Market cues : मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव, रिकवरी आने पर 24600-24700 पर दिखेगा रेजिस्टेंस

Trade setup for today : 11 अगस्त को निफ्टी में रेंज-बाउंड ट्रेडिंग के बीच 0.50 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। इंट्राडे में यह 4 अगस्त की रेंज के निचले स्तर यानी 24,430 के करीब पहुंच गया था। इसके बावजूद, मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना हुआ है। लेकिन कमजोर मोमेंटम इंडिकेटर्स कंसोलिडेशन जारी रहने के संकेत दे रहे हैं। तेल की बढ़ती कीमतों ने भी मार्केट को थोड़ा सतर्क कर दिया है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर निफ्टी मंगलवार की रेंज से नीचे गिरता है और वहीं बना रहता है तो 24,350 (50-डे EMA) और 24,200 (100-डे EMA) के स्तर तक गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि,अगर इसमें रिकवरी आती है तो 24,600-24,700 की रेंज में रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,436, 24,401 और 24,345

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,549, 24,584 और 24,640

डेली चार्ट पर निफ्टी ने कल एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई, जिसमें नीचे की तरफ एक छोटी शैडो देखने को मिली। इससे पता चलता है कि रेंज बाउंड ट्रेडिंग के बीच बिकवाली का दबाव बना रहा। हालिया की तेजी के बाद इंडेक्स 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से थोड़ा नीचे आ गया है, लेकिन फिर भी सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है। RSI गिरकर 56.1 पर आ गया और इसमें ‘बेयरिश क्रॉसओवर’ देखने को मिला। जबकि MACD सिग्नल लाइन की ओर नीचे झुका और लगातार चौथे सेशन में हिस्टोग्राम पर हरा बार फीका पड़ गया। इन सभी बातों से मोमेंटम में सुस्ती और तेजड़ियों की ताकत कमजोर होने का संकेत मिल रहे हैं।

बैंक निफ्टी (57,446) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वाइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,575, 57,681 और 57,853

पिवट प्वाइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,232, 57,126 और 56,955

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,247, 61,787

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,305, 56,441

डेली टाइमफ्रेम पर बैंक निफ्टी ने लॉन्ग लोअर शैडो वाली एक बेयरिश कैंडल बनाई, जिससे पता चलता है कि निचले स्तरों पर खरीदारी आई है। इंडेक्स ने जुलाई के निचले स्तर से हालिया रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट और 50-डे EMA पर सपोर्ट लिया और उन स्तरों से रिकवर होकर दिन के निचले स्तर के पास 0.42 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बंद हुआ,लेकिन मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा। RSI गिरकर 49.95 पर आ गया और इसमें नेगेटिव क्रॉसओवर नजर आया। जबकि MACD में बेयरिश क्रॉसओवर दिखा और पिछले पांच सेशन में पहली बार हिस्टोग्राम लाल हो गया।

ये सभी इंडीकेटर बताते हैं कि नियर टर्म में तेजी की रफ़्तार धीमी पड़ सकती है और बाजार का रुख़ ‘साइडवेज़’ से ‘बेयरिश’ हो सकता है। हालांकि,अहम सपोर्ट लेवल से हुई रिकवरी यह बताती है कि निचले स्तरों से खरीदारी आ रही है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

11 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लगातार तीसरे सेशन में ₹258 करोड़ के शेयर खरीदे और वे नेट बायर बने रहे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी भारतीय इक्विटी मार्केट में लगभग ₹25 करोड़ का निवेश किया और वे भी खरीदार बने रहे।

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX कल 3.18% गिरकर 11.85 पर आ गया और 27 जुलाई से अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है। यह बाजार में बुल्स के लिए सपोर्ट और अनिश्चितता कम होने का संकेत है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 11 अगस्त को पिछले सेशन के 0.99 से बढ़कर 1.00 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक और SAIL

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market: क्रूड की तेजी क्या बिगाड़ेगी बाजार का खेल, गिफ्ट निफ्टी से लेकर जानें संकेत दे रहे है ग्लोबल बाजार

GIFT Nifty Indicator: भारतीय बाजारों के लिए आज भी सुस्त संकेत मिल रहे है। गिफ्ट निफ्टी फ्लैट कामकाज कर रहा है।  FIIs की कैश में हल्की खरीदारी हुई, लेकिन वायदा में बिकवाली रही।  नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट भी थोड़े बढ़े है।  हालांकि निवेशक US महंगाई के अहम आंकड़ों से पहले सतर्क हैं। मिले-जुले एशियाई बाज़ार, वॉल स्ट्रीट में रात भर की गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी से बढ़त सीमित रह सकती है।

सुबह 7:50 बजे GIFT Nifty 40 अंक या 0.16 फीसदी बढ़कर 24,555.5 पर ट्रेड कर रहा था, जिससे संकेत मिलता है कि Nifty 50 मंगलवार के 24,471.70 के क्लोजिंग स्तर से ऊपर खुल सकता है। घरेलू बाज़ार पिछले सत्र में गिरावट के बाद रिकवरी की कोशिश करेगा। मंगलवार को कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच Sensex 388.19 अंक या 0.49 प्रतिशत गिरकर 78,154.25 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 112.10 अंक या 0.46 प्रतिशत गिरकर 24,471.70 पर आ गया।

US महंगाई के आंकड़ों पर सबकी नजर

ग्लोबल निवेशक जुलाई के लिए US कंज्यूमर प्राइस इन्फ्लेशन (महंगाई) रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं, जो बुधवार को आएगी। इससे फेडरल रिज़र्व के अगले ब्याज दर कदम के बारे में नए संकेत मिल सकते हैं। इस अनिश्चितता के कारण बुधवार को एशियाई कारोबार में US इक्विटी-इंडेक्स फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।

