न सेटअप बिगड़ा, न मार्केट चकमा दिया… फिर भी एक ही दिन में गंवा दिए ₹61 लाख! गलती ऐसी की हैरान रह जाएंगे आप

Stock Market Viral Story: शेयर बाजार के F&O सेगमेंट से एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक ट्रेडर को न तो खराब टेक्निकल चार्ट्स की वजह से नुकसान हुआ और न ही बाजार की चाल ने उसे चकमा दिया, बल्कि एक छोटी सी चूक की वजह से उसके ₹61 लाख साफ हो गए।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मयंक राज नाम के इस ट्रेडर ने अपनी आपबीती साझा करते हुए लिखा, ‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि देर तक सो जाना मुझे इतना महंगा पड़ जाएगा।’ दरअसल, 9 अक्टूबर को समय पर नींद न खुलने की वजह से वे अपना स्टॉप-लॉस नहीं लगा सके और एक झटके में उनका लाखों की पोजीशन लाल निशान में चला गया।

मयंक ने अपनी पोस्ट में बताया कि, ‘कल मैंने कॉल ऑप्शंस शॉर्ट किए थे, लेकिन आज सुबह मैं समय पर नहीं उठ सका। जब मैं आखिरकार उठा और अपनी ओपन पोजीशन चेक की, तो मुझे बहुत बड़ा नुकसान हो चुका था। यह नुकसान मेरे ट्रेड सेटअप की गलती से ज्यादा अनुशासन की कमी के कारण हुआ। अगर मैं समय पर उठ जाता, तो अपने तय स्टॉप-लॉस के अनुसार ₹15-20 लाख के आसपास नुकसान सीमित करके बाहर निकल जाता।’

कैसे हुआ नुकसान और कैसे रिकवर हुए 10 लाख?

ट्रेडर ने अपने X अकाउंट पर अपने ट्रेडिंग डैशबोर्ड का एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया, जिसमें 13 अक्टूबर की एक्सपायरी वाले Nifty 22,000 Call को शॉर्ट करने पर ₹71 लाख का घाटा दिखाई दे रहा था। वैसे उसने उसी एक्सपायरी के Nifty 22,500 Call को खरीदकर ₹10 लाख का मुनाफा कमाया, जिससे उसका कुल शुद्ध नुकसान घटकर ₹61 लाख रह गया।

मयंक ने आगे लिखा, ‘लेकिन कोई बात नहीं। मैंने पिछले हफ्ते कुछ अच्छा मुनाफा कमाया था, हालांकि इस नुकसान ने अब मेरे अक्टूबर महीने के कुल P&L को लाल निशान में धकेल दिया है। देखते हैं बाकी महीना कैसा रहता है। अब मेरा ध्यान धीरे-धीरे रिकवरी करने, अनुशासित रहने और अक्टूबर को हरे निशान में बंद करने पर होगा। मैं अपनी यह यात्रा आपके साथ साझा करता रहूंगा।’

सोशल मीडिया पर नेटीजंस ने दी ये सलाह

इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की भारी प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई यूजर्स और अनुभवी ट्रेडर्स ने मयंक को भविष्य में BTST ट्रेड्स से बचने की सलाह दी। यूजर्स ने कहा कि ओवरनाइट पोजीशन ले जाते समय सिस्टम में पहले से स्टॉप लॉस सेट कर देना चाहिए, ताकि खुद मौजूद न रहने पर भी भारी नुकसान से बचा जा सके। एक X यूजर ने लिखा कि 8 अक्टूबर को जब निफ्टी 1.5% गिरा था, तब इतने निचले स्तर पर मार्केट को शॉर्ट करना ही एक बड़ी गलती थी।

9 अक्टूबर को कैसी रही बाजार की चाल

भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार, 9 अक्टूबर को बढ़त के साथ बंद हुए और पिछले 25 वर्षों में अपनी सबसे लंबी साप्ताहिक गिरावट की श्रृंखला को तोड़ दिया। Nifty 50 1.3% की बढ़त के साथ 22,520.45 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं Sensex 1.23% उछलकर 72,472.33 के स्तर पर पहुंचा।

