Stock Market Rise: बाजार में 3 दिन बाद तेजी, सेंसेक्स 349 अंक तक उछला; निवेशकों की दौलत ₹35679 करोड़ बढ़ी

शेयर बाजार में गुरुवार, 3 सितंबर को सुबह के कारोबार में तेजी है। सेंसेक्स करीब 349 अंक तक उछला गया है और इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 35679 करोड़ रुपये बढ़ गया। सेंसेक्स हरे निशान में खुलने के बाद 76,919.02 के हाई तक गया। इसी तरह निफ्टी भी हरे निशान में खुला और फिर करीब 111 अंकों की बढ़त के साथ 24,025.40 के हाई तक गया।

बुधवार, 2 सितंबर को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 48797259.056 करोड़ रुपये रहा था। गुरुवार को मार्केट खुलने के कुछ पलों के अंदर यह बढ़कर 4,88,32,938.28 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 35,679.224 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी।

इससे पहले बाजार में लगातार तीन दिन गिरावट दिखी थी। वैश्विक बाजारों में नरमी और पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की ऊंची कीमत के कारण 2 सितंबर को सेंसेक्स 373.93 अंक या 0.49 प्रतिशत टूटा। इंडेक्स 76,570.35 पर बंद हुआ। निफ्टी 141.35 अंक या 0.59 प्रतिशत फिसलकर 23,914.45 पर बंद हुआ। बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.61 प्रतिशत के नुकसान में रहा। वहीं मिडकैप सेलेक्ट 0.51 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।

GIFT निफ्टी में लौटी तेजी, सेंसेक्स-निफ्टी के लिए मिल रहे अच्छी शुरुआत के संकेत, तेल की कीमतों में नरमी से मिला सपोर्ट

गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद GIFT निफ्टी पॉज़िटिव शुरुआत का संकेत दे रहा है। एशियाई बाज़ारों में रिकवरी,वॉल स्ट्रीट में आई तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में मामूली गिरावट से बाजार को सहारा मिल रहा है। हालांकि,ब्रेंट क्रूड का $95 प्रति बैरल के करीब होना,ग्लोबल बॉन्ड यील्ड का ऊंचा स्तर और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव, इस रिकवरी को सीमित कर सकते हैं।

सुबह करीब 7:50 बजे GIFT निफ्टी 125 अंक बढ़कर 24,090 पर ट्रेड कर रहा था। बुधवार को भारतीय बाजारों में लगातार तीसरे दिन गिरावट जारी रही। पश्चिम एशिया में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ा। सेंसेक्स 373.93 अंक या 0.49 प्रतिशत गिरकर 76,570.35 पर और निफ्टी 141.35 अंक या 0.59 प्रतिशत गिरकर 23,914.45 पर बंद हुआ।

गुरुवार को ग्लोबल माहौल में कुछ सुधार हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ लंबे टकराव की आशंका को नकारा है। इससे एशियाई बाजारों में रिकवरी हुई है और तेल की कीमतें थोड़ी नीचे आई हैं।

बुधवार को हुई भारी बिकवाली के बाद एशियाई बाजार सुधरे

पिछले सेशन में आई भारी गिरावट के बाद गुरुवार को एशियाई इक्विटी मार्केट्स में राहत भरी तेजी देखने के मिल रही है। निवेशक नए अमेरिकी आर्थिक डेटा और सेंट्रल बैंक की टिप्पणियों पर भी नजरें बनाए हुए हैं। इससे यह संकेत मिल सकता है कि क्या फेडरल रिज़र्व इस महीने मॉनेटरी पॉलिसी को सख्त करेगा या नहीं।

MSCI का एशिया-पैसिफ़िक इक्विटी इंडेक्स 0.9 प्रतिशत बढ़त दिखा रहा है। जापान का Topix 0.8 प्रतिशत, हांगकांग का Hang Seng 0.7 प्रतिशत और शंघाई कंपोजिट 0.5 प्रतिशत ऊपर कारोबार कर रहा है। जबकि ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.2 प्रतिशत बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। जापान और दक्षिण कोरिया में हुई बढ़त ने इस क्षेत्र में रिकवरी को बढ़ावा दिया है। एशियाई कारोबार में S&P 500 फ़्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है।