एशियाई बाज़ार मिले-जुले, टेक्नोलॉजी शेयरों में बढ़त

US महंगाई के आंकड़ों से पहले भू-राजनीतिक तनाव और अनिश्चितता के बीच एशियाई बाज़ारों में सतर्कता के साथ कारोबार हुआ, हालांकि टेक्नोलॉजी शेयरों में बढ़त से कुछ सहारा मिला। MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी गेज 0.4 प्रतिशत बढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का टेक्नोलॉजी-हैवी कोस्पी (Kospi) मज़बूत कॉर्पोरेट नतीजों की बदौलत 2.8 प्रतिशत उछला।

अन्य जगहों पर, जापान का Topix 0.4 प्रतिशत बढ़ा, जबकि Nikkei 225 फ्यूचर्स 0.3 प्रतिशत गिर गया। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.5 प्रतिशत गिरा, हांगकांग का Hang Seng 0.8 प्रतिशत गिरा और शंघाई कंपोजिट में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। मिडिल ईस्ट में तनाव की चिंताओं के बीच

वॉल स्ट्रीट में गिरावट

मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट आई क्योंकि निवेशकों को उस समझौते की उम्मीद कम हो गई जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव कम हो सकता था और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) फिर से खुल सकता था। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के नए नियुक्त सेक्रेटरी ने कहा कि जब तक अमेरिका अपना व्यवहार नहीं बदलता और युद्ध खत्म करने के लिए तेहरान की शर्तें नहीं मानता, तब तक यह जलडमरूमध्य बंद रहेगा। इससे समझौते की उम्मीदें और कम हो गई।

S&P 500 में 0.32 प्रतिशत, नैस्डैक कम्पोजिट में 0.6 प्रतिशत और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.34 प्रतिशत की गिरावट आई।

ब्रेंट क्रूड $90 के करीब पहुंचा

भारतीय शेयरों के लिए कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) एक बड़ा जोखिम बना हुआ है। बुधवार को कीमतों में हालिया तेजी जारी रही, क्योंकि अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीदें कम हो रही हैं और दो जहाजों पर हमलों के बाद सप्लाई में रुकावट की चिंताएं हैं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.81 प्रतिशत बढ़कर $89.63 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.85 प्रतिशत बढ़कर $83.91 पर पहुंच गया।

मंगलवार को दोनों बेंचमार्क $1 से अधिक बढ़कर 31 जुलाई के बाद के अपने उच्चतम क्लोजिंग स्तर पर बंद हुए थे। सोमवार को इनमें लगभग 5 प्रतिशत की तेजी आई थी, जिसके बाद यह बढ़त जारी रही।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: इंट्रा-डे में आज कहां बनेगा प्रॉफिट? दो लिस्टिंग और L&T, Manappuram समेत इन स्टॉक्स पर फोकस

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 45.50 प्वाइंट्स यानी 0.19% की बढ़त के साथ 24,561.00 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 11 अगस्त को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 388.19 प्वाइंट्स यानी 0.49% की गिरावट के साथ 78,154.25 और निफ्टी 112.10 प्वाइंट्स यानी 0.46% की फिसलन के साथ 24,471.70 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

आज इन कंपनियों के नतीजे होंगे पेश

टाटा मोटर्स, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज, लेन्सकार्ट सॉल्यूशंस, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), अरविंद, एस्ट्रल, आदित्य इन्फोटेक, EID पैरी इंडिया, EMS, GMR एयरपोर्ट्स, इंडिक्यूब स्पेस, IRCTC, ज्योति लैब्स, नेशनल फर्टिलाइजर्स, पेट्रोनेट एलएनजी, एसकेएफ इंडिया, सन टीवी नेटवर्क, टीटागढ़ रेल सिस्टम्स, VIP इंडस्ट्रीज, वीके टेक वाबाग और यात्रा ऑनलाइन आज कारोबारी नतीजे पेश करेंगी।

इन कंपनियों के रिजल्ट पेश

Bata India Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर बाटा इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 23.04% उछलकर ₹63.98 करोड़ और रेवेन्यू 3.9% बढ़कर ₹978.9 करोड़ पर पहुंच गया। साथ ही बोर्ड ने हर शेयर पर ₹25 के अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी है।

Manappuram Finance Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर मणप्पुरम फाइनेंस का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 4 गुना से अधिक बढ़कर ₹138.4 करोड़ से ₹584.6 करोड़ और NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 28.1% बढ़कर ₹1,723.7 करोड़ पर पहुंच गया। साथ ही फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स पर इमपेयरमेंट 60.6% घटकर ₹225.5 करोड़ पर आ गया।

RHI Magnesita India Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर आरएचआई मैग्नेसिटा इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 83.2% उछलकर ₹64.6 करोड़ और रेवेन्यू 5.6% बढ़कर ₹1,014 करोड़ पर पहुंच गया।

Tribhovandas Bhimji Zaveri Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर त्रिभोवनदास भीमजी जावेरी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 50.8% उछलकर ₹33.92 करोड़ और रेवेन्यू 34.8% बढ़कर ₹840.97 करोड़ पर पहुंच गया।

PI Industries Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर पीआई इंडस्ट्रीज का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 39% घटकर ₹244.2 करोड़ और रेवेन्यू 10.4% फिसलकर ₹1,702.3 करोड़ पर आ गया।

