Stock in Focus: कंस्ट्रक्शन कंपनी को ₹126 करोड़ का ऑर्डर, महाराष्ट्र में 300 बेड का अस्पताल बनाएगी

Stock in Focus: पुणे की कंस्ट्रक्शन कंपनी Vascon Engineers को महाराष्ट्र के वर्धा में 300 बेड का जनरल अस्पताल बनाने का ऑर्डर मिला है। कंपनी ने बुधवार, 12 अगस्त को इसकी जानकारी दी।

कंपनी को यह ऑर्डर ₹126.39 करोड़ का मिला है। इसमें GST शामिल नहीं है। यह लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) महाराष्ट्र के नागपुर डिवीजन के वर्धा स्थित पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की ओर से जारी किया गया है।

24 महीने में पूरा करना होगा काम

यह प्रोजेक्ट आइटम-रेट के आधार पर दिया गया है। कंपनी को ऑर्डर मिलने की तारीख से 24 महीने के भीतर काम पूरा करना होगा। Vascon Engineers के मुताबिक, यह ऑर्डर घरेलू कारोबार से जुड़ा है और इसे एक घरेलू संस्था ने दिया है।

कंपनी ने यह भी साफ किया है कि ऑर्डर देने वाली संस्था में उसके किसी प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप की कोई हिस्सेदारी या रुचि नहीं है। यह प्रोजेक्ट संबंधित पक्षों के बीच होने वाले लेनदेन यानी Related Party Transaction के दायरे में भी नहीं आता।

जून में भी मिला था ₹347 करोड़ का ऑर्डर

Vascon Engineers को इससे पहले जून में भी बड़ा ऑर्डर मिला था। कंपनी ने 10 जून को बताया था कि उसे ₹347.43 करोड़ का Letter of Intent मिला है।

यह ऑर्डर सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (CPWD) की गुवाहाटी डिवीजन की ओर से दिया गया था। इसके तहत असम के गुवाहाटी में Zoo-Narengi Road Colony स्थित RBI क्वार्टर्स को गिराकर दोबारा विकसित करना है। यह काम EPC यानी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन आधार पर दिया गया है।

Vascon Engineers के शेयरों का हाल

Vascon Engineers का शेयर बुधवार को 2.44% गिरकर ₹31.25 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक ने 23.69% गिरा है। वहीं, 1 साल में इसने 35.23% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 785.68 रुपये है।

Lenskart Q1 Results: आईवियर कंपनी का मुनाफा 270% बढ़ा, रेवेन्यू ₹2714 करोड़ पहुंचा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

डायमंड लीग में नहीं होगी नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम की भिड़त, पाक खिलाड़ी ने अचानक वापस लिया नाम

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पाकिस्तान के स्टार जैवलिन थ्रोअर और ओलंपिक गोल्ड मेडल विनर अरशद नदीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। वहीं खराब प्रदर्शन के बाद नदीम ने इस महीने के अंत में लॉजेन में होने वाली डायमंड लीग प्रतियोगिता से हटने का फैसला किया है। लुसाने डायमंड लीग का आयोजन 21 अगस्त को होगी। इस लीग से नदीम ने अपना नाम वापस ले लिया है। वहीं अब डायमंड लीग में भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा का सामना पाकिस्तान के अरशद नदीम के साथ नहीं होगा।

एशियन गेम के लिए करना चाहते हैं तैयार

नदीम के डायमंड लीग से पीछे हटने की वजह एशियन गेम्स 2026 और विश्व एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप के लिए तैयारी बताया जा रहा है। फिलहाल नदीम लाहौर में प्रैक्टिस कर रहे हैं। इसके बाद वह अपने कोच टेरसियस लिबेनबर्ग और स्थानीय प्रशिक्षकों की देखरेख में कुछ हफ्तों की ट्रेनिंग के लिए दक्षिण अफ्रीका जाएंगे। अरशद नदीम के पर्सनल ट्रेनर सलमान बट के अनुसार, नदीम अब सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स के लिए खुद को पूरी तरह तैयार करना चाहते हैं। इसके लिए वह अपनी फिटनेस और शरीर पर खास ध्यान दे रहे हैं। इसके बाद वह 6 से 14 सितंबर तक बुडापेस्ट में होने वाली वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप में नजर आएंगे।