Stock Market live Updates: GIFT Nifty से मिल रहे मज़बूत शुरुआत के संकेत, US शेयरों में रिकवरी, एशियाई बाजारों में बढ़त

तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी

गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई है। इसमें तीन दिन से जारी तेज़ी का सिलसिला थम गया है। निवेशक अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे तनाव और मध्य पूर्व से ऊर्जा सप्लाई पर इसके संभावित असर पर नजरें बनाए हुए हैं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.45% गिरकर $95.20 प्रति बैरल पर आ गया है,जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.26% गिरकर $90.77 प्रति बैरल पर आ गया है।

लेकिन,तेल की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने महंगाई से जुड़ी चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं और इस बात की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं कि बड़े सेंट्रल बैंक,खासकर US फेडरल रिजर्व,ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रख सकते हैं।

तीन दिनों की गिरावट के बाद वॉल स्ट्रीट में रिकवरी

बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी आई। निवेशकों ने उन शेयरों और सेक्टर में मौके तलाशते दिखे जो हाल ही में ग्लोबल रिस्क-ऑफ माहौल के दौरान प्रभावित हुए थे। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.56 प्रतिशत बढ़कर 53,061.89 पर पहुंच गया,जबकि S&P 500 में 0.46 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह 7,666.63 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट 0.45 प्रतिशत बढ़कर 26,217.83 पर पहुंच गया।

निफ़्टी का टेक्निकल आउटलुक

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का मानना ​​है कि निफ़्टी के लिए 24,000-24,200 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस जोन का काम करेगा,जबकि 23,800 एक अहम सपोर्ट बना रहेगा। अगर निफ़्टी लगातार 24,200 के ऊपर बना रहता है तो शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर में सुधार हो सकता है। वहीं,अगर यह 23,800 के नीचे जाता है तो इंडेक्स 23,600 के लेवल तक गिर सकता है।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market live Updates: GIFT Nifty से मिल रहे मज़बूत शुरुआत के संकेत, US शेयरों में रिकवरी, एशियाई बाजारो में बढ़त

Stock Market live Updates : GIFT निफ्टी से मिल रहे संकेतों को देखते हुए लगता है कि 3 सितंबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स मज़बूती के साथ खुल सकता है। GIFT निफ्टी शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ लगभग 24,082.50 के स्तर पर ऊपर ट्रेड कर रहा था। वहीं, वेस्ट एशिया में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया,जिसके चलते 2 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स कमजोरी के साथ बंद हुए और लगातार तीसरे दिन भी बिकवाली का दौर जारी रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 373.93 अंक या 0.49 प्रतिशत गिरकर 76,570.35 पर और निफ्टी 141.35 अंक या 0.59 प्रतिशत गिरकर 23,914.45 पर बंद हुआ।

MY2025 Volkswagen Taigun gets up to Rs 3.5 lakh discount in September 2026

MY2025 Volkswagen Taigun gets up to Rs 3.5 lakh discount in September 2026
Taigun

Volkswagen is offering benefits on the Virtus, Taigun, Tiguan R-Line and Tayron in September 2026. The benefits vary by model, variant and model year, and comprise cash discounts, exchange or scrappage bonuses and loyalty benefits.

Disclaimer: Discounts vary from city to city and are subject to stock availability. Check with your local dealership for exact figures.

Volkswagen Tiguan R-Line discounts in September 2026

Up to Rs 6 lakh off

The Tiguan R-Line gets benefits of up to Rs 6 lakh in September 2026. These comprise a Rs 3.5 lakh cash discount, a Rs 2 lakh exchange bonus and a Rs 50,000 loyalty bonus. Customers opting for scrappage can get Rs 20,000 instead of the Rs 2 lakh exchange bonus.