बाजार में इस रिकवरी की मुख्य वजह आईटी (IT) शेयर रहे। दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के मजबूत तिमाही नतीजों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कमाई में बढ़ोतरी और अंतरराष्ट्रीय कारोबार में मजबूत वृद्धि ने शेयर बाजार की बढ़त की कमान संभाली।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Rally: फैब फ्राइडे, सेंसेक्स 879 अंक चढ़ा; निफ्टी 22500 के पार, निवेशकों की दौलत ₹3 लाख करोड़ बढ़ी

2 दिन की गिरावट के बाद शुक्रवार, 9 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजारों में शानदार तेजी लौटी। सेंसेक्स 879.09 अंकों या 1.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 72,472.33 पर बंद हुआ। निफ्टी 288.65 अंकों या 1.3 प्रतिशत के उछाल के साथ 22,520.45 पर बंद हुआ। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 3 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 1,075.96 अंक तक चढ़कर 72,669.20 के हाई तक गया। इसी तरह निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से 348.95 अंक तक चढ़कर 22,580.75 के हाई तक गया।

गुरुवार को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 462.33 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने के बाद यह 465.33 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया। यानि कि 3 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी। IT स्टॉक्स में तेजी, कच्चे तेल की कीमत में गिरावट, रुपये में बढ़त जैसे फैक्टर्स के चलते बाजार में तेजी आई।

निफ्टी पर ऑयल एंड गैस को छोड़कर दूसरे सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा 3 प्रतिशत की तेजी IT इंडेक्स में दिखी। निफ्टी पर अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज, ITC, आयशर मोटर्स, TCS और HCL टेक्नोलॉजीस टॉप गेनर रहे। वहीं BSE, रिलायंस इंडस्ट्रीज, JSW स्टील और सिप्ला टॉप लूजर रहे।

एक दिन पहले क्या रहा था हाल

गुरुवार, 8 अक्टूबर को घरेलू शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट रही थी। यह काफी तगड़ी थी। सेंसेक्स 1,045.46 अंक या 1.44 प्रतिशत का गोता लगाकर ढाई साल से अधिक के निचले स्तर 71,593.24 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,310.95 अंक तक लुढ़क गया था। निफ्टी 371.25 अंक या 1.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 21 महीने के निचले स्तर 22,231.80 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी 423.15 अंक तक लुढ़का था।

कच्चे तेल के दाम में तेजी और घरेलू व वैश्विक स्तर पर मौद्रिक नीति के और सख्त होने की आशंका के चलते ऐसा हुआ। भारतीय रिजर्व बैंक ने अक्टूबर की मॉनेटरी पॉलिसी रिव्यू मीटिंग में रेपो रेट को 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया है।

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रुपये की चाल

शुक्रवार को भारतीय करेंसी रुपये में तेजी रही। यह अमेरिकी मुद्रा डॉलर के मुकाबले 16 पैसे चढ़कर 96.72 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एक दिन पहले रुपया, अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 13 पैसे की गिरावट के साथ 96.88 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों समेत लगातार बने व्यापक आर्थिक दबाव के कारण रुपये में गिरावट आई।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

शेयर बाजार में आ सकती है 50% तक तेजी, प्रशांत जैन ने कहा-अगले कुछ हफ्तों में निवेश के बड़े मौके

भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट का दौर खत्म होने जा रहा है। यह उन इनवेस्टर्स के लिए शेयरों में निवेश का सही वक्त है, जो मध्यम और लंबी अवधि के लिए इनवेस्ट करना चाहते हैं। दिग्गज फंड मैनेजर प्रशांत जैन ने यह कहा है। उन्होंने 3पी इनवेस्टमेंट मैनेजर्स के सितंबर तिमाही के लेटर में कई महत्वपूर्ण बताई है।