कॉमनवेल्थ गेम्स खराब प्रदर्शन

कॉमनवेल्थ गेम्स में अरशद नदीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। ग्लासगो की ठंडी और तेज हवाओं वाली परिस्थितियों में वह टॉप-8 में भी जगह नहीं बना सके। इस मुकाबले में श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरगे ने 89.75 मीटर के थ्रो के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि भारत के नीरज चोपड़ा ने सिल्वर और यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। खराब प्रदर्शन के बाद नदीम को पाकिस्तान में आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, जिसके जवाब में उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपना पक्ष रखा था।

PAAF ने नदीम से बनाई दूरी

इस बीच पाकिस्तान के अधिकारियों पर भी सवाल उठे। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, कोच सलमान बट को पद पर बनाए रखने को लेकर विवाद के बाद पाकिस्तान एमेच्योर एथलेटिक्स फेडरेशन (PAAF) ने अरशद नदीम से दूरी बना ली। इसके चलते ओलंपिक चैंपियन को अपनी ट्रेनिंग और तैयारियों का ज्यादातर काम खुद ही संभालना पड़ा। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड ने विदेशी कोचों के लिए मिलने वाली आर्थिक मदद भी रोक दी थी। इसके कारण अरशद नदीम को ग्लासगो की अलग मौसम परिस्थितियों के बावजूद लाहौर में सलमान बट की देखरेख में ही ट्रेनिंग करनी पड़ी। इससे उनकी तैयारियों पर भी असर पड़ा।

UP Heavy Rain Alert: UP में मानसून अभी और दिखाएगा रौद्र रूप! 13 अगस्त से पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश, आईएमडी ने जारी किया अलर्ट

उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मानसून एक्टिव होने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 13 से 18 अगस्त के बीच प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इस दौरान कई इलाकों में भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली और तेज आंधी-तूफान देखने को मिल सकता है। लखनऊ मौसम केंद्र के मुताबिक, मध्य प्रदेश और बंगाल की खाड़ी के पास बने कम दबाव के क्षेत्रों के कारण बारिश बढ़ सकती है। 13 अगस्त से पूर्वी यूपी में बारिश शुरू होगी और 14 अगस्त तक इसका असर मध्य व पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में भी देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं यूपी के किन राज्यों में होगी भारी बारिश

16 अगस्त तक होगी तेज बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक, मानसूनी द्रोणी के उत्तर की ओर खिसकने से प्रदेश में मानसूनी प्रवाह मजबूत होगा। बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र भी धीरे-धीरे मजबूत होने की संभावना है। आईएमडी के मुताबिक, ये सिस्टम अगले 12 घंटों में स्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र और उसके बाद 24 घंटे के दौरान अवदाब में बदल सकता है। 13 अगस्त को पूर्वी यूपी के कई इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। 14 अगस्त और 15 अगस्त को यूपी के कुछ इलाकों में भी बारिश हो सकती है। 16 अगस्त को पूर्वी यूपी के लगभग सभी इलाकों और पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है।

कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के मुताबिक, 13 अगस्त को सोनभद्र, चंदौली, गाजीपुर, गोरखपुर, बलिया, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर और बलरामपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। कई इलाकों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली का भी खतरा रहेगा। वहीं, 14 अगस्त को प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, कानपुर, सहारनपुर, बरेली, मुरादाबाद, पीलीभीत और आसपास के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

 

बारिश ने मिलेगी राहत

मौसम विभाग के मुताबिक, 15 अगस्त को प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, वाराणसी, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, बरेली, मुरादाबाद, पीलीभीत और आसपास के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। 16 अगस्त को भी प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, अयोध्या और बरेली समेत कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। 17 और 18 अगस्त को भी पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों, खासकर गोरखपुर, बस्ती, महाराजगंज, बलरामपुर, श्रावस्ती, आजमगढ़ और अंबेडकर नगर में भारी बारिश हो सकती है।