Linde India Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर लिंडे इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 2.4% घटकर ₹104.6 करोड़ पर आ गया लेकिन इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 21.6% फिसलकर ₹694.4 करोड़ पर पहुंच गया। साथ ही बोर्ड ने विकास डोकनिया को सीएफओ बनाया है जोकि 15 सितंबर से प्रभावी होगा।

Landmark Cars Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर लैंडमार्क कार्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 110.5% उछलकर ₹14.5 करोड़ और रेवेन्यू 22.7% बढ़कर ₹1,302.4 करोड़ पर पहुंच गया।

JSW Dulux Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर जेएसडब्ल्यू ड्यूलक्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 12.4% गिरकर ₹79.7 करोड़ और रेवेन्यू 2.8% फिसलकर ₹965 करोड़ पर आ गया।

Stocks To Watch: इन स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Tenneco Clean Air India

सीएनबीसी-टीवी18 की सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट के मुताबिक टेनेको क्लीन एयर इंडिया की प्रमोटर एंटिटी टेनेको मॉरीशस ब्लॉक डील्स के जरिए अपनी 8% हिस्सेदारी बेच सकती है जिसमें 2% हिस्सेदारी बेचने का विकल्प भी शामिल है। इसका फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹515 और बेस ऑफर साइज ₹1663 करोड़ है।

Zydus Lifesciences

जाइडस लाइफसाइंसेज की सब्सिडियरी सेंटिनल थेरेप्यूटिक्स और मेरेओ बायोफार्मा ग्रुप पीएलसी ने AATD-LD के लिए एल्वेलेस्टैट (Alvelestat) के अमेरिकी कमर्शियलाइजेशन और ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग राइट्स के लिए एक ऑप्शन और लाइसेंस एग्रीमेंट किया है। एल्वेलेस्टैट एक न्यूट्रोफिल इलास्टेस इनहिबिटर है, जिसके फेज 3 ट्रायल की तैयारी चल रही है। अगर इसे मंजूरी मिल जाती है, तो यह फेफड़ों की रेयर और तेजी से बढ़ने वाली जेनेटिक बीमारी के लिए पहला ओरल ट्रीटमेंट होगा। इस ऑप्शन और लाइसेंस एग्रीमेंट के तहत सेंटिनल को अमेरिका में AATD-LD के लिए एल्वेलेस्टैट को कमर्शियलाइज करने का एक्सक्लूसिव लाइसेंस राइट्स मिलेगा, जबकि मेरेओ के पास बाकी दुनिया में कमर्शियल राइट्स बने रहेंगे।

BEML

बीईएमएल को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) से लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) के फ्यूजलेज एयरोस्ट्रक्चर के निर्माण और सप्लाई के लिए ₹184.25 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

HG Infra Engineering

एचजी इंफ्रा इंजीनियरिंग को राजस्थान सरकार से पीएम सेतु के कंपोनेंट-1 के तहत आईटीआई भिवाड़ी क्लस्टर के O&M (ऑपरेशन एंड मैनेजमेंट) के लिए लेटर ऑफ अवार्ड (LoA) मिला है। ₹241 करोड़ की अनुमानित लागत में इसकी हिस्सेदारी 17.10% है।

Larsen and Toubro (L&T)

एलएंडटी ने अपनी सब्सिडियरी Vyoma.AI के साथ एक बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट किया है। इसके तहत यह अपना डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विस बिजनेस ₹1,400 करोड़ में व्योमा को गोइंग-कंसर्न बेसिस पर स्लंप सेल के जरिए ट्रांसफर करेगी।

KFin Technologies

केफिन टेक ने वित्तीय संस्थानों की बेहतरीन फर्जीवाड़े को गलत तरीके से सही मान लेना या सही सिग्नेचर को भी गलत तरीके से रिजेक्ट करने जैसी ऑपरेशनल खामियों को दूर करने के लिए एक एजेंटिक एआई सॉल्यूशन Klarity लॉन्च किया है।

Diamond Power Infrastructure

डायमंड पावर इंफ्रा को को राजेश पावर सर्विसेज से कुल ₹195.48 करोड़ के दो ऑर्डर मिले हैं। इसके तहत कंपनी को गुजरात में SDMF (स्टेट डिजास्टर मिटिगेशन फंड) स्कीम और सिस्टम इंप्रूवमेंट (अर्बन अंडरग्राउंड) प्रोग्राम के तहत PGVCL (पश्चिम गुजरात विज कंपनी लिमिटेड) के प्रोजेक्ट्स के लिए 11 kV मीडियम वोल्टेज (MV) अंडरग्राउंड पावर केबल की सप्लाई करना है। इस पर कंपनी को 12 महीनों में काम पूरा करना है।

बल्क और ब्लॉक डील्स

Metropolis Healthcare

प्रमोटर एंटिटी डुरू शाह फैमिली ट्रस्ट और मेट्ज एडवाइजरी ने मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर के 10.5-10.5 लाख शेयर कुल ₹118.44 करोड़ में ₹564 के भाव पर बेचे। ये शेयर कुल मिलाकर कंपनी में 1.01% हिस्सेदारी के बराबर थे। इनमें से आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड ने ₹59.16 करोड़ में 10.49 लाख शेयर, ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड और मॉर्गन स्टेनली एशिया सिंगापुर ने कुल ₹59.26 करोड़ में 5.25-5.25 लाख शेयर खरीदे। जून 2026 तक आदित्य बिड़ला सन लाइफ फ्लेक्सी कैप फंड के पास मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर में पहले से ही 1.95% हिस्सेदारी थी।

Univastu India

टौरस म्यूचुअल फंड ने हर शेयर ₹130 के भाव पर ₹4.9 करोड़ में यूनिवास्तु इंडिया के 3.77 लाख शेयर (0.99% हिस्सेदारी) खरीदी।