Volkswagen Taigun discounts in September 2026

Up to Rs 3.5 lakh off

Volkswagen is offering different benefits on the outgoing Taigun and the updated Taigun this month. The outgoing Taigun gets higher benefits, with MY2025 cars getting a cash discount of up to Rs 2 lakh, along with Rs 1 lakh in liquidation support. MY2026 cars get a cash discount of up to Rs 1 lakh. Eligible buyers can also get a Rs 30,000 exchange bonus or a Rs 20,000 scrappage benefit, along with a Rs 20,000 loyalty benefit.

On the updated Taigun, cash discounts range from Rs 20,000 to Rs 25,000, depending on the variant. The GT Line gets Rs 20,000, while the Topline AT and GT Plus DSG Sport get Rs 25,000. A Rs 30,000 exchange bonus or a Rs 20,000 scrappage benefit, as well as a Rs 20,000 loyalty benefit, is also available on eligible variants.

The exchange and scrappage benefits cannot be combined, and customers can choose either a loyalty or a corporate benefit.

Volkswagen Virtus discounts in September 2026

Up to Rs 1.55 lakh off

Volkswagen is offering different benefits on the Virtus, depending on the variant and model year this month. MY2025 cars get a cash discount of up to Rs 75,000, while MY2026 cars get up to Rs 50,000 off. Eligible buyers can also get a Rs 30,000 exchange bonus or a Rs 20,000 scrappage benefit, along with a Rs 50,000 loyalty benefit.

The highest benefit is available on the MY2025 Virtus Topline MT and AT, which get a Rs 75,000 cash discount, a Rs 30,000 exchange bonus and a Rs 50,000 loyalty benefit, taking the total to Rs 1.55 lakh. The MY2026 Topline variants get a Rs 50,000 cash discount, making the maximum benefit Rs 1.30 lakh when combined with the exchange and loyalty benefits.

Volkswagen Tayron discounts in September 2026

Up to Rs 1.5 lakh off

The Tayron, available in R-Line and Life variants, gets benefits of up to Rs 1.5 lakh. There is no cash discount, but buyers can get a Rs 1 lakh exchange bonus and a Rs 50,000 loyalty bonus. Alternatively, the exchange bonus can be replaced by a Rs 20,000 scrappage bonus.

Stock in Focus: सरकारी कंपनी को ₹3244 करोड़ का प्रोजेक्ट, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: सरकारी कंपनी Power Grid Corporation of India Ltd ने राजस्थान के रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट से बिजली निकालने के लिए बड़ा ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट हासिल किया है। कंपनी को राजस्थान के बाड़मेर कॉम्प्लेक्स से 6 GW सोलर पावर ट्रांसमिशन के लिए सफल बोलीदाता चुना गया है।

यह प्रोजेक्ट टैरिफ बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग के तहत मिला है। कंपनी ने इसके लिए ₹3,244.33 करोड़ सालाना ट्रांसमिशन चार्ज की बोली लगाई है। POWERGRID को 2 सितंबर 2026 को लेटर ऑफ इंटेंट of Intent मिला है।

1,000 किमी लंबी HVDC लाइन बनेगी

प्रोजेक्ट के तहत राजस्थान के बाड़मेर-II में 6,000 MW की HVDC टर्मिनल स्थापित की जाएगी। महाराष्ट्र के साउथ कलांब में भी टर्मिनल बनेगी। दोनों जगहों पर ±800 kV HVDC सिस्टम लगाया जाएगा।

बाड़मेर-II से साउथ कलांब के बीच करीब 1,000 किमी लंबी ट्रांसमिशन लाइन बिछाई जाएगी। यह राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरेगी।

इसके अलावा राजस्थान में 400 kV की ट्रांसमिशन लाइन, जरूरी बे और दूसरे उपकरण भी लगाए जाएंगे। बाड़मेर-II पावर स्टेशन पर दो SynCon यूनिट भी स्थापित की जाएंगी।

BOOT मॉडल पर बनेगा प्रोजेक्ट

यह प्रोजेक्ट Build, Own, Operate and Transfer यानी BOOT मॉडल पर विकसित होगा। इसके तहत कंपनी प्रोजेक्ट बनाएगी, चलाएगी और तय अवधि के बाद इसे ट्रांसफर किया जाएगा।