दिसंबर मध्य तक FIIs की बिकवाली सुस्त पड़ जाएगी

प्रशांत जैन (Prashant Jain) को इनवेस्टमेंट का कई दशकों का अनुभव है। उन्होंने कहा है कि अगले तीन साल में भारतीय शेयर बाजारों का रिटर्न 40-50 फीसदी रह सकता है। शॉर्ट टर्म में बाजार में हल्की गिरावट के आसार दिख रहे हैं। विदेशी निवेशकों (FIIs) की भारतीय बाजार में बिकवाली के बारे में उन्होंने कहा कि दिसंबर के मध्य तक इसमें कमी आ सकती है।

अगले कुछ हफ्तों में शेयर बाजारों में एंट्री का गोल्डन मौका

उन्होंने कहा कि दिसंबर के मध्य के बाद मार्केट्स में रिकवरी शुरू होगी। इसलिए अगले कुछ हफ्ते या महीने शेयर बाजारों में एंट्री का शानदार मौका हो सकता है। पिछले करीब दो सालों से भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट दिखी है। सितंबर 2024 से सितंबर 2026 के बीच Nifty 12.4 फीसदी गिरा है। इस दौरान विदेशी निवेशकों यानी FIIs ने 58 अरब डॉलर से ज्यादा के शेयर बेचे हैं। हालांकि, FY25 और FY26 में इकोनॉमी की ग्रोथ करीब 7.5 फीसदी रही।

इन वजहों से भारतीय बाजार का प्रदर्शन रहा खराब

भारतीय शेयर बाजारों पर कई फैक्टर्स का असर पड़ा है। इनमें जियोपॉलिटिकल टेंशन, अमेरिकी टैरिफ, गोल्ड के आयात में उछाल और क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी शामिल हैं। साथ ही फॉरेन इनवेस्टर्स की दिलचस्पी आर्टफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर कंपनियों से जुड़ी स्टॉक्स में बढ़ी है। इससे विदेशी निवेश उन बाजारों में गया है, जिनमें ऐसी कंपनियां मौजूद हैं।

विदेशी निवेशकों ने AI स्टॉक्स में पैसे लगाने में दिखाई दिलचस्पी

AI और सेमीकंडक्टर सुपरसाइकिल में भारत की मौजूदगी ना के बराबर है। इसलिए विदेशी निवेशकों ने भारत से पैसा निकाल एआई और सेमीकंडक्टर्स वाले बाजारों में लगाए हैं। इस वजह से अमेरिका और कई उभरते बाजारों के मुकाबले भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन खराब रहा है। भारतीय शेयर बाजारों में हालिया बिकवाली की वजह अमेरिकी में 10 साल के बॉन्ड्स की बढ़ती यील्ड है। यह 5 फीसदी के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। इससे अमेरिकी बॉन्ड्स में निवेश का आकर्षण बढ़ा है।

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हर दो साल गिरने के बाद शेयर बाजारों में आती है बड़ी तेजी

3पी इनवेस्टमेंट मैनेजर्स ने अपनी स्टडी में पाया है कि हर दो सालों में 15 फीसदी गिरावट के बाद के अगले तीन सालों में शेयर बाजारों में अच्छी तेजी देखने को मिली है। इस दौरान बाजार ने कम से कम 20 फीसदी रिटर्न दिए हैं। कई शेयरों का रिटर्न तो 50 फीसदी या इससे ज्यादा रहा है। हालांकि, यह इस बात की गारंटी नहीं है कि आगे भी ऐसा होगा। यह सिर्फ एक ट्रेंड है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Acme India Industries Listing: SME कंपनी की शानदार शुरुआत, 13% बढ़त में लिस्ट; शेयर में तुरंत लगा अपर सर्किट

SME सेक्टर में एक्मे इंडिया इंडस्ट्रीज की 9 अक्टूबर को शेयर बाजारों में लिस्टिंग शानदार रही। BSE SME पर शेयर लगभग 13 प्रतिशत बढ़त के साथ 221 रुपये पर लिस्ट हुआ। कुछ ही देर में शेयर लिस्टिंग प्राइस से 5 प्रतिशत उछला और 232.05 रुपये पर अपर सर्किट लगा। IPO प्राइस ₹196 प्रति शेयर था। कंपनी का ₹121.69 करोड़ का IPO 124.23 गुना भरकर बंद हुआ था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 137.93 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 196.27 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 85.50 गुना सब्सक्राइब हुआ।