अभी भी बारिश की कमी

प्रदेश में आने वाले दिनों में बारिश बढ़ने वाली है, लेकिन इस मानसून में अब तक उत्तर प्रदेश में सामान्य से कम बारिश हुई है। 12 अगस्त तक पूर्वी यूपी में 335.4 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 30 फीसदी कम है। पश्चिमी यूपी में 369.8 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 10 फीसदी कम है। पूरे प्रदेश में अब तक 349.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 22 फीसदी कम है। वहीं, मेरठ, मुजफ्फरनगर और संभल में सामान्य से 60 फीसदी से ज्यादा बारिश हुई है। एटा और फिरोजाबाद में भी सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि कई जिलों में बारिश सामान्य से काफी कम रही है।

बारिश के दौरान बरतनी होगी सावधानी

भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में पानी भर सकता है और कच्चे या कमजोर मकानों को नुकसान पहुंच सकता है। बिजली सप्लाई प्रभावित होने के साथ सड़कों पर फिसलन भी बढ़ सकती है। नदियों और नालों का पानी अचानक बढ़ने का खतरा है। ऐसे में लोगों को जलभराव और बाढ़ वाले इलाकों से दूर रहने, सुरक्षित पक्की जगह पर रहने और बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी गई है।

Corporate FD vs SFB FD: 9% के करीब ब्याज के चक्कर में कितना जोखिम? जानिए कहां पैसा लगाना बेहतर

Corporate FD vs SFB FD: अगर आपका बैंक FD पर 6.5%-7% ब्याज दे रहा है, तो 9% के करीब ब्याज देखकर मन ललचा सकता है। अभी कुछ कॉर्पोरेट FD चुनिंदा अवधि पर करीब 8.95% तक ब्याज दे रहे हैं। कुछ स्मॉल फाइनेंस बैंक यानी SFB भी 8% से ज्यादा ब्याज दे रहे हैं।

ऊपर से देखें तो ज्यादा ब्याज वाला FD बेहतर लगता है। लेकिन मामला इतना सीधा नहीं है। दोनों में पैसे की सुरक्षा अलग है। इसलिए FD चुनते समय सिर्फ ब्याज दर देखकर फैसला नहीं करना चाहिए।

कॉर्पोरेट FD में ज्यादा जोखिम

कॉर्पोरेट FD कंपनियां और NBFCs जारी करती हैं। आप अपना पैसा कंपनी को देते हैं। कंपनी इसके बदले आपको तय ब्याज देती है। कुछ कॉर्पोरेट FD अभी करीब 8.95% तक ब्याज दे रहे हैं। वरिष्ठ नागरिकों को कुछ मामलों में थोड़ा ज्यादा ब्याज भी मिल सकता है। लेकिन यहां एक बड़ा जोखिम है। कॉर्पोरेट FD पर बैंक FD जैसा DICGC इंश्योरेंस नहीं मिलता।

यानी कंपनी पैसा लौटाने में फंस गई तो आपका जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए ऐसी FD में पैसा लगाने से पहले कंपनी की क्रेडिट रेटिंग जरूर देखनी चाहिए। उसकी आर्थिक स्थिति भी समझनी चाहिए। सिर्फ ज्यादा ब्याज देखकर FD लेना ठीक नहीं है।

small finance bank FD, corporate FD rates, best FD interest rates, DICGC insurance limit, corporate fixed deposit vs bank FD, high interest FD India, safety of bank deposits, Adhil Shetty BankBazaar