हाल में गुजरात का भी प्रोजेक्ट मिला

पिछले महीने भी POWERGRID को गुजरात में रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांसमिशन का बड़ा प्रोजेक्ट मिला था। इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनी ने ₹822.91 करोड़ सालाना ट्रांसमिशन टैरिफ की बोली लगाई थी।

बुधवार को Power Grid Corporation का शेयर NSE पर 1.23% की तेजी के साथ ₹267.80 पर बंद हुआ।

Pharma Mutual Funds: 1 साल में 30% तक रिटर्न, 10 फंड ने दिया 20% से ज्यादा फायदा; क्या अभी भी है निवेश का मौका?

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

शेयर बाजार में पैसा लगाने से पहले ये 5 बातें याद रखें, नुकसान का जोखिम होगा कम

क्या आप सीधे शेयरों में पैसा लगाने से डरते हैं? अगर हां तो आपका डरना सही है। कई लोग शेयर बाजार को फटाफट मुनाफा कमाने का जरिया समझते हैं। ऐसे लोग दोस्त-रिश्तेदार को देख शेयर बाजार में निवेश करना शुरू करते हैं। फिर, नुकसान होने पर हमेशा के लिए बाजार से मुंह मोड़ लेते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि शेयर बाजार फटाफट कमाई का जरिया नहीं है। शेयरों में निवेश से पहले बुनियादी बातों की समझ जरूरी है। इससे पैसा डूबने का रिस्क घट जाता है। आइए ऐसी 5 बुनियादी बातें जानते हैं, जिन्हें शेयरों में निवेश करने से पहले समझना जरूरी है।

1. रिस्क लेने की अपनी क्षमता को समझें

शेयर बाजार की दिशा के बारे में पक्के तौर पर कुछ कहना मुश्किल है। बाजार की दिशा पर देश और विदेश से आने वाली खबरों का असर पड़ता है। निगेटिव खबरों पर बाजार गिरता है। पॉजिटिव खबरों पर बाजार चढ़ता है। लेकिन, इतिहास बताता है कि लंबी अवधि यानी 8-10 साल में शेयरों का रिटर्न किसी दूसरे एसेट क्लास से ज्यादा रहता है। फिर भी, पैसे लगाने से पहले आपको रिस्क लेने की अपनी क्षमता को जानने की जरूरत है। आप जितने पैसे पर रिस्क ले सकते हैं, उतने ही पैसे का निवेश शेयर बाजार में करें।

2. उधार के पैसे से नहीं करें निवेश

कई लोग किसी कंपनी के शेयर या आईपीओ से मोटी कमाई के लिए उधार लेकर निवेश करते हैं। इसमें काफी रिस्क है। अगर आपका दांव गलत साबित होता है तो आपको बड़ा नुकसान हो सकता है। बड़े इनवेस्टर्स को भी पोर्टफोलियो के हर शेयर पर मुनाफा नहीं होता। कुछ शेयरों में नुकसान होना स्वाभाविक है। अगर उस शेयर में उधार के पैसे से आपने निवेश किया है तो आपकी मुश्किल बढ़ सकती है।

3. निवेश से पहले कंपनी को जानें

किसी दोस्त या रिश्तेदार के बताने पर किसी निवेश करना कई बार खतरनाक साबित होता है। ऐसे शेयर में नुकसान होने पर आप दोस्त या रिश्तेदार को दोष देना शुरू कर देते हैं। सच यह है कि आपको निवेश से पहले कंपनी के बारे में बुनियादी बातें जानना जरूरी है। कंपनी का मैनेजमेंट अच्छा होना चाहिए। प्रॉफिट का ट्रैक रिकॉर्ड स्ट्रॉन्ग होना चाहिए। कंपनी में गवर्नेंस के नियमों का पालन होना जरूरी है। साथ ही कंपनी पर ज्यादा कर्ज नहीं होना चाहिए।