क्या करती है Acme India Industries

एक्मे इंडिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड भारतीय रेलवे रोलिंग स्टॉक सेक्टर में काम करती है। इसका फोकस रेलवे कोच के इंटीरियर और पुर्जों की डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई, इंस्टॉलेशन और वॉरंटी मेंटेनेंस पर है। कंपनी नए रेलवे कोच के लिए टर्नकी फर्निशिंग सॉल्यूशन; पुराने कोच के रिफर्बिशमेंट, अपग्रेडेशन, कन्वर्जन; और टॉयलेट सुविधाओं के आधुनिकीकरण का काम करती है।

यह कई तरह के प्रोडक्ट बनाती और सप्लाई करती है, जैसे ब्रेल साइनेज, FRP प्रोडक्ट, सैनिटरी वेयर, एपॉक्सी फ्लोरिंग, डेकोरेटिव ग्लास FRP, टॉयलेट और कंपार्टमेंट के दरवाजे, सीटें और बर्थ, फायर बैरियर कोटिंग, हाइजीन से जुड़े प्रोडक्ट आदि। एक्मे इंडिया इंडस्ट्रीज 16 रेलवे जोन में ऑपरेशनल है। कंपनी मुख्य रूप से टेंडर-बेस्ड बिजनेस मॉडल के जरिए काम करती है।

IPO में ₹105.98 करोड़ के 54.07 लाख नए शेयर जारी हुए। साथ ही ₹15.71 करोड़ के 8.02 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल रहा। कंपनी ने इश्यू की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से ₹34.61 करोड़ जुटाए।

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IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

एक्मे इंडिया इंडस्ट्रीज अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर हासिल हुए पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, कर्ज चुकाने के​ लिए, अतिरिक्त प्लांट और मशीनरी की खरीद के लिए, और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Rise: इन 3 वजहों से शेयर बाजार में रौनक! सेंसेक्स 850 अंक उछला, निफ्टी 22500 के पार

Stock Market Rise: गुरुवार के चौतरफा बिकवाली के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने जोरदार बाउंस-बैक किया है। पिछले सत्र में निचले स्तरों पर जाने के बाद ओवरसोल्ड जोन से आई ‘वैल्यू बाइंग’ और आईटी शेयरों में मची तूफानी खरीदारी के दम पर दोनों मुख्य सूचकांक हरे निशान में ट्रेड कर रहे हैं।

सुबह 10:22 बजे, सेंसेक्स 737.26 अंक (1.02%) की मजबूत बढ़त के साथ 72,330.50 और निफ्टी 50 भी 243.20 अंक (1.09%) चढ़कर 22,475.00 के स्तर पर पहुंच गया है। इसके अलावा, निफ्टी बैंक 610 अंक (1.11%) सुधरकर 55,125.50 पर और मिडकैप 100 इंडेक्स 732 अंक (1.26%) चढ़कर 58,615.30 पर आ गया है। अमेरिकी वायदा बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने निवेशकों के भरोसे को और मजबूत किया है।

Stock Market Live Update: सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा, निफ्टी 22,450 पर, TCS, Apollo Hospitals शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी

बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह बदलने की सबसे बड़ी वजह दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के शानदार नतीजे रहे, जिससे निफ्टी आईटी इंडेक्स में 3.45% (958 अंक) का उछाल आया। टीसीएस के शेयर में करीब 4% की तेजी ने पूरे बाजार को सहारा दिया।

शेयर बाजार में रौनक लौटने की 3 मुख्य वजहें

1. आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी: दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के दूसरी तिमाही (Q2 FY27) में 15% मुनाफा बढ़कर ₹13,884 करोड़ रहने और ₹12 प्रति शेयर डिविडेंड के ऐलान से आईटी शेयरों में शानदार तेजी आई है। टीसीएस का शेयर करीब 4% उछला, जिसने पूरे निफ्टी आईटी इंडेक्स को 3.45% मजबूत कर दिया।

