शराब बनाने वाली इस कंपनी के शेयरों को लग सकते हैं पंख, ब्रोकरेज फर्म ने दी खरीदने की सलाह

रेडिको खेतान के शेयरों में 25 सितंबर को तेजी दिखी। इसकी वजह ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल की रिपोर्ट है। ब्रोकरेज फर्म ने रेडिको खेतान के शेयरों पर अपनी ‘बाय’ रेटिंग बनाए रखी है। इससे शुक्रवार को शेयरों में तेजी दिखी। यह शेयर 1.20 फीसदी चढ़कर 4,535 रुपये पर बंद हुआ।

कंपनी की ग्रोथ प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से ज्यादा रह सकती है

जेएम फाइनेंशियल ने अपनी रिपोर्ट में रेडिको खेतान के शेयरों में 16 फीसदी तक तेजी की उम्मीद जताई है। उसने कहा है कि कंपनी के लिए FY27 की शुरुआत अच्छी रही है। प्रीमियम और इससे ऊपर के सेगमेंट में कंपनी की ग्रोथ प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से ज्यादा रह सकती है। ब्रोकरेज फर्म ने FY26 से FY29 के बीच कंपनी के वोदका बिजनेस की वॉल्यूम ग्रोथ 20 फीसदी से ज्यादा CAGR रहने की उम्मीद जताई है।

इन प्रोडक्ट्स की अच्छी बिक्री से ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि व्हाइट स्पिरिट्स का इस्तेमाल बढ़ रहा है। साथ ही इनोवेशन और फ्लेवर-आधारित लॉन्चेज से ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे महत्वपूर्ण बाजारों में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है, जिससे कुल ग्रोथ को मजबूती मिलेगी। 8पीएम प्रीमियम ब्लैक की सेल्स में रिकवरी है। आफ्टर डार्क की सेल्स अच्छी बनी हुई है। कंपनी के लग्जरी पोर्टफोलियो की डिमांड भी बढ़ी है।

कॉस्ट में इजाफा का कंपनी पर नहीं पड़ेगा ज्यादा असर

जेएम फाइनेंशियल को उम्मीद है कि नए पैकेजिंग में लॉन्च होने के बाद 8PM Premium Black की ग्रोथ 20-25 फीसदी रह सकती है। After Dark को तेलंगाना में एंट्री का फायदा मिलेगा। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ENA) और पैकेजिंग पर आने वाला खर्च बढ़ा है। लेकिन, कंपनी बेहतर प्रोडक्ट मिक्स से बढ़े खर्च को संभाल सकती है।

जेएम फाइनेंशियल ने शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाया

जेएम फाइनेंशियल ने इन वजहों से रेडिको खेतान के शेयरों के टारगेट प्राइस को 4,955 रुपये से बढ़ाकर 5,190 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि कंपनी के लग्जरी पोर्टफोलियो वॉल्यूम ग्रोथ 25 फीसदी से ज्यादा रह सकती है। इसमें इनोवेशन और डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क के विस्तार का हाथ होगा। कंपनी को रॉयल रणथम्बोर, रामपुर सिंगल माल्ट और जैसलमेर जिन का सपोर्ट मिलेगा।

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कमजोर बाजार में भी शेयरों का प्रदर्शन शानदार 

रेडिको खेतान का शेयर उन शेयरों में शामिल है, जिनका कमजोर बाजार में भी शानदार प्रदर्शन रहा है। यह शेयर बीते छह महीनों में 65 फीसदी चढ़ा है। इस दौरान निफ्टी में 0.71 फीसदी गिरावट आई है। सेंसेक्स इस दौरान 1.83 फीसदी कमजोर हुआ है। इससे रेडिको खेतान के शेयरों के स्ट्रेंथ के बारे में पता चलता है।

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ग्रेफाइट इंडिया का शेयर बीते एक साल में 59% भागा, खरीदें, बेचें या होल्ड करें?