4. इनवेस्टमेंट में धैर्य जरूरी है

अगर आपने सोच-समझकर किसी कंपनी के शेयरों में निवेश किया है तो फिर आपको धैर्य रखना चाहिए। कई बार शेयर में गिरावट आने पर निवेशक डर जाते हैं। वे ज्यादा लॉस होने के डर से अपने शेयर बेचना शुरू कर देते हैं। इससे उन्हें बड़ा नुकसान होता है। सच यह है कि उतार-चढ़ाव बाजार का स्वभाव है। अगर किसी शेयर में गिरावट आती है तो वह कुछ समय के लिए होगी। स्थितियां बदलते ही शेयरों में तेजी फिर से शुरू होगी। हर कुछ साल बाद बाजार में बड़ी गिरावट आती है। फिर बाजार में तेजी देखने को मिलती है।

यह भी पढ़ें: High Return Stock: इस शेयर ने 5 साल में 8 गुना किया पैसा, क्या आप निवेश करना चाहेंगे?

5. लंबी अवधि के लिए करें निवेश

कई निवेशक शेयरों में निवेश के बाद थोड़ा मुनाफा होते ही शेयर बेच देते हैं। इससे वे बड़ी कमाई का मौका चूक जाते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि शेयरों में पैसा तब बनता है, जब लंबी अवधि के लिए निवेश करते हैं। ऐसे कई शेयर हैं, जिन्होंने 8 साल, 10 साल और 15 साल में निवेशकों के पैसे को कई गुना कर दिया है। लंबे समय तक बाजार में टिके रहने वाले निवेशक वेल्थ क्रिएट कर पाते हैं। थोड़ा मुनाफा होने पर शेयर बेचने वाले निवेशक वेल्थ क्रिएट नहीं कर पाते हैं।

High Return Stock: इस शेयर ने 5 साल में 8 गुना किया पैसा, क्या आप निवेश करना चाहेंगे?

High Return Stock: कोचिन शिपयार्ड (सीएसएल) के शेयरों ने बीते पांच सालों में निवेशकों को मालामाल किया है। यह समुद्री जहाज बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है। कंपनी की ऑर्डरबुक करीब 21,900 करोड़ रुपये की है। कंपनी ने नेवल और कमर्शियल शिपब्लिडिंग में बड़े मौकों को देखते हुए 6,500 करोड़ रुपये कैपिटल एक्सपेंडिचर करने का प्लान बनाया है।

Cochin Shipyard की 21,900 करोड़ रुपये की कुल ऑर्डरबुक में 20,700 करोड़ हिस्सेदारी शिपबिल्डिंग की है। बाकी 1,200 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी शिप रिपेयर की है। यह इस बात का संकेत है कि मीडियम टर्म में कंपनी के रेवेन्यू को लेकर तस्वीर साफ है। कंपनी के पास कई बड़े प्रोजेक्ट्स है, जिनमें ASW Corvettes, Next Generation Missile Vessels, और LNG-powered container vessels शामिल हैं।

सीएसएल भारतीय नौसेना के नेक्स्ट जेनरेशन सर्वे वेसल प्रोग्राम के लिए L1 बिडर बनी है। यह प्रोजेक्ट 5,000 करोड़ रुपये का है। कंपनी लैंडिंग प्लेटफॉर्म डॉक प्रोग्राम के लिए भी बड़ी दावेदार है। कमर्शियल सेगमेंट में देखा जाए तो सीएसएल की नजरें मीडियम-रेंज टैंकर्स, प्लेटफॉर्म सप्लाई वेसल और बड़े गैस कैरियर्स पर हैं।

कमर्शियल प्रोजेक्ट्स से कंपनी की ऑर्डरबुक डायवर्सिफाय होगी। साथ ही देश में कर्मशियल शिपबिल्डिंग में बढ़ते मौकों का फायदा उठाने में मदद मिलेगी। FY27 की पहली तिमाही में कंपनी की शिपबिल्डिंग से रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 59 फीसदी बढ़कर 700 करोड़ रुपये हो गई। हालांकि, शिप रिपेयर रेवेन्यू 37 फीसदी घटकर 390 करोड़ रुपये रही। इसकी वजह आईएनएस विक्रमादित्य की रिफिट है, जिससे FY26 की पहली तिमाही में बेस काफी हाई था।