2. टेक्निकल बाउंस-बैक: बीते सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी में 1,000 से ज्यादा अंकों की गिरावट के बाद बाजार ओवरसोल्ड जोन में चला गया था। निचले स्तरों पर निवेशकों और संस्थागत खरीदारों की ओर से आई ‘वैल्यू बाइंग’ ने बाजार को सहारा दिया है।

3. वैश्विक बाजारों से मजबूत संकेत: अमेरिकी वायदा बाजारों में 0.5% तक की बढ़त देखी गई, जिसने घरेलू बाजार के सेंटिमेंट को बूस्ट करने का काम किया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Gain: बाजार में तेजी लौटी, सेंसेक्स 438 अंक तक उछला, निवेशकों की दौलत ₹66563 करोड़ बढ़ी

गुरुवार को भारी बिकवाली के बाद भारतीय शेयर बाजारों में शुक्रवार, 9 अक्टूबर को तेजी ने फिर दस्तक दी। सेंसेक्स हरे निशान में खुला और चंद पलों में पिछली क्लोजिंग से 438.43 अंक तक चढ़कर 72,036.03 के हाई तक गया। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 66,563 करोड़ रुपये बढ़ गया। इसी तरह निफ्टी भी बढ़त में खुलने के बाद पिछली क्लोजिंग से 151.65 अंक तक चढ़कर 22,383.45 के हाई तक गया।

गुरुवार को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,62,33,248.126 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट खुलने के कुछ ही देर में यह 4,62,99,811.44 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 66,563.314 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी।

एक दिन पहले कैसी रही थी चाल

गुरुवार, 8 अक्टूबर को घरेलू शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट रही थी। यह काफी तगड़ी थी। सेंसेक्स 1,045.46 अंक या 1.44 प्रतिशत का गोता लगाकर ढाई साल से अधिक के निचले स्तर 71,593.24 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,310.95 अंक तक लुढ़क गया था। निफ्टी 371.25 अंक या 1.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 21 महीने के निचले स्तर 22,231.80 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी 423.15 अंक तक लुढ़का था।

कच्चे तेल के दाम में तेजी और घरेलू व वैश्विक स्तर पर मौद्रिक नीति के और सख्त होने की आशंका के चलते ऐसा हुआ। भारतीय रिजर्व बैंक ने अक्टूबर की मॉनेटरी पॉलिसी रिव्यू मीटिंग में रेपो रेट को 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया है।

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रुपये की चाल

शुक्रवार को भारतीय करेंसी रुपये में तेजी है। यह शुरुआती कारोबार में 23 पैसे मजबूत होकर 96.65 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। एक दिन पहले रुपया, अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 13 पैसे की गिरावट के साथ 96.88 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों समेत लगातार बने व्यापक आर्थिक दबाव के कारण रुपये में गिरावट आई।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock in Focus: IRB इंफ्रास्ट्रक्चर का टोल रेवेन्यू 24% बढ़कर ₹773 करोड़, ट्रैफिक ग्रोथ से मिला सपोर्ट

Stock in Focus: IRB इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स ने सितंबर 2026 का टोल रेवेन्यू अपडेट जारी किया है। कंपनी का ग्रॉस टोल रेवेन्यू 24% बढ़कर 773 करोड़ रुपये हो गया। सितंबर 2025 में यह 622 करोड़ रुपये था। कंपनी की 100% सब्सिडियरी कंपनियों का टोल रेवेन्यू भी लाइक-फॉर-लाइक आधार पर 17% बढ़ा है।

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे से 162.1 करोड़ रुपये का टोल

IRB MP Expressway ने सितंबर में 162.1 करोड़ रुपये का टोल रेवेन्यू दर्ज किया। एक साल पहले यह 139.6 करोड़ रुपये था। यह प्रोजेक्ट मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और पुराने मुंबई-पुणे हाईवे का संचालन करता है। वहीं, IRB Ahmedabad Vadodara Super Express Tollway का रेवेन्यू 79.5 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 66.6 करोड़ रुपये था।