Rolex Rings

जर्मन इन्वेस्टमेंट फर्म बायर्नइन्वेस्ट ने ईआरआई बायर्नइन्वेस्ट फोंड्स एक्टियन एशियन की तरफ से ₹15.33 करोड़ में हर शेयर ₹170.59 के भाव पर ऑटो पार्ट्स बनाने वाली कंपनी रोलेक्स रिंग्स के 8.98 लाख शेयर खरीदे।

RPP Infra Projects

चेन्नई की कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी दीवा प्रोजेक्ट्स ने आरपीपी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के 8.48 लाख शेयर (1.71% हिस्सेदारी) ₹4.99 करोड़ में ₹58.90 के भाव पर हासिल किए। वहीं प्रमोटर अरुल सुंदरम नित्या ने ₹58.74 के भाव पर 5.13 लाख शेयर ₹3.01 करोड़ में तो पी अरुल सुंदरम ने ₹59.21 के भाव पर 3.59 लाख शेयर ₹2.13 करोड़ में बेचे। प्रमोटर्स ने कुल मिलाकर 1.76% होल्डिंग के बराबर शेयर बेचे।

लिस्टिंग

एर्डी इंडस्ट्रीज के शेयर आज बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे तो जीवी इलेक्ट्रिकल्स की आज बीएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

एक्स-डेट

CAMS, KPIT टेक्नोलॉजीज, NHPC, ASM टेक्नोलॉजीज, धुनसेरी टी एंड इंडस्ट्रीज, गैब्रिएल इंडिया, गुजरात कंटेनर्स, एचजी इंफ्रा इंजीनियरिंग, इंडस्ट्रियल एंड प्रूडेंशियल इन्वेस्टमेंट कंपनी, KCP, नीलमलाई एग्रो इंडस्ट्रीज, संडूर मैंगनीज एंड आयरन ओर्स, नर्मदा जिलेटिन्स, यूनिपार्ट्स इंडिया, वैभव ग्लोबल और वोइथ पेपर फैब्रिक्स इंडिया के शेयर आज एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो नेशनल हाईवेज इंफ्रा ट्रस्ट के इनकम डिस्ट्रीब्यूशन की भी आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

एसएआईएल और बंधन बैंक में आज एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Asian Market Today: एशिया में मिला-जुला कारोबार, कोस्पी 4% चढ़ा, क्रूड में तेजी जारी

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। निक्केई में हल्की नरमी है। लेकिन कोस्पी 3.94 फीसदी से ज्यादा ऊपर है। वहीं US INDICES में दूसरे दिन भी दबाव दिखा। डाओ जोंस दिन की ऊंचाई से 400 प्वाइंट से ज्यादा फिसला। नैस्डैक में आधे परसेंट से ज्यादा की गिरावट आई।निवेशक दिन में बाद में आने वाले अहम US कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) डेटा और वेस्ट एशिया में चल रही बातचीत पर नजर बनाए हुए थे।

दक्षिण कोरिया का बाज़ार सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला रहा। कोस्पी (Kospi) में इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान 3.94% की बढ़त हुई, जबकि इससे पहले इसमें 1.5% की तेज़ी आई थी। सार्वजनिक छुट्टी के बाद कारोबार शुरू करने वाले जापानी शेयरों में मामूली बढ़त देखी गई। निक्केई 225 (Nikkei 225) 0.43% ऊपर रहा और व्यापक टॉपिक्स (Topix) में 0.34% की बढ़त हुई।वहीं, ऑस्ट्रेलिया का बेंचमार्क S&P/ASX 200 इंडेक्स 0.52% गिर गया।

वॉल स्ट्रीट

मंगलवार, 11 अगस्त को US बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखी गई। टेक्नोलॉजी शेयरों में लगातार कमज़ोरी ने बाज़ार के सेंटीमेंट पर असर डाला, जबकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाज़ार पर दबाव और बढ़ा दिया।

डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज (Dow Jones Industrial Average) अपने इंट्राडे के उच्चतम स्तर से 430 अंक से ज़्यादा नीचे आया और अंत में 180 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ। S&P 500 और नैस्डैक कम्पोजिट (Nasdaq Composite) ने भी अपनी शुरुआती बढ़त गंवा दी और सत्र का समापन क्रमशः 0.3% और 0.6% की गिरावट के साथ किया।

आज के सत्र में बाज़ार के लिए मुख्य ट्रिगर जुलाई के लिए US कंज्यूमर प्राइस इन्फ्लेशन (CPI) डेटा का जारी होना होगा। निवेशक फेडरल रिज़र्व के ब्याज-दर आउटलुक के बारे में संकेत पाने के लिए इस पर बारीकी से नज़र रखेंगे।

कच्चे तेल की कीमतें

बुधवार को तेल की कीमतों में बढ़त हुई। इसकी वजह US-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और दो जहाजों पर हुए हमले थे, जिनसे मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई में रुकावट की आशंका पैदा हुई। यह बढ़त तब हुई जब इंडस्ट्री डेटा से US में कच्चे तेल के स्टॉक में बढ़ोतरी का पता चला।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 72 सेंट या 0.81% बढ़कर $89.63 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 71 सेंट या 0.85% बढ़कर $83.91 प्रति बैरल हो गया।

पिछले सत्र में दोनों बेंचमार्क $1 से ज़्यादा की बढ़त के साथ बंद हुए थे और 31 जुलाई के बाद अपने उच्चतम क्लोजिंग स्तर पर पहुंच गए थे। यह बढ़त सोमवार को लगभग 5% की तेज़ी के बाद आई, क्योंकि US और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर उम्मीद कमज़ोर पड़ गई थी