स्ट्रॉन्ग ऑर्डरबुक, बेहतर हो रहे एक्जिक्यूशन और बढ़ती कपैसिटी को देखते हुए मैनेजमेंट को आगे भी ग्रोथ अच्छी रहने की उम्मीद है। कंपनी का टारगेट FY27 में शिपबिल्डिंग में 10-12 फीसदी ग्रोथ, शिप रिपेयर में 15-20 फीसदी ग्रोथ और कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू ग्रोथ 12 फीसदी से ज्यादा का है।

सीएसएल के शेयर में FY28 की अनुमानित अर्निंग्स के 34 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। यह प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के मुकाबले थोड़ा ज्यादा है। लेकिन, ऑर्डरबुक को देखते हुए यह ज्यादा नहीं लगता है। कंपनी क्षमता बढ़ाने पर 6,500 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इससे लॉन्ग टर्म ग्रोथ की संभावनाएं बेहतर लगती हैं। हालांकि, बीते एक साल में कंपनी के शेयरों का प्रदर्शन कमजोर रहा है।

Hyundai Creta gets benefits of up to Rs 1 lakh in September 2026

Hyundai Creta gets benefits of up to Rs 1 lakh in September 2026
Hyundai Creta front quarter static

Hyundai India is offering an attractive range of benefits on select models in its portfolio. Depending on the model chosen, customers can avail up to Rs 1 lakh in benefits, valid until September 30, 2026.

Disclaimer: Offers/benefits may vary by city and are subject to stock availability. Buyers are advised to check with their local dealer for exact figures.

Hyundai Creta offers in September 2026

Benefits of up to Rs 1 lakh

The Creta mid-size SUV is available with benefits of up to Rs 1 lakh. The Korean carmaker’s best-selling model in India is offered with a trio of 1.5-litre engines, namely, a naturally aspirated petrol, a turbo-petrol, and a diesel engine. All engines are offered with manual and automatic gearboxes. Prices range between Rs 10.90 lakh and Rs 19.91 lakh, with the Creta taking on rivals like the Tata Sierra, Kia Seltos, Renault Duster, Skoda Kushaq, and Maruti Victoris.

Hyundai Grand i10 Nios offers in September 2026 

Benefits of up to Rs 70,000

Hyundai’s Grand i10 Nios is being offered with up to Rs 70,000 in benefits. Its most affordable model in India is offered solely with a 1.2-litre petrol engine paired to either a manual or AMT gearbox. A factory-fit dual-cylinder CNG kit can be fitted to this engine and is paired exclusively with a manual gearbox. The Grand i10 is priced between Rs 5.59 lakh to Rs 8.04 lakh and is Hyundai’s answer to the Maruti Swift and the Tata Tiago.

Hyundai i20 offers in September 2026 

Benefits of up to Rs 60,000

The Grand i10’s elder sibling, the i20, is being offered with benefits of up to Rs 60,000. Standard versions of the i20 come powered by a 1.2-litre petrol engine mated with either a manual or CVT automatic gearbox. The i20 is priced from Rs 5.99 lakh to Rs 11.59 lakh, and it competes with the Maruti Baleno, Tata Altroz, and the Toyota Glanza.

Hyundai Exter offers in September 2026

Benefits of up to Rs 50,000

Hyundai is offering benefits of up to Rs 50,000 on the Exter. The subcompact SUV was updated earlier this year with refreshed looks and feature additions. It is powered by a 1.2-litre petrol engine and is mated with either a manual or AMT gearbox. Like the Grand i10, it also gets a CNG kit fitted to this engine. The Exter’s price begins at Rs 5.8 lakh and goes all the way up to Rs 9.46 lakh. It takes on the likes of the Tata Punch.

Hyundai Aura offers in September 2026 

Benefits of up to Rs 30,000

The Aura compact sedan is available with benefits of up to Rs 30,000. The Aura shares the same petrol engine as the Grand i10 Nios and the Exter, along with a CNG version on offer. It is priced between Rs 5.99 lakh and Rs 8.59 lakh and competes with the Tata Tigor, Maruti Dzire, and the Honda Amaze.