गोलकोंडा और ललितपुर प्रोजेक्ट का भी कलेक्शन बढ़ा

IRB Golconda Expressway का सितंबर में टोल रेवेन्यू 81.2 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी महीने में यह 70.4 करोड़ रुपये था। IRB Lalitpur Tollway ने 42.5 करोड़ रुपये का टोल कलेक्शन किया। एक साल पहले यह 37.1 करोड़ रुपये था।

नए प्रोजेक्ट्स से भी टोल कलेक्शन शुरू

IRB Harihara Corridors Tollway ने सितंबर में 49.3 करोड़ रुपये का टोल रेवेन्यू दर्ज किया। IRB Chandibhadra Tollway से 20.4 करोड़ रुपये और Meerut Budaun Expressway से 13.1 करोड़ रुपये मिले। इन तीनों प्रोजेक्ट्स पर 2026 में टोल कलेक्शन शुरू हुआ है।

IRB Infrastructure Developers ने बताया कि 2026 में कुछ प्रोजेक्ट्स से पहली बार टोल रेवेन्यू मिला है। IRB Harihara Corridors पर 23 जनवरी से टोल कलेक्शन शुरू हुआ। IRB Chandibhadra Tollway पर 1 अप्रैल से और Meerut Budaun Expressway पर 17 मई से टोल कलेक्शन शुरू हुआ।

कंपनी ने ट्रैफिक ग्रोथ पर क्या कहा?

IRB Infrastructure Developers के डिप्टी CEO अमिताभ मुरारका ने कहा कि सितंबर का टोल रेवेन्यू देश में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों के कारण ट्रैफिक ग्रोथ को दिखाता है। फेस्टिव सीजन शुरू होने से भी ट्रैफिक को सपोर्ट मिला है।

उन्होंने कहा कि आर्थिक गतिविधियों में बनी मजबूती के साथ नवरात्रि, दिवाली और छुट्टियों का सीजन आने वाले महीनों में ट्रैफिक ग्रोथ को और बढ़ा सकता है। इससे कंपनी के पोर्टफोलियो में टोल रेवेन्यू को भी सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

IRB Infrastructure Developers के शेयर गुरुवार को BSE पर 0.69% की बढ़त के साथ 17.56 रुपये पर बंद हुए।

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Hyundai Creta N Line offers in October 2026 go up to Rs 1.25 lakh

Hyundai Creta N Line offers in October 2026 go up to Rs 1.25 lakh
Hyundai Creta N-Line in showroom

Hyundai is offering almost its entire line-up in October 2026 with various benefits. With the festive season around the corner, the Korean automaker is also providing customers discounts for Navratri. That said, the offers listed here are only applicable for the period of October 1 to October 31, 2026.

Disclaimer: Offers/benefits may vary by city and are subject to stock availability. Buyers are advised to check with their local dealer for exact figures.

Hyundai Creta N Line offers in October 2026

Benefits up to Rs 1.25 lakh

Hyundai Creta N Line front quarter

The Hyundai Creta N Line is available this month with a cash discount of Rs 20,000 and a Navratri bonus of Rs 25,000. There’s also scrappage benefits amounting to Rs 50,000 or an exchange offer of Rs 30,000, among a couple more customer-benefit schemes. Combined, one can expect to shave off up to Rs 1.25 lakh on a Creta N Line this month. The price of the Creta N Line ranges between Rs 19.03 lakh and Rs 19.95 lakh.

Hyundai Creta offers in October 2026

Benefits up to Rs 1.15 lakh

Hyundai Creta front quarter

Select petrol variants of the Hyundai Creta have offers amounting to Rs 1.15 lakh. These are similar to what’s available with the Creta N Line, which means cash discounts, scrappage/exchange benefits, and a Navratri bonus. Hyundai is also providing benefits on diesel variants of the Creta, though these amount to just Rs 10,000. The Hyundai Creta range is priced from Rs 10.91 lakh to Rs 20.31 lakh.