SFB FD में 8% से ज्यादा ब्याज

स्मॉल फाइनेंस बैंक भी FD पर अच्छा ब्याज दे रहे हैं। कुछ बैंक चुनिंदा अवधि में 8% या इससे ज्यादा ब्याज दे रहे हैं। यहां सबसे बड़ा फायदा जमा की सुरक्षा का है। बैंक में जमा रकम पर DICGC का बीमा मिलता है। इसके तहत एक जमाकर्ता को एक बैंक में कुल ₹5 लाख तक की जमा पर सुरक्षा मिलती है। इसमें मूलधन और ब्याज दोनों शामिल हैं।

BankBazaar के CEO आदिल शेट्टी के मुताबिक FD चुनते समय सुरक्षा को सबसे ऊपर रखना चाहिए। SFB FD में ₹5 लाख तक DICGC सुरक्षा मिलती है। वहीं Corporate FD में ज्यादा ब्याज मिल सकता है, लेकिन कंपनी का क्रेडिट रिस्क भी रहता है।

Small Finance Bank Fixed

₹5 लाख से ज्यादा पैसा है तो क्या करें?

यहां एक बात समझना जरूरी है। DICGC की ₹5 लाख की सीमा हर बैंक के हिसाब से होती है। मान लीजिए आपके पास ₹10 लाख हैं। पूरा पैसा एक ही SFB में रखने पर सिर्फ ₹5 लाख तक की जमा DICGC कवर में आएगी।

ऐसे में अलग-अलग बैंकों में पैसा बांटना एक तरीका हो सकता है। इससे बीमा कवर का फायदा अलग-अलग बैंकों में लिया जा सकता है।

कॉर्पोरेट FD या SFB FD, क्या चुनें?

अगर आपको ज्यादा ब्याज चाहिए और आप थोड़ा ज्यादा जोखिम लेने के लिए तैयार हैं, तो कॉर्पोरेट FD पर विचार कर सकते हैं। लेकिन पहले कंपनी की क्रेडिट रेटिंग और वित्तीय हालत जरूर देखें। अगर आपका फोकस सुरक्षा पर है और 8% के आसपास ब्याज मिल रहा है, तो SFB FD ज्यादा आरामदायक विकल्प हो सकता है।

एक और चीज देखनी चाहिए। वह है FD की अवधि। अगर आपको मैच्योरिटी से पहले पैसा चाहिए, तो समय से पहले FD तोड़ने पर ब्याज कम मिल सकता है। कुछ मामलों में पेनल्टी भी लग सकती है। इसलिए FD चुनते समय इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए।

PPF Calulator: हर साल PPF में ₹1.5 लाख डालने पर कितना पैसा मिलेगा? पूरा कैलकुलेशन समझिए

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Charlie Munger Investment Tips: निवेश करने में चार्ली मुंगेर के ये 4 सिद्धांत रखें याद, कभी नहीं डूबेगा पैसा

Charlie Munger Investment Tips: चार्ली मुंगेर को निवेश की गजब की समझ थी। वह वॉरेन बफे के करीबी दोस्त और बर्कशायर हैथवे के को-फाउंडर थे। नवंबर 2023 में मुंगेर का निधन हो गया। बफे भी निवेश की उनकी समझ के कायल थे। बफे खुद एक दिग्गज इनवेस्टर्स हैं। उन्होंने शेयरों में निवेश से अकूत दौलत कमाई है। बफे ने बताया था कि उन्होंने मुंगेर से कई चीजें सीखी हैं।

शेयरों में निवेश के चार बुनियादी सिद्धांत

मुंगेर निवेश में चार बुनियादी बातों पर काफी जोर देते थे। उनका मानना था कि हर व्यक्ति को निवेश में इन चार बातों का खास ख्याल रखना चाहिए। कुछ साल पहले बीबीसी को दिए इंटरव्यू में इन चार सिद्धांतों के बारे में विस्तार से बताया था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये चारों निवेश के बुनियादी सिद्धांत है, जिनके बारे में शेयरों में निवेश करने वाले हर व्यक्ति को जानना चाहिए।