Stock to Buy: यह शेयर आपको कर देगा मालामाल, UBS ने दी है खरीदने की सलाह

आप किसी दमदार शेयर की तलाश में हैं तो आप कोल इंडिया के शेयर में निवेश कर सकते हैं। विदेशी ब्रोकरेज फर्म यूबीएस ने इस शेयर को खरीदने की सलाह दी है। उसने इस शेयर के लिए 550 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर 32 फीसदी से ज्यादा चढ़ सकता है।

HSBC ने शेयर पर दी है होल्ड रेटिंग

एचएसबीसी ने भी कोल इंडिया के शेयरों पर ‘होल्ड’ की रेटिंग दी है। उसने इस शेयर के लिए 440 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि पावर की डिमांड स्ट्रॉन्ग है। उधर, हाइड्रो पावर जेनरेशन कमजोर है। कोयले की इनवेंट्री घटकर तीन साल के निचले स्तर पर आ गई है। कोयले की कीमतें चढ़ रही हैं। इसका मतलब है कि आगे कोयले की मांग स्ट्रॉन्ग रहेगी।

25 एनालिस्ट्स में से 14 की खरीदने की सलाह

मॉर्गन स्टेनली ने इस शेयर पर ‘इक्वलवेट’ रेटिंग दी है। कोल इंडिया के शेयरों को कवर करने वाले 25 एनालिस्ट्स में से 14 ने इसे खरीदने की सलाह दी है। 6 ने इसे होल्ड करने की सलाह दी है। 5 ने इसे बेचने की सलाह दी है। कोल इंडिया देश की सबसे बड़ी माइनिंग कंपनी है। इसे शेयरों में 2 सितंबर को तेजी दिखी। कारोबार के अंत में शेयर 3.66 फीसदी चढ़कर 416 रुपये पर बंद हुआ।

2 सितंबर को शेयरों में जोरदार तेजी 

कोल इंडिया के शेयरों में ऐसे दिन तेजी दिखी, जब बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव था। 2 सितंबर को निफ्टी 50 कारोबार खत्म होने पर 0.59 फीसदी यानी 141 अंक गिरकर 23,914 पर आ गया। कई हफ्ते बाद यह 24,000 के नीचे आया है। सेंसेक्स 0.49 फीसदी यानी 373 अंक गिरकर 76,570 पर रहा।

यह भी पढ़ें: Milky Mist Share Price: रॉकेट की तरह भागा शेयर, IPO में निवेश किया होता तो 15 दिन में 78% कमाया होता

81.5 करोड़ टन प्रोडक्शन का टारगेट

अप्रैल से अगस्त के दौरान कोल इंडिया का प्रोडक्शन साल दर साल आधार पर 4.5 फीसदी घटकर 26.75 करोड़ टन रहा। कंपनी ने FY27 के लिए 81.5 करोड़ टन उत्पादन का टारगेट रखा है। बीते एक साल में कोल इंडिया का शेयर 9.52 फीसदी चढ़ा है। इस दौरान निफ्टी और सेंसेक्स का रिटर्न निगेटिव रहा है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

GIFT निफ्टी से मिल रहे बाजार में कमजोर शुरुआत के संकेत, क्रूड 96 डॉलर के करीब

बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के सुस्त शुरुआत करने की संभावना दिख रही है। GIFT निफ्टी हल्की गिरावट के साथ शुरुआत का संकेत दे रहा है। क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी,US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और US-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ग्लोबल मार्केट में जोखिम से बचने का माहौल बन गया है। एशियाई बाजारों में भारी गिरावट और वॉल स्ट्रीट में कमजोरी से दबाव और बढ़ सकता है, हालांकि घरेलू स्तर पर संस्थागत निवेशकों की खरीदारी जारी रहने से कुछ राहत मिल सकती है।

सुबह करीब 8.30 बजे GIFT निफ्टी 24,027 पर ट्रेड कर रहा था। इसमें 24 अंक यानी 0.1 प्रतिशत की गिरावट दिख रही थी। उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 12.99 अंक या 0.02 प्रतिशत गिरकर 76,944.28 पर आ गया,जबकि निफ्टी 24.60 अंक या 0.10 प्रतिशत गिरकर 24,055.80 पर बंद हुआ।