Hyundai Verna offers in October 2026

Benefits up to Rs 1.05 lakh

Hyundai Verna front quarter

Older stock of the Hyundai Verna is being offered this month with benefits totalling Rs 1.05 lakh. This includes a cash discount of Rs 35,000, an upgrade bonus of Rs 15,000 and a Navratri incentive of Rs 25,000. Scrappage benefits amount to Rs 20,000, while the exchange offer is Rs 15,000. Eligible customers will also be offered other benefits. New stock of the Verna also come with discounts of up to Rs 80,000, depending on the variant. The list price of the new Hyundai Verna is between Rs 10.99 lakh and Rs 18.31 lakh.

Hyundai Alcazar offers in October 2026

Benefits up to Rs 90,000

Hyundai Alcazar front quarter

Petrol variants of the Hyundai Alcazar are available with a cash discount of Rs 30,000, scrappage or exchange benefits of up to Rs 25,000, and a Navratri incentive of Rs 25,000. Including other applicable offers, Alcazar petrol buyers can save up to Rs 90,000 – discounts on the Alcazar diesel are up to Rs 45,000. The Hyundai Alcazar line-up costs between Rs 14.51 lakh and Rs 21.81 lakh.

Hyundai Grand i10 Nios offers in October 2026

Benefits up to Rs 75,000

Hyundai Grand i10 Nios front quarter

Select variants of the Hyundai Grand i10 Nios can be had with discounts amounting to Rs 75,000 this month. This involves a Navratri incentive of Rs 15,000, a cash discount of Rs 20,000, a scrappage/exchange bonus of up to Rs 20,000, and other benefits. The Grand i10 Nios CNG is available with benefits of up to Rs 70,000. In terms of its price, the Hyundai Grand i10 Nios is listed between Rs 5.60 lakh and Rs 8.09 lakh.

Hyundai Creta Electric offers in October 2026

Benefits up to Rs 65,000

Hyundai Creta Electric front quarter

The Hyundai Creta Electric is being offered with discounts amounting to Rs 65,000, though this is only applicable for select variants. The remaining variants get benefits of up to Rs 50,000. The price of the Hyundai Creta Electric ranges between Rs 18.03 lakh and Rs 25.07 lakh.

Hyundai i20 offers in October 2026

Benefits up to Rs 65,000

Hyundai i20 front quarter

Select variants of the Hyundai i20 line-up (including the N Line) are being offered with a Navratri incentive of Rs 10,000, a cash discount of Rs 15,000 and scrappage/exchange benefits of up to Rs 20,000, among other schemes. In all, customers of the i20 can avail offers totalling up to Rs 65,000 this October. The Hyundai i20 is priced from Rs 6.00 lakh to Rs 10.44 lakh, while the i20 N Line costs between Rs 9.32 lakh and Rs 11.64 lakh.

Hyundai Exter offers in October 2026

Benefits up to Rs 55,000

Hyundai Exter front quarter

Older stock of the Hyundai Exter can be had this month with discounts that amount to Rs 55,000, while the new Exter is available with schemes that bring its price down by up to Rs 50,000. Note that these incentives are only applicable on select variants, regardless of the model year. The new Hyundai Exter is priced between Rs 5.81 lakh and Rs 9.50 lakh.

Hyundai Aura offers in October 2026

Benefits up to Rs 40,000

Hyundai Aura front quarter

Customers buying select trims of the Hyundai Aura CNG in October 2026 can avail discounts of up to Rs 40,000. Meanwhile, select petrol variants of this Hyundai sedan is being offered with benefits of up to Rs 25,000. The Hyundai Aura range is priced from Rs 6.00 lakh to Rs 8.67 lakh.

Hyundai Venue offers in October 2026

Benefits up to Rs 5,000

Hyundai Venue front quarter

The Hyundai Venue line-up (including the N Line) is available with the lowest discounts this month, amounting to just Rs 5,000. As for its price, the Hyundai Venue is listed at between Rs 8.00 lakh and Rs 15.65 lakh, while the Venue N Line costs from Rs 10.66 lakh to Rs 15.49 lakh.

All prices are ex-showroom, India.