अमेरिका-ईरान युद्ध

मंगलवार को अमेरिका और यमन में ईरान के समर्थक हूथी गुटों ने होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में जहाजों पर अलग-अलग हमलों की जानकारी दी।इस बीच, ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रेज़ाई ने कहा कि रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य तब तक बंद रहेगा जब तक वॉशिंगटन युद्ध खत्म करने के लिए तेहरान की शर्तों को नहीं मान लेता। इन मांगों में ईरान की फ्रीज़ की गई संपत्ति को बहाल करना और क्षेत्र में चल रहे अन्य संघर्षों को खत्म करना शामिल है।

आज सोने की कीमत

सोने की कीमतें ज़्यादातर स्थिर रहीं क्योंकि ट्रेडर्स होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के समझौते की संभावना का आकलन कर रहे थे, साथ ही वे फेडरल रिज़र्व के भविष्य के ब्याज-दर फैसलों के संकेत के लिए अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों का भी इंतज़ार कर रहे थे।

मंगलवार को दो महीने के उच्चतम स्तर से नीचे आने (जब यह 0.5% गिरकर बंद हुआ था) के बाद, शुरुआती कारोबार में बुलियन की कीमत लगभग $4,370 प्रति औंस रही।

स्पॉट गोल्ड 0.1% गिरकर $4,367.56 प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी 0.1% बढ़कर $64.72 प्रति औंस हो गई।

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स्कूल टीचर जेब में ₹10000 लेकर दिल्ली आया, खड़ी कर दी ₹80000 करोड़ की कंपनी; जानिए हैवेल्स के मालिक की पूरी कहानी

Havells India Success Story: 1958 की बात है। पंजाब का एक 21 साल का स्कूल टीचर नौकरी छोड़कर दिल्ली पहुंचा। जेब में सिर्फ 10,000 रुपये थे। कोई बड़ा कारोबारी परिवार नहीं था। इंजीनियरिंग की डिग्री भी नहीं थी। लेकिन बिजली के सामान के कारोबार की थोड़ी समझ थी और अपना कारोबार खड़ा करने का इरादा था।

उस युवक का नाम था कीमत राय गुप्ता। दिल्ली के पुराने इलाके भागीरथ पैलेस में उन्होंने बिजली के सामान की ट्रेडिंग शुरू की। छह दशक से ज्यादा समय बाद उसी छोटे कारोबार का नाम Havells India है। आज कंपनी की मार्केट वैल्यू करीब 80,000 करोड़ रुपये है और इसके प्रोडक्ट 70 से ज्यादा देशों में पहुंचते हैं।

लेकिन 10,000 रुपये से 80,000 करोड़ रुपये तक का यह सफर सीधी लाइन में नहीं चला। इसमें कई ऐसे फैसले आए, जिन्होंने कंपनी की दिशा बदल दी।

भागीरथ पैलेस से शुरुआत

कीमत राय गुप्ता का जन्म 1937 में मालेरकोटला में हुआ था। पढ़ाई पूरी करने के बजाय उन्होंने कारोबार का रास्ता चुना और 1958 में दिल्ली आ गए। उन्होंने भागीरथ पैलेस में Guptaji & Company शुरू की।

उस समय भागीरथ पैलेस बिजली के सामान के बड़े थोक बाजार के रूप में जाना जाता था। गुप्ता ने शुरुआत में केबल, वायर, स्विचगियर और दूसरे इलेक्ट्रिकल सामान की ट्रेडिंग की।

कारोबार छोटा था, लेकिन यहां उन्होंने एक ऐसी चीज सीखी जो आगे चलकर बहुत काम आई। उन्हें समझ आने लगा कि ग्राहक सिर्फ सस्ता सामान नहीं चाहता। उसे सही समय पर सामान चाहिए। भरोसेमंद सप्लायर चाहिए। और सबसे जरूरी, लगातार अच्छी सर्विस चाहिए। यही तजुर्बा आगे Havells की नींव बना।

Havells ब्रांड ₹7 लाख में खरीदा

कहानी में बड़ा मोड़ 1971 में आया। गुप्ता ने करीब 7 लाख रुपये में Havells ब्रांड खरीद लिया। उस समय यह कोई बड़ा और चमकदार ब्रांड नहीं था। कारोबार संघर्ष कर रहा था। लेकिन गुप्ता को इस नाम की पहचान पहले से थी। उन्होंने ब्रांड को खत्म करने के बजाय उसी नाम के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया।

यहीं से उनका नजरिया बदल गया। अब मकसद सिर्फ दूसरे निर्माताओं का सामान खरीदकर बेचना नहीं था। वह अपना सामान बनाना चाहते थे। अपना ब्रांड खड़ा करना चाहते थे। यह फैसला छोटा दिख सकता है, लेकिन Havells की पूरी कहानी में यही सबसे अहम मोड़ था।

ट्रेडिंग से मैन्युफैक्चरिंग तक

गुप्ता ने धीरे-धीरे मैन्युफैक्चरिंग में पैसा लगाना शुरू किया। 1976 में दिल्ली के कीर्ति नगर में Havells का पहला मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगा। यहां रीवायरेबल स्विच और चेंजओवर स्विच बनाए जाते थे।