ग्रेफाइट इंडिया के शेयरों पर बाजार के कमजोर सेंटिमेंट का असर नहीं पड़ा है। बीते एक साल में इस शेयर ने करीब 59 फीसदी रिटर्न दिया है। 2026 में भी इसका रिटर्न शानदार यानी 28 फीसदी रहा। सिर्फ दो सत्रों में यह शेयर 17 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। सवाल है कि क्या आपको यह शेयर खरीदना चाहिए?

9 सितंबर को 15 फीसदी चढ़ा था स्टॉक

Graphite India का शेयर 9 सितंबर को 15 फीसदी चढ़ा था। इसकी वजह अमेरिकी कंपनी GrafTech International का एक ऐलान था। उसने ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड के दाम कम से कम 30 फीसदी बढ़ाने का ऐलान किया है। इसका असर दुनियाभर में ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड की कीमतों पर पड़ेगा। इसका फायदा ग्रेफाइट इंडिया को भी मिलेगा।

ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड के दाम बढ़ने का फायदा मिलेगा

पॉल एसेट में फंड मैनेजर प्रसेनजीत पॉल ने कहा कि ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड के दाम बढ़ने से ग्रेफाइट इंडिया की अर्निंग्स बढ़ेगी। हालांकि, दाम में होने वाली असल वृद्धि नए ऑर्डर्स और रिन्यूएबल्स पर निर्भर करेगी। यह भी देखना होगा कि आगे इनपुट्स कॉस्ट कैसी रहती है। उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां कीमतें बढ़ाने पर फोकस कर रही हैं।

स्टील कंपनियों का मार्जिन घट सकता है

उन्होंने कहा, “स्टील कंपनियों के मार्जिन पर ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड की कीमतें बढ़ने का असर पड़ेगा। अगर वे बढ़ी हुई कॉस्ट का बोझ कस्टरम्स पर डालती हैं तो उनके मार्जिन पर असर नहीं पड़ेगा।” उन्होंने कहा कि यह देखने के लिए कि कीमतों में इजाफा का फायदा कंपनियों को मिल रहा है या नहीं, वह नए ऑर्डर, सेल्स वॉल्यूम और इनपुट कॉस्ट को देखना चाहेंगे।

1000 रुपये तक जा सकता है यह शेयर 

बोनांजा में टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट विराट जागड़ ने कहा कि ग्रेफाइट इंडिया के शेयर में 800 रुपये के रेसिस्टेंस लेवल के ऊपर बुलिश ब्रेकआउट देखने को मिला है। इस स्टॉक में 800-810 पर एंट्री की जा सकती हैा इसके लिए 770 के नीचे स्टॉपलॉस लगाना होगा। यह शेयर 1,000 रुपये के प्राइस तक जा सकता है। इस शेयर में इसके सभी महत्वपूर्ण एवरेजेज से ऊपर कारोबार हो रहा है।

बाजार में लगातार तीन दिन की गिरावट के बाद रिकवरी

10 सितंबर को लगातार तीन दिनों तक गिरने के बाद शेयर बाजार में रिकवरी दिखी। बाजार के प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। निफ्टी 0.20 फीसदी यानी 46 अंक चढ़कर 23,477 रुपये पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.19 फीसदी की मजबूती के साथ 74,902 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी में भी तेजी देखने को मिली।

शेयर बाजार में पैसा लगाने से पहले ये 5 बातें याद रखें, नुकसान का जोखिम होगा कम

क्या आप सीधे शेयरों में पैसा लगाने से डरते हैं? अगर हां तो आपका डरना सही है। कई लोग शेयर बाजार को फटाफट मुनाफा कमाने का जरिया समझते हैं। ऐसे लोग दोस्त-रिश्तेदार को देख शेयर बाजार में निवेश करना शुरू करते हैं। फिर, नुकसान होने पर हमेशा के लिए बाजार से मुंह मोड़ लेते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि शेयर बाजार फटाफट कमाई का जरिया नहीं है। शेयरों में निवेश से पहले बुनियादी बातों की समझ जरूरी है। इससे पैसा डूबने का रिस्क घट जाता है। आइए ऐसी 5 बुनियादी बातें जानते हैं, जिन्हें शेयरों में निवेश करने से पहले समझना जरूरी है।

