावट की चिंताओं ने कीमतों में और गिरावट को सीमित रखा।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स $1.29 या 1.5% गिरकर $87.69 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड $1.30 या 1.6% गिरकर $81.97 प्रति बैरल पर आ गया। एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (EIA) के अनुसार, पिछले हफ़्ते US में कमर्शियल क्रूड ऑयल का स्टॉक उम्मीद से ज़्यादा बढ़ गया, जो जनवरी 2023 के बाद से सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़ोतरी थी। इस बढ़ोतरी की एक वजह एक्सपोर्ट में भारी गिरावट थी।

US-Iran युद्ध

इस जलमार्ग को फिर से खोलने की दिशा में प्रगति के बहुत कम संकेत मिले हैं, जबकि US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि इस रणनीतिक रास्ते पर वॉशिंगटन का “पूरा नियंत्रण” है।

US-Iran बातचीत में गतिरोध पैदा होता दिख रहा है क्योंकि दोनों पक्ष अपने कड़े रुख पर अड़े हुए हैं। वॉशिंगटन, तेहरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखे हुए है। मध्यस्थता की कोशिशों में मदद कर रहे पाकिस्तान ने कहा कि व्यापक शांति प्रक्रिया रुक गई है, हालांकि US-Iran के बीच समझौते (MOU) की समय-सीमा अभी भी बढ़ाई जा सकती है।

मध्य पूर्व में युद्ध, रूस-यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष और बंदरगाहों व रिफाइनरियों समेत एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर बार-बार हो रहे हमलों ने ग्लोबल क्रूड और रिफाइंड-प्रोडक्ट मार्केट में स्थिति को और मुश्किल बना दिया है।

आज सोने की कीमत

US में महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम रहने के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने को लेकर तत्काल चिंताएं कम हुईं, जिससे सोने की कीमतें $4,400 प्रति औंस के आसपास काफी हद तक स्थिर रहीं।

बुधवार को 0.9% की बढ़त के बाद शुरुआती कारोबार में सोने की कीमतों में बहुत कम बदलाव हुआ। जुलाई में US कंज्यूमर कीमतों में महीने-दर-महीने सिर्फ़ 0.1% की बढ़ोतरी के आंकड़े सामने आए थे। स्पॉट गोल्ड 0.1% गिरकर $4,403.02 प्रति औंस पर आ गया।

Stock Market Live: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Price Today: सोना हुआ और महंगा, दिल्ली से लेकर चेन्नई तक बढ़कर इस हाई पर पहुंचा भाव

देश में 13 अगस्त को सोने की कीमत में तेजी है। राजधानी दिल्ली में सुबह के वक्त 24 कैरेट गोल्ड की कीमत बढ़कर 155020 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। मुंबई में कीमत बढ़कर 154870 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। अन्य शहरों में भी ​सोने के भाव में इजाफा हुआ है। वैश्विक बाजारों में तेजी और सराफा की मांग के कारण सोने की कीमतों में वृद्धि है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और डॉलर में स्थिरता का भी कीमती धातुओं को सपोर्ट मिला।

वैश्विक बाजारों में हाजिर सोना 4,412.63 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है। निवेशक अमेरिका के महंगाई के आंकड़े आने का इंतजार कर रहे हैं।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 155020 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 142110 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 141960 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 154870 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 154920 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 142010 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 154870 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 141960 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली142110155020
मुंबई141960154870
अहमदाबाद142010154920
चेन्नई142010154920
कोलकाता141960154870
हैदराबाद141960154870
जयपुर142110155020
भोपाल142010154920
लखनऊ142110155020
चंडीगढ़142110155020

हाल ही में मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड की ‘एच1 2026 प्रेशियस मेटल्स रिपोर्ट’ में कहा गया कि सोने की कीमतों और भू-राजनीतिक संघर्षों के बीच पारंपरिक संबंध बदल रहा है। महंगाई, ब्याज दरें और मौद्रिक नीति सराफा कीमतों को प्रभावित करने वाले अधिक महत्वपूर्ण कारक बनकर उभरे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, चालू वर्ष की पहली छमाही में यह स्पष्ट हुआ कि केवल भू-राजनीतिक जोखिम सोने में तेजी बनाए रखने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। बाजार अब केवल भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर ध्यान नहीं दे रहा, बल्कि यह देख रहा है कि उनका महंगाई, ब्याज दरों और मौद्रिक नीति से जुड़ी अपेक्षाओं पर क्या प्रभाव पड़ता है।

Corporate FD vs SFB FD: 9% के करीब ब्याज के चक्कर में कितना जोखिम? जानिए कहां पैसा लगाना बेहतर

चांदी की कीमत

सोने से उलट दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में गिरावट दिख रही है। 13 अगस्त की सुबह कीमत गिरकर 254900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 66.23 डॉलर प्रति औंस पर है।