अब कंपनी सिर्फ बाजार में मौजूद दूसरे ब्रांडों पर निर्भर नहीं थी। उसके पास अपना उत्पादन था। इसका मतलब था कि कंपनी प्रोडक्ट की क्वालिटी, उपलब्धता और डिजाइन पर ज्यादा नियंत्रण रख सकती थी। आगे चलकर Havells ने एनर्जी मीटर और दूसरे इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट्स में भी कदम बढ़ाया। कंपनी धीरे-धीरे ट्रेडर से निर्माता बनने लगी।

कंपनी बनी, फिर शेयर बाजार पहुंची

8 अगस्त 1983 को Havells India की स्थापना हुई। अगले दशक में कंपनी का कारोबार और विस्तार बढ़ता गया। दिसंबर 1993 में कंपनी का पब्लिक इश्यू आया और इसके शेयर शेयर बाजार में लिस्ट हुए।

यह कंपनी के लिए बड़ा बदलाव था। अब Havells सिर्फ एक परिवार का कारोबार नहीं था। इसमें पब्लिक शेयरहोल्डर्स भी थे। कंपनी के पास आगे विस्तार के लिए पूंजी जुटाने का रास्ता भी खुल गया। इसी दौर में Havells ने दूसरी कंपनियों और ब्रांड्स को अपने साथ जोड़ना शुरू किया।

दूसरी कंपनियां खरीदीं, कारोबार बढ़ाया

Havells ने Towers and Transformers जैसे कारोबारों का अधिग्रहण किया। रिपोर्टों के मुताबिक, कंपनी ने एक घाटे में चल रहे कारोबार को भी अपने साथ जोड़ने के बाद करीब एक साल में मुनाफे में ला दिया।

इसके बाद Standard Electricals और Crabtree India जैसे नाम भी Havells के पोर्टफोलियो में आए। यहां कंपनी की रणनीति साफ दिखाई देने लगी थी। सिर्फ अपना कारोबार बढ़ाना लक्ष्य नहीं था। अलग-अलग प्रोडक्ट, ब्रांड और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को एक साथ जोड़ना था।

बेटे ने संभाली कमान

कीमत राय गुप्ता के बेटे अनिल राय गुप्ता 1992 में Havells से जुड़े। आगे चलकर उनके नेतृत्व में कंपनी का फोकस आम ग्राहक तक और ज्यादा पहुंच बनाने पर गया।

Havells ने पंखे, लाइटिंग, मॉड्यूलर स्विच, वॉटर हीटर और घरेलू उपकरणों जैसे प्रोडक्ट्स में विस्तार किया। कंपनी अब सिर्फ इलेक्ट्रिकल सामान बनाने वाली कंपनी नहीं रह गई थी। वह धीरे-धीरे घरों में इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट्स का ब्रांड बन रही थी। यही बदलाव आगे की ग्रोथ का बड़ा आधार बना।

फिर आया सबसे बड़ा दांव

साल 2007 में Havells ने एक बड़ा फैसला लिया। कंपनी ने यूरोप की बड़ी लाइटिंग कंपनी Sylvania Lighting International को करीब 227.5 मिलियन यूरो में खरीद लिया। उस समय यह सौदा करीब 1,400 करोड़ रुपये का था।

इस अधिग्रहण से Havells को तुरंत अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़ा नेटवर्क मिल गया। स्थापित ब्रांड और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क भी मिला। लेकिन यह दांव उम्मीद के मुताबिक आसान नहीं रहा।

विदेशी कारोबार बना चुनौती

2008 की ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस ने हालात बदल दिए। करेंसी में उतार-चढ़ाव हुआ। Sylvania के कारोबार को संभालना भी आसान नहीं रहा। अधिग्रहण से मिलने वाले फायदे के बजाय कंपनी पर दबाव बढ़ने लगा।

Havells ने यहां एक और अहम फैसला लिया। उसने सिर्फ इसलिए कारोबार पकड़े नहीं रखा कि उसके लिए बड़ी रकम खर्च हो चुकी थी। 2016 में Havells ने अपने लाइटिंग बिजनेस में 80% हिस्सेदारी Shanghai Feilo Acoustics को बेच दी। यह फैसला बताता है कि कंपनी के लिए विस्तार से ज्यादा जरूरी पूंजी और मैनेजमेंट का सही इस्तेमाल था।

Lloyd ने बदल दिया गेम

इसके बाद Havells ने भारत के कंज्यूमर मार्केट पर और ज्यादा ध्यान लगाया। 2017 में कंपनी ने Lloyd Electric & Engineering का कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कारोबार करीब 1,600 करोड़ रुपये के एंटरप्राइज वैल्यू पर खरीदा।

Lloyd के साथ Havells को एयर कंडीशनर, वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर और टेलीविजन जैसे बड़े कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट में सीधी एंट्री मिली। यह अधिग्रहण भी कंपनी की रणनीति का हिस्सा था। Havells पारंपरिक इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट्स से आगे बढ़कर घर के बड़े अप्लायंसेज तक पहुंचना चाहती थी।

₹10,000 से ₹80,000 करोड़ तक

कीमत राय गुप्ता का निधन नवंबर 2014 में 77 साल की उम्र में हुआ। तब तक उनका छोटा सा कारोबार एक बड़ी लिस्टेड कंपनी बन चुका था। आज Havells का कारोबार केबल और वायर, स्विचगियर, पंखे, लाइटिंग, एयर कंडीशनर, वॉटर हीटर और घरेलू उपकरणों तक फैला है। कंपनी के पोर्टफोलियो में Havells, Lloyd, Crabtree और Standard जैसे ब्रांड हैं।

11 अगस्त 2026 को Havells का शेयर करीब 1,278 रुपये पर बंद हुआ। और कंपनी का मार्केट कैप करीब 80,123 करोड़ रुपये था। यानी जिस कारोबार की शुरुआत एक युवा ने दिल्ली के थोक बाजार में 10,000 रुपये से की थी, वह करीब 68 साल बाद 80,000 करोड़ रुपये की कंपनी बन चुका है।