1. रिस्क लेने की अपनी क्षमता को समझें

शेयर बाजार की दिशा के बारे में पक्के तौर पर कुछ कहना मुश्किल है। बाजार की दिशा पर देश और विदेश से आने वाली खबरों का असर पड़ता है। निगेटिव खबरों पर बाजार गिरता है। पॉजिटिव खबरों पर बाजार चढ़ता है। लेकिन, इतिहास बताता है कि लंबी अवधि यानी 8-10 साल में शेयरों का रिटर्न किसी दूसरे एसेट क्लास से ज्यादा रहता है। फिर भी, पैसे लगाने से पहले आपको रिस्क लेने की अपनी क्षमता को जानने की जरूरत है। आप जितने पैसे पर रिस्क ले सकते हैं, उतने ही पैसे का निवेश शेयर बाजार में करें।

2. उधार के पैसे से नहीं करें निवेश

कई लोग किसी कंपनी के शेयर या आईपीओ से मोटी कमाई के लिए उधार लेकर निवेश करते हैं। इसमें काफी रिस्क है। अगर आपका दांव गलत साबित होता है तो आपको बड़ा नुकसान हो सकता है। बड़े इनवेस्टर्स को भी पोर्टफोलियो के हर शेयर पर मुनाफा नहीं होता। कुछ शेयरों में नुकसान होना स्वाभाविक है। अगर उस शेयर में उधार के पैसे से आपने निवेश किया है तो आपकी मुश्किल बढ़ सकती है।

3. निवेश से पहले कंपनी को जानें

किसी दोस्त या रिश्तेदार के बताने पर किसी निवेश करना कई बार खतरनाक साबित होता है। ऐसे शेयर में नुकसान होने पर आप दोस्त या रिश्तेदार को दोष देना शुरू कर देते हैं। सच यह है कि आपको निवेश से पहले कंपनी के बारे में बुनियादी बातें जानना जरूरी है। कंपनी का मैनेजमेंट अच्छा होना चाहिए। प्रॉफिट का ट्रैक रिकॉर्ड स्ट्रॉन्ग होना चाहिए। कंपनी में गवर्नेंस के नियमों का पालन होना जरूरी है। साथ ही कंपनी पर ज्यादा कर्ज नहीं होना चाहिए।

4. इनवेस्टमेंट में धैर्य जरूरी है

अगर आपने सोच-समझकर किसी कंपनी के शेयरों में निवेश किया है तो फिर आपको धैर्य रखना चाहिए। कई बार शेयर में गिरावट आने पर निवेशक डर जाते हैं। वे ज्यादा लॉस होने के डर से अपने शेयर बेचना शुरू कर देते हैं। इससे उन्हें बड़ा नुकसान होता है। सच यह है कि उतार-चढ़ाव बाजार का स्वभाव है। अगर किसी शेयर में गिरावट आती है तो वह कुछ समय के लिए होगी। स्थितियां बदलते ही शेयरों में तेजी फिर से शुरू होगी। हर कुछ साल बाद बाजार में बड़ी गिरावट आती है। फिर बाजार में तेजी देखने को मिलती है।

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5. लंबी अवधि के लिए करें निवेश

कई निवेशक शेयरों में निवेश के बाद थोड़ा मुनाफा होते ही शेयर बेच देते हैं। इससे वे बड़ी कमाई का मौका चूक जाते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि शेयरों में पैसा तब बनता है, जब लंबी अवधि के लिए निवेश करते हैं। ऐसे कई शेयर हैं, जिन्होंने 8 साल, 10 साल और 15 साल में निवेशकों के पैसे को कई गुना कर दिया है। लंबे समय तक बाजार में टिके रहने वाले निवेशक वेल्थ क्रिएट कर पाते हैं। थोड़ा मुनाफा होने पर शेयर बेचने वाले निवेशक वेल्थ क्रिएट नहीं कर पाते हैं।