उसी कंपनी में निवेश जिसके बिजनेस को आप समझते हैं

मुंगेर ने कहा था कि निवेश का पहला सिद्धांत यह है कि आप जिस कंपनी में निवेश कर रहे हैं, उसके बिजनेस की समझ आपको होनी चाहिए। यह सिद्धांत आज भी प्रासंगिक है। कई लोग किसी दोस्त और रिश्तेदार के कहने पर शेयरों में निवेश करते हैं। उन्हें इस बात की पूरी समझ नहीं होती कि वे जिस कंपनी के शेयर में निवेश कर रहे हैं, उसका बिजनेस क्या है। फिर निवेश में नुकसान होने पर वे दोस्त और रिश्तेदार को जिम्मेदार मानते हैं।

निवेश से पहले कंपनी की इंट्रिन्सिक वैल्यू जान लें

दूसरे सिद्धांत के बारे में बताते हुए मुंगेर ने कहा था कि निवेश से पहले कंपनी की इंट्रिन्सिक वैल्यू के बारे में जानना बहुत जरूरी है। Intrinsic Value का मतलब कंपनी के असल वर्थ से है। यह वैल्यू कंपनी की फाइनेंशियल ताकत, अर्निंग्स और फ्यूचर कैश फ्लो पर आधारित होती है। यह कंपनी के शेयर के प्राइस से अलग है।

अच्छी मैनेजमेंट वाली कंपनियों की ग्रोथ तेज होती है

तीसरे सिद्धांत में मुंगेर ने कंपनी के मैनेजमेंट पर फोकस करने को कहा था। उनका कहना था कि आप जिस कंपनी के शेयर में निवेश करने जा रहे हैं, उसके मैनेजमेंट के बारे में आपको जरूर पहले पता कर लेना चाहिए। अच्छे मैनेजमेंट वाली कंपनियों की ग्रोथ ज्यादा होती है। ऐसी कंपनियों में मार्केट लीडर बनने की क्षमता होती है।

यह भी पढ़ें: Gland Pharma के शेयर बन सकते हैं रॉकेट, नोमुरा ने दिया ₹3330 का टारगेट प्राइस

शेयर को कम कीमत पर खरीदने से ज्यादा मुनाफा कमाने की गुंजाइश 

मुंगेर का चौथा सिद्धांत यह था कि आपको किसी शेयर में सही कीमत पर निवेश करना चाहिए। कई लोग किसी कंपनी के शेयर को तब खरीद लेते हैं, जब उसका प्राइस 52 हफ्ते के हाई पर होता है या शेयर पहले ही काफी चढ़ चुका होता है। मुंगेर ने कहा था कि किसी शेयर की खरीद कीमत जितनी कम होगी, उससे मुनाफा कमाने की संभावना उतनी ज्यादा होगी। इसलिए किसी शेयर को खरीदने से पहले यह देख लेना जरूरी है कि कही आप उसे ज्यादा कीमत पर तो नहीं खरीद रहे हैं।

गौरव खन्ना से जुड़े सवाल का जवाब नहीं देना चाहती आकांक्षा चमोला? ‘लॉक अप’ को लेकर भी कही ये बात

एक्ट्रेस आकांक्षा चमोला इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी चर्चा में है। हाल ही में एक्ट्रेस ने ‘लॉक अप: सच या सजा’ में खुलासा किया कि वह और उनके पति और टीवी एक्टर गौरव खन्ना ने एक-दूसरे से अगल होने का फैसला किया है। आकांक्षा की ये बात सुनकर फैंस हैरान रह गए थे। वहीं हाल में एक्ट्रेस आकांक्षा चमोला ने एक्टर गौरव खन्ना और ‘लॉक अप’ से जुड़े सवालों पर बात करने से इनकार कर दिया है। एक्ट्रेस ने इस मामले में अपनी निजी जिंदगी को चर्चा से दूर रखने का फैसला किया है।

हाल ही में आकांक्षा चमोला ‘लॉक अप: सच या सजा’ के दूसरे सीजन में बतौर कंटेस्टेंट नजर आईं। शो के दौरान उन्होंने अपनी शादी और निजी जिंदगी से जुड़े कुछ खुलासे किए है।