इस कहानी की सबसे दिलचस्प बात सिर्फ रकम नहीं है। असली कहानी उन फैसलों की है जो सही समय पर लिए गए। पहले ट्रेडिंग छोड़ी और मैन्युफैक्चरिंग में आए। फिर अपना ब्रांड बनाया। जरूरत पड़ी तो दूसरी कंपनियां खरीदीं। विदेशी दांव फंसा तो उससे बाहर निकल गए। और फिर भारतीय कंज्यूमर मार्केट पर फोकस कर दिया।

यही वजह है कि Havells की कहानी सिर्फ एक इलेक्ट्रिकल कंपनी के बनने की कहानी नहीं है। यह समय के साथ बिजनेस मॉडल बदलने की कहानी भी है।

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34 की उम्र में 1 करोड़ से ज्यादा की नेट वर्थ, फिर भी बेंगलुरु में घर खरीदना मुश्किल! जानें क्यों

बेंगलुरु में रहने वाले एक प्रोफेशनल की कहानी काफी वायरल हो रही है। 34 साल की उम्र में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति जुटाना किसी भी व्यक्ति के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। लेकिन बेंगलुरु में रहने वाले एक प्रोफेशनल की कहानी थोड़ी अलग है। अच्छी नेट वर्थ होने के बावजूद उनके लिए अपना घर खरीदना अभी भी आसान नहीं है। बढ़ती प्रॉपर्टी की कीमतों और बड़े खर्चों के कारण करोड़पति बनने के बाद भी घर खरीदने का सपना उनके लिए चुनौती बना हुआ है। सोशवल मीडिया पर ये पोस्ट काफी वायरल हो रहा है।

कई जगह पर किए है निवेश

करीब 12 साल की नौकरी के दौरान इस व्यक्ति ने परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के साथ-साथ अलग-अलग तरह के लोन भी लिए और नियमित रूप से निवेश करता रहा। इसी रणनीति से उन्होंने करीब 1.2 करोड़ रुपये की नेट वर्थ बना ली। उनकी जमा पूंजी कई जगह निवेश है, जिसमें लगभग 45 लाख रुपये म्यूचुअल फंड, 14 लाख रुपये अमेरिकी शेयरों, 35 लाख रुपये EPF, 8 लाख रुपये सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड और 15 लाख रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट में हैं।

व्यक्ति के पास मैसूर में करीब 90 लाख रुपये की कीमत वाली एक प्रॉपर्टी भी है। खास बात ये है कि इस प्रॉपर्टी के लिए लिया गया लगभग 45 लाख रुपये का लोन वह पूरा चुका चुके हैं। लोन खत्म होने के बाद अब उन पर किसी तरह का कर्ज नहीं है और वह पूरी तरह कर्ज-मुक्त हैं।

बेंगलुरु में घर खरीदना मुश्किल

फिलहाल वह बेंगलुरु में रहते हैं और हर महीने करीब 40 हजार रुपये किराया देते हैं। अब उन्हें तय करना है कि किराए के घर में रहकर अपनी बचत और निवेश जारी रखें या बेंगलुरु में अपना घर खरीदें। घर खरीदने पर उन्हें बड़ा होम लोन लेना पड़ेगा, जिसकी EMI लंबे समय तक चुकानी होगी। इससे उनकी बचत और निवेश पर भी असर पड़ सकता है। करीब 1 करोड़ रुपये की नेट वर्थ बनाने के बाद अब वह इस बात को लेकर सोच रहे हैं कि अगला 1 करोड़ रुपये कैसे तैयार किया जाए और घर खरीदने में कितनी रकम लगाई जाए।

लोगों ने किया कमेंट

इस स्थिति ने ऑनलाइन एक बड़ी बहस भी छेड़ दी है। लोगों ने इस पर कई तरह से कमेंट किए हैं। एक व्यक्ति ने कहा, “1.2 करोड़ रुपये की नेट वर्थ होने पर भी, सबसे मुश्किल फैसला यह होता है कि इन्वेस्ट करते रहें या घर खरीद लें, क्योंकि ज़िम्मेदारी पैसे के बाद शुरू होती है।” दूसरे व्यक्ति ने कहा, “34 साल की उम्र में 1.2 करोड़ रुपये की नेट वर्थ बनाने के बावजूद बेंगलुरु में घर खरीदना इतना मुश्किल क्यों लगता है, क्योंकि नया लोन इन्वेस्टमेंट की रफ़्तार को धीमा कर सकता है।”

Photo: एक फ्रेम में अमित शाह और राहुल गांधी, तस्वीर ने खींचा सोशल मीडिया का ध्यान! पहली बार दिखा दुर्लभ राजनीतिक नजारा

Supriya Sule Daughter Reception Photo: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार (10 अगस्त) रात आयोजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले की हाई-प्रोफाइल वेडिंग रिसेप्शन पार्टी में देश की राजनीति का एक बेहद दुर्लभ नजारा देखने को मिला। संसद में राजनीतिक मुद्दों पर अक्सर एक-दूसरे पर हमला करने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी एक ही फ्रेम में नजर आए।

दोनों नेताओं की तस्वीर सामने आते ही यह सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई। रिसेप्शन समारोह में अमित शाह और राहुल गांधी एक-दूसरे से कुछ ही दूरी पर खड़े दिखाई दिए। जैसे ही अमित शाह मंच की ओर बढ़े सुप्रिया सुले ने गृह मंत्री को आगे जाने का इशारा किया। हाथ जोड़कर नमस्ते करते हुए शाह का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है।

