VIP Industries की सात तिमाहियों के बाद बढ़ी सेल्स, लेकिन दो मोर्चे पर तगड़ा शॉक

VIP Industries Share Price: लगातार सात तिमाहियों के बाद जून तिमाही में वीआईपी इंडस्ट्रीज की सेल्स ग्रोथ पॉजिटिव रही, जिसका असर आज इसके शेयरों पर दिख सकता है। हालांकि यह भी ध्यान रहे कि कंपनी का घाटा दोनों मोर्च पर बना हुआ है, एक नेट प्रॉफिट और दूसरा ईबीआईटीडीए के ऑपरेटिंग मोर्चे पर। शेयरों की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले यानी 13 अगस्त को रिजल्ट आने के पहले कमजोर मार्केट सेंटिमेंट में इसके शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखा था। बीएसई पर इसके शेयर 1.74% की गिरावट के साथ ₹310.75 के भाव पर बंद हुए थे और कंपनी ने शाम में कारोबारी नतीजे पेश किए थे।

VIP Industries Q1 Results: खास बातें

चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में वीआईपी इंडस्ट्रीज का रेवेन्यू सालाना आधार पर ₹561.43 करोड़ से 3% बढ़कर ₹578.36 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी का कहना है कि 80 से अधिक नए प्रोडक्ट्स की लॉन्चिंग के दम पर 50% रेवेन्यू मिला। वहीं ऑपरेटिंग लेवल पर यह इस दौरान ₹24.65 करोड़ के ईबीआईटीडीए गेन से ₹11.12 करोड़ के ईबीआईटीडीए लॉस में आ गई। इस दौरान कंपनी का नेट लॉस भी ₹13.1 करोड़ से तेजी से बढ़कर ₹53.56 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी का कहना है कि कच्चे माल की तेजी के चलते इसकी प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ा और कच्चे माल को कच्चे तेल की महंगाई से झटका लगा।

कंपनी के एमडी और सीईओ अतुल जैन का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में कंपनी अपने हर एक ब्रांड्स- वीआईपी (VIP), स्काईबैग्स (Skybags), एरिस्टोक्रेट (Aristocrat), अल्फा (Alpha) और कैपरीस (Caprese) को मजबूत करने पर फोकस बनाए हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि पूरी कंपनी और चैनल नेटवर्क में इन्वेंट्री को ऑप्टिमाइज किया गया है, ब्रांड और प्राइसिंग से जुड़े नियम तय किए गए हैं, एक मजबूत लीडरशिप टीम बनाई गई और चैनल इकोसिस्टम में नई जान फूंकी गई जिसके दम पर पुरानी दिक्कतें काफी हद तक खत्म हो चुकी हैं और वीआईपी अब ग्रोथ के अगले चरण के लिए तेजी पकड़ रही है। बता दें कि कंपनी ने सात तिमाहियों के बाद जून तिमाही में सेल्स में अच्छी ग्रोथ दिखाई है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

वीआईपी इंडस्ट्रीज के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 17 अक्टूबर 2025 को बीएसई पर यह ₹473.30 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल पर शेयरों की तेजी थम गई और 7 महीने में यह 41.16% टूटकर 18 मई 2026 को ₹278.50 पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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