गौरव और ‘लॉक अप’ पर नहीं करना बात

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में आकांक्षा चमोला रिपोर्टर्स से बातचीत करती नजर आईं। बातचीत शुरू होने से पहले ही उन्होंने मुस्कुराते हुए साफ कर दिया कि, वह गौरव खन्ना या ‘लॉक अप’ से जुड़े किसी भी सवाल का जवाब नहीं देंगी। अभिनेत्री ने कहा कि अपनी शादी को लेकर कई महीनों तक सार्वजनिक चर्चा होने के बाद अब वह इस मामले को निजी रखना चाहती हैं और इन विषयों पर बात नहीं करना चाहतीं।

 

‘लॉक अप 2’ में किया था खुलासा

आकांक्षा चमोला ने ‘लॉक अप 2’ के प्रीमियर एपिसोड में गौरव खन्ना से अलग होने की जानकारी देकर फैंस को हैरान कर दिया था। उन्होंने बताया था कि, दोनों एक साल से ज्यादा समय से अलग रह रहे थे और अब तलाक की प्रक्रिया की ओर बढ़ रहे हैं। आकांक्षा ने ये भी स्पष्ट किया था कि उनका अलग होना शो की पब्लिसिटी या TRP के लिए नहीं था। शो खत्म होने के बाद उन्होंने कहा था कि इमोशनल रूप से दोनों अपनी शादी से आगे बढ़ चुके हैं और अब सिर्फ तलाक से जुड़े दस्तावेजों पर औपचारिक साइन होना बाकी है।

‘बिग बॉस 19’ गौरव ने की थी रिश्ते पर बात

इस खबर के फैंस हैरान रह गए थे, क्योंकि ‘बिग बॉस 19’ के दौरान गौरव खन्ना ने आकांक्षा चमोला के साथ अपने रिश्ते को लेकर काफी कुछ बताया था। शो में वह अक्सर आकांक्षा और उनके प्रति अपने प्यार का जिक्र करते थे। गौरव ने ये भी बताया था कि वह बच्चे चाहते थे, लेकिन आकांक्षा की इच्छा का सम्मान करते हुए उन्होंने इस फैसले को स्वीकार किया। उन्होंने कहा था कि दोनों की लव मैरिज थी और ऐसे में वह अपनी पत्नी की पसंद और फैसले का सम्मान करना चाहते हैं।

Independence Day 2026: स्वतंत्रता दिवस पर सबसे पहले किसने लाल किले पर फहराया था तिरंगा? जानें इतिहास में दर्ज इस घटना के बारे में

Independence Day 2026: हमारा देश 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजी हुकूमत से आजाद हुआ था। लंबे संघर्ष के बाद मिली आजादी से सभी उत्साहित थे। यह उत्साह आजादी के 79 साल पूरे होने के बाद आज भी कायम है। इस साल 15 अगस्त 2026 को भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराकर आजादी के जश्न की शुरुआत करेंगे। नई दिल्ली स्थित लाल किले पर झंडा फहराना एक ऐसी परंपरा है, जो 1947 के पहले से चली आ रही है। आइए आज जानें कि लाल किले पर पहली पर किसने 15 अगस्त को तिरंगा फहराया था।

इतिहास के पन्नों से

आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 16 अगस्त, 1947 को पहली बार लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। तब से लाल किले पर तिरंगा फहराना भारतीय स्वतंत्रता और हमारे गौरव का प्रतीक बन गया है। भारत को 15 अगस्त, 1947 को आधी रात को आजादी मिली थी, लेकिन लाल किले पर झंडा 16 अगस्त, 1947 को सुबह 8:30 बजे फहराया गया था। 15 अगस्त, 1947 को आधिकारिक स्वतंत्रता दिवस पर, मुख्य झंडा फहराने की रस्म आधी रात को कॉन्स्टिट्यूएंट असेंबली (बाद में संसद भवन) में हुई थी। इसके बाद शाम को इंडिया गेट के पास एक और रस्म हुई। लाहौरी गेट की प्राचीर से नेहरू के भाषण ने भारत के सालाना स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए एक मिसाल कायम की, जहां प्रधानमंत्री हर 15 अगस्त को राष्ट्रीय झंडा फहराते हैं और देश को संबोधित करते हैं।