अमित शाह ने नवविवाहित कपल को दिया आशीर्वाद

समारोह के दौरान अमित शाह जब मंच की ओर बढ़े तो सुप्रिया सुले ने उन्हें आगे जाने का इशारा किया। फिर अमित शाह ने हाथ जोड़कर नमस्ते किया और नवविवाहित जोड़े के पास पहुंचे। रेवती सुले और उनके पति ने अमित शाह के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद गृह मंत्री ने नवविवाहित जोड़े को फूलों का गुलदस्ता भेंट किया। इस पूरे पल को वहां मौजूद फोटोग्राफरों ने कैमरों में कैद कर लिया। इसी दौरान राहुल गांधी भी अपनी मां सोनिया गांधी और बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ समारोह में पहुंचे। उनके साथ सुप्रिया सुले भी मौजूद थीं।

राहुल गांधी भी पहुंचे मंच पर

रिसेप्शन में मेहमानों का अभिवादन करने के लिए सोनिया गांधी अपने पूरे परिवार के साथ मंच पर पहुंचीं। इसी दौरान वह मंच के एक छोर की ओर चली गईं। सुप्रिया सुले उन्हें वापस नवविवाहित जोड़े के पास लेकर आईं। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी को भी जोड़े के बगल में खड़ा किया।

इसके बाद सुप्रिया सुले खुद एक तरफ हट गईं। फिर वहां मौजूद फोटोग्राफरों को ऐतिहासिक तस्वीरें लेने का मौका मिला। इस तरह समारोह में अमित शाह और राहुल गांधी दोनों एक ही कार्यक्रम और एक ही मंच के आसपास नजर आए। इस समारोह में सपा मुखिया अखिलेश यादव भी आकर्षण के केंद्र रहे।

Sule’s Daughter’s Reception_

एक समारोह में अलग-अलग दलों के बड़े नेता

दिल्ली के 6 जनपथ में आयोजित इस हाई-प्रोफाइल रिसेप्शन में अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के कई बड़े नेता पहुंचे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और NCP नेता प्रफुल्ल पटेल समेत कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं।

Sule’s Daughter’s Reception

राजनीतिक मतभेदों के बावजूद इतने बड़े नेताओं का एक ही निजी समारोह में एक साथ पहुंचना चर्चा का विषय रहा। सोशल मीडिया पर चर्चा के दौरान खासतौर पर अमित शाह और राहुल गांधी की एक फ्रेम में मौजूदगी को इस आयोजन का सबसे खास ऐतिहासिक राजनीतिक क्षण माना गया।

जून में हुई थी रेवती सुले की शादी

सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले ने जून में मुंबई में नागपुर के उद्योगपति सारंग लखानी के साथ शादी की थी। दिल्ली में आयोजित यह रिसेप्शन शादी के बाद आयोजित एक भव्य समारोह था। इस समारोह में राजनीति, उद्योग और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी रही।

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कंडोम बनाने वाली कंपनी का शेयर बना रॉकेट, एक महीने में 33% चढ़ा

क्यूपिड के शेयरों में 11 अगस्त को जबर्दस्त उछाल आया। सुबह में बाजार खुलते ही यह शेयर रॉकेट बन गया। फिर पूरे दिन तेजी बनी रही। कारोबार के अंत में यह शेयर 5.44 फीसदी चढ़कर 277 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक महीने में यह शेयर करीब 34 फीसदी चढ़ा है। बीते एक साल में यह 739 फीसदी चढ़ा है।

जून तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट तीन गुना

11 अगस्त को Cupid के शेयर में आई तेजी की वजह इसके जून तिमाही के नतीजे हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट इस दौरान करीब तीन गुना हो गया है। जून तिमाही में कंपनी ने 44.1 करोड़ रुपये का प्रॉफिट कमाया। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी का प्रॉफिट 15 करोड़ रुपये था।

कंपनी ने रेवेन्यू और प्रॉफिट का गाइडेंस बढ़ाया

ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू जून तिमाही में 154.7 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी का रेवेन्यू 59.8 करोड़ रुपये था। इससे जून तिमाही में स्ट्रॉन्ग बिजनेस मोमेंटम और एग्जिक्यूशन का पता चलता है। प्रोडक्ट्स की स्ट्रॉन्ग मांग को देखते हुए कंपनी ने FY27 के लिए रेवेन्यू गाइडेंस को बढ़ाकर 750 करोड़ और प्रॉफिट के गाइडेंस को 225 करोड़ रुपये कर दिया है।

110 से ज्यादा देशों को निर्यात करती है कंपनी 

यह कंपनी पुरुषों और महिलाओं के कंडोम सहित कई हेल्थकेयर और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स बनाती है। इस कंपनी का हेडक्वार्टर मुंबई है। यह 110 से ज्यादा देशों को अपने प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट करती है। कंपनी ने अपने एक्सपोर्ट पोर्टफोलियो में शामिल प्रोडक्ट्स की कीमतों में कम से कम 10 फीसदी इजाफा किया है। इससे कंपनी का मार्जिन बढ़ा है।

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शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में गिरावट 

क्यूपिड के शेयरों में जहां 11 अगस्त को जबर्दस्त तेजी आई वही शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव दिखा। निफ्टी 0.46 फीसदी यानी 112 अंक गिरकर 24,471 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.49 फीसदी की कमजोरी के साथ 78,154 पर क्लोज हुआ। बैंक निफ्टी में भी 0.42 फीसदी की गिरावट दिखी।