ग्लोबल हालात काफी खराब हो गए हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत $96 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है,US 10 ईयर ट्रेजरी यील्ड 4.8 प्रतिशत के करीब है और जियोपॉलिटिकल तथा ब्याज दरों से जुड़ी चिंताएं फिर से उभर आई हैं।

रिस्क-ऑफ़ ट्रेड बढ़ने से एशियाई बाजारों में गिरावट

बुधवार को एशियाई इक्विटी में भारी गिरावट आई है। ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में बिकवाली और अमेरिका-ईरान के बीच फिर से शुरू हुई लड़ाई ने निवेशकों के जोखिम लेने के उत्साह को कम कर दिया है। जापान को छोड़कर एशिया पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 0.8 प्रतिशत गिर गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) खुलते ही 3 प्रतिशत लुढ़क गया,जबकि जापान का Nikkei 225 इंडेक्स 2.2 प्रतिशत गिर गया।

उधर कल अमेरिकी शेयरों में गिरावट जारी रहने के बाद S&P 500 e-mini फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं दिख रहा है।

अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी के और सख्त होने की उम्मीदें बढ़ने के साथ US 10 ईयर ट्रेजरी बॉन्ड का यील्ड बढ़कर लगभग 4.80 प्रतिशत हो गया है। रॉयटर्स के मुताबिक फेड फंड्स फ्यूचर्स के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि दो हफ़्ते बाद होने वाली US फेडरल रिजर्व की बैठक में ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की संभावना 67 प्रतिशत है।

तेल की कीमतों में लगभग 1% की बढ़ोतरी

बुधवार को शुरुआती कारोबार में तेल की कीमतों में लगभग 1% की बढ़ोतरी हुई। पिछले सेशन की तेजी आगे बढ़ी दिखी है। US और ईरान के बीच रात भर हुए हमलों के बाद सप्लाई में रुकावट की चिंताएं बढ़ गईं हैं और मिडिल ईस्ट में तनाव के जल्द कम होने की उम्मीदें कम हो गईं हैं।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 87 सेंट या 0.92% बढ़कर $95.52 प्रति बैरल पर दिख रहा है। जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 80 सेंट या 0.89% बढ़कर $91.02 पर आ गया है। मंगलवार को दोनों कॉन्ट्रैक्ट्स में $4 से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई थी,जो 24 जुलाई के बाद ब्रेंट में और 23 जुलाई के बाद WTI में सबसे बड़ी बढ़त रही।

बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से वॉल स्ट्रीट में गिरावट

मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में गिरावट जारी रही। ग्लोबल स्तर पर बॉन्ड की बिकवाली तेज हो गई और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं। नैस्डैक कम्पोजिट 1.03 प्रतिशत गिरकर 26,099.77 पर आ गया,जबकि डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.79 प्रतिशत गिरकर 52,766.93 पर बंद हुआ। S&P 500 में 0.71 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 7,631.47 पर आ गया।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और US ट्रेजरी यील्ड के 4.8 प्रतिशत के करीब पहुंचने से इक्विटी मार्केट के लिए मुश्किल हालात बन रहे हैं। एक्सटर्नल मैक्रो-इकोनॉमिक और जियो-पॉलिटिकल जोखिमों का असर निकट भविष्य में बाजार की दिशा पर पड़ने की संभावना है।

निफ़्टी का टेक्निकल आउटलुक

पोनमुडी आर का मानना ​​है कि निफ्टी का रुख सतर्क से लेकर कमज़ोर बना रहेगा,जिसमें 24,150-24,200 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस का काम करेगा। 24,000 का स्तर एक अहम सपोर्ट बना हुआ है। अगर यह स्तर टूटता है और इंडेक्स इसके नीचे बना रहता है तो यह 23,900-23,800 की ओर जा सकता है।

 

Stock Market live Updates : GIFT Nifty से सुस्त शुरुआत के संकेत, US और एशियाई बाजार गिरे

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।