सबसे ज्यादा बार पंडित नेहरू ने फहराया तिरंगा

पंडित नेहरू ने 1947 से 17 बार लाल किले पर झंडा फहराया है, जो हमारी स्वतंत्रता के 79 सालों में किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा सबसे ज्यादा बार फहराया गया है। इस मामले में उनकी बेटी इंदिरा गांधी दूसरे नंबर पर हैं, जिन्होंने 16 बार तिरंगा फहराया है। इसके बाद, श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छह बार लाल किले पर झंडा फहराया है, उनके बाद राजीव गांधी और पीवी नरसिम्हा राव – पांच-पांच बार, लाल बहादुर शास्त्री ने 1964 और ’65 में, मोरारजी देसाई ने 1977 और ’78 में, चरण सिंह ने 1979 में, श्री वीपी सिंह – 1990 में, श्री एचडी देवेगौड़ा – 1996 में और श्री इंद्र कुमार गुजराल – 1997 में।

चंद्रशेखर ने कभी नहीं फहराया लाला किले पर झंडा

दिलचस्प बात यह है कि गुलजारी लाल नंदा ने, अंतरिम प्रधानमंत्री के तौर पर अपने दो छोटे कार्यकाल में, चंद्रशेखर के अलावा कभी झंडा नहीं फहराया। प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह 15 अगस्त, 2007 को 10 बार लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से अब तक 12 बार तिरंगा फहरा चुके हैं। इस साल देश के स्वाधीनता दिवस की 80वीं वर्षगांठ पर वह 13वीं बार ध्वजारोहण करेंगे।

CBSE Class 12 compartment result 2026: 12वीं कंपार्टमेंट परीक्षा के रिजल्ट हुए घोषित, डिजीलॉकर से स्कोरकार्ड करें डाउनलोड

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोने और चांदी की कीमतों को लगे पंख, सिर्फ 7 सत्र में ₹12400 चढ़ा गोल्ड

Gold Silver Prices Today: सोने और चांदी के लिए 12 अगस्त यानी बुधवार खास रहा। दिल्ली सर्राफा बाजार में दोनों कीमती मेटल्स की कीमतों में पंख लग गए। खास बात यह रही कि सोने में लगातार 7वें दिन तेजी जारी रही। सोने का भाव 2,600 रुपये चढ़कर 1,59,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।

सिर्फ 7 सत्रों में सोने में 12400 रुपये की तेजी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में तेजी का असर इसकी घरेलू कीमतों पर पड़ा। इसके अलावा सोने में अच्छी खरीदारी भी दिखी। बीते सात सत्रों में सोने का भाव करीब 8.4 फीसदी यानी 12,400 रुपये चढ़ा है। चांदी में भी आज 4000 रुपये का उछाल दिखा। इससे भाव 2,46,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।

क्रूड ऑयल में तेजी के बावजूद बुलियन में उछाल 

लेमन मार्केट डेस्क में रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि अमेरिका में इनफ्लेशन का डेटा आने से पहले निवेशकों की दिलचस्पी सोने में बढ़ी है। सोने को निवेश का सबसे सुरक्षित माध्यम माना जाता है। उधर, पश्चिम एशिया में जियोपॉलिटिकल टेंशन बना हुआ है। क्रूड का भाव हाई लेवल पर बना हुआ है। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में तेजी है।

अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में नरमी से बुलियन को सपोर्ट

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में नरमी आई है। डॉलर में भी स्थिरता है। इससे बुलियन की कीमतों को सपोर्ट मिला है। बाजार की नजरें अमेरिका में इनफ्लेशन के डेटा पर लगी हैं। आज देर रात डेटा आएंगे। इधर, भारत में रिटेल इनफ्लेशन में लगातार चौथे हफ्ते इजाफा हुआ है।

इनवेस्टर्स की नजरें अमेरिका में इनफ्लेशन डेटा पर 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी में जबर्दस्त तेजी दिखी। स्पॉट गोल्ड 1.19 फीसदी चढ़कर 4,422.14 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। स्पॉट सिल्वर 2.19 फीसदी के उछाल के साथ 66.12 डॉलर प्रति औंस पर था। हालांकि, ब्रेंट क्रूड का भाव अब भी 88 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि तेज गिरावट के बाद सोने और चांदी में अच्छी रिकवरी जारी है। इस साल जनवरी के आखिर में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद बुलियन में तेज गिरावट आई थी।

IRCON Q1 Results: सरकारी रेल कंपनी का मुनाफा 44% घटा, रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट बढ़ा

IRCON Q1 Results: रेलवे सेक्टर की सरकारी इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन कंपनी IRCON International Ltd ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 43.6% घटकर ₹92.74 करोड़ रह गया।

पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹164.5 करोड़ था। हालांकि, रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में बढ़ोतरी हुई।

IRCON का रेवेन्यू 9.5% बढ़ा

IRCON का कंसोलिडेटेड ऑपरेशंस से रेवेन्यू 9.5% बढ़कर ₹1,955.8 करोड़ हो गया। पिछले साल की जून तिमाही में यह ₹1,786.3 करोड़ था। EBITDA भी 2.6% बढ़कर ₹205.17 करोड़ रहा। एक साल पहले यह करीब ₹200 करोड़ था।

हालांकि, EBITDA मार्जिन में गिरावट आई। यह पिछले साल के 11.19% से घटकर 10.49% रह गया।

ISTPL का टोल कलेक्शन अधिकार खत्म

IRCON ने बताया कि उसकी ज्वाइंट वेंचर कंपनी Ircon-Soma Tollway Pvt. Ltd. (ISTPL) का टोल कलेक्शन अधिकार 14 मई को खत्म हो गया। यह अधिकार बढ़ाई गई कंसेशन अवधि पूरी होने के बाद खत्म हुआ। ISTPL में IRCON की 50% हिस्सेदारी है। अब हाईवे से जुड़े एसेट्स नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को सौंपे जा रहे हैं।

30 जून तक ISTPL की नेटवर्थ करीब ₹216.17 करोड़ थी। इसमें IRCON का हिस्सा करीब ₹108.09 करोड़ है। कंपनी ने कहा कि उसे ज्वाइंट वेंचर में अपने निवेश की वैल्यू में किसी तरह की कमी यानी इम्पेयरमेंट की उम्मीद नहीं है।

दूसरे प्रोजेक्ट्स पर भी अपडेट

रेल मंत्रालय ने Bastar Railway Pvt. Ltd. को बंद करने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। कंपनी के मुताबिक, इससे जुड़ी कानूनी और दूसरी प्रक्रियाएं चल रही हैं। IRCON ने यह भी बताया कि उसने MCL प्रोजेक्ट के फेज I और फेज II को रेल मंत्रालय को सौंपने का फैसला किया है।

इसके अलावा, 23 जून को IRCON ने बताया था कि Badri Rai & Company के साथ उसके ज्वाइंट वेंचर को ₹763.1 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह ऑर्डर त्रिपुरा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी कॉरपोरेशन ने अगरतला में स्मार्ट-ग्रिड प्रोजेक्ट के लिए दिया है।

शेयर में 1.32% की गिरावट

पिछले 6 महीने में स्टॉक 18.14% गिरा है। वहीं, 1 साल में यह 24.34% नीचे आया है। कंपनी का मार्केट कैप 11.87 हजार करोड़ रुपये है।

Gland Pharma के शेयर बन सकते हैं रॉकेट, नोमुरा ने दिया ₹3330 का टारगेट प्राइस

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।